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	<title>bihar flood &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>नेपाल में फिर फ्लैश फ्लड से तबाही, बिहार को लेकर सरकार ने दी आधिकारिक जानकारी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/nepal-flash-floods-impact/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 11 Oct 2026 15:48:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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		<category><![CDATA[Nepal flash floods]]></category>
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					<description><![CDATA[वाल्मीकिनगर बैराज पर बढ़ेगा दबाव नेपाल/ बिहार।। बिहार सरकार ने नेपाल में आए फ्लैश फ्लड को लेकर आधिकारिक जानकारी दी है. सरकार के मुताबिक, दिनांक 11.10.2026 की सुबह नेपाल के गोरखा जिले की चुमनुब्री क्षेत्र में भूस्खलन के कारण नारायणी की सहायक बूढ़ी गंडकी नदी का प्रवाह अवरुद्ध हो गया था, जिसके परिणामस्वरूप अचानक फ़्लैश फ्लड की स्थिति उत्पन्न हो गई. उक्त स्थल भारत-नेपाल सीमा (INB) से लगभग 180–210 किमी की दूरी पर स्थित है. नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ने से आसपास की बस्तियाँ प्रभावित हुई हैं. प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार, जगत क्षेत्र में लगभग 05–07 मकान बह गए हैं. अभी तक किसी भी जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है. नेपाल के अधिकारियों द्वारा बूढ़ी गंडकी नदी के किनारे तथा उससे सटे डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए चेतावनी जारी की गई है. उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने तथा नदी के तटों के समीप जाने से बचने की सलाह दी गई है. यह muddy water है. वर्तमान में यह वाल्मीकिनगर बैराज से 80 किमी. ऊपर देवघाट (नेपाल) पार कर रहा है, जहां गंडक के जल स्तर में लगभग 27 सेमी. की वृद्धि हुई है जो अधिकतम 50 से 100 सेमी. बढ़ सकता है. नेपाल में वर्षा नहीं हो रही है. वाल्मीकिनगर बैराज पर इस फ्लड वेव के पहुचने में लगभग 6 घंटे का समय लगेगा. इससे बैराज के जलस्राव में लगभग 25,000 क्यूसेक की वृद्धि हो सकती है जो वर्तमान में लगभग 50,000 क्यूसेक है, अर्थात् अधिकतम जलस्राव 75,000 क्यूसेक तक जा सकता है, जो सामान्य सीमा [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>वाल्मीकिनगर बैराज पर बढ़ेगा दबाव </strong></p>



<p>नेपाल/ बिहार।। बिहार सरकार ने नेपाल में आए फ्लैश फ्लड को लेकर आधिकारिक जानकारी दी है. सरकार के मुताबिक, दिनांक 11.10.2026 की सुबह नेपाल के गोरखा जिले की चुमनुब्री क्षेत्र में भूस्खलन के कारण नारायणी की सहायक बूढ़ी गंडकी नदी का प्रवाह अवरुद्ध हो गया था, जिसके परिणामस्वरूप अचानक फ़्लैश फ्लड की स्थिति उत्पन्न हो गई. उक्त स्थल भारत-नेपाल सीमा (INB) से लगभग 180–210 किमी की दूरी पर स्थित है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="971" height="611" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/10/1001196883.jpg" alt="" class="wp-image-99792" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/10/1001196883.jpg 971w, https://www.patnanow.com/assets/2026/10/1001196883-650x409.jpg 650w" sizes="(max-width: 971px) 100vw, 971px" /></figure>



