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	<title>Cast census &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>सिर्फ पटना में कायस्थों की संख्या 10 लाख से अधिक: आर के सिन्हा</title>
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		<pubDate>Fri, 27 Oct 2023 02:19:49 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पूर्व सांसद आरके सिन्हा ने जातीय गणना के आंकड़ों पर सवाल उठाया चित्रगुप्त पूजा में राज्य में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी 75 मूर्तियां शोभायात्रा में होंगी शामिल जाति आधारित गणना में कायस्थों की संख्या पर जताया एतराज सभी जिला और अनुमंडल केन्द्रों पर कायस्थ मतदाता निर्णायक भूमिका में पटना: चित्रगुप्त पूजा की तैयारी पूरे पटना में शुरू हो गई है. आगामी 15 नवंबर को आयोजित होने वाली चित्रगुप्त पूजा को लेकर पूजा समितियां की बैठक भाजपा के पूर्व सांसद वह चित्रगुप्त मंदिर प्रबंधक समिति के अध्यक्ष आर के सिंह के अध्यक्षता में हुई. पूजा के बाद 16 नवंबर को प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा. इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन मंदिर परिसर में होगा.आरके सिन्हा ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बाद सुरुचिपूर्ण भाई-भोज की व्यवस्था होगी. इस बार लगभग डेढ़ दर्जन से ज्यादा नए स्थानों पर भी प्रतिमा स्थापित की जाएगी. कुल मिलाकर 75 मूर्तियां शोभायात्रा में शामिल होगीं I लगभग एक दर्जन कलश भी यात्रा में रहेंगे. दानापुर से लेकर पटना सिटी तक विभिन्न चित्रगुप्त पूजा समितियों ने बड़े उल्लास के साथ इस कार्यक्रम को मनाने का निर्णय लिया है. आरके सिन्हा ने जातीय गणना के आंकड़ों पर सवाल उठाया है. उन्होंने कायस्थ जाति की संख्या सिर्फ 7 लाख 80 हजार दिखाए जाने पर आश्चर्य और नाराजगी जताई. कहा कि कायस्थ जाति इतनी भी कम नहीं है कि सरकार उसे दरकिनार या कमजोर दिखाएं. अकेले पाटलिपुत्र और पटना साहिब लोकसभा के दस ऐसे विधानसभा क्षेत्र हैं, जहां कायस्थ जाति निर्णायक भूमिका निभाता हैI इसके अतिरिक्त सभी जिला [&#8230;]]]></description>
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<p></p>



<p></p>



<p><strong>पूर्व सांसद आरके सिन्हा ने जातीय गणना के आंकड़ों पर सवाल उठाया</strong></p>



<p><strong>चित्रगुप्त पूजा में राज्य में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी</strong></p>



