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	<title>Aamir Subhani &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>Aamir Subhani &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>सीएम नीतीश के राजगीर दौरे से बढ़ी सियासी हलचल</title>
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		<pubDate>Sat, 08 Jul 2023 14:47:13 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[राजगीर मलमास मेला में नल से मिलेगा गंगाजल श्रद्धालुओं को नल से मिलेगा गंगाजलश्रद्धालुओं की सुविधा के लिए टेंट सिटी का निर्माणतेजस्वी यादव की तस्वीर नहीं दिखी कहीं बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राजगीर जाते ही एक बार फिर से सियासी हलचल तेज हो गई है. ऐसा कहा जाता है कि मुख्यमंत्री जब भी राजगीर जाते हैं तो बिहार की सियासत में कुछ न कुछ होता ही है.सीएम  नीतीश कुमार 18 जुलाई से शुरू हो रहे मलमास मेले की तैयारियों का जायजा लेने शनिवार को राजगीर पहुंचे. सीएम नीतीश मलमास मेला शुरू होने से पहले दूसरी बार तैयारियों का जायजा लेने राजगीर पहुंचे. इससे पहले 2 जून को वे राजगीर आए थे. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को राजगीर पहुंचकर सबसे पहले वैतरणी घाट गए. जहां उन्होंने वैतरणी नदी में की गई उड़ाही और बनाए गए घाटों का निरीक्षण किया. इसके बाद ब्रह्म कुंड परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने बारीकी से किए गए कार्यों का निरीक्षण किया. ब्रह्मकुंड परिसर में सप्तधारा का निरीक्षण करने के दौरान उन्होंने गर्म पानी का सेवन भी किया. उन्होंने मलमास मेले के आधिकारिक वेबसाइट www.malmasmela.in का लोकार्पण भी किया. नीतीश कुमार ने पूरे परिसर का घूम घूम कर जायजा लिया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया. राजगीर में आने वाले श्रद्धालुओं को इस बार गंगाजल पीने के लिए मिलेगा. जिसका शुभारंभ भी नीतीश कुमार ने ही किया था. राजगीर आने वाले श्रद्धालुओं को पहली बार पीने के लिए शुद्ध गंगाजल उपलब्ध कराया जाएगा. इसके लिए जगह जगह पर गंगाजल के नल [&#8230;]]]></description>
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<h2 class="wp-block-heading has-vivid-cyan-blue-color has-text-color"><br><strong>राजगीर मलमास मेला में नल से मिलेगा गंगाजल</strong></h2>



