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	<title>जीकेसी &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>सबका साथ और सबका विकास के साथ काम करने को लेकर प्रतिबद्ध है जीकेसी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[dnv md]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 28 Jul 2021 02:20:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
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					<description><![CDATA[जीकेसी महाराष्ट्र कार्यकारिणी की पहली बैठक संपन्न कायस्थों को एकजुट होने और राष्ट्र निर्माण में कायस्थों की भूमिका को उन्नत करने की जरूरत : शिशिर सिन्हामुंबई, 26 जुलाई कायस्थों के सामाजिक- आर्थिक और राजनीतिक उत्थान के लिए प्रतिबद्ध अंतरराष्ट्रीय संस्था ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) महाराष्ट्र कार्यकारिणी की पहली बैठक संपन्न हो गयी.(जीकेसी) महाराष्ट्र कार्यकारिणी की पहली बैठक जीकेसी महाराष्ट्र के अध्यक्ष शिशिर सिन्हा की अध्यक्षता में आहूत की गयी। इस दौरान मुख्य अतिथि के तौर पर जीकेसी के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद के अलावा ,रवि व्यास अध्यक्ष भाजपा मीरा-भायंदर जिला, भाजपा कॉर्पोरेटर विजय राय और सुश्री नीला सोन्स, शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के वैश्विक अध्यक्ष दीपक कुमार वर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आलोक अविरल, जीकेसी युवा प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय प्रभारी और बॉलीवुड सिंगर प्रिया मल्लिक और जीकेसी की मुख्य वित्तीय अधिकारी निष्का रंजन मौजूद थी. राजीव रंजन प्रसाद ने लोगों को संबोधित करते हुये जीकेसी के सात मूलभूत सिद्धांत सेवा, सहयोग, संप्रेषण, सरलता, समन्वय, सकारात्मकता और संवेदशनीलता के बारे में विस्तृत जानकारी दी और उन्हें अपने जीवन में आत्सात करने पर जोर दिया. उन्होंने कायस्थों के इतिहास और इस राष्ट्र के निर्माण में उनकी भूमिका के बारे में लोगों को याद दिलाया। उन्होंने कहा कि हाल के तीन चार दशकों में राजनीतिक दलों द्वारा कायस्थ की महिमा का अवमूल्यन किया गया है. हम सभी को मिलकर जीकेसी आगे बढ़ाने के लिए सोच और विचारधारा का ज़मीनी स्तर पर क्रियान्वयन की जरूरत है. जीकेसी सबका साथ और सबका विकास के साथ काम करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं.श्री रवि व्यास- अध्यक्ष भाजपा मीरा-भायंदर [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जीकेसी महाराष्ट्र कार्यकारिणी की पहली बैठक संपन्न</strong></p>



<p>कायस्थों को एकजुट होने और राष्ट्र निर्माण में कायस्थों की भूमिका को उन्नत करने की जरूरत : शिशिर सिन्हा<br>मुंबई, 26 जुलाई कायस्थों के सामाजिक- आर्थिक और राजनीतिक उत्थान के लिए प्रतिबद्ध अंतरराष्ट्रीय संस्था ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) महाराष्ट्र कार्यकारिणी की पहली बैठक संपन्न हो गयी.<br>(जीकेसी) महाराष्ट्र कार्यकारिणी की पहली बैठक जीकेसी महाराष्ट्र के अध्यक्ष शिशिर सिन्हा की अध्यक्षता में आहूत की गयी। इस दौरान मुख्य अतिथि के तौर पर जीकेसी के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद के अलावा ,रवि व्यास अध्यक्ष भाजपा मीरा-भायंदर जिला, भाजपा कॉर्पोरेटर विजय राय और सुश्री नीला सोन्स, शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के वैश्विक अध्यक्ष दीपक कुमार वर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आलोक अविरल, जीकेसी युवा प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय प्रभारी और बॉलीवुड सिंगर प्रिया मल्लिक और जीकेसी की मुख्य वित्तीय अधिकारी निष्का रंजन मौजूद थी.</p>



