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		<title>भरत तिवारी के परिवार से मिलेंगे बाबा बागेश्वर!</title>
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		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 24 Jun 2026 03:26:35 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[एक बयान ने बदल दी पूरे आंदोलन की तस्वीर, सोशल मीडिया पर छाया भोजपुर सरेंडर के बाद गोली? बाबा बागेश्वर ने उठाए सवाल Patna Now Special reportआरा, 24 जून(ओ पी पाण्डेय). भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी मामले ने अब राष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चा छेड़ दी है. कथित पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी को लेकर देश के प्रसिद्ध कथावाचक और सनातन धर्म के प्रचारक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बाबा बागेश्वर) का बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो के सामने आने के बाद पूरे बिहार में इस मामले को लेकर बहस और तेज हो गई है. अपने वीडियो संदेश में बाबा बागेश्वर ने कहा,&#8220;बिहार का एक बालक जो हिंदुओं के लिए लड़ता था, सनातनियों के लिए लड़ता था, उसका नाम भरत तिवारी था। प्रशासन ने सरेंडर करने के बाद उसके ऊपर गोली चलाई, यह भी हमें पता है. इसकी जांच होनी चाहिए. अगर वह कोई अपराधी था तो उसे न्यायपालिका से दंड मिलना चाहिए था. जो हुआ उसकी विशेष स्तर पर मुख्यमंत्री और सरकार की ओर से जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी के साथ ऐसा न हो. भरत तिवारी के परिवार को हम आशीर्वाद देते हैं और भविष्य में उनके परिवार से मिलेंगे भी, अगर भगवान ने चाहा&#8230;&#8221; बाबा बागेश्वर के इस बयान ने मामले को नया आयाम दे दिया है. एक ओर जहां बिहार मानवाधिकार आयोग ने इस पूरे प्रकरण का संज्ञान लेते हुए उच्च अधिकारियों से जवाब तलब किया है, वहीं दूसरी ओर अब देशभर के सनातन संगठनों और [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>एक बयान ने बदल दी पूरे आंदोलन की तस्वीर, सोशल मीडिया पर छाया भोजपुर</strong><br><br><strong>सरेंडर के बाद गोली? बाबा बागेश्वर ने उठाए सवाल</strong></p>



<p class="has-black-color has-text-color has-link-color wp-elements-4418b5400f783341e47847661cf60d74">Patna Now Special report<br>आरा, 24 जून(<strong>ओ पी पाण्डेय</strong>). भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी मामले ने अब राष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चा छेड़ दी है. कथित पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी को लेकर देश के प्रसिद्ध कथावाचक और सनातन धर्म के प्रचारक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बाबा बागेश्वर) का बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो के सामने आने के बाद पूरे बिहार में इस मामले को लेकर बहस और तेज हो गई है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="720" height="548" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001440481.jpg" alt="" class="wp-image-97263" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001440481.jpg 720w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001440481-650x495.jpg 650w" sizes="(max-width: 720px) 100vw, 720px" /></figure>



<p class="has-black-color has-text-color has-link-color wp-elements-ad9b6b6995d6e2f61cbb1a1e62537592">अपने वीडियो संदेश में बाबा बागेश्वर ने कहा,<br><em>&#8220;बिहार का एक बालक जो हिंदुओं के लिए लड़ता था, सनातनियों के लिए लड़ता था, उसका नाम भरत तिवारी था। प्रशासन ने सरेंडर करने के बाद उसके ऊपर गोली चलाई, यह भी हमें पता है. इसकी जांच होनी चाहिए. अगर वह कोई अपराधी था तो उसे न्यायपालिका से दंड मिलना चाहिए था. जो हुआ उसकी विशेष स्तर पर मुख्यमंत्री और सरकार की ओर से जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी के साथ ऐसा न हो. भरत तिवारी के परिवार को हम आशीर्वाद देते हैं और भविष्य में उनके परिवार से मिलेंगे भी, अगर भगवान ने चाहा&#8230;&#8221;</em></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="1009" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001437786-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97265" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001437786-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001437786-650x640.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p class="has-black-color has-text-color has-link-color wp-elements-c6153ce11557e62c18fc74876dd9fa89">बाबा बागेश्वर के इस बयान ने मामले को नया आयाम दे दिया है. एक ओर जहां बिहार मानवाधिकार आयोग ने इस पूरे प्रकरण का संज्ञान लेते हुए उच्च अधिकारियों से जवाब तलब किया है, वहीं दूसरी ओर अब देशभर के सनातन संगठनों और सामाजिक समूहों की नजर भोजपुर पर टिक गई है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001440514-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97264" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001440514-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001440514-650x433.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p class="has-black-color has-text-color has-link-color wp-elements-a5491bdf91456c9f4cc6c30bdc183c6c">उधर, भरत तिवारी के सम्मान में जवइनियां विस्थापितों के आवासीय स्थल का नामकरण <strong>&#8220;शहीद भरत नगर जवइनियां&#8221;</strong> कर दिया गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि भरत तिवारी ने विस्थापित परिवारों के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई को आवाज दी थी, इसलिए उनकी स्मृति को हमेशा जीवित रखा जाएगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="880" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001439690-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97259" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001439690-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001439690-650x558.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001439690-350x300.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001439690-1536x1320.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001439690-2048x1759.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p class="has-black-color has-text-color has-link-color wp-elements-6f83a564b1264faa766ae07d76b37db4">सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और मानवाधिकार आयोग की कार्रवाई के बाद आज आयोजित महापंचायत को लेकर उत्साह चरम पर है. लोगों का मानना है कि यह केवल एक व्यक्ति को न्याय दिलाने की लड़ाई नहीं, बल्कि व्यवस्था के प्रति जवाबदेही तय करने और समाज की आवाज को बुलंद करने का आंदोलन बन चुका है.<br><br>अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बाबा बागेश्वर कब भरत तिवारी के परिवार से मुलाकात करते हैं और इस मामले में आगे क्या नया मोड़ आता है. हालांकि भारत तिवारी के फर्जी एनकाउंटर की चर्चा आज देश में ही बल्कि विश्व के कई देशों तक गूंज रही है जहां लोग पुलिस के कार्य शैली पर स्तब्ध हैं लेकिन फिलहाल, इस वायरल वीडियो ने भरत तिवारी के नाम को बिहार की सीमाओं से निकालकर राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बना दिया है.</p>
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		<title>भरत तिवारी के बलिदान को मिली नई पहचान, महापंचायत आज</title>
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		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 24 Jun 2026 01:42:32 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[विस्थापितों की धरती अब कहलाएगी &#8220;शहीद भरत नगर जवइनियां&#8221; आरा,24 जून। न्याय की लड़ाई में अपनी जान गंवाने वाले भरत तिवारी की स्मृति को चिरस्थायी बनाने की दिशा में युवा परिवर्तन फाउंडेशन, शाहपुर ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। जिस जवइनियां के विस्थापितों के हक और सम्मान की लड़ाई के लिए भरत तिवारी ने संघर्ष किया और जहां उन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, उस स्थल का नामकरण अब &#8220;शहीद भरत नगर जवइनियां&#8221; कर दिया गया है। इस अवसर पर वहां एक स्मृति बोर्ड भी स्थापित किया गया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि भरत तिवारी का बलिदान केवल एक परिवार या गांव की पीड़ा नहीं, बल्कि न्याय, अधिकार और जनसंघर्ष की एक ऐसी कहानी है जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज के लिए अपने संघर्षशील नायकों को याद रखना और उनके सपनों को आगे बढ़ाना सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होती है। इस अवसर पर समाजसेवी सरोज त्रिपाठी, सामाजिक कार्यकर्ता रमेश कुमार सुदामा, युवा नेता सौरभ पाण्डेय, पंकज तिवारी, मुन्ना तिवारी, अभिषेक ओझा सहित युवा परिवर्तन फाउंडेशन के सदस्य मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि भरत तिवारी के सपनों और मांगों को पूरा कराने तक यह संघर्ष जारी रहेगा। वक्ताओं का कहना था कि जनता की एकजुटता ही संघर्ष को सफलता तक पहुंचाने की सबसे बड़ी ताकत है। कार्यक्रम का समापन भरत तिवारी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए हुआ। उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा और न्याय की आवाज को लगातार बुलंद [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>विस्थापितों की धरती अब कहलाएगी &#8220;शहीद भरत नगर जवइनियां&#8221;</strong><br><br>आरा,24 जून। न्याय की लड़ाई में अपनी जान गंवाने वाले भरत तिवारी की स्मृति को चिरस्थायी बनाने की दिशा में युवा परिवर्तन फाउंडेशन, शाहपुर ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। जिस जवइनियां के विस्थापितों के हक और सम्मान की लड़ाई के लिए भरत तिवारी ने संघर्ष किया और जहां उन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, उस स्थल का नामकरण अब &#8220;शहीद भरत नगर जवइनियां&#8221; कर दिया गया है। इस अवसर पर वहां एक स्मृति बोर्ड भी स्थापित किया गया।<br><br>कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि भरत तिवारी का बलिदान केवल एक परिवार या गांव की पीड़ा नहीं, बल्कि न्याय, अधिकार और जनसंघर्ष की एक ऐसी कहानी है जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज के लिए अपने संघर्षशील नायकों को याद रखना और उनके सपनों को आगे बढ़ाना सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होती है।</p>



