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	<title>Bihar bhumi sudhar &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<item>
		<title>सख्ती: अंचल कार्यालयों में हाईटेक CCTV सिस्टम, 2MP कलर-ऑडियो कैमरा, 16 चैनल NVR और 30 दिन की रिकॉर्डिंग होगी अनिवार्य</title>
		<link>https://www.patnanow.com/cctv-must-in-circle-offices/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 21 Feb 2026 00:39:50 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जारी किए सख्त तकनीकी दिशा-निर्देश, रिमोट मॉनिटरिंग और दो वर्ष की वारंटी अनिवार्य पटना।। राज्य के अंचल कार्यालयों में CCTV लगाने को लेकर उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट और कड़े शब्दों में कहा है कि राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए. सभी अंचल कार्यालयों में उच्च गुणवत्ता वाले 2MP कलर एवं ऑडियो सपोर्टेड कैमरे, 16 चैनल NVR तथा 30 दिनों की अनिवार्य रिकॉर्डिंग की व्यवस्था हर हाल में लागू होनी चाहिए. ये दिशा निर्देश CCTV कैमरों की गुणवत्ता और कार्यालय की सुरक्षा बनाये रखने के उद्देश्य से जारी किया गया है. इसका सभी स्तर पर सख्ती से पालन कराया जाएगा. उन्होंने फिर से दुहराया कि कार्यालय आने वाले आम लोगों के लिए बैठने, पीने के लिए पानी और शौचालय की व्यवस्था जरूर की जाय. इसमें कोताही स्वीकार्य नहीं किया जाएगा. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सभी कैमरों को बिहार स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (BSWAN) अथवा हाई-स्पीड नेटवर्क से जोड़कर रिमोट मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी, ताकि मुख्यालय स्तर से भी निगरानी संभव हो. अंचल अधिकारी कक्ष, प्रशासनिक कक्ष और मुख्य द्वार को अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कवरेज में रखा जाएगा उपमुख्यमंत्री के आदेश पर राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और तकनीकी सुदृढ़ीकरण की दिशा में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अंचल कार्यालयों के लिए हाईटेक CCTV सिस्टम की अनिवार्यता तय कर दी है. विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में कैमरों [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जारी किए सख्त तकनीकी दिशा-निर्देश, रिमोट मॉनिटरिंग और दो वर्ष की वारंटी अनिवार्य</strong></p>



<p>पटना।। राज्य के अंचल कार्यालयों में CCTV लगाने को लेकर उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट और कड़े शब्दों में कहा है कि राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="628" height="596" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-vijay-sinha-on-cctv.jpg" alt="" class="wp-image-95158"/></figure>



<p>उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए. सभी अंचल कार्यालयों में उच्च गुणवत्ता वाले 2MP कलर एवं ऑडियो सपोर्टेड कैमरे, 16 चैनल NVR तथा 30 दिनों की अनिवार्य रिकॉर्डिंग की व्यवस्था हर हाल में लागू होनी चाहिए. ये दिशा निर्देश CCTV कैमरों की गुणवत्ता और कार्यालय की सुरक्षा बनाये रखने के उद्देश्य से जारी किया गया है. इसका सभी स्तर पर सख्ती से पालन कराया जाएगा. उन्होंने फिर से दुहराया कि कार्यालय आने वाले आम लोगों के लिए बैठने, पीने के लिए पानी और शौचालय की व्यवस्था जरूर की जाय. इसमें कोताही स्वीकार्य नहीं किया जाएगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="480" height="270" src="https://www.patnanow.com/assets/2017/02/PNC-CCTV-AT-STATION.jpg" alt="" class="wp-image-13925" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/02/PNC-CCTV-AT-STATION.jpg 480w, https://www.patnanow.com/assets/2017/02/PNC-CCTV-AT-STATION-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 480px) 100vw, 480px" /></figure>



<p>उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सभी कैमरों को बिहार स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (BSWAN) अथवा हाई-स्पीड नेटवर्क से जोड़कर रिमोट मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी, ताकि मुख्यालय स्तर से भी निगरानी संभव हो.</p>



<figure class="wp-block-embed is-type-rich is-provider-twitter wp-block-embed-twitter"><div class="wp-block-embed__wrapper">
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true"><p lang="hi" dir="ltr">माननीय उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, <a href="https://twitter.com/BiharRevenue?ref_src=twsrc%5Etfw">@BiharRevenue</a>  श्री <a href="https://twitter.com/VijayKrSinhaBih?ref_src=twsrc%5Etfw">@VijayKrSinhaBih</a>  ने कहा कि सभी 537 अंचल कार्यालय सीसीटीवी कैमरा से लैस होंगे। इस कार्य के लिए प्रति अंचल कार्यालय एक लाख 25 हजार रुपये आवंटित कर दिये गए हैं। इसी वर्ष इस कार्य को पूरा किया जाएगा।<a href="https://twitter.com/IPRDBihar?ref_src=twsrc%5Etfw">@IPRDBihar</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/CCTV?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#CCTV</a> <a href="https://t.co/uhCbeir7Xl">pic.twitter.com/uhCbeir7Xl</a></p>&mdash; Revenue and Land Reforms Department (@BiharRevenue) <a href="https://twitter.com/BiharRevenue/status/2024129275495063636?ref_src=twsrc%5Etfw">February 18, 2026</a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
</div></figure>



<p><strong>अंचल अधिकारी कक्ष, प्रशासनिक कक्ष और मुख्य द्वार को अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कवरेज में रखा जाएगा</strong></p>



<p>उपमुख्यमंत्री के आदेश पर राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और तकनीकी सुदृढ़ीकरण की दिशा में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अंचल कार्यालयों के लिए हाईटेक CCTV सिस्टम की अनिवार्यता तय कर दी है. विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में कैमरों की गुणवत्ता, तकनीकी क्षमता और मॉनिटरिंग व्यवस्था को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है.</p>



<p><strong>2MP कलर और ऑडियो सपोर्ट वाले कैमरे अनिवार्य</strong></p>



<p>निर्देशों के अनुसार प्रत्येक अंचल कार्यालय में 2 मेगापिक्सल IP गार्ड कैमरे (बुलेट और डोम) लगाए जाएंगे, जिनमें कलर विजन और ऑडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा होगी। इससे न केवल गतिविधियों की स्पष्ट वीडियो रिकॉर्डिंग होगी, बल्कि ध्वनि भी सुरक्षित रहेगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत होगी।</p>



<p><strong>16 चैनल NVR और 144 Mbps बैंडविड्थ</strong></p>



<p>प्रत्येक कार्यालय में 16 चैनल NVR (नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर) स्थापित किया जाएगा, जिसकी बैंडविड्थ क्षमता 144 Mbps होगी। इससे एक साथ कई कैमरों की हाई-क्वालिटी रिकॉर्डिंग संभव होगी. इसके साथ 6TB सर्विलांस हार्ड डिस्क अनिवार्य की गई है, जिससे कम से कम 30 दिनों का फुटेज सुरक्षित रखा जा सके.</p>



<p><strong>हाई-स्पीड नेटवर्क और रिमोट एक्सेस</strong></p>



<p>CCTV सिस्टम को बिहार स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (BSWAN) या उपलब्ध हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड से जोड़ा जाएगा. इसके माध्यम से पटना स्थित सेंट्रल कमांड सेंटर से सभी अंचल कार्यालयों की निगरानी की जा सकेगी. सभी जिलाधिकारी (DM), अपर समाहर्ता (ADM) एवं एसडीओ/डीसीएलआर मोबाइल ऐप के जरिए किसी भी समय लाइव फीड देख सकेंगे. अंचल अधिकारी को भी अपने मोबाइल पर सभी कैमरों की निगरानी सुनिश्चित करनी होगी.</p>



<p><strong>आधुनिक उपकरणों की पूरी सूची</strong></p>



<p>निर्देशों में 16 पोर्ट POE स्विच (100/1000 Mbps), CAT 6A SFTP फुल कॉपर वायर, 32 इंच LED स्क्रीन, 4K HDMI केबल, 4U रैक, जंक्शन बॉक्स सहित सभी आवश्यक तकनीकी उपकरणों का उल्लेख किया गया है. सभी उपकरणों पर न्यूनतम दो वर्ष की वारंटी और सर्विस लेना अनिवार्य किया गया है.</p>



