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	<title>Bihar cabinet &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<description>Patna News Portal - हर ख़बर पर नज़र</description>
	<lastBuildDate>Wed, 01 Jul 2026 16:38:52 +0000</lastBuildDate>
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	<title>Bihar cabinet &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>यूनिवर्सिटी और कॉलेज में शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ, नियमावली को कैबिनेट ने दी मंजूरी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/college-teacher-recruitment-process/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 01 Jul 2026 16:38:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACADEMIC]]></category>
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		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार कैबिनेट से नियुक्ति नियमावली पास पटना।। विश्वविद्यालय और अंगीभूत महाविद्यालय में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग कार्य संचालन संशोधन नियमावली 2026 के प्रारूप पर स्वीकृति प्रदान की गई है.  आइये विस्तार से जानते हैं कि विश्वविद्यालयों में अब शिक्षकों की नियुक्ति की शर्तें और प्रक्रिया क्या है. 3.2 नियुक्ति की प्रक्रिया3.2.1 नियुक्ति खुला अखिल भारतीय विज्ञापन के माध्यम से की जाएगी।3.2.2 सहायक प्राध्यापकों (नियमित/संविदात्मक) की नियुक्ति संबंधित विश्वविद्यालय द्वारा, आयोग की अनुशंसा पर, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा निर्धारित और बिहार सरकार द्वारा अंगीकृत/संशोधित न्यूनतम योग्यता के अनुसार की जाएगी।3.2.3 विश्वविद्यालयों का सक्षम प्राधिकारी, विषयवार रिक्तियों के साथ आरक्षण रोस्टर के आधार पर, उच्च शिक्षा विभाग के माध्यम से आयोग को अधियाचना भेजेगा। विभाग विश्वविद्यालयों से प्राप्त अधियाचनाओें को समेकित करेगा और सम्यक जांच के बाद आयोग को अग्रेषित करेगा।3.2.4 तदनुसार आयोग अधियाचित विषयों के लिए प्राथमिकता के आधार पर चयन प्रक्रिया शुरू करेगा. 3.3 अनिवार्य योग्यताएँ:3.3.1 किसी भारतीय विश्वविद्यालय से संबंधित/संबद्ध विषयों में, जैसा कि आयोग द्वारा विज्ञापित किया गया हो, न्यूनतम 55% अंकों या समकक्ष ग्रेड के साथ मास्टर डिग्री, या किसी मान्यता प्राप्त विदेशी विश्वविद्यालय से समकक्ष डिग्री। नोट: मास्टर डिग्री में न्यूनतम योग्यता के लिए 5% अंकों की छूट बिहार के अधिवासी SC/ST/EBC (नॉन-क्रीमी लेयर)/BC (नॉन-क्रीमी लेयर) उम्मीदवारों के लिए स्वीकार्य होगी, जबकि दिव्यांगजन [(a) दृष्टिबाधित; (b) मूक-बधिर; (c) लोकोमोटर विकलांगता; (d) ऑटिज्म, बौद्धिक विकलांगता, मानसिक बीमारी; (e) बहु-विकलांगता] के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्धारित न्यूनतम विकलांगता प्रतिशत के साथ, पूरे देश से भर्ती के लिए पात्रता [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>बिहार कैबिनेट से नियुक्ति नियमावली पास</strong></p>



<p>पटना।। विश्वविद्यालय और अंगीभूत महाविद्यालय में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग कार्य संचालन संशोधन नियमावली 2026 के प्रारूप पर स्वीकृति प्रदान की गई है. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2017/06/PNC-PATNA-UNIVERSITY-PU-650x488.jpg" alt="" class="wp-image-19009" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/06/PNC-PATNA-UNIVERSITY-PU.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/06/PNC-PATNA-UNIVERSITY-PU-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>आइये विस्तार से जानते हैं कि विश्वविद्यालयों में अब शिक्षकों की नियुक्ति की शर्तें और प्रक्रिया क्या है.</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity"/>



<p><em>3.2 नियुक्ति की प्रक्रिया</em><br><em>3.2.1</em> नियुक्ति खुला अखिल भारतीय विज्ञापन के माध्यम से की जाएगी।<br><em>3.2.2</em> सहायक प्राध्यापकों (नियमित/संविदात्मक) की नियुक्ति संबंधित विश्वविद्यालय द्वारा, आयोग की अनुशंसा पर, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा निर्धारित और बिहार सरकार द्वारा अंगीकृत/संशोधित न्यूनतम योग्यता के अनुसार की जाएगी।<br><em>3.2.3</em> विश्वविद्यालयों का सक्षम प्राधिकारी, विषयवार रिक्तियों के साथ आरक्षण रोस्टर के आधार पर, उच्च शिक्षा विभाग के माध्यम से आयोग को अधियाचना भेजेगा। विभाग विश्वविद्यालयों से प्राप्त अधियाचनाओें को समेकित करेगा और सम्यक जांच के बाद आयोग को अग्रेषित करेगा।<br><em>3.2.4</em> तदनुसार आयोग अधियाचित विषयों के लिए प्राथमिकता के आधार पर चयन प्रक्रिया शुरू करेगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="600" height="400" src="https://www.patnanow.com/assets/2017/06/PNC-VKSU-vir-kuwar-SINGH-UNIVERSITY.jpg" alt="" class="wp-image-19010" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/06/PNC-VKSU-vir-kuwar-SINGH-UNIVERSITY.jpg 600w, https://www.patnanow.com/assets/2017/06/PNC-VKSU-vir-kuwar-SINGH-UNIVERSITY-225x150.jpg 225w, https://www.patnanow.com/assets/2017/06/PNC-VKSU-vir-kuwar-SINGH-UNIVERSITY-350x233.jpg 350w" sizes="(max-width: 600px) 100vw, 600px" /></figure>



<p><em>3.3 अनिवार्य योग्यताएँ:</em><br><em>3.3.1</em> किसी भारतीय विश्वविद्यालय से संबंधित/संबद्ध विषयों में, जैसा कि आयोग द्वारा विज्ञापित किया गया हो, न्यूनतम 55% अंकों या समकक्ष ग्रेड के साथ मास्टर डिग्री, या किसी मान्यता प्राप्त विदेशी विश्वविद्यालय से समकक्ष डिग्री।</p>



<p><em>नोट:</em> मास्टर डिग्री में न्यूनतम योग्यता के लिए 5% अंकों की छूट बिहार के अधिवासी SC/ST/EBC (नॉन-क्रीमी लेयर)/BC (नॉन-क्रीमी लेयर) उम्मीदवारों के लिए स्वीकार्य होगी, जबकि दिव्यांगजन [(a) दृष्टिबाधित; (b) मूक-बधिर; (c) लोकोमोटर विकलांगता; (d) ऑटिज्म, बौद्धिक विकलांगता, मानसिक बीमारी; (e) बहु-विकलांगता] के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्धारित न्यूनतम विकलांगता प्रतिशत के साथ, पूरे देश से भर्ती के लिए पात्रता और अच्छे शैक्षणिक रिकॉर्ड का आकलन किया जाएगा। लेकिन दोनों लाभ एक ही उम्मीदवार को स्वीकार्य नहीं होंगे.</p>



<p><em>3.3.2</em> उपरोक्त योग्यताओं को पूरा करने के अलावा, उम्मीदवार को UGC या CSIR द्वारा आयोजित राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET) या UGC द्वारा मान्यता प्राप्त समान परीक्षा या राज्य स्तर की पात्रता परीक्षा (SLET/SET), यदि बिहार सरकार द्वारा इस उद्देश्य के लिए आयोजित की गई हो, उत्तीर्ण होना चाहिए.</p>



<p><em>3.3.3</em> बशर्ते कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (पीएच.डी. डिग्री प्रदान करने के लिए न्यूनतम मानक और प्रक्रिया) विनियम, 2009 या 2016, जैसा कि समय-समय पर संशोधित हो, के अनुसार संबंधित विषय में पीएच.डी. डिग्री रखने वाले उम्मीदवारों को NET/SLET/SET से छूट दी जा सकती है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="300" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/04/PNC-PATLIPUTRA-UNIVERSITY-PPU.jpg" alt="" class="wp-image-44012" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/04/PNC-PATLIPUTRA-UNIVERSITY-PPU.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2020/04/PNC-PATLIPUTRA-UNIVERSITY-PPU-350x162.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><em>3.3.4</em> इसके अतिरिक्त बशर्ते कि UGC विनियम 2009 के कार्यान्वयन से पहले पीएच.डी. कार्यक्रम के लिए पंजीकृत उम्मीदवार, डिग्री प्रदान करने वाली संस्था के तत्कालीन मौजूदा अध्यादेशों/उप-नियमों/विनियमों के प्रावधानों द्वारा शासित होंगे और ऐसे पीएचडी उम्मीदवारों को निम्नलिखित शर्तों की पूर्ति के अधीन, बिहार सरकार या उसकी ओर से इस उद्देश्य के लिए आयोजित NET/राज्य स्तरीय पात्रता परीक्षा (SLET/SET) की आवश्यकता से छूट दी जाएगी:</p>



<ul class="wp-block-list">
<li><em>3.3.4.1</em> उम्मीदवार की पीएच.डी. डिग्री नियमित मोड में प्रदान की गई हो;</li>



<li><em>3.3.4.2</em> पीएच.डी. थीसिस का मूल्यांकन कम से कम दो बाहरी परीक्षकों द्वारा किया गया हो;</li>



<li><em>3.3.4.3</em> उम्मीदवार की खुली पीएच.डी. मौखिक परीक्षा आयोजित की गई हो;</li>



<li><em>3.3.4.4</em> उम्मीदवार ने अपने पीएच.डी. कार्य से दो शोध पत्र प्रकाशित किए हों, जिनमें से कम से कम एक रेफरीड जर्नल में हो;</li>



<li><em>3.3.4.5</em> उम्मीदवार ने UGC/ICSSR/CSIR या किसी समान एजेंसी द्वारा प्रायोजित/वित्तपोषित/समर्थित सम्मेलनों/सेमिनारों में अपने पीएच.डी. कार्य पर आधारित कम से कम दो पेपर प्रस्तुत किए हों.</li>
</ul>



<p>इन शर्तों की पूर्ति संबंधित विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार या डीन (शैक्षणिक मामले/संबंधित संकाय) द्वारा प्रमाणित की जानी है.</p>



