<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>BHOJPUR &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<atom:link href="https://www.patnanow.com/tag/bhojpur/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<description>Patna News Portal - हर ख़बर पर नज़र</description>
	<lastBuildDate>Mon, 15 Jun 2026 03:25:15 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.8.5</generator>

<image>
	<url>https://www.patnanow.com/assets/2022/08/cropped-PatnaNow_Logo_2022-32x32.png</url>
	<title>BHOJPUR &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>मधुबनी के बाद अब पीड़िया की बारी, भोजपुर की लोककला को मिला वैश्विक मंच</title>
		<link>https://www.patnanow.com/three-local-art-got-gitag-including-bhojouri-pidiya/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 15 Jun 2026 02:27:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[गांव -शहर]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[ARA]]></category>
		<category><![CDATA[Bawan butti]]></category>
		<category><![CDATA[BHOJPUR]]></category>
		<category><![CDATA[Bhojpuri painting]]></category>
		<category><![CDATA[bihar]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar Art]]></category>
		<category><![CDATA[Gi tag]]></category>
		<category><![CDATA[Journalist O P Pandey]]></category>
		<category><![CDATA[oppandeyreport]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[Pidiya]]></category>
		<category><![CDATA[Sanjeev Sinha]]></category>
		<category><![CDATA[पटना नाउ]]></category>
		<category><![CDATA[पत्थरकुट्टी]]></category>
		<category><![CDATA[पीडिया]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=97099</guid>

					<description><![CDATA[भोजपुरी भाषा को अब भी इंतजार, लेकिन भोजपुरी संस्कृति ने मारी बाजी: भोजपुर की पीड़िया पेंटिंग को मिला GI टैग बिहार के तीन कलाओं को मिला GI टैग, भोजपुर की पीड़िया भी शामिल आरा/पटना,15 जून(ओ पी पाण्डेय)। भोजपुरी भाषा को आज भी संविधान की आठवीं अनुसूची में स्थान मिलने का इंतजार है, लेकिन भोजपुरी संस्कृति ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। भोजपुर की पारंपरिक पीड़िया पेंटिंग को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग मिल गया है। यह केवल एक कला शैली को मिली मान्यता नहीं, बल्कि भोजपुरी अस्मिता, लोक परंपरा और उन कलाकारों के दशकों लंबे संघर्ष की जीत है, जिन्होंने इस विरासत को जीवित रखा। नाबार्ड और बिहार सरकार के प्रयासों से बिहार के तीन पारंपरिक उत्पादों एवं कला शैलियों को GI टैग मिला है। इनमें भोजपुर की पीड़िया पेंटिंग के अलावा नालंदा की बावन बूटी और गया की पत्थरकट्टी शिल्पकला भी शामिल हैं। हालांकि इन तीनों में सबसे खास चर्चा भोजपुरी अंचल की पीड़िया पेंटिंग को लेकर है, क्योंकि यह पहली बार है जब भोजपुरी सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ी किसी चित्रकला शैली को इस तरह की राष्ट्रीय पहचान मिली है। सर्जना न्यास की पहल बनी आधार जानकारों के अनुसार पीड़िया पेंटिंग को GI टैग दिलाने की प्रक्रिया में आरा की सांस्कृतिक संस्था सर्जना न्यास की भूमिका महत्वपूर्ण रही। लगभग एक वर्ष पूर्व संस्था द्वारा पीड़िया शैली से जुड़े चित्र, दस्तावेज, ऐतिहासिक संदर्भ और आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराई गई थीं, जिसने GI पंजीकरण की प्रक्रिया को मजबूती प्रदान की। सर्जना न्यास विश्व रिकॉर्डधारी चित्रकार संजीव सिन्हा की संस्था है। [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>भोजपुरी भाषा को अब भी इंतजार, लेकिन भोजपुरी संस्कृति ने मारी बाजी: भोजपुर की पीड़िया पेंटिंग को मिला GI टैग</strong></p>



<p><strong>बिहार के तीन कलाओं को मिला GI टैग, भोजपुर की पीड़िया भी शामिल</strong></p>



<p><strong>आरा/पटना,15 जून(ओ पी पाण्डेय)। </strong>भोजपुरी भाषा को आज भी संविधान की आठवीं अनुसूची में स्थान मिलने का इंतजार है, लेकिन भोजपुरी संस्कृति ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। भोजपुर की पारंपरिक <strong>पीड़िया पेंटिंग</strong> को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग मिल गया है। यह केवल एक कला शैली को मिली मान्यता नहीं, बल्कि भोजपुरी अस्मिता, लोक परंपरा और उन कलाकारों के दशकों लंबे संघर्ष की जीत है, जिन्होंने इस विरासत को जीवित रखा।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="664" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001411294-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97106" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001411294-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001411294-650x421.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>नाबार्ड और बिहार सरकार के प्रयासों से बिहार के तीन पारंपरिक उत्पादों एवं कला शैलियों को GI टैग मिला है। इनमें भोजपुर की पीड़िया पेंटिंग के अलावा नालंदा की बावन बूटी और गया की पत्थरकट्टी शिल्पकला भी शामिल हैं। हालांकि इन तीनों में सबसे खास चर्चा भोजपुरी अंचल की पीड़िया पेंटिंग को लेकर है, क्योंकि यह पहली बार है जब भोजपुरी सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ी किसी चित्रकला शैली को इस तरह की राष्ट्रीय पहचान मिली है।</p>



<figure class="wp-block-gallery has-nested-images columns-default is-cropped wp-block-gallery-1 is-layout-flex wp-block-gallery-is-layout-flex">
<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="794" height="1024" data-id="97100" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001407029-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97100" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001407029-scaled.jpg 794w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001407029-504x650.jpg 504w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001407029-1191x1536.jpg 1191w" sizes="(max-width: 794px) 100vw, 794px" /></figure>
</figure>



<p><br><br><strong>सर्जना न्यास की पहल बनी आधार</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="456" height="652" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001411296.jpg" alt="" class="wp-image-97105" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001411296.jpg 456w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001411296-455x650.jpg 455w" sizes="(max-width: 456px) 100vw, 456px" /></figure>



<p><br>जानकारों के अनुसार पीड़िया पेंटिंग को GI टैग दिलाने की प्रक्रिया में आरा की सांस्कृतिक संस्था <strong>सर्जना न्यास</strong> की भूमिका महत्वपूर्ण रही। लगभग एक वर्ष पूर्व संस्था द्वारा पीड़िया शैली से जुड़े चित्र, दस्तावेज, ऐतिहासिक संदर्भ और आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराई गई थीं, जिसने GI पंजीकरण की प्रक्रिया को मजबूती प्रदान की। सर्जना न्यास विश्व रिकॉर्डधारी चित्रकार <strong>संजीव सिन्हा</strong> की संस्था है। संजीव सिन्हा पिछले लगभग 30 वर्षों से भोजपुरी पेंटिंग और उसकी विशिष्ट लोक शैलियों पर निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने भोजपुरी समाज के लोकगीत, लोककथाओं, विवाह संस्कारों, पर्व-त्योहारों, कृषि संस्कृति और ग्रामीण जीवन को अपनी चित्रकला के माध्यम से देश और विदेश तक पहुंचाया है।<br><br><strong>दीवारों से निकलकर दुनिया तक पहुंचेगी पीड़िया</strong></p>



<figure class="wp-block-gallery has-nested-images columns-default is-cropped wp-block-gallery-2 is-layout-flex wp-block-gallery-is-layout-flex">
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="675" data-id="97101" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001407026-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97101" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001407026-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001407026-650x429.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001407026-1536x1013.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>
</figure>



<p>भोजपुर क्षेत्र में पीड़िया पेंटिंग सदियों से महिलाओं द्वारा बनाई जाती रही है। यह पेंटिंग बहनों द्वारा भाई की लंबी आयु के लिए 15 दिनों तक दीवार पर बनाने का एक उत्सव है। यह केवल चित्र नहीं, बल्कि लोक स्मृति का दस्तावेज है। इसमें परिवार, रिश्ते, प्रकृति, कृषि, लोकदेवताओं और सामाजिक जीवन की झलक दिखाई देती है। गांवों की मिट्टी की दीवारों पर उकेरी जाने वाली यह कला अब वैश्विक बाजार और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचने की तैयारी में है।<br><br><strong>अब सिर्फ मधुबनी नहीं, बिहार की और भी पहचानें</strong><br>अब तक बिहार की कला का पर्याय लगभग मधुबनी पेंटिंग को ही माना जाता रहा है। GI टैग मिलने के बाद पीड़िया पेंटिंग और गया की पत्थरकट्टी शिल्पकला भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बनाएंगी।<br><br><strong>नालंदा की बावन बूटी</strong> हाथकरघे पर बुनी जाने वाली एक विशिष्ट वस्त्रकला है, जिसमें 52 प्रकार के बौद्ध एवं सांस्कृतिक प्रतीकों को बुना जाता है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="761" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001411313-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97107" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001411313-scaled.jpg 761w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001411313-483x650.jpg 483w" sizes="auto, (max-width: 761px) 100vw, 761px" /></figure>



<p>वहीं <strong>गया की पत्थरकट्टी शिल्पकला</strong> अपनी बारीक नक्काशी और काले ग्रेनाइट पत्थरों से निर्मित मूर्तियों के लिए देशभर में प्रसिद्ध है।<br><br><strong>रोजगार और पहचान दोनों बढ़ेंगे</strong><br>विशेषज्ञों का मानना है कि GI टैग मिलने के बाद पीड़िया पेंटिंग से जुड़े कलाकारों, विशेषकर ग्रामीण महिलाओं और लोक चित्रकारों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। इससे न केवल कला का संरक्षण होगा, बल्कि कलाकारों की आय और बाजार तक पहुंच भी बढ़ेगी।<br><br><strong>यह शुरुआत है, मंजिल नहीं : संजीव सिन्हा</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="799" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001410057-1-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97104" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001410057-1-scaled.jpg 799w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001410057-1-507x650.jpg 507w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001410057-1-1198x1536.jpg 1198w" sizes="auto, (max-width: 799px) 100vw, 799px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="328" height="480" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001409961.jpg" alt="" class="wp-image-97103" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="799" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001410057-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97102" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001410057-scaled.jpg 799w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001410057-507x650.jpg 507w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001410057-1198x1536.jpg 1198w" sizes="auto, (max-width: 799px) 100vw, 799px" /></figure>