<p><strong>मुख्य कवरेज क्षेत्र तय</strong></p>



<p>अंचल अधिकारी कक्ष, प्रशासनिक कक्ष और मुख्य द्वार को अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कवरेज में रखा जाएगा, ताकि कार्यालय में आने-जाने वाले व्यक्तियों और राजस्व कार्यों की पूरी रिकॉर्डिंग उपलब्ध रहे.<br>विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवंटित राशि का उपयोग केवल CCTV क्रय एवं अधिष्ठापन के लिए ही होगा और इसी वित्तीय वर्ष में व्यय सुनिश्चित करना अनिवार्य है.</p>



<p>बताते चलें कि उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने विभाग का कार्यभार संभालते ही प्रत्येक अंचल कार्यालय में सीसीटीवी कैमरा लगाने की घोषणा की थी. इस घोषणा को प्रधान सचिव सीके अनिल ने अमली जामा पहनाते हुए सभी 537 अंचलों के लिए सभी जिलों को 6.71 करोड़ रुपये उपलब्ध करा दिए थे। निर्देश के अनुसार प्रति अंचल सीसीटीवी अधिष्ठापन पर 1.25 लाख रुपये खर्च करना है. अब कैमरों की क़्वालिटी को लेकर स्पष्ट दिशा निर्देश जारी होने से इसमें होने वाली गड़बड़ियों को रोका जा सकेगा.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<item>
		<title>समयबद्ध सेवा और पारदर्शिता भूमिसुधार विभाग की प्राथमिकता</title>
		<link>https://www.patnanow.com/vijay-sinha-on-revenue/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 14:22:00 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और समयबद्धता का नया अध्याय: बिहार ने तय किया ‘पत्थर पर लकीर’ का लक्ष्य : उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा स्पष्ट भू-सम्पदा, सुशासन समृद्धि से शांति सर्वदा राजस्व-भूमिसुधार विभाग की प्राथमिकता : उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा लंबित से लक्षित कार्यसंस्कृति की ओर अग्रसर है राजस्व-भूमिसुधार विभाग : विजय कुमार सिन्हा जनसंवाद, डिजिटल व्यवस्था और सख्ती से घटे लंबित मामले, बढ़ी सेवा की रफ्तार पटना : “मक्खन पर लकीर तो सब खींचते हैं, खींचनी है तो पत्थर पर लकीर खींचो” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इसी सूत्र को ध्येय बनाकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में 24 नवंबर से दायित्व संभालने के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने आमजन से जुड़े प्रशासन को सरल, सुलभ, पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं. बिहार विधानसभा में 2026-2027 के बजट भाषण में उपमुख्यमंत्री सह मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विभागीय पहलों और उपलब्धियों का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि भूमि से जुड़ी प्रक्रियाएँ कानून की जटिलता, प्रक्रियात्मक अपेक्षाओं और समाज के भावनात्मक जुड़ाव से प्रभावित होती हैं. इसलिए वरीय पदाधिकारियों के साथ शुरुआती बैठकों में ही स्पष्ट कर दिया गया कि राजस्व प्रशासन को जनकेंद्रित और विश्वसनीय बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी. बिचौलियों और भूमाफियाओं के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू की गई है. साथ ही डिजिटल और फिजिकल तकनीक से व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है. ‘भूमिसुधार जनकल्याण संवाद’ से जमीनी समाधान 12 दिसंबर से प्रमंडलवार शुरू हुआ ‘भूमिसुधार जनकल्याण संवाद’ जिलावार भी आयोजित किया जाएगा. कार्यक्रम को सोशल मीडिया पर लाइव [&#8230;]]]></description>
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<p>राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और समयबद्धता का नया अध्याय: बिहार ने तय किया ‘पत्थर पर लकीर’ का लक्ष्य : उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा</p>



<p>स्पष्ट भू-सम्पदा, सुशासन समृद्धि से शांति सर्वदा राजस्व-भूमिसुधार विभाग की प्राथमिकता : उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा</p>



<p>लंबित से लक्षित कार्यसंस्कृति की ओर अग्रसर है राजस्व-भूमिसुधार विभाग : विजय कुमार सिन्हा</p>



<p>जनसंवाद, डिजिटल व्यवस्था और सख्ती से घटे लंबित मामले, बढ़ी सेवा की रफ्तार</p>



<p>पटना : “मक्खन पर लकीर तो सब खींचते हैं, खींचनी है तो पत्थर पर लकीर खींचो” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इसी सूत्र को ध्येय बनाकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में 24 नवंबर से दायित्व संभालने के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने आमजन से जुड़े प्रशासन को सरल, सुलभ, पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं. बिहार विधानसभा में 2026-2027 के बजट भाषण में उपमुख्यमंत्री सह मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विभागीय पहलों और उपलब्धियों का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="792" height="523" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-vijay-sinha-in-assembly.jpg" alt="" class="wp-image-94957" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-vijay-sinha-in-assembly.jpg 792w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-vijay-sinha-in-assembly-650x429.jpg 650w" sizes="(max-width: 792px) 100vw, 792px" /></figure>



<p>उन्होंने कहा कि भूमि से जुड़ी प्रक्रियाएँ कानून की जटिलता, प्रक्रियात्मक अपेक्षाओं और समाज के भावनात्मक जुड़ाव से प्रभावित होती हैं. इसलिए वरीय पदाधिकारियों के साथ शुरुआती बैठकों में ही स्पष्ट कर दिया गया कि राजस्व प्रशासन को जनकेंद्रित और विश्वसनीय बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी. बिचौलियों और भूमाफियाओं के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू की गई है. साथ ही डिजिटल और फिजिकल तकनीक से व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="719" height="498" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-mantri-vijay-sinha-revenue-department.jpg" alt="" class="wp-image-94958" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-mantri-vijay-sinha-revenue-department.jpg 719w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-mantri-vijay-sinha-revenue-department-650x450.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 719px) 100vw, 719px" /></figure>



<p>‘<strong>भूमिसुधार जनकल्याण संवाद’ से जमीनी समाधान</strong></p>



<p>12 दिसंबर से प्रमंडलवार शुरू हुआ ‘भूमिसुधार जनकल्याण संवाद’ जिलावार भी आयोजित किया जाएगा. कार्यक्रम को सोशल मीडिया पर लाइव कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है. इसमें तीन मूल समस्याओं दाखिल-खारिज, परिमार्जन और जमीन मापी को लक्षित कर मौके पर समाधान कराया जा रहा है और समान प्रकृति की समस्याओं के लिए गाइडलाइन तय की जा रही है.</p>



<p>इस पहल का असर आँकड़ों में दिखा:</p>



<p>ऑनलाइन दाखिल-खारिज निष्पादन 75% से बढ़कर 84% हो गया है. लंबित मामलों का अनुपात 25% से घटकर 16% पर आ गया है.<br>‘परिमार्जन प्लस’ निष्पादन 10% से बढ़कर 75% पर पहुंच गया है.<br>विवाद-रहित दाखिल-खारिज के लिए 14 दिन की समय-सीमा निर्धारित कर कार्यों में तेजी लाई जा रही है.</p>



<p><strong>ई-मापी और समयबद्ध सेवा</strong></p>



<p>भूमि मापी के लिए ई मापी व्यवस्था लागू की गई है। निर्विवाद मापी 7 दिन में, विवादित मापी 11 दिन में और रिपोर्ट अपलोड करने की सीमा 14 दिन तय की गई है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="740" height="260" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg" alt="" class="wp-image-94380" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg 740w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar-650x228.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 740px) 100vw, 740px" /></figure>



<p><strong>एग्रीस्टैक और फार्मर रजिस्ट्री को गति</strong></p>



<p>इन सुधारों से राज्य में चल रहे एग्रीस्टैक महाभियान को भी गति मिली. मात्र 35 दिनों में 40 लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री संभव हुई. दिसंबर से जनवरी अंत तक दाखिल-खारिज और परिमार्जन के 40 लाख लंबित आवेदनों में से 11.50 लाख का निष्पादन किया गया.</p>



<p><strong>जाली दस्तावेजों पर सख्ती, शहरी वंशावली की नई व्यवस्था</strong></p>



<p>भूमि विवाद का बड़ा कारण जाली दस्तावेजों पर अब अनिवार्य प्राथमिकी का निर्देश दिया गया है. शहरी क्षेत्रों में वंशावली निर्गत करने की जिम्मेदारी अंचलाधिकारियों को सौंपी गई है.</p>