<p><em>नोट:</em> NET/SLET/SET उन मास्टर्स कार्यक्रमों के विषयों के लिए भी आवश्यक नहीं होगा जिनके लिए UGC, CSIR या UGC द्वारा मान्यता प्राप्त समान परीक्षा जैसे SLET/SET आयोजित नहीं की जाती है.</p>



<p><em>अथवा</em><br>पीएच.डी. डिग्री किसी विदेशी विश्वविद्यालय/संस्थान से प्राप्त की गई हो जो निम्नलिखित में से किसी एक द्वारा विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग में शीर्ष 500 में स्थान रखता हो: (i) क्वाक्वेरेली साइमंड्स (QS) (ii) टाइम्स हायर एजुकेशन (THE) या (iii) शंघाई जिओ टोंग विश्वविद्यालय (शंघाई) का विश्व विश्वविद्यालयों का शैक्षणिक रैंकिंग (ARWU).</p>



<p><em>3.3.5</em> संगीत, प्रदर्शन कला, दृश्य कला और मूर्तिकला आदि जैसी अन्य पारंपरिक कला रूपों और नाटक/नाट्य के संदर्भ में, एक पारंपरिक या पेशेवर कलाकार की पात्रता का मूल्यांकन UGC विनियम में शिक्षक की नियुक्ति के लिए न्यूनतम योग्यता पर विशिष्ट विषयों के लिए निर्धारित मानदंडों के अनुसार किया जाएगा।</p>



<p><em>3.4 आयु सीमा:</em><br>सहायक प्राध्यापक के रूप में नियुक्ति के लिए न्यूनतम आयु 21 (इक्कीस) वर्ष होगी, और अधिकतम आयु विज्ञापन के वर्ष की 1 अगस्त को 43 (तैंतालीस) वर्ष से अधिक नहीं होगी। आयु में छूट राज्य सरकार के मौजूदा प्रावधानों के अनुसार दी जाएगी, जबकि दिव्यांगजनों के लिए आयु में छूट भारत सरकार के नियमों के अनुसार होगी </p>



<p><em>3.5 प्रसंस्करण शुल्क:</em><br>आयोग आवेदन आमंत्रित करने के लिए उचित समझे जाने वाले आवेदन प्रसंस्करण शुल्क का निर्धारण करेगा.</p>



<p><em>3.6 नियमित नियुक्ति के लिए चयन मानदंड:</em><br>उम्मीदवारों का अंतिम चयन लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के लिए अंकों का आवंटन निम्नानुसार होगा:<br><strong>घटक</strong> <strong>आवंटित अंक</strong><br>लिखित परीक्षा (अवधि-तीन घंटे) 175<br>साक्षात्कार 25 (13+12)<br>अधिकतम 13 अंक शिक्षण कौशल के आधार पर दिए जाएंगे, जिसका परीक्षण साक्षात्कार बोर्ड द्वारा मौके पर किया जाएगा (शिक्षण कौशल प्रदर्शन अनिवार्य रूप से वीडियो-रिकॉर्ड किया जाएगा) जबकि अधिकतम 12 अंक साक्षात्कार बोर्ड के साथ बातचीत के आधार पर दिए जाएंगे।<br><em>3.7</em> परीक्षा वर्णनात्मक होगी और परीक्षा की योजना <em>अनुबंध-I</em> में वर्णित अनुसार होगी। पाठ्यक्रम संबंधित विषय/अनुशासन में NET के समान होगा। उन विषयों में, जैसे जीवन विज्ञान, जहाँ NET विषयों के समूह के लिए प्रदान किया जाता है, लिखित परीक्षा में उपस्थित होने वाला उम्मीदवार संबंधित विषय का चयन करेगा और NET का संबंधित पाठ्यक्रम लागू होगा. जिन विषयों/अनुशासनों में NET आयोजित नहीं किया जाता है, उनमें पाठ्यक्रम आयोग द्वारा विषय विशेषज्ञों के परामर्श से तय किया जाएगा. किसी विशेष विषय के लिए पाठ्यक्रम के निर्धारण के संबंध में किसी भी कठिनाई को दूर करने के लिए, आयोग का निर्णय अंतिम होगा. सभी मामलों में, पाठ्यक्रम आयोग की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा </p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity"/>



<p><em>अनुबंध-I</em><br><strong>क्र. सं.</strong> <strong>प्रश्नों का प्रकार</strong> <strong>प्रश्नों की संख्या</strong> <strong>प्रत्येक को आवंटित                </strong>     <strong>अंक</strong>                        <strong>कुल  अंक</strong><br>1 अति लघु उत्तरीय 20 01 20<br>2 लघु उत्तरीय 15 02 30<br>3 तर्क आधारित विश्लेषणात्मक 15 03 45<br>4 दीर्घ उत्तरीय 10 08 80<br><strong>कुल</strong> <strong>175</strong><br><em>व्यापक मार्गदर्शन के लिए व्याख्यात्मक नोट्स:-</em></p>



<ol class="wp-block-list">
<li>अति लघु उत्तरीय प्रकार के प्रश्न विषय की वैचारिक समझ का पता लगाएंगे न कि केवल स्मृति आधारित होंगे. उत्तर एक शब्द/रिक्त स्थान भरें/एक वाक्य में होना चाहिए.</li>



<li>लघु उत्तरीय प्रकार के प्रश्न संबंध/मैपिंग/वैचारिक अंतर्संबंध का पता लगाएंगे और अंतः-विषय अवधारणाओं पर संश्लेषण क्षमता पर ध्यान केंद्रित करेंगे। सामान्य उत्तर/प्रतिक्रिया एक पैराग्राफ/एक छवि/एक ग्राफ होना चाहिए.</li>



<li>तर्क आधारित विश्लेषणात्मक प्रकार के प्रश्न तर्कों/तर्क/एक्सट्रपलेशन/अन्वेषित क्षेत्रों में विषय में प्राप्त ज्ञान के अनुप्रयोग पर आधारित शिक्षार्थी की अनुप्रयोग क्षमताओं का पता लगाएंगे। सामान्य प्रतिक्रिया सह-संबंध/समानार्थी/विलोम का मिलान/अनुप्रयोग क्षेत्र आदि हो सकती है.</li>



<li>दीर्घ उत्तरीय प्रकार के प्रश्न अनुशासनात्मक क्षेत्रों में गहरी समझ पर ध्यान केंद्रित करेंगे और प्रतिक्रिया आम तौर पर 200-250 शब्दों में होनी चाहिए.</li>
</ol>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity"/>



<p><em>अनुबंध-II</em></p>



<p>लिखित परीक्षा में आरक्षण की संबंधित श्रेणियों से संबंधित उम्मीदवारों के लिए लागू न्यूनतम अर्हक अंक निम्नानुसार होंगे:-<br><strong>श्रेणी</strong> <strong>प्रतिशत</strong><br>अनारक्षित 40%<br>पिछड़ा वर्ग 36.5%<br>अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) 34%<br>अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति और महिला 32%<br>न्यूनतम अंक प्राप्त करने वाले संबंधित श्रेणियों के उम्मीदवारों को ही साक्षात्कार के लिए विचार किया जाएगा, बशर्ते कि वे 1:3 के अनुपात में आते हों.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity"/>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>नीतीश लेंगे कैबिनेट मीटिंग, शिवराज बताएंगे नये सीएम का नाम</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bihar-political-update/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 12 Apr 2026 10:16:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Big news]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar cabinet]]></category>
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		<category><![CDATA[Bihar update]]></category>
		<category><![CDATA[New cm]]></category>
		<category><![CDATA[nitish kumar]]></category>
		<category><![CDATA[Shivraj Singh Chauhan]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार में राजनीति चरम पर, नये सीएम के नाम पर संशय बरकरार शिवराज चौहान को बिहार का नेता चुनने की जिम्मेदारी पटना।। जैसे-जैसे खरमास खत्म होने का समय नजदीक आ रहा है बिहार से जुड़े तमाम लोगों की धड़कनें तेज हो रही हैं. ताजा अपडेट के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को बिहार में पार्टी विधायक दल का नेता चुनने की जिम्मेदारी दी है. इधर बिहार सरकार की ओर से 14 अप्रैल को सुबह 11:00 बजे कैबिनेट मीटिंग की सूचना जारी की गई है. माना जा रहा है कि 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री के तौर पर नीतीश कुमार की यह आखिरी कैबिनेट मीटिंग होगी. इसके बाद वह राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगे और संभवत: 15 अप्रैल को बिहार में नए सीएम की ताजपोशी के साथ एनडीए की नई सरकार का गठन हो जाएगा. हालांकि नए सीएम के नाम को लेकर अब तक संशय बरकरार है और अब भारतीय जनता पार्टी ने वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को यह जिम्मेदारी सौंपी है. उन्हें बिहार का पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है. यानी एक तरफ नीतीश कुमार कैबिनेट की मीटिंग लेंगे, दूसरी तरफ शिवराज सिंह चौहान भाजपा विधायक दल का नेता चुनेंगे जो बिहार का नया मुख्यमंत्री होगा. लेकिन तब तक बिहार में सियासी उहापोह की स्थिति बनी हुई है. pncb]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>बिहार में राजनीति चरम पर</strong>, <strong>नये सीएम के नाम पर संशय बरकरार </strong></p>



<p><strong>शिवराज चौहान को बिहार का नेता चुनने की जिम्मेदारी </strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="698" height="439" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-shivraj-singh-chauhan.jpg" alt="" class="wp-image-96232" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-shivraj-singh-chauhan.jpg 698w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-shivraj-singh-chauhan-650x409.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 698px) 100vw, 698px" /></figure>



<p>पटना।। जैसे-जैसे खरमास खत्म होने का समय नजदीक आ रहा है बिहार से जुड़े तमाम लोगों की धड़कनें तेज हो रही हैं. ताजा अपडेट के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को बिहार में पार्टी विधायक दल का नेता चुनने की जिम्मेदारी दी है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="780" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-bjp-appoints-shivraj-singh-chauhan-for-Bihar-cm-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96231" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-bjp-appoints-shivraj-singh-chauhan-for-Bihar-cm-scaled.jpg 780w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-bjp-appoints-shivraj-singh-chauhan-for-Bihar-cm-495x650.jpg 495w" sizes="auto, (max-width: 780px) 100vw, 780px" /></figure>



