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	<title>Circle officer &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>Circle officer &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>खराब प्रदर्शन वाले पदाधिकारियों पर कार्रवाई का आदेश</title>
		<link>https://www.patnanow.com/action-on-poor-performance/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 02 Apr 2025 16:59:00 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[राजस्व मामलों में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारियों पर होगी कार्रवाई पटना।। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री संजय सरावगी ने अपर मुख्य सचिव तथा सचिव की मौजूदगी में विभागीय समीक्षा बैठक की. बैठक में मंत्री ने अधिकारियों से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा प्रदत ऑनलाइन सेवाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली. दाखिल- खारिज मामलों में विगत छह महीनों में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारियों पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुये मंत्री ने अनुशासनात्मक कार्यवाही के आदेश दिए हैं. मंत्री ने कहा कि कई छोटे-मोटे कारणों की वजह से अंचलाधिकारियों द्वारा दाखिल-खारिज के मामलों को अस्वीकृत कर दिया जाता है. जिस कारण आवेदनों को निरस्त करने का प्रतिशत काफी ज्यादा हो जाता है. प्राप्त आवेदनों को अस्वीकृत करने के आधार पर खराब प्रदर्शन करने वाले अंचलों में लखीसराय का पिपरिया अंचल पहले स्थान पर है. इस अंचल में अंचलाधिकारी द्वारा विगत वर्ष में दाखिल खारिज के कुल प्राप्त आवेदनों में से 65.12% आवेदनों को अस्वीकृत कर दिया गया है. दूसरे स्थान पर दरभंगा का जाले है जहाँ दाखिल खारिज आवेदनों को अस्वीकृत करने का प्रतिशत 62.96 है , तीसरे स्थान पर भोजपुर का अगियांव(55.21%), चौथे स्थान पर किशनगंज का ठाकुरगंज(55.15%), पांचवें स्थान पर जहानाबाद का मोदागंज(53.91%), छठे स्थान पर भोजपुर का बड़हरा(53.52%), सातवें स्थान पर अररिया का जोकीहाट(52.38%), आठवें स्थान पर मधुबनी का जयनगर(50.30%), नौवें स्थान पर खगड़िया का बेलदौर(50.09%) तथा दसवें स्थान पर दरभंगा का कुशेश्वर स्थान पूर्वी (49.62%) है. इसी आधार पर कैमूर के नुआंव अंचल का प्रदर्शन सबसे अच्छा है. यहाँ कुल [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>राजस्व मामलों में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारियों पर होगी कार्रवाई</strong> </p>



<p>पटना।। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री संजय सरावगी ने अपर मुख्य सचिव तथा सचिव की मौजूदगी में विभागीय समीक्षा बैठक की. बैठक में मंत्री ने अधिकारियों से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा प्रदत ऑनलाइन सेवाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली. दाखिल- खारिज मामलों में विगत छह महीनों में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारियों पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुये मंत्री ने अनुशासनात्मक कार्यवाही के आदेश दिए हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-revenue-minister-sanjay-sarawagi-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-89496" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-revenue-minister-sanjay-sarawagi-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-revenue-minister-sanjay-sarawagi-650x488.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मंत्री ने कहा कि कई छोटे-मोटे कारणों की वजह से अंचलाधिकारियों द्वारा दाखिल-खारिज के मामलों को अस्वीकृत कर दिया जाता है. जिस कारण आवेदनों को निरस्त करने का प्रतिशत काफी ज्यादा हो जाता है.</p>



<p>प्राप्त आवेदनों को अस्वीकृत करने के आधार पर खराब प्रदर्शन करने वाले अंचलों में लखीसराय का पिपरिया अंचल पहले स्थान पर है. इस अंचल में अंचलाधिकारी द्वारा विगत वर्ष में दाखिल खारिज के कुल प्राप्त आवेदनों में से 65.12% आवेदनों को अस्वीकृत कर दिया गया है. दूसरे स्थान पर दरभंगा का जाले है जहाँ दाखिल खारिज आवेदनों को अस्वीकृत करने का प्रतिशत 62.96 है , तीसरे स्थान पर भोजपुर का अगियांव(55.21%), चौथे स्थान पर किशनगंज का ठाकुरगंज(55.15%), पांचवें स्थान पर जहानाबाद का मोदागंज(53.91%), छठे स्थान पर भोजपुर का बड़हरा(53.52%), सातवें स्थान पर अररिया का जोकीहाट(52.38%), आठवें स्थान पर मधुबनी का जयनगर(50.30%), नौवें स्थान पर खगड़िया का बेलदौर(50.09%) तथा दसवें स्थान पर दरभंगा का कुशेश्वर स्थान पूर्वी (49.62%) है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="409" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-revenue-and-land-reforms-department.jpg" alt="" class="wp-image-54601" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-revenue-and-land-reforms-department.