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		<title>चन्द्र ग्रहण में क्या करें और क्या न करें !</title>
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		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 07 Nov 2022 16:41:59 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पटना, 7 नवंबर (ओ पी पांडेय) . इस साल 8 नवंबर को साल का अंतिम चंद्र ग्रहण है जो शाम 5:35 से 6:19 तक रहेगा. चन्द्रग्रहण के दौरान क्या करना चाहिए और क्या नही और क्या प्रभाव पड़ेगा किन जातकों पर बता रहे हैं काल भैरव, वाराणसी के वरिष्ठ पुजारी योगी योगेश्वर नाथ. योगी योगेश्वर नाथ के अनुसार ग्रहण का मोक्ष काल 7:27 तक रहेगा. सूतक काल 9 घंटे पहले ही आरंभ हो जाएगा. इस सूतक काल में गर्भवती महिलाएं अत्यंत ही सावधानी बरतें नारियल रखें अपने पास और हनुमान जी का जाप करें. जितना संभव हो सके और अपने लिए और पूरे परिवार के मंगल हेतु गुड़ काला तिल का दान करें. चंद्र ग्रहण में मेष राशि,वृष राशि, कन्या राशि, मकर राशि, विशेष सावधानी बरतें. खास तौर से अपने बोलने में और अपने व्यवहार में और भोजन में भी विशेष सावधानी रखें. यह चंद्रग्रहण मिथुन कर्क वृश्चिक, कुंभ के लिए मंगलकारी होगा. इस ग्रहण काल में समस्त भोजन में या पेय पदार्थ में तुलसी के पत्ते डाल देंगे. तुलसी के पत्ते सूतक काल से पहले ही अपने पास एकत्रित कर लें. देव मूर्तियों को कोई भी स्पर्श ना करें और सूतक काल में भगवान का नाम जपे. ग्रहण काल के मोक्ष के पश्चात श्रीहरि का नाम जपते हुए &#8220;ॐ नमो भगवते वासुदेवाय&#8221; का जाप करते हुए स्नान करने के पश्चात देव मूर्तियों के माला फूल इत्यादि को बदलेंगे. उन पर जल चेक कर उन्हें नए माला,फूल,फल इत्यादि चढ़ाकर उनका आशीर्वाद लेंगे और अपने स्नान करने के उपरांत अपने धागे [&#8230;]]]></description>
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<p>पटना, 7 नवंबर (<strong>ओ पी पांडेय</strong>) . इस साल 8 नवंबर को साल का अंतिम चंद्र ग्रहण है जो शाम 5:35 से 6:19 तक रहेगा. चन्द्रग्रहण के दौरान क्या करना चाहिए और क्या नही और क्या प्रभाव पड़ेगा किन जातकों पर बता रहे हैं काल भैरव, वाराणसी के वरिष्ठ पुजारी <strong><em>योगी योगेश्वर नाथ.</em></strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="598" height="299" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/sambhavana-9.jpg" alt="" class="wp-image-66799" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/sambhavana-9.jpg 598w, https://www.patnanow.com/assets/2022/09/sambhavana-9-350x175.jpg 350w" sizes="(max-width: 598px) 100vw, 598px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="478" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/11/PNC_-Yogi-yogeshwar-nath.jpg" alt="" class="wp-image-68474" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/11/PNC_-Yogi-yogeshwar-nath.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/11/PNC_-Yogi-yogeshwar-nath-350x257.