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	<title>Aiims &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>रीढ़ में धंसे 35 मिमी मछली के कांटे को निकाल डॉक्टरों ने रचा इतिहास.</title>
		<link>https://www.patnanow.com/aiims-record/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 02 Apr 2026 18:12:50 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[रिकॉर्ड बुक में दर्ज हुआ एम्स के डॉक्टरों का कीर्तिमान फुलवारी शरीफ, अजीत।। खामोशी के बीच जिंदगी और मौत की जंग में आखिरकार जीत इंसानी हौसले की हुई, जब एम्स पटना के डॉक्टरों ने रीढ़ की हड्डी में धंसे 35 मिमी लंबे मछली के कांटे को सफलतापूर्वक निकालकर चिकित्सा जगत में नया इतिहास रच दिया.इस असाधारण सर्जरी को अब लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स 2026 में भी स्थान मिला है, जिससे यह उपलब्धि राष्ट्रीय स्तर पर दर्ज हो गई है.घटना 9 मार्च 2025 की है, जब 42 वर्षीय एक मरीज की सर्वाइकल स्पाइन में गहराई तक मछली का नुकीला कांटा धंस गया था, जिससे जरा सी चूक स्थायी अपंगता का कारण बन सकती थी. ऐसी जटिल स्थिति में एम्स पटना की न्यूरोसर्जरी टीम ने चुनौती स्वीकार की और सटीक रणनीति के साथ ऑपरेशन की तैयारी की गई.न्यूरोसर्जरी टीम का नेतृत्व डॉ. सरज कुमार सिंह कर रहे थे, जबकि उनके साथ डॉ. क्रांति भावना भी प्रमुख भूमिका में थीं.सुबह करीब 9 बजे ऑपरेशन थिएटर में शुरू हुई सर्जरी लगातार 4 घंटे 5 मिनट तक चली, जिसमें हर पल बेहद संवेदनशील और जोखिम भरा था. डॉक्टरों की टीम ने रीढ़ की बेहद नाजुक संरचना के बीच मिलीमीटर दर मिलीमीटर आगे बढ़ते हुए बिना नसों को नुकसान पहुंचाए कांटे को बाहर निकालने में सफलता हासिल की.सर्जरी के दौरान सटीकता और संयम का ऐसा प्रदर्शन हुआ कि यह ऑपरेशन चिकित्सा कौशल की एक मिसाल बन गया.डॉ. सरज कुमार सिंह ने बताया कि रीढ़ के इतने करीब सर्जरी करना जीवन की सबसे नाजुक रेखा पर चलने [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>रिकॉर्ड बुक में दर्ज हुआ एम्स के डॉक्टरों का कीर्तिमान </strong></p>



<p><strong>फुलवारी शरीफ, अजीत।।</strong> खामोशी के बीच जिंदगी और मौत की जंग में आखिरकार जीत इंसानी हौसले की हुई, जब एम्स पटना के डॉक्टरों ने रीढ़ की हड्डी में धंसे 35 मिमी लंबे मछली के कांटे को सफलतापूर्वक निकालकर चिकित्सा जगत में नया इतिहास रच दिया.<br>इस असाधारण सर्जरी को अब लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स 2026 में भी स्थान मिला है, जिससे यह उपलब्धि राष्ट्रीय स्तर पर दर्ज हो गई है.<br>घटना 9 मार्च 2025 की है, जब 42 वर्षीय एक मरीज की सर्वाइकल स्पाइन में गहराई तक मछली का नुकीला कांटा धंस गया था, जिससे जरा सी चूक स्थायी अपंगता का कारण बन सकती थी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="514" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-aiims-record-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96081" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-aiims-record-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-aiims-record-650x327.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>ऐसी जटिल स्थिति में एम्स पटना की न्यूरोसर्जरी टीम ने चुनौती स्वीकार की और सटीक रणनीति के साथ ऑपरेशन की तैयारी की गई.<br>न्यूरोसर्जरी टीम का नेतृत्व डॉ. सरज कुमार सिंह कर रहे थे, जबकि उनके साथ डॉ. क्रांति भावना भी प्रमुख भूमिका में थीं.<br>सुबह करीब 9 बजे ऑपरेशन थिएटर में शुरू हुई सर्जरी लगातार 4 घंटे 5 मिनट तक चली, जिसमें हर पल बेहद संवेदनशील और जोखिम भरा था.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="964" height="932" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-aiims-doctor-record-in-limca-book-of-records.jpg" alt="" class="wp-image-96080" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-aiims-doctor-record-in-limca-book-of-records.jpg 964w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-aiims-doctor-record-in-limca-book-of-records-650x628.jpg 650w" sizes="(max-width: 964px) 100vw, 964px" /></figure>