<p>इधर बिहार सरकार की ओर से 14 अप्रैल को सुबह 11:00 बजे कैबिनेट मीटिंग की सूचना जारी की गई है. माना जा रहा है कि 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री के तौर पर नीतीश कुमार की यह आखिरी कैबिनेट मीटिंग होगी. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="576" height="860" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-nitish-last-cabinet-meeting-on-140426.jpg" alt="" class="wp-image-96236" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-nitish-last-cabinet-meeting-on-140426.jpg 576w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-nitish-last-cabinet-meeting-on-140426-435x650.jpg 435w" sizes="auto, (max-width: 576px) 100vw, 576px" /></figure>



<p>इसके बाद वह राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगे और संभवत: 15 अप्रैल को बिहार में नए सीएम की ताजपोशी के साथ एनडीए की नई सरकार का गठन हो जाएगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="739" height="415" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-cm-nitish-kumar-11.jpg" alt="" class="wp-image-96234" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-cm-nitish-kumar-11.jpg 739w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-cm-nitish-kumar-11-650x365.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 739px) 100vw, 739px" /></figure>



<p>हालांकि नए सीएम के नाम को लेकर अब तक संशय बरकरार है और अब भारतीय जनता पार्टी ने वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को यह जिम्मेदारी सौंपी है. उन्हें बिहार का पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है. यानी एक तरफ नीतीश कुमार कैबिनेट की मीटिंग लेंगे, दूसरी तरफ शिवराज सिंह चौहान भाजपा विधायक दल का नेता चुनेंगे जो बिहार का नया मुख्यमंत्री होगा. लेकिन तब तक बिहार में सियासी उहापोह की स्थिति बनी हुई है.</p>



<p> <strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पहली कैबिनेट में रोजगार पर फोकस, 25 चीनी मिलें होंगी स्थापित</title>
		<link>https://www.patnanow.com/first-cabinet-decisions/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 25 Nov 2025 11:01:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
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		<category><![CDATA[Bihar politics]]></category>
		<category><![CDATA[Cabinet decisions]]></category>
		<category><![CDATA[CM NITISH KUMAR]]></category>
		<category><![CDATA[First cabinet]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार कैबिनेट की पहली बैठक में 10 एजेंडों पर मुहर, टेक हब एवं चीनी मिलों पर जोर पटना, 25 नवंबर।। बिहार में एनडीए की भारी भरकम बहुमत वाली सरकार गठित होने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आज पहली कैबिनेट की पहली बैठक हुई. मुख्य सचिवालय में मंगलवार को आयोजित इस बैठक में 10 एजेंडों पर मुहर लगी. सरकार ने विधानसभा चुनाव के दौरान जारी किए गए अपने घोषणा-पत्र के मुद्दों को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है. इसके अंतर्गत आगामी 5 वर्ष के दौरान 1 करोड़ युवाओं को रोजगार और सरकारी नौकरी देने की कार्ययोजना को अमलीजामा पहनाया गया है. कैबिनेट में लिए तमाम निर्णयों की जानकारी मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सूचना भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में दी. बिहार को पूर्वी भारत का नया टेक हब विकसित किया जाएगा. इसका उद्देश्य डिफेंस कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर निर्माण पार्क, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, मेगा टेक सिटी एवं फिनटेक सिटी की स्थापना करना है. टेक हब की कार्य योजना तैयार करने और इनका सतत अनुश्रवण करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक शीर्ष समिति का गठन किया गया है. आगामी छह महीने में यह कमेटी सरकार को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी ताकि इसे जमीन पर उतारा जा सके. बदलते बिहार की विकास गति को बल देने के लिए राज्य में प्रौद्योगिकी एवं सेवा आधारित नवाचारों पर आधारित न्यू ऐज इकोनॉमी के निर्माण का लक्ष्य तय किया गया है. इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता जो समिति बनेगी उसमें बिहार से संबंध रखने वाले विभिन्न क्षेत्रों के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>बिहार कैबिनेट की पहली बैठक में 10 एजेंडों पर मुहर, टेक हब एवं चीनी मिलों पर जोर</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="467" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/pnc-bihar-sarkar-sachivalaya.jpg" alt="" class="wp-image-65680" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/pnc-bihar-sarkar-sachivalaya.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/08/pnc-bihar-sarkar-sachivalaya-350x251.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>पटना, 25 नवंबर।। बिहार में एनडीए की भारी भरकम बहुमत वाली सरकार गठित होने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आज पहली कैबिनेट की पहली बैठक हुई.  मुख्य सचिवालय में मंगलवार को आयोजित इस बैठक में 10 एजेंडों पर मुहर लगी. सरकार ने विधानसभा चुनाव के दौरान जारी किए गए अपने घोषणा-पत्र के मुद्दों को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है. इसके अंतर्गत आगामी 5 वर्ष के दौरान 1 करोड़ युवाओं को रोजगार और सरकारी नौकरी देने की कार्ययोजना को अमलीजामा पहनाया गया है. कैबिनेट में लिए तमाम निर्णयों की जानकारी मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सूचना भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में दी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="832" height="588" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/11/1000547770.jpg" alt="" class="wp-image-93058" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/11/1000547770.jpg 832w, https://www.patnanow.com/assets/2025/11/1000547770-650x459.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 832px) 100vw, 832px" /></figure>



<pre class="wp-block-code"><code>मुख्य सचिव ने बताया कि सरकार ने राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने और उद्योगों के विस्तार को नई दिशा देने के लिए तेजी से पहल शुरू कर दी है. सात निश्चय-2 के तहत वर्ष 2020 से 2025 के बीच 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है. आगामी पांच वर्षों (2025-30) में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. बिहार की बड़ी युवा आबादी को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था की गई है. </code></pre>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="948" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-cm-in-old-sachivalaya-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-89617" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-cm-in-old-sachivalaya-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-cm-in-old-sachivalaya-650x602.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-cm-in-old-sachivalaya-1536x1422.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बिहार को पूर्वी भारत का नया टेक हब विकसित किया जाएगा. इसका उद्देश्य डिफेंस कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर निर्माण पार्क, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, मेगा टेक सिटी एवं फिनटेक सिटी की स्थापना करना है. टेक हब की कार्य योजना तैयार करने और इनका सतत अनुश्रवण करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक शीर्ष समिति का गठन किया गया है. आगामी छह महीने में यह कमेटी सरकार को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी ताकि इसे जमीन पर उतारा जा सके. बदलते बिहार की विकास गति को बल देने के लिए राज्य में प्रौद्योगिकी एवं सेवा आधारित नवाचारों पर आधारित न्यू ऐज इकोनॉमी के निर्माण का लक्ष्य तय किया गया है. इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता जो समिति बनेगी उसमें बिहार से संबंध रखने वाले विभिन्न क्षेत्रों के अग्रणी उद्यमियों, विशेषज्ञों और परामर्शी से सुझाव प्राप्त कर नीतियां और योजनाएं बनाई जाएंगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/10/pnc-factory-industry-production-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-92385" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/10/pnc-factory-industry-production-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/10/pnc-factory-industry-production-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/10/pnc-factory-industry-production-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>प्रत्यय अमृत ने कहा कि राज्य में बंद पड़ी 9 चीनी मिलों का फिर से उद्धार किया जाएगा. इन 9 समेत 25 नई चीनी मिले खोली जाएंगी। इससे किसानों को अच्छी आमदनी होगी और अधिक संख्या में रोजगार के अवसर पैदा हो सकेंगे. इससे संबंधित नीति निर्धारण और कार्य योजना को अंतिम रूप देने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="844" height="604" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/11/1000547769.jpg" alt="" class="wp-image-93059" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/11/1000547769.jpg 844w, https://www.patnanow.com/assets/2025/11/1000547769-650x465.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 844px) 100vw, 844px" /></figure>



<p>मुख्य सचिव ने बताया कि सरकार बिहार को एक ‘ग्लोबल बैक-एंड हब’ और ‘ग्लोबल वर्कप्लेस’ के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से प्रतिष्ठित अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों के सहयोग से एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेगी. उन्होंने बताया राज्य में शहरी कारण को बढ़ावा देने के लिए नौ प्रमंडलीय शहरों के साथ साथ सोनपुर और सीतामढ़ी में ग्रीन टाउनशिप विकसित किए जाएंगे. ‘बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन’ की स्थापना की तैयारी की जा रही है. कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) जैसे वैश्विक परिवर्तनकारी क्षमता रखने वाले क्षेत्र में बिहार राज्य एक अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित हो जिससे राज्य के सामाजिक,आर्थिक और क्षेत्रीय विकास को गति मिल सके. एआई एवं उसके उपयोग से संबंधित नीति का निर्धारण तथा संस्थानीकरण संभव हो सकेगा. इस प्रक्षेत्र के अग्रणी उद्योगों या संस्थानों की सहभागिता प्राप्त करने के उदेश्य से राज्य एआई परिस्थितिकी का निर्माण किया जाएगा.<br>सरकार का दावा है कि उच्च गुणवत्ता की आधारभूत संरचना, औद्योगिक कॉरिडोर, बेहतर पावर सप्लाई, जल प्रबंधन और उपलब्ध कुशल मानव संसाधन अब बिहार को निवेश के लिए उपयुक्त राज्य बनाते हैं. राज्य सरकार की ओर से कहा कि रोजगार और औद्योगिक विकास से जुड़ी योजनाओं पर कार्य तेज गति से जारी है और सरकार योजनाओं को समयसीमा के अन्दर पूर्ण करने हेतु कृत संकल्पित है.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बिहार में लगेंगे 5 डेयरी संयंत्र, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bihar-cabinet-decision-5/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 29 Jul 2025 18:37:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar cabinet]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar politics]]></category>
		<category><![CDATA[Cabinet decisions]]></category>
		<category><![CDATA[Dairy plant]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना, 29 जुलाई।। राज्य सरकार ने कृषि एवं इससे जुड़े अन्य कार्यों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सबल बनाने के लिए 5 डेयरी संयंत्र स्थापित करने जा रही है. ये संयंत्र दरभंगा, वजीरगंज (गया), गोपालगंज, डेयरी ऑन सोन (रोहतास) और सीतामढ़ी में स्थापित होंगे। इसमें दरभंगा एवं वजीरगंज (गया) में दो-दो लाख लीटर प्रतिदिन के अलावा गोपालगंज में 1 लाख लीटर दूध प्रतिदिन का प्रसंस्करण तथा डेयरी ऑन सोन (रोहतास) एवं सीतामढ़ी में 30-30 मिट्रिक टन प्रतिदिन दूग्ध पॉवडर का उत्पादन होगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया. मंत्रिमंडल की बैठक में 41 एजेंडों पर मुहर लगी. इसमें लिए गए तमाम निर्णयों की जानकारी मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने सूचना भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में दी. उन्होंने कहा कि सभी डेयरी प्लांट सिडबी क्लस्टर विकास निधि (एससीडीएफ) के अंतर्गत स्थापित किए जा रहे हैं.डॉ. सिद्धार्थ ने कहा कि राज्य के प्रारंभिक और माध्यमिक या उच्चतर माध्यमिक स्कूलों के जीर्णोद्धार के लिए 546 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है. इसमें प्रारंभिक विद्यालयों के जीर्णोद्धार कार्य कराने की योजना है इसमें 67 हजार 500 वर्ग कक्ष एवं अन्य कमरों में विद्युतीकरण के लिए प्रति कमरा 40 हजार रुपये की दर से योजना मद से 270 करोड़ रुपये व्यय का प्रावधान किया गया है. इसे वित्तीय वर्ष 2026-2 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह माध्यमिक या उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में इन कार्यों को कराने के लिए 276 करोड़ रुपये [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<ul class="wp-block-list">
<li>राज्य कैबिनेट की बैठक में 41 एजेडों को मिली सहमति, सिडबी से मिलेगा लोन</li>