<p>नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ने से आसपास की बस्तियाँ प्रभावित हुई हैं. प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार, जगत क्षेत्र में लगभग 05–07 मकान बह गए हैं. अभी तक किसी भी जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है. नेपाल के अधिकारियों द्वारा बूढ़ी गंडकी नदी के किनारे तथा उससे सटे डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए चेतावनी जारी की गई है. उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने तथा नदी के तटों के समीप जाने से बचने की सलाह दी गई है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="960" height="540" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/10/pnc-kosi-barrage.jpg" alt="" class="wp-image-87195" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/10/pnc-kosi-barrage.jpg 960w, https://www.patnanow.com/assets/2024/10/pnc-kosi-barrage-650x366.jpg 650w" sizes="(max-width: 960px) 100vw, 960px" /></figure>



<p>यह muddy water है. वर्तमान में यह वाल्मीकिनगर बैराज से 80 किमी. ऊपर देवघाट (नेपाल) पार कर रहा है, जहां गंडक के जल स्तर में लगभग 27 सेमी. की वृद्धि हुई है जो अधिकतम 50 से 100 सेमी. बढ़ सकता है. नेपाल में वर्षा नहीं हो रही है.</p>



<p>वाल्मीकिनगर बैराज पर इस फ्लड वेव के पहुचने में लगभग 6 घंटे का समय लगेगा. इससे बैराज के जलस्राव में लगभग 25,000 क्यूसेक की वृद्धि हो सकती है जो वर्तमान में लगभग 50,000 क्यूसेक है, अर्थात् अधिकतम जलस्राव 75,000 क्यूसेक तक जा सकता है, जो सामान्य सीमा के अधीन होगा.</p>



<p>इस प्रकार भारतीय क्षेत्र में इसका कुछ ख़ास प्रभाव रहने की संभावना नहीं है. फिर भी आवश्यक सतर्कता बरती जा रही है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>&#8216;बिहार से NDA के 7 मंत्री और 31 लोकसभा सांसद, लेकिन बाढ़ पीड़ितों को नहीं मिल रही कोई मदद&#8217;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/tejasvi-yadav-pc-on-flood-relief/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 13 Sep 2026 18:03:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
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		<category><![CDATA[Tejasvi Yadav]]></category>
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					<description><![CDATA[तेजस्वी यादव ने डबल इंजन सरकार पर बोला हमला पटना।। राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने रविवार को अपने आवास 01, पोलो रोड में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को बिहार में बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और प्रभावित परिवार को मुआवजा तथा विशेष आर्थिक पैकेज की मांग के लिए चिट्ठी लिखी है, लेकिन अब तक इस दिशा में केंद्र सरकार की ओर से कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है. उन्होंने कहा कि 45 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, मुख्यमंत्री को भी चिट्ठी लिखी लेकिन कोई इसका रिस्पांस नहीं लिया जा रहा है. बिहार में डबल इंजन सरकार इस मामले में गंभीर नहीं है, दोनों इंजन में आग लग गई है जिस कारण लोगों को सहायता नहीं मिल पा रही है, अभी तक कोई सुनवाई और कार्रवाई नहीं हुई है . बिहार से एनडीए के सात मंत्री हैं और 31 लोकसभा के सांसद हैं लेकिन बिहार के लोगों को उनके हालात पर छोड़ दिया गया है. बिहार में राज्य सरकार ने जुलाई में आकस्मिक निधि फंड से 4000 करोड़ रूपया निकाला है जिसे सरकार के स्तर से वेतन मद और अन्य तरह के कार्यों में खर्च के लिए पैसे निकालें गये. बिहार में खजाना खाली है बिहार में केंद्र सरकार के मंत्री की कोई हैसियत नहीं है कि वह केंद्रीय सहायता दिला सके. हमने जो किचन और रसोई बार पीड़ितों के लिए चल रहा है उसका लिस्ट मांगा लेकिन वह नहीं दिए जा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>तेजस्वी यादव ने डबल इंजन सरकार पर बोला हमला </strong></p>