<p>चित्रकार संजीव सिन्हा का कहना है कि GI टैग मिलना एक बड़ी उपलब्धि जरूर है, लेकिन असली चुनौती अब शुरू होती है। जरूरत इस बात की है कि पीड़िया पेंटिंग को देश और दुनिया के बाजार तक पहुंचाया जाए, कलाकारों को प्रशिक्षित किया जाए और इस कला को नई पीढ़ी से जोड़ा जाए।</p>



<p>इस प्रक्रिया में मुख्य रूप से नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक गौतम कुमार सिंह, भोजपुर के पुर्व प्रबंधक रंजीत सिन्हा, और जीआई पंजीकरण की प्रक्रिया में ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन (HWA), वाराणसी के महासचिव, पद्मश्री डॉ. रजनीकांत जी जिन्होंने कानूनी प्रक्रिया और दस्तावेजी करण में सहायता की। इसके साथ ही सर्जना न्यास से जुड़े कलाकारों, सहयोगीयो, शुभचिंतकों की भूमिका अहम रही।</p>



<p>भोजपुरी भाषा को भले ही अब तक संवैधानिक मान्यता नहीं मिली हो, लेकिन पीड़िया पेंटिंग को मिला GI टैग यह साबित करता है कि भोजपुरी संस्कृति की जड़ें कितनी गहरी, समृद्ध और वैश्विक महत्व की हैं। यह उपलब्धि केवल भोजपुर की नहीं, बल्कि पूरे भोजपुरी समाज की सांस्कृतिक जीत है। इस खबर के बाद लगभग सभी कला के विधाओं के कलाकारों, साहित्यकारों और सांस्कृति कर्मियों के खुशी की लहर है वे सभी एक दूसरे को बधाई दे रहे हैं वही चित्रकार कमलेश कुंदन, सुरेश पाण्डेय,रौशन राय, मीरा, खुशबू,अमन सहित कई लोगों ने इसे कलाकारों के मेहनत की जीत बताया है और संजीव सिन्हा के इस प्रयास की प्रशंसा की है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सोनू राय की जीत का ‘यंग स्ट्रैटेजिस्ट !</title>
		<link>https://www.patnanow.com/stretegist-of-sonu-rai/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 16 May 2026 15:00:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[गांव -शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Alok Ranjan]]></category>
		<category><![CDATA[ARA]]></category>
		<category><![CDATA[BHOJPUR]]></category>
		<category><![CDATA[bihar]]></category>
		<category><![CDATA[Journalist O P Pandey]]></category>
		<category><![CDATA[mlc election]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[rjd]]></category>
		<category><![CDATA[Tejashwi]]></category>
		<category><![CDATA[पटना नाउ]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=96796</guid>

					<description><![CDATA[बड़े नेताओं के बीच इस युवा चेहरे ने खींचा सबका ध्यानआरा, 16 मई (ओ पी पाण्डेय). बक्सर-भोजपुर विधान परिषद उपचुनाव में राजद प्रत्याशी की ऐतिहासिक जीत के बाद अब एक युवा चेहरा राजनीतिक गलियारों में तेजी से चर्चा का केंद्र बन गया है। यह चेहरा है राष्ट्रीय जनता दल के भोजपुर जिला प्रवक्ता का, जिन्होंने चुनाव के दौरान हर मोर्चे पर अपनी सक्रियता, रणनीति और मैनेजमेंट क्षमता से सबका ध्यान अपनी ओर खींचा. भोजपुर की राजनीति में आमतौर पर बड़े और अनुभवी नेताओं का दबदबा माना जाता है, लेकिन इस चुनाव में आलोक रंजन ने जिस परिपक्वता और संयम के साथ अपनी भूमिका निभाई, उसने उन्हें युवाओं के बीच ही नहीं बल्कि वरिष्ठ नेताओं के बीच भी खास पहचान दिलाई. शांत स्वभाव, तथ्यों के साथ बात रखने की कला और संगठनात्मक पकड़ के कारण वे लगातार चर्चा में बने हुए हैं. पूर्व में राजद छात्र प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुके आलोक रंजन लंबे समय से संगठनात्मक राजनीति में सक्रिय हैं। यही वजह रही कि विधान परिषद चुनाव में बूथ मैनेजमेंट से लेकर जनसंपर्क अभियान, सोशल मीडिया कैंपेन, कंटेंट निर्माण और नेताओं के बीच समन्वय तक, लगभग हर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी में उनकी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। चुनाव के दौरान राजद के कई दिग्गज नेताओं- पूर्व विधान पार्षद लालदास राय, पूर्व विधायक विजयेंद्र यादव, रामविशुन सिंह उर्फ लोहिया, अरुण यादव, हाकिम प्रसाद, वीरबल यादव, मुकेश यादव, अदीब रिजवी, लालबिहारी सिंह सहित अन्य कई अनुभवी नेताओं के बीच आलोक रंजन की मौजूदगी लगातार महसूस की गई। राजनीतिक हलकों में चर्चा है [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>बड़े नेताओं के बीच इस युवा चेहरे ने खींचा सबका ध्यान</strong><br><strong>आरा, 16 मई (ओ पी पाण्डेय). </strong>बक्सर-भोजपुर विधान परिषद उपचुनाव में राजद प्रत्याशी की ऐतिहासिक जीत के बाद अब एक युवा चेहरा राजनीतिक गलियारों में तेजी से चर्चा का केंद्र बन गया है। यह चेहरा है राष्ट्रीय जनता दल के भोजपुर जिला प्रवक्ता का, जिन्होंने चुनाव के दौरान हर मोर्चे पर अपनी सक्रियता, रणनीति और मैनेजमेंट क्षमता से सबका ध्यान अपनी ओर खींचा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="959" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001314473-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96797" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001314473-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001314473-650x609.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>भोजपुर की राजनीति में आमतौर पर बड़े और अनुभवी नेताओं का दबदबा माना जाता है, लेकिन इस चुनाव में आलोक रंजन ने जिस परिपक्वता और संयम के साथ अपनी भूमिका निभाई, उसने उन्हें युवाओं के बीच ही नहीं बल्कि वरिष्ठ नेताओं के बीच भी खास पहचान दिलाई. शांत स्वभाव, तथ्यों के साथ बात रखने की कला और संगठनात्मक पकड़ के कारण वे लगातार चर्चा में बने हुए हैं.<br><br>पूर्व में राजद छात्र प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुके आलोक रंजन लंबे समय से संगठनात्मक राजनीति में सक्रिय हैं। यही वजह रही कि विधान परिषद चुनाव में बूथ मैनेजमेंट से लेकर जनसंपर्क अभियान, सोशल मीडिया कैंपेन, कंटेंट निर्माण और नेताओं के बीच समन्वय तक, लगभग हर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी में उनकी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="498" height="496" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001314472.jpg" alt="" class="wp-image-96798" /></figure>



<p><br>चुनाव के दौरान राजद के कई दिग्गज नेताओं- पूर्व विधान पार्षद लालदास राय, पूर्व विधायक विजयेंद्र यादव, रामविशुन सिंह उर्फ लोहिया, अरुण यादव, हाकिम प्रसाद, वीरबल यादव, मुकेश यादव, अदीब रिजवी, लालबिहारी सिंह सहित अन्य कई अनुभवी नेताओं के बीच आलोक रंजन की मौजूदगी लगातार महसूस की गई।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="860" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001314475-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96799" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001314475-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001314475-650x546.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि नव निर्वाचित MLC सोनू कुमार राय ने भी चुनाव के दौरान आलोक रंजन पर खास भरोसा जताया। सभाओं, बैठकों और जनसंपर्क अभियानों में वे अक्सर सोनू राय के साथ साये की तरह नजर आए। खास बात यह रही कि सोशल मीडिया मैनेजमेंट और डिजिटल कंटेंट की जिम्मेदारी भी मुख्य रूप से उन्हीं के कंधों पर थी.<br>सिर्फ राजनीति ही नहीं, बल्कि शैक्षणिक क्षेत्र में भी आलोक रंजन अपनी अलग पहचान रखते हैं. आलोक वर्तमान में रिसर्च स्कॉलर हैं और पीएचडी की पढ़ाई कर रहे हैं। यही अकादमिक दृष्टिकोण उनकी राजनीतिक सोच और कार्यशैली में भी साफ झलकता है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="615" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001314474-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96800" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001314474-scaled.jpg 615w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001314474-390x650.jpg 390w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001314474-922x1536.jpg 922w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001314474-1229x2048.jpg 1229w" sizes="auto, (max-width: 615px) 100vw, 615px" /></figure>



<p>वहीं युवा MLC की लोकप्रियता का बड़ा आधार युवाओं की मजबूत टीम को भी माना जा रहा है। उनके साथ रंजय यादव &#8216;लालू&#8217;, धनजीत यादव, पीयूष यादव, सुशील राव, अर्पित, पंकज, विनीत सहित कई युवा लगातार सक्रिय भूमिका में दिखे।</p>



