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	<title>art and culture &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>मुख्यमंत्री ने कालीदास रंगालय के नये भवन के निर्माण कार्य का लिया जायजा, तेजी से कार्य पूर्ण करने का दिया निर्देश</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 Jan 2026 16:59:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[PATNA]]></category>
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		<category><![CDATA[Kalidas Rangalaya]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के गांधी मैदान के दक्षिणी-पूर्वी छोर पर स्थित कालीदास रंगालय के नये भवन के निर्माण कार्य का जायजा लिया. कालीदास रंगालय को बिहार आर्ट थियेटर के नाम से भी जाना जाता है. निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्मित कराये जा रहे सभागार, ग्रीन रूम, विशाल रंगमंच, प्रकाश व्यवस्था, ध्वनि व्यवस्था सहित अन्य निर्माण कार्यों की अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली. निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कालीदास रंगालय के नये भवन का निर्माण कार्य को बेहतर ढंग से और तेजी से पूर्ण करें. इस रंगालय के उन्नयन कार्य का उद्देश्य है कि कलाकारों को अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त सुविधा मिले, उन्हें आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, ध्वनि व्यवस्था उपलब्ध हो. हमलोग चाहते हैं कि कलाकारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. राज्य में नाटक और सांस्कृतिक गतिविधि को बढ़ावा दिया जा रहा है। कालीदास रंगालय बिहार ही नहीं बल्कि पूरे देश में होनेवाले रंगमंच और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का महत्वपूर्ण केन्द्र है. मुख्यमंत्री ने कहा कि कालीदास रंगालय का भवन पुराना हो गया था, इसको ध्यान में रखते हुये इसका नवीनीकरण कार्य उच्च गुणवत्ता मानक के अनुरूप कराया जा रहा है. कालीदास रंगालय का सौंदर्गीकरण बेहतर ढंग से पूर्ण करायें ताकि यहां कलाकारों और दर्शकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. उन्होंने कहा कि इस परिसर के पुराने और जर्जर भाग को हटाकर सौंदयीकृत करायें ताकि परिसर सुसज्जित दिखे. परिसर में वृक्षारोपण करायें ताकि यहां आने पर लोगों को प्राकृतिक दृश्य की अनुभूति हो. निरीक्षण के दौरान जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना।। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के गांधी मैदान के दक्षिणी-पूर्वी छोर पर स्थित कालीदास रंगालय के नये भवन के निर्माण कार्य का जायजा लिया. कालीदास रंगालय को बिहार आर्ट थियेटर के नाम से भी जाना जाता है. निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्मित कराये जा रहे सभागार, ग्रीन रूम, विशाल रंगमंच, प्रकाश व्यवस्था, ध्वनि व्यवस्था सहित अन्य निर्माण कार्यों की अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="683" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-cm-nitish-inspects-kalidas-rangalaya-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-94427" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-cm-nitish-inspects-kalidas-rangalaya-scaled.jpg 683w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-cm-nitish-inspects-kalidas-rangalaya-433x650.jpg 433w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-cm-nitish-inspects-kalidas-rangalaya-1024x1536.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-cm-nitish-inspects-kalidas-rangalaya-1365x2048.jpg 1365w" sizes="(max-width: 683px) 100vw, 683px" /></figure>



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<p>निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कालीदास रंगालय के नये भवन का निर्माण कार्य को बेहतर ढंग से और तेजी से पूर्ण करें. इस रंगालय के उन्नयन कार्य का उद्देश्य है कि कलाकारों को अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त सुविधा मिले, उन्हें आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, ध्वनि व्यवस्था उपलब्ध हो. हमलोग चाहते हैं कि कलाकारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. राज्य में नाटक और सांस्कृतिक गतिविधि को बढ़ावा दिया जा रहा है। कालीदास रंगालय बिहार ही नहीं बल्कि पूरे देश में होनेवाले रंगमंच और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का महत्वपूर्ण केन्द्र है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-cm-visit-to-kalidas-rangalaya-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-94429" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-cm-visit-to-kalidas-rangalaya-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-cm-visit-to-kalidas-rangalaya-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-cm-visit-to-kalidas-rangalaya-1536x1024.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-cm-visit-to-kalidas-rangalaya-2048x1365.jpg 2048w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि कालीदास रंगालय का भवन पुराना हो गया था, इसको ध्यान में रखते हुये इसका नवीनीकरण कार्य उच्च गुणवत्ता मानक के अनुरूप कराया जा रहा है. कालीदास रंगालय का सौंदर्गीकरण बेहतर ढंग से पूर्ण करायें ताकि यहां कलाकारों और दर्शकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. उन्होंने कहा कि इस परिसर के पुराने और जर्जर भाग को हटाकर सौंदयीकृत करायें ताकि परिसर सुसज्जित दिखे. परिसर में वृक्षारोपण करायें ताकि यहां आने पर लोगों को प्राकृतिक दृश्य की अनुभूति हो.