<p><strong>पुराने अभिलेखों से आधुनिक सर्वे की ओर</strong></p>



<p>अधिकांश भूमि अभिलेख 1890–1920 के कैडेस्ट्रल सर्वे काल के हैं। 1958 में शुरू रीविजनल सर्वे 1975 में रुक गया था. अब सटीक, सहज और समयबद्ध भूमि सर्वे की दिशा में राजस्व महाभियान को गति दी गई है. 31 मार्च 2026 तक 46 लाख लंबित आवेदनों के निष्पादन का लक्ष्य है। अब तक 34 लाख से अधिक दस्तावेज स्कैन किए जा चुके हैं. </p>



<p><strong>डिजिटल, पेपरलेस और AI-सक्षम राजस्व न्याय</strong></p>



<p>आवेदन से आदेश तक पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पेपरलेस बनाया गया है, जिसमें AI तकनीक का उपयोग भी शामिल है. इससे न्याय देने की गति बढ़ी है. नियमित सुनवाई, समय पर अपील और आधुनिक प्रणाली से राजस्व न्याय व्यवस्था में सुधार हुआ है. DCLR/ADM स्तर पर निष्पादन दर 51.7% से बढ़कर 55.9% हुई है। इसको लगातार बढ़ाना उद्देश्य है.</p>



<p><strong>मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण : नए पद, नई नियमावली</strong></p>



<p>राज्य में राजस्व कर्मचारी के 3303 नए पद सृजित किए गए हैं। पहले स्वीकृत 8472 पदों की तुलना में अब कुल पदों की संख्या बढ़कर 11,775 हो गई है. वर्तमान में लगभग 3767 कर्मी कार्यरत हैं. रिक्तियों को भरने के लिए वर्ष 2023 में 3559 पदों पर बहाली हेतु अधियाचना बिहार कर्मचारी चयन आयोग को भेजी गई.<br>शेष रिक्त पदों के रोस्टर क्लियरेंस के बाद वर्ष 2025 में 4492 पदों के लिए प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग को प्रेषित की गई है.<br>इससे अंचल स्तर पर लंबित मामलों के निष्पादन, अभिलेख संधारण और जनसेवा की गति में प्रत्यक्ष सुधार की अपेक्षा है.</p>



<p><strong>अमीन संवर्ग: नई नियमावली, तीन-स्तरीय पद सोपान</strong></p>



<p>भूमि मापी व्यवस्था को समयबद्ध और तकनीक-संपुष्ट बनाने के लिए अमीन संवर्ग को भी राज्य स्तरीय दर्जा दिया गया है. इसके तहत बिहार अमीन संवर्ग नियमावली, 2025 लागू की गई है. अब अमीन संवर्ग में तीन-स्तरीय पद सोपान निर्धारित है, अमीन, अमीन ग्रेड-1 और प्रधान अमीन.<br>राज्य में अमीन के कुल 2502 स्वीकृत पद हैं, जिनमें लगभग 1199 कार्यरत हैं। शेष रिक्तियों के रोस्टर क्लियरेंस के बाद 765 पदों पर नियमित नियुक्ति हेतु प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा गया है.<br>आगे उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व अभिलेखों को अब ऑनलाइन उपलब्ध कराया जा रहा है. एक जनवरी से चिरकुट से दस्तावेज निकालने की व्यवस्था बंद कर दी गई है. लोगों को इसमें परेशानी न हो इसके लिए प्रत्येक अंचल में अंचल अभिलेखागार भवन स्थापित किये गए हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="721" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-assembly-vijay-sinha-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-94959" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-assembly-vijay-sinha-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-assembly-vijay-sinha-650x458.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बजट भाषण में उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विभाग “लंबित” से “लक्षित” कार्यसंस्कृति की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है, जहाँ जनविश्वास, पारदर्शिता और समयबद्ध सेवा ही राजस्व प्रशासन की पहचान बनेगी. इसलिए विभाग ने अपना ध्येय वाक्य स्पष्ट भू-सम्पदा, सुशासन, समृद्धि से शांति सर्वदा को बनाया है.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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			</item>
		<item>
		<title>कैथी लिपि अब नहीं बनेगी परेशानी, राजस्व विभाग दे रहा ट्रेनिंग</title>
		<link>https://www.patnanow.com/kaithi-training/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 21 Jan 2026 01:30:19 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[Land reforms]]></category>
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					<description><![CDATA[भूमि सर्वेक्षण में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों के समाधान की दिशा में राजस्व विभाग की पहल कैथी लिपि विशेषज्ञों के लिए पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण का शुभारंभ पटना : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के तत्वावधान में कैथी लिपि विशेषज्ञों के लिए आयोजित पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत मंगलवार को राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान, शास्त्रीनगर, पटना में हुई. इस प्रशिक्षण का उद्देश्य राज्य में भूमि सर्वेक्षण एवं अन्य राजस्व कार्यों में कैथी लिपि से संबंधित आ रही समस्याओं का समाधान करना है. कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए संस्थान के प्राचार्य दिव्य राज गणेश ने कहा कि बिहार में अधिकांश पुराने खतियान कैथी लिपि में उपलब्ध हैं, जिसके कारण आम रैयतों के साथ-साथ विभागीय कार्यों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. विशेष रूप से राज्य में चल रहे भूमि सर्वेक्षण कार्य में कैथी लिपि के कारण कई व्यावहारिक समस्याएं सामने आ रहीं हैं. इन्हीं समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से विभाग द्वारा कैथी लिपि के जानकार विशेषज्ञों का चयन कर उन्हें आवासीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है. उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा कुल 31 कैथी लिपि जानने वाले विशेषज्ञों का चयन किया गया है, जो राज्य के विभिन्न जिलों से आए हैं. इन विशेषज्ञों के लिए कैथी लिपि से अनुवाद कार्य की दर भी निर्धारित कर दी गई है. विभाग ने प्रति पृष्ठ 220 रुपये की दर तय की है, जो सरकारी एवं निजी दोनों प्रकार के कार्यों के लिए मान्य होगी. विशेष कार्य पदाधिकारी अनुपम प्रकाश ने प्रशिक्षणार्थियों को राजस्व एवं भूमि सुधार [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>भूमि सर्वेक्षण में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों के समाधान की दिशा में राजस्व विभाग की पहल</strong></p>



<p><strong>कैथी लिपि विशेषज्ञों के लिए पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण का शुभारंभ</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="740" height="260" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg" alt="" class="wp-image-94380" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg 740w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar-650x228.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 740px) 100vw, 740px" /></figure>



<p>पटना : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के तत्वावधान में कैथी लिपि विशेषज्ञों के लिए आयोजित पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत मंगलवार को राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान, शास्त्रीनगर, पटना में हुई. इस प्रशिक्षण का उद्देश्य राज्य में भूमि सर्वेक्षण एवं अन्य राजस्व कार्यों में कैथी लिपि से संबंधित आ रही समस्याओं का समाधान करना है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/1000679969-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-94443" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/1000679969-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/1000679969-650x434.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए संस्थान के प्राचार्य दिव्य राज गणेश ने कहा कि बिहार में अधिकांश पुराने खतियान कैथी लिपि में उपलब्ध हैं, जिसके कारण आम रैयतों के साथ-साथ विभागीय कार्यों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. विशेष रूप से राज्य में चल रहे भूमि सर्वेक्षण कार्य में कैथी लिपि के कारण कई व्यावहारिक समस्याएं सामने आ रहीं हैं. इन्हीं समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से विभाग द्वारा कैथी लिपि के जानकार विशेषज्ञों का चयन कर उन्हें आवासीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="796" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/11/pnc-revenue-and-land-reforms-department.jpg" alt="" class="wp-image-93213" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/11/pnc-revenue-and-land-reforms-department.jpg 796w, https://www.patnanow.com/assets/2025/11/pnc-revenue-and-land-reforms-department-650x627.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 796px) 100vw, 796px" /></figure>