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-revenue-and-land-reforms-department-350x220.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इसी आधार पर कैमूर के नुआंव अंचल का प्रदर्शन सबसे अच्छा है. यहाँ कुल प्राप्त आवेदनों में से मात्र 6.74% आवेदनों को हीं अस्वीकृत किया गया है. दूसरे स्थान पर नालंदा का एकंगरसराय(7.44%), तीसरे स्थान पर लखीसराय का हलसी(8.93%), चौथे स्थान पर कैमूर का मोहनियां(9.24%), पांचवें स्थान पर मुजफ्फरपुर का मुरौल अंचल(9.54%), छठे स्थान पर वैशाली का पातेपुर(9.60%), सातवें स्थान पर पूर्णिया का श्रीनगर अंचल(9.71%), आठवें स्थान पर सीतामढ़ी का बाजपट्टी(10.26%), नौवें स्थान पर लखीसराय का बड़हिया(10.53%) तथा दसवें स्थान पर कैमूर का रामपुर अंचल(11.06%) है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-sanjay-sarawagi-bjp-mantri-revenue-department-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-89520" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-sanjay-sarawagi-bjp-mantri-revenue-department-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-sanjay-sarawagi-bjp-mantri-revenue-department-650x433.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मंत्री ने समीक्षा बैठक के दौरान यह भी कहा कि आमजनों को दाखिल खारिज हेतु आवेदन करते समय अपना ही मोबाइल नंबर डालना चाहिये. सीएससी सेंटर या साइबर कैफे से आवेदन करते वक्त भी यह ध्यान रखें कि मोबाइल नंबर कैफे वाले का ना डालें, बल्कि आवेदक सजग होकर अपना फोन नंबर दें.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>जानबूझकर आवेदन अस्वीकृत करनेवाले सीओ की होगी पहचान</title>
		<link>https://www.patnanow.com/co-meet-me-chetawani/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 25 Sep 2024 16:30:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा कई प्रकार की ऑनलाइन सेवाएं दी जा रही हैं. इनमें से कई सेवाओं में अस्वीकृति की दर काफी अधिक है.कई बार अस्वीकृति का यह निर्णय जल्दबाजी में या निहित स्वार्थवश लिया जाता है. इससे निर्दोष लोगों के साथ अन्याय होता है. यह नहीं होना चाहिए. कई बार डीसीएलआर, एडीएम या डीएम के स्तर पर सुनवाई में पता चलता है कि आपका निर्णय गलत था. तबतक नुकसान हो चुका होता है. कई मामलों में वरीय पदाधिकारियों का आदेश लेकर रैयत भटकता रहता है, अंचल अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं. लोग सालों तक दौड़ते रहते हैं. ये आपराधिक कृत्य हैं, जिनको नजर अंदाज नहीं किया जा सकता. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल आज दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन संस्थान में अंचल अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे. डॉ जायसवाल ने जानबूझकर आवेदनों को अस्वीकृत करनेवाले अंचल अधिकारियों की पहचान करके उनके खिलाफ कार्रवाई करने का निदेश विभाग के अधिकारियों को दिया. आज की बैठक में म्युटेशन के मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई. दाखिल-खारिज के सर्वाधिक 47.93 फीसदी अस्वीकृति के मामले सीतामढ़ी के सुप्पी अंचल में पाए गए. 44 फीसदी अस्वीकृति के साथ पटना का पंडारक दूसरे जबकि 39.9 फीसदी अस्वीकृति के साथ बेगूसराय का साम्हो अखा कुरहा तीसरे स्थान पर था.निर्धारित समय सीमा के बाद लंबित आवेदनों की संख्या सर्वाधिक 7018 रोहतास के सदर अंचल में पाई गई जबकि 6748 लंबित आवेदनों के साथ पटना सदर अंचल दूसरे स्थान पर और 6428 लंबित आवेदनों के [&#8230;]]]></description>
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<p>पटना।। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा कई प्रकार की ऑनलाइन सेवाएं दी जा रही हैं. इनमें से कई सेवाओं में अस्वीकृति की दर काफी अधिक है.कई बार अस्वीकृति का यह निर्णय जल्दबाजी में या निहित स्वार्थवश लिया जाता है. इससे निर्दोष लोगों के साथ अन्याय होता है. यह नहीं होना चाहिए. कई बार डीसीएलआर, एडीएम या डीएम के स्तर पर सुनवाई में पता चलता है कि आपका निर्णय गलत था. तबतक नुकसान हो चुका होता है. कई मामलों में वरीय पदाधिकारियों का आदेश लेकर रैयत भटकता रहता है, अंचल अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं. लोग सालों तक दौड़ते रहते हैं. ये आपराधिक कृत्य हैं, जिनको नजर अंदाज नहीं किया जा सकता. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091449-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-87125" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091449-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091449-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091449-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



