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	<title>bihar news &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>&#8216;अन्तर्राष्ट्रीय खेलों को बिहार में ओलम्पिक स्तर की सुविधाएं मिलेगी&#8217;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 06 Jun 2026 17:55:13 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[सीएम ने की खेल विभाग की समीक्षा राजगीर में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण 31 दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने का निर्देश पटना।। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में खेल विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. बैठक में खेल विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल ने खेल अवसंरचना का विकास, विभिन्न योजनाओं की अद्यतन स्थिति, खिलाड़ियों को दी जा रही सुविधायें, प्रोत्साहन एवं सम्मान तथा राज्य में खेल विकास के लिये भावी कार्य योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी. समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय खेलों को बिहार में ओलम्पिक स्तर की सुविधाएं दी जायेगी. उन्होंने कहा कि राज्य में खेल को बढ़ावा देने के लिये कई कदम उठायें गये हैं. राज्य में विश्वस्तरीय खेल अवसंरचनाओं का निर्माण चरणबद्ध ढंग से किया जा रहा है. युवा एवं प्रतिभावान खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि हासिल करने पर उन्हें सम्मानित किया जा रहा है. बेहतर खेल प्रदर्शन के लिये खिलाड़ियों को सुविधायें देने के साथ-साथ उन्हें &#8216;मेडल लाओ नौकरी पाओ&#8217; योजना के तहत प्रोत्साहित किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राजगीर में निर्माणाधीन अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण 31 दिसंबर 2026 तक पूर्ण करें. पटना के डुमरी खेल परिसर में सभी खेलों के लिये अलग-अलग अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम का निर्माण कराया जाए. उन्होंने कहा कि राज्य के कुल 8053 ग्राम पंचायतों में से 4700 ग्राम पंचायतों में कुल 5266 में खेल मैदान का निर्माण पूर्ण हो गया है. शेष खेल मैदानों का निर्माण कार्य जल्द पूर्ण [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>सीएम ने की खेल विभाग की समीक्षा </strong></p>



<p><strong>राजगीर में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण 31 दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने का निर्देश </strong></p>



<p>पटना।। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में खेल विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. बैठक में खेल विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल ने खेल अवसंरचना का विकास, विभिन्न योजनाओं की अद्यतन स्थिति, खिलाड़ियों को दी जा रही सुविधायें, प्रोत्साहन एवं सम्मान तथा राज्य में खेल विकास के लिये भावी कार्य योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="570" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-cm-Samiksha-industries-department-1-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97042" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-cm-Samiksha-industries-department-1-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-cm-Samiksha-industries-department-1-650x362.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय खेलों को बिहार में ओलम्पिक स्तर की सुविधाएं दी जायेगी. उन्होंने कहा कि राज्य में खेल को बढ़ावा देने के लिये कई कदम उठायें गये हैं. राज्य में विश्वस्तरीय खेल अवसंरचनाओं का निर्माण चरणबद्ध ढंग से किया जा रहा है. युवा एवं प्रतिभावान खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि हासिल करने पर उन्हें सम्मानित किया जा रहा है. बेहतर खेल प्रदर्शन के लिये खिलाड़ियों को सुविधायें देने के साथ-साथ उन्हें &#8216;मेडल लाओ नौकरी पाओ&#8217; योजना के तहत प्रोत्साहित किया जा रहा है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="774" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-cm-samrat-chaudhary-11-1-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97040" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-cm-samrat-chaudhary-11-1-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-cm-samrat-chaudhary-11-1-650x491.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राजगीर में निर्माणाधीन अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण 31 दिसंबर 2026 तक पूर्ण करें. पटना के डुमरी खेल परिसर में सभी खेलों के लिये अलग-अलग अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम का निर्माण कराया जाए. उन्होंने कहा कि राज्य के कुल 8053 ग्राम पंचायतों में से 4700 ग्राम पंचायतों में कुल 5266 में खेल मैदान का निर्माण पूर्ण हो गया है. शेष खेल मैदानों का निर्माण कार्य जल्द पूर्ण करायें. ग्राम पंचायतों में VB-G RAM G (विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन, ग्रामीण) के माध्यम से खेल मैदानों का निर्माण कराएं.</p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना स्थित मोइनुल हक स्टेडियम के पुनर्विकास कार्य में तेजी लाने हेतु बी०सी०सी०आई० एवं बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बी०सी०ए०) के साथ समन्वय स्थापित करें. मोइनुल हक स्टेडियम तक बेहतर सड़क एवं परिवहन कनेक्टिविटी सुनिश्चित करें ताकि खेल के आयोजन के दौरान भीड़ की स्थिति न बने. उन्होंने कहा कि बिहार खेल विश्वविद्यालय, राजगीर में ऐसे पाठ्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाए जिनमें नवाचार, देशस्तर पर उपयोगिता एवं रोजगार की अधिक संभावनाएं हों. जिला स्तरीय खेल भवन-सह-व्यायामशालाओं के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए तथा इनके संचालन एवं रख-रखाव के लिए पी०पी०पी० मॉडल की संभावनाओं का आकलन किया जाए. उन्होंने कहा कि प्रखंड स्तरीय आउटडोर स्टेडियमों के निर्माण कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए तथा इनके संचालन एवं रख-रखाव की व्यवस्था पी०पी०पी० मॉडल के माध्यम से सुनिश्चित की जाए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="538" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-industries-department-Samiksha-by-cm-1-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97041" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-industries-department-Samiksha-by-cm-1-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-industries-department-Samiksha-by-cm-1-650x341.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत स्तर पर नियमित खेल उत्सवों एवं खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन कर ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया जाए. पंचायत खेल क्लबों से पुराने खिलाड़ियों, युवाओं एवं स्थानीय नागरिकों को जोड़कर खेल संस्कृति को विकसित किया जाए. राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा हेतु खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, खेल उपकरण, कोचिंग एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएं. जिला एवं प्रखंड स्तर पर खेल सुविधाओं का विस्तार कर ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया जाए.</p>



<p>बैठक में खेल मंत्री श्रेयसी सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, खेल विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रविन्द्रण शंकरण, खेल विभाग के निदेशक आरिफ अहसन सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>राज्य में बनेंगे 11 मेगा पार्क, सभी जिलों में फूड पार्क बनाने का भी सीएम ने दिया निर्देश</title>
		<link>https://www.patnanow.com/industries-samiksha/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 03 Jun 2026 17:39:43 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[बिहार को &#8216;ईज ऑफ डुइंग बिजनेस&#8217; के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाया जाए औद्योगिक विकास के लिए 50 हजार एकड़ का लैंड बैंक बनायें पटना।। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि औद्योगिक विकास से बिहार समृद्धि के रास्ते पर बढ़ेगा, इसके माध्यम से ही बिहार की तस्वीर बदली जा सकती है. उन्होंने कहा कि राज्य में 11 मेगा पार्क एवं सभी 38 जिलों में फूड पार्क बनायें. औद्योगिक विकास के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करें, 50 हजार एकड़ का लैंड बैंक बनायें. बिहार को निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में विकसित करें. राज्य में संसाधन की कमी नहीं है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को लोक सेवक आवास स्थित &#8216;संकल्प सभागार&#8217; में उद्योग विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. समीक्षा बैठक में उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने, निवेश आकर्षित करने तथा रोजगार सृजन के अवसरों को बढ़ाने के लिए चलायी जा रही योजनाओं एवं कार्यक्रमों की अद्यतन स्थिति तथा भावी कार्य योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी. निवेशकों को उद्योग स्थापित करने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि बिहार के उद्योगपतियों, औद्योगिक संगठनों, उद्यमियों से विचार-विमर्श करें, उनके सुझावों पर अमल करें तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें. मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को &#8216;ईज ऑफ डुइंग बिजनेस&#8217; के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए प्रक्रियाओं को और अधिक सरल एवं पारदर्शी बनायें. उद्योगों से संबंधित सभी अनुमतियां [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>बिहार को &#8216;ईज ऑफ डुइंग बिजनेस&#8217; के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाया जाए</strong></p>



