32714 अभ्यर्थी बनेंगे शिक्षक, 17-18 फरवरी को मिलेगा नियोजन पत्र

बड़ी खबर शिक्षा विभाग से है जहां छठे चरण के माध्यमिक उच्च माध्यमिक शिक्षकों के 32714 पदों पर नियोजन का शेड्यूल जारी करते हुए नियोजन पत्र देने की तारीख भी स्पष्ट कर दी गई है. पंचायत चुनाव की वजह से नियोजन की गतिविधियां स्थगित की गई थी शिक्षा विभाग की अधिसूचना के मुताबिक 10 जनवरी तक वैसी नियोजन इकाइयों को औपबंधिक मेधा सूची का प्रकाशन करना है जिन्होंने अब तक ऐसा नहीं किया है औपबंधिक मेधा सूची पर आपत्ति के लिए 11 जनवरी से 25 जनवरी तक का वक्त दिया गया है और आपत्तियों के निराकरण के बाद मेरिट लिस्ट 3 फरवरी तक जारी होगी. अंतिम मेधा सूची का एनआईसी की वेबसाइट पर प्रकाशन 15 फरवरी तक होगा और जिला स्तर पर नियोजन इकाई द्वारा सहमति पत्र के आधार पर मेधा क्रम में नियोजन पत्र नगर निकायों में 17 फरवरी को और जिला परिषद में 18 फरवरी को दिया जाएगा. बड़ी बात यह कि माध्यमिक उच्च माध्यमिक शिक्षकों के नियोजन पत्र देने कि पहले सर्टिफिकेट जांच की अनिवार्यता नहीं रखी गई है जबकि प्राथमिक और मध्य विद्यालय के शिक्षकों के लिए सर्टिफिकेट जांच के बाद ही नियोजन पत्र देने के बाद शिक्षा विभाग कहता रहा है. ऐसे में इस बात की संभावना प्रबल हो गई है कि बहुत जल्द शिक्षा विभाग प्राथमिक और मध्य विद्यालय के शिक्षकों की नियुक्ति पत्र देने की तारीख की भी घोषणा कर सकता है. सूत्रों के मुताबिक जनवरी महीने में थर्ड राउंड की काउंसलिंग के बाद फरवरी महीने में चयनित प्रारंभिक शिक्षकों को नियुक्ति पत्र

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चयनित अभ्यर्थियों के सर्टिफिकेट्स की एक महीने में करनी होगी जांच

छठे चरण के प्रारंभिक शिक्षकों की बहाली का मामला शिक्षा विभाग ने अपनी एक गलती सुधारते हुए सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना को निर्देश जारी किया है. निर्देश में यह कहा गया है कि छठे चरण के प्राथमिक शिक्षक नियोजन में चयनित अभ्यर्थियों के सर्टिफिकेट्स की जांच 31 अक्टूबर 2021 तक पूरी कर लेनी है. प्राथमिक शिक्षा निदेशक अमरेंद्र सिंह ने सभी जिलों को निर्देश जारी किया है. शिक्षा विभाग ने जो निर्देश पिछली बार सभी जिलों को जारी किया था उसमें सर्टिफिकेट की जांच का जिम्मा तो दे दिया गया लेकिन समय सीमा निर्धारित नहीं की गई थी. इसे लेकर शिक्षक अभ्यर्थियों ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार से मुलाकात की थी और उनसे समय सीमा निर्धारित करते हुए जल्द से जल्द नियुक्ति पत्र देने की मांग भी की थी, जिसके बाद सोमवार को शिक्षा विभाग ने यह निर्देश जारी किया है जिसके तहत एक महीने में 38000 चयनित अभ्यर्थियों के सर्टिफिकेट की जांच पूरी करनी है. शिक्षा विभाग पहले ही यह स्पष्ट कर चुका है कि जब तक शिक्षक अभ्यर्थियों के सर्टिफिकेट्स की जांच पूरी नहीं होगी तब तक उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं दिया जाएगा. राजेश तिवारी

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शिक्षक नियोजन: इस समस्या का क्या है समाधान!

