आप भी देखिए BPSC PT का अपना रिजल्ट

BPSC ने 63वीं पीटी का रिजल्ट शनिवार को देर शाम घोषित कर दिया. इस परीक्षा में 90 हजार से ज्यादा छात्र शामिल हुए थे. जिनमें से कुल 4257 परीक्षार्थियों को सफलता मिली है. प्रारंभिक परीक्षा(PT)  का रिजल्ट देखने के लिए क्लिक करें- http://bpsc.bih.nic.in/Advt/Results-63rd-CCE(Pre).pdf बिहार लोक सेवा आयोग की 63वीं BPSC संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा 1 जुलाई 2018 को हुई थी. 355 पदों के लिए हुई परीक्षा में 4257 अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा के लिए क्वालीफाई किया है. जानकारी के मुताबिक मुख्य परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी. हालांकि मुख्य परीक्षा की तिथि अभी घोषित नहीं की गई है. इसके साथ ही बीपीएससी ने आंसर की भी जारी कर दिया है. आंसर की देखने के लिए क्लिक करें- http://bpsc.bih.nic.in/Advt/Final-Answer-Key-General-Studies-63CCE(pre).pdf 63वीं पीटी परीक्षा में जनरल कैटेगरी के लिए इस बार कट ऑफ 96 रहा है जबकि ओबीसी के लिए 84 रहा है. अन्य के लिए कट ऑफ कुछ इस तरह रहा है. पिछड़ा वर्ग- 93 अत्यंत पिछड़ा वर्ग- 88 SC- 84 ST-89 महिला(अनारक्षित)- 86 महिला (ओबीसी)- 73 महिला(अत्यंत पिछड़ा वर्ग)- 77 महिला(पिछड़ा वर्ग)- 84 महिला(अनुसूचित जनजाति)- 78 महिला(अनुसूचित जाति)- 73 पिछड़े वर्गों की महिला- 80 भूतपूर्व स्वतंत्रता सेनानियों के पोता-पोती, नाती-नतिनी- 81

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बीपीएससी अभ्यर्थी ध्यान दें, कितना रहेगा पीटी में कट ऑफ

63वीं BPSC PT परीक्षा में आज करंट अफेयर्स के प्रश्नों ने छात्रों को खूब छकाया. इस बार भी हर प्रश्न के पांच उत्तर दिए गए थे और पांचवां प्रश्न छात्रों को खूब कंफ्यूज कर रहा था. जैसी की उम्मीद थी, प्रश्नों के लेवल से साफ हो गया कि कट ऑफ पिछली बार की अपेक्षा ज्यादा हाई रहेगा. आज 63वी BPSC के पीटी में इतिहास से सबसे अधिक 42 प्रश्न थे जबकि साइंस से 20, करेन्ट, विविध तथा बिहार से 35 प्रश्न, राजनीति शास्त्र से 11 , अर्थशास्त्र से 15 प्रश्न, भूगोल से 17 और 10 प्रश्न गणित से थे. कुल मिलाकर प्रश्न बहुत कठिन नहीं थे लेकिन करेन्ट अफेयर्स के प्रश्न थोड़े कठिन थे. इस बारे में प्रतियोगी परीक्षा विशेषज्ञ डॉ रहमान ने बताया कि इस बार कट ऑफ पिछली बार की अपेक्षा ज्यादा रहने की संभावना है. उन्होंने कहा कि सामान्य का कट ऑफ 100 से 105 के बीच रहेगा. ओबीसी का 95 -100, ईबीसी का 90-95, महिला का 85-90, जबकि एससी एसटी का 80 -85 रहने की सम्भावना है. 63वीं बीपीएससी में कुल 355 पदों के लिए प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन हुआ है। मुख्य परीक्षा के लिए करीब 4000 रिजल्ट आने की संभावना है. राजेश तिवारी

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सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा–2018

