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	<title>बाढ़ अपडेट &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>बाढ़ अपडेट &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>गंडक में बाढ़ का कहर खत्म होने की ओर, रेवाघाट में पानी खतरे के निशान से सिर्फ 2 सेमी ऊपर</title>
		<link>https://www.patnanow.com/gandak-flood-update/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 04 Oct 2026 00:58:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
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					<description><![CDATA[वैशाली/सारण।। सारण और वैशाली में आए फ़्लैश फ्लड पर बिहार के जल संसाधन विभाग ने ताजा आधिकारिक जानकारी दी है. अपडेट में बताया गया है कि गंडक नदी का जलस्तर रेवाघाट (सारण) में अपने उच्चतम स्तर से 125 सेमी. घट गया है और खतरे के निशान से मात्र 2 सेमी. ऊपर है, जिसके शनिवार रात्रि में खतरे के निशान से नीचे जाकर सामान्य हो जाने की संभावना है. लालगंज (वैशाली) में जल स्तर अपने नए उच्चतम स्तर से 82 सेमी. घटा है, परंतु अभी भी खतरे के निशान से 1.02 मीटर ऊपर बना हुआ है. तटबंधों पर अब दबाव बहुत कम हो गया है तथा सीपेज/पाइपिंग की समस्या समाप्त हो गई है. परंतु स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक निगरानी की जा रही है. तटबंध के ब्रीच स्थलों पर पर्याप्त मटेरियल स्टॉक कर कट-एंड को प्रोटेक्ट करने तथा टैगिंग का काम किया जा रहा है. नदी का जल स्तर घटने से ब्रीच स्थलों से कंट्री साइड में पानी जाना लगभग बंद हो गया है. गोपालगंज जिला के बैकुंठपुर प्रखंड अंतर्गत शीतलपुर के समीप रिंग बांध के ब्रीच स्थल से अंदर का पानी टूटान के रास्ते वापस नदी में जाना शुरू हो गया है तथा तटबंध पर स्लूइस गेट को खोलने से भी पानी वापस नदी में निकल रहा है। इससे उक्त बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में तेजी से पानी घट रहा है. सारण जिला : जानकारी के अनुसार सारण जिले के मकेर प्रखंड में क्षतिग्रस्‍त तटबंध से फैला हुआ पानी मकेर और परसा पार कर दरियापुर की ओर तेजी से बढ़ [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>वैशाली/सारण।। सारण और वैशाली में आए फ़्लैश फ्लड पर बिहार के जल संसाधन विभाग ने ताजा आधिकारिक जानकारी दी है. अपडेट में बताया गया है कि  गंडक नदी का जलस्तर रेवाघाट (सारण) में अपने उच्चतम स्तर से 125 सेमी. घट गया है और खतरे के निशान से मात्र 2 सेमी. ऊपर है, जिसके शनिवार रात्रि में खतरे के निशान से नीचे जाकर सामान्य हो जाने की संभावना है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="634" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/10/1001178222-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99662" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/10/1001178222-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/10/1001178222-650x403.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/10/1001178222-1536x952.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/10/1001178222-2048x1269.jpg 2048w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>लालगंज (वैशाली) में जल स्तर अपने नए उच्चतम स्तर से 82 सेमी. घटा है, परंतु अभी भी खतरे के निशान से 1.02 मीटर ऊपर बना हुआ है. तटबंधों पर अब दबाव बहुत कम हो गया है तथा सीपेज/पाइपिंग की समस्या समाप्त हो गई है. परंतु स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक निगरानी की जा रही है. तटबंध के ब्रीच स्थलों पर पर्याप्त मटेरियल स्टॉक कर कट-एंड को प्रोटेक्ट करने तथा टैगिंग का काम किया जा रहा है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="976" height="972" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/10/1001178224.jpg" alt="" class="wp-image-99663" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/10/1001178224.jpg 976w, https://www.patnanow.com/assets/2026/10/1001178224-650x647.jpg 650w" sizes="(max-width: 976px) 100vw, 976px" /></figure>



<p>नदी का जल स्तर घटने से ब्रीच स्थलों से कंट्री साइड में पानी जाना लगभग बंद हो गया है. गोपालगंज जिला के बैकुंठपुर प्रखंड अंतर्गत शीतलपुर के समीप रिंग बांध के ब्रीच स्थल से अंदर का पानी टूटान के रास्ते वापस नदी में जाना शुरू हो गया है तथा तटबंध पर स्लूइस गेट को खोलने से भी पानी वापस नदी में निकल रहा है। इससे उक्त बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में तेजी से पानी घट रहा है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="787" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/10/1001178220-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99664" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/10/1001178220-scaled.jpg 787w, https://www.patnanow.com/assets/2026/10/1001178220-500x650.jpg 500w" sizes="(max-width: 787px) 100vw, 787px" /></figure>



<ol class="wp-block-list"></ol>



<p><strong>सारण जिला :</strong></p>



<p>जानकारी के अनुसार सारण जिले के मकेर प्रखंड में क्षतिग्रस्‍त तटबंध से फैला हुआ पानी मकेर और परसा पार कर दरियापुर की ओर तेजी से बढ़ रहा है. परसा और सोनहा जलमग्न हो गए थे और सड़कें डूबने से आवागमन बाधित हुआ था। परंतु अब यहाँ पानी घटने लगा है, परसा में लगभग 2 फीट पानी घटा है.<br>यह पानी मढ़ौरा नहर पार कर चुका है. मढ़ौरा नहर का बांध टूट जाने से इसके अमनौर बाजार में प्रवेश करने की आशंका थी, परंतु उस तरफ़ गति धीमी हो जाने के कारण अमनौर बाजार तक नहीं पहुँचेगा। अब यह नहर और उसके एस्केप चैनल बोधा नाला के माध्यम से हरदिया चौर की ओर बढ़ रहा है.</p>