<p>उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा कुल 31 कैथी लिपि जानने वाले विशेषज्ञों का चयन किया गया है, जो राज्य के विभिन्न जिलों से आए हैं. इन विशेषज्ञों के लिए कैथी लिपि से अनुवाद कार्य की दर भी निर्धारित कर दी गई है. विभाग ने प्रति पृष्ठ 220 रुपये की दर तय की है, जो सरकारी एवं निजी दोनों प्रकार के कार्यों के लिए मान्य होगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/1000679968-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-94445" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/1000679968-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/1000679968-650x434.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>विशेष कार्य पदाधिकारी अनुपम प्रकाश ने प्रशिक्षणार्थियों को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की संरचना, कार्यप्रणाली तथा विभिन्न स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियों की विस्तृत जानकारी दी। वहीं, दूसरे सत्र में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के शोध छात्र प्रीतम कुमार तथा छपरा निवासी कैथी लिपि विशेषज्ञ वकार अहमद ने कैथी लिपि से संबंधित विस्तृत जानकारी साझा की. इस दौरान प्रशिक्षार्थियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देकर उनके संशयों का समाधान भी किया गया.<br>यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कैथी लिपि से जुड़े विशेषज्ञों को सुदृढ़ करने के साथ-साथ भूमि सर्वेक्षण एवं राजस्व कार्यों को अधिक सुगम, सटीक और समयबद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.</p>



<p><strong>क्या बोले उपमुख्यमंत्री सह राजस्व विभाग मंत्री </strong></p>



<p>उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग<br>विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि राज्य में बड़ी संख्या में रैयत ऐसे हैं जिनके भूमि संबंधी पुराने दस्तावेज कैथी लिपि में होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. उनकी इस समस्या के समाधान के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा कैथी लिपि विशेषज्ञों का पैनल तैयार किया जा रहा है. इन विशेषज्ञों को विधिवत प्रशिक्षण देकर कम दर पर अनुवाद की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि आम जनता को राहत मिले और भूमि सर्वेक्षण सहित राजस्व से संबंधित अन्य कार्य अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो सकें.</p>



<p><strong>pncb</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>महा अभियान: 44 लाख आवेदन, 33 लाख से ज्यादा में करना होगा सुधार</title>
		<link>https://www.patnanow.com/rajasv-maha-abhiyan-samapt/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 20 Sep 2025 16:13:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar bhumi sudhar]]></category>
		<category><![CDATA[Jamabandi sudhar]]></category>
		<category><![CDATA[Online Jamabandi]]></category>
		<category><![CDATA[Rajasv maha abhiyan]]></category>
		<category><![CDATA[Revenue department]]></category>
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					<description><![CDATA[राजस्व महा–अभियान समाप्त, 44 लाख 42 हजार लोगों ने किया आवेदन पटना।। बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा चलाए जा रहे राजस्व महा–अभियान में लोगों की जबरदस्त भागीदारी देखने को मिली है. महा–अभियान के तहत शिविरों में अब तक कुल 44 लाख 42 हजार 152 आवेदन प्राप्त हुए हैं. सबसे अधिक आवेदन जमाबंदी में त्रुटि सुधार के लिए आए हैं, जिनकी संख्या 33 लाख 34 हजार 352 है. इसके अलावा ऑफलाइन जमाबंदी को ऑनलाइन करने के लिए 5 लाख 68 हजार 751 आवेदन, उत्तराधिकार नामांतरण के लिए 2 लाख 92 हजार 020 आवेदन, जबकि बंटवारा नामांतरण हेतु 2 लाख 47 हजार 029 आवेदन शिविरों में आए हैं. बता दें कि राजस्व महा–अभियान 16 अगस्त से 20 सितंबर तक पूरे राज्य में संचालित किया गया. इस अवधि में जमाबंदी में सुधार और अपडेट करने के लिए चार प्रकार के काम किए गए. विभाग का कहना है कि उपरोक्त सभी कार्य आगे बिहारभूमि पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन जारी रहेंगे. पूर्व की तरह दाखिल–खारिज पोर्टल और परिमार्जन प्लस पोर्टल पर सेवा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी. pncb]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>राजस्व महा–अभियान समाप्त, 44 लाख 42 हजार लोगों ने किया आवेदन</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="652" height="443" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-revenue-department.jpg" alt="" class="wp-image-91155" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-revenue-department.jpg 652w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-revenue-department-650x442.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 652px) 100vw, 652px" /></figure>



<p>पटना।। बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा चलाए जा रहे राजस्व महा–अभियान में लोगों की जबरदस्त भागीदारी देखने को मिली है. महा–अभियान के तहत शिविरों में अब तक कुल 44 लाख 42 हजार 152 आवेदन प्राप्त हुए हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="790" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/pnc-rajasv-maha-abhiyan-shuru-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91647" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/pnc-rajasv-maha-abhiyan-shuru-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/08/pnc-rajasv-maha-abhiyan-shuru-650x501.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>सबसे अधिक आवेदन जमाबंदी में त्रुटि सुधार के लिए आए हैं, जिनकी संख्या 33 लाख 34 हजार 352 है. इसके अलावा ऑफलाइन जमाबंदी को ऑनलाइन करने के लिए 5 लाख 68 हजार 751 आवेदन, उत्तराधिकार नामांतरण के लिए 2 लाख 92 हजार 020 आवेदन, जबकि बंटवारा नामांतरण हेतु 2 लाख 47 हजार 029 आवेदन शिविरों में आए हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/IMG-20250816-WA0013-scaled.jpg" alt="Rajasv maha abhiyan in Danapur" class="wp-image-91648" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/IMG-20250816-WA0013-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/08/IMG-20250816-WA0013-650x488.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बता दें कि राजस्व महा–अभियान 16 अगस्त से 20 सितंबर तक पूरे राज्य में संचालित किया गया. इस अवधि में जमाबंदी में सुधार और अपडेट करने के लिए चार प्रकार के काम किए गए. <strong>विभाग का कहना है कि उपरोक्त सभी कार्य आगे बिहारभूमि पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन जारी रहेंगे. पूर्व की तरह दाखिल–खारिज पोर्टल और परिमार्जन प्लस पोर्टल पर सेवा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी.</strong></p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आम लोगों से &#8216;वन टू वन&#8217; जुड़ा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग</title>
		<link>https://www.patnanow.com/revenue-and-land-reforms-department-pc/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 30 Dec 2024 15:30:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar bhumi sudhar]]></category>
		<category><![CDATA[Land reforms]]></category>
		<category><![CDATA[Revenue and land reforms department]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार में जमीन सर्वे जुलाई 2026 तक होगा आम जन से सीधा जुड़ा &#8216;राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग&#8217; पूरी व्यवस्था को पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने की कोशिश पटना।। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव, दीपक कुमार सिंह ने कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग आम जनता से सीधा जुड़ा हुआ विभाग है. आम लोगों / रैयतों/किसानों का काम बिना किसी परेशानी के हो जाए और उन्हें राजस्व कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े, इसके लिए विभाग पूरी व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए प्रयासरत है. विभाग द्वारा रैयतों को दी जा रही हर सुविधा की समय सीमा निर्धारित है. विभाग की कोशिश है कि तय समय सीमा के भीतर उन्हें सभी सेवाएं प्राप्त हों. अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने कहा कि पहली बार बिहार के शहरों में भी सर्वे का प्रस्ताव है. इसके लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें सोनपुर बांका बक्सर डेहरी राजगीर और तारापुर में सर्वे शुरू करने का प्रस्ताव है. केंद्रीय संस्थान नक्शा तैयार करेगी. जनवरी से जमाबंदी को आधार से जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू होगी. अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने कहा कि भूमि विवादों को खत्म करने के लिए भूमि सर्वेक्षण सरकार की प्राथमिकता में है. दीपक कमार ने कहा कि बिहार में जमीन सर्वे जुलाई 2026 तक होगा. बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षण के कार्य हेतु 9,888 कर्मियों का चयन किया गया, जिन्हें 3 जुलाई 2024 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>बिहार में जमीन सर्वे जुलाई 2026 तक होगा </strong></p>



<p><strong>आम जन से सीधा जुड़ा &#8216;राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग&#8217; </strong></p>



<p><strong>पूरी व्यवस्था को पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने की कोशिश</strong> </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="850" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/PNC-revenue-and-land-reforms-Bihar-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-84650" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/PNC-revenue-and-land-reforms-Bihar-scaled.jpg 850w, https://www.patnanow.com/assets/2024/06/PNC-revenue-and-land-reforms-Bihar-540x650.jpg 540w" sizes="auto, (max-width: 850px) 100vw, 850px" /></figure>