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>योगी योगेश्वर नाथ के अनुसार ग्रहण का मोक्ष काल 7:27 तक रहेगा. सूतक काल 9 घंटे पहले ही आरंभ हो जाएगा. इस सूतक काल में गर्भवती महिलाएं अत्यंत ही सावधानी बरतें नारियल रखें अपने पास और हनुमान जी का जाप करें. जितना संभव हो सके और अपने लिए और पूरे परिवार के मंगल हेतु गुड़ काला तिल का दान करें. चंद्र ग्रहण में मेष राशि,वृष राशि, कन्या राशि, मकर राशि, विशेष सावधानी बरतें. खास तौर से अपने बोलने में और अपने व्यवहार में और भोजन में भी विशेष सावधानी रखें. यह चंद्रग्रहण मिथुन कर्क वृश्चिक, कुंभ के लिए मंगलकारी होगा. इस ग्रहण काल में समस्त भोजन में या पेय पदार्थ में तुलसी के पत्ते डाल देंगे. तुलसी के पत्ते सूतक काल से पहले ही अपने पास एकत्रित कर लें. देव मूर्तियों को कोई भी स्पर्श ना करें और सूतक काल में भगवान का नाम जपे. ग्रहण काल के मोक्ष के पश्चात श्रीहरि का नाम जपते हुए &#8220;ॐ नमो भगवते वासुदेवाय&#8221; का जाप करते हुए स्नान करने के पश्चात देव मूर्तियों के माला फूल इत्यादि को बदलेंगे. उन पर जल चेक कर उन्हें नए माला,फूल,फल इत्यादि चढ़ाकर उनका आशीर्वाद लेंगे और अपने स्नान करने के उपरांत अपने धागे जनेऊ मौली इत्यादि बदल देंगे. दान अवश्य करेंगे पुराने वस्त्र यदि आप दान कर रहे हैं तो इसमें अवश्य सावधानी रखें कि यह साफ-सुथरे एवं प्रेस की भी होने चाहिए. इसमें आपके पसीने की गंध नहीं होनी चाहिए अन्यथा लक्ष्मी हानि का योग बनता है और गुड़ और तिल के दान करने से कई प्रकार के ग्रह दोषों का शमन होता है. पैसा यदि आप रखना चाहे ₹40 ही रखें. यह सब सामग्री किसी गरीब को दान देना है. सभी सामग्रियों पर पूरे परिवार के सदस्यों का हाथ अवश्य स्पष्ट करा लेना चाहिए और अंत में रात्रि में विश्राम के वक्त भगवान श्री विष्णु का ध्यान करते हुए हनुमान जी का स्मरण करते हुए रात्रि में विश्राम करना चाहिए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img decoding="async" src="https://www.patnanow.com/assets/2017/08/PNC-CHANDRAGRAHAN-ON-RAKHI.jpg" alt="" class="wp-image-21374" width="368" height="237" /></figure>



<p>सूतक काल में प्रयास करें कि ना सोए हो सके तो पूरे घर में गूगल और धसान की सुगंध पूरे घर में सुगंधित वातावरण को बनाने के लिए करना चाहिए. ऐसा करने से चंद्र ग्रहण के दौरान जो नकारात्मक ऊर्जा घर में एकत्रित हो जाती है वह सब नष्ट होकर सकारात्मक ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>खंडग्रास चंद्र ग्रहण दिनांक 16 जुलाई 2019 विशेष</title>
		<link>https://www.patnanow.com/chandra-grahan-2019-vishesh/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nikhil]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 16 Jul 2019 08:38:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
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		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[चंद्र ग्रहण]]></category>
		<category><![CDATA[चंद्र ग्रहण विशेष]]></category>
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					<description><![CDATA[जय श्री महाकाल यह ग्रहण संवत 2076 आषाढ़ शुक्ल पक्ष पूर्णिमा मंगलवार तारीख 16 जुलाई 2019 के दिन सम्पूर्ण भारत में खंडग्रास के रूप में स्पर्श से मोक्ष तक दिखाई देगा. इस ग्रहण के स्पर्श-मध्य एवं मोक्ष (समाप्ति) काल आदि भारतीय समयानुसार इस प्रकार है. ग्रहण प्रारम्भ रात्रि 1 बजकर 32 मिनट. ग्रहण मध्य रात्रि 3 बजकर 1 मिनट. ग्रहण समाप्ति. प्रातः 4 बजकर 31 मिनट. ग्रहण का पर्वकाल. 2 घंटे 59 मिनट. परमग्रास समय 0.658 इस ग्रहण के समय भारतीय काल के अनुसार भारत में 16 जुलाई की मध्यरात्रि रहेगी. यह ग्रहण भारत में तो सर्वत्र स्पर्श प्रारंभ से मोक्ष (समाप्ति) तक ही दिखेगा. इसके अलावा यह ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, मलेशिया, ताइवान, जापान, चीन, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, अफ़गानिस्तान, मंगोलिया, ईरान, टर्की, यूक्रेन, इराक, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, अंटार्टिका, कजाकिस्तान, उत्तरी अफ्रीका एवं दक्षिणी अमेरिका आदि देशों में भी दिखाई देगा.