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	<title>अपना शहर &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>सच की तलाश, आपकी आवाज़: भरोसेमंद पत्रकारिता का संकल्प</title>
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		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 28 Sep 2026 23:34:51 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[तेज़ी से बदलते डिजिटल दौर में तथ्य, संदर्भ और जवाबदेही की पत्रकारिता आज सूचना हमारे हाथों में है। मोबाइल स्क्रीन पर दुनिया भर की खबरें कुछ ही सेकंड में पहुंच जाती हैं। सोशल मीडिया पर कोई घटना घटती है और देखते ही देखते हजारों पोस्ट, वीडियो और दावे सामने आ जाते हैं। लेकिन इस तेज़ रफ्तार सूचना-युग में सबसे महत्वपूर्ण सवाल वही है, जो अच्छी पत्रकारिता हमेशा पूछती रही है—क्या यह सच है? विश्व समाचार दिवस पत्रकारिता के इसी मूल उद्देश्य की याद दिलाता है। पत्रकारिता केवल खबर पहुंचाने का माध्यम नहीं, बल्कि सच की तलाश, तथ्यों की जांच और समाज के सामने पूरी तस्वीर रखने की जिम्मेदारी है। हर खबर की शुरुआत सवालों से होती है जिम्मेदार पत्रकारिता सवाल पूछने से शुरू होती है।क्या आप बात कर सकते हैं?क्या आप वापस फोन करेंगे?वास्तव में क्या हुआ?आपको कैसे पता कि यह सच है?क्या यह केवल एक पक्ष की बात है?क्या इस दावे पर भरोसा किया जा सकता है?क्या हम इसे स्वतंत्र रूप से प्रमाणित कर सकते हैं?ये सवाल किसी व्यक्ति को कटघरे में खड़ा करने के लिए नहीं, बल्कि सच्चाई तक पहुंचने के लिए पूछे जाते हैं। पत्रकार का दायित्व केवल बयान दर्ज करना नहीं, बल्कि उसके पीछे छिपे तथ्यों, संदर्भों और संभावित प्रभावों को समझना भी है। तथ्य-जांच: भरोसेमंद खबर की नींव किसी सूचना को खबर बना देना पत्रकारिता नहीं है। पत्रकारिता तब शुरू होती है, जब पत्रकार यह जानने का प्रयास करता है कि सूचना के पीछे वास्तविक तथ्य क्या हैं। दस्तावेज क्या कहते हैं? प्रत्यक्षदर्शियों का क्या [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>तेज़ी से बदलते डिजिटल दौर में तथ्य, संदर्भ और जवाबदेही की पत्रकारिता</strong><br><br>आज सूचना हमारे हाथों में है। मोबाइल स्क्रीन पर दुनिया भर की खबरें कुछ ही सेकंड में पहुंच जाती हैं। सोशल मीडिया पर कोई घटना घटती है और देखते ही देखते हजारों पोस्ट, वीडियो और दावे सामने आ जाते हैं। लेकिन इस तेज़ रफ्तार सूचना-युग में सबसे महत्वपूर्ण सवाल वही है, जो अच्छी पत्रकारिता हमेशा पूछती रही है—क्या यह सच है?<br><br>विश्व समाचार दिवस पत्रकारिता के इसी मूल उद्देश्य की याद दिलाता है। पत्रकारिता केवल खबर पहुंचाने का माध्यम नहीं, बल्कि सच की तलाश, तथ्यों की जांच और समाज के सामने पूरी तस्वीर रखने की जिम्मेदारी है।<br><br><strong>हर खबर की शुरुआत सवालों से होती है</strong><br><br>जिम्मेदार पत्रकारिता सवाल पूछने से शुरू होती है।<br>क्या आप बात कर सकते हैं?<br>क्या आप वापस फोन करेंगे?<br>वास्तव में क्या हुआ?<br>आपको कैसे पता कि यह सच है?<br>क्या यह केवल एक पक्ष की बात है?<br>क्या इस दावे पर भरोसा किया जा सकता है?<br>क्या हम इसे स्वतंत्र रूप से प्रमाणित कर सकते हैं?<br>ये सवाल किसी व्यक्ति को कटघरे में खड़ा करने के लिए नहीं, बल्कि सच्चाई तक पहुंचने के लिए पूछे जाते हैं। पत्रकार का दायित्व केवल बयान दर्ज करना नहीं, बल्कि उसके पीछे छिपे तथ्यों, संदर्भों और संभावित प्रभावों को समझना भी है।<br><br><strong>तथ्य-जांच: भरोसेमंद खबर की नींव</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001807127-scaled.png" alt="" class="wp-image-99573" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001807127-scaled.png 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001807127-650x366.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001807127-1536x864.png 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>किसी सूचना को खबर बना देना पत्रकारिता नहीं है। पत्रकारिता तब शुरू होती है, जब पत्रकार यह जानने का प्रयास करता है कि सूचना के पीछे वास्तविक तथ्य क्या हैं।<br><br>दस्तावेज क्या कहते हैं? प्रत्यक्षदर्शियों का क्या कहना है? संबंधित पक्ष का पक्ष क्या है? उपलब्ध आंकड़े किस ओर संकेत करते हैं? और सबसे महत्वपूर्ण—क्या हम अपने पाठकों के सामने प्रमाण के साथ बात रख सकते हैं?<br><br>डिजिटल मीडिया के दौर में यह जिम्मेदारी और बढ़ गई है, क्योंकि गलत सूचना भी उतनी ही तेजी से फैलती है, जितनी सही सूचना। ऐसे में खबर की गति से अधिक महत्वपूर्ण उसकी विश्वसनीयता हो जाती है।<br>Patna Now का प्रयास यही है कि खबर सबसे पहले नहीं, बल्कि सही, संतुलित और विश्वसनीय रूप में पाठकों तक पहुंचे।<br><br><strong>खबर से आगे: संदर्भ, असर और पूरी तस्वीर</strong><br><br>आज का पाठक केवल यह नहीं जानना चाहता कि क्या हुआ। वह यह भी समझना चाहता है कि क्यों हुआ, कैसे हुआ, इसका असर किस पर पड़ेगा और इसके पीछे की पूरी कहानी क्या है।<br><br>इसीलिए आधुनिक पत्रकारिता को सूचना देने के साथ-साथ संदर्भ समझाने वाली पत्रकारिता भी बनना होगा।<br><br>किसी सरकारी आदेश की केवल प्रति प्रकाशित कर देना पर्याप्त नहीं है। यह बताना भी जरूरी है कि उसका आम नागरिकों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।<br>किसी आंकड़े को प्रकाशित करना पर्याप्त नहीं है। यह समझाना भी जरूरी है कि उस आंकड़े का अर्थ क्या है और उसकी सीमाएं क्या हैं।<br><br>किसी वायरल वीडियो को दिखाना पर्याप्त नहीं है। यह जांचना जरूरी है कि वीडियो कहां का है, कब का है और वास्तविक है या नहीं।<br><br><strong>सच की तलाश आसान नहीं, लेकिन अनिवार्य है</strong><br><br>सच्ची पत्रकारिता कई बार कठिन और समय लेने वाली होती है।<br>कभी सूचना अधूरी होती है। कभी दस्तावेज उपलब्ध नहीं होते। कभी संबंधित व्यक्ति बात नहीं करता। कभी किसी खबर की तह तक पहुंचने में कई दिन लग जाते हैं।<br>लेकिन पत्रकार का काम वहीं खत्म नहीं होता। सच की तलाश जारी रहती है।<br>लोकतांत्रिक समाज में पत्रकारिता की ताकत उसकी आवाज़ की ऊंचाई में नहीं, बल्कि उसके तथ्यों, प्रमाण और विश्वसनीयता में होती है। पत्रकारिता का मूल्य इस बात से तय होता है कि वह सत्ता, संस्थानों और समाज—सभी से जवाबदेही के सवाल कितनी ईमानदारी से पूछती है।<br><br><strong>डिजिटल दौर में बढ़ती जिम्मेदारी</strong><br><br>आज हर व्यक्ति अपने मोबाइल से सूचना प्रसारित कर सकता है। हर नागरिक संभावित सूचना-स्रोत है। यह लोकतंत्र के लिए बड़ी संभावना है, लेकिन इसके साथ बड़ी जिम्मेदारी भी आती है।<br><br>फॉरवर्ड करने से पहले जांचना, वायरल होने से पहले सत्यापित करना और राय बनाने से पहले तथ्यों को समझना जरूरी है।<br><br>आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सोशल मीडिया के दौर में यह चुनौती और गंभीर हो गई है। तस्वीर, वीडियो और आवाज़ को बदला या कृत्रिम रूप से तैयार किया जा सकता है। इसलिए आने वाली पत्रकारिता में तथ्य-जांच, स्रोत-सत्यापन और डिजिटल पड़ताल की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होगी।<br><br><strong>Patna Now का पत्रकारिता संकल्प</strong><br>हम मानते हैं कि पाठकों को केवल खबर नहीं,विश्वसनीय खबर चाहिए।<br>उन्हें सनसनी नहीं, सच्चाई चाहिए।<br>उन्हें अफवाह नहीं, तथ्य चाहिए।<br>उन्हें आधी कहानी नहीं, पूरा संदर्भ चाहिए।<br>इसलिए पत्रकारिता का मूल मंत्र आज भी वही है:<br>तथ्यों को जानें, उनका अर्थ समझें और विश्वसनीय पत्रकारिता चुनें।<br><br>सच जानना आपका अधिकार है और इस अधिकार की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी। Patna Now हर खबर में सवाल पूछने, हर दावे की पड़ताल करने और हर जरूरी संदर्भ को सामने लाने का संकल्प दोहराता है।<br><br>हम खबरों की भीड़ में सिर्फ एक और आवाज़ नहीं बनना चाहते। हमारा लक्ष्य ऐसा भरोसेमंद मंच बनना है, जहां पाठक ठहरकर सच को समझ सके और अपने निर्णय पूरे विश्वास के साथ ले सके।<br>सच हमेशा सबसे तेज़ नहीं आता, लेकिन वही सबसे दूर तक जाता है। आपकी जिज्ञासा हमारी दिशा है, आपके सवाल हमारी जिम्मेदारी हैं और आपका भरोसा हमारी सबसे बड़ी पूंजी है।<br><br>जब आप सत्यापित खबर चुनते हैं, तो आप केवल एक खबर नहीं चुनते, आप जागरूक समाज, मजबूत लोकतंत्र और जवाबदेह व्यवस्था की नींव मजबूत करते हैं।<br><br>Patna Now<br>सवाल भी, पड़ताल भी, समझ भी और सच की तलाश भी।</p>



