राजीव नगर में बवाल, आगजनी, पुलिस पर भी पथराव

मंगलवार को राजधानी पटना में अतिक्रमणकारियों ने जमकर उपद्रव मचाया. शहर के दीघा-राजीव नगर इलाके में अतिक्रमण हटाने गई पुलिस की टीम पर लोगों ने जानलेवा हमला किया. नतीजा ये हुआ कि पुलिसवालों को भी लोगों ने खदेड़ दिया. पुलिस पर हुए पथराव में दीघा थानेदार समेत 8 पुलिसवाले घायल हो गये. इसके अलावा करीब 50 लोग और घायल हुए हैं.

    




क्या है मामला?
राजीव नगर के घुड़दौड़ रोड की जिस जमीन के चलते आज हंगामा हुआ, वह विवादित जमीन है. वर्ष 1974 में राज्य सरकार ने किसानों से राजीव नगर की 1024 एकड़ जमीन लेकर हाउसिंग बोर्ड को देने का फैसला किया था. सरकार ने जमीन हाउसिंग बोर्ड के नाम तो कर दिया, लेकिन लोगों का कहना है कि उन्हें इसके बदले मुआवजा नहीं मिला.  मुआवजा नहीं मिलने के चलते किसानों ने जमीन पर कब्जा बनाए रखा और अवैध रूप से यहां मकान बनते गए. इस बीच किसानों ने बिना पेपर के जमीन बेच दी, जिस पर लोगों ने घर भी बना लिए. अब दीघा आशियाना रोड के पूर्व की तरफ 600 एकड़ जमीन पर मौजूदा समय में घनी आबादी है. सड़क के पश्चिम ओर कम आबादी है.  बिहार सरकार पश्चिम की ओर की 424 एकड़ जमीन पर अतिक्रमण हटाकर हाउसिंग बोर्ड को देना चाहती है, जिसका लोग विरोध कर रहे हैं.  जिन लोगों ने किसानों से जमीन खरीदकर घर बनाया है, उनका कहना है कि जीवन भर की पूंजी लगाकर जमीन खरीदा और घर बनवाया. अब घर टूट जाएगा तो कहां जाएंगे.
क्यों बरपा हंगामा

बता दें कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी  राजीव नगर के एक हिस्से को अवैध निर्माण से मुक्त कराने गए थे. लेकिन स्थानीय लोगों ने विरोध कर दिया और इस दौरान भीड़ ने न केवल पुलिस पर पथराव किया बल्कि पुलिसकर्मियों को कई मीटर तक पीछे खडदेड़ दिया. हंगामे के दौरान गुस्साये लोगों ने पुलिस की जिप्सी समेत तीन JCB को भी आग के हवाले कर दिया. बात इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को करीब 50 राउंड हवाई फायरिंग करनी पड़ी.

बाद में मौके पर पहुंचे पटना डीएम और संजय अग्रवाल ने वहां फ्लैग मार्च किया और मौके का मुआयना भी किया. पटना डीएम ने कहा कि पुलिस ने काफी सूझ-बूझ से काम लिया नहीं तो कई लोगों की जान जा सकती थी. डीएम ने कहा कि कोर्ट के आदेश के मुताबिक किसी भी हाल में 7 दिनों के अंदर अवैध निर्माण से इस इलाके को मुक्त कराना है. उन्होंने ये भी कहा कि वे लोगों से बात करेंगे.

फिलहाल इलाके में शांति है. पुलिस ने कहा है कि हंगामा करने वालों को CCTV के आधार पर पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा.

 

पटना से अजीत