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		<title>आखर के सहयोग से भोजपुरी विभाग में शुरू हुआ डिजिटल लाइब्रेरी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 26 Aug 2026 08:15:11 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भिखारी ठाकुर को सिर्फ जाति के चश्मे से देखना उनके साहित्य के साथ न्याय नहीं : डॉ. एम.के. पाण्डेय आखर के सौजन्य से भोजपुरी विभाग में ‘महेंद्र मिश्र पुस्तकालय’ और डिजिटल लाइब्रेरी का शुभारंभ आरा,26 अगस्त. वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर भोजपुरी विभाग में भोजपुरी साहित्य और संस्कृति के संरक्षण-संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हुई। आखर ट्रस्ट के सौजन्य से ‘महेंद्र मिश्र पुस्तकालय’ का उद्घाटन और डिजिटल लाइब्रेरी सेवा का लोकार्पण किया गया। पुस्तकालय का उद्घाटन आखर संस्था के संजय सिंह, नवीन कुमार, मोहन श्रीवास्तव, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. एम.के. पाण्डेय तथा भोजपुरी विभागाध्यक्ष प्रो. दिवाकर पाण्डेय ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर ‘भिखारी ठाकुर के रचनन प कुछ बिचार, कुछ विमर्श : जुग संदर्भ में’ विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित हुआ। मुख्य वक्ता सत्यवती महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी प्राध्यापक डॉ. मुन्ना कुमार पाण्डेय ने कहा कि भिखारी ठाकुर भोजपुरी साहित्य और संस्कृति के प्रस्थान बिंदु हैं। उन्होंने कहा कि भिखारी ठाकुर की रचनाओं को किसी एक खांचे में डालकर या संकीर्ण जातीय दृष्टि से देखना उनके साहित्य का सही मूल्यांकन नहीं है। ‘बिदेसिया’ और ‘गबरघिचोर’ जैसी रचनाओं में आज के उत्तर आधुनिक विमर्श तक की झलक दिखाई देती है। डॉ. पाण्डेय ने भिखारी ठाकुर के साहित्य में नारीवादी दृष्टिकोण की चर्चा करते हुए उन्हें युगधर्मी कलाकार बताया। उन्होंने कहा कि कलाकार जाति और धर्म के बंधनों से ऊपर होता है। ऐसे में भिखारी ठाकुर की रचनाओं पर नई दृष्टि और नए विमर्श के साथ शोध की आवश्यकता है। भोजपुरी छात्रों के लिए [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>भिखारी ठाकुर को सिर्फ जाति के चश्मे से देखना उनके साहित्य के साथ न्याय नहीं : डॉ. एम.के. पाण्डेय</strong></p>



<p><strong>आखर के सौजन्य से भोजपुरी विभाग में ‘महेंद्र मिश्र पुस्तकालय’ और डिजिटल लाइब्रेरी का शुभारंभ</strong></p>



<p>आरा,26 अगस्त.  वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर भोजपुरी विभाग में भोजपुरी साहित्य और संस्कृति के संरक्षण-संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हुई। आखर ट्रस्ट के सौजन्य से ‘महेंद्र मिश्र पुस्तकालय’ का उद्घाटन और डिजिटल लाइब्रेरी सेवा का लोकार्पण किया गया।</p>



<p>पुस्तकालय का उद्घाटन आखर संस्था के संजय सिंह, नवीन कुमार, मोहन श्रीवास्तव, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. एम.के. पाण्डेय तथा भोजपुरी विभागाध्यक्ष प्रो. दिवाकर पाण्डेय ने संयुक्त रूप से किया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669213-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98845" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669213-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669213-650x488.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस अवसर पर ‘भिखारी ठाकुर के रचनन प कुछ बिचार, कुछ विमर्श : जुग संदर्भ में’ विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित हुआ। मुख्य वक्ता सत्यवती महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी प्राध्यापक डॉ. मुन्ना कुमार पाण्डेय ने कहा कि भिखारी ठाकुर भोजपुरी साहित्य और संस्कृति के प्रस्थान बिंदु हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669214-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98846" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669214-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669214-650x366.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उन्होंने कहा कि भिखारी ठाकुर की रचनाओं को किसी एक खांचे में डालकर या संकीर्ण जातीय दृष्टि से देखना उनके साहित्य का सही मूल्यांकन नहीं है। ‘बिदेसिया’ और ‘गबरघिचोर’ जैसी रचनाओं में आज के उत्तर आधुनिक विमर्श तक की झलक दिखाई देती है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669163-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98847" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669163-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669163-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669163-1152x1536.jpg 1152w" sizes="(max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p>डॉ. पाण्डेय ने भिखारी ठाकुर के साहित्य में नारीवादी दृष्टिकोण की चर्चा करते हुए उन्हें युगधर्मी कलाकार बताया। उन्होंने कहा कि कलाकार जाति और धर्म के बंधनों से ऊपर होता है। ऐसे में भिखारी ठाकुर की रचनाओं पर नई दृष्टि और नए विमर्श के साथ शोध की आवश्यकता है।</p>



