जदयू में शामिल हुए पीके, नीतीश ने दिलाई सदस्यता

जदयू ने चुनाव से पहले अपना बड़ा पासा फेंका है. पार्टी के पूर्व रणनीतिकार प्रशांत किशोर को जदयू में शामिल किया गया है. राज्य कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने उन्हें सदस्यता दिलाई. लोकसभा चुनाव से पूर्व जदयू राज्य कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक 1, अणे मार्ग में सम्पन्न हुई. जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में हुई इस बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह ने की. जदयू के प्रधान महासचिव केसी त्यागी, राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) व राज्यसभा में दल के नेता आरसीपी सिंह, मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, पूर्व मंत्री  नरेन्द्र सिंह समेत सभी राष्ट्रीय पदाधिकारी, जदयू कोटे से मंत्रिमंडल के सभी सदस्य, विधानमंडल दल के सभी सदस्य, प्रदेश कार्यसमिति के सभी सदस्य तथा सभी जिलाध्यक्ष मौजूद रहे. जदयू ‘कास्ट बेस्ड’ नहीं, ‘काम बेस्ड’ पार्टी: नीतीश कुमार सभा को संबोधित करते हुए  नीतीश कुमार ने कहा कि जदयू ‘कास्ट बेस्ड’ नहीं, ‘काम बेस्ड’ पार्टी है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि आपको अपनी ताकत का अहसास रहना चाहिए. चुनाव की चिन्ता हरगिज ना करें. उन्होंने पूरे विश्वास के साथ कहा कि हमलोगों की ताकत लोकसभा में तो बढ़ेगी ही, विधानसभा में भी भारी बहुमत से हम वापस आएंगे. नीतीश कुमार ने पंचायत स्तर तक संगठन को मजबूत करने के लिए पदाधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए. उन्होंने बूथ लेवल एजेंट की नियुक्ति कर उन्हें प्रशिक्षित करने, प्रकोष्ठों के बीच समन्वय स्थापित करने तथा जिला स्तर पर राजनैतिक सम्मेलन करने पर जोर दिया. लोकसभा में ताकत बढ़ेगी और विधानसभा में भारी बहुमत से वापस

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मुलाकात हुई, क्या बात हुई…

जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, बिहार में भी सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. खासकर मुलाकातों का दौर कुछ ऐसा चल पड़ा है कि राजनीतिक पार्टियां एक-दूसरे के साथ भविष्य के लिए राजनीतिक बिसात बिछाने लगी हैं. एक ऐसी ही मुलाकात बिहार में चर्चा में है. पिछले कुछ महीनों के भीतर रालोसपा अध्यक्ष और केन्द्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री उपेन्द्र कुशवाहा दूसरी बार सीएम नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे. एक  अन्ने मार्ग पर हुई इस मुलाकात को आधिकारिक तौर पर शिष्टाचार मुलाकात बताया गया है. लेकिन इसे लेकर राजनीतिक चर्चा जोरों पर है. बताया जा रहा है कि मुलाकात के दौरान बिहार में शिक्षा की स्थिति को बेहतर बनाने पर दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई. लेकिन सूत्रों की मानें तो दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक मुद्दे पर खास बातें हुई हैं. राजेश तिवारी

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