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	<title>बाढ़ अपडेट &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>&#8216;बिहार का बाढ़ प्रबंधन मॉडल देश के लिए रोल मॉडल&#8217;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bihar-towards-productive-production-management-in-a-multi-disaster-state/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 07 Jul 2025 12:04:15 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[राज्य के 28 जिले बाढ़ प्रभावित की श्रेणी में आते हैं, जिनमें से 15 जिले अति प्रभावित माने जाते हैं. दीपक कुमार,वरीय शोध पदाधिकारी बिहार राज्य भौगोलिक, आर्थिक एवं सामाजिक रूप से एक बहुआपदा प्रवण क्षेत्र है. यदि केवल बाढ़ की बात करें, तो राज्य की लगभग 74% जनसंख्या और 73% क्षेत्रफल प्रतिवर्ष बाढ़ से प्रभावित होता है, जो कि देश के कुल बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का 17% है.बिहार की प्रमुख नदियाँ गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, कमला, भुतही बलान, महानंदा, मैची, अधवारा समूह की धाराएं और कोसी तिब्बत-नेपाल हिमालय से निकलकर तीव्र गति से बिहार के मैदानी इलाकों में प्रवेश करती हैं. इन नदियों के तटीय क्षेत्रों सहित गंगा नदी के किनारे बसे मध्य बिहार के बड़े हिस्से को हर वर्ष बाढ़ जैसी आपदा का सामना करना पड़ता है. वर्तमान में राज्य के 28 जिले बाढ़ प्रभावित की श्रेणी में आते हैं, जिनमें से 15 जिले अति प्रभावित माने जाते हैं. इतिहास में 1987, 2004, 2008, 2017 और 2021 की बाढ़ों ने विशेष रूप से व्यापक जन-धन की क्षति पहुँचाई है. 2008 की कोसी त्रासदी, जो कुसाहा तटबंध टूटने के कारण आई, को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय आपदा घोषित किया गया था. इस आपदा के पश्चात केंद्र सरकार के साथ-साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा राहत एवं पुनर्वास कार्यक्रम चलाए गए, जिनमें विश्व बैंक जैसी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही. प्रभावी बाढ़ प्रबंधन हेतु सरकार के प्रयास मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार ने बाढ़ जैसी आपदाओं से प्रभावी रूप से निपटने हेतु कई ठोस कदम उठाए हैं, [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>राज्य के 28 जिले बाढ़ प्रभावित की श्रेणी में आते हैं, जिनमें से 15 जिले अति प्रभावित माने जाते हैं.</strong></p>



<p><strong>दीपक कुमार,वरीय शोध पदाधिकारी </strong></p>



<p>बिहार राज्य भौगोलिक, आर्थिक एवं सामाजिक रूप से एक बहुआपदा प्रवण क्षेत्र है. यदि केवल बाढ़ की बात करें, तो राज्य की लगभग <strong>74% जनसंख्या</strong> और <strong>73% क्षेत्रफल</strong> प्रतिवर्ष बाढ़ से प्रभावित होता है, जो कि देश के कुल बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का <strong>17%</strong> है.बिहार की प्रमुख नदियाँ  <strong>गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, कमला, भुतही बलान, महानंदा, मैची, अधवारा समूह की धाराएं और कोसी</strong>  तिब्बत-नेपाल हिमालय से निकलकर तीव्र गति से बिहार के मैदानी इलाकों में प्रवेश करती हैं. इन नदियों के तटीय क्षेत्रों सहित गंगा नदी के किनारे बसे मध्य बिहार के बड़े हिस्से को हर वर्ष बाढ़ जैसी आपदा का सामना करना पड़ता है. वर्तमान में <strong>राज्य के 28 जिले बाढ़ प्रभावित</strong> की श्रेणी में आते हैं, जिनमें से <strong>15 जिले अति प्रभावित</strong> माने जाते हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="720" height="405" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar-floods-144910297-16x9_0.webp" alt="" class="wp-image-90985" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar-floods-144910297-16x9_0.webp 720w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar-floods-144910297-16x9_0-650x366.webp 650w" sizes="(max-width: 720px) 100vw, 720px" /></figure>



<p>इतिहास में 1987, 2004, 2008, 2017 और 2021 की बाढ़ों ने विशेष रूप से व्यापक जन-धन की क्षति पहुँचाई है. <strong>2008 </strong><strong>की कोसी त्रासदी</strong>, जो कुसाहा तटबंध टूटने के कारण आई, को <strong>भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय आपदा</strong> घोषित किया गया था. इस आपदा के पश्चात केंद्र सरकार के साथ-साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा राहत एवं पुनर्वास कार्यक्रम चलाए गए, जिनमें <strong>विश्व बैंक</strong> जैसी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="517" height="347" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/deepak.png" alt="दीपक कुमार,वरीय शोध पदाधिकारी " class="wp-image-90986"/></figure>



<p><strong>प्रभावी बाढ़ प्रबंधन हेतु सरकार के प्रयास</strong><strong></strong></p>



<p><strong>मुख्यमंत्री  नीतीश कुमार</strong> के नेतृत्व में बिहार सरकार ने बाढ़ जैसी आपदाओं से प्रभावी रूप से निपटने हेतु कई ठोस कदम उठाए हैं, जिनमें प्रमुख हैं:</p>



<ul class="wp-block-list">
<li><strong>राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (</strong><strong>BSDMA)</strong> की स्थापना एवं आपदा प्रबंधन विभाग को सुदृढ़ बनाना</li>



<li><strong>अंतर-विभागीय समेकित कार्यक्रम</strong> का क्रियान्वयन एवं समन्वय</li>



<li><strong>राज्य आपदा मोचन बल (</strong><strong>SDRF)</strong> का गठन</li>



<li><strong>आपदा पूर्व सूचना प्रणाली</strong> को सशक्त बनाना</li>



<li>बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में <strong>आश्रय स्थलों</strong> का निर्माण</li>



<li><strong>ऊँचाई वाले सुरक्षित स्थानों</strong> पर पक्के मकानों के लिए योजनाओं का संचालन</li>



<li><strong>सात निश्चय कार्यक्रम</strong> के अंतर्गत बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना</li>



<li><strong>&#8216;</strong><strong>जीविका</strong><strong>&#8216; </strong><strong>परियोजना</strong> के अंतर्गत आजीविका संवर्धन</li>



<li><strong>प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों</strong> को आपदा के समय संचालन योग्य बनाना</li>



<li>तटबंधों का <strong>सुदृढ़ीकरण एवं रखरखाव</strong>, तथा <strong>स्थानीय निगरानी प्रणाली</strong> का सशक्तीकरण</li>
</ul>



<p><strong>जन-जागरूकता और प्रशिक्षण</strong><strong></strong></p>



<p>बाढ़ से निपटने हेतु नागरिकों की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है. इसी उद्देश्य से बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा <strong>जन-जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों</strong> का संचालन किया जा रहा है, जिनमें शामिल हैं:</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>बाढ़ के दौरान <strong>सुरक्षित स्थानों</strong> पर जाने की पूर्व तैयारी</li>



<li>प्रतिवर्ष <strong>बाढ़ पूर्व पखवाड़ा</strong> का आयोजन</li>



<li><strong>मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम</strong> के माध्यम से बच्चों को आपदा के प्रति संवेदनशील बनाना</li>



<li><strong>सुरक्षित तैराकी</strong> कार्यक्रम</li>



<li><strong>आपदा मित्रों</strong>, सामुदायिक स्वास्थ्य कर्मियों, एवं विभिन्न विभागों के कर्मचारियों का प्रशिक्षण</li>



<li><strong>स्थानीय कलाकारों</strong> द्वारा नुक्कड़ नाटक, लोकगीतों के माध्यम से संदेशों का प्रसार</li>



<li><strong>स्थानीय रेडियो</strong>, <strong>मोबाइल संदेश</strong>, <strong>लघु फिल्में</strong>, एवं <strong>होर्डिंग्स</strong> के माध्यम से जागरूकता</li>
</ul>



