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	<title>भोजपुरी की पढ़ाई &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>भोजपुरी सहित 4 विषयों में पीजी एडमिशन के लिए सोमवार से खुलेगा पोर्टल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 18 Jun 2021 12:26:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACADEMIC]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना नाउ की खबर का असर, अब ऑनलाइन ही भोजपुरी में डायरेक्ट नामांकन के लिए अप्लाई कर सकेंगे छात्र आरा,18 जून. भोजपुरी में नामांकन को ले छात्रों की दिक्कतों की खबर पटना नाउ में प्रकाशित होने के बाद उसका असर देखने को मिला है. ऑनलाइन पोर्टल से भोजपुरी का नाम गायब होने की खबर के बाद भोजपुरी आन्दोलन से जुड़े भोजपुरवासियों के कान खड़े हो गए और शुक्रवार को ही इस सम्बंध में विवि के अधिकारियों से मिलने जा पहुँचे. आनन फानन में विवि ने उसके बाद पोर्टल से गायब भोजपुरी समेत 4 उन विषयों को भी जोड़ने का आश्वासन दिया है जिसकी पढ़ाई स्नातक में नहीं की जाती है. वीर कुँवर सिंह विश्वविद्यालय में सत्र 2020 में पीजी एडमिशन के लिए ऑनलाइन पोर्टल खोला गया है, लेकिन भोजपुरी, लोकप्रशासन, प्राकृत-जैनिज़्म, दर्शनशास्त्र में नामांकन लेने के इच्छुक छात्रों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही. ज्ञात हो कि इन 4 विषयों में अभी तक किसी भी संकाय के विद्यार्थी सीधे नामांकन ले सकते थे. भोजपुर में यहाँ की लोकभाषा भोजपुरी और यहाँ की समृद्ध जैन संस्कृति के अध्ययन को इससे प्रोत्साहन मिलता रहा है. मगर इस साल सम्बंधित विषय में स्नातक प्रतिष्ठा वाले छात्रों को ही पोर्टल द्वारा नामांकन आफर किया जा रहा है. भोजपुरी और अन्य विषय के छात्र काफी परेशानी महसूस कर रहे थे. गुरुवार को के के सिंह डीन, छात्र कल्याण ने बताया कि पहले प्रतिष्ठा वाले छात्र ही आवेदन करेंगे बाद में इसे सबके लिए खोला जाएगा. इधर छात्रों का कहना है कि पिछली [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>पटना नाउ की खबर का असर, अब ऑनलाइन ही भोजपुरी में डायरेक्ट नामांकन के लिए अप्लाई कर सकेंगे छात्र</strong></p>



<p class="has-pale-cyan-blue-background-color has-background">आरा,18 जून. भोजपुरी में नामांकन को ले छात्रों की दिक्कतों की खबर <strong>पटना नाउ</strong> में प्रकाशित होने के बाद उसका असर देखने को मिला है. ऑनलाइन पोर्टल से भोजपुरी का नाम गायब होने की खबर के बाद भोजपुरी आन्दोलन से जुड़े भोजपुरवासियों के कान खड़े हो गए और शुक्रवार को ही इस सम्बंध में विवि के अधिकारियों से मिलने जा पहुँचे. आनन फानन में विवि ने उसके बाद पोर्टल से गायब भोजपुरी समेत 4 उन विषयों को भी जोड़ने का आश्वासन दिया है जिसकी पढ़ाई स्नातक में नहीं की जाती है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-style-default"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="600" height="400" src="https://www.patnanow.com/assets/2017/06/PNC-VKSU-vir-kuwar-SINGH-UNIVERSITY.jpg" alt="" class="wp-image-19010" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/06/PNC-VKSU-vir-kuwar-SINGH-UNIVERSITY.jpg 600w, https://www.patnanow.com/assets/2017/06/PNC-VKSU-vir-kuwar-SINGH-UNIVERSITY-225x150.jpg 225w, https://www.patnanow.com/assets/2017/06/PNC-VKSU-vir-kuwar-SINGH-UNIVERSITY-350x233.jpg 350w" sizes="(max-width: 600px) 100vw, 600px" /></figure>



