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	<title>Acharya Kishore Kunal &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>अनंत यात्रा पर निकले आचार्य किशोर कुणाल</title>
		<link>https://www.patnanow.com/annat-yatra-per-nikle-acharya-kunaal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 31 Dec 2024 09:32:50 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[निवास स्थान से महावीर मन्दिर होते कौनहारा घाट गयी अंतिम यात्रा, महावीर मन्दिर में सवा घंटे रहे पटना. सोमवार सुबह नौ बजे पटना के गोसाईं टोला स्थित सायण निलय से आचार्य किशोर कुणाल की अनंत यात्रा शुरू हुई. एकलौते पुत्र सायण कुणाल समेत सभी परिजन साथ थे, लेकिन आचार्य किशोर कुणाल ने तो जीते जी बहुत बड़ा परिवार बना लिया था. महावीर मन्दिर, महावीर कैंसर संस्थान, महावीर आरोग्य संस्थान, महावीर वात्सल्य अस्पताल, अमावा राम मन्दिर और ऐसे दर्जनभर से ज्यादा संस्थानों से जुड़े लोग, कर्मचारी और उन कर्मचारियों के परिजन भी साथ थे. धर्म के पुरोधा के तौर पर पहचान बना चुके आचार्य किशोर कुणाल को जाननेवाले हजारों&#8230; कारवां लंबा था. रास्ते भर कुणाल साहब अमर रहें के आसमान तक पहुंचते नारे. साहब इसलिए कि एक कड़क मिजाज और ईमानदार IPS अधिकारी के तौर पर भी दुनिया उन्हें जानती-पहचानती रही. इसी पटना के SSP रहे. बड़े-बड़े साहसिक काम किये. सुबह दस बजे आचार्य किशोर कुणाल का पार्थिव शरीर महावीर मन्दिर पहुंचा. धर्म को परोपकार से जोड़ अमर हो चुके आचार्य किशोर कुणाल सोमवार को अनंत यात्रा पर निकल पड़े. एकदम निश्चिंत भाव में लेटे हुए. जैसे अपने हिस्से का काम कर गये. पटना जंक्शन स्थित वह महावीर मन्दिर जिसे पटना के सीनियर SP रहते उन्होंने सुव्यवस्थित कर भव्य स्वरूप प्रदान किया. इसी महावीर मन्दिर न्यास के सचिव रहकर नौ चैरिटेबल अस्पताल खोले. ऐसे और दसियों बड़े काम किये. महावीर मन्दिर प्रांगण में उनका पार्थिव शरीर संत रविदास की प्रतिमा के सामने रखा गया. संत रविदास की तरह आचार्य किशोर कुणाल [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>निवास स्थान से महावीर मन्दिर होते कौनहारा घाट गयी अंतिम यात्रा, महावीर मन्दिर में सवा घंटे रहे</strong></p>