<p><strong>भोजपुरी छात्रों के लिए नई पहल</strong></p>



<p>कार्यक्रम में आखर ट्रस्ट के संजय सिंह, मोहन श्रीवास्तव और नवीन कुमार ने ‘आखर गद्य लेखन प्रतियोगिता’ शुरू करने तथा आखर के सहयोग से भोजपुरी विभाग की डिजिटल पत्रिका प्रारंभ करने की घोषणा की। छात्रों को भोजपुरी में मौलिक लेखन के लिए प्रोत्साहित किया गया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="743" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669212-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98848" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669212-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669212-650x472.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>विभाग में नवनिर्मित महेंद्र मिश्र पुस्तकालय में छात्रों के लिए कई उपयोगी सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से भोजपुरी साहित्य के विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अध्ययन एवं शोध के नए संसाधन उपलब्ध होंगे।</p>



<p><strong>शोधार्थी रवि प्रकाश सूरज की पीएचडी मौखिकी</strong></p>



<p>कार्यक्रम के बाद शोधार्थी रवि प्रकाश सूरज की पीएचडी मौखिकी भी सम्पन्न हुई। ‘भोजपुरी आ छत्तीसगढ़ी लोकगथन के सामाजिक आ सांस्कृतिक अध्ययन’ विषय पर आधारित शोधकार्य प्रो. दिवाकर पाण्डेय के निर्देशन में पूरा किया गया। बाह्य परीक्षक दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. एम.के. पाण्डेय थे।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669215-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98850" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669215-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669215-650x366.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>रवि प्रकाश सूरज ने कहा कि भोजपुरी लोकगाथा मौखिक परंपरा की तेजी से विलुप्त होती विधाओं में से एक है। उनका शोध लोकगाथाओं के महत्व को समझने के साथ-साथ इनके संरक्षण और संवर्धन की दिशा में उपयोगी साबित होगा।</p>



<p>कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी, साहित्यकार और पत्रकार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। नीरज वर्मा, नवनीत राय, मुकेश कुमार, आनंद भूषण पांडेय, जितेंद्र कुमार, कृष्ण कुमार, नरेंद्र सिंह, दिनेश त्रिपाठी, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. संजय कुमार, डॉ. यशवंत कुमार सिंह, सोहित सिन्हा, ढूनमुन सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे।</p>



<p>भोजपुरी साहित्य के अध्ययन को पुस्तकालय, डिजिटल संसाधन और नए शोध-विमर्श से जोड़ने की यह पहल निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।</p>



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		<title>भोजपुर की पीड़िया कला को बाजार से जोड़ने की कवायद</title>
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		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 19 Aug 2026 08:54:19 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[NABARD ने कलाकारों को बताए GI टैग के फायदेभोजपुरी कला यात्रा में GI टैग और वित्तीय जागरूकता का संदेशNABARD ने भोजपुर पीड़िया चित्रकारी के कलाकारों को GI टैग के लाभ बताए, RBI ने सुरक्षित बैंकिंग के प्रति किया जागरूक आरा. सर्जना ट्रस्ट द्वारा आयोजित ‘भोजपुरी कला यात्रा’ के तहत संभावना आवासीय उच्च विद्यालय, आरा में भोजपुर पीड़िया चित्रकारी से जुड़े कलाकारों के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में NABARD एवं RBI की ओर से कलाकारों और प्रतिभागियों को GI टैग के महत्व, इसके लाभ, वित्तीय समावेशन तथा सुरक्षित बैंकिंग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कार्यक्रम में NABARD की DDM सुरभि ने भोजपुर पिढ़िया चित्रकारी के कलाकारों को GI टैग के महत्व एवं इसके व्यावहारिक लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि GI टैग भोजपुर पीड़िया चित्रकारी को उसकी विशिष्ट भौगोलिक पहचान और प्रामाणिकता प्रदान करता है। इससे इस पारंपरिक कला को बड़े बाजार, नए खरीदारों और बेहतर विपणन अवसरों से जोड़ने की संभावनाएं बढ़ती हैं। उन्होंने कलाकारों को GI के अधिकृत उपयोगकर्ता (Authorised User) के रूप में पंजीकरण कराने के महत्व की जानकारी देते हुए कहा कि इससे वास्तविक कलाकारों की पहचान स्थापित करने और नकली अथवा अनधिकृत रूप से पीड़िया चित्रकारी के नाम का इस्तेमाल करने वालों से इस पारंपरिक कला को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। डीडीएम, NABARD ने कलाकारों को प्रेरित करते हुए कहा कि GI टैग को केवल प्रमाण-पत्र के रूप में नहीं, बल्कि अपनी कला की पहचान मजबूत करने, बाजार का विस्तार करने और आय के नए [&#8230;]]]></description>
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<p>NABARD ने कलाकारों को बताए GI टैग के फायदे<br><strong>भोजपुरी कला यात्रा में GI टैग और वित्तीय जागरूकता का संदेश</strong><br><strong>NABARD ने भोजपुर पीड़िया चित्रकारी के कलाकारों को GI टैग के लाभ बताए, RBI ने सुरक्षित बैंकिंग के प्रति किया जागरूक</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="755" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642542-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98630" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642542-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642542-650x479.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>आरा</strong>. सर्जना ट्रस्ट द्वारा आयोजित <strong>‘भोजपुरी कला यात्रा’</strong> के तहत संभावना आवासीय उच्च विद्यालय, आरा में भोजपुर <strong>पीड़िया</strong> चित्रकारी से जुड़े कलाकारों के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में <strong>NABARD एवं RBI</strong> की ओर से कलाकारों और प्रतिभागियों को GI टैग के महत्व, इसके लाभ, वित्तीय समावेशन तथा सुरक्षित बैंकिंग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="757" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642545-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98632" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642545-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642545-650x481.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कार्यक्रम में <strong>NABARD की DDM सुरभि</strong> ने भोजपुर पिढ़िया चित्रकारी के कलाकारों को <strong>GI टैग के महत्व एवं इसके व्यावहारिक लाभों</strong> के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि GI टैग भोजपुर <strong>पीड़िया</strong> चित्रकारी को उसकी विशिष्ट भौगोलिक पहचान और प्रामाणिकता प्रदान करता है। इससे इस पारंपरिक कला को बड़े बाजार, नए खरीदारों और बेहतर विपणन अवसरों से जोड़ने की संभावनाएं बढ़ती हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="728" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642538-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98634" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642538-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642538-650x462.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="740" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642543-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98633" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642543-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642543-650x469.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><br><br>उन्होंने कलाकारों को <strong>GI के अधिकृत उपयोगकर्ता (Authorised User)</strong> के रूप में पंजीकरण कराने के महत्व की जानकारी देते हुए कहा कि इससे वास्तविक कलाकारों की पहचान स्थापित करने और नकली अथवा अनधिकृत रूप से <strong>पीड़िया</strong> चित्रकारी के नाम का इस्तेमाल करने वालों से इस पारंपरिक कला को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।</p>





