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	<title>BSDMA &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>सीएम नीतीश ने की बाढ़ राहत और बचाव कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा</title>
		<link>https://www.patnanow.com/nitish-did-a-high-level-review-of-flood-relief-and-rescue-operations/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 13 Aug 2025 08:45:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[10 जिलों के 54 प्रखंडों की 348 पंचायतों में लगभग 25 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित 52,573 प्रभावित परिवारों के बीच 1,800 क्विंटल चावल और अन्य सामग्री वितरित हथुआ, पटना, सारण, वैशाली, छपरा, लखीसराय, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार जिले विशेष रूप से प्रभावित पटना, 13 अगस्त 2025मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज 1, अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए. उन्होंने राज्य की नदियों के जलस्तर की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली. बैठक में विकास आयुक्त और आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने मुख्यमंत्री को बाढ़ की स्थिति, नदियों के जलस्तर और प्रभावित जिलों की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अधिक वर्षा के कारण गंडक नदी के किनारे स्थित हथुआ, पटना, सारण, वैशाली, छपरा, लखीसराय, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार जिले विशेष रूप से प्रभावित हुए हैं. इन 10 जिलों के 54 प्रखंडों की 348 पंचायतों में लगभग 25 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित है.अब तक NDRF की 7 और SDRF की 9 टीमें राहत व बचाव कार्य में लगी हैं. 60 मोटरबोट और 1,233 नावों के जरिए कार्य जारी है.52,573 प्रभावित परिवारों के बीच 1,800 क्विंटल चावल और अन्य सामग्री वितरित की जा चुकी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ग्रस्त इलाकों में समुचित राहत, पुनर्वास और चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं. पशुओं के लिए चारा और पशुचिकित्सा की व्यवस्था की जाए. प्रभावित लोगों के बीच अनुग्रह अनुदान (GR) राशि [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>10 जिलों के 54 प्रखंडों की 348 पंचायतों में लगभग 25 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित</strong></p>



<p><strong>52,573 प्रभावित परिवारों के बीच 1,800 क्विंटल चावल और अन्य सामग्री वितरित</strong></p>



<p><strong>हथुआ, पटना, सारण, वैशाली, छपरा, लखीसराय, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार</strong> <strong>जिले विशेष रूप से प्रभावित </strong></p>



<p><strong>पटना, 13 अगस्त 2025</strong><br>मुख्यमंत्री<strong> नीतीश कुमार</strong> ने आज 1, अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए. उन्होंने राज्य की नदियों के जलस्तर की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="706" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/70153025-8da6-4543-baa2-ba690826c6a5-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91451" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/70153025-8da6-4543-baa2-ba690826c6a5-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/08/70153025-8da6-4543-baa2-ba690826c6a5-650x448.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बैठक में विकास आयुक्त और आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव <strong> प्रत्यय अमृत</strong> ने मुख्यमंत्री को बाढ़ की स्थिति, नदियों के जलस्तर और प्रभावित जिलों की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अधिक वर्षा के कारण गंडक नदी के किनारे स्थित <strong>हथुआ, </strong><strong>पटना, </strong><strong>सारण, </strong><strong>वैशाली, </strong><strong>छपरा, </strong><strong>लखीसराय, </strong><strong>मुंगेर, </strong><strong>खगड़िया, </strong><strong>भागलपुर और कटिहार</strong> जिले विशेष रूप से प्रभावित हुए हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="460" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/cb6f5271-4852-46c8-b2f2-7ae62f8faaf0-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91452" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/cb6f5271-4852-46c8-b2f2-7ae62f8faaf0-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/08/cb6f5271-4852-46c8-b2f2-7ae62f8faaf0-650x292.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इन 10 जिलों के 54 प्रखंडों की 348 पंचायतों में लगभग 25 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित है.<br>अब तक NDRF की 7 और SDRF की 9 टीमें राहत व बचाव कार्य में लगी हैं. 60 मोटरबोट और 1,233 नावों के जरिए कार्य जारी है.<br>52,573 प्रभावित परिवारों के बीच 1,800 क्विंटल चावल और अन्य सामग्री वितरित की जा चुकी है.</p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ग्रस्त इलाकों में समुचित राहत, पुनर्वास और चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं. पशुओं के लिए चारा और पशुचिकित्सा की व्यवस्था की जाए. प्रभावित लोगों के बीच अनुग्रह अनुदान (GR) राशि के त्वरित वितरण के लिए जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="581" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/606cd3ea-6e13-48e0-a2c5-ee2e6cbfaf3b-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91453" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/606cd3ea-6e13-48e0-a2c5-ee2e6cbfaf3b-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/08/606cd3ea-6e13-48e0-a2c5-ee2e6cbfaf3b-650x369.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बैठक में जल संसाधन विभाग, कृषि विभाग, सड़क निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग और ऊर्जा विभाग के सचिवों ने भी अपने-अपने विभागों से जुड़े राहत और बहाली कार्यों की जानकारी दी.<br>मुख्यमंत्री ने कहा कि नदियों के किनारे जलस्तर बढ़ने पर सरकार पूरी तरह सतर्क है और प्रभावित लोगों को हर संभव मदद तुरंत दी जाएगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="460" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/cb6f5271-4852-46c8-b2f2-7ae62f8faaf0-1-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91454" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/cb6f5271-4852-46c8-b2f2-7ae62f8faaf0-1-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/08/cb6f5271-4852-46c8-b2f2-7ae62f8faaf0-1-650x292.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>बाढ़ के कारण हुई फसल क्षति का त्वरित आकलन कर किसानों के बीच मुआवजा राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए.</li>



<li>सड़क और पुलों को हुए नुकसान की मरम्मत शीघ्र कराई जाए ताकि आवागमन में बाधा न हो.</li>



<li>SVI प्रक्रिया के अनुसार सभी राहत कार्य पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से किए जाएं.</li>
</ul>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>&#8216;बिहार का बाढ़ प्रबंधन मॉडल देश के लिए रोल मॉडल&#8217;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bihar-towards-productive-production-management-in-a-multi-disaster-state/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 07 Jul 2025 12:04:15 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[राज्य के 28 जिले बाढ़ प्रभावित की श्रेणी में आते हैं, जिनमें से 15 जिले अति प्रभावित माने जाते हैं. दीपक कुमार,वरीय शोध पदाधिकारी बिहार राज्य भौगोलिक, आर्थिक एवं सामाजिक रूप से एक बहुआपदा प्रवण क्षेत्र है. यदि केवल बाढ़ की बात करें, तो राज्य की लगभग 74% जनसंख्या और 73% क्षेत्रफल प्रतिवर्ष बाढ़ से प्रभावित होता है, जो कि देश के कुल बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का 17% है.बिहार की प्रमुख नदियाँ गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, कमला, भुतही बलान, महानंदा, मैची, अधवारा समूह की धाराएं और कोसी तिब्बत-नेपाल हिमालय से निकलकर तीव्र गति से बिहार के मैदानी इलाकों में प्रवेश करती हैं. इन नदियों के तटीय क्षेत्रों सहित गंगा नदी के किनारे बसे मध्य बिहार के बड़े हिस्से को हर वर्ष बाढ़ जैसी आपदा का सामना करना पड़ता है. वर्तमान में राज्य के 28 जिले बाढ़ प्रभावित की श्रेणी में आते हैं, जिनमें से 15 जिले अति प्रभावित माने जाते हैं. इतिहास में 1987, 2004, 2008, 2017 और 2021 की बाढ़ों ने विशेष रूप से व्यापक जन-धन की क्षति पहुँचाई है. 2008 की कोसी त्रासदी, जो कुसाहा तटबंध टूटने के कारण आई, को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय आपदा घोषित किया गया था. इस आपदा के पश्चात केंद्र सरकार के साथ-साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा राहत एवं पुनर्वास कार्यक्रम चलाए गए, जिनमें विश्व बैंक जैसी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही. प्रभावी बाढ़ प्रबंधन हेतु सरकार के प्रयास मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार ने बाढ़ जैसी आपदाओं से प्रभावी रूप से निपटने हेतु कई ठोस कदम उठाए हैं, [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>राज्य के 28 जिले बाढ़ प्रभावित की श्रेणी में आते हैं, जिनमें से 15 जिले अति प्रभावित माने जाते हैं.</strong></p>



<p><strong>दीपक कुमार,वरीय शोध पदाधिकारी </strong></p>



<p>बिहार राज्य भौगोलिक, आर्थिक एवं सामाजिक रूप से एक बहुआपदा प्रवण क्षेत्र है. यदि केवल बाढ़ की बात करें, तो राज्य की लगभग <strong>74% जनसंख्या</strong> और <strong>73% क्षेत्रफल</strong> प्रतिवर्ष बाढ़ से प्रभावित होता है, जो कि देश के कुल बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का <strong>17%</strong> है.बिहार की प्रमुख नदियाँ  <strong>गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, कमला, भुतही बलान, महानंदा, मैची, अधवारा समूह की धाराएं और कोसी</strong>  तिब्बत-नेपाल हिमालय से निकलकर तीव्र गति से बिहार के मैदानी इलाकों में प्रवेश करती हैं. इन नदियों के तटीय क्षेत्रों सहित गंगा नदी के किनारे बसे मध्य बिहार के बड़े हिस्से को हर वर्ष बाढ़ जैसी आपदा का सामना करना पड़ता है. वर्तमान में <strong>राज्य के 28 जिले बाढ़ प्रभावित</strong> की श्रेणी में आते हैं, जिनमें से <strong>15 जिले अति प्रभावित</strong> माने जाते हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="720" height="405" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar-floods-144910297-16x9_0.webp" alt="" class="wp-image-90985" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar-floods-144910297-16x9_0.webp 720w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar-floods-144910297-16x9_0-650x366.webp 650w" sizes="auto, (max-width: 720px) 100vw, 720px" /></figure>



