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	<title>Artist of Bhojpur &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<description>Patna News Portal - हर ख़बर पर नज़र</description>
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	<title>Artist of Bhojpur &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>कोविड गाइड लाइन के साथ संस्था ने मनाया अपना स्थापना दिवस</title>
		<link>https://www.patnanow.com/covid-guidelines-ke-sath-mana-11va-sthapnaa-divas/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 22 Jan 2022 01:38:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
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					<description><![CDATA[वस्त्र प्रदर्शनी के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी लोगों ने उठाया आनंद आरा. नेशनल साइंटिफ़िक रिसर्च ऐंड सोशल एनालिसिस ट्रस्ट आरा ने शुक्रवार को अपना ग्यारहवा स्थापना दिवस मनाया. जिसमें कोरोना गाइड लाइन के नियमों का पालन करते हुए वस्त्र प्रदर्शनी व सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया.कार्यक्रम का शुभारंभ चर्चित रंगकर्मी व वरिष्ठ पत्रकार शमशाद प्रेम,मशहूर चित्रकार संजीव सिन्हा, मधुर आवाज के धनी लोक गायक श्याम कुमार, सोनू जैन ,विभुति ,अनामिका, एनी बेसेंट व नेहा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. वस्त्र प्रदर्शनी में इस मौके पर जिले की चर्चित कशीदा हस्त शिल्पी विभुति ने स्लिम बैग,पिलो कवर सहित कई अन्य सामग्रियों का प्रदर्शन कर सबका मन मोह लिया. इस मौके पर प्रदर्शनी में आए लोगों ने अनामिका कुमारी की आर्टिफिसियल नेकलेस व इयरिंग को भी खूब पसंद किया. ट्रस्ट अध्यक्ष श्याम कुमार ने स्थापना दिवस पर सबको धन्यवाद दिया तथा उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि ये संस्था विगत कई वर्षों से महिला सशक्तिकरण के निमित्त नि:शुल्क प्रशिक्षण का कार्यक्रम आयोजित करते रहा है और भविष्य में भी करता रहेगा. जिससे महिलायें विकास के मार्ग पर अपने हुनर को स्थापित कर स्वावलंबी बन सकें. प्रदर्शनी के साथ साथ संस्था ने इस मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जिसमें बृजेन्द्र महाराज ने स्वागत गान,एनी बेसेंट ने राष्ट्रगान व लालू कुमार ने भजन प्रस्तुत कर सबको झूमा दिया. इस मौके पर शहर के कई बुद्धिजीवियों व कला प्रेमियों को देखा गया. PNCB]]></description>
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<p><strong>वस्त्र प्रदर्शनी के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी लोगों ने उठाया आनंद</strong></p>



<p>आरा. नेशनल साइंटिफ़िक रिसर्च ऐंड सोशल एनालिसिस ट्रस्ट आरा ने शुक्रवार को अपना ग्यारहवा स्थापना दिवस मनाया. जिसमें कोरोना गाइड लाइन के नियमों का पालन करते हुए वस्त्र प्रदर्शनी व सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया.<br>कार्यक्रम का शुभारंभ चर्चित रंगकर्मी व वरिष्ठ पत्रकार शमशाद प्रेम,मशहूर चित्रकार संजीव सिन्हा, मधुर आवाज के धनी लोक गायक श्याम कुमार, सोनू जैन ,विभुति ,अनामिका, एनी बेसेंट व नेहा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/01/IMG-20220121-WA0024.jpg" alt="" class="wp-image-58737" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/01/IMG-20220121-WA0024.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/01/IMG-20220121-WA0024-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="610" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/01/IMG-20220121-WA0019.jpg" alt="" class="wp-image-58736" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/01/IMG-20220121-WA0019.jpg 610w, https://www.patnanow.com/assets/2022/01/IMG-20220121-WA0019-350x344.jpg 350w" sizes="(max-width: 610px) 100vw, 610px" /></figure>



<p>वस्त्र प्रदर्शनी में इस मौके पर जिले की चर्चित कशीदा हस्त शिल्पी विभुति ने स्लिम बैग,पिलो कवर सहित कई अन्य सामग्रियों का प्रदर्शन कर सबका मन मोह लिया. इस मौके पर प्रदर्शनी में आए लोगों ने अनामिका कुमारी की आर्टिफिसियल नेकलेस व इयरिंग को भी खूब पसंद किया.</p>





<p>ट्रस्ट अध्यक्ष श्याम कुमार ने स्थापना दिवस पर सबको धन्यवाद दिया तथा उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि ये संस्था विगत कई वर्षों से महिला सशक्तिकरण के निमित्त नि:शुल्क प्रशिक्षण का कार्यक्रम आयोजित करते रहा है और भविष्य में भी करता रहेगा. जिससे महिलायें विकास के मार्ग पर अपने हुनर को स्थापित कर स्वावलंबी बन सकें.</p>



<p>प्रदर्शनी के साथ साथ संस्था ने इस मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जिसमें बृजेन्द्र महाराज ने स्वागत गान,एनी बेसेंट ने राष्ट्रगान व लालू कुमार ने भजन प्रस्तुत कर सबको झूमा दिया. इस मौके पर शहर के कई बुद्धिजीवियों व कला प्रेमियों को देखा गया.</p>



