<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>BIA &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<atom:link href="https://www.patnanow.com/tag/bia/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<description>Patna News Portal - हर ख़बर पर नज़र</description>
	<lastBuildDate>Tue, 19 Aug 2025 13:21:28 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.7.3</generator>

<image>
	<url>https://www.patnanow.com/assets/2022/08/cropped-PatnaNow_Logo_2022-32x32.png</url>
	<title>BIA &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>बंद उद्योगों को मिलेगा दोबारा शुरू करने का मौका</title>
		<link>https://www.patnanow.com/biada-amnesty-policy/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 19 Aug 2025 13:11:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[bcci]]></category>
		<category><![CDATA[BIA]]></category>
		<category><![CDATA[Biada]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar industries]]></category>
		<category><![CDATA[Industry]]></category>
		<category><![CDATA[Udyog]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=91477</guid>

					<description><![CDATA[पटना, 19 अगस्त।। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) ने बियाडा एमनेस्टी नीति 2025 जारी की है. इस नीति का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक भूखंडों पर चल रही मुकदमेबाजी को कम करना और मुकदमेबाजी पर खर्च हो रहे पैसे और समय को बचाना है. इसके साथ ही वैसी इकाइयां जो काफी समय से बंद या खाली पड़ी हैं, उनकी औद्योगिक भूमि को फिर से उद्योग के काम में लाना है. इससे बंद पड़ी उद्योगों को दोबारा शुरू करने का मौका दिया जाएगा. यह नीति 31 दिसंबर 2025 तक लागू होगी. सरल शब्दों में कहा जाए तो बियाडा एमनेस्टी पॉलिसी 2025 उन उद्योगों को मौका देती है जिनका आवंटन विवादों या काम न होने की वजह से अटक गया है. इस नीति से वे अपनी समस्याओं को सुलझाकर दोबारा उद्योग चला सकते हैं, जिससे बिहार में औद्योगीकरण और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा. बिहार में उद्योग से जुड़ी मुकदमेबाजी लगातार बढ़ रही है. इससे उद्योग लगाने में परेशानी होती है, इसलिए यह नीति एक समाधान के रूप में लाई गई है. इसके तहत जो इकाइयां इस नीति का लाभ लेना चाहती हैं, वे स्वेच्छा से आगे आ सकती हैं. उनसे उम्मीद की जाती है कि वे उद्योग शुरू करने या आगे बढ़ाने के लिए कदम उठाएं. इससे औद्योगिक विकास होगा और लोगों के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बनेंगे. पिछले कुछ सालों में बियाडा ने देखा कि कई औद्योगिक इकाइयां या तो बिल्कुल काम नहीं कर रही थीं, या बहुत कम उत्पादन कर रही थीं. इस पर बियाडा ने इन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<ul class="wp-block-list">
<li><strong>बियाडा ने जारी की एमनेस्टी नीति</strong></li>



<li><strong>31 दिसंबर 2025 तक लागू</strong></li>
</ul>



<p>पटना, 19 अगस्त।। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) ने बियाडा एमनेस्टी नीति 2025 जारी की है. इस नीति का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक भूखंडों पर चल रही मुकदमेबाजी को कम करना और मुकदमेबाजी पर खर्च हो रहे पैसे और समय को बचाना है. इसके साथ ही वैसी इकाइयां जो काफी समय से बंद या खाली पड़ी हैं, उनकी औद्योगिक भूमि को फिर से उद्योग के काम में लाना है. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="640" height="360" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/03/biada.png" alt="" class="wp-image-59835" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/03/biada.png 640w, https://www.patnanow.com/assets/2022/03/biada-350x197.png 350w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></figure>



<p>इससे बंद पड़ी उद्योगों को दोबारा शुरू करने का मौका दिया जाएगा. यह नीति 31 दिसंबर 2025 तक लागू होगी. सरल शब्दों में कहा जाए तो बियाडा एमनेस्टी पॉलिसी 2025 उन उद्योगों को मौका देती है जिनका आवंटन विवादों या काम न होने की वजह से अटक गया है. इस नीति से वे अपनी समस्याओं को सुलझाकर दोबारा उद्योग चला सकते हैं, जिससे बिहार में औद्योगीकरण और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="984" height="620" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/pnc-factory-industry-production.jpg" alt="" class="wp-image-91460" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/pnc-factory-industry-production.jpg 984w, https://www.patnanow.com/assets/2025/08/pnc-factory-industry-production-650x410.jpg 650w" sizes="(max-width: 984px) 100vw, 984px" /></figure>