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-cm-nitish-inspects-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-94428" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-cm-nitish-inspects-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-cm-nitish-inspects-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-cm-nitish-inspects-1536x1024.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-cm-nitish-inspects-2048x1365.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>निरीक्षण के दौरान जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव प्रणव कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ चन्द्रशेखर सिंह, पटना के जिलाधिकारी डॉ त्यागराज एसएम सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे.</p>



<p>pncb</p>
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		<title>बिहार सरस मेला 2025 का शुभारंभ</title>
		<link>https://www.patnanow.com/saras-mela-udghatan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 12 Dec 2025 13:51:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
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					<description><![CDATA[ग्रामीण उद्यमिता और महिला सशक्तिकरण के उत्सव का आगाज पटना।। बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था, महिला उद्यमिता, स्व-रोज़गार, हस्तशिल्प, कृषि आधारित उत्पादों और स्थानीय कला-संस्कृति के समन्वित प्रदर्शन के लिए प्रदेश का सबसे बड़ा आयोजन बिहार सरस मेला-2025 का आगाज शुक्रवार की शाम गांधी मैदान, पटना में भव्य रूप से हुआ. जीविका, ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार द्वारा आयोजित यह मेला 12 से 28 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें बिहार सहित देशभर के स्वयं सहायता समूहों की महिलाएँ अपने उत्पादों का प्रदर्शन व बिक्री करेंगी. श्रवण कुमार, मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग , बिहार सरकार ने मुख्य द्वार पर फीता काटकर बिहार सरस मेला-2025 का उद्घाटन किया. उद्घाटन के बाद मंत्री एवं अन्य अतिथियों ने पूरे मेला परिसर का परिभ्रमण किया और विभिन्न स्टॉलों पर प्रदर्शित स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिला उद्यमियों द्वारा निर्मित उत्पादों का अवलोकन किया. मेला परिभ्रमण के दौरान मंत्री ने बिहार की ग्रामीण महिला उद्यमियों द्वारा तैयार किए गए खाद्य प्रसंस्कृत उत्पाद, हस्तशिल्प, हैंडलूम वस्त्र, प्राकृतिक उत्पाद, घरेलू उपयोग की सामग्री, सजावटी वस्तुएँ, मिलेट आधारित पोषक उत्पाद, मधुबनी पेंटिंग, जूट एवं बांस उत्पादों की गुणवत्ता और विविधता की सराहना की.उन्होंने कई महिलाओं से सीधे संवाद करते हुए उनसे उनके उत्पाद, उत्पादन प्रक्रिया, विपणन, जीविका से प्राप्त सहयोग और भविष्य की योजनाओं के संबंध में जानकारी भी प्राप्त की. इसके बाद मंत्री एवं अतिथिगण मुख्य मंच पर पहुँचे, जहाँ उनका औपचारिक स्वागत किया गया.साथ ही आगत अतिथियों को पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया गया .तत्पश्चात मंत्री,ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार ने पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन कर बिहार सरस मेला-2025 का [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>ग्रामीण उद्यमिता और महिला सशक्तिकरण के उत्सव का आगाज<br><br>पटना।। बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था, महिला उद्यमिता, स्व-रोज़गार, हस्तशिल्प, कृषि आधारित उत्पादों और स्थानीय कला-संस्कृति के समन्वित प्रदर्शन के लिए प्रदेश का सबसे बड़ा आयोजन बिहार सरस मेला-2025 का आगाज शुक्रवार की शाम गांधी मैदान, पटना में भव्य रूप से हुआ. जीविका, ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार द्वारा आयोजित यह मेला 12 से 28 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें बिहार सहित देशभर के स्वयं सहायता समूहों की महिलाएँ अपने उत्पादों का प्रदर्शन व बिक्री करेंगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="676" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-saras-Mela-udghatan-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-93460" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-saras-Mela-udghatan-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-saras-Mela-udghatan-650x429.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-saras-Mela-udghatan-1536x1014.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><br>श्रवण कुमार, मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग , बिहार सरकार ने मुख्य द्वार पर फीता काटकर बिहार सरस मेला-2025 का उद्घाटन किया. उद्घाटन के बाद मंत्री एवं अन्य अतिथियों ने पूरे मेला परिसर का परिभ्रमण किया और विभिन्न स्टॉलों पर प्रदर्शित स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिला उद्यमियों द्वारा निर्मित उत्पादों का अवलोकन किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="623" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-mantri-in-saras-Mela-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-93458" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-mantri-in-saras-Mela-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-mantri-in-saras-Mela-650x396.