<p><strong>PNCB</strong> <br></p>
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			</item>
		<item>
		<title>रक्तदान से लिखी शहादत को सलामी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/rkatdan-se-likhi-shahadat-ko-salami/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 27 Sep 2026 23:07:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[We Care]]></category>
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					<description><![CDATA[भगत सिंह जयंती की पूर्व संध्या पर 28 युवाओं ने किया महादान आरा, 28 सितम्बर. शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की जयंती की पूर्व संध्या पर आरा में युवाओं ने रक्तदान कर शहादत को सलाम किया. नवचेतना सामाजिक कल्याण संस्थान के तत्वावधान में रविवार, 27 सितंबर को भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, आरा में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया, जिसमें 28 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया. शिविर में युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली. रक्तदाताओं ने रक्तदान को केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि किसी अनजान जरूरतमंद की जिंदगी बचाने का माध्यम बताया. इस मौके पर पवन सत्यार्थी ने कहा कि “रक्तदान महादान है. हमारे द्वारा दिया गया रक्त किसी जरूरतमंद के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.” उन्होंने लोगों से नियमित रक्तदान करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की. संस्था की ओर से बताया गया कि शिविर का उद्देश्य रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता में सहयोग करना है. रक्तदान करने वालों में मुकेश सिंह, पवन सत्यार्थी, ओ.पी. पांडेय, रौशन पांडेय, शिवम सिंह, नवीन, राहुल कुमार, आदित्य सोनी, सुमित कुमार, मृणाल, मयंक, सिद्धार्थ सहित अन्य लोग शामिल रहे. बताते चलें कि रेडक्रॉस के लाइफ टाइम मेंबर ओ पी पाण्डेय ने रविवार को हुए इस रक्तदान शिविर में 48वाँ बार ऋतदान किया. शहादत की याद में रक्तदान का संकल्प यही भगत सिंह को सच्ची श्रद्धांजलि. PNCB]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>भगत सिंह जयंती की पूर्व संध्या पर 28 युवाओं ने किया महादान</strong><br><br><strong>आरा, 28 सितम्बर. </strong>शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की जयंती की पूर्व संध्या पर आरा में युवाओं ने रक्तदान कर शहादत को सलाम किया. <strong>नवचेतना सामाजिक कल्याण संस्थान</strong> के तत्वावधान में रविवार, 27 सितंबर को भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, आरा में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया, जिसमें <strong>28 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान</strong> किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001803311-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99554" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001803311-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001803311-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001803311-1152x1536.jpg 1152w" sizes="(max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p>शिविर में युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली. रक्तदाताओं ने रक्तदान को केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि किसी अनजान जरूरतमंद की जिंदगी बचाने का माध्यम बताया.<br><br>इस मौके पर <strong>पवन सत्यार्थी</strong> ने कहा कि <em>“रक्तदान महादान है. हमारे द्वारा दिया गया रक्त किसी जरूरतमंद के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.”</em> उन्होंने लोगों से नियमित रक्तदान करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की.<br><br>संस्था की ओर से बताया गया कि शिविर का उद्देश्य रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता में सहयोग करना है.<br><br><strong>रक्तदान करने वालों में</strong> मुकेश सिंह, पवन सत्यार्थी, ओ.पी. पांडेय, रौशन पांडेय, शिवम सिंह, नवीन, राहुल कुमार, आदित्य सोनी, सुमित कुमार, मृणाल, मयंक, सिद्धार्थ सहित अन्य लोग शामिल रहे. बताते चलें कि रेडक्रॉस के लाइफ टाइम मेंबर ओ पी पाण्डेय ने रविवार को हुए इस रक्तदान शिविर में 48वाँ बार ऋतदान किया. <strong>शहादत की याद में रक्तदान का संकल्प यही भगत सिंह को सच्ची श्रद्धांजलि.</strong></p>



<p><strong>PNCB</strong></p>



<p></p>
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			</item>
		<item>
		<title>लोकतंत्र की रखवाली में मीडिया की भूमिका सबसे अहम : डॉ. भीम सिंह</title>
		<link>https://www.patnanow.com/medias-responsibility-is-to-keep-democracy-safe/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 23 Sep 2026 12:15:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[जमालपुर में पहली बार सजा अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता का मंच, भारत समेत चार देशों के पत्रकारों का जुटान पत्रकारिता की चुनौतियों, विश्वसनीयता और जनसरोकार पर हुआ मंथन, कलम से बदलाव लाने वाली शख्सियतें सम्मानित जमालपुर (मुंगेर)। जमालपुर की धरती रविवार को अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता के मंच में तब्दील हो गई। मारवाड़ी धर्मशाला रोड स्थित सिद्धिविनायक मैरिज हॉल परिसर में ऑल इंडिया जर्नलिस्ट यूनियन भारत की ओर से पहली बार आयोजित अंतरराष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन में देश-विदेश के पत्रकारों का जुटान हुआ। बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल और भूटान से पहुंचे पत्रकार सम्मेलन के प्रमुख आकर्षण रहे। इस दौरान लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका, पत्रकारिता की बदलती चुनौतियों, डिजिटल मीडिया के प्रभाव और समाज के प्रति पत्रकारों की जिम्मेदारी पर गंभीर मंथन हुआ। सम्मेलन का उद्घाटन राज्यसभा सांसद डॉ. भीम सिंह, मुंगेर विधायक कुमार प्रणय, मुख्य पार्षद पार्वती देवी सहित देश-विदेश से पहुंचे वरिष्ठ पत्रकारों एवं अतिथियों ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष त्रिपुरारी कुमार मिश्रा ने की, जबकि संचालन अंशु अवस्थी ने किया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद डॉ. भीम सिंह ने कहा कि लोकतंत्र की रखवाली में मीडिया की भूमिका सबसे अहम है। पत्रकार सत्ता और समाज के बीच सवाल खड़े करने वाला मजबूत माध्यम हैं। उनकी कलम केवल खबर प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की आवाज को सामने लाने और व्यवस्था को जवाबदेह बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में तथ्य, निष्पक्षता और जनसरोकार सर्वोपरि होने चाहिए। डिजिटल दौर में विश्वसनीयता सबसे बड़ी चुनौती सम्मेलन में देश-विदेश से [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<h4 class="wp-block-heading"><strong>जमालपुर में पहली बार सजा अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता का मंच, भारत समेत चार देशों के पत्रकारों का जुटान</strong></h4>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>पत्रकारिता की चुनौतियों, विश्वसनीयता और जनसरोकार पर हुआ मंथन, कलम से बदलाव लाने वाली शख्सियतें सम्मानित</strong></h4>



<p><strong>जमालपुर (मुंगेर)।</strong> जमालपुर की धरती रविवार को अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता के मंच में तब्दील हो गई। मारवाड़ी धर्मशाला रोड स्थित सिद्धिविनायक मैरिज हॉल परिसर में ऑल इंडिया जर्नलिस्ट यूनियन भारत की ओर से पहली बार आयोजित अंतरराष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन में देश-विदेश के पत्रकारों का जुटान हुआ। बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल और भूटान से पहुंचे पत्रकार सम्मेलन के प्रमुख आकर्षण रहे। इस दौरान लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका, पत्रकारिता की बदलती चुनौतियों, डिजिटल मीडिया के प्रभाव और समाज के प्रति पत्रकारों की जिम्मेदारी पर गंभीर मंथन हुआ।</p>