ग्रहण का सूतक इसे ग्रहण का सूतक नियम नियम दिनांक 16 साथ 2019 को दिन में 4:32 से मान्य होगा.यह ग्रहण धनु राशिस्थ उत्तराषाढ़ नक्षत्र में प्रारम्भ होकर मकर राशिस्थ उत्तराषाढ़ नक्षत्र में पूर्ण होगा. इसलिए 16 जुलाई वाला यह खंडग्रास चंद्रग्रहण उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, धनु एवं मकर राशि वाले व्यक्तियों के लिए विशेष कष्टप्रद रहेगा. इन राशि वाले जातकों को ग्रहण दर्शन अतिअशुभ रहेगा ग्रहण के समय अपने इष्ट देव की आराधना, गुरुमंत्र जप एवं धार्मिक ग्रंथ का पठन तथा मेष, सिंह, वृश्चिक, मिथुन राशि के लिये यह ग्रहण सामान्य मध्यम फल. तुला, कर्क, मीन, कुम्भ राशि के लिये ग्रहण दर्शन करना शुभ सुखद फलदायक और धनु, कन्या, वृषभ, मकर राशि के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/07/pnc-lunar-eclipse-in-India-2019-650x366.png" alt="" class="wp-image-39966" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/07/pnc-lunar-eclipse-in-India-2019.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/07/pnc-lunar-eclipse-in-India-2019-350x197.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>जय श्री महाकाल </strong><br> यह ग्रहण संवत 2076 आषाढ़ शुक्ल पक्ष पूर्णिमा मंगलवार तारीख 16 जुलाई 2019  के दिन सम्पूर्ण भारत में खंडग्रास के रूप में स्पर्श से मोक्ष तक दिखाई देगा.<br> इस ग्रहण के स्पर्श-मध्य एवं मोक्ष (समाप्ति) काल आदि भारतीय समयानुसार इस प्रकार है.<br><strong> ग्रहण प्रारम्भ</strong>   रात्रि 1 बजकर 32 मिनट.<br><strong> ग्रहण मध्य</strong>  रात्रि 3 बजकर 1 मिनट.<br> <strong>ग्रहण समाप्ति</strong>.   प्रातः 4 बजकर 31 मिनट.<br> <strong>ग्रहण का पर्वकाल</strong>. 2 घंटे 59 मिनट.<br> <strong>परमग्रास समय </strong>  0.658<br> इस ग्रहण के समय भारतीय काल के अनुसार भारत में 16 जुलाई की मध्यरात्रि रहेगी. यह ग्रहण भारत में तो सर्वत्र स्पर्श प्रारंभ से मोक्ष (समाप्ति) तक ही दिखेगा. इसके अलावा यह ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, मलेशिया, ताइवान, जापान, चीन, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, अफ़गानिस्तान, मंगोलिया, ईरान, टर्की, यूक्रेन, इराक, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, अंटार्टिका, कजाकिस्तान, उत्तरी अफ्रीका एवं दक्षिणी अमेरिका आदि देशों में भी दिखाई देगा.<br><strong>ग्रहण का सूतक</strong><br> इसे ग्रहण का सूतक नियम नियम दिनांक 16 साथ 2019 को दिन में 4:32 से मान्य होगा.<br>यह ग्रहण धनु राशिस्थ उत्तराषाढ़ नक्षत्र में प्रारम्भ होकर मकर राशिस्थ उत्तराषाढ़ नक्षत्र में पूर्ण होगा. इसलिए 16 जुलाई वाला यह खंडग्रास चंद्रग्रहण उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, धनु एवं मकर राशि वाले व्यक्तियों के लिए विशेष कष्टप्रद रहेगा. इन राशि वाले जातकों को ग्रहण दर्शन अतिअशुभ रहेगा ग्रहण के समय अपने इष्ट देव की आराधना, गुरुमंत्र जप एवं धार्मिक ग्रंथ का पठन तथा मेष, सिंह, वृश्चिक, मिथुन राशि के लिये यह ग्रहण सामान्य मध्यम फल. तुला, कर्क, मीन, कुम्भ राशि के लिये ग्रहण दर्शन करना शुभ सुखद फलदायक और धनु, कन्या, वृषभ, मकर राशि के लिये ग्रहण दर्शन नेष्ट फल सूचक है.