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	<title>bspcb &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<description>Patna News Portal - हर ख़बर पर नज़र</description>
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	<title>bspcb &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>होलिका दहन पर रखें ध्यान, प्लास्टिक, टायर या रबर आदि जलाना पड़ सकता है भारी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/holika-dahan-restrictions/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Feb 2026 15:35:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
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					<description><![CDATA[प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जारी की चेतावनी पटना।। होली पर्व के पूर्व होलिका दहन की परंपरा है. इसे लेकर बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी किया है. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कहा है कि होलिका दहन सामग्री में अति-प्रदूषणकारी पदार्थों यथा- पुराने टायर, रबर, प्लास्टिक, जला हुआ मोबिल थर्मोकोल तथा अन्य कचरे आदि जलाने पर हानिकारक प्रदूषकों का उत्सर्जन हो सकता है. ऐसे वायु प्रदूषण के प्रति जन-सामान्य में चेतना अभिवर्धित करने के उद्देश्य से दिनांक 27 फरवरी, 2026 से 01 मार्च 2026 तक राज्य के निम्नांकित जिलों में नुक्कड़-नाटक के प्रदर्शन द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा हैः- पटना, 2. गया, 3. मुजफ्फरपुर, 4. हाजीपुर, 5. भागलपुर, 6. बेगूसराय, 7. सिवान, 8.पूर्णियाँ, 9. बिहारशरीफ, 10. बक्सर एवं 11. मुंगेर इन शहरों में प्रतिदिन 4 भिन्न स्थलों पर नुक्कड़-नाटक का प्रदर्शन कराया जा रहा है जो कुल तीन दिनों तक चलाया जायेगा. इस प्रकार राज्य के 11 जिलों में तीन दिनों में कुल 156 भिन्न स्थलों पर नुक्कड़-नाटक का प्रदर्शन कराया जायेगा.आज राज्य के 11 जिलों में कुल 52 भिन्न स्थलों पर नुक्कड़-नाटक कराया गया. pncb]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जारी की चेतावनी </strong></p>



<p>पटना।। होली पर्व के पूर्व होलिका दहन की परंपरा है. इसे लेकर बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी किया है. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कहा है कि होलिका दहन सामग्री में अति-प्रदूषणकारी पदार्थों यथा- पुराने टायर, रबर, प्लास्टिक, जला हुआ मोबिल थर्मोकोल तथा अन्य कचरे आदि जलाने पर हानिकारक प्रदूषकों का उत्सर्जन हो सकता है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="325" src="https://www.patnanow.com/assets/2018/03/Holika_Dahan_2015_Holi-810x405-650x325.jpg" alt="" class="wp-image-31031" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2018/03/Holika_Dahan_2015_Holi-810x405.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2018/03/Holika_Dahan_2015_Holi-810x405-350x175.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>ऐसे वायु प्रदूषण के प्रति जन-सामान्य में चेतना अभिवर्धित करने के उद्देश्य से दिनांक 27 फरवरी, 2026 से 01 मार्च 2026 तक राज्य के निम्नांकित जिलों में नुक्कड़-नाटक के प्रदर्शन द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा हैः-</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="828" height="572" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-holika-nukkad-natak.jpg" alt="" class="wp-image-95318" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-holika-nukkad-natak.jpg 828w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-holika-nukkad-natak-650x449.jpg 650w" sizes="(max-width: 828px) 100vw, 828px" /></figure>



<p>पटना, 2. गया, 3. मुजफ्फरपुर, 4. हाजीपुर, 5. भागलपुर, 6. बेगूसराय, 7. सिवान, 8.पूर्णियाँ, 9. बिहारशरीफ, 10. बक्सर एवं 11. मुंगेर</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="666" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-nukkad-natak-in-school-on-holika-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95319" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-nukkad-natak-in-school-on-holika-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-nukkad-natak-in-school-on-holika-650x423.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इन शहरों में प्रतिदिन 4 भिन्न स्थलों पर नुक्कड़-नाटक का प्रदर्शन कराया जा रहा है जो कुल तीन दिनों तक चलाया जायेगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-school-awareness-by-bspcb-on-holika-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95320" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-school-awareness-by-bspcb-on-holika-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-school-awareness-by-bspcb-on-holika-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-school-awareness-by-bspcb-on-holika-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस प्रकार राज्य के 11 जिलों में तीन दिनों में कुल 156 भिन्न स्थलों पर नुक्कड़-नाटक का प्रदर्शन कराया जायेगा.<br>आज राज्य के 11 जिलों में कुल 52 भिन्न स्थलों पर नुक्कड़-नाटक कराया गया. </p>



<ol class="wp-block-list"></ol>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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			</item>
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		<title>&#8216;सही दिशा में है ओजोन परत की रिकवरी&#8217;, वैश्विक प्रयासों का हो रहा असर</title>
		<link>https://www.patnanow.com/ozone-day-special/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 16 Sep 2025 16:31:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[bspcb]]></category>
		<category><![CDATA[Ozone day]]></category>
		<category><![CDATA[Ozone layer]]></category>
		<category><![CDATA[POLLUTION CONTROL BOARD]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। मंगलवार 16 सितंबर को &#8220;आजोन स्तर के परिरक्षण का अन्तर्राष्ट्रीय दिवस&#8221; (International Day for the Preservation of OZONE LAYER) है. पृथ्वी के समतापमंडल (Stratosphere) में स्थित &#8216;आजोन परत&#8217; जो सूर्य से पृथ्वी पर आने वाली घातक पराबैगनी किरणों को रोकती है, के परिरक्षण हेतु विश्व भर में जागरूकता अभियान चलाया जाता है. इस वर्ष ओजोन दिवस के अवसर पर दिया गया थीम है:- &#8220;From Science to Global Action&#8221;. बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा इस अवसर पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया. संगोष्ठी में डॉ. डी. के. शुक्ला, अध्यक्ष, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षदः सदस्य सचिव नीरज नारायण, भा.व.से. एवं पर्षद के सभी वैज्ञानिक एवं अभियंतागण सहित अन्य लोगों ने भाग लिया. इस संगोष्ठी के माध्यम से ओजोन परत एवं इसके संरक्षण हेतु व्यक्तिगत स्तर पर किये जाने वाले व्यवहारिक बातों से अवगत कराया गया. दिसम्बर, 1994 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में लिए गये निर्णय के आलोक में प्रतिवर्ष 16 सितम्बर को &#8220;International Day for Preservation of Ozone Layer&#8221; के रूप में मनाते हैं. इस दिवस को &#8220;विश्व ओजोन दिवस&#8221; भी कहते हैं. पर्षद के वैज्ञानिक सलाहकार, एस.एन. जायसवाल द्वारा &#8220;विश्व ओजोन दिवस&#8221; पर एक व्याख्यान दिया गया. उन्होंने ओजोन दिवस, 2025 के थीम &#8220;From Science to Global Action&#8221; की पृष्ठभूमि में वैज्ञानिकी शोध, ओजोन परत एवं इसके विघटन करने वाले पदार्थों एवं इसके चरणबद्ध तरीकों से हटाने से संबंधित वैश्विक एवं राष्ट्रीय स्तर पर किये गये प्रयासों के संबंध में जानकारी दी गयी. उन्होंने बताया कि मांट्रियल प्रोटोकाल जो एक अन्तर्राष्ट्रीय संधि है, के आलोक में केन्द्र [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना।। मंगलवार 16 सितंबर को &#8220;आजोन स्तर के परिरक्षण का अन्तर्राष्ट्रीय दिवस&#8221; (International Day for the Preservation of OZONE LAYER) है. पृथ्वी के समतापमंडल (Stratosphere) में स्थित &#8216;आजोन परत&#8217; जो सूर्य से पृथ्वी पर आने वाली घातक पराबैगनी किरणों को रोकती है, के परिरक्षण हेतु विश्व भर में जागरूकता अभियान चलाया जाता है. इस वर्ष ओजोन दिवस के अवसर पर दिया गया थीम है:- &#8220;From Science to Global Action&#8221;.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="300" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/04/pnc-Bihar-Pollution-control-Board-BPCB-pAtna.jpg" alt="" class="wp-image-45016" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/04/pnc-Bihar-Pollution-control-Board-BPCB-pAtna.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2020/04/pnc-Bihar-Pollution-control-Board-BPCB-pAtna-350x162.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा इस अवसर पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया. संगोष्ठी में डॉ. डी. के. शुक्ला, अध्यक्ष, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षदः सदस्य सचिव नीरज नारायण, भा.व.से. एवं पर्षद के सभी वैज्ञानिक एवं अभियंतागण सहित अन्य लोगों ने भाग लिया. इस संगोष्ठी के माध्यम से ओजोन परत एवं इसके संरक्षण हेतु व्यक्तिगत स्तर पर किये जाने वाले व्यवहारिक बातों से अवगत कराया गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="633" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/09/1000396055-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-92023" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/09/1000396055-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/09/1000396055-650x402.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>दिसम्बर, 1994 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में लिए गये निर्णय के आलोक में प्रतिवर्ष 16 सितम्बर को &#8220;International Day for Preservation of Ozone Layer&#8221; के रूप में मनाते हैं. इस दिवस को &#8220;विश्व ओजोन दिवस&#8221; भी कहते हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="682" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-amba-dandiya-ad-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91987" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-amba-dandiya-ad-scaled.jpg 682w, https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-amba-dandiya-ad-433x650.jpg 433w" sizes="auto, (max-width: 682px) 100vw, 682px" /></figure>