<p class="has-pale-pink-background-color has-background">वीर कुँवर सिंह विश्वविद्यालय में सत्र 2020 में पीजी एडमिशन के लिए ऑनलाइन पोर्टल खोला गया है, लेकिन भोजपुरी, लोकप्रशासन, प्राकृत-जैनिज़्म, दर्शनशास्त्र में नामांकन लेने के इच्छुक छात्रों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही. ज्ञात हो कि इन 4 विषयों में अभी तक किसी भी संकाय के विद्यार्थी सीधे नामांकन ले सकते थे. भोजपुर में यहाँ की लोकभाषा भोजपुरी और यहाँ की समृद्ध जैन संस्कृति के अध्ययन को इससे प्रोत्साहन मिलता रहा है. मगर इस साल सम्बंधित विषय में स्नातक प्रतिष्ठा वाले छात्रों को ही पोर्टल द्वारा नामांकन आफर किया जा रहा है. भोजपुरी और अन्य विषय के छात्र काफी परेशानी महसूस कर रहे थे. गुरुवार को के के सिंह डीन, छात्र कल्याण ने बताया कि पहले प्रतिष्ठा वाले छात्र ही आवेदन करेंगे बाद में इसे सबके लिए खोला जाएगा. इधर छात्रों का कहना है कि पिछली बार भी ऐसा कहा गया था पर अंत में कई छात्र परेशानी की वजह से नामांकन से वंचित रह गए.</p>



<p class="has-pale-pink-background-color has-background"><br>आइसा से जुड़े छात्र रोशन कुशवाहा ने कहा कि उन्होंने पिछली बार भी इसी आश्वासन पर भोजपुरी के लिए आवेदन किया पर बाद में उनका नामांकन नहीं हो पाया, छात्र चक्कर काटने को बाध्य थे. छात्रों का यह भी कहना है कि विवि को इस सम्बंध में पारदर्शी पोर्टल बनाना चाहिए जहाँ सबको पहले आवेदन का मौका मिले और बाद में स्नातक विषय और अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट प्रकाशित किया जाए, मगर पोर्टल ही बन्द करना और सिर्फ आश्वासन देना बेतुका है. सिर्फ प्रतिष्ठा वाले छात्रों को ही पीजी में नामांकन देने का कोई नियम यूजीसी या राजभवन द्वारा प्रकाश में नहीं आया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-style-default"><img decoding="async" width="406" height="465" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_roshan-kushwaha-studentAra.jpg" alt="" class="wp-image-53521" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_roshan-kushwaha-studentAra.jpg 406w, https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_roshan-kushwaha-studentAra-306x350.jpg 306w" sizes="(max-width: 406px) 100vw, 406px" /><figcaption>रोशन कुशवाहा, छात्र</figcaption></figure>



<figure class="wp-block-image size-large is-style-default"><img decoding="async" width="650" height="325" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_VKSUAra.jpg" alt="" class="wp-image-53470" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_VKSUAra.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_VKSUAra-350x175.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p class="has-cyan-bluish-gray-background-color has-background">भोजपुरी, लोकप्रशासन आदि विषयों में इस विवि में स्नातक में पढ़ाई की कोई आधारभूत संरचना भी विकसित नहीं है ऐसे में इन विषयों के पीजी विभाग में सीटें खाली ही रह जाएंगी. जबकि हर बार इन विषयों में उच्च शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए किसी भी संकाय के छात्रों के लिए सीधे नामांकन की व्यवस्था थी.</p>