<p> राजीव रंजन प्रसाद ने लोगों को संबोधित करते हुये जीकेसी के सात मूलभूत सिद्धांत सेवा, सहयोग, संप्रेषण, सरलता, समन्वय, सकारात्मकता और संवेदशनीलता के बारे में विस्तृत जानकारी दी और उन्हें अपने जीवन में आत्सात करने पर जोर दिया. उन्होंने कायस्थों के इतिहास और इस राष्ट्र के निर्माण में उनकी भूमिका के बारे में लोगों को याद दिलाया। उन्होंने कहा कि हाल के तीन चार दशकों में राजनीतिक दलों द्वारा कायस्थ की महिमा का अवमूल्यन किया गया है. हम सभी को मिलकर जीकेसी आगे बढ़ाने के लिए सोच और विचारधारा का ज़मीनी स्तर पर क्रियान्वयन की जरूरत है. जीकेसी सबका साथ और सबका विकास के साथ काम करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं.<br>श्री रवि व्यास- अध्यक्ष भाजपा मीरा-भायंदर जिला, ने आश्वासन दिया कि, आने वाले चुनाव में, वह कायस्थों की उम्मीदवारी पर विचार करने जा रहे हैं.<br>श्री शिशिर सिन्हा-प्रदेश अध्यक्ष महाराष्ट्र ने कहा कि हमें सदस्यता की दिशा में काम करना होगा. 19 दिसंबर को होने वाले विश्व कायस्थ सम्मेलन में हमे अपनी अपनी भागेदारी देनी होगी. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कायस्थों को एकजुट होने और राष्ट्र निर्माण में कायस्थों की भूमिका को उन्नत करने की आवश्यकता है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="474" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-gkc-webinar-delhi.jpg" alt="" class="wp-image-54488" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-gkc-webinar-delhi.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-gkc-webinar-delhi-350x255.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>दीपक कुमार वर्मा ने कहा, पर्यावरण, संस्कृति, शिक्षा और स्वास्थ्य जीवन के चार स्तंभ हैं और जीकेसी इसके लिए प्रतिबद्ध हैं.<br>उन्होंने कहा, हम सभी को मुंबई में होने के कारण दो बड़ी जिम्मेदारियां लेनी होंगी:</p>