<p><strong>75 मूर्तियां शोभायात्रा में होंगी शामिल</strong></p>



<p><strong>जाति आधारित गणना में कायस्थों की संख्या पर जताया एतराज</strong></p>



<p><strong>सभी जिला और अनुमंडल केन्द्रों पर कायस्थ मतदाता निर्णायक भूमिका में</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/10/a41c3a07-401d-4bad-a033-8d467c3c488d-650x433.jpg" alt="" class="wp-image-79728" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/10/a41c3a07-401d-4bad-a033-8d467c3c488d-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/a41c3a07-401d-4bad-a033-8d467c3c488d-350x233.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/a41c3a07-401d-4bad-a033-8d467c3c488d-768x512.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/a41c3a07-401d-4bad-a033-8d467c3c488d.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>पटना</strong>: चित्रगुप्त पूजा की तैयारी पूरे पटना में शुरू हो गई है. आगामी 15 नवंबर को आयोजित होने वाली चित्रगुप्त पूजा को लेकर पूजा समितियां की बैठक भाजपा के पूर्व सांसद वह चित्रगुप्त मंदिर प्रबंधक समिति के अध्यक्ष आर के सिंह के अध्यक्षता में हुई. पूजा के बाद 16 नवंबर को प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा. इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन मंदिर परिसर में होगा.आरके सिन्हा ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बाद सुरुचिपूर्ण भाई-भोज की व्यवस्था होगी. इस बार लगभग डेढ़ दर्जन से ज्यादा नए स्थानों पर भी प्रतिमा स्थापित की जाएगी. कुल मिलाकर 75 मूर्तियां शोभायात्रा में शामिल होगीं I लगभग एक दर्जन कलश भी यात्रा में रहेंगे. दानापुर से लेकर पटना सिटी तक विभिन्न चित्रगुप्त पूजा समितियों ने बड़े उल्लास के साथ इस कार्यक्रम को मनाने का निर्णय लिया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/10/1071dd7e-405b-4622-aa98-2c7f2aeaa0cd-650x433.jpg" alt="" class="wp-image-79730" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/10/1071dd7e-405b-4622-aa98-2c7f2aeaa0cd-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/1071dd7e-405b-4622-aa98-2c7f2aeaa0cd-350x233.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/1071dd7e-405b-4622-aa98-2c7f2aeaa0cd-768x512.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/1071dd7e-405b-4622-aa98-2c7f2aeaa0cd.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>आरके सिन्हा ने जातीय गणना के आंकड़ों पर सवाल उठाया है. उन्होंने कायस्थ जाति की संख्या सिर्फ 7 लाख 80 हजार दिखाए जाने पर आश्चर्य और नाराजगी जताई. कहा कि कायस्थ जाति इतनी भी कम नहीं है कि सरकार उसे दरकिनार या कमजोर दिखाएं. अकेले पाटलिपुत्र और पटना साहिब लोकसभा के दस ऐसे विधानसभा क्षेत्र हैं, जहां कायस्थ जाति निर्णायक भूमिका निभाता हैI इसके अतिरिक्त सभी जिला और अनुमंडल केन्द्रों पर कायस्थ मतदाता निर्णायक भूमिका में है. जिसका असर अगले चुनावों में स्पष्ट दिखेगा .</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/10/d9672934-3094-443a-9d6a-bc204416a45f-650x433.jpg" alt="" class="wp-image-79729" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/10/d9672934-3094-443a-9d6a-bc204416a45f-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/d9672934-3094-443a-9d6a-bc204416a45f-350x233.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/d9672934-3094-443a-9d6a-bc204416a45f-768x512.