<p>पटना।। राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने रविवार को अपने आवास 01, पोलो रोड में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को बिहार में बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और प्रभावित परिवार को मुआवजा तथा विशेष आर्थिक पैकेज की मांग के लिए चिट्ठी लिखी है, लेकिन अब तक इस दिशा में केंद्र सरकार की ओर से कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="804" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001137041-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99242" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001137041-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001137041-650x510.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उन्होंने कहा कि 45 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, मुख्यमंत्री को भी चिट्ठी लिखी लेकिन कोई इसका रिस्पांस नहीं लिया जा रहा है. बिहार में डबल इंजन सरकार इस मामले में गंभीर नहीं है, दोनों इंजन में आग लग गई है जिस कारण लोगों को सहायता नहीं मिल पा रही है, अभी तक कोई सुनवाई और कार्रवाई नहीं हुई है . बिहार से एनडीए के सात मंत्री हैं और 31 लोकसभा के सांसद हैं लेकिन बिहार के लोगों को उनके हालात पर छोड़ दिया गया है. </p>



<figure class="wp-block-embed is-type-rich is-provider-x wp-block-embed-x"><div class="wp-block-embed__wrapper">
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true"><p lang="hi" dir="ltr">केंद्र में बिहार से 7 बेगैरत मंत्री है लेकिन एक की भी हैसियत नहीं कि बिहार की बाढ़ पर केंद्र सरकार से बिहार की कोई मदद करा सके। बिहार से केंद्र में एक भेड़-बकरी मंत्री है, एक कपड़ा मंत्री है, एक गेंहू-चावल मंत्री है, एक छोटा-मोटा कछु लघु मंत्री है, बाक़ी सब पिछलग्गू मंत्री है।… <a href="https://t.co/Z2O6xwERMc">pic.twitter.com/Z2O6xwERMc</a></p>&mdash; Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) <a href="https://x.com/yadavtejashwi/status/2099167801026257316?ref_src=twsrc%5Etfw">September 13, 2026</a></blockquote><script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
</div></figure>