<p><strong>PNCB</strong></p>
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		<title>आरा के चित्रकार कौशलेश के निर्देशन में वाराणसी की सबसे विराट रंगोली &#8216;जीत की ज़िद&#8217;..</title>
		<link>https://www.patnanow.com/ara-artist-kaushlesh-and-75-chiledren-made-big-rangoli/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 02 Oct 2021 12:44:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एंटरटेनमेंट]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
		<category><![CDATA[2500square feet rangoli with ara artist]]></category>
		<category><![CDATA[Artist of Bhojpur]]></category>
		<category><![CDATA[Bhu kendriye vidyalaya]]></category>
		<category><![CDATA[Big rangoli varanashi]]></category>
		<category><![CDATA[Kaushish ara]]></category>
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					<description><![CDATA[जिसने देखा तारीफ की ,बच्चों के हुनर को सबने सराहा जीत की ज़िद एक प्रयास है और साथ ही ज़िद है कुछ नया करने की। ये छोटी-छोटी ज़िद ही बडी जीत को अंजाम देते हैं। इसी को साकार किया केंद्रीय विद्यालय का. ही. वि. वि. परिसर, वाराणसी ने । विद्यालय के प्रांगण में डिजाइन इनोवेशन सेंटर, व्यवहारिक कला विभाग, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी,अकत्व आर्ट फाउंडेशन, नई दिल्ली एवं विकास ड्राइंग इंपोरियम, वाराणसी के सहयोग से आरा निवासी, विद्यालय के कला शिक्षक चित्रकार कौशलेश कुमार के निर्देशन में &#8220;अंतर्राष्ट्रीय अंहिसा दिवस&#8221; के पावन दिन, भारतीय स्वतंत्रता के गौरवशाली 75 वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित &#8220;आजादी का अमृत महोत्सव&#8221; को समर्पित &#8220;एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम&#8221; के अंतर्गत &#8220;जीत की जीद&#8221; 50&#215;50 फिट (2,500 वर्गफीट ) विराट रंगोली विद्यालय में बनाया है जिसके द्वारा वीर सपूतों को नमन किया गया इस विराट रंगोली कार्यक्रम में केंद्रीय विद्यालय बी एच यू वाराणसी के 75 नवोदित कलाकारों ने अपनी कलात्मक उड़ान को रंगोली पर *महात्मा गांधी, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, राजगुरु, सुखदेव, महामना मदन मोहन मालवीय एवं लौह पुरुष सरदारवल्लभभाई पटेल के साथ देश भक्ति थीम एवं अनेक नारों को रंगोली के रंगों के माध्यम से रचना की।इस जिद्दी टीम ने स्वतंत्रता के अमर नायकों के व्यक्तित्व के साथ न्याय करते हुए नयी कलात्मकता को आकार दिया। आजादी के अमर नायकों की शौर्य गाथा को आपके रंग देकर और अधिक रंगीन बनाया।चित्रकार कौशलेश कुमार के नेतृत्व में दृश्य कला संकाय, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी , कला एवं शिल्प महाविद्यालय लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ, ललित कला [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>जिसने देखा तारीफ की ,बच्चों के हुनर को सबने सराहा </strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="430" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/10/Screenshot_2021_1002_181641.jpg" alt="" class="wp-image-55868" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/10/Screenshot_2021_1002_181641.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/10/Screenshot_2021_1002_181641-350x232.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="497" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/10/Screenshot_2021_1002_181603.jpg" alt="" class="wp-image-55869" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/10/Screenshot_2021_1002_181603.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/10/Screenshot_2021_1002_181603-350x268.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="489" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/10/Screenshot_2021_1002_181553.jpg" alt="" class="wp-image-55870" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/10/Screenshot_2021_1002_181553.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/10/Screenshot_2021_1002_181553-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="435" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/10/Screenshot_2021_1002_181510.jpg" alt="" class="wp-image-55871" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/10/Screenshot_2021_1002_181510.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/10/Screenshot_2021_1002_181510-350x234.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption><strong>बच्चों ने सुबह 6 बजे 11 बजे तक बनाई 2500 स्क्वायर फीट की रंगोलो </strong></figcaption></figure>