<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642597-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98636" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642597-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642597-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642597-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="596" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001635334-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98635" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001635334-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001635334-650x378.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><br><br>डीडीएम, NABARD ने कलाकारों को प्रेरित करते हुए कहा कि <strong>GI टैग को केवल प्रमाण-पत्र के रूप में नहीं, बल्कि अपनी कला की पहचान मजबूत करने, बाजार का विस्तार करने और आय के नए अवसर सृजित करने के माध्यम के रूप में देखना चाहिए।</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642596-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98637" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642596-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642596-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642596-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p>उन्होंने भोजपुर पिढ़िया चित्रकारी के संरक्षण, संवर्धन और इसके व्यापक बाजार से जुड़ाव की संभावनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने कलाकारों से अपनी पारंपरिक कला को नई बाजार जरूरतों के अनुरूप विकसित करते हुए इसके व्यावसायिक विस्तार की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।<br><br><strong>भोजपुर पिढ़िया पेंटिंग भोजपुर जिले का प्रथम GI टैग प्राप्त उत्पाद है।</strong> यह उपलब्धि NABARD एवं सर्जना ट्रस्ट के सतत प्रयासों और सक्रिय सहयोग से संभव हो सकी है। GI पंजीकरण प्रमाणपत्र में भी <strong>NABARD, बिहार को Facilitating Agency</strong> के रूप में मान्यता प्रदान की गई है।<br><br>कार्यक्रम के दूसरे महत्वपूर्ण सत्र में <strong>RBI (भारतीय रिजर्व बैंक)</strong> की ओर से वित्तीय समावेशन एवं सुरक्षित बैंकिंग को लेकर प्रतिभागियों को जागरूक किया गया। बैंकिंग सेवाओं के सुरक्षित उपयोग, बचत, डिजिटल बैंकिंग तथा साइबर धोखाधड़ी से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों से OTP, PIN, पासवर्ड और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की अपील की गई।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642598-1-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98638" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642598-1-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642598-1-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642598-1-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p>इस प्रकार <strong>‘भोजपुरी कला यात्रा’</strong> के माध्यम से एक ही मंच पर भोजपुरी कला-संस्कृति के संरक्षण के साथ कलाकारों को उनके अधिकार, GI टैग की उपयोगिता, बाजार की संभावनाओं और वित्तीय सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।<br><br>कार्यक्रम का उद्देश्य <strong>भोजपुर पीड़िया चित्रकारी की समृद्ध पारंपरिक कला को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करते हुए कलाकारों को GI की पहचान, अधिकृत उपयोगकर्ता पंजीकरण, व्यापक बाजार से जुड़ाव और वित्तीय समावेशन के माध्यम से सशक्त बनाना</strong> रहा। इस अवसर पर सर्जना ट्रस्ट के चेयरमैन संजीव सिन्हा,राजीव रंजन,मीरा, खुशबू,विष्णु शंकर, सुनीता सिंह समेत कई कलाकार व सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।</p>



