<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Bihar culture &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<atom:link href="https://www.patnanow.com/tag/bihar-culture/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<description>Patna News Portal - हर ख़बर पर नज़र</description>
	<lastBuildDate>Sat, 10 Oct 2026 16:03:38 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.8.11</generator>

<image>
	<url>https://www.patnanow.com/assets/2022/08/cropped-PatnaNow_Logo_2022-32x32.png</url>
	<title>Bihar culture &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>&#8220;संगीत के बिना &#8220;ब्रांड बिहार&#8221; पुनर्निर्मित नहीं हो सकता&#8221;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/vijaya-bharti-pc/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 10 Oct 2026 16:03:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एंटरटेनमेंट]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[art and culture]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar culture]]></category>
		<category><![CDATA[Lok gayika]]></category>
		<category><![CDATA[Vijaya bharti]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=99760</guid>

					<description><![CDATA[&#8220;Brand Bihar Can not be ReBuilt Without the Music&#8221; अश्लील एवं द्विअर्थी लोकगीतों पर प्रतिबंध का स्वागत पटना।। प्रख्यात लोकगायिका विजया भारती ने आज पटना में संस्कृति विभाग, बिहार सरकार के सचिव प्रणव कुमार (IAS) एवं निदेशक (संस्कृति) रूबी से सौजन्य भेंट की. इस मुलाकात में उन्होंने बिहार की सांस्कृतिक विरासत, लोक कलाकारों की दशा एवं संस्कृति-आधारित आत्मनिर्भरता पर अपने विचार रखे और राज्य के सांस्कृतिक पुनरुत्थान, कलाकारों के प्रोत्साहन और विभिन्न कलाओं के समग्र विकास, संरक्षण और संवर्धन के लिए पटना में एक विशेष कला ग्राम की स्थापना की मांग की. विजया भारती ने कहा कि बिहार — गर्व की वह भूमि है, जहाँ से भारत ने भाषा पाई, सुर पाये, सौहार्द्र, समानता और समागम की संस्कृति विकसित की. उन्होंने कहा कि बिहार केवल एक राज्य नहीं, एक सभ्यता है. यह वह भूमि है जहाँ कला, संगीत, साहित्य, दर्शन, धर्म, भाषा, शिक्षा और लोकतंत्र — सबने अपना प्रथम स्वर पाया, विश्व में स्थापित किया और कीर्तिमान बनाया. विजया भारती ने बिहार को लेकर कहा कि यह वही धरती है जहाँ महाकवि विद्यापति ने मैथिली को अमर कर दिया, जहाँ भिखारी ठाकुर ने लोक-नाट्य को जनता की आवाज़ बनाया, जहाँ महेंद्र मिसिर ने मगही को साहित्य की गरिमा दी. यह वही भूमि है जहाँ महात्मा गांधी ने चंपारण सत्याग्रह से सत्य और अहिंसा को विश्व-पटल पर स्थापित किया, जहाँ बाबू कुंवर सिंह ने 1857 में अंग्रेज़ों के विरुद्ध प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का बिगुल फूँका। बिहार — यानी आर्यभट्ट की जन्मभूमि, चाणक्य की कर्मभूमि, नालंदा एवं विक्रमशिला की शिक्षा-परंपरा, बोधगया का [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>&#8220;<strong>Brand Bihar Can not be ReBuilt Without the Music&#8221;</strong></p>



<p><strong>अश्लील एवं द्विअर्थी लोकगीतों पर प्रतिबंध का स्वागत</strong></p>



<p>पटना।। प्रख्यात लोकगायिका विजया भारती ने आज पटना में संस्कृति विभाग, बिहार सरकार के सचिव प्रणव कुमार (IAS) एवं निदेशक (संस्कृति) रूबी से सौजन्य भेंट की.</p>



