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	<title>bihar agriculture &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>100 हेक्टेयर में होगी औषधीय पौधों की खेती: एलोवेरा, अश्वगंधा, ब्राह्मी और शतावरी के लिए मिलेगा अनुदान</title>
		<link>https://www.patnanow.com/medicinal-plants-cultivation/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RAJESH tiwari]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 20 Sep 2026 15:20:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Aloevera]]></category>
		<category><![CDATA[bihar agriculture]]></category>
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		<category><![CDATA[Medicinal plants]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना, 20 सितंबर 2026। बिहार में फसल विविधीकरण और किसानों की आय के नए अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्र प्रायोजित एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा. इसके तहत राज्य में कुल 100 हेक्टेयर क्षेत्र में एलोवेरा, अश्वगंधा, ब्राह्मी एवं शतावरी की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार कृषि को अधिक विविध और किसानों के लिए लाभकारी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है. औषधीय पौधों की खेती किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध करा सकती है. ₹36 लाख का प्रावधानवित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए औषधीय पौधों के क्षेत्र विस्तार हेतु 36 लाख रुपये की वित्तीय राशि का प्रावधान किया गया है. योजना के अंतर्गत किसानों को ₹36,000 प्रति हेक्टेयर अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा. क्लस्टर आधारित खेती को बढ़ावाऔषधीय पौधों की खेती के लिए क्लस्टर आधारित क्षेत्रों का चयन किया जाएगा. एलोवेरा, अश्वगंधा एवं ब्राह्मी के लिए 5 हेक्टेयर प्रति राजस्व ग्राम/क्लस्टर तथा शतावरी के लिए 4 हेक्टेयर प्रति राजस्व ग्राम/क्लस्टर क्षेत्र चिन्हित किया जाएगा.कृषि मंत्री ने कहा कि क्लस्टर आधारित खेती से किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, उत्पादन संबंधी जानकारी और विपणन गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. चयनित क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से औषधीय पौधों की खेती का विस्तार किया जाएगा. RK]]></description>
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<p>पटना, 20 सितंबर 2026। बिहार में फसल विविधीकरण और किसानों की आय के नए अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्र प्रायोजित एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा. इसके तहत राज्य में कुल 100 हेक्टेयर क्षेत्र में एलोवेरा, अश्वगंधा, ब्राह्मी एवं शतावरी की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.<br>कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार कृषि को अधिक विविध और किसानों के लिए लाभकारी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है. औषधीय पौधों की खेती किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध करा सकती है.</p>



<p><strong>₹36 लाख का प्रावधान</strong><br>वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए औषधीय पौधों के क्षेत्र विस्तार हेतु 36 लाख रुपये की वित्तीय राशि का प्रावधान किया गया है. योजना के अंतर्गत किसानों को ₹36,000 प्रति हेक्टेयर अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="579" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-vijay-sinha-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99180" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-vijay-sinha-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-vijay-sinha-650x368.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>क्लस्टर आधारित खेती को बढ़ावा</strong><br>औषधीय पौधों की खेती के लिए क्लस्टर आधारित क्षेत्रों का चयन किया जाएगा. एलोवेरा, अश्वगंधा एवं ब्राह्मी के लिए 5 हेक्टेयर प्रति राजस्व ग्राम/क्लस्टर तथा शतावरी के लिए 4 हेक्टेयर प्रति राजस्व ग्राम/क्लस्टर क्षेत्र चिन्हित किया जाएगा.<br>कृषि मंत्री ने कहा कि क्लस्टर आधारित खेती से किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, उत्पादन संबंधी जानकारी और विपणन गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. चयनित क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से औषधीय पौधों की खेती का विस्तार किया जाएगा.</p>



<p><strong><em>RK</em></strong></p>
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		<title>धान में बिचड़ा रोग से किसान परेशान, कृषि मंत्री ने जारी किए निर्देश</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bihar-farmers-need-help/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 15 Jul 2018 18:31:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[bihar agriculture]]></category>
		<category><![CDATA[dhaan\]]></category>
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		<category><![CDATA[धान]]></category>
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					<description><![CDATA[कृषि मंत्री डॉ प्रेम कुमार ने कहा है कि राज्य के कई हिस्सों से धान के बिचड़ा में रोग लगने की सूचना प्राप्त हो रही है. जानकारी के अनुसार इस रोग में धान के बिचड़े की पत्तियों के शीर्ष एवं किनारे सूख जाते हैं अथवा पीला दिखने लगते हैं. चूँकि कहीं-कहीं बीज स्थली में बिचड़े अभी छोटे हैं, इसलिए दूर से प्रभावित खेत सूखा दिखायी दे सकता है. यह एक रोग है, जो अधिक तापमान एवं आर्द्रता में वृद्धि होने के कारण अधिक प्रभावी होता है. कृषि मंत्री ने पौधा संरक्षण संभाग के सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया  है कि इस तरह के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करें एवं किसान भाइयों एवं बहनों को अविलम्ब इसके नियंत्रण का उपाय बताएँ. उन्होंने पौधा संरक्षण संभाग के पदाधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का सतत् निगरानी करते रहने का भी निदेश दिया है. उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी फसलों पर इसका प्रकोप हो तो उसका अविलम्ब इसके प्रबंधन के उपाय युद्ध स्तर पर किया जाये. डॉ कुमार ने राज्य के किसानों से अपील की है कि अगर खरीफ फसलों पर किसी तरह के कीट एवं बीमारियों के लगने की आशंका हो तो तुरन्त इसके निदान के लिए अपने नजदीक के पौधा संरक्षण पदाधिकारी, कृषि समन्वयक अथवा कृषि पदाधिकारी से संपर्क करें.]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>कृषि मंत्री डॉ प्रेम कुमार ने कहा है कि राज्य के कई हिस्सों से धान के बिचड़ा में रोग लगने की सूचना प्राप्त हो रही है. जानकारी के अनुसार इस रोग में धान के बिचड़े की पत्तियों के शीर्ष एवं किनारे सूख जाते हैं अथवा पीला दिखने लगते हैं. चूँकि कहीं-कहीं बीज स्थली में बिचड़े अभी छोटे हैं, इसलिए दूर से प्रभावित खेत सूखा दिखायी दे सकता है. यह एक रोग है, जो अधिक तापमान एवं आर्द्रता में वृद्धि होने के कारण अधिक प्रभावी होता है.</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone wp-image-34720 size-full" src="http://www.patnanow.com/assets/2018/07/pnc-prem-kumar.jpg" alt="" width="650" height="403" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2018/07/pnc-prem-kumar.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2018/07/pnc-prem-kumar-350x217.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p>कृषि मंत्री ने पौधा संरक्षण संभाग के सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया  है कि इस तरह के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करें एवं किसान भाइयों एवं बहनों को अविलम्ब इसके नियंत्रण का उपाय बताएँ. उन्होंने पौधा संरक्षण संभाग के पदाधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का सतत् निगरानी करते रहने का भी निदेश दिया है. उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी फसलों पर इसका प्रकोप हो तो उसका अविलम्ब इसके प्रबंधन के उपाय युद्ध स्तर पर किया जाये.<br />
डॉ कुमार ने राज्य के किसानों से अपील की है कि अगर खरीफ फसलों पर किसी तरह के कीट एवं बीमारियों के लगने की आशंका हो तो तुरन्त इसके निदान के लिए अपने नजदीक के पौधा संरक्षण पदाधिकारी, कृषि समन्वयक अथवा कृषि पदाधिकारी से संपर्क करें.</p>
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