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	<title>Bhumi sudhar &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>Bhumi sudhar &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>फरमान: हर महीने चार अंचलों का निरीक्षण करेंगे डीसीएलआर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 14 Aug 2026 14:40:18 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[&#8216;अंचल कार्यालयों की कार्यप्रणाली की होगी गहन समीक्षा&#8217; पटना : नवपदस्थापित 47 भूमि सुधार उप समाहर्ता के पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन के मौके पर राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने अधिकारियों को राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि सभी डीसीएलआर प्रत्येक माह कम-से-कम चार अंचलों का नियमित एवं प्रभावी निरीक्षण करेंगे. मंत्री ने कहा कि अंचल कार्यालयों का निरीक्षण केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए. डीसीएलआर निरीक्षण के दौरान कार्यालय की पूरी कार्यप्रणाली, लंबित मामलों, राजस्व कर्मचारियों, अमीन एवं डेटा एंट्री ऑपरेटरों के कार्यों की गुणवत्ता तथा रिपोर्टिंग की समीक्षा करें. गलत या कमजोर रिपोर्टिंग को गंभीरता से लेते हुए उसके कारणों की पहचान कर सुधार सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारियों की जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनके निर्णय का सीधा प्रभाव आम लोगों के जीवन और संपत्ति पर पड़ता है. इसलिए अधिकारियों को कानून के अनुरूप न्यायपूर्ण, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निर्णय लेना होगा. किसी भी प्रकार के दबाव में आकर गलत निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए. ‘आमजन में विभाग का विश्वास स्थापित करने की जिम्मेवारी आपकी’ विभाग के सचिव जय सिंह ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रति आमजन का विश्वास और मजबूत करने की सबसे बड़ी जिम्मेवारी फील्ड के अधिकारियों की है. उन्होंने कहा कि आम नागरिक के लिए राजस्व कार्यालय और वहां कार्यरत अधिकारी ही सरकार का प्रत्यक्ष चेहरा होते हैं. इसलिए अधिकारी का व्यवहार, निर्णय और कार्यप्रणाली ही [&#8230;]]]></description>
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<p>&#8216;<strong>अंचल कार्यालयों की कार्यप्रणाली की होगी गहन समीक्षा&#8217; </strong></p>



<p>पटना : नवपदस्थापित 47 भूमि सुधार उप समाहर्ता के पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन के मौके पर राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने अधिकारियों को राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि सभी डीसीएलआर प्रत्येक माह कम-से-कम चार अंचलों का नियमित एवं प्रभावी निरीक्षण करेंगे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075296-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98528" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075296-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075296-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075296-1536x1023.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मंत्री ने कहा कि अंचल कार्यालयों का निरीक्षण केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए. डीसीएलआर निरीक्षण के दौरान कार्यालय की पूरी कार्यप्रणाली, लंबित मामलों, राजस्व कर्मचारियों, अमीन एवं डेटा एंट्री ऑपरेटरों के कार्यों की गुणवत्ता तथा रिपोर्टिंग की समीक्षा करें. गलत या कमजोर रिपोर्टिंग को गंभीरता से लेते हुए उसके कारणों की पहचान कर सुधार सुनिश्चित किया जाए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075293-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98532" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075293-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075293-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075293-1536x1023.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारियों की जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनके निर्णय का सीधा प्रभाव आम लोगों के जीवन और संपत्ति पर पड़ता है. इसलिए अधिकारियों को कानून के अनुरूप न्यायपूर्ण, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निर्णय लेना होगा. किसी भी प्रकार के दबाव में आकर गलत निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए.</p>



<p>‘<strong>आमजन में विभाग का विश्वास स्थापित करने की जिम्मेवारी आपकी’</strong></p>



<p>विभाग के सचिव जय सिंह ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रति आमजन का विश्वास और मजबूत करने की सबसे बड़ी जिम्मेवारी फील्ड के अधिकारियों की है. उन्होंने कहा कि आम नागरिक के लिए राजस्व कार्यालय और वहां कार्यरत अधिकारी ही सरकार का प्रत्यक्ष चेहरा होते हैं. इसलिए अधिकारी का व्यवहार, निर्णय और कार्यप्रणाली ही विभाग की छवि तय करती है.<br>उन्होंने कहा कि एक अधिकारी का सही और पारदर्शी निर्णय विभाग के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ा सकता है, जबकि एक गलत या लापरवाहीपूर्ण निर्णय वर्षों में अर्जित विश्वास को प्रभावित कर सकता है. इसलिए प्रत्येक अधिकारी यह सुनिश्चित करे कि आम लोगों को अपने काम के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े और उन्हें निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण सेवा मिले.<br>श्री जय सिंह ने कहा कि अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी को केवल नौकरी या पद के रूप में नहीं, बल्कि जनसेवा और न्याय सुनिश्चित करने के अवसर के रूप में देखना चाहिए.</p>



<p><strong>लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन करना प्राथमिकता</strong></p>



<p>मंत्री डॉ. जायसवाल ने राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि पक्षकारों को सुनने के बाद कानून के अनुरूप स्पष्ट कारणों के साथ निर्णय दिया जाए. विशेष रूप से अंचल अधिकारियों के निर्णय में परिवर्तन करते समय उचित कानूनी आधार और स्पष्ट रीजनिंग जरूरी है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075295-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98534" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075295-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075295-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075295-1536x1023.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उन्होंने सभी राजस्व कार्यों की ऑनलाइन एंट्री उसी दिन सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि डिजिटल माध्यम से कार्य करने से पारदर्शिता बढ़ेगी और आम लोगों का विभाग पर विश्वास मजबूत होगा.<br><strong>निरीक्षण में कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की भी होगी समीक्षा</strong>7<br>डॉ. जायसवाल ने कहा कि डीसीएलआर निरीक्षण के दौरान राजस्व कर्मचारियों और अमीनों की रिपोर्टिंग की गुणवत्ता, कार्यभार, लंबित कार्यों तथा उनके समक्ष आ रही समस्याओं की भी समीक्षा करें. जहां कमी मिले, वहां केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन भी दिया जाए.<br>उन्होंने कहा कि राजस्व प्रशासन एक पूरी व्यवस्था है और प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी का ईमानदारी से निर्वहन जरूरी है. किसी एक स्तर की लापरवाही का असर पूरी व्यवस्था पर पड़ता है. विभाग मानव संसाधन की कमी दूर करने तथा कर्मचारियों, डेटा एंट्री ऑपरेटरों एवं अन्य स्तरों की समस्याओं के समाधान के लिए भी काम कर रहा है. मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तकनीकी या प्रशासनिक कठिनाई होने पर विभागीय विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन लें, लेकिन कानून और प्रक्रिया के विपरीत किसी भी प्रकार का निर्णय न लें. उन्होंने कहा कि राजस्व प्रशासन में लोगों को खुश करना नहीं, बल्कि कानून और न्याय के अनुरूप निर्णय देना ही अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075294-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98536" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075294-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075294-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075294-1536x1023.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस मौके पर राजस्व (सर्वे)प्रशिक्षण संस्थान, शास्त्रीनगर, पटना के प्राचार्य दिव्य राज गणेश, सहायक निदेशक सुबोध कुमार, चकबंदी निदेशालय के उप निदेशक राजेश कुमार सिंह, विजय कुमार राय, पल्लवी समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<item>
		<title>पटना से शुरू हो रहा जिलों की समीक्षा का दूसरा चरण, 13 जुलाई को होगी पहली बैठक</title>
		<link>https://www.patnanow.com/revenue-department-review/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 12 Jul 2026 14:51:18 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की समीक्षा बैठक पटना।। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जिलों की समीक्षा के दूसरे चरण की शुरुआत करने का निर्णय लिया है. दूसरे चरण की पहली समीक्षा बैठक 13 जुलाई को पटना जिले से होगी. इस बैठक में पटना जिले के सभी अंचल अधिकारी एवं राजस्व अधिकारी शामिल होंगे. बैठक में राजस्व संबंधी महत्वपूर्ण मामलों तथा जन शिकायतों में प्राप्त आवेदनों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की जाएगी. विभागीय सचिव जय सिंह ने बताया कि पहले चरण में लगातार 13 दिनों तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार के सभी 38 जिलों की व्यापक समीक्षा की गई थी. उस दौरान जिलों को लंबित राजस्व मामलों के शीघ्र निष्पादन, जन शिकायतों के समयबद्ध समाधान तथा विभिन्न विभागीय अभियानों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए थे. अब दूसरे चरण में उन्हीं निर्देशों के अनुपालन की जिलावार समीक्षा की जाएगी. उन्होंने कहा कि 13 जुलाई को शाम 5 बजे मंत्री के कार्यालय कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में पटना जिले के दाखिल-खारिज, परिमार्जन, भू-मापी, राजस्व न्यायालयों के लंबित वाद, सरकारी भूमि से जुड़े मामलों तथा जन शिकायतों की बिंदुवार समीक्षा होगी. सभी अंचल अधिकारियों एवं राजस्व अधिकारियों को अद्यतन प्रतिवेदन के साथ बैठक में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है . सचिव जय सिंह ने कहा कि दूसरे चरण की समीक्षा का उद्देश्य केवल प्रगति का आकलन करना नहीं, बल्कि लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करना और राजस्व सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना है. समीक्षा के दौरान प्रत्येक मामले की प्रगति का मूल्यांकन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की समीक्षा बैठक</strong> </p>