<p>इतिहास में 1987, 2004, 2008, 2017 और 2021 की बाढ़ों ने विशेष रूप से व्यापक जन-धन की क्षति पहुँचाई है. <strong>2008 </strong><strong>की कोसी त्रासदी</strong>, जो कुसाहा तटबंध टूटने के कारण आई, को <strong>भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय आपदा</strong> घोषित किया गया था. इस आपदा के पश्चात केंद्र सरकार के साथ-साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा राहत एवं पुनर्वास कार्यक्रम चलाए गए, जिनमें <strong>विश्व बैंक</strong> जैसी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="517" height="347" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/deepak.png" alt="दीपक कुमार,वरीय शोध पदाधिकारी " class="wp-image-90986"/></figure>



<p><strong>प्रभावी बाढ़ प्रबंधन हेतु सरकार के प्रयास</strong><strong></strong></p>



<p><strong>मुख्यमंत्री  नीतीश कुमार</strong> के नेतृत्व में बिहार सरकार ने बाढ़ जैसी आपदाओं से प्रभावी रूप से निपटने हेतु कई ठोस कदम उठाए हैं, जिनमें प्रमुख हैं:</p>



<ul class="wp-block-list">
<li><strong>राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (</strong><strong>BSDMA)</strong> की स्थापना एवं आपदा प्रबंधन विभाग को सुदृढ़ बनाना</li>



<li><strong>अंतर-विभागीय समेकित कार्यक्रम</strong> का क्रियान्वयन एवं समन्वय</li>



<li><strong>राज्य आपदा मोचन बल (</strong><strong>SDRF)</strong> का गठन</li>



<li><strong>आपदा पूर्व सूचना प्रणाली</strong> को सशक्त बनाना</li>



<li>बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में <strong>आश्रय स्थलों</strong> का निर्माण</li>



<li><strong>ऊँचाई वाले सुरक्षित स्थानों</strong> पर पक्के मकानों के लिए योजनाओं का संचालन</li>



<li><strong>सात निश्चय कार्यक्रम</strong> के अंतर्गत बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना</li>



<li><strong>&#8216;</strong><strong>जीविका</strong><strong>&#8216; </strong><strong>परियोजना</strong> के अंतर्गत आजीविका संवर्धन</li>



<li><strong>प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों</strong> को आपदा के समय संचालन योग्य बनाना</li>



<li>तटबंधों का <strong>सुदृढ़ीकरण एवं रखरखाव</strong>, तथा <strong>स्थानीय निगरानी प्रणाली</strong> का सशक्तीकरण</li>
</ul>



<p><strong>जन-जागरूकता और प्रशिक्षण</strong><strong></strong></p>



<p>बाढ़ से निपटने हेतु नागरिकों की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है. इसी उद्देश्य से बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा <strong>जन-जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों</strong> का संचालन किया जा रहा है, जिनमें शामिल हैं:</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>बाढ़ के दौरान <strong>सुरक्षित स्थानों</strong> पर जाने की पूर्व तैयारी</li>



<li>प्रतिवर्ष <strong>बाढ़ पूर्व पखवाड़ा</strong> का आयोजन</li>



<li><strong>मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम</strong> के माध्यम से बच्चों को आपदा के प्रति संवेदनशील बनाना</li>



<li><strong>सुरक्षित तैराकी</strong> कार्यक्रम</li>



<li><strong>आपदा मित्रों</strong>, सामुदायिक स्वास्थ्य कर्मियों, एवं विभिन्न विभागों के कर्मचारियों का प्रशिक्षण</li>



<li><strong>स्थानीय कलाकारों</strong> द्वारा नुक्कड़ नाटक, लोकगीतों के माध्यम से संदेशों का प्रसार</li>



<li><strong>स्थानीय रेडियो</strong>, <strong>मोबाइल संदेश</strong>, <strong>लघु फिल्में</strong>, एवं <strong>होर्डिंग्स</strong> के माध्यम से जागरूकता</li>
</ul>



<p><strong>2024: </strong><strong>बिहार की बाढ़ प्रबंधन में ऐतिहासिक सफलता</strong><strong></strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="851" height="626" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar_-e1728024702748.png" alt="" class="wp-image-90987" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar_-e1728024702748.png 851w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar_-e1728024702748-650x478.png 650w" sizes="auto, (max-width: 851px) 100vw, 851px" /></figure>



<p>वर्ष 2024 में कोसी नदी में <strong>अब तक का सर्वाधिक जल प्रवाह दर्ज</strong> किया गया, जो कोसी बैराज की अधिकतम क्षमता के करीब पहुँच गया था. इसके बावजूद, <strong>किसी भी मानवीय जान का नुकसान नहीं हुआ</strong>, जो कि राज्य की <strong>पूर्व तैयारी</strong><strong>, </strong><strong>सूचना प्रसारण</strong><strong>, </strong><strong>जन-भागीदारी और प्रभावी समन्वय</strong> का परिणाम है.</p>



<p>यह उपलब्धि बिहार के लिए एक <strong>गौरवपूर्ण क्षण</strong> है और यह दर्शाता है कि राज्य अब बाढ़ जैसी आपदा से केवल जूझ नहीं रहा, बल्कि उस पर <strong>विजय प्राप्त कर रहा है</strong>. वर्तमान प्रणाली और प्रबंधन मॉडल को <strong>देश के लिए एक रोल मॉडल</strong> के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है.</p>



<p>pncdesk</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>प्राधिकरण बड़े पैमाने पर आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में कार्य कर रहा: एनडीएमए</title>
		<link>https://www.patnanow.com/the-authority-is-working-in-the-field-of-disaster-management-on-a-large-scale-ndma/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Jan 2025 04:41:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
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		<category><![CDATA[dr udaykant]]></category>
		<category><![CDATA[ndma]]></category>
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					<description><![CDATA[शिष्टमंडल प्राधिकरण द्वारा किए जा रहे बेहतर कार्यों की जानकारी एन.डी.एम.ए. के शीर्ष नेतृत्व को प्रदान करेगा इसरो, आई.आई.टी., टी.सी.एस. जैसे देश के लब्ध प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ बी.एस.डी.एम.ए. ने समझौता ज्ञापन किए हैं. आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में ए.आर., वी.आर., ए.आई., एम.एल. जैसी आधुनिकतम तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है-डॉ उदय कान्त दल में एन.डी.एम.ए. के सदस्य के ओ.एस.डी. विवेक जायसवाल, वरीय सलाहकार डा. रोनाल्ड देबबर्मा और अभिनव वालिया शामिल पटना,बिहार में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में हो रहे कार्यों एवं गतिविधियों की जानकारी लेने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एन.डी.एम.ए.) का तीन सदस्यीय दल तीन दिवसीय यात्रा पर बिहार पहुंचा. पहले दिन शिष्टमंडल ने सरदार पटेल भवन स्थित आपदा प्रबंधन विभाग के वरीय अधिकारियों से मुलाकात की. विभाग के कार्यों की जानकारी प्राप्त की. वहां से यह दल राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र पहुंचा और इसकी गतिविधियों को समझने का प्रयास किया. एन.डी.एम.ए. के पदाधिकारी अपराह्न में बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण पहुंचे. माननीय उपाध्यक्ष डॉ उदय कांत ने उन्हें प्राधिकरण की विविध गतिविधियों की जानकारी विस्तार से दी. उन्हें बताया कि इसरो, आई.आई.टी., टी.सी.एस. जैसे देश के लब्ध प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ बी.एस.डी.एम.ए. ने समझौता ज्ञापन किए हैं. आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में ए.आर., वी.आर., ए.आई., एम.एल. जैसी आधुनिकतम तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है. इस दल में एन.डी.एम.ए. के सदस्य के ओ.एस.डी. विवेक जायसवाल, वरीय सलाहकार डा. रोनाल्ड देबबर्मा और अभिनव वालिया शामिल थे. प्रतिनिधिमंडल ने बिहार में आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा किए जा रहे कार्यों की जमकर प्रशंसा की. उन्होंने इस बात पर आश्चर्य जताया कि प्राधिकरण इतने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p></p>



<p><strong>शिष्टमंडल प्राधिकरण द्वारा किए जा रहे बेहतर कार्यों की जानकारी एन.डी.एम.ए. के शीर्ष नेतृत्व को प्रदान करेगा</strong></p>



<p><strong>इसरो, आई.आई.टी., टी.सी.एस. जैसे देश के लब्ध प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ बी.एस.डी.एम.ए. ने समझौता ज्ञापन किए हैं. आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में ए.आर., वी.आर., ए.आई., एम.एल. जैसी आधुनिकतम तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है-डॉ उदय कान्त </strong></p>



<p><strong>दल में एन.डी.एम.ए. के सदस्य के ओ.एस.डी. विवेक जायसवाल, वरीय सलाहकार डा. रोनाल्ड देबबर्मा और अभिनव वालिया शामिल </strong></p>