<p><strong>2024: </strong><strong>बिहार की बाढ़ प्रबंधन में ऐतिहासिक सफलता</strong><strong></strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="851" height="626" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar_-e1728024702748.png" alt="" class="wp-image-90987" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar_-e1728024702748.png 851w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar_-e1728024702748-650x478.png 650w" sizes="(max-width: 851px) 100vw, 851px" /></figure>



<p>वर्ष 2024 में कोसी नदी में <strong>अब तक का सर्वाधिक जल प्रवाह दर्ज</strong> किया गया, जो कोसी बैराज की अधिकतम क्षमता के करीब पहुँच गया था. इसके बावजूद, <strong>किसी भी मानवीय जान का नुकसान नहीं हुआ</strong>, जो कि राज्य की <strong>पूर्व तैयारी</strong><strong>, </strong><strong>सूचना प्रसारण</strong><strong>, </strong><strong>जन-भागीदारी और प्रभावी समन्वय</strong> का परिणाम है.</p>



<p>यह उपलब्धि बिहार के लिए एक <strong>गौरवपूर्ण क्षण</strong> है और यह दर्शाता है कि राज्य अब बाढ़ जैसी आपदा से केवल जूझ नहीं रहा, बल्कि उस पर <strong>विजय प्राप्त कर रहा है</strong>. वर्तमान प्रणाली और प्रबंधन मॉडल को <strong>देश के लिए एक रोल मॉडल</strong> के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है.</p>



<p>pncdesk</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मुख्यमंत्री ने गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का लिया जायजा</title>
		<link>https://www.patnanow.com/cm-nitish-inspects-water-level-of-ganga/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 09 Aug 2024 17:35:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[बाढ़ अपडेट]]></category>
		<category><![CDATA[CM NITISH]]></category>
		<category><![CDATA[Danger level]]></category>
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		<category><![CDATA[Ganga water level]]></category>
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					<description><![CDATA[लगातार बढ़ रहा है पटना में गंगा नदी का जलस्तर पटना।। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को सड़क मार्ग से पटना के आसपास गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का जायजा लिया. मुख्यमंत्री अटल पथ होते हुये जे०पी० गंगा पथ पहुँचे और कंगन घाट तक गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का जायजा लिया. मुख्यमंत्री ने इस दौरान जे०पी० गंगा पथ के कंगन घाट, काली घाट, गांधी घाट एवं कृष्णा घाट पर रूककर गंगा नदी के आसपास के इलाकों की स्थिति को देखा और अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली. अशोक राजपथ को जे०पी० गंगा पथ से मिलानेवाले कृष्णा घाट पर निर्माणाधीन पहुँच पथ की भी मुख्यमंत्री ने जानकारी ली और तेजी से निर्माण पूर्ण करने का निर्देश दिया. गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गंगा नदी के किनारे वाले क्षेत्रों में बढ़ते जलस्तर को ध्यान में रखते हुये पूरी तरह अलर्ट रहें और सारी तैयारी पूर्ण रखें. निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त-सह-जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद, जिलाधिकारी डॉ चन्द्रशेखर सिंह, वरीय पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा सहित अन्य वरीय अधिकारी मौजूद थे. pncb]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>लगातार बढ़ रहा है पटना में गंगा नदी का जलस्तर </strong></p>



<p>पटना।। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को सड़क मार्ग से पटना के आसपास गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का जायजा लिया. मुख्यमंत्री अटल पथ होते हुये जे०पी० गंगा पथ पहुँचे और कंगन घाट तक गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का जायजा लिया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/1000012444-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-86078" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/1000012444-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/08/1000012444-650x434.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मुख्यमंत्री ने इस दौरान जे०पी० गंगा पथ के कंगन घाट, काली घाट, गांधी घाट एवं कृष्णा घाट पर रूककर गंगा नदी के आसपास के इलाकों की स्थिति को देखा और अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली. अशोक राजपथ को जे०पी० गंगा पथ से मिलानेवाले कृष्णा घाट पर निर्माणाधीन पहुँच पथ की भी मुख्यमंत्री ने जानकारी ली और तेजी से निर्माण पूर्ण करने का निर्देश दिया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="693" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/1000012442-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-86080" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/1000012442-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/08/1000012442-650x440.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गंगा नदी के किनारे वाले क्षेत्रों में बढ़ते जलस्तर को ध्यान में रखते हुये पूरी तरह अलर्ट रहें और सारी तैयारी पूर्ण रखें.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="706" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/1000012445-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-86077" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/1000012445-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/08/1000012445-650x448.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त-सह-जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद, जिलाधिकारी डॉ चन्द्रशेखर सिंह, वरीय पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा सहित अन्य वरीय अधिकारी मौजूद थे.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सेना के कैंप से 23 जवान लापता, तलाश जारी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/23-soldiers-missing-from-army-camp-search-continues/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 04 Oct 2023 04:18:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
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		<category><![CDATA[23 soldiers missing from army camp]]></category>
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		<category><![CDATA[sikkim flood flash]]></category>
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					<description><![CDATA[सिक्किम में बादल फटने के बाद आई तबाही चंगथांग बांध को नुकसान, लोगों के लिए अलर्ट जारी 15-20 फीट की ऊंचाई तक जल स्तर अचानक बढ़ गया गंगटोक: उत्तरी सिक्किम में बुधवार को बड़ा हादसा हुआ है. यहां ल्होनक झील के ऊपर अचानक बादल फटने से लाचेन घाटी में तीस्ता नदी में अचानक बाढ़ आ गई. घाटी में कुछ सैन्य प्रतिष्ठान प्रभावित हुए हैं. इस दौरान सेना का 23 जवान लापता है. उनके पानी के बहाव में बहने की आशंका है. वहीं कई लोगों के घर और वाहन कीचड़ में डूब गए हैं. सेना के जवानों का तलाश शुरू कर दी गई है. वहीं भारी बारिश और बाढ़ से सिक्किम के अधिकांश जिलों में तबाही मची है. सड़कें, बांध, पुल सभी को भारी नुकसान हुआ है. त्रिपुरा में कल रात से लगातार भारी बारिश जारी है. तिस्ता नदी का जलस्तर एक रात में खतरनाक स्तर पर पहुंचने से हड़कंप मच गया है. रक्षा पीआरओ ने बताया कि चुंगथांग बांध से पानी छोड़े जाने के कारण नीचे की ओर 15-20 फीट की ऊंचाई तक जल स्तर अचानक बढ़ गया. इसके कारण सिंगतम के पास बारदांग में खड़े सेना के वाहन प्रभावित हो रहे हैं.प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अचानक बादल फटने से पूरे राज्य में तबाही मच गई है. नदी, नालियों में कीचड़ जम जाने से पानी निकास बंद हो गया है और नतीजा यह है कि पानी इलाकों में भरने लगा है. गंगटोक और पाक्योंग जिलों के सिंगतम और रंगपो शहरों जैसे निचले इलाकों में भारी तबाही मची है. सिक्किम के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p></p>



<h2 class="wp-block-heading">सिक्किम में बादल फटने के बाद आई तबाही</h2>



<p><strong>चंगथांग बांध को नुकसान, लोगों के लिए अलर्ट</strong>  <strong>जारी </strong></p>



<p><strong> 15-20 फीट की ऊंचाई तक जल स्तर अचानक बढ़ गया</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/10/Untitled.png" alt="" class="wp-image-78874" style="width:641px;height:481px" width="641" height="481" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/10/Untitled.png 380w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/Untitled-350x263.png 350w" sizes="auto, (max-width: 641px) 100vw, 641px" /></figure>