<p></p>
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		<title>उच्च शिक्षा में भोजपुरी की अनदेखी पर भड़के छात्र, सरकार से की बड़ी मांग</title>
		<link>https://www.patnanow.com/students-fire-on-govt-for-disrespect-of-bhojouri/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 25 Jun 2026 10:25:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACADEMIC]]></category>
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					<description><![CDATA[भोजपुरी को उच्च शिक्षा में सम्मान कब? छात्रों ने मंत्री और राज्यपाल के दरवाजे पर दी दस्तक 34 साल से नहीं हुई बहाली, कॉलेजों में भोजपुरी पढ़ाई शुरू करने की उठी मांग पटना/आरा, 25 जून। भोजपुरी भाषा को उच्च शिक्षा में उचित स्थान दिलाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के भोजपुरी छात्र संघ ने बुधवार को बिहार के उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर से मुलाकात कर भोजपुरी विषय के विस्तार, शिक्षकों की बहाली और नए बहाली परिनियम में संशोधन की मांग को लेकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर भोजपुरी विभाग में वर्ष 1992 के बाद से शिक्षकों और कर्मचारियों के नए पदों का सृजन एवं बहाली नहीं हुई है। वहीं विश्वविद्यालय के अंगीभूत कॉलेजों और नवस्थापित प्रखंड डिग्री कॉलेजों में भी भोजपुरी विषय के अध्ययन की कोई व्यवस्था नहीं है। &#8220;भोजपुरी भाषी क्षेत्रों के छात्रों के साथ हो रहा अन्याय&#8221;छात्र प्रतिनिधियों ने मांग की कि जिस प्रकार उर्दू और मैथिली के अध्ययन की व्यवस्था विभिन्न कॉलेजों में उपलब्ध है, उसी प्रकार भोजपुरी भाषी जिलों के कॉलेजों में भी स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर भोजपुरी विषय की पढ़ाई शुरू की जाए। इसके साथ ही बिहार में प्रस्तावित असिस्टेंट प्रोफेसर बहाली परिनियम-2026 में यूजीसी मानकों के अनुरूप संशोधन की मांग भी उठाई गई। छात्रों ने अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष करने तथा लिखित परीक्षा एवं अकादमिक स्कोर से जुड़े प्रावधानों पर पुनर्विचार करने की अपील की। मंत्री ने दिया सकारात्मक संकेतउच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर ने [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>भोजपुरी को उच्च शिक्षा में सम्मान कब? छात्रों ने मंत्री और राज्यपाल के दरवाजे पर दी दस्तक</strong><br><br><strong>34 साल से नहीं हुई बहाली, कॉलेजों में भोजपुरी पढ़ाई शुरू करने की उठी मांग</strong><br><br>पटना/<strong>आरा, 25 जून।</strong> भोजपुरी भाषा को उच्च शिक्षा में उचित स्थान दिलाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के भोजपुरी छात्र संघ ने बुधवार को बिहार के उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर से मुलाकात कर भोजपुरी विषय के विस्तार, शिक्षकों की बहाली और नए बहाली परिनियम में संशोधन की मांग को लेकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।</p>



<figure class="wp-block-gallery has-nested-images columns-default is-cropped wp-block-gallery-1 is-layout-flex wp-block-gallery-is-layout-flex">
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" data-id="97271" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001444368-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97271" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001444368-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001444368-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001444368-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>
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<p><br><br>छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर भोजपुरी विभाग में वर्ष 1992 के बाद से शिक्षकों और कर्मचारियों के नए पदों का सृजन एवं बहाली नहीं हुई है। वहीं विश्वविद्यालय के अंगीभूत कॉलेजों और नवस्थापित प्रखंड डिग्री कॉलेजों में भी भोजपुरी विषय के अध्ययन की कोई व्यवस्था नहीं है।<br><br><strong>&#8220;भोजपुरी भाषी क्षेत्रों के छात्रों के साथ हो रहा अन्याय&#8221;</strong><br>छात्र प्रतिनिधियों ने मांग की कि जिस प्रकार उर्दू और मैथिली के अध्ययन की व्यवस्था विभिन्न कॉलेजों में उपलब्ध है, उसी प्रकार भोजपुरी भाषी जिलों के कॉलेजों में भी स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर भोजपुरी विषय की पढ़ाई शुरू की जाए।</p>



<h2 class="wp-block-heading"></h2>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001444363-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97272" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001444363-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001444363-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001444363-1152x1536.jpg 1152w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001444363-1536x2048.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



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</figure>



<p><br><br>इसके साथ ही बिहार में प्रस्तावित असिस्टेंट प्रोफेसर बहाली परिनियम-2026 में यूजीसी मानकों के अनुरूप संशोधन की मांग भी उठाई गई। छात्रों ने अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष करने तथा लिखित परीक्षा एवं अकादमिक स्कोर से जुड़े प्रावधानों पर पुनर्विचार करने की अपील की।<br><br><strong>मंत्री ने दिया सकारात्मक संकेत</strong><br>उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर ने छात्र प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुना और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया। उनके निर्देश पर उच्च शिक्षा निदेशक ने भी छात्रों से चर्चा कर शीघ्र पहल का आश्वासन दिया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001444380-1-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97275" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001444380-1-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001444380-1-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001444380-1-1152x1536.jpg 1152w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001444380-1-1536x2048.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



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<p><br><br>मंत्री ने कहा कि भोजपुरी भाषा के उच्च अध्ययन को मजबूत बनाने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास करेगी और विभागीय विस्तार में संसाधनों की कमी नहीं आने दी जाएगी।<br><br><strong>राज्यपाल को भी सौंपा गया ज्ञापन</strong><br>मंत्री से मुलाकात के बाद भोजपुरी छात्र संघ का प्रतिनिधिमंडल लोकभवन पहुंचा और राज्यपाल सह कुलाधिपति ले. ज. सैयद अता हसनैन के सचिवालय में भी अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।<br>प्रतिनिधिमंडल में संजय कुमार, यशवंत कुमार सिंह, राजेश कुमार और रवि प्रकाश सूरज शामिल रहे।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001444377-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97277" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001444377-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001444377-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001444377-1152x1536.jpg 1152w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001444377-1536x2048.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001444374-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97276" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001444374-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001444374-488x650.jpg 488w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p><br><br><strong>बड़ा सवाल</strong><br>भोजपुरी दुनिया की प्रमुख भाषाओं में गिनी जाती है और करोड़ों लोग इसे बोलते हैं। इसके बावजूद बिहार के अधिकांश कॉलेजों में उच्च शिक्षा स्तर पर भोजपुरी विषय की समुचित व्यवस्था नहीं होना भाषा प्रेमियों और छात्रों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। बता दें कि भोजपुरी की पढ़ाई बंद हुई तो भोजपुर जिला ने सरकार की चूल हिला दी थी। भोजपुरी के सम्मान में भोजपुरी भाषी देश के कई प्रांतों से चलकर आरा मुख्यालय आये थे और अंततः सरकार ने भोजपुरी भाषा की पढ़ाई को फिर से चालू किया। हर बार भोजपुरी को हाशिए पर रखने वाली सरकार अगर सजग नहीं होती है तो कभी भी बड़ा आंदोलन हो सकता है क्योंकि यह भोजपुरी के सम्मान की लड़ाई है।</p>



