सूर्यनन्दन कुशवाहा के निधन से राजनीति और शिक्षा जगत को अपूरणीय क्षति – मुख्यमंत्री

पटना (अरुण की रिपोर्ट) | भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं बिहार विधान परिषद के सदस्य प्रो०सूर्यनन्दन कुशवाहा का शनिवार 29 दिसंबर अहले सुबह ह्रदय-गति रुक जाने से आकस्मिक निधन हो गया. प्रो०सूर्यनन्दन कुशवाहा शुक्रवार को ही श्रीलंका से पटना लौटे थे. पटना वापस आने के बाद वे एक निजी समारोह में भाग लिया था. रात ढाई बजे उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ और कुछ ही देर के बाद उनकी मौत हो गई. वे 55 वर्ष के थे. उनकी मौत की सूचना मिलते ही राजनीति गलियारे में शोक की लहर दौड़ पड़ी. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे, पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव समेत कई मंत्री व् अधिकारी प्रो०सूर्यनन्दन कुशवाहा के घर पहुँचे और उनके पार्थिव शरीर पर नम आँखों से श्रधांजलि अर्पित की. इन लोगों ने कुशवाहा के परिवार वालों को ढांढस बढ़ाया. प्रो०सूर्यनन्दन कुशवाहा राजनीति के साथ-साथ शिक्षा जगत में भी अपना कृतिमान स्थापित किया था. वे गुरु गोविंद सिंह महाविद्यालय में प्रोफेसर के रूप में कार्यरत रहे थे. उनके अचानक निधन से राजनीति और शिक्षा जगत को अपूरणीय क्षति हुई है. मुख्यमंत्री ने जताया शोक, कहा राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधान पार्षद सूरजनंदन कुशवाहा के असामयिक निधन पर गहरी शोक-संवेदना प्रकट करते हुये उनके प्रति श्रद्धांजलि प्रकट की है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उनके आवास पर पहुँच कर उनके परिवार को हरसंभव मदद देने तथा इस दुख की घड़ी में हमेशा साथ रहने की बात कही. मुख्यमंत्री ने कहा कि सूरजनंदन कुशवाहा के निधन के समाचार से

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