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-mantri-in-saras-Mela-1536x935.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><br>मेला परिभ्रमण के दौरान मंत्री ने बिहार की ग्रामीण महिला उद्यमियों द्वारा तैयार किए गए खाद्य प्रसंस्कृत उत्पाद, हस्तशिल्प, हैंडलूम वस्त्र, प्राकृतिक उत्पाद, घरेलू उपयोग की सामग्री, सजावटी वस्तुएँ, मिलेट आधारित पोषक उत्पाद, मधुबनी पेंटिंग, जूट एवं बांस उत्पादों की गुणवत्ता और विविधता की सराहना की.उन्होंने कई महिलाओं से सीधे संवाद करते हुए उनसे उनके उत्पाद, उत्पादन प्रक्रिया, विपणन, जीविका से प्राप्त सहयोग और भविष्य की योजनाओं के संबंध में जानकारी भी प्राप्त की.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="522" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-jeevika-saras-Mela-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-93457" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-jeevika-saras-Mela-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-jeevika-saras-Mela-650x331.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-jeevika-saras-Mela-1536x782.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><br>इसके बाद मंत्री एवं अतिथिगण मुख्य मंच पर पहुँचे, जहाँ उनका औपचारिक स्वागत किया गया.साथ ही आगत अतिथियों को पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया गया .<br>तत्पश्चात मंत्री,ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार ने पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन कर बिहार सरस मेला-2025 का औपचारिक शुभारंभ किया.दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही मंच पर उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों तथा हजारों की संख्या में उपस्थित ग्रामीण महिलाएँ और शहरवासियों ने तालियों के बीच इस भव्य आयोजन के शुरू होने का स्वागत किया.<br>इसके पश्चात मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जीविका ने स्वागत संबोधन दिया. अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि सरस मेला का उद्देश्य ग्रामीण उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर का मंच प्रदान करना, ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ बनाना, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को विपणन, ब्रांडिंग और पैकेजिंग की उन्नत तकनीकों से जोड़ना तथा ग्रामीण एवं शहरी उपभोक्ताओं के बीच सीधा संपर्क स्थापित करना है. उन्होंने बताया कि इस वर्ष मेले में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की भागीदारी और अधिक बढ़ी है तथा लगभग सभी जिलों से उत्कृष्ट उत्पादों का चयन कर उन्हें प्रदर्शनी हेतु उपलब्ध कराया गया है. मुख्य कार्यपालक, जीविका ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के बारे में जानकारी दी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="477" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-jeevika-december-25-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-93459" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-jeevika-december-25-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-jeevika-december-25-650x303.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-jeevika-december-25-1536x716.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><br>इस अवसर पर मंत्री ने जानकी जीविका महिला सिलाई उत्पादक कंपनी के लोगों का अनावरण भी किया.</p>



<p>मंत्री,ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि बिहार के विकास की सबसे मजबूत शक्ति ग्रामीण महिलाएँ हैं. जीविका के माध्यम से इन महिलाओं ने कठिन परिस्थितियों पर विजय प्राप्त करते हुए आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है. उन्होंने कहा कि बिहार सरस मेला-2025 इनके परिश्रम, लगन और प्रतिभा का राष्ट्रीय मंच है. उन्होंने यह भी कहा कि बिहार सरकार स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के उत्पादों को बड़े बाज़ारों से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है और आने वाले वर्षों में इन उत्पादों के लिए ई-मार्केटिंग, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों में भागीदारी तथा राज्य स्तर पर स्थाई बिक्री केंद्र स्थापित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. राम निरंजन सिंह, निदेशक, जीविका ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, स्वयं सहायता समूहों, महिलाओं, जिलों से आए प्रतिनिधियों, मीडिया संस्थानों तथा मेला आयोजन से जुड़े सभी टीम सदस्यों को सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="620" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-shrawan-Kumar-mantri-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-93456" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-shrawan-Kumar-mantri-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-shrawan-Kumar-mantri-650x394.