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	<title>Ara sadar hospital &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>Ara sadar hospital &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>नॉर्मल डिलीवरी से हुए एक साथ तीन बच्चे !</title>
		<link>https://www.patnanow.com/three-child-together-in-normal-delivery/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 11 Jan 2023 10:27:41 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आरा,11 जनवरी. आपने जुड़वा बच्चे के जन्म के बारे में तो सुना होगा लेकिन क्या आपने कभी एक साथ तीन बच्चों के जन्म की बात सुनी है? तो आइए आपको बता दें कि भोजपुर के तरारी प्रखंड के सिकरहट्टा थाना के इटहुरी गांव की एक महिला ने आरा सदर अस्पताल में एक साथ तीन बच्चे को जन्म दिया है.जन्म लेने वाले तीनों बच्चे लड़के है महिला इटहुरी गांव के रहने वाले बिंकटेश पंडित की 24 वर्षीय पत्नी शोभा देवी बतायी जाती है. बच्चों का जन्म मंगलवार को आरा सदर अस्पताल के प्रसूति वार्ड में हुई. नॉर्मल डिलीवरी के जरिए तीनों बच्चों का जन्म हुआ है और तीनों बच्चे स्वस्थ है. एक साथ तीन बच्चे की जन्म की खबर के बाद उसे देखने के लिए प्रसूति वार्ड में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. परिजनों ने बताया कि उसे पहले से एक 5 वर्ष की पुत्री एवं तीन वर्ष का पुत्र है. डिलीवरी से पूर्व महिला की हालत काफी बिगड़ी हुई है. लेकिन डॉक्टरों के प्रयास से उसने तीन बेटों को बिना ऑपरेशन के ही जन्म दिया. तीन बच्चों के इस विशेष केस के वक्त मौजूद ऑन ड्यूटी चिकित्सक डॉ.शाजिया बदर के अनुसार नार्मल डिलीवरी का उन्हें यकीन नही था. क्योंकि लेबर पेन से पीड़ित महिला की स्थिति ठीक नहीं थी. इसके पूर्व भी भोजपुर में 3 बच्चों के साथ डिलीवरी का 3-4 केस पाया गया है. आरा से ओ पी पांडेय की रिपोर्ट]]></description>
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<p>आरा,11 जनवरी. आपने जुड़वा बच्चे के जन्म के बारे में तो सुना होगा लेकिन क्या आपने कभी एक साथ तीन बच्चों के जन्म की बात सुनी है? तो आइए आपको बता दें कि भोजपुर के तरारी प्रखंड के सिकरहट्टा थाना के इटहुरी गांव की एक महिला ने आरा सदर अस्पताल में एक साथ तीन बच्चे को जन्म दिया है.जन्म लेने वाले तीनों बच्चे लड़के है महिला इटहुरी गांव के रहने वाले बिंकटेश पंडित की 24 वर्षीय पत्नी शोभा देवी बतायी जाती है. बच्चों का जन्म मंगलवार को आरा सदर अस्पताल के प्रसूति वार्ड में हुई. नॉर्मल डिलीवरी के जरिए तीनों बच्चों का जन्म हुआ है और तीनों बच्चे स्वस्थ है. एक साथ तीन बच्चे की जन्म की खबर के बाद उसे देखने के लिए प्रसूति वार्ड में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. परिजनों ने बताया कि उसे पहले से एक 5 वर्ष की पुत्री एवं तीन वर्ष का पुत्र है. डिलीवरी से पूर्व महिला की हालत काफी बिगड़ी हुई है. लेकिन डॉक्टरों के प्रयास से उसने तीन बेटों को बिना ऑपरेशन के ही जन्म दिया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="512" height="382" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/01/PNC_three-child-delivery.jpg" alt="" class="wp-image-70707" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/01/PNC_three-child-delivery.jpg 512w, https://www.patnanow.com/assets/2023/01/PNC_three-child-delivery-350x261.jpg 350w" sizes="(max-width: 512px) 100vw, 512px" /></figure>