<p><strong>PNCB</strong></p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>प्रस्तुति के पहले दिन ही दर्शकों से खचाखच रही ओपन थियेटर गैलरी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/ganga-snan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 28 May 2022 04:16:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एंटरटेनमेंट]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
		<category><![CDATA[ARA]]></category>
		<category><![CDATA[Bhikhari Thakur]]></category>
		<category><![CDATA[BHOJPUR]]></category>
		<category><![CDATA[Bhojpurifolksong]]></category>
		<category><![CDATA[Folk Theatre]]></category>
		<category><![CDATA[GANGA SNAN]]></category>
		<category><![CDATA[Theatre]]></category>
		<category><![CDATA[Veer kunwar singh Stedium]]></category>
		<category><![CDATA[भोजपुरी]]></category>
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					<description><![CDATA[लगभग 2 घंटे देरी से शुरू हुई प्रस्तुति, नही हिले दर्शक नाटक के सकरात्मक संदेश ने अंत तक दर्शकों को जोड़े रखा रंगमंच के मंजे कलाकारों ने दिखाया अभिनय का जलवा, नवोदित कलाकारों में दिखी गजब की ऊर्जा आरा,28 मई. प्रभाव क्रियेटिव सोसाइटी द्वारा तैयार भिखारी ठाकुर रचित सुप्रसिद्ध नाटक &#8216;गंगा स्नान&#8217; का मंचन शुक्रवार की शाम वीर कुंवर सिंह स्टेडियम में कलाकारों द्वारा बनाए गए बाबू ललन सिंह मुक्ताकाश मंच पर किया गया. नाटक का शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में भावी मेयर प्रत्याशी विष्णु सिंह दीप प्रज्जवलित कर किया, जिसमें पूर्व पार्षद व भावी मेयर प्रत्याशी जितेंद्र शुक्ला, समाजसेवी अभय विश्वास भट्ट और संस्था के सचिव कमलेश कुंदन भी संयुक्त रूप से शामिल हुए. मुख्य अतिथि ने कम शब्दों में आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कला से उनका पुराना नाता है. कला न सिर्फ मनोरंजन बल्कि जीवन जीना भी सिखाता है. दो दिवसीय इस कार्यक्रम के पहले दिन कार्यक्रम लगभग दो घंटे विलंब से शुरू हुआ. बावजूद इसके दर्शकों ने नाटक के अंत तक अपनी उपस्थिति दर्ज करा यह जरूर साबित कर दिया कि न सिर्फ वे नाट्य प्रेमी हैं बल्कि नाटक ने उन्हें अपने रस से बांधे रखा. ग्रामीण समाज में गंगा स्नान करने के महत्व पर आधारित इस नाटक में एक घर की कहानी है जिसमें मलेछु बहु और अटपट बहु गंगा स्नान करने के लिए जाना चाहती है लेकिन उनके पति तैयार नहीं होते हैं. इसी बीच उनकी बुढ़ी मां भी गंगा स्नान के लिए चलने को कहती है. बेटा मां [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>लगभग 2 घंटे देरी से शुरू हुई प्रस्तुति, नही हिले दर्शक</strong></p>



<p><strong>नाटक के सकरात्मक संदेश ने अंत तक दर्शकों को जोड़े रखा </strong></p>



<p>रं<strong>गमंच के मंजे कलाकारों ने दिखाया अभिनय का जलवा, नवोदित कलाकारों में दिखी गजब की ऊर्जा</strong></p>



<p>आरा,28 मई. प्रभाव क्रियेटिव सोसाइटी द्वारा तैयार भिखारी ठाकुर रचित सुप्रसिद्ध नाटक &#8216;गंगा स्नान&#8217; का मंचन शुक्रवार की शाम वीर कुंवर सिंह स्टेडियम में कलाकारों द्वारा बनाए गए बाबू ललन सिंह मुक्ताकाश मंच पर किया गया. नाटक का शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में भावी मेयर प्रत्याशी विष्णु सिंह दीप प्रज्जवलित कर किया, जिसमें पूर्व पार्षद व भावी मेयर प्रत्याशी जितेंद्र शुक्ला, समाजसेवी अभय विश्वास भट्ट और संस्था के सचिव कमलेश कुंदन भी संयुक्त रूप से शामिल हुए. मुख्य अतिथि ने कम शब्दों में आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कला से उनका पुराना नाता है. कला न सिर्फ मनोरंजन बल्कि जीवन जीना भी सिखाता है.</p>