<p>पर्षद के वैज्ञानिक सलाहकार, एस.एन. जायसवाल द्वारा &#8220;विश्व ओजोन दिवस&#8221; पर एक व्याख्यान दिया गया. उन्होंने ओजोन दिवस, 2025 के थीम &#8220;From Science to Global Action&#8221; की पृष्ठभूमि में वैज्ञानिकी शोध, ओजोन परत एवं इसके विघटन करने वाले पदार्थों एवं इसके चरणबद्ध तरीकों से हटाने से संबंधित वैश्विक एवं राष्ट्रीय स्तर पर किये गये प्रयासों के संबंध में जानकारी दी गयी. उन्होंने बताया कि मांट्रियल प्रोटोकाल जो एक अन्तर्राष्ट्रीय संधि है, के आलोक में केन्द्र सरकार द्वारा &#8220;The Ozone Depleting Substances (Regulation and Control) Rules, 2000&#8221; अधिसूचित किया गया है. इस नियमावली के द्वारा आजोन क्षयकारी पदार्थों (ODS) का उत्पादन, निर्यात, बिक्रय, आयात आदि को विनियमित किया गया है. मांट्रियल प्रोटोकाल के विभिन्न संशोधन के आलोक में इस अधिसूचना में भी प्रसांगिक संशोधन किये गये हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="600" height="337" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/11/pollu.jpeg" alt="" class="wp-image-68304" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/11/pollu.jpeg 600w, https://www.patnanow.com/assets/2022/11/pollu-350x197.jpeg 350w" sizes="auto, (max-width: 600px) 100vw, 600px" /></figure>



<p>राज्य पर्षद् के वैज्ञानिक सलाहकार एस.एन. जायसवाल ने अपने सम्बोधन में बताया कि पृथ्वी ही एक ऐसा ग्रह है, जहाँ जीवन यापन हेतु पर्याप्त वायु, जल एवं भोज्य सामग्रियाँ उपलब्ध है. मानव द्वारा प्राकृतिक संसाधनों के अविवेकपूर्ण उपयोग के कारण विभिन्न पर्यावरणीय चुनौतियाँ हमारे सामने आ रही है.</p>



<p>उन्होंने वायुमंडल के विभिन्न स्तरों ट्रोपोस्फियर, स्ट्रेटोस्फियर, मेसोस्फियर, थर्मोस्फियर, एक्सोस्फियर आदि की चर्चा करते हुए बताया कि मानवीय गतिविधियों के कारण ट्रोपोस्फियर में भी पराबैगनी किरणों के विकिरण से क्लोरोफ्लोरो कार्बन (CFC) के विघटन से ओजोन के लाखों अणुओं का क्षय हो जाता है. अतः इसके कारणों को रोकने का प्रयास करना होगा.</p>



<p><strong>सही दिशा में है ओजोन परत की रिकवरी </strong></p>



<p>उन्होंने यह भी बताया कि मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर वैज्ञानिक सामुदायिक पैनल के नवीनतम अपडेट ने पुष्टि की है कि ओजोन परत की रिकवरी सही दिशा में है और अंटार्कटिका में ओजोन का स्तर लगभग 2066 तक 1980 के स्तर पर, आर्कटिक में लगभग 2045 तक और वैश्विक औसत के अनुसार लगभग 2040 तक वापस आने की उम्मीद है.</p>



<p>परिचर्चा में पर्षद के वैज्ञानिक डॉ. नवीन कुमार, अरूण कुमार, नलिनी मोहन सिंह एवं डॉ रचना सिंह ने भी भाग लिया.</p>



