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	<title>Bihar transport department &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>Bihar transport department &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>कार चलाने का लाइसेंस चाहिए तो देना होगा ट्रेनिंग का सर्टिफिकेट</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 23 Jun 2026 13:06:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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		<category><![CDATA[Bihar transport department]]></category>
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					<description><![CDATA[एलएमवी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मान्यता प्राप्त ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थान का प्रमाणपत्र होगा अनिवार्य पटना, 23 जून।। लाइट मोटर व्हीकल (एलएमवी) ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए अब आवेदकों को राज्य में रजिस्टर्ड ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल से प्रशिक्षण प्राप्त करने का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा. इसके लिए बिहार मोटरगाड़ी नियमावली में संशोधन किया जाएगा. इस व्यवस्था का उद्देश्य नए वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों एवं सुरक्षित ड्राइविंग व्यवहार के प्रति बेहतर ढंग से प्रशिक्षित करना है. यह निर्णय मंगलवार को बिहार सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में लिया गया. परिवहन विभाग मंत्री दामोदर रावत की अध्यक्षता में मुख्य सचिवालय स्थित सभाकक्ष में बिहार सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक आयोजित की गई. बैठक में परिवहन विभाग, पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, गृह विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के नोडल पदाधिकारियों सहित सड़क सुरक्षा परिषद से जुड़े सभी प्रमुख स्टेकहोल्डर्स ने भाग लिया. बैठक में सड़क सुरक्षा को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से विभिन्न महत्वपूर्ण एजेंडों पर विचार-विमर्श किया गया तथा कई अहम निर्णय लिए गए. बैठक में परिवहन सचिव राज कुमार, एडीजी मुख्यालय सुधांशु कुमार, बीएसआरटीसी प्रशासक अतुल कुमार वर्मा, अपर सचिव प्रवीण कुमार, उप सचिव अरुणा कुमारी आदि उपस्थित थे. वर्तमान में बिहार में लगभग 41 निबंधित ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल संचालित हैं जहां प्रशिक्षित प्रशिक्षकों द्वारा आधुनिक मानकों के अनुरूप ड्राइविंग प्रशिक्षण दिया जा रहा है. मोटर वाहन चालन प्रशिक्षण संस्थान कुल 66 खोलने के लिए स्वीकृति दी गई है, जिसमें 41 खुल चुके हैं एवं 25 निर्माणाधीन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>एलएमवी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मान्यता प्राप्त ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थान का प्रमाणपत्र होगा अनिवार्य</strong></p>



<ul class="wp-block-list">
<li><strong>बिहार सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में लिये गए कई महत्वपूर्ण निर्णय</strong></li>



<li><strong>परिवहन मंत्री की अध्यक्षता में हुई बिहार सड़क सुरक्षा परिषद् की बैठक</strong></li>
</ul>



<p><strong>पटना, 23 जून।। </strong>लाइट मोटर व्हीकल (एलएमवी) ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए अब आवेदकों को राज्य में रजिस्टर्ड ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल से प्रशिक्षण प्राप्त करने का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा. इसके लिए बिहार मोटरगाड़ी नियमावली में संशोधन किया जाएगा. इस व्यवस्था का उद्देश्य नए वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों एवं सुरक्षित ड्राइविंग व्यवहार के प्रति बेहतर ढंग से प्रशिक्षित करना है. यह निर्णय मंगलवार को बिहार सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में लिया गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-transport-minister-with-secretary-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97252" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-transport-minister-with-secretary-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-transport-minister-with-secretary-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-transport-minister-with-secretary-1536x1152.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>परिवहन विभाग मंत्री दामोदर रावत की अध्यक्षता में मुख्य सचिवालय स्थित सभाकक्ष में बिहार सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक आयोजित की गई. बैठक में परिवहन विभाग, पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, गृह विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के नोडल पदाधिकारियों सहित सड़क सुरक्षा परिषद से जुड़े सभी प्रमुख स्टेकहोल्डर्स ने भाग लिया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="400" height="268" src="https://www.patnanow.com/assets/2016/10/Traffic-jam-in-Patna-Bihar-35779.jpg" alt="" class="wp-image-5701" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2016/10/Traffic-jam-in-Patna-Bihar-35779.jpg 400w, https://www.patnanow.com/assets/2016/10/Traffic-jam-in-Patna-Bihar-35779-225x150.jpg 225w, https://www.patnanow.com/assets/2016/10/Traffic-jam-in-Patna-Bihar-35779-350x235.jpg 350w" sizes="(max-width: 400px) 100vw, 400px" /></figure>