<p>डॉक्टरों की टीम ने रीढ़ की बेहद नाजुक संरचना के बीच मिलीमीटर दर मिलीमीटर आगे बढ़ते हुए बिना नसों को नुकसान पहुंचाए कांटे को बाहर निकालने में सफलता हासिल की.<br>सर्जरी के दौरान सटीकता और संयम का ऐसा प्रदर्शन हुआ कि यह ऑपरेशन चिकित्सा कौशल की एक मिसाल बन गया.<br>डॉ. सरज कुमार सिंह ने बताया कि रीढ़ के इतने करीब सर्जरी करना जीवन की सबसे नाजुक रेखा पर चलने जैसा था, जहां हर निर्णय अत्यंत सावधानी से लेना पड़ता है.<br>डॉ. क्रांति भावना ने कहा कि यह केवल एक सर्जरी नहीं थी, बल्कि मरीज के विश्वास को बनाए रखने और उसे नई जिंदगी देने की जिम्मेदारी थी.<br>इस उपलब्धि पर एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने पूरी टीम को बधाई देते हुए इसे संस्थान की उत्कृष्टता और उन्नत चिकित्सा क्षमता का प्रतीक बताया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="705" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-aiims-in-limca-book-of-records-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96082" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-aiims-in-limca-book-of-records-scaled.jpg 705w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-aiims-in-limca-book-of-records-447x650.jpg 447w" sizes="(max-width: 705px) 100vw, 705px" /></figure>



<p>उन्होंने कहा कि यह सफलता दर्शाती है कि समर्पण, कौशल और आधुनिक तकनीक के बल पर असंभव दिखने वाली चुनौतियों को भी पार किया जा सकता है.<br>यह उपलब्धि न सिर्फ एम्स पटना बल्कि पूरे देश के चिकित्सा जगत के लिए गर्व का विषय बन गई है, जिसने यह साबित कर दिया कि सटीक प्रयास और मजबूत इरादों के आगे मुश्किलें भी रास्ता छोड़ देती हैं.</p>
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		<title>शिक्षा और अनुसंधान में अब मिलकर काम करेंगे पटना एम्स और आइजीआइएमएस</title>
		<link>https://www.patnanow.com/mou-between-aiims-and-igims/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 13 Jun 2023 18:02:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
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					<description><![CDATA[एम्स पटना और आईजीआईएमएस पटना में हुआ एम ओ यू शिक्षा, अनुसंधान, मरीजों के उपचार और देखभाल पर बनेंगे साझीदार फुलवारी शरीफ,अजीत ।। एम्स पटना और आईजीआईएमएस पटना बिहार के दो बड़े संस्थान शिक्षा, अनुसंधान और रोगी देखभाल में उन्नत तौर तरीके पर एक दूसरे से अपने विचार उपचार का आदान प्रदान करेंगे ताकि मरीजों का इलाज बेहतर तरीके से हो पाए साथ ही साथ मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान में बेहतर प्रदर्शन सामने आ सके. मंगलवार को इस संबंध में पटना एम्स और आइजीआइएमएस पटना के अधिकारी एक महत्वपूर्ण साझेदारी के लिए सहमत हुए हैं. इस संबंध में दोनों संस्थान ने एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करके क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. समझौता ज्ञापन दो प्रतिष्ठित संस्थानों के बीच एक सहयोगी ढांचा स्थापित करता है, जिसका उद्देश्य एम्स पटना में गुर्दे और यकृत प्रत्यारोपण प्रक्रियाओं पर विशेष ध्यान देने के साथ शिक्षा, अनुसंधान और रोगी देखभाल में प्रगतिको बढ़ावा देना है.साथ ही इस क्षेत्र में आनेवाली चुनौतियों से निपटना है. एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक डॉ. (प्रो.) जी के पाल ने सहयोग के बारे में उत्साह व्यक्त करते हुए कहा, &#8220;यह साझेदारी चिकित्सा विज्ञान को आगे बढ़ाने और स्वास्थ्य देखभाल परिणामों में सुधार करने के हमारे प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा. संयुक्त विशेषज्ञता का लाभ उठाकर और एम्स पटना और आईजीआईएमएस पटना के संसाधनों के साथ, हमारा उद्देश्य जरूरतमंद रोगियों को अत्याधुनिक देखभाल प्रदान करना है. साथ में, हम चिकित्सा अनुसंधान में नए [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>एम्स पटना और आईजीआईएमएस पटना में हुआ एम ओ यू</strong></p>