<p><strong>pncb</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के बारे में जानेंगे बच्चे, लोगों को करेंगे जागरूक</title>
		<link>https://www.patnanow.com/quiz-and-painting-competition/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 16 May 2025 13:37:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[bspcb]]></category>
		<category><![CDATA[Environment]]></category>
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		<category><![CDATA[Quiz competition]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद् द्वारा राज्य के विद्यालयों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं में पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण के प्रति जागरूकता अभिवर्धित करने के उद्देश्य से 17 मई, 2025 को ज्ञान भवन, पटना में प्रातः 09ः30 बजे से संध्या 06 बजे तक कई कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं. (क) स्थल चित्रकारी प्रतियोगिता-प्रातः 09ः30 बजे से 10ः30 बजे तक वर्ग 01 से 10 तक के छात्र-छात्राओं के लिए. इस प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु राज्य से 1350 से अधिक छात्र-छात्राओं द्वारा निबंधन कराया गया है.पाँच वर्गों में विभक्त इस प्रतियोगिता में वर्ग 01,02,03,04 एवं 05 के अन्तर्गत क्रमशः कक्षा 01 एवं 02; कक्षा 03 एवं 04; कक्षा 05 एवं 06; कक्षा 07 एवं 08 तथा कक्षा 09 एवं 10 के प्रतिभागी भाग लेंगे.(ख) निबंध लेखन प्रतियोगिता-पूर्वाहनः 11ः30 बजे से मध्याह्न 12ः00 बजे तक वर्ग 09 से 10 तक तथा वर्ग 11 एवं 12 के छात्र-छात्राओं के लिए.प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मीडिया कंसल्टेंट वीरेंद्र कुमार ने बताया कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए राज्य के 500 से अधिक छात्र-छात्राओं ने अपना निबंधन कराया है. लेख का विषय प्रतियोगिता स्थल पर ही घोषित किया जायेगा. 300 शब्दों के लेख को प्रतिभागी छात्र हिन्दी अथवा अंग्रेजी भाषा में लिख सकते हैं.(ग) क्विज प्रतियोगितायह प्रतियोगिता वर्ग 09 से 12 तक के छात्र-छात्राओं के लिए होगी. यह प्रतियोगिता अपराह्न 02ः00 बजे से संध्या 06 बजे तक चलेगी. इस प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु राज्य में करीब 250 प्रतिभागियों ने निबंधन कराया है. क्विज प्रतियोगिता का संचालन मशहूर क्विज मास्टर वेंक्टेश श्रीनिवासन, [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना।। बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद् द्वारा राज्य के विद्यालयों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं में पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण के प्रति जागरूकता अभिवर्धित करने के उद्देश्य से 17 मई, 2025 को ज्ञान भवन, पटना में प्रातः 09ः30 बजे से संध्या 06 बजे तक कई कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="300" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/04/pnc-Bihar-Pollution-control-Board-BPCB-pAtna.jpg" alt="" class="wp-image-45016" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/04/pnc-Bihar-Pollution-control-Board-BPCB-pAtna.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2020/04/pnc-Bihar-Pollution-control-Board-BPCB-pAtna-350x162.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>(क) स्थल चित्रकारी प्रतियोगिता-<br>प्रातः 09ः30 बजे से 10ः30 बजे तक वर्ग 01 से 10 तक के छात्र-छात्राओं के लिए. इस प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु राज्य से 1350 से अधिक छात्र-छात्राओं द्वारा निबंधन कराया गया है.<br>पाँच वर्गों में विभक्त इस प्रतियोगिता में वर्ग 01,02,03,04 एवं 05 के अन्तर्गत क्रमशः कक्षा 01 एवं 02; कक्षा 03 एवं 04; कक्षा 05 एवं 06; कक्षा 07 एवं 08 तथा कक्षा 09 एवं 10 के प्रतिभागी भाग लेंगे.<br>(ख) निबंध लेखन प्रतियोगिता-<br>पूर्वाहनः 11ः30 बजे से मध्याह्न 12ः00 बजे तक वर्ग 09 से 10 तक तथा वर्ग 11 एवं 12 के छात्र-छात्राओं के लिए.<br>प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मीडिया कंसल्टेंट वीरेंद्र कुमार ने बताया कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए राज्य के 500 से अधिक छात्र-छात्राओं ने अपना निबंधन कराया है. लेख का विषय प्रतियोगिता स्थल पर ही घोषित किया जायेगा. 300 शब्दों के लेख को प्रतिभागी छात्र हिन्दी अथवा अंग्रेजी भाषा में लिख सकते हैं.<br>(ग) क्विज प्रतियोगिता<br>यह प्रतियोगिता वर्ग 09 से 12 तक के छात्र-छात्राओं के लिए होगी. यह प्रतियोगिता अपराह्न 02ः00 बजे से संध्या 06 बजे तक चलेगी. इस प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु राज्य में करीब 250 प्रतिभागियों ने निबंधन कराया है. क्विज प्रतियोगिता का संचालन मशहूर क्विज मास्टर वेंक्टेश श्रीनिवासन, बेगलुरू द्वारा किया जायेगा.  प्रारंभ में 30 प्रश्नों में सर्वाधिक सही उत्तर देने वाले प्रतिभागी ही अगले चरणों की प्रतियोगिता में भाग ले सकेंगे. क्विज प्रतियोगिता में सर्वोत्तम अंक लाने वाले तीन प्रतिभागियों को क्रमशः प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार से पुरस्कृत किया जायेगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="300" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/04/PNC-GYAN-BHAWAN-BAPU-SABHAGAR-PATNA.jpg" alt="" class="wp-image-44006" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/04/PNC-GYAN-BHAWAN-BAPU-SABHAGAR-PATNA.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2020/04/PNC-GYAN-BHAWAN-BAPU-SABHAGAR-PATNA-350x162.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>स्थल चित्रकारी व निबंध लेखन प्रतियोगिता में प्राप्त चित्रांकन तथा लेख के मूल्यांकन के पश्चात प्रत्येक वर्ग से सर्वोत्तम चित्रकारी / निबंध लिखने वाले तीन-तीन प्रतिभागियों को क्रमशः प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय पुरस्कार से पुरस्कृत किया जायेगा. सभी पुरस्कार विश्व पर्यावरण दिवस 05 जून, 2025 के अवसर पर ज्ञान भवन, पटना में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में प्रदान किये जायेंगे.<br>सफल घोषित प्रतिभागियों का नाम राज्य पर्षद् की वेबसाईट-<a href="https://bspcb.bihar.gov.in/">https://bspcb.bihar.gov.in/</a> पर प्रदर्शित किया जायेगा.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पर्यावरण मंत्री ने की प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के कार्यों की समीक्षा</title>
		<link>https://www.patnanow.com/prem-kumar-review-meeting/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 30 Nov 2024 17:03:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[bspcb]]></category>
		<category><![CDATA[POLLUTION CONTROL BOARD]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। पर्यावरण मंत्री प्रेम कुमार ने शनिवार को अरण्य भवन स्थित कार्यालय कक्ष में बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद से सम्बन्धित विषयों पर समीक्षात्मक बैठक की. बैठक में बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किये गये प्रयास की जानकारी दी गई. पेट्रोलियम आउटलेट (पेट्रोल पम्प सीएनजी एवं बायोडीजल को सहमति से मुक्त किया गया है. बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा गंगा नदी के 34 स्थली इसकी सहायक नदियों/तालाबों के 70 एवं भू-गर्भीय जल के 70 स्थलों का विस्तृत विश्लेषण किया जाता है. गंगा एवं इसकी सहायक नदियों के जल में जीवाणुओं की संख्या को छोड़कर सभी पारामीटर यथा डी.ओ, बी.ओ.डी. मानक के अधीन पाया गया है. राज्य सरकार की ओर से बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के सहयोग से Climate Resilient and Low Carbon Development Pathway विकसित करने हेतु एक अध्ययन किया जा रहा है. बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा एक विशेष वायु प्रयोगशाला भवन का निर्माण पाटलिपुत्रा औद्योगिक क्षेत्र, पटना में किया जा रहा है. पर्षद द्वारा सहमति / प्राधिकार आवेदनों का निष्पादन जनवरी 2016 से ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से ही किया जा रहा है। इकाइयों द्वारा सूचनाओं का आदान-प्रदान भी ऑनलाइन प्रणाली के माध्यन से ही किया जा रहा है तथा स्वत नवीकरण (Auto-renewal) की व्यवस्था भी बनायी गयी है. बिहार राज्य जलवायु परिवर्तन कार्य योजना (SAPCC) वर्ष 2004-2030 तैयार कर State Level Steering Committee का अनुमोदन प्राप्त किया गया है. मंत्री ने बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा प्रदूषण नियंत्रण [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना।। पर्यावरण मंत्री प्रेम कुमार ने शनिवार को अरण्य भवन स्थित कार्यालय कक्ष में बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद से सम्बन्धित विषयों पर समीक्षात्मक बैठक की. बैठक में बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किये गये प्रयास की जानकारी दी गई.</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद एक वैधानिक नियामक संस्था है. इसकी स्थापना जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 की धारा-4 के अन्तर्गत राज्य सरकार द्वारा 07 नवम्बर, 1974 में की गयी।</li>



<li>राज्य में वायु प्रदूषण के अनुश्रवण हेतु &#8220;अनवरत परिवेशीय वायु गुणवत्ता प्रबोधन केन्द्र&#8221; का विस्तार किया गया है। वर्तमान में राज्य के 23 जिलों में कुल 35 अनवरत परिवेशीय वायु गुणवत्ता प्रबोधन केन्द्र स्थापित किये गये हैं.</li>



<li>पटना, मुजफ्फरपुर एवं गया शहरों में वायु प्रदूषण के निवारण एवं नियंत्रण हेतु कार्य-योजना तैयार की गई है एवं इसका क्रियान्वयन एवं अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है.</li>



<li>पूरे राज्य में पुरानी तकनीक पर आधारित सभी ईंट-भ‌ट्ठों को स्वच्छतर तकनीक में परिवर्तित कराया जा रहा है.</li>



<li>बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा बनारस हिन्दु विश्वविद्यालय के साथ पटना शहर में वायु प्रदूषण के स्रोतों, उत्सर्जन सूची (Emission Inventory) स्रोत विभाजन अध्ययन (Source Apportionment Study) एवं क्षमता अध्ययन (Carrying Capacity) का आधुनिक तकनीकों से अध्ययन करने हेतु एक समझौता किया गया है.</li>



<li>आई.आई.टी. कानपुर द्वारा स्वदेशी प्रौद्योगिकी का उपयोग करके ग्रामीण क्षेत्रों में बिहार के सभी 38 जिलों के 534 शहरी/अर्द्ध-शहरी/ग्रामीण प्रखंडों में सूक्ष्म वायु गुणवत्ता निगरानी सेंसर के माध्यम से वायु गुणवत्ता मापने के लिए 03 वर्ष के कार्यक्रम की शुरुआत की गयी है.</li>



