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	<title>arvind ranjan das &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<description>Patna News Portal - हर ख़बर पर नज़र</description>
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	<title>arvind ranjan das &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>अपनी इंडस्ट्री,हर कलाकार को काम,सम्मान और अधिकार मिले : शशि शेखर</title>
		<link>https://www.patnanow.com/our-industry-every-artist-should-get-work-respect-and-rights-shashi-shekhar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 25 Jun 2023 08:01:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[PATNA]]></category>
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					<description><![CDATA[फिल्मसिटी बिहार से जुड़े सभी सदस्य तन मन के साथ आगे आयें बिहार में फिल्म इंडस्ट्री की जरुरत किसे है? पटना में खोलें अपने कार्यालय,तभी मिलेगा यहाँ के लोगों को काम जो भी स्टार , प्रोड्यूसर और डायरेक्टर चाहते हैं में फिल्म इंडस्ट्री की स्थापना हो उनसे हमने अनुरोध किया था कि वे  अगर वास्तव में चाहते  हैं कि बिहार में  फिल्म इंडस्ट्री बने तो कृपया घोषणा कि करें  कि  वे अपनी फिल्मो की शूटिंग बिहार में करेंगे विशेष आग्रह  के साथ यह सवाल हमने फिल्मसिटी बिहार के माध्यम से उठाया था .हमने समय समय पर फिल्मसिटी  को लेकर दवा करने वाले स्थापित वरिष्ठ फ़िल्मी हस्तियों से भी अनुरोध किया वे सक्षम हैं ओर से बिहार में शूटिंग सम्बंधित इक्विपमेंट की व्यवस्था करा दे .अब देखना यही कि वे सिर्फ बयान  बजी करके सुर्खियां बटोरते हैं या वास्तव में कुछ करना चाहते हैं .खैर जो भी हो .अब  तक आप समझ चुके होंगे वास्तव में बिहार में फिल्म इंडस्ट्री की जरुरत किन्हें है .तो आइये न साथ मिलकर बनाते हैं . भोजपुरी और हिंदी फिल्मो के स्टार, प्रोड्यूसर और डायरेक्टर जो बिहार के रहने वाले हैं और चाहते हैं बिहार में फिल्म इंडस्ट्री की स्थापना हो उनसे अनुरोध &#8216;अगर आप वास्तव में चाहते  हैं कि बिहार में  फिल्म इंडस्ट्री बने तो कृपया पटना में अपना ऑफिस खोलें, ताकि यहाँ के कलाकारों को अवसर मिल सके, साथ ही घोषणा कि करें कि आप अपनी फिल्मो की शूटिंग बिहार में करेंगे, शशि शेखर  ने फिल्मसिटी बिहार की स्थापना 2008 में किया था [&#8230;]]]></description>
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<p></p>



<p></p>



<p><strong>फिल्मसिटी बिहार से जुड़े सभी सदस्य तन मन के साथ आगे आयें </strong></p>



<p><strong>बिहार में फिल्म इंडस्ट्री की जरुरत किसे है</strong>?</p>



<p><strong>पटना में खोलें अपने कार्यालय</strong>,<strong>तभी मिलेगा यहाँ के लोगों को काम </strong></p>



