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	<title>aanand mohan &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>आनंद मोहन की रिहाई पर बिहार सरकार को नोटिस</title>
		<link>https://www.patnanow.com/notice-to-the-bihar-government-on-the-release-of-anand-mohan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 09 May 2023 05:05:45 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस,अब 2 हफ्ते में देना होगा जवाब&#160; बिहार के पूर्व बाहुबली आनंद मोहन सिंह की रिहाई के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है. बिहार सरकार और आनंद मोहन को नोटिस जारी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 2 हफ्तों में जवाब मांगा है. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से रिहाई से जुड़ा रिकॉर्ड देने को कहा. सुप्रीम कोर्ट के इस नोटिस के बाद अब आनंद मोहन और बिहार सरकार को 2 हफ्तों के अंदर जवाब देना होगा. इसके साथ ही बिहार सरकार को भी रिहाई से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड जमा करना होगा. दिवंगत आईएएस जी कृष्णैया की पत्नी उमा देवी ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. उमा देवी ने दायर की गई याचिका में फिर से आनंद मोहन को जेल भेजे जाने की मांग की और याचिका को कोर्ट में पहले ही स्वीकार कर लिया गया था. याचिका से पहले उमा देवी ने सीधा कहा था कि आनंद मोहन की रिहाई इसलिए की गई है ताकि वोट मिल सके. वहीं उमा देवी सीएम नीतीश कुमार से भी अपील कर चुकी हैं कि इस फैसले को रद्द किया जाए. उमा देवी ने यह भी कहा है कि चीफ मिनिस्टर फील्ड में जाकर काम नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसा निर्णय लेना चाहिए कि आईएएस और आईपीएस का मनोबल बढ़े.]]></description>
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<h4 class="wp-block-heading"><strong>सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस,अब 2 हफ्ते में देना होगा जवाब&nbsp;<br></strong></h4>



