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	<title>Advocate &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>पद्म भूषण हरीश साल्वे ने 68 की उम्र में की तीसरी शादी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 06 Sep 2023 01:42:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[68 yrs]]></category>
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					<description><![CDATA[ पहला केस लड़ा था दिलीप कुमार के लिए, 1 रुपये फीस भी ली अंबानी, टाटा भी रहे है इनके क्‍लाइंट अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट में कुलभूषण जाधव का केस भी लड़ा सीनियर एडवोकेट और भारत के पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे ने हाल ही में तीसरी बार शादी की है. सोशल मीडिया पर उनकी शादी की तस्वीरें सामने आई हैं.उन्होंने पहले मीनाक्षी (उनकी पहली पत्नी) और बाद में 2020 में कैरोलिन ब्रॉसार्ड से शादी की थी. साल्वे और मीनाक्षी का जून 2020 में तलाक हुआ था. हरीश साल्वे फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं.हरीश साल्वे को हाल ही में केंद्र सरकार की ओर से &#8216;एक राष्ट्र, एक चुनाव&#8217; की स्टडी के लिए गठित 8 सदस्यीय समिति का सदस्य भी नियुक्त किया गया है. देश के सबसे चर्चित वकीलों में से एक हरीश साल्वे ने कई हाई प्रोफाइल केस लड़े हैं. हरीश साल्वे 1999 से 2002 तक भारत के सॉलिसिटर जनरल रहे हैं. उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट में कुलभूषण जाधव का केस भी लड़ा. जिसके लिए उन्होंने केवल एक रुपया फीस ली थी. जनवरी 2020 में उन्हें इंग्लैंड और वेल्स की अदालतों में क्वीन काउंसल के रूप में नियुक्त किया गया था. तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने 2017 में ट्वीट कर बताया था कि हरीश साल्वे ने कुलभूषण जाधव का केस लड़ने के लिए सरकार से एक रुपया फीस ली थी. कुलभूषण जाधव को जासूसी के आरोप में पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी.उन्होंने बिजनेस टाइकून मुकेश अंबानी, रतन टाटा और सुनील मित्तल के लिए भी केस लड़ा है. [&#8230;]]]></description>
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<p></p>



<p></p>



<p></p>



<p><strong> पहला केस लड़ा था दिलीप कुमार के लिए, 1 रुपये फीस भी ली</strong></p>



<p><strong>अंबानी, टाटा भी रहे है इनके क्‍लाइंट</strong></p>



<p><strong>अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट में कुलभूषण जाधव का केस भी लड़ा</strong></p>