<p>बिहार में उद्योग से जुड़ी मुकदमेबाजी लगातार बढ़ रही है. इससे उद्योग लगाने में परेशानी होती है, इसलिए यह नीति एक समाधान के रूप में लाई गई है. इसके तहत जो इकाइयां इस नीति का लाभ लेना चाहती हैं, वे स्वेच्छा से आगे आ सकती हैं. उनसे उम्मीद की जाती है कि वे उद्योग शुरू करने या आगे बढ़ाने के लिए कदम उठाएं. इससे औद्योगिक विकास होगा और लोगों के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बनेंगे.</p>



<p>पिछले कुछ सालों में बियाडा ने देखा कि कई औद्योगिक इकाइयां या तो बिल्कुल काम नहीं कर रही थीं, या बहुत कम उत्पादन कर रही थीं. इस पर बियाडा ने इन इकाइयों का निरीक्षण किया और नोटिस जारी किए. कारण बताओ नोटिस प्राप्त होने या कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर विभिन्न इकाइयों का आवंटन रद्द कर दिया गया. इसके परिणामस्वरूप कई शिकायतें दर्ज की गईं.</p>



<p>संपूर्ण तथ्यों पर विचार करने और इस बात पर विचार करने के बाद कि बहुत अधिक मुकदमेबाजी हुई है, इस पर विचार किया गया कि एक नीति बनाई जाए जिसके तहत रद्द की गई इकाइयों को उद्योग स्थापित करने और एक निश्चित समयावधि के भीतर परीक्षण के अधीन अथवा वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने के लिए माफी दी जाएगी जो निर्धारित शपथ पत्र, प्रशासनिक प्रभार, लागू शुल्क और बैंक गारंटी प्रस्तुत करने पर निर्भर करेगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="432" src="https://www.patnanow.com/assets/2017/10/PNC-3BIA-PRESIDENT-KPS-KESHRI-KA-PRESS-CONFRENCE-650x432.jpg" alt="" class="wp-image-24168" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/10/PNC-3BIA-PRESIDENT-KPS-KESHRI-KA-PRESS-CONFRENCE.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/10/PNC-3BIA-PRESIDENT-KPS-KESHRI-KA-PRESS-CONFRENCE-225x150.jpg 225w, https://www.patnanow.com/assets/2017/10/PNC-3BIA-PRESIDENT-KPS-KESHRI-KA-PRESS-CONFRENCE-350x233.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption class="wp-element-caption">BIA PRESIDENT KPS KESHRI (File)</figcaption></figure>



<p><strong>बीआईए ने बियाडा एमनेस्टी पॉलिसी 2025 का किया स्वागत</strong></p>



<p>पटना, 19 अगस्त। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) की ओर से जारी की गई एमनेस्टी पॉलिसी – 2025 का बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (बीआईए) ने स्वागत किया है.<br>एसोसिएशन के अध्यक्ष केपीएस केशरी ने कहा कि बीआईए सरकार से यह मांग करता रहा है कि जिन औद्योगिक इकाइयों का संचालन किसी परिस्थिति के कारण बंद हो गया था और जिनका भू-आवंटन बियाडा ने रद्द कर दिया, लेकिन इकाई प्रबंधन उन्हें फिर से शुरू करने का इच्छुक है, उन्हें एक और अवसर मिलना चाहिए. मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में राज्य के औद्योगिक विकास के संबंध में बंद पड़े उद्योगों को अपना उद्योग शुरू करने के लिए दोबारा मौका दिए जाने की घोषणा की थी. उसी घोषणा के अनुपालन में बियाडा ने अब एमनेस्टी पॉलिसी 2025 अधिसूचित कर दी है.</p>



<p>नीति के अनुसार, उन सभी इकाइयों जिनका भूखंड किसी तीसरे पक्ष को आवंटित ना हुआ हो और भू आवंटन रद्द कर दिया गया है, को मौका दिया जाएगा.केपीएस केशरी ने कहा कि यह कदम निश्चित रूप से बंद पड़े उद्योगों को पुनर्जीवित करने में मदद करेगा और बिहार में औद्योगिकरण को गति देगा. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जिन भूखंडों का आवंटन पहले ही किसी तीसरे पक्ष को हो चुका है, उन्हें उसी औद्योगिक क्षेत्र में अन्य उपयुक्त भूखंड देकर या किसी और तरीके से भरपाई की जाए.</p>