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<p>राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल आज दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन संस्थान में अंचल अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे. डॉ जायसवाल ने जानबूझकर आवेदनों को अस्वीकृत करनेवाले अंचल अधिकारियों की पहचान करके उनके खिलाफ कार्रवाई करने का निदेश विभाग के अधिकारियों को दिया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091450-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-87126" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091450-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091450-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091450-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>आज की बैठक में म्युटेशन के मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई. दाखिल-खारिज के सर्वाधिक 47.93 फीसदी अस्वीकृति के मामले सीतामढ़ी के सुप्पी अंचल में पाए गए. 44 फीसदी अस्वीकृति के साथ पटना का पंडारक दूसरे जबकि 39.9 फीसदी अस्वीकृति के साथ बेगूसराय का साम्हो अखा कुरहा तीसरे स्थान पर था.<br>निर्धारित समय सीमा के बाद लंबित आवेदनों की संख्या सर्वाधिक 7018 रोहतास के सदर अंचल में पाई गई जबकि 6748 लंबित आवेदनों के साथ पटना सदर अंचल दूसरे स्थान पर और 6428 लंबित आवेदनों के साथ पटना का संपतचक अंचल तीसरे स्थान पर रहा.<br>पटना सदर अंचल अधिकांश मापदंडों पर फिसड्डी रहा और अंचल अधिकारियों की मासिक रैंकिंग में पटना सदर को अगस्त माह में सबसे नीचे यानि 534वां स्थान प्राप्त हुआ. सदर अंचल अधिकारी ने मात्र 2 फीसदी दस्तावेजों पर डिजिटल हस्ताक्षर किए जबकि वहां मात्र 25 फीसदी सरकारी जमीन की इंट्री की गई. इन्हीं मामलों में जिला का स्कोर क्रमशः 35 फीसदी एवं 90 फीसदी रहा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091448-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-87127" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091448-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091448-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091448-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>आज की बैठक में म्युटेशन प्लस के अलावे परिमार्जन प्लस की प्रगति की समीक्षा की गई. परिमार्जन प्लस में डिजिटाइज्ड जमाबंदी एवं छूटी हुई जमाबंदी की अलग-अलग समीक्षा की गई. दोनों में प्रगति को असंताषजनक पाया गया. यह तथ्य भी सामने आया कि 86 अंचल अधिकारियों ने जून माह से अबतक परिमार्जन प्लस में आए एक भी आवेदन का निष्पादन नहीं किया था.<br>अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने सभी अंचल अधिकारियों को अक्टूबर तक अपने प्रदर्शन में सुधार करने की चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि परिमार्जन प्लस पोर्टल पर दिए गए आवेदनों में से 50 फीसदी आवेदनों का निष्पादन हर हाल में अक्टूबर माह के आखिर तक हो जाना चांहिए. इसी तरह उन्होंने म्युटेशन के 6 लाख लंबित मामलों को घटाकर 2 लाख लाने की लक्ष्य दिया है.<br>अपर मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को म्युटेशन एवं परिमार्जन के रिजेक्टेड एवं रिवर्टेड मामलों की रैंडमली यानि बेतरतीब ढंग से जांच करने का आदेश विभागीय अधिकारियों को दिया ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अस्वीकृति के पीछे कोई वाजिब कारण है या उसके पीछे अंचल अधिकारियों की मनमानी है.<br>अपर मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि जिन अंचल अधिकारियों की मासिक रैंकिंग लगातार खराब रहेगी, वह उनके खिलाफ कार्रवाई का सबसे मजबूत आधार बनेगी. उन्होंने आईटी मैनेजर को कहा कि अक्टूबर माह से हरेक अंचल अधिकारी का पिछले 6 माह का रैंकिंग भी तैयार करें.<br>सचिव श्री जय सिंह ने कहा कि अंचल अधिकारी दैनिक और साप्ताहिक आधार पर अपने कर्मचारियों के साथ बैठक करें. लंबित मामलों की रोज प्रगति देखें. जिन मामलों में कागजी साक्ष्य कम हैं उनका फील्ड विजिट कर सत्यापन कर लें.<br>आज की बैठक में पूरे बिहार से 170 अंचल अधिकारियों को बुलाया गया था. बाढ़ के कारण बेगूसराय एवं भागलपुर के अंचल अधिकारी बैठक में शामिल नहीं हुए. बैठक का उद्देश्य ऑनलाइन सेवाओं में जोड़ी गई नई विशेषताओं के बारे में अंचल अधिकारियों को जानकारी देना और उनके फीडबैक के आधार पर इन सेवाओं में और सुधार करना है. बैठक में विभाग के अपर सचिव अरूण कुमार सिंह समेत विशेष सचिव, संयुक्त सचिव एवं अन्य सभी पदाधिकारी मौजूद थे.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>घूस लेते कैमरे पर पकड़ी गई सीओ, विभाग ने हेडक्वार्टर बुलाया</title>