<p><strong>शिक्षा, अनुसंधान, मरीजों के उपचार और देखभाल पर बनेंगे साझीदार</strong> </p>



<figure class="wp-block-image size-large is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.patnanow.com/assets/2018/05/PNC-IGIMS-PATNA-650x368.jpg" alt="" class="wp-image-33502" width="329" height="186" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2018/05/PNC-IGIMS-PATNA.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2018/05/PNC-IGIMS-PATNA-350x198.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 329px) 100vw, 329px" /></figure>



<p>फुलवारी शरीफ,अजीत ।। एम्स पटना और आईजीआईएमएस पटना बिहार के दो बड़े संस्थान शिक्षा, अनुसंधान और रोगी देखभाल में उन्नत तौर तरीके पर एक दूसरे से अपने विचार उपचार का आदान प्रदान करेंगे ताकि मरीजों का इलाज बेहतर तरीके से हो पाए साथ ही साथ मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान में बेहतर प्रदर्शन सामने आ सके. मंगलवार को इस संबंध में पटना एम्स और आइजीआइएमएस पटना के अधिकारी एक महत्वपूर्ण साझेदारी के लिए सहमत हुए हैं. इस संबंध में दोनों संस्थान ने एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करके क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. समझौता ज्ञापन दो प्रतिष्ठित संस्थानों के बीच एक सहयोगी ढांचा स्थापित करता है, जिसका उद्देश्य एम्स पटना में गुर्दे और यकृत प्रत्यारोपण प्रक्रियाओं पर विशेष ध्यान देने के साथ शिक्षा, अनुसंधान और रोगी देखभाल में प्रगतिको बढ़ावा देना है.साथ ही इस क्षेत्र में आनेवाली चुनौतियों से निपटना है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/pnc-Patna-AIIMS-एम्स-पटना.jpg" alt="" class="wp-image-67077" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/pnc-Patna-AIIMS-एम्स-पटना.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/09/pnc-Patna-AIIMS-एम्स-पटना-350x233.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक डॉ. (प्रो.) जी के पाल ने सहयोग के बारे में उत्साह व्यक्त करते हुए कहा, &#8220;यह साझेदारी चिकित्सा विज्ञान को आगे बढ़ाने और स्वास्थ्य देखभाल परिणामों में सुधार करने के हमारे प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा. संयुक्त विशेषज्ञता का लाभ उठाकर और एम्स पटना और आईजीआईएमएस पटना के संसाधनों के साथ, हमारा उद्देश्य जरूरतमंद रोगियों को अत्याधुनिक देखभाल प्रदान करना है. साथ में, हम चिकित्सा अनुसंधान में नए मोर्चे तलाशेंगे और अभूतपूर्व प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेंगे.&#8221;</p>



<p>आईजीआईएमएस पटना के निदेशक डॉ. (प्रो.) बिंदे कुमार ने कहा, &#8220;एम्स पटना और आईजीआईएमएस पटना के बीच सहयोग हमारे रोगियों को व्यापक देखभाल सुविधा बहाल करने में सहायक होगा.<br>एम्स पटना और आईजीआईएमएस पटना के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में मिल के पत्थर साबित होगा.यह साझेदारी पटना में चिकित्सा परिदृश्य को मजबूत करने और किडनी और लिवर प्रत्यारोपण वाले रोगियों के लिए बड़ा ही फायदेमंद होगा.</p>



<p>एम ओ यू हस्ताक्षर समारोह में डॉ. प्रेम कुमार, डीन, (अनुसंधान), डॉ. सी. एम. सिंह, एमएस, रूचि सिन्हा, एसोसिएट डीन (शिक्षा), डॉ. कमलेश झा, सदस्य सचिव, एमओयू और डॉ. अरुण कुमार, एम्स पटना से बाल रोग प्रमुख के साथ-साथ आईजीआईएमएस के डॉ. राजेश कुमार, डीन ( अनुसंधान), डॉ. राजेश सिन्हा, त्वचा विज्ञान के प्रमुख और एमओयू के नोडल अधिकारी और कई अन्य गणमान्य व्यक्तिशामिल थे.</p>