<p><strong>औद्योगिक विकास के लिए 50 हजार एकड़ का लैंड बैंक बनायें</strong></p>



<p>पटना।। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि औद्योगिक विकास से बिहार समृद्धि के रास्ते पर बढ़ेगा, इसके माध्यम से ही बिहार की तस्वीर बदली जा सकती है. उन्होंने कहा कि राज्य में 11 मेगा पार्क एवं सभी 38 जिलों में फूड पार्क बनायें. औद्योगिक विकास के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करें, 50 हजार एकड़ का लैंड बैंक बनायें. बिहार को निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में विकसित करें. राज्य में संसाधन की कमी नहीं है. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="570" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1000950058-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97026" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1000950058-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1000950058-650x362.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को लोक सेवक आवास स्थित &#8216;संकल्प सभागार&#8217; में उद्योग विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की.</p>



<p>समीक्षा बैठक में उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने, निवेश आकर्षित करने तथा रोजगार सृजन के अवसरों को बढ़ाने के लिए चलायी जा रही योजनाओं एवं कार्यक्रमों की अद्यतन स्थिति तथा भावी कार्य योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="538" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-industries-department-Samiksha-by-cm-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97031" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-industries-department-Samiksha-by-cm-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-industries-department-Samiksha-by-cm-650x341.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>निवेशकों को उद्योग स्थापित करने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि बिहार के उद्योगपतियों, औद्योगिक संगठनों, उद्यमियों से विचार-विमर्श करें, उनके सुझावों पर अमल करें तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें.</p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को &#8216;ईज ऑफ डुइंग बिजनेस&#8217; के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए प्रक्रियाओं को और अधिक सरल एवं पारदर्शी बनायें. उद्योगों से संबंधित सभी अनुमतियां एवं सुविधाएं समयबद्ध ढंग से उपलब्ध कराई जाये ताकि निवेशकों का विश्वास मजबूत हो. ग्राम स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा दें. स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापना के लिए प्रोत्साहित करें. फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, फार्मा तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एम०एस०एम०ई०) क्षेत्रों में काफी संभावनायें हैं, इसको ध्यान में रखते हुये इस पर तेजी से कार्य करें. बिहार में टेक्सटाइल इंडस्ट्रियल सेंटर की स्थापना की दिशा में कार्य करें। स्टार्टअप इको सिस्टम को मजबूत कर युवाओं के लिये नये अवसर सृजित किये जाएं. उद्योगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="774" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-cm-samrat-chaudhary-11-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97029" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-cm-samrat-chaudhary-11-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-cm-samrat-chaudhary-11-650x491.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर उद्योगों के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को तेज करें. सभी जिलों के जिलाधिकारी भूमि अधिग्रहण के लिये लोगों से बात करें और उनकी भूमि का उचित मूल्य देकर उन्हें सहमत करायें. उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक इकाइयों को निर्धारित प्रोत्साहन (इंसेंटिव) समय पर उपलब्ध करायें.</p>



<p>इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्रेयशी सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव  प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, उद्योग विभाग के विशेष सचिव अरविंद कुमार वर्मा, निदेशक, एमएसएमई अमन समीर, निदेशक, हथकरघा एवं रेशम उत्पादन विद्यानंद सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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			</item>
		<item>
		<title>बिहार में 16 औद्योगिक इकाइयों और 7 होटल प्रस्तावों को PCC की बैठक में मिली स्वीकृति</title>
		<link>https://www.patnanow.com/industries-clearance/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 03 Jun 2026 13:48:07 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[₹1000 करोड़ के निवेश से 3,200 रोजगार के अवसर होंगे सृजित पटना।। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (BIADA) की परियोजना समाशोधन समिति (PCC) की बैठक में समिति द्वारा 16 परियोजनाओं एवं 7 होटल प्रस्ताव के लिए 31.78 एकड़ भूमि आवंटित की गई. प्रस्तावित परियोजनाओं के माध्यम से राज्य में ₹ 992.63 करोड़ के निवेश का अनुमान है, जिससे लगभग 3,146 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे. बैठक उद्योग विभाग के सचिव सह प्रबंध निदेशक, बियाडा एवं आएडा, कुंदन कुमार की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक आयोजित की गई. उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि राज्य में स्वीकृत हो रही नई औद्योगिक परियोजनाएं बिहार के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास को नई गति प्रदान कर रही हैं. उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार एवं कौशल आधारित अवसर सृजित होंगे. बिहार सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण विकसित करते हुए राज्य को आधुनिक औद्योगिक एवं विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है. उद्योग विभाग के सचिव सह प्रबंध निदेशक, बियाडा एवं आएडा, कुंदन कुमार ने कहा कि राज्य सरकार संतुलित एवं समावेशी औद्योगिक विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है. BIADA के माध्यम से पारदर्शी एवं समयबद्ध प्रक्रिया के तहत निवेशकों को औद्योगिक भूखंड उपलब्ध कराए जा रहे हैं. साथ ही, सुदृढ़ अवसंरचना, बेहतर कनेक्टिविटी, सुगम प्रक्रियाएं एवं नीतिगत सहयोग के माध्यम से निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि परियोजनाओं का त्वरित एवं प्रभावी क्रियान्वयन हो सके. समिति द्वारा स्वीकृत परियोजनाओं में खाद्य प्रसंस्करण, राइस [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>₹1000 करोड़ के निवेश से 3,200 रोजगार के अवसर होंगे सृजित</strong></p>



<p>पटना।। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (BIADA) की परियोजना समाशोधन समिति (PCC) की बैठक में समिति द्वारा 16 परियोजनाओं एवं 7 होटल प्रस्ताव के लिए 31.78 एकड़ भूमि आवंटित की गई. प्रस्तावित परियोजनाओं के माध्यम से राज्य में ₹ 992.63 करोड़ के निवेश का अनुमान है, जिससे लगभग 3,146 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे. बैठक उद्योग विभाग के सचिव सह प्रबंध निदेशक, बियाडा एवं आएडा, कुंदन कुमार की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक आयोजित की गई.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="894" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-udyog-industries-shreyasi-singh-ias-kundan-Kumar-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97016" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-udyog-industries-shreyasi-singh-ias-kundan-Kumar-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-udyog-industries-shreyasi-singh-ias-kundan-Kumar-650x568.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि राज्य में स्वीकृत हो रही नई औद्योगिक परियोजनाएं बिहार के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास को नई गति प्रदान कर रही हैं. उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार एवं कौशल आधारित अवसर सृजित होंगे. बिहार सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण विकसित करते हुए राज्य को आधुनिक औद्योगिक एवं विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है.</p>