<ol class="wp-block-list"></ol>



<p>वर्तमान में यह दरियापुर प्रखंड की जितवारपुर पंचायत के जामुनपुर और धने छपरा गांव तथा नाथ छपरा पंचायत के बड़का बनिया गाँव और मुख्य तटबंध के किनारे वाली पंचायतों के निचले इलाकों से होते हुए हरदिया चौर की ओर तेजी से बढ़ रहा है और वर्तमान में यह हरदिया चौर से लगभग 8 किमी. पीछे है. इन क्षेत्रों में सड़क संपर्क भंग होने की संभावना है.<br>हरदिया चौर से अतिरिक्त जल अंततः मुगल कैनाल के रास्‍ते गंगा नदी में तथा नेउरा एवं काकरा नाला के माध्यम से गंडक नदी में प्रवाहित होगा.</p>



<p>पानापुर ब्रीच का पानी पानापुर, तरैया और अमनौर प्रखंड के निचले क्षेत्रों से होकर मढ़ौरा नहर में पहुँचने की संभावना थी। परंतु नदी का जल स्तर कम होने और ब्रीच स्थल से पानी आना लगभग बंद हो जाने के कारण इसकी गति धीमी हो गई है और अभी तक यह मढ़ौरा नहर तक नहीं पहुँचा है। अब इसके अमनौर में प्रवेश करने की संभावना नहीं है.<br>यह पानापुर और तरैया प्रखंड की पंचायतों के निचले इलाकों से होते हुए गरखी नाला के माध्यम से आगे बढ़ेगा और यदि अधिक पानी रहा तो अंततः माही नदी के माध्यम से गंगा में मिलेगा. परंतु पानी कम होने के कारण इसके स्थानीय चौर में ही रह जाने की अधिक संभावना है.</p>



<ol start="2" class="wp-block-list"></ol>



<p><strong><em>RK</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>रेवाघाट और लालगंज में पानी घटा, लेकिन खतरे के निशान से ऊपर गंडक</title>
		<link>https://www.patnanow.com/flood-update/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 02 Oct 2026 15:43:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[बाढ़ अपडेट]]></category>
		<category><![CDATA[bihar floods]]></category>
		<category><![CDATA[FLOOD]]></category>
		<category><![CDATA[FLOOD UPDATE]]></category>
		<category><![CDATA[Lalganj flood update]]></category>
		<category><![CDATA[Maker bandh]]></category>
		<category><![CDATA[Saran tatbandh]]></category>
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					<description><![CDATA[सारण और वैशाली में 22 हजार हेक्टेयर से ज्यादा इलाका बाढ़ की चपेट में गंडक नदी का जलस्तर रेवाघाट (सारण) में अपने उच्चतम स्तर से 71 सेमी. तथा लालगंज (वैशाली) में 32 सेमी. घटा है, परंतु अभी भी खतरे के निशान से क्रमशः 0.56 मीटर और 2 मीटर ऊपर बना हुआ है. बिहार सरकार की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दोनों तटबंधों पर दबाव कुछ कम हुआ है तथा क्रिटिकल सीपेज/पाइपिंग में कमी आयी है. स्थिति सामान्य होने तक लगातार निगरानी की जा रही है. तटबंध के ब्रीच स्थलों पर पर्याप्त मटेरियल स्टॉक कर कट-एंड को प्रोटेक्ट करने तथा टैगिंग का काम किया जा रहा है. सारण जिले के पानापुर एवं मकेर प्रखंड में क्षतिग्रस्‍त तटबंधों से फैला हुआ पानी पानापुर, करचौलिया, अमनौर, जगदीशपुर, मकेर, परसा के क्षेत्र से होते हुए आगे बढ़ रहा है, जो दरियापुर प्रखंड के हरदिया चौर में एकत्रित होगा. हरदिया चौर से अतिरिक्त जल मुगल कैनाल के रास्‍ते गंगा नदी में तथा नेउरा एवं काकरा नाला के माध्यम से गंडक नदी में प्रवाहित होगा. वर्तमान में संभावित अतिरिक्त जलप्‍लावन क्षेत्र 22,617 हेक्‍टेयर है. RK]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>सारण और वैशाली में 22 हजार हेक्टेयर से ज्यादा इलाका बाढ़ की चपेट में </strong></p>



<p>गंडक नदी का जलस्तर रेवाघाट (सारण) में अपने उच्चतम स्तर से 71 सेमी. तथा लालगंज (वैशाली) में 32 सेमी. घटा है, परंतु अभी भी खतरे के निशान से क्रमशः 0.56 मीटर और 2 मीटर ऊपर बना हुआ है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="802" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/10/1001178216-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99661" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/10/1001178216-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/10/1001178216-650x509.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बिहार सरकार की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दोनों तटबंधों पर दबाव कुछ कम हुआ है तथा क्रिटिकल सीपेज/पाइपिंग में कमी आयी है. स्थिति सामान्य होने तक लगातार निगरानी की जा रही है. तटबंध के ब्रीच स्थलों पर पर्याप्त मटेरियल स्टॉक कर कट-एंड को प्रोटेक्ट करने तथा टैगिंग का काम किया जा रहा है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="634" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/10/1001178222-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99662" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/10/1001178222-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/10/1001178222-650x403.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/10/1001178222-1536x952.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/10/1001178222-2048x1269.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>सारण जिले के पानापुर एवं मकेर प्रखंड में क्षतिग्रस्‍त तटबंधों से फैला हुआ पानी पानापुर, करचौलिया, अमनौर, जगदीशपुर, मकेर, परसा के क्षेत्र से होते हुए आगे बढ़ रहा है, जो दरियापुर प्रखंड के हरदिया चौर में एकत्रित होगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="787" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/10/1001178220-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99664" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/10/1001178220-scaled.jpg 787w, https://www.patnanow.com/assets/2026/10/1001178220-500x650.jpg 500w" sizes="auto, (max-width: 787px) 100vw, 787px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="976" height="972" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/10/1001178224.jpg" alt="" class="wp-image-99663" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/10/1001178224.jpg 976w, https://www.patnanow.com/assets/2026/10/1001178224-650x647.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 976px) 100vw, 976px" /></figure>