<li>राज्य पर्षद द्वारा वैसे क्षेत्र जहां पर तेल कम्पनियों द्वारा स्वच्छतर ईधन यथा-सी.एन.जी/पी. एन. जी. की आपूर्ति नेटवर्क विकसित की जा चुकी है, वहाँ के औद्योगिक इकाइयों में इंधन के रूप में फर्नेस ऑयल, कोयला एवं लकड़ी का उपयोग किसी भी रूप में (भूगी को छोड़कर) प्रतिबंधित कर दिया गया है.</li>
</ul>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="494" height="448" src="https://www.patnanow.com/assets/2016/10/07bhrpollutioncontrol_195858.jpg" alt="" class="wp-image-3889" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2016/10/07bhrpollutioncontrol_195858.jpg 494w, https://www.patnanow.com/assets/2016/10/07bhrpollutioncontrol_195858-350x317.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 494px) 100vw, 494px" /></figure>



<p>पेट्रोलियम आउटलेट (पेट्रोल पम्प सीएनजी एवं बायोडीजल को सहमति से मुक्त किया गया है. बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा गंगा नदी के 34 स्थली इसकी सहायक नदियों/तालाबों के 70 एवं भू-गर्भीय जल के 70 स्थलों का विस्तृत विश्लेषण किया जाता है. गंगा एवं इसकी सहायक नदियों के जल में जीवाणुओं की संख्या को छोड़कर सभी पारामीटर यथा डी.ओ, बी.ओ.डी. मानक के अधीन पाया गया है. राज्य सरकार की ओर से बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के सहयोग से Climate Resilient and Low Carbon Development Pathway विकसित करने हेतु एक अध्ययन किया जा रहा है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="300" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/05/pnc-Bihar-Pollution-control-Board-BPCB-pAtna.jpg" alt="" class="wp-image-45079" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/05/pnc-Bihar-Pollution-control-Board-BPCB-pAtna.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2020/05/pnc-Bihar-Pollution-control-Board-BPCB-pAtna-350x162.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा एक विशेष वायु प्रयोगशाला भवन का निर्माण पाटलिपुत्रा औद्योगिक क्षेत्र, पटना में किया जा रहा है. पर्षद द्वारा सहमति / प्राधिकार आवेदनों का निष्पादन जनवरी 2016 से ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से ही किया जा रहा है। इकाइयों द्वारा सूचनाओं का आदान-प्रदान भी ऑनलाइन प्रणाली के माध्यन से ही किया जा रहा है तथा स्वत नवीकरण (Auto-renewal) की व्यवस्था भी बनायी गयी है. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="418" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/02/pnc-pollution-chart-parivesh-bhawan-air-pollution.jpg" alt="" class="wp-image-50757" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/02/pnc-pollution-chart-parivesh-bhawan-air-pollution.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/02/pnc-pollution-chart-parivesh-bhawan-air-pollution-350x225.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>बिहार राज्य जलवायु परिवर्तन कार्य योजना (SAPCC) वर्ष 2004-2030 तैयार कर State Level Steering Committee का अनुमोदन प्राप्त किया गया है.</p>



<p>मंत्री ने बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किये गये प्रयास की सराहना की एवं लंबित कार्यों को ससमय पूर्ण कराने का निदेश दिया. साथ ही राज्य के मुख्य शहरों यथा-पटना गया एवं मुजफरपुर के वायु गुणवत्ता सूचकांक का लगातार अनुश्रवण कराते हुये मानक अनुरूप रखने हेतु सभी आवश्यक कार्य करने का निदेश दिया गया. मंत्री ने हाजीपुर शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत अधिक पाया जिसके नियंत्रण हेतु यथाशीघ्र कार्रवाई करने का निदेश दिया.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बिहार में ई वेस्ट मैनेजमेंट का जिम्मा एमएसटीसी को</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bspcb-mou-with-mstc/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 20 Jun 2024 16:46:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[bspcb]]></category>
		<category><![CDATA[E waste]]></category>
		<category><![CDATA[Mstc]]></category>
		<category><![CDATA[POLLUTION CONTROL BOARD]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। ई. अपशिष्ट (प्रबंधन) नियमावली, 2022 के तहत इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के अपशिष्ट / कचरा का पर्यावरणीय दृष्टिकोण से सुदृढ प्रबंधन एवं निपटान हेतु बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा इस्पात मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन गठित एक केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम एम०. एस०. टी०.सी०. लिमिटेड, पटना के साथ आज दिनांक 20.06.2024 को एक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया है. समझौता ज्ञापन पर राज्य पर्षद की ओर से सदस्य सचिव, एस. चन्द्रशेखर, तथा एस.एम.टी.पी. लिमिटेड की ओर से मलय मंडल, उप-महाप्रबंधक द्वारा हस्ताक्षर किया गया. इसके तहत बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद् के मुख्यालय, पटना एवं क्षेत्रीय कार्यालयों में भण्डारित ई. अपशिष्टों को एस.एस.टी.सी. के माध्यम से नीलामी एवं इनका उठाव किये जाने की स्वीकृति राज्य पर्षद द्वारा दी गयी है. इस प्रक्रिया के दौरान राज्य पर्षद् में जमा सभी ई. अपशिष्टों का निपटान सुनिश्चित किया गया है. मलय मंडल द्वारा यह सूचित किया गया कि ऐसा ही समझौता वित्त विभाग, बिहार सरकार के साथ भी पूर्व में किया गया है. राज्य में ई. अपशिष्ट के निपटान का यह एक पहला कदम है जिसके तहत सर्वश्री एम. एस.टी.सी. लिमिटेड के सहयोग से विभिन्न सरकारी निजी कार्यालयों में जमा ई. अपशिष्ट का निपटान हो पायेगा. pncb]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना।। ई. अपशिष्ट (प्रबंधन) नियमावली, 2022 के तहत इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के अपशिष्ट / कचरा का पर्यावरणीय दृष्टिकोण से सुदृढ प्रबंधन एवं निपटान हेतु बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा इस्पात मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन गठित एक केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम एम०. एस०. टी०.सी०. लिमिटेड, पटना के साथ आज दिनांक 20.06.2024 को एक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया है. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="744" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/1000216903-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-84974" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/1000216903-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/06/1000216903-650x472.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>समझौता ज्ञापन पर राज्य पर्षद की ओर से सदस्य सचिव,  एस. चन्द्रशेखर, तथा एस.एम.टी.पी. लिमिटेड की ओर से मलय मंडल, उप-महाप्रबंधक द्वारा हस्ताक्षर किया गया.</p>



<p>इसके तहत बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद् के मुख्यालय, पटना एवं क्षेत्रीय कार्यालयों में भण्डारित ई. अपशिष्टों को एस.एस.टी.सी. के माध्यम से नीलामी एवं इनका उठाव किये जाने की स्वीकृति राज्य पर्षद द्वारा दी गयी है.</p>



<p>इस प्रक्रिया के दौरान राज्य पर्षद् में जमा सभी ई. अपशिष्टों का निपटान सुनिश्चित किया गया है. मलय मंडल द्वारा यह सूचित किया गया कि ऐसा ही समझौता वित्त विभाग, बिहार सरकार के साथ भी पूर्व में किया गया है. राज्य में ई. अपशिष्ट के निपटान का यह एक पहला कदम है जिसके तहत सर्वश्री एम. एस.टी.सी. लिमिटेड के सहयोग से विभिन्न सरकारी निजी कार्यालयों में जमा ई. अपशिष्ट का निपटान हो पायेगा.</p>



<p><em><strong>pncb</strong></em></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जैव विविधता दिवस पर प्रदूषण के कारकों पर हुई चर्चा</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bspcb-pollution-workshop/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 22 May 2024 18:49:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bio diversity]]></category>
		<category><![CDATA[bspcb]]></category>
		<category><![CDATA[pollution]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=84335</guid>