नई दिल्ली/पटना (पीआईबी रिपोर्ट) | संघ लोक सेवा आयोग 03.06.2018 (रविवार) को पूरे भारत में सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा – 2018 का आयोजन करने जा रहा है. अब तक 50% से अधिक उम्मीदवार आयोग की वेबसाइट (https://www.upsc.gov.in) से अपना ई-प्रवेश पत्र डाउनलोड कर चुके हैं. जिन उम्मीदवारों ने अभी तक अपने ई-प्रवेश पत्र डाउनलोड नहीं किए हैं, उन्हें अंतिम समय की हड़बड़ी से बचने के लिए इसे तत्काल डाउनलोड कर लेने की सलाह दी जाती है. उम्मीदवारों को यह नोट कर लेना चाहिए कि परीक्षा के प्रारंभ होने के निर्धारित समय से 10 मिनट पहले ही अर्थात पूर्वाहन सत्र के लिए प्रातः 9:20 बजे और अपराहन सत्र में 2:20 बजे परीक्षा स्थलों पर प्रवेश बंद कर दिया जाएगा. प्रवेश बंद होने के उपरांत किसी भी उम्मीदवार को परीक्षा स्थल में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. उम्मीदवारों को यह भी नोट कर लेना चाहिए कि उनके ई-प्रवेश पत्र में उल्लिखित परीक्षा स्थल को छोड़कर उन्हें किसी अन्य परीक्षा स्थल पर परीक्षा में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

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दलितों को लुभाने की जुगत में नीतीश ने खेला बड़ा दांव

बिहार में बड़े वोट बैंक को लुभाने की कोशिश में सभी राजनीतिक दल एक-दूसरे को पछाड़ने में लगे हैं. इस बार सीएम नीतीश कुमार ने बड़ा दांव खेला है. मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में  बिहार के दलित छात्रों के लिए बड़ा फैसला लिया गया है. इसके मुताबिक बिहार सरकार UPSC और BPSC की प्रारंभिक परीक्षा (PT) में पास होने वाले SC और ST छात्रों को क्रमश: एक लाख और 50 हजार रुपये देगी. यही नहीं, SC-ST छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रहे छात्रों को 1000 रुपये प्रति महीने की दर से छात्रावास अनुदान का लाभ देने को भी मंजूरी दी गई है. बिहार कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए चीफ सेक्रेट्री अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि बैठक में 16 प्रस्तावों पर मुहर लगी है. बिहार कैबिनेट ने राज्य के सभी SC/ST के परिवारों को बिहार महादलित विकास मिशन की योजनाओं का लाभ देने की मंजूरी दे दी है. यानि अब पासवान जाति को भी महादलिय मिशन योजना का लाभ मिलेगा.   SC-ST छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को अब सरकार हर महीने 15 किलो अनाज(9 किलो चावल, 6 किलो गेहूं) देगी. बिहार में 178 ऐसे होस्टल हैं जिनमें करीब 12 हजार से भी ज्यादा विद्यार्थी रहते हैं. कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण फैसले- नालंदा के राजगीर मलमास मेला को राजकीय मेला का दर्ज शिक्षा वित्त मिगम को 100 करोड़ रूपये दिए जाएंगे. इससे स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत विद्यार्थियों को लोन मिल सकेगा.   राजेश तिवारी

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दूसरे फेज का इंटरव्यू 22 से

56 से 59 वीं बीपीएससी मेन्स में सफल अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी है. मेन्स के बाद इंटरव्यू का इंतजार कर रहे करीब 800 अभ्यर्थियों का सेकेंड फेज का इंटरव्यू 22 मई से 12 जुलाई के बीच होगा. इंटरव्यू का शेड्यूल 15 मई से आयोग की वेबसाइट पर ही उपलब्ध होगा. परीक्षार्थियों को इंटरव्यू का कॉल लेटर डाक से नहीं भेजा जाएगा. ये आयोग की वेबसाइट पर ही 15 मई से उपलब्ध हो जाएगा. कितनी रिक्तियां और कितने हैं प्रतियोगी- 56-59वीं मुख्य परीक्षा में कुल 1933 उम्मीदवार इंटरव्यू के लिए चुने गए हैं. लगभग 2 लाख उम्मीदवारों ने बीपीएससी आम संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा के लिए आवेदन किया था, जिसमें से 28308 उम्मीदवार मुख्य परीक्षा के लिए उतीर्ण हुए थे. बीपीएससी कॉमन कम्बाइंड मेन (लिखित) परीक्षा 8 जुलाई से 30 जुलाई 2016 तक आयोजित की गई थी. पहले फेज का इंटरव्यू हो चुका है जिसमें करीब 1200 अभ्यर्थियों का इंटरव्यू हो चुका है. अब बाकी बचे करीब 700 अभ्यर्थियों का इंटरव्यू होगा. 56-59वीं बीपीएससी में कुल पदों की संख्या 746 है.   राजेश तिवारी

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गर्मी का असर, देश के 91 प्रमुख जलाशयों में जलस्तर गिरा