<p><br>राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह चुनाव सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि भोजपुर की राजनीति में उभरती नई युवा टीम और उसके मैनेजमेंट मॉडल की भी बड़ी झलक है। लेकिन राजनीति के बड़े चकाचौंध में जीत के बाद अक्सर ऐसे चेहरे जीत के चेहरों के पीछे दफन हो जाते हैं। प्रतिभा का भरपूर उपयोग ही नहीं दोहन भी हो जाता है इसलिए ऐसे मेहनती और क्रिएटिव युवाओं को जन तक पहुंचाना हर नागरिक का कर्तव्य होना चाहिए ताकि कोई प्रतिभा राजनीति की भेंट न चढ़ जाए।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आरा-बक्सर उपचुनाव के बाजीगर बने सोनू राय</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bajigar-of-mlc-election-ara-buxar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 14 May 2026 16:19:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[गांव -शहर]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[ARA]]></category>
		<category><![CDATA[ARUN YADAV]]></category>
		<category><![CDATA[Bajigar]]></category>
		<category><![CDATA[BHOJPUR]]></category>
		<category><![CDATA[bihar]]></category>
		<category><![CDATA[Dipu Rananwat]]></category>
		<category><![CDATA[Journalist O P Pandey]]></category>
		<category><![CDATA[mlc election]]></category>
		<category><![CDATA[MLC Sonu Rai]]></category>
		<category><![CDATA[oppandeyreport]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[rjd]]></category>
		<category><![CDATA[Sonu Rai]]></category>
		<category><![CDATA[Winner Candidate]]></category>
		<category><![CDATA[पटना नाउ]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=96738</guid>

					<description><![CDATA[बागियों ने बिगाड़ा खेल, MLC उपचुनाव में NDA की नैया डूबी MLA चुनाव के बाद अब विधान परिषद चुनाव में भी नाराज़ नेताओं ने बदल दिया पूरा समीकरण आरा, 14 मई। बक्सर-भोजपुर MLC उपचुनाव में राजद प्रत्याशी सोनू राय ने चुनावी बाजीगर बन शानदार जीत दर्ज कर राजनीतिक गलियारों के तमाम कयासों पर विराम लगा दिया। कांटे की टक्कर वाले इस त्रिकोणीय मुकाबले में सत्ता पक्ष, विपक्ष और एक बागी निर्दलीय उम्मीदवार के बीच सियासी संघर्ष चरम पर था। चुनाव के दौरान आंकड़ों की हेराफेरी, धनबल और मैनेजमेंट को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। राजनीतिक दिग्गजों से लेकर आम जनता तक यही चर्चा थी कि MLC चुनाव धनकुबेरों का खेल होता है, जहां पैसों की ताकत ही जीत तय करती है। आरोप-प्रत्यारोप और शब्दों के वार के बीच जब मतगणना का परिणाम सामने आया तो सारे अनुमान ध्वस्त हो गए और सोनू राय ने मैदान फतह कर यह साबित कर दिया कि हर चुनाव सिर्फ धनबल से नहीं, जनसमर्थन और रणनीति से भी जीता जाता है। बक्सर-भोजपुर विधान परिषद उपचुनाव का परिणाम एक बार फिर यह साबित कर गया कि राजनीति में सबसे बड़ा खतरा विपक्ष नहीं, बल्कि अपने ही “बागी” होते हैं। गुरुवार को राजकीय कन्या प्लस टू विद्यालय में हुई मतगणना में राजद उम्मीदवार सोनू कुमार राय ने NDA प्रत्याशी कन्हैया प्रसाद को शिकस्त देते हुए जीत दर्ज कर ली। शुरुआती रुझानों में कन्हैया प्रसाद आगे जरूर दिखे, लेकिन जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ी, समीकरण पूरी तरह बदलता चला गया। 12 मई 2026 को हुए मतदान में कुल [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>बागियों ने बिगाड़ा खेल, MLC उपचुनाव में NDA की नैया डूबी</strong><br><br><strong>MLA चुनाव के बाद अब विधान परिषद चुनाव में भी नाराज़ नेताओं ने बदल दिया पूरा समीकरण</strong><br><br>आरा, 14 मई। बक्सर-भोजपुर MLC उपचुनाव में राजद प्रत्याशी सोनू राय ने चुनावी बाजीगर बन शानदार जीत दर्ज कर राजनीतिक गलियारों के तमाम कयासों पर विराम लगा दिया। कांटे की टक्कर वाले इस त्रिकोणीय मुकाबले में सत्ता पक्ष, विपक्ष और एक बागी निर्दलीय उम्मीदवार के बीच सियासी संघर्ष चरम पर था। चुनाव के दौरान आंकड़ों की हेराफेरी, धनबल और मैनेजमेंट को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। राजनीतिक दिग्गजों से लेकर आम जनता तक यही चर्चा थी कि MLC चुनाव धनकुबेरों का खेल होता है, जहां पैसों की ताकत ही जीत तय करती है। आरोप-प्रत्यारोप और शब्दों के वार के बीच जब मतगणना का परिणाम सामने आया तो सारे अनुमान ध्वस्त हो गए और सोनू राय ने मैदान फतह कर यह साबित कर दिया कि हर चुनाव सिर्फ धनबल से नहीं, जनसमर्थन और रणनीति से भी जीता जाता है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="573" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306456-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96739" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306456-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306456-650x364.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बक्सर-भोजपुर विधान परिषद उपचुनाव का परिणाम एक बार फिर यह साबित कर गया कि राजनीति में सबसे बड़ा खतरा विपक्ष नहीं, बल्कि अपने ही “बागी” होते हैं। गुरुवार को राजकीय कन्या प्लस टू विद्यालय में हुई मतगणना में राजद उम्मीदवार सोनू कुमार राय ने NDA प्रत्याशी कन्हैया प्रसाद को शिकस्त देते हुए जीत दर्ज कर ली। शुरुआती रुझानों में कन्हैया प्रसाद आगे जरूर दिखे, लेकिन जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ी, समीकरण पूरी तरह बदलता चला गया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="783" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306474-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96740" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306474-scaled.jpg 783w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306474-497x650.jpg 497w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306474-1175x1536.jpg 1175w" sizes="auto, (max-width: 783px) 100vw, 783px" /></figure>



<p>12 मई 2026 को हुए मतदान में कुल 97.96 प्रतिशत वोट पड़े थे। कुल 5,335 वैध मतों में जीत के लिए 2,668 वोटों की आवश्यकता थी। प्रथम वरीयता मतों की गिनती में ही राजद प्रत्याशी सोनू कुमार राय ने 2,486 वोट हासिल कर बढ़त बना ली, जबकि कुल मत 2507 मिले, वही NDA समर्थित उम्मीदवार कन्हैया प्रसाद को 2153 मत मिले। दोनों के बीच 354 वोटों का अंतर रहा। वही अन्य उम्मीदवारों में मनोज उपाध्याय 636, लालू प्रसाद यादव को 30, कन्हैया प्रसाद 25 और निरंजन कुमार राय को 12 मत मिले।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="577" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306589-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96745" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306589-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306589-650x367.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306589-1536x866.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><br><br>लेकिन इस चुनाव की सबसे बड़ी कहानी “बागी फैक्टर” बनकर उभरी। जदयू के नाराज़ नेता मनोज कुमार उपाध्याय ने निर्दलीय मैदान में उतरकर 636 वोट हासिल कर लिए। </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="735" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001295990-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96686" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001295990-scaled.jpg 735w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001295990-467x650.jpg 467w" sizes="auto, (max-width: 735px) 100vw, 735px" /></figure>



<p>राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यदि इन वोटों का बड़ा हिस्सा NDA उम्मीदवार के खाते में जाता तो परिणाम पूरी तरह पलट सकता था। यही वजह रही कि सत्ता पक्ष की उम्मीदें धीरे-धीरे ध्वस्त होती चली गईं।<br><br>दरअसल यह पहली बार नहीं है जब बागियों ने सत्ता समीकरण बिगाड़ा हो। हाल ही में सम्पन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव में भी कई सीटों पर ऐसे ही हालात देखने को मिले थे। पार्टी के लिए तीन-तीन दशक तक एक साधारण कार्यकर्ता की तरह जमीन पर मेहनत करने वाले नेताओं को जब टिकट वितरण में नजरअंदाज कर दिया गया, तो कई नेता निर्दलीय ही चुनावी अखाड़े में उतर पड़े। परिणाम यह हुआ कि कई जगहों पर आधिकारिक प्रत्याशियों के वोट कट गए और खेल पूरी तरह बिगड़ गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजद को भी कई तय मानी जा रही सीटों पर इसी अंदरूनी नाराजगी का नुकसान उठाना पड़ा था।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="847" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306588-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96747" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306588-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306588-650x538.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306588-1536x1270.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306588-2048x1694.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="864" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306603-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96746" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306603-scaled.jpg 864w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306603-548x650.jpg 548w" sizes="auto, (max-width: 864px) 100vw, 864px" /></figure>



<p><br>ठीक वैसा ही दृश्य अब MLC उपचुनाव में भी देखने को मिला। जिस चुनाव को अक्सर धनबल, जोड़तोड़ और खरीद-फरोख्त का अखाड़ा माना जाता रहा है, वहां इस बार “नाराज़ कार्यकर्ता” सबसे बड़ा फैक्टर बन गया। सत्ता पक्ष का संगठनात्मक गणित और चुनावी प्रबंधन उस समय धराशायी हो गया जब अपने ही लोग मैदान में उतरकर वोटों का बंटवारा कर गए।<br><br>मतगणना को लेकर जिला प्रशासन ने भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। पूरे काउंटिंग सेंटर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। स्कूल के मुख्य द्वार से लेकर मतगणना हॉल तक 33 मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई थी। जिला निर्वाची पदाधिकारी सह डीएम के नेतृत्व में डीडीसी गुंजन सिंह समन्वय की जिम्मेदारी संभाल रहीं थीं, जबकि विधि-व्यवस्था की कमान ADM डॉ. शशि शेखर के पास थी।</p>