<p>1. यह सुनिश्चित करने के लिए कि सभी बड़ी हस्तियां जीकेसी के विजन से आश्वस्त हैं और 19 दिसंबर को हमारे समारोह में शामिल हों. 2. हमें इस बात पर काम करना होगा कि हम समारोह के लिए प्रायोजक कैसे प्राप्त कर सकते हैं- यह वह जगह है जहां गवर्निंग काउंसिल मुंबई के जीकेसी टीम के सदस्यों पर बैंकिंग कर रही है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="465" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-gkc-webinar.jpg" alt="" class="wp-image-54489" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-gkc-webinar.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-gkc-webinar-350x250.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>बैठक में जीकेसी महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों के सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने शिरकत की. रवि प्रकाश &#8211; महासचिव महाराष्ट्र, संजय सिन्हा, उपाध्यक्ष नागपुर, नीरज सिन्हा- अध्यक्ष सीसीसी और आई, गौरव सक्सेना आईटी सेल महाराष्ट्र, मनोज सिन्हा- अध्यक्ष नवी मुंबई, अभिनव वर्मा अध्यक्ष ठाणे, नीलेश सिन्हा- महासचिव, ठाणे, सुजीत वर्मा- महासचिव, युवा विंग-महाराष्ट्र, नीरज श्रीवास्तव-अध्यक्ष मुंबई, आशुतोष सिन्हा- अध्यक्ष सांस्कृतिक प्रकोष्ठ, प्रदेश उपाध्यक्ष (कला-संस्कृति प्रकोष्ठ) शालिनी श्रीवास्तव,<br>तन्मय सिन्हा प्रदेश उपाध्यक्ष (कला संस्कृति प्रकोष्ठ) समेत कई अन्य लोग शामिल थे.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>शिक्षित राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कायस्थ समाज की उपेक्षा क्यों : राजीव रंजन</title>
		<link>https://www.patnanow.com/puchta-hai-kayastha-gkc/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[dnv md]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 12 Jul 2021 10:06:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[GKC]]></category>
		<category><![CDATA[kayastha]]></category>
		<category><![CDATA[जीकेसी]]></category>
		<category><![CDATA[पूछता है कायस्थ]]></category>
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					<description><![CDATA[ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस के सौजन्य से “पूछता है कायस्थ” सत्र का आयोजन पटना (नयी दिल्ली), 12 जुलाई।। कायस्थों को धीरे-धीरे राजनीति में महत्वपूर्ण भागीदारी से वंचित किए जाने के विरोध में कायस्थ समाज ने अब अपनी आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी है. सांस्कृतिक, शैक्षणिक, सामाजिक और राजनीतिक उत्थान के लिए संकल्पित विश्वस्तरीय संगठन ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) इसी क्रम में “पूछता है कायस्थ” सत्र का आयोजन किया, जिसमें कायस्थों के हर क्षेत्र में विकास के अलावा राष्ट्रीय प्रांतीय स्तर पर राजनीति में कायस्थों की उपेक्षा के सवाल पर विस्तृत रूप से चर्चा की गयी. जीकेसी के सौजन्य से कायस्थ समाज के सर्वांगीण विकास को लेकर वर्चुअल सत्र “पूछता है कायस्थ” का आयोजन किया गया, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि पूर्व रेल राज्यमंत्री और कांग्रेस वर्किंग कमिटी सदस्यभक्त चरण दास को आमंत्रित किया गया. सत्र के दौरान उन्होंने विभिन्न पहलुओं पर अपनी राय रखी, वहीं उन्होंने कायस्थ समाज से जुड़े लोगों के सवालों के जवाब दिये. वर्चुअल सत्र में मॉडरेटर के रूप में जीकेसी राजनीतिक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मिहिर भोले और राजस्थान जीकेसी के प्रदेश अध्यक्ष अनुराग सक्सेना मौजूद थे. सत्र का संचालन जीकेसी डिजिटल-तकनीकी के ग्लोबल अध्यक्ष आनंद सिन्हा, डिजिटल-तकनीकी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन श्रीवास्तव एवं डिजिटल-तकनीकी के ग्लोबल महासचिव सौरभ श्रीवास्तव ने निभायी. उक्त अवसर पर जीकेसी के विभिन्न राज्यों एवं अनेक देशों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे. सबों ने एक स्वर में कहा कि कायस्थ समाज क्षमता, मेधा, योग्यता, संख्या बल एवं तमाम सकारात्मक गुण होने के बाद भी पिछड़ता चला जा रहा है. इसके कहीं [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><em>ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस के सौजन्य से “पूछता है कायस्थ” सत्र का आयोजन</em></p>



<p>पटना (नयी दिल्ली), 12 जुलाई।।</p>



<p>कायस्थों को धीरे-धीरे राजनीति में महत्वपूर्ण भागीदारी से वंचित किए जाने के विरोध में कायस्थ समाज ने अब अपनी आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी है. सांस्कृतिक, शैक्षणिक, सामाजिक और राजनीतिक उत्थान के लिए संकल्पित विश्वस्तरीय संगठन ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) इसी क्रम में “पूछता है कायस्थ” सत्र का आयोजन किया, जिसमें कायस्थों के हर क्षेत्र में विकास के अलावा राष्ट्रीय प्रांतीय स्तर पर राजनीति में कायस्थों की उपेक्षा के सवाल पर विस्तृत रूप से चर्चा की गयी.</p>



<p>जीकेसी के सौजन्य से कायस्थ समाज के सर्वांगीण विकास को लेकर वर्चुअल सत्र “पूछता है कायस्थ” का आयोजन किया गया, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि पूर्व रेल राज्यमंत्री और कांग्रेस वर्किंग कमिटी सदस्य<br>भक्त चरण दास को आमंत्रित किया गया. सत्र के दौरान उन्होंने विभिन्न पहलुओं पर अपनी राय रखी, वहीं उन्होंने कायस्थ समाज से जुड़े लोगों के सवालों के जवाब दिये. वर्चुअल सत्र में मॉडरेटर के रूप में जीकेसी राजनीतिक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मिहिर भोले और राजस्थान जीकेसी के प्रदेश अध्यक्ष अनुराग सक्सेना मौजूद थे.</p>