<p>पटना।। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जिलों की समीक्षा के दूसरे चरण की शुरुआत करने का निर्णय लिया है. दूसरे चरण की पहली समीक्षा बैठक 13 जुलाई को पटना जिले से होगी. इस बैठक में पटना जिले के सभी अंचल अधिकारी एवं राजस्व अधिकारी शामिल होंगे. बैठक में राजस्व संबंधी महत्वपूर्ण मामलों तथा जन शिकायतों में प्राप्त आवेदनों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की जाएगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="364" height="412" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001012590.jpg" alt="" class="wp-image-97680"/></figure>



<p> विभागीय सचिव जय सिंह ने बताया कि पहले चरण में लगातार 13 दिनों तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार के सभी 38 जिलों की व्यापक समीक्षा की गई थी. उस दौरान जिलों को लंबित राजस्व मामलों के शीघ्र निष्पादन, जन शिकायतों के समयबद्ध समाधान तथा विभिन्न विभागीय अभियानों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए थे. अब दूसरे चरण में उन्हीं निर्देशों के अनुपालन की जिलावार समीक्षा की जाएगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="501" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-and-land-reforms-department-1-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96909" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-and-land-reforms-department-1-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-and-land-reforms-department-1-650x318.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उन्होंने कहा कि 13 जुलाई को शाम 5 बजे मंत्री के कार्यालय कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में पटना जिले के दाखिल-खारिज, परिमार्जन, भू-मापी, राजस्व न्यायालयों के लंबित वाद, सरकारी भूमि से जुड़े मामलों तथा जन शिकायतों की बिंदुवार समीक्षा होगी. सभी अंचल अधिकारियों एवं राजस्व अधिकारियों को अद्यतन प्रतिवेदन के साथ बैठक में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है . सचिव जय सिंह ने कहा कि दूसरे चरण की समीक्षा का उद्देश्य केवल प्रगति का आकलन करना नहीं, बल्कि लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करना और राजस्व सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना है. समीक्षा के दौरान प्रत्येक मामले की प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए जाएंगे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-minister-dilip-jaisawal-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96782" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-minister-dilip-jaisawal-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-minister-dilip-jaisawal-650x488.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उन्होंने बताया कि पटना से शुरू होने वाला यह समीक्षा अभियान आगे अन्य जिलों में भी चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जाएगा, ताकि पहले चरण में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की प्रभावी निगरानी की जा सके और आम लोगों को राजस्व सेवाओं का लाभ निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराया जा सके.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>राजस्व सेवा अधिकारियों की हड़ताल समाप्त, 4 मई से लौटेंगे काम पर</title>
		<link>https://www.patnanow.com/strike-samapt/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 30 Apr 2026 15:32:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[आवश्यक मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार का आश्वासन लंबित मामलों का त्वरित एवं समयबद्ध निष्पादन पर सचिव का जोर पटना : राज्य में 9 मार्च से जारी बिहार राजस्व सेवा संघ के अधिकारियों की हड़ताल गुरुवार को समाप्त हो गयी. राज्य सरकार द्वारा अधिकारियों की आवश्यक मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिए जाने के बाद यह गतिरोध खत्म हुआ है. इससे करीब दो महीने से प्रभावित राजस्व कार्यों के सामान्य संचालन का रास्ता साफ हो गया है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने बताया कि सामूहिक अवकाश के कारण दाखिल-खारिज, परिमार्जन, मापी, भूमि विवाद निपटारा सहित कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हुए थे. अब इन सभी कार्यों में तेजी लाने के लिए विभाग की ओर से स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं.उन्होंने कहा कि वर्तमान में विभाग की पहली प्राथमिकता आम जनता से जुड़े लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन है. इसके लिए सभी जिलों के समाहर्ताओं एवं अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लंबित आवेदनों की समीक्षा करें और समयबद्ध तरीके से उनका निष्पादन सुनिश्चित करें. सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि 4 मई से सभी राजस्व सेवा के अधिकारी अपने-अपने पदस्थापन स्थल पर योगदान देना सुनिश्चित करेंगे. अनुपस्थित रहने या कार्य में लापरवाही बरतने पर आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई भी की जा सकती है.विभाग ने जिला स्तर पर विशेष मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी शुरू करने का निर्णय लिया है, ताकि कार्यों की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा सके. इसके तहत लंबित मामलों की सूची तैयार कर प्राथमिकता [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>आवश्यक मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार का आश्वासन</strong></p>



<p><strong>लंबित मामलों का त्वरित एवं समयबद्ध निष्पादन पर सचिव का जोर</strong></p>



<p>पटना : राज्य में 9 मार्च से जारी बिहार राजस्व सेवा संघ के अधिकारियों की हड़ताल गुरुवार को समाप्त हो गयी. राज्य सरकार द्वारा अधिकारियों की आवश्यक मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिए जाने के बाद यह गतिरोध खत्म हुआ है. इससे करीब दो महीने से प्रभावित राजस्व कार्यों के सामान्य संचालन का रास्ता साफ हो गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="740" height="260" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg" alt="" class="wp-image-94380" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg 740w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar-650x228.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 740px) 100vw, 740px" /></figure>



<p>राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने बताया कि सामूहिक अवकाश के कारण दाखिल-खारिज, परिमार्जन, मापी, भूमि विवाद निपटारा सहित कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हुए थे. अब इन सभी कार्यों में तेजी लाने के लिए विभाग की ओर से स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं.<br>उन्होंने कहा कि वर्तमान में विभाग की पहली प्राथमिकता आम जनता से जुड़े लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन है. इसके लिए सभी जिलों के समाहर्ताओं एवं अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लंबित आवेदनों की समीक्षा करें और समयबद्ध तरीके से उनका निष्पादन सुनिश्चित करें.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000890623-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96527" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000890623-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000890623-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000890623-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि 4 मई से सभी राजस्व सेवा के अधिकारी अपने-अपने पदस्थापन स्थल पर योगदान देना सुनिश्चित करेंगे. अनुपस्थित रहने या कार्य में लापरवाही बरतने पर आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई भी की जा सकती है.<br>विभाग ने जिला स्तर पर विशेष मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी शुरू करने का निर्णय लिया है, ताकि कार्यों की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा सके. इसके तहत लंबित मामलों की सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन की कार्ययोजना बनाई जाएगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000890624-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96526" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000890624-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000890624-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000890624-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><br>अधिकारियों के सामूहिक अवकाश समाप्त होने से भूमि संबंधी सेवाओं में आई सुस्ती अब दूर होगी. खासकर दाखिल-खारिज, प्रमाण पत्र निर्गमन और भूमि विवादों के निपटारे में तेजी आएगी.<br>सरकार की ओर से यह आश्वासन दिया गया है कि राजस्व अधिकारियों की मांगों पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए व्यावहारिक समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति उत्पन्न न हो और प्रशासनिक कार्य बाधित न हों.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="808" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000890080-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96490" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000890080-scaled.jpg 808w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000890080-513x650.jpg 513w" sizes="auto, (max-width: 808px) 100vw, 808px" /></figure>