<p>जो भी स्टार , प्रोड्यूसर और डायरेक्टर चाहते हैं में फिल्म इंडस्ट्री की स्थापना हो उनसे हमने अनुरोध किया था कि वे  अगर वास्तव में चाहते  हैं कि बिहार में  फिल्म इंडस्ट्री बने तो कृपया घोषणा कि करें  कि  वे अपनी फिल्मो की शूटिंग बिहार में करेंगे  विशेष आग्रह  के साथ यह सवाल हमने फिल्मसिटी बिहार के माध्यम से उठाया था .हमने समय समय पर फिल्मसिटी  को लेकर दवा करने वाले स्थापित वरिष्ठ फ़िल्मी हस्तियों से भी अनुरोध किया वे सक्षम हैं ओर से बिहार में शूटिंग सम्बंधित इक्विपमेंट की व्यवस्था करा दे .अब देखना यही कि वे सिर्फ बयान  बजी करके सुर्खियां बटोरते हैं या वास्तव में कुछ करना चाहते हैं .खैर जो भी हो .अब  तक आप समझ चुके होंगे वास्तव में बिहार में फिल्म इंडस्ट्री की जरुरत किन्हें है .तो आइये न साथ मिलकर बनाते हैं .</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="489" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/06/13c747bc-f8e9-4c9a-abad-6adac1252a7c-650x489.jpg" alt="" class="wp-image-75718" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/06/13c747bc-f8e9-4c9a-abad-6adac1252a7c-650x489.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/06/13c747bc-f8e9-4c9a-abad-6adac1252a7c-350x263.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/06/13c747bc-f8e9-4c9a-abad-6adac1252a7c-768x578.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/06/13c747bc-f8e9-4c9a-abad-6adac1252a7c-1536x1156.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2023/06/13c747bc-f8e9-4c9a-abad-6adac1252a7c.jpg 1600w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>भोजपुरी और हिंदी फिल्मो के स्टार, प्रोड्यूसर और डायरेक्टर जो बिहार के रहने वाले हैं और चाहते हैं बिहार में फिल्म इंडस्ट्री की स्थापना हो उनसे अनुरोध &#8216;अगर आप वास्तव में चाहते  हैं कि बिहार में  फिल्म इंडस्ट्री बने तो कृपया पटना में अपना ऑफिस खोलें, ताकि यहाँ के कलाकारों को अवसर मिल सके, साथ ही घोषणा कि करें कि आप अपनी फिल्मो की शूटिंग बिहार में करेंगे, शशि शेखर  ने फिल्मसिटी बिहार की स्थापना 2008 में किया था तब उनके साथ कोई नहीं था ,आज हम और आप फिल्मसिटी बिहार के साथ हैं। पूरी टीम बस एक ही उद्देश्य से काम कर रही है बिहार में फिल्म निर्माण के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर की व्यवस्था हो, प्रोजेक्ट और प्लान बारीकी से अनुभव के साथ बनाया गया, हर दृष्टिकोण से एक एक पहलु पर काम किया गया, कलाकारों को रोजगार कैसे मिलेगा ,इक्विपमेंट कैसे आएंगे,निर्माताओं की परेशानियां क्या है ,फिल्म का प्रमोशन कैसे और  कम से कम खर्चे में कैसे किया जायेगा वगैरह, इनके अलावा और भी बहुत कुछ है जिनके बारे में आपमें से अधिकतर सदस्य अवगत हैं. पूरा प्रोजेक्ट एक छोटे से पोस्ट में बता पाना संभव नहीं है. बस इतना कि सटीक यानि फिल्म के निर्माण से लेकर प्रदर्शन और मुनाफे तक का पूरा समाधान.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="488" height="650" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/06/dbcffdd3-096e-475d-8d42-90f401ce72a0-488x650.jpg" alt="" class="wp-image-75720" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/06/dbcffdd3-096e-475d-8d42-90f401ce72a0-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2023/06/dbcffdd3-096e-475d-8d42-90f401ce72a0-263x350.jpg 263w, https://www.patnanow.com/assets/2023/06/dbcffdd3-096e-475d-8d42-90f401ce72a0-768x1024.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/06/dbcffdd3-096e-475d-8d42-90f401ce72a0-1152x1536.jpg 1152w, https://www.patnanow.com/assets/2023/06/dbcffdd3-096e-475d-8d42-90f401ce72a0.jpg 1200w" sizes="(max-width: 488px) 100vw, 488px" /></figure>



