<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>BADSHAHO REVIEW &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<atom:link href="https://www.patnanow.com/tag/badshaho-review/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<description>Patna News Portal - हर ख़बर पर नज़र</description>
	<lastBuildDate>Sun, 03 Sep 2017 18:29:31 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.6.1</generator>

<image>
	<url>https://www.patnanow.com/assets/2022/08/cropped-PatnaNow_Logo_2022-32x32.png</url>
	<title>BADSHAHO REVIEW &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>कयासों की कल्पना में उलझ कर रह गयी फ़िल्म</title>
		<link>https://www.patnanow.com/badshaho-film-review/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amit Verma]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 03 Sep 2017 18:29:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[एंटरटेनमेंट]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[वीडियो]]></category>
		<category><![CDATA[AJAY DEVGAN MOVIE]]></category>
		<category><![CDATA[BADSHAHO]]></category>
		<category><![CDATA[BADSHAHO REVIEW]]></category>
		<category><![CDATA[ILLIANA]]></category>
		<category><![CDATA[IMRAN HASHMI]]></category>
		<category><![CDATA[MOVIE REVIEW]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://www.patnanow.com/?p=22841</guid>

					<description><![CDATA[फीकी है &#8216;बादशाहो&#8217; की बादशाहत राजस्‍थान की पृष्ठभूमि में सुने-सुनाए प्रचलित किस्‍सों की उपज है ‘बादशाहो’. ‘कच्‍चे घागे’ और &#8216;डर्टी पिक्चर&#8217; जैसी कई जबरदस्त फिल्मो से अपने निर्देशन का दर्शकों के दिलों पर जादू चलाने वाले मिलन लुथरिया को इस फ़िल्म का ताना-बाना, कच्चे-धागे की शूटिंग के दरम्‍यान ही बना था. राजस्थान में राजघरानो और किलों के बारे में कई किस्से सुनने को मिलते हैं. उन्ही किस्सों में से एक किस्सा उन्होंने सुना, जो उनके जहन से निकल ही नहीं पाया.उन्‍होंने अजय देवगन को भी यह किस्‍सा सुनाया. फिर क्या था कहानी ने दोनों को प्रभावित किया और फ़िल्म बानी बादशाहो. दरअसल यह फ़िल्म महारानी गायत्री देवी के किले में छुपे खजाने के ऊपर बना है. महारानी अपने सौंदर्य के लिए जगप्रसिद्ध थीं. ऐसा कहा जाता है कि इमरजेंसी के दौरान इंदिरा गांधी और संजय गांधी के इशारे पर फौज ने महारानी गायत्री देवी के किले पर छापा मारा था और बड़ी मात्रा में खजाने ले गए थे. हालांकि इसका कोई प्रमाण नही मिलता लेकिन किले घूमने के दौरान गाइड और आम जनता से इन बातों को कोई भी सुन सकता है. कहानी को समय और किरदारों का रूप देने में निर्देशक ने काफी मेहनत किया है. ओरिजिनल किरदारों और समय की झलक फिल्‍म के शुरू में ही दिख जाती है. कलाकारों का लुक और एटीट्यूड उन्हें संजय गांधी जैसा प्रतीत कराता है. गीतांजलि देवी में गायत्री देवी की झलक दिखती है. अन्य कई किरदार कल्पना की उपज हैं. फिल्‍म में रिलेशनशिप, ड्रामा,एक्‍शन, थ्रिल, ड्रामा, कॉमेडी और आयटम सॉन्ग का [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>फीकी है &#8216;बादशाहो&#8217; की बादशाहत</strong></p>