<p>हरदिया चौर से अतिरिक्त जल मुगल कैनाल के रास्‍ते गंगा नदी में तथा नेउरा एवं काकरा नाला के माध्यम से गंडक नदी में प्रवाहित होगा. वर्तमान में संभावित अतिरिक्त जलप्‍लावन क्षेत्र 22,617 हेक्‍टेयर है.</p>



<ol class="wp-block-list">
<li></li>
</ol>



<p>RK</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सारण में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का डीएम और एसएसपी ने लिया जायजा, राहत-बचाव कार्य तेज</title>
		<link>https://www.patnanow.com/saran-tatbandh-toota/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RAJESH tiwari]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 01 Oct 2026 05:21:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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		<category><![CDATA[Saran bandh]]></category>
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					<description><![CDATA[सारण।। सारण जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तत्परता एवं मुस्तैदी के साथ राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है. जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव एवं वरीय पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार ने स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने तथा प्रशासन का सहयोग करने की अपील की. जिले के मकेर, अमनौर और परसा में बाढ़ से स्थिति ज्यादा गंभीर है. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक पदाधिकारियों एवं बचाव दलों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. प्रशासन की प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में लगी हुई हैं. प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ-साथ सामुदायिक रसोई के माध्यम से भोजन, चिकित्सा सुविधा एवं आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है. जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाई जा रही है, ताकि प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता मिल सके. जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति में संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें. RK]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>सारण।। सारण जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तत्परता एवं मुस्तैदी के साथ राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है. जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव एवं वरीय पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार ने स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने तथा प्रशासन का सहयोग करने की अपील की.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="720" height="892" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/10/pnc-bandh-toota-flood-saran.jpg" alt="" class="wp-image-99602" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/10/pnc-bandh-toota-flood-saran.jpg 720w, https://www.patnanow.com/assets/2026/10/pnc-bandh-toota-flood-saran-525x650.jpg 525w" sizes="auto, (max-width: 720px) 100vw, 720px" /></figure>



<p>जिले के मकेर, अमनौर और परसा में बाढ़ से स्थिति ज्यादा गंभीर है. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक पदाधिकारियों एवं बचाव दलों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. प्रशासन की प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="466" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/10/pnc-dm-sp-saran-visit-flood-area-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99605" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/10/pnc-dm-sp-saran-visit-flood-area-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/10/pnc-dm-sp-saran-visit-flood-area-650x296.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/10/pnc-dm-sp-saran-visit-flood-area-1536x698.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="466" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/10/pnc-dm-sp-visit-flood-saran-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99603" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/10/pnc-dm-sp-visit-flood-saran-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/10/pnc-dm-sp-visit-flood-saran-650x296.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/10/pnc-dm-sp-visit-flood-saran-1536x698.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में लगी हुई हैं. प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ-साथ सामुदायिक रसोई के माध्यम से भोजन, चिकित्सा सुविधा एवं आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/10/pnc-saran-tatbandh-toota-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99604" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/10/pnc-saran-tatbandh-toota-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/10/pnc-saran-tatbandh-toota-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/10/pnc-saran-tatbandh-toota-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाई जा रही है, ताकि प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता मिल सके.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/10/pnc-dm-sp-saran-tatbandh-toota-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99606" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/10/pnc-dm-sp-saran-tatbandh-toota-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/10/pnc-dm-sp-saran-tatbandh-toota-650x366.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति में संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें.</p>



<p><strong><em>RK</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>श्रीलंका में सीता से जुड़े स्थलों तक पहुंचेगी भोजपुर की आवाज</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bhojpur-voice-will-reach-shrilanka/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 16 Sep 2026 05:26:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[We Care]]></category>
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					<description><![CDATA[दिसंबर में होगा सीतोत्सव आरा में सनातनी गंगा फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत, 13 से 23 दिसंबर तक होगी ‘श्रीलंका की खोज एवं श्री रामायण दिव्य यात्रा-2026’ आरा,16 सितंबर. शहर के शुभ नारायण नगर, मझौंवा स्थित संभावना आवासीय उच्च विद्यालय के जुबली हॉल में सनातनी गंगा फाउंडेशन की भोजपुर इकाई की बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैप्टन प्रवीण कुमार ने की. इस दौरान भोजपुर इकाई की अध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह ने राष्ट्रीय अध्यक्ष कैप्टन प्रवीण कुमार को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया. वहीं बिहार राज्य के अध्यक्ष सुजीत कुमार कसेरा को भोजपुर के महासचिव शंभू चौरसिया ने अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया. बैठक के दौरान कैप्टन प्रवीण कुमार ने आगामी ‘श्रीलंका की खोज एवं श्री रामायण दिव्य यात्रा-2026’ के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सनातनी गंगा फाउंडेशन की ओर से आगामी 13 से 23 दिसंबर 2026 तक श्रीलंका की यात्रा आयोजित की जाएगी. इस यात्रा के दौरान 17 से 19 दिसंबर तक श्रीलंका स्थित अशोक वाटिका में सीतोत्सव का आयोजन किया जाएगा. सीता से जुड़े स्थलों का होगा दर्शन कैप्टन प्रवीण कुमार ने बताया कि यात्रा के दौरान माता सीता से जुड़े माने जाने वाले विभिन्न स्थलों का दर्शन किया जाएगा. इनमें सीता कोटुवा, सीता अम्मन मंदिर और अशोक वाटिका प्रमुख हैं. इसके अलावा दियूरुम्पोला का भी भ्रमण किया जाएगा, जिसे परंपरागत रूप से माता सीता की अग्नि परीक्षा से जोड़ा जाता है. सीतोत्सव के दौरान ‘रन फॉर मां सीता’ और ‘डांस फॉर मां सीता’ सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन [&#8230;]]]></description>
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<h1 class="wp-block-heading">दिसंबर में होगा सीतोत्सव</h1>



