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		<title>लीजिए जाम से मिलेगा अब निजात&#8230;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/jaam-se-milegi-ab-raahat/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 30 Jul 2026 13:54:37 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[कुल्हड़िया टॉल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतारों से मिलेगी राहत, लागू हुए नए भुगतान नियम कोइलवर/भोजपुर, 30 जुलाई. भोजपुर जिले के कुल्हड़िया टोल प्लाजा पर अब वाहनों की लंबी कतारों से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से इस टोल प्लाजा पर सुबह से लेकर शाम तक वाहनों की भारी भीड़ और कई किलोमीटर लंबी कतारें लगती थीं। इसका असर आम लोगों के साथ-साथ भोजपुर पुलिस और अन्य आपातकालीन सेवाओं पर भी पड़ता था। आरा-पटना मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति के कारण लगभग 60 किलोमीटर की दूरी तय करने में कई बार घंटों लग जाते थे. इस समस्या को लेकर लगातार लोगों में नाराजगी और विरोध भी देखने को मिलता था. अब टोल प्रबंधन ने व्यवस्था में सुधार करते हुए नए भुगतान नियम लागू किए हैं. नए नियम के अनुसार टोल प्लाजा से गुजरने वाले सभी वाहनों को डिजिटल माध्यम से ही टोल शुल्क का भुगतान करना होगा. जिन वाहनों में फास्टैग लगा होगा, उनसे स्वतः टोल शुल्क कट जाएगा. वहीं, जिनके पास फास्टैग नहीं है, वे टोल प्लाजा पर उपलब्ध क्यूआर कोड स्कैन कर यूपीआई के माध्यम से भुगतान कर सकेंगे. यदि किसी वाहन चालक के पास न तो फास्टैग होगा और न ही यूपीआई से भुगतान की सुविधा होगी, तो ऐसे वाहन को टोल प्लाजा पार करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. टोल प्रबंधन का मानना है कि इस नई व्यवस्था से भुगतान प्रक्रिया तेज होगी, वाहनों की आवाजाही सुचारु रहेगी और टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों में काफी कमी आएगी. [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>कुल्हड़िया टॉल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतारों से मिलेगी राहत, लागू हुए नए भुगतान नियम</strong></p>



<p>कोइलवर/भोजपुर, 30 जुलाई. भोजपुर जिले के कुल्हड़िया टोल प्लाजा पर अब वाहनों की लंबी कतारों से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से इस टोल प्लाजा पर सुबह से लेकर शाम तक वाहनों की भारी भीड़ और कई किलोमीटर लंबी कतारें लगती थीं। इसका असर आम लोगों के साथ-साथ भोजपुर पुलिस और अन्य आपातकालीन सेवाओं पर भी पड़ता था।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001569083-scaled.png" alt="" class="wp-image-98165" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001569083-scaled.png 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001569083-650x433.png 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



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<p>आरा-पटना मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति के कारण लगभग 60 किलोमीटर की दूरी तय करने में कई बार घंटों लग जाते थे. इस समस्या को लेकर लगातार लोगों में नाराजगी और विरोध भी देखने को मिलता था.</p>



<p>अब टोल प्रबंधन ने व्यवस्था में सुधार करते हुए नए भुगतान नियम लागू किए हैं. नए नियम के अनुसार टोल प्लाजा से गुजरने वाले सभी वाहनों को डिजिटल माध्यम से ही टोल शुल्क का भुगतान करना होगा. जिन वाहनों में फास्टैग लगा होगा, उनसे स्वतः टोल शुल्क कट जाएगा. वहीं, जिनके पास फास्टैग नहीं है, वे टोल प्लाजा पर उपलब्ध क्यूआर कोड स्कैन कर यूपीआई के माध्यम से भुगतान कर सकेंगे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="586" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001569086-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98164" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001569086-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001569086-650x372.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001569086-1536x879.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>यदि किसी वाहन चालक के पास न तो फास्टैग होगा और न ही यूपीआई से भुगतान की सुविधा होगी, तो ऐसे वाहन को टोल प्लाजा पार करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.</p>



<p>टोल प्रबंधन का मानना है कि इस नई व्यवस्था से भुगतान प्रक्रिया तेज होगी, वाहनों की आवाजाही सुचारु रहेगी और टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों में काफी कमी आएगी. इससे आरा-पटना मुख्य मार्ग पर सफर करने वाले हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. इस नए नियम के लिए टॉल प्रबंधन की ओर से प्लाजा के पास पोस्टर और बैनर भी लगाया गया है जिससे यात्रियों और गाड़ी मालिकों को कोई दिक्कत नहीं हो. बता दे कि इसके पूर्व डिजिटल पेमेंट नहीं होने के कंडीशन में कैश पैसे द्वारा भी गाड़ियां गुजरती थीं जिसकी वजह से जाम लगा रहता था. अब देखना यह दिलचस्प होगा कि इस नयी व्यवस्था के लागू होने के बाद यह आमजनों के साथ प्रशासन और टॉल प्लाजा मैनेजमेंट के लिए कितना कारगर साबित होता है.</p>



<p><strong>PNCB</strong> </p>
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			</item>
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		<title>पटना में मिलेगा FTII का प्रोफेशनल फिल्म प्रशिक्षण</title>
		<link>https://www.patnanow.com/ftii-frofeasional-workshop-in-patna/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 30 Jul 2026 04:24:27 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पटना में पहली बार FTII के सहयोग से 8 दिवसीय &#8216;स्क्रिप्ट टू स्क्रीन&#8217; फिल्म मेकिंग कार्यशाला 5 अगस्त से होगा आयोजन पटना,30 जुलाई. फिल्म निर्माण और अभिनय के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए राजधानी पटना में पहली बार भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (FTII), पुणे के सेंटर फॉर ओपन लर्निंग (CFOL) के सहयोग से आठ दिवसीय &#8216;स्क्रिप्ट टू स्क्रीन&#8217; कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है. यह कार्यशाला 5 से 11 अगस्त तक हाउस ऑफ वैरायटी, द हब (रीजेंट सिनेमा परिसर), ईस्ट गांधी मैदान, पटना में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी. कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को फिल्म निर्माण की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है. इसमें पटकथा लेखन, निर्देशन, अभिनय, सिनेमैटोग्राफी, कैमरा संचालन, लाइटिंग, साउंड रिकॉर्डिंग, एडिटिंग तथा पोस्ट-प्रोडक्शन जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि समूहों में लघु फिल्म तैयार करने का अवसर भी मिलेगा। कार्यशाला के अंत में तैयार फिल्मों की स्क्रीनिंग की जाएगी और विशेषज्ञों द्वारा उनका मूल्यांकन किया जाएगा. अभिनय सत्र में कैमरे के सामने अभिनय की तकनीक, अभिव्यक्ति, बॉडी लैंग्वेज, चरित्र निर्माण तथा रंगमंच और कैमरा अभिनय के बीच के अंतर पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा. वहीं सिनेमैटोग्राफी, साउंड डिजाइन और एडिटिंग के व्यावहारिक पहलुओं से भी प्रतिभागियों को अवगत कराया जाएगा. यह कार्यशाला अभिनय के इच्छुक युवाओं के अलावा कंटेंट क्रिएटर्स, यूट्यूबर्स, शॉर्ट फिल्म निर्माताओं, थिएटर कलाकारों तथा मीडिया एवं मास कम्युनिकेशन के विद्यार्थियों के लिए भी उपयोगी मानी जा रही है. कार्यशाला [&#8230;]]]></description>
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<h1 class="wp-block-heading has-vivid-red-color has-text-color has-link-color wp-elements-8223f522cd2641e4f61896c36cb6a49c">पटना में पहली बार FTII के सहयोग से 8 दिवसीय &#8216;स्क्रिप्ट टू स्क्रीन&#8217; फिल्म मेकिंग कार्यशाला </h1>



<p><strong>5 अगस्त से होगा आयोजन</strong></p>



<p><strong>पटना</strong>,30 जुलाई. फिल्म निर्माण और अभिनय के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए राजधानी पटना में पहली बार भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (FTII), पुणे के सेंटर फॉर ओपन लर्निंग (CFOL) के सहयोग से आठ दिवसीय <strong>&#8216;स्क्रिप्ट टू स्क्रीन&#8217;</strong> कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है. यह कार्यशाला 5 से 11 अगस्त तक हाउस ऑफ वैरायटी, द हब (रीजेंट सिनेमा परिसर), ईस्ट गांधी मैदान, पटना में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी.</p>



<figure class="wp-block-gallery has-nested-images columns-default is-cropped wp-block-gallery-1 is-layout-flex wp-block-gallery-is-layout-flex">
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="388" data-id="54353" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/PNC_Theatre-workshop-3rd-day-05.jpg" alt="" class="wp-image-54353" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/PNC_Theatre-workshop-3rd-day-05.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/07/PNC_Theatre-workshop-3rd-day-05-350x209.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>
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<p>कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को फिल्म निर्माण की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है. इसमें पटकथा लेखन, निर्देशन, अभिनय, सिनेमैटोग्राफी, कैमरा संचालन, लाइटिंग, साउंड रिकॉर्डिंग, एडिटिंग तथा पोस्ट-प्रोडक्शन जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा.</p>