<p class="has-pale-cyan-blue-background-color has-background">इस मुद्दे पर आज भोजपुरी आंदोलन से जुड़े छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल डीन कार्यालय पहुंचा. इस प्रतिनिधिमंडल में युवा कांग्रेस महासचिव अभिषेक द्विवेदी, रंगकर्मी व पत्रकार ओ पी पांडेय और मैथिली-भोजपुरी अकादमी, दिल्ली सरकार के कार्यकारिणी सदस्य रवि प्रकाश सूरज थे. डीन की अनुपस्थिति में छात्र कल्याण संकाय के प्रभारी परीक्षा समन्वयक डॉ कुमावत और विवि के डीन के सहायक मनोज कुमार सिंह ने डीन से फोन पर बात की. डीन ने आश्वासन दिया कि सोमवार से इन सभी विषयों में सीधे नामांकन के लिए एडमिशन पोर्टल खोल दिया जाएगा.</p>



<p class="has-pale-cyan-blue-background-color has-background">अभिषेक द्विवेदी और ओ पी पांडेय ने कहा कि विवि द्वारा बार-बार भोजपुरी की पढ़ाई पर ग्रहण लगाने के प्रयास का विरोध होगा, अगर सोमवार को पोर्टल नहीं खुला तो आंदोलन तय है. रवि प्रकाश सूरज ने कहा कि भोजपुरी में उच्च शिक्षा को लेकर विवि प्रशासन गम्भीर नहीं है, सिर्फ सम्बद्ध महिला कॉलेजों में नाममात्र की स्नातक सीटें हैं. विवि को चाहिए कि लोकप्रशासन, भोजपुरी आदि विषयों के लिए अंगीभूत कॉलेजों में विभाग खुले और बहाली हो.</p>



<p class="has-cyan-bluish-gray-background-color has-background">ज्ञात हो कि इस विवि के अलावा सिर्फ बी एच यू में भोजपुरी अध्ययन केंद्र है और वहाँ भी किसी संकाय का छात्र भोजपुरी में दाखिला ले सकता है. ऐसे में भोजपुर का ही विवि भोजपुरी को लेकर गम्भीर प्रतीत नहीं दिख रहा है. दूरदराज के छात्र विवि के निर्णय से परेशान हैं. गोरखपुर की आकृति दूबे, दिल्ली से विकास प्रसाद, नोएडा के अभिषेक प्रीतम आदि छात्र चाहते हुए भी भोजपुरी में नामांकन नहीं ले पा रहे थे.</p>



<p class="has-cyan-bluish-gray-background-color has-background">अब देखना यह होगा कि सोमवार को विवि पोर्टल पर इन विषयों के जुड़ने के बाद भोजपुरी में कितने नामांकन होते हैं.</p>



<p>आरा से <strong>सत्य प्रकाश सिंह </strong>की रिपोर्ट</p>
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			</item>
		<item>
		<title>दीपावली पर मिलेगी भोजपुरी को सरकार की सौगात !</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bhojpuri-ko-milegi-saugat/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 19 Oct 2017 18:28:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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		<category><![CDATA[भोजपुरी की पढ़ाई]]></category>
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					<description><![CDATA[&#8216;काँटो की राह&#8217; में खड़ी &#8216;भोजपुरी&#8217; कब शुरू होगी भोजपुरी की पढ़ाई? छठ के बाद मिलेगी खुशखबरी! राजभवन द्वारा VKSU में भोजपुरी की पढ़ाई पर लगे विराम के बाद एक बार फिर राजभवन द्वारा भोजपुरी भाषा की पढ़ाई को पुनः चालू करने के लिए सुगबुगाहट ने फिर से एक भोजपुरी के लिए जैसे रोशनी जगा दी है. दीपावली और छठ पर्व के बाद हो सकता है कि उपहार स्वरूप इस संदर्भ में राजभवन से कोई आदेश आ जाये. इस कार्य मे VC ने अपनी विशेष सक्रियता दिखाई और इस संदर्भ में उन्होंने राज्यपाल से लेकर मुलाकात भी किया. राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मुलाकात कर आये VKSU के VC सैय्यद मुमताजुद्दीन काफी उत्साहित हैं. उन्होंने पटना नाउ से बातचीत करते हुए जिस अंदाज में और जोश के साथ राजभवन के सकरात्मक बात की चर्चा की उससे यही उम्मीद जताई जा रही है कि भोजपुर वासियो को जल्द ही नए राज्यपाल द्वारा दीपावली के उपहार के रूप में भोजपुरी की पढ़ाई को फिर से चालू करने रूपी आदेश को दिया जा सकता है. VC ने बताया कि राज्यपाल से मुलाकात के बाद घंटो इस बात पर चर्चा हुई और उसके बाद राज्यपाल द्वारा बुलायी गयी बैठक में उन्होंने भाग भी लिया. VC के अनुसार राज्यपाल का रूख भोजपुरी को लेकर बड़ा ही सक्रिय है. उम्मीद है कि दिपावली और छठ की छुटियों के बाद राजभवन से खुशखबरी भोजपुरिया जनमानस को मिल सकती है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जबतक राजभवन से इस संदर्भ को लेकर चिठ्ठी नही आती तबतक कुछ भी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&#8216;<strong>काँटो की राह&#8217; में खड़ी &#8216;भोजपुरी&#8217;</strong></p>