<p>समझौता ज्ञापन में सहयोग में प्रमुख रूप से अकादमिक आदान-प्रदान, विशेषज्ञता, ज्ञान और शोध निष्कर्षोंके आदान-प्रदान , संयुक्त सेमिनार, कार्यशालाएं और सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे. इसके अलावा एम्स पटना और आईजीआईएमएस पटना मुख्य आणविक शोधों सहित अनुसंधान परियोजनाओं, नैदानिक • परीक्षणों और महामारी विज्ञान के अध्ययन पर सहयोग करेंगे. इस सहयोगी अनुसंधान प्रयास का उद्देश्य नवीन उपचार दृष्टिकोणों का पता लगाना और रोगी परिणामों में सुधार करना है. कौशल वृद्धि कार्यक्रम साझेदारी डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों और कार्यशाला , संयुक्त प्रशिक्षण के माध्यम से चिकित्सा और अनुसंधान के क्षेत्र में चिकित्सकों के कौशल को बढ़ाएगी .दोनों संस्थान बुनियादी ढांचे को बढ़ाने, सुविधाओं का विस्तार करने और समग्र रोगी अनुभव को बेहतर बनाने के लिए मिलकर काम करेंगे.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>रेमडेसिविर को अब बिहार सरकार ने भी नकारा</title>
		<link>https://www.patnanow.com/remdesivir-is-not-life-saving-says-nmch/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 21 Apr 2021 16:28:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
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					<description><![CDATA[रेमडेसिविर इंजेक्शन को लेकर मची हाय तौबा के बीच 21 अप्रैल को नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (NMCH)ने एक पत्र जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि कोरोना मरीजों के इलाज में इस इंजेक्शन से कोई फायदा नहीं होता. इसलिए कोई भी डॉक्टर इस इंजेक्शन को प्रिसक्राइब ना करे. नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक ने एक पत्र जारी किया है इसमें लिखा है कि डब्ल्यूएचओ ने भी इस दवा को नकार दिया है क्योंकि कोविड-19 के इलाज में इस दवा की कोई उपयोगिता नहीं है. इसलिए चिकित्सकों से अपील की जाती है कि वह कोविड-19 इलाज के दौरान मरीजों के परिजन से रेमडेशिविर इंजेक्शन लाने के लिए ना कहें. pncb]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>रेमडेसिविर इंजेक्शन को लेकर मची हाय तौबा के बीच  21 अप्रैल को नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (NMCH)ने एक पत्र जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि कोरोना मरीजों के इलाज में इस इंजेक्शन से कोई फायदा नहीं होता. इसलिए कोई भी डॉक्टर इस इंजेक्शन को प्रिसक्राइब ना करे. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="472" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/04/pnc-nmch-on-remedisivir.jpg" alt="" class="wp-image-51794" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/04/pnc-nmch-on-remedisivir.jpg 472w, https://www.patnanow.com/assets/2021/04/pnc-nmch-on-remedisivir-275x350.jpg 275w" sizes="auto, (max-width: 472px) 100vw, 472px" /></figure>



<p>नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक ने एक पत्र जारी किया है इसमें लिखा है कि डब्ल्यूएचओ ने भी इस दवा को नकार दिया है क्योंकि कोविड-19 के इलाज में इस दवा की कोई उपयोगिता नहीं है. इसलिए चिकित्सकों से अपील की जाती है कि वह कोविड-19 इलाज के दौरान मरीजों के परिजन से रेमडेशिविर इंजेक्शन लाने के लिए ना कहें.</p>