<p><a rel="noreferrer noopener" href="https://www.bhaskar.com/local/bihar/patna/news/anand-mohan-case-gopalganj-dm-g-krishnaiah-murder-case-sc-hearing-update-131247436.html" target="_blank"></a>बिहार के पूर्व बाहुबली आनंद मोहन सिंह की रिहाई के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है. बिहार सरकार और आनंद मोहन को नोटिस जारी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 2 हफ्तों में जवाब मांगा है. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से रिहाई से जुड़ा रिकॉर्ड देने को कहा. सुप्रीम कोर्ट के इस नोटिस के बाद अब आनंद मोहन और बिहार सरकार को 2 हफ्तों के अंदर जवाब देना होगा. इसके साथ ही बिहार सरकार को भी रिहाई से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड जमा करना होगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/aanand-mohan-and-nitish.png" alt="" class="wp-image-73727" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/aanand-mohan-and-nitish.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/04/aanand-mohan-and-nitish-350x197.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><br>दिवंगत आईएएस जी कृष्णैया की पत्नी उमा देवी ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. उमा देवी ने दायर की गई याचिका में फिर से आनंद मोहन को जेल भेजे जाने की मांग की और याचिका को कोर्ट में पहले ही स्वीकार कर लिया गया था. याचिका से पहले उमा देवी ने सीधा कहा था कि आनंद मोहन की रिहाई इसलिए की गई है ताकि वोट मिल सके. वहीं उमा देवी सीएम नीतीश कुमार से भी अपील कर चुकी हैं कि इस फैसले को रद्द किया जाए. उमा देवी ने यह भी कहा है कि चीफ मिनिस्टर फील्ड में जाकर काम नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसा निर्णय लेना चाहिए कि आईएएस और आईपीएस का मनोबल बढ़े.</p>
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		<item>
		<title>क्या आनंद मोहन को फिर होगी जेल ?</title>
		<link>https://www.patnanow.com/will-anand-mohan-be-jailed-again/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 08 May 2023 02:19:07 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जी.कृष्णैया की पत्नी ने रिहाई के खिलाफ दायर की थी याचिका, आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाईबिहार सरकार के फैसले पर खड़ा हुआ विवाद बिहार के डीएम रहे जी कृष्णैया की हत्या के दोषी पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई के मामले में सोमवार ) को सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा. आनंद मोहन को बिहार सरकार की ओर से किए गए जेल नियम में बदलाव के चलते जल्दी रिहा कर दिया गया था.जिसके चलते पूर्व जिलाधिकारी की पत्नी उमा देवी ने बिहार सरकार के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. अब इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई होगी. बिहार सरकार ने नियमों में बदलाव करके आनंद मोहन सिंह को गुरुवार (27 अप्रैल) सुबह 6.15 बजे सहरसा जेल से रिहा कर दिया था. इसपर कृष्णैया के परिवार ने विरोध जताकर याचिका दाखिल की थी.बिहार सरकार के इस फैसले के बाद काफी विवाद खड़ा हो गया है. जानकारी के मुताबिक कृष्णैया की पत्नी उमा देवी ने अपनी याचिका में बिहार सरकार का आदेश रद्द करने की मांग की है. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया जाता है तो फिर दोषी को रिहा क्यों किया गया.उमा देवी ने पूर्व सांसद की रिहाई के खिलाफ 29 अप्रैल को चुनौती दी थी. उनकी ओर से दायर याचिका में आनंद मोहन को ​फिर से जेल भेजने की मांग की गई है. PNCDESK]]></description>
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<p><strong>जी</strong>.<strong>कृष्णैया की पत्नी ने रिहाई के खिलाफ दायर की थी याचिका, आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई<br>बिहार सरकार के फैसले पर खड़ा हुआ विवाद</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/aanand-mohan.png" alt="" class="wp-image-74143" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/aanand-mohan.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/aanand-mohan-350x197.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>बिहार के डीएम रहे जी कृष्णैया की हत्या के दोषी पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई के मामले में सोमवार ) को सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा. आनंद मोहन को बिहार सरकार की ओर से किए गए जेल नियम में बदलाव के चलते जल्दी रिहा कर दिया गया था.जिसके चलते पूर्व जिलाधिकारी की पत्नी उमा देवी ने बिहार सरकार के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. अब इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई होगी. बिहार सरकार ने नियमों में बदलाव करके आनंद मोहन सिंह को गुरुवार (27 अप्रैल) सुबह 6.15 बजे सहरसा जेल से रिहा कर दिया था. इसपर कृष्णैया के परिवार ने विरोध जताकर याचिका दाखिल की थी.<br>बिहार सरकार के इस फैसले के बाद काफी विवाद खड़ा हो गया है. जानकारी के मुताबिक कृष्णैया की पत्नी उमा देवी ने अपनी याचिका में बिहार सरकार का आदेश रद्द करने की मांग की है. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया जाता है तो फिर दोषी को रिहा क्यों किया गया.उमा देवी ने पूर्व सांसद की रिहाई के खिलाफ 29 अप्रैल को चुनौती दी थी. उनकी ओर से दायर याचिका में आनंद मोहन को ​फिर से जेल भेजने की मांग की गई है.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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		<title>सूर्योदय के पहले आनंद मोहन की जेल से रिहाई गलत</title>
		<link>https://www.patnanow.com/anand-mohans-release-from-jail-before-sunrise-is-wrong-way/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 27 Apr 2023 06:53:02 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[हाई कोर्ट में दायर याचिका से बढ़ने वाली है मुश्किल! बिहार कारागार नियमावली, 2012 के नियम 481(i) (क) में किए गए संशोधन को गैरकानूनी राजद के विधायक चेतन आनंद ने बुधवार को यहां कहा कि अधिकारी जी. कृष्णया के परिवार से पूरी सहानुभूति है. उन्होंने इच्छा जताई कि उनका परिवार हैदराबाद जाकर जी.कृष्णया की पत्नी और बेटी से मिलना चाहता है पटना: पूर्व सांसद आनंद मोहन की 27 अप्रैल की सुबह जेल से रिहाई हो गई. इस रिहाई को कानून जानकार गलत भी मान रहे हैं. पहले शुरुआत में यह खबर आई थी कि आनंद मोहन को सुबह 4 से 4.30 बजे के आसपास जेल से छोड़ा गया है. अब सहरसा जेल के सुपरिंटेंडेंट अमित कुमार ने बताया है कि आनंद मोहन को सुबह 6.15 बजे छोड़ा गया है. सूत्रों के अनुसार आनंद मोहन को जेल के पीछे वाले गेट से निकाला गया है. नियम के मुताबिक सूर्योदय से पहले किसी भी कैदी को या रिहा होने वाले को नहीं निकाला जा सकता है. अब ऐसे में आनंद मोहन की रिहाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि कहीं इस तरीके से की गई रिहाई गलत तो नहीं है. वहीं दूसरी ओर आनंद मोहन की रिहाई को लेकर जेल नियमों में हुए बदलाव के खिलाफ बुधवार (26 अप्रैल) को पटना हाई कोर्ट में एक सामाजिक कार्यकर्ता ने याचिका दायर की है. पटना हाईकोर्ट में बिहार सरकार की ओर से जारी उस अधिसूचना को निरस्त करने के लिए लोकहित याचिका दायर की गई है, जिसके तहत बिहार कारागार नियमावली, 2012 के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
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<p><strong>हाई कोर्ट में दायर याचिका से बढ़ने वाली है मुश्किल!</strong></p>