<p>उद्योग विभाग के सचिव सह प्रबंध निदेशक, बियाडा एवं आएडा, कुंदन कुमार ने कहा कि राज्य सरकार संतुलित एवं समावेशी औद्योगिक विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है. BIADA के माध्यम से पारदर्शी एवं समयबद्ध प्रक्रिया के तहत निवेशकों को औद्योगिक भूखंड उपलब्ध कराए जा रहे हैं. साथ ही, सुदृढ़ अवसंरचना, बेहतर कनेक्टिविटी, सुगम प्रक्रियाएं एवं नीतिगत सहयोग के माध्यम से निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि परियोजनाओं का त्वरित एवं प्रभावी क्रियान्वयन हो सके.</p>



<p>समिति द्वारा स्वीकृत परियोजनाओं में खाद्य प्रसंस्करण, राइस मिल, PEB स्ट्रक्चर निर्माण, स्टील रूफिंग शीट निर्माण, गारमेंट्स, कॉटन विक एवं अगरबत्ती निर्माण, करुगेटेड पेपर निर्माण तथा जनरल मैन्युफैक्चरिंग जैसे विविध क्षेत्र शामिल हैं  इन परियोजनाओं के माध्यम से राज्य के औद्योगिक आधार को मजबूती मिलेगी तथा स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा  ये इकाइयां राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित की जाएंगी, जिनमें प्रमुख हैं- IA फतुहा, IA बैजनाथपुर, IA गोरौल, IA समस्तीपुर, IA डोनार, Large Industrial Estate (LIE) Barari, Industrial Growth Centre (IGC) मरंगा, IA मुजफ्फरपुर, IA पाटलिपुत्र एवं IA हाजीपुर.</p>



<p>प्रमुख स्वीकृत इकाइयों में Amul Dairy, शिव दुर्गा एग्रो, मूगी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, M/S MSQ Clothing LLP, M/s Banka Industries, Honesty Automation Pvt Ltd, M/s Shree Jee Roofing, Siya Ram Food Industries, M/s Jyoti Printing Works, M/s Rajrani Textile, M/s OM Mangalam और M/s Liefde Bakers Pvt Ltd एवं होटल प्रस्तावों जैसे- M/s Civmil Industries Pvt Ltd, M/s MCS India Ltd, M/s Maa Mundeshwari Agro Mill Pvt Ltd सहित अन्य कंपनियां शामिल हैं. इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी तथा युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भ्रष्टाचार पर राजस्व विभाग में फिर प्रहार; आठ और अंचल अधिकारियों पर कार्रवाई</title>
		<link>https://www.patnanow.com/revenue-minister-action-on-co/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 02 Jun 2026 17:47:02 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[Dilip jaisawal]]></category>
		<category><![CDATA[Revenue and land reforms department]]></category>
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					<description><![CDATA[जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लगातार कार्रवाई जारी, एक सप्ताह में 23 अधिकारियों पर गिरी गाज पटना।। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज करते हुए मंगलवार को आठ अंचल अधिकारियों एवं राजस्व अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की है. विभागीय संचिका पर राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल द्वारा अनुमोदित निर्णय के तहत विभिन्न मामलों में विभागीय कार्रवाई, आरोप पत्र गठन, वेतन वृद्धि पर रोक तथा विशेष जांच जैसे कदम उठाए गए हैं. मंत्री डॉ. जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन, दाखिल-खारिज, परिमार्जन तथा राजस्व प्रशासन से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, भ्रष्टाचार या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. विभाग की &#8220;जीरो टॉलरेंस&#8221; नीति के तहत दोषी अधिकारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी कार्रवाई की सूची में सबसे पहला नाम रोहतास जिले के डिहरी की तत्कालीन अंचल अधिकारी एवं वर्तमान में सेवानिवृत्त सीमा रानी का है. उन पर सरकारी भूमि से संबंधित अभिलेखों में जालसाजी कर सरकारी जमीन के बंदरबांट के मामले को गंभीरता से नहीं लेने, दाखिल-खारिज अपील के आदेश का अनुपालन नहीं करने तथा नियमों के विरुद्ध अपने चहेते कर्मी को लाभ पहुंचाने के आरोप हैं. इस मामले में विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया है.औरंगाबाद के तत्कालीन राजस्व अधिकारी तथा वर्तमान में बक्सर जिले के इटाढ़ी अंचल अधिकारी संतोष कुमार प्रीतम पर गैरमजरूआ मालिक खाते की भूमि को रैयती बताकर दाखिल-खारिज की अनुशंसा करने का आरोप सिद्ध होने पर संचयी प्रभाव के बिना एक वेतन [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लगातार कार्रवाई जारी, एक सप्ताह में 23 अधिकारियों पर गिरी गाज</strong></p>