<p>इधर राजस्व सेवा संयुक्त महासंघ ने बयान जारी करके चार मई से काम पर लौटने की पुष्टि की है. महासंघ ने सरकार से उनकी मांगों को पूरा करने के लिए दो महीने का वक्त दिया है.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>विशेष सर्वेक्षण को तेज करने के लिए 24 जिलों में पदाधिकारी तैनात</title>
		<link>https://www.patnanow.com/revenue-department-new-order/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Apr 2026 15:38:05 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[हर शनिवार करेंगे जिला भ्रमण, प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा रिपोर्ट अनिवार्य, भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय देगा प्रशिक्षण और आवश्यक प्रपत्र जय सिंह ने कार्यभार संभालते ही जारी किया आदेश पटना : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग़ ने राज्य में चल रहे बिहार विशेष सर्वेक्षण कार्यक्रम को गति देने के लिए बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है. विभाग के सचिव जय सिंह के निर्देश पर 24 जिलों के लिए विभागीय पदाधिकारियों को नामित किया गया है, जो संबंधित जिलों में सर्वेक्षण कार्य की निगरानी और प्रगति की समीक्षा करेंगे. सचिव जय सिंह ने बताया कि सर्वे कार्य को शीघ्रातिशीघ्र पूर्ण करना राज्य सरकार की प्राथमिकता में है. इसलिए कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए मुख्यालय के अधिकारियों की तैनाती की गई है. इससे पहले जय सिंह ने विभाग के सचिव का कार्यभार संभाला. अपर सचिव आजीव वत्सराज द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, जिन जिलों में रिविजनल सर्वे खतियान उपलब्ध है, वहां सर्वे कार्य को प्राथमिकता देते हुए भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय, पटना को अपेक्षित सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा. इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों को जिलावार जिम्मेदारी सौंपी गई है.निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि नामित पदाधिकारी प्रत्येक शनिवार को अपने आवंटित जिलों का भ्रमण करेंगे. इस दौरान वे अंचल स्तर पर संचालित विशेष सर्वेक्षण शिविर कार्यालयों का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे. साथ ही, निरीक्षण के उपरांत विस्तृत प्रतिवेदन भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय, पटना को भेजना अनिवार्य होगा, जिसकी प्रति विभाग को भी उपलब्ध कराई जाएगी. विभाग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि जिला [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>हर शनिवार करेंगे जिला भ्रमण, प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा रिपोर्ट अनिवार्य, भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय देगा प्रशिक्षण और आवश्यक प्रपत्र</strong></p>



<p><strong>जय सिंह ने कार्यभार संभालते ही जारी किया आदेश </strong></p>



<p>पटना : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग़ ने राज्य में चल रहे बिहार विशेष सर्वेक्षण कार्यक्रम को गति देने के लिए बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है. विभाग के सचिव जय सिंह के निर्देश पर 24 जिलों के लिए विभागीय पदाधिकारियों को नामित किया गया है, जो संबंधित जिलों में सर्वेक्षण कार्य की निगरानी और प्रगति की समीक्षा करेंगे. सचिव जय सिंह ने बताया कि सर्वे कार्य को शीघ्रातिशीघ्र पूर्ण करना राज्य सरकार की प्राथमिकता में है. इसलिए कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए मुख्यालय के अधिकारियों की तैनाती की गई है. इससे पहले जय सिंह ने विभाग के सचिव का कार्यभार संभाला.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="877" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000888055-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96481" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000888055-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000888055-650x557.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000888055-350x300.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>अपर सचिव आजीव वत्सराज द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, जिन जिलों में रिविजनल सर्वे खतियान उपलब्ध है, वहां सर्वे कार्य को प्राथमिकता देते हुए भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय, पटना को अपेक्षित सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा. इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों को जिलावार जिम्मेदारी सौंपी गई है.<br>निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि नामित पदाधिकारी प्रत्येक शनिवार को अपने आवंटित जिलों का भ्रमण करेंगे. इस दौरान वे अंचल स्तर पर संचालित विशेष सर्वेक्षण शिविर कार्यालयों का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे. साथ ही, निरीक्षण के उपरांत विस्तृत प्रतिवेदन भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय, पटना को भेजना अनिवार्य होगा, जिसकी प्रति विभाग को भी उपलब्ध कराई जाएगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="740" height="260" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg" alt="" class="wp-image-94380" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg 740w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar-650x228.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 740px) 100vw, 740px" /></figure>



<p>विभाग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि जिला भ्रमण से पूर्व संबंधित पदाधिकारियों को सर्वेक्षण से जुड़े आवश्यक दस्तावेज, प्रारंभिक प्रशिक्षण तथा जांच के लिए निर्धारित प्रपत्र उपलब्ध कराए जाएंगे. नामित पदाधिकारी संबंधित जिलों के अपर समाहर्त्ता से समन्वय स्थापित कर उचित व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे, ताकि निरीक्षण कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सके.<br>विभाग के अनुसार, इस पहल से बिहार विशेष सर्वेक्षण कार्यक्रम में तेजी आएगी और भूमि अभिलेखों के अद्यतन एवं पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति सुनिश्चित होगी.</p>



<p><strong>जिलावार नामित पदाधिकारियों की सूची</strong></p>



<p>मुजफ्फरपुर – कमलेश कुमार सिंह, निदेशक, भू-अर्जन</p>



<p>गया – डॉ. महेन्द्र पाल, अपर सचिव</p>



<p>पटना-वैशाली– आजीव वत्सराज, अपर सचिव</p>



<p>भोजपुर –  सिम्मी प्रसाद, अनुदेशक, चकबंदी</p>



<p>पटना-वैशाली – मणि भूषण किशोर, विशेष कार्य पदाधिकारी</p>



<p>दरभंगा – मोना झा, उप निदेशक</p>



<p>समस्तीपुर – सुधा रानी, विशेष कार्य पदाधिकारी</p>



<p>सीतामढ़ी – मो. नवाजिश अख्तर, विशेष कार्य पदाधिकारी</p>



<p>शिवहर – संजय कुमार सिंह, उप सचिव</p>



<p>औरंगाबाद – डॉ. सुनील कुमार, उप सचिव</p>



<p>पूर्णिया – देवेश कुमार, उप सचिव</p>



<p>मधुबनी – अखिल कुमार झा, उप सचिव</p>



<p>किशनगंज – कुमार कुन्दन लाल, प्रभारी पदाधिकारी बन्दोबस्त</p>



<p>सुपौल – संजीव कुमार सिन्हा, अनुदेशक, चकबंदी</p>



<p>मधेपुरा – अमरेन्द्र कुमार, सहायक निदेशक</p>



<p>नवादा &#8211; सुधांशु शेखर, सहायक निदेशक</p>



<p>बांका – सुमित कुमार आनंद, सहायक निदेशक</p>



<p>कैमूर – मो. जमालुद्दीन अंसारी, अवर सचिव</p>



<p>अररिया – अरविन्द कुमार, अवर सचिव</p>



<p>रोहतास – मो. अकबर अली, अवर सचिव</p>



<p>कटिहार – कमलेश कुमार, अवर सचिव</p>



<p>सहरसा – श्रीराम कुमार, अवर सचिव</p>



<p>भागलपुर – कमल नयन कश्यप, अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी</p>