<p>सत्र का संचालन जीकेसी डिजिटल-तकनीकी के ग्लोबल अध्यक्ष आनंद सिन्हा, डिजिटल-तकनीकी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन श्रीवास्तव एवं डिजिटल-तकनीकी के ग्लोबल महासचिव सौरभ श्रीवास्तव ने निभायी.</p>



<p>उक्त अवसर पर जीकेसी के विभिन्न राज्यों एवं अनेक देशों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे. सबों ने एक स्वर में कहा कि कायस्थ समाज क्षमता, मेधा, योग्यता, संख्या बल एवं तमाम सकारात्मक गुण होने के बाद भी पिछड़ता चला जा रहा है. इसके कहीं ना कहीं जिम्मेदार हम ही हैं. यदि कायस्थ समाज समय रहते अब नहीं चेता तो पिछड़ता चला जाएगा.</p>



<p>बिहार , मिजोरम और मणिपुर एआईसीसी प्रभारी भक्त चरण दास ने कहा कि समाज में कायस्थों का स्थान हमेशा रहा है. मंडल आयोग के बाद, धार्मिक प्रतिद्वंद्विता पैदा हुई. हमेशा कायस्थों को बांटने की कोशिश की गई और कायस्थ अब अपनी सफलता के पथ से दूर हो गए हैं. कायस्थों को भी न्याय की आवश्यकता होती है, जिसके लिए सभी कायस्थों को हाथ मिलाकर पूर्वव्यापी समीक्षा करने की आवश्यकता है. कायस्थ कोई जाति नहीं बल्कि सफलता का सूत्र है, जहां वे हमेशा चीजों को होने में विश्वास रखते हैं. मुझे विश्वास है कि कायस्थ एक नई शुरुआत कर सकते हैं और इतिहास रच सकते हैं क्योंकि वे हमेशा समाज में सबसे आगे चलने वाले रहे हैं. कायस्थों ने राष्ट्र निर्माण के साथ-साथ संविधान निर्माण में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. यह समाज के दबे कुचले वर्ग, पिछड़ी जातियाँ, अल्पसंख्यक समुदाय के साथ समाज के अन्य समुदायों के उत्थान में अपनी अग्रणी भूमिका का निर्वहन करते आया है. कायस्थ समाज को किसी भी राजनीतिक दल का पिछलग्गू बनना बंद कर देना चाहिए.</p>



<p>जीकेसी के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि कायस्थ समाज एक प्रबुद्ध समाज है. कायस्थ समाज एक सामाजिक एवं प्रगतिशील समाज है. इस समाज ने सदैव ही समाज के हर वर्ग और समुदाय को साथ लेकर चलने, उनका उत्थान करने का काम किया है. कायस्थ समाज ने सत्ता के संचरण के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया है.</p>



<p>उन्होंने कहा कि महाराज ललितादित्य, महाराज प्रतापादित्य ने अपने नेतृत्व से राष्ट्र को नई दिशा देने का काम किया है. सुभाष चंद्र बोस, चितरंजन दास, सूर्यसेन समेत अनेक कायस्थ स्वतंत्रता सेनानियों ने अनेक अवसरों पर स्वतंत्रता आंदोलन में अंग्रेजों से लोहा लेने का काम किया है. फिर भी इतिहासकारों ने हमेशा से कायस्थ समाज के योगदान और भूमिका के साथ छल करने का काम किया है. कायस्थ एक वैश्विक समूह है और इस देश में ही नहीं कायस्थ यूएसए, यूके समय अनेक देशों के साथ-साथ नासा, सिलिकॉन वैली में भी महत्वपूर्ण स्थानों पर है और अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहा है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="604" height="404" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-GKC-kayastha-rajeev-ranjan.jpg" alt="" class="wp-image-54053" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-GKC-kayastha-rajeev-ranjan.jpg 604w, https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-GKC-kayastha-rajeev-ranjan-350x234.jpg 350w" sizes="(max-width: 604px) 100vw, 604px" /></figure>