<p>बैठक में सड़क सुरक्षा को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से विभिन्न महत्वपूर्ण एजेंडों पर विचार-विमर्श किया गया तथा कई अहम निर्णय लिए गए. बैठक में परिवहन सचिव राज कुमार, एडीजी मुख्यालय सुधांशु कुमार, बीएसआरटीसी प्रशासक अतुल कुमार वर्मा, अपर सचिव  प्रवीण कुमार, उप सचिव अरुणा कुमारी आदि उपस्थित थे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="643" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-transport-minister-meeting-in-road-safety-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97251" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-transport-minister-meeting-in-road-safety-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-transport-minister-meeting-in-road-safety-650x408.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>वर्तमान में बिहार में लगभग 41 निबंधित ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल संचालित हैं जहां प्रशिक्षित प्रशिक्षकों द्वारा आधुनिक मानकों के अनुरूप ड्राइविंग प्रशिक्षण दिया जा रहा है. मोटर वाहन चालन प्रशिक्षण संस्थान कुल 66 खोलने के लिए स्वीकृति दी गई है, जिसमें 41 खुल चुके हैं एवं 25 निर्माणाधीन है. वाहन चालकों के बीच सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सभी जिलों का वार्षिक प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार किया गया है. साथ ही सड़क सुरक्षा से संबंधित एक मानक मार्गदर्शिका (रोड सेफ्टी गाइडलाइन) भी तैयार कर सभी जिलों को उपलब्ध करा दी गई है. इसी मार्गदर्शिका के आधार पर राज्य के सरकारी एवं गैर-सरकारी वाहन चालकों को नियमित रूप से सड़क सुरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है.</p>



<p><em>परिवहन विभाग मंत्री दामोदर रावत</em> ने कहा कि बिहार सरकार सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित चालक ही सुरक्षित यातायात व्यवस्था की सबसे मजबूत कड़ी होते हैं. एलएमवी लाइसेंस के लिए मान्यता प्राप्त ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थान का प्रमाणपत्र अनिवार्य करने का निर्णय सड़क दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा. उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ सड़क सुरक्षा अभियानों को और प्रभावी बनाने तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का निर्देश दिया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="719" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-road-safety-meeting-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97250" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-road-safety-meeting-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-road-safety-meeting-650x457.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>परिवहन सचिव राजकुमार ने कहा कि विभाग सड़क सुरक्षा को व्यवहारिक रूप से मजबूत करने के लिए प्रशिक्षण आधारित मॉडल पर विशेष जोर दे रहा है. उन्होंने कहा कि सभी जिलों के लिए वार्षिक प्रशिक्षण कैलेंडर और सड़क सुरक्षा मार्गदर्शिका तैयार कर दी गई है. इसका उद्देश्य सरकारी एवं गैर-सरकारी वाहन चालकों को यातायात नियमों, सुरक्षित ड्राइविंग तकनीकों और जिम्मेदार सड़क उपयोग के प्रति प्रशिक्षित करना है. प्रशिक्षित चालक न केवल अपनी बल्कि अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित करते हैं. उन्होंने बताया कि विभाग भविष्य में भी सड़क सुरक्षा से जुड़े प्रशिक्षण, जागरूकता एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रमों को और व्यापक स्तर पर संचालित करेगा, जिससे बिहार में सुरक्षित एवं अनुशासित यातायात संस्कृति को बढ़ावा मिल सके.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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			</item>
		<item>
		<title>बिहार में इलेक्ट्रिक वाहनों का बढ़ रहा क्रेज, ईवी हब के रूप में उभर रहा पटना</title>
		<link>https://www.patnanow.com/electric-vehicle-sales-up/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 13 Apr 2025 15:27:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar transport department]]></category>
		<category><![CDATA[electric vehicle]]></category>
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					<description><![CDATA[ई वाहनों की वृद्धि से प्रदूषण मुक्त सफर की दिशा में आगे बढ़ रहा बिहार पटना ।। बिहार में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है. वित्तीय वर्ष 2024-25 में 23,096 ईवी का पंजीकरण हो चुका है, जिनमें 22,133 दोपहिया और 963 चारपहिया वाहन शामिल हैं, जो यह दर्शाते हैं कि इलेक्ट्रिक वाहन अब सिर्फ विकल्प नहीं, बल्कि आम जनता की पसंद बन चुके हैं. इस हरित क्रांति में पटना अग्रणी बनकर उभरा है, जहाँ अकेले 5633 ईवी पंजीकृत किए गए. प्रदूषण मुक्त बिहार के निर्माण में भागीदार बनें परिवहन मंत्री शीला कुमारी ने बताया कि बिहार अब ईवी अपनाने में सिर्फ पीछे नहीं, बल्कि नेतृत्व करने की ओर अग्रसर है. हमारा लक्ष्य सिर्फ वाहन बदलना नहीं है हम जीवनशैली बदलने का प्रयास कर रहे हैं. बिहार जल्द ही देश के अग्रणी ईवी राज्यों में गिना जाएगा. हम नागरिकों से अपील करते हैं कि प्रदूषण मुक्त बिहार के निर्माण में भागीदार बनें. 2028 तक राज्य में क्रय और निबंधन होने वाले वाहनों में से 15 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन का लक्ष्य परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2028 तक लक्ष्य है कि बिहार राज्य में क्रय और निबंधन होने वाले वाहनों में से 15 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन हो. इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित किया जा रहा। चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है. चार्जिंग स्टेशन योजना को लागू कर चुके हैं, जिससे गांवों तक ईवी अपनाना संभव होगा. जिले जो बन रहे हैं ईवी परिवर्तन के केंद्र बिहार में ईवी क्रांति की तस्वीर कुछ प्रमुख [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>ई वाहनों की वृद्धि से प्रदूषण मुक्त सफर की दिशा में आगे बढ़ रहा बिहार</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="645" height="732" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/04/1000452618.jpg" alt="" class="wp-image-89868" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/04/1000452618.jpg 645w, https://www.patnanow.com/assets/2025/04/1000452618-573x650.jpg 573w" sizes="auto, (max-width: 645px) 100vw, 645px" /></figure>