<p><strong>श्रद्धालुओं को नल से मिलेगा गंगाजल<br>श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए टेंट सिटी का निर्माण<br>तेजस्वी यादव की तस्वीर नहीं दिखी कहीं</strong><br><br>बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राजगीर जाते ही एक बार फिर से सियासी हलचल तेज हो गई है. ऐसा कहा जाता है कि मुख्यमंत्री जब भी राजगीर जाते हैं तो बिहार की सियासत में कुछ न कुछ होता ही है.सीएम  नीतीश कुमार 18 जुलाई से शुरू हो रहे मलमास मेले की तैयारियों का जायजा लेने शनिवार को राजगीर पहुंचे. सीएम नीतीश मलमास मेला शुरू होने से पहले दूसरी बार तैयारियों का जायजा लेने राजगीर पहुंचे. इससे पहले 2 जून को वे राजगीर आए थे. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को राजगीर पहुंचकर सबसे पहले वैतरणी घाट गए. जहां उन्होंने वैतरणी नदी में की गई उड़ाही और बनाए गए घाटों का निरीक्षण किया. इसके बाद ब्रह्म कुंड परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने बारीकी से किए गए कार्यों का निरीक्षण किया. ब्रह्मकुंड परिसर में सप्तधारा का निरीक्षण करने के दौरान उन्होंने गर्म पानी का सेवन भी किया. उन्होंने मलमास मेले के आधिकारिक वेबसाइट <a rel="noreferrer noopener" href="http://www.malmasmela.in" data-type="URL" data-id="www.malmasmela.in" target="_blank">www.malmasmela.in</a> का लोकार्पण भी किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/07/nitish-malmas-mela-650x433.jpg" alt="" class="wp-image-76165" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/07/nitish-malmas-mela-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/nitish-malmas-mela-350x233.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/nitish-malmas-mela-768x512.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/nitish-malmas-mela.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>नीतीश कुमार ने पूरे परिसर का घूम घूम कर जायजा लिया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया. राजगीर में आने वाले श्रद्धालुओं को इस बार गंगाजल पीने के लिए मिलेगा. जिसका शुभारंभ भी नीतीश कुमार ने ही किया था. राजगीर आने वाले श्रद्धालुओं को पहली बार पीने के लिए शुद्ध गंगाजल उपलब्ध कराया जाएगा. इसके लिए जगह जगह पर गंगाजल के नल की व्यवस्था की गई है. आने वाले श्रद्धालुओं के किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो इसके लिए स्टेट गेस्ट हाउस मैदान में टेंट सिटी का निर्माण किया जा रहा है. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/07/nitish-malmas-mela2-650x433.jpg" alt="" class="wp-image-76166" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/07/nitish-malmas-mela2-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/nitish-malmas-mela2-350x233.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/nitish-malmas-mela2-768x512.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/nitish-malmas-mela2.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इसके अलावे राजगीर स्थित सरस्वती नदी एवं वैतरणी नदी की उड़ाही कर घाटों का जीर्णोधार  कराया गया है.मुख्यमंत्री ने मलमास मेले की स्वच्छता को लेकर सफाईकर्मियों को कार्य की शुरूआत करने के लिये हरी झंडी दिखायी.निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वैतरणी धाम घाट पर श्रद्धालु काफी संख्या में पहुंचते हैं, ये बहुत महत्वपूर्ण स्थल है. यहां स्वच्छ जल के साथ-साथ घाट की साफ-सफाई का प्रबंध बेहतर रखें और लगातार साफ-सफाई होता रहे इसे सुनिश्चित करायें.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/07/nitish-malmas-mela3-650x433.jpg" alt="" class="wp-image-76167" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/07/nitish-malmas-mela3-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/nitish-malmas-mela3-350x233.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/nitish-malmas-mela3-768x512.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/nitish-malmas-mela3.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/07/nitish-malmas-mela5-650x433.jpg" alt="" class="wp-image-76168" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/07/nitish-malmas-mela5-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/nitish-malmas-mela5-350x233.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/nitish-malmas-mela5-768x512.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/nitish-malmas-mela5.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>मान्यता के अनुसार 1 महीने तक 33 कोटि देवी देवता राजगीर में ही प्रवास करते हैं. इसे लेकर देश के कोने-कोने से साधु संत शाही स्नान करने पहुंचते हैं. साधु संतों के रहने के लिए भी अलग से व्यवस्था की जा रही है. वहीं, राजगीर में एक ओर मलमास मेले को लेकर जहां होर्डिंग और बैनर में सिर्फ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही नजर आएं तो दूसरी तरफ उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की तस्वीर कहीं नहीं दिखी.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/07/nitish-malmas-mela5-1-650x433.jpg" alt="" class="wp-image-76169" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/07/nitish-malmas-mela5-1-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/nitish-malmas-mela5-1-350x233.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/nitish-malmas-mela5-1-768x512.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/nitish-malmas-mela5-1.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><br>राजगीर मलमास में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो. इसके लिए स्टेट गेस्ट हाउस मैदान में टेंट सिटी का निर्माण किया जा रहा है. इसके अलावे राजगीर स्थित सरस्वती नदी और वैतरणी नदी की उड़ाही कर घाटों का जीर्णोद्धार भी कराया जा रहा है. वही, जिला प्रशासन के द्वारा भी लगातार मलमास मेला की तैयारी को लेकर निरीक्षण किया जा रहा है. डीएम शशांक शुभंकर भी प्रतिदिन कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/07/nitish-malmas-mela4-650x433.jpg" alt="" class="wp-image-76170" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/07/nitish-malmas-mela4-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/nitish-malmas-mela4-350x233.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/nitish-malmas-mela4-768x512.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/nitish-malmas-mela4.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इस अवसर पर वित्त, वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, सांसद कौशलेंद्र कुमार, विधायक कृष्ण मुरारी शरण उर्फ प्रेम मुखिया, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, पुलिस महानिदेशक आर०एस० भट्ठी, जल संसाधन विभाग एवं लघु जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ० एस० सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त परामर्शी  मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, पर्यटन विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, भवन निर्माण विभाग के सचिव सह पटना प्रमंडल के आयुक्त कुमार रवि, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, पुलिस महानिरीक्षक पटना प्रक्षेत्र राकेश राठी, पटना जिला के जिलाधिकारी चन्द्रशेखर सिंह, गया जिला के जिलाधिकारी त्यागराजन एस०एम०, नालंदा जिला के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर, पटना जिला के वरीय पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा, नालंदा जिला के पुलिस अधीक्षक अशोक मिश्रा सहित अन्य वरीय पदाधिकारीगण एवं राजगृह तपोवन तीर्थ रक्षार्थ पंडा समिति के सदस्यगण उपस्थित थे.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अल्प एवं अनियमित वर्षापात से प्रभावितों को जल्द दें सहायता:  नीतीश</title>
		<link>https://www.patnanow.com/give-early-help-to-those-affected-by-scanty-and-irregular-rainfall-nitish/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 13 Oct 2022 09:25:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Aamir Subhani]]></category>
		<category><![CDATA[nitish kumar]]></category>
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		<category><![CDATA[scanty and irregular rainfall: Nitish]]></category>
		<category><![CDATA[vijay kumar chaudhry]]></category>
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					<description><![CDATA[मुख्यमंत्री ने अल्प एवं अनियमित वर्षापात से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की अक्टूबर माह में अधिक वर्षापात के कारण प्रभावित जिलों के संभावित फसल क्षति का आकलन कराएं सभी प्रभावित किसानों को हर संभव सहायता देना सरकार की प्राथमिकता बीज वितरण का फायदा सभी किसानों को दिलाएं ताकि उन्हें कृषि कार्य में राहत मिल सके 06 लाख 67 हजार 42 आवेदकों के खाते में 96.31 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित: संजय अग्रवाल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्य में अल्प एवं अनियमित वर्षापात से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की. समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्प वर्षापात के कारण सभी प्रभावित जिलों के प्रखण्ड, पंचायत, गांव एवं टोला स्तर तक सुखाड़ की स्थिति का कराए गए आंकलन में जो भी प्रभावित किसान हैं उन्हें शीघ्र सहायता दी जाए. उन्होंने कहा कि जितने क्षेत्रों में धान की रोपनी हुई है उसकी सिंचाई के लिये किसानों को डीजल अनुदान का लाभ दिया जा रहा है. डीजल अनुदान योजना के तहत जो बचे हुए आवेदक हैं, उन्हें डीजल अनुदान का लाभ तेजी से दिलाएं. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोग बाढ़ एवं सुखाड़ की स्थिति में हर वर्ष प्रभावित लोगों को मदद करते हैं. सरकार किसानों को हरसंभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है. अक्टूबर माह में अधिक वर्षापात के कारण कई जिलों में फसल क्षति की जानकारी मिली है. प्रभावित जिलों के संभावित फसल क्षति का आकलन कराएं और प्रभावित किसानों को भी सहायता उपलब्ध कराएं. उन्होंने कहा कि आकस्मिक फसल योजना के तहत किए गए बीज वितरण का फायदा सभी किसानों को दिलाएं [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>मुख्यमंत्री ने अल्प एवं अनियमित वर्षापात से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की</strong></p>