<p>जीत के बाद राजद के कार्यकारी अध्यक्ष और प्रतिपक्ष नेता तेजस्वी यादव ने सोनू राय को बधाई देते अपने सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा &#8211; भोजपुर-बक्सर MLC उपचुनाव में राजद प्रत्याशी श्री सोनू राय ने NDA उम्मीदवार को करारी शिकस्त दी है। राजद प्रत्याशी के जीतने पर सभी कार्यकर्ताओं, मतदाताओं और नेताओं को हार्दिक बधाई एवं धन्यवाद।</p>



<p>हम शुरू से कह रहे है अगर आज देश-प्रदेश में Machine की बजाय बैलेट पेपर यानि मतपत्र से चुनाव हो तो BJP-NDA कहीं भी नहीं टिकेगी। बिहार चुनाव में पोस्टल बैलेट पेपर में हम लोगों ने 150 से अधिक सीटें जीती थी लेकिन तंत्र-यंत्र-षड्यंत्र और छल-कपट से हरा दिया गया था।</p>



<p>आजकल मतगणना के दिन भी देर रात 1-2 बजे तक चुनाव परिणाम घोषित किए जाते है। पूर्व में मतपत्रों की गिनती में भी इतना ही समय लगता था। तो क्यों नहीं लोकतांत्रिक पारदर्शिता और जनतंत्र में जनविश्वास कायम रखने के लिए अब EVM की बजाय बैलेट पेपर से ही चुनाव कराया जाए। और हाँ, हम हमेशा जीतने के बाद भी EVM से मतदान कराने के पक्षधर नहीं रहे है।</p>



<p>पुन: फिर जीत की बधाई। #TejashwiYadav #RJD</p>



<figure class="wp-block-embed"><div class="wp-block-embed__wrapper">
https://www.facebook.com/share/v/18GbYTkxLk
</div></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="803" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306585-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96748" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306585-scaled.jpg 803w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306585-510x650.jpg 510w" sizes="auto, (max-width: 803px) 100vw, 803px" /></figure>



<figure class="wp-block-gallery has-nested-images columns-default is-cropped wp-block-gallery-3 is-layout-flex wp-block-gallery-is-layout-flex">
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="590" data-id="96742" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306437-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96742" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306437-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306437-650x374.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306437-1536x884.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>
</figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="581" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306449-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96741" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306449-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306449-650x369.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306449-1536x871.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इधर जीत के बाद राजद के चर्चित नेता व पूर्व MLA प्रत्याशी रामबाबू सिंह ने कहा कि बैलेट पेपर से हुए चुनाव ने लोकतंत्र की असली ताकत दिखा दी। उन्होंने जीत के लिए बधाई देते हुए सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। वही राजद के युवा नेता दीपू राणावत ने जीत का सेहरा लोक के माथे मढ़ दिया। उन्होंने कहा कि जनता जिसे चाहती है उसे ही जीत मिलता है। </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="460" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306586-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96749" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306586-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306586-650x292.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306586-1536x689.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बधाईयों का तांता लगातार मिलता रहा जिसमें प्रदेश महासचिव मनोज सिंह, भाजपा माले नेता व अधिवक्ता अमित कुमार गुप्ता ने सोनू राय को जीत की बधाई देते हुए कहा कि यह लोकतंत्र की जीत है।</p>



<figure class="wp-block-gallery has-nested-images columns-default is-cropped wp-block-gallery-4 is-layout-flex wp-block-gallery-is-layout-flex"></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="568" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306436-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96744" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306436-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306436-650x361.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306436-1536x852.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="565" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306451-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96743" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306451-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306451-650x359.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>जीत के बाद सोनू राय ने नगर का भ्रमर कर जनता का आभार व्यक्त किया। उनके साथ राजद नेता और गाड़ियों का काफिला काफी देर तक भ्रमर करता रहा।<br><br><br></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जीत के जश्न में आज बंटेगी जलेबी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/people-get-jalebi-on-victory-of-kanhaiya/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 14 May 2026 00:25:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[गांव -शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[ARA]]></category>
		<category><![CDATA[BHOJPUR]]></category>
		<category><![CDATA[bihar]]></category>
		<category><![CDATA[Jalebi]]></category>
		<category><![CDATA[Journalist O P Pandey]]></category>
		<category><![CDATA[Kanhaiya prasad]]></category>
		<category><![CDATA[mlc election]]></category>
		<category><![CDATA[MLC Result]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[Radhacharan Sah]]></category>
		<category><![CDATA[जलेबी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=96734</guid>

					<description><![CDATA[सेठ जी का स्वैग: जीत पर जलेबी से होगा स्वागत! आरा, 14 मई(ओ पी पाण्डेय)। राजनीति भी बड़ी गजब चीज है साहेब! यहां कब अपना पराया हो जाए और पराया अपना… इसका हिसाब खुद चाणक्य भी नहीं लगा पाएंगे। आरा-बक्सर MLC उपचुनाव में इस बार राजनीति से ज्यादा चर्चा जलेबी की हो रही है। कारण हैं संदेश विधायक और पूर्व MLC राधाचरण साह उर्फ सेठ जी! जदयू से बेटे कन्हैया प्रसाद को मैदान में उतारने के बाद विरोधियों ने सेठ जी पर तंज कसने का कोई मौका नहीं छोड़ा। किसी ने होटल वाला, बालू वाला, तो किसी ने जलेबी बेचने वाला कहकर राजनीतिक व्यंग्य का तड़का लगाया। मजेदार बात ये रही कि तंज कसने वालों में वही चेहरे शामिल थे जो कभी सेठ जी के साथ दाल-भात की तरह हर सुख-दुख में एक प्लेट पर बैठा करते थे। लेकिन राजनीति का मौसम बदला…पार्टी बदली और रिश्तों की थाली भी उलट गई! जो कल तक साथ बैठकर रणनीति बनाते थे, आज वही विपक्ष में बैठकर बयान तल रहे हैं। कुछ अपनों ने भी वोट में सेंधमारी का पूरा इंतजाम कर दिया। लेकिन सेठ जी का अंदाज अलग निकला। चुनाव खत्म होने के बाद जब हमने सेठ जी से पूछा कि पहले तो खुद की जीत पर लड्डू की तैयारी की थी, अब सब शांत है… कल के जीत का जश्न कैसा होगा?” बस फिर क्या था…सेठ जी मुस्कुराए और ऐसा जवाब दिया कि आसपास बैठे लोग भी हंस पड़े। उन्होंने कहा कि“बेटा चुनाव में खड़ा है और विरोधियों ने मुझे जलेबी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>सेठ जी का स्वैग: जीत पर जलेबी से होगा स्वागत!</strong></p>



<p>आरा, 14 मई(<strong>ओ पी पाण्डेय)</strong>। राजनीति भी बड़ी गजब चीज है साहेब! यहां कब अपना पराया हो जाए और पराया अपना… इसका हिसाब खुद चाणक्य भी नहीं लगा पाएंगे। आरा-बक्सर MLC उपचुनाव में इस बार राजनीति से ज्यादा चर्चा <strong><em>जलेबी</em></strong> की हो रही है। कारण हैं संदेश विधायक और पूर्व MLC राधाचरण साह उर्फ सेठ जी!</p>



<p>जदयू से बेटे कन्हैया प्रसाद को मैदान में उतारने के बाद विरोधियों ने सेठ जी पर तंज कसने का कोई मौका नहीं छोड़ा। किसी ने <strong>होटल वाला</strong>, <strong>बालू वाला</strong>, तो किसी ने जलेबी <strong>बेचने वाला</strong> कहकर राजनीतिक व्यंग्य का तड़का लगाया। मजेदार बात ये रही कि तंज कसने वालों में वही चेहरे शामिल थे जो कभी सेठ जी के साथ दाल-भात की तरह हर सुख-दुख में एक प्लेट पर बैठा करते थे।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="755" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001303691-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96735" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001303691-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001303691-650x479.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>लेकिन राजनीति का मौसम बदला…पार्टी बदली और रिश्तों की थाली भी उलट गई! जो कल तक साथ बैठकर रणनीति बनाते थे, आज वही विपक्ष में बैठकर बयान तल रहे हैं। कुछ अपनों ने भी वोट में सेंधमारी का पूरा इंतजाम कर दिया। लेकिन सेठ जी का अंदाज अलग निकला।</p>



<p>चुनाव खत्म होने के बाद जब हमने सेठ जी से पूछा कि पहले तो खुद की जीत पर लड्डू की तैयारी की थी, अब सब शांत है… कल के जीत का जश्न कैसा होगा?”</p>



<p>बस फिर क्या था…<br>सेठ जी मुस्कुराए और ऐसा जवाब दिया कि आसपास बैठे लोग भी हंस पड़े। उन्होंने कहा कि“बेटा चुनाव में खड़ा है और विरोधियों ने मुझे जलेबी बनाने वाला बताया है… तो जीत के जश्न में कल जलेबी ही बंटेगी!”</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001303628-scaled.png" alt="" class="wp-image-96736" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001303628-scaled.png 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001303628-650x433.png 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>हमने भी तुरंत पूछ लिया कि“इतनी जलेबी आएगी कहां से?”</p>



<p>इस पर सेठ जी ने ठहाका लगाते हुए कहा कि<br>“अरे भाई! बेटे के जीत का जश्न है… और मैं खुद जलेबी बनाता हूं। मुझसे बढ़िया कौन बनाएगा? खुद छानूंगा और छनवाऊंगा… गर्मागर्म जलेबी खिलाऊंगा!”</p>



<p>यही नहीं…उन्होंने विरोधियों को भी खुले दिल से न्योता दे डाला। कहा कि“जीत का जश्न है… जो भी आएगा अपना ही होगा। विरोधी भी आएं, जलेबी खाएं। अतिथि देवो भवः हमारी संस्कृति है।”</p>



