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	<title>Bihar land survey &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>Bihar land survey &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>भूमि सर्वे में तेजी के आसार, तेरीज लेखन के बाद शुरू होगा किस्तवार का काम</title>
		<link>https://www.patnanow.com/revenue-department-survey-update/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 13 Feb 2025 18:14:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। फरवरी माह के अंत तक बिहार के सभी मौजों में तेरीज लेखन का काम पूर्ण कर लिया जाएगा. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने सभी प्रमंडलों के नोडल पदाधिकारियों की बैठक में भूमि सर्वे के काम की प्रगति की समीक्षा की है और उन्हें निदेशालय के निर्णय से जिलों के बंदोबस्त पदाधिकारियों को अवगत कराने का निदेश दिया है. शास्त्रीनगर स्थित सर्वे प्रशिक्षण संस्थान में हुई समीक्षा बैठक में जानकारी दी गई कि दूसरे चरण के 18 जिलों के जिन 26786 मौजों में भूमि सर्वे का काम शुरू किया गया है, उनमें से 70 फीसदी से अधिक मौजों में तेरीज लेखन का काम पूर्ण कर लिया गया है, शेष मौजों में इस माह के आखिर तक यह काम पूरा कर लिया जाएगा. विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने कहा कि फरवरी माह के अंत से किस्तवार का काम शुरू किया जाना है. किस्तवार शुरू करने से पहले हरेक अमीन को उनको आवंटित मौजों का तैरीज लेखन का काम पूर्ण किया जाना है. इसी के मद्देनजर यह कवायद की जा रही है. अरवल एवं शेखपुरा जिलों में पहले चरण में ही भूमि सर्वे का काम पूरी तरह आच्छादित है. शिवहर और लखीसराय जिलों में सौ फीसदी तेरीज लेखन का काम पूरा किया जा चुका है. बाकि पहले चरण के जिन 130 अंचलों में तेरीज लेखन का काम चल रहा है उनमें बाकि किशनगंज और नालंदा जिले में 94 फीसदी, मुंगेर में 93 फीसदी, बांका में 89 फीसदी और कटिहार में 80 फीसदी मौजों [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना।। फरवरी माह के अंत तक बिहार के सभी मौजों में तेरीज लेखन का काम पूर्ण कर लिया जाएगा. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने सभी प्रमंडलों के नोडल पदाधिकारियों की बैठक में भूमि सर्वे के काम की प्रगति की समीक्षा की है और उन्हें निदेशालय के निर्णय से जिलों के बंदोबस्त पदाधिकारियों को अवगत कराने का निदेश दिया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-revenue-department-kaithi-lipi-book-release-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-87986" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-revenue-department-kaithi-lipi-book-release-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-revenue-department-kaithi-lipi-book-release-650x434.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-revenue-department-kaithi-lipi-book-release-1536x1025.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-revenue-department-kaithi-lipi-book-release-2048x1367.jpg 2048w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>शास्त्रीनगर स्थित सर्वे प्रशिक्षण संस्थान में हुई समीक्षा बैठक में जानकारी दी गई कि दूसरे चरण के 18 जिलों के जिन 26786 मौजों में भूमि सर्वे का काम शुरू किया गया है, उनमें से 70 फीसदी से अधिक मौजों में तेरीज लेखन का काम पूर्ण कर लिया गया है, शेष मौजों में इस माह के आखिर तक यह काम पूरा कर लिया जाएगा. विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने कहा कि फरवरी माह के अंत से किस्तवार का काम शुरू किया जाना है. किस्तवार शुरू करने से पहले हरेक अमीन को उनको आवंटित मौजों का तैरीज लेखन का काम पूर्ण किया जाना है. इसी के मद्देनजर यह कवायद की जा रही है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="360" height="364" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/pnc-acs-education-ias-deepak-kumar-singh.jpg" alt="" class="wp-image-72519" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/pnc-acs-education-ias-deepak-kumar-singh.jpg 360w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/pnc-acs-education-ias-deepak-kumar-singh-346x350.jpg 346w" sizes="(max-width: 360px) 100vw, 360px" /></figure>