<p>आपके प्रयास से आज हम अपने उद्देश्य की तरफ बढ़ रहे है और बिहार ही नहीं दूसरे राज्यों के कलाकार भी जुड़ रहे हैं. साथ ही यह भी बताना  जरुरी है, पिछले तीन चार दिनों से कई लोगों ने फ़ोन किया शुभकामनायें भी दी,अच्छा काम करने के लिए बधाई भी दी,आर्शीवाद भी दिया,साथ देने का वादा भी किया, अच्छे &#8211; अच्छे सुझाव भी दिया और कुछ लोगों ने भी. मिला जुला कर इतना कहा जा सकता है. आपके प्रयासों का असर हो रहा है।अब उन्हें भी अहसास हो रहा है बिहार में फिल्म इंडस्ट्री क्यों नहीं  बन पाई. यकीन कीजिये आपके प्रयासों ने फिल्मकर्मियों को जगाना शुरू कर दिया है. हालाँकि अभी भी कुछ लोग अभिमान ,स्वाभिमान ,एवं अन्य कारणों से खुलकर आपके साथ आने से हिचक रहे हैं. लेकिन संभव है अब अचानक कई लोग संगठन बना कर बिहार में फिल्मसिटी और फिल्म इंडस्ट्री की स्थापना के लिए आगे आये.आपसे अनुरोध है ऐसे हर उस संगठन का साथ दे जिनका उद्देश्य बिहार में फिल्म इंडस्ट्री का निर्माण हो.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/06/d5d4f820-75a3-4e69-b885-9cc79daa5fdf-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-75721" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/06/d5d4f820-75a3-4e69-b885-9cc79daa5fdf-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/06/d5d4f820-75a3-4e69-b885-9cc79daa5fdf-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/06/d5d4f820-75a3-4e69-b885-9cc79daa5fdf-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/06/d5d4f820-75a3-4e69-b885-9cc79daa5fdf.jpg 1024w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>बिहार के चर्चित निर्देशकअरविन्द रंजन दास से इस बाबत सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि  फिलहाल बिहार में  की फिल्म वो अकेली है का निर्माण चल रहा है,ऐसा काम छोटे छोटे स्टार पर हो रहा है लेकिन बड़े पैमाने पर बिहार में काम होने चाहिए.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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			</item>
		<item>
		<title>बिहार से &#8216;अंतरंग ऑनलाइन सिनेमा कॉलेज&#8217; की शुरुआत</title>
		<link>https://www.patnanow.com/antrang-online-cinema-college-started-from-bihar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 30 Jan 2023 13:59:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[एंटरटेनमेंट]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[antarang online cinema collage]]></category>
		<category><![CDATA[arvind ranjan das]]></category>
		<category><![CDATA[Ravindra bharti]]></category>
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					<description><![CDATA[हिन्दी माध्यम में सस्ती होगी सिनेमा की पढ़ाई : अरविंद रंजन दास ऑनलाइन होने से विश्व के कोने-कोने तक पहुंचेगी फ़िल्म की शिक्षा यह सच है कि लाखों लोगों को रोजगार मिल सकता है, यदि फ़िल्म इंडस्ट्री का विस्तार हो. इसके लिए सबसे जरूरी है फ़िल्म की शिक्षा. मगर आज के समय में विश्व भर में यह इतनी महंगी है कि एक सामान्य मध्यम वर्गीय परिवार का बच्चा इसके सपने भी नहीं देख सकता. इसकी पहुंच भी सिर्फ़ महानगरों तक है-अरविंद रंजन दास एक ओर जहां इस शिक्षा को हासिल करने का माध्यम इंग्लिश होने के चलते मध्यम वर्गीय परिवार के बच्चे दिक्कत उठा रहे हैं,&#160;वहीं दूसरी ओर&#160; इसकी पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार पाना इन बच्चों के लिए पहाड़ लांघने के बराबर है। इन सभी चुनौतियों का समाधान पाने की दिशा में प्रसिद्ध प्रोफेसर,&#160;फिल्मकार और रंगकर्मी अरविंद रंजन दास ने सशक्त कदम उठाया है और पूरे विश्व से फ़िल्म शिक्षा के सिरमौर रहे प्रोफेसरों की एक विशाल टीम बनाकर वसंतोत्सव के शुभ अवसर पर&#160;“अंतरंग ऑनलाइन सिनेमा कॉलेज”&#160;की आधारशिला,&#160;पटना,&#160;बिहार में रखी।  अरविंद बताते हैं कि यह फिल्म शिक्षा इतनी सस्ती होगी जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है. विश्व के कोने-कोने तक पहुंच होगी, क्योंकि ये ऑनलाइन है. इसका सिलेबस पूरी तरह रोजगारोन्मुखी है और हिंदी मीडियम में है सबसे ख़ास बात है कि यह सम्भवतः पहला ऐसा कॉलेज है, जहां छात्रों के लिए कैम्पस प्लेसमेंट के साथ-साथ स्वयं कॉलेज के द्वारा फ़िल्म, सीरीयल और वेब-सीरीज के निर्माण के लिए अलग से फ़िल्म प्रोडक्शन की व्यवस्था की गयी है. इसके लिए हमने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>हिन्दी माध्यम में सस्ती होगी सिनेमा की पढ़ाई : अरविंद रंजन दास</strong></p>