<li>दरभंगा, वजीरगंज (गया) और गोपालगंज में दूध प्रसंस्करण तथा डेयरी ऑन सोन एवं सीतामढ़ी में तैयार होगा दुध पॉवडर</li>



<li>राज्य के प्रारंभिक और उच्चतर माध्यमिक स्कूलों के जीर्णोद्धार के लिए 546 करोड़ रुपये किए गए जारी</li>



<li>बिहार राज्य सफाई कर्मचारी आयोग का पहली बार किया गया गठन</li>
</ul>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="368" src="https://www.patnanow.com/assets/2017/07/PNC-NITISH-GOING-TO-CABINET-MEETING-650x368.jpg" alt="" class="wp-image-20449" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/07/PNC-NITISH-GOING-TO-CABINET-MEETING.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/07/PNC-NITISH-GOING-TO-CABINET-MEETING-350x198.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>पटना, 29 जुलाई।। राज्य सरकार ने कृषि एवं इससे जुड़े अन्य कार्यों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सबल बनाने के लिए 5 डेयरी संयंत्र स्थापित करने जा रही है. ये संयंत्र दरभंगा, वजीरगंज (गया), गोपालगंज, डेयरी ऑन सोन (रोहतास) और सीतामढ़ी में स्थापित होंगे। इसमें दरभंगा एवं वजीरगंज (गया) में दो-दो लाख लीटर प्रतिदिन के अलावा गोपालगंज में 1 लाख लीटर दूध प्रतिदिन का प्रसंस्करण तथा डेयरी ऑन सोन (रोहतास) एवं सीतामढ़ी में 30-30 मिट्रिक टन प्रतिदिन दूग्ध पॉवडर का उत्पादन होगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="845" height="581" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/06/pnc-ias-acs-s-siddharth.jpg" alt="" class="wp-image-90843" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/06/pnc-ias-acs-s-siddharth.jpg 845w, https://www.patnanow.com/assets/2025/06/pnc-ias-acs-s-siddharth-650x447.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 845px) 100vw, 845px" /></figure>



<p>मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया. मंत्रिमंडल की बैठक में 41 एजेंडों पर मुहर लगी. इसमें लिए गए तमाम निर्णयों की जानकारी मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने सूचना भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में दी. उन्होंने कहा कि सभी डेयरी प्लांट सिडबी क्लस्टर विकास निधि (एससीडीएफ) के अंतर्गत स्थापित किए जा रहे हैं.<br>डॉ. सिद्धार्थ ने कहा कि राज्य के प्रारंभिक और माध्यमिक या उच्चतर माध्यमिक स्कूलों के जीर्णोद्धार के लिए 546 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है. इसमें प्रारंभिक विद्यालयों के जीर्णोद्धार कार्य कराने की योजना है  इसमें 67 हजार 500 वर्ग कक्ष एवं अन्य कमरों में विद्युतीकरण के लिए प्रति कमरा 40 हजार रुपये की दर से योजना मद से 270 करोड़ रुपये व्यय का प्रावधान किया गया है. इसे वित्तीय वर्ष 2026-2 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह माध्यमिक या उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में इन कार्यों को कराने के लिए 276 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे स्कूलों में नामांकन छात्रों को आधारभूत संरचना उपलब्ध हो सकेगा।<br>कैबिनेट ने राज्य में पहली बार बिहार राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के गठन की मंजूरी दी गई है। इससे सफाई कार्य में जुड़े समाज के वंचित वर्गों के लोगों को मुख्य धारा में जोड़ने एवं उनके सामाजिक एवं आर्थिक विकास के साथ ही उनके अधिकारों एवं हितों की सुरक्षा के लिए यह आयोग कार्य करेगा। यह आयोग इन कर्मियों के कल्याण, पुनर्वास, सामाजिक उत्थान और निगरानी का काम भी करेगा। इसके अलावा बिहार युवा आयोग में 6 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है।<br>अपर मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा में की गई घोषणा से संबंधित कैमूर जिला में भूजल की किल्लत झेल रहे अधौरा प्रखंड की पहाड़ी और दुर्गम इलाकों की 7 पंचायतों के 41 वार्डों में पेयजल की पूर्ति की व्यवस्था की गई है. इसके तहत सोन नदी के तट पर नलकूप के माध्यम से भूजल के उपयोग से 7.85 एमएलडी क्षमता की बहुग्रामीण जलापूर्ति योजना के निर्माण के साथ ही 7 वर्षों तक रख-रखाव के लिए 293 करोड़ 94 लाख रुपये जारी किए गए हैं.<br><em>पटना में लोहिया पथ चक्र के लिए 675 करोड़ रुपये</em><br>राजधानी पटना में नेहरू पथ पर लोहिया पथ चक्र के निर्माण के लिए 675 करोड़ 50 लाख 70 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या का समाधान हो सकेगा. इसके अलावा केंद्रीय सड़क निधि के तहत सारण जिला में छपरा के गांधी चौक से नगरपालिका चौक तक फ्लाई ओवर के निर्माण के लिए 696 करोड़ 26 लाख 71 हजार करोड़ रुपये व्यय की अनुमति दी गई है. इससे छपरा शहर को जाम से काफी राहत मिलेगी। वहीं, पटना में (एनएच-98) एम्स से दीघा रेल सह सड़क पुल के पटना छोर तक दो लेन सड़क और 4 लेन एलिवेटेड लेन के साथ ही दीघा रेल सह सड़क पुल से अशोक राजपथ तक अतिरिक्त संपर्कता प्रदान करने के लिए 1368 करोड़ 46 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण की स्वीकृति दी गई है.<br><em>पुनौराधाम मंदिर की जमीन अधिग्रहण के लिए राशि जारी</em><br>राज्य सरकार ने मंत्रिपरिषद की बैठक में सीतामढ़ी जिला के पुनौराधाम मंदिर के लिए 50.50 एकड़ भूमि अधिग्रहण के लिए 165 करोड़ 57 लाख 16 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। यहां कई जरूरी आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा।<br><em>मंत्रिपरिषद में लिए गए अन्य अहम फैसले</em></p>



<ul class="wp-block-list">
<li>मोटरयान अधिनियम 1988 के नियमों में संशोधन की स्वीकृति दी गई है। इसके तहत सड़क दुर्घटना में पीड़ित व्यक्ति अपने दुर्घटना क्षेत्र में कोई मुकदमा दायर करता है, तो इसके लिए कोई शुल्क नहीं लगेगा।</li>



<li>अररिया जिला के रानीगंज और भरगामा अंचल में निबंधन कार्यालय खोला गया है। अब इन अंचल के लोगों को 24 से 28 किमी दूर फारबिसगंज नहीं जाना पड़ेगा.</li>



<li>सुपौल जिला में भू-जल स्तर में गिरावट और लौह प्रभावित छातापुर प्रखंड की 23 पंचायतों के 63 गांवों की 318 वार्डों में शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए 320 करोड़ 10 लाख रुपये जारी किए गए हैं.</li>



<li>राज्य की 1 लाख 15 हजार 9 आंगनबाड़ी केंद्रों पर बर्तन, फर्नीचर समेत अन्य उपस्कर के लिए 115 करोड़ 90 हजार रुपये जारी किए गए हैं।</li>



<li>वित्तीय वर्ष 2025-26 मे 2 लाख 49 100 मेट्रीक टन क्षमता के लिए 200, 500 और 1 हजार मेट्रिक टन क्षमता के गोदाम बनवाने के लिए समितियों को 50 फीसदी अनुदान और 50 फीसदी राशि कार्य संपन्न कराने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए 180 करोड़ 19 लाख 77 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है.</li>



<li>राजगीर स्थित राज्य खेल अकादमी सह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में विद्युतीकरण समेत अन्य कार्य के लिए 1100 करोड़ रुपये दिए गए हैं.</li>



<li>बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली के तहत पूर्णिया के मरंगा में लीड बैट्री उत्पादन इकाई की स्थापना के लिए निजी कंपनी मेसर्स मिजुकी पॉवर प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के निवेश की मंजूरी दी गई है। साथ ही 36 करोड़ 1 लाख रुपये के निजी निवेश की स्वीकृति दी गई है। इससे 200 लोगों को रोजगार मिलेगा.<br><em>बॉक्स में…….</em><br><em>पत्रकार सम्मान पेंशन योजना की राशि बढ़ी</em><br>बिहार पत्रकार सम्मान पेंशन योजना नियमावली-2019 में संशोधन किया गया है. पेंशन की राशि को 6 हजार रुपये मासिक से बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रतिमाह कर दी गई है. इसी तरह लाभुक की मृत्यु के बाद उनके आश्रित पति या पत्नी को जीवनपर्यन्त प्रति महीने 3 हजार रुपये की राशि पेंशन के तौर पर देने की योजना में संशोधन करते हुए इसे 10 हजार रुपये प्रति माह कर दी गई है. यह लाभ उन्हें दिया जाएगा, जो किसी मीडिया संस्थान या सरकार सेवा में कार्यरत नहीं हो.</li>
</ul>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बिहार में 90 फीसदी बिजली उपभोक्ताओं को पूरी तरह मुफ्त बिजली</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bijli-free-125-units-cabinet-approves/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 18 Jul 2025 14:13:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[125 units free]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar cabinet]]></category>
		<category><![CDATA[Bijli]]></category>
		<category><![CDATA[CM NITISH]]></category>
		<category><![CDATA[Free electricity]]></category>
		<category><![CDATA[Muft bijli]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=91166</guid>