<p>पटना. सोमवार सुबह नौ बजे पटना के गोसाईं टोला स्थित सायण निलय से आचार्य किशोर कुणाल की अनंत यात्रा शुरू हुई. एकलौते पुत्र सायण कुणाल समेत सभी परिजन साथ थे, लेकिन आचार्य किशोर कुणाल ने तो जीते जी बहुत बड़ा परिवार बना लिया था. महावीर मन्दिर, महावीर कैंसर संस्थान, महावीर आरोग्य संस्थान, महावीर वात्सल्य अस्पताल, अमावा राम मन्दिर और ऐसे दर्जनभर से ज्यादा संस्थानों से जुड़े लोग, कर्मचारी और उन कर्मचारियों के परिजन भी साथ थे. धर्म के पुरोधा के तौर पर पहचान बना चुके आचार्य किशोर कुणाल को जाननेवाले हजारों&#8230; कारवां लंबा था. रास्ते भर कुणाल साहब अमर रहें के आसमान तक पहुंचते नारे. साहब इसलिए कि एक कड़क मिजाज और ईमानदार IPS अधिकारी के तौर पर भी दुनिया उन्हें जानती-पहचानती रही. इसी पटना के SSP रहे. बड़े-बड़े साहसिक काम किये. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="898" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001100319-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88436" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001100319-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001100319-650x570.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>सुबह दस बजे आचार्य किशोर कुणाल का पार्थिव शरीर महावीर मन्दिर पहुंचा. धर्म को परोपकार से जोड़ अमर हो चुके आचार्य किशोर कुणाल सोमवार को अनंत यात्रा पर निकल पड़े. एकदम निश्चिंत भाव में लेटे हुए. जैसे अपने हिस्से का काम कर गये.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="934" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001100320-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88437" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001100320-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001100320-650x593.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>पटना जंक्शन स्थित वह महावीर मन्दिर जिसे पटना के सीनियर SP रहते उन्होंने सुव्यवस्थित कर भव्य स्वरूप प्रदान किया. इसी महावीर मन्दिर न्यास के सचिव रहकर नौ चैरिटेबल अस्पताल खोले. ऐसे और दसियों बड़े काम किये. महावीर मन्दिर प्रांगण में उनका पार्थिव शरीर संत रविदास की प्रतिमा के सामने रखा गया. संत रविदास की तरह आचार्य किशोर कुणाल ने भी जात-पात का भेद मिटाया. महावीर मन्दिर समेत कई मन्दिरों में दलित पुजारी नियुक्त किए. महावीर मन्दिर प्रांगण में पुरोहितों ने गीता, कठोपनिषद आदि का पाठ किया. आचार्य किशोर कुणाल के पुत्र सायण कुणाल, जीवनसंगिनी अनीता कुणाल, पुत्रवधु शाम्भवी, समधी अशोक चौधरी समेत करीबी परिजन वहां मौजूद रहे। इस दौरान हजारों भक्तों और चाहनेवालों ने आचार्य किशोर कुणाल के अंतिम दर्शन कर पुष्प अर्पित किये. इस कड़ी में पूर्व केन्द्रीय राज्य मंत्री रामकृपाल यादव, बिहार सरकार के मंत्री नितीन नवीन, सुमित कुमार सिंह समेत कई नेताओं एवं गणमान्य लोगों ने भी श्रद्धा सुमन अर्पित किये. 11 बजे हनुमान जी की आरती की घड़ी थी. आचार्य किशोर कुणाल वर्षों तक सुबह-शाम की आरती में आते रहे. इधर कुछ वर्षों से स्वास्थ्य कारणों से शाम की आरती में जरूर आते. सोमवार को आचार्य किशोर कुणाल के लिए अंतिम आरती थी. मुख्य गर्भगृह में हनुमानजी के दोनों विग्रहों और राम दरबार की आरती के बाद पुजारी सीधे आचार्य किशोर कुणाल के पार्थिव शरीर के पास गये. उन्हें उनके आराध्य की आरती दिलायी। भोग और चरणोदक प्रसाद भी दिया. फिर मुख्य गर्भगृह के सम्मुख नीचे प्रांगण में ही कुछ क्षण के लिए उन्हें लाया गया. किशोर कुणाल ने अपने आराध्य के अंतिम दर्शन किए. महावीर मन्दिर प्रांगण में ही आचार्य किशोर कुणाल के पार्थिव शरीर की परिक्रमा करायी गयी. वहां से वे सीधे हाजीपुर स्थित कौनहारा घाट के लिए अनंत यात्रा पर निकल पड़े. उसी कौनहारा घाट पर जहां उनके पिता स्वर्गीय रामचंद्र शाही का अंतिम संस्कार हुआ था. गंडक नदी जिसे नारायणी नदी भी कहते हैं, उसके तट पर. वहीं ठीक सामने आचार्य किशोर कुणाल ने भगवान शंकर के विशालनाथ मन्दिर का पुनर्निर्माण कराया था. वहीं सटे विशालनाथ अस्पताल भी खुलवाया. यहाँ मात्र तीस रुपये में मरीजों का इलाज होता है. कौनहारा घाट पर सरकार की ओर से प्रशासनिक इंतजाम थे. दर्शनाभिलाषियों के लिए टेट-कुर्सियां लगी थीं. वैशाली एसपी हरिकिशोर राय तो घंटों वहां रहे और अंतिम संस्कार के बाद ही निकले. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और महावीर मन्दिर न्यास के अध्यक्ष जस्टिस बी एन अग्रवाल, बिहार-झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव और महावीर मन्दिर न्यास के सदस्य विजयशंकर दूबे, पूर्व जस्टिस पी के सिन्हा, महाधिवक्ता पी के शाही, मंत्री जमा खां, सुमित सिंह, मदन सहनी, पूर्व मंत्री राणा रंधीर, रामकृपाल यादव, विधायक मुन्ना तिवारी, मुकेश रौशन, प्रदीप जैन, डाॅ एल बी सिंह, डाॅ एस एस झा, डाॅ डी के रमण और अनेक गणमान्य लोग आचार्य किशोर कुणाल के अंतिम संस्कार के साक्षी बने. अयोध्या, वाराणसी समेत देश के कोने-कोने से साधु-संत भी पहुंचे थे. अयोध्या हनुमान गढ़ी के महंथ राजू दास, रामसुन्दर दास, रामदास, फतुहा के महंथ शिवानंद, बड़ी पटन देवी के महंथ विजयशंकर गिरि समेत कई साधु-संत थे. आचार्य किशोर कुणाल का अंतिम संस्कार उनकी जन्मभूमि की पारंपरिक विधि से किया गया. दोपहर दो बजे पुत्र सायण कुणाल ने मुखाग्नि दी. इसी के साथ आचार्य किशोर कुणाल अनंत यात्रा पर निकल पड़े. नश्वर शरीर को त्याग पवित्र आत्मा के साथ. </p>