<p>इस मुलाकात में उन्होंने बिहार की सांस्कृतिक विरासत, लोक कलाकारों की दशा एवं संस्कृति-आधारित आत्मनिर्भरता पर अपने विचार रखे और राज्य के सांस्कृतिक पुनरुत्थान, कलाकारों के प्रोत्साहन और विभिन्न कलाओं के समग्र विकास, संरक्षण और संवर्धन के लिए पटना में एक विशेष कला ग्राम की स्थापना की मांग की.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="803" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/10/1001194328-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99768" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/10/1001194328-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/10/1001194328-650x509.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>विजया भारती ने कहा कि बिहार — गर्व की वह भूमि है, जहाँ से भारत ने भाषा पाई, सुर पाये, सौहार्द्र, समानता और समागम की संस्कृति विकसित की. उन्होंने कहा कि बिहार केवल एक राज्य नहीं, एक सभ्यता है. यह वह भूमि है जहाँ कला, संगीत, साहित्य, दर्शन, धर्म, भाषा, शिक्षा और लोकतंत्र — सबने अपना प्रथम स्वर पाया, विश्व में स्थापित किया और कीर्तिमान बनाया.</p>



<p>विजया भारती ने बिहार को लेकर कहा कि यह वही धरती है जहाँ महाकवि विद्यापति ने मैथिली को अमर कर दिया, जहाँ भिखारी ठाकुर ने लोक-नाट्य को जनता की आवाज़ बनाया, जहाँ महेंद्र मिसिर ने मगही को साहित्य की गरिमा दी. यह वही भूमि है जहाँ महात्मा गांधी ने चंपारण सत्याग्रह से सत्य और अहिंसा को विश्व-पटल पर स्थापित किया, जहाँ बाबू कुंवर सिंह ने 1857 में अंग्रेज़ों के विरुद्ध प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का बिगुल फूँका। बिहार — यानी आर्यभट्ट की जन्मभूमि, चाणक्य की कर्मभूमि, नालंदा एवं विक्रमशिला की शिक्षा-परंपरा, बोधगया का ज्ञान, वैशाली का विश्व का प्रथम गणराज्य — लोकतंत्र की जननी.</p>



<p>यहाँ सोहर जन्म का स्वर है, समदाउन विदाई का, कजरी विरह की, चैती फसल की, झूमर उल्लास का, निर्गुण आत्म-खोज का, और छठ गीत सूर्य-उपासना का. मिथिला की मधुबनी, भोजपुर का आरा, मगध का राजगीर, अंग की भागलपुर, बज्जिका की बोली — ये केवल नाम नहीं, सभ्यता के स्तंभ हैं. बिहार की पहचान उसकी विविधता में है — भोजपुरी, मैथिली, मगही, अंगिका, बज्जिका, अवधी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/10/1001194066-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99769" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/10/1001194066-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/10/1001194066-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/10/1001194066-1536x1152.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>अश्लील और द्विअर्थी लोक संगीत पर राज्य सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को ऐतिहासिक कदम करार देते हुए विजया भारती ने कहा कि &#8211; &#8220;मैं बिहार सरकार को हृदय से बधाई देती हूँ. 9 फरवरी 2026 का वह ऐतिहासिक आदेश, जिसके द्वारा अश्लील, द्विअर्थी एवं जातिसूचक भोजपुरी आदि गानों पर सार्वजनिक स्थलों एवं वाहनों में पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया, सांस्कृतिक गरिमा, सामाजिक सद्भाव एवं महिलाओं की मर्यादा की रक्षा की दिशा में निर्णायक पहल है. यह केवल प्रतिबंध नहीं, पुनर्स्थापना का आरंभ है.&#8221;</p>



<p>हालांकि साथ ही उन्होंने कहा कि &#8220;प्रतिबंधों के साथ प्रोत्साहन भी अनिवार्य है. कोविड-19 के बाद बिहार के हज़ारों लोक कलाकार आज भी संघर्ष कर रहे हैं। उनके लिए मंच, मानदेय, बीमा, पेंशन एवं प्रशिक्षण — यही सच्ची सांस्कृतिक सेवा होगी.&#8221;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सरस मेला में खूब उमड़ रही भीड़, तीन दिन में ही हो गई  सवा दो करोड़ की सेल</title>
		<link>https://www.patnanow.com/saras-mela-bheed/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 15 Dec 2025 15:43:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एंटरटेनमेंट]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar culture]]></category>
		<category><![CDATA[bihar news]]></category>
		<category><![CDATA[JEEVIKA]]></category>
		<category><![CDATA[patna news]]></category>
		<category><![CDATA[saras mela]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=93576</guid>