<p>अब भोजपुर की राजनीति में लोग सीटों से ज्यादा इस बात की चर्चा कर रहे हैं कि“रिजल्ट के बाद सत्ता की मिठास ज्यादा होगी या सेठ जी की गर्मागर्म जलेबी!”</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शान्ति स्मृति विद्यालय का शानदार रिजल्ट</title>
		<link>https://www.patnanow.com/12th-result-cbse-board/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 13 May 2026 23:08:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACADEMIC]]></category>
		<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[गांव -शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[12TH RESULT]]></category>
		<category><![CDATA[ARA]]></category>
		<category><![CDATA[BHOJPUR]]></category>
		<category><![CDATA[bihar]]></category>
		<category><![CDATA[CBSE]]></category>
		<category><![CDATA[Journalist O P Pandey]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[पटना नाउ]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=96727</guid>

					<description><![CDATA[कला में सृष्टि, विज्ञान में आयुष और वाणिज्य में सुरूधि ने बढ़ाया मान आरा, 13 मई। द्वारा आयोजित कक्षा 12वीं की परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित होते ही में खुशी की लहर दौड़ गई। विद्यालय का परीक्षाफल इस वर्ष भी शानदार और सराहनीय रहा। विद्यालय स्तर पर कला, विज्ञान और वाणिज्य तीनों संकायों में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं ने विद्यालय का गौरव बढ़ाया। कला संकाय में सृष्टि कुमारी ने 94 प्रतिशत अंक प्राप्त कर टॉप किया। वहीं विज्ञान संकाय में आयुष भारती ने 93.5 प्रतिशत तथा वाणिज्य संकाय में सुरूधि जैन ने 85 प्रतिशत अंक हासिल किए। उच्च अंक प्राप्त करने वाले अन्य छात्र-छात्राओं में जाह्नवी (89%), आलोक अतुल्य (89%), अस्मित शांडिल्य (88%), आयुष राज (87.5%), राजवर्धन त्रिपाठी (87%), प्राची कुमारी (87%), पियूष राज (86%) और रिया सिंह (86%) शामिल हैं। विद्यालय के अधिकांश परीक्षार्थियों ने 60 से 85 प्रतिशत के बीच अंक प्राप्त किए। विद्यालय के लिए सबसे गर्व की बात यह रही कि सृष्टि कुमारी ने राजनीतिक विज्ञान विषय में 100 में 100 अंक प्राप्त कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्या ने सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों और शिक्षकों की मेहनत, अनुशासन एवं समर्पण का परिणाम है। वहीं विद्यालय के निदेशक ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि 12वीं का परिणाम विद्यार्थियों के भविष्य की नई दिशा तय करता है। उन्होंने सभी सफल छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों को बधाई दी। PNCB]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<h2 class="wp-block-heading">कला में सृष्टि, विज्ञान में आयुष और वाणिज्य में सुरूधि ने बढ़ाया मान</h2>



<p>आरा, 13 मई। द्वारा आयोजित कक्षा 12वीं की परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित होते ही में खुशी की लहर दौड़ गई। विद्यालय का परीक्षाफल इस वर्ष भी शानदार और सराहनीय रहा।</p>



<p>विद्यालय स्तर पर कला, विज्ञान और वाणिज्य तीनों संकायों में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं ने विद्यालय का गौरव बढ़ाया। कला संकाय में सृष्टि कुमारी ने 94 प्रतिशत अंक प्राप्त कर टॉप किया। वहीं विज्ञान संकाय में आयुष भारती ने 93.5 प्रतिशत तथा वाणिज्य संकाय में सुरूधि जैन ने 85 प्रतिशत अंक हासिल किए।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="916" height="968" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001303569.jpg" alt="" class="wp-image-96728" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001303569.jpg 916w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001303569-615x650.jpg 615w" sizes="auto, (max-width: 916px) 100vw, 916px" /></figure>



<p>उच्च अंक प्राप्त करने वाले अन्य छात्र-छात्राओं में जाह्नवी (89%), आलोक अतुल्य (89%), अस्मित शांडिल्य (88%), आयुष राज (87.5%), राजवर्धन त्रिपाठी (87%), प्राची कुमारी (87%), पियूष राज (86%) और रिया सिंह (86%) शामिल हैं। विद्यालय के अधिकांश परीक्षार्थियों ने 60 से 85 प्रतिशत के बीच अंक प्राप्त किए।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001302407-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96730" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001302407-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001302407-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001302407-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>विद्यालय के लिए सबसे गर्व की बात यह रही कि सृष्टि कुमारी ने राजनीतिक विज्ञान विषय में 100 में 100 अंक प्राप्त कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001302408-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96731" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001302408-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001302408-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001302408-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्या ने सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों और शिक्षकों की मेहनत, अनुशासन एवं समर्पण का परिणाम है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001302409-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96732" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001302409-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001302409-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001302409-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>वहीं विद्यालय के निदेशक ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि 12वीं का परिणाम विद्यार्थियों के भविष्य की नई दिशा तय करता है। उन्होंने सभी सफल छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों को बधाई दी।</p>



<p><strong>PNCB</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>क्या बाप-बेटे की जोड़ी रचेगी राजनीतिक इतिहास !</title>
		<link>https://www.patnanow.com/will-father-son-duo-create-history/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 12 May 2026 03:45:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[गांव -शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[ARA]]></category>
		<category><![CDATA[BHOJPUR]]></category>
		<category><![CDATA[bihar]]></category>
		<category><![CDATA[Journalist O P Pandey]]></category>
		<category><![CDATA[Kainhaiya Kumar]]></category>
		<category><![CDATA[mlc election]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[Radhacharan Sah]]></category>
		<category><![CDATA[पटना नाउ]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=96693</guid>

					<description><![CDATA[नमक, नाता और नाराज़गी!आरा-बक्सर MLC चुनाव में अपनों ने ही खोला मोर्चा आरा, 12 मई। कल तक जो एक-दूसरे का हाथ थाम वोट मांगते थे, आज वही मंच से एक-दूसरे पर कीचड़ उछाल रहे हैं। सवाल अब सिर्फ चुनाव का नहीं, बल्कि राजनीतिक वर्चस्व और परिवारवाद बनाम जनाधार की लड़ाई का बन चुका है। भोजपुर की राजनीति में इस वक्त सबसे बड़ा सवाल गूंज रहा है कि“क्या बाप-बेटे की जोड़ी एक साथ विधान परिषद और विधानसभा पहुंचेगी?” एक तरफ जदयू ने संदेश विधायक और पूर्व MLC राधाचरण साह उर्फ सेठ जी के बेटे कन्हैया कुमार पर दांव लगाया है, तो दूसरी तरफ राजद ने पूर्व MLC लालदास राय के बेटे और विजेंद्र यादव के दामाद सोनू राय को मैदान में उतार दिया है। यानी लड़ाई अब दलों से ज्यादा दो राजनीतिक घरानों की प्रतिष्ठा पर आकर टिक गई है। लेकिन इस चुनाव का सबसे विस्फोटक पहलू बना है अपनों का विद्रोह! जदयू के पुराने और जमीन से जुड़े नेता मनोज उपाध्याय टिकट कटने के बाद जब निर्दलीय अपने जनप्रतिनिधियों के भरोसे चुनावी मैदान में उतरे तो पार्टी ने उन्हें बागी घोषित कर 6 वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया। 35 वर्षों तक पार्टी का झंडा ढोने वाले मनोज ने खुलकर आरोप लगाया कि जदयू अब कार्यकर्ताओं की नहीं, “धनकुबेरों और भाई-भतीजावाद” की पार्टी बन गई है। उधर राजद खेमे में भी हालात कम विस्फोटक नहीं हैं।जो राधाचरण साह कभी अरुण यादव और विजेंद्र यादव के साथ एक परिवार की तरह राजनीति करते थे, वही आज उनके सबसे बड़े [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>नमक, नाता और नाराज़गी!</strong><br><strong>आरा-बक्सर MLC चुनाव में अपनों ने ही खोला मोर्चा</strong></p>



<p>आरा, 12 मई। कल तक जो एक-दूसरे का हाथ थाम वोट मांगते थे, आज वही मंच से एक-दूसरे पर कीचड़ उछाल रहे हैं। सवाल अब सिर्फ चुनाव का नहीं, बल्कि राजनीतिक वर्चस्व और परिवारवाद बनाम जनाधार की लड़ाई का बन चुका है।</p>



<p>भोजपुर की राजनीति में इस वक्त सबसे बड़ा सवाल गूंज रहा है कि“क्या बाप-बेटे की जोड़ी एक साथ विधान परिषद और विधानसभा पहुंचेगी?”</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="800" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001297134-scaled.png" alt="" class="wp-image-96697" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001297134-scaled.png 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001297134-650x508.png 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>एक तरफ जदयू ने संदेश विधायक और पूर्व MLC राधाचरण साह उर्फ सेठ जी के बेटे कन्हैया कुमार पर दांव लगाया है, तो दूसरी तरफ राजद ने पूर्व MLC लालदास राय के बेटे और विजेंद्र यादव के दामाद सोनू राय को मैदान में उतार दिया है। यानी लड़ाई अब दलों से ज्यादा दो राजनीतिक घरानों की प्रतिष्ठा पर आकर टिक गई है।</p>



<p><strong>लेकिन इस चुनाव का सबसे विस्फोटक पहलू बना है अपनों का विद्रोह!</strong></p>



<p>जदयू के पुराने और जमीन से जुड़े नेता मनोज उपाध्याय टिकट कटने के बाद जब निर्दलीय अपने जनप्रतिनिधियों के भरोसे चुनावी मैदान में उतरे तो पार्टी ने उन्हें बागी घोषित कर 6 वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया। 35 वर्षों तक पार्टी का झंडा ढोने वाले मनोज ने खुलकर आरोप लगाया कि जदयू अब कार्यकर्ताओं की नहीं, “धनकुबेरों और भाई-भतीजावाद” की पार्टी बन गई है।</p>