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<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="768" height="1024" data-id="99491" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001785137-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99491" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001785137-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001785137-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001785137-1152x1536.jpg 1152w" sizes="(max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>
</figure>



<p>सम्मेलन का उद्घाटन राज्यसभा सांसद <strong>डॉ. भीम सिंह</strong>, मुंगेर विधायक <strong>कुमार प्रणय</strong>, मुख्य पार्षद <strong>पार्वती देवी</strong> सहित देश-विदेश से पहुंचे वरिष्ठ पत्रकारों एवं अतिथियों ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष <strong>त्रिपुरारी कुमार मिश्रा</strong> ने की, जबकि संचालन <strong>अंशु अवस्थी</strong> ने किया।</p>



<p>उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद डॉ. भीम सिंह ने कहा कि <strong>लोकतंत्र की रखवाली में मीडिया की भूमिका सबसे अहम है।</strong> पत्रकार सत्ता और समाज के बीच सवाल खड़े करने वाला मजबूत माध्यम हैं। उनकी कलम केवल खबर प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की आवाज को सामने लाने और व्यवस्था को जवाबदेह बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में तथ्य, निष्पक्षता और जनसरोकार सर्वोपरि होने चाहिए।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>डिजिटल दौर में विश्वसनीयता सबसे बड़ी चुनौती</strong></h3>



<p>सम्मेलन में देश-विदेश से आए पत्रकारों ने वर्तमान पत्रकारिता की चुनौतियों और अपने अनुभव साझा किए। डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव, सूचना के तेज प्रवाह, फेक न्यूज, विश्वसनीयता के संकट और पत्रकारों की सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि खबर की रफ्तार के साथ उसकी विश्वसनीयता बनाए रखना आज पत्रकारिता की सबसे बड़ी कसौटियों में से एक है।</p>





<p>पत्रकारों ने इस बात पर भी जोर दिया कि पत्रकारिता का केंद्र समाज और आम आदमी की आवाज होनी चाहिए। गांव, गरीब, वंचित और समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों की समस्याओं को प्रमुखता से सामने लाना ही जनपक्षधर पत्रकारिता की वास्तविक पहचान है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>नेपाल, बांग्लादेश समेत कई देशों के पत्रकार हुए शामिल</strong></h3>



<p>कार्यक्रम में नेपाल से <strong>शार्क जर्नलिस्ट फोरम के इंटरनेशनल प्रेसिडेंट राजू लामा</strong>, बांग्लादेश के <strong>सेक्रेटरी जनरल मो. अब्दुर रहमान</strong>, <strong>मो. एम.के. सिद्दीकी</strong> सहित विदेशों से आए वरिष्ठ पत्रकारों ने सम्मेलन को संबोधित किया।</p>



<p>भारत की ओर से नई दिल्ली से <strong>सहारा समय डिजिटल के हेड वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश सिंह</strong>, पटना से <strong>राष्ट्रीय समाचार के बिहार हेड एवं श्रीराम कथा वाचक एस.के. राजीव जी महाराज</strong>, आकाशवाणी-दूरदर्शन के समाचार वाचक <strong>मोहम्मद खालिद रशीद</strong>, <strong>डॉ. अमरनाथ प्रसाद</strong>, <strong>अंशु अवस्थी</strong>, <strong>पी.के. आजाद</strong>, <strong>इंजीनियर मदन कुमार गुप्ता</strong>, काशी से <strong>रुपेश कुमार गुप्ता</strong>, उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष <strong>डॉ. विजय यादव</strong>, झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष <strong>मनोज कुमार श्रीवास्तव</strong>, पंजाब से <strong>जरनेल सिंह</strong>, धनबाद से <strong>विवेक साहू</strong>, मुंबई से <strong>रत्नाकर मिश्रा</strong> सहित कई वरिष्ठ पत्रकारों ने वर्तमान दौर में पत्रकारिता की दिशा और जिम्मेदारी पर अपने विचार रखे।</p>



<p>मुंगेर जिले के स्थानीय समाचार पत्रों से जुड़े <strong>राणा गौरी शंकर सिंह, राजेश कुमार, रजनीश सिंह और वरिष्ठ पत्रकार विजय आनंद</strong> ने भी पत्रकारिता के समक्ष मौजूद चुनौतियों और बदलते स्वरूप पर विचार व्यक्त किए।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>कलम और सामाजिक सरोकार के लिए हुआ सम्मान</strong></h3>



<p>सम्मेलन के दौरान अपनी लेखनी और सामाजिक सरोकारों के माध्यम से समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने वाली शख्सियतों को अतिथियों ने सम्मानित किया। सम्मान समारोह ने कार्यक्रम को गरिमापूर्ण बना दिया। विभिन्न राज्यों और देशों से पहुंचे पत्रकारों ने एक-दूसरे के अनुभव साझा करते हुए पत्रकारिता के क्षेत्र में आपसी संवाद और सहयोग को मजबूत करने की बात कही।</p>



<p>कार्यक्रम में ऑल इंडिया जर्नलिस्ट यूनियन भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष <strong>रंजीत सम्राट</strong>, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष <strong>अरुण कुमार शर्मा</strong>, राष्ट्रीय प्रधान महासचिव <strong>सुनील कुमार</strong>, नेशनल वाइस प्रेसिडेंट <strong>अंशु अवस्थी</strong>, <strong>डॉ. अमरनाथ प्रसाद</strong>, <strong>इंजीनियर मदन गुप्ता</strong>, बिहार प्रदेश महासचिव <strong>सुधांशु रंजन शुक्ला</strong>, प्रदेश सचिव <strong>रविंद्र शर्मा</strong>, बिहार प्रदेश अध्यक्ष <strong>के.एम. राज</strong>, महासचिव <strong>मो. इम्तियाज आलम</strong>, जिला अध्यक्ष <strong>त्रिपुरारी कुमार मिश्रा</strong>, जिला उपाध्यक्ष <strong>मनोज कुमार</strong>, जिला सचिव <strong>दीपक विश्वास</strong>, जिला कोषाध्यक्ष <strong>आदित्य कुमार विकास</strong> सहित बड़ी संख्या में पत्रकार एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।</p>



<p><strong>जमालपुर में आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन शहर को देश-विदेश के पत्रकारों से जोड़ने के साथ पत्रकारिता के सरोकारों पर संवाद का महत्वपूर्ण मंच बना। सम्मेलन में सीमा और भाषा से परे लोकतंत्र, जनसरोकार और समाज के प्रति पत्रकारों की जिम्मेदारी को लेकर साझा संवाद देखने को मिला।</strong></p>



<p></p>
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		<title>चर्चित शिक्षक शिव कुमार सहाय का निधन</title>
		<link>https://www.patnanow.com/famous-teacher-sheo-kumar-sahay-is-no-more/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 19 Sep 2026 02:05:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACADEMIC]]></category>
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					<description><![CDATA[बॉलीवुड अभिनेता सत्यकाम आनंद के थे पिता 84 वर्ष की उम्र में हृदय गति रुकने से हुआ निधन, शिष्यों में शोक की लहर आरा,19 सितंबर। शहर के मौलाबाग निवासी, जैन स्कूल के चर्चित विज्ञान शिक्षक एवं पूर्व प्रभारी प्रधानाचार्य शिव कुमार सहाय का शुक्रवार की शाम निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे। उनके छोटे पुत्र सोनू ने बताया कि शुक्रवार की शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच मौलाबाग स्थित आवास पर हृदय गति रुकने से उनका निधन हुआ। शिव कुमार सहाय जिले के चर्चित शिक्षकों में शुमार रहे। विज्ञान और गणित विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ तथा विद्यार्थियों के प्रति सहज और सौम्य व्यवहार के कारण वह लंबे समय तक अपने शिष्यों के बीच लोकप्रिय रहे। सेवानिवृत्ति के बाद भी उनसे पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या कम नहीं हुई। उन्होंने अपने जीवन में आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क शिक्षा भी दी।शिक्षण के साथ-साथ शिव कुमार सहाय सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहे। समाज के जरूरतमंद और दबे-कुचले लोगों की मदद के लिए वह लगातार प्रयासरत रहते थे। सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी उनकी अपनी पहचान थी। समाजसेवा के प्रति इसी जुड़ाव के कारण उन्होंने आरा से विधानसभा चुनाव भी लड़ा था। हालांकि चुनाव में उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने सामाजिक सरोकारों से खुद को अलग नहीं किया और लोगों की मदद करते रहे। शिव कुमार सहाय अपने पीछे पत्नी, तीन पुत्र, दो पुत्रियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके बड़े पुत्र सुनील सहाय स्कॉलर एवं भोजपुरी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong> बॉलीवुड अभिनेता सत्यकाम आनंद के थे पिता</strong><br><br><strong>84 वर्ष की उम्र में हृदय गति रुकने से हुआ निधन, शिष्यों में शोक की लहर</strong><br><br><strong>आरा,19 सितंबर।</strong> शहर के मौलाबाग निवासी, जैन स्कूल के चर्चित विज्ञान शिक्षक एवं पूर्व प्रभारी प्रधानाचार्य <strong>शिव कुमार सहाय</strong> का शुक्रवार की शाम निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे। उनके छोटे पुत्र सोनू ने बताया कि शुक्रवार की शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच मौलाबाग स्थित आवास पर हृदय गति रुकने से उनका निधन हुआ।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="687" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001765230-scaled.png" alt="" class="wp-image-99364" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001765230-scaled.png 687w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001765230-436x650.png 436w" sizes="auto, (max-width: 687px) 100vw, 687px" /></figure>