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/d9672934-3094-443a-9d6a-bc204416a45f.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>आरके सिन्हा ने कहा कि प्रदेश के हर जिले के लगभग विधानसभा में कायस्थ जाति की संख्या ठीक-ठाक है. कई विधानसभा में तो कायस्थ जाति के जनप्रतिनिधि भी जीत कर आते हैं I ग्रामीण इलाके नरकटियागंज से रश्मि वर्मा, सिकटा से दिलीप वर्मा जैसे कई कायस्थ जाति के प्रतिनिधि हैं. सरकार द्वारा जो संख्या बताई जा रही है, उसका आधार ही गलत है. अकेले पटना में कायस्थों की आबादी 10 लाख से अधिक है. क्या बाकि जगहों पर कायस्थों की गिनती नहीं की गई है? उन्होंने कहा कि चित्रगुप्त पूजा में हमलोग अपनी ताकत को दिखाएंगे. बैठक में पटना की लगभग 75 पूजा समितियों के पदाधिकारी एवं सक्रिय सदस्यों के अतिरिक्त सुदामा प्रसाद सिन्हा, मनोज कुमार, आनंद प्रसाद, शैलेन्द्र नारायण सोनू, अमिताभ वर्मा, संजय कुमार, राजेश कुमार, अरुण कर्ण के साथ मंदिर कमिटी के सदस्य और पूजा समिति के सदस्य उपस्थित थे.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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			</item>
		<item>
		<title>शिक्षकों को जातीय गणना में शामिल होने का आदेश: के के पाठक</title>
		<link>https://www.patnanow.com/teachers-ordered-to-participate-in-caste-census-kk-pathak/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 02 Aug 2023 06:27:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACADEMIC]]></category>
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		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
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					<description><![CDATA[हर दिन बदलते आदेश से परेशान है बिहार के शिक्षक शिक्षकों को केवल जातीय जनगणना के कार्य में लगाया जाएसभी जिलों के डीएम को लिखा पत्र पटना: शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने अब एक नया फरमान जारी किया है. उन्होंने सभी जिलों के डीएम को पत्र लिखकर कहा है कि आज से जातीय गणना होने जा रही है जिसमें शिक्षक शामिल होंगे, लेकिन इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि स्कूलों में पठन पाठन का कार्य प्रभावित नहीं हो. सभी स्कूलों में शिक्षक रहने चाहिए. सभी जिलों के डीएम को लिखे गये पत्र में केके पाठक ने कहा है कि आज से जातीय जनगणना फिर से शुरू हो गई है. जनगणना कार्य में शिक्षकों को भी लगाया गया है. इसे लेकर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने सभी जिलाधिकारी को पत्र लिखा है. जिसमें यह कहा गया है कि जातीय जनगणना में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति करते समय इस बात का ध्यान रखा जाए कि कोइ भी स्कूल पूरी तरह शिक्षक विहीन न हो जाए. शिक्षकों को केवल जातीय जनगणना के कार्य में लगाया जाए अन्य कोई प्रशासनिक कार्य इनसे ना लिया जाए. बता दें कि इससे पहले केके पाठक ने आदेश दिया था कि गैर शैक्षणिक कार्यों में शिक्षक शामिल नहीं होंगे. लेकिन अब उन्होंने फिर नया फरमान जारी किया है जिसमें उन्होंने शिक्षकों के जातीय गणना में शामिल होने की बात कही है. यही नहीं सभी तरह के प्रशिक्षण को भी तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है. इस बारे [&#8230;]]]></description>
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<p><br><strong>हर दिन बदलते आदेश से परेशान है बिहार के शिक्षक </strong></p>