<p><strong>pncb</strong></p>
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		<title>आज 2 बजे होगा आचार्य किशोर कुणाल का कौनहारा घाट पर अंतिम संस्कार</title>
		<link>https://www.patnanow.com/aaj-2-baje-hoga-antim-sanskar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 30 Dec 2024 07:18:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[महावीर मन्दिर के पुनर्निर्माण से लेकर 9 चैरिटेबल अस्पतालों का किया निर्माण जन सेवा से आध्यात्मिक सेवा तक की एक मिसाल थे आचार्य कुणाल राज्यपाल ने पुष्पांजलि दी, मुख्यमंत्री की ओर से प्रधान सचिव पहुंचे पटना,30 दिसंबर. महावीर मन्दिर न्यास के सचिव और 1972 बैच के पूर्व आईपीएस अधिकारी आचार्य किशोर कुणाल का रविवार को सुबह 8 बजे हृदय गति रूकने से निधन हो गया. सांस में तकलीफ की शिकायत लेकर वे देर रात 2 बजे महावीर वात्सल्य अस्पताल में भर्ती हुए थे. 10 अगस्त 1950 को बरूराज के कोटिया टोले में जन्मे समाजसेवी,धार्मिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए समर्पित महावीर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष और पूर्व IPS अधिकारी किशोर कुणाल के निधन की खबर जैसे ही गांव में पहुंची, सभी ग़म और पीड़ा में डूब गए. उनके निधन की खबर सुनते ही उनके पैतृक गांव बरूराज थाना क्षेत्र के बरूराज टोले कोटिया में मातमी सन्नाटा छा गया. 74 साल के आचार्य किशोर कुणाल का पार्थिव शरीर पटना के गोसाईं टोला स्थित उनके निवास स्थान सायण निलयम में रखा गया है. आचार्य किशोर कुणाल का अंतिम संस्कार सोमवार को दोपहर 2 बजे हाजीपुर स्थित कौनहारा घाट पर किया जाएगा. सोमवार को उनकी अंतिम यात्रा सुबह 9 बजे उनके निवास स्थान से निकलेगी. हनुमानजी के अनन्य भक्त आचार्य किशोर कुणाल का पार्थिव शरीर पटना के महावीर मन्दिर होते हुए अंतिम संस्कार को जाएगा. आचार्य किशोर कुणाल ने महावीर मन्दिर के पुनर्निर्माण से लेकर महावीर आरोग्य संस्थान, महावीर कैंसर संस्थान, महावीर वात्सल्य अस्पताल, महावीर नेत्रालय, महावीर वरिष्ठ नागरिक अस्पताल, विशालनाथ अस्पताल समेत [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>महावीर मन्दिर के पुनर्निर्माण से लेकर 9 चैरिटेबल अस्पतालों का किया निर्माण</strong></p>



