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	<title>शिक्षक &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>13 लाख शिक्षकों के लिए खुशखबरी, इस राज्य में 18 माह का डीएलएड मान्य</title>
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		<dc:creator><![CDATA[dnv md]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 19 Apr 2020 18:27:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[करीब 13 लाख शिक्षकों के लिए अच्छी खबर है. 18 माह का डीएलएड कोर्स किए हुए शिक्षकों के लिए त्रिपुरा से एक बड़ी खबर आ रही है. त्रिपुरा हाई कोर्ट के फैसले को त्रिपुरा सरकार कोर्ट के हर फैसले को मानने के लिए तैयार है इसके लिए त्रिपुरा शिक्षा विभाग ने अपने अधिकारी वेबसाइट पर सूचना जारी कर दिया है. शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि लॉक डाउन खत्म होने के बाद विधिवत इस पर आगे कदम बढ़ाया जाएगा . एनआईओएस से डीएलएड किए हुए शिक्षकों की नियुक्ति के लिए मान्य घोषित करने के पटना हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ बिहार सरकार ने एनसीटीई को पत्र जारी कर यह पूछा है कि एनसीटीई पटना हाई कोर्ट के फैसले को डबल बेंच पर चुनौती देगी या नहीं. हालांकि त्रिपुरा शिक्षा विभाग के फैसले के बाद बिहार में भी शिक्षकों की एक उम्मीद की किरण दिखाई देने लगी है. 18 महीने के डीएलएड कार्यक्रम को उन 15 लाख शिक्षकों के लिए आयोजित किया गया था, जो अप्रशिक्षित थे और आरटीई कानून के चलते उनकी नौकरी जाने का खतरा मंडरा रहा था. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआईओएस) ने करीब 13 लाख शिक्षकों को यह कोर्स कराया था. इसके लिए संसद में कानून पारित कर विशेष रूप से मंजूरी ली गई थी. हालांकि, कोर्स करने के बाद जब बिहार के निजी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों ने सरकारी भर्ती के लिए आवेदन किया तो बिहार सरकार ने एनसीटीई से इस बारे में राय मांगी कि क्या ये शिक्षक भर्ती के लिए योग्य [&#8230;]]]></description>
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<p><br>करीब 13 लाख शिक्षकों के लिए अच्छी खबर है. 18 माह का डीएलएड कोर्स किए हुए शिक्षकों के लिए त्रिपुरा से एक बड़ी खबर आ रही है. त्रिपुरा हाई कोर्ट के फैसले को त्रिपुरा सरकार कोर्ट के हर फैसले को मानने के लिए तैयार है इसके लिए त्रिपुरा शिक्षा विभाग ने अपने अधिकारी वेबसाइट पर सूचना जारी कर दिया है. शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि लॉक डाउन खत्म होने के बाद विधिवत इस पर आगे कदम बढ़ाया जाएगा .</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="640" height="360" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/09/PNC-NIOS-DElEd-Pradarshan-1.png" alt="" class="wp-image-41338" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/09/PNC-NIOS-DElEd-Pradarshan-1.png 640w, https://www.patnanow.com/assets/2019/09/PNC-NIOS-DElEd-Pradarshan-1-350x197.png 350w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /><figcaption>File Pic</figcaption></figure>



<p>एनआईओएस से डीएलएड किए हुए शिक्षकों की नियुक्ति के लिए मान्य घोषित करने के पटना हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ बिहार सरकार ने एनसीटीई को पत्र जारी कर यह पूछा है कि एनसीटीई पटना हाई कोर्ट के फैसले को डबल बेंच पर चुनौती देगी या नहीं.  हालांकि त्रिपुरा शिक्षा विभाग के फैसले के बाद बिहार में भी शिक्षकों की एक उम्मीद की किरण दिखाई देने लगी है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="425" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/08/PNC-NCTE-CONFERENCE-SHIKSHA-MANTRI-NISHANK-1-650x425.jpg" alt="" class="wp-image-40639" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/08/PNC-NCTE-CONFERENCE-SHIKSHA-MANTRI-NISHANK-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/08/PNC-NCTE-CONFERENCE-SHIKSHA-MANTRI-NISHANK-1-350x229.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption>केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री</figcaption></figure>



<p>18 महीने के डीएलएड कार्यक्रम को उन 15 लाख शिक्षकों के लिए आयोजित किया गया था, जो अप्रशिक्षित थे और आरटीई कानून के चलते उनकी नौकरी जाने का खतरा मंडरा रहा था. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआईओएस) ने करीब 13 लाख शिक्षकों को यह कोर्स कराया था. इसके लिए संसद में कानून पारित कर विशेष रूप से मंजूरी ली गई थी. हालांकि, कोर्स करने के बाद जब बिहार के निजी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों ने सरकारी भर्ती के लिए आवेदन किया तो बिहार सरकार ने एनसीटीई से इस बारे में राय मांगी कि क्या ये शिक्षक भर्ती के लिए योग्य हैं? जवाब में एनसीटीई ने 18 माह के डीएलएड को अमान्य करार दे दिया. इसके बाद शिक्षक पटना हाईकोर्ट की शरण में गए थे. हाईकोर्ट ने 21 जनवरी 2020 को.इस कोर्स को नई नियुक्तियों के लिए भी मान्य घोषित किया था.</p>