<p>पटना,बिहार में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में हो रहे कार्यों एवं गतिविधियों की जानकारी लेने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एन.डी.एम.ए.) का तीन सदस्यीय दल तीन दिवसीय यात्रा पर बिहार पहुंचा. पहले दिन शिष्टमंडल ने सरदार पटेल भवन स्थित आपदा प्रबंधन विभाग के वरीय अधिकारियों से मुलाकात की. विभाग के कार्यों की जानकारी प्राप्त की. वहां से यह दल राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र पहुंचा और इसकी गतिविधियों को समझने का प्रयास किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="461" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/0db96c0f-2bfe-4c1e-881b-cf5415bc9dee-scaled.jpeg" alt="" class="wp-image-88744" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/0db96c0f-2bfe-4c1e-881b-cf5415bc9dee-scaled.jpeg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/0db96c0f-2bfe-4c1e-881b-cf5415bc9dee-650x293.jpeg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/0db96c0f-2bfe-4c1e-881b-cf5415bc9dee-1536x691.jpeg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>एन.डी.एम.ए. के पदाधिकारी अपराह्न में बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण पहुंचे. माननीय उपाध्यक्ष डॉ उदय कांत ने उन्हें प्राधिकरण की विविध गतिविधियों की जानकारी विस्तार से दी. उन्हें बताया कि इसरो, आई.आई.टी., टी.सी.एस. जैसे देश के लब्ध प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ बी.एस.डी.एम.ए. ने समझौता ज्ञापन किए हैं. आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में ए.आर., वी.आर., ए.आई., एम.एल. जैसी आधुनिकतम तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="461" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/2a8784d6-4b84-4e4c-a277-86c89ab6f9a3-scaled.jpeg" alt="" class="wp-image-88745" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/2a8784d6-4b84-4e4c-a277-86c89ab6f9a3-scaled.jpeg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/2a8784d6-4b84-4e4c-a277-86c89ab6f9a3-650x293.jpeg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/2a8784d6-4b84-4e4c-a277-86c89ab6f9a3-1536x691.jpeg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस दल में एन.डी.एम.ए. के सदस्य के ओ.एस.डी.  विवेक जायसवाल, वरीय सलाहकार डा. रोनाल्ड देबबर्मा और  अभिनव वालिया शामिल थे. प्रतिनिधिमंडल ने बिहार में आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा किए जा रहे कार्यों की जमकर प्रशंसा की. उन्होंने इस बात पर आश्चर्य जताया कि प्राधिकरण इतने बड़े पैमाने पर आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में कार्य कर रहा है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर इसकी गूंज सुनाई नहीं पड़ती है. शिष्टमंडल प्राधिकरण द्वारा किए जा रहे बेहतर कार्यों की जानकारी एन.डी.एम.ए. के शीर्ष नेतृत्व को प्रदान करेगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="461" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/cf3f9489-b2c9-43aa-a542-8d80faa025b7-scaled.jpeg" alt="" class="wp-image-88746" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/cf3f9489-b2c9-43aa-a542-8d80faa025b7-scaled.jpeg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/cf3f9489-b2c9-43aa-a542-8d80faa025b7-650x293.jpeg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/cf3f9489-b2c9-43aa-a542-8d80faa025b7-1536x691.jpeg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य पारस नाथ राय, नरेंद्र कुमार सिंह, प्रकाश कुमार, सचिव मो. वारिस खान (भा.प्र.से.), ओ.एस.डी. मो. मोइज उद्दीन और विशेष सचिव आशुतोष सिंह सहित सभी प्रोफेशनल्स इस मौके पर मौजूद थे.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>दिव्यांगजनों को मुख्यधारा में लाना बहुत जरूरी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/very-important-for-handicapped-people/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 04 Dec 2024 05:03:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[bihar]]></category>
		<category><![CDATA[BSDMA]]></category>
		<category><![CDATA[Member E. Narendra Kumar Singh]]></category>
		<category><![CDATA[Member P.N. Rai]]></category>
		<category><![CDATA[Member Prakash Kumar]]></category>
		<category><![CDATA[Secretary Mohammad Waris Khan (IAS)]]></category>
		<category><![CDATA[Special Officer Moiz Uddin]]></category>
		<category><![CDATA[Vice President Dr. Uday Kant]]></category>
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					<description><![CDATA[आत्मविश्वास का संचार करना सबका काम बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में हुआ कार्यक्रम का आयोजन 3 दिसंबर, 2024 को अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगता दिवस के मौके पर बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में एक गोष्ठी सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. इसमें दिव्यांग प्रक्षेत्र में श्रेष्ठ काम करनेवाले दिव्यांगजनों और संस्थाओं को सम्मानित किया गया. प्रसिद्ध समाजसेविका पद्मश्री सुधा वर्गीज ने इन्हें सम्मानित किया.सम्मान स्वरूप इन्हें शाल, मोमेंटो, बुके प्रदान किए गए. इस अवसर पर प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ उदय कांत, सदस्य पी. एन. राय, सदस्य ई. नरेंद्र कुमार सिंह, सदस्य प्रकाश कुमार, प्राधिकरण के सचिव मोहम्मद वारिस खान (भा.प्र.से.), माननीय उपाध्यक्ष के विशेष कार्य पदाधिकारी मोइज उद्दीन भी मौजूद थे. मंच संचालन संदीप कमल ने किया. गौरतलब है कि दिव्यांगजन समायोजित आपदा जोखिम न्यूनीकरण प्रशिक्षण एवं क्षमतावर्द्धन कार्यक्रम प्राधिकरण का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है. इसके तहत राज्य भर के दिव्यांगजनों को आपदाओं में सुरक्षित रहने की जानकारी दी जाती है. दिव्यांगजनों को मुख्य धारा में लाने और उनमें आत्मविश्वास का संचार करना भी इस कार्यक्रम का एक लक्ष्य है. सम्मानित किए गए लोगों का विवरण निम्नलिखित है : 1.ज्योति सिन्हा- ग्राम चंगेल, प्रखंड कटरा, जिला मुजफ्फरपुर निवासी मधुबनी पेंटिंग के क्षेत्र में सिद्धहस्त कलाकार हैं. पिछले वर्ष महामहिम राष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित हो चुकी हैं . बिहार सरकार ने भी कला पुरस्कार से सम्मानित किया है. मस्कुलर डिस्ट्रॉफी से पीड़ित है. पांच भाई-बहनों में ज्योति के तीन भाई-बहन इस बीमारी से ग्रसित होकर दिव्यांगता के शिकार हो चुके हैं. ज्योति हिंदी साहित्य में पी.एच.डी. [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p></p>



<p><strong>आत्मविश्वास का संचार करना सबका काम</strong></p>



<p><strong>बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में हुआ कार्यक्रम का आयोजन </strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="834" height="720" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/9dfbaf0f-c2b2-4e37-9b1e-d8cf063940aa.jpg" alt="" class="wp-image-87971" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/9dfbaf0f-c2b2-4e37-9b1e-d8cf063940aa.jpg 834w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/9dfbaf0f-c2b2-4e37-9b1e-d8cf063940aa-650x561.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 834px) 100vw, 834px" /></figure>



<p>3 दिसंबर, 2024 को अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगता दिवस के मौके पर बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में एक गोष्ठी सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. इसमें दिव्यांग प्रक्षेत्र में श्रेष्ठ काम करनेवाले दिव्यांगजनों और संस्थाओं को सम्मानित किया गया. प्रसिद्ध समाजसेविका पद्मश्री सुधा वर्गीज ने इन्हें सम्मानित किया.सम्मान स्वरूप इन्हें शाल, मोमेंटो, बुके प्रदान किए गए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="594" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/35b5354d-d18d-4a43-b67f-49df1dba0d21-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-87970" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/35b5354d-d18d-4a43-b67f-49df1dba0d21-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/35b5354d-d18d-4a43-b67f-49df1dba0d21-650x377.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस अवसर पर प्राधिकरण के <a href="https://www.patnanow.com/home/" data-type="page" data-id="24">उपाध्यक्ष डॉ उदय कांत</a>,  सदस्य पी. एन. राय, सदस्य ई. नरेंद्र कुमार सिंह, सदस्य प्रकाश कुमार, प्राधिकरण के सचिव मोहम्मद वारिस खान (भा.प्र.से.), माननीय उपाध्यक्ष के विशेष कार्य पदाधिकारी मोइज उद्दीन भी मौजूद थे. मंच संचालन संदीप कमल ने किया. गौरतलब है कि दिव्यांगजन समायोजित आपदा जोखिम न्यूनीकरण प्रशिक्षण एवं क्षमतावर्द्धन कार्यक्रम प्राधिकरण का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है. इसके तहत राज्य भर के दिव्यांगजनों को आपदाओं में सुरक्षित रहने की जानकारी दी जाती है. दिव्यांगजनों को मुख्य धारा में लाने और उनमें आत्मविश्वास का संचार करना भी इस कार्यक्रम का एक लक्ष्य है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="643" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/9fc14a17-2c6d-44df-adae-34bc2ca98d2f-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-87972" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/9fc14a17-2c6d-44df-adae-34bc2ca98d2f-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/9fc14a17-2c6d-44df-adae-34bc2ca98d2f-650x408.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><em><a href="https://www.patnanow.com/omicron-development-in-india/" data-type="page" data-id="57476">सम्मानित किए गए लोगों का विवरण निम्नलिखित है :</a></em></p>



<p>1.<em><strong>ज्योति सिन्हा- ग्राम चंगेल, प्रखंड कटरा, जिला मुजफ्फरपुर निवासी मधुबनी पेंटिंग के क्षेत्र में सिद्धहस्त कलाकार हैं. पिछले वर्ष महामहिम राष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित हो चुकी हैं . बिहार सरकार ने भी कला पुरस्कार से सम्मानित किया है. मस्कुलर डिस्ट्रॉफी से पीड़ित है. पांच भाई-बहनों में ज्योति के तीन भाई-बहन इस बीमारी से ग्रसित होकर दिव्यांगता के शिकार हो चुके हैं. ज्योति हिंदी साहित्य में पी.एच.डी. कर रही हैं.</strong></em></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="674" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/8e0bee32-b4c2-49b6-bc9b-4996b797b8f9-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-87975" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/8e0bee32-b4c2-49b6-bc9b-4996b797b8f9-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/8e0bee32-b4c2-49b6-bc9b-4996b797b8f9-650x428.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>2 <strong>अमीषा प्रकाश- राजेद्र नगर, पटना की रहने वाली हैं. मूक-बधिर इस छात्रा ने खेल जगत में बिहार का नाम रौशन किया है. राष्ट्रीय पैराएथलेटिक चैंपियनशिप की गोल्ड मेडलिस्ट हैं. अमेरिका सहित कई देशों में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है. आपको फुटबॉल व बैडमिंटन दोनों खेल में अपने वर्ग में महारत हासिल है. पटना में संपन्न 42 किलोमीटर की मैराथन अमीषा ने पांच घंटे में पूरी की हुई है.</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="658" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/6b247746-3f91-4e7e-b307-168cd14ece51-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-87976" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/6b247746-3f91-4e7e-b307-168cd14ece51-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/6b247746-3f91-4e7e-b307-168cd14ece51-650x418.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>3.<strong>सिस्टर लिसी -आशादीप दिव्यांग पुनर्वास केंद्र, दीघा, पटना की प्राचार्या हैं. यहां सैकड़ो मूक-बधिर छात्र-छात्राओं को शिक्षित करने का काम कर रही हैं और प्राधिकरण के दिव्यांगजन कार्यक्रम में प्रारंभ से ही सक्रिय रूप से जुड़ी हुई है.</strong></p>



