वित्त वर्ष 2019-20 की दूसरी तिमाही | 45.5% की बढ़त के साथ जियो को 990 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ

नई दिल्ली (ब्यूरो रिपोर्ट) | शुक्रवार को रिलायंस जियो द्वारा चालू वित्त वर्ष 2019-20 की दूसरी तिमाही के परिणाम जारी किए गए. जुलाई-सितंबर तिमाही में रिलायंस जियो का कुल मुनाफा 45.5 प्रतिशत बढ़कर 990 करोड़ रुपए रहा. वहीं इस तिमाही में जियो का ग्राहक आधार भी तेजी से बढ़ा. एक साल पहले समान तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 681 करोड़ रुपए दर्ज किया गया था. वर्ष 2018-19 की इसी तिमाही में कंपनी का परिचालन राजस्व 33.7 प्रतिशत बढ़कर 12,354 करोड़ रुपए हो गया, जबकि बीते साल की समान अवधि में ये में 9,340 करोड़ रुपए था.रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रेसिडेंट एवं एमडी, मुकेश डी अंबानी ने इस मौके पर एक बयान में कहा कि “जियो ने दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती डिजिटल सर्विस कंपनी बनने के लिए 350 मिलियन ग्राहक का आंकड़ा पार कर लिया है, और हम अभी भी हर महीने 10 मिलियन से अधिक नए ग्राहकों को जोड़ रहे हैं. जियो ग्राहकों और राजस्व के मामले में न केवल भारत का सबसे बड़ा दूरसंचार इंटरप्राइज है बल्कि डिजिटल गेटवे ऑफ इंडिया भी बन गया है.कंपनी ने पिछली तिमाही की तुलना में 120 रुपये प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व के साथ इसमें 2 रुपए की गिरावट दर्ज की. हालांकि, सब्सक्राइबर बेस में वृद्धि के कारण ही इसकी भरपाई हुई है. पिछली तिमाही में रिलायंस जियो के ग्राहकों की संख्या 33.13 करोड़ से बढ़कर 35.52 करोड़ पर पहुंच गई.

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बुरी खबर : 9 अक्टूबर से Jio से अन्य पर किए गए कॉल पर IUC का करना होगा भुगतान

ग्राहक को मिलेगा IUC टॉप-अप वाउचर के मूल्य के बराबर का डेटा फ्रीJIO उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ में कोई वृद्धि नहींटर्मिनेशन शुल्क खत्म करने के फैसले पर ट्राई द्वारा पुनर्विचार करने के बाद Jio शुल्क लेने को बाध्यIUC के जीरो होने तक ही टॉप-अप वाउचर के माध्यम से टर्मिनेशन शुल्क लिया जाएगापिछले तीन वर्षों में Jio ने अन्य ऑपरेटरों को IUC शुल्क के रूप में लगभग 13,500 करोड़ रुपये का किया भुगतानमुंबई (ब्यूरो रिपोर्ट) | जियो का नेटवर्क इस्तेमाल करने वालों के लिए एक बुरी खबर है. जियो अपने नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क पर किये गए कॉल पर 6 पैसा प्रति मिनट IUC (इंटरकनेक्ट यूसेज चार्ज) लेगा. इंटरकनेक्ट यूसेज चार्ज या IUC एक मोबाइल टेलिकॉम ऑपरेटर द्वारा दूसरे को भुगतान की जाने वाली रकम है. जब एक टेलीकॉम ऑपरेटर के ग्राहक दूसरे ऑपरेटर के ग्राहकों को आउटगोइंग मोबाइल कॉल करते हैं तब IUC का भुगतान कॉल करने वाले ऑपरेटर को करना पड़ता है. दो अलग-अलग नेटवर्क के बीच ये कॉल मोबाइल ऑफ-नेट कॉल के रूप में जानी जाती हैं. भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) द्वारा IUC शुल्क निर्धारित किए जाते हैं और वर्तमान में यह 6 पैसे प्रति मिनट हैं.कंपनी ने बयान में कहा कि जब तक किसी कंपनी को अपने उपभोक्ताओं द्वारा किसी अन्य नेटवर्क पर फोन करने के एवज में भुगतान करना होगा, तब तक उपभोक्ताओं से यह शुल्क लिया जाएगा. कंपनी ने कहा कि जियो के फोन या लैंडलाइन पर कॉल करने पर शुल्क नहीं लिया जाएगा. इसके साथ ही व्हाट्सऐप और फेसटाइम समेत इस तरह के

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