<p>अरवल एवं शेखपुरा जिलों में पहले चरण में ही भूमि सर्वे का काम पूरी तरह आच्छादित है. शिवहर और लखीसराय जिलों में सौ फीसदी तेरीज लेखन का काम पूरा किया जा चुका है. बाकि पहले चरण के जिन 130 अंचलों में तेरीज लेखन का काम चल रहा है उनमें बाकि किशनगंज और नालंदा जिले में 94 फीसदी, मुंगेर में 93 फीसदी, बांका में 89 फीसदी और कटिहार में 80 फीसदी मौजों का तेरीज लेखन का काम पूरा किया जा चुका है. शेष में भी कार्य प्रगति पर है.</p>



<p>जिन जिलों में तेरीज लेखन का काम धीमी गति से चल रहा है उनमें सबसे अधिक मौजे वाले जिले गया, मधुबनी और सीवान शामिल हैं. गया में उन गांवों की संख्या 2820 है जहां भूमि सर्वे का काम चल रहा है. यह संख्या बिहार में किसी भी जिले में गांवों की सर्वाधिक है. इन जिलों में कार्य की गति तेज करने का निदेश दिया है. सभी प्रमंडलों का सर्वर अलग-अलग होने के कार्य में प्रगति होने के साथ ही तेरीज लेखन के काम में भी प्रगति अपेक्षित है. तेरीज लेखन का काम पूर्ण होने के बाद त्रि-सीमाना निर्धारण और ग्राम सीमा सत्यापन का काम किया जाएगा. त्रि-सीमाना निर्धारण में हरेक गांव का दूसरे गांवों से मिलती-जुलती सीमा का निर्धारण किया जाता है. यह काम पास के गांवों में स्थित मुस्तकिल की पहचान और उनकी माप के आधार पर किया जाता है. त्रि-सीमाना निर्धारण के बाद गांव की पूरी सीमा का निर्धारण किया जाता है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="356" height="560" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/PNC-bjp-adhyaksh-dilip-jaiswal.jpg" alt="" class="wp-image-85970"/></figure>



<p>राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि तेरीज खतियान का सार होता है जो सर्वे के काम में लगे अमीनों के लिए बहुत ही उपयोगी दस्तावेज होता है. तेरीज का निर्माण भी सर्वे कार्य में लगे अमीनों के द्वारा ही किया जाता है. तेरीज लेखन पिछले सर्वे के आधार पर तैयार खतियान से किया जाता है. पिछले सर्वे का खतियान जिला अभिलेखागारों में सुरक्षित रखा गया है. इसकी ऑनलाइन प्रति भी उपलब्ध है जिसे भू अभिलेख पोर्टल पर देखा जा सकता है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-digitised-naksha-map-by-bhu-rajaswa-vibhag-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88331" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-digitised-naksha-map-by-bhu-rajaswa-vibhag-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-digitised-naksha-map-by-bhu-rajaswa-vibhag-650x488.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह के निर्देश पर प्रपत्र-5 का विस्तार किया गया है, इसमें कई नए कॉलम जोड़े गए हैं जिनका इस्तेमाल खानापुरी और अधिकार अभिलेख बनाने के काम में किया जाएगा. खानापुरी के दौरान अमीन को उसके मोबाइल में उसके गांव के हरेक रैयत और उसके हरेक प्लॉट की संपूर्ण जानकारी उपलब्ध रहेगी. इसके आधार पर उन्हें रैयत का अधिकार अभिलेख या खतियान बनाने के काम में सहूलियत होगी.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong> </p>
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		<item>
		<title>पहले हीं दिन राज्य के तीन सौ से अधिक रैयतों ने प्राप्त किया राजस्व नक्शा</title>
		<link>https://www.patnanow.com/revenue-department-stall-demand/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 08 Dec 2024 09:24:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
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		<category><![CDATA[Revenue and land reforms]]></category>
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					<description><![CDATA[बुक फेयर में राजस्व विभाग के स्टॉल पर जुट रही भीड़ बिहार के सभी 38 जिलों का नक्शा उपलब्ध है यहाँरैयत 150 रुपये प्रति शीट के हिसाब से भुगतान कर प्राप्त कर सकते हैं नक्शाभुगतान की केवल नकद व्यवस्था है मौजूद पटना पुस्तक मेला में लगे राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के स्टॉल में पहले ही दिन काफी चहल-पहल रही. स्टॉल पर पूरे बिहार से आये सौ से अधिक रैयतों ने आवेदन कर अपने गाँव/मौजा का नक्शा प्राप्त किया. इससे विभाग को लगभग 50 हजार रूपयों की आय हुई. कई रैयतों ने अपने गाँव के नक्शों की एक से अधिक प्रति