<p>4.<strong>अनुषा कुमारी- अंतरज्योति नेत्रहीन बालिका विद्यालय, कुम्हरार पटना की शिक्षिका हैं. इस संस्थान में दर्जनों दृष्टिबाधित बच्चियां अध्यनरत हैं. अनुषा कुमारी का सहयोग प्राधिकरण के दिव्यांगजन कार्यक्रम में सक्रिय रूप से प्राप्त होता है</strong>.</p>



<p>5.<strong>विवेक माथुर- प्रबंध न्यासी, भारत विकास विकलांग पुनर्वास केंद्र एवं संजय आनंद विकलांग अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर, पहाड़ी पटना. इस संस्था ने अब तक 50,000 से ज्यादा दिव्यांगजनों को कृत्रिम उपकरण सौंपे हैं. शल्य चिकित्सा द्वारा दिव्यांगता को दूर किया है</strong>.</p>



<p>6.<strong>प्रेरणा कुमारी- दृष्टिबाधित हैं. पटना जिले के धनरूआ में प्लस-2 विद्यालय में शिक्षिका हैं. दिव्यांगता इनकी राह में रोड़े न अटका सकी. इसी वर्ष इन्होंने बिहार लोक सेवा आयोग की प्रतियोगी परीक्षा पास करने के बाद शिक्षिका के रूप में योगदान दिया.</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/ec43d280-1dc7-41a4-9cb8-40fb4443b2bc-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-87977" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/ec43d280-1dc7-41a4-9cb8-40fb4443b2bc-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/ec43d280-1dc7-41a4-9cb8-40fb4443b2bc-650x366.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/761d94ea-893f-4f31-98a4-757f95297d1f-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-87978" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/761d94ea-893f-4f31-98a4-757f95297d1f-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/761d94ea-893f-4f31-98a4-757f95297d1f-650x366.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="416" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/fcdae2ef-d074-426f-a23b-96931ba1422c-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-87979" style="width:830px;height:auto" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/fcdae2ef-d074-426f-a23b-96931ba1422c-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/fcdae2ef-d074-426f-a23b-96931ba1422c-650x264.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><a href="https://www.patnanow.com/omicron-development-in-india/" data-type="page" data-id="57476">PNC DESK</a></p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>राजमिस्त्रियों को मिलेगा नवीनतम तकनीक आधारित प्रशिक्षण</title>
		<link>https://www.patnanow.com/rajmistri-training/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 08 Oct 2024 14:36:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bhukamp rodhi makan]]></category>
		<category><![CDATA[BSDMA]]></category>
		<category><![CDATA[Rajmistri training]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। बिहार भूकंप की दृष्टि से काफी संवेदनशील राज्य है. राज्य के 8 जिले भूकंप जोन-5 में तथा पटना सहित 24 जिले भूकंप जोन-4 के अंतर्गत आते हैं. आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा राजमिस्त्रियों को भूकंपरोधी निर्माण की तकनीक से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्णय के आलोक में अब तक लगभग 20,000 राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है. प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. उदय कांत के अभिनव दृष्टिकोण एवं आपदा प्रबंधन में नवीनतम तकनीक के समावेश के उनके निरंतर प्रयासों के तहत यह निर्णय लिया गया कि राजमिस्त्रियों को नवीनतम तकनीक के आधार पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे उनकी आजीविका में सतत उन्नयन का मार्ग प्रशस्त हो. उन्हें प्रदान किए जाने वाले प्रमाण पत्र की मान्यता देश एवं वैश्विक स्तर पर हो. उपाध्यक्ष के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में राजमिस्त्री प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन &#8211; एन.एस.डी.सी.) से एक समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू.) दिनांक 5 सितंबर, 2024 को हस्ताक्षरित हुआ है. 26 करोड़ की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी योजना की अवधि 3 वर्षों की है. इसके तहत राज्य के सभी 534 प्रखंडों के 30-30 राजमिस्त्रियों को दस दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा. उन्हें ₹700 प्रतिदिन की दर से क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान किया जाएगा. एक उन्नत टूल किट एवं प्राधिकरण तथा निगम के संयुक्त हस्ताक्षर से प्रमाण पत्र भी दिए जाएंगे. मंगलवार को सभाकक्ष में प्राधिकरण के सचिव मीनेंद्र कुमार तथा एन.एस.डी.सी. के नेशनल हेड मयंक भटनागर द्वारा एम.ओ.यू. का औपचारिक आदान-प्रदान किया गया.इस अवसर पर उपाध्यक्ष ने इस अभिनव कार्यक्रम की [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना।। बिहार भूकंप की दृष्टि से काफी संवेदनशील राज्य है. राज्य के 8 जिले भूकंप जोन-5 में तथा पटना सहित 24 जिले भूकंप जोन-4 के अंतर्गत आते हैं. आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा राजमिस्त्रियों को भूकंपरोधी निर्माण की तकनीक से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्णय के आलोक में अब तक लगभग 20,000 राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="706" height="392" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/10/pnc-bhukamp-rodhi-makan-bsdma.jpg" alt="" class="wp-image-87361" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/10/pnc-bhukamp-rodhi-makan-bsdma.jpg 706w, https://www.patnanow.com/assets/2024/10/pnc-bhukamp-rodhi-makan-bsdma-650x361.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 706px) 100vw, 706px" /></figure>



<p>प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. उदय कांत के अभिनव दृष्टिकोण एवं आपदा प्रबंधन में नवीनतम तकनीक के समावेश के उनके निरंतर प्रयासों के तहत यह निर्णय लिया गया कि राजमिस्त्रियों को नवीनतम तकनीक के आधार पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे उनकी आजीविका में सतत उन्नयन का मार्ग प्रशस्त हो. उन्हें प्रदान किए जाने वाले प्रमाण पत्र की मान्यता देश एवं वैश्विक स्तर पर हो.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/10/pnc-bsdma-training-on-bhukamp-rodhi-makan-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-87363" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/10/pnc-bsdma-training-on-bhukamp-rodhi-makan-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/10/pnc-bsdma-training-on-bhukamp-rodhi-makan-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/10/pnc-bsdma-training-on-bhukamp-rodhi-makan-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उपाध्यक्ष के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में राजमिस्त्री प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन &#8211; एन.एस.डी.सी.) से एक समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू.) दिनांक 5 सितंबर, 2024 को हस्ताक्षरित हुआ है. 26 करोड़ की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी योजना की अवधि 3 वर्षों की है. इसके तहत राज्य के सभी 534 प्रखंडों के 30-30 राजमिस्त्रियों को दस दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा. उन्हें ₹700 प्रतिदिन की दर से क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान किया जाएगा. एक उन्नत टूल किट एवं प्राधिकरण तथा निगम के संयुक्त हस्ताक्षर से प्रमाण पत्र भी दिए जाएंगे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/10/pnc-bsdma-mou-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-87364" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/10/pnc-bsdma-mou-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/10/pnc-bsdma-mou-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/10/pnc-bsdma-mou-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/10/pnc-bsdma-training-bhukamp-rodhi-building-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-87362" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/10/pnc-bsdma-training-bhukamp-rodhi-building-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/10/pnc-bsdma-training-bhukamp-rodhi-building-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/10/pnc-bsdma-training-bhukamp-rodhi-building-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मंगलवार को सभाकक्ष में प्राधिकरण के सचिव मीनेंद्र कुमार तथा एन.एस.डी.सी. के नेशनल हेड मयंक भटनागर द्वारा एम.ओ.यू. का औपचारिक आदान-प्रदान किया गया.<br>इस अवसर पर उपाध्यक्ष ने इस अभिनव कार्यक्रम की कल्पना से लेकर इसके मूर्त रूप लेने की यात्रा पर प्रकाश डालते हुए सभी हितधारकों को शुभकामनाएं दीं. </p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<item>
		<title>आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की पहल: जीवन रक्षा कौशल के लिए मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bsdma-master-trainer-training/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 20 Sep 2024 17:31:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[BSDMA]]></category>
		<category><![CDATA[Swimming]]></category>
		<category><![CDATA[Training]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में राष्ट्रीय अंतर्देशीय नौवहन संस्थान में चलाए जा रहे &#8216;सुरक्षित तैराकी कार्यक्रम&#8217; के 21वें बैच के पर्यवेक्षण और प्रशिक्षुओं का उत्साहवर्धन करने के लिए शुक्रवार को प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. उदय कांत और सदस्य पी. एन. राय, कौशल किशोर मिश्र, नरेंद्र सिंह, और प्रकाश कुमार ने प्रशिक्षण स्थल का दौरा किया. प्राधिकरण द्वारा ‘सुरक्षित तैराकी’ कार्यक्रम के 21वें बैच (17-25 सितंबर) के अंतर्गत बेगूसराय जिले के बलिया, मटिहानी, साहेबपुर कमाल, और बछवारा प्रखंड के कुल 27 प्रशिक्षु 9 दिवसीय मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं. इस कार्यक्रम के तहत तैराकी न जानने वाले या तैराकी का अल्पज्ञान रखने वाले 6-18 वर्ष आयु वर्ग के बालक/बालिकाओं को तैराकी सिखाने और जीवनरक्षा कौशल विकसित करने हेतु &#8220;मास्टर ट्रेनर्स&#8221; के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है. मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण के लिए विभिन्न हितधारकों के सहयोग से तैयार किए गए प्रशिक्षण मॉड्यूल में तैराकी की विभिन्न तकनीकें, डूबते हुए व्यक्ति को बचाने के विभिन्न उपाय, जलवायु परिवर्तन, सर्पदंश प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, सीपीआर, घरेलू संसाधनों से इम्प्रोवाइज्ड राफ्ट बनाने और उसके उपयोग की जानकारी दी जा रही है. इस अवसर पर उपाध्यक्ष डॉ. उदय कांत ने कहा कि हमें प्रकृति से गहरा प्रेम करना चाहिए और जल हमारे जीवन का अनिवार्य हिस्सा है. इसलिए, जैसे नदियों में जल हमेशा प्रवाहित रहता है, वैसे ही आपको भी प्रवाहमान रहना चाहिए. उन्होंने प्रशिक्षण ले रहे सभी तैराकों से &#8216;बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय&#8217; के सिद्धांत पर कार्य करने की अपील की और उन्हें यहाँ अर्जित ज्ञान [&#8230;]]]></description>
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<p>पटना।। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में राष्ट्रीय अंतर्देशीय नौवहन संस्थान में चलाए जा रहे &#8216;सुरक्षित तैराकी कार्यक्रम&#8217; के 21वें बैच के पर्यवेक्षण और प्रशिक्षुओं का उत्साहवर्धन करने के लिए शुक्रवार को प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. उदय कांत और सदस्य पी. एन. राय, कौशल किशोर मिश्र, नरेंद्र सिंह, और प्रकाश कुमार ने प्रशिक्षण स्थल का दौरा किया.</p>