<p><br>शिव कुमार सहाय जिले के चर्चित शिक्षकों में शुमार रहे। विज्ञान और गणित विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ तथा विद्यार्थियों के प्रति सहज और सौम्य व्यवहार के कारण वह लंबे समय तक अपने शिष्यों के बीच लोकप्रिय रहे। सेवानिवृत्ति के बाद भी उनसे पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या कम नहीं हुई। उन्होंने अपने जीवन में आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क शिक्षा भी दी।<br>शिक्षण के साथ-साथ शिव कुमार सहाय सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहे। समाज के जरूरतमंद और दबे-कुचले लोगों की मदद के लिए वह लगातार प्रयासरत रहते थे। सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी उनकी अपनी पहचान थी। समाजसेवा के प्रति इसी जुड़ाव के कारण उन्होंने आरा से विधानसभा चुनाव भी लड़ा था। हालांकि चुनाव में उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने सामाजिक सरोकारों से खुद को अलग नहीं किया और लोगों की मदद करते रहे।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="785" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001765281-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99365" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001765281-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001765281-650x498.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>शिव कुमार सहाय अपने पीछे पत्नी, तीन पुत्र, दो पुत्रियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके बड़े पुत्र <strong>सुनील सहाय</strong> स्कॉलर एवं भोजपुरी विभाग के प्राध्यापक रहे हैं। दूसरे पुत्र <strong>सत्यकाम आनंद</strong> बॉलीवुड के चर्चित अभिनेता एवं रंगकर्मी हैं, जबकि सबसे छोटे पुत्र <strong>सोनू</strong> बीपीएससी और यूपीएससी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले शिक्षक हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001765282-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99366" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001765282-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001765282-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001765282-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p>उनके निधन की सूचना मिलते ही अलग-अलग शहरों में रह रहे परिवार के सदस्य आरा के लिए रवाना हो गए हैं। परिजनों के शनिवार की सुबह तक आरा पहुंचने के बाद स्वर्गीय शिव कुमार सहाय की अंत्येष्टि की जाएगी।<br><br>इधर, उनके निधन की खबर फैलते ही उनके पुराने शिष्यों और परिचितों के घर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। जैन स्कूल सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों में उनसे शिक्षा प्राप्त कर चुके सैकड़ों लोग उनके आवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि दे रहे हैं। उनके निधन से शिक्षा जगत, रंगकर्म और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है।</p>



<p>आरा से <strong>ओ पी पाण्डेय</strong> की रिपोर्ट </p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>श्रीलंका में सीता से जुड़े स्थलों तक पहुंचेगी भोजपुर की आवाज</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bhojpur-voice-will-reach-shrilanka/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 16 Sep 2026 05:26:12 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[दिसंबर में होगा सीतोत्सव आरा में सनातनी गंगा फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत, 13 से 23 दिसंबर तक होगी ‘श्रीलंका की खोज एवं श्री रामायण दिव्य यात्रा-2026’ आरा,16 सितंबर. शहर के शुभ नारायण नगर, मझौंवा स्थित संभावना आवासीय उच्च विद्यालय के जुबली हॉल में सनातनी गंगा फाउंडेशन की भोजपुर इकाई की बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैप्टन प्रवीण कुमार ने की. इस दौरान भोजपुर इकाई की अध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह ने राष्ट्रीय अध्यक्ष कैप्टन प्रवीण कुमार को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया. वहीं बिहार राज्य के अध्यक्ष सुजीत कुमार कसेरा को भोजपुर के महासचिव शंभू चौरसिया ने अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया. बैठक के दौरान कैप्टन प्रवीण कुमार ने आगामी ‘श्रीलंका की खोज एवं श्री रामायण दिव्य यात्रा-2026’ के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सनातनी गंगा फाउंडेशन की ओर से आगामी 13 से 23 दिसंबर 2026 तक श्रीलंका की यात्रा आयोजित की जाएगी. इस यात्रा के दौरान 17 से 19 दिसंबर तक श्रीलंका स्थित अशोक वाटिका में सीतोत्सव का आयोजन किया जाएगा. सीता से जुड़े स्थलों का होगा दर्शन कैप्टन प्रवीण कुमार ने बताया कि यात्रा के दौरान माता सीता से जुड़े माने जाने वाले विभिन्न स्थलों का दर्शन किया जाएगा. इनमें सीता कोटुवा, सीता अम्मन मंदिर और अशोक वाटिका प्रमुख हैं. इसके अलावा दियूरुम्पोला का भी भ्रमण किया जाएगा, जिसे परंपरागत रूप से माता सीता की अग्नि परीक्षा से जोड़ा जाता है. सीतोत्सव के दौरान ‘रन फॉर मां सीता’ और ‘डांस फॉर मां सीता’ सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<h1 class="wp-block-heading">दिसंबर में होगा सीतोत्सव</h1>



<h3 class="wp-block-heading">आरा में सनातनी गंगा फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत, 13 से 23 दिसंबर तक होगी ‘श्रीलंका की खोज एवं श्री रामायण दिव्य यात्रा-2026’</h3>



<p><strong>आरा</strong>,16 सितंबर. शहर के शुभ नारायण नगर, मझौंवा स्थित संभावना आवासीय उच्च विद्यालय के जुबली हॉल में सनातनी गंगा फाउंडेशन की भोजपुर इकाई की बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष <strong>कैप्टन प्रवीण कुमार</strong> ने की. इस दौरान भोजपुर इकाई की अध्यक्ष <strong>डॉ. अर्चना सिंह</strong> ने राष्ट्रीय अध्यक्ष कैप्टन प्रवीण कुमार को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया. वहीं बिहार राज्य के अध्यक्ष <strong>सुजीत कुमार कसेरा</strong> को भोजपुर के महासचिव <strong>शंभू चौरसिया</strong> ने अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया.</p>



<p>बैठक के दौरान कैप्टन प्रवीण कुमार ने आगामी <strong>‘श्रीलंका की खोज एवं श्री रामायण दिव्य यात्रा-2026’</strong> के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सनातनी गंगा फाउंडेशन की ओर से आगामी <strong>13 से 23 दिसंबर 2026</strong> तक श्रीलंका की यात्रा आयोजित की जाएगी. इस यात्रा के दौरान <strong>17 से 19 दिसंबर</strong> तक श्रीलंका स्थित अशोक वाटिका में <strong>सीतोत्सव</strong> का आयोजन किया जाएगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001753842-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99282" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001753842-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001753842-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001753842-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<h3 class="wp-block-heading">सीता से जुड़े स्थलों का होगा दर्शन</h3>



<p>कैप्टन प्रवीण कुमार ने बताया कि यात्रा के दौरान माता सीता से जुड़े माने जाने वाले विभिन्न स्थलों का दर्शन किया जाएगा. इनमें <strong>सीता कोटुवा, सीता अम्मन मंदिर और अशोक वाटिका</strong> प्रमुख हैं. इसके अलावा <strong>दियूरुम्पोला</strong> का भी भ्रमण किया जाएगा, जिसे परंपरागत रूप से माता सीता की अग्नि परीक्षा से जोड़ा जाता है.</p>



<p>सीतोत्सव के दौरान <strong>‘रन फॉर मां सीता’ और ‘डांस फॉर मां सीता’</strong> सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. यात्रा में राम्बोड़ा स्थित <strong>श्री भगवान हनुमान मंदिर</strong> का भी दर्शन कराया जाएगा, जिसे स्थानीय परंपराओं के अनुसार हनुमान जी के श्रीलंका में प्रथम चरण रखने के स्थान के रूप में माना जाता है.</p>



<p>इसके अलावा यात्रा के दौरान <strong>राजा रावण से जुड़े माने जाने वाले विभिन्न स्थलों</strong> का भी भ्रमण किया जाएगा. आयोजकों के अनुसार यात्रा का उद्देश्य श्रीरामायण से जुड़े स्थलों, भारतीय संस्कृति और परंपराओं से लोगों को परिचित कराना है.</p>



<p>बैठक में <strong>शंभू चौरसिया, अवधेश पांडेय, मनोज कुमार सिंह, राम कुमार सिंह, डॉ. संदीप कुमार, राम अनूज सिंह, आनंद कुमार, विष्णु शंकर, अखिलानंद ओझा, रिशु सिन्हा, विवेक तिवारी, दीप कुमार, नवीन कुमार, अवनीश कुमार, संजीव सिंह एवं दयाशंकर</strong> समेत अन्य लोग मौजूद रहे.</p>