<p>जीत की ज़िद एक प्रयास है और साथ ही ज़िद है कुछ नया करने की। ये छोटी-छोटी ज़िद ही बडी जीत को अंजाम देते हैं। इसी को साकार किया केंद्रीय विद्यालय का. ही. वि. वि. परिसर, वाराणसी ने । विद्यालय के प्रांगण में डिजाइन इनोवेशन सेंटर, व्यवहारिक कला विभाग, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी,अकत्व आर्ट फाउंडेशन, नई दिल्ली एवं विकास ड्राइंग इंपोरियम, वाराणसी के सहयोग से आरा निवासी, विद्यालय के कला शिक्षक चित्रकार कौशलेश कुमार के निर्देशन में &#8220;अंतर्राष्ट्रीय अंहिसा दिवस&#8221; के पावन दिन, भारतीय स्वतंत्रता के गौरवशाली 75 वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित &#8220;आजादी का अमृत महोत्सव&#8221; को समर्पित &#8220;एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम&#8221; के अंतर्गत <em>&#8220;जीत की जीद&#8221; 50&#215;50 फिट (2,500 वर्गफीट ) विराट रंगोली विद्यालय में बनाया है </em>जिसके द्वारा वीर सपूतों को नमन किया गया</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="364" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/10/Screenshot_2021_1002_175731.jpg" alt="" class="wp-image-55864" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/10/Screenshot_2021_1002_175731.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/10/Screenshot_2021_1002_175731-350x196.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="450" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/10/Screenshot_2021_1002_175649.jpg" alt="" class="wp-image-55865" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/10/Screenshot_2021_1002_175649.jpg 450w, https://www.patnanow.com/assets/2021/10/Screenshot_2021_1002_175649-263x350.jpg 263w" sizes="(max-width: 450px) 100vw, 450px" /><figcaption><strong>75 बच्चों ने बनाई वाराणसी की सबसे बड़ी रंगोली </strong></figcaption></figure>



<p>  इस विराट रंगोली कार्यक्रम में केंद्रीय विद्यालय बी एच यू वाराणसी के 75 नवोदित कलाकारों ने अपनी कलात्मक उड़ान को रंगोली पर *महात्मा गांधी, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, राजगुरु, सुखदेव, महामना मदन मोहन मालवीय एवं लौह पुरुष सरदारवल्लभभाई पटेल के साथ देश भक्ति थीम एवं अनेक नारों को रंगोली के रंगों के माध्यम से रचना की।<br>इस जिद्दी टीम ने स्वतंत्रता के अमर नायकों के व्यक्तित्व के साथ न्याय करते हुए नयी कलात्मकता को आकार दिया। आजादी के अमर नायकों की शौर्य गाथा को आपके रंग देकर और अधिक रंगीन बनाया।<br>चित्रकार कौशलेश कुमार के नेतृत्व में दृश्य कला संकाय, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी , कला एवं शिल्प महाविद्यालय लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ, ललित कला संकाय एवं डॉ. विभूति नारायण सिंह परिसर, गंगापुर, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी ,कला एवं शिल्प महाविद्यालय, पटना विश्वविद्यालय,पटना , राजकीय कला महाविद्यालय, चंडीगढ़ ,राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय, ग्वालियर से संबंध रखने वाले 20 कलाकारों के निर्देशन में केन्द्रीय विद्यालय बीएचयू के 75 नवोदित छात्र-कलाकारों के द्वारा आजादी के अमर नायकों पर केन्द्रित 2500 स्क्वायर फीट का विशाल रंगोली बनाई।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="432" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/10/Screenshot_2021_1002_175716.jpg" alt="" class="wp-image-55866" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/10/Screenshot_2021_1002_175716.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/10/Screenshot_2021_1002_175716-350x233.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption><strong>देश के महापुरुषों को नमन रंगोली के माध्यम से </strong></figcaption></figure>