<p>प्राधिकरण द्वारा ‘सुरक्षित तैराकी’ कार्यक्रम के 21वें बैच (17-25 सितंबर) के अंतर्गत बेगूसराय जिले के बलिया, मटिहानी, साहेबपुर कमाल, और बछवारा प्रखंड के कुल 27 प्रशिक्षु 9 दिवसीय मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं. इस कार्यक्रम के तहत तैराकी न जानने वाले या तैराकी का अल्पज्ञान रखने वाले 6-18 वर्ष आयु वर्ग के बालक/बालिकाओं को तैराकी सिखाने और जीवनरक्षा कौशल विकसित करने हेतु &#8220;मास्टर ट्रेनर्स&#8221; के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है.</p>



<p>मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण के लिए विभिन्न हितधारकों के सहयोग से तैयार किए गए प्रशिक्षण मॉड्यूल में तैराकी की विभिन्न तकनीकें, डूबते हुए व्यक्ति को बचाने के विभिन्न उपाय, जलवायु परिवर्तन, सर्पदंश प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, सीपीआर, घरेलू संसाधनों से इम्प्रोवाइज्ड राफ्ट बनाने और उसके उपयोग की जानकारी दी जा रही है.</p>



<p>इस अवसर पर उपाध्यक्ष डॉ. उदय कांत ने कहा कि हमें प्रकृति से गहरा प्रेम करना चाहिए और जल हमारे जीवन का अनिवार्य हिस्सा है. इसलिए, जैसे नदियों में जल हमेशा प्रवाहित रहता है, वैसे ही आपको भी प्रवाहमान रहना चाहिए. उन्होंने प्रशिक्षण ले रहे सभी तैराकों से &#8216;बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय&#8217; के सिद्धांत पर कार्य करने की अपील की और उन्हें यहाँ अर्जित ज्ञान के माध्यम से समाज की सहायता करने की प्रतिज्ञा दिलवाई. उन्होंने तैराकों को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया और समाज में दूसरों की मदद करने का दायित्व सौंपा.</p>



<p>सदस्य पी. एन. राय ने प्रशिक्षणार्थियों से अपील की कि वे अपने क्षेत्रों में जाकर लोगों को सुरक्षित तैराकी के प्रति जागरूक करें. उन्होंने कहा, &#8220;आपकी जिम्मेदारी है कि डूबने जैसी घटनाओं में पहले स्वयं को सुरक्षित करें और फिर दूसरों को डूबने से बचाएं. आप स्कूलों, पंचायतों और स्थानीय संगठनों में जाकर जागरूकता फैलाएं. डूबने से बचाव के लिए यह आपकी प्रमुख जिम्मेदारी है.&#8221;</p>



<p>प्राधिकरण के सदस्य नरेंद्र सिंह ने कहा कि &#8220;आप जो प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, उसे गांव-गांव तक पहुंचाएं और लोगों को जागरूक करें. यह आपका दायित्व है कि समाज में डूबने की घटनाओं को कम करने में भागीदारी सुनिश्चित करें.&#8221;</p>



<p>कार्यक्रम का मंच संचालन प्राधिकरण के &#8216;सुरक्षित तैराकी&#8217; कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. जीवन कुमार ने किया. इस अवसर पर कार्यक्रम में राष्ट्रीय अंतर्देशीय जलवाहन संस्थान के निदेशक और प्राचार्य सहित तैराकी प्रशिक्षक एवं प्राधिकरण के जनसम्पर्क पदाधिकारी उपस्थित रहे.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>हम ऐसा भवन तैयार करें जो खुद को भी अच्छा लगे- डॉ. उदय कान्त</title>
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		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Sep 2024 15:44:59 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पद्मश्री प्रो आनंद स्वरूप  आर्या की पुण्यतिथि पर सभी  लेक्चर्स किया समर्पित बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड  की ओर से अधिवेशन भवन में व्यावहारिक तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन पटना,1 सितम्बर, बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड  की ओर से अधिवेशन भवन में  व्यावहारिक तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में  बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के माननीय उपाध्यक्ष  डॉ. उदय कांत ने  नए भवन में अग्नि सुरक्षा, मौजूदा भवन में अग्नि सुरक्षा, आपदा प्रबंधन (अत्यधिक वर्षा, भूकंप के कारण बाढ़),ग्रीन बिल्डिंग की अवधारणा,पर्यावरण अनुकूल निर्माण औरर ईपीसी अनुबंध और भवन रखरखाव नीति (विशेष रूप से बड़ी इमारतों के लिए-सीपीडब्ल्यूडी)पर विस्तृत चर्चा की. उन्होंने इस मौके पर कहा कि  पद्मश्री प्रो आनंद स्वरूप  आर्या की पुण्यतिथि पर उनके सारे  लेक्चर्स  समर्पित हैं. इस मौके पर माननीय सदस्य श्री पी एन  राय ,सदस्य श्री कौशल किशोर मिश्र ,सदस्य ई.नरेंद्र कुमार सिंह ,सदस्य श्री प्रकाश कुमार को भवन निर्माण विभाग के अधिकारियों ने सम्मानित किया. गुणवत्ता जागरूक्ता कार्यक्रम एवं&#160; व्यवहारिक तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. उदय कांत ने बारी बारी से भवन निर्माण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि आज भवन निर्माण में फायर इंजीनियरिंग के जरिये नये प्रयोग कर भवनों में आग से बचाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि हम ऐसा भवन तैयार करें जो खुद को भी अच्छा लगे. उन्होंने दूर्वा घास छतों पर लगाएं इससे बहुत फायदा होगा.&#160; बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लि० स्तर से आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री कुमार रवि, सचिव, भवन [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>पद्मश्री प्रो आनंद स्वरूप  आर्या की पुण्यतिथि पर सभी  लेक्चर्स किया समर्पित</strong></p>



<p><strong>बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड  की ओर से अधिवेशन भवन में व्यावहारिक तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/4aa1bd66-340d-4b2a-a64c-7b101ff21edd-Copy-scaled.jpeg" alt="" class="wp-image-86671" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/4aa1bd66-340d-4b2a-a64c-7b101ff21edd-Copy-scaled.jpeg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/4aa1bd66-340d-4b2a-a64c-7b101ff21edd-Copy-650x433.jpeg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/4aa1bd66-340d-4b2a-a64c-7b101ff21edd-Copy-1536x1023.jpeg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>पटना,1 सितम्बर, बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड  की ओर से अधिवेशन भवन में  व्यावहारिक तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में  बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के माननीय उपाध्यक्ष  डॉ. उदय कांत ने  <strong>नए भवन में अग्नि सुरक्षा, मौजूदा भवन में अग्नि सुरक्षा, आपदा प्रबंधन (अत्यधिक वर्षा, भूकंप के कारण बाढ़),ग्रीन बिल्डिंग की अवधारणा,पर्यावरण अनुकूल निर्माण औरर ईपीसी अनुबंध और भवन रखरखाव नीति (विशेष रूप से बड़ी इमारतों के लिए-सीपीडब्ल्यूडी)पर विस्तृत चर्चा की</strong>. उन्होंने इस मौके पर कहा कि  पद्मश्री प्रो आनंद स्वरूप  आर्या की पुण्यतिथि पर उनके सारे  लेक्चर्स  समर्पित हैं. इस मौके पर माननीय सदस्य श्री पी एन  राय ,सदस्य श्री कौशल किशोर मिश्र ,सदस्य ई.नरेंद्र कुमार सिंह ,सदस्य श्री प्रकाश कुमार को भवन निर्माण विभाग के अधिकारियों ने सम्मानित किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" width="663" height="328" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/11111.png" alt="" class="wp-image-86672" style="width:840px;height:auto" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/11111.png 663w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/11111-650x322.png 650w" sizes="auto, (max-width: 663px) 100vw, 663px" /></figure>