<p><strong>अक्टूबर माह में अधिक वर्षापात के कारण प्रभावित जिलों के संभावित फसल क्षति का आकलन कराएं</strong></p>



<p><strong>सभी प्रभावित किसानों को हर संभव सहायता देना सरकार की प्राथमिकता</strong></p>



<p><strong>बीज वितरण का फायदा सभी किसानों को दिलाएं ताकि उन्हें कृषि कार्य में राहत मिल सके</strong></p>



<p><strong>06 लाख 67 हजार 42 आवेदकों के खाते में 96.31 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित: संजय अग्रवाल</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्य में अल्प एवं अनियमित वर्षापात से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की. समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्प वर्षापात के कारण सभी प्रभावित जिलों के प्रखण्ड, पंचायत, गांव एवं टोला स्तर तक सुखाड़ की स्थिति का कराए गए आंकलन में जो भी प्रभावित किसान हैं उन्हें शीघ्र सहायता दी जाए. उन्होंने कहा कि जितने क्षेत्रों में धान की रोपनी हुई है उसकी सिंचाई के लिये किसानों को डीजल अनुदान का लाभ दिया जा रहा है. डीजल अनुदान योजना के तहत जो बचे हुए आवेदक हैं, उन्हें डीजल अनुदान का लाभ तेजी से दिलाएं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="434" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/nitish.jpg" alt="" class="wp-image-67550" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/nitish.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/10/nitish-350x234.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोग बाढ़ एवं सुखाड़ की स्थिति में हर वर्ष प्रभावित लोगों को मदद करते हैं. सरकार किसानों को हरसंभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है. अक्टूबर माह में अधिक वर्षापात के कारण कई जिलों में फसल क्षति की जानकारी मिली है. प्रभावित जिलों के संभावित फसल क्षति का आकलन कराएं और प्रभावित किसानों को भी सहायता उपलब्ध कराएं. उन्होंने कहा कि आकस्मिक फसल योजना के तहत किए गए बीज वितरण का फायदा सभी किसानों को दिलाएं ताकि उन्हें कृषि कार्य में राहत मिल सके.</p>