<p>बीआईए अध्यक्ष ने यह भी बताया कि संगठन ने इस नीति को लेकर कई व्यवहारिक सुझाव दिए थे, जिनमें से अधिकांश को पॉलिसी में शामिल किया गया है. हालांकि बैंक गारंटी की शर्त पर उनकी सहमति नहीं थी, लेकिन उनका मानना है कि यह प्रावधान उन उद्यमियों के लिए है जो वास्तव में अपने प्रोजेक्ट के प्रति गंभीर रुचि रखते हैं.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बच्चों को मिली उद्योग औऱ उद्यम के बारे में जानकारी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bia-event-for-students/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 14 Oct 2018 05:22:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[MONEY MATTERS]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[BIA]]></category>
		<category><![CDATA[essay competition]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=36410</guid>

					<description><![CDATA[बिहार इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन ने स्कूल स्तर पर शिक्षाग्रहण कर रहे छात्रों के चिन्तन में उद्योग तथा उद्यमिता के सम्बन्ध में जानकारी देने के उद्देश्य से स्कूल स्तर के बच्चों के बीच एक निबंध प्रतियोगिता-सह- oration कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें विभिन्न विद्यालयों से बच्चों से &#8220;Employment Generation through Building of Enterprise&#8221;  विषय पर निबंध लिखवाकर तथा तीन सबसे अच्छे निबंध को एसोसिएशन में भेजने का अनुरोध किया गया. इस प्रयास में 36 विद्यालयों ने बच्चों द्वारा लिखे गये निबंध को प्रेषित किया. प्राप्त सभी निबंधों एक Panel of Judges के समक्ष रखा गया, जिन्होंने सभी निबंध को scrutiny किया. पहले चरण में दिनांक 29-9-2018 को वैसे बच्चों के निबंध पर अपना oration present करने के लिए बुलाया गया जिनका निबंध तुलनात्मक रूप में सामान्य दर्जे का था. शनिवार को final round का Oration आयोजित किया गया जिसमें 31 स्कूल के कुल 73 बच्चों को आमंत्रित किया गया था, जिसमें से 62 बच्चों ने oration programme में भाग लिया. प्रत्येक बच्चे को 3 मिनट के निर्धारित समय में दिये गये विषय पर अपने विचार को jury member के सामने रखने का समय दिया गया. Jury member के रूप में आर्यभट्ट नॉलेज युनिभरसिटी के प्रति कुलपति प्रो. सैयद मोहम्मद करीम, पटना दूरदर्शन केन्द्र की Programme Head डॉ रत्ना पुरकायस्थ, प्रशासनिक सेवा के एक वरीय सेवा निवृत प्रशासक ए. एम. प्रसाद थे. दिनांक 29-9-2018 को आयोजित ओरेशन में से 6 बच्चों के निबंध एवं उनके द्वारा दिये गये ओरेशन के आधार पर फाइनल राउण्ड के ओरेशन में एक बार पुनः उन्हें आज के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>बिहार इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन ने स्कूल स्तर पर शिक्षाग्रहण कर रहे छात्रों के चिन्तन में उद्योग तथा उद्यमिता के सम्बन्ध में जानकारी देने के उद्देश्य से स्कूल स्तर के बच्चों के बीच एक निबंध प्रतियोगिता-सह- oration कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें विभिन्न विद्यालयों से बच्चों से &#8220;Employment Generation through Building of Enterprise&#8221;  विषय पर निबंध लिखवाकर तथा तीन सबसे अच्छे निबंध को एसोसिएशन में भेजने का अनुरोध किया गया.</p>