<p>पटना।। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज करते हुए मंगलवार को आठ अंचल अधिकारियों एवं राजस्व अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की है. विभागीय संचिका पर राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल द्वारा अनुमोदित निर्णय के तहत विभिन्न मामलों में विभागीय कार्रवाई, आरोप पत्र गठन, वेतन वृद्धि पर रोक तथा विशेष जांच जैसे कदम उठाए गए हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-department-meeting-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96783" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-department-meeting-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-department-meeting-650x488.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मंत्री डॉ. जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन, दाखिल-खारिज, परिमार्जन तथा राजस्व प्रशासन से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, भ्रष्टाचार या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. विभाग की &#8220;जीरो टॉलरेंस&#8221; नीति के तहत दोषी अधिकारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="501" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-and-land-reforms-department-1-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96909" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-and-land-reforms-department-1-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-and-land-reforms-department-1-650x318.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कार्रवाई की सूची में सबसे पहला नाम रोहतास जिले के डिहरी की तत्कालीन अंचल अधिकारी एवं वर्तमान में सेवानिवृत्त सीमा रानी का है. उन पर सरकारी भूमि से संबंधित अभिलेखों में जालसाजी कर सरकारी जमीन के बंदरबांट के मामले को गंभीरता से नहीं लेने, दाखिल-खारिज अपील के आदेश का अनुपालन नहीं करने तथा नियमों के विरुद्ध अपने चहेते कर्मी को लाभ पहुंचाने के आरोप हैं. इस मामले में विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया है.<br>औरंगाबाद के तत्कालीन राजस्व अधिकारी तथा वर्तमान में बक्सर जिले के इटाढ़ी अंचल अधिकारी संतोष कुमार प्रीतम पर गैरमजरूआ मालिक खाते की भूमि को रैयती बताकर दाखिल-खारिज की अनुशंसा करने का आरोप सिद्ध होने पर संचयी प्रभाव के बिना एक वेतन वृद्धि पर रोक लगाने का दंड दिया गया है.<br>गोपालगंज जिले के बरौली के तत्कालीन राजस्व अधिकारी  विजय कुमार सिंह, जिन्हें निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने जनवरी 2026 में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था, उनके विरुद्ध आरोप पत्र गठित किया गया है. वर्तमान में वे निलंबित हैं.<br>मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर की तत्कालीन अंचल अधिकारी  रूचि कुमारी पर बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) की भूमि को निजी व्यक्ति के पक्ष में दाखिल-खारिज करने के गंभीर आरोप लगे हैं. मामले की गहन जांच के लिए मुख्यालय स्तर पर दो सदस्यीय जांच दल गठित किया गया है.<br>बेगूसराय जिले के साहेबपुरकमाल के तत्कालीन प्रभारी अंचल अधिकारी तथा वर्तमान में सुपौल के अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी चंदन कुमार पर बाढ़ राहत मद की राशि में 11.47 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता का आरोप है। इस मामले में भी आरोप पत्र गठित किया गया है.<br>पश्चिम चंपारण के बगहा-1 के अंचल अधिकारी उदय शंकर मिश्रा पर गैरमजरूआ खाते की भूमि का खाता बदलकर बिना स्थलीय जांच के दाखिल-खारिज स्वीकृत करने के आरोप में आरोप पत्र गठित किया गया है.<br>पूर्वी चंपारण के रामगढ़वा अंचल अधिकारी राजा कुमार पर राजस्व कार्यों में बिचौलियों के माध्यम से रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार तथा परिमार्जन जैसे महत्वपूर्ण मामलों के समय पर निष्पादन में विफल रहने के आरोप लगे हैं. उनके विरुद्ध भी आरोप पत्र गठित किया गया है.<br>वहीं पश्चिम चंपारण के रामनगर के तत्कालीन अंचल अधिकारी एवं वर्तमान में भू-अर्जन कार्यालय, पश्चिम चंपारण में पदस्थापित राजस्व अधिकारी-सह-कानूनगो विनोद कुमार मिश्रा पर विभिन्न दाखिल-खारिज वादों में गैरमजरूआ भूमि का खाता-खेसरा बदलकर स्वीकृति देने के आरोप में आरोप पत्र गठित किया गया है.<br>बता दें कि राजस्व मंत्री ने इससे पहले 27 मई को 14 अंचल अधिकारियों एवं राजस्व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की थी. इसके बाद 1 जून को सासाराम सदर अंचल के अंचल अधिकारी पर भी विभागीय कार्रवाई की गई थी. मंगलवार की कार्रवाई को जोड़ दें तो पिछले एक सप्ताह के भीतर कुल 23 अधिकारियों पर विभाग की गाज गिर चुकी है.<br>मंत्री डॉ जायसवाल ने कहा है कि सरकारी भूमि की सुरक्षा, राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता तथा आम नागरिकों को भ्रष्टाचार-मुक्त सेवाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसी उद्देश्य से अनियमितता और भ्रष्टाचार के मामलों की लगातार निगरानी की जा रही है तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है.<br>ऐसी कार्रवाई से राजस्व प्रशासन में जवाबदेही बढ़ेगी, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा तथा आम लोगों का सरकारी व्यवस्था पर भरोसा और मजबूत होगा.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>सक्षम, जवाबदेह और नियमसम्मत प्रशासन के लिए अधिकारियों को मिला नया ‘साथी’</title>
		<link>https://www.patnanow.com/ais-book-release/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 02 Jun 2026 17:00:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[bihar news]]></category>
		<category><![CDATA[Book on ais]]></category>
		<category><![CDATA[BOOK RELEASE]]></category>
		<category><![CDATA[Ias officer]]></category>
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					<description><![CDATA[मुख्य सचिव ने ‘Essential Companion of An AIS Officer’ पुस्तक का किया विमोचन, नवीनतम नियमों व न्यायिक निर्णयों का है संकलन अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों के प्रशिक्षण एवं क्षमता संवर्द्धन के लिए तैयार की गई संदर्भ पुस्तक, प्रशासनिक कार्यों में होगी उपयोगी पटना।। मुख्य जाँच आयुक्त निदेशालय, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘Essential Companion of An AIS Officer’ का विमोचन मंगलवार को मुख्य सचिवालय के सभाकक्ष में आयोजित एक कार्यक्रम में बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत द्वारा किया गया. कार्यक्रम में भारतीय प्रशासनिक सेवा के कई वरीय अधिकारियों ने भाग लिया. कार्यक्रम का शुभारंभ अपर मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग डॉ बी राजेन्दर के स्वागत संबोधन से हुआ. इसके बाद महानिदेशक-सह-मुख्य जाँच आयुक्त दीपक कुमार सिंह ने पुस्तक का परिचय प्रस्तुत करते हुए इसके उद्देश्य एवं उपयोगिता पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि यह पुस्तक अखिल भारतीय सेवा (AIS) के नए एवं सेवारत अधिकारियों के प्रशिक्षण, क्षमता संवर्द्धन तथा अनुशासनिक कार्रवाईयों के प्रभावी संचालन को ध्यान में रखकर तैयार की गई है.उन्होंने कहा कि पुस्तक में लोक सेवाओं से संबंधित संवैधानिक प्रावधानों, अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1969, अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियमावली, 1968, अभियोजन स्वीकृति से जुड़े प्रावधानों तथा सिंगल विंडो सिस्टम के तहत अपील एवं समीक्षा संबंधी वर्ष 2023, 2024 एवं 2025 के नवीनतम परिपत्रों और दिशा-निर्देशों को समाहित किया गया है. इसके अतिरिक्त महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णयों का भी इसमें संकलन किया गया है. मुख्य सचिव ने पुस्तक का विमोचन करते हुए इसे प्रशासनिक अधिकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ बताया. उन्होंने [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>मुख्य सचिव ने ‘Essential Companion of An AIS Officer’ पुस्तक का किया विमोचन, नवीनतम नियमों व न्यायिक निर्णयों का है संकलन</strong></p>



<p><strong>अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों के प्रशिक्षण एवं क्षमता संवर्द्धन के लिए तैयार की गई संदर्भ पुस्तक, प्रशासनिक कार्यों में होगी उपयोगी</strong></p>