<br>जिन राशि वाले जातकों के लिये ग्रहण अरिष्ट सूचक है अगर वो गलती से ग्रहण का दर्शन कर लें तो प्रायश्चित स्वरूप गुरु मंत्र की कम से कम 21 माला जपे ग्रहण के उपरांत पूण्य काल मे अन्न और धन का दान करने से अरिष्ट फल में कमी आती है.<br>जन्म एवं नाम राशि के अनुसार विभिन्न राशि वाले व्यक्तियों के लिए इस चंद्र ग्रहण का राशियों के आधार पर फल नीचे दिया गया है. <strong><em>चंद्र ग्रहण का प्रारंभ धनु राशि में होने से धनु राशि गत चंद्र ग्रहण का फल.</em></strong><br><strong> जन्म/नाम राशि……………फल</strong><br> मेष                               अपमान<br> वृष                               महाकष्ट<br> मिथुन                           स्त्री/पति कष्ट<br> कर्क                             सुख<br> सिंह                             चिन्ता<br> कन्या                           कष्ट<br> तुला                            धनलाभ<br> वृश्चिक                         हानि<br> धनु                             घात<br> मकर                           हानि<br> कुम्भ                           लाभ<br> मीन                            सुख<br><strong><em> चंद्र ग्रहण का मोक्ष मक राशि में होने से मकर राशिगत चंद्र ग्रहण का फल.</em></strong><br> <strong>जन्म/नाम राशि……………फल</strong><br> मेष                              सुख<br> वृष                              अपमान<br> मिथुन                          अतिकष्ट<br> कर्क                             स्त्री/पति कष्ट<br> सिंह                             सुख<br> कन्या                           चिंता<br> तुला                            कष्ट<br> वृश्चिक                         धनलाभ<br> धनु                             हानि<br> मकर                           घात<br> कुम्भ                           हानि<br> मीन                            लाभ<br> <strong>चंद्रग्रहण का वार फल एवं महात्म्य</strong><br> यह ग्रहण धनु एवं मकर राशि को स्पर्श करने से एवं मंगलवार वाले दिन घटित होने से स्नान दान जप आदि के लिए विशेष महत्वपूर्ण है मंत्र जाप दान पूजा आदि इस समय विशेष फल पद माने गए हैं.<br> <em>बहुफलं जपदान-हुतादिके स्मृति-पुराणविद: प्रवदन्ति हि।</em><br> उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में ग्रहण होने से वर्षा अधिक हो, अनाज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो, नारियल, चावल, तिलहन, घी उड़द की दाल महंगी हो, कंदमूल, सुपारी, गुड, तेल, लाल रंग की वस्तु, चावल, सोना, मोती, आदि वस्तु का कार्य व्यवसाय भावी लाभप्रद बने.<br><strong> ग्रहण का राशिफल</strong><br> <em>&#8220;धन्विन्यमात्यवर-वाजि-विदेहे मल्लान।<br> पाञ्चाल-वैद्य-वणिजो विषमायुधज्ञान।।&#8221;</em><br> &#8220;बृहत संहिता&#8221; के अनुसार धनु राशि मे ग्रहण होने से फल इस प्रकार है <br>  प्रधान पुरुष, मंत्रीगण, घोड़े, मिथिला, पांचाल देशवासियों, पहलवानों, चिकित्सकों, व्यापारी वर्ग एवं शास्त्रों की जानकारी वाले, कथावाचक, कर्मकांडी पंडित और क्रूर लोगों के लिए धनु राशि का ग्रहण कष्टप्रद है.<br> <em>&#8220;हन्यानमृगे तु झष-मंत्रि-कुलानी-नीचान।<br> मंत्रऔषधिषु कुशला स्थविरायुधियान।।&#8221;</em><br> मकर राशि में ग्रहण मोक्ष होने से यह ग्रहण जल-जंतुओं, मंत्रियों एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों, मंत्र वेत्ताओं, चिकित्सकों, वृद्धों एवं आयुधजीवियो के लिए कष्टप्रद है.<br> <strong>चंद्र ग्रहण का मास फल</strong><br><em> &#8220;आषाढ़ पर्वणयुद्पान- वप्र-नदी-प्रवाह्यां फल-मूल वार्तान।