<p>उधर राजद खेमे में भी हालात कम विस्फोटक नहीं हैं।<br>जो राधाचरण साह कभी अरुण यादव और विजेंद्र यादव के साथ एक परिवार की तरह राजनीति करते थे, वही आज उनके सबसे बड़े राजनीतिक दुश्मन बन चुके हैं। वजह भी साफ है ,संदेश विधानसभा में राधाचरण साह ने यादव परिवार के राजनीतिक किले को ध्वस्त कर दिया। पिता, मां और बेटे को विधायक बनाने का सपना अधूरा रह गया और तभी से रिश्तों में दरार की दीवार खड़ी हो गई।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="755" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001297062-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96695" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001297062-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001297062-650x479.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>अब उसी लड़ाई का बदला MLC चुनाव में लेने की तैयारी दिख रही है। विजेंद्र यादव ने तो हमला बोलते हुए राधाचरण साह पर भाई-भतीजावाद, कारोबार की राजनीति और यहां तक कि पुराने विवादों तक को उछाल दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग सालभर बालू और होटल का धंधा करते हैं, चुनाव आते ही नेता बन जाते हैं।</p>



<p>हालांकि राधाचरण साह ने पलटवार में ज्यादा शब्द खर्च नहीं किए, लेकिन मुस्कुराते हुए ऐसा तीर छोड़ दिया जिसने सियासी तापमान और बढ़ा दिया। उन्होंने कहा कि“भोजपुर की जनता सब देख रही है कि कौन काम कर रहा है और कौन सिर्फ परिवारवाद की राजनीति।”</p>



<p>जब उनसे पूछा गया कि जो लोग कभी उनका नमक खाते थे, वही आज विरोध में क्यों खड़े हैं, क्या आपके अन्न में दोष है?<br>तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि “अब यही मान लीजिए… लेकिन मुझे किसी से गिला-शिकवा नहीं। वक्त और मिट्टी का हर कण सब जानता है।”</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="952" height="744" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001297063.jpg" alt="" class="wp-image-96696" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001297063.jpg 952w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001297063-650x508.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 952px) 100vw, 952px" /></figure>



<p>वहीं <strong>कन्हैया प्रसाद </strong>ने खुद को सोशल मीडिया की राजनीति से अलग बताते हुए कहा कि सेवा दिखाने के लिए नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि बाढ़, आगलगी कोरोना और संकट के समय उन्होंने लोगों के बीच जाकर मदद की, लेकिन फोटो खिंचवाने में विश्वास नहीं रखा। उनका दावा है कि जनता और जनप्रतिनिधियों का आशीर्वाद इस चुनाव में उनके साथ है।</p>



<p>अब चुनावी शोर थम चुका है। प्रचार का अंतिम अध्याय खत्म हो गया है और अब फैसला उन जनप्रतिनिधियों के हाथ में है जिनकी एक-एक वोट आरा-बक्सर की सियासत का भविष्य तय करेगी। पंचायत से लेकर वार्ड तक, हर वोट अब किसी उम्मीदवार की किस्मत नहीं बल्कि दो राजनीतिक विचारधाराओं और दो परिवारों की प्रतिष्ठा का फैसला करेगा।</p>



<p>अब सवाल यही है कि क्या जन प्रतिनिधी“काम” पर वोट ददेंगे या “खानदान” पर?<br>क्या राधाचरण साह अपने बेटे को विधान परिषद पहुंचाकर आरा-बक्सर की राजनीति में नया इतिहास लिखेंगे?<br>या फिर राजद का दामाद फैक्टर इस बार सेठ परिवार की सियासी चाल को मात देगा?</p>



<p>फिलहाल आरा-बक्सर की राजनीति में जुबानी जंग एक चर्चा का विषय बना हुआ है और अब जनता नहीं, जनप्रतिनिधियों की खामोश वोट इतिहास लिखने वाली है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>रिश्तेदारी बनाम विचारधारा : आरा-बक्सर चुनाव में आखिरी दिन फूटा राजनीतिक गुस्सा</title>
		<link>https://www.patnanow.com/antim-din-futa-gussa/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 12 May 2026 02:47:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[ARA]]></category>
		<category><![CDATA[BHOJPUR]]></category>
		<category><![CDATA[bihar]]></category>
		<category><![CDATA[Dhannajay Yadav]]></category>
		<category><![CDATA[Hakim Prasad]]></category>
		<category><![CDATA[mlc election]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[Sonu Rai]]></category>
		<category><![CDATA[पटना नाउ]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=96689</guid>

					<description><![CDATA[NDA पर बरसे धनंजय यादव और हकीम प्रसाद आरा,12 मई। आरा-बक्सर विधान परिषद उपचुनाव के प्रचार के अंतिम दिन राजनीतिक बयानबाज़ी चरम पर पहुंच गई। एक ओर वार्ड पार्षद ने दल बदलने वाले नेताओं पर हमला बोलते हुए जनता से “राजनीतिक जवाब” देने की अपील की, वहीं दूसरी ओर राजद के वरिष्ठ नेता ने भाजपा और उसके सहयोगी दलों पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि उनकी राजनीति अब “तोड़फोड़ और भ्रम फैलाने” तक सीमित रह गई है। धनंजय यादव ने दावा किया कि आरा सदर के 363 वोटों में इंडिया गठबंधन करीब 200 वोटों से आगे रहेगा और की जीत बड़े अंतर से तय दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि आरा और बक्सर दोनों क्षेत्रों के पंचायत प्रतिनिधियों ने मन बना लिया है कि इस बार समाज के बीच रहने वाले उम्मीदवार को ही समर्थन मिलेगा। उन्होंने कहा कि“10-12 वर्षों से जनता को ठगने वाले नेता अब फिर चेहरा बदलकर वोट मांग रहे हैं। चुनाव आते ही दल बदलकर कुर्सी बचाने वाले नेताओं को इस बार जनता सबक सिखाएगी।”इसी बीच जब राजद के वरिष्ठ नेता हकीम प्रसाद से यह पूछा गया कि उनके बड़े भाई के परिवार का सदस्य दूसरी पार्टी में उम्मीदवार है, तो क्या वे पार्टी उम्मीदवार की जगह अपने भतीजे के लिए समर्थन मांग रहे हैं? इस सवाल पर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी। हाकिम प्रसाद ने कहा कि“मीडिया के कुछ लोग ऐसे बेतुके सवाल पूछकर रिश्तों में अविश्वास पैदा करना चाहते हैं। साथ ही पार्टी के बीच भी इसे भ्रामक बनाना चाहते हैं। मेरी राजनीति [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>NDA पर बरसे धनंजय यादव और हकीम प्रसाद</strong><br><br>आरा,12 मई। आरा-बक्सर विधान परिषद उपचुनाव के प्रचार के अंतिम दिन राजनीतिक बयानबाज़ी चरम पर पहुंच गई। एक ओर वार्ड पार्षद ने दल बदलने वाले नेताओं पर हमला बोलते हुए जनता से “राजनीतिक जवाब” देने की अपील की, वहीं दूसरी ओर राजद के वरिष्ठ नेता ने भाजपा और उसके सहयोगी दलों पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि उनकी राजनीति अब “तोड़फोड़ और भ्रम फैलाने” तक सीमित रह गई है।<br><br>धनंजय यादव ने दावा किया कि आरा सदर के 363 वोटों में इंडिया गठबंधन करीब 200 वोटों से आगे रहेगा और की जीत बड़े अंतर से तय दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि आरा और बक्सर दोनों क्षेत्रों के पंचायत प्रतिनिधियों ने मन बना लिया है कि इस बार समाज के बीच रहने वाले उम्मीदवार को ही समर्थन मिलेगा।<br><br>उन्होंने कहा कि“10-12 वर्षों से जनता को ठगने वाले नेता अब फिर चेहरा बदलकर वोट मांग रहे हैं। चुनाव आते ही दल बदलकर कुर्सी बचाने वाले नेताओं को इस बार जनता सबक सिखाएगी।”इसी बीच जब राजद के वरिष्ठ नेता हकीम प्रसाद से यह पूछा गया कि उनके बड़े भाई के परिवार का सदस्य दूसरी पार्टी में उम्मीदवार है, तो क्या वे पार्टी उम्मीदवार की जगह अपने भतीजे के लिए समर्थन मांग रहे हैं? इस सवाल पर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001296760-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96690" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001296760-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001296760-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001296760-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p><br><br>हाकिम प्रसाद ने कहा कि“मीडिया के कुछ लोग ऐसे बेतुके सवाल पूछकर रिश्तों में अविश्वास पैदा करना चाहते हैं। साथ ही पार्टी के बीच भी इसे भ्रामक बनाना चाहते हैं। मेरी राजनीति विचारधारा की राजनीति है, रिश्तेदारी की नहीं।”उन्होंने भाजपा और NDA गठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा, कि भाजपा और उसके सहयोगी दलों की राजनीति खत्म हो चुकी है। अब उनके पास कोई विचारधारा नहीं बची है। केवल तोड़फोड़, भ्रम और सत्ता बचाने की राजनीति रह गई है। जनता बहुत जल्द इसका जवाब देगी।<br><br>हाकिम प्रसाद ने साफ कहा कि वे पूरी मजबूती से इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार सोनू राय के लिए प्रचार कर रहे हैं क्योंकि सोनू राय जमीन से जुड़े और समाज में सक्रिय व्यक्ति हैं। सोनू राय वर्षों से बिना किसी पद के जनता के बीच रहकर सेवा कर रहे हैं। उनके पिता ने भी आरा-बक्सर क्षेत्र में ईमानदारी और साफ छवि के साथ जो काम किया, उसी का असर है कि आज भी परिवार लोगों के दिलों में बसा हुआ है।<br><br>जब उनसे पूछा गया कि यदि उनके भतीजे चुनाव जीत जाते हैं तो क्या वे उन्हें आशीर्वाद देंगे, इस पर उन्होंने दो टूक जवाब दिया “मुझे खुशी तब होगी जब सोनू राय चुनाव जीतेंगे।”<br><br>प्रचार थमने से ठीक पहले आए इन तीखे बयानों ने आरा-बक्सर विधान परिषद उपचुनाव का राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है। अब निगाहें आज होने वाले मतदान पर टिक गई हैं, जहां जनता का फैसला कई राजनीतिक चेहरों का भविष्य तय करेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जनबल के दम पर क्या सब पर भारी पड़ेंगे मनोज उपाध्याय !</title>
		<link>https://www.patnanow.com/jandhan-par-kaun-hoga-bhari/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 12 May 2026 02:21:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[गांव -शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[ARA]]></category>
		<category><![CDATA[BHOJPUR]]></category>
		<category><![CDATA[bihar]]></category>
		<category><![CDATA[Journalist O P Pandey]]></category>
		<category><![CDATA[Manoj Upadhyay]]></category>
		<category><![CDATA[mlc election]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[Piro]]></category>
		<category><![CDATA[पटना नाउ]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=96685</guid>