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<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="880" data-id="97259" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001439690-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97259" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001439690-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001439690-650x558.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001439690-350x300.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001439690-1536x1320.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001439690-2048x1759.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>
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<p>इस अवसर पर समाजसेवी सरोज त्रिपाठी, सामाजिक कार्यकर्ता रमेश कुमार सुदामा, युवा नेता सौरभ पाण्डेय, पंकज तिवारी, मुन्ना तिवारी, अभिषेक ओझा सहित युवा परिवर्तन फाउंडेशन के सदस्य मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि भरत तिवारी के सपनों और मांगों को पूरा कराने तक यह संघर्ष जारी रहेगा। वक्ताओं का कहना था कि जनता की एकजुटता ही संघर्ष को सफलता तक पहुंचाने की सबसे बड़ी ताकत है। कार्यक्रम का समापन भरत तिवारी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए हुआ। उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा और न्याय की आवाज को लगातार बुलंद किया जाएगा।<br><br>वक्ताओं ने क्षेत्रवासियों से आह्वान किया कि न्याय की इस लड़ाई को मजबूत बनाने के लिए आयोजित होने वाली महापंचायत में बड़ी संख्या में भाग लें। 24 जून को होने वाले महापंचायत में न सिर्फ राज्य बल्कि देश के कोने कोने से लोगों का जुटान होने वाला है। दिलचस्प बात यह है कि महापंचायत में जुटने वाले लोग ही तय करेंगे भारत तिवारी के न्याय की रणनीति। सामाजिक कार्यकर्ता भरत तिवारी के फर्जी एनकाउंटर में हत्या के बाद देश लोकतंत्र के हत्यारों को कठोर सजा दिलाने के लिए उबल रहा है।</p>



<p>आरा से <strong>ओ पी पाण्डेय</strong> की रिपोर्ट</p>
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		<title>भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर केस में बड़ा एक्शन!</title>
		<link>https://www.patnanow.com/97240-2/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 23 Jun 2026 09:56:31 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मानवाधिकार आयोग ने DGP, मुख्य सचिव और SP को भेजा नोटिस पटना/आरा,23 जून: भोजपुर के चर्चित भरत भूषण तिवारी कथित एनकाउंटर मामले में अब बड़ा मोड़ आ गया है। बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग (BHRC) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वतः संज्ञान लिया है और बिहार के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP) तथा भोजपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। क्या आत्मसमर्पण के बाद मारी गई गोली? मानवाधिकार आयोग में दाखिल शिकायत में पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी 32 वर्षीय भरत भूषण तिवारी ने कथित मुठभेड़ से पहले पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने उन पर गोली चला दी, जिससे उनकी मौत हो गई। यदि यह आरोप सही साबित होता है तो यह केवल एक कथित फर्जी एनकाउंटर नहीं, बल्कि कानून और मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला बन सकता है।जिसके बाद एकाउंटर में शामिल सभी पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस और उससे संबंधित कठिन सजा हो सकती है। यही नहीं जांच में यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि किसके कहने पर यह एनकाउंटर किया गया। रिटायर्ड जज की निगरानी में जांच की मांग शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की जांच किसी अवकाश प्राप्त न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग की है। साथ ही कथित एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने, कानूनी कार्रवाई करने, पीड़ित परिवार को मुआवजा देने और सुरक्षा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>मानवाधिकार आयोग ने DGP, मुख्य सचिव और SP को भेजा नोटिस</strong></p>



<p><strong>पटना/आरा,23 जून:</strong> भोजपुर के चर्चित भरत भूषण तिवारी कथित एनकाउंटर मामले में अब बड़ा मोड़ आ गया है। बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग (BHRC) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वतः संज्ञान लिया है और बिहार के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP) तथा भोजपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।</p>



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<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" data-id="97242" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001437822-scaled.png" alt="" class="wp-image-97242" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001437822-scaled.png 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001437822-650x433.png 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>
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<h2 class="wp-block-heading"><strong>क्या आत्मसमर्पण के बाद मारी गई गोली?</strong></h2>



<p>मानवाधिकार आयोग में दाखिल शिकायत में पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी 32 वर्षीय भरत भूषण तिवारी ने कथित मुठभेड़ से पहले पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने उन पर गोली चला दी, जिससे उनकी मौत हो गई।</p>



<p>यदि यह आरोप सही साबित होता है तो यह केवल एक कथित फर्जी एनकाउंटर नहीं, बल्कि कानून और मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला बन सकता है।जिसके बाद एकाउंटर में शामिल सभी पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस और उससे संबंधित कठिन सजा हो सकती है। यही नहीं जांच में यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि किसके कहने पर यह एनकाउंटर किया गया।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>रिटायर्ड जज की निगरानी में जांच की मांग</strong></h2>



<p>शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की जांच किसी अवकाश प्राप्त न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग की है। साथ ही कथित एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने, कानूनी कार्रवाई करने, पीड़ित परिवार को मुआवजा देने और सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई गई है।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>मानवाधिकार आयोग का सख्त रुख</strong></h2>



<p>आयोग ने स्पष्ट कहा है कि शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया संज्ञान लेने योग्य हैं। आयोग यह जानना चाहता है कि कथित मुठभेड़ के दौरान निर्धारित कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं।</p>



<p>आयोग के इस कदम के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस मामले की दिशा तय कर सकती है। बताते चलें कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को परिवार की ओर से भारत भूषण तिवारी के फर्जी एनकाउंटर की जांच और दोषियों को कठोरतम सजा के लिए आवेदन भेजा गया था।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>13 जुलाई को होगी अगली सुनवाई</strong></h2>



<p>मानवाधिकार आयोग ने मामले की अगली सुनवाई <strong>13 जुलाई 2026</strong> को निर्धारित की है। आयोग के समक्ष आने वाली जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।</p>



<p><strong>अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह वास्तविक मुठभेड़ थी या आत्मसमर्पण के बाद हुई एक कथित गैरकानूनी कार्रवाई? वैसे सोशल मीडिया पर वायरल विडियो से यह तो स्पष्ट दिख रहा है कि किस तरह से भरत तिवारी ने आत्म समर्पण किया और उसके बाद पुलिस ने उसे गोली मार कर हत्या कर दी। अब देखना यह होगा कि  आने वाली जांच रिपोर्ट के बाद क्या सच को न्याय मिल पाता है या नहीं।</strong></p>



<p></p>
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		<item>
		<title>बिलौटी पहुंचे तेजस्वी के जांच दूत</title>
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		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 22 Jun 2026 02:33:46 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भरत तिवारी की मौत फर्जी इनकाउंटर, दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई &#8211; राजद राजद जांच समिति ने परिजनों से की मुलाकात, एक करोड़ मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग आरा/शाहपुर, 22 जून। भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र स्थित बिलौटी गांव में कथित फर्जी पुलिस मुठभेड़ में मारे गए भरत तिवारी के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव के निर्देश पर गठित राष्ट्रीय जनता दल की उच्चस्तरीय जांच समिति सोमवार को बिलौटी पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए पीड़ित परिवार तथा ग्रामीणों से मुलाकात की। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं राजद के वरिष्ठ नेता उदय नारायण चौधरी के नेतृत्व में पहुंचे जांच दल ने घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली। परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों से बातचीत के बाद समिति ने मामले को बेहद गंभीर बताते हुए स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। &#8220;साक्ष्य बता रहे हैं, यह फर्जी इनकाउंटर है&#8221;मीडिया से बातचीत में उदय नारायण चौधरी ने कहा कि प्रथम दृष्टया उपलब्ध तथ्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और स्थानीय लोगों की जानकारी से यह मामला फर्जी पुलिस मुठभेड़ का प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी नागरिक के जीवन की सुरक्षा राज्य की जिम्मेदारी है और यदि पुलिस द्वारा अधिकारों का दुरुपयोग किया गया है तो दोषी अधिकारियों एवं कर्मियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजद जांच समिति सभी तथ्यों को संकलित कर विस्तृत रिपोर्ट नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को सौंपेगी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए पार्टी हर स्तर पर संघर्ष करेगी। [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>भरत तिवारी की मौत फर्जी इनकाउंटर, दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई &#8211; राजद</strong></p>