<p>इस प्रयास में 36 विद्यालयों ने बच्चों द्वारा लिखे गये निबंध को प्रेषित किया. प्राप्त सभी निबंधों एक Panel of Judges के समक्ष रखा गया, जिन्होंने सभी निबंध को scrutiny किया. पहले चरण में दिनांक 29-9-2018 को वैसे बच्चों के निबंध पर अपना oration present करने के लिए बुलाया गया जिनका निबंध तुलनात्मक रूप में सामान्य दर्जे का था.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-36411 size-large" src="https://www.patnanow.com/assets/2018/10/PNC-BIA-ESSAY-COMPETITION-1-650x488.jpg" alt="" width="650" height="488" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2018/10/PNC-BIA-ESSAY-COMPETITION-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2018/10/PNC-BIA-ESSAY-COMPETITION-1-350x263.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p>शनिवार को final round का Oration आयोजित किया गया जिसमें 31 स्कूल के कुल 73 बच्चों को आमंत्रित किया गया था, जिसमें से 62 बच्चों ने oration programme में भाग लिया. प्रत्येक बच्चे को 3 मिनट के निर्धारित समय में दिये गये विषय पर अपने विचार को jury member के सामने रखने का समय दिया गया. Jury member के रूप में आर्यभट्ट नॉलेज युनिभरसिटी के प्रति कुलपति प्रो. सैयद मोहम्मद करीम, पटना दूरदर्शन केन्द्र की Programme Head डॉ रत्ना पुरकायस्थ, प्रशासनिक सेवा के एक वरीय सेवा निवृत प्रशासक ए. एम. प्रसाद थे. दिनांक 29-9-2018 को आयोजित ओरेशन में से 6 बच्चों के निबंध एवं उनके द्वारा दिये गये ओरेशन के आधार पर फाइनल राउण्ड के ओरेशन में एक बार पुनः उन्हें आज के ओरेशन में भाग लेने का अवसर प्रदान किया गया.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-36412 size-large" src="https://www.patnanow.com/assets/2018/10/PNC-BIA-ESSAY-COMPETITION-2-650x488.jpg" alt="" width="650" height="488" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2018/10/PNC-BIA-ESSAY-COMPETITION-2.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2018/10/PNC-BIA-ESSAY-COMPETITION-2-350x263.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p>बच्चों के द्वारा तैयार किये गये निबंध एवं उनके द्वारा आज दिये गये ओरेशन दोनों के आधार पर विजेता की घोषणा की गयी जो इस प्रकार है :-</p>
<ol>
<li>निशांत कुमार, संत कैरेंस हाई स्कूल प्रथम स्थान</li>
<li>हिमांशु रंजन, ज्ञान निकेतन स्कूल  द्वितीय स्थान</li>
<li>आयुषी प्रिया, दिल्ली पब्लिक स्कूल तृतिय स्थान</li>
</ol>
<p>इसके अतिरिक्त निम्नलिखित तीन प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए जाने हेतु चयन किया गया.</p>
<ol>
<li>शालिनी प्रीत, कृष्णा निकेतन</li>
<li>नेहा वर्मा, नॉट्रेडेम स्कूल</li>
<li>सानिध्या सिन्हा डीएवी पब्लिक स्कूल</li>
</ol>
<p>प्रथम स्थान पाने वाले छात्र को 10,000/- रूपये का नगद पुरस्कार प्रदान किया जायेगा जबकि द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र / छात्रों को क्रमशः 5,000/- रूपया तथा 3,000/- रूपया का नगद पुरस्कार दिया जायेगा. लेकिन सभी प्रतिभागियों को प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रमाण-पत्र प्रदान किया जायेगा.</p>
<p>विजेता छात्र/ छात्राओं को घोषित पुरस्कार अलग से आयोजित होने वाले कार्यक्रम में प्रदान किया जायेगा जिसकी घोषणा कार्यक्रम निर्धारित होने के बाद की जायेगी.</p>
<p>कार्यक्रम के प्रारम्भ में एसोसिएशन के अध्यक्ष केपीएस केशरी जुरी मेम्बर तथा सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा इस कार्यक्रम के आयोजन के पीछे क्या चिन्तन है, इसे भी विस्तृत रूप में बताया. कार्यक्रम में अध्यक्ष के अतिरिक्त महासचिव अरविन्द कुमार सिंह तथा अनेक पूर्व ऑफिस बियरर एवं वरीय सदस्यगण मौजूद रहे.</p>
<p>निखिल के डी वर्मा</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बिहार के उद्यमियों की मांगों पर विचार करे जीएसटी काउंसिल</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bia-demands-from-gst-council/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 31 Jul 2018 16:54:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[MONEY MATTERS]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[BIA]]></category>
		<category><![CDATA[GST]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://www.patnanow.com/?p=35145</guid>