<p><strong>ऑनलाइन होने से विश्व के कोने-कोने तक पहुंचेगी फ़िल्म की शिक्षा</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/01/12345.jpg" alt="" class="wp-image-71117" width="373" height="250"/><figcaption><strong>अरविंद रंजन दास कलाकारों को दृश्य समझाते हुए </strong></figcaption></figure>



<ul class="wp-block-list"><li>यह सच है कि लाखों लोगों को रोजगार मिल सकता है, यदि फ़िल्म इंडस्ट्री का विस्तार हो. इसके लिए सबसे जरूरी है फ़िल्म की शिक्षा. मगर आज के समय में विश्व भर में यह इतनी महंगी है कि एक सामान्य मध्यम वर्गीय परिवार का बच्चा इसके सपने भी नहीं देख सकता. इसकी पहुंच भी सिर्फ़ महानगरों तक है-<strong>अरविंद रंजन दास</strong></li></ul>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/01/wo-akeli-hai-a.jpg" alt="" class="wp-image-71115" width="375" height="668" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/01/wo-akeli-hai-a.jpg 269w, https://www.patnanow.com/assets/2023/01/wo-akeli-hai-a-196x350.jpg 196w" sizes="(max-width: 375px) 100vw, 375px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="393" height="512" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/01/arvind-1.jpg" alt="" class="wp-image-71114" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/01/arvind-1.jpg 393w, https://www.patnanow.com/assets/2023/01/arvind-1-269x350.jpg 269w" sizes="(max-width: 393px) 100vw, 393px" /></figure>



<p> एक ओर जहां इस शिक्षा को हासिल करने का माध्यम इंग्लिश होने के चलते मध्यम वर्गीय परिवार के बच्चे दिक्कत उठा रहे हैं,&nbsp;वहीं दूसरी ओर&nbsp; इसकी पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार पाना इन बच्चों के लिए पहाड़ लांघने के बराबर है। इन सभी चुनौतियों का समाधान पाने की दिशा में प्रसिद्ध प्रोफेसर,&nbsp;फिल्मकार और रंगकर्मी अरविंद रंजन दास ने सशक्त कदम उठाया है और पूरे विश्व से फ़िल्म शिक्षा के सिरमौर रहे प्रोफेसरों की एक विशाल टीम बनाकर वसंतोत्सव के शुभ अवसर पर&nbsp;“अंतरंग ऑनलाइन सिनेमा कॉलेज”&nbsp;की आधारशिला,&nbsp;पटना,&nbsp;बिहार में रखी।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="600" height="450" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/01/325433825_558479502853493_6691273527139081774_n.jpg" alt="" class="wp-image-71112" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/01/325433825_558479502853493_6691273527139081774_n.jpg 600w, https://www.patnanow.com/assets/2023/01/325433825_558479502853493_6691273527139081774_n-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 600px) 100vw, 600px" /></figure>



<p> अरविंद बताते हैं कि यह फिल्म शिक्षा इतनी सस्ती होगी जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है. विश्व के कोने-कोने तक पहुंच होगी, क्योंकि ये ऑनलाइन है. इसका सिलेबस पूरी तरह रोजगारोन्मुखी है और हिंदी मीडियम में है<div> सबसे ख़ास बात है कि यह सम्भवतः पहला ऐसा कॉलेज है, जहां छात्रों के लिए कैम्पस प्लेसमेंट के साथ-साथ स्वयं कॉलेज के द्वारा फ़िल्म, सीरीयल और वेब-सीरीज के निर्माण के लिए अलग से फ़िल्म प्रोडक्शन की व्यवस्था की गयी है. </div></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="359" height="335" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/01/arvind.jpg" alt="" class="wp-image-71113" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/01/arvind.jpg 359w, https://www.patnanow.com/assets/2023/01/arvind-350x327.jpg 350w" sizes="(max-width: 359px) 100vw, 359px" /></figure>