<p>गंगटोक: उत्तरी सिक्किम में बुधवार को बड़ा हादसा हुआ है. यहां ल्होनक झील के ऊपर अचानक बादल फटने से लाचेन घाटी में तीस्ता नदी में अचानक बाढ़ आ गई. घाटी में कुछ सैन्य प्रतिष्ठान प्रभावित हुए हैं. इस दौरान सेना का 23 जवान लापता है. उनके पानी के बहाव में बहने की आशंका है. वहीं कई लोगों के घर और वाहन कीचड़ में डूब गए हैं. सेना के जवानों का तलाश शुरू कर दी गई है. वहीं भारी बारिश और बाढ़ से सिक्किम के अधिकांश जिलों में तबाही मची है. सड़कें, बांध, पुल सभी को भारी नुकसान हुआ है. त्रिपुरा में कल रात से लगातार भारी बारिश जारी है. तिस्ता नदी का जलस्तर एक रात में खतरनाक स्तर पर पहुंचने से हड़कंप मच गया है. रक्षा पीआरओ ने बताया कि चुंगथांग बांध से पानी छोड़े जाने के कारण नीचे की ओर 15-20 फीट की ऊंचाई तक जल स्तर अचानक बढ़ गया. इसके कारण सिंगतम के पास बारदांग में खड़े सेना के वाहन प्रभावित हो रहे हैं.प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अचानक बादल फटने से पूरे राज्य में तबाही मच गई है. नदी, नालियों में कीचड़ जम जाने से पानी निकास बंद हो गया है और नतीजा यह है कि पानी इलाकों में भरने लगा है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="434" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/10/sikkim-650x434.png" alt="" class="wp-image-78875" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/10/sikkim-650x434.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/sikkim-350x234.png 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/sikkim-768x513.png 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/sikkim.png 1024w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>गंगटोक और पाक्योंग जिलों के सिंगतम और रंगपो शहरों जैसे निचले इलाकों में भारी तबाही मची है. सिक्किम के चुंगथांग में बांध को नुकसान हुआ है, जिसके बाद अचानक पानी भी ओवरफ्लो हो रहा है. तीस्ता नदी में जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है.सिक्किम और कलिम्पोंग की ओर जाने वाली सभी सड़कें बंद हो गई हैं. गंभीर स्थिति को देखते हुए तिस्ता, रंगफो, सिंगतम और आसपास के अन्य क्षेत्रों के निवासियों के लिए अलर्ट जारी किया गया है.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शिक्षा संस्कार की जननी, संस्कार भरना ही शिक्षक का मूल कार्य</title>
		<link>https://www.patnanow.com/education-is-the-mother-of-charecter/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 06 Sep 2023 04:41:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[बाढ़ अपडेट]]></category>
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		<category><![CDATA[पटना नाउ]]></category>
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					<description><![CDATA[कुम्हार की भांति छात्रों को गढ़ते हैं शिक्षक : अर्चना शिक्षक ही बच्चों को अच्छा, सच्चा एवं ईमानदार इंसान बना सकता है आरा,6 सितंबर. शहर के शुभ नारायण नगर मझौंवा स्थित संभावना आवासीय उच्च विद्यालय के जुबली हॉल में मंगलवार को पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन की जन्म जयंती शिक्षक दिवस के रूप में मनाई गई. कार्यक्रम का उद्घाटन विद्यालय की प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह एवं निदेशक डॉ. कुमार द्विजेंद्र समेत अन्य ने संयुक्त रूप से किया. तत्पश्चात डॉ. राधाकृष्णन के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई. इस मौके पर विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया. प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह ने विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं का स्वागत करते हुए कहा कि सभी लोग परोक्ष या अपरोक्ष रूप से शिक्षा देने का कार्य करते हैं. हमारे पास मां की गोद से निकलकर अनगढ़ बालक आता है. शिक्षक उसे कुम्हार की भांति गढ़ कर एक मटके की शक्ल देता है. खुशी तब होती है, जब वही बच्चे अच्छी जॉब लेकर विद्यालय में अपने सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए आते है. उन्होंने कहा कि एक शिक्षक ही बच्चों को अच्छा, सच्चा एवं ईमानदार इंसान बना सकता है जो राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकते हैं. अध्यक्षता करते हुए विद्यालय के निदेशक डॉ. कुमार द्विजेंद्र ने कहा कि शिक्षा संस्कार की जननी होती है. हम बच्चों को इसलिए पढ़ाते हैं कि वे आगे चलकर संस्कारवान बने. उन्होंने कहा कि आज के दौर में बच्चे शिक्षकों के चाल-ढाल, पहनावा, व्यवहार, आचरण एवं अनुशासन आदि का अनुसरण करते हैं. आपको कोई नया तरीका [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>कुम्हार की भांति छात्रों को गढ़ते हैं शिक्षक : अर्चना</strong></p>



<p><strong>शिक्षक ही बच्चों को अच्छा, सच्चा एवं ईमानदार इंसान बना सकता है</strong></p>



<p>आरा,6 सितंबर. शहर के शुभ नारायण नगर मझौंवा स्थित संभावना आवासीय उच्च विद्यालय के जुबली हॉल में मंगलवार को पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन की जन्म जयंती शिक्षक दिवस के रूप में मनाई गई. कार्यक्रम का उद्घाटन विद्यालय की प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह एवं निदेशक डॉ. कुमार द्विजेंद्र समेत अन्य ने संयुक्त रूप से किया. तत्पश्चात डॉ. राधाकृष्णन के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई. इस मौके पर विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="365" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_Teachers-day-2023-04-650x365.jpg" alt="" class="wp-image-77889" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_Teachers-day-2023-04-650x365.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_Teachers-day-2023-04-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_Teachers-day-2023-04-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_Teachers-day-2023-04-1536x864.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_Teachers-day-2023-04.jpg 1599w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह ने विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं का स्वागत करते हुए कहा कि सभी लोग परोक्ष या अपरोक्ष रूप से शिक्षा देने का कार्य करते हैं. हमारे पास मां की गोद से निकलकर अनगढ़ बालक आता है. शिक्षक उसे कुम्हार की भांति गढ़ कर एक मटके की शक्ल देता है. खुशी तब होती है, जब वही बच्चे अच्छी जॉब लेकर विद्यालय में अपने सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए आते है. उन्होंने कहा कि एक शिक्षक ही बच्चों को अच्छा, सच्चा एवं ईमानदार इंसान बना सकता है जो राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकते हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="284" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_Teachers-day-2023-03-650x284.jpg" alt="" class="wp-image-77890" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_Teachers-day-2023-03-650x284.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_Teachers-day-2023-03-350x153.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_Teachers-day-2023-03-768x335.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_Teachers-day-2023-03-1536x670.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_Teachers-day-2023-03.jpg 1600w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>अध्यक्षता करते हुए विद्यालय के निदेशक डॉ. कुमार द्विजेंद्र ने कहा कि शिक्षा संस्कार की जननी होती है. हम बच्चों को इसलिए पढ़ाते हैं कि वे आगे चलकर संस्कारवान बने. उन्होंने कहा कि आज के दौर में बच्चे शिक्षकों के चाल-ढाल, पहनावा, व्यवहार, आचरण एवं अनुशासन आदि का अनुसरण करते हैं. आपको कोई नया तरीका अपनाना चाहिए, जिससे बच्चे आपसे प्रभावित हो. शिक्षक खुद को संस्कारवान बनाएं तभी बच्चे संस्कारवान बन सकते हैं. आपकी सफलता बच्चों में समाहित है, इसलिए अपने आप को साबित करें. संभावना स्कूल हमेशा से अपनी संस्कृति और संस्कार के लिए कार्य करता है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_Teachers-day-2023-650x293.jpg" alt="" class="wp-image-77891" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_Teachers-day-2023-650x293.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_Teachers-day-2023-350x158.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_Teachers-day-2023-768x347.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_Teachers-day-2023.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>संभावना पब्लिक स्कूल के प्राचार्य दीपेश कुमार ने सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को शिक्षक दिवस की शुभकामना दी. विद्यालय के परीक्षा प्रभारी राजेश रमण ने कहा कि संभावना स्कूल बच्चों को नन्हे पौधे से वृक्ष का रूप देता है. इसका उदाहरण हाल ही में सीबीएसई परीक्षा के दौरान भोजपुरी टॉपर बना आर्यन है. शिक्षक बृजेश तिवारी ने कहा कि शिक्षक बच्चों एवं उनके परिजन पर फोकस करें. शिक्षकों में नॉलेज की कोई कमी नहीं है. बच्चों को अच्छे गुण सिखाएं. समारोह के दौरान संभावना पब्लिक स्कूल की संगीत शिक्षिका ममता सिंह ने भजन गायन प्रस्तुत किया, वही संभावना आवासीय उवि के संगीत शिक्षक अमितेश रंजन ने सुगम संगीत &#8220;गुरुदेव के चरणों में अगर धूल तो मिल जाए..&#8221; वर्गिस उपाध्याय ने भजन &#8220;पूजा ही तुझको पूजेंगे हरदम एवं धर्मेंद्र कुमार सिंह ने गजल &#8220;आप जिनके करीब होते हैं वो बडे खुशनसीब होते हैं..&#8221; प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="284" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_Teachers-day-2023-02-650x284.jpg" alt="" class="wp-image-77893" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_Teachers-day-2023-02-650x284.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_Teachers-day-2023-02-350x153.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_Teachers-day-2023-02-768x335.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_Teachers-day-2023-02-1536x670.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_Teachers-day-2023-02.jpg 1600w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="365" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_Teachers-day-2023-01-650x365.jpg" alt="" class="wp-image-77892" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_Teachers-day-2023-01-650x365.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_Teachers-day-2023-01-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_Teachers-day-2023-01-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_Teachers-day-2023-01-1536x864.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_Teachers-day-2023-01.jpg 1599w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>अंत में विद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षिकाओं द्वारा संयुक्त रूप से प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह एवं निदेशक डॉ. कुमार द्विजेंद्र को मोमेंटो एवं उपहार देकर सम्मानित किया. शिक्षक दिवस के मौके पर प्राचार्या एवं निदेशक ने विद्यालय के सभी शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं को उपहार प्रदान किया. संचालन वरीय शिक्षक अरविंद ओझा एवं धन्यवाद ज्ञापन उप प्राचार्य ऋषिकेश ओझा ने किया.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>पूर्णिया में बाढ़ में बह गई सड़कें, 16 गांवों का संपर्क टूटा</title>
		<link>https://www.patnanow.com/roads-washed-away-in-purnia-16-villages-lost-contact/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 17 Jul 2023 05:32:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[बाढ़ अपडेट]]></category>
		<category><![CDATA[FLOOD]]></category>
		<category><![CDATA[flood in purniya]]></category>
		<category><![CDATA[purniya]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार के 19 जिलों में बारिश-बिजली का अलर्ट नेपाल में बारिश से उफान पर बिहार की नदियां बिहार के कई जिलों में बारिश से लगातार नदियां उफान पर हैं. नेपाल में हो रही बारिश के चलते भी नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है.पूर्णिया में बाढ़ के पानी में 5 सड़कें बह गई हैं. इससे 16 गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है. जिससे 30 हजार की आबादी प्रभावित हुई है. आज बिहार के 19 जिलों में बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट है. अगले 2 दिनों तक बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी. पूर्णिया में बाढ़ के पानी ने तांडव दिखाया है. अमौर और बैसा जैसे प्रखंडों में कनकई ,महानंदा ,दास, बकरा और परमान जैसी नदियों के उफान पर आ जाने से कारण निचले हिस्सों में बसे ग्रामीण इलाकों में बाढ़ ने विकराल रूप ले लिया है. बाढ़ के पानी के तेज बहाव में बैसा और अमौर की 5 सड़कें कट कर बह गई हैं. इसमें वैसा प्रखंड की 3 सड़कें और अमौर प्रखंड की 2 सड़कें शामिल हैं. इससे 16 से अधिक गांवों की करीब 30 हजार की आबादी का संपर्क जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट गया है. PNCDESK]]></description>
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<p><strong>बिहार के 19 जिलों में बारिश-बिजली का अलर्ट</strong></p>