<p>बक्सर – कुनिका, सहायक बन्दोबस्त पदाधिकारी</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>&#8217;24 घंटे में काम पर लौटने वाले अधिकारियों पर नहीं होगी कार्रवाई&#8217;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/offer-to-striking-employees/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 15 Mar 2026 17:46:09 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[Bhumi sudhar]]></category>
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					<description><![CDATA[राजस्व विभाग ने हड़ताली अधिकारियों को दिया मौका मार्च में राजस्व महा अभियान के आवेदनों का निपटारा और ई-मापी अभियान है महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा को देखते हुए किया गया है फैसला पटना, 15 मार्च।। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया है कि 24 घंटे के भीतर काम पर लौटने वाले अंचलाधिकारियों और राजस्व अधिकारियों पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाएगी. जो इस निर्धारित समय सीमा में काम पर लौट आयेंगे उनकी दोनों हड़ताल अवधि का समायोजन कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि मार्च का महीना राजस्व विभाग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और कई जनहितकारी अभियान इस समय चल रहे हैं. इस अवधि में मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा, राजस्व महा अभियान के तहत प्राप्त लगभग 46 लाख आवेदनों का निष्पादन तथा मुख्यमंत्री के निर्देश पर ई-मापी अभियान भी चल रहा है. उपरोक्त दोनों कार्य सीधे जनता से जुड़े हैं और 31 मार्च तक पूरा करना लक्ष्य है. ऐसे में प्रशासनिक कार्यों की गति प्रभावित न हो, इसके लिए सरकार ने संवाद और समन्वय का रास्ता चुना है. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अंचल कार्यालयों से जुड़े कार्य सीधे आम लोगों की जमीन, प्रमाण-पत्र और राजस्व सेवाओं से जुड़े होते हैं। इसलिए साल के आखिरी मार्च माह में इन सेवाओं पर आंशिक प्रभाव भी उचित नहीं है.उन्होंने यह भी कहा कि हड़ताल की दोनों अवधि का समायोजन किया जाएगा. भूमि सुधार उप समाहर्ताओं से जुड़ा मुद्दा सामान्य प्रशासन विभाग से जुड़ा मुद्दा है. अगर काम पर लौटेंगे तो उसपर उदारता पूर्वक [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>राजस्व विभाग ने हड़ताली अधिकारियों को दिया मौका</strong></p>



<p><strong>मार्च में राजस्व महा अभियान के आवेदनों का निपटारा और ई-मापी अभियान है महत्वपूर्ण</strong></p>



<p><strong>मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा को देखते हुए किया गया है  फैसला </strong></p>



<p><strong>पटना, 15 मार्च।। </strong>उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया है कि 24 घंटे के भीतर काम पर लौटने वाले अंचलाधिकारियों और राजस्व अधिकारियों पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाएगी. जो इस निर्धारित समय सीमा में काम पर लौट आयेंगे उनकी दोनों हड़ताल अवधि का समायोजन कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि मार्च का महीना राजस्व विभाग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और कई जनहितकारी अभियान इस समय चल रहे हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-bihar-rajasv-maha-abhiyan-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91815" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-bihar-rajasv-maha-abhiyan-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-bihar-rajasv-maha-abhiyan-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-bihar-rajasv-maha-abhiyan-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस अवधि में मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा, राजस्व महा अभियान के तहत प्राप्त लगभग 46 लाख आवेदनों का निष्पादन तथा मुख्यमंत्री के निर्देश पर ई-मापी अभियान भी चल रहा है. उपरोक्त दोनों कार्य सीधे जनता से जुड़े हैं और 31 मार्च तक पूरा करना लक्ष्य है. ऐसे में प्रशासनिक कार्यों की गति प्रभावित न हो, इसके लिए सरकार ने संवाद और समन्वय का रास्ता चुना है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="520" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-revenue-minister-vijay-sinha.jpg" alt="" class="wp-image-95587" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-revenue-minister-vijay-sinha.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-revenue-minister-vijay-sinha-650x440.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p>उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अंचल कार्यालयों से जुड़े कार्य सीधे आम लोगों की जमीन, प्रमाण-पत्र और राजस्व सेवाओं से जुड़े होते हैं। इसलिए साल के आखिरी मार्च माह में इन सेवाओं पर आंशिक प्रभाव भी उचित नहीं है.<br>उन्होंने यह भी कहा कि हड़ताल की दोनों अवधि का समायोजन किया जाएगा. भूमि सुधार उप समाहर्ताओं से जुड़ा मुद्दा सामान्य प्रशासन विभाग से जुड़ा मुद्दा है. अगर काम पर लौटेंगे तो उसपर उदारता पूर्वक विचार किया जाएगा. दबाव की राजनीति करने से किसी भी समस्या का समाधान संभव नहीं है. जनता का काम करके परिणाम देकर हक का कोई भी काम कराया जा सकता है.<br>उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का सर्वोच्च लक्ष्य हमेशा जनहित और सुशासन रहा है। सरकार जायज़ समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशील है, लेकिन प्रशासनिक अनुशासन और जवाबदेही भी उतनी ही महत्वपूर्ण है.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>&#8216;CO-RO की हड़ताल के बीच भी नहीं रुकेगा जनता का काम&#8217;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/strike-me-bhi-hoga-kaam/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 12 Mar 2026 09:13:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
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					<description><![CDATA[दाखिल-खारिज, परिमार्जन और ई-मापी जैसी सेवाओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था, पंचायत सचिव और बीडीओ को सौंपी गई जिम्मेदारी, सभी जिलों को दिया गया विशेष मॉड्यूल अपर समाहर्ता (राजस्व) एवं भूमि सुधार उप समाहर्ता भी रखेंगे निगरानी पटना।। राज्य में अंचलाधिकारियों, राजस्व अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों की चल रही हड़ताल के बावजूद आम लोगों के राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने व्यापक वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की है. उप मुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि सरकार की पहली प्राथमिकता है कि जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और जमीन से जुड़े आवश्यक कार्य नियमित रूप से चलते रहें. उन्होंने बताया कि हड़ताल की स्थिति में भी विभागीय कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कदम उठाए गए हैं. इसके तहत राजस्व कर्मचारियों के कार्य पंचायत सचिवों को तथा अंचलाधिकारियों के कार्य जहां के राजस्व अधिकारी भी हड़ताल पर हैं वहां प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) को सौंपे गए हैं, ताकि आम नागरिकों को सेवाएं समय पर मिलती रहें.उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च माह में भूमि से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य होते हैं और बड़ी संख्या में लोग दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई मापी समेत अन्य सेवाओं के लिए आवेदन करते हैं. इसे देखते हुए विभाग ने पहले से ही सभी जिलों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं, जिससे प्रशासनिक स्तर पर किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो उन्होंने बताया कि दाखिल-खारिज, परिमार्जन और ई-मापी जैसे महत्वपूर्ण [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>दाखिल-खारिज, परिमार्जन और ई-मापी जैसी सेवाओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था, पंचायत सचिव और बीडीओ को सौंपी गई जिम्मेदारी, सभी जिलों को दिया गया विशेष मॉड्यूल</strong></p>



<p><strong>अपर समाहर्ता (राजस्व) एवं भूमि सुधार उप समाहर्ता भी रखेंगे निगरानी</strong></p>