<p>गुणवत्ता जागरूक्ता कार्यक्रम एवं&nbsp; व्यवहारिक तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. उदय कांत ने बारी बारी से भवन निर्माण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि आज भवन निर्माण में फायर इंजीनियरिंग के जरिये नये प्रयोग कर भवनों में आग से बचाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि हम ऐसा भवन तैयार करें जो खुद को भी अच्छा लगे. उन्होंने दूर्वा घास छतों पर लगाएं इससे बहुत फायदा होगा.&nbsp;</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/48ed51cc-75d2-47a1-ab47-105a18d314ab-scaled.jpeg" alt="" class="wp-image-86673" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/48ed51cc-75d2-47a1-ab47-105a18d314ab-scaled.jpeg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/48ed51cc-75d2-47a1-ab47-105a18d314ab-650x433.jpeg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/48ed51cc-75d2-47a1-ab47-105a18d314ab-1536x1023.jpeg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लि० स्तर से आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री कुमार रवि, सचिव, भवन निर्माण विभाग-सह-प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लि० द्वारा की गई. उक्त कम में आज दिनांक 01.09.2024 को पूर्वाह्न 11.00 बजे से डा० उदयकांत, माननीय उपाध्यक्ष, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण तकनीकी विषयों पर भवन निर्माण विभाग तथा बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लि० के सभी तकनीकी पदाधिकारियों को व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/49ca4962-88b2-4d19-9c78-de77b6781b9b-scaled.jpeg" alt="" class="wp-image-86674" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/49ca4962-88b2-4d19-9c78-de77b6781b9b-scaled.jpeg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/49ca4962-88b2-4d19-9c78-de77b6781b9b-650x433.jpeg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/49ca4962-88b2-4d19-9c78-de77b6781b9b-1536x1023.jpeg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/IMG_6599-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-86675" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/IMG_6599-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/IMG_6599-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/IMG_6599-1536x1152.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/IMG_6599-2048x1536.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>श्री अशोक माहेश्वरी, श्री मृत्युंजय कुमार चौधरी, उप महानिरीक्षक-सह-उप महासमादेष्टा, श्री राजीव रंजन, अपर निदेशक-सह-सहायक राज्य अग्निशमन पदाधिकारी, अग्निशमन सेवाएँ, बिहार, पटना कार्यक्रम में उपस्थित रहें. कार्यक्रम में इनके अतिरिक्त ई० सुधांशु शेखर राय, अभियंता प्रमुख, भवन निर्माण विभाग, ई० तारणी दास, मुख्य अभियंता (उत्तर), भवन निर्माण विभाग-सह-मुख्य महाप्रबंधक, बि०रा०भ०नि०नि०लि०, ई० रामबाबु प्रसाद, अधीक्षण अभियंता (निरुपण अंचल-1), भवन निर्माण विभाग सहित बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लि०. भवन निर्माण विभाग तथा बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के विभिन्न स्तर के तकनीकी एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे. उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान डा० उदयकांत, माननीय उपाध्यक्ष द्वारा बहुत हीं रोचक तरीके से पर्यावरण संरक्षण एवं अन्य तकनीकी विषयों आदि पर अपना व्याख्यान दिया , जो उपस्थित सभी तकनीकी पदाधिकारियों के लिये अत्यंत उपयोगी एवं लाभकारी होगा तथा उनके द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में निश्चित रुप से सार्थक प्रयास किया जायेगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/5b88546a-cc57-4b60-bd1c-e5dbf6e10d21-scaled.jpeg" alt="" class="wp-image-86677" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/5b88546a-cc57-4b60-bd1c-e5dbf6e10d21-scaled.jpeg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/5b88546a-cc57-4b60-bd1c-e5dbf6e10d21-650x433.jpeg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/5b88546a-cc57-4b60-bd1c-e5dbf6e10d21-1536x1023.jpeg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>PNC DESK </p>
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		<title> प्राधिकरण विभागों के साथ जलवायु परिवर्तन-शमन एवं अनुकूलन पर करेगा कार्य    </title>
		<link>https://www.patnanow.com/disaster-management-authority-will-work-with-departments-on-climate-change-mitigation-and-adaptation/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 23 Aug 2024 12:17:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
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		<category><![CDATA[deepak kumar bsdma]]></category>
		<category><![CDATA[Disaster Management Authority will work with departments on climate]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर  पटना, 23 अगस्त 2024: बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आज एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें बिहार में जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीलापन बढ़ाने और इससे निपटने के लिए विभिन्न विभागों के बीच सहयोग को सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया. बैठक का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के बारे में समझ को बढ़ाना, संबंधित विभागों को इस कार्यक्रम के लिए प्रेरित करना, और कार्यक्रम के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए आपसी सहयोग को प्रोत्साहित करना था. बैठक का आयोजन माननीय उपाध्यक्ष डॉ. उदयकांत के दिशानिर्देश में और माननीय सदस्य कौशल किशोर मिश्र की अध्यक्षता एवं नरेंद्र सिंह, प्रकाश कुमार के मार्गदर्शन में किया गया. बिहार भारत के सबसे जलवायु-संवेदनशील राज्यों में से एक है, जो जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ती तीव्रता और आवृत्ति वाले मौसम की घटनाओं का सामना कर रहा है. पिछले सदी में राज्य का औसत तापमान लगभग 0.8°C बढ़ा है, जिससे हीटवेव और गर्मी के दिनों में वृद्धि हुई है. 2019-2023 के बीच अनिश्चित मानसून के कारण 22% वर्षा की कमी देखी गई, जिससे बाढ़ और सूखे की स्थितियाँ उत्पन्न हुईं. बिजली गिरने की घटनाओं में 2010 से 34% से अधिक की वृद्धि हुई है, और ठंडी लहरें भी अधिक सामान्य हो गई हैं. बिहार की भौगोलिक स्थिति, विशेष रूप से गंगा, कोसी, गंडक, और बागमती नदियों के कारण, राज्य की 73% भूमि वार्षिक बाढ़ की चपेट में रहती है, जिससे यह क्षेत्र अत्यधिक जलवायु जोखिमों का सामना कर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
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<p><strong>बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर </strong></p>



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<p>पटना, 23 अगस्त 2024: बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आज एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें बिहार में जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीलापन बढ़ाने और इससे निपटने के लिए विभिन्न विभागों के बीच सहयोग को सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया. बैठक का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के बारे में समझ को बढ़ाना, संबंधित विभागों को इस कार्यक्रम के लिए प्रेरित करना, और कार्यक्रम के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए आपसी सहयोग को प्रोत्साहित करना था. बैठक का आयोजन माननीय उपाध्यक्ष डॉ. उदयकांत के दिशानिर्देश में और माननीय सदस्य कौशल किशोर मिश्र की अध्यक्षता एवं नरेंद्र सिंह, प्रकाश कुमार के मार्गदर्शन में किया गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/73280a70-0af3-47fd-b664-0a1602743088-scaled.jpeg" alt="" class="wp-image-86470" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/73280a70-0af3-47fd-b664-0a1602743088-scaled.jpeg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/08/73280a70-0af3-47fd-b664-0a1602743088-650x366.jpeg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/08/73280a70-0af3-47fd-b664-0a1602743088-1536x864.jpeg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बिहार भारत के सबसे जलवायु-संवेदनशील राज्यों में से एक है, जो जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ती तीव्रता और आवृत्ति वाले मौसम की घटनाओं का सामना कर रहा है. पिछले सदी में राज्य का औसत तापमान लगभग 0.8°C बढ़ा है, जिससे हीटवेव और गर्मी के दिनों में वृद्धि हुई है. 2019-2023 के बीच अनिश्चित मानसून के कारण 22% वर्षा की कमी देखी गई, जिससे बाढ़ और सूखे की स्थितियाँ उत्पन्न हुईं. बिजली गिरने की घटनाओं में 2010 से 34% से अधिक की वृद्धि हुई है, और ठंडी लहरें भी अधिक सामान्य हो गई हैं. बिहार की भौगोलिक स्थिति, विशेष रूप से गंगा, कोसी, गंडक, और बागमती नदियों के कारण, राज्य की 73% भूमि वार्षिक बाढ़ की चपेट में रहती है, जिससे यह क्षेत्र अत्यधिक जलवायु जोखिमों का सामना कर रहा है. इन चुनौतियों से निपटने के लिए जलवायु अनुकूलन और आपदा प्रबंधन पर विशेष ध्यान देते हुए बैठक के दौरान बिहार में जलवायु परिवर्तन के प्रति प्रभावी ज़िम्मेदारी बढ़ाने के लिए विभिन्न विभागों की भूमिकाओं पर विस्तार से चर्चा की गई.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/5382dee9-1260-4344-ad3b-d813c820dffd-scaled.jpeg" alt="" class="wp-image-86471" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/5382dee9-1260-4344-ad3b-d813c820dffd-scaled.jpeg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/08/5382dee9-1260-4344-ad3b-d813c820dffd-650x366.jpeg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/08/5382dee9-1260-4344-ad3b-d813c820dffd-1536x864.jpeg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण, वन्यजीव प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण अभियानों और संवेदीकरण, जागरूकता एवं क्षमतावर्द्धन कार्यक्रमों की योजना प्रस्तुत की. विभाग ने अन्य विभागों के साथ समन्वय और सहयोग की आवश्यकता पर भी बल दिया.</p>



<p>लघु जल संसाधन विभाग ने सिंचाई के लिए जमीन की प्राकृतिक ढलान का उपयोग, लिफ्ट सिंचाई योजनाओं के विकास, और जल जीवन हरियाली मिशन के साथ लघु सिंचाई का एकीकरण करने के कार्यक्रमों पर जोर दिया. विभाग ने सतही और भूमिगत जल स्रोतों के प्रभावी उपयोग पर भी ध्यान केंद्रित किया.</p>



<p>ऊर्जा विभाग ने सौर ऊर्जा कार्यक्रमों को बढ़ावा देने, पवन और जल ऊर्जा प्रणालियों की स्थापना में वृद्धि करने, और ऊर्जा की खपत को कम करने के लिए राज्य स्तरीय पहल की दिशा में अपने कार्यक्रमों की जानकारी दी. विभाग ने स्मार्ट ग्रिड प्रौद्योगिकियों के विकास और इसे लागू करने की योजनाओं को भी साझा किया.</p>