<p>इसके लिए हमने सबसे पहले एक हिंदी फ़ीचर फ़िल्म “वो अकेली है” का निर्माण किया है, जिसमें अभिनेता और तकनीशियनों की टीम को लम्बी ट्रेनिंग देकर तैयार किया गया और एक ऐसी फ़िल्म बनायी गयी जिसके सभी कलाकार और तकनीशियन बिहार से हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="480" height="320" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/01/aaaa.jpg" alt="" class="wp-image-71116" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/01/aaaa.jpg 480w, https://www.patnanow.com/assets/2023/01/aaaa-350x233.jpg 350w" sizes="(max-width: 480px) 100vw, 480px" /></figure>



<p> कॉलेज के छात्रों के लिए अगली हिंदी फिल्म “एक जंगल है तेरी आंखों में” और वेब-सिरीज़ “छह इंच छोटा” की शुरुआत की जा चुकी है. अंतरंग ऑनलाइन सिनेमा कॉलेज का पहला कोर्स (नो एक्टिंग कोर्स) इसी मार्च के दूसरे सप्ताह से आरम्भ हो रहा है. इस ऑनलाइन समारोह में निलान घोष (निर्देशन), हेमंत माहौर (अभिनय), रवीन्द्र भारती (मीडिया), भक्ति पुंजानी (मॉडलिंग), राकेश साहा (एनिमेशन), संजीव कुमार (साउंड), रवि भूषण (एडिटिंग), आकांक्षा श्रीवास्तव (एंकर) और “वो अकेली है” के नायक ऋषभ के साथ ही फ़िल्म की पूरी टीम मौजूद रही.</p>



<p><strong>PNCDESK </strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>बिहार में फिल्म प्रतिभा और संसाधन भी भरपूर : अरविन्द रंजन दास</title>
		<link>https://www.patnanow.com/film-talent-and-resources-are-also-plentiful-in-bihar-arvind-ranjan-das/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 22 Sep 2022 16:40:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एंटरटेनमेंट]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
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		<category><![CDATA[arvind kumar tiwari]]></category>
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		<category><![CDATA[bihar film development and finance ltd]]></category>
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					<description><![CDATA[प्रतिभाओं को काम पाना है तो उन्हें मुम्बई जाना पड़ता है ‘सिने संवाद’ श्रृंखला के तहत ‘बिहार में फिल्म प्रतिभा एवं संसाधनों की संभावना’ पर चर्चा कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार तथा बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम लिमिटेड, पटना के संयुक्त सौजन्य से मौरिशन भवन, गोलघर, पटना में ‘सिने संवाद’ श्रृंखला के तहत ‘बिहार में फिल्म प्रतिभा एवं संसाधनों की संभावना’ पर चर्चा की गयी। इस अवसर पर प्रथम श्रोता अरविन्द कुमार तिवारी, महाप्रबन्धक, बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम लिमिटेड, पटना, बिहार ने इस अवसर पर मुख्य वक्ता अरविन्द रंजन दास, फिल्म मेकर एवं फिल्म प्रोफेसर, जवाहर लाल नेहरू, फाईन आर्ट्स यूनिवर्सिटी, हैदराबाद को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया. इस आयोजन में फिल्म निर्देशक अरविन्द रंजन दास ने कहा कि बिहार में फिल्म प्रतिभाओं की कमी नहीं और संसाधन भी भरपूर हैं फिर भी बिहार में रहकर फिल्म के क्षेत्र से कोई अपनी जीविका चला सके ऐसा सम्भव नहीं है और इसी कारण बिहार की प्रतिभाओं को यदि काम पाना है तो उन्हें मुम्बई का रूख करना पड़ता है जहाँ खास कर बिहारी होने के कारण भी बहुत कुछ झेलते हुए काम पाने की कोशिश करनी पड़ती है. कई तो वापस लौट आते हैं और शेष जीवन कुंठा में बिता देते हैं। ऐसा तब हो रहा है जब बिहार में अद्भुत प्रतिभाएँ और संसाधन मौजूद हैं. अरविन्द रंजन दास जी ने यह भी कहा कि बिहार के कलाकारों और तकनीशियनों को प्राथमिकता देते हुए राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर की फिल्में बनानी होंगी जिससे बिहार में बनी फिल्मों को [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p><strong>प्रतिभाओं को काम पाना है तो उन्हें मुम्बई जाना पड़ता है</strong></p>