<h3 class="wp-block-heading">आरा में सनातनी गंगा फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत, 13 से 23 दिसंबर तक होगी ‘श्रीलंका की खोज एवं श्री रामायण दिव्य यात्रा-2026’</h3>



<p><strong>आरा</strong>,16 सितंबर. शहर के शुभ नारायण नगर, मझौंवा स्थित संभावना आवासीय उच्च विद्यालय के जुबली हॉल में सनातनी गंगा फाउंडेशन की भोजपुर इकाई की बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष <strong>कैप्टन प्रवीण कुमार</strong> ने की. इस दौरान भोजपुर इकाई की अध्यक्ष <strong>डॉ. अर्चना सिंह</strong> ने राष्ट्रीय अध्यक्ष कैप्टन प्रवीण कुमार को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया. वहीं बिहार राज्य के अध्यक्ष <strong>सुजीत कुमार कसेरा</strong> को भोजपुर के महासचिव <strong>शंभू चौरसिया</strong> ने अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया.</p>



<p>बैठक के दौरान कैप्टन प्रवीण कुमार ने आगामी <strong>‘श्रीलंका की खोज एवं श्री रामायण दिव्य यात्रा-2026’</strong> के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सनातनी गंगा फाउंडेशन की ओर से आगामी <strong>13 से 23 दिसंबर 2026</strong> तक श्रीलंका की यात्रा आयोजित की जाएगी. इस यात्रा के दौरान <strong>17 से 19 दिसंबर</strong> तक श्रीलंका स्थित अशोक वाटिका में <strong>सीतोत्सव</strong> का आयोजन किया जाएगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001753842-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99282" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001753842-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001753842-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001753842-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<h3 class="wp-block-heading">सीता से जुड़े स्थलों का होगा दर्शन</h3>



<p>कैप्टन प्रवीण कुमार ने बताया कि यात्रा के दौरान माता सीता से जुड़े माने जाने वाले विभिन्न स्थलों का दर्शन किया जाएगा. इनमें <strong>सीता कोटुवा, सीता अम्मन मंदिर और अशोक वाटिका</strong> प्रमुख हैं. इसके अलावा <strong>दियूरुम्पोला</strong> का भी भ्रमण किया जाएगा, जिसे परंपरागत रूप से माता सीता की अग्नि परीक्षा से जोड़ा जाता है.</p>



<p>सीतोत्सव के दौरान <strong>‘रन फॉर मां सीता’ और ‘डांस फॉर मां सीता’</strong> सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. यात्रा में राम्बोड़ा स्थित <strong>श्री भगवान हनुमान मंदिर</strong> का भी दर्शन कराया जाएगा, जिसे स्थानीय परंपराओं के अनुसार हनुमान जी के श्रीलंका में प्रथम चरण रखने के स्थान के रूप में माना जाता है.</p>



<p>इसके अलावा यात्रा के दौरान <strong>राजा रावण से जुड़े माने जाने वाले विभिन्न स्थलों</strong> का भी भ्रमण किया जाएगा. आयोजकों के अनुसार यात्रा का उद्देश्य श्रीरामायण से जुड़े स्थलों, भारतीय संस्कृति और परंपराओं से लोगों को परिचित कराना है.</p>



<p>बैठक में <strong>शंभू चौरसिया, अवधेश पांडेय, मनोज कुमार सिंह, राम कुमार सिंह, डॉ. संदीप कुमार, राम अनूज सिंह, आनंद कुमार, विष्णु शंकर, अखिलानंद ओझा, रिशु सिन्हा, विवेक तिवारी, दीप कुमार, नवीन कुमार, अवनीश कुमार, संजीव सिंह एवं दयाशंकर</strong> समेत अन्य लोग मौजूद रहे.</p>



