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	<title>बक्सर &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>बक्सर &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>अजब वेलेंटाइन की गजब कहानी !</title>
		<link>https://www.patnanow.com/married-women-ran-away-with-his-lover-on-valentine-day/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Feb 2023 07:02:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Crime]]></category>
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		<category><![CDATA[शादीशुदा महिला प्रेमी संग फरार]]></category>
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					<description><![CDATA[वेलेंटाइन डे को प्रेमी के संग फरार हुई शादी-शुदा औरत बक्सर,15 फरवरी. पश्चिमी देशों से प्रचलन में आया वेलेंटाइन डे इस कदर हर किसी के जुबान पर है कि एक नन्हा बच्चा भी इस दिन को जानता है. इसका क्रेज इतना बढ़ गया कि भारत की सबसे सुनहरी ऋतुओं में शुमार बसन्त को लोग भूल गए और केक के प्रचलन ने वेलेंटाइन को हर घर मे आबाद कर दिया. इसी वेलेंटाइन डे के दिन बक्सर में एक ऐसी घटना घटी जिसके बाद सभी भौचक रह गए. वेलेंटाइन डे के दिन बक्सर में एक पत्नी अपने पति को छोड़ प्रेमी के साथ फरार हो गई. उक्त औरत की शादी के महज 9 महीने ही बीते थे कि वह पति को धोखा देते हुए 3 लाख रूपये के गहने और 30 हजार कैश लेकर फरार हो गयी. पत्नी के भागने का यह सनसनीखेज मामला बक्सर के नगर थाने में पहुंचा है. पति की गुहार पर पुलिस मामले की छानबीन में जुट गयी है. घटना बहुआरा के रहने वाले अंकित चौबे के साथ घटी है जो फिलहाल कथकौली मैदान के पास किराए पर मकान लेकर रहते थे. पहले से ही पत्नी का था चक्कर बताते चलें कि पिछले साल 9 मई को बक्सर के बहुआरा निवासी अंकित चौबै की शादी बक्सर के ही चरित्रवन निवासी अंकिता से हुई थी. अंकित चौबे एक ब्राह्मण हैं जो पूजा-पाठ कर अपनी जीविका चलाते थे. शादी से पूर्व वे गांव में ही रहते थे लेकिन शादी के बाद पत्नी के कहने पर वे बक्सर के कथकौली मैदान [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>वेलेंटाइन डे को प्रेमी के संग फरार हुई शादी-शुदा औरत</strong></p>



<p>बक्सर,15 फरवरी. पश्चिमी देशों से प्रचलन में आया वेलेंटाइन डे इस कदर हर किसी के जुबान पर है कि एक नन्हा बच्चा भी इस दिन को जानता है. इसका क्रेज इतना बढ़ गया कि भारत की सबसे सुनहरी ऋतुओं में शुमार बसन्त को लोग भूल गए और केक के प्रचलन ने वेलेंटाइन को हर घर मे आबाद कर दिया. इसी वेलेंटाइन डे के दिन बक्सर में एक ऐसी घटना घटी जिसके बाद सभी भौचक रह गए. वेलेंटाइन डे के दिन बक्सर में एक पत्नी अपने पति को छोड़ प्रेमी के साथ फरार हो गई. उक्त औरत की शादी के महज 9 महीने ही बीते थे कि वह पति को धोखा देते हुए 3 लाख रूपये के गहने और 30 हजार कैश लेकर फरार हो गयी. पत्नी के भागने का यह सनसनीखेज मामला बक्सर के नगर थाने में पहुंचा है. पति की गुहार पर पुलिस मामले की छानबीन में जुट गयी है. घटना बहुआरा के रहने वाले अंकित चौबे के साथ घटी है जो फिलहाल कथकौली मैदान के पास किराए पर मकान लेकर रहते थे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="368" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Ankita-buxar-valentine-day-case.jpg" alt="" class="wp-image-71553" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Ankita-buxar-valentine-day-case.jpg 368w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Ankita-buxar-valentine-day-case-215x350.jpg 215w" sizes="(max-width: 368px) 100vw, 368px" /></figure>