<figure class="wp-block-gallery has-nested-images columns-default is-cropped wp-block-gallery-3 is-layout-flex wp-block-gallery-is-layout-flex">
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="293" data-id="54346" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/PNC_Theatre-workshop-2nd-day1.jpg" alt="" class="wp-image-54346" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/PNC_Theatre-workshop-2nd-day1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/07/PNC_Theatre-workshop-2nd-day1-350x158.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>
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<p>प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि समूहों में लघु फिल्म तैयार करने का अवसर भी मिलेगा। कार्यशाला के अंत में तैयार फिल्मों की स्क्रीनिंग की जाएगी और विशेषज्ञों द्वारा उनका मूल्यांकन किया जाएगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="718" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001567509-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98158" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001567509-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001567509-650x456.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>अभिनय सत्र में कैमरे के सामने अभिनय की तकनीक, अभिव्यक्ति, बॉडी लैंग्वेज, चरित्र निर्माण तथा रंगमंच और कैमरा अभिनय के बीच के अंतर पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा. वहीं सिनेमैटोग्राफी, साउंड डिजाइन और एडिटिंग के व्यावहारिक पहलुओं से भी प्रतिभागियों को अवगत कराया जाएगा.</p>



<p>यह कार्यशाला अभिनय के इच्छुक युवाओं के अलावा कंटेंट क्रिएटर्स, यूट्यूबर्स, शॉर्ट फिल्म निर्माताओं, थिएटर कलाकारों तथा मीडिया एवं मास कम्युनिकेशन के विद्यार्थियों के लिए भी उपयोगी मानी जा रही है.</p>



<p>कार्यशाला के कोर्स डायरेक्टर प्रख्यात फिल्म शिक्षाविद् <strong>गिरिश जोटवाणी</strong> होंगे. प्रशिक्षण उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.</p>



<p>कार्यशाला में भाग लेने के लिए <strong>₹12,600</strong> का पंजीकरण शुल्क निर्धारित किया गया है. सीमित सीटों के कारण इच्छुक प्रतिभागियों से समय रहते पंजीकरण कराने की अपील की गई है.</p>



<p><strong>PNCB</strong> </p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बिहार विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक के खिलाफ शिक्षकों-कर्मचारियों का राज्यव्यापी आंदोलन</title>
		<link>https://www.patnanow.com/teachers-association-are-aginst/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 26 Jul 2026 07:20:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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		<category><![CDATA[VKSU ARA]]></category>
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					<description><![CDATA[सरकार को दी आर-पार की चेतावनी आरा/पटना. बिहार सरकार द्वारा प्रस्तावित विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक (काला बिल) के विरोध में फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन ऑफ बिहार (FUTAB), फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी टीचर्स सर्विस एसोसिएशन ऑफ बिहार (FUSTAB) तथा बिहार राज्य विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के संयुक्त तत्वावधान में राज्यव्यापी आंदोलन आयोजित किया गया. इस आंदोलन में राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने अभूतपूर्व एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए सरकार से विधेयक को तत्काल वापस लेने की मांग की. संयुक्त आंदोलन का संचालन एवं अध्यक्षता FUTAB के महासचिव सह विधान परिषद सदस्य (MLC) डॉ. संजय कुमार सिंह ने की. उन्होंने कहा कि प्रस्तावित विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और लोकतांत्रिक प्रशासनिक व्यवस्था पर सीधा हमला है. उन्होंने सभी शिक्षक एवं कर्मचारी संगठनों से इस संघर्ष को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाने के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया. वीर कुंवर सिंह यूनिवर्सिटी टीचर एसोसिएशन (VAKUTA) की ओर से महासचिव डॉ. शशि भूषण राय, सहमल देव खैरा शिक्षक संघ के सचिव डॉ. संतोष कुमार तथा एस.बी. कॉलेज, आरा शिक्षक संघ के सचिव डॉ. अभिनव आनंद ने सक्रिय भागीदारी निभाई और शिक्षकों की एकजुटता का प्रदर्शन किया. डॉ. शशि भूषण राय ने कहा कि विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, शिक्षकों के अधिकारों और उच्च शिक्षा की गरिमा की रक्षा के लिए वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय शिक्षक संघ पूरी मजबूती के साथ महासंघ के साथ खड़ा है. उन्होंने कहा कि संयुक्त मोर्चा आंदोलन के संबंध में जो भी निर्णय लेगा, VAKUTA उसे पूरी निष्ठा, अनुशासन और एकजुटता के साथ [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>सरकार को दी आर-पार की चेतावनी</strong></p>



<p><strong>आरा/पटना.</strong> बिहार सरकार द्वारा प्रस्तावित विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक (काला बिल) के विरोध में फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन ऑफ बिहार (FUTAB), फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी टीचर्स सर्विस एसोसिएशन ऑफ बिहार (FUSTAB) तथा बिहार राज्य विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के संयुक्त तत्वावधान में राज्यव्यापी आंदोलन आयोजित किया गया. इस आंदोलन में राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने अभूतपूर्व एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए सरकार से विधेयक को तत्काल वापस लेने की मांग की.</p>



<p>संयुक्त आंदोलन का संचालन एवं अध्यक्षता FUTAB के महासचिव सह विधान परिषद सदस्य (MLC) डॉ. संजय कुमार सिंह ने की. उन्होंने कहा कि प्रस्तावित विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और लोकतांत्रिक प्रशासनिक व्यवस्था पर सीधा हमला है. उन्होंने सभी शिक्षक एवं कर्मचारी संगठनों से इस संघर्ष को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाने के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया.</p>



<p>वीर कुंवर सिंह यूनिवर्सिटी टीचर एसोसिएशन (VAKUTA) की ओर से महासचिव डॉ. शशि भूषण राय, सहमल देव खैरा शिक्षक संघ के सचिव डॉ. संतोष कुमार तथा एस.बी. कॉलेज, आरा शिक्षक संघ के सचिव डॉ. अभिनव आनंद ने सक्रिय भागीदारी निभाई और शिक्षकों की एकजुटता का प्रदर्शन किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="838" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001553144-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98058" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001553144-scaled.jpg 838w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001553144-532x650.jpg 532w" sizes="auto, (max-width: 838px) 100vw, 838px" /></figure>



<p>डॉ. शशि भूषण राय ने कहा कि विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, शिक्षकों के अधिकारों और उच्च शिक्षा की गरिमा की रक्षा के लिए वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय शिक्षक संघ पूरी मजबूती के साथ महासंघ के साथ खड़ा है. उन्होंने कहा कि संयुक्त मोर्चा आंदोलन के संबंध में जो भी निर्णय लेगा, VAKUTA उसे पूरी निष्ठा, अनुशासन और एकजुटता के साथ लागू करेगा तथा आंदोलन के हर चरण में सक्रिय भूमिका निभाएगा.</p>



<p>आंदोलन में शामिल FUTAB, FUSTAB और बिहार राज्य विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रस्तावित संशोधन विधेयक विश्वविद्यालयों की स्वतंत्र कार्यप्रणाली, लोकतांत्रिक व्यवस्था और शिक्षकों एवं कर्मचारियों के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने वाला है. उन्होंने इसे उच्च शिक्षा के भविष्य के लिए गंभीर खतरा बताया.</p>



<p>वक्ताओं ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक संगठन की नहीं, बल्कि बिहार की पूरी उच्च शिक्षा व्यवस्था, विश्वविद्यालयों की गरिमा और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की रक्षा का संघर्ष है. सभी शिक्षक एवं कर्मचारियों ने संकल्प लिया कि इस प्रस्तावित काला बिल का लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से हर स्तर पर विरोध जारी रहेगा.</p>



<p>संयुक्त मोर्चे ने बिहार सरकार से मांग की कि विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक को तत्काल वापस लिया जाए तथा किसी भी नए कानून को लागू करने से पहले शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मचारियों, शिक्षाविदों और सभी संबंधित पक्षों से व्यापक विचार-विमर्श किया जाए. उनका कहना था कि उच्च शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर एकतरफा निर्णय लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है.</p>



