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	<title>Arwal &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>Arwal &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>42 साल से लंबित पड़ी बिहटा-औरंगाबाद रेलवे लाइन के लिए DRM से मिली संघर्ष समिति</title>
		<link>https://www.patnanow.com/people-meet-in-leadership-of-mahanad-and-mahabali-singh-with-drm-for-arwal-line/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 06 Apr 2023 03:00:03 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[विधायक महानंद सिंह एवं महाबली सिंह के नेतृत्व में बिहटा-अरवल-औरंगाबाद रेलवे लाइन संघर्ष समिति की टीम ने की DRM से मुलाकात 42 साल बाद भी नही पूरा हुआ बिहटा औरंगाबाद रेलवे लाइन का काम बिहार का एकमात्र जिला अरवल जहां रेलवे लाइन नहीं पहुंची पटना,6 अप्रैल (अजीत). बिहटा-अरवल-औरंगाबाद रेलवे लाइन संघर्ष समिति का 10 सदस्यीय शिष्टमंडल विधायक महानंद सिंह और विधान परिषद् सदस्य महाबली सिंह के नेतृत्व में मंडल रेल प्रबंधन के DRM से मिला और योजना चालू करवाने का अनुरोध किया. इससे पहले मंडल रेल प्रबंधन कार्यालय, दानापुर में दो दिवसीय सत्याग्रह को संबोधित करते हुए बिहटा-अरवल-औरंगाबाद रेलवे लाइन संघर्ष समिति के मुख्य संयोजक मनोज सिंह ने कहा कि नौ वर्षों के संघर्ष का परिणाम है कि यह रेल लाइन योजना आज जिंदा है, वरना रेलवे बोर्ड इसका फाइल बंद कर दिया था. जबतक बिहटा-अरवल-औरंगाबाद रेल लाइन योजना पूरा नहीं हो जाता, तबतक संघर्ष जारी रहेगा. बिहार विधान परिषद् सदस्य प्रो. रामबली चंद्रवंशी ने कहा कि केंद्र सरकार सिर्फ सर्वे के नाम पर ही लोगों को भरमा रखी है. नीतीश ने कराया सर्वे लालू ने किया था शिलान्यास 42 वर्षों से लंबित इस योजना के लिये पहला सर्वे का काम रेल मंत्री रहते आदरणीय नीतीश कुमार वर्ष 2004 में करवाया था. इस योजना के लिये 16 अक्टूबर, 2007 को तत्कालीन रेल मंत्री रहते लालू प्रसाद यादव ने शिलान्यास किया था. जिला परिषद् प्रतिनिधि श्याम सुंदर ने कहा कि सर्वे और प्राक्कलन के बाद भी सरकार सो रही है. तब आंदोलन का रूख अखि्तयार किया गया. नौ वर्षों के आंदोलन [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>विधायक महानंद सिंह एवं महाबली सिंह के नेतृत्व में बिहटा-अरवल-औरंगाबाद रेलवे लाइन संघर्ष समिति की टीम ने की DRM से मुलाकात</strong></p>



<p><strong>42 साल बाद भी नही पूरा हुआ बिहटा औरंगाबाद रेलवे लाइन का काम</strong></p>