<p>सीनियर एडवोकेट और भारत के पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे ने हाल ही में तीसरी बार शादी की है. सोशल मीडिया पर उनकी शादी की तस्वीरें सामने आई हैं.उन्होंने पहले मीनाक्षी (उनकी पहली पत्नी) और बाद में 2020 में कैरोलिन ब्रॉसार्ड से शादी की थी. साल्वे और मीनाक्षी का जून 2020 में तलाक हुआ था. हरीश साल्वे फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं.हरीश साल्वे को हाल ही में केंद्र सरकार की ओर से &#8216;एक राष्ट्र, एक चुनाव&#8217; की स्टडी के लिए गठित 8 सदस्यीय समिति का सदस्य भी नियुक्त किया गया है. देश के सबसे चर्चित वकीलों में से एक हरीश साल्वे ने कई हाई प्रोफाइल केस लड़े हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/harish-saalve2-650x488.png" alt="" class="wp-image-77860" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/harish-saalve2-650x488.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/harish-saalve2-350x263.png 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/harish-saalve2.png 720w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p> हरीश साल्वे 1999 से 2002 तक भारत के सॉलिसिटर जनरल रहे हैं. उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट में कुलभूषण जाधव का केस भी लड़ा. जिसके लिए उन्होंने केवल एक रुपया फीस ली थी. जनवरी 2020 में उन्हें इंग्लैंड और वेल्स की अदालतों में क्वीन काउंसल के रूप में नियुक्त किया गया था. तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने 2017 में ट्वीट कर बताया था कि हरीश साल्वे ने कुलभूषण जाधव का केस लड़ने के लिए सरकार से एक रुपया फीस ली थी. कुलभूषण जाधव को जासूसी के आरोप में पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी.उन्होंने बिजनेस टाइकून मुकेश अंबानी, रतन टाटा और सुनील मित्तल के लिए भी केस लड़ा है. चार्टर्ड अकाउंटेंट से वकील बने हरीश साल्वे ने यूपी के पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव, अभिनेता सलमान खान, ललित मोदी के लिए भी केस लड़ा.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/image-650x488.png" alt="" class="wp-image-77858" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/image-650x488.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/image-350x263.png 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/image.png 720w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>हरीश साल्वे का मानना है कि उनका कानूनी करियर तब शुरू हुआ जब उन्होंने 1975 में अभिनेता दिलीप कुमार के केस में अपने पिता की मदद की थी. दिलीप कुमार पर काला धन कमाने के आरोप लगे थे.हरीश साल्वे को 2015 में भारत के सर्वोच्च पुरस्कारों में से एक- पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था. वे वकीलों और राजनेताओं के परिवार से आते हैं. उनके पिता एनपीके साल्वे कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य थे और उनकी मां एक डॉक्टर थीं. साल्वे के दादा एक सफल वकील थे.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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		<title>एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने के लिए आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन</title>
		<link>https://www.patnanow.com/advocate-protection-law-ke-liye-pradarshan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 28 Jul 2022 06:10:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[PATNA]]></category>
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		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना, 28 जुलाई. पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ता एवं आरा बार संघ के सदस्य,बिहार युवा अधिवक्ता कल्याण समिति के प्रमण्डलीय मंत्री नीतीश कुमार सिंह ने बिहार स्टेट बार काउंसिल के प्रांगण में क्रांतिकारी अधिवक्ता मंच के बैनर तले एकदिवसीय धरना प्रदर्शन में कहा कि कोरोना काल मे बहुसन्ख्यक अधिवक्ता साथी दवा के अभाव में काल के गाल में समा गये. सरकार ने सभी वर्गो की आर्थिक सहायता की लेकिन अधिवक्ता वर्ग की उपेक्षा की. जिन्हें कोरोना के बाद भी अभी तक सरकार द्वारा कोई वित्तीय सहायता नहीं दी गई है. 20% अधिवक्ता बंधु इस पेशे को छोड़ चुके है. इस कारण सरकार को डेथ क्लेम, मेडी क्लेम बढाने के आलावा अविलंब वित्तीय सहायता देनी चाहिए. नीतीश कुमार सिंह ने वादकारियों के लिए सस्ते दर पर नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराने, नए अधिवक्ताओं को दस हजार रुपये मासिक धनराशि देने, अधिवक्ताओं की आकस्मिक मृत्यु पर उनके परिजनों को 50 लाख रुपये देने एवं बीमार होने पर नि:शुल्क चिकत्सा देने की मांग रखी. कार्यक्रम की अध्यक्षता विंध्यकेशरी सिंह और मंच का संचालन रणविजय सिंह ने किया. अध्यक्षीय भाषण में डेथ क्लेम को 5 लाख से 15 लाख करने, मेडीक्लेम को 1 लाख से 2 लाख करने, वेलफेयर ट्रस्टी कमिटी फण्ड घोषित करने, एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने जैसे बहुप्रतीक्षित मांगों को लेकर हुये आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन को संबोधित करते हुये विंध्यकेशरी सिंह ने कहा की अगर डेथ क्लेम मेडी क्लेम को सरकार नहीं बढ़ाती है तो हमलोग एडवोकेट जेनरल का घेराव करेंगे. अधिवक्ता रणविजय सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में अग्रणी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना, 28 जुलाई. पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ता एवं आरा बार संघ के सदस्य,बिहार युवा अधिवक्ता कल्याण समिति के प्रमण्डलीय मंत्री नीतीश कुमार सिंह ने बिहार स्टेट बार काउंसिल के प्रांगण में क्रांतिकारी अधिवक्ता मंच के बैनर तले एकदिवसीय धरना प्रदर्शन में कहा कि कोरोना काल मे बहुसन्ख्यक अधिवक्ता साथी दवा के अभाव में काल के गाल में समा गये. सरकार ने सभी वर्गो की आर्थिक सहायता की लेकिन अधिवक्ता वर्ग की उपेक्षा की. जिन्हें कोरोना के बाद भी अभी तक सरकार द्वारा कोई वित्तीय सहायता नहीं दी गई है. 20% अधिवक्ता बंधु इस पेशे को छोड़ चुके है. इस कारण सरकार को डेथ क्लेम, मेडी क्लेम बढाने के आलावा अविलंब वित्तीय सहायता देनी चाहिए. नीतीश कुमार सिंह ने वादकारियों के लिए सस्ते दर पर नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराने, नए अधिवक्ताओं को दस हजार रुपये मासिक धनराशि देने, अधिवक्ताओं की आकस्मिक मृत्यु पर उनके परिजनों को 50 लाख रुपये देने एवं बीमार होने पर नि:शुल्क चिकत्सा देने की मांग रखी.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Advocate-protection-law-Patna-3.jpg" alt="" class="wp-image-64889" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Advocate-protection-law-Patna-3.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Advocate-protection-law-Patna-3-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>कार्यक्रम की अध्यक्षता विंध्यकेशरी सिंह और मंच का संचालन रणविजय सिंह ने किया. अध्यक्षीय भाषण में डेथ क्लेम को 5 लाख से 15 लाख करने, मेडीक्लेम को 1 लाख से 2 लाख करने, वेलफेयर ट्रस्टी कमिटी फण्ड घोषित करने, एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने जैसे बहुप्रतीक्षित मांगों को लेकर हुये आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन को संबोधित करते हुये विंध्यकेशरी सिंह ने कहा की अगर डेथ क्लेम मेडी क्लेम को सरकार नहीं बढ़ाती है तो हमलोग एडवोकेट जेनरल का घेराव करेंगे.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="509" height="311" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Advocate-protection-law-Patna-2.jpg" alt="" class="wp-image-64890" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Advocate-protection-law-Patna-2.jpg 509w, https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Advocate-protection-law-Patna-2-350x214.jpg 350w" sizes="(max-width: 509px) 100vw, 509px" /></figure>