<ul class="wp-block-list">
<li><strong>वित्तीय वर्ष 2024-25 में 23,096 ई-वाहनों का हुआ रजिस्ट्रेशन</strong></li>



<li><strong>पटना, गया, मुजफ्फरपुर में सबसे अधिक ई वाहनों का रजिस्ट्रेशन</strong></li>
</ul>



<p>पटना ।। बिहार में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है. वित्तीय वर्ष 2024-25 में 23,096 ईवी का पंजीकरण हो चुका है, जिनमें 22,133 दोपहिया और 963 चारपहिया वाहन शामिल हैं, जो यह दर्शाते हैं कि इलेक्ट्रिक वाहन अब सिर्फ विकल्प नहीं, बल्कि आम जनता की पसंद बन चुके हैं. इस हरित क्रांति में पटना अग्रणी बनकर उभरा है, जहाँ अकेले 5633 ईवी पंजीकृत किए गए.</p>



<p><strong>प्रदूषण मुक्त बिहार के निर्माण में भागीदार बनें</strong></p>



<p>परिवहन मंत्री शीला कुमारी ने बताया कि बिहार अब ईवी अपनाने में सिर्फ पीछे नहीं, बल्कि नेतृत्व करने की ओर अग्रसर है. हमारा लक्ष्य सिर्फ वाहन बदलना नहीं है हम जीवनशैली बदलने का प्रयास कर रहे हैं. बिहार जल्द ही देश के अग्रणी ईवी राज्यों में गिना जाएगा. हम नागरिकों से अपील करते हैं कि प्रदूषण मुक्त बिहार के निर्माण में भागीदार बनें.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="589" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/11/pnc-bihar-transport-department.jpg" alt="" class="wp-image-56867" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/11/pnc-bihar-transport-department.jpg 589w, https://www.patnanow.com/assets/2021/11/pnc-bihar-transport-department-344x350.jpg 344w" sizes="auto, (max-width: 589px) 100vw, 589px" /></figure>



<p><strong>2028 तक राज्य में क्रय और निबंधन होने वाले वाहनों में से 15 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन का लक्ष्य</strong></p>