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-shrawan-Kumar-mantri-1536x930.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><br>बिहार सरस मेला-2025 ग्रामीण महिलाओं की सृजनशीलता, आत्मनिर्भरता और उद्यमिता का उत्सव है, जो न केवल आर्थिक अवसर प्रदान करता है, बल्कि ग्रामीण और शहरी समुदायों के बीच सामाजिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए एक सशक्त मंच भी उपलब्ध कराता है. 12 से 28 दिसंबर तक चलने वाला यह मेला रोज़ाना विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, उत्पाद प्रदर्शनियों और थीम आधारित आयोजनों के साथ आगंतुकों के लिए विशिष्ट आकर्षण का केंद्र रहेगा.<br>कार्यक्रम के अंत में जीविका दीदियों ने मंचासिन अतिथियों को स्मृति चिन्ह और अंग वस्त्र समर्पित किया. </p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>पुण्यतिथि पर याद किए गए भिखारी ठाकुर</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bhikhari-thakur-punyatithi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 11 Jul 2025 04:01:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[art and culture]]></category>
		<category><![CDATA[Bhikhari Thakur]]></category>
		<category><![CDATA[Sutradhar]]></category>
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					<description><![CDATA[सूत्रधार के कलाकारों ने मनाई भिखारी ठाकुर की 54वीं पुण्यतिथि भोजपुरी के जीवंत पुरोधा थे भिखारी ठाकुर खगौल।। पटना में लोक कलाकार भिखारी ठाकुर की 54 वीं पुण्यतिथि पर नाट्य संस्था सूत्रधार, खगौल द्वारा राधा कृष्ण हॉल, खगौल में &#8220;भिखारी ठाकुर के नाटकों में स्त्री विमर्श&#8221; विषय पर आधारित एक परिचर्चा एवं लोकगायन कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत भिखारी ठाकुर की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हाल ही दिवंगत हुए संस्था के लिए सदैव समर्पित रंगकर्मी एवं पत्रकार राम नारायण पाठक एवं कला प्रेमी राजकिशोर गुप्ता(बब्लू) के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देते हुए की गई। आरंभ में भिखारी ठाकुर रचित गीतों गायक लवकुश के स्वर में हुआ. तबले पर उनका साथ अभिजीत, नाल पर राजीव रंजन त्रिपाठी एवं हारमोनियम पर भोला सिंह उनका साथ दिया. इसके उपरांत भिखारी ठाकुर की रचनाओं मे स्त्री विमर्श विषय पर परिचर्चा आरंभ हुई. कार्यक्रम आरम्भ करते हुए संस्था के महासचिव नवाब आलम ने कहा कि भिखारी ठाकुर द्वारा उनके नाटकों में वर्णित कालखंड में व्याप्त सामाजिक कुरीतियों एवं स्त्री जाति के शोषण तथा उनकी दुर्दशा की चर्चा करते हुए स्त्रियों को उनके अस्तित्व और अधिकार के प्रति जागरूक करने में उनका योगदान अविस्मरणीय है और सदा रहेगा. भिखारी ठाकुर का कार्य सिर्फ स्त्री विमर्श तक सीमित नहीं किया जा सकता. उन्होंने समाज के हर वर्ग, हर व्यक्ति से जुड़ें पहलूओं को बहुत बारीकी से सामने रखा है.नवाब आलम ने कहा कि भिखारी ठाकुर ने औपचारिक विद्यालय का दरवाजा नहीं देखा गांव में शिक्षा का कोई साधन नहीं था परंतु कालांतर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>सूत्रधार के कलाकारों ने मनाई भिखारी ठाकुर की 54वीं पुण्यतिथि</strong></p>



<p><strong>भोजपुरी के जीवंत पुरोधा थे भिखारी ठाकुर</strong></p>



<p>खगौल।। पटना में लोक कलाकार भिखारी ठाकुर की 54 वीं पुण्यतिथि पर नाट्य संस्था सूत्रधार, खगौल द्वारा राधा कृष्ण हॉल, खगौल में &#8220;भिखारी ठाकुर के नाटकों में स्त्री विमर्श&#8221; विषय पर आधारित एक परिचर्चा एवं लोकगायन कार्यक्रम आयोजित किया गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="684" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000267343-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91056" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000267343-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000267343-650x434.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कार्यक्रम की शुरुआत भिखारी ठाकुर की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हाल ही दिवंगत हुए संस्था के लिए सदैव समर्पित रंगकर्मी एवं पत्रकार राम नारायण पाठक एवं कला प्रेमी राजकिशोर गुप्ता(बब्लू) के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देते हुए की गई। आरंभ में भिखारी ठाकुर रचित गीतों गायक लवकुश के स्वर में हुआ. तबले पर उनका साथ अभिजीत, नाल पर राजीव रंजन त्रिपाठी एवं हारमोनियम पर भोला सिंह उनका साथ दिया. इसके उपरांत भिखारी ठाकुर की रचनाओं मे स्त्री विमर्श विषय पर परिचर्चा आरंभ हुई.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="460" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000267342-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91057" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000267342-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000267342-650x292.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000267342-1536x690.