		<link>https://www.patnanow.com/co-taking-bribe/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 31 Jul 2024 17:32:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Crime]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
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		<category><![CDATA[Co bribe]]></category>
		<category><![CDATA[Taraiya co]]></category>
		<category><![CDATA[Video viral]]></category>
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					<description><![CDATA[सीओ का घूस लेते वीडियो वायरल विभाग का एक्शन, पटना हेडक्वार्टर बुलाया गया पटना।। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कुछ दिन पहले ही इस बात की चेतावनी दी थी कि उनके विभाग में भ्रष्टाचार की शिकायतें खूब आ रही हैं. वह इस पर सख्ती से कदम उठाएंगे. एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें सारण के तरैया प्रखंड की सीओ श्रेया मिश्रा किसी से पैसे ले रही हैं. यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. हालांकि वीडियो कब का और कहां का है इसकी पुष्टि पटना नाउ नहीं करता है. वायरल वीडियो में दिख रहा है कि सारण के तरैया प्रखंड की अंचलाधिकारी श्रेया मिश्रा रिश्वत में 500 रुपये के नोट का बंडल ले रही हैं. किसी काम को लेकर पैसों के लेनदेन से संबंधित बातें हो रही हैं. 500 रुपये का बंडल लेते हुए सीओ पूछती हैं कि कितना है. तो देने वाले ने बताया 21 है. इस बीच सीईओ ने सफाई दी है कि यह पुराना वीडियो है जिसे जानबूझकर वायरल किया गया है. सरकार ने एक्शन लेते हुए CO श्रेया मिश्रा को पटना हेडक्वार्टर ट्रांसफर कर दिया है. pncb]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>सीओ का घूस लेते वीडियो वायरल</strong></p>



<p><strong>विभाग का एक्शन, पटना हेडक्वार्टर बुलाया गया</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="704" height="808" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/PNC-co-taking-bribe-saran-taraiya-co-shreya.jpg" alt="" class="wp-image-85926" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/PNC-co-taking-bribe-saran-taraiya-co-shreya.jpg 704w, https://www.patnanow.com/assets/2024/08/PNC-co-taking-bribe-saran-taraiya-co-shreya-566x650.jpg 566w" sizes="auto, (max-width: 704px) 100vw, 704px" /></figure>



<p>पटना।। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कुछ दिन पहले ही इस बात की चेतावनी दी थी कि उनके विभाग में भ्रष्टाचार की शिकायतें खूब आ रही हैं. वह इस पर सख्ती से कदम उठाएंगे. एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें सारण के तरैया प्रखंड की सीओ श्रेया मिश्रा किसी से पैसे ले रही हैं. यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. हालांकि वीडियो कब का और कहां का है इसकी पुष्टि पटना नाउ नहीं करता है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="706" height="1000" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/1000270060.jpg" alt="" class="wp-image-85928" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/1000270060.jpg 706w, https://www.patnanow.com/assets/2024/08/1000270060-459x650.jpg 459w" sizes="auto, (max-width: 706px) 100vw, 706px" /></figure>



<p>वायरल वीडियो में दिख रहा है कि सारण के तरैया प्रखंड की अंचलाधिकारी श्रेया मिश्रा रिश्वत में 500 रुपये के नोट का बंडल ले रही हैं. किसी काम को लेकर पैसों के लेनदेन से संबंधित बातें हो रही हैं. 500 रुपये का बंडल लेते हुए सीओ पूछती हैं कि कितना है. तो देने वाले ने बताया 21 है. इस बीच सीईओ ने सफाई दी है कि यह पुराना वीडियो है जिसे जानबूझकर वायरल किया गया है. सरकार ने एक्शन लेते हुए CO श्रेया मिश्रा को पटना हेडक्वार्टर ट्रांसफर कर दिया है.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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