<p><strong>शिक्षकों को केवल जातीय जनगणना के कार्य में लगाया जाए</strong><br><strong>सभी जिलों के डीएम को लिखा पत्र</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="451" height="650" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/F2gT1uvXQAA_NcL-451x650.jpg" alt="" class="wp-image-76901" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/F2gT1uvXQAA_NcL-451x650.jpg 451w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/F2gT1uvXQAA_NcL-243x350.jpg 243w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/F2gT1uvXQAA_NcL-768x1106.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/F2gT1uvXQAA_NcL.jpg 889w" sizes="(max-width: 451px) 100vw, 451px" /></figure>



<p>पटना: शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने अब  एक नया फरमान जारी किया है. उन्होंने सभी जिलों के डीएम को पत्र लिखकर कहा है कि आज से जातीय गणना होने जा रही है जिसमें शिक्षक शामिल होंगे, लेकिन इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि स्कूलों में पठन पाठन का कार्य प्रभावित नहीं हो. सभी स्कूलों में शिक्षक रहने चाहिए. सभी जिलों के डीएम को लिखे गये पत्र में केके पाठक ने कहा है कि आज से जातीय जनगणना फिर से शुरू हो गई है. जनगणना कार्य में शिक्षकों को भी लगाया गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="326" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/ke-ke-pathak-650x326.png" alt="" class="wp-image-76898" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/ke-ke-pathak-650x326.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/ke-ke-pathak-350x175.png 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/ke-ke-pathak-768x385.png 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/ke-ke-pathak.png 998w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इसे लेकर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने सभी जिलाधिकारी को पत्र लिखा है. जिसमें यह कहा गया है कि जातीय जनगणना में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति करते समय इस बात का ध्यान रखा जाए कि कोइ भी स्कूल पूरी तरह शिक्षक विहीन न हो जाए. शिक्षकों को केवल जातीय जनगणना के कार्य में लगाया जाए अन्य कोई प्रशासनिक कार्य इनसे ना लिया जाए. बता दें कि इससे पहले केके पाठक ने आदेश दिया था कि गैर शैक्षणिक कार्यों में शिक्षक शामिल नहीं होंगे. लेकिन अब उन्होंने फिर नया फरमान जारी किया है जिसमें उन्होंने शिक्षकों के जातीय गणना में शामिल होने की बात कही है. यही नहीं सभी तरह के प्रशिक्षण को भी तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है. इस बारे में एससीईआरटी ने भी सभी संबंधित संस्थानों को निर्देश जारी किया है और सभी तरह के प्रशिक्षण को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का निर्देश दिया है.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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			</item>
		<item>
		<title>जातिगत गणना पर नीतीश सरकार की अपील हाईकोर्ट ने की मंजूर,9 मई को सुनवाई</title>
		<link>https://www.patnanow.com/high-court-approves-nitish-governments-appeal-on-caste-enumeration-hearing-on-may-9/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 06 May 2023 04:51:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना हाईकोर्ट में 9 मई कोअब होगी &#160;सुनवाई जातिगत गणना पर नीतीश सरकार की अपील हाई कोर्ट ने मंजूर कर ली है .जाति आधारित गणना पर सुनवाई के लिए पटना उच्च न्यायालय तैयार हो गया है. राज्य सरकार की याचिका पर अब 9 मई को सुनवाई होगी. गुरुवार को कोर्ट ने कास्ट सेंसस पर रोक लगाने के लिए अंतरिम आदेश जारी किया था. बिहार में जातीय जनगणना पर पटना हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगा रखी है. कोर्ट के इस फैसले से राज्य सरकार को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि इसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट बताया जा रहा है. कोर्ट से लगी रोक के बाद सरकार ने इस मामले पर तुरंत सुनवाई के लिए अपील की थी, जिसके बाद न्यायालय ने 9 मई की तारीख मुकर्रर की है. गुरुवार को पटना उच्च न्यायालय ने कास्ट सेंसस पर रोक लगाते हुए सुनवाई के लिए अगली तारीख 3 जुलाई तय की थी. जिसके बाद राज्य सरकार ने जातियों की गणना और आर्थिक सर्वेक्षण को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 3 जुलाई से पहले सुनवाई के लिए अपील की थी. जिस पर सुनवाई के लिए कोर्ट ने 9 मई को तारीख दी है.राज्य सरकार ने कोर्ट से की अपील: बिहार सरकार ने पटना हाईकोर्ट में जो याचिका दी है, उसमें कहा गया है, &#8216;क्योंकि पटना उच्च न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य सरकार के पास जाति आधारित गणना कराने का वैधानिक अधिकार नहीं है. लिहाजा 3 जुलाई को उस पर सुनवाई करने का कोई कारण नहीं है. ऐसे में जनहित [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



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<p><strong>पटना हाईकोर्ट में 9 मई कोअब होगी &nbsp;सुनवाई</strong></p>