<p><strong>बिहार का एकमात्र जिला अरवल जहां रेलवे लाइन नहीं पहुंची</strong></p>



<p>पटना,6 अप्रैल (<strong>अजीत</strong>). बिहटा-अरवल-औरंगाबाद रेलवे लाइन संघर्ष समिति का 10 सदस्यीय शिष्टमंडल विधायक महानंद सिंह और विधान परिषद् सदस्य महाबली सिंह के नेतृत्व में मंडल रेल प्रबंधन के DRM से मिला और योजना चालू करवाने का अनुरोध किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="283" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/IMG-20230406-WA0048.jpg" alt="" class="wp-image-73124" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/IMG-20230406-WA0048.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/04/IMG-20230406-WA0048-350x152.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इससे पहले मंडल रेल प्रबंधन कार्यालय, दानापुर में दो दिवसीय सत्याग्रह को संबोधित करते हुए बिहटा-अरवल-औरंगाबाद रेलवे लाइन संघर्ष समिति के मुख्य संयोजक मनोज सिंह ने कहा कि नौ वर्षों के संघर्ष का परिणाम है कि यह रेल लाइन योजना आज जिंदा है, वरना रेलवे बोर्ड इसका फाइल बंद कर दिया था. जबतक बिहटा-अरवल-औरंगाबाद रेल लाइन योजना पूरा नहीं हो जाता, तबतक संघर्ष जारी रहेगा. बिहार विधान परिषद् सदस्य प्रो. रामबली चंद्रवंशी ने कहा कि केंद्र सरकार सिर्फ सर्वे के नाम पर ही लोगों को भरमा रखी है.</p>



<p><strong>नीतीश ने कराया सर्वे लालू ने किया था शिलान्यास</strong></p>



<p>42 वर्षों से लंबित इस योजना के लिये पहला सर्वे का काम रेल मंत्री रहते आदरणीय नीतीश कुमार वर्ष 2004 में करवाया था. इस योजना के लिये 16 अक्टूबर, 2007 को तत्कालीन रेल मंत्री रहते लालू प्रसाद यादव ने शिलान्यास किया था. जिला परिषद् प्रतिनिधि श्याम सुंदर ने कहा कि सर्वे और प्राक्कलन के बाद भी सरकार सो रही है. तब आंदोलन का रूख अखि्तयार किया गया. नौ वर्षों के आंदोलन का परिणाम है कि केंद्रीय बजट में वर्ष 2019 में 20 करोड़ तो वर्ष 2020 में 25 करोड़ रुपये, वर्ष 2022 में 50 करोड़ रुपये तो इस वर्ष 20 करोड़ रुपये आवंटित किया गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/IMG-20230406-WA0046.jpg" alt="" class="wp-image-73125" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/IMG-20230406-WA0046.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/04/IMG-20230406-WA0046-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>अब लड़ाई आर-पार की होगी</strong></p>



