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		<title>भारत में 33 लाख से ज्यादा बच्चे कुपोषण का शिकार</title>
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		<pubDate>Mon, 08 Nov 2021 06:18:49 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आधे से ज्यादा गंभीर रूप से कुपोषित, RTI में हुआ खुलासा देश में 17,76,902 बच्चे अत्यंत कुपोषित ये आंकड़े सिर्फ एप्प आधारित है ,हकीकत है कुछ और&#160; वैश्विक भुखमरी सूचकांक में बांग्लादेश और पाकिस्तान से भी पीछे भारत, 7 पायदान गिरा नीचे आरटीआई के तहत पूछे गये एक सवाल के जवाब में महिला और बाल विकास मंत्रालय ने बताया कि देश में 33 लाख से ज्यादा बच्चे कुपोषित हैं और इनमें से आधे से अधिक गंभीर रूप से कुपोषित की कैटेगरी में आते हैं, महिला और बाल विकास मंत्रालय ने आरटीआई के तहत पूछे गये एक सवाल के जवाब में बताया कि देश में 33 लाख से ज्यादा बच्चे कुपोषित हैं और इनमें से आधे से अधिक गंभीर रूप से कुपोषित की कैटेगरी में आते हैं. कुपोषित बच्चों वाले राज्यों में महाराष्ट्र, बिहार और गुजरात टॉप पर हैं. ये संख्या अपने आप में चिंताजनक है, लेकिन पिछले साल नवंबर की तुलना में ये और अधिक चिंता पैदा करते हैं. नवंबर 2020 से 14 अक्टूबर, 2021 के बीच गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की संख्या में 91 प्रतिशत की वृद्धि देखी गयी. हालांकि, इस संबंध में दो तरह के आंकड़े हैं, जो आंकड़ों के संग्रह के विविध तरीकों पर आधारित हैं. पिछले साल अत्यंत कुपोषित बच्चों (छह महीने से लेकर छह साल तक) की संख्या 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा गिनी गयी और केंद्र को बताई गयी. ताजा आंकड़े पोषण ट्रैकर ऐप से लिये गये हैं, जहां आंकड़े सीधे आंगनवाड़ियों द्वारा दर्ज किये जाते हैं तथा केंद्र इन्हें प्राप्त करता [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>आधे से ज्यादा गंभीर रूप से कुपोषित, RTI में हुआ खुलासा</strong></p>



<p><strong>देश में 17,76,902 बच्चे अत्यंत कुपोषित</strong></p>



<p><strong>ये आंकड़े सिर्फ एप्प आधारित है ,हकीकत है कुछ और&nbsp;</strong></p>



<p><strong>वैश्विक भुखमरी सूचकांक में बांग्लादेश और पाकिस्तान से भी पीछे भारत, 7 पायदान गिरा नीचे</strong></p>



<p>आरटीआई के तहत पूछे गये एक सवाल के जवाब में महिला और बाल विकास मंत्रालय ने बताया कि देश में 33 लाख से ज्यादा बच्चे कुपोषित हैं और इनमें से आधे से अधिक गंभीर रूप से कुपोषित की कैटेगरी में आते हैं,</p>



<p>महिला और बाल विकास मंत्रालय ने आरटीआई के तहत पूछे गये एक सवाल के जवाब में बताया कि देश में 33 लाख से ज्यादा बच्चे कुपोषित हैं और इनमें से आधे से अधिक गंभीर रूप से कुपोषित की कैटेगरी में आते हैं. कुपोषित बच्चों वाले राज्यों में महाराष्ट्र, बिहार और गुजरात टॉप पर हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="500" src="https://www.patnanow.com/assets/2016/09/children-650x500.jpg" alt="" class="wp-image-2061" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2016/09/children.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2016/09/children-350x269.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption><strong>सांकेतिक फोटो </strong></figcaption></figure>



<p>ये संख्या अपने आप में चिंताजनक है, लेकिन पिछले साल नवंबर की तुलना में ये और अधिक चिंता पैदा करते हैं. नवंबर 2020 से 14 अक्टूबर, 2021 के बीच गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की संख्या में 91 प्रतिशत की वृद्धि देखी गयी.</p>



<p>हालांकि, इस संबंध में दो तरह के आंकड़े हैं, जो आंकड़ों के संग्रह के विविध तरीकों पर आधारित हैं. पिछले साल अत्यंत कुपोषित बच्चों (छह महीने से लेकर छह साल तक) की संख्या 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा गिनी गयी और केंद्र को बताई गयी. ताजा आंकड़े पोषण ट्रैकर ऐप से लिये गये हैं, जहां आंकड़े सीधे आंगनवाड़ियों द्वारा दर्ज किये जाते हैं तथा केंद्र इन्हें प्राप्त करता है.</p>



<p>महिला और बाल विकास मंत्रालय ने न्यूज़ एजेंसी  की एक आरटीआई अर्जी के जवाब में कहा कि 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के आंकड़ों से कुल 33,23,322 बच्चों के आंकड़े आए. ये आंकड़े पिछले साल विकसित पोषण ऐप पर पंजीकृत किए गए ताकि पोषण के परिणामों पर निगरानी रखी जा सके. ये संख्या अपने आप में चिंताजनक हैं, लेकिन पिछले साल नवंबर की तुलना में ये और अधिक चिंता पैदा करते हैं.कुपोषित बच्चों की संख्या में 91 प्रतिशत की वृद्धि नवंबर 2020 से 14 अक्टूबर 2021 के बीच गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की संख्या में 91 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई</p>



<p>PNCDESK #<a href="https://www.patnanow.com/aims-in-darbhanga/" data-type="post" data-id="57008">biharkikhabar</a> #<a href="https://www.patnanow.com/aims-in-darbhanga/" data-type="post" data-id="57008">childmalnourished</a></p>
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