<p>अधिवक्ता रणविजय सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाला अधिवक्ता समाज आजादी के बाद से ही उपेक्षित रहा है. आज देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है लेकिन अधिवक्ता वर्ग हाशिये पर है. आज अधिवक्ताओं को पुनः एकजुट होकर अपने हक की आवाज बुलंद करने की जरूरत है. रामसन्देश राय अधिवक्ता ने कहा कि अधिवक्ताओं की अपनी संस्था बार काउंसिल द्वारा अधिवक्ता हितों की उपेक्षा की जाती है लेकिन अबकी बार आर-पार की लड़ाई होगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Advocate-protection-law-Patna-4.jpg" alt="" class="wp-image-64891" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Advocate-protection-law-Patna-4.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Advocate-protection-law-Patna-4-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>शिवानंद गिरी ने अक्षम एवं वृद्ध वकीलों को पेंशन तथा पारिवारिक पेंशन की व्यवस्था करने की बात कही. कुलदीप नारायण दुबे ने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार में 18 कैबिनेट मंत्री है लेकिन अधिवक्ताओ के प्रति गूंगे बहरे बने हुये हैं. राजकुमार राजेश ने अधिवक्ताओं से अपने हक की लड़ाई के लिए एकजुट होने का आहवान किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="400" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Advocate-protection-law-Patna-1.jpg" alt="" class="wp-image-64892" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Advocate-protection-law-Patna-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Advocate-protection-law-Patna-1-350x215.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>बिहार स्टेट बार कौंसिल सदस्य पंकज कुमार,नीतू झा,जयप्रकाश सिंह एवं काँआर्डरनिशन कमिटि के चेयरमैन योगेन्द्र प्रसाद वर्मा इस धरणा के समर्थन में अपनी उपस्थिती दर्ज करवाई अन्य वक्ताओं में प्रमुख रूप से रश्मीराज कौसिक विकी, सुनील कुमार मिश्रा, शभुशरण शर्मा,जगदीश्वर प्रसाद सिंह,जय शंकर प्रसाद सिंह,गिरीश चन्द्र, प्रभुकुमार सिंह,सृष्टि,धन्जय कुमार,फिरोज अहमद, मनीष कुमार,देव नारायण प्रसाद, ए० के० सिद्दीकी, नवल किशोर सिंह ने अपनी अपनी बात रखी. कार्यक्रम के बीच में बिहार स्टेट बार काउंसिल के चैयरमैन रमाकांत शर्मा ने एडवोकेट वेलफेयर के लिए आश्वासन दिया एवं इस मंच की माँगों को एडवोकट जेनरल ने भी सरकार तक पहुँचाने का आश्वासन दिया वो सर्वसम्मति से निर्णय हुआ कि अधिवक्ता की मांगो को एक माह में पूरा नहीं किया गया तो क्रांतिकारी अधिवक्ता मंच के बैनर तले चल रहे चरणबद्धआंदोलण को और तेज किया जायगा.</p>
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		<title>करें तो क्या करें .. वकील और उनके साथ काम करने वाले ..</title>
		<link>https://www.patnanow.com/advocates-are-in-trouble/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 12 Sep 2021 06:37:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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		<category><![CDATA[PATNA HIGH COURT]]></category>
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					<description><![CDATA[वकील और उनके साथ काम करने वाले लोगों के समक्ष भूखमरी की समस्या कर्ज में डूब रहे रहेें लाखों परिवारबिहार के 150 न्यायालयों के लगभग 1.5 लाख अधिवक्ताओं, उनके सहयोगियों जैसे मुंशी … पटना ; विधि प्रकोष्ठ भाजपा बिहार के संयोजक और हाईकोर्ट के एडवोकेट टी एन ठाकुर ने कहा है कि न्याय दिलाने वाले बिहार के 150 न्यायालयों के लगभग 1.5 लाख अधिवक्ताओं, उनके सहयोगियों जैसे मुंशी और अन्य लोगों के समक्ष भुखमरी की समस्या उत्पन्न हो गई है. कोरोना इफेक्ट के कारण जिला व अनुमंडल न्यायालयों में लगभग 18 माह से ठीक ढंग से कार्यवाही नहीं चल पा रही है.दूसरी तरफ पटना उच्च न्यायालय में अभी 53 की जगह 20 जज है, वर्चुयल माध्यम से बहुत कम मामलों की सुनवाई हो पाती है.रेगुलर बेल और एन्टीसेपेट्री बेल के हजारो मामले पेंडिंग है जिनका बेल हो जाने की संभावना है वो भी महीनों महीनों से जेल मे बंद है.सुप्रीम कोर्ट, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ,गुजरात उच्च न्यायालय दिल्ली उच्च न्यायालय में है। बिहार में भी सभी सरकारी कार्यालय प्राईवेट संस्थान सभी खुल चुके है करोना के मामले भी एक दम कम हो गये हैं। वैक्सीन भी चार करोड़ लोग ले चुके है।माननीय मुख्य न्यायाधीश पटना हाईकोर्ट संजय कैरोल से हम आग्रह करते हैं कि यथाशीघ्र बिहार के न्यायालयों समेत पटना हाईकोर्ट पटना मे कोविड गाईडलाईन का पालन करते हुए फिजिकल कोर्ट शुरू हो . जिससे लाखों परिवारों राहत मिल सके .]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><br><strong>वकील और उनके साथ काम करने वाले लोगों के समक्ष    भूखमरी की समस्या   </strong></p>