<p>बिहार में राज्य सरकार ने जुलाई में आकस्मिक निधि फंड से 4000 करोड़ रूपया निकाला है जिसे सरकार के स्तर से वेतन मद और अन्य तरह के कार्यों में खर्च के लिए पैसे निकालें गये. बिहार में खजाना खाली है बिहार में केंद्र सरकार के मंत्री की कोई हैसियत नहीं है कि वह केंद्रीय सहायता दिला सके. हमने जो किचन और रसोई बार पीड़ितों के लिए चल रहा है उसका लिस्ट मांगा लेकिन वह नहीं दिए जा रहे हैं.<br>तेजस्वी ने आगे कहा कि कोशी में आए बाढ़ के समय लालू जी ने बिहार को विशेष पैकेज दिलवाया. उस समय कोशी बाढ़ पीड़ितों के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष  सोनिया गांधी ने आकर बाढ़ पीड़ितों को सहायता राशि दी थी और बाढ़ पीड़ितों को न्याय दिया था जबकि नरेंद्र मोदी सरकार बिहार के प्रति किस तरह का व्यवहार रखती है यह इसी से समझा जा सकता है के बिहार के प्रति उनका क्या सोच है. जबकि गुजरात में बारिश भी हो जाती है तो सरकार के स्तर से राहत शिविर और हर संभव मदद दिया जाता है. आपदा के समय बिहार के लोगो को भाजपा और केंद्र के नेता इग्नोर कर देते हैं, जबकि जैसे ही चुनाव का समय आता है वोट के लिए प्रधानमंत्री से लेकर गृह मंत्री तक बिहार में ही विराजमान हो जाते हैं.<br>इन्होंने आगे कहा कि बिहार के साथ सौतेलेपन का व्यवहार हो रहा है भाजपा शासित राज्यों से भी मदद नहीं मिलता है और जो भी केंद्रीय मंत्री आ रहे हैं कोई सहायता राशि नहीं मिलता है. बिहार में बाढ़ के स्थाई समाधान की दिशा में डबल इंजन सरकार का कोई ध्यान नहीं है और ना ही आपदा में सरकार के स्तर से कोई मदद दी जाती है. बिहार में चुनाव के समय अमित शाह बिहार में बाढ़ से निजात की बात करते हैं लेकिन आज वह कहां है एक बार भी उनका बयान तक नहीं आता जबकि बिहार के 45 लाख लोग बाढ़ के विभीषिका में फंसे हुए हैं. बिहार के प्रति केंद्र और राज्य का किस तरह का व्यवहार है यह इसी से समझा जा सकता है सरकार में बैठे लोग इस मामले पर गंभीर नहीं है.<br>इन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों के बीच जब मैं गया तो मुझे इस तरह का बोट दिया गया जिसका हवा बीच नदी में ही निकल गया गांव के लोगों ने किसी तरह से बचाया. हमने नेता प्रतिपक्ष की हैसियत से हालात का जायजा लिया और सरकार से बाढ़ पीड़ितों को मदद और सहायता राशि दी जाए इसकी मांग की ,लेकिन सरकार में बैठे हुए लोग बाढ़ पीड़ितों की पीड़ा और दुख को सामने लाने पर भी सवाल खड़ा करते हैं जबकि सरकार के द्वारा किए गए गलत कार्यों को जनता के सामने लाते हैं तो सरकार के लोग इस पर गंभीरता नहीं दिखाते हैं. सरकार का इस तरह का कार्यकलाप लोकतंत्र को कमजोर कर रहा है, सरकार जनता के लिए कोई काम नहीं कर रही है.<br>इन्होंने आगे कहा कि पत्रकारों के द्वारा सवाल पूछने पर सरकार को बुरा लगता है और पत्रकारों को मंत्री से लेकर के पुलिस तक पीटने का काम कर रही है. इनको प्रताड़ित कर रही है ,क्योंकि सरकार में बैठे हुए लोग सच और सच्चाई देखना नहीं चाहते हैं. संवाददाता सम्मेलन में विधानसभा में राजद के मुख्य सचेतक कुमार सर्वजीत पासवान एवं प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद भी उपस्थित थे.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बिहार में बाढ़ का हाई अलर्ट! गंगा खतरे के निशान से ऊपर, 8 जिलों के लिए चेतावनी जारी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bihar-flood-alert-2/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 03 Sep 2026 17:52:28 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पटना।। बिहार में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. आपदा प्रबंधन विभाग ने आज बड़ी चेतावनी जारी की है. जल संसाधन विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार पटना के गांधी घाट पर आज रात और हाथीदह (मोकामा) में कल 4 सितंबर को दोपहर में गंगा नदी का जलस्तर उच्चतम बाढ़ स्तर (Highest Flood Level &#8211; HFL) को पार कर सकता है. गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए विभाग ने भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद जिलों के नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे पूरी सतर्कता बरतें और कोई जोखिम न लें. आपदा प्रबंधन विभाग ने जारी किए 8 जरूरी निर्देश: pncb]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001114124-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99072" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001114124-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001114124-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001114124-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p><em>पटना</em>।। बिहार में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. आपदा प्रबंधन विभाग ने आज बड़ी चेतावनी जारी की है. जल संसाधन विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार <em>पटना के गांधी घाट पर आज रात और हाथीदह (मोकामा) में कल 4 सितंबर को दोपहर में गंगा नदी का जलस्तर उच्चतम बाढ़ स्तर (Highest Flood Level &#8211; HFL) को पार कर सकता है</em>.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2016/08/GANDHI-GHAT-650x488.jpg" alt="" class="wp-image-478" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2016/08/GANDHI-GHAT.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2016/08/GANDHI-GHAT-350x263.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए विभाग ने <em>भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद</em> जिलों के नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे पूरी सतर्कता बरतें और कोई जोखिम न लें.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="644" height="472" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/05/pnc-bihar-apda-prabandhan-vibhag-aapda-1.jpg" alt="" class="wp-image-52495" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/05/pnc-bihar-apda-prabandhan-vibhag-aapda-1.jpg 644w, https://www.patnanow.com/assets/2021/05/pnc-bihar-apda-prabandhan-vibhag-aapda-1-350x257.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 644px) 100vw, 644px" /></figure>