<p>पटना।। मुख्य जाँच आयुक्त निदेशालय, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘Essential Companion of An AIS Officer’ का विमोचन मंगलवार को मुख्य सचिवालय के सभाकक्ष में आयोजित एक कार्यक्रम में बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत द्वारा किया गया. कार्यक्रम में भारतीय प्रशासनिक सेवा के कई वरीय अधिकारियों ने भाग लिया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-book-release-on-ais-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97001" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-book-release-on-ais-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-book-release-on-ais-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-book-release-on-ais-1536x1024.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-book-release-on-ais-2048x1365.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कार्यक्रम का शुभारंभ अपर मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग डॉ बी राजेन्दर के स्वागत संबोधन से हुआ. इसके बाद महानिदेशक-सह-मुख्य जाँच आयुक्त दीपक कुमार सिंह ने पुस्तक का परिचय प्रस्तुत करते हुए इसके उद्देश्य एवं उपयोगिता पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि यह पुस्तक अखिल भारतीय सेवा (AIS) के नए एवं सेवारत अधिकारियों के प्रशिक्षण, क्षमता संवर्द्धन तथा अनुशासनिक कार्रवाईयों के प्रभावी संचालन को ध्यान में रखकर तैयार की गई है.<br>उन्होंने कहा कि पुस्तक में लोक सेवाओं से संबंधित संवैधानिक प्रावधानों, अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1969, अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियमावली, 1968, अभियोजन स्वीकृति से जुड़े प्रावधानों तथा सिंगल विंडो सिस्टम के तहत अपील एवं समीक्षा संबंधी वर्ष 2023, 2024 एवं 2025 के नवीनतम परिपत्रों और दिशा-निर्देशों को समाहित किया गया है. इसके अतिरिक्त महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णयों का भी इसमें संकलन किया गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-ias-pratyay-amrit-with-b-rajinder-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97000" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-ias-pratyay-amrit-with-b-rajinder-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-ias-pratyay-amrit-with-b-rajinder-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-ias-pratyay-amrit-with-b-rajinder-1536x1024.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-ias-pratyay-amrit-with-b-rajinder-2048x1365.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मुख्य सचिव ने पुस्तक का विमोचन करते हुए इसे प्रशासनिक अधिकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ बताया. उन्होंने कहा कि इस प्रकार की संकलित और अद्यतन सामग्री अधिकारियों को सेवा संबंधी नियमों, अनुशासनिक प्रक्रियाओं तथा प्रशासनिक निर्णयों के संबंध में बेहतर समझ विकसित करने में सहायक होगी. उन्होंने कहा कि मुख्य जांच आयुक्त के नेतृत्व में उनकी टीम लगातार बेहतरीन कार्य कर रही है. उनकी टीम डॉक्यूमेंटेशन, ट्रेनिंग एवं कैपेसिटी बिल्डिंग की दिशा में बेहतर प्रयास कर रही है. यह फ्यूचर जेनरेशन के लिए उपयोगी कार्य है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="919" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-cs-and-acs-deepak-kumar-Singh-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97002" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-cs-and-acs-deepak-kumar-Singh-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-cs-and-acs-deepak-kumar-Singh-650x584.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-cs-and-acs-deepak-kumar-Singh-1536x1379.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कार्यक्रम के अंत में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव मो. सोहैल ने धन्यवाद ज्ञापन किया. उन्होंने पुस्तक के प्रकाशन को प्रशासनिक क्षमता निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए इसके लिए मुख्य जाँच आयुक्त निदेशालय के प्रयासों की सराहना की. प्रशासनिक अधिकारियों के बीच इस पुस्तक को एक उपयोगी मार्गदर्शिका के रूप में देखा जा रहा है, जो सेवा संबंधी नियमों और प्रक्रियाओं की समग्र जानकारी उपलब्ध कराएगी. कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरविंदर सिंह भी उपस्थित थे.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
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		<title>&#8216;मठ–मंदिरों की जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए बनेगा स्पेशल सेल&#8217;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/mandir-bhumi-atikraman-hatega/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 30 May 2026 05:13:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar Bhumi]]></category>
		<category><![CDATA[bihar news]]></category>
		<category><![CDATA[ENCROACHMENT]]></category>
		<category><![CDATA[land dispute]]></category>
		<category><![CDATA[Mandir bhumi dispute]]></category>
		<category><![CDATA[Revenue minister order]]></category>
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					<description><![CDATA[राजस्व विभाग, विधि विभाग एवं धार्मिक न्यास पर्षद मिलकर तैयार करेंगे एसओपी, ट्रिब्यूनल के आदेशों पर अभियान चलाकर होगी कार्रवाई पटना।। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल की अध्यक्षता में राज्यभर में स्थित बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद की जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराने को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में धार्मिक न्यास, मठ, मंदिर, देवालय की भूमि की सुरक्षा, अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को तेज करने तथा इसके लिए समन्वित तंत्र विकसित करने पर विस्तृत चर्चा हुई. बैठक में विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर, बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के अध्यक्ष रणवीर नंदन, विधि विभाग के विशेष सचिव वैष्णव शंकर मल्होत्रा, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह, सीमा त्रिपाठी सहित राजस्व विभाग के अन्य वरीय अधिकारी मौजूद थे.बैठक के दौरान माननीय मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि राज्यभर के धार्मिक न्यास, मठ, मंदिर एवं देवालय की लाखों एकड़ जमीन की सुरक्षा राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि लंबे समय से कई धार्मिक न्यासों की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतें सामने आती रही हैं, जिसे गंभीरता से लेते हुए सरकार अब व्यापक स्तर पर कार्रवाई की तैयारी कर रही है. मंत्री ने कहा कि इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, विधि विभाग तथा बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद को मिलाकर एक स्पेशल सेल का गठन किया जाएगा. यह सेल धार्मिक न्यास परिषद की भूमि से जुड़े मामलों की निगरानी, कानूनी कार्रवाई तथा अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को समन्वित [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>राजस्व विभाग, विधि विभाग एवं धार्मिक न्यास पर्षद मिलकर तैयार करेंगे एसओपी, ट्रिब्यूनल के आदेशों पर अभियान चलाकर होगी कार्रवाई</strong></p>