					<description><![CDATA[आरा, 12 मई। MLC चुनाव में इस बार बड़े नाम और परिवारवाद के राजनीति के बीच सबसे ज्याद चर्चित हैं MLC उपचुनाव के प्रत्याशी मनोज उपाध्याय। पहली बार ऐसा हुआ है कि जिस चुनाव को सिर्फ पैसे के बदौलत जीत मानी जाती थी मनोज उपाध्याय के मैदान में आते ही MLC चुनाव के लिए खड़े सभी प्रत्याशियों को जैसे सांप सूंघ गया है। निर्दलीय मैदान में रहने के बावजूद सबसे ज्यादा लोगों का समर्थन उन्हें प्राप्त है ऐसा सिर्फ मनोज उपाध्याय का दावा ही नहीं सूत्र भी बताते हैं। पार्टी से निष्कासित होने के बाद वे और भी मजबूत प्रत्याशी के रूप उभरे हैं और चुनावी मैदान में खड़े सभी उन्हीं से भयभीत भी हैं। तो क्या सही में जनबल इस बार लोकतंत्र की आवाज बनेगा? चुनाव आज है और यह तय भी जल्द हो जाएगा पर मनोज उपाध्याय की साख की मजबूती ने जमीनी जुड़ाव को निःसंदेह साबित किया है। जदयू से निष्कासित किए जाने के बाद भी भोजपुर-बक्सर MLC उपचुनाव के निर्दलीय उम्मीदवार मनोज उपाध्याय ने पार्टी और नेतृत्व के प्रति सम्मान जताते हुए खुद को “जनता और जनप्रतिनिधियों का उम्मीदवार” बताया है। उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने पार्टी नहीं छोड़ी, बल्कि पार्टी ने उन्हें छोड़ा है। मनोज उपाध्याय ने कहा कि“पार्टी आज भी मेरे लिए मंदिर है। मैंने संगठन नहीं छोड़ा है, लेकिन जनता और जनप्रतिनिधियों के विश्वास को भी मैं अनदेखा नहीं कर सकता। लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि होती है, यह मैं नहीं बल्कि संविधान कहता है, और मैं उसी का पालन कर रहा हूं।” उन्होंने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><p dir="ltr"><b>आरा, 12 मई। MLC चुनाव में इस बार बड़े नाम और परिवारवाद के राजनीति के बीच सबसे ज्याद चर्चित हैं MLC उपचुनाव के प्रत्याशी मनोज उपाध्याय। पहली बार ऐसा हुआ है कि जिस चुनाव को सिर्फ पैसे के बदौलत जीत मानी जाती थी मनोज उपाध्याय के मैदान में आते ही MLC चुनाव के लिए खड़े सभी प्रत्याशियों को जैसे सांप सूंघ गया है। निर्दलीय मैदान में रहने के बावजूद सबसे ज्यादा लोगों का समर्थन उन्हें प्राप्त है ऐसा सिर्फ मनोज उपाध्याय का दावा ही नहीं सूत्र भी बताते हैं। पार्टी से निष्कासित होने के बाद वे और भी मजबूत प्रत्याशी के रूप उभरे हैं और चुनावी मैदान में खड़े सभी उन्हीं से भयभीत भी हैं। तो क्या सही में जनबल इस बार लोकतंत्र की आवाज बनेगा? चुनाव आज है और यह तय भी जल्द हो जाएगा पर मनोज उपाध्याय की साख की मजबूती ने जमीनी जुड़ाव को निःसंदेह साबित किया है।</b></p></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="735" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001295990-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96686" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001295990-scaled.jpg 735w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001295990-467x650.jpg 467w" sizes="auto, (max-width: 735px) 100vw, 735px" /></figure>



<p><p dir="ltr"><br><br><b>जदयू से निष्कासित किए जाने के बाद भी भोजपुर-बक्सर MLC उपचुनाव के निर्दलीय उम्मीदवार मनोज उपाध्याय ने पार्टी और नेतृत्व के प्रति सम्मान जताते हुए खुद को “जनता और जनप्रतिनिधियों का उम्मीदवार” बताया है। उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने पार्टी नहीं छोड़ी, बल्कि पार्टी ने उन्हें छोड़ा है।</b><br><br>मनोज उपाध्याय ने कहा कि<i>“पार्टी आज भी मेरे लिए मंदिर है। मैंने संगठन नहीं छोड़ा है, लेकिन जनता और जनप्रतिनिधियों के विश्वास को भी मैं अनदेखा नहीं कर सकता। लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि होती है, यह मैं नहीं बल्कि संविधान कहता है, और मैं उसी का पालन कर रहा हूं।”</i><br><br>उन्होंने दावा किया कि जिस तरह का समर्थन उन्हें स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जनता से मिल रहा है, वह इस चुनाव को ऐतिहासिक बना सकता है। <i>यह चुनाव बताएगा कि हर जीत धनबल से तय नहीं होती। लोकतंत्र में सबसे बड़ी ताकत जनबल होता है।</i> उपाध्याय ने खुद को जाति और परिवारवाद की राजनीति से अलग बताते हुए कहा कि वे हमेशा भरोसे और सेवा की राजनीति में विश्वास करते हैं।<br><br>उन्होंने कहा कि“ना मैं भाई-भतीजावाद की राजनीति करता हूं और ना ही उसके सहारे खड़ा हूं। अगर यह जीत होती है तो यह सिर्फ मनोज उपाध्याय की जीत नहीं होगी, बल्कि भोजपुर-बक्सर की भरोसेमंद जनता और लोकतंत्र की जीत होगी।”<br><br>यही नहीं उन्होंने यह भी साफ कर दिया  कि यह चुनाव सिर्फ एक सीट की लड़ाई नहीं, बल्कि उस सोच की परीक्षा है जिसमें यह तय होगा कि राजनीति का भविष्य धनबल और पुराने समीकरण तय करेंगे या फिर जनता का भरोसा।<br><br>अब राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जनप्रतिनिधियों के दावों और सियासी समीकरणों के बीच आखिर वोट किस ओर करवट लेता है। क्या यह चुनाव सचमुच लोकतंत्र की नई इबारत लिखेगा, या फिर राजनीति के पुराने ढांचे ही एक बार फिर भारी पड़ेंगे इसका फैसला आज का वोट आने वाले दिनों में चुनाव का परिणाम तय कर देगा ।</p><br></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>CBSE 10वीं रिजल्ट में बेटियों का दबदबा, संभावना स्कूल में लड़कियों ने मारी बाज़ी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/cbse-10th-result-most-toppers-are-girls/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Apr 2026 03:59:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACADEMIC]]></category>
		<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[BHOJPUR]]></category>
		<category><![CDATA[bihar]]></category>
		<category><![CDATA[CBSE]]></category>
		<category><![CDATA[CBSE 10th result]]></category>
		<category><![CDATA[Journalist O P Pandey]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[Sambhawana school]]></category>
		<category><![CDATA[पटना नाउ]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=96284</guid>

					<description><![CDATA[⁷uu seआरा,16 अप्रैल(ओ पी पाण्डेय).सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा-2026 के परिणाम में आरा के शांति स्मृति संभावना आवासीय उच्च विद्यालय के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन इस बार खास बात यह रही कि बेटियों ने बेटों को पीछे छोड़ते हुए पूरी तरह दबदबा कायम किया। विद्यालय की छात्रा ज्योति गुप्ता ने 97% अंक हासिल कर स्कूल टॉपर बनते हुए न सिर्फ विद्यालय, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया। खास बात यह रही कि ज्योति ने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में 100 में 100 अंक लाकर एक नया रिकॉर्ड कायम किया। टॉप पोजीशन पर भी लड़कियों का ही कब्जा रहा।स्वर्णिका सिद्धे (93%) ने दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि कौशिकी कुमारी, आराध्या और अन्य छात्राओं ने भी 92% अंक के साथ शीर्ष सूची में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। कुल मिलाकर, टॉपर्स की सूची में लड़कियों की संख्या ज्यादा रही, जिससे यह साफ हो गया कि इस बार “बेटियां पढ़ाई में आगे, लड़के पीछे” का ट्रेंड देखने को मिला। विद्यालय का रिजल्ट शत-प्रतिशत रहा। कुल 285 परीक्षार्थियों में * 21 छात्रों ने 90% से अधिक अंक हासिल किए * 32 छात्रों ने 80-90% के बीच अंक प्राप्त किए * 95 छात्रों ने 70-80% अंक लाए विद्यालय की प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह ने इस सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि यह छात्रों की मेहनत, शिक्षकों की लगन और अनुशासन का परिणाम है। वहीं प्रबंध निदेशक डॉ. कुमार द्विजेंद्र ने कहा कि यह परिणाम स्कूल की गुणवत्ता शिक्षा का प्रमाण है। इस मौके पर सफल छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया और मिठाई खिलाकर उनका [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>⁷uu se<br>आरा,16 अप्रैल(<strong>ओ पी पाण्डेय</strong>).सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा-2026 के परिणाम में आरा के शांति स्मृति संभावना आवासीय उच्च विद्यालय के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन इस बार खास बात यह रही कि बेटियों ने बेटों को पीछे छोड़ते हुए पूरी तरह दबदबा कायम किया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="853" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001225412-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96285" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001225412-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001225412-650x542.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001225412-1536x1280.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><br>विद्यालय की छात्रा ज्योति गुप्ता ने 97% अंक हासिल कर स्कूल टॉपर बनते हुए न सिर्फ विद्यालय, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया। खास बात यह रही कि ज्योति ने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में 100 में 100 अंक लाकर एक नया रिकॉर्ड कायम किया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="461" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001225581-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96286" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001225581-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001225581-650x293.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001225581-1536x691.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><br>टॉप पोजीशन पर भी लड़कियों का ही कब्जा रहा।<br>स्वर्णिका सिद्धे (93%) ने दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि कौशिकी कुमारी, आराध्या और अन्य छात्राओं ने भी 92% अंक के साथ शीर्ष सूची में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="847" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001222923-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96288" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001222923-scaled.jpg 847w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001222923-538x650.jpg 538w" sizes="auto, (max-width: 847px) 100vw, 847px" /></figure>