<p>पटना।। राज्य में अंचलाधिकारियों, राजस्व अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों की चल रही हड़ताल के बावजूद आम लोगों के राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने व्यापक वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की है. उप मुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि सरकार की पहली प्राथमिकता है कि जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और जमीन से जुड़े आवश्यक कार्य नियमित रूप से चलते रहें.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="520" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-revenue-minister-vijay-sinha.jpg" alt="" class="wp-image-95587" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-revenue-minister-vijay-sinha.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-revenue-minister-vijay-sinha-650x440.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p>उन्होंने बताया कि हड़ताल की स्थिति में भी विभागीय कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कदम उठाए गए हैं. इसके तहत राजस्व कर्मचारियों के कार्य पंचायत सचिवों को तथा अंचलाधिकारियों के कार्य जहां के राजस्व अधिकारी भी हड़ताल पर हैं वहां प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) को सौंपे गए हैं, ताकि आम नागरिकों को सेवाएं समय पर मिलती रहें.<br>उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च माह में भूमि से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य होते हैं और बड़ी संख्या में लोग दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई मापी समेत अन्य सेवाओं के लिए आवेदन करते हैं. इसे देखते हुए विभाग ने पहले से ही सभी जिलों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं, जिससे प्रशासनिक स्तर पर किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो <br>उन्होंने बताया कि दाखिल-खारिज, परिमार्जन और ई-मापी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के निष्पादन के लिए विशेष डिजिटल मॉड्यूल तैयार कर सभी जिलाधिकारियों को उपलब्ध कराया गया है. इन मॉड्यूल में कार्य करने की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया है, ताकि संबंधित अधिकारी और कर्मी बिना किसी भ्रम के कार्य कर सकें.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="900" height="888" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-vijay-sinha-revenue-minister-1.jpg" alt="" class="wp-image-95589" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-vijay-sinha-revenue-minister-1.jpg 900w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-vijay-sinha-revenue-minister-1-650x641.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 900px) 100vw, 900px" /></figure>



<p>विजय सिन्हा ने कहा कि यह मॉड्यूल दो रूपों में उपलब्ध कराया गया है, एक वीडियो फॉर्मेट में, जिसमें चरणबद्ध तरीके से पूरी प्रक्रिया दिखाई गई है, और दूसरा विस्तृत लिखित निर्देशों के रूप में, जिससे अधिकारी–कर्मचारी आवश्यकता पड़ने पर उसे देखकर कार्य कर सकें. इससे नए दायित्व निभा रहे पंचायत सचिवों और प्रखंड विकास पदाधिकारियों को कार्य निष्पादन में आसानी होगी. इस दौरान किसी भी समस्या के समाधान के लिए सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता और अपर समाहर्ता (राजस्व) को विशेष रूप से निगरानी समेत कार्य में मदद करने का निर्देश दिया गया है.<br>उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग की पूरी निगरानी राज्य स्तर से की जा रही है और जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करें. यदि कहीं कोई समस्या आती है तो उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा.<br>उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुख राजस्व प्रशासन के लिए प्रतिबद्ध है. हड़ताल जैसी परिस्थितियों में भी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि आम नागरिकों के जमीन से जुड़े कार्य बिना रुकावट जारी रहें और लोगों को सरकारी सेवाओं के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>निर्बाध, तेज और सुरक्षित सेवाओं के लिए 8 घंटे चला बिहारभूमि पोर्टल का मेंटेनेंस</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bhumi-portal-update/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 15 Feb 2026 17:57:30 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[Bhumi sudhar]]></category>
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		<category><![CDATA[VIJAY SINHA]]></category>
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					<description><![CDATA[क्षेत्रफल का मानकीकरण, हेक्टेयर से एकड़ एवं डिसमिल में रूपांतरण हुआ तकनीकी क्षमता उन्नयन और डेटा सुरक्षा सुदृढ़ीकरण की दिशा में विभाग का महत्वपूर्ण कदम पटना : डिजिटल भूमि सेवाओं को और अधिक निर्बाध, तेज एवं सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से 15 फरवरी, रविवार को बिहारभूमि पोर्टल पर निर्धारित सर्वर मेंटेनेंस कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया गया. प्रातः 10:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक चले इस आठ घंटे के तकनीकी उन्नयन अभियान के दौरान पोर्टल की सभी ऑनलाइन सेवाएं अस्थायी रूप से बाधित रहीं. उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि विभाग की सभी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं. बिहारभूमि पोर्टल पर किया गया निर्धारित सर्वर मेंटेनेंस डिजिटल भूमि सेवाओं को और अधिक सुरक्षित, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि आम नागरिकों को भूमि से संबंधित सभी सेवाएं तेज, त्रुटिरहित और सुरक्षित रूप में उपलब्ध हों. इसी उद्देश्य से पोर्टल की कार्यक्षमता को सुदृढ़ करने तथा डेटा सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए तकनीकी उन्नयन का कार्य किया गया. इस दौरान क्षेत्रफल का मानकीकरण, हेक्टेयर से एकड़ एवं डिसमिल में रूपांतरण के साथ तकनीकी सत्यापन के उपरांत कुल रकबा निर्धारण एवं अभिलेख अद्यतन भी किया गया है.उपमुख्यमंत्री ने नागरिकों द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डिजिटल अवसंरचना को मजबूत बनाकर हम राजस्व प्रशासन को और अधिक जवाबदेह एवं जनोन्मुखी बना रहे हैं. भविष्य में भी तकनीकी सुधारों के माध्यम से सेवाओं की गुणवत्ता में [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>क्षेत्रफल का मानकीकरण, हेक्टेयर से एकड़ एवं डिसमिल में रूपांतरण हुआ</strong></p>



<p><strong>तकनीकी क्षमता उन्नयन और डेटा सुरक्षा सुदृढ़ीकरण की दिशा में विभाग का महत्वपूर्ण कदम</strong></p>



<p>पटना : डिजिटल भूमि सेवाओं को और अधिक निर्बाध, तेज एवं सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से 15 फरवरी, रविवार को बिहारभूमि पोर्टल पर निर्धारित सर्वर मेंटेनेंस कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया गया. प्रातः 10:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक चले इस आठ घंटे के तकनीकी उन्नयन अभियान के दौरान पोर्टल की सभी ऑनलाइन सेवाएं अस्थायी रूप से बाधित रहीं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="704" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000740093-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95042" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000740093-scaled.jpg 704w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000740093-447x650.jpg 447w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000740093-1056x1536.jpg 1056w" sizes="auto, (max-width: 704px) 100vw, 704px" /></figure>



<p>उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि विभाग की सभी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं. बिहारभूमि पोर्टल पर किया गया निर्धारित सर्वर मेंटेनेंस डिजिटल भूमि सेवाओं को और अधिक सुरक्षित, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि आम नागरिकों को भूमि से संबंधित सभी सेवाएं तेज, त्रुटिरहित और सुरक्षित रूप में उपलब्ध हों. इसी उद्देश्य से पोर्टल की कार्यक्षमता को सुदृढ़ करने तथा डेटा सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए तकनीकी उन्नयन का कार्य किया गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-dbg-vijay-sinha-jan-sunwai-revenue-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-94636" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-dbg-vijay-sinha-jan-sunwai-revenue-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-dbg-vijay-sinha-jan-sunwai-revenue-650x433.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस दौरान क्षेत्रफल का मानकीकरण, हेक्टेयर से एकड़ एवं डिसमिल में रूपांतरण के साथ तकनीकी सत्यापन के उपरांत कुल रकबा निर्धारण एवं अभिलेख अद्यतन भी किया गया है.<br>उपमुख्यमंत्री ने नागरिकों द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डिजिटल अवसंरचना को मजबूत बनाकर हम राजस्व प्रशासन को और अधिक जवाबदेह एवं जनोन्मुखी बना रहे हैं. भविष्य में भी तकनीकी सुधारों के माध्यम से सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर वृद्धि की जाएगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="740" height="260" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg" alt="" class="wp-image-94380" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg 740w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar-650x228.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 740px) 100vw, 740px" /></figure>