<p><strong>पहले से ही पत्नी का था चक्कर</strong></p>



<p>बताते चलें कि पिछले साल 9 मई को बक्सर के बहुआरा निवासी अंकित चौबै की शादी बक्सर के ही चरित्रवन निवासी अंकिता से हुई थी. अंकित चौबे एक ब्राह्मण हैं जो पूजा-पाठ कर अपनी जीविका चलाते थे. शादी से पूर्व वे गांव में ही रहते थे लेकिन शादी के बाद पत्नी के कहने पर वे बक्सर के कथकौली मैदान के पास के किराये पर घर लेकर रहने लगे.</p>



<p><strong>भाई के बहाने प्रेमी से चल रहा था शादी के बाद भी चक्कर</strong></p>



<p>अंकित के मुताबिक शादी के पहले से ही उनकी पत्नी का अफेयर चरित्रवन के नौलखा मंदिर के पास रहने वाले गोलू चौधरी उर्फ प्रिंस नामक लड़के से था. अंकित के कई जजमान दूर-दराज के भी हैं. ऐसे में उन्हें बक्सर के बाहर भी दूसरे जिलों में जाना पड़ता था. ऐसे में जब वे घर पर नहीं होते थे तो गोलू चौधरी उर्फ प्रिंस उनके घर पहुंच जाता था.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="508" height="391" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Buxar-Ankita-valentine-day-case-01.jpg" alt="" class="wp-image-71555" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Buxar-Ankita-valentine-day-case-01.jpg 508w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Buxar-Ankita-valentine-day-case-01-350x269.jpg 350w" sizes="(max-width: 508px) 100vw, 508px" /></figure>



<p>अंकित चौबे ने मीडिया को बताया कि शादी के बाद से ही उनकी पत्नी गोलू चौधरी से मोबाइल पर बात करती थी. अंकित ने कई बार अपनी पत्नी को प्रेमी से बातचीत करते हुए पकड़ा था, लेकिन जब भी पकड़ी जाती वह भड़क जाती और कहती कि गोलू चौधरी उसका भाई है. वह हर बार कोई ना कोई बहाना बना देती थी. पिछले 2 फरवरी को तो इस बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा तक हो गया. फिर क्या था 3 फरवरी को वह अपने सारे गहने और पैसे लेकर अपने मायके चरित्रवन चली गयी. वेलेंटाइन डे को पता चला कि वह अपने मायके से गोलू चौधरी के साथ फरार हो गई.</p>



<p>अंकित चौबे ने जब उसके प्रेमी को फोन किया तो गोलू चौधरी ने अंकित चौबे को जान से मारने की धमकी दी और कहा कि शादी से पहले से ही वो मेरी थी और अब मेरी ही रहेगी. पति के मुताबिक पत्नी का प्रेमी फोन बार-बार फोन कर धमकी दे रहा है.</p>



<p>पुलिस को दिये गये आवेदन में पति अंकित चौबे ने अपनी पत्नी और उसके प्रेमी के साथ -साथ अपने सास-ससुर और साले को भी आरोपी बनाया है. ससुराल वालों पर पत्नी को भगाने की साजिश रचने का आरोप है.</p>