<p>राजेश तिवारी की रिपोर्ट</p>
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		<title>&#8216;यूनिवर्सिटी और स्कूल शिक्षकों को भी अब हर महीने वेतन&#8217;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bihar-teachers-to-get-regular-salary/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[dnv md]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 09 Sep 2018 03:49:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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		<category><![CDATA[हर महीने भुगतान]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार सरकार अब अपने शिक्षकों को हर महीने नियमित रुप से वेतन का भुगतान करेगी. ना सिर्फ यूनिवर्सिटी टीचर्स बल्कि स्कूल टीचर्स को भी हर महीने रेगुलर सैलेरी देने की व्यवस्था हो गई है. ये कहा है बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने. शनिवार को सुशील कुमार मोदी ने महाविद्यालय व विश्वविद्यालय शिक्षकों व शिक्षकेत्तर कर्मियों के तीन-चार महीने विलम्ब से हो रहे वेतन भुगतान की समीक्षा की और निर्देश दिया कि सभी शिक्षकों व कर्मियों को प्रति माह नियमित वेतन भुगतान किया जाए. उन्होंने कहा कि प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा के शिक्षकों व कर्मियों के वेतन भुगतान के लिए बिहा कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष के प्रारंभ में ही एकमुश्त राशि की स्वीकृति दे दी है, इसलिए अब हर बार आवंटन के लिए वित्त विभाग से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है. डिप्टी सीएम ने कहा कि पहले महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों को 3 महीने की एकमुश्त राशि मुख्यालय से निर्गत की जाती थी, जिसे शिक्षकों व कर्मियों के खाते में जाने में महीने भर का अतिरिक्त समय लग जाता था. इसलिए बैठक में निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय को छह माह की वेतन राशि एकमुश्त अग्रिम भेज दी जायेगी, जिसे पी एल खाते में रखा जायेगा. इस खाते से विश्वविद्यालय हर महीने राशि निकाल कर वेतन का भुगतान कर सकेगा. सभी शिक्षकों का डेटा बेस होगा तैयार प्राथमिक से माध्यमिक शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए अब मुख्यालय से बिहार शिक्षा परियोजना के माध्यम से सीधे जिला शिक्षा पदाधिकारी को राशि निर्गत कर दी जायेगी ताकि प्रत्येक माह ससमय [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img decoding="async" class="alignnone wp-image-35842 size-large" src="https://www.patnanow.com/assets/2018/09/pnc-deputy-cm-sushil-modi-सुशील-मोदी-650x433.jpg" alt="" width="650" height="433" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2018/09/pnc-deputy-cm-sushil-modi-सुशील-मोदी.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2018/09/pnc-deputy-cm-sushil-modi-सुशील-मोदी-350x233.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p>बिहार सरकार अब अपने शिक्षकों को हर महीने नियमित रुप से वेतन का भुगतान करेगी. ना सिर्फ यूनिवर्सिटी टीचर्स बल्कि स्कूल टीचर्स को भी हर महीने रेगुलर सैलेरी देने की व्यवस्था हो गई है. ये कहा है बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने. शनिवार को सुशील कुमार मोदी ने महाविद्यालय व विश्वविद्यालय शिक्षकों व शिक्षकेत्तर कर्मियों के तीन-चार महीने विलम्ब से हो रहे वेतन भुगतान की समीक्षा की और निर्देश दिया कि सभी शिक्षकों व कर्मियों को प्रति माह नियमित वेतन भुगतान किया जाए. उन्होंने कहा कि प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा के शिक्षकों व कर्मियों के वेतन भुगतान के लिए बिहा कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष के प्रारंभ में ही एकमुश्त राशि की स्वीकृति दे दी है, इसलिए अब हर बार आवंटन के लिए वित्त विभाग से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है.</p>
<p>डिप्टी सीएम ने कहा कि पहले महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों को 3 महीने की एकमुश्त राशि मुख्यालय से निर्गत की जाती थी, जिसे शिक्षकों व कर्मियों के खाते में जाने में महीने भर का अतिरिक्त समय लग जाता था. इसलिए बैठक में निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय को छह माह की वेतन राशि एकमुश्त अग्रिम भेज दी जायेगी, जिसे पी एल खाते में रखा जायेगा. इस खाते से विश्वविद्यालय हर महीने राशि निकाल कर वेतन का भुगतान कर सकेगा.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-35843 size-full" src="https://www.patnanow.com/assets/2018/09/pnc-Sushil-Modi-deputy-cm.jpg" alt="" width="650" height="433" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2018/09/pnc-Sushil-Modi-deputy-cm.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2018/09/pnc-Sushil-Modi-deputy-cm-350x233.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p><strong>सभी शिक्षकों का डेटा बेस होगा तैयार</strong></p>
<p>प्राथमिक से माध्यमिक शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए अब मुख्यालय से बिहार शिक्षा परियोजना के माध्यम से सीधे जिला शिक्षा पदाधिकारी को राशि निर्गत कर दी जायेगी ताकि प्रत्येक माह ससमय वेतन का भुगतान हो सके. बैठक में वित्त विभाग की प्रधान सचिव के अलावा बिहार शिक्षा परियोजना के निदेशक सहित प्राथमिक, माध्यमिक व उच्च शिक्षा निदेशक आदि उपस्थित थे.</p>
<p>उन्होंने सभी शिक्षकों का डेटा बेस तैयार करने का भी निर्देश दिया. बता दें कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में प्राथमिक शिक्षा के लिए 22,887 करोड़, माध्यमिक शिक्षा के लिए 5,209 करोड़ व उच्च शिक्षा के लिए 4,295 करोड़ का बजटीय प्रावधान किया गया है. समग्र शिक्षा अभियान के केन्द्रांश की प्रत्याशा में विभाग को अपने बजट से राशि खर्च करने का निर्देश दिया गया है.</p>
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