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		<title>भोजपुरी साहित्य की समृद्ध परम्परा के प्रतिनिधि हैँ महेन्दर मिसिर : कुलपति</title>
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		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 13 Jul 2023 13:03:19 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[महेन्द्र मिसिर के काव्य संग्रह का हुआ लोकार्पण आरा, 13 जुलाई. वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर भोजपुरी विभाग के समारोह में भोजपुरी के चर्चित कवि गीतकार महेन्दर मिसिर की प्रतिनिधि कविताओं का लोकार्पण समारोह आयोजित हुआ. समारोह की शुरुआत में भोजपुरी विभाग के छात्र अविनाश पाण्डेय और प्रीति पाण्डेय ने महेंदर मिसिर के गीतों को मधुर आवाज़ में सुनाया. चर्चित लोकगायिका और विभाग की छात्रा अंकिता पंडित ने महेन्दर मिसिर रचित शिव विवाह गीत को सुनाया और कवि की रचनाओं में स्त्री विमर्श की चर्चा की. समारोह में मुख्य अतिथि कुलपति शैलेन्द्र कुमार चतुर्वेदी ने महेन्दर मिसिर के रचनाकर्म को याद करते हुए उन्हें भोजपुरी की समृद्ध साहित्य परम्परा का प्रतिनिधि रचनाकार बताया. साथ ही उन्होंने भोजपुरी की संवैधानिक मान्यता से जुड़ी बातों की चर्चा की तथा छात्रों से भोजपुरी भाषा के गौरव को आगे बढ़ाने का आह्वान किया. वरिष्ठ पत्रकार गुंजन सिन्हा ने अपने सम्बोधन में भोजपुरी साहित्य के अन्य भाषाओं में अनुवाद करने का आग्रह किया जिससे भोजपुरी साहित्य की पहचान वैश्विक स्तर पर और मज़बूत हुआ. पूर्व विभागाध्य्क्ष रविन्द्र नाथ राय ने महेन्दर मिसिर की कविताओं में रागात्मकता, आध्यमिकता क्व तत्त्वों पर प्रकाश डाला. संग्रह के प्रकाशक सारव प्रकाशन के अध्यक्ष और जे पी विवि छपरा के पूर्व प्राध्यापक पी राज सिंह ने महेन्दर मिसिर के गीतों के संकलन और प्रकाशन से जुड़े अनुभवों को साझा किया. साथ ही उन्होंने संग्रह के संपादक सुरेश कुमार मिश्र के रिकॉर्डेड संदेश को सुनाया. अपने अध्यक्षीय संबोधन में हिंदी भोजपुरी के विभागाध्यक्ष ने महेन्दर मिसिर के गीतों में भक्ति, [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>महेन्द्र मिसिर के काव्य संग्रह का हुआ लोकार्पण</strong></p>



<p>आरा, 13 जुलाई. वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर भोजपुरी विभाग के समारोह में भोजपुरी के चर्चित कवि गीतकार महेन्दर मिसिर की प्रतिनिधि कविताओं का लोकार्पण समारोह आयोजित हुआ. समारोह की शुरुआत में भोजपुरी विभाग के छात्र अविनाश पाण्डेय और प्रीति पाण्डेय ने महेंदर मिसिर के गीतों को मधुर आवाज़ में सुनाया. चर्चित लोकगायिका और विभाग की छात्रा अंकिता पंडित ने महेन्दर मिसिर रचित शिव विवाह गीत को सुनाया और कवि की रचनाओं में स्त्री विमर्श की चर्चा की.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/07/PNC_Mahaendra-misir-lokarpan-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-76375" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/07/PNC_Mahaendra-misir-lokarpan-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/PNC_Mahaendra-misir-lokarpan-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/PNC_Mahaendra-misir-lokarpan-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/PNC_Mahaendra-misir-lokarpan-1536x864.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/PNC_Mahaendra-misir-lokarpan.jpg 1600w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>समारोह में मुख्य अतिथि कुलपति शैलेन्द्र कुमार चतुर्वेदी ने महेन्दर मिसिर के रचनाकर्म को याद करते हुए उन्हें भोजपुरी की समृद्ध साहित्य परम्परा का प्रतिनिधि रचनाकार बताया. साथ ही उन्होंने भोजपुरी की संवैधानिक मान्यता से जुड़ी बातों की चर्चा की तथा छात्रों से भोजपुरी भाषा के गौरव को आगे बढ़ाने का आह्वान किया. वरिष्ठ पत्रकार गुंजन सिन्हा ने अपने सम्बोधन में भोजपुरी साहित्य के अन्य भाषाओं में अनुवाद करने का आग्रह किया जिससे भोजपुरी साहित्य की पहचान वैश्विक स्तर पर और मज़बूत हुआ.</p>



<p>पूर्व विभागाध्य्क्ष रविन्द्र नाथ राय ने महेन्दर मिसिर की कविताओं में रागात्मकता, आध्यमिकता क्व तत्त्वों पर प्रकाश डाला. संग्रह के प्रकाशक सारव प्रकाशन के अध्यक्ष और जे पी विवि छपरा के पूर्व प्राध्यापक पी राज सिंह ने महेन्दर मिसिर के गीतों के संकलन और प्रकाशन से जुड़े अनुभवों को साझा किया. साथ ही उन्होंने संग्रह के संपादक सुरेश कुमार मिश्र के रिकॉर्डेड संदेश को सुनाया.</p>



<p>अपने अध्यक्षीय संबोधन में हिंदी भोजपुरी के विभागाध्यक्ष ने महेन्दर मिसिर के गीतों में भक्ति, प्रेम और निर्गुण तीनों धाराओं की चर्चा की और गायकों संगीतकारों से महेन्दर मिसिर के गीतों को महेंद्र संगीत कहकर चिन्हित करने का आग्रह किया.</p>



<p>कार्यक्रम में भोजपुरी आंदोलन से जुड़े कई गणमान्य व्यक्तियों के अलावा अर्थशास्त्र विभाग के नीरज वर्मा, अंग्रेजी विभाग के विजय राज कुमावत, आनंद भूषण पाण्डेय, समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष अवध बिहारी सिंह, हिंदी विभाग के नवनीत राय, मुकेश कुमार, नीलम्बुज सिंह के अलावा सीनेटर और पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष बलिराज ठाकुर, आकाशवानी पटना के प्रदीप भास्कर, भोजपुरिया जनमोर्चा के कुमार शीलभद्र, भोजपुरी विकास एवं शोध संस्थान के कृष्ण कुमार कृष्णेन्दु, वरिष्ठ पत्रकार भीम सिंह भवेश, नरेन्द्र सिंह प्रमुख थे. मंच संचालन विभाग की छात्रा आकृति विज्ञ अर्पण तथा धन्यवाद ज्ञापन शोधछात्र रवि प्रकाश सूरज ने किया. लोकार्पण समारोह के सफल आयोजन में विभाग के शोधार्थियों एवं छात्रों संजय कुमार, यशवंत कुमार, राजेश कुमार, सोहित सिन्हा, शुभम ओझा का उल्लेखनीय योगदान रहा.</p>



<p><strong>PNCB</strong></p>
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