<p><strong>PNCB</strong></p>
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			</item>
		<item>
		<title>भोजपुरी का स्तर देखकर दुख होता है : देवी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bhojpuri-per-kya-boli-devi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 25 Jul 2026 14:05:13 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मशहूर लोकगायिका देवी ने अश्लीलता, जातीय गीतों और भाषा के भविष्य पर खुलकर रखी राय Patna Now Exclusive/O.P.Pandey पटना, 25 जुलाई. विश्व IVF दिवस के अवसर पर राजधानी पटना में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं मशहूर भोजपुरी लोकगायिका ने Patna Now से विशेष बातचीत में भोजपुरी संगीत, लोकसंस्कृति, सामाजिक सरोकारों और भोजपुरी भाषा के भविष्य पर बेबाकी से अपनी राय रखी. इस दौरान उनका 7 महीने का पुत्र जंगल भी उनके साथ देखने मिला. &#8220;जंगल की आज सबसे ज्यादा जरूरत है, इसलिए बेटे का नाम रखा जंगल&#8221;अपने बेटे के अनोखे नाम &#8216;जंगल&#8217; के बारे में पूछे जाने पर देवी ने बताया कि यह नाम उनके नाना ने रखा था. उन्होंने कहा कि आज के दौर में सबसे ज्यादा जरूरत जंगलों की है, लेकिन आधुनिकता की अंधी दौड़ में हम प्राकृतिक जंगलों को खत्म कर कंक्रीट के जंगल खड़े कर रहे हैं. यह प्रकृति और मानव जीवन, दोनों के लिए खतरे का संकेत है. &#8220;भोजपुरी का स्तर देखकर दुख होता है&#8221;भोजपुरी संगीत की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए देवी ने कहा कि आज जिस तरह के गीत बनाए जा रहे हैं और उनमें महिलाओं को जिस नजर से प्रस्तुत किया जाता है, उसे देखकर उन्हें बेहद दुख होता है. उन्होंने कहा कि भोजपुरी की मूल संस्कृति प्रेम, अपनापन और लोगों को जोड़ने की रही है. लेकिन आज कई गीत जाति और धर्म के नाम पर समाज में विभाजन और नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं. कलाकार की जिम्मेदारी समाज को जोड़ने की हैदेवी ने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>मशहूर लोकगायिका देवी ने अश्लीलता, जातीय गीतों और भाषा के भविष्य पर खुलकर रखी राय</strong><br><br><em>Patna Now Exclusive/O.P.Pandey</em><br><br><strong>पटना, 25 जुलाई. </strong>विश्व IVF दिवस के अवसर पर राजधानी पटना में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं मशहूर भोजपुरी लोकगायिका ने <em>Patna Now</em> से विशेष बातचीत में भोजपुरी संगीत, लोकसंस्कृति, सामाजिक सरोकारों और भोजपुरी भाषा के भविष्य पर बेबाकी से अपनी राय रखी. इस दौरान उनका 7 महीने का पुत्र <strong>जंगल</strong> भी उनके साथ देखने मिला.</p>



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<p><strong>&#8220;जंगल की आज सबसे ज्यादा जरूरत है, इसलिए बेटे का नाम रखा जंगल&#8221;</strong><br>अपने बेटे के अनोखे नाम &#8216;जंगल&#8217; के बारे में पूछे जाने पर देवी ने बताया कि यह नाम उनके नाना ने रखा था. उन्होंने कहा कि आज के दौर में सबसे ज्यादा जरूरत जंगलों की है, लेकिन आधुनिकता की अंधी दौड़ में हम प्राकृतिक जंगलों को खत्म कर कंक्रीट के जंगल खड़े कर रहे हैं. यह प्रकृति और मानव जीवन, दोनों के लिए खतरे का संकेत है.<br><br><strong>&#8220;भोजपुरी का स्तर देखकर दुख होता है&#8221;</strong><br>भोजपुरी संगीत की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए देवी ने कहा कि आज जिस तरह के गीत बनाए जा रहे हैं और उनमें महिलाओं को जिस नजर से प्रस्तुत किया जाता है, उसे देखकर उन्हें बेहद दुख होता है.</p>



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<p>उन्होंने कहा कि भोजपुरी की मूल संस्कृति प्रेम, अपनापन और लोगों को जोड़ने की रही है. लेकिन आज कई गीत जाति और धर्म के नाम पर समाज में विभाजन और नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं.<br><br><strong>कलाकार की जिम्मेदारी समाज को जोड़ने की है</strong><br>देवी ने कहा कि कलाकार सबसे संवेदनशील व्यक्ति होता है. ऐसे में किसी कलाकार को ऐसे गीत नहीं गाने चाहिए जो समाज में वैमनस्य और घृणा पैदा करें. उनका मानना है कि कला का उद्देश्य समाज को जोड़ना है, तोड़ना नहीं.<br><br><strong>भिखारी ठाकुर हैं सबसे पसंदीदा कलाकार</strong><br>अपनी प्रेरणा के बारे में बताते हुए देवी ने कहा कि उनके सबसे प्रिय कलाकार लोकनायक हैं. उन्होंने कहा कि भिखारी ठाकुर ने अपने लोकनाटकों और गीतों के माध्यम से समाज की कुरीतियों पर गहरी चोट की.<br><br>उन्होंने &#8216;बेटी बेचवा&#8217; का उल्लेख करते हुए कहा कि इस नाटक में कम उम्र की लड़की की शादी एक वृद्ध व्यक्ति से होने के बाद उसके जीवन की पीड़ा को बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है. वहीं &#8216;विदेशिया&#8217; के माध्यम से उन्होंने उन परिवारों की पीड़ा दिखाई, जिनके पुरुष रोजी-रोटी के लिए घर छोड़कर बाहर चले जाते हैं. ऐसे लोकनाटकों ने समाज में जागरूकता और बदलाव की शुरुआत की.<br><br><strong>आठवीं अनुसूची पर भी रखी स्पष्ट राय</strong><br>भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किए जाने के सवाल पर देवी ने कहा कि केवल मांग करने से बात नहीं बनेगी. पहले भोजपुरी के स्तर को बेहतर बनाना होगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="579" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001549983-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98051" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001549983-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001549983-650x367.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001549983-1536x868.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान में बन रहे गीतों का स्तर देखा जाए तो गंभीर आत्ममंथन की जरूरत है. जब भोजपुरी अपनी गरिमा और गुणवत्ता के साथ मजबूत होगी, तभी उसे उचित सम्मान मिल सकेगा.<br><br><strong>सिर्फ मुद्दे उठाने से नहीं, सोच बदलने से बदलाव आएगा</strong><br>सामाजिक मुद्दों पर कलाकारों की भूमिका को लेकर देवी ने कहा कि कलाकारों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जब तक हमारी सोच नहीं बदलेगी, तब तक किसी भी सामाजिक समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है.<br><br><strong>नए कलाकारों को दी यह सलाह</strong><br>उभरते हुए भोजपुरी गायकों और कलाकारों को संदेश देते हुए देवी ने कहा कि उन्हें पुराने लोकगीतों और महान लोक कलाकारों को सुनना और सीखना चाहिए.<br><br>उन्होंने कहा कि भिखारी ठाकुर और महेन्द्र मिश्रा जैसे लोक कलाकारों की रचनाएं हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं. नई पीढ़ी यदि इन्हें गाएगी और आगे बढ़ाएगी, तो भोजपुरी की समृद्ध लोकसंस्कृति भी सुरक्षित रहेगी और आने वाली पीढ़ियां अपनी जड़ों से जुड़ी रहेंगी.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक के विरोध में वीकेएसयू शिक्षकों का प्रदर्शन,</title>
		<link>https://www.patnanow.com/250-teacher-on-protest/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 25 Jul 2026 08:08:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACADEMIC]]></category>
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					<description><![CDATA[250 शिक्षकों ने किया धरना आरा,25 जुलाई। बिहार सरकार द्वारा प्रस्तावित विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक के विरोध में शनिवार को वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (वाकूटा) के आह्वान पर शाहाबाद क्षेत्र के सभी अंगीभूत महाविद्यालयों के लगभग 250 शिक्षकों ने सामूहिक अवकाश लेकर विश्वविद्यालय मुख्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया. शिक्षकों ने प्रस्तावित विधेयक को उच्च शिक्षा और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता के लिए नुकसानदायक बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की. धरना-सभा को संबोधित करते हुए वाकूटा के महासचिव डॉ. शशि भूषण राय समेत विभिन्न महाविद्यालयों से आए शिक्षकों ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को प्रभावित करेगा और वर्षों से स्थापित स्वस्थ एवं स्थिर शैक्षणिक वातावरण को अस्थिर कर देगा. वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में विश्वविद्यालयों में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप CBCS और FYUP पाठ्यक्रम लागू किए जा रहे हैं. ऐसे समय में विश्वविद्यालयों की प्रशासनिक एवं संरचनात्मक व्यवस्था में व्यापक बदलाव करना नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन में भी बाधा उत्पन्न करेगा. शिक्षकों ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक का प्रतिकूल प्रभाव शिक्षकों, विद्यार्थियों और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ेगा. उन्होंने सरकार से मांग की कि विधेयक को तत्काल वापस लिया जाए या इसे लागू करने से पहले राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के शिक्षकों, शिक्षाविदों और अन्य संबंधित पक्षों से व्यापक विचार-विमर्श किया जाए. धरना-सभा में उपस्थित शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी न्यायोचित मांगों की अनदेखी करती है, तो वाकूटा लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपने आंदोलन को और व्यापक करेगा. विरोध-प्रदर्शन में शाहाबाद क्षेत्र [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>250 शिक्षकों ने किया धरना</strong></p>



<h3 class="wp-block-heading">आरा,25 जुलाई। बिहार सरकार द्वारा प्रस्तावित विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक के विरोध में शनिवार को वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (वाकूटा) के आह्वान पर शाहाबाद क्षेत्र के सभी अंगीभूत महाविद्यालयों के लगभग 250 शिक्षकों ने सामूहिक अवकाश लेकर विश्वविद्यालय मुख्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया. शिक्षकों ने प्रस्तावित विधेयक को उच्च शिक्षा और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता के लिए नुकसानदायक बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की.</h3>