<p>स्वास्थ्य विभाग ने राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्य योजना और मानव स्वास्थ्य के अनुरूप गर्मी से संबंधित बीमारी प्रबंधन और निगरानी के लिए एक डैशबोर्ड विकसित करने की पहल के बारे में की जानकारी साझा की.</p>



<p>कृषि विभाग ने जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रमों के तहत अल्पावधि बीज किस्मों के विकास, बाढ़ और सूखा रोधी फसल तकनीकों के विस्तार, और कृषि कीटों से सुरक्षा हेतु व्यापक अभियानों की योजना प्रस्तुत की. विभाग ने कृषि विकास की वार्षिक योजनाओं में जलवायु जोखिम को कम करने के उपायों को शामिल करने का संकल्प लिया. </p>



<p>शहरी विकास और आवास विभाग ने सुरक्षित नगरीय परिदृश्य विकसित करने, ग्रीन स्पेसेज के निर्माण, और शहरी बाढ़ प्रबंधन के लिए डिजिटल ट्विन जैसी योजनाओं को लागू करने पर बल दिया. विभाग ने वर्षा जल प्रबंधन के उच्च स्तरीय योजनाओं के विकास पर भी जोर दिया.</p>



<p>ग्रामीण विकास विभाग ने जलवायु-अनुकूल कृषि तकनीकों, भूमि संरक्षण परियोजनाओं और जल संसाधन प्रबंधन के कार्यों को प्राथमिकता दी. विभाग ने कृषि अनुसंधान संस्थानों के साथ भागीदारी कर किसानों के लिए कार्यशालाओं के आयोजन और कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/06eb33ac-f974-43bd-a0c2-e0b2270ed292-scaled.jpeg" alt="" class="wp-image-86472" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/06eb33ac-f974-43bd-a0c2-e0b2270ed292-scaled.jpeg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/08/06eb33ac-f974-43bd-a0c2-e0b2270ed292-650x366.jpeg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/08/06eb33ac-f974-43bd-a0c2-e0b2270ed292-1536x864.jpeg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी विभाग आपस में समन्वय कर जलवायु परिवर्तन के खतरों से निपटने के लिए प्रभावी योजनाओं का निर्माण करेंगे और उन्हें जमीनी स्तर पर लागू करेंगे. बैठक में जीविका, मनरेगा, जल जीवन हरियाली सहित संबंधित विभागों के प्रतिनिधि एवं प्राधिकरण के सभी पदाधिकारीगण उपस्थित थे. कार्यक्रम का विषय प्रवेश एवं संचालन प्राधिकरण के वरीय सलाहकार डॉ. अनिल कुमार ने किया.&nbsp;&nbsp;&nbsp;</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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		<title>&#8216;पत्रकारिता में मानवीयता और संवेदनशीलता सर्वोपरि&#8217;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/badma-training-workshop-for-media/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 19 Jul 2024 16:49:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Aapada]]></category>
		<category><![CDATA[BSDMA]]></category>
		<category><![CDATA[Media workshop]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। ‘पत्रकारिता एक कठिन डगर है. पत्रकार एक साथ कई मोर्चों पर और कई चुनौतियों का सामना कर रहा होता है. मानवीयता और संवेदनशीलता के बगैर पत्रकारीय धर्म का ईमानदारी से निर्वहन संभव नहीं है.‘ बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में शुक्रवार को आपदा पूर्व तैयारियां व प्रबंधन विषय पर आयोजित मीडियाकर्मियों की प्रशिक्षण कार्यशाला में प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डाॅ. उदय कांत ने ये बातें कहीं. इस अवसर पर प्राधिकरण के सदस्य पारस नाथ राय, कौशल किशोर मिश्र और नरेंद्र कुमार सिंह भी मौजूद थे.कार्यशाला का आयोजन ज्ञान भवन में किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई. अतिथियों का स्वागत पौधा देकर किया गया. डाॅ. उदय कांत ने मीडिया के क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों और पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्द्धन किया. पीपीटी के माध्यम से बताया कि पत्रकारिता एक निर्भीक पेशा है. यह सिद्धांतों की लड़ाई है इसलिए सही खबरें ही प्रमुखता से छपनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार के कार्यकलापों के साथ पत्रकारिता भी सकारात्मक भाव के साथ जुड़ जाये तो आपदा के समय पीड़ित लोगों की काफी मदद की जा सकती है. प्राधिकरण के सचिव मीनेंद्र कुमार ने विषय प्रवेश कराते हुए कार्यशाला के उद्देश्यों एवं आपदा में मीडिया की भूमिका एवं मीडियाकर्मियों के प्रशिक्षण पर जोर दिया. प्राधिकरण इस तरह की कार्यशाला प्रत्येक वर्ष आयोजित करता है. उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से आपदा प्रबंधन संबंधी कार्यों से आमजन को जागरूक किया जा सकता है. नवहिंद टाइम्स, गोवा के पूर्व संपादक वरिष्ठ पत्रकार अरुण [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना।। ‘पत्रकारिता एक कठिन डगर है. पत्रकार एक साथ कई मोर्चों पर और कई चुनौतियों का सामना कर रहा होता है. मानवीयता और संवेदनशीलता के बगैर पत्रकारीय धर्म का ईमानदारी से निर्वहन संभव नहीं है.‘ बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में शुक्रवार को आपदा पूर्व तैयारियां व प्रबंधन विषय पर आयोजित मीडियाकर्मियों की प्रशिक्षण कार्यशाला में प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डाॅ. उदय कांत ने ये बातें कहीं. इस अवसर पर प्राधिकरण के सदस्य पारस नाथ राय, कौशल किशोर मिश्र और नरेंद्र कुमार सिंह भी मौजूद थे.कार्यशाला का आयोजन ज्ञान भवन में किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई. अतिथियों का स्वागत पौधा देकर किया गया. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-media-workshop-bsdma-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-85649" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-media-workshop-bsdma-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-media-workshop-bsdma-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-media-workshop-bsdma-1536x1023.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>डाॅ. उदय कांत ने मीडिया के क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों और पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्द्धन किया. पीपीटी के माध्यम से बताया कि पत्रकारिता एक निर्भीक पेशा है. यह सिद्धांतों की लड़ाई है इसलिए सही खबरें ही प्रमुखता से छपनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार के कार्यकलापों के साथ पत्रकारिता भी सकारात्मक भाव के साथ जुड़ जाये तो आपदा के समय पीड़ित लोगों की काफी मदद की जा सकती है. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-bsdma-udaykant-Mishra-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-85647" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-bsdma-udaykant-Mishra-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-bsdma-udaykant-Mishra-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-bsdma-udaykant-Mishra-1536x1023.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>प्राधिकरण के सचिव मीनेंद्र कुमार ने विषय प्रवेश कराते हुए कार्यशाला के उद्देश्यों एवं आपदा में मीडिया की भूमिका एवं मीडियाकर्मियों के प्रशिक्षण पर जोर दिया. प्राधिकरण इस तरह की कार्यशाला प्रत्येक वर्ष आयोजित करता है. उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से आपदा प्रबंधन संबंधी कार्यों से आमजन को जागरूक किया जा सकता है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-bsdma-media-workshop-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-85650" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-bsdma-media-workshop-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-bsdma-media-workshop-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-bsdma-media-workshop-1536x1023.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>नवहिंद टाइम्स, गोवा के पूर्व संपादक वरिष्ठ पत्रकार अरुण सिन्हा निजी कारणों से कार्यशाला में उपस्थित नहीं हो पाए किंतु उनके संदेश को ऑडियो क्लिप के माध्यम से कार्यशाला में प्रसारित किया गया. उन्होंने बिहार में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में हो रहे कार्यों को सराहा. वरिष्ठ पत्रकार विजय कुमार मिश्र ने पत्रकारिता में अच्छी खबरें छापने पर जोर दिया. इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि आज के दौर में फिल्मी दुनिया की खबरों को प्राथमिकता दी जाती है किंतु जन कल्याण से जुड़ी अच्छी खबरों को नहीं छापा जाता है. उन्होंने कहा कि प्राधिकरण द्वारा चलाये जा रहे आपदा से बचाव हेतु तैयारी व प्रशिक्षण की खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित करना चाहिए. प्राधिकरण देश में अग्रणी होकर कार्य कर रहा है जिससे अन्य राज्य के लोग भी सीख सकते हैं. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-prabhakar-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-85646" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-prabhakar-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-prabhakar-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-prabhakar-1536x1023.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मीडिया गुरु के संस्थापक संजय सलिल ने पत्रकारिता के क्षेत्र में उद्यमिता की जानकारी दी. बिहार में आपदा के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यहां ऐसे कार्य हो रहे हैं, जो किसी अन्य राज्य में नहीं हो रहा है. प्राधिकरण द्वारा आधुनिकतम तकनीक एआई, एमएल, एआर/वीआर तकनीक के उपयोग की सराहना की। श्री सलिल ने टीम भावना पर विशेष बल दिया और कहा कि इसकी बदौलत किसी भी क्षेत्र में सफलता पायी जा सकती है. कहा कि बिहार का परिवेश आपके अंदर सहनशीलता की एक ऐसी सहज शक्ति पैदा कर देता है, जो किसी भी कठिन परिस्थिति में खुद को साबित करने की ताकत देता है. यही वजह है कि यहां के लोग हमेशा किसी भी माहौल में बेहतर कर पाते हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-bsdma-megia-workshop-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-85648" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-bsdma-megia-workshop-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-bsdma-megia-workshop-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-bsdma-megia-workshop-1536x1023.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>टाइम्स इंटरनेट के गौतम कुमार ने मीडिया में एआई, एमएल, एआर/वीआर तकनीक के इस्तेमाल के बारे में विस्तार से बताया. ऐसी तकनीक पत्रकारिता में सहयोग ही करेगी न कि नुकसान। इन्होंने तकनीक के विभिन्न पहलुओं पर पीपीटी के माध्यम से जानकारी दी. सोशल मीडिया टूल्स यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक इत्यादि के इस्तेमाल के बारे में विस्तार से जानकारी दी और बताया कि कैसे इसके जरिये अच्छी आय की जा सकती है.<br>एनडीटीवी के समाचार संपादक प्रभाकर कुमार ने आपदा प्रबंधन एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में सामने आने वाली चुनौतियों एवं तैयारियों के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने अपने अनुभवों के आधार पर वर्ष-2008 की कोसी बाढ़ त्रासदी एवं नेपाल भूकंप की न्यूज कवरेज की जानकारी दी. वरिष्ठ पत्रकार स्वयं प्रकाश ने पत्रकारिता में मानवीयता, संवेदनशीलता एवं मूल्य आधारित लेखनी की जरूरतों के बारे में बताया. पत्रकार पुष्य मित्र ने सकारात्मक रिपोर्टिंग की जरूरतों पर जोर दिया तथा प्राधिकरण द्वारा चलाये जा रहे कार्यों की सराहना हुए कई उदाहरण भी दिए. इन्होंने बाढ़ पूर्व तैयारी के लिए और भीषण गर्मी व लू के संबंध में सरकार द्वारा सभी जिला पदाधिकारियों को उपलब्ध करवायी जा रहे मार्गदर्शिका को सही तरीके से जमीनी स्तर पर लागू करने पर बल दिया. कहा कि सरकार के साथ-साथ मीडियाकर्मियों का भी दायित्व है कि आपदा के संबंध में सही रिपोर्टिंग की जाये.<br>कार्यक्रम के अंत में सभी आगंतुकों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया. कार्यशाला में बड़ी संख्या में राजधानी के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं, टीवी चैनलों और वेब पत्रकारिता से जुड़े पत्रकारों ने भाग लिया. इस कार्यक्रम में पटना वीमेंस कॉलेज, आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय और सेंट जेवियर्स कॉलेज के पत्रकारिता के विद्यार्थी भी मौजूद थे. धन्यवाद ज्ञापन रविंद्र भारती ने किया.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>डॉ अनिल को मिला मानद फेलोशिप</title>
		<link>https://www.patnanow.com/dr-anil-received-honorary-fellowship-for-the-year-2023/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 24 Jun 2024 05:41:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
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		<category><![CDATA[disaster nmanegement principle and practice]]></category>
		<category><![CDATA[dr anil kumar]]></category>
		<category><![CDATA[gold medalist]]></category>
		<category><![CDATA[honorary fellowship for the year 2023]]></category>
		<category><![CDATA[IIT Roorkee]]></category>
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					<description><![CDATA[तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र वर्ष 2023 के लिए मानद फेलोशिप भारत में तकनीकी शिक्षा प्रणाली के विकास के लिए मिला सम्मान आपदा प्रबंधन: सिद्धांत और अनुप्रयोग पुस्तक का लोकार्पण भी हुआ देश की पहली पुस्तक है, जिसमें आपदा प्रबंधन के सारे आयाम हैं सम्माहित पटना,23 जून भारतीय तकनीकी शिक्षा सोसायटी सर्च कमेटी ने तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान और देश में तकनीकी शिक्षा प्रणाली के विकास में डॉ अनिल कुमार को मानद फेलोशिप दी गई। अत्यधिक सराहनीय सेवाओं के सम्मान में वर्ष 2023 के लिए मानद फेलोशिप प्रदान करने के लिए डॉ अनिल कुमार का चयन किया गया था। भारतीय तकनीकी शिक्षा सोसायटी ने कलिंगा औद्योगिक प्रौद्योगिकी  विश्वविद्यालय, भुवनेश्वर के सहयोग से कलिंगा सामाजिक विज्ञान संस्थान – भुवनेश्वर  विश्वविद्यालय में 53 वें आईएसटीई वार्षिक राष्ट्रीय संकाय सम्मेलन के उद्घाटन समारोह के दौरान डॉ अनिल कुमार मानद फेलोशिप से सम्मानित किया गया। इस मौके पर सम्मानित होने पर डॉ अनिल कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर यह सम्मान उनके लिए गर्व की बात है। भारत सरकार के तहत विश्व बैंक परियोजना तकनीकी शिक्षा उन्नयन कार्यक्रम के उत्तर प्रदेश जैसे राज्य के परियोजना प्रमुख के रूप में प्रदेश को देश में शीर्ष पर स्थापित किया। स्वायतता, गुणवत्ता, एक्रेडिटेशन, स्किल, स्टार्टअप इत्यादि में उत्तर प्रदेश देश में उत्तम प्रदर्शन किया। डॉ कुमार ने बताया कि नई शिक्षा नीति 2020 के लिए उत्तर प्रदेश की तकनीकी शिक्षा को व्यापक बदलाव के लिए तैयार किया। दो वर्ष बाद यह सम्मान मैं उन संस्थानों को समर्पित करता हूं जिन्होंने प्रदेश को शीर्ष प्रदर्शन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