<p>आरा से <strong>ओ पी पाण्डेय</strong> की रिपोर्ट<strong> </strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बिहार में बाढ़ का कहर: 14 जिलों के 43.64 लाख लोग प्रभावित, गंगा ने तोड़ा 2021 का रिकॉर्ड</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bihar-flood-update-2/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 10 Sep 2026 07:25:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना, 10 सितंबर 2026 (पूर्वाह्न 10:30 बजे तक) &#8211; बिहार में मॉनसून कमजोर रहा लेकिन नदियों के उफान से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. आपदा प्रबंधन विभाग ने आज की रिपोर्ट जारी की है. 1. बारिश का हाल &#8211; सामान्य से 27% कम बारिशबिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुसार इस साल बारिश कम हुई है: 2. गंगा ने तोड़ा पुराना रिकॉर्डकेंद्रीय जल आयोग के अनुसार आज सुबह 8 बजे भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर 36.80 मीटर दर्ज किया गया. यह 17 अगस्त 2021 के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर (HFL 36.75 मीटर) से 0.05 मीटर ऊपर है. परन्तु प्रवृत्ति अब घटने की है. खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं ये नदियां:गंडक &#8211; डुमरिया घाट, कोसी &#8211; बलतारा और कुरसेला में, बूढ़ी गंडक &#8211; खगड़िया में, गंगा &#8211; दीघा, गांधीघाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में, पुनपुन &#8211; श्रीपालपुर में, बागमती &#8211; बेनीबाद और घाघरा &#8211; दरौली एवं गंगपुर सिसवन में. 3. 14 जिलों में बाढ़ का असरनदियों के बढ़ने से 14 जिलों &#8211; सुपौल, पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया एवं अरवल के 85 प्रखंडों की 627 पंचायतों में लगभग 43.64 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. 4. सरकार की मदद: 5. बराजों पर पानी का डिस्चार्ज (आज सुबह 10 बजे) 6. NDRF-SDRF तैनातबाढ़ में राहत-बचाव के लिए NDRF की 27 टीमें और SDRF की 10 टीमें विभिन्न जिलों में तैनात की गई हैं. 7. अगले 2 दिन का अलर्टमौसम विभाग के अनुसार अगले 2 दिनों [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><em>पटना, 10 सितंबर 2026 (पूर्वाह्न 10:30 बजे तक) &#8211;</em> बिहार में मॉनसून कमजोर रहा लेकिन नदियों के उफान से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. आपदा प्रबंधन विभाग ने आज की रिपोर्ट जारी की है.</p>



<p><em>1. बारिश का हाल &#8211; सामान्य से 27% कम बारिश</em><br>बिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुसार इस साल बारिश कम हुई है:</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>जून में 103.8 मिमी (36% कम)</li>



<li>जुलाई में 227.2 मिमी (33% कम)</li>



<li>अगस्त में अब तक 190.4 मिमी (29% कम)</li>



<li>सितंबर में अब तक 83.6 मिमी (24% ज्यादा)</li>



<li>1 जून से 9 सितंबर तक कुल 605.1 मिमी बारिश, जो सामान्य से 27% कम है.</li>
</ul>



<p><em>2. गंगा ने तोड़ा पुराना रिकॉर्ड</em><br>केंद्रीय जल आयोग के अनुसार आज सुबह 8 बजे <em>भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर 36.80 मीटर</em> दर्ज किया गया. यह 17 अगस्त 2021 के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर (HFL 36.75 मीटर) से <em>0.05 मीटर ऊपर</em> है. परन्तु प्रवृत्ति अब घटने की है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-barh-flood-ganga-collage-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99188" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-barh-flood-ganga-collage-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-barh-flood-ganga-collage-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-barh-flood-ganga-collage-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p><em>खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं ये नदियां:</em><br>गंडक &#8211; डुमरिया घाट, कोसी &#8211; बलतारा और कुरसेला में, बूढ़ी गंडक &#8211; खगड़िया में, गंगा &#8211; दीघा, गांधीघाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में, पुनपुन &#8211; श्रीपालपुर में, बागमती &#8211; बेनीबाद और घाघरा &#8211; दरौली एवं गंगपुर सिसवन में.</p>



<p><em>3. 14 जिलों में बाढ़ का असर</em><br>नदियों के बढ़ने से <em>14 जिलों &#8211; सुपौल, पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया एवं अरवल के 85 प्रखंडों की 627 पंचायतों में लगभग 43.64 लाख लोग</em> बाढ़ से प्रभावित हैं.</p>



<p><em>4. सरकार की मदद:</em></p>



<ul class="wp-block-list">
<li><em>951 सामुदायिक रसोई</em> केंद्र चल रहे हैं, <em>33.98 लाख लोगों</em> को भोजन कराया गया.</li>



<li><em>15 राहत शिविरों में 11,255 लोग</em> रह रहे हैं, जहां आवास, भोजन, चिकित्सा की व्यवस्था है.</li>



<li><em>2.57 लाख पॉलीथीन शीट</em> और <em>40,600 ड्राई राशन पैकेट</em> बांटे गए.</li>



<li>लोगों को निकालने के लिए <em>1932 नावों</em> का परिचालन.</li>



<li><em>6692 क्विंटल पशुचारा</em> वितरित.</li>
</ul>



<p><em>5. बराजों पर पानी का डिस्चार्ज (आज सुबह 10 बजे)</em></p>



<ul class="wp-block-list">
<li><em>गंडक (वाल्मीकिनगर):</em> 86,000 क्यूसेक (इस साल का अधिकतम 14 जुलाई को 2,24,000 क्यूसेक)</li>



<li><em>कोसी (बीरपुर):</em> 1,44,240 क्यूसेक (इस साल का अधिकतम 20 जुलाई को 2,55,425 क्यूसेक)</li>



<li><em>सोन (इंद्रपुरी):</em> 72,604 क्यूसेक (इस साल का अधिकतम 2 सितंबर को 5,63,654 क्यूसेक)</li>
</ul>



<p><em>6. NDRF-SDRF तैनात</em><br>बाढ़ में राहत-बचाव के लिए <em>NDRF की 27 टीमें और SDRF की 10 टीमें</em> विभिन्न जिलों में तैनात की गई हैं.</p>



<p><em>7. अगले 2 दिन का अलर्ट</em><br>मौसम विभाग के अनुसार अगले 2 दिनों में राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है.</p>