<p>धरना-सभा को संबोधित करते हुए वाकूटा के महासचिव डॉ. शशि भूषण राय समेत विभिन्न महाविद्यालयों से आए शिक्षकों ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को प्रभावित करेगा और वर्षों से स्थापित स्वस्थ एवं स्थिर शैक्षणिक वातावरण को अस्थिर कर देगा. वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में विश्वविद्यालयों में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप CBCS और FYUP पाठ्यक्रम लागू किए जा रहे हैं. ऐसे समय में विश्वविद्यालयों की प्रशासनिक एवं संरचनात्मक व्यवस्था में व्यापक बदलाव करना नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन में भी बाधा उत्पन्न करेगा.</p>



<p>शिक्षकों ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक का प्रतिकूल प्रभाव शिक्षकों, विद्यार्थियों और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ेगा. उन्होंने सरकार से मांग की कि विधेयक को तत्काल वापस लिया जाए या इसे लागू करने से पहले राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के शिक्षकों, शिक्षाविदों और अन्य संबंधित पक्षों से व्यापक विचार-विमर्श किया जाए.</p>



<figure class="wp-block-gallery has-nested-images columns-default is-cropped wp-block-gallery-4 is-layout-flex wp-block-gallery-is-layout-flex">
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" data-id="98046" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001548912-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98046" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001548912-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001548912-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001548912-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>
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<p>धरना-सभा में उपस्थित शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी न्यायोचित मांगों की अनदेखी करती है, तो वाकूटा लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपने आंदोलन को और व्यापक करेगा.</p>



<p>विरोध-प्रदर्शन में शाहाबाद क्षेत्र के विभिन्न अंगीभूत महाविद्यालयों के बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे. संगठन ने कहा कि विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सोशल मीडिया पर जुबान फिसली तो सीधे जेल</title>
		<link>https://www.patnanow.com/juban-fisali-to-hogi-jail/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 21 Jul 2026 06:32:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Crime]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार सरकार ने लाया सख्त पेपर लीक पर लगेगा CCA अपशब्द लिखे तो एक साल तक जेल. सीसीए के तहत होगी कार्रवाई पटना,21 जुलाई. बिहार सरकार ने डिजिटल अपराध, सोशल मीडिया पर बढ़ती अभद्रता और पेपर लीक जैसे अपराधों पर सख्त कार्रवाई के लिए बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम 2024 (सीसीए) में संशोधन सहित कुल 10 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. सरकार का कहना है कि बदलते अपराध के स्वरूप और डिजिटल माध्यमों के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए कानून को और प्रभावी बनाया गया है. सोशल मीडिया पर गाली-गलौज की तो होगी जेल सरकार ने स्पष्ट किया है कि इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी के खिलाफ अभद्र भाषा, गाली-गलौज, अपमानजनक टिप्पणी या ट्रोलिंग करने वालों पर अब सीसीए के तहत कार्रवाई होगी. ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर छह महीने से लेकर एक वर्ष तक की जेल हो सकती है. सरकार ने ऐसे लोगों को असामाजिक तत्वों की श्रेणी में रखते हुए सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया है. पेपर लीक पर भी सख्त शिकंजा राज्य सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक जैसे मामलों को भी सीसीए के दायरे में लाने का निर्णय लिया है. अब पेपर लीक गिरोह से जुड़े लोगों पर सीधे इस कानून के तहत कार्रवाई होगी. इसके साथ ही आर्थिक अपराध और साइबर ठगी के मामलों में भी कड़े दंड का प्रावधान किया गया है. अपराध के बदलते स्वरूप को देखते हुए संशोधन सरकार के अनुसार वर्ष [&#8230;]]]></description>
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<h1 class="wp-block-heading"><strong>बिहार सरकार ने लाया सख्त  पेपर लीक पर लगेगा CCA </strong></h1>



<p><strong>अपशब्द लिखे तो एक साल तक जेल. सीसीए के तहत होगी कार्रवाई</strong></p>



<p><strong>पटना,21 जुलाई.</strong> बिहार सरकार ने डिजिटल अपराध, सोशल मीडिया पर बढ़ती अभद्रता और पेपर लीक जैसे अपराधों पर सख्त कार्रवाई के लिए बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में <strong>बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम 2024 (सीसीए)</strong> में संशोधन सहित कुल 10 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. सरकार का कहना है कि बदलते अपराध के स्वरूप और डिजिटल माध्यमों के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए कानून को और प्रभावी बनाया गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="652" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001533077-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97900" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001533077-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001533077-650x414.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>सोशल मीडिया पर गाली-गलौज की तो होगी जेल</strong></h2>



<p>सरकार ने स्पष्ट किया है कि इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी के खिलाफ अभद्र भाषा, गाली-गलौज, अपमानजनक टिप्पणी या ट्रोलिंग करने वालों पर अब <strong>सीसीए के तहत कार्रवाई</strong> होगी. ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर <strong>छह महीने से लेकर एक वर्ष तक की जेल</strong> हो सकती है. सरकार ने ऐसे लोगों को असामाजिक तत्वों की श्रेणी में रखते हुए सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया है.</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>पेपर लीक पर भी सख्त शिकंजा</strong></h2>



<p>राज्य सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक जैसे मामलों को भी सीसीए के दायरे में लाने का निर्णय लिया है. अब पेपर लीक गिरोह से जुड़े लोगों पर सीधे इस कानून के तहत कार्रवाई होगी. इसके साथ ही आर्थिक अपराध और साइबर ठगी के मामलों में भी कड़े दंड का प्रावधान किया गया है.</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>अपराध के बदलते स्वरूप को देखते हुए संशोधन</strong></h2>



<p>सरकार के अनुसार वर्ष 2024 में बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम लागू होने के बाद डिजिटल सेवाओं के बढ़ते उपयोग, साइबर अपराध, पेपर लीक और नए प्रकार के संगठित अपराध तेजी से सामने आए हैं. इसी कारण पुलिस मुख्यालय ने कानून की कुछ धाराओं में संशोधन का प्रस्ताव भेजा था, जिसे अब मंजूरी दे दी गई है.</p>



<p>सरकार का मानना है कि तेजी से हो रहे शहरीकरण, आर्थिक गतिविधियों के विस्तार, विज्ञान एवं तकनीक के बढ़ते उपयोग और डिजिटल माध्यमों पर बढ़ती निर्भरता के कारण अपराध का स्वरूप बदल रहा है. संशोधित कानून पुलिस को ऐसे मामलों में अधिक प्रभावी और स्पष्ट कानूनी अधिकार देगा.</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>132 साल पुराना जेल कानून खत्म</strong></h2>



<p>कैबिनेट ने ब्रिटिश काल से लागू <strong>132 वर्ष पुराने जेल कानून</strong> को समाप्त करने का भी फैसला लिया है. इसके तहत <strong>द प्रिजन्स एक्ट. 1900</strong>, <strong>द ट्रांसफर ऑफ प्रिजन्स एक्ट. 1950</strong> और <strong>द प्रिजन एक्ट. 1984</strong> को समाप्त कर <strong>बिहार कारा एवं सुधारात्मक सेवा विधेयक. 2026</strong> को मंजूरी दी गई है.</p>



<p>नए सुधारात्मक कानून का उद्देश्य जेल प्रशासन को आधुनिक बनाना और कैदियों के सुधार एवं पुनर्वास की व्यवस्था को मजबूत करना है.</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>मुजफ्फरपुर में बनेगा वास्तुकला एवं अभियांत्रण विश्वविद्यालय</strong></h2>



<p>कैबिनेट ने मुजफ्फरपुर में <strong>शहीद जुब्बा सहनी वास्तुकला एवं असैनिक (सिविल) अभियांत्रण विश्वविद्यालय</strong> की स्थापना के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है. इसके लिए संबंधित विधेयक बिहार विधानमंडल में पेश किया जाएगा. सरकार का कहना है कि इससे वास्तुकला और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा तथा छात्रों को आधुनिक शोध और उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे.</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>बिहार अभियांत्रण विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन</strong></h2>



<p>राज्य मंत्रिमंडल ने <strong>बिहार अभियांत्रण विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक. 2026</strong> को भी मंजूरी दी है. संशोधन के तहत विश्वविद्यालय के कुलपति का तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के बाद आवश्यकता पड़ने पर कुलाधिपति उन्हें अधिकतम <strong>तीन वर्ष</strong> तक पद पर बने रहने की अनुमति दे सकेंगे. पहले यह अवधि अधिकतम <strong>एक वर्ष</strong> थी.</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>अग्निवीरों को वनरक्षी भर्ती में 20 प्रतिशत आरक्षण</strong></h2>