90762 प्राथमिक और मध्य विद्यालय शिक्षकों के पद पर नियोजन के लिए काउंसलिंग का 6 जुलाई को दूसरा दिन था. राज्य के 68 नगर निकायों में 782 पदों के लिए राज्य के 28 नियोजन इकाइयों में काउंसलिंग हुई. दूसरे दिन कक्षा 1 से 8 के लिए 495 अभ्यर्थी सफल हुए हैं. इनके सर्टिफिकेट की अब शिक्षा विभाग जांच कराएगा और करीब एक महीने बाद इन्हें स्कूल में नियुक्ति मिलने के आसार हैं. शिक्षक नियोजन के दूसरे दिन एक बड़ी परेशानी का सामना कर रहे पुरुष अभ्यर्थियों ने अपनी व्यथा पटना नाउ को लिख कर भेजी है. एनआईओएस डीएलएड संघ के अध्यक्ष पप्पू कुमार ने बताया कि वे शिक्षा विभाग से निवेदन करेंगे कि सबसे पहले महिला अभ्यर्थियों की काउंसलिंग करायी जाए ताकि महिलाओं की पूरी 50% सीट पर नियोजन संभव हो सके. पप्पू कुमार ने बताया कि बिहार में 50% आरक्षण महिलाओं को सरकार ने दिया है. महिलाओं की सीट पर पुरुष अभ्यर्थी को मौका नहीं मिल सकता. लेकिन महिलाएं पुरुषों की सीट पर नौकरी पाने की हकदार हैं. पप्पू कुमार ने बताया कि काउंसलिंग के पहले 2 दिनों में यह बात सामने आई है कि महिलाएं बेहतर नंबर लाने की वजह से पुरुषों की सीट पर मेधा सूची में स्थान बना ले रही हैं. इससे पुरुषों को मौका नहीं मिल पा रहा और महिलाओं की सीट भी खाली रह जा रही है. 7 जुलाई को क्या होगा बुधवार को राज्य के 22 जिलों के 113 प्रखंडों में कक्षा 6 से 8 के लिए 2390 पदों पर नियुक्ति के लिए

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शिक्षक अभ्यर्थी कृपया ध्यान दें

बिहार के लाखों शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है. पटना नाउ आपको सबसे पहले यह खबर दे रहा है. पटना हाईकोर्ट में बिहार सरकार की ओर से आज केस की मेंसनिंग हो गई है. सरकार ने पटना हाईकोर्ट से करीब एक लाख 21 हजार माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति पर लगी रोक हटाने के लिए अनुरोध किया है. एडवोकेट जनरल ललित किशोर ने एक बार फिर इस मामले में चीफ जस्टिस से शीघ्र विचार करने का अनुरोध किया. उन्होंने चीफ जस्टिस से कहा कि राज्य सरकार ने हलफनामा दायर कर आश्वासन दिया है कि नेत्र दिव्यांग उम्मीदवारों को 4 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जाएगा. ब्लाइंड एसोसिएशन ने रिट याचिका दायर की थी कि बहाली में दिव्यांग के लिए निर्धारित 4 प्रतिशत आरक्षण का लाभ सुनिश्चित कराया जाए. इसी याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पूर्व में शिक्षकों की नियुक्ति पर रोक लगा दिया था. इस कारण बहाली की पूरी प्रक्रिया स्थगित हो गई थी.उन्होंने चीफ जस्टिस से कहा कि इस वर्ष मार्च में ही मामले की सुनवाई निर्धारित थी,लेकिन होली की छुट्टी व कोरोना के कारण सुनवाई नहीं हो सकी. महाधिवक्ता ने इस मुद्दे पर शीघ्र सुनवाई का अनुरोध किया. उन्होंने चीफ जस्टिस से कहा कि याचिकाकर्ता ब्लाइंड एसोसिएशन की मांग सरकार ने मांग ली है, इसलिए पूरी बहाली को रोके रखने का कोई औचित्य नहीं रह गया है. इस पर चीफ जस्टिस ने कोर्ट मास्टर को सम्बंधित फाइल पेश करने का निर्देश दिया. उम्मीद है कि जल्दी सुनवाई के बाद शिक्षक नियुक्ति का रास्ता साफ

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