<p>दो दिवसीय इस कार्यक्रम के पहले दिन कार्यक्रम लगभग दो घंटे विलंब से शुरू हुआ. बावजूद इसके दर्शकों ने नाटक के अंत तक अपनी उपस्थिति दर्ज करा यह जरूर साबित कर दिया कि न सिर्फ वे नाट्य प्रेमी हैं बल्कि नाटक ने उन्हें अपने रस से बांधे रखा.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="355" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/Screenshot_20220528-094015.jpg" alt="" class="wp-image-62805" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/Screenshot_20220528-094015.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/05/Screenshot_20220528-094015-350x191.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>ग्रामीण समाज में गंगा स्नान करने के महत्व पर आधारित इस नाटक में एक घर की कहानी है जिसमें मलेछु बहु और अटपट बहु गंगा स्नान करने के लिए जाना चाहती है लेकिन उनके पति तैयार नहीं होते हैं. इसी बीच उनकी बुढ़ी मां भी गंगा स्नान के लिए चलने को कहती है. बेटा मां को ले जाने के लिए तैयार हो जाता है लेकिन उसकी पत्नी उसे ले जाने से मना करती है वह कहती है कि अगर वह बुढ़िया को ले जाएगा तो जहर खा कर मर जायेगी. पत्नी के इस हठ के कारण वह अपनी बूढ़ी मां को मारता पीटता और अंत में वह इस बात पर तैयार होता है कि समान बूढ़ी मां को ढोना पड़ेगा. बेचारी बूढ़ी मां तैयार हो जाती है. सभी गंगा स्नान के लिए जाते हैं. गंगा किनारे मेला लगा है बूढ़ी माता से समान गिर जाने के कारण वे उसे वही छोड़ कर चले जाते हैं. मेले में मलेछू को एक बाबा मिलते हैं. वह उनके जाल में फंस जाता है. पुत्र की प्राप्ति के चक्कर में अपनी पत्नी को बाबा के हवाले कर देता है. बाबा उसकी पत्नी के सारे गहने लूट लेता है. अब मलेछु अपनी पत्नी को भटकता मेले में खोजता है. जब उसकी पत्नी मिलती है तब उन्हें अपने किए पर पछतावा होता है और दोनो मिलकर फिर अपनी बूढ़ी मां को खोज घर वापस आते हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="351" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/Screenshot_20220528-094024.jpg" alt="" class="wp-image-62806" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/Screenshot_20220528-094024.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/05/Screenshot_20220528-094024-350x189.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>भिखारी ठाकुर ने गंगा स्नान के माध्यम से परिवार में बुज़ुर्गों की जिस उपेक्षा को दिखाया था प्रभाव क्रियेटिव सोसाइटी की प्रस्तुति ने उसे बेहद ही प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया,जिसके लिए युवा निर्देशक व रंगकर्मी मनोज सिंह बधाई के पात्र हैं.<br>वहीं गीत संगीत को अपने सुरों में पिरोकर नाटक में ठेठ देसीपन का जो आनंद लोकगीतों के माध्यम से श्याम शर्मिला ने दिया कि दर्शक अभिनय और लोकसंगीत के इस जादू में अंत तक फंसे रहे.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="441" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/Screenshot_20220528-094742.jpg" alt="" class="wp-image-62808" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/Screenshot_20220528-094742.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/05/Screenshot_20220528-094742-350x237.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>मलेछु की भूमिका में डॉ पंकज भट्ट, मलेछु बहु की भूमिका में खुशबू स्पृहा, मां की भूमिका में आशा पाण्डेय, अटपट की भूमिका में युवा रंगकर्मी शुभम दूबे, अटपट बहु की भूमिका में ऋतु पांडेय, ढोंगी बाबा की भूमिका में हर्ष जैन ने जहां नाटक में अपनी जीवंत अभिनय से दर्शकों के बीच अपनी जादूगरी कायम की, वही विभिन्न भूमिकाओं में प्रिंस शर्मा , दीपक तिवारी ट्रेन,कुणाल, रितेश टाइगर, मुकेश ओझा,अभिषेक, राजू कुमार सिंह,सुन्दरम बाबा ने अपनी ऊर्जा का परिचय उपस्थित दर्शकों को दिया.</p>