<p>बिहार का इकलौता जिला है अरवल जो आजतक रेल लाइन से नहीं जुड़ा है जबकि पटना जिले के पालीगंज, दुल्हिन बाजार, जहानाबाद संसदीय क्षेत्र का अरवल के साथ ही काराकाट संसदीय क्षेत्र के शमशेरनगर, दाउदनगर, अरंडा, जिनोरिया, ओबरा, भरथौली समेत औरंगाबाद की 90 फीसद आबादी लाभान्वित है. 42 वर्षों से लंबित बिहटा-अरवल-औरंगाबाद रेललाइन वर्ष 1982 में ही लोकसभा और राज्यसभा से पारित है. लेकिन इस बार संघर्ष समिति के साथ ही इस क्षेत्र की जनता भी रेलवे लाइन के लिए आर-पार की लड़ाई के मूड में है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/IMG-20230406-WA0047.jpg" alt="" class="wp-image-73126" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/IMG-20230406-WA0047.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/04/IMG-20230406-WA0047-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>मुखिया संघ प्रदेश संयोजक अभिषेक रंजन, प्रवीण कुमार, मो, शब्बा करीम, चंदन कुमार, रामआयोध्या प्रसाद विद्यार्थी, धनंजय कुमार, रजनीश कुमार, सुशील सम्राट आदि लोग उपस्थित थे.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>मुजफ्फरपुर अपहरण का मास्टर माइंड अरवल का, भोजपुर में हुई विवेक की बरामदगी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/kidnapped-of-muzaffarpur-found-in-bhojpur/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 19 Mar 2023 09:27:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[मुजफ्फरपुर से अपहृत पुत्र की 24 घण्टे के भीतर हुई बरामदगी अपहरणकर्ता निकला किरायेदार, भोजपुर से जुड़ा अपहरण का तार पटना/आरा, 19 मार्च. बिहार में फिर से अपहरण का मामला सामने आने लगा है. बीते कुछ दिनों से लापता NMCH के डॉक्टर संजय का मामला अभी सुलझा नही था कि 17 मार्च(शुक्रवार) की शाम को एक अपहरण का मामला सामने आ गया. बिहार के मुजफ्फरपुर के जाने-माने होमियोपैथी चिकित्सक के बेटे का अपहरण हो गया जिसे पुलिस ने तकनीक और अपनी फुर्ती दिखाते हुए 24 घंटे के भीतर ही अपहरणकर्ताओं सहित डॉक्टर के बेटे को बरामद कर लिया. साथ ही चार अपहर्ताओं को भी गिरफ्तार कर लिया है, जिसमें तीन भोजपुर और उसका मास्टरमाइंड अरवल जिले का आदित्य कुमार उर्फ रवि है जो डॉक्टर के मकान में ही किरायेदार था. लेकिन 24 घंटे के भीतर दो अपहरण हो जाने के बाद से न सिर्फ सरकार की फजीहत हो रही है बल्कि बिहार की भी देश मे एक बार फिर से फजीहत ही हो रही है. 2022 के नवंबर में महागठबंधन सरकार ने अपने 100 दिन पूरे किए. बस यही से शुरू होती है अपराध में वृद्धि की दर. नवंबर से बिहार में अपराध की घटनाओं में इजाफा देखा जा रहा है. विपक्ष का कहना है कि अपराध बेलगाम हो गया है. वही सूत्र बताते हैं कि बीजेपी से नाता तोड़ने के बाद नीतीश कुमार भी हैरान हैं कि अपराध की घटनाओं में इतना इजाफा कैसे हो रहा है. हालांकि नीतीश कुमार ने लॉ एंड ऑर्डर को लेकर बेहतर व्यवस्था के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>मुजफ्फरपुर से अपहृत पुत्र की 24 घण्टे के भीतर हुई बरामदगी</strong></p>



<p><strong>अपहरणकर्ता निकला किरायेदार, भोजपुर से जुड़ा अपहरण का तार</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="600" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Kidnappers-of-Vivek.jpg" alt="" class="wp-image-72454" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Kidnappers-of-Vivek.jpg 600w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Kidnappers-of-Vivek-350x350.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Kidnappers-of-Vivek-250x250.jpg 250w" sizes="(max-width: 600px) 100vw, 600px" /></figure>



<p>पटना/आरा, 19 मार्च. बिहार में फिर से अपहरण का मामला सामने आने लगा है. बीते कुछ दिनों से लापता NMCH के डॉक्टर संजय का मामला अभी सुलझा नही था कि 17 मार्च(शुक्रवार) की शाम को एक अपहरण का मामला सामने आ गया. बिहार के मुजफ्फरपुर के जाने-माने होमियोपैथी चिकित्सक के बेटे का अपहरण हो गया जिसे पुलिस ने तकनीक और अपनी फुर्ती दिखाते हुए 24 घंटे के भीतर ही अपहरणकर्ताओं सहित डॉक्टर के बेटे को बरामद कर लिया. साथ ही चार अपहर्ताओं को भी गिरफ्तार कर लिया है, जिसमें तीन भोजपुर और उसका मास्टरमाइंड अरवल जिले का आदित्य कुमार उर्फ रवि है जो डॉक्टर के मकान में ही किरायेदार था.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="339" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Kidnaped-Vivek.jpg" alt="" class="wp-image-72451" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Kidnaped-Vivek.jpg 339w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Kidnaped-Vivek-198x350.jpg 198w" sizes="(max-width: 339px) 100vw, 339px" /><figcaption>अपहरण के बाद बरामद डॉक्टर पुत्र विवेक</figcaption></figure>



