लॉकडाउन में घर लौटना हो ,तो जान लें ये बातें

देश का दूसरा लॉकडाउन खत्म होने में अब महज चार दिन रह गये हैं. इस बीच बिहार सरकार के आग्रह को स्वीकार करते हुए केन्द्र सरकार ने लॉकडाउन की गाइडलाइंस में आंशिक संशोधन किया है. गृह मंत्रालय की संशोधित गाइडलाइंस: सभी राज्य और केन्द्र शासित राज्य नोडल अधिकारी की नियुक्ति करे जो सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें. इतना ही नहीं राज्यों और केन्द्र शासित राज्यों में पहुंचने वाले लोगों का ब्योरा भी रखा जाए. अगर फंसे हुए समूह में लोग एक राज्य या केन्द्रशासित प्रदेश से दूसरे राज्य या केन्द्रशासित प्रदेश जाना चाहते हैं तो भेजने वाले और जिस राज्य में वह समूह जा रहा है दोनों राज्य एक दूसरे की आपसी सहमति के साथ सड़क के जरिए भेज सकते हैं. किसी भी व्यक्ति को भेजने से पहले उसकी स्क्रीनिंग की जाए और अगर वह पूरी तरह ठीक पाया जाए तो ही उसे भेजने की मंजूरी दी जाए. प्रवासी मजदूरों, यात्रियों, पर्यटकों और छात्रों को समूह में सिर्फ बस से ही भेजा जाए. भेजने से पहले बस का सेनेटाइजेशन कराया जाए. बस में यात्रा के समय सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाए. रास्ते में पड़ने वाले राज्य या केन्द्र शासित प्रदेश उस राज्य की बस के लिए रास्ता देंगे जहां पर ये गाड़ी जा रही है. जब कोई शख्स अपने गंतव्य तक पहुंच जाएगा तो स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की यह जिम्मेदारी है कि उसे होम क्वारंटाइन में रखे. इस दौरान उसके हेल्थ चेकअप किए जाए. उस व्यक्ति को अरोग्य सेतु एप का इस्तेमाल करने के उत्साहित किया जाए ताकि उसके

Read more

अब 31 जुलाई तक वर्क फ्रॉम होम

केन्द्रीय इलेक्ट्राॅनिक, सूचना-प्राद्यौगिकी व संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद के साथ देश भर के आईटी मंत्रियों की हुई वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान बिहार के उपमुख्यमंत्री सह आईटी मंत्री सुशील कुमार मोदी ने कोरोना संक्रमितों व क्वरेंटाइन किए गए लोगों की कलाई पर आरोग्यसेतु आधारित बैंड (Aarogya Embedded Wrist Band) लगाने का सुझाव दिया ताकि उनके शरीर के तापमान, बीमारी के लक्षण व मूवमेंट की ट्रैकिंग व माॅनिटरिंग की जा सके. उनकी मांग पर केन्द्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि शीघ्र ही आरोग्य सेतु एप स्मार्ट फोन के साथ फीचर फोन पर भी डाउनलोड किया जा सकेगा. मोदी ने बताया कि बिहार में अब तक 38 लाख लोगों ने आरोग्य सेतु एप को डाउनलोड किया है जिनमें पटना में सर्वाधिक 5.62 लाख व मुजफ्फरपुर में 1.81 लाख लोग शामिल हैं. प्रवासी बिहारियों को 1-1 हजार की मदद हेतु मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना के कार्यान्वयन के लिए जारी लिंक जिसकी पूरे देश में सराहना हो रही है. इस प्रक्रिया को झारखंड व यूपी के साथ साझा किया गया है. जियो फेंसिंग तकनीक पर आधारित इस लिंक को बिहार व नेपाल में रहने वाला कोई व्यक्ति क्लिक नहीं कर पायेगा. इसमें आधार व बैंक खाता बिहार का होना चाहिए तथा इसकी सेल्फी भी जियो टैंगिंग हैं जिसका जिलों में पदाधिकारी आधार के फोटो से मिलान करते हैं. लाॅकडाउन के दौरान 57 जेलों में बंद कैदियों से उनके 1836 परिजनों को ई-मुलाकात एप के जरिए विडियो कान्फ्रेंसिंग कराई गई है. इसके साथ ही आंगनबाड़ी केन्द्रों के बंद होने के बावजूद ‘आंगनबाड़ी पोर्टल’ के जरिए आधार

Read more