<p>RK</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बिहार में बाढ़ का हाई अलर्ट! गंगा खतरे के निशान से ऊपर, 8 जिलों के लिए चेतावनी जारी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bihar-flood-alert-2/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 03 Sep 2026 17:52:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[बाढ़ अपडेट]]></category>
		<category><![CDATA[BARH]]></category>
		<category><![CDATA[bihar flood]]></category>
		<category><![CDATA[bihar news]]></category>
		<category><![CDATA[Disaster alert]]></category>
		<category><![CDATA[Flood alert]]></category>
		<category><![CDATA[FLOOD UPDATE]]></category>
		<category><![CDATA[Ganga flood]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। बिहार में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. आपदा प्रबंधन विभाग ने आज बड़ी चेतावनी जारी की है. जल संसाधन विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार पटना के गांधी घाट पर आज रात और हाथीदह (मोकामा) में कल 4 सितंबर को दोपहर में गंगा नदी का जलस्तर उच्चतम बाढ़ स्तर (Highest Flood Level &#8211; HFL) को पार कर सकता है. गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए विभाग ने भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद जिलों के नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे पूरी सतर्कता बरतें और कोई जोखिम न लें. आपदा प्रबंधन विभाग ने जारी किए 8 जरूरी निर्देश: pncb]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001114124-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99072" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001114124-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001114124-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001114124-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p><em>पटना</em>।। बिहार में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. आपदा प्रबंधन विभाग ने आज बड़ी चेतावनी जारी की है. जल संसाधन विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार <em>पटना के गांधी घाट पर आज रात और हाथीदह (मोकामा) में कल 4 सितंबर को दोपहर में गंगा नदी का जलस्तर उच्चतम बाढ़ स्तर (Highest Flood Level &#8211; HFL) को पार कर सकता है</em>.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2016/08/GANDHI-GHAT-650x488.jpg" alt="" class="wp-image-478" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2016/08/GANDHI-GHAT.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2016/08/GANDHI-GHAT-350x263.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए विभाग ने <em>भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद</em> जिलों के नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे पूरी सतर्कता बरतें और कोई जोखिम न लें.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="644" height="472" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/05/pnc-bihar-apda-prabandhan-vibhag-aapda-1.jpg" alt="" class="wp-image-52495" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/05/pnc-bihar-apda-prabandhan-vibhag-aapda-1.jpg 644w, https://www.patnanow.com/assets/2021/05/pnc-bihar-apda-prabandhan-vibhag-aapda-1-350x257.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 644px) 100vw, 644px" /></figure>



<p><em>आपदा प्रबंधन विभाग ने जारी किए 8 जरूरी निर्देश:</em></p>



<ol class="wp-block-list">
<li>नदी, घाट, तटबंध और निचले इलाकों में अनावश्यक रूप से न जाएं.</li>



<li>बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखें.</li>



<li>प्रशासन द्वारा चिन्हित सुरक्षित स्थान और राहत शिविरों की जानकारी रखें और जरूरत पड़ने पर वहां चले जाएं.</li>



<li>नदी में स्नान, तैराकी, नाव से घूमना और सेल्फी लेने जैसी खतरनाक गतिविधियों से बिल्कुल बचें.</li>



<li>जरूरी दस्तावेज, दवाइयां, मोबाइल, टॉर्च, पीने का पानी और जरूरी सामान सुरक्षित और आसानी से ले जाने योग्य रखें.</li>



<li>अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें </li>



<li>जलस्तर बढ़ने या बाढ़ की स्थिति में प्रशासन और बचाव दल के निर्देशों का तुरंत पालन करें.</li>



<li>किसी भी आपात स्थिति में <em>1070</em> नंबर पर तुरंत सूचना दें. यह राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र का नंबर है.</li>
</ol>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>&#8216;बिहार में बाढ़ राहत और बचाव को लेकर सरकार असंवेदनशील और सुस्त&#8217;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/flood-situation-worsens/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 03 Sep 2026 15:25:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[बाढ़ अपडेट]]></category>
		<category><![CDATA[bihar flood]]></category>
		<category><![CDATA[bihar news]]></category>
		<category><![CDATA[FLOOD]]></category>
		<category><![CDATA[Patna ganga flood]]></category>
		<category><![CDATA[Tejasvi Yadav]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=99027</guid>

					<description><![CDATA[भागलपुर, वैशाली, पटना समेत कई जिलों में बाढ़ का खतरा राजधानी पटना में भी गंगा का खतरे के निशान से ऊपर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर लगाया आरोप पटना।। बिहार में कई नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. गंगा, सोन, पुनपुन, गंडक, बुढी गंडक, बागमती, कोसी इत्यादि नदियों में बढ़ते जलस्तर और बाढ़ के कारण लोगों में दहशत है. पटना में आज डीएम कुंदन कुमार ने गंगा घाटों का जायजा लिया और बाढ़ को लेकर पुख्ता इंतजाम का आदेश दिया है. इस बीच बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बाढ़ को लेकर सरकार की तैयारी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि 15 से अधिक जिले बाढ़ की चपेट में हैं लेकिन एनडीए सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों की अभी तक कोई तैयारी नहीं की है. सरकार की ओर से आमजन की सुरक्षा और बाढ़ प्रभावितों को किसी प्रकार की कोई सुविधा प्रदान नहीं की गई है. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि दियारा क्षेत्रों के बाढ़ के कहर और कटाव से किसानों की मक्का और हरी सब्जियों की फसलें पानी में डूब गई है. घरों, सड़कों, स्कूलों और खेतों में पानी भर गया है. pic courtesy social media तेजस्वी यादव ने कहा कि दियारा क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद होने के कारण ग्रामीणों को अंधेरे के साथ-साथ पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. गांवों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क टूटने के कारण राशन और जरूरी सामान की कमी होने लगी है. हमारी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>भागलपुर, वैशाली, पटना समेत कई जिलों में बाढ़ का खतरा </strong></p>