<p>पटना।। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव, दीपक कुमार सिंह ने कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग आम जनता से सीधा जुड़ा हुआ विभाग है. आम लोगों / रैयतों/किसानों का काम बिना किसी परेशानी के हो जाए और उन्हें राजस्व कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े, इसके लिए विभाग पूरी व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए प्रयासरत है. विभाग द्वारा रैयतों को दी जा रही हर सुविधा की समय सीमा निर्धारित है. विभाग की कोशिश है कि तय समय सीमा के भीतर उन्हें सभी सेवाएं प्राप्त हों. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="800" height="406" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1000267213.jpg" alt="" class="wp-image-88425" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1000267213.jpg 800w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1000267213-650x330.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" /></figure>



<p>अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने कहा कि पहली बार बिहार के शहरों में भी सर्वे का प्रस्ताव है. इसके लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें सोनपुर बांका बक्सर डेहरी राजगीर और तारापुर में सर्वे शुरू करने का प्रस्ताव है. केंद्रीय संस्थान नक्शा तैयार करेगी. जनवरी से जमाबंदी को आधार से जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू होगी.</p>



<p>अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने कहा कि भूमि विवादों को खत्म करने के लिए भूमि सर्वेक्षण सरकार की प्राथमिकता में है. दीपक कमार ने कहा कि बिहार में जमीन सर्वे जुलाई 2026 तक होगा. बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षण के कार्य हेतु 9,888 कर्मियों का चयन किया गया, जिन्हें 3 जुलाई 2024 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा नियोजन पत्र प्रदान किया गया. चयनित कर्मियों में विशेष सर्वेक्षण अमीन-8,035, विशेष सर्वेक्षण कानूनगो-458, विशेष सर्वेक्षण सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी- 353 और विशेष सर्वेक्षण लिपिक-742 हैं. पूर्व से कार्यरत सर्वे कर्मियों को मिला दिया जाए, तो इनकी संख्या लगभग 14 हजार है. उन्होंने कहा कि भूमि सर्वेक्षण में कैथी लिपि में लिखे पुराने खतियानों के कारण आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए विभागीय मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल द्वारा 5 दिसंबर 2024 को कैथी लिपि पाठ्यपुस्तिका का विमोचन किया गया. यह पुस्तिका विभाग की वेबसाइट https://land.bihar.gov.in पर मुफ्त डाउनलोड के लिए उपलब्ध है. इसके अलावा पुराने राजस्व दस्तावेजों तथा खतियानों को हिंदी भाषा में आसानी से रूपांतरित करने के लिए विभाग द्वारा AI Tool/Large Language Model विकसित करने हेतु एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट आमंत्रित किया गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="653" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-revenue-department-stall-at-book-fair-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88028" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-revenue-department-stall-at-book-fair-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-revenue-department-stall-at-book-fair-650x414.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-revenue-department-stall-at-book-fair-1536x979.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-revenue-department-stall-at-book-fair-2048x1305.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>राजस्व नक्शों तथा अन्य विभागीय ऑनलाइन सुविधाएं जनता तक सुचारु रूप से पहुंचे, इसके लिए सोनपुर मेला, पटना पुस्तक मेला और सरस मेला में विभाग द्वारा स्टॉल लगाये गये, इसको लेकर जनता की प्रतिक्रिया काफी सकारात्मक रही। आमजनों की मांग पर इन स्टालों में कैथी लिपि पाठ्यपुस्तिका प्रिंट कराकर मामूली शुल्क पर उपलब्ध कराई गई।</p>



<p>➤ दिनांक 19.11.2024 से 14.12.2024 तक चले सोनपुर मेले में कुल 5396 रैयत राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के स्टॉल पर राजस्व नक्शों के लिए पहुंचे। उनके द्वारा कुल 12681 नक्शों की खरीद की गई जिससे निदेशालय को कुल 19,02,150.00 रुपयों की प्राप्ति हुई।</p>



<blockquote class="wp-block-quote is-layout-flow wp-block-quote-is-layout-flow">
<p>गांधी मैदान में लगे पुस्तक मेले में कुल 1369 लोगों द्वारा 3947 नक्शों की खरीद की गई। &gt; गांधी मैदान में लगे सरस मेला के दौरान कुल 3018 लोगों ने काउंटर पर आकर 8505 शीट्स यानि नक्शों की खरीद की और भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय को 12,75,750.00 रुपयों का</p>
</blockquote>



<p>हाल ही में सरकार द्वारा आमलोगों के हित में बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षण हेतु कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए।<br>इसके साथ ही बिहार के सभी 38 जिलों के 534 अंचलों में भूमि सर्वेक्षण का काम तेजी से जारी है। भूमि सर्वेक्षण से ही भूमि संबंधी सारे दस्तावेज अद्यतन होंगे और जमीन को लेकर हो रहे लड़ाई-झगड़ों पर रोक लग पाएगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-digitised-naksha-map-by-bhu-rajaswa-vibhag-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88331" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-digitised-naksha-map-by-bhu-rajaswa-vibhag-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-digitised-naksha-map-by-bhu-rajaswa-vibhag-650x488.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>राजस्व अभिलेखों का स्कैनिंग एवं डिजिटाईजेशन जिला अभिलेखागार में संधारित कैडेस्ट्रल सर्वे खतियान, रिविजनल सर्वे खतियान, चकबंदी खतियान तथा अंचल कर्यालयों में जमाबंदी पंजी, दाखिल खारिज पंजी इत्यादि जैसे महत्वपूर्ण अभिलेखों के संरक्षण तथा डिजिटल लाईब्रेरी तैयार करने के उद्देश्य से स्कैनिंग एवं डिजिटाईजेशन कार्यक्रम वर्ष, 2022 में प्रारंभ किया गया.</p>



<p>विभाग द्वारा, डिजिटल इंडिया के तहत प्रायोजित National Lar cord Modernisation Programme (NLRMP) योजना अंतर्गत भू-अभिलेखों का 2/6 डिजिटाइजेशन का कार्य भी संचालित है.</p>



<p>राजस्व से संबंधित महत्वपूर्ण अभिलेखों के स्कैनिंग एवं डिजिटाईजशन का कार्य बाह्यस्त्रोत एजेंसी के माध्यम से कराया जा रहा है। इस योजना के अन्तर्गत लगभग 23.00 करोड़ अभिलेखों / पृष्ठों का स्कैनिंग कार्य कराया गया है तथा लगभग 15.00 करोड़ अभिलेखों / पृष्ठों को www.bhuabhilekh.bihar.gov.in पर प्रकाशित किया जा चुका है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="484" height="492" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1000267239.jpg" alt="" class="wp-image-88428"/></figure>



<p>दीपक कुमार सिंह ने कहा कि भू-अभिलेख पोर्टल पर संधारित अभिलेखों की सत्यापित छाया प्रति प्राप्त करने हेतु अब तक 1,42,723 आवेदन प्राप्त हुये हैं. जिनमें से 1,42,555 आवेदको को भू-अभिलेखों की सत्यापित प्रति उपलब्ध करायी जा चुकी है. इस योजना के क्रियान्वयन से राज्य के नागरिकों को राजस्व से संबंधित महत्वपूर्ण अभिलेखों की आपूर्ति सुनिश्चित हो चुकी है. साथ ही इन अभिलेखों को दीर्घकालिक रूप से संरक्षित किया जा रहा है. अभिलेखों के स्कैनिंग एवं डिजिटाईजेशन कार्य होने से इन अभिलेखों के क्षतिग्रस्त होने तथा अभिलेखों के साथ छेड़-छाड़ की समस्या का भी निदान हो सका है। इस प्रकार यह योजना राज्य के नागरिकों के हित में काफी लाभकारी साबित हो रही है.</p>



<p><strong>राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली (RCMS)</strong></p>



<p>विभाग के अपर मुख्य सचिव ने कहा कि आर०सी०एम०एस० के तहत राजस्व न्यायालयों की सभी प्रक्रियाओं को ऑनलाइन किया गया है. इसका मकसद ऑफलाइन मुकदमों को शून्य किया जाना है. अंचलाधिकारी से लेकर प्रमंडलीय आयुक्त तक सभी राजस्व न्यायालयों की प्रक्रिया अनिवार्य रूप से ऑनलाइन माध्यम से निष्पादित की जा रही है.<br>राजस्व नक्शों की डोरस्टेप डिलीवरी सेवा विभाग द्वारा निर्धारित दर पर राजस्व नक्शों की डोरस्टेप डिलीवरी सुविधा प्रदान की जा रही है. www.dlrs.bihar.gov.in पर जाकर कोई भी इच्छुक व्यक्ति अपने गांव का नक्शा प्राप्त कर सकता है. अभी तक प्राप्त 28276 ऑर्डर पर 59500 शीट की डोरस्टेप डिलीवरी की गई है. इससे विभाग को कुल 1,32,75,056 रुपयों की आय हुई है.</p>