<p><strong>‘सिने संवाद’ श्रृंखला के तहत ‘बिहार में फिल्म प्रतिभा एवं संसाधनों की संभावना’ पर चर्चा</strong></p>



<p class="has-black-color has-text-color">कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार तथा बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम लिमिटेड, पटना के संयुक्त सौजन्य से मौरिशन भवन, गोलघर, पटना में ‘सिने संवाद’ श्रृंखला के तहत ‘बिहार में फिल्म प्रतिभा एवं संसाधनों की संभावना’ पर चर्चा की गयी। इस अवसर पर प्रथम श्रोता अरविन्द कुमार तिवारी, महाप्रबन्धक, बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम लिमिटेड, पटना, बिहार ने इस अवसर पर मुख्य वक्ता अरविन्द रंजन दास, फिल्म मेकर एवं फिल्म प्रोफेसर, जवाहर लाल नेहरू, फाईन आर्ट्स यूनिवर्सिटी, हैदराबाद को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/31c88c39-67da-420f-ad19-a40cfaf75473.jpg" alt="" class="wp-image-66819" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/31c88c39-67da-420f-ad19-a40cfaf75473.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/09/31c88c39-67da-420f-ad19-a40cfaf75473-350x158.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption><strong>अरविन्द कुमार तिवारी, महाप्रबन्धक, बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम और अरविन्द रंजन दास </strong></figcaption></figure>



<p>इस आयोजन में फिल्म निर्देशक अरविन्द रंजन दास ने कहा कि बिहार में फिल्म प्रतिभाओं की कमी नहीं और संसाधन भी भरपूर हैं फिर भी बिहार में रहकर फिल्म के क्षेत्र से कोई अपनी जीविका चला सके ऐसा सम्भव नहीं है और इसी कारण बिहार की प्रतिभाओं को यदि काम पाना है तो उन्हें मुम्बई का रूख करना पड़ता है जहाँ खास कर बिहारी होने के कारण भी बहुत कुछ झेलते हुए काम पाने की कोशिश करनी पड़ती है. कई तो वापस लौट आते हैं और शेष जीवन कुंठा में बिता देते हैं। ऐसा तब हो रहा है जब बिहार में अद्भुत प्रतिभाएँ और संसाधन मौजूद हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/a9d00f9e-34d1-4866-b3a4-21c0c664397c.jpg" alt="" class="wp-image-66820" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/a9d00f9e-34d1-4866-b3a4-21c0c664397c.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/09/a9d00f9e-34d1-4866-b3a4-21c0c664397c-350x158.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



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<p>अरविन्द रंजन दास जी ने यह भी कहा कि बिहार के कलाकारों और तकनीशियनों को प्राथमिकता देते हुए राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर की फिल्में बनानी होंगी जिससे बिहार में बनी फिल्मों को इज्जत मिले और प्रतिभाओं के बीच विश्वास हो कि काम पाने के लिए उन्हें बाहर जाने की जरूरत नहीं. बिहार के कलाकार, तकनीशियन और लोकेशन का उपयोग करते हुए बॉलीवुड की फिल्मों के स्तर से टक्कर ले सकने वाली हिन्दी फीचर फिल्म बना रहा हूँ जिसका टाइटल है ‘वाह’.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/92a1dfd9-11dd-48ac-a10f-4eb883a8ecc9.jpg" alt="" class="wp-image-66836" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/92a1dfd9-11dd-48ac-a10f-4eb883a8ecc9.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/09/92a1dfd9-11dd-48ac-a10f-4eb883a8ecc9-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



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<p>कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कलाकार वीरेन्द्र कुमार सिंह ने किया. इस अवसर पर रविकांत कुमार सिंह, मिथिलेश सिंह, भारतेन्दु कुमार, मृदूला सिन्हा, उमेश  कुमार, चन्दन कुमार, लीला कुमारी प्रसाद, श्वेता कुमारी, पूजा सिंह, रामू मंडल एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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