<p>पटना।। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल की अध्यक्षता में राज्यभर में स्थित बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद की जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराने को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में धार्मिक न्यास, मठ, मंदिर, देवालय की भूमि की सुरक्षा, अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को तेज करने तथा इसके लिए समन्वित तंत्र विकसित करने पर विस्तृत चर्चा हुई.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1000943564-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96929" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1000943564-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1000943564-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1000943564-1536x1023.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बैठक में विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर, बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के अध्यक्ष रणवीर नंदन, विधि विभाग के विशेष सचिव वैष्णव शंकर मल्होत्रा, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह, सीमा त्रिपाठी सहित राजस्व विभाग के अन्य वरीय अधिकारी मौजूद थे.<br>बैठक के दौरान माननीय मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि राज्यभर के धार्मिक न्यास, मठ, मंदिर एवं देवालय की लाखों एकड़ जमीन की सुरक्षा राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि लंबे समय से कई धार्मिक न्यासों की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतें सामने आती रही हैं, जिसे गंभीरता से लेते हुए सरकार अब व्यापक स्तर पर कार्रवाई की तैयारी कर रही है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1000943568-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96930" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1000943568-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1000943568-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1000943568-1536x1023.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मंत्री ने कहा कि इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, विधि विभाग तथा बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद को मिलाकर एक स्पेशल सेल का गठन किया जाएगा. यह सेल धार्मिक न्यास परिषद की भूमि से जुड़े मामलों की निगरानी, कानूनी कार्रवाई तथा अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को समन्वित रूप से आगे बढ़ाएगा. इसके लिए विस्तृत एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) तैयार की जाएगी ताकि कार्रवाई पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से हो सके.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1000943563-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96932" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1000943563-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1000943563-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1000943563-1536x1023.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मंत्री डॉ. जायसवाल ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के ट्रिब्यूनल द्वारा जिन मामलों में अतिक्रमण हटाने के आदेश पारित किए जा चुके हैं, उन मामलों में विशेष अभियान चलाकर जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराया जाए. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1000943565-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96934" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1000943565-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1000943565-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1000943565-1536x1023.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उन्होंने स्पष्ट कहा कि संबंधित क्षेत्रों के अंचल अधिकारियों को इसकी जिम्मेवारी सौंपी जाएगी और कार्रवाई की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी. बैठक में यह भी चर्चा हुई कि धार्मिक संस्थानों की संपत्तियों का अद्यतन अभिलेखीकरण, डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने तथा विवादित भूमि की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने की दिशा में भी पहल की जाएगी. सरकार का उद्देश्य धार्मिक न्यास परिषद की संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उन्हें जनहित एवं धार्मिक गतिविधियों के लिए संरक्षित रखना है.<br>मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक संस्थानों की परिसंपत्तियों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सख्ती: 15 दिनों के भीतर निपटाएं 3.10 लाख लंबित दाखिल-खारिज आवेदन</title>
		<link>https://www.patnanow.com/revenue-minister-strict-direction/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 May 2026 08:32:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
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		<category><![CDATA[Dilip jaisawal]]></category>
		<category><![CDATA[land dispute]]></category>
		<category><![CDATA[Mutation]]></category>
		<category><![CDATA[Revenue and land reforms department]]></category>
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					<description><![CDATA[राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री का सख्त निर्देश मामूली त्रुटियों के नाम पर आवेदन लौटाने पर होगी जवाबदेही तय, अंचल अधिकारी करेंगे अनिवार्य सत्यापन सभी जिलाधिकारी अभियान चलाकर 15 दिन के भीतर कराएं निष्पादन पटना।। राज्य में लंबित दाखिल-खारिज आवेदनों के त्वरित निष्पादन को लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल के निर्देश पर विभागीय सचिव जय सिंह ने सभी समाहर्त्ताओं को पत्र जारी कर राज्यभर में डिफेक्ट चेक स्तर पर लंबित लगभग 3.10 लाख दाखिल-खारिज आवेदनों का अधिकतम 15 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. जारी निर्देश में कहा गया है कि राजस्व कर्मचारियों एवं अंचल अधिकारियों के सामूहिक अवकाश के कारण बड़ी संख्या में आवेदन स्क्रूटनी स्तर पर लंबित हो गए हैं. राज्य सरकार के सात निश्चय पार्ट-3 अंतर्गत ईज ऑफ लिविंग के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इन मामलों का अविलंब निष्पादन आवश्यक है. मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि आम लोगों को छोटी-मोटी तकनीकी त्रुटियों के नाम पर अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाए. उन्होंने कहा कि दाखिल-खारिज प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना सरकार की प्राथमिकता है तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार राजस्व कर्मचारियों को आवेदनों की स्क्रूटनी सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ करनी होगी तथा मामूली या तकनीकी कारणों से आवेदनों को अनावश्यक रूप से वापस नहीं किया जाएगा. सभी लंबित आवेदनों का डिफेक्ट चेक अधिकतम 15 दिनों के भीतर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री का सख्त निर्देश </strong></p>



<p><strong>मामूली त्रुटियों के नाम पर आवेदन लौटाने पर होगी जवाबदेही तय, अंचल अधिकारी करेंगे अनिवार्य सत्यापन</strong></p>



<p><strong>सभी जिलाधिकारी अभियान चलाकर 15 दिन के भीतर कराएं निष्पादन</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="501" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-and-land-reforms-department-1-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96909" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-and-land-reforms-department-1-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-and-land-reforms-department-1-650x318.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>पटना।।  राज्य में लंबित दाखिल-खारिज आवेदनों के त्वरित निष्पादन को लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल के निर्देश पर विभागीय सचिव जय सिंह ने सभी समाहर्त्ताओं को पत्र जारी कर राज्यभर में डिफेक्ट चेक स्तर पर लंबित लगभग 3.10 लाख दाखिल-खारिज आवेदनों का अधिकतम 15 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.</p>



<p>जारी निर्देश में कहा गया है कि राजस्व कर्मचारियों एवं अंचल अधिकारियों के सामूहिक अवकाश के कारण बड़ी संख्या में आवेदन स्क्रूटनी स्तर पर लंबित हो गए हैं. राज्य सरकार के सात निश्चय पार्ट-3 अंतर्गत ईज ऑफ लिविंग के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इन मामलों का अविलंब निष्पादन आवश्यक है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="753" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-Dilip-Jaiswal-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96910" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-Dilip-Jaiswal-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-Dilip-Jaiswal-650x478.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि आम लोगों को छोटी-मोटी तकनीकी त्रुटियों के नाम पर अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाए. उन्होंने कहा कि दाखिल-खारिज प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना सरकार की प्राथमिकता है तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.<br>विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार राजस्व कर्मचारियों को आवेदनों की स्क्रूटनी सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ करनी होगी तथा मामूली या तकनीकी कारणों से आवेदनों को अनावश्यक रूप से वापस नहीं किया जाएगा. सभी लंबित आवेदनों का डिफेक्ट चेक अधिकतम 15 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.<br>इसके साथ ही विभाग ने एक नया प्रावधान लागू किया है, जिसके तहत यदि कोई राजस्व कर्मचारी किसी आवेदन को त्रुटिपूर्ण (Defected) चिह्नित करता है, तो संबंधित अंचल अधिकारी द्वारा उस त्रुटि की अनिवार्य जांच की जाएगी. यदि त्रुटि अनुचित पाई जाती है तो आवेदन सीधे आवेदक को वापस नहीं किया जाएगा, बल्कि संबंधित कर्मचारी को पुनः भेजा जाएगा ताकि आवेदन स्वीकार कर आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके.<br>सचिव जय सिंह ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए विशेष अभियान चलाया जाए तथा इसकी दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए. विभाग ने इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा है.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बिहार में महंगाई की एक और मार, नई गाड़ियों के रेजिस्ट्रेशन पर लगेगा सेस</title>
		<link>https://www.patnanow.com/cess-on-new-vehicle/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 24 May 2026 15:44:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[MONEY MATTERS]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
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		<category><![CDATA[bihar news]]></category>
		<category><![CDATA[Cess]]></category>
		<category><![CDATA[Cess on new vehicle registration]]></category>
		<category><![CDATA[Green fund]]></category>
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		<category><![CDATA[Vijay chaudhary]]></category>
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					<description><![CDATA[हरित जलवायु कोष में जमा होगा सेस पटना।। पेट्रोल -डीजल के रेट में लगातार बढ़ोतरी और रसोई गैस-सीएनजी के रेट में बढ़ोतरी के बाद सरकार ने लोगों को महंगाई का एक और झटका दिया है. पटना में जदयू कार्यालय में डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने कहा कि राज्य में नये वाहनों के निबंधन पर एक प्रतिशत का सेस लगाया जाएगा. उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन एवं लगातार बढ़़ते तापमान की समस्या आज पूरी दुनिया के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है. डिप्टी सीएम ने कहा कि वर्ष 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में जलवायु परिवर्तन एवं बढ़़ते तापमान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीरता से चर्चा की गई थी. उनकी दूरदर्शी सोच एवं संकल्प का ही परिणाम है कि ‘‘जल-जीवन-हरियाली अभियान’’ के माध्यम से बिहार में भू-गर्भ जलस्तर में सकारात्मक सुधार देखने को मिला है. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी स्पष्ट किया है कि नीतीश कुमार की नीतियों को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाएगा. इसी क्रम में बिहार सरकार द्वारा ‘‘बिहार हरित जलवायु कोष’’ के गठन का निर्णय लिया गया है. यह कोष राज्य में हरित आवरण बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को नियंत्रित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. नये वाहनों के निबंधन पर लगेगा सेस उन्होंने बताया कि इस कोष हेतु विभिन्न स्रोतों से संसाधन जुटाए जाएंगे, जिनमें निविदाओं पर 0.25 प्रतिशत योगदान, नए वाहनों के निबंधन पर 1 प्रतिशत शुल्क तथा खनन पर 0.50 प्रतिशत राॅयल्टी सेस शामिल है. साथ ही [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>हरित जलवायु कोष में जमा होगा सेस</strong></p>