<p><strong>SMS अलर्ट सेवा</strong></p>



<p>उन्होंने कहा कि राज्य के सभी 4.34 करोड़ जमाबंदियों में किसी भी तरह के बदलाव / नामांतरण से संबन्धित सूचना SMSअलर्ट सेवा के तहत दी जा रही है. आम रैयतों को इस सेवा का लाभ उठाने के लिए सर्वप्रथम संबन्धित जमाबंदी के प्लॉट पर बदलाव / नामांतरण से संबन्धित सूचना प्राप्त करने हेतु पंजीकृत करना होगा. वर्तमान में इस सेवा के तहत दाखिल-खारिज तथा परिमार्जन के माध्यम से किए गए बदलाव / नामांतरण की प्रक्रिया प्रारम्भ होने तथा प्रक्रिया पूर्ण होने से संबन्धित सूचना पंजीकृत रैयत को दी जाएगी. भविष्य में इस सेवा के तहत एलपीसी, लगान, राजस्व न्यायालय में दायर वाद से संबन्धित सूचना भी दी जाएगी.</p>



<ol class="wp-block-list">
<li>अभियान बसेरा-2: वर्तमान में विभाग द्वारा अभियान बसेरा-2 कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। अभियान बसेरा-2 के अंतर्गत अभियान बसेरा 1 से छूटे हुए तथा नए गृह विहीन सक्षम श्रेणी के परिवारों का ताजा सर्वे के आधार पर भूमिहीन परिवारों को 5 डिसमिल तक वास की भूमि उपलब्ध कराई जाती है। भूमि यथासंभव भूमिहीन लोगों के गांव में या फिर उसके बिल्कुल पास के गांव में दी जाती है। विभाग द्वारा भूमिहीन लोगों को समूह में बसाया जाता है तथा सड़क, बिजली, पानी जैसी सामूहिक सुविधाओं का इंतजाम सरकार की तरफ से किया जाता है।</li>
</ol>



<ul class="wp-block-list">
<li>इस कार्यक्रम के तहत अब तक कुल 1,20,722 वासभूमिहीन परिवारों का सर्वेक्षण किया जा चुका है, जिनमें से अब तक कुल 30,722 वास भूमिहीन परिवारों को वासभूमि उपलब्ध करा दी गई है। शेष सर्वेक्षित परिवारों को वासभूमि उपलब्ध / आवंटित कराने की कार्रवाई की जा रही है।</li>
</ul>



<ol class="wp-block-list">
<li>ऑनलाइन दाखिल खारिज (Mutation) किसी व्यक्ति का किसी होल्डिंग अथवा उसके भाग में अधिकार के अंतरण के फलस्वरूप, जमाबंदी पंजियों में किया जाने वाला परिवर्तन &#8220;दाखिल-खारिज&#8221; कहलाता है।</li>
</ol>



<ul class="wp-block-list">
<li>बिहार भूमि दाखिल खारिज अधिनियम, 2011 (बिहार अधिनियम, 23, 2011-समय समय पर यथासंशोधित) की धारा-22 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार द्वारा बिहार भूमि दाखिल खारिज नियामावली, 2012 (यथा संशोधित, 2017) है।</li>



<li>बिहार भूमि दाखिल खारिज अधिनियम की नियमावली के अंतर्गत सृजित जमाबंदी को डिजिटाईज्ड कर आम लोगों के अवलोकन हेतु रखा गया है, जिससे भू-अभिलेखों के संधारण में पारदर्शिता बढ़ी है। दाखिल खारिज की प्रक्रिया को ऑनलाइन करते हुए ससमय निष्पादन हेतु उपाय किये गये हैं। जिसे वर्तमान में अपग्रेड करते हुए आवेदकों की सुनवाई की व्यवस्था एवं साक्ष्य आधारित मामलों के त्वरित निष्पादन की प्रक्रिया अपनायी गयी है।</li>
</ul>



<p>वर्ष 2024-25 में दिनांक 24.12.2024 तक ऑनलाइन दाखिल खारिज के कुल 17,38,505 (पिछले वर्ष के लंबित आवेदन सहित) मामले प्राप्त हुए हैं, जिसके विरूद्ध कुल 13,89,913 मामलों का निष्पादन विभाग द्वारा किया गया है। कुल मामलों का निष्पादन प्रतिशतता 80% रही है। ऑनलाइन दाखिल खारिज के जिलावार प्राप्त निष्पादित एवं लंबित मामलों की सूची अनुलग्नक के रूप में संलग्न है।</p>



<ol start="3" class="wp-block-list">
<li>ऑनलाइन भूमि दाखिल खारिज की विशेषताएँ :</li>
</ol>



<p>A- आवेदन से लेकर निष्पादन तक की सभी प्रक्रियाएँ ऑनलाइन</p>



<p>B- स्वतः संज्ञान दाखिल-खारिज की सुविधा</p>



<p>C- निश्चित समय सीमा (बिना आपत्ति के मामलों में 35 दिन, आपत्ति वाले मामलों में 75 दिन)</p>



<p>D- ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करने की सुविधा</p>



<p>E- डिजिटल सिग्नेचर प्रति प्राप्त करने की सुविधा</p>



<p>F- अपील और पुनरीक्षण का प्रावधान</p>



<blockquote class="wp-block-quote is-layout-flow wp-block-quote-is-layout-flow">
<p>स्वतः संज्ञान दाखिल-खारिज (Suo-Moto Mutation)- दाखिल-खारिज की प्रक्रिया के सरलीकरण के लिए निबंधन कार्यालयों को Suo-Moto Mutation हेतु सभी अंचल कार्यालयों के साथ सम्बद्ध किया जा चुका है। इसके तहत कोई जमाबंदीदार भूमि का स्वयं बिक्रेता हो, तो ऐसे मामलों मे Suo-Moto Mutation प्रक्रिया के तहत दाखिल खारिज की कार्रवाई की जा सकती है।</p>
</blockquote>



<p>➤ FIFO (First In First Out) अंचल कार्यालयों द्वारा दाखिल खारिज आवेदनों के प्राप्त मामलों का क्रमानुसार निष्पादन (sequential disposal) नहीं किये जाने तथा बिना उचित कारणों के आवेदनों को अस्वीकृत किये जाने के मामलों को संज्ञान में आने पर दिनांक-01.03.2023 एवं उसके बाद के प्राप्त दाखिल खारिज आवेदनों के निष्पादन में FIFO (First In First Out) की व्यवस्था लागू की गयी.</p>



<blockquote class="wp-block-quote is-layout-flow wp-block-quote-is-layout-flow">
<p>ODD-EVEN की प्रक्रियाः भूमि दाखिल खारिज की कार्रवाई त्वरित गति से सुनिश्चित करने के लिए विभागीय अधिसूचना सं0-408 (8) दिनांक-29.09.2020 द्वारा अंचल स्तर पर कार्यरत राजस्व अधिकारियों को दाखिल खारिज हेतु अंचल अधिकारी की शक्ति प्रदत्त की गयी है। इस हेतु सॉफ्टवेयर में बदलाव करते हुए ODD नम्बर के हल्का से संबंधित वाद अंचल अधिकारी के लॉगिन में तथा EVEN नम्बर के हल्का से संबंधित वाद RO as CO के लॉगिन में निष्पादित किये जाने की व्यवस्था की गयी है.</p>



<p>त्रुटि जाँच (Defect Check) की प्रक्रियाः ऑनलाईन दाखिल खारिज हेतु प्राप्त आवेदनों में त्रुटि जाँच (Defect Check) की व्यवस्था की गयी है। इसके तहत दाखिल खारिज हेतु प्राप्त ऑनलाईन आवेदनों का अंचल अधिकारी के द्वारा अवलोकन करते हुए उसमें निहित्त त्रुटियों के निराकरण हेतु राजस्व कर्मचारी को अग्रसारित किया जाएगा. आवश्यकता होने पर त्रुटि निराकरण हेतु आवेदन को आवेदक के पास वापस भेजने का विकल्प है.</p>



<p>ऑनलाइन आवेदन प्रक्रियाः दाखिल खारिज हेतु रैयत विभाग के आधिकारिक पोर्टल https://biharbhumi.bihar.gov.in/  पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इस प्रक्रिया के तहत आवेदन करने के लिए जमीन के दस्तावेज और अन्य जरूरी जानकारी ऑनलाइन जमा करनी होती है.</p>