<p>आरा से <strong>ओ पी पाण्डेय</strong> की रिपोर्ट<strong> </strong></p>
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		<item>
		<title>दिल्ली में बिखरेगी शाहाबाद की संस्कृति की खुशबू</title>
		<link>https://www.patnanow.com/dilli-me-bikhrega-shahabad-ki-khushboo/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 16 Sep 2026 04:57:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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		<category><![CDATA[शाहाबाद]]></category>
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					<description><![CDATA[27 अक्टूबर को होगा शाहाबाद महोत्सव संसद भवन के समीप मावलंकर भवन में जुटेंगी शाहाबाद की नामचीन हस्तियां, पहली बार राष्ट्रीय मंच पर दिखेगी क्षेत्र की लोककला और खान-पान की अनूठी झलक आरा, 16 सितंबर. शाहाबाद प्रक्षेत्र की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को सहेजने तथा क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत इस वर्ष शाहाबाद महोत्सव का आयोजन देश की राजधानी दिल्ली में किया जाएगा. आगामी 27 अक्टूबर को संसद भवन के समीप कांस्टीट्यूशन क्लब स्थित मावलंकर भवन में आयोजित होने वाले इस महोत्सव में शाहाबाद की कला, संस्कृति, लोक परंपरा, खान-पान और ऐतिहासिक विरासत की झलक राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत की जाएगी. महोत्सव की तैयारियों को लेकर मंगलवार को ब्लॉक रोड स्थित जदयू के वरिष्ठ नेता एवं जिला विश्वसूश्री कार्यान्वयन समिति के उपाध्यक्ष संजय सिंह के आवास पर आयोजन समिति के प्रमुख सदस्यों की बैठक हुई. बैठक के बाद समिति के अध्यक्ष अखिलेश कुमार ने बताया कि शाहाबाद की गौरवशाली विरासत और परंपराओं को अक्षुण्ण रखते हुए पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समिति वर्ष 2019 से व्यापक अभियान चला रही है. इस अभियान के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर भी दिखाई देने लगे हैं. उन्होंने कहा कि इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है. पहली बार दिल्ली में दिखेगी शाहाबाद की लोककला अखिलेश कुमार ने कहा कि चकाचौंध और आधुनिकता के दौर में शाहाबाद की कई पारंपरिक कलाएं और लोक विधाएं विलुप्त होने के कगार [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<h1 class="wp-block-heading">27 अक्टूबर को होगा शाहाबाद महोत्सव</h1>



<h3 class="wp-block-heading">संसद भवन के समीप मावलंकर भवन में जुटेंगी शाहाबाद की नामचीन हस्तियां, पहली बार राष्ट्रीय मंच पर दिखेगी क्षेत्र की लोककला और खान-पान की अनूठी झलक</h3>



<p><strong>आरा</strong>, 16 सितंबर. शाहाबाद प्रक्षेत्र की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को सहेजने तथा क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत इस वर्ष <strong>शाहाबाद महोत्सव का आयोजन देश की राजधानी दिल्ली में</strong> किया जाएगा. आगामी <strong>27 अक्टूबर</strong> को संसद भवन के समीप कांस्टीट्यूशन क्लब स्थित मावलंकर भवन में आयोजित होने वाले इस महोत्सव में शाहाबाद की कला, संस्कृति, लोक परंपरा, खान-पान और ऐतिहासिक विरासत की झलक राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत की जाएगी.</p>



<figure class="wp-block-gallery has-nested-images columns-default is-cropped wp-block-gallery-2 is-layout-flex wp-block-gallery-is-layout-flex">
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="460" data-id="99279" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001753739-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99279" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001753739-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001753739-650x292.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001753739-1536x690.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>
</figure>



<p>महोत्सव की तैयारियों को लेकर मंगलवार को ब्लॉक रोड स्थित जदयू के वरिष्ठ नेता एवं जिला विश्वसूश्री कार्यान्वयन समिति के उपाध्यक्ष <strong>संजय सिंह</strong> के आवास पर आयोजन समिति के प्रमुख सदस्यों की बैठक हुई. बैठक के बाद समिति के अध्यक्ष <strong>अखिलेश कुमार</strong> ने बताया कि शाहाबाद की गौरवशाली विरासत और परंपराओं को अक्षुण्ण रखते हुए पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समिति वर्ष 2019 से व्यापक अभियान चला रही है. इस अभियान के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर भी दिखाई देने लगे हैं. उन्होंने कहा कि इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है.</p>



<h3 class="wp-block-heading">पहली बार दिल्ली में दिखेगी शाहाबाद की लोककला</h3>



<p>अखिलेश कुमार ने कहा कि चकाचौंध और आधुनिकता के दौर में शाहाबाद की कई पारंपरिक कलाएं और लोक विधाएं विलुप्त होने के कगार पर हैं. इन्हें संरक्षित करना वर्तमान पीढ़ी की नैतिक जिम्मेदारी है. इसी उद्देश्य से दिल्ली में पहली बार शाहाबाद प्रक्षेत्र की प्रमुख लोककलाओं और लोक संगीत की प्रस्तुति की जाएगी.</p>



<p>महोत्सव में <strong>गोड़ नाच, कुड़ुक नृत्य, शिवनरायणी गीत तथा धोबिया-धोबिनिया नाच</strong> जैसी पारंपरिक लोक विधाओं की प्रस्तुति कलाकारों द्वारा की जाएगी. इसके माध्यम से देश की राजधानी में शाहाबाद की मिट्टी की खुशबू और लोक संस्कृति की जीवंत तस्वीर पेश करने का प्रयास होगा.</p>



<h3 class="wp-block-heading">शाहाबाद के पारंपरिक खान-पान की भी लगेगी प्रदर्शनी</h3>



<p>महोत्सव में शाहाबाद के विशिष्ट और पारंपरिक खाद्य पदार्थों की भी प्रदर्शनी लगाई जाएगी. इसमें <strong>चेनारी के गुड़ के लड्डू, बक्सर की पापड़ी, कोआथ का बेलग्रामी और बेतरी के चावल</strong> प्रमुख आकर्षण होंगे.</p>



<p>इसके साथ ही देश और समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने वाले महापुरुषों तथा शाहाबाद के ऐतिहासिक और प्राकृतिक सौंदर्य स्थलों पर आधारित <strong>तैलचित्र प्रदर्शनी</strong> भी लगाई जाएगी. आयोजन समिति का उद्देश्य लोगों को शाहाबाद की कला-संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत, परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य से परिचित कराना है.</p>



<h3 class="wp-block-heading">राजनीतिक से लेकर कला और शिक्षा जगत की हस्तियां होंगी शामिल</h3>



<p>अखिलेश कुमार ने बताया कि महोत्सव में राजनीतिक, प्रशासनिक, साहित्य, कला-संस्कृति, चिकित्सा और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे लोगों की भागीदारी होगी. दिल्ली में होने वाला यह आयोजन शाहाबाद की सांस्कृतिक पहचान को व्यापक राष्ट्रीय मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास होगा.</p>



<p>इस अवसर पर <strong>संजय सिंह</strong> ने कहा कि अपनी सभ्यता, संस्कृति और गौरवशाली परंपरा को संजोकर रखना सभी का नैतिक दायित्व है. इसी उद्देश्य को केंद्र में रखकर शाहाबाद महोत्सव आयोजन समिति के बैनर तले वर्ष 2019 में शुरू किया गया अभियान अब एक व्यापक स्वरूप ले रहा है.</p>



<p>उन्होंने कहा कि कैमूर की वादियों से लेकर शाहाबाद के मैदानी क्षेत्रों, बक्सर, जगदीशपुर और आरा तक पर्यटन विकास की संभावनाओं को सामने लाने में शाहाबाद महोत्सव आयोजन समिति की निरंतर गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है.</p>



<p>संजय सिंह ने कहा कि <strong>जब पहली बार दिल्ली में शाहाबाद की कला, संस्कृति, धरोहर और पर्यटन की अपार संभावनाओं की झलक राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई जाएगी, तो यह क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण होगा.</strong> इससे शाहाबाद की समृद्ध विरासत और पर्यटन क्षमता का व्यापक संदेश देशभर में जाएगा.</p>



<p>बैठक में <strong>स्यंदन सुमन, आरुणिश पांडेय, सोहित सिन्हा, डॉ. रवि जी, संजीव सिन्हा</strong> सहित अन्य लोग मौजूद थे.</p>