<p><strong>नेपाल में बारिश से उफान पर बिहार की नदियां</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/07/bihar-650x433.jpg" alt="" class="wp-image-76467" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/07/bihar-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/bihar-350x233.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/bihar-768x512.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/bihar.jpg 885w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>बिहार के कई जिलों में बारिश से लगातार नदियां उफान पर हैं. नेपाल में हो रही बारिश के चलते भी नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है.पूर्णिया में बाढ़ के पानी में 5 सड़कें बह गई हैं. इससे 16 गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है. जिससे 30 हजार की आबादी प्रभावित हुई है. आज बिहार के 19 जिलों में बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट है. अगले 2 दिनों तक बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="512" height="384" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/07/purniya.png" alt="" class="wp-image-76466" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/07/purniya.png 512w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/purniya-350x263.png 350w" sizes="auto, (max-width: 512px) 100vw, 512px" /></figure>



<p>पूर्णिया में बाढ़ के पानी ने तांडव दिखाया है. अमौर और बैसा जैसे प्रखंडों में कनकई ,महानंदा ,दास, बकरा और परमान जैसी नदियों के उफान पर आ जाने से कारण निचले हिस्सों में बसे ग्रामीण इलाकों में बाढ़ ने विकराल रूप ले लिया है. बाढ़ के पानी के तेज बहाव में बैसा और अमौर की 5 सड़कें कट कर बह गई हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/07/flood.jpg" alt="" class="wp-image-76468" width="704" height="468"/></figure>



<p> इसमें वैसा प्रखंड की 3 सड़कें और अमौर प्रखंड की 2 सड़कें शामिल हैं. इससे 16 से अधिक गांवों की करीब 30 हजार की आबादी का संपर्क जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट गया है.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>तीन दिन हुई भारी बारिश के बाद हरकत में आई सरकार</title>
		<link>https://www.patnanow.com/government-came-into-action-after-heavy-rains-for-three-days/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 02 Jul 2023 05:11:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[बाढ़ अपडेट]]></category>
		<category><![CDATA[chaitanya prasad]]></category>
		<category><![CDATA[darbhanga rain]]></category>
		<category><![CDATA[sanajy jha]]></category>
		<category><![CDATA[sanjay mishra]]></category>
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					<description><![CDATA[सिंचाई मंत्री ने दरभंगा में की बाढ़ से निपटने के उपाय पर बैठक अपर मुख्य सचिव ने की तटबंध सुरक्षा की समीक्षा रेज्ड प्लेटफार्म की वर्तमान दशा पर नहीं गया किसी का ध्यान संजय मिश्र,दरभंगा हर साल की तरह, बाढ़ निरोधक उपाय पर बिहार की सरकार ने मोर्चा संभाल लिया है. तीन दिन क्या वर्षा हुई, राज्य के सिंचाई मंत्री संजय झा दरभंगा पहुंच गए. शनिवार को आला अधिकारियों के संग उन्होंने मैराथन बैठक की. बाढ़ निरोधात्मक उपायों के तमाम पहलुओं की उन्होंने समीक्षा की. इस वर्ष खास आयाम यह है कि बाढ़ सुरक्षा के साथ सिंचाई पर मंथन है. लहेरियासराय के अंबेडकर सभागार में 01 जुलाई, 2023 को मंत्री संजय कुमार झा की अध्यक्षता में सिंचाई एवं बाढ़ को लेकर हुई&#160;बैठक में जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद ने शुरुआत में सिंचाई व्यवस्था को लेकर पश्चिमी कोशी मुख्य नहर में पानी की स्थिति के संबंध में अभियंता प्रमुख के साथ ही संबंधित अधीक्षण अभियंता से जानकारी ली. &#160;पश्चिमी कोशी नहर के अधीक्षण अभियंता की ओर से बताया गया कि अभी एक हजार क्यूसेक पानी नहर में छोड़ा गया है. बीते बरस 4,200 क्यूसेक तक पानी छोड़ा गया था. अपर मुख्य सचिव ने प्रतिदिन 500 क्यूसेक पानी बढ़ाने के साथ 05 दिनों में शेष 2500 क्यूसेक पानी की आपूर्ति बढ़ाने तथा सभी निकास द्वार को सिंचाई के लिए खोलने का निर्देश दे देने की बात कही. उन्होंने कहा कि सिंचाई के लिए यही उपर्युक्त समय है. ऐसे समय में किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>सिंचाई मंत्री ने दरभंगा में की बाढ़ से निपटने के उपाय पर बैठक</strong></p>