<p><strong>राजधानी पटना में भी गंगा का खतरे के निशान से ऊपर </strong></p>



<p><strong>नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर लगाया आरोप <br></strong>पटना।। बिहार में कई नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. गंगा, सोन, पुनपुन, गंडक, बुढी गंडक, बागमती, कोसी इत्यादि नदियों में बढ़ते जलस्तर और बाढ़ के कारण लोगों में दहशत है. पटना में आज डीएम कुंदन कुमार ने गंगा घाटों का जायजा लिया और बाढ़ को लेकर पुख्ता इंतजाम का आदेश दिया है. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001113888-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99034" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001113888-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001113888-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001113888-1536x1024.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001113888-2048x1365.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस बीच बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बाढ़ को लेकर सरकार की तैयारी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि 15 से अधिक जिले बाढ़ की चपेट में हैं लेकिन एनडीए सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों की अभी तक कोई तैयारी नहीं की है. सरकार की ओर से आमजन की सुरक्षा और बाढ़ प्रभावितों को किसी प्रकार की कोई सुविधा प्रदान नहीं की गई है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="877" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001113834.jpg" alt="" class="wp-image-99036" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001113834.jpg 877w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001113834-650x445.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 877px) 100vw, 877px" /></figure>



<p>नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि दियारा क्षेत्रों के बाढ़ के कहर और कटाव से किसानों की मक्का और हरी सब्जियों की फसलें पानी में डूब गई है. घरों, सड़कों, स्कूलों और खेतों में पानी भर गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="603" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001113661-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99039" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001113661-scaled.jpg 603w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001113661-383x650.jpg 383w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001113661-905x1536.jpg 905w" sizes="auto, (max-width: 603px) 100vw, 603px" /></figure>



<p><strong>pic courtesy social media </strong></p>



<p>तेजस्वी यादव ने कहा कि दियारा क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद होने के कारण ग्रामीणों को अंधेरे के साथ-साथ पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. गांवों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क टूटने के कारण राशन और जरूरी सामान की कमी होने लगी है. हमारी सरकार से माँग है कि दियारा क्षेत्रों को अविलंब बाढ़ग्रस्त घोषित किया जाए.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>नेपाल में फ्लैश फ्लड से बिहार में बाढ़ का खतरा, सरकार ने जारी किया हाई अलर्ट</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bihar-on-high-alert/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 26 Aug 2026 11:52:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[गंडक नदी में अचानक बढ़ सकता है जलप्रवाह, सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को पूरी तरह अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया. बिहार में नेपाल से आने वाले बाढ़ के पानी की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने को कहा गया है. पश्चिम चंपारण समेत 6 जिलों में विशेष निगरानी गंडक नदी से जुड़े पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली समेत अन्य संवेदनशील जिलों के प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है. बांध-तटबंधों पर दिन-रात निगरानी, रात में नाइट पेट्रोलिंग मुख्यमंत्री ने सभी बांधों और तटबंधों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा. कमजोर हिस्सों की तत्काल पहचान कर जरूरी कार्रवाई और रात में विशेष नाइट पेट्रोलिंग कराने का निर्देश दिया गया है. लाउडस्पीकर से लगातार दी जाएगी चेतावनी संवेदनशील और प्रभावित इलाकों में लाउडस्पीकर एवं माइक के जरिए लोगों को संभावित खतरे और जरूरी सावधानियों की जानकारी लगातार देने का निर्देश दिया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके. NDRF-SDRF टीमें तैनात, राहत-बचाव के लिए तैयार किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए NDRF और SDRF की टीमें तैनात रखी गई हैं. जिला प्रशासन को दोनों टीमों के साथ समन्वय कर जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है. मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश—लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्थिति पर सतत निगरानी रखने और प्रशासनिक एवं तकनीकी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<h4 class="wp-block-heading">गंडक नदी में अचानक बढ़ सकता है जलप्रवाह, सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता</h4>



<p>नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को पूरी तरह अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया. बिहार में नेपाल से आने वाले बाढ़ के पानी की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने को कहा गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-samrat-chaudhary-cm-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97200" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-samrat-chaudhary-cm-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-samrat-chaudhary-cm-650x434.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<h3 class="wp-block-heading">पश्चिम चंपारण समेत 6 जिलों में विशेष निगरानी</h3>



<p>गंडक नदी से जुड़े पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली समेत अन्य संवेदनशील जिलों के प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है.</p>



<h3 class="wp-block-heading">बांध-तटबंधों पर दिन-रात निगरानी, रात में नाइट पेट्रोलिंग</h3>



<p>मुख्यमंत्री ने सभी बांधों और तटबंधों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा. कमजोर हिस्सों की तत्काल पहचान कर जरूरी कार्रवाई और रात में विशेष नाइट पेट्रोलिंग कराने का निर्देश दिया गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-nepal-glacier-burst-thumbnail-scaled.png" alt="" class="wp-image-98877" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-nepal-glacier-burst-thumbnail-scaled.png 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-nepal-glacier-burst-thumbnail-650x433.png 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<h3 class="wp-block-heading">लाउडस्पीकर से लगातार दी जाएगी चेतावनी</h3>



<p>संवेदनशील और प्रभावित इलाकों में लाउडस्पीकर एवं माइक के जरिए लोगों को संभावित खतरे और जरूरी सावधानियों की जानकारी लगातार देने का निर्देश दिया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके.</p>