के लिये आवेदन किया. स्टॉल पर आये कई लोगों ने बताया कि अपने गाँव का नक्शा प्राप्त करना हीं उनके मेला घूमने आने का प्रमुख कारण है. विभाग द्वारा राजस्व नक्शों की बिक्री के लिए स्टॉल में 2 काउंटर बनाये गये हैं. सुबह से ही दोनों काउंटर पर लोगों की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं. दोनों काउंटर पर सीएसआरएस, चकबंदी एवं म्युनिसिपल सर्वे नक्शा उपलब्ध है. इनकी संख्या 136000 के करीब है. मेला घूमने आनेवाला कोई भी रैयत 150 रूपये प्रति शीट के हिसाब से नकद भुगतान करके अपने गांव का नक्शा हासिल कर सकता है. इसके लिये काउंटर पर मिल रहे फॉर्म में अपना डिटेल्स यानि मौजा/ गाँव का नाम, राजस्व थाना का नाम तथा नंबर, चादर संख्या और जिला का नाम भरना पड़ता है.पटना के नाथूपुर रोड के रैयत मुद्रिका विश्वकर्मा ने बताया कि आज दिनांक 07.12.2024 को पुस्तक मेला गांधी मैदान में घूमने आने पर देखा [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>बुक फेयर में राजस्व विभाग के स्टॉल पर जुट रही भीड़ बिहार के सभी 38 जिलों का नक्शा उपलब्ध है यहाँ<br>रैयत 150 रुपये प्रति शीट के हिसाब से भुगतान कर प्राप्त कर सकते हैं नक्शा<br>भुगतान की केवल नकद व्यवस्था है मौजूद</strong></p>



<p>पटना पुस्तक मेला में लगे राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के स्टॉल में पहले ही दिन काफी चहल-पहल रही. स्टॉल पर पूरे बिहार से आये सौ से अधिक रैयतों ने आवेदन कर अपने गाँव/मौजा का नक्शा प्राप्त किया. इससे विभाग को लगभग 50 हजार रूपयों की आय हुई. कई रैयतों ने अपने गाँव के नक्शों की एक से अधिक प्रति के लिये आवेदन किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="653" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-revenue-department-stall-at-book-fair-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88028" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-revenue-department-stall-at-book-fair-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-revenue-department-stall-at-book-fair-650x414.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-revenue-department-stall-at-book-fair-1536x979.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-revenue-department-stall-at-book-fair-2048x1305.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>स्टॉल पर आये कई लोगों ने बताया कि अपने गाँव का नक्शा प्राप्त करना हीं उनके मेला घूमने आने का प्रमुख कारण है. विभाग द्वारा राजस्व नक्शों की बिक्री के लिए स्टॉल में 2 काउंटर बनाये गये हैं. सुबह से ही दोनों काउंटर पर लोगों की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं. दोनों काउंटर पर सीएसआरएस, चकबंदी एवं म्युनिसिपल सर्वे नक्शा उपलब्ध है. इनकी संख्या 136000 के करीब है. मेला घूमने आनेवाला कोई भी रैयत 150 रूपये प्रति शीट के हिसाब से नकद भुगतान करके अपने गांव का नक्शा हासिल कर सकता है. इसके लिये काउंटर पर मिल रहे फॉर्म में अपना डिटेल्स यानि मौजा/ गाँव का नाम, राजस्व थाना का नाम तथा नंबर, चादर संख्या और जिला का नाम भरना पड़ता है.<br>पटना के नाथूपुर रोड के रैयत मुद्रिका विश्वकर्मा ने बताया कि आज दिनांक 07.12.2024 को पुस्तक मेला गांधी मैदान में घूमने आने पर देखा कि यहां राजस्व विभाग द्वारा भूमि सर्वे का नक्शा मिल रहा है, तो मैंने नक्शा के लिए अप्लाई किया. अप्लाई करने के बाद करीब आधा घंटा के अंदर नक्शा प्राप्त हो गया. उन्होंने कहा कि फॉर्म भी अच्छे ढंग से मिल गया और यहां जो कर्मचारी हैं उन्होंने फॉर्म भरने में सहायता की.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="409" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-revenue-and-land-reforms-department.jpg" alt="" class="wp-image-54601" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-revenue-and-land-reforms-department.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-revenue-and-land-reforms-department-350x220.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इसी तरह अरवल से आने वाले जुगल किशोर शर्मा ने बताया कि मुझे अखबार के द्वारा ज्ञात हुआ यहाँ पुस्तक मेला में राजस्व विभाग की ऑनलाइन सेवायें एवं नक्शा उपलब्ध है तो यहाँ आया हूँ. उन्होंने कहा कि अरवल जिला में हमारे राजस्व गांव के नाम से तीन गांव हैं और तीन ब्लॉक में हैं. इसी कारण से अपेक्षित नक्शा नहीं मिल पा रहा था. यहाँ आने पर मैंने नक्शा आवेदन कर प्राप्त कर लिया. राजस्व विभाग की यह बड़ी अच्छी पहल है मैं इसकी प्रशंसा करता हूं. रैयत पटना पुस्तक मेला में लगे स्टॉल के अलावा वसुधा केन्द्र और निदेशालय की वेबसाइट www.dlrs.gov.in पर जाकर भी राजस्व नक्शों की डोर स्टेप डिलीवरी सेवा का लाभ उठा सकते हैं और नक्शों को घर बैठे मंगा सकते हैं.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जमीन सर्वे के लिए अब 180 दिन का मिला समय</title>