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कार्यक्रम आरम्भ करते हुए संस्था के महासचिव नवाब आलम ने कहा कि भिखारी ठाकुर द्वारा उनके नाटकों में वर्णित कालखंड में व्याप्त सामाजिक कुरीतियों एवं स्त्री जाति के शोषण तथा उनकी दुर्दशा की चर्चा करते हुए स्त्रियों को उनके अस्तित्व और अधिकार के प्रति जागरूक करने में उनका योगदान अविस्मरणीय है और सदा रहेगा. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="460" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000267340-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91058" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000267340-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000267340-650x292.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000267340-1536x690.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>भिखारी ठाकुर का कार्य सिर्फ स्त्री विमर्श तक सीमित नहीं किया जा सकता. उन्होंने समाज के हर वर्ग, हर व्यक्ति से जुड़ें पहलूओं को बहुत बारीकी से सामने रखा है.नवाब आलम ने कहा कि भिखारी ठाकुर ने औपचारिक विद्यालय का दरवाजा नहीं देखा गांव में शिक्षा का कोई साधन नहीं था परंतु कालांतर में भोजपुरी रंगमंच का सम्राट बन गए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="460" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000267339-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91059" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000267339-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000267339-650x292.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000267339-1536x690.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>अपने जीवन के अनुभवों को ही अपना विश्वविद्यालय बना लिया.वरिष्ठ फिल्म एवं रंगमंच अभिनेता पंकज मिश्रा ने कहा कि महिला सशक्तिकरण और महिलाओं की मुक्ति की बात की शुरूआत अगर हम करेंगे तो उसकी शुरूआत हमें भिखारी ठाकुर की रचनाओं से करना होगा. वरिष्ठ संस्कृतिकर्मी विनोद शंकर मिश्र ने कहा कि बिदेशिया के माध्यम से उन्होंने स्त्री के दर्द, उसके वियोग और दुख को समाज के सामने रखा. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="684" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-bhikhari-thakur-punyatithi-sutradhar-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91061" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-bhikhari-thakur-punyatithi-sutradhar-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-bhikhari-thakur-punyatithi-sutradhar-650x434.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>अरुण सिंह ने कहा कि वो स्त्री के मन के मर्म को जिस तरह से समझ कर अपने नाटकों के माध्यम से सामने रखते थे. वो उनकी विशिष्टता थी. अरुण सिंह पिंटू ने बेटी बेचवा के गीत का उदाहरण देते हुआ कहा कि जितनी सरल भाषा में उन्होंने लिखा है उतना सरल और प्रभावी तरीके से किसी ने नहीं लिखा. दीनानाथ प्रसाद यादव ने कहा भिखारी ठाकुर को शेक्सपियर से भी बड़ी चीज़ थे, भोजपुरी के जीवंत पुरोधा थे. संबोधित करने वालों में जय प्रकाश मिश्र, प्रीतम कुमार, अशोक कुणाल आदि शामिल थे भिखारी ठाकुर जी जुड़ी यादों को साझा किया. इस मौके पर चंदू प्रिंस मोहन पासवान, अनीता देवी, अमरजीत शर्मा, अमन कुमार समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे.</p>



<p><strong><em>अजीत</em></strong></p>
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		<title>नये चीफ सेक्रेटरी की नियुक्ति के साथ कई विभागों में फेरबदल</title>
		<link>https://www.patnanow.com/change-in-departments/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 31 Aug 2024 17:18:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। बिहार में नए मुख्य सचिव की नियुक्ति के साथ ही कई विभागों में फेरबदल सरकार ने किया है. सहकारिता विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल को जल संसाधन विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है. प्रेम सिंह मीणा को समाज कल्याण विभाग से स्थानांतरित करते हुए मगध प्रमंडल का आयुक्त बनाया गया है. तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गोपाल मीणा को सारण प्रमंडल का आयुक्त बनाया गया है. स्वास्थ्य विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह को वाणिज्य कर विभाग का सचिव बनाया गया है. राजस्व विभाग के सचिव जय सिंह को वित्त विभाग के संसाधन सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. कला संस्कृति विभाग में पदस्थापित अपर मुख्य सचिव हरजोत कौर अब समाज कल्याण विभाग की अपर मुख्य सचिव होगी. हरजोत कौर के पास बिहार राज्य महिला एवं बाल विकास निगम का भी अतिरिक्त प्रभार होगा. प्रतिमा एस वर्मा को आयुक्त वाणिज्य कर विभाग से स्थानांतरित कर दिया गया है. अब प्रतिमा एस वर्मा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव का पद संभालेंगी. सारण प्रमंडल के आयुक्त एम सरवणन अब तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त होंगे. पंकज कुमार पाल को ग्रामीण विकास विभाग से स्थानांतरित करते हुए सचिव ऊर्जा विभाग बनाया गया है.