<p><strong>राजद जांच समिति ने परिजनों से की मुलाकात, एक करोड़ मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग</strong><br><br><strong>आरा/शाहपुर, 22 जून।</strong> भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र स्थित बिलौटी गांव में कथित फर्जी पुलिस मुठभेड़ में मारे गए भरत तिवारी के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव के निर्देश पर गठित राष्ट्रीय जनता दल की उच्चस्तरीय जांच समिति सोमवार को बिलौटी पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए पीड़ित परिवार तथा ग्रामीणों से मुलाकात की।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001433324-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97224" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001433324-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001433324-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001433324-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p><br><br>पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं राजद के वरिष्ठ नेता <strong>उदय नारायण चौधरी</strong> के नेतृत्व में पहुंचे जांच दल ने घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली। परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों से बातचीत के बाद समिति ने मामले को बेहद गंभीर बताते हुए स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।<br><br><strong>&#8220;साक्ष्य बता रहे हैं, यह फर्जी इनकाउंटर है&#8221;</strong><br>मीडिया से बातचीत में उदय नारायण चौधरी ने कहा कि प्रथम दृष्टया उपलब्ध तथ्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और स्थानीय लोगों की जानकारी से यह मामला फर्जी पुलिस मुठभेड़ का प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी नागरिक के जीवन की सुरक्षा राज्य की जिम्मेदारी है और यदि पुलिस द्वारा अधिकारों का दुरुपयोग किया गया है तो दोषी अधिकारियों एवं कर्मियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001433323-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97225" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001433323-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001433323-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001433323-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p><br><br>उन्होंने कहा कि राजद जांच समिति सभी तथ्यों को संकलित कर विस्तृत रिपोर्ट नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को सौंपेगी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए पार्टी हर स्तर पर संघर्ष करेगी।<br><br><strong>राजद की बड़ी मांगें</strong><br>जांच समिति ने राज्य सरकार से मांग की कि मामले की न्यायिक अथवा उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच कराई जाए तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए। समिति ने मृतक के परिजनों को <strong>एक करोड़ रुपये मुआवजा</strong> और परिवार के एक सदस्य को <strong>सरकारी नौकरी</strong> देने की भी मांग उठाई।<br><br>राजद नेताओं ने कहा कि कानून-व्यवस्था के नाम पर किसी निर्दोष व्यक्ति के संवैधानिक अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। पार्टी गरीब, शोषित और वंचित लोगों के अधिकारों की लड़ाई आगे भी लड़ती रहेगी।<br><br><br><strong>कोइलवर में शहीद दानिश के घर भी पहुंचा राजद प्रतिनिधिमंडल</strong><br>बिलौटी दौरे के बाद राजद नेताओं का शिष्टमंडल कोइलवर पहुंचा, जहां हाल ही में विमान दुर्घटना में शहीद हुए एयरफोर्स जवान <strong>दानिश</strong> के परिजनों से मुलाकात की गई। प्रतिनिधिमंडल ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया।<br><br><strong>ये नेता रहे मौजूद</strong><br>जांच दल में पूर्व विधायक विजयेंद्र यादव, राम विशुन सिंह उर्फ लोहिया, मो. नवाज आलम उर्फ अनवर आलम, अरुण यादव, विधान पार्षद सोनू राय, युवा राजद प्रदेश अध्यक्ष राजेश यादव, जिलाध्यक्ष वीरबल यादव, बड़हरा के पूर्व प्रत्याशी रामबाबू सिंह, प्रदेश प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी, प्रदेश महासचिव मनोज सिंह, युवा राजद जिलाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार सहित कई वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता शामिल रहे।<br><br><br></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>मधुबनी के बाद अब पीड़िया की बारी, भोजपुर की लोककला को मिला वैश्विक मंच</title>
		<link>https://www.patnanow.com/three-local-art-got-gitag-including-bhojouri-pidiya/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 15 Jun 2026 02:27:10 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भोजपुरी भाषा को अब भी इंतजार, लेकिन भोजपुरी संस्कृति ने मारी बाजी: भोजपुर की पीड़िया पेंटिंग को मिला GI टैग बिहार के तीन कलाओं को मिला GI टैग, भोजपुर की पीड़िया भी शामिल आरा/पटना,15 जून(ओ पी पाण्डेय)। भोजपुरी भाषा को आज भी संविधान की आठवीं अनुसूची में स्थान मिलने का इंतजार है, लेकिन भोजपुरी संस्कृति ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। भोजपुर की पारंपरिक पीड़िया पेंटिंग को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग मिल गया है। यह केवल एक कला शैली को मिली मान्यता नहीं, बल्कि भोजपुरी अस्मिता, लोक परंपरा और उन कलाकारों के दशकों लंबे संघर्ष की जीत है, जिन्होंने इस विरासत को जीवित रखा। नाबार्ड और बिहार सरकार के प्रयासों से बिहार के तीन पारंपरिक उत्पादों एवं कला शैलियों को GI टैग मिला है। इनमें भोजपुर की पीड़िया पेंटिंग के अलावा नालंदा की बावन बूटी और गया की पत्थरकट्टी शिल्पकला भी शामिल हैं। हालांकि इन तीनों में सबसे खास चर्चा भोजपुरी अंचल की पीड़िया पेंटिंग को लेकर है, क्योंकि यह पहली बार है जब भोजपुरी सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ी किसी चित्रकला शैली को इस तरह की राष्ट्रीय पहचान मिली है। सर्जना न्यास की पहल बनी आधार जानकारों के अनुसार पीड़िया पेंटिंग को GI टैग दिलाने की प्रक्रिया में आरा की सांस्कृतिक संस्था सर्जना न्यास की भूमिका महत्वपूर्ण रही। लगभग एक वर्ष पूर्व संस्था द्वारा पीड़िया शैली से जुड़े चित्र, दस्तावेज, ऐतिहासिक संदर्भ और आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराई गई थीं, जिसने GI पंजीकरण की प्रक्रिया को मजबूती प्रदान की। सर्जना न्यास विश्व रिकॉर्डधारी चित्रकार संजीव सिन्हा की संस्था है। [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>भोजपुरी भाषा को अब भी इंतजार, लेकिन भोजपुरी संस्कृति ने मारी बाजी: भोजपुर की पीड़िया पेंटिंग को मिला GI टैग</strong></p>



<p><strong>बिहार के तीन कलाओं को मिला GI टैग, भोजपुर की पीड़िया भी शामिल</strong></p>



<p><strong>आरा/पटना,15 जून(ओ पी पाण्डेय)। </strong>भोजपुरी भाषा को आज भी संविधान की आठवीं अनुसूची में स्थान मिलने का इंतजार है, लेकिन भोजपुरी संस्कृति ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। भोजपुर की पारंपरिक <strong>पीड़िया पेंटिंग</strong> को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग मिल गया है। यह केवल एक कला शैली को मिली मान्यता नहीं, बल्कि भोजपुरी अस्मिता, लोक परंपरा और उन कलाकारों के दशकों लंबे संघर्ष की जीत है, जिन्होंने इस विरासत को जीवित रखा।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="664" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001411294-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97106" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001411294-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001411294-650x421.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>नाबार्ड और बिहार सरकार के प्रयासों से बिहार के तीन पारंपरिक उत्पादों एवं कला शैलियों को GI टैग मिला है। इनमें भोजपुर की पीड़िया पेंटिंग के अलावा नालंदा की बावन बूटी और गया की पत्थरकट्टी शिल्पकला भी शामिल हैं। हालांकि इन तीनों में सबसे खास चर्चा भोजपुरी अंचल की पीड़िया पेंटिंग को लेकर है, क्योंकि यह पहली बार है जब भोजपुरी सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ी किसी चित्रकला शैली को इस तरह की राष्ट्रीय पहचान मिली है।</p>



<figure class="wp-block-gallery has-nested-images columns-default is-cropped wp-block-gallery-3 is-layout-flex wp-block-gallery-is-layout-flex">
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="794" height="1024" data-id="97100" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001407029-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97100" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001407029-scaled.jpg 794w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001407029-504x650.jpg 504w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001407029-1191x1536.jpg 1191w" sizes="auto, (max-width: 794px) 100vw, 794px" /></figure>
</figure>



<p><br><br><strong>सर्जना न्यास की पहल बनी आधार</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="456" height="652" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001411296.jpg" alt="" class="wp-image-97105" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001411296.jpg 456w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001411296-455x650.jpg 455w" sizes="auto, (max-width: 456px) 100vw, 456px" /></figure>