<p><strong>PNCB</strong></p>
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		<item>
		<title>अंग्रेजी ओलंपिया का गोल्ड मेडल जीता बक्सर के स्वराज ओझा ने</title>
		<link>https://www.patnanow.com/swaraj-ojha-wins-gold-medal-in-english-olympiad/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nikhil]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 28 Dec 2018 15:58:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACADEMIC]]></category>
		<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) &#124; स्वराज ओझा, जो बक्सर के छोटा सिंघनपुरा के रहने वाले हैं तथा संजीव कुमार और रितु ओझा के बेटे है, ने अंग्रेजी ओलंपियाड में गोल्ड मेल्डल जीता है. पहले भी जब वे पांचवीं क्लास में पढ़ रहे थे तब सायंस ओलंपियाड में ब्रांज मेडल जीता था. इसके अलावा इनकी स्टोरी को स्टोरी मिरर स्टोरी राइटिंग कंपीटिशन में शामिल किया है. स्वराज ओझा अभी दिल्ली के समरविले स्कूल की सातवीं क्लास में पढ़ते हैं. स्वराज ओझा के चाचा अभिषेक कुमार बापू स्मारक महिला उच्च विद्यालय में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं.]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div dir="auto"><strong><img decoding="async" class="size-full wp-image-37189 aligncenter" src="https://www.patnanow.com/assets/2018/12/IMG-20181228-WA0034.jpg" alt="" width="577" height="600" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2018/12/IMG-20181228-WA0034.jpg 577w, https://www.patnanow.com/assets/2018/12/IMG-20181228-WA0034-337x350.jpg 337w" sizes="(max-width: 577px) 100vw, 577px" />पटना (ब्यूरो रिपोर्ट)</strong> | स्वराज ओझा, जो बक्सर के छोटा सिंघनपुरा के रहने वाले हैं तथा संजीव कुमार और रितु ओझा के बेटे है, ने अंग्रेजी ओलंपियाड में गोल्ड <img loading="lazy" decoding="async" class="alignleft size-thumbnail wp-image-37190" src="https://www.patnanow.com/assets/2018/12/IMG-20181228-WA0035-250x250.jpg" alt="" width="250" height="250" /><img loading="lazy" decoding="async" class="size-thumbnail wp-image-37191 alignright" src="https://www.patnanow.com/assets/2018/12/IMG-20181228-WA0036-250x250.jpg" alt="" width="250" height="250" />मेल्डल जीता है. पहले भी जब वे पांचवीं क्लास में पढ़ रहे थे तब सायंस ओलंपियाड में ब्रांज मेडल जीता था. इसके अलावा इनकी स्टोरी को स्टोरी मिरर स्टोरी राइटिंग कंपीटिशन में शामिल किया है. स्वराज ओझा अभी दिल्ली के समरविले स्कूल की सातवीं क्लास में पढ़ते हैं. स्वराज ओझा के चाचा अभिषेक कुमार बापू स्मारक महिला उच्च विद्यालय में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं.</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>यहां इलाज कराना हो तो बैंडेज-पट्टी साथ लेकर आएं</title>
		<link>https://www.patnanow.com/sadar-hospital-ka-haal-behaal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amit Verma]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 30 Jun 2017 16:39:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[SADAR HOSPITAL]]></category>
		<category><![CDATA[इमरजेंसी]]></category>
		<category><![CDATA[बक्सर]]></category>
		<category><![CDATA[सदर अस्पताल]]></category>
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					<description><![CDATA[इमरजेंसी में भी नहीं मिलती हैं दवाएं इलाज कराना हो तो दवा, सूई और बैंडेज-पट्टी खरीदकर ले जाएं बक्सर सदर अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीजों को इन दिनों दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं. अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि उनके पास पर्याप्त मात्रा में दवा का स्टॉक है, लेकिन ग्राउंड रियलिटी कुछ और ही है. यहां वैसे मरीजों को काफी फजीहत झेलनी पड़ती है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और सदर अस्पताल इलाज कराने पहुंचते हैं. गुरुवार की रात ऐसा ही मामला सदर अस्पताल में सामने आया. जब कोरानसराय थाना के कमधरपुर गांव में एक शख्स को अज्ञात अपराधियों ने गोलियों से भून दिया. उसके शरीर में पांच गोलियां लगी थी. किसी तरह परिजन उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर आये थे. लेकिन, सदर अस्पताल के इमरजेंसी में ना तो बैंडेज था ना ही पट्टी. इसके