<p>सरकार ने सेना से लौटने वाले <strong>अग्निवीरों</strong> को वन एवं पर्यावरण विभाग में <strong>वनरक्षी (फॉरेस्ट गार्ड)</strong> की सीधी भर्ती में <strong>20 प्रतिशत आरक्षण</strong> देने का भी निर्णय लिया है. इस फैसले का उद्देश्य अग्निवीरों को सेवा समाप्ति के बाद रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है.</p>



<p>सरकार का कहना है कि इन सभी फैसलों से राज्य में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को और मजबूत बनाया जाएगा. साथ ही डिजिटल अपराध, साइबर ठगी, पेपर लीक और सोशल मीडिया पर बढ़ती अभद्रता पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जंतर-मंतर से उठी भरत तिवारी के न्याय की हुंकार</title>
		<link>https://www.patnanow.com/jantar-mantar-se-uthi-aawaj/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 18 Jul 2026 05:05:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
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		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
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		<category><![CDATA[Journalist O P Pandey]]></category>
		<category><![CDATA[Justice for Bharat Bhushan Tiwari]]></category>
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		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
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					<description><![CDATA[&#8216;फेसबुक लाइव&#8217; वीडियो गायब होने पर भी गरमाई बहस नई दिल्ली/आरा,18 जुलाई। देश की राजधानी नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले को लेकर देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे समर्थकों ने धरना-प्रदर्शन कर न्याय की मांग बुलंद की. प्रदर्शन में भरत तिवारी की मां और बहन भी शामिल हुईं. दोनों ने आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि न्याय मिलने तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी. धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने इसे केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि न्याय और कानून के शासन की लड़ाई बताया. इधर, आरा में चल रही राज्य सरकार द्वारा गठित न्यायिक जांच आयोग की सुनवाई के दौरान भी मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. आयोग के समक्ष पीड़ित परिवार के साथ-साथ आरोपी पक्ष के पुलिस अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं. इस बीच पर्यावरण कार्यकर्ता रमेश कुमार सुदामा ने आयोग के समक्ष एक नया मुद्दा उठाते हुए कहा कि भरत तिवारी के फेसबुक अकाउंट से आत्मसमर्पण से जुड़ा कथित लाइव वीडियो अब दिखाई नहीं दे रहा है. उन्होंने इसे गंभीर विषय बताते हुए इसकी तकनीकी जांच कराने की मांग की और आशंका जताई कि यदि डिजिटल साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ हुई है तो इससे जांच प्रभावित हो सकती है. हालांकि, इस पूरे विवाद पर भोजपुर पुलिस ने 16 जुलाई को जारी प्रेस विज्ञप्ति में सोशल मीडिया पर चल रही खबरों का खंडन किया [&#8230;]]]></description>
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<p>&#8216;<strong>फेसबुक लाइव&#8217; वीडियो गायब होने पर भी गरमाई बहस</strong></p>



<p><strong>नई दिल्ली/आरा,18 जुलाई।</strong> देश की राजधानी <strong>नई दिल्ली के जंतर-मंतर</strong> पर भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले को लेकर देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे समर्थकों ने धरना-प्रदर्शन कर न्याय की मांग बुलंद की. प्रदर्शन में भरत तिवारी की मां और बहन भी शामिल हुईं. दोनों ने आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि न्याय मिलने तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="572" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001521020-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97793" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001521020-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001521020-650x363.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने इसे केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि न्याय और कानून के शासन की लड़ाई बताया.<br><br>इधर, आरा में चल रही राज्य सरकार द्वारा गठित न्यायिक जांच आयोग की सुनवाई के दौरान भी मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. आयोग के समक्ष पीड़ित परिवार के साथ-साथ आरोपी पक्ष के पुलिस अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="565" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001521021-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97794" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001521021-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001521021-650x359.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस बीच पर्यावरण कार्यकर्ता <strong>रमेश कुमार सुदामा</strong> ने आयोग के समक्ष एक नया मुद्दा उठाते हुए कहा कि भरत तिवारी के फेसबुक अकाउंट से आत्मसमर्पण से जुड़ा कथित लाइव वीडियो अब दिखाई नहीं दे रहा है. उन्होंने इसे गंभीर विषय बताते हुए इसकी तकनीकी जांच कराने की मांग की और आशंका जताई कि यदि डिजिटल साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ हुई है तो इससे जांच प्रभावित हो सकती है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="553" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001518763-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97795" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001518763-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001518763-650x351.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>हालांकि, इस पूरे विवाद पर <strong>भोजपुर पुलिस</strong> ने 16 जुलाई को जारी प्रेस विज्ञप्ति में सोशल मीडिया पर चल रही खबरों का खंडन किया है. पुलिस का कहना है कि भरत तिवारी के सोशल मीडिया अकाउंट से किसी भी पोस्ट या वीडियो को हटाने या डिलीट कराने के लिए पुलिस की ओर से कोई अनुरोध नहीं किया गया. पुलिस के अनुसार, डिजिटल साक्ष्यों की सुरक्षा के लिए संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट को <strong>प्रिजर्व (Preserve)</strong> कराया गया है तथा अनुसंधान के दौरान उसके <strong>पिछले छह माह का पूरा डिजिटल डेटा पहले ही सुरक्षित कर लिया गया था</strong>, ताकि किसी प्रकार की छेड़छाड़ न हो सके.<br><br>एक ओर जंतर-मंतर से न्याय की मांग तेज हो रही है, तो दूसरी ओर न्यायिक आयोग के समक्ष सुनवाई और डिजिटल साक्ष्यों को लेकर उठे सवाल इस चर्चित मामले को और अधिक संवेदनशील बना रहे हैं. अब सभी की निगाहें आयोग की अंतिम रिपोर्ट और उससे निकलने वाले निष्कर्षों पर टिकी हैं. लोगों के बीच चर्चाएं आम है कि बिहार के कई चर्चित कांडों की तरह इस कांड की भी लीपापोती हो जाएगी.</p>
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		<title>VKSU में राज्यपाल के शिक्षा संवाद के बीच विरोध: छात्र संगठनों ने दिखाए काले झंडे, हंगामा और तोड़फोड़</title>
		<link>https://www.patnanow.com/vksu-me-chhatro-ne-dikhaye-raajypal-ko-kale-jhande/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 18 Jul 2026 03:43:53 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[राज्यपाल ने छात्रों-शिक्षकों से सुनीं समस्याएं, शोधार्थियों ने सौंपा ज्ञापन प्रवेश नहीं मिलने का आरोप लगाकर छात्र संगठनों ने किया प्रदर्शन, प्रशासनिक भवन में तोड़फोड़ आरा, 18 जुलाई (ओ पी पाण्डेय). वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय (वीकेएसयू, VKSU), आरा में शुक्रवार को आयोजित राज्यपाल सह कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सय्यद अता हसनैन के &#8220;शिक्षकों एवं छात्रों के साथ संवाद&#8221; कार्यक्रम का समापन विश्वविद्यालय परिसर में अभूतपूर्व विरोध, हंगामे और तोड़फोड़ के बीच हुआ. एक ओर राज्यपाल ने छात्रों, शिक्षकों और शोधार्थियों से संवाद कर उच्च शिक्षा में सुधार का भरोसा दिया, वहीं दूसरी ओर कार्यक्रम से बाहर रखे जाने का आरोप लगाते हुए विभिन्न छात्र संगठनों ने पहले काला झंडा दिखाया और बाद में प्रशासनिक भवन में घुसकर प्रदर्शन किया. यह वीकेएसयू में राज्यपाल के साथ आयोजित इस प्रकार का पहला संवाद कार्यक्रम था, लेकिन कार्यक्रम के समापन के साथ ही विश्वविद्यालय परिसर तनाव का केंद्र बन गय. राज्यपाल बोले- छात्रों और शिक्षकों के सुझावों से ही होगा वास्तविक सुधार राज्यपाल ने संवाद के दौरान कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री देने वाले संस्थान नहीं, बल्कि ज्ञान, शोध, नवाचार और सामाजिक परिवर्तन के केंद्र हैं. उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में स्थायी सुधार तभी संभव है, जब नीति निर्माण में छात्रों और शिक्षकों के अनुभवों और सुझावों को महत्व दिया जाए. उन्होंने छात्रों से पुस्तकालय, परीक्षा प्रणाली, डिजिटल संसाधन, शोध और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े सुझाव लिए। शिक्षकों के साथ नई शिक्षा नीति, शोध संस्कृति और शैक्षणिक गुणवत्ता पर भी चर्चा की. राज्यपाल ने भरोसा दिलाया कि आने वाले चार से छह [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>राज्यपाल ने छात्रों-शिक्षकों से सुनीं समस्याएं, शोधार्थियों ने सौंपा ज्ञापन</strong><br></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520594-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97769" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520594-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520594-650x366.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>प्रवेश नहीं मिलने का आरोप लगाकर छात्र संगठनों ने किया प्रदर्शन, प्रशासनिक भवन में तोड़फोड़</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520625-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97770" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520625-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520625-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520625-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>आरा, 18 जुलाई (ओ पी पाण्डेय). </strong>वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय (वीकेएसयू, VKSU), आरा में शुक्रवार को आयोजित राज्यपाल सह कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) <strong>सय्यद अता हसनैन</strong> के &#8220;शिक्षकों एवं छात्रों के साथ संवाद&#8221; कार्यक्रम का समापन विश्वविद्यालय परिसर में अभूतपूर्व विरोध, हंगामे और तोड़फोड़ के बीच हुआ. एक ओर राज्यपाल ने छात्रों, शिक्षकों और शोधार्थियों से संवाद कर उच्च शिक्षा में सुधार का भरोसा दिया, वहीं दूसरी ओर कार्यक्रम से बाहर रखे जाने का आरोप लगाते हुए विभिन्न छात्र संगठनों ने पहले काला झंडा दिखाया और बाद में प्रशासनिक भवन में घुसकर प्रदर्शन किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520735-scaled.png" alt="" class="wp-image-97790" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520735-scaled.png 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520735-650x433.png 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="583" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520659-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97771" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520659-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520659-650x370.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520659-1536x875.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>यह वीकेएसयू में राज्यपाल के साथ आयोजित इस प्रकार का पहला संवाद कार्यक्रम था, लेकिन कार्यक्रम के समापन के साथ ही विश्वविद्यालय परिसर तनाव का केंद्र बन गय.<br><br><strong>राज्यपाल बोले- छात्रों और शिक्षकों के सुझावों से ही होगा वास्तविक सुधार</strong><br><br>राज्यपाल ने संवाद के दौरान कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री देने वाले संस्थान नहीं, बल्कि ज्ञान, शोध, नवाचार और सामाजिक परिवर्तन के केंद्र हैं. उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में स्थायी सुधार तभी संभव है, जब नीति निर्माण में छात्रों और शिक्षकों के अनुभवों और सुझावों को महत्व दिया जाए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="473" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520600-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97773" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520600-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520600-650x300.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520600-1536x709.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520600-2048x946.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उन्होंने छात्रों से पुस्तकालय, परीक्षा प्रणाली, डिजिटल संसाधन, शोध और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े सुझाव लिए। शिक्षकों के साथ नई शिक्षा नीति, शोध संस्कृति और शैक्षणिक गुणवत्ता पर भी चर्चा की. राज्यपाल ने भरोसा दिलाया कि आने वाले चार से छह महीनों में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव दिखाई देंगे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520590-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97788" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520590-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520590-650x365.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520590-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520592-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97774" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520592-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520592-650x365.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520592-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बाबू वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया, परिसर में पौधरोपण किया और छात्रों द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स का अवलोकन कर उनकी सराहना भी की.<br><br><strong>शोधार्थियों ने सीधे राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन</strong><br>संवाद कार्यक्रम के दौरान <strong>ऑल बिहार पीएच.डी. डिग्री होल्डर्स एंड रिसर्च स्कॉलर्स एसोसिएशन</strong> के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520594-1-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97775" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520594-1-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520594-1-650x366.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व <strong>कुमुद पटेल</strong> ने किया. उनके साथ अभिषेक मेहता, सुशील टाइगर, पियूष कुमार, ज्योति कुमार और रत्नेश कुमार मौजूद रहे. प्रतिनिधिमंडल ने शोधार्थियों, पीएचडी उपाधिधारकों, नेट और जेआरएफ अभ्यर्थियों से जुड़ी समस्याओं, शोध के लिए बेहतर सुविधाएं, लंबित मामलों के समाधान तथा उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की मांग रखी.<br><br>राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा.<br><br><strong>छात्र संगठनों का आरोप- संवाद में हमें ही नहीं बुलाया गया</strong><br>इसी बीच विश्वविद्यालय के विभिन्न छात्र संगठनों ने आरोप लगाया कि वे कई दिनों से कुलपति और कुलसचिव से मिलकर संवाद कार्यक्रम में शामिल होने तथा राज्यपाल को ज्ञापन देने की अनुमति मांग रहे थे, लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520633-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97776" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520633-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520633-650x365.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520633-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>छात्रों का कहना था कि कार्यक्रम में आम छात्रों की आवाज़ शामिल नहीं की गई, जबकि संवाद का उद्देश्य ही छात्रों की समस्याएं सुनना था.<br>उनकी प्रमुख मांगों में शामिल थीं :<br>• 7.5 सीजीपीए की अनिवार्यता समाप्त करना.<br>• विश्वविद्यालय में आधुनिक पुस्तकालय की व्यवस्था.<br>• छात्रावास का निर्माण.<br>• सहायक प्राध्यापक बहाली में यूजीसी के अनुरूप अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष करना.<br>• पीएचडी और अन्य पाठ्यक्रमों में बढ़ाई गई फीस वापस लेना.<br><br><strong>राज्यपाल के काफिले को दिखाए काले झंडे</strong><br>कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब राज्यपाल पटना के लिए रवाना हो रहे थे, उसी दौरान विश्वविद्यालय के बाहर मौजूद छात्र संगठनों ने उन्हें काले झंडे दिखाए.<br>प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ देर के लिए सुरक्षा कर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी. हालांकि सुरक्षा व्यवस्था के बीच राज्यपाल का काफिला वहां से निकल गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520654-1-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97777" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520654-1-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520654-1-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520654-1-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>राज्यपाल के जाने के बाद भड़का आक्रोश</strong><br>राज्यपाल के प्रस्थान के कुछ देर बाद प्रदर्शन और उग्र हो गया. आक्रोशित छात्र प्रशासनिक भवन पहुंचे, मुख्य गेट तोड़कर अंदर प्रवेश किया और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान परिसर में तोड़फोड़ भी हुई. प्रदर्शनकारी कुलपति कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गए और काफी देर तक नारे लगाते रहे. छात्र संगठनों का आरोप था कि यदि &#8220;शिक्षा संवाद&#8221; में ही छात्रों को अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिलेगा, तो ऐसे कार्यक्रम का कोई औचित्य नहीं रह जाता.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520611-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97787" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520611-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520611-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520611-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520638-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97786" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520638-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520638-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520638-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-gallery has-nested-images columns-default is-cropped wp-block-gallery-5 is-layout-flex wp-block-gallery-is-layout-flex">
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" data-id="97779" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520591-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97779" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520591-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520591-650x365.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520591-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>
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<p><strong>उग्रता देखकर अधिकारी चले गए</strong><br>प्रदर्शनकारी छात्रों का दावा है कि हंगामा बढ़ता देख कुलपति सहित विश्वविद्यालय के कई अधिकारी मौके से चले गए. हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="580" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520585-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97782" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520585-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520585-650x368.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520585-1536x870.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