<p><br>जानकारों के अनुसार पीड़िया पेंटिंग को GI टैग दिलाने की प्रक्रिया में आरा की सांस्कृतिक संस्था <strong>सर्जना न्यास</strong> की भूमिका महत्वपूर्ण रही। लगभग एक वर्ष पूर्व संस्था द्वारा पीड़िया शैली से जुड़े चित्र, दस्तावेज, ऐतिहासिक संदर्भ और आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराई गई थीं, जिसने GI पंजीकरण की प्रक्रिया को मजबूती प्रदान की। सर्जना न्यास विश्व रिकॉर्डधारी चित्रकार <strong>संजीव सिन्हा</strong> की संस्था है। संजीव सिन्हा पिछले लगभग 30 वर्षों से भोजपुरी पेंटिंग और उसकी विशिष्ट लोक शैलियों पर निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने भोजपुरी समाज के लोकगीत, लोककथाओं, विवाह संस्कारों, पर्व-त्योहारों, कृषि संस्कृति और ग्रामीण जीवन को अपनी चित्रकला के माध्यम से देश और विदेश तक पहुंचाया है।<br><br><strong>दीवारों से निकलकर दुनिया तक पहुंचेगी पीड़िया</strong></p>



<figure class="wp-block-gallery has-nested-images columns-default is-cropped wp-block-gallery-4 is-layout-flex wp-block-gallery-is-layout-flex">
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="675" data-id="97101" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001407026-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97101" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001407026-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001407026-650x429.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001407026-1536x1013.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>
</figure>



<p>भोजपुर क्षेत्र में पीड़िया पेंटिंग सदियों से महिलाओं द्वारा बनाई जाती रही है। यह पेंटिंग बहनों द्वारा भाई की लंबी आयु के लिए 15 दिनों तक दीवार पर बनाने का एक उत्सव है। यह केवल चित्र नहीं, बल्कि लोक स्मृति का दस्तावेज है। इसमें परिवार, रिश्ते, प्रकृति, कृषि, लोकदेवताओं और सामाजिक जीवन की झलक दिखाई देती है। गांवों की मिट्टी की दीवारों पर उकेरी जाने वाली यह कला अब वैश्विक बाजार और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचने की तैयारी में है।<br><br><strong>अब सिर्फ मधुबनी नहीं, बिहार की और भी पहचानें</strong><br>अब तक बिहार की कला का पर्याय लगभग मधुबनी पेंटिंग को ही माना जाता रहा है। GI टैग मिलने के बाद पीड़िया पेंटिंग और गया की पत्थरकट्टी शिल्पकला भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बनाएंगी।<br><br><strong>नालंदा की बावन बूटी</strong> हाथकरघे पर बुनी जाने वाली एक विशिष्ट वस्त्रकला है, जिसमें 52 प्रकार के बौद्ध एवं सांस्कृतिक प्रतीकों को बुना जाता है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="761" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001411313-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97107" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001411313-scaled.jpg 761w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001411313-483x650.jpg 483w" sizes="auto, (max-width: 761px) 100vw, 761px" /></figure>



<p>वहीं <strong>गया की पत्थरकट्टी शिल्पकला</strong> अपनी बारीक नक्काशी और काले ग्रेनाइट पत्थरों से निर्मित मूर्तियों के लिए देशभर में प्रसिद्ध है।<br><br><strong>रोजगार और पहचान दोनों बढ़ेंगे</strong><br>विशेषज्ञों का मानना है कि GI टैग मिलने के बाद पीड़िया पेंटिंग से जुड़े कलाकारों, विशेषकर ग्रामीण महिलाओं और लोक चित्रकारों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। इससे न केवल कला का संरक्षण होगा, बल्कि कलाकारों की आय और बाजार तक पहुंच भी बढ़ेगी।<br><br><strong>यह शुरुआत है, मंजिल नहीं : संजीव सिन्हा</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="799" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001410057-1-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97104" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001410057-1-scaled.jpg 799w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001410057-1-507x650.jpg 507w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001410057-1-1198x1536.jpg 1198w" sizes="auto, (max-width: 799px) 100vw, 799px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="328" height="480" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001409961.jpg" alt="" class="wp-image-97103" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="799" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001410057-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97102" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001410057-scaled.jpg 799w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001410057-507x650.jpg 507w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1001410057-1198x1536.jpg 1198w" sizes="auto, (max-width: 799px) 100vw, 799px" /></figure>



<p>चित्रकार संजीव सिन्हा का कहना है कि GI टैग मिलना एक बड़ी उपलब्धि जरूर है, लेकिन असली चुनौती अब शुरू होती है। जरूरत इस बात की है कि पीड़िया पेंटिंग को देश और दुनिया के बाजार तक पहुंचाया जाए, कलाकारों को प्रशिक्षित किया जाए और इस कला को नई पीढ़ी से जोड़ा जाए।</p>



<p>इस प्रक्रिया में मुख्य रूप से नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक गौतम कुमार सिंह, भोजपुर के पुर्व प्रबंधक रंजीत सिन्हा, और जीआई पंजीकरण की प्रक्रिया में ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन (HWA), वाराणसी के महासचिव, पद्मश्री डॉ. रजनीकांत जी जिन्होंने कानूनी प्रक्रिया और दस्तावेजी करण में सहायता की। इसके साथ ही सर्जना न्यास से जुड़े कलाकारों, सहयोगीयो, शुभचिंतकों की भूमिका अहम रही।</p>



<p>भोजपुरी भाषा को भले ही अब तक संवैधानिक मान्यता नहीं मिली हो, लेकिन पीड़िया पेंटिंग को मिला GI टैग यह साबित करता है कि भोजपुरी संस्कृति की जड़ें कितनी गहरी, समृद्ध और वैश्विक महत्व की हैं। यह उपलब्धि केवल भोजपुर की नहीं, बल्कि पूरे भोजपुरी समाज की सांस्कृतिक जीत है। इस खबर के बाद लगभग सभी कला के विधाओं के कलाकारों, साहित्यकारों और सांस्कृति कर्मियों के खुशी की लहर है वे सभी एक दूसरे को बधाई दे रहे हैं वही चित्रकार कमलेश कुंदन, सुरेश पाण्डेय,रौशन राय, मीरा, खुशबू,अमन सहित कई लोगों ने इसे कलाकारों के मेहनत की जीत बताया है और संजीव सिन्हा के इस प्रयास की प्रशंसा की है।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>सोनू राय की जीत का ‘यंग स्ट्रैटेजिस्ट !</title>
		<link>https://www.patnanow.com/stretegist-of-sonu-rai/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 16 May 2026 15:00:01 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[बड़े नेताओं के बीच इस युवा चेहरे ने खींचा सबका ध्यानआरा, 16 मई (ओ पी पाण्डेय). बक्सर-भोजपुर विधान परिषद उपचुनाव में राजद प्रत्याशी की ऐतिहासिक जीत के बाद अब एक युवा चेहरा राजनीतिक गलियारों में तेजी से चर्चा का केंद्र बन गया है। यह चेहरा है राष्ट्रीय जनता दल के भोजपुर जिला प्रवक्ता का, जिन्होंने चुनाव के दौरान हर मोर्चे पर अपनी सक्रियता, रणनीति और मैनेजमेंट क्षमता से सबका ध्यान अपनी ओर खींचा. भोजपुर की राजनीति में आमतौर पर बड़े और अनुभवी नेताओं का दबदबा माना जाता है, लेकिन इस चुनाव में आलोक रंजन ने जिस परिपक्वता और संयम के साथ अपनी भूमिका निभाई, उसने उन्हें युवाओं के बीच ही नहीं बल्कि वरिष्ठ नेताओं के बीच भी खास पहचान दिलाई. शांत स्वभाव, तथ्यों के साथ बात रखने की कला और संगठनात्मक पकड़ के कारण वे लगातार चर्चा में बने हुए हैं. पूर्व में राजद छात्र प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुके आलोक रंजन लंबे समय से संगठनात्मक राजनीति में सक्रिय हैं। यही वजह रही कि विधान परिषद चुनाव में बूथ मैनेजमेंट से लेकर जनसंपर्क अभियान, सोशल मीडिया कैंपेन, कंटेंट निर्माण और नेताओं के बीच समन्वय तक, लगभग हर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी में उनकी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। चुनाव के दौरान राजद के कई दिग्गज नेताओं- पूर्व विधान पार्षद लालदास राय, पूर्व विधायक विजयेंद्र यादव, रामविशुन सिंह उर्फ लोहिया, अरुण यादव, हाकिम प्रसाद, वीरबल यादव, मुकेश यादव, अदीब रिजवी, लालबिहारी सिंह सहित अन्य कई अनुभवी नेताओं के बीच आलोक रंजन की मौजूदगी लगातार महसूस की गई। राजनीतिक हलकों में चर्चा है [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>बड़े नेताओं के बीच इस युवा चेहरे ने खींचा सबका ध्यान</strong><br><strong>आरा, 16 मई (ओ पी पाण्डेय). </strong>बक्सर-भोजपुर विधान परिषद उपचुनाव में राजद प्रत्याशी की ऐतिहासिक जीत के बाद अब एक युवा चेहरा राजनीतिक गलियारों में तेजी से चर्चा का केंद्र बन गया है। यह चेहरा है राष्ट्रीय जनता दल के भोजपुर जिला प्रवक्ता का, जिन्होंने चुनाव के दौरान हर मोर्चे पर अपनी सक्रियता, रणनीति और मैनेजमेंट क्षमता से सबका ध्यान अपनी ओर खींचा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="959" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001314473-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96797" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001314473-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001314473-650x609.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>भोजपुर की राजनीति में आमतौर पर बड़े और अनुभवी नेताओं का दबदबा माना जाता है, लेकिन इस चुनाव में आलोक रंजन ने जिस परिपक्वता और संयम के साथ अपनी भूमिका निभाई, उसने उन्हें युवाओं के बीच ही नहीं बल्कि वरिष्ठ नेताओं के बीच भी खास पहचान दिलाई. शांत स्वभाव, तथ्यों के साथ बात रखने की कला और संगठनात्मक पकड़ के कारण वे लगातार चर्चा में बने हुए हैं.<br><br>पूर्व में राजद छात्र प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुके आलोक रंजन लंबे समय से संगठनात्मक राजनीति में सक्रिय हैं। यही वजह रही कि विधान परिषद चुनाव में बूथ मैनेजमेंट से लेकर जनसंपर्क अभियान, सोशल मीडिया कैंपेन, कंटेंट निर्माण और नेताओं के बीच समन्वय तक, लगभग हर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी में उनकी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="498" height="496" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001314472.jpg" alt="" class="wp-image-96798" /></figure>