<p>लेकिन 24 घंटे के भीतर दो अपहरण हो जाने के बाद से न सिर्फ सरकार की फजीहत हो रही है बल्कि बिहार की भी देश मे एक बार फिर से फजीहत ही हो रही है. 2022 के नवंबर में महागठबंधन सरकार ने अपने 100 दिन पूरे किए. बस यही से शुरू होती है अपराध में वृद्धि की दर. नवंबर से बिहार में अपराध की घटनाओं में इजाफा देखा जा रहा है. विपक्ष का कहना है कि अपराध बेलगाम हो गया है. वही सूत्र बताते हैं कि बीजेपी से नाता तोड़ने के बाद नीतीश कुमार भी हैरान हैं कि अपराध की घटनाओं में इतना इजाफा कैसे हो रहा है. हालांकि नीतीश कुमार ने लॉ एंड ऑर्डर को लेकर बेहतर व्यवस्था के लिए कड़क अधिकारी आरएस भट्टी को बिहार का डीजीपी बनाया पर उसके बाद भी हत्या, लूट और फिरौती के लिए अपहरण की घटना बढ़ी है. महज 24 घंटे के भीतर दो लोगों का अपहरण बिहार के लोगों के लिए दहशत का माहौल है. विपक्ष विधानसभा में लगातार हंगामा कर रहा है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="525" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Dr.-S-P-Singh.jpg" alt="" class="wp-image-72452" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Dr.-S-P-Singh.jpg 525w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Dr.-S-P-Singh-306x350.jpg 306w" sizes="(max-width: 525px) 100vw, 525px" /><figcaption>डक्टर S.P सिंह</figcaption></figure>



<p>नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा की मानें तो 2022 में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद केवल अगस्त में हत्या की घटनाओं में इजाफा दर्ज किया गया. श्री सिन्हा ने तो सरकार पर क्राइम के आंकड़े छिपाने का भी आरोप लगाया था.</p>



<p><strong>अपहरण की ऐसे बनी योजना</strong></p>



<p>मुज्जफरपुर के कांटी से अपहृत डॉक्टर पुत्र के अपहरण का साजिशकर्ता कोई और नही बल्कि उसका अपना किरायेदार ही था. जिसे डॉक्टर फैमिली ने अपने घर में रहने की जगह दी थी वही उसका अपहरणकर्ता निकला.</p>



<p>मुजफ्फरपुर के होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ एसपी सिंह के पुत्र विवेक कुमार के अपहरण की कहानी दिलचस्प और किसी फिल्मी कहानी से कम नही है. अपहरण की साजिश रचने वाला मास्टर माइंड आदित्य कुमार उर्फ रवि है जो अरवल जिला का रहने वाला है. रवि डॉक्टर के घर मे किरायेदार था. कोरोना में काम बंद हो जाने की वजह से रवि ने 1.5 लाख का लोन बैंक से ले रखा था जिसे चुकाने में वह असमर्थ था. इस कर्ज से उबरने के लिए उसने अपने पनाह देने वाले डॉक्टर S P सिंह के बेटे को ही अपने टारगेट पर रख लिया. रवि की दोस्ती भोजपुर के सत्यम से थी जो पुलिस के अनुसार एक अपराधी था. रवि और सत्यम के बीच पूर्व से दोस्ती थी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="472" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Kidnapper-Satyam.jpg" alt="" class="wp-image-72448" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Kidnapper-Satyam.jpg 472w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Kidnapper-Satyam-275x350.jpg 275w" sizes="(max-width: 472px) 100vw, 472px" /><figcaption>पुलिस की गिरफ्त में आया अपहरण का आरोपी सत्यम</figcaption></figure>



<p>अपहरण का मास्टरमाइंड रवि अपने भोजपुर जिले के रहने वाले सभी दोस्तों के साथ इस अपहरण का प्लान बनाया. उसके सभी दोस्तों को जब इस अपहरण में सहयोग के लिए 70- 70 हजार रुपए का ऑफर सुना तो लालच के मारे इस अपराध के लिए हाँ कर दिया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="450" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Kidnapper-Radheshyam-.jpg" alt="" class="wp-image-72449" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Kidnapper-Radheshyam-.jpg 450w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Kidnapper-Radheshyam--263x350.jpg 263w" sizes="(max-width: 450px) 100vw, 450px" /><figcaption>पुलिस की गिरफ्त में आया अपहरण का आरोपी राधेश्याम</figcaption></figure>