					<description><![CDATA[जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक 4 अगस्त को होने वाली है. इसे लेकर बिहार इंटस्ट्रीज एसोसिएशन ने अपनी कुछ महत्वपूर्ण मांगें काउंसिल के सामने रखी हैं. बीआईए के सचिव अनिल कुमार सिन्हा ने बताया कि जीएसटी काउंसिल के समक्ष ज्ञापन सौंपा गया है. प्रमुख मांगें- (1) विलम्ब -शुल्क में छूट :- एसोसिएशन का मानना है कि जीएसटी कर व्यवस्था देश में सबों के लिए एक नई कर व्यवस्था है। जिसके प्रावधानों तथा प्रक्रिया से अभी तक बड़ी संख्या में करदाता वाकिफ नहीं है जिसके कारण वे सही समय पर रिटर्न आदि दाखील नहीं कर पा रहे हैं. कानून के प्रावधान के अनुसार उनपर विलम्ब -शुल्क आरोपित किया गया है. एसोसिएशन ने जीएसटी काउंसिल से यह अनुरोध किया है कि जून 2018 तक भरे जाने वाले त्रैमासिक टैक्स तथा रिटर्न टैक्स यदि नहीं जमा किया है तो उसपर लगाये गये विलम्ब शुल्क को एक बार माफ किया जाय. (2) कर भुगतान तथा विलम्ब के कारण लगने वाला सूद-  वर्तमान जीएसटी कानून के प्रावधान के अंतर्गत यदि कोई टैक्स का भुगतान करता है लेकिन उस टैक्स का मिनहा अपने टैक्स देनदारी से नहीं करता तो उसको विलम्ब के रूप में देखा जाता है तथा उसपर सूद आरोपित किया जाता है. जबकि टैक्स देनदारी से होने वाली मिनहा की गणना भरे जाने वाले रिटर्न के उपरान्त ही हो सकती है. ऐसी परिस्थिति में टैक्स जमा करने वाले पर विलम्ब के रूप में सूद की मांग उचित नहीं है। एसोसिएशन का मानना है कि सूद की गणना का आधार जिस दिन पंजीकृत करदाता ने टैक्स का भुगतान किया हो वह होना चाहिए न कि जिस [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><figure id="attachment_24168" aria-describedby="caption-attachment-24168" style="width: 650px" class="wp-caption alignnone"><img loading="lazy" decoding="async" class="wp-image-24168 size-full" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/10/PNC-3BIA-PRESIDENT-KPS-KESHRI-KA-PRESS-CONFRENCE.jpg" alt="" width="650" height="432" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/10/PNC-3BIA-PRESIDENT-KPS-KESHRI-KA-PRESS-CONFRENCE.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/10/PNC-3BIA-PRESIDENT-KPS-KESHRI-KA-PRESS-CONFRENCE-225x150.jpg 225w, https://www.patnanow.com/assets/2017/10/PNC-3BIA-PRESIDENT-KPS-KESHRI-KA-PRESS-CONFRENCE-350x233.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption id="caption-attachment-24168" class="wp-caption-text">file pic</figcaption></figure></p>
<p>जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक 4 अगस्त को होने वाली है. इसे लेकर बिहार इंटस्ट्रीज एसोसिएशन ने अपनी कुछ महत्वपूर्ण मांगें काउंसिल के सामने रखी हैं. बीआईए के सचिव अनिल कुमार सिन्हा ने बताया कि जीएसटी काउंसिल के समक्ष ज्ञापन सौंपा गया है.</p>
<p>प्रमुख मांगें-</p>
<p>(1) विलम्ब -शुल्क में छूट :- एसोसिएशन का मानना है कि जीएसटी कर व्यवस्था देश में सबों के लिए एक नई कर व्यवस्था है। जिसके प्रावधानों तथा प्रक्रिया से अभी तक बड़ी संख्या में करदाता वाकिफ नहीं है जिसके कारण वे सही समय पर रिटर्न आदि दाखील नहीं कर पा रहे हैं. कानून के प्रावधान के अनुसार उनपर विलम्ब -शुल्क आरोपित किया गया है. एसोसिएशन ने जीएसटी काउंसिल से यह अनुरोध किया है कि जून 2018 तक भरे जाने वाले त्रैमासिक टैक्स तथा रिटर्न टैक्स यदि नहीं जमा किया है तो उसपर लगाये गये विलम्ब शुल्क को एक बार माफ किया जाय.<br />
(2) कर भुगतान तथा विलम्ब के कारण लगने वाला सूद-  वर्तमान जीएसटी कानून के प्रावधान के अंतर्गत यदि कोई टैक्स का भुगतान करता है लेकिन उस टैक्स का मिनहा अपने टैक्स देनदारी से नहीं करता तो उसको विलम्ब के रूप में देखा जाता है तथा उसपर सूद आरोपित किया जाता है. जबकि टैक्स देनदारी से होने वाली मिनहा की गणना भरे जाने वाले रिटर्न के<br />