<p><strong>अपर मुख्य सचिव ने की तटबंध सुरक्षा की समीक्षा</strong></p>



<p><strong>रेज्ड प्लेटफार्म की वर्तमान दशा पर नहीं गया किसी का ध्यान</strong></p>



<p><strong>संजय मिश्र,दरभंगा</strong></p>



<p>हर साल की तरह, बाढ़ निरोधक उपाय पर बिहार की सरकार ने मोर्चा संभाल लिया है. तीन दिन क्या वर्षा हुई, राज्य के सिंचाई मंत्री संजय झा दरभंगा पहुंच गए. शनिवार को आला अधिकारियों के संग उन्होंने मैराथन बैठक की. बाढ़ निरोधात्मक उपायों के तमाम पहलुओं की उन्होंने समीक्षा की. इस वर्ष खास आयाम यह है कि बाढ़ सुरक्षा के साथ सिंचाई पर मंथन है. लहेरियासराय के अंबेडकर सभागार में 01 जुलाई, 2023 को मंत्री संजय कुमार झा की अध्यक्षता में सिंचाई एवं बाढ़ को लेकर हुई&nbsp;बैठक में जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद ने शुरुआत में सिंचाई व्यवस्था को लेकर पश्चिमी कोशी मुख्य नहर में पानी की स्थिति के संबंध में अभियंता प्रमुख के साथ ही संबंधित अधीक्षण अभियंता से जानकारी ली.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="369" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/07/ade26862-db43-49f3-8f34-d153c64075ba-650x369.jpg" alt="" class="wp-image-76005" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/07/ade26862-db43-49f3-8f34-d153c64075ba-650x369.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/ade26862-db43-49f3-8f34-d153c64075ba-350x199.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/ade26862-db43-49f3-8f34-d153c64075ba-768x436.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/ade26862-db43-49f3-8f34-d153c64075ba.jpg 1280w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><br>&nbsp;<br>पश्चिमी कोशी नहर के अधीक्षण अभियंता की ओर से बताया गया कि अभी एक हजार क्यूसेक पानी नहर में छोड़ा गया है. बीते बरस 4,200 क्यूसेक तक पानी छोड़ा गया था. अपर मुख्य सचिव ने प्रतिदिन 500 क्यूसेक पानी बढ़ाने के साथ 05 दिनों में शेष 2500 क्यूसेक पानी की आपूर्ति बढ़ाने तथा सभी निकास द्वार को सिंचाई के लिए खोलने का निर्देश दे देने की बात कही. उन्होंने कहा कि सिंचाई के लिए यही उपर्युक्त समय है. ऐसे समय में किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध होनी चाहिए.<br>&nbsp;<br>मंत्री ने कहा कि दरभंगा का ग्राउंड वाटर जलस्तर में वृद्धि के लिए यह अच्छा प्रयोग रहेगा. उन्होंने निर्देश दिया कि अगले 05 दिनों में नहर के अंतिम कोने तक पानी पहुँचा दे. इससे जमींदारी बांध में हुए नये निर्माण का भी परीक्षण हो जाएगा. उन्होंने कहा कि 51 वर्षों के बाद दरभंगा के इन क्षेत्र के लोगों को पानी इस नहर से मिलेगा. पहली प्राथमिकता हो कि खेतों में पानी पहुँचे. बैठक में जमींदारी बाँध में अब तक किये गये कार्य एवं शेष कार्य की स्थिति की समीक्षा की गई.<br>&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;<br>बाढ़ से सुरक्षा के लिए किये गये तटबंध सुरक्षा और कटाव निरोधक कार्य की समीक्षा करते हुए अपर मुख्य सचिव ने कहा कि तटबंध के तमाम चिन्हित संवेदनशील स्थल पर बालू एवं बैग उपलब्ध रहना चाहिए. बालू आपूर्ति के लिए ट्रेक्टर एवं संवेदक चिन्ह्ति रखे जाएँ, उनके मोबाईल नम्बर रखे जाएँ, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत बालू की व्यवस्था की जा सके. सुरक्षित मजदूरों की दूरभाष सूची रखी जाए. उन्होंने कहा कि बाँध पर गश्ती लगाने वाले मजदूरों को जैकेट, जल संसाधन विभाग अंकित टोपी, एक सिटी, छाता एवं टॉर्च उपलब्ध कराई जाए तथा उनके निरीक्षण स्थल निर्धारित एवं चिन्ह्ति होने चाहिए.<br>&nbsp;<br>दरभंगा, समस्तीपुर एवं मधुबनी जिले में विभिन्न बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल द्वारा किये जा रहे तटबंध सुरक्षा एवं कटाव निरोधक निर्माण कार्य की समीक्षा बारी बारी से की गई तथा संबंधित अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता एवं संबंधित संवेदक को दिन-रात काम कराकर लंबित कार्यों को पूरा करने का निर्देश दिया गया.बैठक में दरभंगा के डीएम राजीव रौशन ने सुरक्षा के लिए लगाए गए कर्मियों को उनके निगरानी के लिए स्थल निर्धारित एवं चिन्ह्ति करने को कहा. दोनों बाँध के बीच की पेटी में निजी व्यक्तियों द्वारा बड़े निर्माण कराने की जानकारी दी गई. मंत्री ने इस पर विभागीय स्तर से कार्रवाई करने के निर्देश दिए.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="323" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/07/90523ad4-680a-4a40-93ea-2a7ed1fc3f9c-650x323.jpg" alt="" class="wp-image-76006" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/07/90523ad4-680a-4a40-93ea-2a7ed1fc3f9c-650x323.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/90523ad4-680a-4a40-93ea-2a7ed1fc3f9c-350x174.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/90523ad4-680a-4a40-93ea-2a7ed1fc3f9c-768x382.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/90523ad4-680a-4a40-93ea-2a7ed1fc3f9c.jpg 1280w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>बैठक में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी बालेश्वर प्रसाद, प्रभारी पदाधिकारी आपदा आलोक राज एवं संबंधित विभाग के पदाधिकारी एवं अभियंता उपस्थित रहे. तमाम जानकारी उप निदेशक, जन सम्पर्क एन.के. गुप्ता ने दी.यह इलाका बाढ़ का नैहर कही जाती है. स्वाभाविक है राज्य अमला चिंतित हो. हैरानी है कि बाढ़ के समय उपयोग में आने वाले रेज्ड प्लेटफार्म की मौजूदा स्थिति पर कोई चर्चा नहीं हुई.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ये हैं बिहार की कुशल उद्यमी महिलाएं</title>
		<link>https://www.patnanow.com/these-are-the-business-women/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 24 Mar 2023 03:10:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[बाढ़ अपडेट]]></category>
		<category><![CDATA[Jivika CEO]]></category>
		<category><![CDATA[Jivika CEO Rahul Kumar]]></category>
		<category><![CDATA[jivika patna]]></category>
		<category><![CDATA[Journalist O P Pandey]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[पटना नाउ]]></category>
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					<description><![CDATA[महिला सशक्तिकरण एवम स्वावलंबनसे जीविका दीदियां गढ़ रही हैं इतिहास कुशल उद्यमी के रूप में जीविका दीदियां गांधी मैदान में पटना,24 मार्च. स्वयं सहायता समूह से जुड़कर ग्रामीण महिलायें स्वावलंबन एवं सशक्तिकरण की ओर अग्रसर हैं. इसकी बानगी बिहार दिवस के अवसर पर मुख्य कार्य्रकम स्थल गाँधी मैदान में एस जीविका पवेलियन में ग्रामीण महिलाएं एक कुशल उद्धमी के रूप में ग्रामीण, शिल्प, हुनर, कला एवं व्यंजन के साथ उपस्थित दिखीं. जीविका पवेलियन में विभिन्न विधाओं के अंतर्गत संस्था निर्माण एवम क्षमतावर्धन, वित्तीय समावेशन, दिव्यांगता समावेशन, समामाजिक विकास, जे. वायर्स,सतत जीविकोपार्जन योजना, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान, कृषि, नीरा, जीविका स्किल्स, मधुग्राम महिला प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, शिल्पग्राम महिला प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, शिल्प उत्पादक समूह, पशुधन, कौशिकी महिला मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, स्वास्थ्य-पोषण एवम स्वच्छता, जल-जीवन- हरियाली के स्टॉल लगे हुए थे. इन स्टॉल्स पर जीविका दीदियों द्वारा निर्मित उत्पाद प्रदर्शनी सह बिक्री के लिए भी उपलब्ध थी. साथ ही वैसे युवक &#8211; युवतियां भी रोजगार स्टॉल पर अपने अनुभव साझा कर रहे थे जिन्होंने जीविका के माध्यम से नौकरी पाकर अपने सपनो को साकार किया है. इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य-पोषण एवम स्वच्छता के स्टॉल पर जीविका दीदियों द्वारा निर्मित पौध आधारित मायरा सैनेट्री पैड भी उपलब्ध है. यह पैड पर्यावरण के अनुकूल है जो स्वत: मिट्टी में मिलकर नष्ट हो जाता है. इसके साथ ही जीविका स्वास्थ्य सहायता केंद्र (हेल्प डेस्क) पर आगंतुक अपने स्वास्थ्य की भी जांच निः शुल्क करा रहे थे. वही व्यंजन मेला परिसर में जीविका दीदियों द्वारा संचालित जीविका दीदी की रसोई के छह स्टॉल पर देशी एवम [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>महिला सशक्तिकरण एवम स्वावलंबन<br>से जीविका दीदियां गढ़ रही हैं इतिहास</strong></p>