<br> गांधार-कश्मीर-पुलिंद-चीनान हतान वदेद मण्डल-वर्षमस्मिन।।</em><br> क्योंकि यह चंद्रग्रहण आषाढ़ी पूर्णिमा आषाढ़ मास में घटित होगा. अतः बृहद संहिता के अनुसार जलप्रपातो, पानी के बड़े स्तोत्र एवं नदी नालों के अथवा पानी की टंकी बांध आदि के टूटने से विनाश की संभावना हो. पेयजल के संकट का सामना करना पड़े, नदियों में बाढ़ से हानि हो, फल एवं सब्जी विक्रेताओं को हानि हो, गांधार, कश्मीर, पुलिंद एवं चीन में संकट की स्थिति का सामना करना पड़े, वर्ष में कहीं-कहीं वर्षा हो, कहीं अतिवृष्टि हो.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>क्या आपको है इस चन्द्रग्रहण की जानकारी!</title>
		<link>https://www.patnanow.com/lunar-eclipse-in-india/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amit Verma]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 04 Aug 2017 13:28:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[सुख समृद्धि]]></category>
		<category><![CDATA[chandra grahan]]></category>
		<category><![CDATA[lunar eclipse]]></category>
		<category><![CDATA[RAKHI]]></category>
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					<description><![CDATA[चन्द्रग्रहण और सूर्यग्रहण को लेकर आज भी हमारे देश में कई भ्रांतियां हैं. और अगर ये ग्रहण किसी खास दिन लग रहा हो और भारत में दिखने वाला हो तो फिर लोगों की उत्सुकता ज्यादा बढ़ जाती है. 7 अगस्त को राखी का त्योहार है औऱ उसी तारीख को चन्द्रग्रहण ल ग रहा है. यही वजह है कि इसकी सटीक जानकारी के लिए लोग परेशान रहते हैं. patnanow आज आपको अगले दो चन्द्र ग्रहण के बारे में बिल्कुल सटीक जानकारी दे रहा है जो आपके काम आएगी. 7-8 अगस्‍त, 2017 ( सोमवार-मंगलवार) की रात चन्द्रग्रहण होगा जो भारत में भी दिखेगा. 7 अगस्त, 2017 को चंद्रमा का आंशिक ग्रहण प्रारंभ होगा,  जो भारतीय मानक समय(IST) के अनुसार 22.52pm  से शुरू होगा और 8 अगस्‍त, 2017 को रात 00-49am तक जारी रहेगा. अधिकतम ग्रहण के दौरान चंद्रमा का केवल एक छोटा अंश ही पृथ्वी की छाया के दायरे में आएगा. यह आंशिक ग्रहण भारत के सभी स्थानों से दिखाई देगा. यह चंद्रग्रहण पश्चिमी प्रशांत  महासागर, ओशिनिया, ऑस्ट्रेलिया, एशिया, अफ्रीका, यूरोप और अंटार्कटिका क्षेत्र में दिखाई देगा. संपूर्ण आंशिक चंद्रग्रहण मध्य और पूर्वी अफ्रीका, मध्य रूस, चीन, भारत, सुदूर पूर्व और ऑस्ट्रेलिया के अधिकांश हिस्सों से दिखाई देगा. उत्तर प्रशांत महासागर और दक्षिण प्रशांत महासागर से चंद्रग्रहण-केंद्रबिंदु के प्रारंभिक चरण देखे जा सकेंगे. अफ्रीका के  उत्तर पश्चिमी भाग, स्पेन के पूर्वी भाग, फ्रांस और जर्मनी से चंद्रग्रहण-केंद्रबिंदु के अंतिम चरण देखे जा सकेंगे. IST यानि भारतीय मानक समय के मुताबिक ग्रहण की परिस्थितियां इस प्रकार हैं: &#8211; ग्रहण का प्रारंभ         7 अगस्‍त   22   52 pm ग्रहण का मध्य         [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>चन्द्रग्रहण और सूर्यग्रहण को लेकर आज भी हमारे देश में कई भ्रांतियां हैं. और अगर ये ग्रहण किसी खास दिन लग रहा हो और भारत में दिखने वाला हो तो फिर लोगों की उत्सुकता ज्यादा बढ़ जाती है. 7 अगस्त को राखी का त्योहार है औऱ उसी तारीख को चन्द्रग्रहण ल ग रहा है. यही वजह है कि इसकी सटीक जानकारी के लिए लोग परेशान रहते हैं. <strong>patnanow</strong> आज आपको अगले दो चन्द्र ग्रहण के बारे में बिल्कुल सटीक जानकारी दे रहा है जो आपके काम आएगी.