<p><br>कुल मिलाकर, टॉपर्स की सूची में लड़कियों की संख्या ज्यादा रही, जिससे यह साफ हो गया कि इस बार “बेटियां पढ़ाई में आगे, लड़के पीछे” का ट्रेंड देखने को मिला। विद्यालय का रिजल्ट शत-प्रतिशत रहा। कुल 285 परीक्षार्थियों में<br>  * 21 छात्रों ने 90% से अधिक अंक हासिल किए<br>  * 32 छात्रों ने 80-90% के बीच अंक प्राप्त किए<br>  * 95 छात्रों ने 70-80% अंक लाए<br></p>



<p>विद्यालय की प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह ने इस सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि यह छात्रों की मेहनत, शिक्षकों की लगन और अनुशासन का परिणाम है। वहीं प्रबंध निदेशक डॉ. कुमार द्विजेंद्र ने कहा कि यह परिणाम स्कूल की गुणवत्ता शिक्षा का प्रमाण है। इस मौके पर सफल छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया और मिठाई खिलाकर उनका उत्साह बढ़ाया गया।<br></p>



<p><strong>बड़ी घोषणा</strong>:<br>विद्यालय प्रबंधन ने ऐलान किया कि जिले में 90% या उससे अधिक अंक लाने वाले छात्रों को कक्षा 11वीं में नामांकन पर 50% फीस छूट दी जाएगी। कुल मिलाकर, इस बार के रिजल्ट ने साफ कर दिया कि संभावना स्कूल में बेटियों का जलवा कायम है और उन्होंने एक नई मिसाल पेश की है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पार्टी मंदिर है, फिर भी निर्दलीय मैदान में&#8230; मनोज उपाध्याय का बड़ा दांव, सियासत गरम</title>
		<link>https://www.patnanow.com/loyal-to-party-but-fighting-as-independent-a-bold-move-4-mlc/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Apr 2026 03:03:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[गांव -शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[ARA]]></category>
		<category><![CDATA[BHOJPUR]]></category>
		<category><![CDATA[bihar]]></category>
		<category><![CDATA[buxar]]></category>
		<category><![CDATA[jdu]]></category>
		<category><![CDATA[Journalist O P Pandey]]></category>
		<category><![CDATA[Manoj Upadhyay]]></category>
		<category><![CDATA[mlc election]]></category>
		<category><![CDATA[nitish kumar]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[पटना नाउ]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=96276</guid>

					<description><![CDATA[इस बार MLC चुनाव होगा दिलचस्प आरा , 16 अप्रैल (ओ.पी. पाण्डेय). भोजपुर-बक्सर MLC उपचुनाव से पहले जदयू की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. पार्टी के प्रदेश महासचिव मनोज उपाध्याय ने आरा में प्रेस वार्ता कर निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है. खास बात यह रही कि उन्होंने एक तरफ संगठन को अपना “मंदिर” बताया, तो दूसरी तरफ टिकट नहीं मिलने पर सीधे चुनावी मैदान में उतरने का फैसला सुना दिया. आरा के पार्क व्यू होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में उपाध्याय ने साफ कहा कि यह फैसला उन्होंने किसी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों के दबाव और समर्थन के आधार पर लिया है. उन्होंने कहा,“संगठन मेरा मंदिर है और नीतीश कुमार जी मेरे आदर्श हैं, लेकिन जब जनप्रतिनिधियों ने लगातार कहा कि इस बार हमें मैदान में उतरना चाहिए, तो मैंने उनकी आवाज को नजरअंदाज नहीं किया।” जनसमर्थन से घबराए लोग फैला रहे अफवाह: उन्होंने मीडिया बंधुओं से बातचीत में यह भी कहा कि कुछ लोग उनके जन समर्थन से इतने घबराए हुए हैं कि शोर मचा रहे हैं कि मनोज उपाध्याय पैसा लेकर बैठ गए हैं . हमारे साथ घूमने वाले लोगों को डराया भी जा रहा है. इसलिए मैं इस बात को आप सभी से शेयर कर रहा हूं कि यदि किसी बातें किसी भी समय आपतक पहुंचे तो एक बार आप जरूर हमसे मेरा पक्ष जान लीजिएगा। मैं चुनाव में किसी के कहने पर बैठने वाला नहीं हूँ। पिछले तीन महीनों से जारी बैठकों का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>इस बार MLC चुनाव होगा दिलचस्प </strong></p>



<p>आरा , 16 अप्रैल <strong>(ओ.पी. पाण्डेय</strong>). भोजपुर-बक्सर MLC उपचुनाव से पहले जदयू की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. पार्टी के प्रदेश महासचिव मनोज उपाध्याय ने आरा में प्रेस वार्ता कर निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है. खास बात यह रही कि उन्होंने एक तरफ संगठन को अपना “मंदिर” बताया, तो दूसरी तरफ टिकट नहीं मिलने पर सीधे चुनावी मैदान में उतरने का फैसला सुना दिया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="736" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001228024-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96277" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001228024-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001228024-650x467.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>आरा के पार्क व्यू होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में उपाध्याय ने साफ कहा कि यह फैसला उन्होंने किसी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों के दबाव और समर्थन के आधार पर लिया है. उन्होंने कहा,“संगठन मेरा मंदिर है और नीतीश कुमार जी मेरे आदर्श हैं, लेकिन जब जनप्रतिनिधियों ने लगातार कहा कि इस बार हमें मैदान में उतरना चाहिए, तो मैंने उनकी आवाज को नजरअंदाज नहीं किया।”</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="747" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001228018-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96278" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001228018-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001228018-650x474.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p class="has-light-green-cyan-background-color has-background"><strong>जनसमर्थन से घबराए लोग फैला रहे अफवाह:</strong></p>



<p class="has-light-green-cyan-background-color has-background">उन्होंने मीडिया बंधुओं से बातचीत में यह भी कहा कि कुछ लोग उनके जन समर्थन से इतने घबराए हुए हैं कि शोर मचा रहे हैं कि मनोज उपाध्याय पैसा लेकर बैठ गए हैं . हमारे साथ घूमने वाले लोगों को डराया भी जा रहा है. इसलिए मैं इस बात को आप सभी से शेयर कर रहा हूं कि यदि किसी बातें किसी भी समय आपतक पहुंचे तो एक बार आप जरूर हमसे मेरा पक्ष जान लीजिएगा। मैं चुनाव में किसी के कहने पर बैठने वाला नहीं हूँ।</p>



<p>पिछले तीन महीनों से जारी बैठकों का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि वार्ड सदस्यों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय निकाय के जनप्रतिनिधियों का उन्हें जबरदस्त समर्थन मिल रहा है. उन्होंने कहा कि 35 वर्षों की समाजसेवा के अनुभव के साथ वे अब सीधे सदन में जाकर क्षेत्र की आवाज उठाना चाहते हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="592" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001228005-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96280" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001228005-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001228005-650x376.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001228005-1536x888.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>टिकट नहीं मिलने के मुद्दे पर उन्होंने पार्टी लाइन से हटकर स्पष्ट रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि“मैंने अपनी बात पार्टी नेतृत्व तक रखी, लेकिन जब टिकट नहीं मिला तो जनप्रतिनिधियों ने साफ कहा कि इस बार धनबल और बाहुबल नहीं, जनता का बल दिखेगा.” जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें बागी माना जाएगा, तो उन्होंने बेबाक जवाब दिया कि“हां, माना जाएगा, लेकिन उन्होंने कहा कि पार्टी भले मान ले पर यह बगावत नहीं है, यह जनता की आवाज है.”</p>



<p>उन्होंने यह भी साफ किया कि वे पार्टी छोड़ने वाले नहीं हैं. उन्होंने कहा“जो मेरा मंदिर है, उसे कैसे छोड़ सकता हूं?” मनोज उपाध्याय ने अपने चुनावी आत्मविश्वास को भी खुलकर जाहिर किया। उन्होंने कहा कि “मेरा बल न पैसा है, न बाहुबल… मेरा बल जनता का प्यार, विश्वास और समर्थन है. जनप्रतिनिधियों के सामने झुका हुआ मेरा सिर ही मेरी ताकत है.”</p>



<p>उन्होंने वार्ड महासंघ के समर्थन का हवाला देते हुए दावा किया कि वे चुनाव में मजबूत स्थिति में हैं और जीत के बाद क्षेत्र की आवाज को सदन में मजबूती से उठाएंगे. गौरतलब है कि भोजपुर-बक्सर MLC उपचुनाव में करीब 5,200 वार्ड सदस्य मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं. ऐसे में जनप्रतिनिधियों का समर्थन इस चुनाव में गेम चेंजर साबित हो सकता है. प्रेस वार्ता में त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में समर्थक और कार्यकर्ता मौजूद रहे.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