<p><strong>बिहार कारागार नियमावली, 2012 के नियम 481(i) (क) में किए गए संशोधन को गैरकानूनी</strong></p>



<p class="has-vivid-red-color has-text-color"><strong>राजद के विधायक चेतन आनंद ने बुधवार को यहां कहा कि अधिकारी जी. कृष्णया के परिवार से पूरी सहानुभूति है. उन्होंने इच्छा जताई कि उनका परिवार हैदराबाद जाकर जी.कृष्णया की पत्नी और बेटी से मिलना चाहता है</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="540" height="405" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/anand-मोहन.png" alt="" class="wp-image-73756" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/anand-मोहन.png 540w, https://www.patnanow.com/assets/2023/04/anand-मोहन-350x263.png 350w" sizes="(max-width: 540px) 100vw, 540px" /></figure>



<p>पटना: पूर्व सांसद आनंद मोहन की 27 अप्रैल की सुबह जेल से रिहाई हो गई. इस रिहाई को कानून जानकार गलत भी मान रहे हैं. पहले शुरुआत में यह खबर आई थी कि आनंद मोहन को सुबह 4 से 4.30 बजे के आसपास जेल से छोड़ा गया है. अब सहरसा जेल के सुपरिंटेंडेंट अमित कुमार ने बताया है कि आनंद मोहन को सुबह 6.15 बजे छोड़ा गया है. सूत्रों के अनुसार आनंद मोहन को जेल के पीछे वाले गेट से निकाला गया है. नियम के मुताबिक सूर्योदय से पहले किसी भी कैदी को या रिहा होने वाले को नहीं निकाला जा सकता है. अब ऐसे में आनंद मोहन की रिहाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि कहीं इस तरीके से की गई रिहाई गलत तो नहीं है. वहीं दूसरी ओर आनंद मोहन की रिहाई को लेकर जेल नियमों में हुए बदलाव के खिलाफ बुधवार (26 अप्रैल) को पटना हाई कोर्ट में एक सामाजिक कार्यकर्ता ने याचिका दायर की है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/anand-mohan.png" alt="" class="wp-image-73757" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/anand-mohan.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/04/anand-mohan-350x263.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>पटना हाईकोर्ट में बिहार सरकार की ओर से जारी उस अधिसूचना को निरस्त करने के लिए लोकहित याचिका दायर की गई है, जिसके तहत बिहार कारागार नियमावली, 2012 के नियम 481(i)(क) में संशोधन कर &#8216;ड्यूटी पर तैनात लोक सेवक की हत्या&#8217; वाक्य को हटाया दिया गया. इस लोकहित याचिका सामाजिक कार्यकर्ता अमर ज्योति ने अपने अधिवक्ता अलका वर्मा के माध्यम से दायर की है. याचिका में राज्य सरकार की ओर से बिहार कारागार नियमावली, 2012 के नियम 481(i) (क) में किए गए संशोधन को गैरकानूनी बताया गया है. यह अधिसूचना कानून व्यवस्था पर प्रतिकूल असर डालने वाली है और ड्यूटी पर मौजूद लोक सेवकों और आम जनता के मनोबल को गिराती है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="600" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/lovely-anand-3_1601467265.jpg" alt="" class="wp-image-73758" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/lovely-anand-3_1601467265.jpg 600w, https://www.patnanow.com/assets/2023/04/lovely-anand-3_1601467265-350x350.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/04/lovely-anand-3_1601467265-250x250.jpg 250w" sizes="(max-width: 600px) 100vw, 600px" /></figure>