<p><br>यह कार्यक्रम निश्चित ही केवल बनारस ही नहीं पूरे देश कला के दुनिया में एक अपने तरह का नया प्रयोग है। विद्यालयों में कला शिक्षा की दयनीयता किसी से छिपी हुई नहीं हैं। इस दयनीय स्तिथि के लिए जितना समाज दोषी है उससे कम कला शिक्षक भी नहीं है। कौशलेश ने बच्चों के बीच कलात्मक उर्जा का जो बीज डालने का प्रयास किया है, वह निश्चित ही एक विशाल वृक्ष का रुप धारण करेगा।<br>इस कार्यक्रम से केन्द्रीय विद्यालय के प्राचार्य डॉ दिवाकर सिंह के कलात्मक अभिरुचि भी दृष्टिगोचर होती है। बहुत कम प्रशासक होते हैं जो अपने भीतर काम कर रहे कर्मचारियों के सपनों को उड़ान प्रदान करते हैं। पतंग की डोर जितने सूझबूझ भरे व्यक्ति के हाथ में होती है पतंग उतनी ही आसमान को चूमती है। उन्होंने इस प्रयास की सराहना की और कहा कि ऐसे प्रयोग जारी रहने चाहिए।<br>कार्यक्रम का प्रोमो बनाने और उसे जारी करने में सुधीर सिंह ने काफी पसीना बहाया है. सुधीर सिंह जितने अच्छे कलाकार हैं उतना ही डिजिटली दुनिया में भी माहिर हैं. उन्होंने जीत की जिद का शानदार और जानदार प्रोमो बनाया है. पूरी टीम को कार्यक्रम की सफलता के लिए बधाई भी दी.<br>केन्द्रीय विद्यालय संगठन वाराणसी के उपायुक्त डी मणिवन्नन ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में समाज का सहयोग आवश्यक है। समाज को आगे आकर विद्यालयों में सहयोग करना चाहिए।<br>व्यक्ति के सर्वांगीण विकास में पाठ्य सहगामी क्रियाओं का बहुत योगदान है और कला मनुष्य की भावनाओं को पंख देने का कार्य करती हैं। इस तरह के कार्यक्रम और आयोजित किए जाने चाहिए।<br>काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कुलपति विजय कुमार शुक्ला ने इस वृहद प्रयास की सराहना करते हुए छात्र को शिक्षण के क्षेत्र में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। देश के लिए एक सजग नागरिक बनने का आह्वाहन किया।<br>कार्यक्रम में सलोनी वाधवा, निदेशक, अकत्व आर्ट फाउन्डेशन, नई दिल्ली, डॉक्टर मनीष अरोड़ा, प्रमुख,डिजाइन इन्नोवेशन सेंटर, दृश्य कला संकाय, बीएचयू, महात्मा गांधी ग्लोबल शांति पुरस्कार से नवाजे गए डॉक्टर जगदीश पिल्लई, डॉ सुनील कुमार विश्वकर्मा , प्रमुख, दृश्य कला संकाय ,महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, प्रोफेसर विजय नाथ मिश्रा न्यूरोलॉजी विभाग आई एम एस बीएचयू, सी बी के सिंह प्रबंधक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया वाराणसी, एस प्रणाम सिंह चित्रकला विभाग दृश्य कला संकाय बीएचयू वाराणसी ने उपस्थित होकर बच्चों के उत्साह को बढ़ाया।<br>विद्यालय की उप प्राचार्य विनीता सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक वीके राय, अश्वनी कुमार, संदीप कुमार सिंह, सुशील कुमार जितेंद्र यादव, प्रीति शर्मा, विनोद त्रिपाठी, मनोज कुमार सिंह, संतोष कुमार पटेल इत्यादि मौजूद रहे l</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="449" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/10/Screenshot_2021_1002_181616.jpg" alt="" class="wp-image-55873" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/10/Screenshot_2021_1002_181616.jpg 449w, https://www.patnanow.com/assets/2021/10/Screenshot_2021_1002_181616-262x350.jpg 262w" sizes="(max-width: 449px) 100vw, 449px" /></figure>



<p>वीडियो के लिए यहां क्लिक करें </p>



<p></p>



<p>Pnc desk </p>
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			</item>
		<item>
		<title>भोजपुरी आन्दोलन को दबाने के लिए गिरफ्तार किए गए 5 कलाकार, आज कोर्ट में पेशी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/5-artist-arrested-for-crush-the-revolution-of-bhojpuri/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 26 Jun 2021 05:16:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[रँगजुलुस निकालने दौरान RPF ने कलाकरों को किया गिरफ्तार,स्टेशन पर घंटों हंगामा,3 घण्टे हिरासत में रखने के बाद पुलिस ने छोड़ा आरा, 26 जून. 24 दिन से भोजपुरी पेंटिंग की अस्मिता के लिए शांतिपूर्ण आन्दोलन कर रहे कलाकारों में से 5 कलाकारों को शुक्रवार को रेल प्रशासन ने गिरफ्तार कर लगभग 3 घण्टे तक अपने कस्टडी में रखा. बाद में कलाकारों को रेल प्रशासन ने छोड़ दिया. भोजपुरी संरक्षण मोर्चा ने शुक्रवार अपने निर्धारित समय से 25वें दिन गीत-गायन के जरिये अपना विरोध प्रदर्शन किया और फिर रेलवे प्लेटफार्म पर रँगजुलुस के रूप में प्रदर्शन करने लगे. प्लेटफार्म नम्बर एक से शूरु हुआ यह रंग जुलूस जैसे ही प्लेटफार्म नम्बर तीन पर पहुँचा कि रेलवे पुलिस फोर्स ने आन्दोलनकारी 5 कलाकारों को गिरफ्तार कर लिया. कलाकारों के गिरफ्तारी के बाद यह खबर जंगल मे आग की तरह सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गयी. सोशल मीडिया पर भोजपुरी भाषा से जुड़े देश विदेश में रहने वालों ने इस घटना को कायराना और बेहद शर्मनाक बताया. रेल प्रशासन द्वारा किये गए इस गिरफ्तारी से भोजपुरिया क्षेत्र के लोग आक्रोशित हो गए. कलाकारों के गिरफ्तारी के बाद ऐसा हो सकता है कि यह आंदोलन प्रदेश में भी शामिल हो जाये. लोगों में आक्रोश इस बात का ही कि उनके जायज मांग को भी सरकार नही सुन रही है. शांति तरीके से आन्दोलन के बाद भी गिरफ्तारी सरकार के तानाशाही रवैये का प्रमाण है. कलाकारों को पुलिस ने रँगजुलुस निकालने के दौरान ऐसे पकड़ा और धक्का-मुक्की किया जैसे वे किसी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>रँगजुलुस निकालने दौरान RPF ने कलाकरों को किया गिरफ्तार,<br>स्टेशन पर घंटों हंगामा,3 घण्टे हिरासत में रखने के बाद पुलिस ने छोड़ा</strong></p>