<p>राजस्‍थान की पृष्ठभूमि में सुने-सुनाए प्रचलित किस्‍सों की उपज है ‘बादशाहो’. ‘कच्‍चे घागे’ और &#8216;डर्टी पिक्चर&#8217; जैसी कई जबरदस्त फिल्मो से अपने निर्देशन का दर्शकों के दिलों पर जादू चलाने वाले मिलन लुथरिया को इस फ़िल्म का ताना-बाना, कच्चे-धागे की शूटिंग के दरम्‍यान ही बना था. राजस्थान में राजघरानो और किलों के बारे में कई किस्से सुनने को मिलते हैं. उन्ही किस्सों में से एक किस्सा उन्होंने सुना, जो उनके जहन से निकल ही नहीं पाया.उन्‍होंने अजय देवगन को भी यह किस्‍सा सुनाया. फिर क्या था कहानी ने दोनों को प्रभावित किया और फ़िल्म बानी बादशाहो.<img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-22842" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/09/PNC-BADSHAHO-FILM-REVIEW-AJAT-DEVGAN-650x402.jpg" alt="" width="650" height="402" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/09/PNC-BADSHAHO-FILM-REVIEW-AJAT-DEVGAN.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/09/PNC-BADSHAHO-FILM-REVIEW-AJAT-DEVGAN-350x216.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p>दरअसल यह फ़िल्म महारानी गायत्री देवी के किले में छुपे खजाने के ऊपर बना है. महारानी अपने सौंदर्य के लिए जगप्रसिद्ध थीं. ऐसा कहा जाता है कि इमरजेंसी के दौरान इंदिरा गांधी और संजय गांधी के इशारे पर फौज ने महारानी गायत्री देवी के किले पर छापा मारा था और बड़ी मात्रा में खजाने ले गए थे. हालांकि इसका कोई प्रमाण नही मिलता लेकिन किले घूमने के दौरान गाइड और आम जनता से इन बातों को कोई भी सुन सकता है.</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-22843" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/09/PNC-BADSHAHO-FILM-REVIEW-IMRAN-HASHMI-AJAY-DEVGAN.jpg" alt="" width="610" height="359" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/09/PNC-BADSHAHO-FILM-REVIEW-IMRAN-HASHMI-AJAY-DEVGAN.jpg 610w, https://www.patnanow.com/assets/2017/09/PNC-BADSHAHO-FILM-REVIEW-IMRAN-HASHMI-AJAY-DEVGAN-350x206.jpg 350w" sizes="(max-width: 610px) 100vw, 610px" /></p>
<p>कहानी को समय और किरदारों का रूप देने में निर्देशक ने काफी मेहनत किया है. ओरिजिनल किरदारों और समय की झलक फिल्‍म के शुरू में ही दिख जाती है. कलाकारों का लुक और एटीट्यूड उन्हें संजय गांधी जैसा प्रतीत कराता है. गीतांजलि देवी में गायत्री देवी की झलक दिखती है. अन्य कई किरदार कल्पना की उपज हैं. फिल्‍म में रिलेशनशिप, ड्रामा,एक्‍शन, थ्रिल, ड्रामा, कॉमेडी और आयटम सॉन्ग का ऐसा मसाला है जो आपको कुछ समय तक तो बांधने में कामयाब होती है. साथ ही निर्देशक ने इसे एक एक्‍शन थिलर के रूप में पेश किया भी है. बनाये भी क्यों न जब अजय देवगन जैसे मंझे हुए एक्शन और इमोशनल कलाकार हों. इन सबके साथ समझिए कि बोनस के रूप आपको मिलती हैं आयटम सांग करतीं यंग सेंसेशन सनी लियोनी.<br />
मतलब यह कि मसाला हिदी फिल्‍मों की परंपरा की चाशनी में डूबी हुई फ़िल्म है ‘बादशाहो’. फिल्‍म में इमरजेंसी के दौर जैसा कुछ नही है. हाँ अखबार की सुर्खियों से पता चल जाता है देश में इमरजेंसी आ गई है. अब आइए थोड़ा ड्रामा भी जाने जो फ़िल्म में है. संजीव दिवंगत राजा का शयन कक्ष देखने के बहाने उनके बेड रूम में आता है और गीतांजलि के साथ हमबिस्‍तर होना चाहता है. गीतांजलि नानी की तलवार खींच लेती है. गीतांजलि की इस हरकत पर संजीव किसी भी तरह उसे बर्बाद करने की ठान लेता है. उन्‍हें जेल भिजवा देता है और किले में छिपे-गड़े खजाने के लिए फौज भेज देता है.</p>