<p>विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मेंटेनेंस का मुख्य उद्देश्य पोर्टल की तकनीकी क्षमता को अपग्रेड करना, सर्वर की कार्यक्षमता को बेहतर बनाना तथा डेटा सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करना था. इस अवधि में सर्वर अपग्रेडेशन, सुरक्षा प्रोटोकॉल सुदृढ़ीकरण, सिस्टम ऑप्टिमाइजेशन और बैकएंड संरचना में आवश्यक सुधार किए गए, ताकि भविष्य में उपयोगकर्ताओं को अधिक तेज, पारदर्शी और त्रुटिरहित सेवाएं मिल सकें. निर्धारित सर्वर डाउनटाइम के दौरान महत्वपूर्ण डेटाबेस उन्नयन कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया गया. इस निर्धारित अवधि में तकनीकी टीम द्वारा डेटा शुद्धिकरण एवं मानकीकरण से संबंधित कई अहम कार्य भी पूरे किए गए.</p>



<p>राज्य में अभिलेखों की रिपोर्टिंग को एकरूप एवं मानकीकृत बनाने के उद्देश्य से 43,430 जमाबंदी अभिलेखों में दर्ज क्षेत्रफल को हेक्टेयर से परिवर्तित कर एकड़ एवं डिसमिल में अपडेट किया गया. इससे राजस्व अभिलेखों की पारदर्शिता और उपयोगिता में वृद्धि होगी.<br>साथ ही समीक्षा के दौरान 10,81,815 ऐसे जमाबंदी अभिलेख चिन्हित किए गए, जिनमें व्यक्तिगत प्लॉट का क्षेत्रफल दर्ज था, किंतु कुल रकबा अंकित नहीं था. तकनीकी सत्यापन के उपरांत संबंधित सभी प्लॉटों के क्षेत्रफल का योग कर कुल रकबा निर्धारित किया गया और अभिलेखों में अद्यतन किया गया <br>मेंटेनेंस के दौरान जमीन से संबंधित ऑनलाइन सेवाएं, दस्तावेज़ अवलोकन, आवेदन की स्थिति जांच तथा अन्य डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं. हालांकि, निर्धारित कार्य समय पर पूरा होने के बाद सभी सेवाएं पुनः सामान्य रूप से बहाल कर दी गईं.<br>विभाग ने कहा है कि डिजिटल अवसंरचना को सुदृढ़ करने की यह पहल राजस्व प्रशासन को आधुनिक और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. आम नागरिकों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए विभाग के अधिकारियों ने अस्थायी असुविधा के लिए खेद भी प्रकट किया है.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शहीद सैनिकों के आश्रित को राज्य में मिलेगी सरकारी जमीन, नई बंदोबस्ती प्रक्रिया लागू</title>
		<link>https://www.patnanow.com/revenue-minister-order-on-land/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 06 Feb 2026 14:23:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bhumi sudhar]]></category>
		<category><![CDATA[bihar news]]></category>
		<category><![CDATA[Revenue department]]></category>
		<category><![CDATA[VIJAY SINHA]]></category>
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					<description><![CDATA[गृह जिला के ग्रामीण क्षेत्र में कृषि हेतु 1 एकड़ या आवास हेतु 5 डिसमिल भूमि देने का निर्णय, पूर्व के आदेश निरस्त, समाहर्ता को ही रहेगा बंदोबस्ती का अधिकार पटना : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने शहीद सैनिकों के आश्रितों के साथ सरकारी जमीन की बंदोबस्ती को लेकर नई और स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित कर दी है. विभाग स्तर पर गठित समिति के विचार-विमर्श के बाद जारी निर्देशों के अनुसार, युद्ध में वीरगति प्राप्त सैनिकों के आश्रितों को गृह जिला के गृह प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्र में कृषि कार्य के लिए 1 एकड़ या आवासीय उपयोग के लिए 5 डिसमिल सरकारी जमीन बंदोबस्त की जाएगी. उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि राज्य सरकार शहीद सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है. नई बंदोबस्ती प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि युद्ध में वीरगति प्राप्त करने वाले जवानों के आश्रितों को उनके गृह जिले में सम्मानपूर्वक जीवनयापन के लिए भूमि उपलब्ध हो. हमने स्पष्ट, पारदर्शी और व्यवहारिक मानक तय किए हैं, ताकि पात्र परिवारों को बिना अनावश्यक विलंब के तत्काल लाभ मिल सके. यह निर्णय हमारे सैनिकों के प्रति कृतज्ञता और उनके परिवारों के प्रति संवेदनशीलता का प्रतीक है. सचिव जय सिंह द्वारा जारी पत्र के अनुसार, यह सुविधा उन सैनिकों के आश्रितों को मिलेगी, जिन्होंने कम-से-कम छह माह तक लगातार सैनिक सेवा की हो और कार्यरत रहते हुए युद्ध में शहादत पाई हो. ऐसे मामलों में आश्रितों से सलामी ली जाएगी, लेकिन पाँच वर्षों तक [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>गृह जिला के ग्रामीण क्षेत्र में कृषि हेतु 1 एकड़ या आवास हेतु 5 डिसमिल भूमि देने का निर्णय, पूर्व के आदेश निरस्त, समाहर्ता को ही रहेगा बंदोबस्ती का अधिकार</strong></p>



<p>पटना : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने शहीद सैनिकों के आश्रितों के साथ सरकारी जमीन की बंदोबस्ती को लेकर नई और स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित कर दी है. विभाग स्तर पर गठित समिति के विचार-विमर्श के बाद जारी निर्देशों के अनुसार, युद्ध में वीरगति प्राप्त सैनिकों के आश्रितों को गृह जिला के गृह प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्र में कृषि कार्य के लिए 1 एकड़ या आवासीय उपयोग के लिए 5 डिसमिल सरकारी जमीन बंदोबस्त की जाएगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="862" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000714206-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-94779" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000714206-scaled.jpg 862w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000714206-547x650.jpg 547w" sizes="auto, (max-width: 862px) 100vw, 862px" /></figure>



<p>उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि राज्य सरकार शहीद सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है. नई बंदोबस्ती प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि युद्ध में वीरगति प्राप्त करने वाले जवानों के आश्रितों को उनके गृह जिले में सम्मानपूर्वक जीवनयापन के लिए भूमि उपलब्ध हो. हमने स्पष्ट, पारदर्शी और व्यवहारिक मानक तय किए हैं, ताकि पात्र परिवारों को बिना अनावश्यक विलंब के तत्काल लाभ मिल सके. यह निर्णय हमारे सैनिकों के प्रति कृतज्ञता और उनके परिवारों के प्रति संवेदनशीलता का प्रतीक है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="684" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-revenue-samiksha-baithak-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-94783" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-revenue-samiksha-baithak-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-revenue-samiksha-baithak-650x434.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-revenue-samiksha-baithak-1536x1025.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>सचिव जय सिंह द्वारा जारी पत्र के अनुसार, यह सुविधा उन सैनिकों के आश्रितों को मिलेगी, जिन्होंने कम-से-कम छह माह तक लगातार सैनिक सेवा की हो और कार्यरत रहते हुए युद्ध में शहादत पाई हो. ऐसे मामलों में आश्रितों से सलामी ली जाएगी, लेकिन पाँच वर्षों तक वार्षिक लगान नहीं लिया जाएगा. निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि केवल सेना ही नहीं, बल्कि युद्धकाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अन्य बलों जैसे बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स, बिहार मिलिट्री पुलिस, टेरिटोरियल आर्मी, सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स, बॉर्डर स्काउट्स, बीआरएफ, लोक सहायक सेवा, एनसीसी, होमगार्ड्स और असम राइफल्स के जवान यदि युद्ध में वीरगति प्राप्त करते हैं, तो उनके आश्रित भी इसी प्रावधान के तहत भूमि बंदोबस्ती के पात्र होंगे. हालांकि, इसके लिए सेलर्स, सोल्जर्स एवं एयरमेन बोर्ड की अनुशंसा और न्यूनतम छह माह की संतोषजनक सेवा का प्रमाण-पत्र अनिवार्य होगा.<br>विभाग ने यह शर्त भी रखी है कि भूमि बंदोबस्ती से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि आश्रित बिहार राज्य का निवासी हो और उसके पास आवास हेतु पहले से निजी जमीन न हो. यदि निजी आवासीय जमीन उपलब्ध पाई जाती है, तो बंदोबस्ती नहीं की जाएगी.<br>समाहर्ता को पूर्ववत् ही इस प्रकार की भूमि बंदोबस्ती का अधिकार रहेगा, लेकिन यह केवल ग्रामीण क्षेत्र की सरकारी, विवादमुक्त जमीन पर ही लागू होगा. साथ ही, यह भी अनिवार्य किया गया है कि चयनित भूमि भूदान, भू-हदबंदी, सैरात, कब्रिस्तान, श्मशान, धार्मिक स्थलों, अतिक्रमण और न्यायालयीन विवाद से पूरी तरह मुक्त हो.<br>पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस आदेश की तिथि से पूर्व सैनिकों के साथ भूमि बंदोबस्ती से संबंधित सभी पुराने आदेश और पत्र स्वतः प्रभावहीन माने जाएंगे. नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है.</p>