<p><br>चुनाव के दौरान राजद के कई दिग्गज नेताओं- पूर्व विधान पार्षद लालदास राय, पूर्व विधायक विजयेंद्र यादव, रामविशुन सिंह उर्फ लोहिया, अरुण यादव, हाकिम प्रसाद, वीरबल यादव, मुकेश यादव, अदीब रिजवी, लालबिहारी सिंह सहित अन्य कई अनुभवी नेताओं के बीच आलोक रंजन की मौजूदगी लगातार महसूस की गई।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="860" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001314475-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96799" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001314475-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001314475-650x546.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि नव निर्वाचित MLC सोनू कुमार राय ने भी चुनाव के दौरान आलोक रंजन पर खास भरोसा जताया। सभाओं, बैठकों और जनसंपर्क अभियानों में वे अक्सर सोनू राय के साथ साये की तरह नजर आए। खास बात यह रही कि सोशल मीडिया मैनेजमेंट और डिजिटल कंटेंट की जिम्मेदारी भी मुख्य रूप से उन्हीं के कंधों पर थी.<br>सिर्फ राजनीति ही नहीं, बल्कि शैक्षणिक क्षेत्र में भी आलोक रंजन अपनी अलग पहचान रखते हैं. आलोक वर्तमान में रिसर्च स्कॉलर हैं और पीएचडी की पढ़ाई कर रहे हैं। यही अकादमिक दृष्टिकोण उनकी राजनीतिक सोच और कार्यशैली में भी साफ झलकता है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="615" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001314474-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96800" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001314474-scaled.jpg 615w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001314474-390x650.jpg 390w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001314474-922x1536.jpg 922w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001314474-1229x2048.jpg 1229w" sizes="auto, (max-width: 615px) 100vw, 615px" /></figure>



<p>वहीं युवा MLC की लोकप्रियता का बड़ा आधार युवाओं की मजबूत टीम को भी माना जा रहा है। उनके साथ रंजय यादव &#8216;लालू&#8217;, धनजीत यादव, पीयूष यादव, सुशील राव, अर्पित, पंकज, विनीत सहित कई युवा लगातार सक्रिय भूमिका में दिखे।</p>



<p><br>राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह चुनाव सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि भोजपुर की राजनीति में उभरती नई युवा टीम और उसके मैनेजमेंट मॉडल की भी बड़ी झलक है। लेकिन राजनीति के बड़े चकाचौंध में जीत के बाद अक्सर ऐसे चेहरे जीत के चेहरों के पीछे दफन हो जाते हैं। प्रतिभा का भरपूर उपयोग ही नहीं दोहन भी हो जाता है इसलिए ऐसे मेहनती और क्रिएटिव युवाओं को जन तक पहुंचाना हर नागरिक का कर्तव्य होना चाहिए ताकि कोई प्रतिभा राजनीति की भेंट न चढ़ जाए।</p>
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		<title>आरा-बक्सर उपचुनाव के बाजीगर बने सोनू राय</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bajigar-of-mlc-election-ara-buxar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 14 May 2026 16:19:21 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[बागियों ने बिगाड़ा खेल, MLC उपचुनाव में NDA की नैया डूबी MLA चुनाव के बाद अब विधान परिषद चुनाव में भी नाराज़ नेताओं ने बदल दिया पूरा समीकरण आरा, 14 मई। बक्सर-भोजपुर MLC उपचुनाव में राजद प्रत्याशी सोनू राय ने चुनावी बाजीगर बन शानदार जीत दर्ज कर राजनीतिक गलियारों के तमाम कयासों पर विराम लगा दिया। कांटे की टक्कर वाले इस त्रिकोणीय मुकाबले में सत्ता पक्ष, विपक्ष और एक बागी निर्दलीय उम्मीदवार के बीच सियासी संघर्ष चरम पर था। चुनाव के दौरान आंकड़ों की हेराफेरी, धनबल और मैनेजमेंट को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। राजनीतिक दिग्गजों से लेकर आम जनता तक यही चर्चा थी कि MLC चुनाव धनकुबेरों का खेल होता है, जहां पैसों की ताकत ही जीत तय करती है। आरोप-प्रत्यारोप और शब्दों के वार के बीच जब मतगणना का परिणाम सामने आया तो सारे अनुमान ध्वस्त हो गए और सोनू राय ने मैदान फतह कर यह साबित कर दिया कि हर चुनाव सिर्फ धनबल से नहीं, जनसमर्थन और रणनीति से भी जीता जाता है। बक्सर-भोजपुर विधान परिषद उपचुनाव का परिणाम एक बार फिर यह साबित कर गया कि राजनीति में सबसे बड़ा खतरा विपक्ष नहीं, बल्कि अपने ही “बागी” होते हैं। गुरुवार को राजकीय कन्या प्लस टू विद्यालय में हुई मतगणना में राजद उम्मीदवार सोनू कुमार राय ने NDA प्रत्याशी कन्हैया प्रसाद को शिकस्त देते हुए जीत दर्ज कर ली। शुरुआती रुझानों में कन्हैया प्रसाद आगे जरूर दिखे, लेकिन जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ी, समीकरण पूरी तरह बदलता चला गया। 12 मई 2026 को हुए मतदान में कुल [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>बागियों ने बिगाड़ा खेल, MLC उपचुनाव में NDA की नैया डूबी</strong><br><br><strong>MLA चुनाव के बाद अब विधान परिषद चुनाव में भी नाराज़ नेताओं ने बदल दिया पूरा समीकरण</strong><br><br>आरा, 14 मई। बक्सर-भोजपुर MLC उपचुनाव में राजद प्रत्याशी सोनू राय ने चुनावी बाजीगर बन शानदार जीत दर्ज कर राजनीतिक गलियारों के तमाम कयासों पर विराम लगा दिया। कांटे की टक्कर वाले इस त्रिकोणीय मुकाबले में सत्ता पक्ष, विपक्ष और एक बागी निर्दलीय उम्मीदवार के बीच सियासी संघर्ष चरम पर था। चुनाव के दौरान आंकड़ों की हेराफेरी, धनबल और मैनेजमेंट को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। राजनीतिक दिग्गजों से लेकर आम जनता तक यही चर्चा थी कि MLC चुनाव धनकुबेरों का खेल होता है, जहां पैसों की ताकत ही जीत तय करती है। आरोप-प्रत्यारोप और शब्दों के वार के बीच जब मतगणना का परिणाम सामने आया तो सारे अनुमान ध्वस्त हो गए और सोनू राय ने मैदान फतह कर यह साबित कर दिया कि हर चुनाव सिर्फ धनबल से नहीं, जनसमर्थन और रणनीति से भी जीता जाता है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="573" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306456-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96739" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306456-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306456-650x364.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बक्सर-भोजपुर विधान परिषद उपचुनाव का परिणाम एक बार फिर यह साबित कर गया कि राजनीति में सबसे बड़ा खतरा विपक्ष नहीं, बल्कि अपने ही “बागी” होते हैं। गुरुवार को राजकीय कन्या प्लस टू विद्यालय में हुई मतगणना में राजद उम्मीदवार सोनू कुमार राय ने NDA प्रत्याशी कन्हैया प्रसाद को शिकस्त देते हुए जीत दर्ज कर ली। शुरुआती रुझानों में कन्हैया प्रसाद आगे जरूर दिखे, लेकिन जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ी, समीकरण पूरी तरह बदलता चला गया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="783" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306474-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96740" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306474-scaled.jpg 783w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306474-497x650.jpg 497w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306474-1175x1536.jpg 1175w" sizes="auto, (max-width: 783px) 100vw, 783px" /></figure>