<p><em>आपदा प्रबंधन विभाग ने जारी किए 8 जरूरी निर्देश:</em></p>



<ol class="wp-block-list">
<li>नदी, घाट, तटबंध और निचले इलाकों में अनावश्यक रूप से न जाएं.</li>



<li>बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखें.</li>



<li>प्रशासन द्वारा चिन्हित सुरक्षित स्थान और राहत शिविरों की जानकारी रखें और जरूरत पड़ने पर वहां चले जाएं.</li>



<li>नदी में स्नान, तैराकी, नाव से घूमना और सेल्फी लेने जैसी खतरनाक गतिविधियों से बिल्कुल बचें.</li>



<li>जरूरी दस्तावेज, दवाइयां, मोबाइल, टॉर्च, पीने का पानी और जरूरी सामान सुरक्षित और आसानी से ले जाने योग्य रखें.</li>



<li>अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें </li>



<li>जलस्तर बढ़ने या बाढ़ की स्थिति में प्रशासन और बचाव दल के निर्देशों का तुरंत पालन करें.</li>



<li>किसी भी आपात स्थिति में <em>1070</em> नंबर पर तुरंत सूचना दें. यह राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र का नंबर है.</li>
</ol>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>&#8216;बिहार में बाढ़ राहत और बचाव को लेकर सरकार असंवेदनशील और सुस्त&#8217;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/flood-situation-worsens/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 03 Sep 2026 15:25:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[बाढ़ अपडेट]]></category>
		<category><![CDATA[bihar flood]]></category>
		<category><![CDATA[bihar news]]></category>
		<category><![CDATA[FLOOD]]></category>
		<category><![CDATA[Patna ganga flood]]></category>
		<category><![CDATA[Tejasvi Yadav]]></category>
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					<description><![CDATA[भागलपुर, वैशाली, पटना समेत कई जिलों में बाढ़ का खतरा राजधानी पटना में भी गंगा का खतरे के निशान से ऊपर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर लगाया आरोप पटना।। बिहार में कई नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. गंगा, सोन, पुनपुन, गंडक, बुढी गंडक, बागमती, कोसी इत्यादि नदियों में बढ़ते जलस्तर और बाढ़ के कारण लोगों में दहशत है. पटना में आज डीएम कुंदन कुमार ने गंगा घाटों का जायजा लिया और बाढ़ को लेकर पुख्ता इंतजाम का आदेश दिया है. इस बीच बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बाढ़ को लेकर सरकार की तैयारी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि 15 से अधिक जिले बाढ़ की चपेट में हैं लेकिन एनडीए सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों की अभी तक कोई तैयारी नहीं की है. सरकार की ओर से आमजन की सुरक्षा और बाढ़ प्रभावितों को किसी प्रकार की कोई सुविधा प्रदान नहीं की गई है. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि दियारा क्षेत्रों के बाढ़ के कहर और कटाव से किसानों की मक्का और हरी सब्जियों की फसलें पानी में डूब गई है. घरों, सड़कों, स्कूलों और खेतों में पानी भर गया है. pic courtesy social media तेजस्वी यादव ने कहा कि दियारा क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद होने के कारण ग्रामीणों को अंधेरे के साथ-साथ पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. गांवों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क टूटने के कारण राशन और जरूरी सामान की कमी होने लगी है. हमारी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>भागलपुर, वैशाली, पटना समेत कई जिलों में बाढ़ का खतरा </strong></p>