देश के 91 प्रमुख जलाशयों के जलस्तर में दो प्रतिशत की कमी आई  12 अप्रैल, 2018 को समाप्त सप्ताह के दौरान देश के 91 प्रमुख जलाशयों में 40.857  बीसीएम (अरब घन मीटर) जल का संग्रहण आंका गया। यह इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 25 प्रतिशत है। यह 5 अप्रैल, 2018 को समाप्‍त समाप्‍त में 27 प्रतिशत पर था। 12 अप्रैल, 2018 को समाप्त हुए सप्ताह के अंत में यह पिछले वर्ष की इसी अवधि के कुल संग्रहण का 84 प्रतिशत तथा पिछले दस वर्षों के औसत जल संग्रहण का 90 प्रतिशत है। इन 91 जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता 161.993 बीसीएम है, जो समग्र रूप से देश की अनुमानित कुल जल संग्रहण क्षमता 257.812 बीसीएम का लगभग 63 प्रतिशत है। इन 91 जलाशयों में से 37 जलाशय ऐसे हैं जो 60 मेगावाट से अधिक की स्थापित क्षमता के साथ पनबिजली संबंधी लाभ देते हैं। क्षेत्रवार संग्रहण स्थिति  उत्तरी क्षेत्र उत्तरी क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश, पंजाब तथा राजस्थान आते हैं। इस क्षेत्र में 18.01 बीसीएम की कुल संग्रहण क्षमता वाले छह जलाशय हैं, जो केन्द्रीय जल आयोग (सीडब्यूसी) की निगरानी में हैं। इन जलाशयों में कुल उपलब्ध संग्रहण 3.62 बीसीएम है, जो इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 20 प्रतिशत है। पिछले वर्ष की इसी अवधि में इन जलाशयों की संग्रहण स्थिति 23 प्रतिशत थी। पिछले दस वर्षों का औसत संग्रहण इसी अवधि में इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 27 प्रतिशत था। इस तरह पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में चालू वर्ष में संग्रहण

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बीपीएससी ने आखिरकार दे ही दिया 56 वीं से 59 वीं मुख्य परीक्षा का रिजल्ट

लगभग 2 लाख उम्मीदवारों ने बीपीएससी आम संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा के लिए आवेदन किया था 1993 उम्मीदवारों ने साक्षात्कार के लिए उतीर्ण घोषित कुल रिक्तियां हैं 746 पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) । 56 वीं से 59 वें आम संयुक्त लिखित परीक्षा के लिए बीपीएससी मेन परिणाम बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट- bpsc.bih.nic.in पर घोषित किया है. 746 रिक्तियों के लिए कुल 1933 उम्मीदवारों साक्षात्कार के लिए चुने गए हैं. लगभग 2 लाख उम्मीदवारों ने बीपीएससी आम संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा के लिए आवेदन किया था, जिसमें से 28308 उम्मीदवार मुख्य परीक्षा के लिए उतीर्ण हुए थे. बीपीएससी कॉमन कम्बाइंड मेन (लिखित) परीक्षा 8 जुलाई से 30 जुलाई 2016 तक पटना में आयोजित की गई थी. जिन उम्मीदवारों ने भी इसके लिए आवेदन किया था और परिणाम का इंतजार कर रहे थे, वे नीचे दिए गए निर्देशों का पालन कर सकते हैं और उनके परिणाम की जांच कर सकते हैं: चरण 1 – आधिकारिक वेबसाइट http://bpsc.bih.nic.in पर जाएं चरण 2 – अधिसूचना पर क्लिक करें जहां लिखा है, “Results: 56th to 59th Common Combined Main (Written) Competitive Examination.” चरण 3 – अपने रोल नंबर के साथ CTRL + F और जांच लें कि क्या आप अगले दौर के लिए योग्य हैं. चरण 4 – परिणाम पीडीएफ डाउनलोड करें और आगे संदर्भ के लिए एक प्रिंटआउट लें. रिजल्ट इस लिंक से डायरेक्ट डाउनलोड करें  – http://www.bpsc.bih.nic.in/Advt/Results-56-59-Main-(Written).pdf

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सच्चे गांधीवादी तथा जाने-माने शिक्षाविद प्रो विनय कंठ नहीं रहे

