पुलिस-गश्ती ऑफ उचक्कों का एक्शन ऑन

ओवरब्रिज पर नहर विभाग के CO से छिनतई की कोशिश, पत्नी का पैर टूटा
घटना के बाद पहुँची पुलिस ने कहा जिले का सुरक्षा आप ही क्यों नही ले लेते

आरा, 22 जुलाई. शहर में चोरों और उचक्कों ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. कभी गाड़ियां तो कभी दिन दहाड़े लोगों के पैसे की छिनतई तो कभी उल्लू बनाकर राहगीरों को लूट चोर-उचक्कों ने अपना दहशत फैला दिया है. वही छिनतई की घटनाओं को अंजाम दे वे भोजपुर पुलिस को जैसे चैलेंज कर रहे हैं. ये वे लोग हैं जो बाइक से चलते हुए घटनाओं को अंजाम देते है और रफ्फूचक्कर हो जाते हैं. उच्चकों का यह गैंग भोजपुर पुलिस की गश्ती पर विशेष नजर बनाए रहता है. तभी तो पुलिस के हटते ही ये घटनाओं को अंजाम दे गायब हो जाते हैं. ऐसी घटनाओं को अंजाम देने वालों को पुलिस ने कई बार पकड़ा भी है लेकिन ये कुकुरमुत्ते की तरह फिर से नए रूप में सामने आ रहे हैं. शहर में CCTV 24 घण्टे घटनाओं को कैद करने के लिए तत्पर हो लेकिन पुलिस की तत्परता कितनी है वह शनिवार रात लगभग 8 बजे की घटना ने बतला दिया.
घटना नवादा थाना क्षेत्र की है. तेतरिया मोड़ स्थित वास्तु बिहार निवासी भुक्तभोगी राघव सिंह, जो नहर विभाग, आरा के CO हैं के अनुसार वे अपनी पत्नी ममता सिंह के साथ चौक से कुछ खरीदारी कर अपने दोपहिया वाहन से अपने घर वास्तु विहार जा रहे थे. जैसे ही वो ओवर ब्रिज पर अपनी गाड़ी लिए आगे बढ़े बाइक सवार दो की संख्या में उच्चकों ने उन्हें ओवरटेक तक गाड़ी घुमाया और पीछे बैठी उनकी पत्नी ममता से उनका पर्स झप्पटा मार कर छीन लिया जिसमें उनकी पत्नी गाड़ी से गिर गयीं.




घायल ममता सिंह और इनसेट में उनका फ्रैक्चर पैर

बाइक चला रहे CO राघव सिंह इससे पहले कि कुछ समझ पाते वो अनबैलेंस हो गिर पड़े और चिल्लाए. इधर गाड़ी से गिरने के बाद CO चिल्लाते हुए उच्चकों की ओर दौड़ पड़े. इतने में पर्स ले भाग रहे उच्चके अपनी बाइक पुलिस लाइन की ओर जा रहे पुल के हिस्से की तरफ मुड़ाने के क्रम में अनबैलेंस हुए और वो भी गिरने से बाल-बाल बचे. अपने गाड़ी और अपने आप को संभालने में उनके हाथ लगा पर्स पुल पर ही गिर गया. पर्स तो बच गया जिसमें मोबाइल,गहने और कुछ कैश थे, लेकिन उनकी पत्नी गम्भीर रूप से घायल हो गयी. उनका दायां पैर टूट गया और बांये हाथ मे चोट है.

अपने परिजनों के साथ क्लिनिक में नहर विभाग के CO राघव सिंह

CO राघव सिंह को भी हल्की चोटें आयी हैं. भुक्तभोगी के अनुसार बिजली नही होने की वजह से जहां पुल पर अंधेरा था वही पुलिस की गश्ती टीम भी पुल के पास मौजूद नही थी, जो अक्सर वहाँ रहा करती है. अगर पुलिस की गश्ती टीम रहती तो घटना नही होता. घटना के बाद उन्होंने अपने परिजनों को फोन कर बुलाया और डॉ कन्हैया सिंह के निजी क्लिनिक में अपनी पत्नी को भर्ती कराया. जहाँ उनका इलाज चल रहा है.

घटना की जानकारी होते ही पटना नाउ ने थानाध्यक्ष सुबोध कुमार को सूचित किया क्योकि घटना के बाद पत्नी के घायल अवस्था के कारण बुरी तरह से घबराए CO को इलाज पहली प्राथमिकता दिख रही थी. परिजनों ने बताया कि घटना की सूचना के बाद नवादा थाना की पुलिस निजी अस्पताल पहुंची और छिनतई करने वालों के बारे में पूछा. परिजनों ने जब किसी को नही पहचानने की बात कही तो पुलिस भड़क गयी. इसपर परिजनों ने कहा कि पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी वहां मौजूद रहती तो यह घटना नही होती. इतना सुनते ही दारोगा आग बबूला हो गए और उन्होंने कहा कि जिले की सुरक्षा का जिम्मा आप ही क्यों नही ले लेते ?पुलिस के इस बेतुके बोल ने बता दिया कि भोजपुर पुलिस छिनतई और आपराधिक घटनाओं को ले कितना संवेदनशील है. क्या पुलिस का काम सिर्फ गाड़ियों की चेकिंग मात्र है? अरे भाई ! जितनी तत्परता से चेकिंग होती है उतनी ही तत्परता से गुम हुई गाड़ियों या किसी घटना के बारे में पूछ प्राथमिकी दर्ज करने के साथ उसे ढूंढना और अपराधियों को पकड़ना भी पुलिस का ही कर्तव्य है. पुलिस और पब्लिक के बीच सही संवाद बेहद अहम है. सूत्रों की माने तो शुक्रवार भी छिनतई की घटना का शिकार एक व्यक्ति घायल अवस्था मे निजी हॉस्पिटल में इलाज कराने पहुँचा था.

आरा से ओ पी पांडेय की रिपोर्ट