					<description><![CDATA[12 से 28 दिसंबर तक चलेगा सरस मेला अब तक दो लाख से अधिक लोगों ने देखा मेला पटना।। बिहार सरस मेला महिला स्वावलंबन एवं सशक्तिकरण की झलक पेश करते हुए सीखने –सीखाने एवं जन-जागरण हेतु एक बड़ा मंच बना हुआ है. सरस मेला के माध्यम से आगंतुक देश भर की 25 राज्यों की लोक संस्कृति, परंपरा, हस्तशिल्प, हुनर और देशी व्यंजनों से रूबरू तो हो ही रहे हैं , हुनर को प्रोत्साहन की बानगी , लोक कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित और सामजिक कुरीतियों के उन्मूलन हेतु किये जा रहे कार्यक्रमों से वाकिफ और जागरूक हो रहे हैं. बिहार सरस मेला, ग्रामीण विकास विभाग के तत्वाधान में जीविका द्वारा 28 दिसंबर 2025 तक आयोजित है. मेला 12 दिसंबर से प्रारंभ है और महज तीन दिनों खरीद-बिक्री का आंकड़ा सवा दो करोड़ रूपया पार कर गया है. इन तीन दिनों में अनुमानतः 2 लाख से अधिक लोग आये हैं.सरस मेला परिसर में 5 सौ से अधिक स्टॉल से हस्तशिल्प और देशी व्यंजनों की खरीद-बिक्री तो हो ही रही है कई सरकारी विभाग एवं संस्थाएं सरकार द्वारा संचालित लोक कल्याणकारी योजनाओं से आगंतुकों को लाभान्वित कर रहे हैं. रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया के स्टॉल पर साईबर फ्रॉड के प्रति खाताधारकों को जागरूक किया जा रहा है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के स्टॉल पर स्वरोजगार एवं स्वावलंबन हेतु विभिन्न प्रकार के ऋण के बारे में लोगों को बताया जा रहा है. आपदा प्रबंधन के विभाग पर राज्य आपदा मोचन बल द्वारा बाढ़-सुखाढ़, भूकंप समेत अन्य आपदा के समय में बचाव के तरीके बताये [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>12 से 28 दिसंबर तक चलेगा सरस मेला </strong></p>



<p><strong>अब तक दो लाख से अधिक लोगों ने देखा मेला</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="593" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000592983-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-93588" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000592983-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000592983-650x376.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000592983-1536x889.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000592983-2048x1185.jpg 2048w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>पटना।। बिहार सरस मेला महिला स्वावलंबन एवं सशक्तिकरण की झलक पेश करते हुए सीखने –सीखाने एवं जन-जागरण हेतु एक बड़ा मंच बना हुआ है. सरस मेला के माध्यम से आगंतुक देश भर की 25 राज्यों की लोक संस्कृति, परंपरा, हस्तशिल्प, हुनर और देशी व्यंजनों से रूबरू तो हो ही रहे हैं , हुनर को प्रोत्साहन की बानगी , लोक कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित और सामजिक कुरीतियों के उन्मूलन हेतु किये जा रहे कार्यक्रमों से वाकिफ और जागरूक हो रहे हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="576" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-bans-kala-bamboo-art-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-93587" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-bans-kala-bamboo-art-scaled.jpg 576w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-bans-kala-bamboo-art-366x650.jpg 366w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-bans-kala-bamboo-art-864x1536.jpg 864w" sizes="auto, (max-width: 576px) 100vw, 576px" /></figure>