<p><b>कब शुरू होगी भोजपुरी की पढ़ाई?</b></p>
<p><strong>छठ के बाद मिलेगी खुशखबरी!</strong></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-9908" src="http://www.patnanow.com/assets/2016/12/pnc-excusive.png" alt="" width="156" height="31" /></p>
<p>राजभवन द्वारा VKSU में भोजपुरी की पढ़ाई पर लगे विराम के बाद एक बार फिर राजभवन द्वारा भोजपुरी भाषा की पढ़ाई को पुनः चालू करने के लिए सुगबुगाहट ने फिर से एक भोजपुरी के लिए जैसे रोशनी जगा दी है. दीपावली और छठ पर्व के बाद हो सकता है कि उपहार स्वरूप इस संदर्भ में राजभवन से कोई आदेश आ जाये. इस कार्य मे VC ने अपनी विशेष सक्रियता दिखाई और इस संदर्भ में उन्होंने राज्यपाल से लेकर मुलाकात भी किया.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-24682 alignleft" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/10/IMG_20171019_193351-350x173.jpg" alt="" width="350" height="173" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/10/IMG_20171019_193351-350x173.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2017/10/IMG_20171019_193351.jpg 650w" sizes="(max-width: 350px) 100vw, 350px" /></p>
<p>राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मुलाकात कर आये VKSU के VC सैय्यद मुमताजुद्दीन काफी उत्साहित हैं. उन्होंने पटना नाउ से बातचीत करते हुए जिस अंदाज में और जोश के साथ राजभवन के सकरात्मक बात की चर्चा की उससे यही उम्मीद जताई जा रही है कि भोजपुर वासियो को जल्द ही नए राज्यपाल द्वारा दीपावली के उपहार के रूप में भोजपुरी की पढ़ाई को फिर से चालू करने रूपी आदेश को दिया जा सकता है. VC ने बताया कि राज्यपाल से मुलाकात के बाद घंटो इस बात पर चर्चा हुई और उसके बाद राज्यपाल द्वारा बुलायी गयी बैठक में उन्होंने भाग भी लिया. VC के अनुसार राज्यपाल का रूख भोजपुरी को लेकर बड़ा ही सक्रिय है. उम्मीद है कि दिपावली और छठ की छुटियों के बाद राजभवन से खुशखबरी भोजपुरिया जनमानस को मिल सकती है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जबतक राजभवन से इस संदर्भ को लेकर चिठ्ठी नही आती तबतक कुछ भी कहना गलत होगा. क्योंकि अभी हाल ही में 9 अक्टूबर को जारी किए गए एक चिट्ठी में राजभवन ने VKSU से भोजपुरी के लिए UGC की मान्यता और राज्य सरकार की अनुमति सबंधित सवाल पूछा था जिसमें राज्य सरकार के जिम्मे इसे भेजते हुए अपना पलड़ा झाड़ा था.</p>
<p><strong>भोजपुरी की राह में अभी भी हैं काँटे</strong></p>
<p>VC डॉ सैय्यद मुमताजुद्दीन भले ही राजभवन से रुख से खुश हैं लेकिन साफ तौर पर कहा कि इतना आसान नही है भोजपुरी को चालू करना. क्योंकि अगर इसका आदेश राजभवन से आ भी जाता है तो भोजपुरी के स्नातक और स्नातकोत्तर के लिए सीटों की संख्या भी राजभवन से मांगना पड़ेगा. साथ ही शिक्षकों की संख्या और उनकी बहाली के साथ नए छात्रों को भोजपुरी के स्नातक पाठ्यक्रम के लिए बुलाना भी एक चुनौती है.</p>