<p>दाखिल खारिज निष्पादन की समय-सीमा- बिहार भूमि दाखिल खारिज (संशोधन) नियमावली, 2020 के नियम-6 में दाखिल खारिज हेतु प्राप्त ऑनलाईन आवेदन के निष्पादन की समय-सीमा का निर्धारण किया गया है. उक्त नियम के अनुसार वैसे मामले जिनमें आपत्तियाँ प्राप्त नहीं हुई हों, उनमें दाखिल खारिज याचिका की प्राप्ति की तिथि से 35 कार्यदिवस के भीतर वाद का निष्पादन किया जाना है. आपत्ति प्राप्त होने की स्थिति में संबधित पक्षों को सुनवाई तथा साक्ष्य प्रस्तुत करने का युक्ति-युक्त अवसर देने के उपरान्त दाखिल खारिज याचिका प्राप्त होने की तिथि से अधिकतम 75 कार्य दिवस के भीतर वाद का निष्पादन का प्रावधान किया गया है.</p>



<p>अपील एवं पुनरीक्षण- बिहार भूमि दाखिल खारिज अधिनियम, 2011 एवं नियमावली, 2012 में अंचल अधिकारी के आदेश के विरूद्ध भूमि सुधार उप समाहर्त्ता के समक्ष 30 दिनों के अन्दर अपील दायर करने का प्रावधान है. इसी प्रकार भूमि सुधार उप समाहर्त्ता के आदेश से व्यथित पक्ष को संबधित जिला के समाहर्त्ता अपर समाहर्त्ता के न्यायालय में पुनरीक्षण हेतु 30 दिनों के अन्दर आवेदन दायर किये जाने का प्रावधान है.</p>
</blockquote>



<p>परिमार्जन प्लसः ऑनलाईन डिजिटाईज्ड जमाबंदी पंजियों में अशुद्धियों के सुधार हेतु परिमार्जन पोर्टल का शुभारम्भ दिनाक 13.05.2020 से किया गया है। वर्तमान में जमाबंदी पंजियों में निहित अशुद्धियों-त्रुटियों के सुधार हेतु उन्नत तकनीकी व्यवस्था के तहत परिमार्जन प्लस पोर्टल की व्यवस्था की गयी है। विभागीय परिपत्र सं0-1426 (9), दिनाक 05.06.2024 द्वारा बिहार भूमि पोर्टल पर ऑनलाईन डिजिटाईज जमाबंदी पंजियों में निहित रैयतों तथा उनके पिता/पति के नाम में लिपिकीय त्रुटि, जाति, पता, खेसरा, रकवा एवं लगान इत्यादि से संबंधित अशुद्धियों को परिमार्जन प्लस पोर्टल के माध्यम से अंचल स्तर से ही सुधार किये जाने के संबंध में विस्तृत दिशा-निदेश संसूचित है। इसके अतिरिक्त विभागीय परिपत्र सं0-2397(9), दिनाक 28.08.2024 डिजिटाईज नहीं किये गये जमाबंदी में निहित त्रुटियों के निराकरण का दिशा-निर्देश संसूचित है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में परिमार्जन प्लस पोर्टल पर ऑनलाईन डिजिटाईज जमाबंदी पंजियों में निहित त्रुटियों के निराकरण हेतु कुल 10,03,324 मामले प्राप्त हुए हैं, जिसके विरूद्ध 4,04,901 मामलों का निष्पादन किया गया है। इसी प्रकार परिमार्जन प्लस पोर्टल से संबंधित त्रुटियों के निराकरण हेतु प्राप्त कुल 5,46,075 मामलों में से कुल 47,061 मामलों का निष्पादन किया गया है. ई-मापीः ई-मापी राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार की एक लाभकारी पहल है, जो भूमि प्रबंधन और प्रशासन को डिजिटल युग में ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। इससे न केवल भूमि माप की प्रक्रिया सरल और तेज़ हो रही है, बल्कि रैयतों को भी इससे सीधे लाभ मिल रहा है। राज्यान्तर्गत भूमि/भू-खण्ड की मापी कार्य में तीव्रता तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करने के दृष्टिकोण से ई-मापी पोर्टल (https://emapi.bihar.gov.in) विभाग द्वारा विकसित किया गया है, जिसका शुभारम्भ दिनांक 20.12.2023 से हुआ है. आवेदक द्वारा ई-मापी के लिए आवदेन प्राप्त होने पर 48 घंटे के अन्दर अंचलाधिकारी द्वारा मापी शुल्क हेतु आवेदक को Payment Request भेजने का प्रावधान पोर्टल में किया गया है. रैयत द्वारा मापी शुल्क जमा किये जाने के पश्चात् अधिकतम 30 दिन के अन्दर याचित जमीन की मापी की कार्रवाई कर मापी प्रतिवेदन 72 घंटे के अन्दर अंचलाधिकारी द्वारा अनुमोदित करते हुए हितबद्ध रैयत को उपलब्ध कराया जाता है।</p>



<p>सरकारी भूमि / न्यायालीय आदेश / विधि व्यवस्था / लोक शिकायत निवारण एवं अन्य में पारित आदेश से सबंधित मामलों में भी ई-मापी के तहत् मापी कार्य करने हेतु पोर्टल में प्रावधान किया गया है. परिमार्जन के Left Out जमाबंदी वाले मामले में बिना ऑनलाईन जमाबंदी के भी ई-मापी के तहत मापी किये जाने का प्रावधान पोर्टल में किया गया है.</p>



<p>ई-मापी की डिजिटल हस्ताक्षरित प्रति भू-अभिलेख पोर्टल से प्राप्त करने की प्रक्रिया का प्रावधान किया गया है, जिसके माध्यम से आवेदक द्वारा डिजिटल हस्ताक्षरित ई-मापी प्रतिवेदन प्राप्त किया जा सकता है.</p>



<p>ई-मापी की व्यवस्था हो जाने के उपरान्त रैयतों को कार्यालय आने-जाने की परेशानी से मुक्ति मिल गयी है, क्योंकि आवेदक बिहार राज्य के किसी भी कोने से ई-मापी हेतु ऑनलाईन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं, मापी शुल्क जमा कर सकते हैं एवं मापी प्रतिवेदन की डिजिटल हस्ताक्षरित प्रति भू-अभिलेख पोर्टल से प्राप्त कर सकते हैं.</p>



<p>ई-मापी पोर्टल से प्राप्त प्रतिवेदन (दिनांक-24.12.2024) के अनुसार मापी हेतु कुल 1,14,282 आवेदन प्राप्त हुए है, जिसमें कुल 57,830 आवेदकों द्वारा भुगतान शुल्क जमा किया गया है. मापी के उपरान्त कुल-35,585 आवेदकों को ई-मापी प्रतिवेदन उपलब्ध करा दिया गया है. भू-लगानः राज्य के सभी 534 अंचलों को ऑनलाइन भू-लगान भुगतान हेतु विभाग द्वारा अधिसूचित किया गया है. पेमेन्ट गेटवे के माध्यम से लगान का भुगतान रैयतों द्वारा किया जा रहा है. इससे आम रैयतों को अपने भू-लगान की बकाया की स्थिति जानने, इसके भुगतान की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त करने एवं भू-लगान का भुगतान करने में सुविधा हो रही है.</p>



<p>इस प्रक्रिया के तहत वर्ष 2024 में अब तक 85,80,037 भू-लगान रसीद निर्गत किये गये हैं जिसके तहत कुल संग्रहित राशि रू. 2,74,28,56,280/- (दो सौ चौहत्तर करोड़ अठाईस लाख छप्पन हजार दो सौ अस्सी रुपये) भू-लगान के रूप में सरकार को प्राप्त हुये हैं. भूमि हस्तांतरणः- राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विभिन्न जनोपयोगी परियोजनाओं के लिये आवश्यकतानुसार सरकारी भूमि का हस्तांतरण करता है. वित्तीय वर्ष 2023-23 एवं 2024-25 में राज्य के विभिन्न जिलों से प्राप्त प्रस्ताव के आलोक में कुल 47 प्रस्तावों पर मंत्रिपरिषद की स्वीकृति प्राप्त कर राज्यादेश निर्गत कर अधियाची विभाग को लगभग 2271 एकड़ भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई की गई.</p>