<p>रवि का अपहरण गैंग तैयार हो चुका था और विवेक इसे लीड कर रहा था क्योंकि डॉक्टर के घर मे रहते हुए उसे डॉक्टर पुत्र विवेक के हर बात की जानकारी थी. विवेक उसके लिए आसान शिकार इसलिए था क्योंकि वह थोड़ा सुस्त था. विवेक को अपने दोस्त के यहाँ तिलक में फलदान के बाद एक पार्टी में जाने का बुलावा आया. शुक्रवार को शाम में विवेक जैसे ही अपने घर से निकला पहले से उसकी गतिविधियों को स्कैन कर रहा उसका किरायेदार रवि उसे अपनी गिरफ्त में लेने को तैयार था. उसके घर से निकलते ही रवि अपने साथियों के साथ उसे अपनी गाड़ी में बैठाया. परिचित रवि को देखकर विवेक उसके गाड़ी में बैठ गया. फिर क्या था विवेक के फोन से ही अपहरण कर्ताओं ने डॉक्टर से 30 लाख की फिरौती मांगी और फ़ोन बन्द कर जिले के बाहर निकल गए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="450" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Kidnapper-Chandan.jpg" alt="" class="wp-image-72450" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Kidnapper-Chandan.jpg 450w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Kidnapper-Chandan-263x350.jpg 263w" sizes="(max-width: 450px) 100vw, 450px" /><figcaption>पुलिस की गिरफ्त में आया अपहरण का आरोपी चंदन</figcaption></figure>



<p>शुक्रवार की रात जब अपहरणकर्ता मुजफ्फरपुर से आरा पहुंचे तो उनके पास छुपने का कोई सुरक्षित जगह नही होने की वजह से विवेक को नारायणपुर थाना क्षेत्र के नारायणपुर के खेत में ही रखा. अगली सुबह उसे लेकर अगिआंव बाजार के मोड़ के पास देवी स्थान के मंदिर के ऊपर रखा.</p>



<p>लेकिन अपहरणकर्ताओं को इस बात की भनक ही नही थी कि तकनीक के इस युग में उनके किये गए एक फोन कॉल ने उनका सुराग पुलिस के लिए छोड़ दिया है. पुलिस ने लोकेशन और टॉवर डंपिंग के आधार पर उनका लगातार मॉनिटरिंग कर रही थी.</p>



<p>फिर क्या था मुजफ्फरपुर की पुलिस अपहरण के इस मामले की पड़ताल करते हुए भोजपुर के गड़हनी थाना क्षेत्र पहुंची जहां से भोजपुर और मुजफ्फरपुर पुलिस ने डॉक्टर के अपहृत पुत्र विवेक कुमार को देवी स्थान के छत से बरामद कर लिया. साथ ही तीन अपहरणकर्ताओं को भी गिरफ्तार किया.</p>



<p>अपहरणकर्ताओं में सत्यम कुमार,नारायणपुर थाना क्षेत्र के नारायपुर गांव निवासी राधेश्याम और चरपोखरी निवासी चंदन कुमार है. अपहरण का मुख्य मास्टर माइंड रवि सहित अब तक चार आरोपी पुलिस के शिकंजे में हैं.</p>



<p>आरोपी पकड़े तो गए लेकिम सवाल यह है कि क्या कोविड या किसी महामारी की वजह से घाटे में चले जाने के बाद जुर्म का रास्ता चुनना चाहिए? मेहनत ही एक ऐसी कड़ी है जो पुनः जीरो से किसी को बुलंदी पर पहुंचती है.</p>



<p><strong>PNCB</strong></p>
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