लोकेश कुमार सिंह, सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग को स्थानांतरित करते हुए वित्त विभाग के सचिव के तौर पर पदस्थापित किया गया है. कुंदन कुमार को स्थानिक आयुक्त बिहार भवन से स्थानांतरित करते हुए प्रबंध निदेशक बियाडा बनाया गया है. कृषि विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल को परिवहन के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना।। बिहार में नए मुख्य सचिव की नियुक्ति के साथ ही कई विभागों में फेरबदल सरकार ने किया है. सहकारिता विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल को जल संसाधन विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है. प्रेम सिंह मीणा को समाज कल्याण विभाग से स्थानांतरित करते हुए मगध प्रमंडल का आयुक्त बनाया गया है. तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गोपाल मीणा को सारण प्रमंडल का आयुक्त बनाया गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="922" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-bihar-sachivalaya-secretariat-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-85590" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-bihar-sachivalaya-secretariat-scaled.jpg 922w, https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-bihar-sachivalaya-secretariat-585x650.jpg 585w" sizes="auto, (max-width: 922px) 100vw, 922px" /></figure>



<p>स्वास्थ्य विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह को वाणिज्य कर विभाग का सचिव बनाया गया है. राजस्व विभाग के सचिव जय सिंह को वित्त विभाग के संसाधन सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. कला संस्कृति विभाग में पदस्थापित अपर मुख्य सचिव हरजोत कौर अब समाज कल्याण विभाग की अपर मुख्य सचिव होगी. हरजोत कौर के पास बिहार राज्य महिला एवं बाल विकास निगम का भी अतिरिक्त प्रभार होगा. प्रतिमा एस वर्मा को आयुक्त वाणिज्य कर विभाग से स्थानांतरित कर दिया गया है. अब प्रतिमा एस वर्मा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव का पद संभालेंगी. सारण प्रमंडल के आयुक्त एम सरवणन अब तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त होंगे. पंकज कुमार पाल को ग्रामीण विकास विभाग से स्थानांतरित करते हुए सचिव ऊर्जा विभाग बनाया गया है.<br>लोकेश कुमार सिंह, सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग को स्थानांतरित करते हुए वित्त विभाग के सचिव के तौर पर पदस्थापित किया गया है. कुंदन कुमार को स्थानिक आयुक्त बिहार भवन से स्थानांतरित करते हुए प्रबंध निदेशक बियाडा बनाया गया है.</p>



<p>कृषि विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल को परिवहन के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है. नगर विकास विभाग की सचिव डॉ आशिमा जैन को परिवहन विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. डॉ वीरेंद्र प्रसाद यादव को सहकारिता विभाग से ट्रांसफर करते हुए कृषि विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है </p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<item>
		<title>प्रणय प्रियंवद के कविता संग्रह &#8216; कस्तूरी &#8216; के अंगिका अनुवाद का विमोचन</title>
		<link>https://www.patnanow.com/book-vimochan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 12 Apr 2022 04:45:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[art and culture]]></category>
		<category><![CDATA[Pranay priyambad]]></category>
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					<description><![CDATA[डॉ. अमरेन्द्र ने किया है अनुवाद, अंगिका विभाग में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में किया गया विमोचन भागलपुर।। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के अंगिका विभाग में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रणय प्रियंवद की हिंदी कविताओं के अंगिका अनुवाद &#8211; संग्रह &#8216; कस्तूरी &#8216; का विमोचन किया गया. इस अवसर पर अनुवाद करने वाले अंगिका के वरिष्ठ लेखक डॉ. अमरेन्द्र ने कहा कि प्रणय प्रियंवद संस्कृति के कवि हैं, राग के कवि हैं, इसी से इनकी कविताओं की भाषा भी हृदय- सत्ता से संचालित हैं, माधुर्य गुण से सम्पन्न है, लेकिन लक्षणा- व्यंजना का साथ भी नहीं छोड़तीं। साम्प्रदायिकता जैसे विषय पर कविता लिखते हुए जहां कई कवि बेहद उग्र दिखते हैं, वहां भी यह कवि तथागत की मुद्रा में सिर्फ गंभीरता से विचार ही करता दिखाई नहीं देता है, अभिव्यक्ति की कटुता को ढंकने के लिए फैंटेसी को साथ कर लेता है। कवि की प्रतिभा जरूरत के हिसाब से जन-भाषा की परिचित संज्ञाओं को प्रतीक बना लेती है । प्रतीकों के निर्माण में भी कवि कहीं भी जन सामान्य की समझ से अलग दिखने की कोशिश नहीं करता.विश्वविद्यालय अंगिका विभाग में डॉ. योगेन्द्र की अध्यक्षता में राष्ट्रीय संगोष्ठी के प्रथम दिन का कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में डॉ. योगेन्द्र व डॉ. अमरेन्द्र के अलावा भागलपुर यूनिवर्सिटी के छात्र कल्याण संकायध्यक्ष राम प्रवेश सिंह, अनिरुद्ध विमल आदि की उपस्थिति खास रही.राष्ट्रीय संगोष्ठी में डॉं. योगेन्द्र ने अंगिका के पक्ष में वजनदार तर्क दिए। अंगिका भाषा की वर्त्तनी पर डॉ. पवन सिंह ने कई सुझाव रखे। अनिरुद्ध प्रसाद विमल, डॉ. मृदुला शुक्ला, डॉ. प्रदीप [&#8230;]]]></description>