<p>बिहार सरस मेला, ग्रामीण विकास विभाग के तत्वाधान में जीविका द्वारा 28 दिसंबर 2025 तक आयोजित है. मेला 12 दिसंबर से प्रारंभ है और महज तीन दिनों खरीद-बिक्री का आंकड़ा सवा दो करोड़ रूपया पार कर गया है. इन तीन दिनों में अनुमानतः 2 लाख से अधिक लोग आये हैं.<br>सरस मेला परिसर में 5 सौ से अधिक स्टॉल से हस्तशिल्प और देशी व्यंजनों की खरीद-बिक्री तो हो ही रही है कई सरकारी विभाग एवं संस्थाएं सरकार द्वारा संचालित लोक कल्याणकारी योजनाओं से आगंतुकों को लाभान्वित कर रहे हैं. रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया के स्टॉल पर साईबर फ्रॉड के प्रति खाताधारकों को जागरूक किया जा रहा है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के स्टॉल पर स्वरोजगार एवं स्वावलंबन हेतु विभिन्न प्रकार के ऋण के बारे में लोगों को बताया जा रहा है. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-saras-Mela-natak-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-93584" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-saras-Mela-natak-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-saras-Mela-natak-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-saras-Mela-natak-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>आपदा प्रबंधन के विभाग पर राज्य आपदा मोचन बल द्वारा बाढ़-सुखाढ़, भूकंप समेत अन्य आपदा के समय में बचाव के तरीके बताये जा रहे हैं. भारतीय डाक विभाग द्वारा सुकन्या समृद्धि योजना समेत अन्य योजनाओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है विकास प्रबंधन संस्थान , पटना द्वारा छात्र-छात्राओं को प्रबंधन का गुर सीखाया जा रहा है. महिला एवं वाल विकास निगम द्वारा पालना घर का संचालन एवं सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन हेतु जन जागरूकता अभियान एवं उनके स्टॉल पर महिला स्वावलंबन की झलक भी प्रस्तुत है. पर्यावरण , वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के स्टॉल पर आगंतुकों को पर्यावरण संरक्षण एवं जल प्रबंधन के साथ ही जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूक किया जा रहा है . पंजाब नेशनल बैंक के स्टॉल पर आरसेटी के तत्वाधान में प्रशिक्षणार्थियों द्वारा उत्पादित निर्मित हस्तशिल्प की प्रदर्शनी सह बिक्री जारी है . नगर निगम, पटना स्वच्छता एवं कचरा प्रबंधन पर लोगों को जागरूक कर रहा है. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="840" height="371" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000592989.jpg" alt="" class="wp-image-93590" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000592989.jpg 840w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000592989-650x287.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 840px) 100vw, 840px" /></figure>



<p>पर्यटन विभाग द्वारा बिहार के पर्यटन स्थलों के बारे आगंतुकों को बताया जा रहा है. लोहिया स्वच्छ बिहार अभुयाँ के स्टॉल पर कचरा के स्थाई प्रबंधन , प्लास्टिक अपशिस्ट प्रबंधन एवं स्वच्छता के लिए 3 आर की आदत के बारे में आगंतुकों को अवगत कराया जा रहा है. जीविका दीदियों द्वारा संचालित ग्राहक सेवा केंद्र पर रुपियों की जमा-निकासी की सुविधा उपलब्ध कराई गयी है. जीविका के सामाजिक विकास प्रभाग द्वारा पर्यावरण संतुलन बनाये रखने हेतु दीदी की पौधशाला का सञ्चालन, महिलाओं के अधिकार और उसकी रक्षा के सूत्र आदि बताये जा रहे हैं. सामाजिक विकास प्रभाग द्वारा सरस मेला में परिभ्रमण हेतु दिव्यांगों एवं वृद्धजनो के लिए सशुल्क व्हील चेयर की भी सुविधा उपलब्ध कराई गयी है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-hm-kasif-sir-in-saras-Mela-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-93586" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-hm-kasif-sir-in-saras-Mela-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-hm-kasif-sir-in-saras-Mela-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-hm-kasif-sir-in-saras-Mela-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बिहार सरस रसोई परिसर में दीदी की रसोई समेत कई फूद्स्तौल पर सुस्वादु देशी व्यंजन, फन जोन और सेल्फी ज़ोन आकर्षण के खास केंद्र बने हुए हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-chat-and-snacks-in-saras-Mela-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-93585" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-chat-and-snacks-in-saras-Mela-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-chat-and-snacks-in-saras-Mela-650x366.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>सम-सामयिक मुद्दों पर आधारित सेमिनार, लोकगीत एवं लोक नृत्य पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम, गीत-गजल और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन हेतु जन–जागरण के उद्देश्य से नुक्कड़ नाटकों की प्रस्तुति जारी है .सोमवार को महिला एवं बाल विकास निगम के तत्वाधान में प्रहरी नाट्य संस्था के कलाकारों ने बाल विवाह, और दहेज़ प्रथा समेत अन्य सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन हेतु नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति की.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