<p>वहीँ आनंद मोहन की रिहाई के बाद उनके घर में खुशी का माहौल है. हालांकि बिहार में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी जी कृष्णया की हत्या के मामले में सजायाफ्ता आनंद मोहन सहित 27 लोगों की रिहाई को लेकर प्रदेश की सियासत गर्म है. इस बीच, पूर्व सांसद और बाहुबली आनंद मोहन के पुत्र चेतन आनंद ने अधिकारी के परिजनों से मिलने की इच्छा व्यक्त की है. राजद के विधायक चेतन आनंद ने बुधवार को यहां कहा कि अधिकारी जी. कृष्णया के परिवार से पूरी सहानुभूति है. उन्होंने इच्छा जताई कि उनका परिवार हैदराबाद जाकर जी.कृष्णया की पत्नी और बेटी से मिलना चाहता है. इसके लिए हैदराबाद में उन्होंने अपने लोगों से संपर्क साधा है, जो जी.कृष्णया की पत्नी के पास जायेंगे.उन्होंने कहा इस घटना के बाद दोनों परिवार ने काफी कुछ सहा और &nbsp;काफी दुख भी उठाए हैं.</p>
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		<title>सरकारी अधिकारी पर हमला मतलब राज्य, राष्ट्र और जनता पर हमला</title>
		<link>https://www.patnanow.com/attack-on-government-official-means-attack-on-state-nation-and-people/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 26 Apr 2023 07:06:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
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					<description><![CDATA[ इसके दोषी आनंद मोहन पर आखिर क्यों मेहरबान है बिहार सरकार? लोकसभा चुनाव में वोट बैंक को साधने के लिए नीतीश ने यह फैसला किया जब से नीतीश कुमार बीजेपी से अलग हुए हैं, वो उसे हराने के लिए तमाम तरह के हथकंडे अपना रहे हैं. इस सिलसिले में वो विपक्ष को एकजुट करने के लिए कई पार्टियों के दिग्गजों से भी मुलाकात कर चुके हैं. इस बीच आनंद मोहन को कानून में बदलाव करके जेल से बाहर निकालना भी इसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है. एक तरफ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार राज्य से माफियाओं और बदमाशों के सफाए  में जुटी है, तो वहीं इससे सटे राज्य बिहार में पूर्व सांसद आनंद मोहन जो एक पूर्व आईएएस अधिकारी की हत्या के आरोप में जेल में बंद है उसके रिहाई को लेकर नीतीश सरकार की देश भर में काफी किरकिरी हो रही है. नीतीश कुमार पर आरोप लगाया जा रहा है कि आगामी लोकसभा चुनाव में वोट बैंक को साधने के लिए उन्होंने यह फैसला किया है. दरअसल, बिहार सरकार द्वारा आनंद मोहन के साथ ही कुल 27 कैदियों को जेल से रिहा करने के संबंध में अधिसूचना जारी की गई है, जो उम्र कैद की सजा काट रहे हैं. बिहार जेल नियमावली में हुआ बदलाव बता दें, उम्रकैद के मामले में 14 साल की सजा काटने के बाद कुछ शर्तों के आधार पर लोगों की रिहाई होने का नियम है. लेकिन आनंद मोहन का मामला एक सरकारी अधिकारी की हत्या से जुड़ा है. इस मामले में सजा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
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<p class="has-vivid-red-color has-text-color"><strong> इसके दोषी आनंद मोहन पर आखिर क्यों मेहरबान है बिहार सरकार?</strong></p>