<p><strong>कुशल उद्यमी के रूप में जीविका दीदियां गांधी मैदान में</strong></p>



<p>पटना,24 मार्च. स्वयं सहायता समूह से जुड़कर ग्रामीण महिलायें स्वावलंबन एवं सशक्तिकरण की ओर अग्रसर हैं. इसकी बानगी बिहार दिवस के अवसर पर मुख्य कार्य्रकम स्थल गाँधी मैदान में एस जीविका पवेलियन में ग्रामीण महिलाएं एक कुशल उद्धमी के रूप में ग्रामीण, शिल्प, हुनर, कला एवं व्यंजन के साथ उपस्थित दिखीं.</p>



<p>जीविका पवेलियन में विभिन्न विधाओं के अंतर्गत संस्था निर्माण एवम क्षमतावर्धन, वित्तीय समावेशन, दिव्यांगता समावेशन, समामाजिक विकास, जे. वायर्स,सतत जीविकोपार्जन योजना, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान, कृषि, नीरा, जीविका स्किल्स, मधुग्राम महिला प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, शिल्पग्राम महिला प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, शिल्प उत्पादक समूह, पशुधन, कौशिकी महिला मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, स्वास्थ्य-पोषण एवम स्वच्छता, जल-जीवन- हरियाली के स्टॉल लगे हुए थे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="338" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-1.jpg" alt="" class="wp-image-72682" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-1-350x182.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इन स्टॉल्स पर जीविका दीदियों द्वारा निर्मित उत्पाद प्रदर्शनी सह बिक्री के लिए भी उपलब्ध थी. साथ ही वैसे युवक &#8211; युवतियां भी रोजगार स्टॉल पर अपने अनुभव साझा कर रहे थे जिन्होंने जीविका के माध्यम से नौकरी पाकर अपने सपनो को साकार किया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas.jpg" alt="" class="wp-image-72683" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-350x197.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य-पोषण एवम स्वच्छता के स्टॉल पर जीविका दीदियों द्वारा निर्मित पौध आधारित मायरा सैनेट्री पैड भी उपलब्ध है. यह पैड पर्यावरण के अनुकूल है जो स्वत: मिट्टी में मिलकर नष्ट हो जाता है. इसके साथ ही जीविका स्वास्थ्य सहायता केंद्र (हेल्प डेस्क) पर आगंतुक अपने स्वास्थ्य की भी जांच निः शुल्क करा रहे थे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-3.jpg" alt="" class="wp-image-72684" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-3.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-3-350x197.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>वही व्यंजन मेला परिसर में जीविका दीदियों द्वारा संचालित जीविका दीदी की रसोई के छह स्टॉल पर देशी एवम पौष्टिक व्यंजनों का स्वाद आगंतुक चख रहे हैं. बिहार दिवस के शुभारंभ के अवसर पर जीविका पवेलियन के मुख्य मंच से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जीविका दीदियों, रोजगार प्राप्त युवक-युवतियों एवम जीविकेस संबद्ध संगठनों को प्रशस्ति पत्र देकर जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी,राहुल कुमार, राम निरंजन सिंह, निदेशक, जीविका, राजेश कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी, जीविका एवम महुआ रॉय चौधरी ने सम्मानित किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-2.jpg" alt="" class="wp-image-72685" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-2.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-2-350x197.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>तत्पश्चात स्वरांगन के कलाकारों द्वारा लोक गीत एवम नया सवेरा लघु नाटक की प्रस्तुति की गई. नाटक नया सवेरा में जीविका द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में किए जा रहे गतिविधियों को दर्शाया गया. संध्या काल में जीविका स्किल्स के अभ्यर्थियों द्वारा शराबबंदी समेत विभिन्न सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन हेतु लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से लागू नाटक प्रस्तुत किया गया. इस नाटक को देखने के लिए दर्शक भी भारी संख्या में मौजूद थी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="344" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-4.jpg" alt="" class="wp-image-72686" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-4.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-4-350x185.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>जीविका पवेलियन और जीविका दीदियों द्वारा बनाए गए उत्पादों के अवलोकन के लिए श्रीमती कृष्णा बरुआ, राज्य मिशन निदेशक, आसाम का विशेष तौर पर बिहार आगमन हुआ था जिन्होंने जीविका पवेलियन में जीविका दीदियों से मुलाकात किया.</p>



<p><strong>PNCB</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मंत्री संजय झा ने किया कोसी नदी के तटबंध पर बने सड़क का उद्घाटन</title>
		<link>https://www.patnanow.com/minister-sanjay-jha-inaugurated-the-road-built-on-the-embankment-of-kosi-river/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 29 Jan 2023 03:05:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[बाढ़ अपडेट]]></category>
		<category><![CDATA[sanjay jha]]></category>
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					<description><![CDATA[दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, सुपौल जिले के लाखो लोगों को होगा फायदा कोसी नदी की बाढ़ से सुरक्षा के साथ मिलेगी यातायात सुगमता कमला नदी के तटबंध पर रसियारी से आगे 56 किलोमीटर तक होगा सड़क निर्माण बिहार के जल संसाधन मंत्री संजय झा मिथिला के केंद्रीय भाग में विभिन्न विकास योजनाओं के तहत तटबंधों पर बने सड़कों का उद्घाटन किया और दरभंगा जिले में तटबंधों पर ऑल वेदर सड़क बनाने का बड़ा ऐलान किया. दरभंगा जिले के जमालपुर में स्थित जल संसाधन विभाग के निरीक्षण भवन के जीर्णोद्धार कार्य का उद्घाटन करते हुए संजय झा ने ऐलान किया कि कमला नदी के दोनों तटबंधों पर पहले फेज में कुल 80 किलोमीटर लंबाई में सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है, जो जल्द पूरा हो जाएगा. साथ ही दूसरे फेज में अगले वित्त वर्ष में ही इस कार्य को रसियारी (दरभंगा) से आगे दोनों तरफ 28 किलोमीटर (कुल 56 किलोमीटर) तक बढ़ाया जाएगा. इससे कमला तटबंध के रास्ते लोग दरभंगा से नेपाल सीमा पर स्थित जयनगर तक आसानी से पहुंच जाएंगे. जल संसाधन मंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि दरभंगा, मधुबनी, सहरसा और सुपौल जिलों की यात्रा कर कोसी नदी के पश्चिमी तथा पूर्वी तटबंध पर जल संसाधन विभाग द्वारा निर्मित सड़क का उद्घाटन किया है. इससे चारो जिलों की लाखों की आबादी को कोसी नदी की बाढ़ से सुरक्षा के साथ-साथ यातायात सुगमता मिलेगी. जमालपुर के समारोह में उन्होंने कहा कि तटबंध पर बनी सड़क से यात्रा कर ही उन्होंने दरभंगा जिले के तरवारा और किरतपुर, जबकि [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, सुपौल जिले के लाखो लोगों को होगा फायदा</strong></p>



