बेरोजगारी पर वार, माले ने मोदी के स्टाइल में उन्हें घेरा

आरा, 9 सितंबर. बेरोजगारी के खिलाफ़ भाकपा माले ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. करोड़ो रोजगार सृजित करने का दावा करने वाली मोदी सरकार के दूसरे टर्म के बाद भी अबतक लाख नौकरियाँ भी सृजित नही हो पाई है. इसे लेकर देश के युवाओं में आक्रोश है और इस मुद्दे को विपक्षी पार्टियाँ छोड़ने के मूड में नही है. इसलिए भकपा माले ने मोदी को उनको उनकी ही भाषा मे जवाब देने का मन बना लिया है. मोदी स्टाइल में पहले थाली बजाकर बेरोजगारी के खिलाफ आवाज उठाई और अब मोमबत्ती और मोबाइल की फ्लैश लाइट जला विरोध जता रहे हैं. सितंबर को 9 मिनट तक लाइट जलाकर विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान प्रदर्शन स्थल के आसPआस के लाइटों को बुझा दिया गया और सिर्फ मोमबत्ती या मोबाइल के फ्लैश लाइट जला कर बेरोजगारी के खिलाफ अपना आक्रोश जाहिर किया गयाइस क्रम में गोला मोहल्ला मोड़ पर बेरोजगारी के खिलाफ इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे भाकपा माले के युवा नेता अधिवक्ता अमित कुमार गुप्ता उर्फ बंटी नेता प्रतिपक्ष आरा नगर निगम रोषपूर्ण नारा लगाते हुए की देश के अंदर रोजगार का प्रबंध करो, रोजगार विरोधी नीतीश मोदी सरकार मुर्दाबाद, तमाम बंद पड़े वैकेंसियों को चालू करो, रेलवे या अन्य विभागों के अंदर व यूपीएससी के छात्रों की परीक्षा लो, सफल छात्रों को नौकरी में ज्वाइन कराओ, देश के अंदर रेलवे एयरपोर्ट बैंक का निजीकरण करना बंद करो, देश के कुलपतियों के सामने, अदानी-अंबानी के आगे झुकना बंद करो. गोला मुहल्ला मोड़ पर इस कैंडल लाइट सभा को

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बेरोजगारी की बजी थालियाँ, सरकार को नौजवानों ने घेरा

आरा,5 सितंबर. समय 05 बजकर 05 मिनट, स्थान..आरा का गोला मोहल्ला मोड़…आमतौर पर भीड़भाड़ रहने वाले इस जगह पर कुछ युवा अचानक थालियों को पीटने लगते हैं और उधर से गुजरने वाले हर शख्स की कदमें रुक जाती है. सभी देखने लगते हैं कि आखिर क्या होने लगा! कोई ये समझता है कि नुक्कड़ नाटक की शायद प्रस्तुति होगी लेकिन थोड़ी देर आंखे जब टकटकी लगाए देखती हैं तो पता चलता है कि ये युवा साथी कोई और नही बल्कि भाकपा माले के कार्यकर्ता हैं जो थाली पीटकर सरकार के विरोध अपना विरोध जता रहे हैं. बेरोजगारी हटाओ देश बचाओ अभियान के तहत आरा के नौजवानों ने थालीपीठ कर अपना विरोध दर्ज कराया और बेरोजगारी के खिलाफ नारे भी लगाए. भाकपा माले ने सरकार से मांग किया कि देश के नौजवानों को रोजगार की गारंटी देनी होगी. उन्होंने सरकार से बेरोजगार नौजवानों को ₹10000 बेरोजगारी भत्ता देने की मांग की. मोदी और नीतीश के विरोध में युवाओं ने जमकर नारे लगाए. CPIML प्रत्याशी राजू यादव, सचिव दिलराज प्रीतम, अधिवक्ता अमित कुमार गुप्ता उर्फ बंटी नेता प्रतिपक्ष आरा नगर निगम भाकपा माले कहा कि मोदी सरकार पूंजीपतियों के आगे घुटने टेक चुकी है. मोदी सरकार अदानी अंबानी के हाथों देश को बेच रही है. एयरपोर्ट बैंक रेलवे का निजीकरण कर रही है. करोड़ों लोगों को छटनी कर रही है. मुनाफे में भी कार्यरत सरकारी उपक्रमों में हिस्सेदार बना रही है और नौजवानों को रोजगार मांगने पर पकौड़ा तलने को सलाह दे रही है. एमबीए,एमसीए,एमटेक, बी टेक इंजीनियर करोड़ों की संख्या में

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BPSC के खिलाफ कोर्ट जाएंगे अभ्यर्थी

BPSC के एक्सपेरिमेंट से PT में छात्र हुए परेशान  एक तो बेरोजगारी, उसपर से सरकार के रुख़ से व्यथित हैं युवा सरकारी नौकरी के मौके लगातार कम हो रहे सरकार की बेरुखी से डिप्रेशन में हैं छात्र अब तो जागिए सरकार शराबबंदी और दहेजबंदी से ज्यादा जरुरी है रोजगार कैसा लगता है जब आप परीक्षा की तैयारी करें और वैकेंसी ही ना आए. कैसा लगता है जब हर बार नेता रोजगार के अवसर देने का वायदा करके चुनाव जीतें और कुर्सी मिलते ही रोजगार शब्द से ही नाता तोड़ लें. इसका दर्द तो उन्हें ही पता होगा जिनके पास उम्र सीमा का बंधन हो और वक्त पर वैकेंसी ना आने के कारण वे बेरोजगार रह जाएं. शायद इसका अहसास भी आज किसी राजनीतिक पार्टी को नहीं है. क्योंकि आज रोजगार से बड़े मुद्दे जीएसटी, नोटबंदी, शराबबंदी और दहेजबंदी हैं. बिहार की बात करें तो BSSC जैसा आयोग एक-एक परीक्षा लेने में वर्षों लगा देता है.. और रिजल्ट तो भूल ही जाइए. वहीं BPSC एक साथ तीन-तीन बैकलॉग की परीक्षा (56-59वीं परीक्षा और 60-62वीं परीक्षा) लेता है. जिनका रिजल्ट आने में भी वर्षों लग जाते हैं. जरा सोचिए… जब तीन साल की परीक्षा एक साथ ली जा रही हो तो जाहिर है इस दौरान कई उम्मीदवारों की उम्रसीमा खत्म हो चुकी होती है या फिर उनके लिए  आखिरी अटेम्ट होता है. फिर भी अगर बीपीएससी जैसा आयोग पीटी परीक्षा में  बिना बताए एक्सपेरिमेंट(परीक्षा में 4 की बजाय 5 ऑप्सन दे) करे और रिजल्ट देने में भी कंजूसी करे तो अभ्यर्थी क्या

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