<p>आरा, 26 जून. 24 दिन से भोजपुरी पेंटिंग की अस्मिता के लिए शांतिपूर्ण आन्दोलन कर रहे कलाकारों में से 5 कलाकारों को शुक्रवार को रेल प्रशासन ने गिरफ्तार कर लगभग 3 घण्टे तक अपने कस्टडी में रखा. बाद में कलाकारों को रेल प्रशासन ने छोड़ दिया. भोजपुरी संरक्षण मोर्चा ने शुक्रवार अपने निर्धारित समय से 25वें दिन गीत-गायन के जरिये अपना विरोध प्रदर्शन किया और फिर रेलवे प्लेटफार्म पर रँगजुलुस के रूप में प्रदर्शन करने लगे. प्लेटफार्म नम्बर एक से शूरु हुआ यह रंग जुलूस जैसे ही प्लेटफार्म नम्बर तीन पर पहुँचा कि रेलवे पुलिस फोर्स ने आन्दोलनकारी 5 कलाकारों को गिरफ्तार कर लिया.</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-style-default"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="376" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_Artist-attestedAra1.jpg" alt="" class="wp-image-53596" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_Artist-attestedAra1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_Artist-attestedAra1-350x202.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>कलाकारों के गिरफ्तारी के बाद यह खबर जंगल मे आग की तरह सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गयी. सोशल मीडिया पर भोजपुरी भाषा से जुड़े देश विदेश में रहने वालों ने इस घटना को कायराना और बेहद शर्मनाक बताया. रेल प्रशासन द्वारा किये गए इस गिरफ्तारी से भोजपुरिया क्षेत्र के लोग आक्रोशित हो गए. कलाकारों के गिरफ्तारी के बाद ऐसा हो सकता है कि यह आंदोलन प्रदेश में भी शामिल हो जाये. लोगों में आक्रोश इस बात का ही कि उनके जायज मांग को भी सरकार नही सुन रही है. शांति तरीके से आन्दोलन के बाद भी गिरफ्तारी सरकार के तानाशाही रवैये का प्रमाण है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-style-default"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="276" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_Artist-attestedAra3.jpg" alt="" class="wp-image-53597" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_Artist-attestedAra3.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_Artist-attestedAra3-350x149.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



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<p>कलाकारों को पुलिस ने रँगजुलुस निकालने के दौरान ऐसे पकड़ा और धक्का-मुक्की किया जैसे वे किसी अपराधी को पकड़ रहे हों. कलाकारों ने अपनी गिरफ्तारी देते हुए उनसे बार बार आग्रह किया कि उन्हें छुआ न जाये लेकिन बावजूद इसके कलाकारों के हाथ पैर पकड़ कर उन्हें पुलिस टांग कर अपने चैंबर में ले आयी.</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-style-default"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="365" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_Artist-attestedAra.jpg" alt="" class="wp-image-53600" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_Artist-attestedAra.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_Artist-attestedAra-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>कलाकारों की गिरफ्तारी की चहुँ ओर निंदा</strong>,<br>रेल प्रशासन द्वारा कलाकारों की गिरफ्तारी की जहां सभी ओर से निंदा किया जा रहा है वही दूसरी ओर इस प्रशासनिक रवैये से लोग आक्रोशित हैं और हो सकता है कि इसका प्रतिशोध जगह-जगह आन्दोलन के रूप में देखने को मिले.</p>



<p><strong>भोजपुरिया जन मोर्चा</strong> के <strong><em>विनोद सिंह</em></strong> ने कहा कि सरकार भोजपुरी अस्मिता के साथ खिलवाड़ कर रही है. <strong>डॉ कुमार शीलभद्र</strong> ने कहा कि दमन से विद्रोही पैदा होते हैं. हमें बाध्य नहीं किया जाए कि हम अपने अधिकार के लिए कठोर कदम उठाने पर मजबूर हो जाये. रंगकर्मी <strong>मनोज कुमार सिंह </strong>ने कहा कि यह चित्रकला हमें पूर्वजों से विरासत में मिली है. प्रत्येक व्यक्ति अपनी सामर्थ्य के अनुसार इसकी रक्षा का प्रयास करें। रंगकर्मी <strong>रतन देवा</strong> ने कहा कि लिखित आश्वासन या कार्यादेश के बाद ही यह आंदोलन समाप्त होगा. रंगकर्मी <strong>अशोक मानव</strong> ने कहा कि यह स्थानीय संस्कृति की रक्षा के साथ साथ स्थानीय कलाकारों की रोटी की रक्षा की भी लड़ाई है.</p>



<p>सामाजिक कार्यकर्ता <strong>अभिषेक द्विवेदी</strong> ने कहा कि रेलवे परिसर में भोजपुरी पेंटिंग के सम्मान के लिए संघर्षरत 5 कलाकारो को रेल प्रशासन द्वारा गिरफ्तार करने की जितनी भी निंदा की जाए वह कम है. भोजपुरिया लोगों को रेलवे पुलिस ने ललकारने का काम किया गया है. इस गिरफ्तारी के बाद अब आन्दोलन को और उग्र किया जाएगा जिसकी जिम्मेवारी सरकार और रेल प्रशासन की होगी. समाजसेवी <strong>समीर श्रीवास्तव </strong>ने कहा कि 5 कलाकारो को रेल प्रशासन द्वारा गिरफ्तार कर रेल प्रशासन ने अच्छा नहीं किया है. अगर प्रशासन जल्द से जल्द उन्हें नहीं छोड़ती है तो उग्र आंदोलन करने के लिए हम सभी साथी बाध्य हो जायेगे. इसकी जिम्ममेदारी  प्रशासन की होगी.</p>