<p>पटना।। पेट्रोल -डीजल के रेट में लगातार बढ़ोतरी और रसोई गैस-सीएनजी के रेट में बढ़ोतरी के बाद सरकार ने लोगों को महंगाई का एक और झटका दिया है. पटना में जदयू कार्यालय में डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने कहा कि राज्य में नये वाहनों के निबंधन पर एक प्रतिशत का सेस लगाया जाएगा. उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन एवं लगातार बढ़़ते तापमान की समस्या आज पूरी दुनिया के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है.</p>



<p>डिप्टी सीएम ने कहा कि वर्ष 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में जलवायु परिवर्तन एवं बढ़़ते तापमान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीरता से चर्चा की गई थी. उनकी दूरदर्शी सोच एवं संकल्प का ही परिणाम है कि ‘‘जल-जीवन-हरियाली अभियान’’ के माध्यम से बिहार में भू-गर्भ जलस्तर में सकारात्मक सुधार देखने को मिला है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1000937138-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96889" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1000937138-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1000937138-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1000937138-1536x1022.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी स्पष्ट किया है कि नीतीश कुमार की नीतियों को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाएगा. इसी क्रम में बिहार सरकार द्वारा ‘‘बिहार हरित जलवायु कोष’’ के गठन का निर्णय लिया गया है. यह कोष राज्य में हरित आवरण बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को नियंत्रित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.</p>



<p><strong>नये वाहनों के निबंधन पर लगेगा सेस</strong></p>



<p>उन्होंने बताया कि इस कोष हेतु विभिन्न स्रोतों से संसाधन जुटाए जाएंगे, जिनमें निविदाओं पर 0.25 प्रतिशत योगदान, नए वाहनों के निबंधन पर 1 प्रतिशत शुल्क तथा खनन पर 0.50 प्रतिशत राॅयल्टी सेस शामिल है. साथ ही काॅर्पोरेट सामाजिक दायित्व के तहत भी स्वेच्छा से अंशदान किया जाएगा.</p>



<p>उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया आज जलवायु परिवर्तन की समस्या से जूझ रही है. यदि समय रहते हम सभी इसके प्रति सचेत नहीं हुए तो भविष्य में तापमान वृद्धि और अधिक गंभीर रूप ले सकती है. नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार इस विषय पर शुरू से ही अत्यंत संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रही है, जिसे अब आगे बढ़ाने का कार्य मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कर रहे हैं.</p>



<p>प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री की उस अपील का भी उल्लेख किया, जिसमें सार्वजनिक परिवहन एवं साझा वाहनों के अधिक उपयोग पर बल दिया गया है, ताकि कार्बन उत्सर्जन में कमी लाई जा सके और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिले. उन्होंने कहा कि ऊर्जा संरक्षण के साथ-साथ हम सभी को अपनी दैनिक जीवनशैली एवं आदतों में भी सकारात्मक बदलाव लाना होगा.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>&#8216;इनोवेशन और टेक्नोलॉजी लीडरशिप का नया केंद्र बनेगा बिहार&#8217;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/ai-summit-bihar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 24 May 2026 05:04:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Ai summit]]></category>
		<category><![CDATA[bihar news]]></category>
		<category><![CDATA[It minister]]></category>
		<category><![CDATA[Nitish mishra]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। ऊर्जा ऑडिटोरियम में शनिवार को दो दिवसीय ‘बिहार एआई समिट-2026’ का शुभारंभ हुआ. इस अवसर पर सूचना प्रावैधिकी विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि बिहार तेजी से प्रौद्योगिकी आधारित प्रशासन, नवाचार और एआई के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है तथा आने वाले समय में देश के प्रमुख एआई एवं डिजिटल विकास केंद्रों में शामिल होगा. उन्होंने कहा कि बिहार एआई समिट-2026, एक ऐतिहासिक पहल है, जिसने राज्य के डिजिटल भविष्य और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को नई दिशा देने का कार्य करेगा. मंत्री नीतीश मिश्रा ने देश-विदेश में रह रहे बिहार मूल के लोगों से अपील की कि वे बिहार आकर राज्य के विकास, निवेश, नवाचार और नई तकनीकी संभावनाओं को आगे बढ़ाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें. नीतीश मिश्रा ने कहा कि बिहार अब केवल मानव संसाधन उपलब्ध कराने वाला राज्य नहीं, बल्कि नवाचार, उद्यमिता और तकनीकी नेतृत्व के नए मॉडल के रूप में उभर रहा है. राज्य सरकार का लक्ष्य है कि एआई की पहुंच हर नागरिक, हर गांव और हर युवा तक सुनिश्चित हो. उन्होंने कहा कि दो दिवसीय समिट में देशभर से नीति निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, एआई विशेषज्ञ, स्टार्टअप्स, शिक्षाविद, तकनीकी पेशेवर एवं बड़ी संख्या में युवा भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम में 100 से अधिक कंपनियों की सहभागिता, 50 से अधिक विशेषज्ञ वक्ताओं के सत्र तथा 60 से अधिक तकनीकी स्टॉल आकर्षण का केंद्र हैं. समिट के दौरान कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, शहरी विकास, साइबर सुरक्षा, एम.एस.एम.ई., स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र एवं डिजिटल प्रशासन में एआई की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा होगी. [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<ul class="wp-block-list">
<li><strong>देश-विदेश में रह रहे बिहारवासियों से राज्य के विकास में भागीदारी की अपील</strong></li>



<li><strong>बिहार अब केवल वर्कफोर्स नहीं, बल्कि इनोवेशन और टेक्नोलॉजी लीडरशिप का नया केंद्र बनेगा<code>-:नीतीश मिश्रा</code></strong></li>
</ul>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="648" height="368" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-bihar-ai-summit.jpg" alt="" class="wp-image-96868"/></figure>



<p>पटना।। ऊर्जा ऑडिटोरियम में शनिवार को दो दिवसीय ‘बिहार एआई समिट-2026’ का शुभारंभ हुआ. इस अवसर पर सूचना प्रावैधिकी विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि बिहार तेजी से प्रौद्योगिकी आधारित प्रशासन, नवाचार और एआई के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है तथा आने वाले समय में देश के प्रमुख एआई एवं डिजिटल विकास केंद्रों में शामिल होगा. उन्होंने कहा कि बिहार एआई समिट-2026, एक ऐतिहासिक पहल है, जिसने राज्य के डिजिटल भविष्य और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को नई दिशा देने का कार्य करेगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="852" height="916" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-cm-samrat-with-it-minister-nitish-mishra.jpg" alt="" class="wp-image-96871" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-cm-samrat-with-it-minister-nitish-mishra.jpg 852w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-cm-samrat-with-it-minister-nitish-mishra-605x650.jpg 605w" sizes="auto, (max-width: 852px) 100vw, 852px" /></figure>