					<description><![CDATA[पटना।। राज्य सरकार ने सभी बिजली उपभोक्ताओं को 125 यूनिट मुफ्त देने की घोषणा को पूर्ण रूप से अमलीजामा पहना दिया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई. इस विशेष कैबिनेट में बिजली से संबंधित सिर्फ इसी एक एजेंडे को पेश किया गया, जिस पर मुहर लगी. बिहार में पहली बार यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है. इससे संबंधित विस्तृत जानकारी ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने ऊर्जा भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में दी. यह नई व्यवस्था 1 अगस्त 2025 से लागू होगी यानी जुलाई महीने के बिजली के बिल पर यह पूर्ण अनुदानित बिजली का लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा. ऊर्जा मंत्री ने कहा कि राज्य में कुल घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या 1 करोड़ 86 लाख 60 हजार है. इनमें 125 यूनिट तक बिजली की मासिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या एक करोड़ 67 लाख 94 हजार है, जो कुल घरेलू उपभोक्ताओं का 90 प्रतिशत है। इन उपभोक्ताओं को अब बिजली का बिल नहीं देना पड़ेगा. इससे अधिक यानी 125 यूनिट से अधिक बिजली की खपत करने पर बिजली पर पहले से लागू टैरिफ के हिसाब से बिजली का बिल देना होगा. इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के विस्तारीकरण के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अतिरिक्त रुपये 3797 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है. इस वर्ष 19 हजार 792 करोड़ रुपये के वित्तीय भार का वहन राज्य सरकार को करना पड़ेगा. अगले वित्तीय वर्ष से यह राशि [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<ul class="wp-block-list">
<li><strong>बिजली उपभोक्ताओं को 125 यूनिट बिजली मुफ्त मिलेगी, 90 प्रतिशत उपभोक्ताओं को फायदा</strong></li>



<li><strong>राज्य में कुल घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या 1 करोड़ 86 लाख 60 हजार</strong></li>



<li><strong>इस घोषणा से 1 करोड़ 67 लाख 94 हजार उपभोक्ताओं को मिलेगी पूरी तरह मुफ्त बिजली</strong></li>



<li><strong>मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के विस्तारीकरण के लिए 3797 करोड़ रुपये मंजूर</strong></li>
</ul>



<p>पटना।। राज्य सरकार ने सभी बिजली उपभोक्ताओं को 125 यूनिट मुफ्त देने की घोषणा को पूर्ण रूप से अमलीजामा पहना दिया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई. इस विशेष कैबिनेट में बिजली से संबंधित सिर्फ इसी एक एजेंडे को पेश किया गया, जिस पर मुहर लगी. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="695" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/10/pnc-cm-nitish-kumar-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-87576" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/10/pnc-cm-nitish-kumar-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/10/pnc-cm-nitish-kumar-650x441.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/10/pnc-cm-nitish-kumar-1536x1042.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2024/10/pnc-cm-nitish-kumar-2048x1390.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बिहार में पहली बार यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है. इससे संबंधित विस्तृत जानकारी ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने ऊर्जा भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में दी. यह नई व्यवस्था 1 अगस्त 2025 से लागू होगी यानी जुलाई महीने के बिजली के बिल पर यह पूर्ण अनुदानित बिजली का लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="614" height="383" src="https://www.patnanow.com/assets/2018/03/pnc-bijli.jpg" alt="" class="wp-image-31753" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2018/03/pnc-bijli.jpg 614w, https://www.patnanow.com/assets/2018/03/pnc-bijli-350x218.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 614px) 100vw, 614px" /></figure>



<p>ऊर्जा मंत्री ने कहा कि राज्य में कुल घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या 1 करोड़ 86 लाख 60 हजार है. इनमें 125 यूनिट तक बिजली की मासिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या एक करोड़ 67 लाख 94 हजार है, जो कुल घरेलू उपभोक्ताओं का 90 प्रतिशत है। इन उपभोक्ताओं को अब बिजली का बिल नहीं देना पड़ेगा. इससे अधिक यानी 125 यूनिट से अधिक बिजली की खपत करने पर बिजली पर पहले से लागू टैरिफ के हिसाब से बिजली का बिल देना होगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="568" height="755" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000276707.png" alt="" class="wp-image-91170" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000276707.png 568w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000276707-489x650.png 489w" sizes="auto, (max-width: 568px) 100vw, 568px" /></figure>



<p>इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के विस्तारीकरण के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अतिरिक्त रुपये 3797 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है. इस वर्ष 19 हजार 792 करोड़ रुपये के वित्तीय भार का वहन राज्य सरकार को करना पड़ेगा. अगले वित्तीय वर्ष से यह राशि बढ़ती जाएगी. कैबिनेट में लिए निर्णय के अनुसार, इसके साथ ही घरेलू उपभोक्ताओं को न्यूनतम 1.1 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं को पूर्ण वित्तीय सहायता एवं अन्य घरेलू उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की भी स्वीकृति दी गई है. साथ ही यह वितरण कंपनियों की नवीकरणीय उर्जा खरीद (आरपीओ) बाध्यता को पूरा करने में मददगार साबित होगा और इससे काफी बड़ी मात्रा में बिजली की जरूरत को नवीकरणीय स्रोतों से पूरा किया जा सकेगा.<br>राज्य के सभी घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को 125 यूनिट प्रति माह तक यादि शत-प्रतिशत अनुदान पर बिजली दी जाती है. उनके घर की छतों पर अथवा सार्वजनिक स्थलों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया जाता है, तो राज्य के सभी घरेलू उपभोक्ताओं को विशेष कर कम बिजली खपत करने वाले सभी उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ होगा. इससे न सिर्फ इन घरेलू उपभोक्ताओं को बिना रूके बिजली मिलेगी, बल्कि सौर ऊर्जा उत्पाद को भी बढ़ावा मिलेगा.<br><strong>पंप स्टोरेज नीति को मिली स्वीकृति</strong><br>राज्य सरकार ने इस वर्ष 15 जुलाई से बिहार पंप स्टोरेज संवर्धन नीति, 2025 को स्वीकृति प्रदान की है. यह नीति राज्य में स्वच्छ और सतत ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने, ऊर्जा भंडारण की लंबे समय तक व्यवस्था करने तथा ग्रिड को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. पंप स्टोरेज तकनीक, विशेष रूप से सौर और पवन ऊर्जा जैसे अक्षय ऊर्जा स्रोतों की अनियमितता को संतुलित करने में उपयोगी सिद्ध होती है और बिहार जैसी उभरती हुई अर्थव्यवस्था के लिए यह अत्यंत उपर्युक्त समाधान है. इन निवेशकों की सुविधा के लिए ऊर्जा विभाग एक विशेष एक खिड़की प्रणाली विकसित कर रहा है. ताकि परियोजनाओं की मंजूरी की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो सके. राज्य सरकार ने यह भी घोषणा की है कि इन परियोजनाओं को स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण में छूट दी जाएगी, जिससे निवेशकों का प्रारंभिक वित्तीय बोझ कम हो सकेगा. इस नीति के अंतर्गत सरकार सार्वजनिक एवं निजी भागीदारी मॉडल को अपनाने जा रही है. यह नीति बिहार को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी. इससे सतत ऊर्जा उत्पादन को बल मिलेगा. साथ ही निवेश, नवाचार और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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			</item>
		<item>
		<title>अब महिला कर्मियों को ऑफिस के पास ही आवास उपलब्ध कराएगी सरकार</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bihar-cabinet-meeting/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 10 Jun 2025 12:57:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[जॉब/करियर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar cabinet]]></category>
		<category><![CDATA[BIHAR TEACHER]]></category>
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		<category><![CDATA[New jobs]]></category>
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					<description><![CDATA[कैबिनेट की बैठक में 22 एजेंडों पर मुहर, महिला शिक्षकों को भी मिलेगा इसका लाभ बिहार जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियमावली, 1989 के नियम में किया गया बदलाव पटना।। बिहार सरकार अपने महिला कर्मचारियों को पदस्थापन स्थल के निकट आवासन की सुविधा मुहैया कराने जा रही है. सरकारी महिला कर्मियों को उनके कार्यस्थल के आसपास लीज पर निजी आवासों को लेकर सरकार उन्हें मुहैया कराएगी. राज्य सरकार इस तरह की व्यवस्था पहली बार करने जा रही है. सामान्य प्रशासन विभाग के स्तर से तैयार इसके मसौदे पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक हुई. इसमें 22 एजेंडों पर मुहर लगी. इसमें लिए सभी मुद्दों के बारे में विस्तृत जानकारी मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने सूचना भवन के संवाद कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में दी. उन्होंने कहा कि महिला शिक्षकों समेत तमाम महिला सरकारी सेवकों को इसका लाभ मिलेगा, उन्हें आवास भत्ता की सुविधा का लाभ नहीं दिया जाएगा. किराए के लिए इस तरह होगा भवन का चयनइसके लिए इच्छुक मकान मालिक अपने संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) के पास आवेदन करेंगे. इसके आधार पर यह देखा जाएगा कि पदस्थापन स्थल के आसपास यह स्थल मौजूद है या नहीं. इस भवन में पानी, शौचालय, बिजली समेत अन्य सभी मूलभूत सुविधाएं मौजूद हैं या नहीं. तमाम पहलुओं की जांच करने के बाद निजी भवन का चयन लीज (पट्टा) के लिए किया जाएगा. इसके बाद सरकार के साथ एकरारनामा होगा. संबंधित महिला कर्मी से [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>कैबिनेट की बैठक में 22 एजेंडों पर मुहर, महिला शिक्षकों को भी मिलेगा इसका लाभ</strong></p>



<p><strong>बिहार जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियमावली, 1989 के नियम में किया गया बदलाव</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="988" height="468" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/06/1000211830.jpg" alt="" class="wp-image-90609" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/06/1000211830.jpg 988w, https://www.patnanow.com/assets/2025/06/1000211830-650x308.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 988px) 100vw, 988px" /></figure>