<p>तीन बच्चों के इस विशेष केस के वक्त मौजूद ऑन ड्यूटी चिकित्सक डॉ.शाजिया बदर के अनुसार नार्मल डिलीवरी का उन्हें यकीन नही था. क्योंकि लेबर पेन से पीड़ित महिला की स्थिति ठीक नहीं थी. इसके पूर्व भी भोजपुर में 3 बच्चों के साथ डिलीवरी का 3-4 केस पाया गया है.</p>



<p>आरा से <strong>ओ पी पांडेय</strong> की रिपोर्ट</p>
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			</item>
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		<title>गर्भावस्था में एनीमिया से बचने के लिए नियमित कराइए ANC जांच</title>
		<link>https://www.patnanow.com/anc-check-is-necessary-for-pregnant-women/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 04 Jun 2022 04:55:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[We Care]]></category>
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					<description><![CDATA[गर्भावस्था में एनीमिया प्रबंधन के लिये नियमित ANC जांच बेहद जरूरी प्रत्येक माह की 9वीं तिथि को जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में होती है गर्भवती महिलाओं की जांच प्रसव पूर्व जांच के प्रति महिलाओं की जागरूकता एनीमिया रोकथाम में सहायकआरा, 04 जून. गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को खानपान का विशेष ध्यान रखना होता है, लेकिन सबसे जरूरी बात यह रहती है कि इस दौरान गर्भवती महिलाएं किसी गंभीर रोग की चपेट में न आ जाएं. इन्हीं बीमारियों में से एक है एनीमिया. जिसके कारण न केवल गर्भवती महिलाओं को बल्कि उनके गर्भ में पल रहे बच्चों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. वहीं, कई मामलों में एनीमिया के कारण प्रसव के दौरान जटिलतायें भी बढ़ जाती है, जिसके कारण अधिक रक्त स्राव से गर्भवतियों की मौत की भी संभावना होती है. इसलिए गर्भावस्था में बेहतर शिशु विकास एवं प्रसव के दौरान होने वाली रक्त स्राव प्रबंधन के लिए महिलाओं में पर्याप्त मात्रा में खून होना आवश्यक होता है. एनीमिया प्रबंधन के लिए प्रसव पूर्व जांच के प्रति महिलाओं की जागरूकता ना सिर्फ एनीमिया रोकथाम में सहायक होती है बल्कि सुरक्षित मातृत्व की आधारशिला भी तैयार करती है. पूर्व जांच नहीं कराना एनीमिया का प्रमुख कारण : राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 के आंकड़ों के अनुसार जिले में 15 से 49 वर्ष के मध्य आयु की 68.3 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं. गर्भावस्था में 4 प्रसव पूर्व जांच नहीं कराना एनीमिया का प्रमुख कारण है. आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 33.5 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं ही 4 [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>गर्भावस्था में एनीमिया प्रबंधन के लिये नियमित ANC जांच बेहद जरूरी</strong></p>



<p><strong>प्रत्येक माह की 9वीं तिथि को जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में होती है गर्भवती महिलाओं की जांच</strong></p>



<p><strong>प्रसव पूर्व जांच के प्रति महिलाओं की जागरूकता एनीमिया रोकथाम में सहायक</strong><br>आरा, 04 जून. गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को खानपान का विशेष ध्यान रखना होता है, लेकिन सबसे जरूरी बात यह रहती है कि इस दौरान गर्भवती महिलाएं किसी गंभीर रोग की चपेट में न आ जाएं. इन्हीं बीमारियों में से एक है एनीमिया. जिसके कारण न केवल गर्भवती महिलाओं को बल्कि उनके गर्भ में पल रहे बच्चों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. वहीं, कई मामलों में एनीमिया के कारण प्रसव के दौरान जटिलतायें भी बढ़ जाती है, जिसके कारण अधिक रक्त स्राव से गर्भवतियों की मौत की भी संभावना होती है. इसलिए गर्भावस्था में बेहतर शिशु विकास एवं प्रसव के दौरान होने वाली रक्त स्राव प्रबंधन के लिए महिलाओं में पर्याप्त मात्रा में खून होना आवश्यक होता है. एनीमिया प्रबंधन के लिए प्रसव पूर्व जांच के प्रति महिलाओं की जागरूकता ना सिर्फ एनीमिया रोकथाम में सहायक होती है बल्कि सुरक्षित मातृत्व की आधारशिला भी तैयार करती है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="608" height="505" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/06/IMG-20220603-WA0020.jpg" alt="" class="wp-image-63088" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/06/IMG-20220603-WA0020.jpg 608w, https://www.patnanow.com/assets/2022/06/IMG-20220603-WA0020-350x291.jpg 350w" sizes="(max-width: 608px) 100vw, 608px" /></figure>