<p>आरा से <strong>ओ पी पाण्डेय</strong> की रिपोर्ट </p>
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		<item>
		<title>आरा में गांजा तस्करी का बड़ा खुलासा</title>
		<link>https://www.patnanow.com/ganja-taskari-ka-bada-khulasa/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 06 Sep 2026 07:16:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Crime]]></category>
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					<description><![CDATA[12.53 किलो गांजा और 10.52 लाख रुपये बरामद, तीन गिरफ्तार आरा। भोजपुर पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे और निशानदेही पर 12.53 किलोग्राम गांजा जैसा मादक पदार्थ, 10 लाख 52 हजार 500 रुपये नकद, दो मोबाइल, एक मैगजीन तथा करीब 99.94 ग्राम वजन का सोना जैसा पदार्थ बरामद किया है।भोजपुर पुलिस कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 04 सितंबर 2026 को आरा नगर थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि धरहरा-जमीरा रोड में स्टेशनरी दुकान की आड़ में अवैध रूप से गांजा बेचा जा रहा है। सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए सदर-01 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। टीम ने धरहरा-जमीरा रोड स्थित उक्त स्टेशनरी दुकान पर छापेमारी कर मुख्य आरोपी अभिमन्यु कुमार उर्फ मोनू को पकड़ा। तलाशी के दौरान दुकान से करीब 360 ग्राम गांजा जैसा पदार्थ, 10,098 रुपये नकद और दो मोबाइल बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर उसके कथित आपूर्तिकर्ताओं अभिषेक कुमार उर्फ सोनू और राहुल पटेल उर्फ गुड्डू, दोनों निवासी शिवगंज, आरा नगर, के घरों पर भी छापेमारी की गई। पुलिस का दावा है कि दोनों के घरों की तलाशी के दौरान विभिन्न पैकेटों और बोरियों में कुल 12.53 किलोग्राम गांजा जैसा मादक पदार्थ, 10 लाख 52 हजार 500 रुपये नकद, करीब 99.94 ग्राम का सोना जैसा पदार्थ, एक मैगजीन और [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>12.53 किलो गांजा और 10.52 लाख रुपये बरामद, तीन गिरफ्तार</strong></p>



<p>आरा। भोजपुर पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे और निशानदेही पर 12.53 किलोग्राम गांजा जैसा मादक पदार्थ, 10 लाख 52 हजार 500 रुपये नकद, दो मोबाइल, एक मैगजीन तथा करीब 99.94 ग्राम वजन का सोना जैसा पदार्थ बरामद किया है।<br>भोजपुर पुलिस कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 04 सितंबर 2026 को आरा नगर थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि धरहरा-जमीरा रोड में स्टेशनरी दुकान की आड़ में अवैध रूप से गांजा बेचा जा रहा है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001708246-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99112" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001708246-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001708246-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001708246-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><br>सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए सदर-01 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। टीम ने धरहरा-जमीरा रोड स्थित उक्त स्टेशनरी दुकान पर छापेमारी कर मुख्य आरोपी अभिमन्यु कुमार उर्फ मोनू को पकड़ा। तलाशी के दौरान दुकान से करीब 360 ग्राम गांजा जैसा पदार्थ, 10,098 रुपये नकद और दो मोबाइल बरामद किए गए।</p>



<p><br>पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर उसके कथित आपूर्तिकर्ताओं अभिषेक कुमार उर्फ सोनू और राहुल पटेल उर्फ गुड्डू, दोनों निवासी शिवगंज, आरा नगर, के घरों पर भी छापेमारी की गई।</p>



<p><br>पुलिस का दावा है कि दोनों के घरों की तलाशी के दौरान विभिन्न पैकेटों और बोरियों में कुल 12.53 किलोग्राम गांजा जैसा मादक पदार्थ, 10 लाख 52 हजार 500 रुपये नकद, करीब 99.94 ग्राम का सोना जैसा पदार्थ, एक मैगजीन और अन्य सामग्री बरामद की गई।</p>



<p><br>गिरफ्तार आरोपी<br>अभिमन्यु कुमार उर्फ मोनू, पिता– चंदेश्वर यादव, निवासी इब्राहिमनगर<br>अभिषेक कुमार उर्फ सोनू, पिता– अशोक चौधरी, निवासी शिवगंज, बीएसएनएल गली<br>राहुल पटेल उर्फ गुड्डू, पिता– अशोक चौधरी, निवासी शिवगंज, बीएसएनएल गली, आरा<br>मामले में आरा नगर थाना कांड संख्या 606/26, दिनांक 04.09.2026 के तहत NDPS Act की धारा 8(c)/20(b)(ii)(B)/29 एवं Arms Act की धारा 25(1-b)a/26/35 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।</p>



<p><strong>PNCB</strong> </p>
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		<title>जन्माष्टमी पर आरा को मिला नया ‘मिडनाइट कैफे’!</title>
		<link>https://www.patnanow.com/midnight-cafe-open-for-town/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 04 Sep 2026 20:34:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[We Care]]></category>
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					<description><![CDATA[दशहरा से पहले शुरू हुआ शहर का नया नाइट हैंगआउट स्पॉट, रमना मैदान का दिखेगा खूबसूरत नजारा आरा। भादो का महीना… आमतौर पर इस दौरान नए काम की शुरुआत और उद्घाटन से लोग बचते हैं। लेकिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्मदिन यानी जन्माष्टमी ऐसा शुभ अवसर है, जिसे नए कार्य की शुरुआत के लिए विशेष माना जाता है। यही वजह रही कि कई महीनों से तैयार हो रहे मिडनाइट कैफे के उद्घाटन के लिए जन्माष्टमी का दिन चुना गया। शहर के दक्षिणी रमना रोड स्थित होटल कान्हा रेसिडेंसी में जन्माष्टमी के अवसर पर विधिवत पूजा-अर्चना के बाद मिडनाइट कैफे का उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही आरा शहर को देर रात तक बैठने, खाने-पीने और शहर की खूबसूरत रोशनी का आनंद लेने के लिए एक नया स्पॉट मिल गया है। दशहरा का इंतजार क्यों नहीं? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भादो मास में सामान्य तौर पर नए कार्यों की शुरुआत नहीं की जाती। ऐसे में अगर जन्माष्टमी नहीं होती तो नए प्रतिष्ठान के उद्घाटन के लिए दशहरा तक इंतजार करना पड़ता। लेकिन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को शुभ मानते हुए होटल प्रबंधन ने इसी दिन कैफे की शुरुआत करने का निर्णय लिया। इसका एक फायदा यह भी होगा कि दशहरा से पहले ही शहर के लोगों को कैफे की खूबियों और सुविधाओं को जानने का मौका मिल जाएगा। दशहरा के दौरान जब आरा में आसपास के क्षेत्रों और दूसरे शहरों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे, तब यह कैफे उनके लिए भी एक नया आकर्षण बन सकता है। रमना मैदान का नजारा और रात [&#8230;]]]></description>
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<h3 class="wp-block-heading"><strong>दशहरा से पहले शुरू हुआ शहर का नया नाइट हैंगआउट स्पॉट, रमना मैदान का दिखेगा खूबसूरत नजारा</strong></h3>



<p><strong>आरा।</strong> भादो का महीना… आमतौर पर इस दौरान नए काम की शुरुआत और उद्घाटन से लोग बचते हैं। लेकिन <strong>भगवान श्रीकृष्ण का जन्मदिन यानी जन्माष्टमी</strong> ऐसा शुभ अवसर है, जिसे नए कार्य की शुरुआत के लिए विशेष माना जाता है। यही वजह रही कि कई महीनों से तैयार हो रहे <strong>मिडनाइट कैफे</strong> के उद्घाटन के लिए जन्माष्टमी का दिन चुना गया।</p>



<p>शहर के <strong>दक्षिणी रमना रोड स्थित होटल कान्हा रेसिडेंसी</strong> में जन्माष्टमी के अवसर पर विधिवत पूजा-अर्चना के बाद <strong>मिडनाइट कैफे का उद्घाटन</strong> किया गया। इसके साथ ही आरा शहर को देर रात तक बैठने, खाने-पीने और शहर की खूबसूरत रोशनी का आनंद लेने के लिए एक नया स्पॉट मिल गया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>दशहरा का इंतजार क्यों नहीं?</strong></h3>



<p>धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भादो मास में सामान्य तौर पर नए कार्यों की शुरुआत नहीं की जाती। ऐसे में अगर जन्माष्टमी नहीं होती तो नए प्रतिष्ठान के उद्घाटन के लिए <strong>दशहरा तक इंतजार</strong> करना पड़ता। लेकिन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को शुभ मानते हुए होटल प्रबंधन ने इसी दिन कैफे की शुरुआत करने का निर्णय लिया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="576" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001699489-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99107" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001699489-scaled.jpg 576w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001699489-366x650.jpg 366w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001699489-864x1536.jpg 864w" sizes="auto, (max-width: 576px) 100vw, 576px" /></figure>



<p>इसका एक फायदा यह भी होगा कि <strong>दशहरा से पहले ही शहर के लोगों को कैफे की खूबियों और सुविधाओं को जानने का मौका मिल जाएगा।</strong> दशहरा के दौरान जब आरा में आसपास के क्षेत्रों और दूसरे शहरों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे, तब यह कैफे उनके लिए भी एक नया आकर्षण बन सकता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>रमना मैदान का नजारा और रात का माहौल… बनेगा खास अनुभव</strong></h3>