<p>पटना।। बिहार सरकार अपने महिला कर्मचारियों  को पदस्थापन स्थल के निकट आवासन की सुविधा मुहैया कराने जा रही है. सरकारी महिला कर्मियों को उनके कार्यस्थल के आसपास लीज पर निजी आवासों को लेकर सरकार उन्हें मुहैया कराएगी. राज्य सरकार इस तरह की व्यवस्था पहली बार करने जा रही है. सामान्य प्रशासन विभाग के स्तर से तैयार इसके मसौदे पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक हुई. इसमें 22 एजेंडों पर मुहर लगी. इसमें लिए सभी मुद्दों के बारे में विस्तृत जानकारी मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने सूचना भवन के संवाद कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में दी. उन्होंने कहा कि महिला शिक्षकों समेत तमाम महिला सरकारी सेवकों को इसका लाभ मिलेगा, उन्हें आवास भत्ता की सुविधा का लाभ नहीं दिया जाएगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="916" height="532" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/pnc-ias-s-Siddharth-acs-cabinet-secretariat.jpg" alt="" class="wp-image-86420" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/pnc-ias-s-Siddharth-acs-cabinet-secretariat.jpg 916w, https://www.patnanow.com/assets/2024/08/pnc-ias-s-Siddharth-acs-cabinet-secretariat-650x378.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 916px) 100vw, 916px" /></figure>



<pre class="wp-block-code"><code>अपर मुख्य सचिव ने कहा कि इसका लाभ महिला शिक्षिकाओं, सिपाही के साथ अन्य महकमों में कार्यरत सभी सरकारी महिला कर्मियों को मिलेगा. शुरुआती स्तर पर यह सुविधा प्रमंडलीय और जिला मुख्यालय स्तर पर बहाल की जाएगी. भवन का चयन करने के लिए जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय एक कमेटी बनाई जाएगी. अनुमंडल पदाधिकारी इस कमेटी के सदस्य सचिव के अलावा जिला के एसपी, स्थानीय निकाय के प्रतिनिधि एवं भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को सदस्य बनाया गया है. यह कमेटी किराए के लिए प्राप्त सभी आवेदनों या रूचि की अभिव्यक्ति का विश्लेषण करके समुचित जांच करेगी.</code></pre>



<p><strong>किराए के लिए इस तरह होगा भवन का चयन</strong><br>इसके लिए इच्छुक मकान मालिक अपने संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) के पास आवेदन करेंगे. इसके आधार पर यह देखा जाएगा कि पदस्थापन स्थल के आसपास यह स्थल मौजूद है या नहीं. इस भवन में पानी, शौचालय, बिजली समेत अन्य सभी मूलभूत सुविधाएं मौजूद हैं या नहीं. तमाम पहलुओं की जांच करने के बाद निजी भवन का चयन लीज (पट्टा) के लिए किया जाएगा. इसके बाद सरकार के साथ एकरारनामा होगा. संबंधित महिला कर्मी से आवासन से संबंधित किसी तरह की असुविधा की शिकायत प्राप्त होने पर उसका निराकरण का दायित्व संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी की होगी.</p>



<p><strong>बिहार जन्म-मृत्यु नियमावली में हुआ संशोधन</strong><br>बिहार जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियमावली, 1999 के नियम-5 समेत अन्य धाराओं में संशोधन किया गया है. इसके बाद अब यह नियमावली बिहार जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) नियमावली, 2025 कही जाएगी. इसके अंतर्गत राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर विभिन्न डाटाबेस तैयार कर इसे अपडेट करने के साथ ही किसी व्यक्ति के जन्म की तारीख और स्थान को साबित करने, किसी शैक्षणिक संस्थान में दाखिला लेने, चालान लाइसेंस जारी करने, मतदाता सूची तैयार करने, पासपोर्ट जारी करने या किसी अन्य कार्य के लिए जन्म एवं मृत्यु के रजिस्ट्रीकरण कार्य का सरलीकरण कार्य का सरलीकरण, डिजिटाइजेशन कर कंप्यूटर के माध्यम से निर्धारित समयसीमा में जारी किया जाएगा.</p>



<p><strong>हर पंचायत में तैनात होंगे एक निम्नवर्गीय लिपिक</strong><br>राज्य की सभी पंचायतों में 8 हजार 93 निम्नवर्गीय लिपिकों की बहाली की जाएगी. पंचायत सरकार भवन या अन्य पंचायत स्तरीय कार्यालय में इन्हें पदस्थापित किया जाएगा. इनकी जिम्मेदारी पंचायत स्तरीय योजनाओं के क्रियान्वयन और इनका समुचित लेखन करने की होगी. इसके लिए लिपिकीय संवर्ग (भर्ती एवं सेवाशर्त) नियमावली, 2018 का गठन किया गया है. इसके अलावा कृषि विभाग के नवसृजित कषि विपणन निदेशालय के लिए 14 पदों का सृजन किया गया है. इस निदेशालय की मदद से किसानों के उत्पाद में वैल्यू एडिशन या मूल्य संवर्द्धन करवाना समेत अन्य कार्य हैं. मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अंतर्गत विभिन्न श्रेणी के चार पदों की स्वीकृति दी गई है. इसमें वरीय विमान चालक के दो, कन्सलटेंट एवं सिविल इंजीनियर के एक-एक पद शामिल हैं.</p>



<p><strong>मेगा स्किल सेंटर से 21 हजार 600 युवाओं को प्रशिक्षण</strong></p>



<p>राज्य में गठित मेगा स्किल सेंटर से आगामी 5 वर्षों में 21 हजार 600 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा. राज्य के युवाओं को बाजार मांग के अनुरूप अत्याधुनिक रोजगारपरक कौशल ज्ञान प्रदान करना इन मेगा स्किल सेंटरों का उदेश्य है. चयनित एजेंसी स्वतंत्र प्लेसमेंट सेल का गठन करेगी, जो प्रशिक्षित युवाओं को नियोजित करेगी. इस परियोजना की लागत 280 करोड़ 87 लाख रुपये है और इसकी अवधि 5 वर्ष की होगी.</p>



<p><strong>नगरपालिका क्षेत्र के विज्ञापन नियम में किया गया बदलाव</strong><br>बिहार नगर निगम क्षेत्र में विज्ञापन नियमावली (संशोधन), 2025 पर कैबिनेट की मुहर लग गई है. इसके अंतर्गत नगरपालिका क्षेत्र में प्रदर्शित होने वाले सभी तरह के विज्ञापन की दर निर्धारित की गई है. सार्वजनिक स्थल पर किसी भी दीवार, वाहन, होर्डिंग, फ्रेम, भवन, जमीन या अन्य किसी स्थान पर प्रदर्शित किए जाने वाले विज्ञापनों पर अलग-अलग दर निर्धारित की गई है. इसके लिए नगर निकायों में 5 कलस्टर बनाते हुए केंद्रीयकृत प्रणाली तैयार की गई है. इसके लिए नगर विकास एवं आवास विभाग से लाइसेंस लेने की आवश्यकता है. इसमें निगेटिव विज्ञापन की एक सूची भी तैयार की गई है, जिन्हें विज्ञापन के लिए प्रतिबंधित करके रखा गया है.</p>



<p><strong>एसटी के 9 समुदाय को पीएम आवास योजना का लाभ</strong><br>प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के तरह राज्य के अनुसूचित जाति (एसटी) समुदाय के 9 समुह के लोगों को पीएम आवास योजना का लाभ दिया जाएगा. इन आदिवासी समुदाय के लोगों को आवास के लिए 2 लाख रुपये चार बराबर किश्तों में दी जाएगी. जिन एसटी समुदायों को इसमें शामिल किया गया है, उसमें असुर, बिरहोर, बिरजीया, हिलखरिया, कोरवा, मालपहाड़िया, परहईया, सौरियापहाड़िया और सावर शामिल हैं.</p>



<p><em>अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिए गएः-</em></p>



<ul class="wp-block-list">
<li>पटना में मौजूद लोकनायक जयप्रकाश हड्डी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में स्पोर्ट इंजूरी की इकाई शुरू की गई है. इस इकाई में 20 बेड की व्यवस्था की गई है. साथ ही 36 नए पदों का सृजन किया गया है.</li>



<li>जल संसाधन विभाग के अंतर्गत बाढ़ प्रबंधन कार्यक्रम के तहत 100 करोड़ रुपये लागत की दो योजनाएं स्वीकृति की गई हैं. इसमें हसनपुर-बनिया से सगुनी के बीच 8.330 किमी लंबाई का नया तटबंध का निर्माण तथा पटना के बख्तियारपुर प्रखंड में गंगा चैनल के दाएं तट पर सुरक्षात्मक कार्य एवं कटाव कार्य शामिल हैं.</li>



<li>समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत समेकित बाल विकास सेवाएं अंतर्गत बिहार बाल विकास लिपिकीय संवर्ग (संशोधन) नियमावली, 2025 को स्वीकृति मिली.</li>



<li>बिहार खेल सेवा संवर्ग (भर्ती एवं सेवा शर्ते) नियमावली, 2025 को स्वीकृति दी गई। इससे राज्य में प्रतिभावान खिलाड़ियों का चयन प्रारंभिक स्तर पर किया जा सकेगा.</li>



<li>सात डॉक्टरों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. इन्हें लगातार अनुपस्थित रहने और अन्य कारणों से यह कार्रवाई की गई है. खगड़िया सदर अस्पताल के सामान्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आशीष कुमार एवं डॉ जागृति सोनम, इसी जिले गोगरी के महेशखुंड अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. मो. फिरदौस आलम, लखीसराय सदर अस्पताल की सामान्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अनामिका कुमारी, इसी जिले के बड़हिया रेफरल अस्पताल की डॉ. अनुपम कुमारी, बेगूसराय के बरौनी स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. अनुपम कुमार और लखीसराय के हलसी के नौवा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. अभिनव कुमार शामिल हैं.</li>
</ul>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गया नहीं &#8230; अब गयाजी कहिए</title>
		<link>https://www.patnanow.com/cabinet-approves-name-change-of-gaya/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 16 May 2025 17:00:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar cabinet]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar politics]]></category>
		<category><![CDATA[Gaya ji]]></category>
		<category><![CDATA[Gaya name change]]></category>
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					<description><![CDATA[&#8220;गया&#8221; अब &#8220;गया जी&#8221; के नाम से जाना जाएगा — बिहार सरकार का ऐतिहासिक फैसला: सम्राट चौधरी पटना,16 मई।।बिहार की सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने और इसकी आध्यात्मिक पहचान को और मजबूती देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है. अब &#8220;गया&#8221; शहर को आधिकारिक रूप से &#8220;गया जी&#8221; के नाम से जाना जाएगा. बिहार कैबिनेट ने शुक्रवार को इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी. डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि &#8220;गया जी न केवल बिहार बल्कि पूरे भारतवर्ष के लिए आस्था और मोक्ष की भूमि रही है. यह वह पावन स्थल है, जहां भगवान विष्णु, भगवान बुद्ध और महात्मा महावीर की गूंज आज भी महसूस होती है. इस ऐतिहासिक नाम परिवर्तन से बिहार की आध्यात्मिक छवि को वैश्विक मंच पर और मजबूती मिलेगी.&#8221; उन्होंने आगे कहा कि &#8220;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार बिहार की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है. &#8216;गया&#8217; का &#8216;गया जी&#8217; होना न केवल नाम का बदलाव है, बल्कि यह हमारी परंपरा, श्रद्धा और इतिहास को उचित सम्मान देने का एक प्रयास है.&#8221; डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने इस फैसले के लिए कैबिनेट के सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और इसे बिहार के सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया. pncb]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>&#8220;गया&#8221; अब &#8220;गया जी&#8221; के नाम से जाना जाएगा</strong><em> — </em><strong>बिहार सरकार का ऐतिहासिक फैसला: सम्राट चौधरी</strong></p>