<p>बैठक में आपदा प्रबंधन सह जल संसाधन विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अल्प वर्षापात के कारण उत्पन्न स्थिति की जिलावार, प्रखण्डवार एवं पंचायतवार जानकारी दी और खरीफ फसल 2022 में जिलावार धान रोपनी की भी जानकारी दी. उन्होंने इस वर्ष मॉनसून अवधि में सभी जिलों में अब तक की वर्षापात की स्थिति की जानकारी दी. उन्होंने 1 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक राज्य में वर्षापात की स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि लगभग सभी जिलों में अच्छी बारिश हुई है. इस वर्षा से कुछ जिलों में धान के फसल के क्षति की जानकारी मिली है जिसका आंकलन कराया जा रहा है. उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों का बारिकी से आंकलन किया जा रहा है ताकि किसानों को जल्द से जल्द राहत दी जा सके.</p>



<p>आपदा प्रबंधन- सह- जल संसाधन विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि डीजल अनुदान योजना के अंतर्गत <strong>11 लाख 22 हजार 797 हजार आवेदन </strong>प्राप्त हुए हैं जिसमें से<strong> 06 लाख 67 हजार 42 आवेदकों के खाते में 96.31 करोड़ रुपये </strong>की राशि हस्तांतरित कर दी गयी है. शेष आवेदनों की जांच तेजी से की जा रही है और जल्द ही आवेदकों के खाते में भी राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी. उन्होंने बताया कि आकस्मिक फसल योजना के तहत वितरित किए गए बीज से 80 प्रतिशत किसानों ने फसलों का आच्छादन कर दिया है और शेष 20 प्रतिशत किसान भी फसलों का आच्छादन कर रहे हैं.</p>



<p>बैठक में वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी, जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा, कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत, आपदा प्रबंधन मंत्री शाहनवाज, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव &nbsp;दीपक कुमार, मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ० एस० सिद्धार्थ, आपदा-सह- जल संसाधन विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, निदेशक कृषि विभाग आदित्य प्रकाश सहित अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे.</p>



<p><strong><em>PNCDESK</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शिल्प और शिल्पकारों को प्रोत्साहन देने में सरस मेला एक बड़ा बाजार : आमिर सुबहानी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/saras-mela-is-a-big-market-in-promoting-crafts-and-craftsmen-aamir-subhani/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 12 Sep 2022 03:08:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एंटरटेनमेंट]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Aamir Subhani]]></category>
		<category><![CDATA[sars mela 2022 patna]]></category>
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					<description><![CDATA[दिसम्बर में गांधी मैदान में होगा बड़े पैमाने पर सरस मेला का आयोजन: राहुल कुमार सरस मेला का हुआ समापन हस्तशिल्प,स्वाद और संस्कृति के साथ ही विभिन्न तरह की कलाकृतियों से रंग से सजे और लोगों की उम्मीद और अपने आयोजन के उदेश्य पर शत-प्रतिशत खरा उतरते हुए सरस मेला का समापन रविवार को हो गया.ग्रामीण उधमिता को बढ़ावा देने के उदेश्य से ज्ञान भवन ,पटना में 2 सितम्बर से 11 सितम्बर सरस मेला आयोजित की गई थी.सरस मेला के समापन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि आमिर सुबहानी, बिहार सरकार ने शिरकत की. समापन समारोह के दौरान अतिथियों ने स्टॉल पर भ्रमण किया और सरस मेला के आयोजन की सराहना की. सरस मंच पर आयोजित समापन कार्यक्रम के अवसर पर अपने स्वागत संबोधन में राहुल कुमार, मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी,जीविका ने आगत अतिथियों का स्वागत करे हुए कहा कि सरस के इस प्रथम संस्करण के सफल आयोजन के बाद दिसंबर माह में गांधी मैदान में बड़े स्तर पर आयोजन होगा। इसके साथ ही उन्होंने सरस मेला के आयोजन,उदेश्य और उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरस मेला के माध्यम से ग्रामीण शिल्प और उत्पाद को बड़ा बाज़ार और एक नई पहचान मिली है. इस अवसर पर बाला मुरुगन डी. सचिव, ग्रामीण विकास विभाग ने कहा कि सरस मेला ग्रामीण उत्पादों को प्रोत्साहन देने के साथ ही महिला सशक्तिकरण को भी गति देनी है.बाला मुरुगन डी ने कहा कि कोरोना काल के बाद यह राज्य के लिए बड़ा आयोजन है और तीन करोड़ से ज्यादा की खरीद बिक्री इसकी सफलता बताती [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p></p>