<p>मिडनाइट कैफे की खासियत सिर्फ इसका नाम नहीं, बल्कि इसका माहौल और लोकेशन भी है। यहां बैठकर लोग <strong>खाने-पीने के साथ रमना मैदान और आरा शहर का ऊपरी नजारा</strong> देख सकेंगे।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001700212-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99108" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001700212-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001700212-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001700212-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कैफे में खास तौर पर <strong>मॉकटेल और कॉफी</strong> की व्यवस्था की गई है। देर शाम और रात में शहर की रोशनी के बीच दोस्तों के साथ बैठना हो, परिवार के साथ समय बिताना हो या फिर शहर से बाहर से आए मेहमानों को कुछ अलग अनुभव कराना हो तो यह जगह एक नया विकल्प देने की कोशिश करती है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>कान्हा के नाम पर होटल, जन्माष्टमी पर नई शुरुआत</strong></h3>



<p>होटल कान्हा रेसिडेंसी के एमडी <strong>सुदीप कुमार</strong> ने बताया कि होटल का नाम भगवान श्रीकृष्ण के नाम पर रखा गया है इसलिए जन्माष्टमी के मौके पर इसी आस्था और श्रद्धा के कारण हर वर्ष  होटल में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना के साथ प्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा । जन्माष्टमी उनके लिए केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि आस्था से जुड़ा विशेष अवसर है। इसी कारण इस दिन पूजा-अर्चना और प्रसाद वितरण के साथ मिडनाइट कैफे की शुरुआत को भी खास बनाया गया। </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001699494-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99109" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001699494-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001699494-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001699494-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>जन्माष्टमी के अवसर पर होटल परिसर में भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा स्थापित कर विधिवत पूजा की गई। इसके बाद <strong>पूरी, सब्जी और हलवा का प्रसाद</strong> वितरित किया गया। होटल प्रबंधन के अनुसार करीब <strong>2,500 लोगों के लिए प्रसाद की व्यवस्था</strong> की गई थी और बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।</p>



<p><strong>अब नजर दशहरा पर है, जब आरा में मेले और उत्सव का माहौल होगा और शहर आने वाले लोगों के बीच यह नया मिडनाइट कैफे कितना आकर्षण पैदा करता है, यह देखने वाली बात होगी।</strong></p>



<p><strong>PNCB</strong></p>
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		<item>
		<title>पीडिया ने राखियों में बनाई जगह, फौजियों के हाथों की बढ़ाएगी शोभा</title>
		<link>https://www.patnanow.com/pidiya-is-making-place-everywhere/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 26 Aug 2026 08:46:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
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		<category><![CDATA[Bihar politics]]></category>
		<category><![CDATA[DDM Surbhi]]></category>
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		<category><![CDATA[Pidiya]]></category>
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		<category><![CDATA[Sanjeev Sinha]]></category>
		<category><![CDATA[पटना नाउ]]></category>
		<category><![CDATA[पीडिया]]></category>
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					<description><![CDATA[सरहद के फौजी भाइयों के लिए संभावना के बच्चों ने बनाई 1120 राखियां, ‘पीडिया पेंटिंग’ बनी आकर्षण का केंद्र चार दिवसीय राखी मेकिंग कार्यशाला का समापन, बच्चों ने कला और भावनाओं को दिया अनोखा रूप आरा, 25 अगस्त। सरहद पर तैनात फौजी भाइयों के लिए राखी में सिर्फ धागा नहीं, बल्कि देशप्रेम, सम्मान और भाईचारे की भावना पिरोई गई। शुभ नारायण नगर, मझौंवा स्थित शांति स्मृति संभावना आवासीय उच्च विद्यालय में चार दिवसीय राखी मेकिंग कार्यशाला के दौरान बच्चों ने 1120 राखियों का निर्माण किया, जिन्हें सरहद पर तैनात सैनिक भाइयों को भेजा जाएगा। संभावना विद्यालय एवं सर्जना न्यास के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला के अंतिम दिन जुबली हॉल में प्रदर्शनी सह पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। वर्ग 6 से 12वीं तक के करीब 150 विद्यार्थियों ने इसमें हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अनुप्रिया तथा विशिष्ट अतिथि कर्नल राणा प्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से किया। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। अतिथियों को विद्यालय के निदेशक डॉ. कुमार द्विजेंद्र एवं प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह ने प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। राखियों में दिखी भोजपुरी कला की पहचान, ‘पीडिया पेंटिंग’ ने खींचा ध्यान प्रदर्शनी में इस बार सबसे खास आकर्षण रहा भोजपुरी लोककला ‘पीडिया पेंटिंग’ पर आधारित राखियां। बच्चों ने पारंपरिक भोजपुरी कला को राखी जैसे आधुनिक और लोकप्रिय रचनात्मक माध्यम से जोड़कर इसे एक नया रूप दिया। चित्रकार एवं कला शिक्षक संजीव सिन्हा के मार्गदर्शन में बच्चों ने राखियों पर पीडिया कला के विभिन्न रूपों को उकेरा। इन राखियों को [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>सरहद के फौजी भाइयों के लिए संभावना के बच्चों ने बनाई 1120 राखियां, ‘पीडिया पेंटिंग’ बनी आकर्षण का केंद्र</strong></p>



<p><strong>चार दिवसीय राखी मेकिंग कार्यशाला का समापन, बच्चों ने कला और भावनाओं को दिया अनोखा रूप</strong></p>



<p>आरा, 25 अगस्त। सरहद पर तैनात फौजी भाइयों के लिए राखी में सिर्फ धागा नहीं, बल्कि देशप्रेम, सम्मान और भाईचारे की भावना पिरोई गई। शुभ नारायण नगर, मझौंवा स्थित शांति स्मृति संभावना आवासीय उच्च विद्यालय में चार दिवसीय राखी मेकिंग कार्यशाला के दौरान बच्चों ने 1120 राखियों का निर्माण किया, जिन्हें सरहद पर तैनात सैनिक भाइयों को भेजा जाएगा।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665594-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98855" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665594-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665594-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665594-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="576" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665564-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98854" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665564-scaled.jpg 576w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665564-366x650.jpg 366w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665564-864x1536.jpg 864w" sizes="auto, (max-width: 576px) 100vw, 576px" /></figure>



<p>संभावना विद्यालय एवं सर्जना न्यास के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला के अंतिम दिन जुबली हॉल में प्रदर्शनी सह पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। वर्ग 6 से 12वीं तक के करीब 150 विद्यार्थियों ने इसमें हिस्सा लिया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665570-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98862" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665570-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665570-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665570-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665600-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98857" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665600-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665600-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665600-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665597-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98856" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665597-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665597-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665597-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कार्यक्रम का उद्घाटन जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अनुप्रिया तथा विशिष्ट अतिथि कर्नल राणा प्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से किया। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। अतिथियों को विद्यालय के निदेशक डॉ. कुमार द्विजेंद्र एवं प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह ने प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया।</p>



<p><strong>राखियों में दिखी भोजपुरी कला की पहचान, ‘पीडिया पेंटिंग’ ने खींचा ध्यान</strong></p>



<p>प्रदर्शनी में इस बार सबसे खास आकर्षण रहा भोजपुरी लोककला ‘पीडिया पेंटिंग’ पर आधारित राखियां। बच्चों ने पारंपरिक भोजपुरी कला को राखी जैसे आधुनिक और लोकप्रिय रचनात्मक माध्यम से जोड़कर इसे एक नया रूप दिया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665567-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98859" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665567-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665567-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665567-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



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<p>चित्रकार एवं कला शिक्षक संजीव सिन्हा के मार्गदर्शन में बच्चों ने राखियों पर पीडिया कला के विभिन्न रूपों को उकेरा। इन राखियों को देखने वाले अतिथियों और अभिभावकों ने बच्चों की इस रचनात्मक पहल की खूब सराहना की। समारोह में अतिथियों को भी पीडिया पेंटिंग पर आधारित राखी का प्रतीक चिह्न भेंट किया गया।</p>



<p><strong>GI Tag मिलने के बाद पीडिया कला को वैश्विक बाजार से जोड़ने की नई संभावना</strong></p>



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<p>पीडिया पेंटिंग को GI Tag मिलने के बाद इस पारंपरिक भोजपुरी लोककला को नए रचनात्मक उत्पादों से जोड़ना इसे देश और दुनिया के बाजार तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। संभावना विद्यालय के बच्चों द्वारा राखियों पर पीडिया पेंटिंग का प्रयोग इस बात का उदाहरण है कि स्थानीय कला को आधुनिक डिजाइन और उपयोगी उत्पादों से जोड़कर वैश्विक बाजार के लिए तैयार किया जा सकता है।</p>



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<p>राखी पर उकेरी गई पीडिया पेंटिंग ने जहां प्रदर्शनी को अलग पहचान दी, वहीं इसने भोजपुरी लोककला की संभावनाओं को भी नए तरीके से सामने रखा। परंपरा से बाजार तक की यह यात्रा भोजपुरी कला के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।</p>



<p>‘<strong>फौजी भाइयों को राखी भेजना गर्व की बात’</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665603-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98860" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665603-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665603-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665603-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मुख्य अतिथि अनुप्रिया ने प्रदर्शनी को अद्वितीय बताते हुए कहा कि बच्चों ने अपनी छिपी प्रतिभा को खूबसूरती से सामने लाया है। उन्होंने कहा कि सरहद पर तैनात सैनिकों को राखी भेजने की पहल भावनात्मक होने के साथ-साथ प्रेरणादायक भी है।</p>