<p class="has-vivid-red-color has-text-color"><strong>लोकसभा चुनाव में वोट बैंक को साधने के लिए नीतीश ने यह फैसला किया</strong></p>



<p>जब से नीतीश कुमार बीजेपी से अलग हुए हैं, वो उसे हराने के लिए तमाम तरह के हथकंडे अपना रहे हैं. इस सिलसिले में वो विपक्ष को एकजुट करने के लिए कई पार्टियों के दिग्गजों से भी मुलाकात कर चुके हैं. इस बीच आनंद मोहन को कानून में बदलाव करके जेल से बाहर निकालना भी इसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/aanand-mohan-and-nitish.png" alt="" class="wp-image-73727" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/aanand-mohan-and-nitish.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/04/aanand-mohan-and-nitish-350x197.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>एक तरफ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार राज्य से माफियाओं और बदमाशों के सफाए  में जुटी है, तो वहीं इससे सटे राज्य बिहार में पूर्व सांसद आनंद मोहन जो एक पूर्व आईएएस अधिकारी की हत्या के आरोप में जेल में बंद है उसके रिहाई को लेकर नीतीश सरकार की देश भर में काफी किरकिरी हो रही है. नीतीश कुमार पर आरोप लगाया जा रहा है कि आगामी लोकसभा चुनाव में वोट बैंक को साधने के लिए उन्होंने यह फैसला किया है. दरअसल, बिहार सरकार द्वारा आनंद मोहन के साथ ही कुल 27 कैदियों को जेल से रिहा करने के संबंध में अधिसूचना जारी की गई है, जो उम्र कैद की सजा काट रहे हैं.</p>



<p class="has-luminous-vivid-orange-color has-text-color">बिहार जेल नियमावली में हुआ बदलाव</p>



<p>बता दें, उम्रकैद के मामले में 14 साल की सजा काटने के बाद कुछ शर्तों के आधार पर लोगों की रिहाई होने का नियम है. लेकिन आनंद मोहन का मामला एक सरकारी अधिकारी की हत्या से जुड़ा है. इस मामले में सजा काट रहे अपराधी को इस नियम का लाभ बिहार में नहीं मिलता था, लेकिन अब बिहार जेल नियमावली 2012 के नियम 481 (1) क में राज्य गृह विभाग ने संशोधन कर दिया है और ‘काम पर तैनात सरकारी सेवक की हत्या’ इस वाक्यांश को ही नियम से हटा दिया है. इसी नियम के तहत आंनद मोहन की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="369" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/aaanad-mohan-and-krishnaiya.png" alt="" class="wp-image-73726" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/aaanad-mohan-and-krishnaiya.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/04/aaanad-mohan-and-krishnaiya-350x199.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p class="has-vivid-red-color has-text-color">&nbsp;डीएम की हत्या से पूरा देश दहल गया था</p>



<p>5 दिसंबर 1994 के दिन बिहार के मुजफ्फपुर में सरेआम हत्या से पूरा देश दहल गया था. इस हत्या से एक दिन पहले बिहार का एक कुख्यात अपराधी छोटन शुक्ला मारा गया था, जिसको लेकर उसके समर्थकों में गुस्सा था. इन समर्थकों की अगुआई कुछ नेता भी कर रहे थे, जिसमें आंनद मोहन का नाम भी शामिल है. इसी दौरान भीड़ ने डीएम की हत्या कर दी. मामले में 13 साल बाद आनंद मोहन और उसकी पत्नी समेत कई लोगों को हत्या का दोषी माना गया, साल 2007 में ट्रायल कोर्ट ने आनंद मोहन को फांसी की सजा सुनाई. इसके बाद मामला 2008 में हाईकोर्ट पहुंचा. हाईकोर्ट ने फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया. फिर 2012 में आंनद मोहन ने सुप्रीम कोर्ट में सजा कम कराने की अपील की लेकिन कोर्ट ने इस मांग को खारिज कर दिया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="621" height="348" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/am.png" alt="" class="wp-image-73728" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/am.png 621w, https://www.patnanow.com/assets/2023/04/am-350x196.png 350w" sizes="(max-width: 621px) 100vw, 621px" /><figcaption>फ़ाइल फोटो </figcaption></figure>