					<description><![CDATA[पटना ।। बुधवार को जैव-विविधता का अन्तर्राष्ट्रीय दिवस मनाया गया. जैव-विविधता से परिपूर्ण इस राज्य में जैव-विविधता की रक्षा करना सभी का दायित्व है. इस अवसर पर बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा प्रत्येक माह आयोजित किये जाने वाले वैज्ञानिक व्याख्यान सह-परस्पर संवादात्मक श्रृंखला की 23 वीं कड़ी में डॉ. डी.के. शुक्ला, अध्यक्ष, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा &#8220;जैव-विविधता और पर्यावरणीय प्रदूषण नियंत्रण बिहार में अनिवार्यता और संभावनाएँ&#8221; (Biodiversity and Control &#38; Mitigation of Environmental Pollution &#8211; Scope &#38; Opportunities in Bihar) विषय पर अपना सारगर्भित व्याख्यान दिया गया. डॉ. शुक्ला ने अपने सम्बोधन में बताया कि हमारे वनों में जैव विविधता का खजाना भरा पड़ा है.वैश्विक तापमान में वृद्धि से जंगलों में आग लगने की घटना में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है. बिहार राज्य में भी जैव-विविधता से परिपूर्ण कई वन हैं जिन्हें तापमान में वृद्धि के कारण आग से रक्षा हेतु एक रणनीति बनाने की आवश्यकता है. अग्नि प्रभावित वनों में जल व मृदा संरक्षण हेतु अग्नि शमन योजना बनाकर इस पर अमल किया जाना चाहिए. इस हेतु ड्रोन की सहायता से वायुमंडलीय आद्रता के सेंसरों से, नासा से प्राप्त सेटेलाईट डाटा से ऐसे अग्नि की घटनाओं का ब्यौरा प्राप्त कर इसके व्यवस्थित व स-समय शमन उपायों की योजना बनाये जाने की तत्काल आवश्यकता है. उन्होंने बताया कि संयुक्त वन प्रबंधन समिति तथा इको डेवलपमेंट समिति के सहयोग से वनों की अग्नि पर काबू पाया जा सकता है. उन्होंने बिहार राज्य को वन-अग्नि मुक्त राज्य बनाने हेतु प्रयास किये जाने की आवश्यकता बताई. उन्होंने अपने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना ।। बुधवार को जैव-विविधता का अन्तर्राष्ट्रीय दिवस मनाया गया. जैव-विविधता से परिपूर्ण इस राज्य में जैव-विविधता की रक्षा करना सभी का दायित्व है.</p>



<p>इस अवसर पर बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा प्रत्येक माह आयोजित किये जाने वाले वैज्ञानिक व्याख्यान सह-परस्पर संवादात्मक श्रृंखला की 23 वीं कड़ी में डॉ. डी.के. शुक्ला, अध्यक्ष, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा &#8220;जैव-विविधता और पर्यावरणीय प्रदूषण नियंत्रण बिहार में अनिवार्यता और संभावनाएँ&#8221; (Biodiversity and Control &amp; Mitigation of Environmental Pollution &#8211; Scope &amp; Opportunities in Bihar) विषय पर अपना सारगर्भित व्याख्यान दिया गया. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/05/PNC-bspcb-pollution-meeting-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-84333" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/05/PNC-bspcb-pollution-meeting-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/05/PNC-bspcb-pollution-meeting-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/05/PNC-bspcb-pollution-meeting-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>डॉ. शुक्ला ने अपने सम्बोधन में बताया कि हमारे वनों में जैव विविधता का खजाना भरा पड़ा है.वैश्विक तापमान में वृद्धि से जंगलों में आग लगने की घटना में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है. बिहार राज्य में भी जैव-विविधता से परिपूर्ण कई वन हैं जिन्हें तापमान में वृद्धि के कारण आग से रक्षा हेतु एक रणनीति बनाने की आवश्यकता है. अग्नि प्रभावित वनों में जल व मृदा संरक्षण हेतु अग्नि शमन योजना बनाकर इस पर अमल किया जाना चाहिए. इस हेतु ड्रोन की सहायता से वायुमंडलीय आद्रता के सेंसरों से, नासा से प्राप्त सेटेलाईट डाटा से ऐसे अग्नि की घटनाओं का ब्यौरा प्राप्त कर इसके व्यवस्थित व स-समय शमन उपायों की योजना बनाये जाने की तत्काल आवश्यकता है. उन्होंने बताया कि संयुक्त वन प्रबंधन समिति तथा इको डेवलपमेंट समिति के सहयोग से वनों की अग्नि पर काबू पाया जा सकता है. उन्होंने बिहार राज्य को वन-अग्नि मुक्त राज्य बनाने हेतु प्रयास किये जाने की आवश्यकता बताई.</p>



<p>उन्होंने अपने संबोधन में बताया कि जैव-विविधता, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन एक दूसरे से जुड़े हुए हैं. जलवायु परिवर्तन और प्राकृतवास के नुकसान के कारण जैव-विविधता पर आ रहा खतरा आज एक वैश्विक समस्या है. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="864" height="688" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/05/PNC-bspcb-pollution-control-meeting.jpg" alt="" class="wp-image-84332" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/05/PNC-bspcb-pollution-control-meeting.jpg 864w, https://www.patnanow.com/assets/2024/05/PNC-bspcb-pollution-control-meeting-650x518.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 864px) 100vw, 864px" /></figure>



<p>पर्यावरणीय प्रदूषण के कारकों में कार्बन डाईऑक्साइड, अमोनिया, ओजोन PM2.5 एवं PM10 के अतिरिक्त सल्फर डायक्साइड एवं जलवाष्प भी शामिल हैं. हलांकि सल्फर डायऑक्साइड एक ग्रीन हाउस गैस नहीं है, पर एक खास एयरोसोल से जुड़कर यह भी ग्रीन हाउस गैस का प्रभाव डालते हैं. पृथ्वी को गर्म करने में जलवाष्प की भी भूमिका है. राज्य में नदियों एवं अन्य जल स्रोतों के प्रमुख प्रदूषकों में फीकल कॉलीफार्म की सांद्रता प्रमुख है. जल स्रोतों में नाइट्रोजन एवं फास्फोरस की बढ़ती मात्रा एक गंभीर समस्या है जिसके कारण कुल इलाकों में कुल जल समिति (Water bodies) विलुप्त होने की कगार पर है, आज माइक्रोप्लास्टिक की गिनती एक प्रबल प्रदूषकों में की जा रही है. यह हमारे भोजन श्रृंखला में शामिल होकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का प्रमुख कारक बन सकता है.</p>



<p>राज्य पर्षद की पहल पर केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा पर्यावरण में माइक्रो प्लास्टिक पर अध्ययन कराने व भोजन श्रृंखला में इसकी मात्रा निर्धारित कराने हेतु राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षदों को इसकी जिम्मेवारी देने हेतु सहमति प्रदान की गई है.</p>



<p>इसके अतिरिक्त अर्सेनिक लेड, कैडमियम जैसी भारी धातुएं भी हमारे भोजन श्रंखला में आ रही हैं जो एक गंभीर समस्या का विषय है. मृदा प्रदूषण भी एक समस्या के रूप में सामने आ रहा है इसके माध्यम से भी हमारे भोजन श्रृंखला में रासायनिक खाद, कीटनाशक, थैलेट्स आदि शामिल हो रहे है. डॉ. शुक्ला ने राज्य में आम, जामुन, पीपल, शीशम की प्रजातियों पर राज्य की मृदा के संदर्भ में चर्चा करते हुए बताया कि इनकी कई प्रजातियां के संरक्षण पर सरकार संवेदनशील एवं क्रियाशील है.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पटना में शुरू हुआ देश का पहला क्लाइमेट चेंज लर्निंग लैब</title>
		<link>https://www.patnanow.com/climate-change-learning-lab-udghatan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 17 Jul 2022 17:38:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[bspcb]]></category>
		<category><![CDATA[Climate change learning lab]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA ZOO]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=64531</guid>