<p><strong>दिसम्बर में गांधी मैदान में होगा बड़े पैमाने पर सरस मेला का आयोजन</strong>: <strong>राहुल कुमार</strong></p>



<p><strong>सरस मेला का हुआ समापन</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="594" height="414" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/CS.jpg" alt="" class="wp-image-66553" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/CS.jpg 594w, https://www.patnanow.com/assets/2022/09/CS-350x244.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2022/09/CS-130x90.jpg 130w" sizes="(max-width: 594px) 100vw, 594px" /></figure>



<p>हस्तशिल्प,स्वाद और संस्कृति के साथ ही विभिन्न तरह की कलाकृतियों से रंग से सजे और लोगों की उम्मीद और अपने आयोजन के उदेश्य पर शत-प्रतिशत खरा उतरते हुए सरस मेला का समापन रविवार को हो गया.ग्रामीण उधमिता को बढ़ावा देने के उदेश्य से ज्ञान भवन ,पटना में 2 सितम्बर से 11 सितम्बर सरस मेला आयोजित की गई थी.सरस मेला के समापन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि आमिर सुबहानी, बिहार सरकार ने शिरकत की. समापन समारोह के दौरान अतिथियों ने स्टॉल पर भ्रमण किया और सरस मेला के आयोजन की सराहना की. सरस मंच पर आयोजित समापन कार्यक्रम के अवसर पर अपने स्वागत संबोधन में राहुल कुमार, मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी,जीविका ने आगत अतिथियों का स्वागत करे हुए कहा कि सरस के इस प्रथम संस्करण के सफल आयोजन के बाद दिसंबर माह में गांधी मैदान में बड़े स्तर पर आयोजन होगा। इसके साथ ही उन्होंने सरस मेला के आयोजन,उदेश्य और उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरस मेला के माध्यम से ग्रामीण शिल्प और उत्पाद को बड़ा बाज़ार और एक नई पहचान मिली है. इस अवसर पर बाला मुरुगन डी. सचिव, ग्रामीण विकास विभाग ने कहा कि सरस मेला ग्रामीण उत्पादों को प्रोत्साहन देने के साथ ही महिला सशक्तिकरण को भी गति देनी है.बाला मुरुगन डी ने कहा कि कोरोना काल के बाद यह राज्य के लिए बड़ा आयोजन है और तीन करोड़ से ज्यादा की खरीद बिक्री इसकी सफलता बताती है. मुख्य अतिथि आमिर सुबहानी ने अपने संबोधन में जीविका टीम को सबसे पहले आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि ग्रामीण शिल्प और शिल्पकारों को प्रोत्साहन देने के लिए सरस मेला एक बड़ा बाजार है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="344" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/Stage.jpg" alt="" class="wp-image-66554" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/Stage.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/09/Stage-350x185.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>मंच पर आगत अतिथियों को &nbsp;समापन कार्यक्रम में सर्वश्रेष्ठ बिक्री करनेवाली, बेहतर स्वच्छता एवं साज-सज्जा के लिए स्टॉल धारकों को प्रशस्ति- पत्र देकर आगत अतिथियों ने सम्मानित किया. सम्मानित होने वालों में सर्वश्रेष्ठ बिक्री के लिए सहेली स्वयं सहायता समूह,स्वच्छता के लिए दीदी की रसोई एवं सज-सज्जा के लिए शिल्प ग्राम को पुरष्कृत किया गया. धन्यवाद् ज्ञापन राम निरंजन प्रसाद, निदेशक, जीविका ने किया. मंच संचालन संतोष कुमार, प्रबंधक, संचार, जीविका ने किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/Stall-1.jpg" alt="" class="wp-image-66555" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/Stall-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/09/Stall-1-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>मेला में बिहार समेत 17 राज्यों की शिल्पकार 135 स्टॉल पर ग्रामीण शिल्प, संस्कृति एवं परंपरा को लेकर उपस्थित आयोजित हुआ.बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश, झारखण्ड, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, हरियाणा, गुजरात, आन्ध्र प्रदेश, आसाम, मध्य प्रदेश, महारष्ट्र, उड़ीसा,पंजाब, राजस्थान,सिक्किम एवं प. बंगाल से स्वयं सहायता समूह से जुड़ी ग्रामीण शिल्प कार अपने यहाँ की शिल्प,संस्कृति,परंपरा एवं व्यंजन को लेकर उपस्थित हुए. मेला में कैशलेश खरीददारी की भी व्यवस्था की गई थी.</p>