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<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="592" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520571-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97780" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520571-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520571-650x376.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520571-1536x888.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>हालांकि विश्वविद्यालय परिसर में काफी संख्या मे सुरक्षा बल पहले से ही तैनात दिखे जिससे यह प्रतीत हुआ कि विवि प्रशासन से हँगामें की उन्हे पहले से ही आशंका थी.<br><br><br><strong>एक ही दिन की दो तस्वीरें</strong><br>शुक्रवार का घटनाक्रम VKSU में उच्च शिक्षा व्यवस्था की दो अलग-अलग तस्वीरें सामने लेकर आया. एक ओर राज्यपाल छात्रों, शिक्षकों और शोधार्थियों से संवाद कर शिक्षा व्यवस्था में सुधार का भरोसा दे रहे थे। शोधार्थियों का प्रतिनिधिमंडल अपनी बात सीधे राज्यपाल तक पहुंचाने में सफल रहा. दूसरी ओर कई छात्र संगठन स्वयं को संवाद प्रक्रिया से बाहर रखा गया महसूस कर रहे थे और इसी असंतोष ने विरोध प्रदर्शन का रूप ले लिया. हालांकि तोड़फोड़ के बाद AISA के प्रदेश प्रतिनिधि रोशन कुशवाहा ने पटना नाऊ से बातचीत में बताया कि VC के चैम्बर में छात्र &#8211; छात्राओं के कब्जे के बाद VC ने छात्रों से बात की और उनकी मांगो को लेकर राज्यपाल से मिलाने का आश्वासन अगले पांच दिन के भीतर दिया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001518721-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97785" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001518721-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001518721-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001518721-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