<p class="has-luminous-vivid-orange-color has-text-color">खानापूर्ति कर रहा विपक्ष</p>



<p>आनंद मोहन की रिहाई के खबर मिलते ही IAS अधिकारी जी कृष्णैया की पत्नी ने इसका विरोध किया है. वहीं विपक्ष भी नीतीश सरकार पर जुबानी हमले करना शुरू कर दिया है. बीजेपी के कई नेताओं ने नीतीश सरकार को घेरा है, हालांकि सोचने वाली बात ये है कि इस मामले में बीजेपी के विरोध की आवाज उतनी तेज नहीं है जितनी अक्सर हुआ करती है. वहीं सत्ता पक्ष के नेताओं का कहना है कि सरकार के सही फैसले को विपक्ष बेमतलब मुद्दा बना रहा है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="365" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/anand-1.png" alt="" class="wp-image-73729" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/anand-1.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/04/anand-1-350x197.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p class="has-vivid-red-color has-text-color">बिहार सरकार से सवाल</p>



<p>वैसे बिहार सरकार ने आखिर इस कानून में संशोधन क्यों किया? क्या इस नियम में बदलाव की वजह आनंद मोहन को जेल से बाहर निकालना ही था या कुछ और? क्या नीतीश कुमार के लिए आनंद मोहन इतना बड़ा बन गए हैं जिनके सहारे वो बीजेपी को हराने की जो रणनीति बना रहे हैं उसमें सफल हो जाएंगे? इन सब सवालों का जवाब तो आने वाला वक्त बताएगा, लेकिन इन सबके बीच एक बड़ा सवाल ये भी है कि क्या नेता जनता के पहरेदार होने का दावा झूठा करते हैं? एक सरकारी अधिकारी पर हमला मतलब सरकार पर हमला कहा जाता है. सरकार पर हमला मतलब राज्य और राष्ट्र पर हमला होता है. जिस शख्स को कोर्ट ने दोषी माना है उसे कानून में बदलाव कर आखिर जेल से बाहर निकालकर जनता के बीच बिहार सरकार क्या संदेश देना चाहती है?</p>



<p><strong>शशि राय </strong>,<strong>वरीय संवाददाता </strong></p>
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		<title>सेंट्रल आईएएस एसो. ने आनन्द मोहन की रिहाई पर गहरी निराशा जताई</title>
		<link>https://www.patnanow.com/central-ias-ass-expressed-deep-disappointment-over-the-release-of-anand-mohan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 26 Apr 2023 06:35:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Crime]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
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					<description><![CDATA[ऐसे फैसलों से लोक सेवकों के मनोबल में गिरावट आती है लोक व्यवस्था कमजोर होती है और प्रशासन के न्याय का मजाक बनता है सेंट्रल आईएएस एसोसिएशन ने गोपालगंज के पूर्व डीएम जी कृष्णैया की नृशंस हत्या के दोषियों को रिहा करने के बिहार सरकार के फैसले पर गहरी निराशा जताई है. एसोसिएशन ने कहा कि नियमों में संशोधन कर लोक सेवक की हत्या के आरोप में दोषी को कम जघन्य श्रेणी में फिर से क्लासिफाई नहीं किया जा सकता. आईएएस एसोसिएशन ने कहा कि एक मौजूदा वर्गीकरण में संशोधन, जो कर्तव्य पर एक लोक सेवक के सजायाफ्ता हत्यारे की रिहाई की ओर ले जाता है, न्याय से वंचित करने के समान है. ऐसे फैसलों से लोक सेवकों के मनोबल में गिरावट आती है, लोक व्यवस्था कमजोर होती है और प्रशासन के न्याय का मजाक बनता है. हमारा सरकार से अनुरोध है कि वो जल्द इस फैसले पर पुर्निविचार करे. वहीं, बाहुबली नेता के जेल से रिहा होने पर बिहार में बयानबाजी तेज है. भाजपा खुलकर कुछ नहीं कह रही है लेकिन 26 अन्य कैदियों के छोड़ने का विरोध कर रही है. इसी क्रम में भाजपा विधान मंडल दल के नेता विजय सिन्हा ने मंगलवार को बयान जारी कर अपनी प्रतिक्रिया दी.विजय सिन्हा ने कहा कि सरकार का यह कदम दुर्भाग्यपूर्ण है. आनंद मोहन को राजनीतिक कारणों से तत्कालीन सरकार द्वारा फंसाया गया था, उनकी रिहाई स्वागत योग्य है. सरकार को उनसे मांफी मांगनी चाहिए, लेकिन उनकी आड़ में अन्य 26 अपराधियों की रिहाई सूची में नाम देखकर बिहार के [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>ऐसे फैसलों से लोक सेवकों के मनोबल में गिरावट आती है</strong></p>