सच्चे गांधीवादी तथा देश के जाने-माने शिक्षाविद प्रो विनय कंठ का सोमवार को दिल्ली में निधन हो गया. वे 66 साल के थे तथा लीवर प्रॉब्लम के कारण बीमार थे. करीब एक सप्ताह पहले उन्हें मस्तिष्काघात भी हुआ था. उन्हें दिल्ली के एस आर आई हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था जहां उन्होंने सोमवार दोपहर बाद अंतिम साँसें ली।दिल्ली के निगम बोध घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया. प्रो विनय कंठ पटना विश्वविद्यालय में गणित के प्रोफेसर थे. प्रो. कंठ ऐसे मनुष्य थे जिन्होंने अपना पूरा जीवन देश और समाज के लिए समर्पित कर दिया था. उन्होंने IRS (भारतीय रेलवे सेवा) में 5 वर्षों तक नौकरी करने के बाद इस्तीफा दे दिया था और फिर वह प्राध्यापक बन गए. उन्होंने 80 के दशक में UPSC, BPSC की तैयारी के लिए दिल्ली में एक संस्थान भी खोला था जिसमें पढ़कर देशभर के कई छात्र आईएएस और महत्वपूर्ण ऑफिसर पदों के लिए चुने गए. आज भी उनके पढाए छात्र देश भर में उच्च पदों पर आसीन है. 17 जुलाई 1951 को जन्मे प्रो० कंठ एक समाजसेवी तथा मानवाधिकार कार्यकर्त्ता भी थे. शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए पिछले साल बिहार सरकार ने राज्य के सबसे प्रतिष्ठित अबुल कलाम आजाद शिक्षा पुरस्कार से सम्मानित किया था. पटना नाउ टीम की ओर से उन्हें शत-शत नमन और अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि. (ब्यूरो रिपोर्ट)

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63वीं BPSC में 355 पदों के लिए करें आवेदन

BPSC ने 63वीं लोक सेवा परीक्षा के लिए विज्ञापन जारी कर दिया है. जैसी की संभावना थी, इस बार महज 355 सीटें हैं और अभ्यर्थियों को आवेदन ऑनलाइन करना है. रजिस्ट्रेशन 13 नवंबर से शुरू होगा जो 4 दिसंबर तक होगा. फॉर्म भरने की आखिरी तारीख 11 दिसंबर है जबकि भरे हुए आवेदन और चालान की कॉपी BPSC को भेजने की आखिरी तारीख 18 दिसंबर रखी गई है. पूरी जानकारी के लिए नीचे दिए गए लिंक को क्लिक करें- http://bpsc.bih.nic.in/Advt/63-CCE-(Pre)-Advt.pdf बता दें कि 56-59वीं BPSC मुख्य परीक्षा का परीक्षाफल इस महीने के आखिर तक आने की संभावना है.

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BPSC के खिलाफ कोर्ट जाएंगे अभ्यर्थी

BPSC के एक्सपेरिमेंट से PT में छात्र हुए परेशान  एक तो बेरोजगारी, उसपर से सरकार के रुख़ से व्यथित हैं युवा सरकारी नौकरी के मौके लगातार कम हो रहे सरकार की बेरुखी से डिप्रेशन में हैं छात्र अब तो जागिए सरकार शराबबंदी और दहेजबंदी से ज्यादा जरुरी है रोजगार कैसा लगता है जब आप परीक्षा की तैयारी करें और वैकेंसी ही ना आए. कैसा लगता है जब हर बार नेता रोजगार के अवसर देने का वायदा करके चुनाव जीतें और कुर्सी मिलते ही रोजगार शब्द से ही नाता तोड़ लें. इसका दर्द तो उन्हें ही पता होगा जिनके पास उम्र सीमा का बंधन हो और वक्त पर वैकेंसी ना आने के कारण वे बेरोजगार रह जाएं. शायद इसका अहसास भी आज किसी राजनीतिक पार्टी को नहीं है. क्योंकि आज रोजगार से बड़े मुद्दे जीएसटी, नोटबंदी, शराबबंदी और दहेजबंदी हैं. बिहार की बात करें तो BSSC जैसा आयोग एक-एक परीक्षा लेने में वर्षों लगा देता है.. और रिजल्ट तो भूल ही जाइए. वहीं BPSC एक साथ तीन-तीन बैकलॉग की परीक्षा (56-59वीं परीक्षा और 60-62वीं परीक्षा) लेता है. जिनका रिजल्ट आने में भी वर्षों लग जाते हैं. जरा सोचिए… जब तीन साल की परीक्षा एक साथ ली जा रही हो तो जाहिर है इस दौरान कई उम्मीदवारों की उम्रसीमा खत्म हो चुकी होती है या फिर उनके लिए  आखिरी अटेम्ट होता है. फिर भी अगर बीपीएससी जैसा आयोग पीटी परीक्षा में  बिना बताए एक्सपेरिमेंट(परीक्षा में 4 की बजाय 5 ऑप्सन दे) करे और रिजल्ट देने में भी कंजूसी करे तो अभ्यर्थी क्या

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