उपरान्त ही हो सकती है. ऐसी परिस्थिति में टैक्स जमा करने वाले पर विलम्ब के रूप में सूद की मांग उचित नहीं है। एसोसिएशन का मानना है कि सूद की गणना का आधार जिस दिन पंजीकृत करदाता ने टैक्स का भुगतान किया हो वह<br />
होना चाहिए न कि जिस तिथि को टैक्स का मिलान कर मिनहा किया जाता है.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-34431 alignright" src="http://www.patnanow.com/assets/2018/07/pnc-gst-day-350x202.jpg" alt="" width="350" height="202" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2018/07/pnc-gst-day-350x202.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2018/07/pnc-gst-day.jpg 618w" sizes="auto, (max-width: 350px) 100vw, 350px" />(3) रिटर्न :- जीएसटी काउंसिल की दिनांक 21-ं7-ं2018 को हुई बैठक में काउंसिल ने यह निर्णय लिया कि वैसे सभी व्यवसाय करने वाले जिनका टर्न ओवर 5 करोड़ रुपया तक है उनके लिए यह विकल्प दिया जाय कि वे चाहे तो त्रैमासिक आधार पर रिटर्न दाखिल कर सकते हैं. एसोसिएशन की यह मांग है कि टर्न ओवर की 5 करोड़ की सीमा को बढ़ाकर 10 करोड़ किया जाय.<br />
(4) ब्रांड वाले वस्तु पर 5 प्रतिशत जीएसटी भुगतान के कारण लघु एवं मध्यम प्रक्षेत्र के उद्योग को होने वाली परेशानियां :-ं वर्तमान व्यवस्था में ऐसा निर्धारित किया गया है कि सभी प्रकार के खाद्य पदार्थ &#8211; दाल, आटा चाहे उनका निर्माण या बिक्री, लघु एवं मध्यम प्रक्षेत्र के इकाइयों 2 द्वारा किया जा रहा है या वृहद प्रक्षेत्र के उद्योगों द्वारा उनपर 5 प्रतिशत की दर<br />
से जीएसटी लगाया जा रहा है, जबकि खाद्य पदार्थ पर जीएसटी -शून्य प्रतिशत है. इस व्यवस्था के कारण बहुत से उद्योग जो लघु एवं मध्यम प्रक्षेत्र के हैं अपना ब्रांड वापस कर रहे हैं. एसोसिएशन का यह मानना है कि लघु एवं मध्यम प्रक्षेत्र के किसी उद्योग को एक छोटा ब्रांड स्थापित करने में काफी लम्बा वक्त (3-7 वर्ष) लगता है. पुनः उनके द्वारा स्थापित ब्रांड के<br />
उत्पाद बाजार में एक सीमित क्षेत्र में बिकते हैं। इस परिपेक्ष्य में एसोसिएशन का मानना है कि लघु एवं मध्यम प्रक्षेत्र के उद्योगों के मामले में ब्रांड के आधार पर लगने वाले 5 प्रतिशत जीएसटी से तब तक छूट की सुविधा उपलब्ध करायी जाय जब तक की ऐसे उद्योग अपने ब्रांड को स्थापित कर अपने व्यापार का कार्यक्षेत्र कम से कम देश के 3 राज्यों तक विस्तारित नहीं कर लेते हों अथवा विकल्प के रूप में लघु एवं मध्यम प्रक्षेत्र के उद्योगों को 5 वर्षों तक ब्रांड के आधार पर भुगतान करने वाले जिएसटी से विमुक्त किया जाय.<br />
(5) रीयल इस्टेट क्षेत्र से जुड़े सुझाव :- वर्तमान में रीयल इस्टेट व्यवसाय पर जीएसटी का दर 18 प्रतिशत है. रीयल इस्टेट प्रोजेक्ट में जमीन की कीमत काफी ज्यादा होने के कारण सरकार 33 प्रतिशत का एवेटमेंट दे रही है, जो बहुत ही कम है. इस परिपेक्ष्य ने एसोसिएशन ने जीएसटी काउंसिल के समक्ष यह मांग रखी है कि मिलने वाले एवेटमेंट का दर बड़े शहरों<br />
;ज्पमत.प् बपजपमेद्ध के मामले में 75 प्रतिशत हो, मझोले -शहर ;ज्पमत.प्प् बपजपमेद्ध के मामले में 60 प्रतिशत हो तथा छोटे -शहर ;ज्पमत.प्प्प् बपजपमेद्ध के मामले में 50 प्रतिशत हो. अथवा विकल्प के रूप में रीयल इस्टेट व्यवसाय में उपलब्ध करायी गयी इनपुट टैक्स क्रेडिट को हटा कर जीएसटी की दर 5 प्रतिशत किया जाय.<br />
(6) जीएसटी कर व्यवस्था में वर्तमान में उपलब्ध करायी गयी कम्पोजिशन स्कीम को एसएमई के क्षेत्र से जुड़े सेवा क्षेत्र में भी उपलब्ध कराने की वकालात एसोसिएशन ने काउंसिल के समक्ष की है.<br />
(7) वर्तमान में बहुत से ऐसे उद्योग हैं जिनके कच्चे माल पर लगने वाले जीएसटी का दर उनके द्वारा उत्पादित माल पर लगने वाले जीएसटी दर से अधिक है. ऐसी स्थिति में उन उद्योगों को कच्चे माल के खरीद पर लगने वाले जीएसटी का मिनहा अन्तिम रूप से उत्पादित वस्तु के बिक्री पर भुगतान होने वाले जीएसटी से नहीं हो पाता है. यद्यपि बचे हुए कर के वापस किए जाने का प्रावधान है लेकिन इसे वापस पाने की प्रक्रिया जटिल होने के कारण इसका लाभ उद्योगों को नहीं मिल पा रहा है. एसोसिएशन ने इसके मद्देनजर रिफण्ड की प्रक्रिया को सरल बनाने का अनुरोध किया है.<br />