<p>जीविका दीदियों द्वारा संचालित शिल्प ग्राम, मधुग्राम एवं सोलर स्टॉल के प्रति लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे.मेला परिसर की स्वच्छता काबिले तारीफ़ रही और आगंतुकों ने भी टीम जीविका के कुशल प्रबंधन को सराहा.2 सितंबर से जारी सरस मेला के अंतिम दिन खरीद बिक्री का आंकड़ा लगभग सवा तीन करोड़ रूपया पार कर गया. अंतिम दिन रविवार को पचास हजार से ज्यादा लोग आये और खरीददारी की . इस सरस मेला में सबसे ज्यादा खरीद-बिक्री हाजी अली उत्पादक समूह ,ओड़िसा के स्टॉल से हुई . हाजी अली के स्टॉल से 6 लाख से ज्यादा परिधान की बिक्री हुई. तारा जीविका स्वयं सहायता समूह ,कैमूर,बिहार के स्टॉल से लगभग पांच लाख के हस्तशिल्प की बिक्री हुई. जीविका द्वारा संचालित दीदी की रसोई के स्टॉल से साढ़े 4 लाख से ज्यादा के व्यंजनों की बिक्री हुई.हजारों वर्षों के स्वर्णिम इतिहास और समृद्ध संस्कृति को अपने आँचल में समेटे भारत के गाँवों की मिट्टी की खुशबु से सराबोर एक सतरंगी मंच “सरस मेला” जो शहर वासियों को अपने धरोहर से जुड़ने का अवसर प्रदान करता है. वर्ष 2014 से जीविका के तत्वाधान में आयोजित बिहार सरस मेला ग्रामीण भारत की कला एवं संस्कृति का एक अनूठा संगम है . विगत 2 वर्षं से कोरोना महामारी की त्रासदी से परेशान लोगों को एक बार पुनः आनंद का अनुभव प्राप्त करने का एक अवसर प्रदान करने की दिशा में इस वर्ष 02 सितंबर से 11 सितंबर 2022 तक पटना के ज्ञान भवन में सरस मेला का सफल आयोजन किया गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/Stall-5.jpg" alt="" class="wp-image-66556" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/Stall-5.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/09/Stall-5-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>सरस मेला के आयोजन का मुख्य उद्देश्य धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही कला एवं संस्कृति को पुनर्जीवित करना और लोगों को अपनी मूल संस्कृति से जोड़ना है. हर वर्ष सरस मेला में भारत के विभिन्न राज्यों से छोटे-छोटे शिल्पकारों और ग्रामीण उद्यमियों को आमंत्रित्त किया जाता है और पूरे 10 दिनों तक उनकी कला का प्रदर्शन सह बिक्री का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है. मेले में आनेवाले सभी आगंतुक मेले में मौजूद उत्पादों को देख कर भावविभोर हुए बिना नहीं रह पाते.बिहार के मिथिलांचल की ओर से मधुबनी चित्रकला, सिक्की कला और मखाना, भागलपुर से सिल्क से बने मनोरम परिधान, कैमूर से दरी और कालीन, मुजफ्फरपुर से लहठी और चूड़ी , पूर्वी चंपारण से आये सीप से बनी कलाकृतियों के साथ-साथ कटिहार के आये बांस से बने गृह सज्जा के उत्पाद, पटना जिले से कांस्य एवं पीतल धातु से बने बर्तन, भोजपुर से क्रोसिया कला, दरभंगा और मधेपुरा से आये चमरे केउत्पाद, पूर्णिया से आये मलबरी के धागों से बनी सुन्दर साड़ियाँ, गया जिले के पत्थारकट्टी कलाएवं लकड़ियों से बने से बने गृह सज्जा के उत्पादों के सस्थ-साथ भागलपुर के कतरनी चावल और चुडा ने पूरे सरस मेला को अपनी सुन्दरता और खुशबु से सराबोर कर दिया.</p>