<p><strong>पूर्व जांच नहीं कराना एनीमिया का प्रमुख कारण :</strong></p>





<p>राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 के आंकड़ों के अनुसार जिले में 15 से 49 वर्ष के मध्य आयु की 68.3 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं. गर्भावस्था में 4 प्रसव पूर्व जांच नहीं कराना एनीमिया का प्रमुख कारण है. आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 33.5 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं ही 4 प्रसव पूर्व जांच कराती हैं। जो वर्ष 2015-16 में 16.1 प्रतिशत थी. विभागीय प्रयासों और लोगों में जागरूकता के कारण प्रसव पूर्व चार एएनसी जांच में 17.4 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है.</p>



<p><strong>हर माह सरकारी अस्पतालों में होती गर्भवतियों की जांच :</strong></p>



<p>प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रत्येक माह की 9वीं तिथि को सभी सरकारी अस्पातलों में शिविर का आयोजन किया जाता है. जिसमें गर्भवती महिलाओं में प्रसव पूर्व नियमित रूप से विभिन्न जांच की जाती है. जिसके आधार पर गर्भवतियों को एनेमिक या गंभीर एनेमिक होने की जानकारी भी जाती है. एनेमिक महिलाओं को तीन श्रेणी में रखा जाता है. 10 ग्राम से 10.9 ग्राम खून होने पर माइल्ड एनीमिया, 7 ग्राम से 9.9 ग्राम खून होने पर मॉडरेट एनीमिया एवं 7 ग्राम से कम खून होने पर सीवियर एनीमिया होता है. गंभीर एनेमिक की श्रेणी की गर्भवतियों को प्रथम रेफरल यूनिट में ही प्रसव कराने की सलाह दी जाती है ताकि, प्रसव की जटिलताओं से आसानी से निपटारा पाया जा सके.</p>



<p><strong>जागरूकता से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी संभव:</strong></p>



<pre class="wp-block-preformatted"></pre>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="585" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/06/IMG-20220603-WA0023.jpg" alt="" class="wp-image-63089" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/06/IMG-20220603-WA0023.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/06/IMG-20220603-WA0023-350x315.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>गर्भवती महिलाओं को सामान्य से अधिक आयरन की जरूरत होती है ताकि बढ़ते शिशु के लिए शरीर में खून बनता रहे. इसलिये आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविकाओं और आशा दीदियों के द्वारा सामुदायिक स्तर पर गर्भवती महिलाओं को बेहतर खान-पान की जानकारी दी जाती है. ताकि, एनीमिया के विषय में संपूर्ण जानकारी से प्रसव के दौरान होने वाली मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लायी जा सके. गर्भवती महिलाओं को अपने आहार में आयरन युक्त खाद्य पदार्थों के अलावा, मौसमी फल, स्किनलेश चिकन, मछली, अच्छी तरह से पके अंडे, दाल, हरे पत्तीदार सब्जियां, फलियां, मेवा और अनाज का प्रयोग करने की सलाह दी जाती है.</p>