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-21375" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/08/PNC-lunar-eclipse-650x442.jpg" alt="" width="650" height="442" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/08/PNC-lunar-eclipse.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/08/PNC-lunar-eclipse-350x238.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p>7-8 अगस्‍त, 2017 ( सोमवार-मंगलवार) की रात चन्द्रग्रहण होगा जो भारत में भी दिखेगा. 7 अगस्त, 2017 को चंद्रमा का आंशिक ग्रहण प्रारंभ होगा,  जो भारतीय मानक समय(IST) के अनुसार 22.52pm  से शुरू होगा और 8 अगस्‍त, 2017 को रात 00-49am तक जारी रहेगा. अधिकतम ग्रहण के दौरान चंद्रमा का केवल एक छोटा अंश ही पृथ्वी की छाया के दायरे में आएगा. यह आंशिक ग्रहण भारत के सभी स्थानों से दिखाई देगा.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="size-full wp-image-21373 alignleft" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/08/PNC-CHANDRA-GRAHAN.jpg" alt="" width="253" height="199" /></p>
<p>यह चंद्रग्रहण पश्चिमी प्रशांत  महासागर, ओशिनिया, ऑस्ट्रेलिया, एशिया, अफ्रीका, यूरोप और अंटार्कटिका क्षेत्र में दिखाई देगा.</p>
<p>संपूर्ण आंशिक चंद्रग्रहण मध्य और पूर्वी अफ्रीका, मध्य रूस, चीन, भारत, सुदूर पूर्व और ऑस्ट्रेलिया के अधिकांश हिस्सों से दिखाई देगा.</p>
<p>उत्तर प्रशांत महासागर और दक्षिण प्रशांत महासागर से चंद्रग्रहण-केंद्रबिंदु के प्रारंभिक चरण देखे जा सकेंगे.</p>
<p>अफ्रीका के  उत्तर पश्चिमी भाग, स्पेन के पूर्वी भाग, फ्रांस और जर्मनी से चंद्रग्रहण-केंद्रबिंदु के अंतिम चरण देखे जा सकेंगे.</p>
<p><a href="https://goo.gl/ruDHSe"><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-3229" src="http://www.patnanow.com/assets/2016/09/AD-MID-1.gif" alt="" width="300" height="250" /></a> <a href="https://goo.gl/ruDHSe"><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-3525" src="http://www.patnanow.com/assets/2016/09/AD-ENG-MID.gif" alt="" width="300" height="250" /></a></p>
<p><strong>IST यानि भारतीय मानक समय के मुताबिक ग्रहण की परिस्थितियां इस प्रकार हैं: &#8211;</strong></p>
<p><strong>ग्रहण का प्रारंभ         7 अगस्‍त   22   52 pm</strong></p>
<p><strong>ग्रहण का मध्य          7 अगस्‍त   23  51 pm</strong></p>
<p><strong>ग्रहण की समाप्‍ति     8 अगस्‍त  00  49 pm</strong></p>
<p>ग्रहण का परिमाण = 0.251 (चंद्रमा का व्यास 1.0 लिया गया है)</p>
<p><strong>ग्रहण की अवधि: 1 घंटा 57 मिनट</strong></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="size-large wp-image-21374 alignright" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/08/PNC-CHANDRAGRAHAN-ON-RAKHI.jpg" alt="" width="280" height="180" /><span style="text-decoration: underline;"><strong> क्यों लगता है चन्द्रग्रहण-</strong></span></p>
<p>चन्द्रमा पृथ्वी का सबसे नजदीकी उपग्रह है. चन्द्रमा पृथ्वी के चक्कर लगाता है और पृथ्वी सूर्य के चक्कर लगाती है. इसी परिक्रमा के दौरान जब ऐसी आती है कि पृथ्वी सूर्य और चन्द्रमा के बीचोबीच आ जाती है और ऐसा लगता है जैसे चन्द्रमा की रोशनी चली गई हो. इसी स्थिति को चन्द्रग्रहण कहते हैं.</p>
<p>आपको बता दें कि अगला चंद्रग्रहण 31 जनवरी, 2018 को लगेगा, जो पूर्ण चंद्रग्रहण होगा और भारत में देखा जा सकेगा.</p>
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