<p>उधर इस आंदोलन को समर्थन करने वाली <strong>समाजवादी लोक परिषद</strong> पार्टी ने भी भोजपुर के 5 कलाकार साथियों के गिरफ्तार किए जाने की घोर निंदा की और कहा कि पिछले 24 दिनों से &#8220;भोजपुरी संरक्षण मोर्चा&#8221; के कलाकारों की भोजपुरी पेंटिंग को सम्मान दिलाने की मुहिम में आज 25वें दिन रेल प्रशासन द्वारा 5 कलाकारों की गिरफ्तारी बेहद शर्मनाक है. कला-संस्कृति की परंपराएँ किसी समाज-सभ्यता के अस्तित्व का गवाह होतीं हैं. उसके संवाहकों (कलाकारों) पर आघात अर्थात अस्तित्व पर विनाशकारी प्रहार. प्रशासन अपराधियों से अधिक कलाकारों को ख़तरा समझता है,इससे ज्यादा गौरव वाली बात और क्या होगी…</p>



<p>समाजवादी लोक परिषद पार्टी भोजपुरी अस्तित्व के संरक्षण के हर आंदोलन में सदैव भागीदार है और रहेगा. प्रशासन इन कलाकारों को अविलंब रिहा करे, यही हमारी माँग है.</p>



<p>जुलूस के कार्यक्रम में कमल कुमार राय, संजय कुमार सिंह, किशन सिंह, मनोज श्रीवास्तव, घनश्याम पाठक, सुरेश सिंह, रूपा कुमारी, निराला कुमार, पूर्व पार्षद डॉ शशि सक्सेना, कमलेश नाथ पांडेय, नागेंद्र कुमार प्रमुख थे.</p>



<p>कलाकारों ने कहा कि उन्होंने मोर्चा के बैनर के तहत अपने कार्यक्रम के बारे में पहले से GM और DRM तक इसकी सूचना स्टेशन प्रबंधक के माध्यम से भेजा था लेकिन इस सूचना की कोई भी जानकारी RPF को नही थी जिसके कारण उनलोगों ने कलाकारों के प्रदर्शन के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया. कलाकारों की गिरफ्तारी के बाद जितना सोशल मीडिया पर लोग सक्रिय थे उससे ज्यादा RPF कार्यालय के बाहर गिरफ्तार कलाकारों की रिहाई के किये लोग नारे लगाने लगे. जो भी भोजपुरी पेंटिंग की बात सुनता वह कलाकारों के संग खड़ा हो जाता. हालांकि हंगामे को देखते हुए रेल प्रशासन ने गिरफ्तार लोगों को अपने कस्टडी में 3 घण्टे तक रखने के बाद रिहा कर दिया. जिन्हें आज रेलवे कोर्ट में पेश किया जाएगा.</p>



<p>आरा से <strong>ओ पी पांडेय</strong> की रिपोर्ट</p>
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		<title>रिमझिम फुहारों में थिरक उठी भोजपुरी कलाकृतियाँ</title>
		<link>https://www.patnanow.com/rimjhim-viharon-me-thora-uthi-bhojpuri-klakritiyan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 12 Jun 2021 20:11:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[ARA]]></category>
		<category><![CDATA[Artist of Bhojpur]]></category>
		<category><![CDATA[BHOJPUR]]></category>
		<category><![CDATA[Bhojpuri painting]]></category>
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					<description><![CDATA[12वें दिन आन्दोलन में शामिल हुए कई दिग्गज और सामाजिक चेहरे आगत अतिथियों ने कहा सरकार तक पहुँचेगी यह आवाज आरा,12 जून(ओ पी पांडेय). जून का दूसरा सप्ताह खत्म होने वाला है और बिहार ने मानसून की दस्तक भी दे दी है. पहले दिन की ही फुहार से मौसम सुकून भरा हो गया है. इस बीच पिछले 12 दिनों से आंदोलनरत भोजपुर के चित्रकारों ने छाते को भोजपुरी पेंटिंग से सजाना शुरू कर दिया है. शुक्रवार से ही छातों के ऊपर विंभिन्न कलाकृतियों को कलाकारों ने बनाने का सिलसिला चालू किया है. प्लेन छातों के ऊपर कलाकृतियों के बनने के बाद तो छाते ऐसे दिखने लगे जैसे उनमें जान आ गये हों. उनमें बनी आकृतियों को देखने के बाद ऐसा लगता था जैसे वे कह रही हों कि ऐ मेघ जल्दी बरस क्योंकि इस बार तो पूरे मॉनसून हम छातों पर चहकेंगे और अपनी खुशी मनाएंगे. वर्षो बाद इन कलाकारों के मेहनत ने मेरे सम्मान के लिए ये लड़ाई शुरू की है. मैं खुश हूँ कि पूरा माहौल अपने विरासत को बचाने में लगा है. छाते पर बनने वाली पेंटिंग कोहबर और पीड़िया शैली की है जो भोजपुर की अपनी थाती है. इनका सम्बंध मानव सभ्यता के विकास काल से ही रहा है. सभ्यता के विकास के साथ इसमें कुछ बदलाव जरूर आये लेकिन नही बदलीं तो वे इन चित्रों की रेखाएं और उनमें निहित कुछ खास चीजों का अंकन जो जीवन के मानवीय पहलुओं में नित विराजमान है. रंगों का संयोजन और उनका आपसी रिफ्लेक्शन उनके रूप में और [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>12वें दिन आन्दोलन में शामिल हुए कई दिग्गज और सामाजिक चेहरे</strong></p>