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<p>डॉ. अमरेन्द्र ने किया है अनुवाद, अंगिका विभाग में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में किया गया विमोचन </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="354" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/04/pnc-pranay-priyambad-book-vimochan.jpg" alt="" class="wp-image-60725" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/04/pnc-pranay-priyambad-book-vimochan.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/04/pnc-pranay-priyambad-book-vimochan-350x191.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>भागलपुर।। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के अंगिका विभाग में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रणय प्रियंवद की हिंदी कविताओं के अंगिका अनुवाद &#8211; संग्रह &#8216; कस्तूरी &#8216; का विमोचन किया गया. इस अवसर पर अनुवाद करने वाले अंगिका के वरिष्ठ लेखक डॉ. अमरेन्द्र ने कहा कि प्रणय प्रियंवद संस्कृति के कवि हैं, राग के कवि हैं, इसी से इनकी कविताओं की भाषा भी हृदय- सत्ता से संचालित हैं, माधुर्य गुण से सम्पन्न है, लेकिन लक्षणा- व्यंजना का साथ भी नहीं छोड़तीं। साम्प्रदायिकता जैसे विषय पर कविता लिखते हुए जहां कई कवि बेहद उग्र दिखते हैं, वहां भी यह कवि तथागत की मुद्रा में सिर्फ गंभीरता से विचार ही करता दिखाई नहीं देता है, अभिव्यक्ति की कटुता को ढंकने के लिए फैंटेसी को साथ कर लेता है। कवि की प्रतिभा जरूरत के हिसाब से जन-भाषा की परिचित संज्ञाओं को प्रतीक बना लेती है । प्रतीकों के निर्माण में भी कवि कहीं भी जन सामान्य की समझ से अलग दिखने की कोशिश नहीं करता.<br>विश्वविद्यालय अंगिका विभाग में डॉ. योगेन्द्र की अध्यक्षता में राष्ट्रीय संगोष्ठी के प्रथम दिन का कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में डॉ. योगेन्द्र व डॉ. अमरेन्द्र के अलावा भागलपुर यूनिवर्सिटी के छात्र कल्याण संकायध्यक्ष राम प्रवेश सिंह, अनिरुद्ध विमल आदि की उपस्थिति खास रही.<br>राष्ट्रीय संगोष्ठी में डॉं. योगेन्द्र ने अंगिका के पक्ष में वजनदार तर्क दिए। अंगिका भाषा की वर्त्तनी पर डॉ. पवन सिंह ने कई सुझाव रखे। अनिरुद्ध प्रसाद विमल, डॉ. मृदुला शुक्ला, डॉ. प्रदीप प्रभात और डा. ब्रह्मदेव कुमार ने विभिन्न विषयों पर महत्वपूर्ण आलेखों का पाठ किया। संगोष्ठी का संचालन किया स्नातकोत्तर हिंदी विभाग की व्याख्याता डॉ. सुजाता कुमारी ने.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कोरोना प्रभावित ग्रामीण कलाकारों को मिलेगी आर्थिक मदद</title>
		<link>https://www.patnanow.com/corona-affected-artists-to-get-help/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 19 Apr 2020 09:01:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[art and culture]]></category>
		<category><![CDATA[corona update]]></category>
		<category><![CDATA[patnanow]]></category>
		<category><![CDATA[कोरोना अपडेट]]></category>
		<category><![CDATA[खेल मंत्री]]></category>
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					<description><![CDATA[कला,&#160;संस्कृति एवं युवा विभाग देगा बिहार के ग्रामीण कलाकारों को प्रोत्&#x200d;साहन कोरोना संकट के बीच बिहार के कला,&#160;संस्&#x200d;कृति एवं युवा विभाग ने ग्रामीण कलाकारों की मदद की पहल की है. कला संस्कृति एवं युवा विभाग बिहार सरकार के मंत्री प्रमोद कुमार ने बताया कि यह बिहार के उन कलाकारों के लिए है जो ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करते हैं और अपनी आजीविका हेतु पूर्ण रूप से कला लोक कला के प्रदर्शन पर निर्भर हैं. इसे लेकर कला,&#160;संस्कृति एवं युवा विभाग युवा विभाग ने एक पत्र जारी किया है. इस बारे में मंत्री ने बताया कि आधार कार्ड में दर्ज पता ग्रामीण क्षेत्र तय करने का आधार होगा. इसके तहत बिहार की कोई भी प्रदर्शनकारी लोक कला,&#160;लोक वाद्य यंत्र,&#160;वादन,&#160;एकल नृत्य,&#160;एकल लोकगायन आदि सम्मिलित किया जा सकता है. पत्रता के संबंध में तथा प्राथमिकताएं तय करने के संबंध में निर्णय लेने का पूर्ण अधिकार बिहार सरकार के कला संस्कृति एवं युवा विभाग का होगा. किसी भी तरह के फिल्मी गीतों अथवा फिल्मी गीतों पर आधारित नृत्य का वीडियो इस योजना के लिए वैध नहीं होगा. प्रमोद कुमार ने कलाकारों से अपील की है कि वह कोरोना महामारी की रोकथाम हेतु सरकार द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रम जागरूकता तथा इस महामारी के संबंध में संबंधित बचाओ उपायों से संबंधित अपनी कला प्रस्तुति का 15 से 20 मिनट का वीडियो अपने स्थान पर रहकर तैयार कर विभाग द्वारा जारी ईमेल आईडी culturebihar@gmail.com पर अटैच या अपलोड कर भेजें. कला संस्कृति एवं खेल मंत्री ने विभागीय पत्र के हवाले से कहा कि प्रस्तुति की रिकॉर्डिंग के समय [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>कला</strong><strong>,&nbsp;संस्कृति एवं युवा विभाग देगा बिहार के ग्रामीण कलाकारों को प्रोत्&#x200d;साहन</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="411" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/04/pnc-pramod-kumar-sports-and-culture-minister-on-corona.jpg" alt="" class="wp-image-44324" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/04/pnc-pramod-kumar-sports-and-culture-minister-on-corona.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2020/04/pnc-pramod-kumar-sports-and-culture-minister-on-corona-350x221.