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<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" data-id="97784" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520639-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97784" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520639-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520639-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520639-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520595-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97783" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520595-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520595-650x488.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>संवाद और विरोध, दोनों एक ही परिसर में, एक ही दिन दिखाई दिए. अब नजर इस बात पर रहेगी कि छात्र संगठनों की मांगों और शोधार्थियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन पर विश्वविद्यालय प्रशासन तथा राजभवन स्तर पर आगे क्या कार्रवाई होती है.</p>
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		<title>मल्टी टैलेंटेड बनिए, व्यक्तित्व विकास पर दीजिए ध्यान &#8211; पुनीत श्रीवास्तव</title>
		<link>https://www.patnanow.com/multi-talented-baniye/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 18 Jul 2026 02:02:25 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[5 बिहार बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर का हुआ सम्मान, विद्यालय में एनसीसी को स्थायी करने का दिया भरोसा आरा,18 जुलाई. शहर के शुभ नारायण नगर, मझौंवा स्थित &#8216;शांति स्मृति&#8217; संभावना आवासीय उच्च विद्यालय में शुक्रवार को 5 बिहार बटालियन एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर पुनीत श्रीवास्तव के सम्मान में भव्य समारोह आयोजित किया गया. कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया. विद्यालय के निदेशक डॉ. कुमार द्विजेंद्र एवं प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह ने संयुक्त रूप से पुनीत श्रीवास्तव को अंगवस्त्र और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया. इस अवसर पर कर्नल राणा प्रताप सिंह को भी अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया. मुख्य अतिथि पुनीत श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता के लिए केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास भी उतना ही जरूरी है. उन्होंने छात्रों से सोशल मीडिया की अनावश्यक लत से दूर रहने, स्मरण शक्ति को मजबूत बनाने और पूरी लगन के साथ अध्ययन करने की अपील की. उन्होंने कहा कि &#8220;मल्टी टैलेंटेड बनिए, अपने पर्सनालिटी डेवलपमेंट पर फोकस कीजिए. मेहनत का कोई विकल्प नहीं है. भारतीय सेना में जुगाड़ नहीं, केवल परिश्रम चलता है.&#8221; उन्होंने कहा कि संभावना विद्यालय के कैडेट्स के लिए यह गर्व की बात है कि उनकी प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह स्वयं बिहार की सर्वश्रेष्ठ एनसीसी कैडेट रह चुकी हैं और आज विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं. उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं से इस अवसर का लाभ उठाने का आह्वान किया. कमांडिंग ऑफिसर ने कहा कि एनसीसी एकता और अनुशासन की पाठशाला है, जो युवाओं [&#8230;]]]></description>
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<h2 class="wp-block-heading"><strong>5 बिहार बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर का हुआ सम्मान, विद्यालय में एनसीसी को स्थायी करने का दिया भरोसा</strong></h2>



<p><strong>आरा</strong>,18 जुलाई. शहर के शुभ नारायण नगर, मझौंवा स्थित <strong>&#8216;शांति स्मृति&#8217; संभावना आवासीय उच्च विद्यालय</strong> में शुक्रवार को <strong>5 बिहार बटालियन एनसीसी</strong> के कमांडिंग ऑफिसर <strong>पुनीत श्रीवास्तव</strong> के सम्मान में भव्य समारोह आयोजित किया गया. कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया. विद्यालय के निदेशक <strong>डॉ. कुमार द्विजेंद्र</strong> एवं प्राचार्या <strong>डॉ. अर्चना सिंह</strong> ने संयुक्त रूप से पुनीत श्रीवास्तव को अंगवस्त्र और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया. इस अवसर पर <strong>कर्नल राणा प्रताप सिंह</strong> को भी अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520273-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97758" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520273-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520273-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520273-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मुख्य अतिथि पुनीत श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि <strong>सफलता के लिए केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास भी उतना ही जरूरी है</strong>. उन्होंने छात्रों से सोशल मीडिया की अनावश्यक लत से दूर रहने, स्मरण शक्ति को मजबूत बनाने और पूरी लगन के साथ अध्ययन करने की अपील की. उन्होंने कहा कि <strong>&#8220;मल्टी टैलेंटेड बनिए, अपने पर्सनालिटी डेवलपमेंट पर फोकस कीजिए. मेहनत का कोई विकल्प नहीं है. भारतीय सेना में जुगाड़ नहीं, केवल परिश्रम चलता है.&#8221;</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="576" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520266-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97764" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520266-scaled.jpg 576w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520266-366x650.jpg 366w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520266-864x1536.jpg 864w" sizes="auto, (max-width: 576px) 100vw, 576px" /></figure>



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<p>उन्होंने कहा कि संभावना विद्यालय के कैडेट्स के लिए यह गर्व की बात है कि उनकी प्राचार्या <strong>डॉ. अर्चना सिंह</strong> स्वयं बिहार की सर्वश्रेष्ठ एनसीसी कैडेट रह चुकी हैं और आज विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं. उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं से इस अवसर का लाभ उठाने का आह्वान किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001518330-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97766" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001518330-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001518330-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001518330-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520272-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97760" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520272-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520272-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520272-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कमांडिंग ऑफिसर ने कहा कि <strong>एनसीसी एकता और अनुशासन की पाठशाला है</strong>, जो युवाओं को अग्निवीर सहित भारतीय सशस्त्र बलों में बेहतर अवसर प्रदान करती है. उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि उनका प्रयास रहेगा कि संभावना विद्यालय में <strong>एनसीसी इकाई को स्थायी मान्यता</strong> मिले, ताकि विद्यालय और कैडेट्स को सरकार की सभी सुविधाओं का लाभ मिल सके.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520274-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97761" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520274-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520274-650x488.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>विद्यालय की प्राचार्या <strong>डॉ. अर्चना सिंह</strong> ने स्वागत भाषण में कहा कि कमांडिंग ऑफिसर के आगमन से विद्यार्थियों और एनसीसी कैडेट्स में नई ऊर्जा का संचार हुआ है. उन्होंने कहा कि विद्यालय में शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन, राष्ट्रप्रेम और चरित्र निर्माण को भी समान महत्व दिया जाता है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520298-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97762" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520298-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520298-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520298-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस अवसर पर <strong>कर्नल राणा प्रताप सिंह</strong> ने भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा की भावना को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1016" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520263-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97763" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520263-scaled.jpg 1016w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520263-645x650.jpg 645w" sizes="auto, (max-width: 1016px) 100vw, 1016px" /></figure>



<p>कार्यक्रम का संचालन <strong>वरीय शिक्षक अरविंद कुमार ओझा</strong> ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय के <strong>एएनओ प्रवीण कुमार सिंह</strong> ने किया. समारोह में निदेशक <strong>डॉ. कुमार द्विजेंद्र</strong>, संगीत शिक्षक <strong>धर्मेंद्र कुमार</strong>, <strong>अमितेश कुमार</strong>, कला शिक्षक <strong>संजीव सिन्हा</strong>, एनसीसी की सहायक सीटीओ <strong>शीलू कुमारी</strong>, <strong>अंकित कुमार मिश्रा</strong> सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे. कार्यक्रम का समापन <strong>&#8216;वंदे मातरम्&#8217;</strong> के सामूहिक गायन के साथ हुआ.</p>
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			</item>
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		<title>राजधानी पटना में भोजपुरी चित्रकला पर हुई गंभीर चर्चा</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bhojpuri-painting-per-gambhir-charcha/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 16 Jul 2026 13:40:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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		<category><![CDATA[नाबार्ड]]></category>
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		<category><![CDATA[पीडिया]]></category>
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					<description><![CDATA[पिड़िया कला के संरक्षण और विकास पर जोर पटना,15 जुलाई। रविवार को राजधानी पटना में भोजपुरी चित्रकला और बिहार की पारंपरिक लोककलाओं को केंद्र में रखकर दो महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए। अवसर था नाबार्ड के 45वें स्थापना दिवस का। इस अवसर पर बिहार की उन तीन पारंपरिक कलाओं पर विशेष चर्चा हुई, जिन्हें नाबार्ड के सहयोग से जीआई (Geographical Indication) टैग प्राप्त हुआ है। इनमें भोजपुरी अंचल की पिड़िया कला, नालंदा की बावन बूटी तथा गया की पत्थरकट्टी शिल्पकला शामिल हैं। कार्यक्रम में सबसे अधिक चर्चा भोजपुरी क्षेत्र की पिड़िया कला को लेकर हुई। सर्जना न्यास के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ चित्रकार संजीव सिन्हा ने पिड़िया कला के इतिहास से लेकर जीआई टैग मिलने तक की पूरी यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में नाबार्ड की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विशेष रूप से नाबार्ड के तत्कालीन जिला विकास प्रबंधक (डीडीएम) रणजीत सिन्हा तथा नाबार्ड के अन्य अधिकारियों के सहयोग, मार्गदर्शन और संवेदनशील पहल के कारण आज यह ऐतिहासिक उपलब्धि संभव हो सकी। उन्होंने इसके लिए कलाकारों, नाबार्ड, बिहारवासियों और भोजपुरी भाषा-भाषियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में नाबार्ड के पूर्व डीडीएम रणजीत सिन्हा ने कहा कि जीआई टैग केवल किसी कला की पहचान नहीं, बल्कि उसे कानूनी संरक्षण और आर्थिक अवसर भी प्रदान करता है। उन्होंने भोजपुरी चित्रकला से जुड़े कलाकारों और संस्थाओं से अपील की कि वे सर्जना न्यास के साथ संगठित होकर कार्य करें, ताकि उन्हें जीआई टैग से मिलने वाले संरक्षण और अन्य लाभों का पूरा फायदा मिल सके। शाम के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>पिड़िया कला के संरक्षण और विकास पर जोर</strong></p>