(8) ट्रांस1 फार्म की जांच :- व्यवहार में ट्रांस-ंउचय1 फार्म की जांच के माध्यम से विभाग द्वारा अनेक तरह के अनावश्यक कागजात की मांग के साथ साथ पंजीकृत करदाता को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए भी कहा जा रहा है, जो जीएसटी की मूल भावना के विपरीत है.  इससे इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा मिलता है. एसोसिएशन ने इस बिन्दु को भी काउंसिल के समक्ष अपने ज्ञापन के माध्यम से उठाया है तथा यह सुझाव रखा है कि ट्रांस-1 फार्म की जांच के लिए एक प्रक्रिया निर्धारित की जाय तथा उसे विस्तृत रूप से प्रचारित किया जाय.<br />
(9) माल के आयात एवं भाड़ा पर आरसीएम के अंतर्गत कर प्रावधान :- वर्तमान व्यवस्था में बाहर से माल आयात करने पर, माल की लागत में बीमा मूल्य एवं भाड़ा को जोड़ कर आईजीएसटी लगता है। संशोधित नियम के अनुसार आरसीएम के अंतर्गत माल भाड़ा पर 5 प्रतिशत टैक्स की देयता बनेगी और यदि टैक्स योग्य परिवहन मूल्य उपलब्ध नहीं होगा तथा<br />
सीआइएफ मूल्य के आधार पर माल आयात किया जायेगा तो आइजीएसटी भुगतान के लिए सीआईएफ का 10 प्रतिशत स्वतः गणना स्वरूप लिया जायेगा जो कि उचित एवं तर्क संगत नहीं है. क्योंकि सीआईएफ के अंतर्गत वस्तु के परिवहन मूल्य (भाड़ा) पर कर भुगतान किये जाने के पश्चात पुनः आरसीएम के अंतर्गत कर भुगतान की मांग एक तरह से दोहरा करारोपण है। एसोसिएशन द्वारा इस बिन्दु पर जीएसटी काउंसिल से विचार करने का आग्रह किया है.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-17704 size-full" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/05/pnc-gst.jpg" alt="" width="650" height="350" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/05/pnc-gst.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/05/pnc-gst-350x188.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /><br />
(10) जीएसटीआर-3बी एवं जीएसटीआर 1 का पुनरीक्षण :- अभी प्रत्येक रजिस्टर्ड डीलर (आईएसडी एवं कम्पोजिशन व्यक्ति के अलावा) को जीएसटीआर-1, जीएसटीआर-2 तथा इन पर आधारित जीएसटीआर-3 मासिक आधार पर प्रस्तुत करना है तथा दाखिल रिटर्न में किसी तरह के संशोधन का प्रावधान भी नहीं है। इसमें होने वाले कठिनाइयों के मद्देनजर जीएसटी<br />
काउंसिल द्वारा जीएसटीआर- 3बी लागू किया जो टैक्स की गणना एवं भुगतान हेतु है। जीएसटीआर- 2 एवं जीएसटीआर-3 को निलम्बित रखा गया है. करदाताओं को केवल जीएसटीआर-1 एवं जीएसटीआर-3बी प्रस्तुत करना है. चूंकि जीएसटीआर-3बी केवल टैक्स गणना हेतु है, अतः एसोसिएशन ने सुझाव रखा है कि जीएसटीआर- 3बी में भूल सुधार करने का प्रावधान भी किया जाय. चूंकि जीएसटीआर-2 निलम्बित रहने के कारण जीएसटीआर 1 के आधार पर चालान मिलान नहीं हो रहा है। अतः एसोसिएशन का सुझाव है कि जीएसटीआर 1 में संशोधन करने की अनुमति दी जाय. जबतक जीएसटीआर 2 एवं<br />
जीएसटीआर 3 निलम्बित है तबतक जीएसटीआर 3बी एवं जीएसटीआर 1 में संशोधन का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. अतः इसकी अनुमति दी जानी चाहिए.</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>BIA ने CM को सौंपा 25 लाख का चेक</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bia-donates-in-cm-relief-fund/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amit Verma]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 01 Sep 2017 18:32:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[बाढ़ अपडेट]]></category>
		<category><![CDATA[BIA]]></category>
		<category><![CDATA[CM RELIEF FUND]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://www.patnanow.com/?p=22738</guid>