<p>12 मई 2026 को हुए मतदान में कुल 97.96 प्रतिशत वोट पड़े थे। कुल 5,335 वैध मतों में जीत के लिए 2,668 वोटों की आवश्यकता थी। प्रथम वरीयता मतों की गिनती में ही राजद प्रत्याशी सोनू कुमार राय ने 2,486 वोट हासिल कर बढ़त बना ली, जबकि कुल मत 2507 मिले, वही NDA समर्थित उम्मीदवार कन्हैया प्रसाद को 2153 मत मिले। दोनों के बीच 354 वोटों का अंतर रहा। वही अन्य उम्मीदवारों में मनोज उपाध्याय 636, लालू प्रसाद यादव को 30, कन्हैया प्रसाद 25 और निरंजन कुमार राय को 12 मत मिले।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="577" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306589-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96745" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306589-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306589-650x367.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306589-1536x866.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><br><br>लेकिन इस चुनाव की सबसे बड़ी कहानी “बागी फैक्टर” बनकर उभरी। जदयू के नाराज़ नेता मनोज कुमार उपाध्याय ने निर्दलीय मैदान में उतरकर 636 वोट हासिल कर लिए। </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="735" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001295990-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96686" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001295990-scaled.jpg 735w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001295990-467x650.jpg 467w" sizes="auto, (max-width: 735px) 100vw, 735px" /></figure>



<p>राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यदि इन वोटों का बड़ा हिस्सा NDA उम्मीदवार के खाते में जाता तो परिणाम पूरी तरह पलट सकता था। यही वजह रही कि सत्ता पक्ष की उम्मीदें धीरे-धीरे ध्वस्त होती चली गईं।<br><br>दरअसल यह पहली बार नहीं है जब बागियों ने सत्ता समीकरण बिगाड़ा हो। हाल ही में सम्पन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव में भी कई सीटों पर ऐसे ही हालात देखने को मिले थे। पार्टी के लिए तीन-तीन दशक तक एक साधारण कार्यकर्ता की तरह जमीन पर मेहनत करने वाले नेताओं को जब टिकट वितरण में नजरअंदाज कर दिया गया, तो कई नेता निर्दलीय ही चुनावी अखाड़े में उतर पड़े। परिणाम यह हुआ कि कई जगहों पर आधिकारिक प्रत्याशियों के वोट कट गए और खेल पूरी तरह बिगड़ गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजद को भी कई तय मानी जा रही सीटों पर इसी अंदरूनी नाराजगी का नुकसान उठाना पड़ा था।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="847" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306588-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96747" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306588-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306588-650x538.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306588-1536x1270.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306588-2048x1694.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="864" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306603-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96746" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306603-scaled.jpg 864w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306603-548x650.jpg 548w" sizes="auto, (max-width: 864px) 100vw, 864px" /></figure>



<p><br>ठीक वैसा ही दृश्य अब MLC उपचुनाव में भी देखने को मिला। जिस चुनाव को अक्सर धनबल, जोड़तोड़ और खरीद-फरोख्त का अखाड़ा माना जाता रहा है, वहां इस बार “नाराज़ कार्यकर्ता” सबसे बड़ा फैक्टर बन गया। सत्ता पक्ष का संगठनात्मक गणित और चुनावी प्रबंधन उस समय धराशायी हो गया जब अपने ही लोग मैदान में उतरकर वोटों का बंटवारा कर गए।<br><br>मतगणना को लेकर जिला प्रशासन ने भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। पूरे काउंटिंग सेंटर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। स्कूल के मुख्य द्वार से लेकर मतगणना हॉल तक 33 मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई थी। जिला निर्वाची पदाधिकारी सह डीएम के नेतृत्व में डीडीसी गुंजन सिंह समन्वय की जिम्मेदारी संभाल रहीं थीं, जबकि विधि-व्यवस्था की कमान ADM डॉ. शशि शेखर के पास थी।</p>



<p>जीत के बाद राजद के कार्यकारी अध्यक्ष और प्रतिपक्ष नेता तेजस्वी यादव ने सोनू राय को बधाई देते अपने सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा &#8211; भोजपुर-बक्सर MLC उपचुनाव में राजद प्रत्याशी श्री सोनू राय ने NDA उम्मीदवार को करारी शिकस्त दी है। राजद प्रत्याशी के जीतने पर सभी कार्यकर्ताओं, मतदाताओं और नेताओं को हार्दिक बधाई एवं धन्यवाद।</p>



<p>हम शुरू से कह रहे है अगर आज देश-प्रदेश में Machine की बजाय बैलेट पेपर यानि मतपत्र से चुनाव हो तो BJP-NDA कहीं भी नहीं टिकेगी। बिहार चुनाव में पोस्टल बैलेट पेपर में हम लोगों ने 150 से अधिक सीटें जीती थी लेकिन तंत्र-यंत्र-षड्यंत्र और छल-कपट से हरा दिया गया था।</p>



<p>आजकल मतगणना के दिन भी देर रात 1-2 बजे तक चुनाव परिणाम घोषित किए जाते है। पूर्व में मतपत्रों की गिनती में भी इतना ही समय लगता था। तो क्यों नहीं लोकतांत्रिक पारदर्शिता और जनतंत्र में जनविश्वास कायम रखने के लिए अब EVM की बजाय बैलेट पेपर से ही चुनाव कराया जाए। और हाँ, हम हमेशा जीतने के बाद भी EVM से मतदान कराने के पक्षधर नहीं रहे है।</p>



<p>पुन: फिर जीत की बधाई। #TejashwiYadav #RJD</p>



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<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="590" data-id="96742" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306437-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96742" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306437-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306437-650x374.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306437-1536x884.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="581" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306449-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96741" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306449-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306449-650x369.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306449-1536x871.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इधर जीत के बाद राजद के चर्चित नेता व पूर्व MLA प्रत्याशी रामबाबू सिंह ने कहा कि बैलेट पेपर से हुए चुनाव ने लोकतंत्र की असली ताकत दिखा दी। उन्होंने जीत के लिए बधाई देते हुए सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। वही राजद के युवा नेता दीपू राणावत ने जीत का सेहरा लोक के माथे मढ़ दिया। उन्होंने कहा कि जनता जिसे चाहती है उसे ही जीत मिलता है। </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="460" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306586-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96749" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306586-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306586-650x292.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306586-1536x689.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बधाईयों का तांता लगातार मिलता रहा जिसमें प्रदेश महासचिव मनोज सिंह, भाजपा माले नेता व अधिवक्ता अमित कुमार गुप्ता ने सोनू राय को जीत की बधाई देते हुए कहा कि यह लोकतंत्र की जीत है।</p>



<figure class="wp-block-gallery has-nested-images columns-default is-cropped wp-block-gallery-6 is-layout-flex wp-block-gallery-is-layout-flex"></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="568" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306436-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96744" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306436-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306436-650x361.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306436-1536x852.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="565" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306451-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96743" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306451-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001306451-650x359.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>जीत के बाद सोनू राय ने नगर का भ्रमर कर जनता का आभार व्यक्त किया। उनके साथ राजद नेता और गाड़ियों का काफिला काफी देर तक भ्रमर करता रहा।<br><br><br></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जीत के जश्न में आज बंटेगी जलेबी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/people-get-jalebi-on-victory-of-kanhaiya/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 14 May 2026 00:25:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
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		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
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		<category><![CDATA[जलेबी]]></category>
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					<description><![CDATA[सेठ जी का स्वैग: जीत पर जलेबी से होगा स्वागत! आरा, 14 मई(ओ पी पाण्डेय)। राजनीति भी बड़ी गजब चीज है साहेब! यहां कब अपना पराया हो जाए और पराया अपना… इसका हिसाब खुद चाणक्य भी नहीं लगा पाएंगे। आरा-बक्सर MLC उपचुनाव में इस बार राजनीति से ज्यादा चर्चा जलेबी की हो रही है। कारण हैं संदेश विधायक और पूर्व MLC राधाचरण साह उर्फ सेठ जी! जदयू से बेटे कन्हैया प्रसाद को मैदान में उतारने के बाद विरोधियों ने सेठ जी पर तंज कसने का कोई मौका नहीं छोड़ा। किसी ने होटल वाला, बालू वाला, तो किसी ने जलेबी बेचने वाला कहकर राजनीतिक व्यंग्य का तड़का लगाया। मजेदार बात ये रही कि तंज कसने वालों में वही चेहरे शामिल थे जो कभी सेठ जी के साथ दाल-भात की तरह हर सुख-दुख में एक प्लेट पर बैठा करते थे। लेकिन राजनीति का मौसम बदला…पार्टी बदली और रिश्तों की थाली भी उलट गई! जो कल तक साथ बैठकर रणनीति बनाते थे, आज वही विपक्ष में बैठकर बयान तल रहे हैं। कुछ अपनों ने भी वोट में सेंधमारी का पूरा इंतजाम कर दिया। लेकिन सेठ जी का अंदाज अलग निकला। चुनाव खत्म होने के बाद जब हमने सेठ जी से पूछा कि पहले तो खुद की जीत पर लड्डू की तैयारी की थी, अब सब शांत है… कल के जीत का जश्न कैसा होगा?” बस फिर क्या था…सेठ जी मुस्कुराए और ऐसा जवाब दिया कि आसपास बैठे लोग भी हंस पड़े। उन्होंने कहा कि“बेटा चुनाव में खड़ा है और विरोधियों ने मुझे जलेबी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>सेठ जी का स्वैग: जीत पर जलेबी से होगा स्वागत!</strong></p>