<p><a href="https://youtu.be/PjDb93fn1yM"><strong>सुनिए क्या कहा VKSU के VC ने- क्लिक करें</strong></a></p>
<p><iframe loading="lazy" title="VKSU VC ON BHOJPURI KI PADHAEE patnanow exclusive" width="640" height="480" src="https://www.youtube.com/embed/PjDb93fn1yM?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe></p>
<p><strong>1साल से पेंडिंग है भोजपुरी का मामला</strong></p>
<p>भोजपुरी भाषियों के भोजपुरी की पढ़ाई को बन्द हुए एक साल से ऊपर हो गए हैं. भोजपुरी बचाओ अभियान के लोगों द्वारा इसके लिए चलाए गए मुहिम के बाद आनन फानन में VKSU ने राजभवन को ड्राफ्ट ऑर्डिनेंस एन्ड रेगुलेशन से लेकर स्नातक और स्नातकोत्तर के नए सिलेबस तक भेजा था. यही नही पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम माँझी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष अवधेश नारायण सिंह, और राज्य सभा सांसद आर.के.सिन्हा ने उस समय के तत्कालीन राज्यपाल रामनाथ कोविंद से मुलाकात कर उन्हें लिखित आवेदन भी दिया था. इसके अतिरिक्त सांसद आर.के. सिंह ने भी भोजपुरी भाषा की पढ़ाई को शुरू कराने के लिए भोजपुरी बचाओ अभियान के लोगों से सार्वजनिक तौर पर वादा किया था.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-22136" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/08/PNC-AIM-CIVIL-SERVICE-RAHMAN-SIR-MUNNA-SIR-AD-2-650x280.jpg" alt="" width="650" height="280" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/08/PNC-AIM-CIVIL-SERVICE-RAHMAN-SIR-MUNNA-SIR-AD-2.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/08/PNC-AIM-CIVIL-SERVICE-RAHMAN-SIR-MUNNA-SIR-AD-2-350x151.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="size-full wp-image-3387 alignright" src="http://www.patnanow.com/assets/2016/09/bhojpuri-27-12-2015-1451212238_storyimage.jpg" alt="" width="332" height="249" /></p>
<p>वही NSUI का एक शिष्ट मंडल जिसमे अभिषेक द्विवेदी सहित उनके संगठन के लोग शामिल थे, ने भी राज्यपाल से मुलाकात कर भोजपुरी को यथाशीघ्र चालू करने के लिए प्रार्थना किया था. पूर्व राज्यपाल ने कई महीनों तक बहुत जल्द आश्वासन के शब्द के साथ भोजपुरी समाज को आश्वस्त किया और फिर राष्ट्रपति चुनाव में खुद के नाम आ जाने के बाद यह मामला शिथिल पड़ गया. राज्यपाल के राष्ट्रपति बन जाने के बाद नए राज्यपाल के आने तक भोजपुरी अपनी उत्थान के लिए राजभवन में कराह रही थी. नए राज्यपाल के आगमन के साथ ही लोगों का इस मामले को मिलने की योजना बन रही थी लेकिन इसी बीच राजभवन में होने वाली एडवायजरी कमिटी की बैठक ने सबकी सांसे जैसे रोक दी. बैठक से पहले सूत्रों की माने तो राजभवन भेजे गए ड्राफ्ट और ऑर्डिनेंस में सिलेबस ही गायब था. जैसे ही इस बात का भोजपुरी बचाओ अभियान से जुड़े लोगों को पता चला उन्होंने VC सैय्यद मुमताजुद्दीन से मिल कर राजभवन भेजवाया.</p>
<p><iframe loading="lazy" title="Ara Dr Arun Kailash patnanow" width="640" height="360" src="https://www.youtube.com/embed/hMV2ziZE59A?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe></p>
<p><strong>एक आंदोलन जो विस्फोटक रूप ले सकता है</strong></p>