		<link>https://www.patnanow.com/land-survey-update/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 03 Dec 2024 17:16:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
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		<category><![CDATA[Mutation]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। बिहार में जमीन सर्वे में आ रही परेशानी को देखते हुए सरकार ने लोगों को राहत दी है. सरकार ने जमीन सर्वे की डेड लाइन को छह महीने और बढ़ा दिया है. इसमें रैयत का दावा करने के लिए 60 दिन और दावे के निपटारा के लिए 60 दिन का समय मिलेगा. आज पटना में हुई कैबिनेट मीटिंग में इस फैसले को मंजूरी मिली. कैबिनेट बैठक में कुल 33 एजेंडों पर मुहर लगी है. बता दें कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रस्ताव &#8216;बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त (संशोधन) नियमावली, 2024&#8217; में यह संशोधन बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त नियमावली- 2012 (यथा संशोधित-2019) में किया गया है. इस बारे में विभाग के सचिव जय सिंह ने बताया कि पूर्व में अधिसूचना की तिथि से 30 कार्यदिवस तक स्वघोषणा जमा करने का प्रावधान था. अब उद्घोेषणा की तिथि से 180 दिनों तक अथवा किस्तवार का काम समाप्त किए जाने के पूर्व तक, दोनो में से जो पहले हो…. रैयतों द्वारा स्वघोषणा जमा किया जा सकेगा. 20 अगस्त, 2024 तक बिहार के सभी जिलों में उदघोषणा कर दी गई थी. इसके अनुसार अब 31 मार्च, 2025 तक स्वघोषणा जमा करने की छूट दे दी गई है. उन्होंने कहा कि भूमि सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त में स्वघोेषणा के जरिए रैयत अपनी जमीन का ब्यौरा सर्वे कर्मियों के समक्ष उपलब्ध कराता है. इसमें रैयत द्वारा खरीदी गई जमीन, खतियान, वंशावली एवं बंटवारा का विवरण प्रपत्र- 2 एवं प्रपत्र 3(1) में भरकर या तो सर्वे शिविर में जमा किया जाता है या फिर भू-अभिलेख [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना।। बिहार में जमीन सर्वे में आ रही परेशानी को देखते हुए सरकार ने लोगों को राहत दी है. सरकार ने जमीन सर्वे की डेड लाइन को छह महीने और बढ़ा दिया है. इसमें रैयत का दावा करने के लिए 60 दिन और दावे के निपटारा के लिए 60 दिन का समय मिलेगा. आज पटना में हुई कैबिनेट मीटिंग में इस फैसले को मंजूरी मिली. कैबिनेट बैठक में कुल 33 एजेंडों पर मुहर लगी है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="916" height="532" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/pnc-ias-s-Siddharth-acs-cabinet-secretariat.jpg" alt="" class="wp-image-86420" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/pnc-ias-s-Siddharth-acs-cabinet-secretariat.jpg 916w, https://www.patnanow.com/assets/2024/08/pnc-ias-s-Siddharth-acs-cabinet-secretariat-650x378.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 916px) 100vw, 916px" /></figure>



<p>बता दें कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रस्ताव &#8216;बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त (संशोधन) नियमावली, 2024&#8217; में यह संशोधन बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त नियमावली- 2012 (यथा संशोधित-2019) में किया गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="704" height="440" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1000222195.jpg" alt="" class="wp-image-87966" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1000222195.jpg 704w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1000222195-650x406.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 704px) 100vw, 704px" /></figure>