<p>संगीत में तबला पर अभय ओझा और नाल पर हरिशंकर निराला ने साथ दिया तो झाल व अन्य वाद्य यंत्रों के साथ सह गायन में जागृति कुमारी,तारकेश्वर चौबे,संतोष चौबे और वीरेंद्र ओझा ने संगीत को प्रभावी बनाने में समूह गायन का लोहा मनवाया. प्रस्तुति संयोजक मनोज श्रीवास्तव, प्रस्तुति नियंत्रक ओ पी पांडेय और मंगलेश तिवारी थे. धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ रंगकर्मी अंबुज कुमार ने किया.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>होने लगी डिमांड भोजपुरी पेंटिंग की !</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bhojouri-painting-on-demand/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 08 May 2022 07:35:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bhojpuri painting]]></category>
		<category><![CDATA[CM Bihar]]></category>
		<category><![CDATA[nitish kumar]]></category>
		<category><![CDATA[जीविका]]></category>
		<category><![CDATA[भोजपुरी]]></category>
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					<description><![CDATA[जीविका ने खरीदी पांच भोजपुरी पेंटिंग आरा, 8 मई. भोजपुरी पेंटिंग के आंदोलन करने वाले कलाकारों और जिलावासियों के लिए अच्छी खबर है. भोजपुरी पेंटिंग के लिए अब लगता है जैसे अच्छे दिन आने वाले हैं. क्योंकि अबतक उपेक्षित भोजपुरी पेंटिंग को जीविका, की भोजपुर इकाई ने खरीदने का काम शुरू कर दिया है. भोजपुर की इकाई ने पांच भोजपुरी पेंटिंग को खरीदा है. इन पेंटिंगो को भारत सरकार के संयुक्त सचिव, नीता केजरीवाल, वर्ल्ड बैंक के कंसल्टेंट आदित्य कुमार को भेंट स्वरूप दिया जाएगा.बाकि की तीन पेंटिंग मढ़ने के लिए दी गई है. बाकि की तीन पेंटिंग भी आने वाले अतिथियों को भेंट दिया जाएगा.बता दें कि आगामी 11मई को को वर्ल्ड बैंक की टीम भोजपुर दौरे पर आने वाली है. वर्ल्ड बैंक के तीन भारत के प्रतिनिधियों/अधिकारियों को दिया जाएगा. बता दें कि भोजपुरी पेंटिंग को मान सम्मान एवम बाजार देने का सिलसिला सर्वप्रथम जीविका ने देना शुरू किया है. भोजपुरी पेंटिंग को सर्वप्रथम जब रेलवे ने आरा रेलवे स्टेशन पर सम्मान स्वरूप जगह दिया था तो जीविका ने कदम बढ़ाते हुए अस्पताल में स्थित दीदी की रसोई को भोजपुरी पेंटिंग से सुसज्जित करने के लिए कलाकारों को आमंत्रित किया था ताकि कलाकारों को काम के साथ भोजपुरी पेंटिंग को सम्मान तो मिले ही इसका प्रचार प्रसार भी लोगों तक लगातार होता रहे. अब जीविका ने एक कदम और बढ़ाते हुए भोजपुरी पेंटिंग को खरीदकर इसका बाजार बनाने की अनोखी पहल की है. जीविका के इस पहल पर कलाकारों में जहां खुशी है वही आम लोगों के बीच [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>जीविका ने खरीदी पांच भोजपुरी पेंटिंग</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220507-WA0056.jpg" alt="" class="wp-image-61791" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220507-WA0056.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220507-WA0056-350x158.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>आरा, 8 मई. भोजपुरी पेंटिंग के आंदोलन करने वाले कलाकारों और जिलावासियों के लिए अच्छी खबर है. भोजपुरी पेंटिंग के लिए अब लगता है जैसे अच्छे दिन आने वाले हैं. क्योंकि अबतक उपेक्षित भोजपुरी पेंटिंग को जीविका, की भोजपुर इकाई ने खरीदने का काम शुरू कर दिया है. भोजपुर की इकाई ने पांच भोजपुरी पेंटिंग को खरीदा है. इन पेंटिंगो को भारत सरकार के संयुक्त सचिव, नीता केजरीवाल, वर्ल्ड बैंक के कंसल्टेंट आदित्य कुमार को भेंट स्वरूप दिया जाएगा.<br>बाकि की तीन पेंटिंग मढ़ने के लिए दी गई है. बाकि की तीन पेंटिंग भी आने वाले अतिथियों को भेंट दिया जाएगा.<br>बता दें कि आगामी 11मई को को वर्ल्ड बैंक की टीम भोजपुर दौरे पर आने वाली है. वर्ल्ड बैंक के तीन भारत के प्रतिनिधियों/अधिकारियों को दिया जाएगा.</p>



<p>बता दें कि भोजपुरी पेंटिंग को मान सम्मान एवम बाजार देने का सिलसिला सर्वप्रथम जीविका ने देना शुरू किया है. भोजपुरी पेंटिंग को सर्वप्रथम जब रेलवे ने आरा रेलवे स्टेशन पर सम्मान स्वरूप जगह दिया था तो जीविका ने कदम बढ़ाते हुए अस्पताल में स्थित दीदी की रसोई को भोजपुरी पेंटिंग से सुसज्जित करने के लिए कलाकारों को आमंत्रित किया था ताकि कलाकारों को काम के साथ भोजपुरी पेंटिंग को सम्मान तो मिले ही इसका प्रचार प्रसार भी लोगों तक लगातार होता रहे. अब जीविका ने एक कदम और बढ़ाते हुए भोजपुरी पेंटिंग को खरीदकर इसका बाजार बनाने की अनोखी पहल की है. जीविका के इस पहल पर कलाकारों में जहां खुशी है वही आम लोगों के बीच भी एक खुशी की लहर है कि अब भोजपुरी पेंटिंग के लिए सभी सजग हो रहे हैं.</p>