<p><strong>कोसी नदी की बाढ़ से सुरक्षा के साथ मिलेगी यातायात सुगमता</strong></p>



<p><strong>कमला नदी के तटबंध पर रसियारी से आगे 56 किलोमीटर तक होगा सड़क निर्माण</strong></p>



<p>बिहार के जल संसाधन मंत्री संजय झा मिथिला के केंद्रीय भाग में विभिन्न विकास योजनाओं के तहत तटबंधों पर बने सड़कों का उद्घाटन किया और दरभंगा जिले में तटबंधों पर ऑल वेदर सड़क बनाने का बड़ा ऐलान किया. दरभंगा जिले के जमालपुर में स्थित जल संसाधन विभाग के निरीक्षण भवन के जीर्णोद्धार कार्य का उद्घाटन करते हुए संजय झा ने ऐलान किया कि कमला नदी के दोनों तटबंधों पर पहले फेज में कुल 80 किलोमीटर लंबाई में सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है, जो जल्द पूरा हो जाएगा. साथ ही दूसरे फेज में अगले वित्त वर्ष में ही इस कार्य को रसियारी (दरभंगा) से आगे दोनों तरफ 28 किलोमीटर (कुल 56 किलोमीटर) तक बढ़ाया जाएगा. इससे कमला तटबंध के रास्ते लोग दरभंगा से नेपाल सीमा पर स्थित जयनगर तक आसानी से पहुंच जाएंगे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="337" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/01/a5708459-351c-4779-ac9b-b38300c2544e-1.jpg" alt="" class="wp-image-71066" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/01/a5708459-351c-4779-ac9b-b38300c2544e-1.jpg 337w, https://www.patnanow.com/assets/2023/01/a5708459-351c-4779-ac9b-b38300c2544e-1-197x350.jpg 197w" sizes="auto, (max-width: 337px) 100vw, 337px" /></figure>



<p>जल संसाधन मंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि दरभंगा, मधुबनी, सहरसा और सुपौल जिलों की यात्रा कर कोसी नदी के पश्चिमी तथा पूर्वी तटबंध पर जल संसाधन विभाग द्वारा निर्मित सड़क का उद्घाटन किया है. इससे चारो जिलों की लाखों की आबादी को कोसी नदी की बाढ़ से सुरक्षा के साथ-साथ यातायात सुगमता मिलेगी. जमालपुर के समारोह में उन्होंने कहा कि तटबंध पर बनी सड़क से यात्रा कर ही उन्होंने दरभंगा जिले के तरवारा और किरतपुर, जबकि मधुबनी जिले के भेजा, करहारा और तरडिहा में आयोजित सभाओं को संबोधित किया है. दरभंगा के जनसंपर्क उपनिदेशक एन के गुप्ता की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक मंत्री संजय कुमार झा ने कहा कि कोसी पश्चिमी तथा पूर्वी तटबंध पर रोड बन जाने से तटबंध के टूटने की आशंका न्यूनतम हो जाएगी. साथ ही दरभंगा जिले के किरतपुर, मधुबनी जिले के मधेपुर, घोघरडीहा और लौकही, सुपौल जिले के निर्मली, मरौना, सुपौल, भपटियाही, किशनपुर और सहरसा जिले के महिषी, नवहट्टा, सिमरी बख्तियारपुर तथा सलखुआ प्रखंड के निवासियों को आवागमन का एक प्रमुख वैकल्पिक मार्ग मिल गया है.</p>



<p>मंत्री ने कहा कि डेढ़ दशक पहले तक कोसी, कमला और बलान नदी के इलाके में आवागमन काफी दुरूह था. अब कोसी तटबंध पर सड़क निर्माण कार्य पूर्ण हो जाने से क्षेत्र में यातायात और सुगम हो गया है. कमला-बलान तटबंध पर सड़क बन जाने के बाद इस इलाके में विकास को पंख लग जाएंगे.उन्होंने याद दिलाया कि धनश्यामपुर से किरतपुर जाने के लिए धूल भरे रास्ते से जाना और फिर नाव से नदी पार कर ही रसियारी पहुंचना पड़ता था. रसियारी पुल का निर्माण के बाद किरतपुर प्रखंड और आसपास की बड़ी आबादी को फायदा हुआ है. किरतपुर से आगे जाकर कोसी नदी पर पुल बनने से क्षेत्र के लोगों के लिए सहरसा, सुपौल जाना सुगम हो गया है.मंत्री ने कहा कि समाधान यात्रा के क्रम में सीएम जब मधुबनी जिले में आये थे तब उन्होंने खुद स्थल पर जाकर देखा कि कमला नदी के तटबंध पर 80 किलोमीटर लंबाई में सड़क निर्माण कार्य किस तरह चल रहा है. कहा गया कि मधुबनी जिले के साथ ही दरभंगा जिले में उपलब्ध नहर सिंचाई सुविधा के विस्तार के लिए काम कराया जाएगा. ये भी कहा गया कि जल संसाधन विभाग द्वारा पूर्वी कोसी तटबंध का कुल 117.40 किलोमीटर, पश्चिमी कोसी तटबंध का कुल 107.07 किमी लंबाई में, साथ ही निर्मली-घोघरडीहा लिंक पथ का 8.54 किमी लंबाई में और भुतही बलान मार्जिनल बांध का 4.23 किमी लंबाई में ऊंचाई बढ़ाने, सुदृढ़ीकरण और पक्कीकरण कार्य कराया गया है. कोसी नदी के उपरोक्त बांध पर सड़क निर्माण की योजना है.इससे कोसी के साथ-साथ भुतही बलान और तिलयुगा नदी के किनारे बसे गांव के लोगों को बाढ़ से सुरक्षा मिलेगी.</p>



<p>संवेदनशील स्थलों पर कमला के तटबंधों को सुदृढ़ बनाने के लिए आयरन शीट पाइलिंग करवाई गई. इसके अलावा जयनगर में कमला नदी पर 405 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक बराज का निर्माण, कमला नदी के बायें एवं दायें तटबंधों का पहले फेज में करीब 325 करोड़ रुपये की लागत से कुल 80 किलोमीटर लंबाई में ऊँचीकरण, सुदृढ़ीकरण एवं पक्कीकरण कार्य और कमला नदी के बिहार में स्थित दोनों तटबंधों को नेपाल में स्थित तटबंधों के साथ जोड़ने की योजना शामिल है.</p>



<p><strong>संजय मिश्र ,दरभंगा</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अगले 48 घंटे के लिए बिहार के 26 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट</title>
		<link>https://www.patnanow.com/rain-alert-in-26-districts-of-bihar-for-next-48-hours/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 13 Sep 2022 05:38:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[बाढ़ अपडेट]]></category>
		<category><![CDATA[rain in bihar]]></category>
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					<description><![CDATA[8 जिलों में होगी भारी बारिश, अगले 48 घंटे ऐसा ही रहेगा मौसम 2022 में मानसून की बारिश अपने औसत से कम राज्य के अधिकांश जिलों में आज अच्छी बारिश होने के अनुमान हैं. आज 8 जिलों में भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है. इन जिलों में रोहतास, औरंगाबाद, कैमूर, नवादा, गया, भागलपुर, बांका और जमुई शामिल है. इन जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है. लगातार बारिश से कई जिलों में नदियां उफान पर हैं. बाढ़ का पानी गांवों में भी घुस गया है. जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इधर, राजधानी में सोमवार देर रात से ही बारिश हो रही है. मंगलवार सुबह भी हल्की बारिश हुई. इससे तापमान में गिरावट देखी गई. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले दो दिन गरज के साथ तेज बारिश की संभावना बनी हुई है. मौसम विभाग ने 18 जिलों में भी हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश की संभावना है. इन जिलों में पटना, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, मधेपुरा, सुपौल, समते 18 जिले शामिल हैं. तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट देखने को मिलेगी. 2022 में मानसून की बारिश अपने औसत से कम हुई है. बारिश कम होने से खरीफ फसल पर इसका सीधा असर पड़ा है. खरीफ फसल के बुआई में पानी की बहुत जरूरत होती है. बिहार में कम पानी होने से खरीफ फसल की बुआई प्रभावित हुई है. मौसम विभाग ने अब आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होने की संभावना जताई है. बिहार में मानसून [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p><strong>8 जिलों में होगी भारी बारिश, अगले 48 घंटे ऐसा ही रहेगा मौसम</strong></p>