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<p></p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र वर्ष 2023 के लिए मानद फेलोशिप</strong></h2>



<p><strong>भारत में तकनीकी शिक्षा प्रणाली के विकास के लिए मिला सम्मान</strong></p>



<p><strong>आपदा प्रबंधन: सिद्धांत और अनुप्रयोग पुस्तक का लोकार्पण भी हुआ</strong></p>



<p><strong>देश की पहली पुस्तक है, जिसमें आपदा प्रबंधन के सारे आयाम हैं सम्माहित</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/ec7e1233-96c5-4778-8b5e-f7abfc3fec49-scaled.jpeg" alt="" class="wp-image-85080" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/ec7e1233-96c5-4778-8b5e-f7abfc3fec49-scaled.jpeg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/06/ec7e1233-96c5-4778-8b5e-f7abfc3fec49-650x488.jpeg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>पटना,23 जून भारतीय तकनीकी शिक्षा सोसायटी सर्च कमेटी ने तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान और देश में तकनीकी शिक्षा प्रणाली के विकास में डॉ अनिल कुमार को मानद फेलोशिप दी गई। अत्यधिक सराहनीय सेवाओं के सम्मान में वर्ष 2023 के लिए मानद फेलोशिप प्रदान करने के लिए डॉ अनिल कुमार का चयन किया गया था। भारतीय तकनीकी शिक्षा सोसायटी ने कलिंगा औद्योगिक प्रौद्योगिकी  विश्वविद्यालय, भुवनेश्वर के सहयोग से कलिंगा सामाजिक विज्ञान संस्थान – भुवनेश्वर  विश्वविद्यालय में 53 वें आईएसटीई वार्षिक राष्ट्रीय संकाय सम्मेलन के उद्घाटन समारोह के दौरान डॉ अनिल कुमार मानद फेलोशिप से सम्मानित किया गया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/a44f97ae-e3fe-4c28-ab31-4989a7ed52be-scaled.jpeg" alt="" class="wp-image-85082" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/a44f97ae-e3fe-4c28-ab31-4989a7ed52be-scaled.jpeg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/06/a44f97ae-e3fe-4c28-ab31-4989a7ed52be-650x488.jpeg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस मौके पर सम्मानित होने पर डॉ अनिल कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर यह सम्मान उनके लिए गर्व की बात है। भारत सरकार के तहत विश्व बैंक परियोजना तकनीकी शिक्षा उन्नयन कार्यक्रम के उत्तर प्रदेश जैसे राज्य के परियोजना प्रमुख के रूप में प्रदेश को देश में शीर्ष पर स्थापित किया। स्वायतता, गुणवत्ता, एक्रेडिटेशन, स्किल, स्टार्टअप इत्यादि में उत्तर प्रदेश देश में उत्तम प्रदर्शन किया। डॉ कुमार ने बताया कि नई शिक्षा नीति 2020 के लिए उत्तर प्रदेश की तकनीकी शिक्षा को व्यापक बदलाव के लिए तैयार किया। दो वर्ष बाद यह सम्मान मैं उन संस्थानों को समर्पित करता हूं जिन्होंने प्रदेश को शीर्ष प्रदर्शन के लिए तैयार किया है।</p>



<p>डॉ अनिल कुमार के साथ ही याद मानद फेलोशिप सम्मान आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो रंजन बनर्जी, विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के क्षेत्रीय निदेशक प्रो. वासवराज गाडगे, एआईसीटीई के सलाहकार श्री राजेंद्र बलिराम काकडे एवं  मेजर जनरल महेश कुमार को प्रदान किया गया। मानद फेलोशिप सम्मान आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो रंजन बनर्जी, विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के क्षेत्रीय निदेशक प्रो. वासवराज गाडगे, एआईसीटीई के सलाहकार श्री राजेंद्र बलिराम काकडे एवम मेजर जनरल(रिटायर्ड) महेश कुमार को प्रदान किया गया। </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="757" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/a3bdfe87-f387-44a0-a73f-c15aa453d315-scaled.jpeg" alt="" class="wp-image-85083" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/a3bdfe87-f387-44a0-a73f-c15aa453d315-scaled.jpeg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/06/a3bdfe87-f387-44a0-a73f-c15aa453d315-650x481.jpeg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/06/a3bdfe87-f387-44a0-a73f-c15aa453d315-1536x1136.jpeg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस अवसर पर डॉ अनिल कुमार की नई पुस्तक- आपदा प्रबंधन: सिद्धांत और अनुप्रयोग को विश्वविद्यालय एवं आपदा प्रबंधन प्रोफेशनल्स के लिए जारी किया गया। यह अपने तरह की देश में पहली पुस्तक है, जिसमें आपदा प्रबंधन के सारे आयाम सम्माहित हैं।</p>
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