<p>आरा से<strong> ओ पी पांडेय</strong> की खबर</p>
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		<title>सिविल कोर्ट में पवन सिंह का क्या है मामला !</title>
		<link>https://www.patnanow.com/pawan-ka-kya-hai-kort-me-mamala/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 28 Apr 2022 13:13:55 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आरा,28 अप्रैल. भोजपुरी गायक व अभिनेता सिंह अपने हर चीज के लिए अपने चाहने वालों के बीच खासा चर्चे में रहते हैं. चाहे वह कोई फिल्म हो या गाना. चर्चा के साथ विवाद ने भी भोजपुरी के तथाकथित इस स्टार का पीछा नहीं छोड़ा है. जुबानी जंग हो या किसी गाने को लेकर जंग, जग जाहिर है. इस बार फिर से पवन सुर्खियों में हैं और इस बार वजह है उनकी पत्नी से तलाक की खबर. पवन सिंह अपनी दूसरी पत्नी ज्योति से तलाक ले रहे हैं जिसकी अर्जी उन्होंने बहुत पहले आरा सिविल कोर्ट में दिया था. इसी अर्जी पर समन मिलने के बाद उनकी पत्नी ज्योति सिंह आरा पहुंची तो यह खबर दवानल की तरह पूरे प्रदेश ही नहीं देश में फैल गई. पवन ने 7 मार्च 2018 मे उत्तर प्रदेश के बलिया जिला के मिढि थाना के मिढि गाँव के रहने वाले रामबाबू सिंह की पुत्री ज्योति सिंह से शादी हिंदू रीति रिवाज के अनुसार शादी किया था. लेकिन कुछ ही समय बाद दोनों के रिश्तों में दरार पड़गई. स्थिति ऐसी बिगड़ी कि मामला कोर्ट तक पहुंच गया. तालाक की अर्जी आने के बाद ज्योति सिंह भी गुरुवार को आरा कोर्ट में अपने वकील के साथ आईं. हालांकि मीडिया के सवालों से उनके वकील और ज्योति बचते नजर आए. ज्योति ने तो मीडिया कर्मियों से कहा कि पवन सिंह से ही पूछ लीजिए. सूत्रों की माने तो ज्योति समन मिलने के बाद अपने वकील विष्णुधर पांडेय के साथ आरा सिविल कोर्ट में पेश होकर पवन सिंह द्वारा [&#8230;]]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="359" height="479" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/04/IMG-20220428-WA0007.jpg" alt="" class="wp-image-61332" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/04/IMG-20220428-WA0007.jpg 359w, https://www.patnanow.com/assets/2022/04/IMG-20220428-WA0007-262x350.jpg 262w" sizes="auto, (max-width: 359px) 100vw, 359px" /><figcaption>पवन सिंह और ज्योति सिंह (फाइल फोटो)</figcaption></figure>



<p>आरा,28 अप्रैल. भोजपुरी गायक व अभिनेता सिंह अपने हर चीज के लिए अपने चाहने वालों के बीच खासा चर्चे में रहते हैं. चाहे वह कोई फिल्म हो या गाना. चर्चा के साथ विवाद ने भी भोजपुरी के तथाकथित इस स्टार का पीछा नहीं छोड़ा है. जुबानी जंग हो या किसी गाने को लेकर जंग, जग जाहिर है. इस बार फिर से पवन सुर्खियों में हैं और इस बार वजह है उनकी पत्नी से तलाक की खबर. पवन सिंह अपनी दूसरी पत्नी ज्योति से तलाक ले रहे हैं जिसकी अर्जी उन्होंने बहुत पहले आरा सिविल कोर्ट में दिया था. इसी अर्जी पर समन मिलने के बाद उनकी पत्नी ज्योति सिंह आरा पहुंची तो यह खबर दवानल की तरह पूरे प्रदेश ही नहीं देश में फैल गई.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="409" height="438" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/04/Screenshot_20220428-163924.jpg" alt="" class="wp-image-61331" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/04/Screenshot_20220428-163924.jpg 409w, https://www.patnanow.com/assets/2022/04/Screenshot_20220428-163924-327x350.jpg 327w" sizes="auto, (max-width: 409px) 100vw, 409px" /><figcaption>विष्णुधार पांडेय ज्योति सिंह के वकील</figcaption></figure>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="517" height="445" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/04/Screenshot_20220428-163901.jpg" alt="" class="wp-image-61330" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/04/Screenshot_20220428-163901.jpg 517w, https://www.patnanow.com/assets/2022/04/Screenshot_20220428-163901-350x301.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 517px) 100vw, 517px" /><figcaption>पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह </figcaption></figure>



<p>पवन ने 7 मार्च 2018 मे उत्तर प्रदेश के बलिया जिला के मिढि थाना के मिढि गाँव के रहने वाले रामबाबू सिंह की पुत्री ज्योति सिंह से शादी हिंदू रीति रिवाज के अनुसार शादी किया था. लेकिन कुछ ही समय बाद दोनों के रिश्तों में दरार पड़<br>गई. स्थिति ऐसी बिगड़ी कि मामला कोर्ट तक पहुंच गया. तालाक की अर्जी आने के बाद ज्योति सिंह भी गुरुवार को आरा कोर्ट में अपने वकील के साथ आईं. हालांकि मीडिया के सवालों से उनके वकील और ज्योति बचते नजर आए. ज्योति ने तो मीडिया कर्मियों से कहा कि पवन सिंह से ही पूछ लीजिए. सूत्रों की माने तो ज्योति समन मिलने के बाद अपने वकील विष्णुधर पांडेय के साथ आरा सिविल कोर्ट में पेश होकर पवन सिंह द्वारा दिये गए अर्जी पर दुख जाहिर करते न्यायलय के सामने अपने पक्ष को रखा.अगली सुनवाई 26 मई को होगी.</p>



<p><strong>PNCB</strong></p>
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