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>कोरोना संकट के बीच बिहार के कला,&nbsp;संस्&#x200d;कृति एवं युवा विभाग ने ग्रामीण कलाकारों की मदद की पहल की है. कला संस्कृति एवं युवा विभाग बिहार सरकार के मंत्री प्रमोद कुमार ने बताया कि यह बिहार के उन कलाकारों के लिए है जो ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करते हैं और अपनी आजीविका हेतु पूर्ण रूप से कला लोक कला के प्रदर्शन पर निर्भर हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="459" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/04/pnc-art-and-culture-department-letter-on-corona.jpg" alt="" class="wp-image-44323" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/04/pnc-art-and-culture-department-letter-on-corona.jpg 459w, https://www.patnanow.com/assets/2020/04/pnc-art-and-culture-department-letter-on-corona-268x350.jpg 268w" sizes="auto, (max-width: 459px) 100vw, 459px" /></figure>



<p>इसे लेकर कला,&nbsp;संस्कृति एवं युवा विभाग युवा विभाग ने एक पत्र जारी किया है. इस बारे में मंत्री ने बताया कि आधार कार्ड में दर्ज पता ग्रामीण क्षेत्र तय करने का आधार होगा. इसके तहत बिहार की कोई भी प्रदर्शनकारी लोक कला,&nbsp;लोक वाद्य यंत्र,&nbsp;वादन,&nbsp;एकल नृत्य,&nbsp;एकल लोकगायन आदि सम्मिलित किया जा सकता है. पत्रता के संबंध में तथा प्राथमिकताएं तय करने के संबंध में निर्णय लेने का पूर्ण अधिकार बिहार सरकार के कला संस्कृति एवं युवा विभाग का होगा. किसी भी तरह के फिल्मी गीतों अथवा फिल्मी गीतों पर आधारित नृत्य का वीडियो इस योजना के लिए वैध नहीं होगा.</p>



<p>प्रमोद कुमार ने कलाकारों से अपील की है कि वह कोरोना महामारी की रोकथाम हेतु सरकार द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रम जागरूकता तथा इस महामारी के संबंध में संबंधित बचाओ उपायों से संबंधित अपनी कला प्रस्तुति का 15 से 20 मिनट का वीडियो अपने स्थान पर रहकर तैयार कर विभाग द्वारा जारी ईमेल आईडी <strong><a rel="noreferrer noopener" href="mailto:culturebihar@gmail.com" target="_blank">culturebihar@gmail.com</a></strong> पर अटैच या अपलोड कर भेजें.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="515" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/04/pnc-pramod-kumar-sports-and-culture-minister-bihar-on-corona.jpg" alt="" class="wp-image-44321" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/04/pnc-pramod-kumar-sports-and-culture-minister-bihar-on-corona.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2020/04/pnc-pramod-kumar-sports-and-culture-minister-bihar-on-corona-350x277.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>कला संस्कृति एवं खेल मंत्री ने विभागीय पत्र के हवाले से कहा कि प्रस्तुति की रिकॉर्डिंग के समय सोशल डिस्टेंस का पूर्ण पालन करना अनिवार्य होगा. एक से अधिक व्यक्ति उस प्रस्तुति में शामिल ना हों. कलाकार अपने प्रदर्शन से पहले अपना पूरा परिचय देंगे. जैसे – नाम, पिता का नाम, पूर्ण पता और मोबाइल नंबर बोलकर दर्ज करें. उसके बाद बतायें कि वह कौन सी कला का प्रदर्शन करने जा रहे हैं. यानी कला का नाम बतायें और फिर अपनी प्रस्तुति आरंभ करें. वीडियो की कुल अवधि 15 से 20 मिनट से अधिक न हो इसका ख्&#x200d;याल करें.</p>



<p>उन्&#x200d;होंने आगे बताया कि  इस वीडियो को अटैचमेंट के रूप में अपलोड करने के साथ-साथ ईमेल में निम्नांकित विवरण भी दर्ज करें. जैसे – नाम, पिता/पति का नाम, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, कला का नाम, पता, स्वयं के बैंक खाते का विवरण अंग्रेजी में नाम, बैंक अकाउंट नंबर, बैंक का नाम और आईएफएससी कोड, आधार कार्ड की फोटो एवं एक चेक उपलब्ध हो तो फोटो उसका फोटो अटैच करें.  वीडियो रिकॉर्डिंग किसी भी मोबाइल कैमरे से अच्छे कैमरे से की जा सकती है. बस वीडियो कम से कम इस स्तर का हो कि लोग उसको देखकर स्पष्ट परिस्थिति का आनंद ले सकें और मूल्यांकन समिति द्वारा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने योग्य समझा जाए. इस वीडियो की विभाग द्वारा गठित एक मूल्यांकन समिति द्वारा समीक्षा की जाएगी. यदि प्रस्तुति उपयुक्त पाई गई तो उसका चयन कर विभाग द्वारा संबंधित को सूचना विभागीय वेबसाइट  <strong><a href="http://www.yac.bih.nic.in/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">www.yac.bih.nic.in</a></strong>  के माध्यम से दी जाएगी. इसके बाद निर्धारित दरों पर कलाकारों को सीधे भुगतान उनके बैंक अकाउंट में किया जाएगा.</p>



<p>विभागीय पत्र के अनुसार,&nbsp;इसका कारण कार्यान्वयन हेतु नोडल एजेंसी सांस्कृतिक कार्यालय कार्य निदेशालय होगी,&nbsp;मूल्यांकन समिति का गठन कला संस्कृति एवं युवा विभाग के पूर्व अनुमति से नोडल एजेंसी द्वारा किया जाएगा. व्याख्या संबंधित विवाद तथा अन्य विवाद पर कला संस्कृति विभाग का निर्णय अंतिम होगा. इसके संबंध में कोई अपील नहीं किया जा सकेगा. यह कार्यक्रम सहायतास्&#x200d;वरूप है,&nbsp;इसलिए न्यायालय में कोई वाद दायर नहीं किया जा सकेगा. इसका क्रियान्वयन कला संस्कृति एवं युवा विभाग के सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन से संबंधित कांचन कार्यशाला सेमिनार मद के अंतर्गत किया जाएगा.</p>
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