<p>परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2028 तक लक्ष्य है कि बिहार राज्य में क्रय और निबंधन होने वाले वाहनों में से 15 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन हो. इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित किया जा रहा। चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है. चार्जिंग स्टेशन योजना को लागू कर चुके हैं, जिससे गांवों तक ईवी अपनाना संभव होगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="823" height="579" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/04/1000452615.jpg" alt="" class="wp-image-89869" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/04/1000452615.jpg 823w, https://www.patnanow.com/assets/2025/04/1000452615-650x457.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 823px) 100vw, 823px" /></figure>



<p><strong>जिले जो बन रहे हैं ईवी परिवर्तन के केंद्र</strong></p>



<p>बिहार में ईवी क्रांति की तस्वीर कुछ प्रमुख जिलों में और भी स्पष्ट नजर आती है, जहां न केवल रजिस्ट्रेशन की संख्या अधिक है, बल्कि जनता में ईवी के प्रति जागरूकता, स्वीकार्यता और उपयोगिता भी तेजी से बढ़ रही है. देखा जाय तो बिहार में ईवी अपनाने की गति एकरूप नहीं है — कुछ जिले ऐसे हैं जो इस परिवर्तन की आगुवाई कर रहे हैं, जहाँ ईवी सिर्फ एक विकल्प नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक बदलाव का प्रतीक बन चुका है. इन जिलों को हम ईवी परिवर्तन के केंद्र कह सकते हैं.</p>



<p>1.<strong>पटना – राज्य की ईवी राजधानी</strong></p>



<p>कुल ईवी वाहनों पंजीकरण: 5633 (4963 दोपहिया, 670 चारपहिया)<br>महानगरों की तर्ज पर चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क विकसित हो रहा है. निजी वाहन धारकों के साथ-साथ कई सरकारी विभागों ने भी ईवी को अपनाया है.</p>



<ol start="2" class="wp-block-list">
<li><strong>गया – धार्मिक नगरी में हरित पहल</strong></li>
</ol>



<p>कुल ईवी वाहनों का पंजीकरण: 1821 (1782 दोपहिया, 39 चारपहिया)</p>



<p>तीर्थाटन एवं पर्यटन क्षेत्र को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में ईवी को प्राथमिकता. स्कूल, कॉलेज व निजी संस्थानों द्वारा ई-स्कूटर की व्यापक खरीद</p>



<ol start="3" class="wp-block-list">
<li><strong>मुजफ्फरपुर – व्यापारिक व शैक्षिक केंद्र में तेजी से अपनाया जा रहा ईवी<br>कुल ईवी वाहनों का पंजीकरण: 1696 (1624 दोपहिया, 72 चारपहिया)</strong></li>
</ol>



<p>युवाओं और मध्यमवर्गीय परिवारों में ईवी की मांग में जबरदस्त वृद्धि.</p>



<ol start="4" class="wp-block-list">
<li><strong>मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) – सीमावर्ती जिला, अब हरित गतिशक्ति का मॉडल<br>कुल ईवी वाहनों का पंजीकरण: 1401 (1395 दोपहिया, 6 चारपहिया)</strong></li>
</ol>



<p>पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के कारण ईवी को प्राथमिकता. ग्रामीण क्षेत्रों में बैटरी स्वैपिंग केंद्रों की स्थापना शुरू.</p>



<ol start="5" class="wp-block-list">
<li><strong>समस्तीपुर – शिक्षण और कृषि के केंद्र में हरित वाहन. कुल ईवी वाहनों का पंजीकरण: 1055 (1051 दोपहिया, 4 चारपहिया)</strong></li>
</ol>



<p>कॉलेज जाने वाले छात्रों और शिक्षकों में ई-स्कूटर की लोकप्रियता. कृषि एवं डेयरी से जुड़े लोग स्थानीय आवागमन में ईवी का प्रयोग कर रहे हैं.</p>



<p><strong>ईवी को बढ़ावा देने हेतु सरकार की पहल</strong></p>



<ul class="wp-block-list">
<li>बिहार इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2023 : प्रोत्साहन राशि एवं वाहन कर में छूट.</li>



<li>चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर: पब्लिक चार्जिंग स्टेशन में विस्तार.</li>



<li>निजी एवं सरकारी क्षेत्रों में ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाने के राज्य सरकार द्वारा अनुदान.</li>



<li>युवाओं के लिए अवसर: EV मैकेनिक, चार्जिंग स्टेशन ऑपरेटर, बैटरी रीसायक्लिंग आदि में रोजगार.</li>
</ul>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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