<p><strong>आगत अतिथियों ने कहा सरकार तक पहुँचेगी यह आवाज</strong></p>



<p>आरा,12 जून(<strong>ओ पी पांडेय</strong>). जून का दूसरा सप्ताह खत्म होने वाला है और बिहार ने मानसून की दस्तक भी दे दी है. पहले दिन की ही फुहार से मौसम सुकून भरा हो गया है. इस बीच पिछले 12 दिनों से आंदोलनरत भोजपुर के चित्रकारों ने छाते को भोजपुरी पेंटिंग से सजाना शुरू कर दिया है. शुक्रवार से ही छातों के ऊपर विंभिन्न कलाकृतियों को कलाकारों ने बनाने का सिलसिला चालू किया है. प्लेन छातों के ऊपर कलाकृतियों के बनने के बाद तो छाते ऐसे दिखने लगे जैसे उनमें जान आ गये हों. उनमें बनी आकृतियों को देखने के बाद ऐसा लगता था जैसे वे कह रही हों कि ऐ मेघ जल्दी बरस क्योंकि इस बार तो पूरे मॉनसून हम छातों पर चहकेंगे और अपनी खुशी मनाएंगे. वर्षो बाद इन कलाकारों के मेहनत ने मेरे सम्मान के लिए ये लड़ाई शुरू की है. मैं खुश हूँ कि पूरा माहौल अपने विरासत को बचाने में लगा है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-style-default"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="385" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC-Ajeet-kushwahaDumraon-Mla.jpg" alt="" class="wp-image-53273" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC-Ajeet-kushwahaDumraon-Mla.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC-Ajeet-kushwahaDumraon-Mla-350x207.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>छाते पर बनने वाली पेंटिंग कोहबर और पीड़िया शैली की है जो भोजपुर की अपनी थाती है. इनका सम्बंध मानव सभ्यता के विकास काल से ही रहा है. सभ्यता के विकास के साथ इसमें कुछ बदलाव जरूर आये लेकिन नही बदलीं तो वे इन चित्रों की रेखाएं और उनमें निहित कुछ खास चीजों का अंकन जो जीवन के मानवीय पहलुओं में नित विराजमान है. रंगों का संयोजन और उनका आपसी रिफ्लेक्शन उनके रूप में और चार चांद लगा देता है. कलाकारों का कहना है कि छाते पर यह कार्य इसलिए है कि इस बार वर्षा भी हो तो दूर से ही शहर में गाहे बजाहे ये कलाकृतियाँ दिखें और इससे जुड़े हर भोजपुर वासियों को ये जेहन में याद रहे ताकि इसके सम्मान की बात दैनिक कार्यो के साथ वे भी याद रखे.</p>



<p>12 वां दिन और यादगार बन गया क्योंकि रिमझिम फुहारों ने न सिर्फ अपने आगमन से भोजपुरी चित्रकला का प्रदर्शन किया बल्कि भोजपुर की मेयर रूबी तिवारी, डुमराँव के जुझारू व लोकप्रिय विधायक अजित मुशवाहा,राष्ट्रीय स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष पवन श्रीवास्तव व शहर के लोकप्रिय सर्जन डॉ विजय गुप्ता का भी आगमन आंदोलन को ईंधन दे गया.</p>



<p>छाते पर चित्रकारों द्वारा उकेरी जा रही भोजपुरी पेंटिंग को देखने के बाद आये आगन्तुकों ने छातों को खरीदने की इच्छा जाहिर की, लेकिन पेंटिंग अधूरी होने के कारण उन्हें नही दिया जा सका. आये सभी आगन्तुकों ने कूची से छाते पर रेखाएँ उकेर चित्रकला का समर्थन किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-style-default"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC-12th-day-Bhojpuri-paintingAra-Ajit-kushwaha-MLA.jpg" alt="" class="wp-image-53274" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC-12th-day-Bhojpuri-paintingAra-Ajit-kushwaha-MLA.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC-12th-day-Bhojpuri-paintingAra-Ajit-kushwaha-MLA-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>डुमरांव के विधायक अजीत कुशवाहा ने कहा कि भोजपुरी संस्कृति की विरासत अत्यंत समृद्ध है. कोई ये कतई न समझे कि हम किसी अन्य कला का विरोध कर रहे हैं. हम अपने समृद्ध परंपरा को सम्मान व संरक्षित रखने के लिए एकजुट हुए हैं. उन्होंने कहा कि मैं आन्दोलनजीवी हूँ और आन्दोलनजीवी जहाँ भी आन्दोलन हो वहाँ पहुँच जाते हैं क्षेत्र मायने नही रखता क्योंकि देश पूरा अपना है. उन्होंने कहा कि भोजपुरी पेंटिंग पर रिसर्च हो और इसके लिए कला महाविद्यालय का होना जरूरी है. आने वाले मॉनसून सत्र में सरकार के समक्ष इस मुद्दे को प्रभावी ढंग से उठाएंगे और भोजपुरी पेंटिंग के साथ सम्पूर्ण भोजपुरी के विकास के लिए वे अपनी आवाज बुलंद करेंगे.</p>