<p>मंत्री नीतीश मिश्रा ने देश-विदेश में रह रहे बिहार मूल के लोगों से अपील की कि वे बिहार आकर राज्य के विकास, निवेश, नवाचार और नई तकनीकी संभावनाओं को आगे बढ़ाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-nitish-mishra-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96875" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-nitish-mishra-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-nitish-mishra-650x433.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>नीतीश मिश्रा ने कहा कि बिहार अब केवल मानव संसाधन उपलब्ध कराने वाला राज्य नहीं, बल्कि नवाचार, उद्यमिता और तकनीकी नेतृत्व के नए मॉडल के रूप में उभर रहा है. राज्य सरकार का लक्ष्य है कि एआई की पहुंच हर नागरिक, हर गांव और हर युवा तक सुनिश्चित हो. उन्होंने कहा कि दो दिवसीय समिट में देशभर से नीति निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, एआई विशेषज्ञ, स्टार्टअप्स, शिक्षाविद, तकनीकी पेशेवर एवं बड़ी संख्या में युवा भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम में 100 से अधिक कंपनियों की सहभागिता, 50 से अधिक विशेषज्ञ वक्ताओं के सत्र तथा 60 से अधिक तकनीकी स्टॉल आकर्षण का केंद्र हैं. समिट के दौरान कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, शहरी विकास, साइबर सुरक्षा, एम.एस.एम.ई., स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र एवं डिजिटल प्रशासन में एआई की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा होगी.</p>



<p>मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि बिहार में आधारभूत संरचना, प्रशासन, कनेक्टिविटी एवं डिजिटल परिवर्तन के क्षेत्र में तेज गति से कार्य हो रहा है. इसी सोच के साथ बिहार कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे भविष्य उन्मुख क्षेत्रों में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है. उन्होंने बिहार आईटी नीति-2024 एवं बिहार जीसीसी नीति-2026 का उल्लेख करते हुए कहा कि इन नीतियों के माध्यम से बिहार को उभरते आईटी निवेश गंतव्य तथा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के नए केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है. इससे राज्य में उच्च गुणवत्ता वाली तकनीकी नौकरियों, स्टार्टअप विकास एवं बड़े निवेश को बढ़ावा मिलेगा.</p>



<p>मंत्री ने उद्योग जगत एवं निवेशकों से बिहार में निवेश करने का आह्वान करते हुए कहा कि बिहार के पास प्रतिभाशाली युवा शक्ति, तेजी से विकसित होता आधारभूत ढांचा, मजबूत प्रशासनिक इच्छाशक्ति तथा व्यापक बाजार क्षमता उपलब्ध है, जो इसे भविष्य का प्रमुख तकनीकी गंतव्य बनाने की क्षमता रखता है.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>IAS ट्रांसफर: राज्यपाल के प्रधान सचिव बने दीपक कुमार सिंह</title>
		<link>https://www.patnanow.com/ias-transfer-bihar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 22 May 2026 11:50:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[bihar governor]]></category>
		<category><![CDATA[bihar news]]></category>
		<category><![CDATA[Governor secretary]]></category>
		<category><![CDATA[Ias deepak kumar singh]]></category>
		<category><![CDATA[IAS TRANSFER]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=96838</guid>

					<description><![CDATA[कई वरिष्ठ आइएएस अधिकारियों की जिम्मेदारी बदली पटना।। बिहार में ट्रांसफर का दौर जारी है. इस बार कई वरिष्ठ आइएएस अधिकारियों की जिम्मेदारी बदली गई है. वरिष्ठ आइएएस अधिकारी दीपक कुमार सिंह को राज्यपाल का प्रधान सचिव बनाया गया है. वे सामान्य प्रशासन विभाग के महानिदेशक सह मुख्य जांच आयुक्त के अतिरिक्त प्रभार में भी बने रहेंगे. राज्यपाल के सचिव गोपाल मीणा को केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए विरमित कर दिया गया है सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ बी राजेन्दर को निगरानी विभाग के अपर मुख्य सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. उद्योग विभाग के सचिव कुन्दन कुमार को गृह विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. वहीं अरविंद कुमार चौधरी को अब मंत्रिमंडल सचिवालय के अपर मुख्य सचिव बनाया गया है. उनके पास बिहार संयुक्त प्रवेश परीक्षा पर्षद और बिहार कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा. इसके अलावा बिहार मानवाधिकार आयोग की सचिव सीमा त्रिपाठी को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की सचिव अतरिक्त प्रभार दिया गया है. सिविल विमानन विभाग में विशेष सचिव निलेश रामचंद्र देवरे को प्रबंध निदेशक बिहार राज्य आवास बोर्ड पटना का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड की एमडी इनायत खान को विशेष सचिव राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. वहीं अरविंद कुमार वर्मा को उद्योग विभाग के विशेष सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. pncb]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>कई वरिष्ठ आइएएस अधिकारियों की जिम्मेदारी बदली</strong></p>



<p>पटना।। बिहार में ट्रांसफर का दौर जारी है. इस बार कई वरिष्ठ आइएएस अधिकारियों की जिम्मेदारी बदली गई है. वरिष्ठ आइएएस अधिकारी दीपक कुमार सिंह को राज्यपाल का प्रधान सचिव बनाया गया है. वे सामान्य प्रशासन विभाग के महानिदेशक सह मुख्य जांच आयुक्त के अतिरिक्त प्रभार में भी बने रहेंगे. राज्यपाल के सचिव गोपाल मीणा को केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए विरमित कर दिया गया है </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="484" height="492" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-ias-acs-deepak-kumar-singh-1.jpg" alt="" class="wp-image-91104"/></figure>



<p>सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ बी राजेन्दर को निगरानी विभाग के अपर मुख्य सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. उद्योग विभाग के सचिव कुन्दन कुमार को गृह विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="940" height="592" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-ias-kundan-Kumar-and-arvind-chaudhary-on-udyog.jpg" alt="" class="wp-image-94557" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-ias-kundan-Kumar-and-arvind-chaudhary-on-udyog.jpg 940w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-ias-kundan-Kumar-and-arvind-chaudhary-on-udyog-650x409.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 940px) 100vw, 940px" /></figure>



<p>वहीं अरविंद कुमार चौधरी को अब मंत्रिमंडल सचिवालय के अपर मुख्य सचिव बनाया गया है. उनके पास बिहार संयुक्त प्रवेश परीक्षा पर्षद और बिहार कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="678" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/IMG_20260522_171624-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96849" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/IMG_20260522_171624-scaled.jpg 678w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/IMG_20260522_171624-430x650.jpg 430w" sizes="auto, (max-width: 678px) 100vw, 678px" /></figure>



<p>इसके अलावा बिहार मानवाधिकार आयोग की सचिव सीमा त्रिपाठी को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की सचिव अतरिक्त प्रभार दिया गया है. सिविल विमानन विभाग में विशेष सचिव निलेश रामचंद्र देवरे को प्रबंध निदेशक बिहार राज्य आवास बोर्ड पटना का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="692" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1000932884-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96850" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1000932884-scaled.jpg 692w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1000932884-439x650.jpg 439w" sizes="auto, (max-width: 692px) 100vw, 692px" /></figure>



<p>बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड  की एमडी इनायत खान को विशेष सचिव राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. वहीं अरविंद कुमार वर्मा को उद्योग विभाग के विशेष सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. </p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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