<p>राज्य सरकार द्वारा 1 साल तक भोजपुरी के मामले में चूप्पी ने भोजपुरी आंदोलन से जुड़े लोगों के बीच एक गुस्से और खीज की भावना विकसित कर दी है. शिक्षकों और विवि की गलती का खामियाजा भोजपुरी और भोजपुर भाषी क्यों भुगते? यही वजह था कि भोजपुरी का विशाल आंदोलन 5 सितम्बर 2016 को शिक्षक दिवस के मौके पर हुआ था. राजनेताओं और राजभवन के आश्वासनो के बार-बार इंतजार के बाद भी चालू न करना और 9 अक्टूबर को राजभवन द्वारा भेजे गए VKSU को एक पत्र ने लगा जैसे भोजपुरी पर जैसे अब विराम ही लग गया. इस पीड़ा ने भोजपुरिया आंदोलन से जुड़े लोगों को जैसे तोड़ दिया. भोजपुरी भाषा की पढ़ाई नही होना जैसे पहचान मिटने की बात हो गयी. इसे लेकर भोजपुरी भाषा से जुड़े लोग अंदर ही अंदर एक विशाल आंदोलन की तैयारी में हैं. बस सबको राजभवन के रुख और पहल का इंतजार है. अगर सकरात्मक आदेश नही आता है निश्चित तौर पर एक विस्फोटक जन आंदोलन होने की आशंका है जिसमे किसी पार्टी की भूमिका नही बल्कि भोजपुरी भाषियों की भूमिका होगी. भोजपुरी से जुड़े हर लोग का बस एक ही कहना है जिसकी भी गलती से बंद हुआ हो उसे दंड मिले लेकिन भोजपुरी की पढ़ाई चालू हो क्योंकि बिना इसके 8वीं अनुसूची में जगह नही मिल सकती.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>आरा से ओ पी पांडेय के साथ सत्य प्रकाश सिंह की रिपोर्ट</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भोजपुरी के लिए फिर से आंदोलन की तैयारी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bhojpuri-ke-liye-andolan-ara/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amit Verma]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 23 Aug 2017 06:06:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
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		<category><![CDATA[भोजपुरी की पढ़ाई]]></category>
		<category><![CDATA[वीर कुंवर सिंह विवि]]></category>
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					<description><![CDATA[हस्ताक्षर अभियान के साथ हो रही शुरुआत भोजपुरी भाषा की पढ़ाई की मांग लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है. चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर विश्वविद्यालय प्रशासन एवं राज्य सरकार को सूचना दे दी गई है. patnanow से बात करते हुए NSUI के सीनियर लीडर अभिषेक द्विवेदी ने बताया कि 24 अगस्त से इस मांग को लेकर हस्ताक्षर सह जागरूकता अभियान शुरू किया जाएगा. हस्ताक्षर के लिए स्कूल कॉलेज के कैम्पस से लेकर मुहल्लों तक पहुंच बनाई जाएगी. 29 अगस्त को विश्वविद्यालय कैंपस में धरना दिया जाएगा. अगर इतने पर भी मांग नहीं मानी गई तो पदयात्रा और राजभवन मार्च किया जाएगा. गौरतलब है कि एक वर्ष पहले भोजपुरी बचाओ अभियान में सभी संगठनों ने जुड़कर भोजपुरी के लिए आवाज बुलंद की थी. जिसका सफल नेतृत्व करते हुए दो युवाओं ,ओ पी पांडेय और मंगलेश तिवारी ने किया था. पिछले साल 5 सितंबर को हुए इस बन्द ने सबको भोजपुरी के लिए एक किया था. पूर्व में भी विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा इस मुद्दे पर धरना, प्रदर्शन और आंदोलन हुए, विश्वविद्यालय बन्द कराया गया, रेल भी रोका गया पर जिसमे NSUI की भी जबरदस्त भूमिका थी. लेकिन एक साल बीतने के बाद भी भोजपुरी भाषा पढ़ाई शुरू नहीं हो पायी. विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने स्तर से स्नातक और स्नातकोत्तर में भोजपुरी की पढ़ाई को लेकर हरसम्भव प्रयास किया. ड्राफ्ट और आर्डिनेंस तैयार कर विश्वविद्यालय सिंडिकेट की मुहर के साथ राजभवन भेज दिया गया पर इसका कोई नतीजा नहीं निकला. राजभवन अपने वादे से मुकर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>हस्ताक्षर अभियान के साथ हो रही शुरुआत</strong></p>