<p><strong>राजधानी पटना में भी गंगा का खतरे के निशान से ऊपर </strong></p>



<p><strong>नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर लगाया आरोप <br></strong>पटना।। बिहार में कई नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. गंगा, सोन, पुनपुन, गंडक, बुढी गंडक, बागमती, कोसी इत्यादि नदियों में बढ़ते जलस्तर और बाढ़ के कारण लोगों में दहशत है. पटना में आज डीएम कुंदन कुमार ने गंगा घाटों का जायजा लिया और बाढ़ को लेकर पुख्ता इंतजाम का आदेश दिया है. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001113888-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99034" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001113888-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001113888-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001113888-1536x1024.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001113888-2048x1365.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस बीच बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बाढ़ को लेकर सरकार की तैयारी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि 15 से अधिक जिले बाढ़ की चपेट में हैं लेकिन एनडीए सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों की अभी तक कोई तैयारी नहीं की है. सरकार की ओर से आमजन की सुरक्षा और बाढ़ प्रभावितों को किसी प्रकार की कोई सुविधा प्रदान नहीं की गई है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="877" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001113834.jpg" alt="" class="wp-image-99036" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001113834.jpg 877w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001113834-650x445.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 877px) 100vw, 877px" /></figure>



<p>नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि दियारा क्षेत्रों के बाढ़ के कहर और कटाव से किसानों की मक्का और हरी सब्जियों की फसलें पानी में डूब गई है. घरों, सड़कों, स्कूलों और खेतों में पानी भर गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="603" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001113661-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99039" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001113661-scaled.jpg 603w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001113661-383x650.jpg 383w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001113661-905x1536.jpg 905w" sizes="auto, (max-width: 603px) 100vw, 603px" /></figure>



<p><strong>pic courtesy social media </strong></p>



<p>तेजस्वी यादव ने कहा कि दियारा क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद होने के कारण ग्रामीणों को अंधेरे के साथ-साथ पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. गांवों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क टूटने के कारण राशन और जरूरी सामान की कमी होने लगी है. हमारी सरकार से माँग है कि दियारा क्षेत्रों को अविलंब बाढ़ग्रस्त घोषित किया जाए.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>&#8216;बिहार का बाढ़ प्रबंधन मॉडल देश के लिए रोल मॉडल&#8217;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bihar-towards-productive-production-management-in-a-multi-disaster-state/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 07 Jul 2025 12:04:15 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[राज्य के 28 जिले बाढ़ प्रभावित की श्रेणी में आते हैं, जिनमें से 15 जिले अति प्रभावित माने जाते हैं. दीपक कुमार,वरीय शोध पदाधिकारी बिहार राज्य भौगोलिक, आर्थिक एवं सामाजिक रूप से एक बहुआपदा प्रवण क्षेत्र है. यदि केवल बाढ़ की बात करें, तो राज्य की लगभग 74% जनसंख्या और 73% क्षेत्रफल प्रतिवर्ष बाढ़ से प्रभावित होता है, जो कि देश के कुल बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का 17% है.बिहार की प्रमुख नदियाँ गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, कमला, भुतही बलान, महानंदा, मैची, अधवारा समूह की धाराएं और कोसी तिब्बत-नेपाल हिमालय से निकलकर तीव्र गति से बिहार के मैदानी इलाकों में प्रवेश करती हैं. इन नदियों के तटीय क्षेत्रों सहित गंगा नदी के किनारे बसे मध्य बिहार के बड़े हिस्से को हर वर्ष बाढ़ जैसी आपदा का सामना करना पड़ता है. वर्तमान में राज्य के 28 जिले बाढ़ प्रभावित की श्रेणी में आते हैं, जिनमें से 15 जिले अति प्रभावित माने जाते हैं. इतिहास में 1987, 2004, 2008, 2017 और 2021 की बाढ़ों ने विशेष रूप से व्यापक जन-धन की क्षति पहुँचाई है. 2008 की कोसी त्रासदी, जो कुसाहा तटबंध टूटने के कारण आई, को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय आपदा घोषित किया गया था. इस आपदा के पश्चात केंद्र सरकार के साथ-साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा राहत एवं पुनर्वास कार्यक्रम चलाए गए, जिनमें विश्व बैंक जैसी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही. प्रभावी बाढ़ प्रबंधन हेतु सरकार के प्रयास मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार ने बाढ़ जैसी आपदाओं से प्रभावी रूप से निपटने हेतु कई ठोस कदम उठाए हैं, [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>राज्य के 28 जिले बाढ़ प्रभावित की श्रेणी में आते हैं, जिनमें से 15 जिले अति प्रभावित माने जाते हैं.</strong></p>