<p>पटना,16 मई।।बिहार की सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने और इसकी आध्यात्मिक पहचान को और मजबूती देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है. अब &#8220;गया&#8221; शहर को आधिकारिक रूप से &#8220;गया जी&#8221; के नाम से जाना जाएगा. बिहार कैबिनेट ने शुक्रवार को इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/pnc-gayaji-rabber-dam-gaya-रबड़-डैम-गया.jpg" alt="" class="wp-image-66464" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/pnc-gayaji-rabber-dam-gaya-रबड़-डैम-गया.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/09/pnc-gayaji-rabber-dam-gaya-रबड़-डैम-गया-350x197.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि &#8220;गया जी न केवल बिहार बल्कि पूरे भारतवर्ष के लिए आस्था और मोक्ष की भूमि रही है. यह वह पावन स्थल है, जहां भगवान विष्णु, भगवान बुद्ध और महात्मा महावीर की गूंज आज भी महसूस होती है. इस ऐतिहासिक नाम परिवर्तन से बिहार की आध्यात्मिक छवि को वैश्विक मंच पर और मजबूती मिलेगी.&#8221;</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="368" src="https://www.patnanow.com/assets/2017/07/PNC-NITISH-GOING-TO-CABINET-MEETING-650x368.jpg" alt="" class="wp-image-20449" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/07/PNC-NITISH-GOING-TO-CABINET-MEETING.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/07/PNC-NITISH-GOING-TO-CABINET-MEETING-350x198.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>उन्होंने आगे कहा कि &#8220;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार बिहार की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है. &#8216;गया&#8217; का &#8216;गया जी&#8217; होना न केवल नाम का बदलाव है, बल्कि यह हमारी परंपरा, श्रद्धा और इतिहास को उचित सम्मान देने का एक प्रयास है.&#8221;</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="567" height="407" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/samrat.png" alt="" class="wp-image-72664" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/samrat.png 567w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/samrat-350x251.png 350w" sizes="auto, (max-width: 567px) 100vw, 567px" /></figure>



<p>डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने इस फैसले के लिए कैबिनेट के सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और इसे बिहार के सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>&#8216;पटना में फिर होगा अंतर्राष्ट्रीय मैचों का आयोजन&#8217;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/moinul-haq-stadium-renovation/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 22 Oct 2024 17:18:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Sports]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar cabinet]]></category>
		<category><![CDATA[Moinul haq stadium]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार कैबिनेट ने दे दिया अप्रूवल, BCCI के हवाले होगा मोइनुल हक स्टेडियम पटना।। बिहार की राजधानी पटना में भी अब अंतरराष्ट्रीय मैच का आयोजन होगा. पटना के मोइनुल हक स्टेडियम को बीसीसीआई को लीज पर देने के लिए MOU किए जाने पर बिहार कैबिनेट ने मंगलवार को मुहर लगा दी है. इस बारे में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि मोईनुलहक स्टेडियम, राजेन्द्र नगर, पटना के पुनर्निर्माण के लिये भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बी.सी.सी.आई.) के द्वारा बिहार राज्य हेतु सम्बद्धता प्राप्त संस्था को दीर्घकालीन लीज पर सौपने के निमित्त MoU किये जाने हेतु मंत्रिमंडल द्वारा आज अनुमति प्रदान की गयी है. मोईनुलहक स्टेडियम में कई अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर के प्रतियोगिताओं का आयोजन होता रहा है. वर्तमान में यह काफी जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है. उन्होंने कहा कि नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना से इस स्टेडियम के पुनर्निर्माण हेतु खेल विभाग, बिहार द्वारा सशर्त अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया था. बता दें कि देश के कई अन्य राज्यों में भी भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बी.सी.सी.आई.) के द्वारा सम्बद्धता प्राप्त संस्था को दीर्घकालीन लीज पर जमीन उपलब्ध करा कर स्टेडियम का निर्माण/पुनर्निर्माण कराया जा रहा है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के द्वारा मोईनुलहक स्टेडियम, राजेन्द्र नगर, पटना के पुनर्निर्माण हेतु भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बी.सी.सी.आई.) के द्वारा बिहार राज्य हेतु सम्बद्धता प्राप्त संस्था को दीर्घकालीन लीज पर सौंपने के निमित्त हस्तांतरण हेतु प्रस्तावित भूमि का कुल रकवा 31.36 एकड़ भूमि का वास्तविक बाजार मूल्य 20,25,000/- (बीस लाख पच्चीस हजार) रूपये प्रति डिसमील यानि कुल रू० 6,35,04,00,000/- (छः अरब [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>बिहार कैबिनेट ने दे दिया अप्रूवल, BCCI के हवाले होगा मोइनुल हक स्टेडियम </strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="708" height="516" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/PNC-moinul-haq-stadium.jpg" alt="" class="wp-image-85164" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/PNC-moinul-haq-stadium.jpg 708w, https://www.patnanow.com/assets/2024/06/PNC-moinul-haq-stadium-650x474.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 708px) 100vw, 708px" /></figure>



<p>पटना।। बिहार की राजधानी पटना में भी अब अंतरराष्ट्रीय मैच का आयोजन होगा. पटना के मोइनुल हक स्टेडियम को बीसीसीआई को लीज पर देने के लिए MOU  किए जाने पर बिहार कैबिनेट ने मंगलवार को मुहर लगा दी है. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="922" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-bihar-sachivalaya-secretariat-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-85590" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-bihar-sachivalaya-secretariat-scaled.jpg 922w, https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-bihar-sachivalaya-secretariat-585x650.jpg 585w" sizes="auto, (max-width: 922px) 100vw, 922px" /></figure>



<p>इस बारे में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि मोईनुलहक स्टेडियम, राजेन्द्र नगर, पटना के पुनर्निर्माण के लिये भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बी.सी.सी.आई.) के द्वारा बिहार राज्य हेतु सम्बद्धता प्राप्त संस्था को दीर्घकालीन लीज पर सौपने के निमित्त MoU किये जाने हेतु मंत्रिमंडल द्वारा आज अनुमति प्रदान की गयी है. मोईनुलहक स्टेडियम में कई अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर के प्रतियोगिताओं का आयोजन होता रहा है. वर्तमान में यह काफी जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है. उन्होंने कहा कि नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना से इस स्टेडियम के पुनर्निर्माण हेतु खेल विभाग, बिहार द्वारा सशर्त अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया था. बता दें  कि देश के कई अन्य राज्यों में भी भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बी.सी.सी.आई.) के द्वारा सम्बद्धता प्राप्त संस्था को दीर्घकालीन लीज पर जमीन उपलब्ध करा कर स्टेडियम का निर्माण/पुनर्निर्माण कराया जा रहा है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="760" height="440" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/PNC-cricket-match-moinul-haq-ground.jpg" alt="" class="wp-image-85161" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/PNC-cricket-match-moinul-haq-ground.jpg 760w, https://www.patnanow.com/assets/2024/06/PNC-cricket-match-moinul-haq-ground-650x376.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 760px) 100vw, 760px" /></figure>



<p>राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के द्वारा मोईनुलहक स्टेडियम, राजेन्द्र नगर, पटना के पुनर्निर्माण हेतु भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बी.सी.सी.आई.) के द्वारा बिहार राज्य हेतु सम्बद्धता प्राप्त संस्था को दीर्घकालीन लीज पर सौंपने के निमित्त हस्तांतरण हेतु प्रस्तावित भूमि का कुल रकवा 31.36 एकड़ भूमि का वास्तविक बाजार मूल्य 20,25,000/- (बीस लाख पच्चीस हजार) रूपये प्रति डिसमील यानि कुल रू० 6,35,04,00,000/- (छः अरब पैंतीस करोड़ चार लाख) रूपये उक्त भूमि को पट्टा पर दिये जाने की परिस्थिति में कुल मूल्य का 5 प्रतिशत वार्षिक व्यवसायिक लगान प्रतिवर्ष देय होता. यानि कुल 31,75,20,000/- (इकतीस करोड़ पचहत्तर लाख बीस हजार) रूपये प्रतिवर्ष देय होगा. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना के अनुसार लीज प्रपत्र के सुसंगत शर्तों के आलोक में नये लीज हेतु निर्धारित दर/रेन्ट को क्षांत/शिथिल राज्य सरकार द्वारा किया गया है.</p>