<p>भोजपुरी भाषा की पढ़ाई की मांग लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है. चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर विश्वविद्यालय प्रशासन एवं राज्य सरकार को सूचना दे दी गई है.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-22227" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/08/pnc-ara-bhojpuri-andolan-519x650.jpg" alt="" width="519" height="650" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/08/pnc-ara-bhojpuri-andolan.jpg 519w, https://www.patnanow.com/assets/2017/08/pnc-ara-bhojpuri-andolan-279x350.jpg 279w" sizes="(max-width: 519px) 100vw, 519px" /></p>
<p><strong>patnanow </strong>से बात करते हुए NSUI के सीनियर लीडर अभिषेक द्विवेदी ने बताया कि 24 अगस्त से इस मांग को लेकर हस्ताक्षर सह जागरूकता अभियान शुरू किया जाएगा. हस्ताक्षर के लिए स्कूल कॉलेज के कैम्पस से लेकर मुहल्लों तक पहुंच बनाई जाएगी. 29 अगस्त को विश्वविद्यालय कैंपस में धरना दिया जाएगा. अगर इतने पर भी मांग नहीं मानी गई तो पदयात्रा और राजभवन मार्च किया जाएगा.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-3388" src="http://www.patnanow.com/assets/2016/09/bhojpuriLanguage-640x650.jpg" alt="" width="640" height="650" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2016/09/bhojpuriLanguage-640x650.jpg 640w, https://www.patnanow.com/assets/2016/09/bhojpuriLanguage-345x350.jpg 345w, https://www.patnanow.com/assets/2016/09/bhojpuriLanguage.jpg 591w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>
<p>गौरतलब है कि एक वर्ष पहले भोजपुरी बचाओ अभियान में सभी संगठनों ने जुड़कर भोजपुरी के लिए आवाज बुलंद की थी. जिसका सफल नेतृत्व करते हुए दो युवाओं ,ओ पी पांडेय और मंगलेश तिवारी ने किया था. पिछले साल 5 सितंबर को हुए इस बन्द ने सबको भोजपुरी के लिए एक किया था. पूर्व में भी विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा इस मुद्दे पर धरना, प्रदर्शन और आंदोलन हुए, विश्वविद्यालय बन्द कराया गया, रेल भी रोका गया पर जिसमे NSUI की भी जबरदस्त भूमिका थी. लेकिन एक साल बीतने के बाद भी भोजपुरी भाषा पढ़ाई शुरू नहीं हो पायी.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-22136" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/08/PNC-AIM-CIVIL-SERVICE-RAHMAN-SIR-MUNNA-SIR-AD-2-650x280.jpg" alt="" width="650" height="280" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/08/PNC-AIM-CIVIL-SERVICE-RAHMAN-SIR-MUNNA-SIR-AD-2.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/08/PNC-AIM-CIVIL-SERVICE-RAHMAN-SIR-MUNNA-SIR-AD-2-350x151.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p>विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने स्तर से स्नातक और स्नातकोत्तर में भोजपुरी की पढ़ाई को लेकर हरसम्भव प्रयास किया. ड्राफ्ट और आर्डिनेंस तैयार कर विश्वविद्यालय सिंडिकेट की मुहर के साथ राजभवन भेज दिया गया पर इसका कोई नतीजा नहीं निकला. राजभवन अपने वादे से मुकर गया. इसलिए इस बार निर्णायक संघर्ष का रास्ता चुना गया है. इसके पूर्व भी भोजपुरिया जन जागरण अभियान ने कुमुद पटेल के नेतृत्व में पिछले महीने एक विशाल महाधरना का आयोजन किया था. लगता है पुनः सब संगठन एक हो अपनी ताकत भोजपुरी के झोकने वाले हैं.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>आरा से सत्य प्रकाश सिंह की रिपोर्ट</p>
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