<p>आरा, 14 मई(<strong>ओ पी पाण्डेय)</strong>। राजनीति भी बड़ी गजब चीज है साहेब! यहां कब अपना पराया हो जाए और पराया अपना… इसका हिसाब खुद चाणक्य भी नहीं लगा पाएंगे। आरा-बक्सर MLC उपचुनाव में इस बार राजनीति से ज्यादा चर्चा <strong><em>जलेबी</em></strong> की हो रही है। कारण हैं संदेश विधायक और पूर्व MLC राधाचरण साह उर्फ सेठ जी!</p>



<p>जदयू से बेटे कन्हैया प्रसाद को मैदान में उतारने के बाद विरोधियों ने सेठ जी पर तंज कसने का कोई मौका नहीं छोड़ा। किसी ने <strong>होटल वाला</strong>, <strong>बालू वाला</strong>, तो किसी ने जलेबी <strong>बेचने वाला</strong> कहकर राजनीतिक व्यंग्य का तड़का लगाया। मजेदार बात ये रही कि तंज कसने वालों में वही चेहरे शामिल थे जो कभी सेठ जी के साथ दाल-भात की तरह हर सुख-दुख में एक प्लेट पर बैठा करते थे।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="755" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001303691-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96735" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001303691-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001303691-650x479.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>लेकिन राजनीति का मौसम बदला…पार्टी बदली और रिश्तों की थाली भी उलट गई! जो कल तक साथ बैठकर रणनीति बनाते थे, आज वही विपक्ष में बैठकर बयान तल रहे हैं। कुछ अपनों ने भी वोट में सेंधमारी का पूरा इंतजाम कर दिया। लेकिन सेठ जी का अंदाज अलग निकला।</p>



<p>चुनाव खत्म होने के बाद जब हमने सेठ जी से पूछा कि पहले तो खुद की जीत पर लड्डू की तैयारी की थी, अब सब शांत है… कल के जीत का जश्न कैसा होगा?”</p>



<p>बस फिर क्या था…<br>सेठ जी मुस्कुराए और ऐसा जवाब दिया कि आसपास बैठे लोग भी हंस पड़े। उन्होंने कहा कि“बेटा चुनाव में खड़ा है और विरोधियों ने मुझे जलेबी बनाने वाला बताया है… तो जीत के जश्न में कल जलेबी ही बंटेगी!”</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001303628-scaled.png" alt="" class="wp-image-96736" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001303628-scaled.png 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001303628-650x433.png 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>हमने भी तुरंत पूछ लिया कि“इतनी जलेबी आएगी कहां से?”</p>



<p>इस पर सेठ जी ने ठहाका लगाते हुए कहा कि<br>“अरे भाई! बेटे के जीत का जश्न है… और मैं खुद जलेबी बनाता हूं। मुझसे बढ़िया कौन बनाएगा? खुद छानूंगा और छनवाऊंगा… गर्मागर्म जलेबी खिलाऊंगा!”</p>



<p>यही नहीं…उन्होंने विरोधियों को भी खुले दिल से न्योता दे डाला। कहा कि“जीत का जश्न है… जो भी आएगा अपना ही होगा। विरोधी भी आएं, जलेबी खाएं। अतिथि देवो भवः हमारी संस्कृति है।”</p>



<p>अब भोजपुर की राजनीति में लोग सीटों से ज्यादा इस बात की चर्चा कर रहे हैं कि“रिजल्ट के बाद सत्ता की मिठास ज्यादा होगी या सेठ जी की गर्मागर्म जलेबी!”</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शान्ति स्मृति विद्यालय का शानदार रिजल्ट</title>
		<link>https://www.patnanow.com/12th-result-cbse-board/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 13 May 2026 23:08:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACADEMIC]]></category>
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		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
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					<description><![CDATA[कला में सृष्टि, विज्ञान में आयुष और वाणिज्य में सुरूधि ने बढ़ाया मान आरा, 13 मई। द्वारा आयोजित कक्षा 12वीं की परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित होते ही में खुशी की लहर दौड़ गई। विद्यालय का परीक्षाफल इस वर्ष भी शानदार और सराहनीय रहा। विद्यालय स्तर पर कला, विज्ञान और वाणिज्य तीनों संकायों में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं ने विद्यालय का गौरव बढ़ाया। कला संकाय में सृष्टि कुमारी ने 94 प्रतिशत अंक प्राप्त कर टॉप किया। वहीं विज्ञान संकाय में आयुष भारती ने 93.5 प्रतिशत तथा वाणिज्य संकाय में सुरूधि जैन ने 85 प्रतिशत अंक हासिल किए। उच्च अंक प्राप्त करने वाले अन्य छात्र-छात्राओं में जाह्नवी (89%), आलोक अतुल्य (89%), अस्मित शांडिल्य (88%), आयुष राज (87.5%), राजवर्धन त्रिपाठी (87%), प्राची कुमारी (87%), पियूष राज (86%) और रिया सिंह (86%) शामिल हैं। विद्यालय के अधिकांश परीक्षार्थियों ने 60 से 85 प्रतिशत के बीच अंक प्राप्त किए। विद्यालय के लिए सबसे गर्व की बात यह रही कि सृष्टि कुमारी ने राजनीतिक विज्ञान विषय में 100 में 100 अंक प्राप्त कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्या ने सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों और शिक्षकों की मेहनत, अनुशासन एवं समर्पण का परिणाम है। वहीं विद्यालय के निदेशक ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि 12वीं का परिणाम विद्यार्थियों के भविष्य की नई दिशा तय करता है। उन्होंने सभी सफल छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों को बधाई दी। PNCB]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<h2 class="wp-block-heading">कला में सृष्टि, विज्ञान में आयुष और वाणिज्य में सुरूधि ने बढ़ाया मान</h2>



<p>आरा, 13 मई। द्वारा आयोजित कक्षा 12वीं की परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित होते ही में खुशी की लहर दौड़ गई। विद्यालय का परीक्षाफल इस वर्ष भी शानदार और सराहनीय रहा।</p>



<p>विद्यालय स्तर पर कला, विज्ञान और वाणिज्य तीनों संकायों में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं ने विद्यालय का गौरव बढ़ाया। कला संकाय में सृष्टि कुमारी ने 94 प्रतिशत अंक प्राप्त कर टॉप किया। वहीं विज्ञान संकाय में आयुष भारती ने 93.5 प्रतिशत तथा वाणिज्य संकाय में सुरूधि जैन ने 85 प्रतिशत अंक हासिल किए।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="916" height="968" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001303569.jpg" alt="" class="wp-image-96728" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001303569.jpg 916w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001303569-615x650.jpg 615w" sizes="auto, (max-width: 916px) 100vw, 916px" /></figure>



<p>उच्च अंक प्राप्त करने वाले अन्य छात्र-छात्राओं में जाह्नवी (89%), आलोक अतुल्य (89%), अस्मित शांडिल्य (88%), आयुष राज (87.5%), राजवर्धन त्रिपाठी (87%), प्राची कुमारी (87%), पियूष राज (86%) और रिया सिंह (86%) शामिल हैं। विद्यालय के अधिकांश परीक्षार्थियों ने 60 से 85 प्रतिशत के बीच अंक प्राप्त किए।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001302407-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96730" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001302407-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001302407-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001302407-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>विद्यालय के लिए सबसे गर्व की बात यह रही कि सृष्टि कुमारी ने राजनीतिक विज्ञान विषय में 100 में 100 अंक प्राप्त कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001302408-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96731" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001302408-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001302408-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001302408-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्या ने सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों और शिक्षकों की मेहनत, अनुशासन एवं समर्पण का परिणाम है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001302409-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96732" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001302409-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001302409-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001302409-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>वहीं विद्यालय के निदेशक ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि 12वीं का परिणाम विद्यार्थियों के भविष्य की नई दिशा तय करता है। उन्होंने सभी सफल छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों को बधाई दी।</p>