<p>जातिगत गणना पर नीतीश सरकार की अपील हाई कोर्ट ने मंजूर कर ली है .जाति आधारित गणना पर सुनवाई के लिए पटना उच्च न्यायालय तैयार हो गया है. राज्य सरकार की याचिका पर अब 9 मई को सुनवाई होगी. गुरुवार को कोर्ट ने कास्ट सेंसस पर रोक लगाने के लिए अंतरिम आदेश जारी किया था. बिहार में जातीय जनगणना पर पटना हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगा रखी है. कोर्ट के इस फैसले से राज्य सरकार को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि इसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट बताया जा रहा है. कोर्ट से लगी रोक के बाद सरकार ने इस मामले पर तुरंत सुनवाई के लिए अपील की थी, जिसके बाद न्यायालय ने 9 मई की तारीख मुकर्रर की है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/pnc-jati-ganana-caste-census-second-phase.jpg" alt="" class="wp-image-73543" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/pnc-jati-ganana-caste-census-second-phase.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/04/pnc-jati-ganana-caste-census-second-phase-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>गुरुवार को पटना उच्च न्यायालय ने कास्ट सेंसस पर रोक लगाते हुए सुनवाई के लिए अगली तारीख 3 जुलाई तय की थी. जिसके बाद राज्य सरकार ने जातियों की गणना और आर्थिक सर्वेक्षण को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 3 जुलाई से पहले सुनवाई के लिए अपील की थी. जिस पर सुनवाई के लिए कोर्ट ने 9 मई को तारीख दी है.राज्य सरकार ने कोर्ट से की अपील: बिहार सरकार ने पटना हाईकोर्ट में जो याचिका दी है, उसमें कहा गया है, &#8216;क्योंकि पटना उच्च न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य सरकार के पास जाति आधारित गणना कराने का वैधानिक अधिकार नहीं है. लिहाजा 3 जुलाई को उस पर सुनवाई करने का कोई कारण नहीं है. ऐसे में जनहित याचिकाओं में उठाए गए मुद्दों पर 3 जुलाई के पहले ही अदालत को निष्पादन कर देना चाहिए.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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			</item>
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		<title>बिहार में जातीय जनगणना पर रोक</title>
		<link>https://www.patnanow.com/ban-on-caste-census-in-bihar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 04 May 2023 09:58:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[जाति पूछकर जन कल्याण संभव है क्या? सरकार को &#8216;हाई&#8217; झटका नीतीश सरकार को पटना हाईकोर्ट ने दिया बड़ा झटका हाईकोर्ट ने गुरुवार को बिहार में जातीय गणना पर रोक लगाने का आदेश जारी किया पटना हाईकोर्ट ने नीतीश सरकार को बड़ा झटका दिया है. हाईकोर्ट ने जातीय जनगणना पर अंतरिम रोक लगा दी है. हाई कोर्ट में पिछले 2 दिनों से इस पर सुनवाई हो रही थी और आज गुरुवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है. जातीय जनगणना को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाई कोर्ट से तीन दिन में सुनवाई के बाद अंतरिम आदेश देने को कहा था. हाई कोर्ट में बिहार सरकार की ओर से महाधिवक्ता पीके शाही अपनी दलीलें पेश कर रहे थे. हाईकोर्ट ने कहा है कि इस मामले में अगली सुनवाई 3 जुलाई को होगी, तब तक कोई डेटा सामने नहीं लाया जाएगा. बताया जा रहा है कि 3 जुलाई को हाई कोर्ट में डिटेल में सुनवाई होगी. देखना यह होगा कि कोर्ट 3 जुलाई की सुनवाई के बाद क्या फैसला देता है. जातीय जनगणना के खिलाफ दायर याचिका में कहा गया था कि लोगों की जाति के साथ-साथ उनके काम और उनकी योग्यता के बारे में भी पूछा जा रहा है, जो गोपनीयता के अधिकार का उल्लंघन है. याचिका में दलील दी गई है कि राज्य सरकार को जातीगत जनगणना कराने का संवैधानिक अधिकार ही नहीं है और इस पर 500 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान टैक्स पेयर्स के पैसे की बर्बादी है.&#160;पटना [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p></p>



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<p><strong>जाति पूछकर जन कल्याण संभव है क्या? सरकार को &#8216;हाई&#8217; झटका</strong></p>



<p><strong>नीतीश सरकार को पटना हाईकोर्ट ने दिया बड़ा झटका</strong></p>



<p><strong> हाईकोर्ट ने गुरुवार को बिहार में जातीय गणना पर रोक लगाने का आदेश जारी किया</strong></p>



<p></p>



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<p>पटना हाईकोर्ट ने नीतीश सरकार को बड़ा झटका दिया है. हाईकोर्ट ने जातीय जनगणना पर अंतरिम रोक लगा दी है. हाई कोर्ट में पिछले 2 दिनों से इस पर सुनवाई हो रही थी और आज गुरुवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है. जातीय जनगणना को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाई कोर्ट से तीन दिन में सुनवाई के बाद अंतरिम आदेश देने को कहा था. हाई कोर्ट में बिहार सरकार की ओर से महाधिवक्ता पीके शाही अपनी दलीलें पेश कर रहे थे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="347" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/जातिगत.png" alt="" class="wp-image-73950" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/जातिगत.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/जातिगत-350x187.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



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<p>हाईकोर्ट ने कहा है कि इस मामले में अगली सुनवाई 3 जुलाई को होगी, तब तक कोई डेटा सामने नहीं लाया जाएगा. बताया जा रहा है कि 3 जुलाई को हाई कोर्ट में डिटेल में सुनवाई होगी. देखना यह होगा कि कोर्ट 3 जुलाई की सुनवाई के बाद क्या फैसला देता है.</p>