<p></p>



<p><strong>PNCB</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>क्यों नहीं सुधर रहा आरा सदर अस्पताल</title>
		<link>https://www.patnanow.com/tenua-bhojpur-road-accident/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 02 Sep 2020 17:38:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Ara sadar hospital]]></category>
		<category><![CDATA[Tenis]]></category>
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					<description><![CDATA[आरा, विकास कुमार एवं धन्नू कुमार नाम के ये दोनों युवक अपने गांव तेनुआ (भोजपुर)से गैस सिलिंडर लेने आ रहे थे रास्ते में धमार हाई स्कूल के पास बारिश और फिसलन के चलते उनका एक्सीडेंट हो गया और वे बुरी तरह से घायल हो गए. जल्दीबाज़ी में उन्हें आरा सदर अस्पताल के एमरजेंसी वार्ड में लाया गया जहाँ सिर में अंदरूनी चोट के कारण दोनों काफी देर तक बेहोश पड़े रहे. डॉक्टरों के द्वारा उन्हें बाहर से CT स्कैन करने की सलाह दी गई क्योंकि अस्पताल की CT स्कैन मशीन काफी दिनों से खराब पड़ी है. रोगी को लेकर उनके परिजन इधर उधर एक जांच घर से दूसरे जांच घर भटकते रहे. अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में बिस्तर-कम्बल तक की व्यवस्था नही है. अंतिम समाचार मिलने तक दोनों घायल युवकों की स्थिति काफी नाज़ुक बताई जा रही है. जहां एक तरफ बिहार सरकार द्वारा सरकारी अस्पतालों के बेहतरी की बात बताई जाती है वही धरातल पर सभी बातें जुमला साबित हो रही हैं. सदर अस्पताल में कोरोना को लेकर बिल्कुल भी किसी प्रोटोकॉल का पालन नहीं हो रहा है जबकि जिले में कोरोना के मामलों में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है. अस्पताल के डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्यकर्मी बिना पी पी ई किट के ही मरीजों का इलाज कर रहे हैं. पटना नाउ ब्यूरो]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>आरा, विकास कुमार एवं धन्नू कुमार नाम के ये दोनों युवक अपने गांव तेनुआ (भोजपुर)से गैस सिलिंडर लेने आ रहे थे रास्ते में धमार हाई स्कूल के पास बारिश और फिसलन के चलते उनका एक्सीडेंट हो गया और वे बुरी तरह से घायल हो गए.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="308" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/09/IMG-20200902-WA0026.jpg" alt="" class="wp-image-49345" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/09/IMG-20200902-WA0026.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2020/09/IMG-20200902-WA0026-350x166.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>जल्दीबाज़ी में उन्हें आरा सदर अस्पताल के एमरजेंसी वार्ड में लाया गया जहाँ सिर में अंदरूनी चोट के कारण दोनों काफी देर तक बेहोश पड़े रहे. डॉक्टरों के द्वारा उन्हें बाहर से CT स्कैन करने की सलाह दी गई क्योंकि अस्पताल की CT स्कैन मशीन काफी दिनों से खराब पड़ी है. रोगी को लेकर उनके परिजन इधर उधर एक जांच घर से दूसरे जांच घर भटकते रहे. अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में बिस्तर-कम्बल तक की व्यवस्था नही है. अंतिम समाचार मिलने तक दोनों घायल युवकों की स्थिति काफी नाज़ुक बताई जा रही है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="492" height="530" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/09/IMG-20200902-WA0027.jpg" alt="" class="wp-image-49346" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/09/IMG-20200902-WA0027.jpg 492w, https://www.patnanow.com/assets/2020/09/IMG-20200902-WA0027-325x350.jpg 325w" sizes="(max-width: 492px) 100vw, 492px" /></figure>



<p>जहां एक तरफ बिहार सरकार द्वारा सरकारी अस्पतालों के बेहतरी की बात बताई जाती है वही धरातल पर सभी बातें जुमला साबित हो रही हैं. सदर अस्पताल में कोरोना को लेकर बिल्कुल भी किसी प्रोटोकॉल का पालन नहीं हो रहा है जबकि जिले में कोरोना के मामलों में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है. अस्पताल के डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्यकर्मी बिना पी पी ई किट के ही मरीजों का इलाज कर रहे हैं.</p>



<p><strong><em>पटना नाउ ब्यूरो</em></strong></p>
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