					<description><![CDATA[देशभर में जलवायु परिवर्तन पर हो रहे प्रयासों में बिहार ने एकबार फिर सबसे आगे बढ़कर पहला क्लाइमेट चेंज लर्निंग लैब स्थापित किया है. पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान में देश के ऐसे पहले लैब का उद्घाटन पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री नीरज कुमार सिंह ने किया. जलवायु परिवर्तन पर सन् 2015 में हुए परिस समझौता परियोजना के कार्यान्वयन के सहत देश के 4 राज्यों हरियाणा, गुजरात, केरल एवं बिहार में जलवायु परिवर्तन अध्ययन प्रयोगशाला (Climate Change [Learning Lab) की स्थापना की जानी थी. पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान परिसर के गेट संख्या 2 के समीप स्थित Z00 EDUCATIONAL HALL&#8221; में यूरोपियन यूनियन एवं जर्मनी की एक संस्था 617 द्वारा देश का पहला जलवायु परिवर्तन के संबंध में सीखने की प्रयोगशाला (Climate Change Learning (Laboratory) स्थापित की गई है, जिसका उ‌द्घाटन मंत्री, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, बिहार नीरज कुमार सिंह द्वारा किया गया. यह प्रयोगशाला जलवायु परिवर्तन के विभिन्न पहलुओं पर दृश्य-श्रव्य (Audio Visual) मीडिया के साथ आम जनता को विशेष कर स्कूली बच्चों को आकर्षित करेगा तथा जागरूक करेगा यह सुविधा बिहार में पहली बार स्थापित किया गया है. उ‌द्घाटन समारोह को सम्बोधित करते हुए मंत्री, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, बिहार नीरज कुमार सिंह ने कहा कि जलवायु में परिवर्तन होना न सिर्फ बिहार के लिए बल्कि पूरे विश्व के लिए चिन्ता का विषय है बिहार एक गरीब राज्य जरूर है पर यह एक जागरूक राज्य है. जलवायु परिवर्तन की आहट सुनते ही राज्य में जल-जीवन-हरियाली कार्यक्रम का प्रारंभ होना इसका बेहतर उदाहरण है. [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>देशभर में जलवायु परिवर्तन पर हो रहे प्रयासों में बिहार ने एकबार फिर सबसे आगे बढ़कर पहला क्लाइमेट चेंज लर्निंग लैब स्थापित किया है. पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान में देश के ऐसे पहले लैब का उद्घाटन पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री नीरज कुमार सिंह ने किया.</p>



<p>जलवायु परिवर्तन पर सन् 2015 में हुए परिस समझौता परियोजना के कार्यान्वयन के सहत देश के 4 राज्यों हरियाणा, गुजरात, केरल एवं बिहार में जलवायु परिवर्तन अध्ययन प्रयोगशाला (Climate Change [Learning Lab) की स्थापना की जानी थी. पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान परिसर के गेट संख्या 2 के समीप स्थित Z00 EDUCATIONAL HALL&#8221; में यूरोपियन यूनियन एवं जर्मनी की एक संस्था 617 द्वारा देश का पहला जलवायु परिवर्तन के संबंध में सीखने की प्रयोगशाला (Climate Change Learning (Laboratory) स्थापित की गई है, जिसका उ‌द्घाटन मंत्री, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, बिहार  नीरज कुमार सिंह द्वारा किया गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="426" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/pnc-inauguration-of-climate-change-learning-lab.jpg" alt="" class="wp-image-64539" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/pnc-inauguration-of-climate-change-learning-lab.jpg 426w, https://www.patnanow.com/assets/2022/07/pnc-inauguration-of-climate-change-learning-lab-249x350.jpg 249w" sizes="auto, (max-width: 426px) 100vw, 426px" /></figure>



<p>यह प्रयोगशाला जलवायु परिवर्तन के विभिन्न पहलुओं पर दृश्य-श्रव्य (Audio Visual) मीडिया के साथ आम जनता को विशेष कर स्कूली बच्चों को आकर्षित करेगा तथा जागरूक करेगा यह सुविधा बिहार में पहली बार स्थापित किया गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/pnc-mantri-neeraj-kumar-singh.jpg" alt="" class="wp-image-64542" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/pnc-mantri-neeraj-kumar-singh.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/07/pnc-mantri-neeraj-kumar-singh-350x263.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>उ‌द्घाटन समारोह को सम्बोधित करते हुए मंत्री, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, बिहार नीरज कुमार सिंह ने कहा कि जलवायु में परिवर्तन होना न सिर्फ बिहार के लिए बल्कि पूरे विश्व के लिए चिन्ता का विषय है बिहार एक गरीब राज्य जरूर है पर यह एक जागरूक राज्य है. जलवायु परिवर्तन की आहट सुनते ही राज्य में जल-जीवन-हरियाली कार्यक्रम का प्रारंभ होना इसका बेहतर उदाहरण है. उन्होंने इस सुविधा की स्थापना का वर्णन करते हुए बताया कि इसमें कई कठिनाइयां आई पर अंततः यह स्थापित हुआ. इसके लिए उन्होने यूरोपियन यूनियन, जर्मनी सरकार जर्मनी की संस्था जी.आई.जेड को कोटिश धन्यवाद दिया. उन्होंने बताया कि जलवायु परिवर्तन के बारे में हमे जानना क्यों जरूरी है? इसके क्या दुस्प्रभाव है? इससे कैसे बचा जा सकता है? यह सब हम यहा सौख सकते हैं हम यह जान सकते हैं कि हम कहां दोषी है, हमें कहां सुधारना है इस अपनी आदतों में परिवर्तन लाकर व्यक्तिगत स्तर पर इसके दुष्प्रभावों को कम करने का प्रयास कर सकते हैं। इस अवसर पर डॉ. अशोक कुमार घोष, अध्यक्ष, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद् अपने संबोधन में कड़ा कि देश के अन्य राज्यों की तुलना में बिहार जलवायु परिवर्तन से ज्यादा ही प्रभावित राज्य है. जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटने हेतु जन-जन को सहयोग की जरूरत है. बिहान एक कृषि आधारित राज्य है. ऐसे में जलवायु परिवर्तन के कारण अतिवृष्टि अनावृष्टि से राज्य की अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इस बारे में जागरूकता प्रभावी होगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="403" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/pnc-climate-change-learning-lab-opening.jpg" alt="" class="wp-image-64541" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/pnc-climate-change-learning-lab-opening.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/07/pnc-climate-change-learning-lab-opening-350x217.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>उद्घाटन समारोह को सम्बोधित करते हुए प्रधान सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार सरकार  अरविन्द कुमार चौधरी, म.प्र. में राज्य में देश के पहले जलवायु परिवर्तन के संबंध में सीखने की प्रयोगशाला की स्थापन पर हर्ष व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि सन् 2040 तक राज्य में शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया जाए. उन्होंने बताया कि जल निकाय कार्बन को सोखने का बेहतर विकल्प है। जलवायु परिवर्तन का विषय अय अखबारों में पढ़ने तक सीमित नहीं रहा, अब लोग इसे महसूस भी कर रहे हैं. लंबे समय तक वर्षा का न होना और अचानक महीनों की वर्षा के बराबर वर्षापात हो जाए यही तो है जलवायु परिवर्तन का दुष्प्रभाव! इस सुविधा के बेहतर उपयोग से प्रभावी रूप से जागृति लाई जा सकेगी.</p>