<p>वर्ष 2023-24 में लगभग 1311 एकड़ तथा वर्ष 2024-25 में 960 एकड़ भूमि का हस्तांतरण किया गया है- महत्वपूर्ण परियोजनाएं :</p>



<blockquote class="wp-block-quote is-layout-flow wp-block-quote-is-layout-flow">
<p>गांधी मैदान में मेट्रो रेल स्टेशन के विकास के लिए जमीन नगर विकास एवं आवास को उपलब्ध कराई गई। दानापुर बिहटा एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण हेतु जमीन एनएचएआई को निःशुल्क उपलब्ध कराई गई. पटना एयरपोर्ट पर पीटीटी निर्माण हेतु जमीन भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को निःशुल्क उपलब्ध कराई गई.</p>



<p>भू अधिग्रहणः भू अर्जन निदेशालय, बिहार, पटना के द्वारा RFCTLARR Act 2013, एनएच एक्ट, रेलवे एक्ट एवं पीएम पैकेज से संबंधित महत्वपूर्ण परियोजनाओं के निमित्त भू अधिग्रहण की कार्रवाई की गई है. केंद्र/राज्य सरकार से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं में भू अर्जन की कार्रवाई की गयी है, जो निम्नवत है:-</p>
</blockquote>



<blockquote class="wp-block-quote is-layout-flow wp-block-quote-is-layout-flow">
<p>सारण जिले के परसा बाईपास, गरखा बाईपास एवं अमनौर बाईपास के लिए कुल 167 एकड़ जमीन अधिगृहित </p>
</blockquote>



<blockquote class="wp-block-quote is-layout-flow wp-block-quote-is-layout-flow">
<p>सीतामढ़ी में रातोनदी बाढ़ प्रबंधन के लिए 209 एकड़ भूमि काअधिग्रहण</p>



<p>लखीसराय जिले के हरोहरनदी के बायातटपरबालगुदर घाट-बाढ़-सरमेरा रोड तक 74 किमी की लंबाई में एन्टी फ्लडस्लूइसगेट के साथ तटबंध निर्माण के लिए 550 एकड़ भूमि का अधिग्रहण</p>



<p>सीतामढ़ी शिवहर नई रेललाइन हेतु 400 एकड़ भूमि का अधिग्रहण</p>



<p>गोड्डा पीरपैंती रेललाइन के लिए 100 एकड़ भूमि का अधिग्रहण</p>



<p>बरौनी बछवाड़ा फोर लेनिंग के लिए 236 एकड़ भूमि का अधिग्रहण.</p>
</blockquote>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अब नहीं परेशान करेगी &#8216;कैथी&#8217;, जमीन के सारे रहस्य खोलेगी ये मैजिक बुक</title>
		<link>https://www.patnanow.com/kaithi-book-published/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 05 Dec 2024 12:11:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar bhumi sudhar]]></category>
		<category><![CDATA[Kaithi lipi]]></category>
		<category><![CDATA[Land reforms]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=87982</guid>

					<description><![CDATA[पटना।। भूमि के पुराने रिकॉर्ड्स में बड़ी बाधा बन रही कैथी लिपि को लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बड़ी पहल की है. बिहार में विगत सर्वे खतियान एवं अनेक पुराने दस्तावेजों के कैथी लिपि में लिखे रहने के कारण विशेष सर्वेक्षण प्रक्रिया में आम रैयतों के साथ-साथ सर्वे कर्मियों को भी अनेक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था. इन समस्याओं को देखते हुए राजस्व विभाग द्वारा कैथी लिपि से संबंधित एक पुस्तिका प्रकाशित करने का निर्णय लिया. पुराने कैथी में लिखित दस्तावेजों को हिंदी लिपि में रूपांतरित करने के लिए लोग निजी व्यक्तियों या पुराने सरकारी कर्मियों का सहारा लेते थे एवं इसके लिए कभी कभी उनसे अनावश्यक राशि की वसूली भी कर ली जाती थी. अधिकांश लोगों ने इस संबंध में विभाग और क्षेत्रीय कार्यालयों में अपनी समस्याएं रखी थीं. इसी के आलोक में विभाग ने इस पुस्तिका के प्रकाशन का निर्णय लिया. यह पुस्तिका विभागीय वेबसाइट पर भी उपलब्ध है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल ने अपने कार्यालय कक्ष में कैथी लिपि पर लिखी गई इस पुस्तिका का अनावरण किया. इस अवसर पर विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह, सचिव जय सिंह, भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशक जे प्रियदर्शिनी उपस्थित थीं. इस पुस्तिका की मदद से आम रैयत भी इस लिपि के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकता है और अपने राजस्व दस्तावेजों का अवलोकन कर सकता है. इस कार्य के लिए बनारस हिंदू विश्व विद्यालय के शोध छात्र श्री प्रीतम कुमार की सेवाएं ली गईं. विभाग द्वारा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना।। भूमि के पुराने रिकॉर्ड्स में बड़ी बाधा बन रही कैथी लिपि को लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बड़ी पहल की है. बिहार में विगत सर्वे खतियान एवं अनेक पुराने दस्तावेजों के कैथी लिपि में लिखे रहने के कारण विशेष सर्वेक्षण प्रक्रिया में आम रैयतों के साथ-साथ सर्वे कर्मियों को भी अनेक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था. इन समस्याओं को देखते हुए राजस्व विभाग द्वारा कैथी लिपि से संबंधित एक पुस्तिका प्रकाशित करने का निर्णय लिया. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="528" height="608" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1000225248.jpg" alt="" class="wp-image-87988"/></figure>



<p>पुराने कैथी में लिखित दस्तावेजों को हिंदी लिपि में रूपांतरित करने के लिए लोग निजी व्यक्तियों या पुराने सरकारी कर्मियों का सहारा लेते थे एवं इसके लिए कभी कभी उनसे अनावश्यक राशि की वसूली भी कर ली जाती थी. अधिकांश लोगों ने इस संबंध में विभाग और क्षेत्रीय कार्यालयों में अपनी समस्याएं रखी थीं. इसी के आलोक में विभाग ने इस पुस्तिका के प्रकाशन का निर्णय लिया. यह पुस्तिका विभागीय वेबसाइट पर भी उपलब्ध है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-revenue-department-kaithi-lipi-book-release-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-87986" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-revenue-department-kaithi-lipi-book-release-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-revenue-department-kaithi-lipi-book-release-650x434.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-revenue-department-kaithi-lipi-book-release-1536x1025.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-revenue-department-kaithi-lipi-book-release-2048x1367.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल ने अपने कार्यालय कक्ष में कैथी लिपि पर लिखी गई इस पुस्तिका का अनावरण किया. इस अवसर पर विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह, सचिव जय सिंह, भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशक जे प्रियदर्शिनी उपस्थित थीं. इस पुस्तिका की मदद से आम रैयत भी इस लिपि के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकता है और अपने राजस्व दस्तावेजों का अवलोकन कर सकता है. इस कार्य के लिए बनारस हिंदू विश्व विद्यालय के शोध छात्र श्री प्रीतम कुमार की सेवाएं ली गईं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="913" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-kaithi-lipi-book-release-by-mantri-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-87985" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-kaithi-lipi-book-release-by-mantri-scaled.jpg 913w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-kaithi-lipi-book-release-by-mantri-579x650.jpg 579w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-kaithi-lipi-book-release-by-mantri-1369x1536.jpg 1369w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-kaithi-lipi-book-release-by-mantri-1826x2048.jpg 1826w" sizes="auto, (max-width: 913px) 100vw, 913px" /></figure>



<p>विभाग द्वारा तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 7 जिलों यथाः- पश्चिम चंपारण, दरभंगा, समस्तीपुर, सीवान, सारण, मुंगेर एवं जमुई के बंदोबस्त कार्यालयों में पदस्थापित विशेष सर्वेक्षण कर्मियों को दिया जा चुका है. विभाग द्वारा राज्य के अन्य सभी जिलों में भी प्रशिक्षण देने का कार्यक्रम तैयार कर लिया गया है. विभाग द्वारा उठाए गए इस कदम से राज्य के सभी वैसे रैयत लाभान्वित होंगे जिनके पास भू- स्वामित्व से संबंधित पुराने दस्तावेज कैथी लिपि में लिखे हुए हैं और उसके आधार पर ही उनकी भूमि के स्वामित्व का निर्धारण वर्तमान सर्वे की प्रक्रिया में किया जाना है.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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