<p><strong>2022 में मानसून की बारिश अपने औसत से कम </strong></p>



<p>राज्य के अधिकांश जिलों में आज अच्छी बारिश होने के अनुमान हैं. आज 8 जिलों में भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है. इन जिलों में रोहतास, औरंगाबाद, कैमूर, नवादा, गया, भागलपुर, बांका और जमुई शामिल है. इन जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है. लगातार बारिश से कई जिलों में नदियां उफान पर हैं. बाढ़ का पानी गांवों में भी घुस गया है. जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/patna.png" alt="" class="wp-image-66594" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/patna.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/09/patna-350x263.png 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इधर, राजधानी में सोमवार देर रात से ही बारिश हो रही है. मंगलवार सुबह भी हल्की बारिश हुई. इससे तापमान में गिरावट देखी गई. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले दो दिन गरज के साथ तेज बारिश की संभावना बनी हुई है. मौसम विभाग ने 18 जिलों में भी हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश की संभावना है. इन जिलों में पटना, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, मधेपुरा, सुपौल, समते 18 जिले शामिल हैं. तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट देखने को मिलेगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="353" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/rain-bihar.jpg" alt="" class="wp-image-66595" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/rain-bihar.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/09/rain-bihar-350x190.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>2022 में मानसून की बारिश अपने औसत से कम हुई है. बारिश कम होने से खरीफ फसल पर इसका सीधा असर पड़ा है. खरीफ फसल के बुआई में पानी की बहुत जरूरत होती है. बिहार में कम पानी होने से खरीफ फसल की बुआई प्रभावित हुई है. मौसम विभाग ने अब आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होने की संभावना जताई है. बिहार में मानसून अगले एक सप्ताह पूरे तरीके से एक्टिव रहेगा. कुछ जिले छोड़कर अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश तो कही मध्यम दर्जे की बारिश की संभावना है.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>नेपाल में जल सैलाब से बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर</title>
		<link>https://www.patnanow.com/flood-situation-serious-in-bihar-due-to-water-inundation-in-nepal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 05 Jul 2022 04:18:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[बाढ़ अपडेट]]></category>
		<category><![CDATA[31 person died in lighting]]></category>
		<category><![CDATA[flood in bihar]]></category>
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					<description><![CDATA[सीतामढ़ी में खतरे के निशान के ऊपर बागमतीखुद अपना घर उजाड़ने को मजबूर लोगवज्रपात से पिछले 5 दिनों में 31 मौत नेपाल में लगातार हो रही बारिश से बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. सीतामढ़ी में बागमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. यहां नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. बागमती नदी की धारा मेजरगंज प्रखंड में रुसूलपुर गांव के पास पहुंच गई है. रुसूलपुर गांव के पास से बागमती नदी गुजरती है. नेपाल सहित सीतामढ़ी में हुई भारी बारिश के कारण बागमती नदी उफान पर है. जिसके कारण नदी किनारे मिट्टी का कटाव जारी है.जिला प्रशासन ने कटाव रोकने के लिए खानापूर्ति करते हुए नदी में बांस डाल दिया है. बांस के बीच में बोरा में बालू-मिट्टी भरकर रख दिया गया है. नदी किनारे बड़े पेड़ डाल दिए गए हैं, लेकिन कटाव को रोकने के लिए यह नाकाफी हैं. रुसूलपुर गांव में बाढ़ कभी भी आ सकता है. लोग अपने घरों का ईट, झोपड़ी का घास, अन्य सामान दूसरे जगहों पर ले जा रहे हैं. ताकी बाढ़ में यह सब बह न जाए. स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि बहुत मेहनत से कमा के पैसा जमा कर घर बनाए थे. अब खुद इसे तोड़ना पड़ रहा है. बहुत दुख है. बाढ़ के खतरे से बचने के लिए प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. हर बार आश्वासन दिया जाता है, लेकिन प्रशासन कुछ नहीं करता है. राज्य में सोमवार के दिन भी मौसम मेहरबान रहने वाला है. राज्य के सभी जिलों [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>सीतामढ़ी में खतरे के निशान के ऊपर बागमती</strong><br><strong>खुद अपना घर उजाड़ने को मजबूर लोग</strong><br><strong>वज्रपात से पिछले 5 दिनों में 31 मौत</strong><br><br>नेपाल में लगातार हो रही बारिश से बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. सीतामढ़ी में बागमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. यहां नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. बागमती नदी की धारा मेजरगंज प्रखंड में रुसूलपुर गांव के पास पहुंच गई है. रुसूलपुर गांव के पास से बागमती नदी गुजरती है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="400" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/flood2.png" alt="" class="wp-image-64185" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/flood2.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/07/flood2-350x215.png 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><br>नेपाल सहित सीतामढ़ी में हुई भारी बारिश के कारण बागमती नदी उफान पर है. जिसके कारण नदी किनारे मिट्टी का कटाव जारी है.जिला प्रशासन ने कटाव रोकने के लिए खानापूर्ति करते हुए नदी में बांस डाल दिया है. बांस के बीच में बोरा में बालू-मिट्टी भरकर रख दिया गया है. नदी किनारे बड़े पेड़ डाल दिए गए हैं, लेकिन कटाव को रोकने के लिए यह नाकाफी हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="443" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/BIHAR-flood-650x443.jpg" alt="" class="wp-image-64183" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/BIHAR-flood-650x443.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/07/BIHAR-flood-350x239.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2022/07/BIHAR-flood-130x90.jpg 130w, https://www.patnanow.com/assets/2022/07/BIHAR-flood.jpg 660w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>रुसूलपुर गांव में बाढ़ कभी भी आ सकता है. लोग अपने घरों का ईट, झोपड़ी का घास, अन्य सामान दूसरे जगहों पर ले जा रहे हैं. ताकी बाढ़ में यह सब बह न जाए. स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि बहुत मेहनत से कमा के पैसा जमा कर घर बनाए थे. अब खुद इसे तोड़ना पड़ रहा है. बहुत दुख है. बाढ़ के खतरे से बचने के लिए प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. हर बार आश्वासन दिया जाता है, लेकिन प्रशासन कुछ नहीं करता है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="400" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/flood-1.png" alt="" class="wp-image-64184" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/flood-1.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/07/flood-1-350x215.png 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>राज्य में सोमवार के दिन भी मौसम मेहरबान रहने वाला है. राज्य के सभी जिलों में बूंदाबांदी दिखेगी. बीते दिन पटना में दिन में भीषण गर्मी पड़ी, लेकिन रात में बारिश की वजह से राहत मिली. पिछले 5 दिनों से राज्य के अलग-अलग जिलों में बारिश हुई है. मौसम विभाग की मानें तो अगले 5 जुलाई तक अलग-अलग जिलों में बारिश की संभावना है.<br>मौसम विभाग ने राज्य के सभी जिलों में बारिश के साथ साथ वज्रपात की भी आशंका जताई है. मौसम विभाग ने लोगों को बिना काम घर से बाहर न जाने की अपील की है. विभाग ने लोगों को पक्के के मकानों में शरण लेने को कहा है. वज्रपात के कारण पिछले 5 दिनों में 31 जानें ले लीं. बुधवार को 16, गुरुवार को 5, शुक्रवार को 5, शनिवार को 5 लोगों ने जान गवाई थी. वज्रपात से जिनकी भी मौत हुई, बिहार के सीएम  नीतीश कुमार ने उनके परिजनों को 4 लाख रुपए मुआवजा देने की बात कही.</p>



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