<p>इस बारे में विभाग के सचिव जय सिंह ने बताया कि पूर्व में अधिसूचना की तिथि से 30 कार्यदिवस तक स्वघोषणा जमा करने का प्रावधान था. अब उद्घोेषणा की तिथि से 180 दिनों तक अथवा किस्तवार का काम समाप्त किए जाने के पूर्व तक, दोनो में से जो पहले हो…. रैयतों द्वारा स्वघोषणा जमा किया जा सकेगा. 20 अगस्त, 2024 तक बिहार के सभी जिलों में उदघोषणा कर दी गई थी. इसके अनुसार अब 31 मार्च, 2025 तक स्वघोषणा जमा करने की छूट दे दी गई है. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="409" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-revenue-and-land-reforms-department.jpg" alt="" class="wp-image-54601" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-revenue-and-land-reforms-department.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-revenue-and-land-reforms-department-350x220.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>उन्होंने कहा कि  भूमि सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त में स्वघोेषणा के जरिए रैयत अपनी जमीन का ब्यौरा सर्वे कर्मियों के समक्ष उपलब्ध कराता है. इसमें रैयत द्वारा खरीदी गई जमीन, खतियान, वंशावली एवं बंटवारा का विवरण प्रपत्र- 2 एवं प्रपत्र 3(1) में भरकर या तो सर्वे शिविर में जमा किया जाता है या फिर भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय की वेबसाइट पर अपलोड किया जाता है. इन कागजातों से खानापुरी के समय अधिकार अभिलेख बनाने में सर्वे कर्मियों को मदद मिलती है.<br>राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डाॅ दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा है कि भू-अभिलेखों की अनुपलब्धता की वजह से आम लोग परेशान हो रहे थे. उनके द्वारा स्वघोषणा की तिथि बढ़ाने का अनुरोध किया जा रहा था जिसके मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है. उम्मीद है कि इस अवधि के दौरान अपने कागजात ठीक कर लेंगे और भूमि सर्वे में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे.<br>राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने बताया कि आम लोगों की सुविधा के लिए विभाग ने कई और महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जिनका कैबिनेट द्वारा अनुमोदन कर दिया गया है. किस्तवार का काम जिसमें गांवों का मानचित्र बनाया जाता है, को पूर्ण करने की समयावधि 30 कार्य दिवस से बढ़ाकर 90 कार्य दिवस की गई है. मौजा बड़ा होने पर यह निर्णय लेने का अधिकार बंदोबस्त पदाधिकारियों को दिया गया है.<br>इसी प्रकार प्रपत्र-8 में दावा/आपत्ति देने की समयावधि भी 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन कर दी गई है. खानापुरी पर्चा मिलने के बाद रैयत अपनी जमीन से संबंधित ब्यौरा से असंतुष्ट होने पर प्रपत्र-8 में सर्वे शिविर में आपत्ति दर्ज करता है.<br>सरकारी भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह तय हुआ है कि सरकारी/ लोक भूमि से संबंधित दावा/आक्षेप का निष्पादन सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी /अंचल अधिकारी/चकबंदी पदाधिकारी से अन्यून स्तर के पदाधिकारी के द्वारा नहीं किया जाएगा. साथ ही यह भी तय किया गया है कि अंतिम प्रकाशन की तिथि से 90 दिनों के भीतर कोई भी रैयत प्रपत्र-21 में एक से अधिकारियों के समक्ष आपत्ति दायर कर सकेगा और 90 दिनों की समयावधि बीतने के बावजूद विलंब क्षांत कर एक बार और सुनवाई करने का निर्णय भी लिया गया है.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>सरकारी भूमि और कोर्ट ऑर्डर से संबंधित मामले भी अब होंगे ऑनलाइन</title>
		<link>https://www.patnanow.com/revenue-department-on-e-mapi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 30 Nov 2024 10:23:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने ई-मापी से संबंधित महत्वपूर्ण निर्देश दिया है. दरअसल राज्य के रैयतों को मापी हेतु ऑनलाइन आवेदन देने की सुविधा दी गई है. किन्तु सरकारी भूमि, न्यायालय द्वारा पारित आदेश, विधि व्यवस्था से संबंधित मामले एवं लोक शिकायत निवारण में पारित आदेश के मामले में मापी शुरू करने के बारे में स्पष्ट दिशा निदेश का अभाव था. निदेश दिया गया कि ई-मापी पोर्टल के ड्रॉप डाउन में उक्त चारों मामलों को जोड़ा