<p><strong>जन सेवा से आध्यात्मिक सेवा तक की एक मिसाल थे आचार्य कुणाल</strong></p>



<p><strong>राज्यपाल ने पुष्पांजलि दी, मुख्यमंत्री की ओर से प्रधान सचिव पहुंचे</strong></p>



<p>पटना,30 दिसंबर. महावीर मन्दिर न्यास के सचिव और 1972 बैच के पूर्व आईपीएस अधिकारी आचार्य किशोर कुणाल का रविवार को सुबह 8 बजे हृदय गति रूकने से निधन हो गया. सांस में तकलीफ की शिकायत लेकर वे देर रात 2 बजे महावीर वात्सल्य अस्पताल में भर्ती हुए थे. 10 अगस्त 1950 को बरूराज के कोटिया टोले में जन्मे समाजसेवी,धार्मिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए समर्पित महावीर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष और पूर्व IPS अधिकारी किशोर कुणाल के निधन की खबर जैसे ही गांव में पहुंची, सभी ग़म और पीड़ा में डूब गए. उनके निधन की खबर सुनते ही उनके पैतृक गांव बरूराज थाना क्षेत्र के बरूराज टोले कोटिया में मातमी सन्नाटा छा गया.</p>



<p>74 साल के आचार्य किशोर कुणाल का पार्थिव शरीर पटना के गोसाईं टोला स्थित उनके निवास स्थान सायण निलयम में रखा गया है. आचार्य किशोर कुणाल का अंतिम संस्कार सोमवार को दोपहर 2 बजे हाजीपुर स्थित कौनहारा घाट पर किया जाएगा. सोमवार को उनकी अंतिम यात्रा सुबह 9 बजे उनके निवास स्थान से निकलेगी. हनुमानजी के अनन्य भक्त आचार्य किशोर कुणाल का पार्थिव शरीर पटना के महावीर मन्दिर होते हुए अंतिम संस्कार को जाएगा. आचार्य किशोर कुणाल ने महावीर मन्दिर के पुनर्निर्माण से लेकर महावीर आरोग्य संस्थान, महावीर कैंसर संस्थान, महावीर वात्सल्य अस्पताल, महावीर नेत्रालय, महावीर वरिष्ठ नागरिक अस्पताल, विशालनाथ अस्पताल समेत 9 चैरिटेबल अस्पतालों की स्थापना की.</p>



<p>बिहार के पूर्वी चंपारण में विश्व के सबसे बड़े विराट् रामायण मन्दिर के निर्माण का बीड़ा भी उन्होंने उठाया था. वर्ष 2023 के 20 जून को विराट रामायण मन्दिर का निर्माण कार्य शुरू हुआ था. इसी 12 दिसंबर को उनके प्रयास से बच्चों के देश के पहले कैंसर अस्पताल महावीर बाल कैंसर अस्पताल का शिलान्यास मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया. आचार्य किशोर कुणाल के प्रयास और परिकल्पना से अयोध्या के अमावा राम मन्दिर परिसर में पटना के महावीर मन्दिर की ओर से राम रसोई और सीतामढ़ी स्थित जानकी जन्म स्थान पुनौराधाम में सीता रसोई चलायी जा रही है. अयोध्या की राम रसोई में दोनों पहर में औसतन 10 हजार भक्त प्रतिनिधि निःशुल्क भोजन प्रसाद पा रहे हैं.</p>