<p><em><strong>pncb</strong></em></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>थानों की मनमानी पर लगाम: भूमि विवाद में पुलिस की भूमिका आज से सीमित, कानून के दायरे में ही होगा हस्तक्षेप</title>
		<link>https://www.patnanow.com/thana-ki-manmani-per-lagam/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 05:54:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[Crime]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
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		<category><![CDATA[VIJAY SINHA]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना : 1 फरवरी 2026 से राज्यभर में भूमि विवाद से जुड़े मामलों में पुलिस की भूमिका को लेकर जारी नए दिशा-निर्देश प्रभावी हो गए हैं. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा जारी इन स्पष्ट प्रावधानों का उद्देश्य भूमि विवादों के समाधान को पूरी तरह राजस्व एवं न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में सुनिश्चित करना है, ताकि आमजन को अनावश्यक पुलिस हस्तक्षेप, दबाव या भ्रम की स्थिति का सामना न करना पड़े. उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि आज से भूमि विवाद राजस्व और न्यायिक प्रक्रिया का विषय है. पुलिस का दायित्व केवल शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है. बिना सक्षम प्राधिकार के आदेश के किसी भी स्तर पर दखल-कब्जा दिलाने, चहारदीवारी कराने या निर्माण कराने की शिकायत मिली, तो संबंधित पुलिस पदाधिकारी पर कड़ी कार्रवाई तय है. नई व्यवस्था के मुख्य बिंदु भूमि विवाद की सूचना मिलते ही थाना में स्टेशन डायरी में अलग एवं विस्तृत प्रविष्टि अनिवार्य होगी. दोनों पक्षों का नाम-पता, विवाद का स्वरूप (राजस्व/सिविल/आपसी), भूमि का पूरा विवरण (थाना, खाता, खेसरा, रकबा, किस्म) दर्ज करना होगा. यह भी उल्लेख करना होगा कि मामला प्रथम दृष्टया किस राजस्व न्यायालय के क्षेत्राधिकार में आता है. प्रत्येक मामले की लिखित सूचना संबंधित अंचलाधिकारी को देना अनिवार्य होगा सूचना ई-मेल/पोर्टल के माध्यम से भी दी जा सकती है. भूमि विवाद के त्वरित समाधान के लिए अब प्रत्येक शनिवार को अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी की संयुक्त बैठक होगी, जिसमें मामलों की समीक्षा कर प्रगति विभागीय पोर्टल पर अपलोड की जाएगी. धारा 107/116 दंप्रसं (BNSS [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना : 1 फरवरी 2026 से राज्यभर में भूमि विवाद से जुड़े मामलों में पुलिस की भूमिका को लेकर जारी नए दिशा-निर्देश प्रभावी हो गए हैं. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा जारी इन स्पष्ट प्रावधानों का उद्देश्य भूमि विवादों के समाधान को पूरी तरह राजस्व एवं न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में सुनिश्चित करना है, ताकि आमजन को अनावश्यक पुलिस हस्तक्षेप, दबाव या भ्रम की स्थिति का सामना न करना पड़े.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-dbg-vijay-sinha-jan-sunwai-revenue-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-94636" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-dbg-vijay-sinha-jan-sunwai-revenue-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-dbg-vijay-sinha-jan-sunwai-revenue-650x433.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि आज से भूमि विवाद राजस्व और न्यायिक प्रक्रिया का विषय है. पुलिस का दायित्व केवल शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है. बिना सक्षम प्राधिकार के आदेश के किसी भी स्तर पर दखल-कब्जा दिलाने, चहारदीवारी कराने या निर्माण कराने की शिकायत मिली, तो संबंधित पुलिस पदाधिकारी पर कड़ी कार्रवाई तय है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="740" height="260" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg" alt="" class="wp-image-94380" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg 740w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar-650x228.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 740px) 100vw, 740px" /></figure>



<p><strong>नई व्यवस्था के मुख्य बिंदु</strong></p>



<p>भूमि विवाद की सूचना मिलते ही थाना में स्टेशन डायरी में अलग एवं विस्तृत प्रविष्टि अनिवार्य होगी.</p>



<p>दोनों पक्षों का नाम-पता, विवाद का स्वरूप (राजस्व/सिविल/आपसी), भूमि का पूरा विवरण (थाना, खाता, खेसरा, रकबा, किस्म) दर्ज करना होगा.</p>



<p>यह भी उल्लेख करना होगा कि मामला प्रथम दृष्टया किस राजस्व न्यायालय के क्षेत्राधिकार में आता है.</p>



<p>प्रत्येक मामले की लिखित सूचना संबंधित अंचलाधिकारी को देना अनिवार्य होगा सूचना ई-मेल/पोर्टल के माध्यम से भी दी जा सकती है.</p>



<p>भूमि विवाद के त्वरित समाधान के लिए अब प्रत्येक शनिवार को अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी की संयुक्त बैठक होगी, जिसमें मामलों की समीक्षा कर प्रगति विभागीय पोर्टल पर अपलोड की जाएगी.</p>



<p>धारा 107/116 दंप्रसं (BNSS समकक्ष प्रावधान) के तहत पुलिस की भूमिका यथावत रहेगी, लेकिन इसका उपयोग केवल शांति व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित होगा.</p>



<p><strong>‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ की दिशा में बड़ा कदम</strong></p>



<p>पत्र में उल्लेख है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सात निश्चय-3 (2025-2030) के अंतर्गत “सबका सम्मान, जीवन आसान (Ease of Living)” के लक्ष्य को धरातल पर उतारने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है. राज्य के लगभग 4.5 करोड़ जमाबंदी धारकों को भूमि विवादों में पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध समाधान मिल सके, यही इस नई प्रणाली का उद्देश्य है.<br>यह व्यवस्था स्पष्ट करती है कि अब भूमि विवाद में न तो थानों की मनमानी चलेगी और न ही पुलिस हस्तक्षेप की आड़ में किसी को डराया-धमकाया जा सकेगा. हर विवाद का समाधान अब कानून के दायरे में, राजस्व न्यायालयों की प्रक्रिया के अनुसार ही सुनिश्चित किया जाएगा.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>राजस्व महा–अभियान में मिले 46 लाख आवेदनों के निपटारे को 26 जनवरी से अभियान</title>
		<link>https://www.patnanow.com/abhiyan-from-26-january/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 23 Jan 2026 13:49:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bhumi sudhar]]></category>
		<category><![CDATA[bihar news]]></category>
		<category><![CDATA[Land reforms]]></category>
		<category><![CDATA[Parimarjan]]></category>
		<category><![CDATA[Rajasv maha abhiyan]]></category>
		<category><![CDATA[Revenue department]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=94471</guid>