<p><strong>पटना,15 जुलाई।</strong> रविवार को राजधानी पटना में भोजपुरी चित्रकला और बिहार की पारंपरिक लोककलाओं को केंद्र में रखकर दो महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए। अवसर था <strong>नाबार्ड के 45वें स्थापना दिवस</strong> का। इस अवसर पर बिहार की उन तीन पारंपरिक कलाओं पर विशेष चर्चा हुई, जिन्हें नाबार्ड के सहयोग से <strong>जीआई (Geographical Indication) टैग</strong> प्राप्त हुआ है। इनमें <strong>भोजपुरी अंचल की पिड़िया कला</strong>, <strong>नालंदा की बावन बूटी</strong> तथा <strong>गया की पत्थरकट्टी शिल्पकला</strong> शामिल हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="724" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001503287-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97719" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001503287-scaled.jpg 724w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001503287-460x650.jpg 460w" sizes="auto, (max-width: 724px) 100vw, 724px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="734" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001511321-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97718" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001511321-scaled.jpg 734w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001511321-466x650.jpg 466w" sizes="auto, (max-width: 734px) 100vw, 734px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001511318-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97715" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001511318-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001511318-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001511318-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p>कार्यक्रम में सबसे अधिक चर्चा भोजपुरी क्षेत्र की <strong>पिड़िया कला</strong> को लेकर हुई। <strong>सर्जना न्यास</strong> के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ चित्रकार <strong>संजीव सिन्हा</strong> ने पिड़िया कला के इतिहास से लेकर जीआई टैग मिलने तक की पूरी यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में नाबार्ड की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विशेष रूप से नाबार्ड के तत्कालीन जिला विकास प्रबंधक (डीडीएम) <strong>रणजीत सिन्हा</strong> तथा नाबार्ड के अन्य अधिकारियों के सहयोग, मार्गदर्शन और संवेदनशील पहल के कारण आज यह ऐतिहासिक उपलब्धि संभव हो सकी। उन्होंने इसके लिए कलाकारों, नाबार्ड, बिहारवासियों और भोजपुरी भाषा-भाषियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001511324-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97717" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001511324-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001511324-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001511324-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001511322-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97716" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001511322-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001511322-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001511322-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p>कार्यक्रम में नाबार्ड के पूर्व डीडीएम <strong>रणजीत सिन्हा</strong> ने कहा कि <strong>जीआई टैग</strong> केवल किसी कला की पहचान नहीं, बल्कि उसे कानूनी संरक्षण और आर्थिक अवसर भी प्रदान करता है। उन्होंने भोजपुरी चित्रकला से जुड़े कलाकारों और संस्थाओं से अपील की कि वे <strong>सर्जना न्यास</strong> के साथ संगठित होकर कार्य करें, ताकि उन्हें जीआई टैग से मिलने वाले संरक्षण और अन्य लाभों का पूरा फायदा मिल सके।</p>



<p>शाम के सत्र में <strong>फोकार्टोपीडिया फाउंडेशन</strong> द्वारा <strong>&#8220;टिकुली और भोजपुरी पेंटिंग की चुनौतियां&#8221;</strong> विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई। बिहार की लोककलाओं और रचनात्मक अर्थव्यवस्था पर कार्य कर रही इस संस्था की बैठक में टिकुली पेंटिंग और भोजपुरी चित्रकला के समक्ष मौजूद वर्तमान चुनौतियों पर गंभीर विमर्श हुआ।</p>



<p>इस अवसर पर <strong>पद्मश्री अशोक कुमार विश्वास</strong> ने टिकुली पेंटिंग की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि व्यापक प्रचार-प्रसार के बावजूद गांवों में कलाकारों के प्रशिक्षण के लिए पर्याप्त सरकारी सहयोग नहीं मिल पा रहा है। प्रशिक्षण के अभाव में इस कला के माध्यम से रोजगार सृजन की संभावनाएं भी प्रभावित हो रही हैं।</p>



<p>वहीं वरिष्ठ चित्रकार <strong>संजीव सिन्हा</strong> ने कहा कि <strong>भोजपुरी पेंटिंग पर अभी और व्यापक शोध तथा गंभीर कार्य की आवश्यकता है।</strong> उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती इसके मूल स्वरूप और सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए समकालीन विषयों को इससे जोड़ना है, ताकि यह कला आने वाली पीढ़ियों के बीच भी प्रासंगिक बनी रहे।</p>



<p>कार्यक्रम का संचालन प्रसिद्ध कला लेखक एवं नाटककार <strong>अनीश अंकुर</strong> ने किया।</p>



<p><strong>पटना में गूंजा भोजपुरी चित्रकला का रंग, &#8216;पिड़िया कला&#8217; बनी चर्चा का केंद्र</strong><br><br><strong>पटना,15 जुलाई।</strong> राजधानी पटना में रविवार का दिन भोजपुरी लोककला और उसकी विरासत के नाम रहा। एक ओर नाबार्ड के 45वें स्थापना दिवस पर बिहार की जीआई टैग प्राप्त पारंपरिक कलाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाया गया, तो दूसरी ओर भोजपुरी चित्रकला और टिकुली पेंटिंग के भविष्य को लेकर गंभीर मंथन भी हुआ।<br><br>नाबार्ड के स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बिहार की तीन जीआई टैग प्राप्त कलाओं, <strong>भोजपुरी अंचल की पिड़िया कला, नालंदा की बावन बूटी और गया की पत्थरकट्टी शिल्पकला </strong>को विशेष रूप से प्रस्तुत किया गया। हालांकि पूरे आयोजन में सबसे अधिक आकर्षण और चर्चा का केंद्र <strong>भोजपुरी पिड़िया कला</strong> रही।<br><br><strong>सर्जना न्यास</strong> के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ चित्रकार <strong>संजीव सिन्हा</strong> ने पिड़िया कला की ऐतिहासिक यात्रा, उसके सांस्कृतिक महत्व और जीआई टैग तक पहुंचने की कहानी साझा की। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि वर्षों की मेहनत का परिणाम है, जिसमें नाबार्ड ने एक महत्वपूर्ण सहयोगी की भूमिका निभाई। उन्होंने विशेष रूप से नाबार्ड के पूर्व जिला विकास प्रबंधक (डीडीएम) <strong>रणजीत सिन्हा</strong> और नाबार्ड के अधिकारियों के सहयोग को याद करते हुए कहा कि उनके प्रयासों के बिना यह मुकाम हासिल करना आसान नहीं था।<br><br>पूर्व डीडीएम <strong>रणजीत सिन्हा</strong> ने कहा कि जीआई टैग किसी कला को केवल नई पहचान ही नहीं देता, बल्कि उसे कानूनी सुरक्षा और आर्थिक मजबूती भी प्रदान करता है। उन्होंने कलाकारों से संगठित होकर कार्य करने और सर्जना न्यास के माध्यम से इस विरासत को आगे बढ़ाने का आह्वान किया, ताकि जीआई टैग का वास्तविक लाभ कलाकारों तक पहुंच सके।<br><br>शाम को <strong>फोकार्टोपीडिया फाउंडेशन</strong> की ओर से आयोजित परिचर्चा में <strong>&#8220;टिकुली और भोजपुरी पेंटिंग की चुनौतियां&#8221;</strong> विषय पर विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। बैठक में इस बात पर चिंता जताई गई कि समृद्ध परंपरा होने के बावजूद इन लोककलाओं के संरक्षण, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने की दिशा में अभी भी काफी काम किया जाना बाकी है।<br><strong>पद्मश्री अशोक कुमार विश्वास</strong> ने कहा कि टिकुली पेंटिंग को लेकर प्रचार तो हुआ है, लेकिन गांवों में कलाकारों को प्रशिक्षण देने के लिए पर्याप्त सरकारी सहायता नहीं मिल रही है। इसका असर नई पीढ़ी के कलाकारों और रोजगार के अवसरों पर पड़ रहा है।<br>वहीं <strong>संजीव सिन्हा</strong> ने कहा कि भोजपुरी चित्रकला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए गहन शोध, दस्तावेजीकरण और नए विषयों पर रचनात्मक प्रयोग की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आधुनिकता के साथ चलते हुए इस कला की मौलिक पहचान और लोक-संवेदना को हर हाल में सुरक्षित रखा जाना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन प्रसिद्ध कला लेखक एवं रंगकर्मी <strong>अनीश अंकुर</strong> ने किया।</p>



<p>बताते चलें कि भोजपुरी चित्रकला को जीआई (Geographical Indication) टैग मिलने के बाद इस लोककला को लेकर कलाकारों और सांस्कृतिक संस्थाओं की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520293-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97756" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520293-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520293-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001520293-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p>इसी क्रम में 7 जुलाई को बिहार संग्रहालय में &#8220;भोजपुरी चित्रकला और भविष्य की चुनौतियां&#8221; विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई, जिसमें विशेषज्ञों ने इस कला के संरक्षण, शोध, प्रशिक्षण और वैश्विक पहचान पर विस्तार से चर्चा की।कार्यक्रम में अपर निदेशक अशोक कुमार सिन्हा, रंगकर्मी अनीश अंकुर, पूर्व प्राचार्य अजय कुमार पांडे, प्रो. पृथ्वीराज सिंह सहित कई कलाकारों और कला विशेषज्ञों ने भाग लिया। सभी वक्ताओं ने माना कि जीआई टैग मिलने के बाद भोजपुरी चित्रकला के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए यह अनुकूल समय है।</p>
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