सूर्यग्रहण के अध्ययन के लिए तमिलनाडु गया बिहार का बेटा


मूत्र से मोबाइल चार्ज और मिस्ड कॉल से खेत पटवन करने वाले मनोहर को सूर्यग्रहण के अध्ययन के लिए मिला न्योता

पटना. ग्रहण का नाम सुनते ही मनुष्य डर के मारे तरह-तरह के उपायों और कहावतों पर अपना कार्यक्रम निर्धारित करने लगता हैं. ऐसा लगता है कि चन्द्र और सूर्य पर ग्रहण नही बल्कि मनुष्यो के जीवन मे ही ग्रहण लग गया हो. लेकिन यह चन्द्र और सूर्यग्रहण कभी-कभी जीवन मे सपनों का सवेरा लिए भी आता है. आइए हम बताते हैं कि यह शुभ अवसर किसके लिए और कहाँ से आया है. तो अब से आप ग्रहण का सुनकर डरियेगा मत. बल्कि खौगोलिये दशा को जानने के लिए आप और भी प्रयत्न कीजिये. जी हाँ अंतरिक्ष में होने वाले इन ग्रहीय घटनाओं को नजदीक से जानने के लिए विज्ञान और प्रद्योगिकी केंद्र देश के कोने-कोने से लोगो को आमंत्रित करता है. लेकिन यह मौका मिलता है कुछ खास चुनिंदा लोगो को जो देश मे विज्ञान के क्षेत्र में कुछ खास करते हैं. इस बार बिहार से भी एक युवा मनोहर कुमार को ऐसा मौका मिला जिसने वहाँ जाकर सूर्यग्रहण के बारे में विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान के जरिए खास अध्ययन किया.




भारत सरकार के विपनेट,विज्ञान प्रसार,विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग,नई दिल्ली के तरफ से तमिलनाडु के कोयंबटूर में आयोजित सूर्य ग्रहण कार्यक्रम में, DST,भारत सरकार के आमंत्रण पर, IRO, बिहार के अध्यक्ष, मनोहर कुमार ने भाग लिया. सूर्य ग्रहण 2019 के अध्ययन के लिए पूरे भारत से विज्ञान के क्षेत्र में कार्यरत लगभग 50 संस्था को वहाँ आमंत्रित किया गया था. 50 संस्थानों से पहुँचे लोगों ने 26 दिसम्बर को कोयंबटूर से सूर्य ग्रहण देखा. कुमार ने बताया कि 1962 के बाद इस तरह का सूर्य ग्रहण इस वर्ष 26 दिसम्बर को भारत के दक्षिण भाग में देखने का अनुभव हुआ ,अगले वर्ष 2020 के जून महीने में सूर्य ग्रहण लगेगा जो उत्तर भारत में दिखेगा.

कौन है मनोहर कुमार?
बताते चलें मनोहर कुमार अपनी संस्था IRO के द्वारा पूरे भारत में साइंस शो और magic साइंस सेमिनार के द्वारा छात्रों और जनता में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के साथ-साथ उन्हें अंधविश्वासों के प्रति जागरूक करते हैं. मनोहर अब तक गुजरात,गोवा ,उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न जिलों में साइंस शो आयोजित कर चुके हैं. मनोहर 2013 में बिहार बोर्ड में टॉपर रह चुके हैं और कई विज्ञान प्रदर्शनी में राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व किया है. मूत्र से मोबाइल चार्जिंग और मिस्ड कॉल से खेत पटवन जैसे प्रोजेक्ट के लिए पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने भी सम्मानित किया है. मनोहर फिलहाल BHU से उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं. विज्ञान के क्षेत्र में उनके द्वारा किए जाने वाले कार्यों को देखते हुए विज्ञान प्रसार,भारत सरकार ने उन्हें इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया था. मौके पर विज्ञान प्रसार दिल्ली के निदेशक नकुल प्रारासर, ज्योतिर्विद्या संस्थान,पुणे के उपाध्यक्ष दीपक जोशी, वैज्ञानिक अरविंद रानाडे तथा तमिनाडु सरकार के शिक्षा विभाग के निदेशक भी मौजूद थे.

पटना डेस्क से ओ पी पांडेय की रिपोर्ट