<p><strong>लोक व्यवस्था कमजोर होती है और प्रशासन के न्याय का मजाक बनता है</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="365" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/anand.png" alt="" class="wp-image-73717" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/anand.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/04/anand-350x197.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>सेंट्रल आईएएस एसोसिएशन ने गोपालगंज के पूर्व डीएम जी कृष्णैया की नृशंस हत्या के दोषियों को रिहा करने के बिहार सरकार के फैसले पर गहरी निराशा जताई है. एसोसिएशन ने कहा कि नियमों में संशोधन कर लोक सेवक की हत्या के आरोप में दोषी को कम जघन्य श्रेणी में फिर से क्लासिफाई नहीं किया जा सकता. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="490" height="650" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/new-490x650.png" alt="" class="wp-image-73765" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/new-490x650.png 490w, https://www.patnanow.com/assets/2023/04/new-264x350.png 264w, https://www.patnanow.com/assets/2023/04/new.png 535w" sizes="(max-width: 490px) 100vw, 490px" /></figure>



<p>आईएएस एसोसिएशन ने कहा कि एक मौजूदा वर्गीकरण में संशोधन, जो कर्तव्य पर एक लोक सेवक के सजायाफ्ता हत्यारे की रिहाई की ओर ले जाता है, न्याय से वंचित करने के समान है. ऐसे फैसलों से लोक सेवकों के मनोबल में गिरावट आती है, लोक व्यवस्था कमजोर होती है और प्रशासन के न्याय का मजाक बनता है. हमारा सरकार से अनुरोध है कि वो जल्द इस फैसले पर पुर्निविचार करे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="600" height="369" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/anand1.png" alt="" class="wp-image-73718" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/anand1.png 600w, https://www.patnanow.com/assets/2023/04/anand1-350x215.png 350w" sizes="(max-width: 600px) 100vw, 600px" /></figure>



<p>वहीं, बाहुबली नेता के जेल से रिहा होने पर बिहार में बयानबाजी तेज है. भाजपा खुलकर कुछ नहीं कह रही है लेकिन 26 अन्य कैदियों के छोड़ने का विरोध कर रही है. इसी क्रम में भाजपा विधान मंडल दल के नेता विजय सिन्हा ने मंगलवार को बयान जारी कर अपनी प्रतिक्रिया दी.विजय सिन्हा ने कहा कि सरकार का यह कदम दुर्भाग्यपूर्ण है. आनंद मोहन को राजनीतिक कारणों से तत्कालीन सरकार द्वारा फंसाया गया था, उनकी रिहाई स्वागत योग्य है. सरकार को उनसे मांफी मांगनी चाहिए, लेकिन उनकी आड़ में अन्य 26 अपराधियों की रिहाई सूची में नाम देखकर बिहार के लोग स्तब्ध हैं. सिन्हा ने कहा कि साल 2016 में जेल मेन्युअल में संशोधन आनंद मोहन पर बदले की भावना से कार्रवाई करने के लिए की गई थी. उसी संशोधन का परिणाम है कि सम्पूर्ण सजा काटने के बाद भी उनकी रिहाई नहीं हुई.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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