<p>जी.आई.जेड (भारत) के वरीय सलाहकार  जय कुमार गौरव ने बताया कि जलवायु परिवर्तन पर सन् 2015 में हुए पेरिस समझौता परियोजना के तहत बिहार में देश का पहला जलवायु परिवर्तन लर्निंग लैब की स्थापना की गई है. उन्होंने कहा कि राज्य के लोग इससे सीख प्राप्त कर जलवायु परिवर्तन की चुनीतियों से निपटने हेतु व्यक्तिगत स्तर पारिवारिक स्तर तथा सामाजिक स्तर पर पहल कर पायेंगे. उन्होंने बताया कि राज्य में यूरोपियन यूनियन के सहयोग से अपशिष्ट प्रबंधन पर भी कार्य किया जाना प्रस्तावित है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="450" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/pnc-dr-ashok-ghosh-chairman-bspcb.jpg" alt="" class="wp-image-64540" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/pnc-dr-ashok-ghosh-chairman-bspcb.jpg 450w, https://www.patnanow.com/assets/2022/07/pnc-dr-ashok-ghosh-chairman-bspcb-263x350.jpg 263w" sizes="auto, (max-width: 450px) 100vw, 450px" /></figure>



<p>उद्घाटन कार्यक्रम में ऑनलाईन जुड़े भारत में यूरोपियन यूनियन संघ के प्रतिनिधि मंडल के प्रथम कांउसलर  एडविन कोएक्कोएक ने अपने संबोधन में बिहार में जलवायु परिवर्तन के संबंध में सीखने की प्रयोगशाला की स्थापना पर हर्ष व्यक्त किया. इस कार्यक्रम में विडियो संवाद से जुड़े भारत में यूरोपियन यूनियन के राजदूत महामहिम यूगो एस्टुटो ने बताया कि यूरोपियन यूनियन 27 सदस्य राष्ट्रों के सहयोग से कार्बन उत्सर्जन में कटौती पर कार्यरत है.</p>



<p>उद्घाटन कार्यक्रम में ऑनलाईन जुडी पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार की उप-सचिव  रूचिका दाल ने बताया किया जलवायु परिवर्तन एक वैश्विक के साथ राष्ट्रीय चुनौती है. उन्होंने आशा व्यक्त किया कि राज्य के •जागरूक नागरिक, छात्र-छात्राएं इस सीखने की प्रयोगशाला से जलवायु परिवर्तन की गूढ बातों को समझकर अपने स्तर से अनुकूलन हेतु उचित प्रयास करेंगे.</p>



<p>उद्घाटन समारोह में जुओलाजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय निदेशक विहार, डॉ. गोपाल शर्मा, निदेशक पारिस्थितिकी, बिहार सुरेन्द्र सिंह मुख्य वन्य प्राणी प्रतिपालक, बिहार  पी.के.गुप्ता निर्देशक संजय गांधी जैविक उद्यान पटना  सत्यजीत आईजेड (भारत) के सलाहकार एवं राज्य समन्वयक  उत्तम कुमार के अतिरिक्त बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के वरीय अधिकारीगण उपस्थित थे.</p>