<p><strong>दीपक कुमार,वरीय शोध पदाधिकारी </strong></p>



<p>बिहार राज्य भौगोलिक, आर्थिक एवं सामाजिक रूप से एक बहुआपदा प्रवण क्षेत्र है. यदि केवल बाढ़ की बात करें, तो राज्य की लगभग <strong>74% जनसंख्या</strong> और <strong>73% क्षेत्रफल</strong> प्रतिवर्ष बाढ़ से प्रभावित होता है, जो कि देश के कुल बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का <strong>17%</strong> है.बिहार की प्रमुख नदियाँ  <strong>गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, कमला, भुतही बलान, महानंदा, मैची, अधवारा समूह की धाराएं और कोसी</strong>  तिब्बत-नेपाल हिमालय से निकलकर तीव्र गति से बिहार के मैदानी इलाकों में प्रवेश करती हैं. इन नदियों के तटीय क्षेत्रों सहित गंगा नदी के किनारे बसे मध्य बिहार के बड़े हिस्से को हर वर्ष बाढ़ जैसी आपदा का सामना करना पड़ता है. वर्तमान में <strong>राज्य के 28 जिले बाढ़ प्रभावित</strong> की श्रेणी में आते हैं, जिनमें से <strong>15 जिले अति प्रभावित</strong> माने जाते हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="720" height="405" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar-floods-144910297-16x9_0.webp" alt="" class="wp-image-90985" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar-floods-144910297-16x9_0.webp 720w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar-floods-144910297-16x9_0-650x366.webp 650w" sizes="auto, (max-width: 720px) 100vw, 720px" /></figure>



<p>इतिहास में 1987, 2004, 2008, 2017 और 2021 की बाढ़ों ने विशेष रूप से व्यापक जन-धन की क्षति पहुँचाई है. <strong>2008 </strong><strong>की कोसी त्रासदी</strong>, जो कुसाहा तटबंध टूटने के कारण आई, को <strong>भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय आपदा</strong> घोषित किया गया था. इस आपदा के पश्चात केंद्र सरकार के साथ-साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा राहत एवं पुनर्वास कार्यक्रम चलाए गए, जिनमें <strong>विश्व बैंक</strong> जैसी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="517" height="347" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/deepak.png" alt="दीपक कुमार,वरीय शोध पदाधिकारी " class="wp-image-90986"/></figure>



<p><strong>प्रभावी बाढ़ प्रबंधन हेतु सरकार के प्रयास</strong><strong></strong></p>



<p><strong>मुख्यमंत्री  नीतीश कुमार</strong> के नेतृत्व में बिहार सरकार ने बाढ़ जैसी आपदाओं से प्रभावी रूप से निपटने हेतु कई ठोस कदम उठाए हैं, जिनमें प्रमुख हैं:</p>



<ul class="wp-block-list">
<li><strong>राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (</strong><strong>BSDMA)</strong> की स्थापना एवं आपदा प्रबंधन विभाग को सुदृढ़ बनाना</li>



<li><strong>अंतर-विभागीय समेकित कार्यक्रम</strong> का क्रियान्वयन एवं समन्वय</li>