					<description><![CDATA[31 मार्च 2026 तक सभी प्राप्त आवेदनों का कर दिया जाएगा निपटारा विवादित मामलों के निपटारे को 26 जनवरी से पंचायत स्तर पर लगेंगे शिविर, किया जाएगा ऑन स्पॉट निष्पादन अविवादित मामलों का जिला मुख्यालय में होगा त्वरित निष्पादन जमीन की मापी के लिए भी चलता रहेगा अभियान, दोनों में सामंजस्य की सीओ की जिम्मेवारी मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री ने समृद्धि यात्रा के दौरान बंटवारा नामांतरण पर दिया है जोर, इसके उपरांत लिया गया निर्णय पटना।। राजस्व महा–अभियान 2025 के दौरान प्राप्त परिमार्जन प्लस एवं दाखिल-खारिज से संबंधित लगभग 46 लाख लंबित आवेदनों के निष्पादन को लेकर राज्य सरकार ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं.राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी. के. अनिल ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, समाहर्ताओं, अपर समाहर्ताओं, भूमि सुधार उप समाहर्ताओं और अंचल अधिकारियों को 26 जनवरी से 31 मार्च 2026 के बीच सभी आवेदनों का निष्पादन सुनिश्चित करने का आदेश दिया है. जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि राजस्व महा–अभियान का आयोजन पंचायतों में शिविर लगाकर 16 अगस्त से 20 सितंबर 2025 के बीच किया गया था. इस दौरान डिजिटल जमाबंदी में त्रुटियों के सुधार, छूटी हुई जमाबंदियों को ऑनलाइन करने, उत्तराधिकार नामांतरण और बंटवारा नामांतरण को आसानी से करने के उद्देश्य से किया गया था. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने समृद्धि यात्रा के क्रम में बंटवारा नामांतरण को लेकर अभियान चलाने का निर्देश दिया है. इसी उद्देश्य से राजस्व महा–अभियान के दौरान मिले आवेदनों के निपटारे का निर्णय लिया गया है. पत्र में प्रधान सचिव अनिल ने निर्देश [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>31 मार्च 2026 तक सभी प्राप्त आवेदनों का कर दिया जाएगा निपटारा</strong></p>



<p><strong>विवादित मामलों के निपटारे को 26 जनवरी से पंचायत स्तर पर लगेंगे शिविर, किया जाएगा ऑन स्पॉट निष्पादन</strong></p>



<p><strong>अविवादित मामलों का जिला मुख्यालय में होगा त्वरित निष्पादन</strong></p>



<p><strong>जमीन की मापी के लिए भी चलता रहेगा अभियान, दोनों में सामंजस्य की सीओ की जिम्मेवारी</strong></p>



<p><strong>मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री ने समृद्धि यात्रा के दौरान बंटवारा नामांतरण पर दिया है जोर, इसके उपरांत लिया गया निर्णय</strong></p>



<p>पटना।। राजस्व महा–अभियान 2025 के दौरान प्राप्त परिमार्जन प्लस एवं दाखिल-खारिज से संबंधित लगभग 46 लाख लंबित आवेदनों के निष्पादन को लेकर राज्य सरकार ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं.राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी. के. अनिल ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, समाहर्ताओं, अपर समाहर्ताओं, भूमि सुधार उप समाहर्ताओं और अंचल अधिकारियों को 26 जनवरी से 31 मार्च 2026 के बीच सभी आवेदनों का निष्पादन सुनिश्चित करने का आदेश दिया है.</p>



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<p>जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि राजस्व महा–अभियान का आयोजन पंचायतों में शिविर लगाकर 16 अगस्त से 20 सितंबर 2025 के बीच किया गया था. इस दौरान डिजिटल जमाबंदी में त्रुटियों के सुधार, छूटी हुई जमाबंदियों को ऑनलाइन करने, उत्तराधिकार नामांतरण और बंटवारा नामांतरण को आसानी से करने के उद्देश्य से किया गया था. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने समृद्धि यात्रा के क्रम में बंटवारा नामांतरण को लेकर अभियान चलाने का निर्देश दिया है. इसी उद्देश्य से राजस्व महा–अभियान के दौरान मिले आवेदनों के निपटारे का निर्णय लिया गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-rajasv-maha-abhiyan-bihar-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91814" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-rajasv-maha-abhiyan-bihar-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-rajasv-maha-abhiyan-bihar-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-rajasv-maha-abhiyan-bihar-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>पत्र में प्रधान सचिव अनिल ने निर्देश दिया है कि अभियान के दौरान प्राप्त सभी आवेदनों की जिलावार, अंचलवार एवं हल्कावार ऑनलाइन प्रविष्टि अनिवार्य होगी. परिमार्जन से जुड़े लगभग 40 लाख मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित किया जाएगा. आवेदनों को अविवादित एवं विवादित श्रेणियों में विभाजित किया गया है. अविवादित मामलों का निष्पादन जिला मुख्यालय स्तर पर किया जाएगा, जबकि विवादित मामलों के लिए पंचायत भवनों में राजस्व सेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे.<br>शिविरों में मौके पर ही सुनवाई, अभिलेखों का सत्यापन और आदेश पारित करने की व्यवस्था रहेगी. इसके लिए सरकारी लैपटॉप के उपयोग के साथ दक्ष कंप्यूटर सहायक एवं डाटा एंट्री ऑपरेटरों की तैनाती की जाएगी. एक ही परिवार या खाताधारी से संबंधित मामलों का समेकित निष्पादन करने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि समान परिस्थितियों में समान आदेश का सिद्धांत लागू हो सके.<br>यह भी स्पष्ट किया है कि भूमि मापी अभियान समानांतर रूप से चलेगा, जिसके लिए अमीनों की सेवाएं ली जाएंगी. अंचल अधिकारी शिविर आयोजन और अमीनों के कार्यों में समन्वय स्थापित करेंगे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="740" height="260" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg" alt="" class="wp-image-94380" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg 740w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar-650x228.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 740px) 100vw, 740px" /></figure>



<p><strong>कमिश्नर और DM की होगी बड़ी भूमिका </strong></p>



<p>समय-सारणी के अनुसार, नोटिस निर्गत करने से लेकर सुनवाई, अभिलेख प्रस्तुतीकरण और सकारण आदेश पारित करने की पूरी प्रक्रिया अधिकतम 45 दिनों में पूर्ण की जाएगी. शिविर संचालन हेतु आवश्यक राशि मुख्यालय से उपलब्ध कराई जाएगी. पत्र में यह भी कहा गया है कि <strong>पूरे अभियान के मुख्य सूत्रधार समाहर्ता होंगे,</strong> जिनके नेतृत्व में हल्कावार सूक्ष्म कार्ययोजना तैयार कर अभियान को सफल बनाया जाएगा. वहीं, <strong>प्रमंडलीय आयुक्त पूरे अभियान की निगरानी और निरीक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएंगे</strong>. यह विशेष अभियान 26 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक संचालित कर सभी आवेदनों का निपटारा किया जाएगा.</p>



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<p>उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य में पिछले वर्ष अगस्त–सितंबर में राजस्व महा–अभियान के दौरान शिविर लगाकर लिए गए किसानों के आवेदनों का निष्पादन करना जरूरी है. इन शिविरों में प्राप्त कुल 46 लाख आवेदनों में 40 लाख आवेदन परिमार्जन से संबंधित हैं. इन आवेदनों के निष्पादन से रैयतों का अभिलेख अपडेट होगा और उन्हें सरकारी सुविधाएं मिलने के साथ ही विभाग को भूमि सर्वेक्षण में भी आसानी होगी. इसी उद्देश्य से इसको लेकर अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है. इसके साथ–साथ मापी अभियान भी चलता रहेगा.</p>



<p>pncb</p>
</blockquote>
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