<p>सम्राट चौधरी ने बताया कि स्टेडियम में निम्नलिखित सुविधाएं होंगी- 40,000 से अधिक की दर्शक क्षमता, एक मुख्य एवं 9 पिच मैदान, फ्लडलाइट के साथ रात्रि क्रिकेट, सदस्य मंडप और एक मीडिया स्टैंड (250), टेनिस और बास्केट बॉल कोर्ट, स्विमिंग पूल, जिम और स्पा सहित सदस्यों के लिए अतिरिक्त सुविधाएं, 76 कॉर्पोरेट आतिथ्य बॉक्स, आवासीय आवास के साथ इनडोर क्रिकेट अकादमी, मेहमानों के लिए 70 कमरे जिनमें 5 सितारा होटलों के समकक्ष सुविधाएं सहित मल्टी लेवल पार्किंग रेस्तरां और डिनर हॉल भी होगा जिनका उपयोग व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया जायेगा, मोईनुलहक स्टेडियम, राजेन्द्र नगर, पटना के पुनर्निर्माण होने के उपरांत अंतर्राष्ट्रीय / राष्ट्रीय स्तर के कई क्रिकेट मैचों के आयोजन होने की संभावना है. इससे राज्य के क्रिकेट खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलेगा एवं साथ ही राज्य में खेल के विकास को भी बल मिलेगा एवं राज्य की अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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			</item>
		<item>
		<title>सख्ती: बालू-गिट्टी के अवैध खनन और ढुलाई पर 5 हजार से 10 लाख तक जुर्माना</title>
		<link>https://www.patnanow.com/more-fine-on-illegal-mining/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 16 Oct 2024 06:22:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Crime]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Balu]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar cabinet]]></category>
		<category><![CDATA[Illegal mining]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। बिहार में बालू का खनन और बिक्री 16 अक्टूबर से शुरू हो रही है. उससे पहले ही सरकार ने अवैध खनन और बिक्री पर सख्ती दिखाते हुए जुर्माना बढ़ा दिया है. मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में बिहार खनिज (समानुदान, अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण) (संशोधन) नियमावली 2024 समेत 22 प्रस्तावों पर स्वीकृति दी गई. राज्य में बालू व अन्य खनिजों के बेहतर प्रबंधन के साथ-साथ अवैध खनन और परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए नियम को सख्त किया गया है. बालू, गिट्टी समेत अन्य सभी खनिजों के खनन, भंडारण और परिचालन में गड़बड़ी करने वालों से अब भारी जुर्माना वसूला जायेगा, इसके तहत पांच हजार से 10 लाख तक का जुर्माना हो सकता है. खनिज नियमावली के अनुसार बंदोबस्तधारी द्वारा वैध चालान से अधिक मात्रा वाहन में लादने की स्थिति में पहली बार पकड़े जाने पर पांच लाख रुपये प्रति गाड़ी और दूसरी बार से प्रत्येक बार दस लाख रुपये प्रति गाड़ी जुर्माना लगाये जाने का प्रावधान किया गया है. अब बालू समेत सभी खनिजों का नियम विपरित अनिबंधित और नॉन कमर्शियल गाड़ियों से परिवहन व भंडारण करने वाले ट्रैक्टर च ट्राली से एक लाख, मेटाडोर हाफ ट्रक (407, 408) से 2.50 लाख, फूल बॉडी ट्रक/वाहन (6 चक्का) से चार लाख और डंपर / 10 या उससे अधिक चक्का वाले वाहन से आठ लाख रुपये जुर्माना वसूले जायेंगे. नाव, एक्सकावेटर, लोडर, पावर हैमर, कम्प्रेशर, द्विलिंग मशीन और अन्य समरूप क्षमता के मशीन से 10 लाख वसूले जायेंगे, जीपीएस नहीं होने पर ट्रैक्टर से 20 हजार और अन्य [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना।। बिहार में बालू का खनन और बिक्री 16 अक्टूबर से शुरू हो रही है. उससे पहले ही सरकार ने अवैध खनन और बिक्री पर सख्ती दिखाते हुए जुर्माना बढ़ा दिया है. मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में बिहार खनिज (समानुदान, अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण) (संशोधन) नियमावली 2024 समेत 22 प्रस्तावों पर स्वीकृति दी गई.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="584" height="389" src="https://www.patnanow.com/assets/2017/01/PNC-BALU-MAFIA.jpg" alt="" class="wp-image-12848" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/01/PNC-BALU-MAFIA.jpg 584w, https://www.patnanow.com/assets/2017/01/PNC-BALU-MAFIA-225x150.jpg 225w, https://www.patnanow.com/assets/2017/01/PNC-BALU-MAFIA-350x233.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 584px) 100vw, 584px" /></figure>



<p>राज्य में बालू व अन्य खनिजों के बेहतर प्रबंधन के साथ-साथ अवैध खनन और परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए नियम को सख्त किया गया है. बालू, गिट्टी समेत अन्य सभी खनिजों के खनन, भंडारण और परिचालन में गड़बड़ी करने वालों से अब भारी जुर्माना वसूला जायेगा, इसके तहत पांच हजार से 10 लाख तक का जुर्माना हो सकता है. खनिज नियमावली के अनुसार बंदोबस्तधारी द्वारा वैध चालान से अधिक मात्रा वाहन में लादने की स्थिति में पहली बार पकड़े जाने पर पांच लाख रुपये प्रति गाड़ी और दूसरी बार से प्रत्येक बार दस लाख रुपये प्रति गाड़ी जुर्माना लगाये जाने का प्रावधान किया गया है. अब बालू समेत सभी खनिजों का नियम विपरित अनिबंधित और नॉन कमर्शियल गाड़ियों से परिवहन व भंडारण करने वाले ट्रैक्टर च ट्राली से एक लाख, मेटाडोर हाफ ट्रक (407, 408) से 2.50 लाख, फूल बॉडी ट्रक/वाहन (6 चक्का) से चार लाख और डंपर / 10 या उससे अधिक चक्का वाले वाहन से आठ लाख रुपये जुर्माना वसूले जायेंगे. नाव, एक्सकावेटर, लोडर, पावर हैमर, कम्प्रेशर, द्विलिंग मशीन और अन्य समरूप क्षमता के मशीन से 10 लाख वसूले जायेंगे, जीपीएस नहीं होने पर ट्रैक्टर से 20 हजार और अन्य बड़े वाहनों को एक लाख जुर्माना देना होगा</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="349" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/10/pnc-balu-sand-truck.jpg" alt="" class="wp-image-55794" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/10/pnc-balu-sand-truck.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/10/pnc-balu-sand-truck-350x188.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>बालू या अन्य खनिज खनन के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति लेने में औसतन आठ से दस माह का समय लग जात है. नियमावली में संशोधन होने से सरकार पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए किसी एजेंसी या पदाधिकारी को प्राधिकृत कर पायेगी. इसके बाद इ-नीलमी कर बंदोबस्ती के 15 दिनों के अंदर खनन पट्टा का संचालन शुरू हो सकेगा.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>



<p></p>



<p></p>



<p></p>
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		<item>
		<title>बिहार वन के जरिए फर्जीवाड़े पर लगाम की तैयारी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bihar-one-new-portal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 21 Aug 2024 15:30:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar cabinet]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar New portal]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar one]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar sachivalaya]]></category>
		<category><![CDATA[Sarkari yojna]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। बिहार सरकार ने सरकारी योजनाओं का लाभ सही और योग्य लाभार्थियों तक पहुंचाने और फर्जी लाभार्थियों को सिस्टम से बाहर करने की तैयारी कर ली है. इसके लिए सरकार एक खास पोर्टल बना रही है जिसपर बुधवार को बिहार कैबिनेट ने मुहर लगा दी है. अब राज्य की सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ एक ही पोर्टल बिहार वन से मिलेगा. बैठक के बाद कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने बताया कि राज्य के आम नागरिकों का परिवार आधारित सोशल रजिस्टर तैयार किया जाएगा. इसके तहत लाभुकों को एक नंबर मिलेगा. इसके माध्यम से ही वे सरकारी सेवाओं का लाभ ले सकेंगे. लोगों को सभी लोक सेवाएं प्रदान करने लिए यूनिफाइडक सर्विस डिलीवरी प्लेटफार्म बिहार वन तैयार होगा. नागरिकों के लिए राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली सेवाओं व योजनाओं की पात्रता एक ही डैशबोर्ड पर उपलब्ध रहेगी. बिहार वन पोर्टल से आम नागरिकों को सिंगल साइन ऑन एवं सिंगल विंडो के माध्यम से आवेदन करने में सुविधा होगी. इस पोर्टल में आम नागरिकों के प्रोफाइल एवं कॉमन डाक्यूमेंट रिपोडेटरी से संबंधित संपूर्ण जानकारी होगी. आवेदन करते समय जानकारी स्वतः आगे आ जाएगी. इससे राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं एवं योजनाओं के आवेदन करने व दस्तावेजों के सत्यापन में आसानी होगी. इससे समय की भी बचत होगी. इस नये पोर्टल के विकास पर 85.23 करोड़ रुपए खर्च होंगे. अपर मुख्य सचिव ने बताया कि पोर्टल की मदद से सभी योजनाओं की बेहतर समीक्षा की जा सकेगी. pncb]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना।। बिहार सरकार ने सरकारी योजनाओं का लाभ सही और योग्य लाभार्थियों तक पहुंचाने और फर्जी लाभार्थियों को सिस्टम से बाहर करने की तैयारी कर ली है. इसके लिए सरकार एक खास पोर्टल बना रही है जिसपर बुधवार को बिहार कैबिनेट ने मुहर लगा दी है. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="467" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/pnc-bihar-sarkar-sachivalaya.jpg" alt="" class="wp-image-65680" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/pnc-bihar-sarkar-sachivalaya.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/08/pnc-bihar-sarkar-sachivalaya-350x251.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>अब राज्य की सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ एक ही पोर्टल <strong>बिहार वन</strong> से मिलेगा. बैठक के बाद कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने बताया कि राज्य के आम नागरिकों का परिवार आधारित सोशल रजिस्टर तैयार किया जाएगा. इसके तहत लाभुकों को एक नंबर मिलेगा. इसके माध्यम से ही वे सरकारी सेवाओं का लाभ ले सकेंगे. लोगों को सभी लोक सेवाएं प्रदान करने लिए यूनिफाइडक सर्विस डिलीवरी प्लेटफार्म बिहार वन तैयार होगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="612" height="468" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/1000034419.jpg" alt="" class="wp-image-86415"/></figure>



<p>नागरिकों के लिए राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली सेवाओं व योजनाओं की पात्रता एक ही डैशबोर्ड पर उपलब्ध रहेगी. बिहार वन पोर्टल से आम नागरिकों को सिंगल साइन ऑन एवं सिंगल विंडो के माध्यम से आवेदन करने में सुविधा होगी. इस पोर्टल में आम नागरिकों के प्रोफाइल एवं कॉमन डाक्यूमेंट रिपोडेटरी से संबंधित संपूर्ण जानकारी होगी. आवेदन करते समय जानकारी स्वतः आगे आ जाएगी. इससे राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं एवं योजनाओं के आवेदन करने व दस्तावेजों के सत्यापन में आसानी होगी. इससे समय की भी बचत होगी. इस नये पोर्टल के विकास पर 85.23 करोड़ रुपए खर्च होंगे. अपर मुख्य सचिव ने बताया कि पोर्टल की मदद से सभी योजनाओं की बेहतर समीक्षा की जा सकेगी.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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