<p>जातीय जनगणना के खिलाफ दायर याचिका में कहा गया था कि लोगों की जाति के साथ-साथ उनके काम और उनकी योग्यता के बारे में भी पूछा जा रहा है, जो गोपनीयता के अधिकार का उल्लंघन है. याचिका में दलील दी गई है कि राज्य सरकार को जातीगत जनगणना कराने का संवैधानिक अधिकार ही नहीं है और इस पर 500 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान टैक्स पेयर्स के पैसे की बर्बादी है.&nbsp;पटना हाई कोर्ट ने बिहार सरकार से पूछा था कि जातीय जनगणना कराना राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में है या नहीं. इसका मकसद क्या है और क्या इसे लेकर कोई कानून बनाया गया है. </p>



<p>आर्थिक सर्वे कराना क्या कानूनी बाध्यता है. इन सब सवालों के जवाब में बिहार सरकार की ओर से महाधिवक्ता पीके शाही ने कहा था, जातीय जनगणना जन कल्याण की योजनाओं के लिए कराई जा रही है, ताकि गरीबों के लिए नीतियां बनाने में आसानी हो सके. बिहार में जातीय जनगणना का काम जनवरी 2023 में शुरू हुआ था और दूसरे चरण का काम 15 अप्रैल से शुरू होकर 15 मई तक खत्म होना है. पहले चरण में मकानों की गिनती हुई थी. </p>
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		<title>जातिगत जनगणना पर केंद्र की &#8216;ना&#8217;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/cast-census-center-said-no/</link>
		
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		<pubDate>Fri, 24 Sep 2021 18:34:11 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जातिगत जनगणना पर केंद्र ने कहा&#8221; ना&#8221; नीतीश की अगली चाल पर है सबकी नजर बिहार में शुरू हुआ सियासी ड्रामा नई दिल्ली: केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट को बता दिया है कि वो जातिगत जनगणना नहीं करा सकती अब नीतीश कुमार के सामने चुनौतियां बढ़ गई है ।बिहार के कई दलों में प्रधानमंत्री से जातिगत जनगणना कराने की मांग की थी लेकिन आज केंद्र सरकार ने इस मांग पर साफ साफ कह दिया कि सरकार ये जनगणना नहीं कर सकती । अब नीतीश कुमार पर सीधा दवाब बढ़ गया है विपक्षी पार्टियों ने अब मुख्यमंत्री से गठबंधन छोड़ने की मांग करने लगे हैं ।जातिगत जनगणना को लेकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी स्थिती स्पष्ट कर दी है. केन्द्र सरकार किसी भी हालत में जातिगत जनगणना कराने की स्थिती में नहीं हैं.]]></description>
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<p><strong>जातिगत जनगणना पर केंद्र ने कहा&#8221; ना&#8221;</strong></p>



<p><strong>नीतीश की अगली चाल पर है सबकी नजर</strong></p>



<p><strong>बिहार में शुरू हुआ सियासी ड्रामा </strong></p>



<p><br><br>नई दिल्ली: केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट को बता दिया है कि वो जातिगत जनगणना नहीं करा सकती अब नीतीश कुमार के सामने चुनौतियां बढ़ गई है ।बिहार के कई दलों में प्रधानमंत्री से जातिगत जनगणना कराने की मांग की थी लेकिन आज केंद्र सरकार ने इस मांग पर साफ साफ कह दिया कि सरकार ये जनगणना नहीं कर सकती । अब नीतीश कुमार पर सीधा दवाब बढ़ गया है विपक्षी पार्टियों ने अब मुख्यमंत्री से गठबंधन छोड़ने की मांग करने लगे हैं ।<br>जातिगत जनगणना को लेकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी स्थिती स्पष्ट कर दी है. केन्द्र सरकार किसी भी हालत में जातिगत जनगणना कराने की स्थिती में नहीं हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="340" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/12/patna-now-tejaswi-blasts-at-nitish-kumar.png" alt="" class="wp-image-42682" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/12/patna-now-tejaswi-blasts-at-nitish-kumar.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/12/patna-now-tejaswi-blasts-at-nitish-kumar-350x183.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption><strong>नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव की फ़ाइल फोटो </strong></figcaption></figure>



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