<p><strong>PNCB</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>क्या बाप-बेटे की जोड़ी रचेगी राजनीतिक इतिहास !</title>
		<link>https://www.patnanow.com/will-father-son-duo-create-history/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 12 May 2026 03:45:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[गांव -शहर]]></category>
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		<category><![CDATA[ARA]]></category>
		<category><![CDATA[BHOJPUR]]></category>
		<category><![CDATA[bihar]]></category>
		<category><![CDATA[Journalist O P Pandey]]></category>
		<category><![CDATA[Kainhaiya Kumar]]></category>
		<category><![CDATA[mlc election]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[Radhacharan Sah]]></category>
		<category><![CDATA[पटना नाउ]]></category>
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					<description><![CDATA[नमक, नाता और नाराज़गी!आरा-बक्सर MLC चुनाव में अपनों ने ही खोला मोर्चा आरा, 12 मई। कल तक जो एक-दूसरे का हाथ थाम वोट मांगते थे, आज वही मंच से एक-दूसरे पर कीचड़ उछाल रहे हैं। सवाल अब सिर्फ चुनाव का नहीं, बल्कि राजनीतिक वर्चस्व और परिवारवाद बनाम जनाधार की लड़ाई का बन चुका है। भोजपुर की राजनीति में इस वक्त सबसे बड़ा सवाल गूंज रहा है कि“क्या बाप-बेटे की जोड़ी एक साथ विधान परिषद और विधानसभा पहुंचेगी?” एक तरफ जदयू ने संदेश विधायक और पूर्व MLC राधाचरण साह उर्फ सेठ जी के बेटे कन्हैया कुमार पर दांव लगाया है, तो दूसरी तरफ राजद ने पूर्व MLC लालदास राय के बेटे और विजेंद्र यादव के दामाद सोनू राय को मैदान में उतार दिया है। यानी लड़ाई अब दलों से ज्यादा दो राजनीतिक घरानों की प्रतिष्ठा पर आकर टिक गई है। लेकिन इस चुनाव का सबसे विस्फोटक पहलू बना है अपनों का विद्रोह! जदयू के पुराने और जमीन से जुड़े नेता मनोज उपाध्याय टिकट कटने के बाद जब निर्दलीय अपने जनप्रतिनिधियों के भरोसे चुनावी मैदान में उतरे तो पार्टी ने उन्हें बागी घोषित कर 6 वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया। 35 वर्षों तक पार्टी का झंडा ढोने वाले मनोज ने खुलकर आरोप लगाया कि जदयू अब कार्यकर्ताओं की नहीं, “धनकुबेरों और भाई-भतीजावाद” की पार्टी बन गई है। उधर राजद खेमे में भी हालात कम विस्फोटक नहीं हैं।जो राधाचरण साह कभी अरुण यादव और विजेंद्र यादव के साथ एक परिवार की तरह राजनीति करते थे, वही आज उनके सबसे बड़े [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>नमक, नाता और नाराज़गी!</strong><br><strong>आरा-बक्सर MLC चुनाव में अपनों ने ही खोला मोर्चा</strong></p>



<p>आरा, 12 मई। कल तक जो एक-दूसरे का हाथ थाम वोट मांगते थे, आज वही मंच से एक-दूसरे पर कीचड़ उछाल रहे हैं। सवाल अब सिर्फ चुनाव का नहीं, बल्कि राजनीतिक वर्चस्व और परिवारवाद बनाम जनाधार की लड़ाई का बन चुका है।</p>



<p>भोजपुर की राजनीति में इस वक्त सबसे बड़ा सवाल गूंज रहा है कि“क्या बाप-बेटे की जोड़ी एक साथ विधान परिषद और विधानसभा पहुंचेगी?”</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="800" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001297134-scaled.png" alt="" class="wp-image-96697" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001297134-scaled.png 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001297134-650x508.png 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>एक तरफ जदयू ने संदेश विधायक और पूर्व MLC राधाचरण साह उर्फ सेठ जी के बेटे कन्हैया कुमार पर दांव लगाया है, तो दूसरी तरफ राजद ने पूर्व MLC लालदास राय के बेटे और विजेंद्र यादव के दामाद सोनू राय को मैदान में उतार दिया है। यानी लड़ाई अब दलों से ज्यादा दो राजनीतिक घरानों की प्रतिष्ठा पर आकर टिक गई है।</p>



<p><strong>लेकिन इस चुनाव का सबसे विस्फोटक पहलू बना है अपनों का विद्रोह!</strong></p>



<p>जदयू के पुराने और जमीन से जुड़े नेता मनोज उपाध्याय टिकट कटने के बाद जब निर्दलीय अपने जनप्रतिनिधियों के भरोसे चुनावी मैदान में उतरे तो पार्टी ने उन्हें बागी घोषित कर 6 वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया। 35 वर्षों तक पार्टी का झंडा ढोने वाले मनोज ने खुलकर आरोप लगाया कि जदयू अब कार्यकर्ताओं की नहीं, “धनकुबेरों और भाई-भतीजावाद” की पार्टी बन गई है।</p>



<p>उधर राजद खेमे में भी हालात कम विस्फोटक नहीं हैं।<br>जो राधाचरण साह कभी अरुण यादव और विजेंद्र यादव के साथ एक परिवार की तरह राजनीति करते थे, वही आज उनके सबसे बड़े राजनीतिक दुश्मन बन चुके हैं। वजह भी साफ है ,संदेश विधानसभा में राधाचरण साह ने यादव परिवार के राजनीतिक किले को ध्वस्त कर दिया। पिता, मां और बेटे को विधायक बनाने का सपना अधूरा रह गया और तभी से रिश्तों में दरार की दीवार खड़ी हो गई।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="755" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001297062-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96695" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001297062-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001297062-650x479.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>अब उसी लड़ाई का बदला MLC चुनाव में लेने की तैयारी दिख रही है। विजेंद्र यादव ने तो हमला बोलते हुए राधाचरण साह पर भाई-भतीजावाद, कारोबार की राजनीति और यहां तक कि पुराने विवादों तक को उछाल दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग सालभर बालू और होटल का धंधा करते हैं, चुनाव आते ही नेता बन जाते हैं।</p>



<p>हालांकि राधाचरण साह ने पलटवार में ज्यादा शब्द खर्च नहीं किए, लेकिन मुस्कुराते हुए ऐसा तीर छोड़ दिया जिसने सियासी तापमान और बढ़ा दिया। उन्होंने कहा कि“भोजपुर की जनता सब देख रही है कि कौन काम कर रहा है और कौन सिर्फ परिवारवाद की राजनीति।”</p>



<p>जब उनसे पूछा गया कि जो लोग कभी उनका नमक खाते थे, वही आज विरोध में क्यों खड़े हैं, क्या आपके अन्न में दोष है?<br>तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि “अब यही मान लीजिए… लेकिन मुझे किसी से गिला-शिकवा नहीं। वक्त और मिट्टी का हर कण सब जानता है।”</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="952" height="744" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001297063.jpg" alt="" class="wp-image-96696" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001297063.jpg 952w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/1001297063-650x508.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 952px) 100vw, 952px" /></figure>



<p>वहीं <strong>कन्हैया प्रसाद </strong>ने खुद को सोशल मीडिया की राजनीति से अलग बताते हुए कहा कि सेवा दिखाने के लिए नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि बाढ़, आगलगी कोरोना और संकट के समय उन्होंने लोगों के बीच जाकर मदद की, लेकिन फोटो खिंचवाने में विश्वास नहीं रखा। उनका दावा है कि जनता और जनप्रतिनिधियों का आशीर्वाद इस चुनाव में उनके साथ है।</p>



<p>अब चुनावी शोर थम चुका है। प्रचार का अंतिम अध्याय खत्म हो गया है और अब फैसला उन जनप्रतिनिधियों के हाथ में है जिनकी एक-एक वोट आरा-बक्सर की सियासत का भविष्य तय करेगी। पंचायत से लेकर वार्ड तक, हर वोट अब किसी उम्मीदवार की किस्मत नहीं बल्कि दो राजनीतिक विचारधाराओं और दो परिवारों की प्रतिष्ठा का फैसला करेगा।</p>



<p>अब सवाल यही है कि क्या जन प्रतिनिधी“काम” पर वोट ददेंगे या “खानदान” पर?<br>क्या राधाचरण साह अपने बेटे को विधान परिषद पहुंचाकर आरा-बक्सर की राजनीति में नया इतिहास लिखेंगे?<br>या फिर राजद का दामाद फैक्टर इस बार सेठ परिवार की सियासी चाल को मात देगा?</p>



<p>फिलहाल आरा-बक्सर की राजनीति में जुबानी जंग एक चर्चा का विषय बना हुआ है और अब जनता नहीं, जनप्रतिनिधियों की खामोश वोट इतिहास लिखने वाली है।</p>
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