					<description><![CDATA[बिहार में इस साल बाढ़ से जबरदस्त तबाही हुयी है. बिहार के मुख्यमंत्री ने लोगों से सीएम रिलीफ फंड में दान देने की अपील की है ताकि बाढ़ पीड़ितों की मदद में कोई कमी ना आए. शुक्रवार को राम लाल खेतान की अध्यक्षता में बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के एक 7 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की. BIA ने बिहार में आयी भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए 25 लाख रुपये का एक चेक, जिसमें मुख्य योगदान बिहार स्टील मैन्युफेक्चर्स एसोसिएशन के सदस्यों का था, 1 अणे मार्ग जाकर भेंट किया. प्रतिनिधिमंडल में BIA के अध्यक्ष  राम लाल खेतान के अतिरिक्त उपाध्यक्ष ए.के.पी. सिन्हा, संजय भरतिया, पूर्व अध्यक्ष के.पी.एस. केशरी, पूर्व उपाध्यक्ष सुभाष कुमार पटवारी, सदस्य नवल कनौडिया और बासु सराफ शामिल थे.]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>बिहार में इस साल बाढ़ से जबरदस्त तबाही हुयी है. बिहार के मुख्यमंत्री ने लोगों से सीएम रिलीफ फंड में दान देने की अपील की है ताकि बाढ़ पीड़ितों की मदद में कोई कमी ना आए. शुक्रवार को राम लाल खेतान की अध्यक्षता में बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के एक 7 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की. BIA ने बिहार में आयी भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए 25 लाख रुपये का एक चेक, जिसमें मुख्य योगदान बिहार स्टील मैन्युफेक्चर्स एसोसिएशन के सदस्यों का था, 1 अणे मार्ग जाकर भेंट किया.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-22739" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/09/PNC-BIA-GIVES-25LAKH-CHEQUE-FOR-FLOOD-VICTIMS-TO-Chief-Minister-650x488.jpg" alt="" width="650" height="488" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/09/PNC-BIA-GIVES-25LAKH-CHEQUE-FOR-FLOOD-VICTIMS-TO-Chief-Minister.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/09/PNC-BIA-GIVES-25LAKH-CHEQUE-FOR-FLOOD-VICTIMS-TO-Chief-Minister-350x263.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p>प्रतिनिधिमंडल में BIA के अध्यक्ष  राम लाल खेतान के अतिरिक्त उपाध्यक्ष ए.के.पी. सिन्हा, संजय भरतिया, पूर्व अध्यक्ष के.पी.एस. केशरी, पूर्व उपाध्यक्ष सुभाष कुमार पटवारी, सदस्य नवल कनौडिया और बासु सराफ शामिल थे.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