लिए ड्यूटी पर तैनात डॉ अमलेश कुमार व स्टाफ ने परिजनों को बाहर से बैंडेज लाने के लिए कहा. इस दौरान घायल दर्द से तड़पता रहा. सदर अस्पताल के कई वार्डों में दर्जनों ऐसे मरीज भर्ती हैं, जिनका इलाज तो सदर अस्पताल में हो रहा है लेकिन सिर्फ कागज पर. उन्हें सुविधा के नाम पर केवल सुबह-शाम डॉक्टर के दर्शन होते हैं. दवा उन्हें बाहर से ही लाना पड़ता है. सूई धागा खरीदकर मरीज पहुंचते हैं इमरजेंसी वार्ड गुरुवार की रात कुछ ऐसे भी वार्ड थे जहां एक भी दवा उपलब्ध नहीं थी. संक्रमण वार्ड में तो सिर्फ पानी ही मिला. सरकार की तरफ से मिलने वाले भोजन में भी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इमरजेंसी में भी नहीं मिलती हैं दवाएं</strong></p>
<p><strong>इलाज कराना हो तो दवा, सूई और बैंडेज-पट्टी खरीदकर ले जाएं</strong></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-16352" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/04/PNC-BUXAR-SADAR-HOSPITAL-650x362.jpg" alt="" width="650" height="362" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/04/PNC-BUXAR-SADAR-HOSPITAL.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/04/PNC-BUXAR-SADAR-HOSPITAL-350x195.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p>बक्सर सदर अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीजों को इन दिनों दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं. अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि उनके पास पर्याप्त मात्रा में दवा का स्टॉक है, लेकिन ग्राउंड रियलिटी कुछ और ही है. यहां वैसे मरीजों को काफी फजीहत झेलनी पड़ती है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और सदर अस्पताल इलाज कराने पहुंचते हैं. गुरुवार की रात ऐसा ही मामला सदर अस्पताल में सामने आया. जब कोरानसराय थाना के कमधरपुर गांव में एक शख्स को अज्ञात अपराधियों ने गोलियों से भून दिया. उसके शरीर में पांच गोलियां लगी थी. किसी तरह परिजन उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर आये थे. लेकिन, सदर अस्पताल के इमरजेंसी में ना तो बैंडेज था ना ही पट्टी. इसके लिए ड्यूटी पर तैनात डॉ अमलेश कुमार व स्टाफ ने परिजनों को बाहर से बैंडेज लाने के लिए कहा. इस दौरान घायल दर्द से तड़पता रहा. सदर अस्पताल के कई वार्डों में दर्जनों ऐसे मरीज भर्ती हैं, जिनका इलाज तो सदर अस्पताल में हो रहा है लेकिन सिर्फ कागज पर. उन्हें सुविधा के नाम पर केवल सुबह-शाम डॉक्टर के दर्शन होते हैं. दवा उन्हें बाहर से ही लाना पड़ता है.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-19884" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/06/PNC-BUXAR-HOSPITAL-650x366.jpg" alt="" width="650" height="366" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/06/PNC-BUXAR-HOSPITAL.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/06/PNC-BUXAR-HOSPITAL-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p><strong>सूई धागा खरीदकर मरीज पहुंचते हैं इमरजेंसी वार्ड</strong></p>
<p>गुरुवार की रात कुछ ऐसे भी वार्ड थे जहां एक भी दवा उपलब्ध नहीं थी. संक्रमण वार्ड में तो सिर्फ पानी ही मिला. सरकार की तरफ से मिलने वाले भोजन में भी किसी -किसी दिन कटौती हो जाती है. पूछने पर कहा जाता है कि भूल से कैंटिन के लोग इस वार्ड में नहीं पाए हैं. लेकिन इन सब बातों की निगरानी का जिम्मा जिन्हें दिया गया है उन्हें कुछ मालूम ही नहीं हो पाता है. दवा का आलम यह है कि जो मरीज सड़क हादसे में इमरजेंसी वार्ड में पहुंचते हैं उन्हें पहले सूई और धागा बाहर से खरीद कर लाना पड़ता है. उसके बाद ही उनका इलाज हो पाता है. इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी पर तैनात स्टाफ भी इस बात को स्वीकारते हैं कि पहले घायल का इलाज होना जरूरी है, लेकिन वे लोग अपनी मजबूरी का हवाला देकर मरीज के परिजन को धागा अन्य दवा के लिए बाहर भेज देते हैं.</p>
<p><strong>दवा खत्म हो गई होगी, मामला मेरे संज्ञान में नहीं है</strong></p>
<blockquote><p>जिले के सरकारी अस्पतालों में यहां से ही दवा की आपूर्ति की जाती है. हो सकता है कुछ दवा खत्म हो गई होगी. इस तरह का कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं है, पता कर दवा उपलब्ध करवाई जाएगी.- डॉ.बीके, सिविल सर्जन, बक्सर</p></blockquote>
<p>&nbsp;</p>
<p>बक्सर से ऋतुराज</p>
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