<li><strong>राज्य आपदा मोचन बल (</strong><strong>SDRF)</strong> का गठन</li>



<li><strong>आपदा पूर्व सूचना प्रणाली</strong> को सशक्त बनाना</li>



<li>बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में <strong>आश्रय स्थलों</strong> का निर्माण</li>



<li><strong>ऊँचाई वाले सुरक्षित स्थानों</strong> पर पक्के मकानों के लिए योजनाओं का संचालन</li>



<li><strong>सात निश्चय कार्यक्रम</strong> के अंतर्गत बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना</li>



<li><strong>&#8216;</strong><strong>जीविका</strong><strong>&#8216; </strong><strong>परियोजना</strong> के अंतर्गत आजीविका संवर्धन</li>



<li><strong>प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों</strong> को आपदा के समय संचालन योग्य बनाना</li>



<li>तटबंधों का <strong>सुदृढ़ीकरण एवं रखरखाव</strong>, तथा <strong>स्थानीय निगरानी प्रणाली</strong> का सशक्तीकरण</li>
</ul>



<p><strong>जन-जागरूकता और प्रशिक्षण</strong><strong></strong></p>



<p>बाढ़ से निपटने हेतु नागरिकों की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है. इसी उद्देश्य से बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा <strong>जन-जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों</strong> का संचालन किया जा रहा है, जिनमें शामिल हैं:</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>बाढ़ के दौरान <strong>सुरक्षित स्थानों</strong> पर जाने की पूर्व तैयारी</li>



<li>प्रतिवर्ष <strong>बाढ़ पूर्व पखवाड़ा</strong> का आयोजन</li>



<li><strong>मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम</strong> के माध्यम से बच्चों को आपदा के प्रति संवेदनशील बनाना</li>



<li><strong>सुरक्षित तैराकी</strong> कार्यक्रम</li>



<li><strong>आपदा मित्रों</strong>, सामुदायिक स्वास्थ्य कर्मियों, एवं विभिन्न विभागों के कर्मचारियों का प्रशिक्षण</li>



<li><strong>स्थानीय कलाकारों</strong> द्वारा नुक्कड़ नाटक, लोकगीतों के माध्यम से संदेशों का प्रसार</li>



<li><strong>स्थानीय रेडियो</strong>, <strong>मोबाइल संदेश</strong>, <strong>लघु फिल्में</strong>, एवं <strong>होर्डिंग्स</strong> के माध्यम से जागरूकता</li>
</ul>



<p><strong>2024: </strong><strong>बिहार की बाढ़ प्रबंधन में ऐतिहासिक सफलता</strong><strong></strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="851" height="626" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar_-e1728024702748.png" alt="" class="wp-image-90987" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar_-e1728024702748.png 851w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar_-e1728024702748-650x478.png 650w" sizes="auto, (max-width: 851px) 100vw, 851px" /></figure>



<p>वर्ष 2024 में कोसी नदी में <strong>अब तक का सर्वाधिक जल प्रवाह दर्ज</strong> किया गया, जो कोसी बैराज की अधिकतम क्षमता के करीब पहुँच गया था. इसके बावजूद, <strong>किसी भी मानवीय जान का नुकसान नहीं हुआ</strong>, जो कि राज्य की <strong>पूर्व तैयारी</strong><strong>, </strong><strong>सूचना प्रसारण</strong><strong>, </strong><strong>जन-भागीदारी और प्रभावी समन्वय</strong> का परिणाम है.</p>



<p>यह उपलब्धि बिहार के लिए एक <strong>गौरवपूर्ण क्षण</strong> है और यह दर्शाता है कि राज्य अब बाढ़ जैसी आपदा से केवल जूझ नहीं रहा, बल्कि उस पर <strong>विजय प्राप्त कर रहा है</strong>. वर्तमान प्रणाली और प्रबंधन मॉडल को <strong>देश के लिए एक रोल मॉडल</strong> के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है.</p>



<p>pncdesk</p>
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