<p><strong>कर्ज में डूब रहे रहेें लाखों परिवार</strong><br><strong>बिहार के 150 न्यायालयों के लगभग 1.5 लाख अधिवक्ताओं, उनके सहयोगियों जैसे मुंशी …</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="600" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/09/IMG_20210912_115349.jpg" alt="" class="wp-image-55397" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/09/IMG_20210912_115349.jpg 600w, https://www.patnanow.com/assets/2021/09/IMG_20210912_115349-350x350.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2021/09/IMG_20210912_115349-250x250.jpg 250w" sizes="(max-width: 600px) 100vw, 600px" /><figcaption><strong>तारकेश्वर ठाकुर विधि प्रकोष्ठ भाजपा बिहार</strong></figcaption></figure>



<p><br>पटना ; विधि प्रकोष्ठ भाजपा बिहार के संयोजक और हाईकोर्ट के एडवोकेट टी एन ठाकुर ने कहा है कि न्याय दिलाने वाले <strong>बिहार के 150 न्यायालयों के लगभग 1.5 लाख अधिवक्ताओं, उनके सहयोगियों जैसे मुंशी और अन्य लोगों के समक्ष भुखमरी की समस्या उत्पन्न हो गई है</strong>. कोरोना इफेक्ट के कारण जिला व अनुमंडल न्यायालयों में लगभग 18 माह से ठीक ढंग से कार्यवाही नहीं चल पा रही है.<br>दूसरी तरफ <strong>पटना उच्च न्यायालय में अभी 53 की जगह 20 जज है, </strong>वर्चुयल माध्यम से बहुत कम मामलों की सुनवाई हो पाती है.रेगुलर बेल और एन्टीसेपेट्री बेल के हजारो मामले पेंडिंग है जिनका बेल हो जाने की संभावना है वो भी महीनों महीनों से जेल मे बंद है.<br>सुप्रीम कोर्ट, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ,गुजरात उच्च न्यायालय दिल्ली उच्च न्यायालय  में   है। बिहार में भी सभी सरकारी कार्यालय प्राईवेट संस्थान सभी खुल चुके है करोना के मामले भी एक दम कम हो गये हैं। वैक्सीन भी चार करोड़ लोग ले चुके है।<br>माननीय मुख्य न्यायाधीश पटना हाईकोर्ट संजय कैरोल से हम आग्रह करते हैं कि यथाशीघ्र बिहार के न्यायालयों समेत पटना हाईकोर्ट पटना मे कोविड गाईडलाईन का पालन करते हुए फिजिकल कोर्ट शुरू हो . जिससे लाखों परिवारों राहत मिल सके .</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/09/Screenshot_2021_0912_121831.jpg" alt="" class="wp-image-55405" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/09/Screenshot_2021_0912_121831.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/09/Screenshot_2021_0912_121831-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption>प्रतीक तस्वीर </figcaption></figure>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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