<p>रूबी तिवारी, मेयर, आरा नगर निगम ने कहा कि भोजपुरी चित्रकला का सौंदर्य और स्वरूप अद्वितीय है. यह हमारे घरों में बंद पूर्वजों की अमानत है और नगर निगम द्वारा इसको आगे बढ़ाने के लिए यथासंभव सहयोग किया जाएगा.</p>





<p>राष्ट्रीय स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष व देश के चर्चित कवि एवं विचारक पवन श्रीवास्तव ने कलाकारों के श्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि युवाओं द्वारा भोजपुरी चित्रकला के संरक्षण हेतु किया जा रहा यह प्रयास प्रशंसनीय है. उन्होंने पूर्व में मगध विश्वविद्यालय के समय आरा में चलने वाले कला महाविद्यालय की बात की और कहा कि दुर्भाग्य है इस जिले का कि जब जिले को अपना विश्विद्यालय मिला तो कला महाविद्यालय का अस्तित्व ही मिट गया.</p>



<p>शहर के चर्चित सर्जन डॉ विजय गुप्ता ने कहा कि भोजपुर की धरती प्रतिभाओं एवं क्षमता से परिपूर्ण है. उन्होंने इस आंदोलन को देख कला के प्रति अपनी सवेदना प्रकट करते हुए कहा कि भोजपुरी चित्रकला के प्रदर्शनी एवं विकास हेतु उनके द्वारा हरसंभव सहयोग किया जाएगा.</p>



<p>रवींद्र भारती ने रेल प्रशासनिक अधिकारियों से आग्रह किया कि जल्द से जल्द कार्यादेश दें जिससे सौदर्यीकरणकरण का काम तेजी से हो. 12वें दिन न सिर्फ आगन्तुक बल्कि अप्रत्याशित रूप से अनेक भोजपुरी चित्रकार भी छाता पेंटिंग एवं चित्रयात्रा में शामिल हुए. छाता पर पेंटिंग के बाद रिमझिम फुहारों के बीच कलाकारों ने रंगबिरंगी कलाकृतियों से सजे छाते के साथ जुलूस निकाला जो स्टेशन परिसर में भ्रमण कर समाप्त हुआ. फुहारों ने कलाकृत्तियों को अपनी फुहारों से उसमें जान फूंक दी और कलाकृतियाँ इन फुहारों में जैसे मदमस्त हो थिरकती नजर आयीं.</p>



<p>इनमें वरिष्ठ चित्रकार कमलेश कुंदन, रौशन राय,विजय मेहता, कौशलेश कुमार,रुपेश कुमार पांडेय(ज्ञानपुरी),निकी कुमारी, शालिनी कुमारी,रूपा कुमारी, प्रशंसा कुमारी, मुकेश चौधरी, विवेक कुमार, श्रवण कुमार, अमन राज आदि प्रमुख थे.</p>



<p>चित्रयात्रा में चित्रकारों के अलावा रंगकर्मी अशोक मानव, कृष्णेन्दु,ओ पी पांडेय,संजय शाश्वत,डॉ0 पंकज भट्ट, सुनील कुमार चौधरी,मनोज सिंह,रतन देवा, कौशलेश पाण्डेय,पत्रकार डब्ल्यू कुमार,अशोक कुमार तिवारी,आशुतोष कुमार पांडेय,आकाश कुमार सिंह,सामाजिक कार्यकर्ता सीता राम रवि,सुनील श्रीवास्तव, अभिषेक कुमार, कमलदीप कुमार,अभिनव कुमार,सत्येंद्र उपाध्याय, उत्कर्ष,इंदु देवी,सुरेश कुमार राय,शशि उपाध्याय,आशीष कुमार,डॉ0 जितेन्द्र शुक्ल,भास्कर मिश्र आदि ने भाग लिया. आज भी आम यात्रियों के साथ-साथ महिलाओं ने भी इस आंदोलन की निहायत आवश्यकता बताई. </p>



<p>हैदराबाद से ही रक्षा मंत्रालय में कार्यरत अर्चना पांडेय एवं मोटिवेशनल स्पीकर सरिता कुमारी ने भी इस चित्रकला को आगे बढ़ाने में हरसंभव सहयोग करने का आश्वासन दिया था.</p>
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