<p>अन्य राज्यों की बात करें तो उत्तर प्रदेश से आये शिल्पकारों द्वारा निर्मित मनमोहक दरी और कालीन के साथ-साथ चादर और सोफे पे बिछाए जानेवाले सुन्दर कलाकृतियों और चमरे के उत्पादों के साथ मध्य प्रदेश से आये बाटिक प्रिंट की साड़ियाँ, आन्ध्र प्रदेश से आये लकड़ी के गृह सज्जा के उत्पाद, ओड़िसा से आये सवाई घांस से बने साज-सज्जा के उत्पाद एवं सांस्कृतिक परिधान, हरियाणा से एप्लिक कला से सुसज्जित चादर और साड़ियाँ, गुजरात के कच्छ के रण से आये कच्छी कला से बने परिधान और हाश्त्शिल्प उत्पाद, झारखंड से आये जन जातीय कबीलों से आये हुए शिल्पकारों द्वारा निर्मित हर्बल औषधियों के साथ साथ मनमोहक आदीवा गहने और जूट से बने अन्य उत्पाद अपने आप में एक कहानी बयान करते हैं. झारखण्ड के जनजातीय कबीलों द्वारा बनाए गए इन गहनों की मांग पूरे देश के जाने-माने संस्थान करते हैं और उन्हें अपने मंच से प्रोत्साहित करते हैं. असाम से आये बांस से बने उत्पाद, पंजाब से आये फुलकारी कला से बने परिधान, सिक्किम से आये हस्तनिर्मित परिधान, पश्चिम बंगाल से आये खजूर के पत्तों से बने मनमोहक कृत्रिम फूलों एवं पत्थर तथा बांस के बने उत्पाद, तेलंगाना से छोटे बच्चों के हस्तनिर्मित परिधान एवं जूट तथा चमरे से बने उत्पाद, छत्तीसगढ़ से आये अत्यंत मनमोहक सलवार-सूट और साड़ियों ने इस सरस मेला को पूर्ण रूप से जीवंत कर दिया.</p>



<p>सरस मेला 2022 में जहाँ हस्तशिल्प के वर्गीकृत स्टाल्स से पूरे मेले में कुल 78 लाख रुपयों का कारोबार हुआ तो वहीँ कपड़ों और अन्य परिधानों के स्टाल्स से लगभग 1 करोड़ 25 लाख रुपयों का कारोबार हुआ. मेले के अन्य हस्तनिर्मित कलाकृतियों एवं उत्पादों के स्टाल्स से 40 लाख रुपयों की बिक्री हुई .मेले के एक विशेष भाग ने मेले में आये आगंतुकों को खाने-पीने के स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ़ उठाने का अवसर भी प्रदान किया जहाँ बिहार और महाराष्ट्र के पारंपरिक व्यंजनों के साथ-साथ जीविका द्वारा संचालित “दीदी की रसोई” की दीदियों ने लोगों को अपनी उंगलिया चाटने को विवश कर दिया. रोहतास की गोड़ई मिठाई, बाढ़ जिले का पेड़ा और लाइ, सुपौल का खाजा, पटना का चनाजोर गरम, किसान चाची का मशहूर अचार, और दीदी की रसोई के लिट्टी चोखा, ढोकला, दही बड़ा और ऐसे ही अनन्य स्वादिष्ट व्यंजनों ने आगंतुकों का भरपूर मनोरंजन किया. व्यंजनों के इस भाग में दिनांक 2 सितंबर से 11 सितमबर तक लगभग 37 लाख रूपये का कारोबार हुआ.ग्रामीण संस्कृति के हर एक पहलु को जीवंत और उजागर करता यह सरस मेला हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी इस मेले में आये आगंतुकों केसाथ-साथ मेले में भाग लेने वाले ग्रामीण उद्यमियों के जीवन पे एक अमित छाप छोड़ने में सफल रहा.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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