जाए. बैठक में यह निदेश भी दिया गया कि ई-मापी को भू-अभिलेख पोर्टल से अविलंब जोड़ दिया जाए. इससे रैयतों की अपनी जमीन की मापी की सत्यापित प्रति पाने में सहूलियत होगी. इसके संबंध में रैयतों को समाचार पत्रों के माध्यम से भी जानकारी देने का निदेश अपर मुख्य सचिव द्वारा दिया गया ताकि आमलोग इसका फायदा उठा सकें. कुछ महीने पहले विभाग द्वारा परिमार्जन प्लस पोर्टल के जरिए जमाबंदी में सुधार की सुविधा दी गई थी. इनमें वैसी जमाबंदियों के डिजिटाइजेशन का भी प्रावधान है जो शुरूआती दौर में छूट गई थीं. निर्णय लेने के लिए भूमि की मापी आवश्यक होती है. अपर मुख्य सचिव ने निदेश दिया कि बिना जमाबंदी के भी नापी का प्रावधान किया जा सके इसका प्रावधान किया जाए.बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि राज्य में प्रति अमीन प्रति दिन औसतन 3 मापी का कार्य किया जा रहा है. ये सभी रैयती भूमि से संबंधित मामले हैं. इनमें सरकारी भूमि की मापी का मामला शामिल नहीं है. इसलिए [&#8230;]]]></description>
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<p>पटना।। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने ई-मापी से संबंधित महत्वपूर्ण निर्देश दिया है. दरअसल राज्य के रैयतों को मापी हेतु ऑनलाइन आवेदन देने की सुविधा दी गई है. किन्तु सरकारी भूमि, न्यायालय द्वारा पारित आदेश, विधि व्यवस्था से संबंधित मामले एवं लोक शिकायत निवारण में पारित आदेश के मामले में मापी शुरू करने के बारे में स्पष्ट दिशा निदेश का अभाव था. निदेश दिया गया कि ई-मापी पोर्टल के ड्रॉप डाउन में उक्त चारों मामलों को जोड़ा जाए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="360" height="364" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/pnc-acs-education-ias-deepak-kumar-singh.jpg" alt="" class="wp-image-72519" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/pnc-acs-education-ias-deepak-kumar-singh.jpg 360w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/pnc-acs-education-ias-deepak-kumar-singh-346x350.jpg 346w" sizes="auto, (max-width: 360px) 100vw, 360px" /></figure>



<p>बैठक में यह निदेश भी दिया गया कि ई-मापी को भू-अभिलेख पोर्टल से अविलंब जोड़ दिया जाए. इससे रैयतों की अपनी जमीन की मापी की सत्यापित प्रति पाने में सहूलियत होगी. इसके संबंध में रैयतों को समाचार पत्रों के माध्यम से भी जानकारी देने का निदेश अपर मुख्य सचिव द्वारा दिया गया ताकि आमलोग इसका फायदा उठा सकें. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="946" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/PNC-parimarjan-Bihar-bhumi-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-84648" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/PNC-parimarjan-Bihar-bhumi-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/06/PNC-parimarjan-Bihar-bhumi-650x601.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कुछ महीने पहले विभाग द्वारा परिमार्जन प्लस पोर्टल के जरिए जमाबंदी में सुधार की सुविधा दी गई थी. इनमें वैसी जमाबंदियों के डिजिटाइजेशन का भी प्रावधान है जो शुरूआती दौर में छूट गई थीं. निर्णय लेने के लिए भूमि की मापी आवश्यक होती है. अपर मुख्य सचिव ने निदेश दिया कि बिना जमाबंदी के भी नापी का प्रावधान किया जा सके इसका प्रावधान किया जाए.<br>बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि राज्य में प्रति अमीन प्रति दिन औसतन 3 मापी का कार्य किया जा रहा है. ये सभी रैयती भूमि से संबंधित मामले हैं. इनमें सरकारी भूमि की मापी का मामला शामिल नहीं है. इसलिए सरकारी भूमि की मापी का अभिलेख ऑनलाइन किए जाने की आवश्यकता है. बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि ससमय मापी फीस का भुगतान नहीं करने पर आवेदन को निरस्त कर दिया जाए. इसके लिए 60 दिनों का समय निर्धारित किया गया है. लोगों को इसकी जानकारी हो इसके लिए विज्ञापन देने का निर्णय लिया गया है.<br>बैठक में यह भी निदेश दिया गया कि ऐसी व्यवस्था की जाए कि आमलोग मापी का आवदेन रेवेन्यू कोर्ट मैनेजमेंट के जरिए भी ऑनलाइन कर सकें और ऑनलाइन ही ई-मापी की रिपोर्ट हासिल कर सकें.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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