<p><strong><em> pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पटना एम्स में कई डॉक्टरों ने लिया टीका</title>
		<link>https://www.patnanow.com/patna-aiims-director-vaccination/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 17 Jan 2021 04:29:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
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		<category><![CDATA[Covishield]]></category>
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					<description><![CDATA[एम्स निदेशक सहित कई डॉक्टरों ने लगवाया टीका फुलवारी शरीफ ।। पटना एम्स निदेशक डॉ प्रभात कुमार सिंह सहित कई चिकित्सको ने पहले दिन कोरोना टिका का पहला डोज लिया. जानकारी देते हुए एम्स मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ सीएम सिंह ने बताया कि एम्स निदेशक डॉ प्रभात कुमार सिंह , डॉ सुदीप , डॉक्टर क्रांति भावना ने भी कोरोना वैक्सीन लिया है. इस मौके पर डीन उमेश भदानी,उप निदेशक परिमल सिन्हा ,कोरोना वैक्सीन टीकाकरण नोडल पदाधिकारी डॉ संजय पांडेय सहित अन्य उपस्थित थे. हॉस्पिटल अटेंडेंट अभिषेक कुमार को लगा एम्स में कोरोना का पहला टिका दूसरे सर्जरी विभाग के डॉ अभिषेक कुमार ने ली कोविड 19 वैक्सीन की पहली खुराक एम्स निदेशक ने कोरोना वैक्सीन टीकाकरण का किया शुभारंभ 50 से अधिक हेल्थ वर्करों को लगाया गया कोरोना वैक्सीन पटना एम्स में शनिवार को चिर प्रतिक्षित कोरोना टीकाकरण का शुभारंभ हो गया. इसका विधिवत उद्घाटन के निदेशक डॉ प्रभात कुमार सिंह ने किया. एम्स में फ्रंट लाइन पर कोविड-19 की लड़ाई में आगे रहे हेल्थ वर्करों में सबसे पहला टीका हॉस्पिटल अटेंडेंट सफाई कर्मी अभिषेक कुमार को लगाया गया वहीं दूसरा टिका सर्जरी विभाग के डॉक्टर अभिषेक कुमार को दिया गया. इस मौके पर निदेशक डॉ प्रभात कुमार सिंह ने कहा कि आज कोरोना की जंग जीतने जैसा अनुभव हो रहा है. पटना एम्स में कोविड 19 से मानव जगत की लड़ाई में सबसे आगे बढ़ चढ़कर हम लोगों ने मरीजों की सेवा की है. हर मुश्किल घड़ी में एम्स पटना में सबसे बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराकर लोगों का इलाज [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/01/pnc-patna-aiims-director-vaccination.jpg" alt="" class="wp-image-50558" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/01/pnc-patna-aiims-director-vaccination.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/01/pnc-patna-aiims-director-vaccination-350x263.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>एम्स निदेशक सहित कई डॉक्टरों ने लगवाया टीका</strong></p>



<p>फुलवारी शरीफ ।। पटना एम्स निदेशक डॉ प्रभात कुमार सिंह सहित कई चिकित्सको ने पहले दिन कोरोना टिका का पहला डोज लिया. जानकारी देते हुए एम्स मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ सीएम सिंह ने बताया कि एम्स निदेशक डॉ प्रभात कुमार सिंह , डॉ सुदीप , डॉक्टर क्रांति भावना ने भी कोरोना वैक्सीन लिया है. इस मौके पर डीन उमेश भदानी,उप निदेशक परिमल सिन्हा ,कोरोना वैक्सीन टीकाकरण नोडल पदाधिकारी डॉ संजय पांडेय सहित अन्य उपस्थित थे.</p>



<p>हॉस्पिटल अटेंडेंट अभिषेक कुमार को लगा एम्स में कोरोना का पहला टिका दूसरे सर्जरी विभाग के डॉ अभिषेक कुमार ने ली कोविड 19 वैक्सीन की पहली खुराक</p>



<p><strong>एम्स निदेशक ने कोरोना वैक्सीन टीकाकरण का किया शुभारंभ</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="554" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/01/pnc-covid-vaccination-first-day-aiims-director.jpg" alt="" class="wp-image-50567" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/01/pnc-covid-vaccination-first-day-aiims-director.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/01/pnc-covid-vaccination-first-day-aiims-director-350x298.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption><strong>Aiims Director</strong> </figcaption></figure>