<p>उद्घाटन समारोह में उपस्थित गणमान्य अतिथियों का स्वागत तथा समारोह के समापन पर सभी का धन्यवाद ज्ञापन बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद् के सदस्य सचिव एस. चन्द्रशेखर. भा.व.से. द्वारा किया गया.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>बिहार की इन बड़ी औद्योगिक इकाइयों को नोटिस</title>
		<link>https://www.patnanow.com/pollution-control-board-notice/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 26 Apr 2018 14:21:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार में बायो मेडिकल वेस्ट का सही ढंग से प्रबंधन नहीं करने के कारण अबतक 2038 HCF (Health Care Facility) को नोटिस जारी किया गया है। साथ ही पटना के सहयोग अस्पताल को इसी कारण से Proposed Closure Direction जारी किया गया है। बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्राण पर्षद् द्वारा माह अप्रैल के दौरान अब तक ऐसी 177 इकाईयों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया है। जिसकी सुनवाई प्रक्रिया में है। इसमें ब्रिक क्लिन की 163 इकाई, राइस मिल की 8 के अतिरिक्त टोबैको इकाई,  हॉट मिक्स प्लान्ट एवं तेल मिल की एक-एक इकाई आदि हैं। इसी तरह गत दिनों बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्राण पर्षद् द्वारा कुल 8 इकाईयों को ‘‘Proposed Closure Direction” जारी किया गया है जिनमें 2 चीनी मिलें, 2 बॉयो-फ्यूल इकाइयां, चावल मिल, फूड ऑयल की एक-एक इकाई इत्यादि हैं। चीनी मिलों में रीगा सुगर मिल, रीगा, सीतामढ़ी को मनुष्मारा नदी में बहिःस्राव करने के कारण जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्राणद्ध अधिनियम, 1974 की धरा 33ए के तहत निर्देश जारी करते हुए राज्य पर्षद् द्वारा इस मामले में रू 20 लाख की बैंक गारंटी जमा करायी गयी है ताकि भविष्य में पुनः जल प्रदूषण करते पाये जाने पर उक्त जमा राशि को जब्त की जा सके। मझौलिया चीनी मिल, मझौलिया, पश्चिमी चम्पारण एवं न्यू स्वदेशी चीनी मिल, नरकटियागंज, पश्चिमी चम्पारण को क्रमश: ‘कोहरा’ एवं ‘हरबोरा’ नदी को प्रदूषण करते पाये जाने के कारण उक्त अधिनियम के तहत ‘‘Proposed Closure Direction”  निर्गत करते हुए दोनों इकाईयों को रू 20 लाख की बैंक गारंटी जमा करने हेतु निर्देश जारी किया गया [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>बिहार में <strong>बायो मेडिकल वेस्ट</strong> का सही ढंग से प्रबंधन नहीं करने के कारण अबतक 2038 HCF (Health Care Facility) को नोटिस जारी किया गया है। साथ ही पटना के सहयोग अस्पताल को इसी कारण से Proposed Closure Direction जारी किया गया है। बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्राण पर्षद् द्वारा माह अप्रैल के दौरान अब तक ऐसी 177 इकाईयों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया है। जिसकी सुनवाई प्रक्रिया में है। इसमें ब्रिक क्लिन की 163 इकाई, राइस मिल की 8 के अतिरिक्त टोबैको इकाई,  हॉट मिक्स प्लान्ट एवं तेल मिल की एक-एक इकाई आदि हैं। इसी तरह गत दिनों बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्राण पर्षद् द्वारा कुल 8 इकाईयों को ‘‘Proposed Closure Direction” जारी किया गया है जिनमें 2 चीनी मिलें, 2 बॉयो-फ्यूल इकाइयां, चावल मिल, फूड ऑयल की एक-एक इकाई इत्यादि हैं।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-3889 alignright" src="http://www.patnanow.com/assets/2016/10/07bhrpollutioncontrol_195858-350x317.jpg" alt="" width="350" height="317" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2016/10/07bhrpollutioncontrol_195858-350x317.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2016/10/07bhrpollutioncontrol_195858.jpg 494w" sizes="auto, (max-width: 350px) 100vw, 350px" /></p>
<p>चीनी मिलों में रीगा सुगर मिल, रीगा, सीतामढ़ी को मनुष्मारा नदी में बहिःस्राव करने के कारण जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्राणद्ध अधिनियम, 1974 की धरा 33ए के तहत निर्देश जारी करते हुए राज्य पर्षद् द्वारा इस मामले में रू 20 लाख की बैंक गारंटी जमा करायी गयी है ताकि भविष्य में पुनः जल प्रदूषण करते पाये जाने पर उक्त जमा राशि को जब्त की जा सके। मझौलिया चीनी मिल, मझौलिया, पश्चिमी चम्पारण एवं न्यू स्वदेशी चीनी मिल, नरकटियागंज, पश्चिमी चम्पारण को क्रमश: ‘कोहरा’ एवं ‘हरबोरा’ नदी को प्रदूषण करते पाये जाने के कारण उक्त अधिनियम के तहत ‘‘Proposed Closure Direction”  निर्गत करते हुए दोनों इकाईयों को रू 20 लाख की बैंक गारंटी जमा करने हेतु निर्देश जारी किया गया है।</p>
<p>इसी प्रकार राज्य की दो बॉयो-फ्यूल इकाईयों क्रमश: HPCL, सुगौली, पूर्वी चम्पारण एवं HPCL लौरिया, पश्चिमी चम्पारण को भी ‘‘Proposed Closure Direction” जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त कुल 6 इकाईयों को बन्द करने करने हेतु निदेश ‘‘Closure Direction” जारी किया गया है। इसमें एक स्टोन क्रशर इकाई पवन स्टोन वर्क्स, टेहटा, जहानाबाद, दो अल्युमिनियम की इकाई क्रमश: अशोक मेटल एवं  लोहानी मेटल स्टोर, पटना सिटी को वायु अधिनियम की धारा 31ए के तहत इकाई को बन्द करने हेतु निदेश जारी किया गया है।</p>
<p>आपको बता दें कि बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्राण पर्षद् पर्यावरणीय अधिनियमों/नियमों की अवहेलना कर चलाये जा रहे उद्योगों पर कार्रवाई करता है। ऐसी कार्रवाई राज्य पर्षद् से सहमति प्राप्त किये बिना अवैध् रूप से संचालित इकाईयो पर की जाती है तथा उन इकाईयों पर भी की जाती है जो राज्य पर्षद् से सहमति प्राप्त कर संचालित होने के बावजूद प्रदूषण नियंत्राण के निर्धरित मापदंडो का अनुपालन नहीं करते हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<title>इस केन्द्र पर उद्यमियों को मिलेगी सारी जानकारी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bspcb-starts-suwidha-kendra/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[amitverma]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 23 Aug 2017 19:03:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[MONEY MATTERS]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[bihar pollution control board]]></category>
		<category><![CDATA[bspcb]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद्  ने पटना के परिवेश भवन में सुविधा केन्द्र की शुरुआत हो गई है. इसका उद्घाटन बुधवार को पर्यावरण एवं वन विभाग के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह ने किया. बता दें कि राज्य में उद्यमियों को विभिन्न पर्यावरणीय अधिनियमों/ नियमावलियों के तहत बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद् से सहमति/ प्राधिकार प्राप्त करना होता है. राज्य पर्षद् द्वारा सहमति/ प्राधिकार प्राप्त करने की प्रक्रिया गत 7 सितम्बर 2015 से ऑनलाइन कर दी गयी है जिसे ‘‘ऑनलाइन सहमति-प्रबंधन एवं अनुश्रवण प्रणाली’’ कहा जाता है. बिहार के उद्यमियों को इस नई प्रणाली के माध्यम से सहमति/प्राधिकार प्राप्त करने हेतु ऑनलाइन आवेदन एवं शुल्क जमा करने में हो रही कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए इस सुविधा केन्द्र की स्थापना की गई है. BSPCB के जनसंपर्क अधिकारी वीरेन्द्र कुमार ने बताया कि सुविधा केन्द्र के शुभारंभ के दौरान बिहार चैम्बर ऑफ कॉमर्स एवं इंडस्ट्री के एन के ठाकुर, अमित मुखर्जी और सुभाष पटवारी तथा बिहार उद्योग संघ के अध्यक्ष रामलाल खेतान समेत कई अन्य उद्यमी भी उपस्थित थे. इस अवसर पर बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद् के सदस्य-सचिव आलोक कुमार, पर्षद् के अधिरी एवं कर्मचारी उपस्थित थे. सुविधा केन्द्र पर मिलने वाली सुविधाएं- सुविधा केन्द्र प्रत्येक कार्य-दिवस को कार्यालय अवधि के दौरान कार्यरत रहेगा. उद्यमियों द्वारा सुविधा केन्द्र की सुविधा प्राप्त करने हेतु प्रति आवेदन रू0 1000/- मात्र शुल्क देय होगा. यह शुल्क सहमति आवेदनों एवं प्राधिकार आवेदन के लिए अलग-अलग देय होगा. शुल्क भुगतान की राशि के लिए सुविधा केन्द्र द्वारा भुगतान रसीद निर्गत किया जायेगा. यह भुगतान क्रेडिट [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद्  ने पटना के परिवेश भवन में सुविधा केन्द्र की शुरुआत हो गई है. इसका उद्घाटन बुधवार को पर्यावरण एवं वन विभाग के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह ने किया.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-22249" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/08/PNC-SUWIDHA-KENDRA-OPENING-BY-VIVEK-KUMAR-SINGH-BSPCB1-650x435.jpg" alt="" width="650" height="435" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/08/PNC-SUWIDHA-KENDRA-OPENING-BY-VIVEK-KUMAR-SINGH-BSPCB1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/08/PNC-SUWIDHA-KENDRA-OPENING-BY-VIVEK-KUMAR-SINGH-BSPCB1-225x150.jpg 225w, https://www.patnanow.com/assets/2017/08/PNC-SUWIDHA-KENDRA-OPENING-BY-VIVEK-KUMAR-SINGH-BSPCB1-350x234.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p>बता दें कि राज्य में उद्यमियों को विभिन्न पर्यावरणीय अधिनियमों/ नियमावलियों के तहत बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद् से सहमति/ प्राधिकार प्राप्त करना होता है. राज्य पर्षद् द्वारा सहमति/ प्राधिकार प्राप्त करने की प्रक्रिया गत 7 सितम्बर 2015 से ऑनलाइन कर दी गयी है जिसे ‘‘ऑनलाइन सहमति-प्रबंधन एवं अनुश्रवण प्रणाली’’ कहा जाता है. बिहार के उद्यमियों को इस नई प्रणाली के माध्यम से सहमति/प्राधिकार प्राप्त करने हेतु ऑनलाइन आवेदन एवं शुल्क जमा करने में हो रही कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए इस सुविधा केन्द्र की स्थापना की गई है.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-3889" src="http://www.patnanow.com/assets/2016/10/07bhrpollutioncontrol_195858.jpg" alt="" width="494" height="448" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2016/10/07bhrpollutioncontrol_195858.jpg 494w, https://www.patnanow.com/assets/2016/10/07bhrpollutioncontrol_195858-350x317.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 494px) 100vw, 494px" /></p>
<p>BSPCB के जनसंपर्क अधिकारी वीरेन्द्र कुमार ने बताया कि सुविधा केन्द्र के शुभारंभ के दौरान बिहार चैम्बर ऑफ कॉमर्स एवं इंडस्ट्री के एन के ठाकुर, अमित मुखर्जी और सुभाष पटवारी तथा बिहार उद्योग संघ के अध्यक्ष रामलाल खेतान समेत कई अन्य उद्यमी भी उपस्थित थे. इस अवसर पर बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद् के सदस्य-सचिव आलोक कुमार, पर्षद् के अधिरी एवं कर्मचारी उपस्थित थे.</p>
<p><strong>सुविधा केन्द्र</strong> पर मिलने वाली सुविधाएं-</p>
<ul>
<li>सुविधा केन्द्र प्रत्येक कार्य-दिवस को कार्यालय अवधि के दौरान कार्यरत रहेगा.</li>
<li>उद्यमियों द्वारा सुविधा केन्द्र की सुविधा प्राप्त करने हेतु प्रति आवेदन रू0 1000/- मात्र शुल्क देय होगा. यह शुल्क सहमति आवेदनों एवं प्राधिकार आवेदन के लिए अलग-अलग देय होगा. शुल्क भुगतान की राशि के लिए सुविधा केन्द्र द्वारा भुगतान रसीद निर्गत किया जायेगा. यह भुगतान क्रेडिट कार्ड/डेबिट कार्ड/ऑनलाइन बैंकिंग अथवा नगद के माध्यम से किया जा सकता है.</li>
<li>आवेदनों के ऑनलाइन समर्पण के लिए उद्यमियों को सभी वांछित जानकारी एवं आवश्यक दस्तावेजों की मूल प्रति सुवधि केन्द्र को उपलब्ध करानी होगी, जिसे स्कैन कर सुविधा केन्द्र द्वारा सिस्टम में अपलोड किया जायेगा एवं मूल प्रति आवेदक को वापस कर दी जायेगी.</li>
</ul>
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