<p>राज्यपाल ने पुष्पांजलि दी, मुख्यमंत्री की ओर से उनके प्रधान सचिव आए. सुबह लगभग साढ़े 9 बजे आचार्य किशोर कुणाल का पार्थिव शरीर महावीर वात्सल्य अस्पताल से निकट स्थित उनके निवास स्थान सायण निलय लाया गया. तब तक धर्म और परोपकार के मसीहा के नहीं रहने की खबर फैल चुकी थी. महावीर वात्सल्य अस्पताल से पार्थिव शरीर के साथ उनकी अर्धांगनी अनीता कुणाल, पुत्र सायण कुणाल, पुत्रवधु व समस्तीपुर की सांसद साम्भवी, समधी और नीतीश सरकार में मंत्री अशोक चौधरी, समधिन नीता चौधरी, मंत्री सुमित कुमार सिंह, करीब रिश्तेदार एमएलसी अजय कुमार सिंह, विजय कुमार, विनय कुमार, जदयू नेता छोटू सिंह आदि आचार्य किशोर कुणाल के निवास स्थान पहुंचे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="608" height="409" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1000264534.jpg" alt="" class="wp-image-88410" /></figure>



<p>थोड़ी देर में ही डीजीपी विनय कुमार, पूर्व डीजीपी, डीएन गौतम, जिलाधिकारी चन्द्रशेखर सिंह, डीआईजी राजीव कुमार मिश्रा समेत अधिकारियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया. दिल्ली दौरे पर निकले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से उनके प्रधान सचिव दीपक कुमार और सचिव कुमार रवि श्रद्धांजलि देने पहुंचे. दीपक कुमार ने बताया कि आचार्य किशोर कुणाल के निधन की सूचना पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को यकीन नहीं हो रहा था. दोपहर लगभग साढ़े 12 बजे राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आचार्य किशोर कुणाल के पार्थिव शरीर पर श्रद्धासुमन अर्पित किया. पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद, पूर्व केन्द्रीय मंत्री डाॅ सी पी ठाकुर, अश्विनी चौबे, रामकृपाल यादव, सांसद वीणा देवी समेत कई राजनीतिक हस्तियों के आने का क्रम देर शाम तक जारी रहा. पटना उच्च न्यायालय के कई न्यायाधीश और सरकार के कई वरीय अधिकारियों ने भी आचार्य किशोर कुणाल के पार्थिव शरीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया.</p>



<p><strong>सोमवार सुबह 10 बजे महावीर मन्दिर में अंतिम दर्शन</strong></p>



<p>आचार्य किशोर कुणाल का पार्थिव शरीर सोमवार सुबह 10 बजे महावीर मन्दिर के प्रांगण में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया. जहाँ से अंतिम यात्रा हाजीपुर के कौनहारा घाट के लिए प्रस्थान की. कौनहारा घाट पर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत समेत कई प्रमुख हस्तियों के आने की संभावना है.</p>



<p><strong>नही जले लोगों के घरों के चूल्हे</strong></p>



<p>पूर्व IPS अधिकारी और महावीर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष होने के बावजूद भी अपने गांव और वहां के लोगों के लिए आचार्य किशोर कुणाल हमेशा एक आम इंसान की तरह ही रहे. व्यस्तता से समय निकाल जब भी गाँव जाते, मंदिर की खुद से साफ-सफाई करते थे. रविवार को उनके  निधन की खबर से उनके पैतृक गांव में सन्नाटा पसरा रहा. लोगों के घरों में चूल्हे नहीं जले. </p>
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