<p><strong>50 से अधिक हेल्थ वर्करों को लगाया गया कोरोना वैक्सीन</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="418" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/01/IMG-20210117-WA0023.jpg" alt="" class="wp-image-50570" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/01/IMG-20210117-WA0023.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/01/IMG-20210117-WA0023-350x225.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>पटना एम्स में शनिवार को चिर प्रतिक्षित कोरोना टीकाकरण का शुभारंभ हो गया. इसका विधिवत उद्घाटन के निदेशक डॉ प्रभात कुमार सिंह ने किया. एम्स में फ्रंट लाइन पर कोविड-19 की लड़ाई में आगे रहे हेल्थ वर्करों में सबसे पहला टीका हॉस्पिटल अटेंडेंट सफाई कर्मी अभिषेक कुमार को लगाया गया वहीं दूसरा टिका सर्जरी विभाग के डॉक्टर अभिषेक कुमार को दिया गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="453" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/01/pnc-covid-vaccination-aiims.jpg" alt="" class="wp-image-50572" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/01/pnc-covid-vaccination-aiims.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/01/pnc-covid-vaccination-aiims-350x244.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2021/01/pnc-covid-vaccination-aiims-130x90.jpg 130w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इस मौके पर निदेशक डॉ प्रभात कुमार सिंह ने कहा कि आज कोरोना की जंग जीतने जैसा अनुभव हो रहा है. पटना एम्स में कोविड 19 से मानव जगत की लड़ाई में सबसे आगे बढ़ चढ़कर हम लोगों ने मरीजों की सेवा की है. हर मुश्किल घड़ी में एम्स पटना में सबसे बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराकर लोगों का इलाज किया जाता रहेगा. उन्होंने कोविड-19 की जंग में साथ खड़े रहे सभी डॉक्टरों टेक्नीशियन, हॉस्पिटल अटेंडेंट नर्सेस सहित एम्स की पूरी टीम का आभार जताया. निदेशक ने कहा कि सुरक्षा और प्रभाव के आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद ही नियामक निकायों ने वैक्सीन लगाने की मंजूरी दी है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="434" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/01/IMG-20210117-WA0013.jpg" alt="" class="wp-image-50574" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/01/IMG-20210117-WA0013.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/01/IMG-20210117-WA0013-350x234.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>एम्स कोरोना नोडल ऑफिसर डॉ संजीव कुमार सिंह ने कहा कि एम्स में पहले दिन एक सौ हेल्थ वर्करों को कोविड 19 का टीकाकरण करना था जिसमे देर शाम पांच बजे तक पचास से अधिक लोगो को वैक्सीन की पहली खुराक दी जाती रही. किसी भी वैक्सीन लेने वाले को किसी प्रकार का कोई साइड इफेक्ट नही हुआ है. सभी वैक्सीन लेने वालों को पूरी प्रक्रियाओं से होकर गुजरना पड़ा और वैक्सीन लेने के बाद उन्हें आधा घंटा अलग कमरे में रखकर उनके स्वास्थ्य की निगरानी की गई. डॉ संजीव ने बताया कि कोरोना टीकाकरण स्वैच्छिक है. इसके लिए किसी को मजबूर नहीं किया जाएगा. हालांकि, स्वयं की सुरक्षा और संक्रमण की रोकथाम को कोरोना वैक्सीन की पूरी खुराक लेना आवश्यक है. जो पहले कोरोना संक्रमित हो चुके हैं उनमें एंटीबॉडी विकसित होती है लेकिन तीन माह में वह खत्म होने लगती है. ऐसे में वैक्सीन की दोनों खुराक लेने से मजबूत रोग प्रतिरोधक तंत्र विकसित करने में सहायक होगी. कोरोना की पहली खुराक के 28 दिन बाद दूसरी डोज लेनी होगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="385" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/01/pnc-phumwari-phc-covid-vaccination.jpg" alt="" class="wp-image-50576" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/01/pnc-phumwari-phc-covid-vaccination.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/01/pnc-phumwari-phc-covid-vaccination-350x207.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>एम्स में सफाई कर्मी अभिषेक कुमार ने कोविड वैक्सीन लेने के बाद बताया कि उसे बहुत ही अच्छा लग रहा है कि उसे अपने संस्थान में सबसे पहले टीकाकरण कराने का श्रेय मिला है. यह एम्स जैसा बड़ा अस्प्ताल में एक सफाई कर्मी के लिए गर्व की बात है. अभिषेक ने कहा कि कोरोना टिका लगवाने पर उसे जरा भी परेशानी नहीं हुई. सभी लोगो को कोरोना टिका लगवाना चाहिए.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="434" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/01/pnc-covid-vaccination-first-day-aiims1.jpg" alt="" class="wp-image-50577" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/01/pnc-covid-vaccination-first-day-aiims1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/01/pnc-covid-vaccination-first-day-aiims1-350x234.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>वहीं एम्स में कोविड 19 का दूसरा टिका लगवाने वाले सर्जरी विभाग के डॉ अभिषेक कुमार ने उत्साहित होकर कहा कि कोरोना वैक्सीन अन्य रोगों के टीके की ही भांति सुरक्षित है. कुछ व्यक्तियों में हल्का बुखार, दर्द, सूजन आदि की शिकायत हो सकती है।हालांकि दुष्प्रभावों से निपटने की व्यापक तैयारी की गई है इसलिए कोरोना वैक्सीन लेने से जरा भी नही घबराएं. उन्होंने बताया कि यह पूरी तरह सुरक्षित होने के साथ कोरोना से बचाव के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता भी विकसित करती है.</p>



<p><strong><em>अजीत</em></strong></p>
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