<p>राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि भारतवर्ष का स्वर्णिम इतिहास चाहे वह प्राचीन, मध्य इतिहास हो या आधुनिक इतिहास, साक्षी है कायस्थ समाज की विभूतियों के योगदान की कोई अनदेखी नहीं कर सकता है. देश के पहले राष्ट्रपति डा. राजेन्द्र प्रसाद और दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर<br>शास्त्री कायस्थ थे. बिहार के गौरवशाली निर्माण में कायस्थ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. हमारे गौरवशाली इतिहास में राजा महाराजा ही नही , शिक्षाविद , न्यायविद, प्रतिभाशाली पत्रकार , चिकित्सक, कलाकार,या यूं कहें कि हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन देने वाले एक से एक कुल विभूति हुये हैं. आज हमें अपनी समृद्ध जनसंख्या को एकजुटकर के इतिहास गढ़ने की क्षमता को समझना होगा. अपने कुल और पूर्वजों के गौरवमयी इतिहास से प्रेरित होते हुए राजनैतिक तौर पर भी चैतन्य होने की आवश्यकता है.</p>



<p>कार्यक्रम का प्रारम्भ अनुराग सक्सेना ने किया. उन्होंने कहा, कायस्थ समाज को विभिन्न राजनैतिक दलों की उपेक्षा ने इस तरह क्षुब्ध किया है कि समाज यह सोचने को मजबूर है कि आख़िर इसका क्या कारण है? पूछता है कायस्थ एक मंच है जहाँ सभी दलों के प्रतिनिधि नेतागण अपना विचार रखेंगे और समाज अपने सशक्तिकरण से जुड़े प्रश्न उनके समक्ष उपस्थित करेगा. कायस्थ समाज इतना विवेकशील है कि वह चयन कर सके कि क्या देश और समाज के लिए उपयुक्त है, कौन विश्वास योग्य है और किसके पक्ष में खड़ा होना समाज के हित में है. हमें लक्ष्यभेद का ज्ञान है, इसलिए अब यह अभियान नहीं रुकेगा, लक्ष्य तक पहुँचने के पूर्व कोई विश्राम नहीं होगा. सत्ता में आने पर हिस्सेदारी से लेकर, संगठन और टिकिटों की दृष्टि से कायस्थ समाज को प्रतिनिधित्व देने के लिए आवश्यक रोड मैप भी बताना चाहिए.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="556" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-gkc-webinar-on-kayastha-650x556.jpg" alt="" class="wp-image-54054" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-gkc-webinar-on-kayastha-650x556.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-gkc-webinar-on-kayastha-350x299.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-gkc-webinar-on-kayastha.jpg 720w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>जीकेसी राजनीतिक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मिहिर भोले ने कहा कि वर्चुअल सत्र की इस बात को बड़ी गम्भीरता से महसूस किया जा रहा है कि कायस्थ भारतीय राजनीति में उपेक्षा के शिकार हो रहे हैं. स्वतंत्रता संग्राम से लेकर कुछ दशकों पहले तक भारतीय राजनीति के पटल पर हमारी उपस्थिति और पहचान दोनों क़ायम थी. कायस्थ, जिन्होंने भारतीय संविधान को बनाने से लेकर देश के सामाजिक, सांस्कृतिक, वैज्ञानिक, प्रशासनिक सभी क्षेत्रों में अपना भरपूर योगदान दिया आज राजनैतिक हाशिए पर हैं . तो क्या हम इस काबिल नहीं कि देश की मौजूदा राजनैतिक प्रक्रिया के भागीदार हों और असेम्बली, पार्लियामेंट, अन्य इलेक्टेड बॉडीज या फिर राजनैतिक पार्टियों के संगठन के पदों के लिए नामित किए जाएँ? ये पूछता है कायस्थ.</p>



<p><em><strong>जितेन्द्र कुमार सिन्हा</strong></em></p>
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