<p>कर्नल राणा प्रताप सिंह ने कहा कि सैनिकों को राखी भेजना गर्व की बात है। उन्होंने बच्चों को लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत और धैर्य के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।</p>



<p><strong>नाबार्ड की डीडीएम सुरभि ने भी बच्चों की कला और मेहनत की सराहना की।</strong></p>



<p>कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए निदेशक डॉ. कुमार द्विजेंद्र ने बताया कि चार दिवसीय कार्यशाला में बच्चों ने कुल 1120 राखियां तैयार कीं। उन्होंने कहा कि विद्यालय में पिछले करीब डेढ़ दशक से यह कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य बच्चों में रचनात्मकता के साथ-साथ कार्य-कौशल और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करना है।</p>



<p>प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का पर्व नहीं, बल्कि देश की रक्षा करने वाले सैनिकों के प्रति सम्मान और भावनाओं को व्यक्त करने का अवसर भी है।</p>



<p>कार्यक्रम का संचालन वरीय शिक्षक अरविंद ओझा ने तथा धन्यवाद ज्ञापन कला शिक्षक संजीव सिन्हा ने किया। मौके पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।</p>



<p>खास बात यह रही कि इस बार संभावना के बच्चों की राखियों में देशभक्ति के साथ भोजपुरी मिट्टी की खुशबू भी दिखाई दी. पीडिया पेंटिंग के रंगों ने पारंपरिक लोककला को एक ऐसे उत्पाद से जोड़ दिया, जो आने वाले समय में स्थानीय कला को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की नई राह खोल सकता है।</p>
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		<title>आखर के सहयोग से भोजपुरी विभाग में शुरू हुआ डिजिटल लाइब्रेरी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 26 Aug 2026 08:15:11 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भिखारी ठाकुर को सिर्फ जाति के चश्मे से देखना उनके साहित्य के साथ न्याय नहीं : डॉ. एम.के. पाण्डेय आखर के सौजन्य से भोजपुरी विभाग में ‘महेंद्र मिश्र पुस्तकालय’ और डिजिटल लाइब्रेरी का शुभारंभ आरा,26 अगस्त. वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर भोजपुरी विभाग में भोजपुरी साहित्य और संस्कृति के संरक्षण-संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हुई। आखर ट्रस्ट के सौजन्य से ‘महेंद्र मिश्र पुस्तकालय’ का उद्घाटन और डिजिटल लाइब्रेरी सेवा का लोकार्पण किया गया। पुस्तकालय का उद्घाटन आखर संस्था के संजय सिंह, नवीन कुमार, मोहन श्रीवास्तव, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. एम.के. पाण्डेय तथा भोजपुरी विभागाध्यक्ष प्रो. दिवाकर पाण्डेय ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर ‘भिखारी ठाकुर के रचनन प कुछ बिचार, कुछ विमर्श : जुग संदर्भ में’ विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित हुआ। मुख्य वक्ता सत्यवती महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी प्राध्यापक डॉ. मुन्ना कुमार पाण्डेय ने कहा कि भिखारी ठाकुर भोजपुरी साहित्य और संस्कृति के प्रस्थान बिंदु हैं। उन्होंने कहा कि भिखारी ठाकुर की रचनाओं को किसी एक खांचे में डालकर या संकीर्ण जातीय दृष्टि से देखना उनके साहित्य का सही मूल्यांकन नहीं है। ‘बिदेसिया’ और ‘गबरघिचोर’ जैसी रचनाओं में आज के उत्तर आधुनिक विमर्श तक की झलक दिखाई देती है। डॉ. पाण्डेय ने भिखारी ठाकुर के साहित्य में नारीवादी दृष्टिकोण की चर्चा करते हुए उन्हें युगधर्मी कलाकार बताया। उन्होंने कहा कि कलाकार जाति और धर्म के बंधनों से ऊपर होता है। ऐसे में भिखारी ठाकुर की रचनाओं पर नई दृष्टि और नए विमर्श के साथ शोध की आवश्यकता है। भोजपुरी छात्रों के लिए [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>भिखारी ठाकुर को सिर्फ जाति के चश्मे से देखना उनके साहित्य के साथ न्याय नहीं : डॉ. एम.के. पाण्डेय</strong></p>



<p><strong>आखर के सौजन्य से भोजपुरी विभाग में ‘महेंद्र मिश्र पुस्तकालय’ और डिजिटल लाइब्रेरी का शुभारंभ</strong></p>



<p>आरा,26 अगस्त.  वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर भोजपुरी विभाग में भोजपुरी साहित्य और संस्कृति के संरक्षण-संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हुई। आखर ट्रस्ट के सौजन्य से ‘महेंद्र मिश्र पुस्तकालय’ का उद्घाटन और डिजिटल लाइब्रेरी सेवा का लोकार्पण किया गया।</p>



<p>पुस्तकालय का उद्घाटन आखर संस्था के संजय सिंह, नवीन कुमार, मोहन श्रीवास्तव, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. एम.के. पाण्डेय तथा भोजपुरी विभागाध्यक्ष प्रो. दिवाकर पाण्डेय ने संयुक्त रूप से किया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669213-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98845" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669213-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669213-650x488.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस अवसर पर ‘भिखारी ठाकुर के रचनन प कुछ बिचार, कुछ विमर्श : जुग संदर्भ में’ विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित हुआ। मुख्य वक्ता सत्यवती महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी प्राध्यापक डॉ. मुन्ना कुमार पाण्डेय ने कहा कि भिखारी ठाकुर भोजपुरी साहित्य और संस्कृति के प्रस्थान बिंदु हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669214-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98846" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669214-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669214-650x366.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उन्होंने कहा कि भिखारी ठाकुर की रचनाओं को किसी एक खांचे में डालकर या संकीर्ण जातीय दृष्टि से देखना उनके साहित्य का सही मूल्यांकन नहीं है। ‘बिदेसिया’ और ‘गबरघिचोर’ जैसी रचनाओं में आज के उत्तर आधुनिक विमर्श तक की झलक दिखाई देती है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669163-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98847" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669163-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669163-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669163-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p>डॉ. पाण्डेय ने भिखारी ठाकुर के साहित्य में नारीवादी दृष्टिकोण की चर्चा करते हुए उन्हें युगधर्मी कलाकार बताया। उन्होंने कहा कि कलाकार जाति और धर्म के बंधनों से ऊपर होता है। ऐसे में भिखारी ठाकुर की रचनाओं पर नई दृष्टि और नए विमर्श के साथ शोध की आवश्यकता है।</p>



<p><strong>भोजपुरी छात्रों के लिए नई पहल</strong></p>



<p>कार्यक्रम में आखर ट्रस्ट के संजय सिंह, मोहन श्रीवास्तव और नवीन कुमार ने ‘आखर गद्य लेखन प्रतियोगिता’ शुरू करने तथा आखर के सहयोग से भोजपुरी विभाग की डिजिटल पत्रिका प्रारंभ करने की घोषणा की। छात्रों को भोजपुरी में मौलिक लेखन के लिए प्रोत्साहित किया गया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="743" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669212-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98848" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669212-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669212-650x472.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>विभाग में नवनिर्मित महेंद्र मिश्र पुस्तकालय में छात्रों के लिए कई उपयोगी सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से भोजपुरी साहित्य के विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अध्ययन एवं शोध के नए संसाधन उपलब्ध होंगे।</p>



<p><strong>शोधार्थी रवि प्रकाश सूरज की पीएचडी मौखिकी</strong></p>



<p>कार्यक्रम के बाद शोधार्थी रवि प्रकाश सूरज की पीएचडी मौखिकी भी सम्पन्न हुई। ‘भोजपुरी आ छत्तीसगढ़ी लोकगथन के सामाजिक आ सांस्कृतिक अध्ययन’ विषय पर आधारित शोधकार्य प्रो. दिवाकर पाण्डेय के निर्देशन में पूरा किया गया। बाह्य परीक्षक दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. एम.के. पाण्डेय थे।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669215-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98850" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669215-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669215-650x366.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>रवि प्रकाश सूरज ने कहा कि भोजपुरी लोकगाथा मौखिक परंपरा की तेजी से विलुप्त होती विधाओं में से एक है। उनका शोध लोकगाथाओं के महत्व को समझने के साथ-साथ इनके संरक्षण और संवर्धन की दिशा में उपयोगी साबित होगा।</p>



<p>कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी, साहित्यकार और पत्रकार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। नीरज वर्मा, नवनीत राय, मुकेश कुमार, आनंद भूषण पांडेय, जितेंद्र कुमार, कृष्ण कुमार, नरेंद्र सिंह, दिनेश त्रिपाठी, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. संजय कुमार, डॉ. यशवंत कुमार सिंह, सोहित सिन्हा, ढूनमुन सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे।</p>



<p>भोजपुरी साहित्य के अध्ययन को पुस्तकालय, डिजिटल संसाधन और नए शोध-विमर्श से जोड़ने की यह पहल निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।</p>



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