<p><img decoding="async" class="size-large wp-image-22844 alignleft" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/09/PNC-BADSHAHO-FILM-REVIEW.jpg" alt="" width="480" height="360" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/09/PNC-BADSHAHO-FILM-REVIEW.jpg 480w, https://www.patnanow.com/assets/2017/09/PNC-BADSHAHO-FILM-REVIEW-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 480px) 100vw, 480px" />भवानी सिंह बने अजय देवगन से आफत में फंसी रानी गीतांजलि मदद लेती है, जो उनका पुराना और भरोसेमंद आशिक है. रानी किसी भी सूरत में अपना खजाना हासिल करने को कहती है. रानी की एक सहायिका संजना जिसका किरदार ईषा गुप्‍ता ने किया है, मदद के लिए भेज दी जाती है. भवानी सिंह, दलिया बने इमरान हाशमी और टिकला बने संजय मिश्रा को अपने ग्रुप में शामिल करता है. तीनो मिलकर सहर सिंह बने विद्युत जामवाल के कमांड में जा रे सोने-गहने से लदे ट्रक को लूटते हैं. अब खजाने वो पाते हैं या नही यह देखने के लिए आप खुद सिनेमाघरों में जाएंगे तो ज्यादा मजा आएगा. अजय देवगन के संवाद अदायगी ही उनके स्टाइल है जो प्रभावित करते हैं. इलियाना का आकर्षण बरकरार रहा है वही संजय मिश्रा ने हीरो से ज्‍यादा आकर्षित किया हैं.संजय मिश्रा के वन लाइनर पर दर्शक खूब मजा लेते हैं. रजत अरोड़ा के पंच लाइन से भरे संवाद भी हैं. जबरदस्त कलाकारों की जमात के बाद उनका उपयोग ढंग से नही हो पाया है. ईशा बस प्रदर्शन मात्र के लिए दिखती है. इस फिल्‍म के महिला किरदारों पर लेखक-निर्देशक ने अधिक ध्‍यान नहीं दिया है.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-22845" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/09/PNC-BADSHAHO-FILM-REVIEW-ILLIANA-AJAY-650x371.jpg" alt="" width="650" height="371" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/09/PNC-BADSHAHO-FILM-REVIEW-ILLIANA-AJAY.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/09/PNC-BADSHAHO-FILM-REVIEW-ILLIANA-AJAY-350x200.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p>फ़िल्म कई सवाल दिमाग मे घर कर देते हैं कि एक विधवा महारानी का खजाना सरकार ने लूट लिया या लूटने की कोशिश की थी? वह महारानी जो अपने सौंदर्य के लिए जगप्रसिद्ध थी, क्या वह लोगों का इस्तेमाल अपना प्यादा बनाने में करती थी? क्या वह दिखावे के लिए अपनी जनता के प्रति रहम दिल थी जबकि हक्कीकत में जनता का खून पीती थी? इतिहास के पन्ने में खून और धोखे से सनी इन कयासों की धुंध में लेखक-निर्देशक ने कल्पना से ऐसा रायता फैलाया कि अंत में उन्हीं से फ़िल्म उन्ही से समेटते नहीं बनती. मल्टी स्टारर फ़िल्म होने के बावजूद बादशाहो जैसा खराब क्लाइमेक्स हाल के वर्षों में देखने को नही मिला. सबसे निराशा राजस्थानी पृष्ठभूमि और इमरजेंसी के काल के बावजूद गाने और संवाद ने किया है. जो उस दौर के नही बल्कि आज के दौर के हैं. फिर भी एक्शन और डायलॉग के साथ अगर सनी लियोनी पसंद हो तो जरूर जाईये इस फ़िल्म को देखने.</p>
<p><strong>फिल्म का सुपरहिट गाना देखने के लिए क्लिक करें-</strong></p>
<p>https://youtu.be/DgcX_TrKvi0</p>
<p>निर्माताः भूषण कुमार/कृषन कुमार -निर्देशकः मिलन लुथरिया -सितारेः अजय देवगन, इमरान हाशमी, इलियाना डिक्रूज, विद्युत जामवाल, ईशा गुप्ता, संजय मिश्रा<br />
<strong>रेटिंग-2.5*</strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>OP PANDEY SPECIAL</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