<figure class="wp-block-embed is-type-rich is-provider-x wp-block-embed-x"><div class="wp-block-embed__wrapper">
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true"><p lang="hi" dir="ltr">तिब्बत में झील फटी, बिहार में हाई अलर्ट!<br>गंडक में 86 हजार क्यूसेक पानी, 36 गेट खुले<a href="https://x.com/hashtag/flood?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#flood</a><a href="https://x.com/NowPatna?ref_src=twsrc%5Etfw">@NowPatna</a><a href="https://x.com/IPRDBihar?ref_src=twsrc%5Etfw">@IPRDBihar</a> <a href="https://x.com/tomhoney06?ref_src=twsrc%5Etfw">@tomhoney06</a> <a href="https://x.com/BSDMA?ref_src=twsrc%5Etfw">@BSDMA</a> <a href="https://t.co/103zyayPpd">pic.twitter.com/103zyayPpd</a></p>&mdash; Patna Now (@PatnaNow) <a href="https://x.com/PatnaNow/status/2092568626075460021?ref_src=twsrc%5Etfw">August 26, 2026</a></blockquote><script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
</div></figure>



<h3 class="wp-block-heading">NDRF-SDRF टीमें तैनात, राहत-बचाव के लिए तैयार</h3>



<p>किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए NDRF और SDRF की टीमें तैनात रखी गई हैं. जिला प्रशासन को दोनों टीमों के साथ समन्वय कर जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है.</p>



<h3 class="wp-block-heading">मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश—लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता</h3>



<p>मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्थिति पर सतत निगरानी रखने और प्रशासनिक एवं तकनीकी टीमों को पूरी तरह सक्रिय रखने को कहा. किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति में राहत और बचाव कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया गया.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>तिब्बत में ग्लेशियर झील फटी, बिहार में हाई अलर्ट &#8211; गंडक नदी में बाढ़ का खतरा</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bihar-flood-alert/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 26 Aug 2026 11:25:12 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
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					<description><![CDATA[तिब्बत के ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट से गंडक में 3 मीटर का उफान, वाल्मीकिनगर बराज के 36 फाटक खोले गए, NDRF-SDRF तैनात पटना, 26 अगस्त 2026 ।। तिब्बत में आज सुबह बड़ी प्राकृतिक घटना हुई है. सुबह 9.00 बजे तिब्बत प्रभाग में एक Glacial Lake के Outburst होने से भोटे-कोशी नदी में लगभग 3 मीटर का Surge प्रवाहित हो रहा है. भोटे-कोशी नदी तिब्बत में उद्गमित होकर नेपाल स्थित त्रिशूली नदी में मिलती है और आगे चलकर यही बिहार में गंडक नदी बनती है. इस घटना के कारण गंडक नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि की आशंका है. बिहार में वर्तमान स्थिति &#8211;जल संसाधन विभाग के अनुसार आज मध्याहन 12.00 बजे वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज से 86,000 क्यूसेक का जलश्राव प्रवाहित हुआ है और इसके और बढ़ने की प्रवृत्ति है. नेपाल में नारायणी नदी के देवघाट गेज स्थल पर वर्तमान जलस्तर 4.77 मीटर है, जबकि खतरे का निशान 9.00 मीटर और चेतावनी स्तर 7.30 मीटर है. देवघाट से पानी बढ़ने पर गंडक बराज तक पहुँचने में लगभग 3.50 घंटे का समय लगेगा . सरकार का एक्शन &#8211;जल संसाधन विभाग ने त्वरित सतर्कता बरतते हुए वाल्मीकिनगर गंडक बराज के सभी 36 गेट खोल दिए हैं. मुख्यालय स्तर से अधीक्षण अभियंता के नेतृत्व में तकनीकी दल को बराज पर भेजा गया है गंडक बेसिन के सभी जिलों में चेतावनी संवाद जारी कर दिया गया है. मुख्य सचिव, बिहार ने सभी संबंधित जिला पदाधिकारियों के साथ बैठक कर तटबंध के अंदर बसे लोगों को माइकिंग कराकर सुरक्षित स्थान पर ले जाने का निर्देश दिया [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>तिब्बत के ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट से गंडक में 3 मीटर का उफान, वाल्मीकिनगर बराज के 36 फाटक खोले गए, NDRF-SDRF तैनात</strong></p>



<p><em>पटना, 26 अगस्त 2026 </em>।। तिब्बत में आज सुबह बड़ी प्राकृतिक घटना हुई है. सुबह 9.00 बजे तिब्बत प्रभाग में एक <em>Glacial Lake के Outburst</em> होने से <em>भोटे-कोशी नदी</em> में लगभग 3 मीटर का Surge प्रवाहित हो रहा है. भोटे-कोशी नदी तिब्बत में उद्गमित होकर नेपाल स्थित त्रिशूली नदी में मिलती है और आगे चलकर यही बिहार में गंडक नदी बनती है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="775" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001100638-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98872" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001100638-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001100638-650x492.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस घटना के कारण गंडक नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि की आशंका है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="712" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001100630-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98874" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001100630-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001100630-650x452.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><em>बिहार में वर्तमान स्थिति &#8211;</em><br>जल संसाधन विभाग के अनुसार आज मध्याहन 12.00 बजे <em>वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज से 86,000 क्यूसेक</em> का जलश्राव प्रवाहित हुआ है और इसके और बढ़ने की प्रवृत्ति है. नेपाल में नारायणी नदी के देवघाट गेज स्थल पर वर्तमान जलस्तर 4.77 मीटर है, जबकि खतरे का निशान 9.00 मीटर और चेतावनी स्तर 7.30 मीटर है. देवघाट से पानी बढ़ने पर गंडक बराज तक पहुँचने में लगभग 3.50 घंटे का समय लगेगा .</p>



<figure class="wp-block-embed is-type-rich is-provider-x wp-block-embed-x"><div class="wp-block-embed__wrapper">
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true"><p lang="hi" dir="ltr">तिब्बत में झील फटी, बिहार में हाई अलर्ट!<br>गंडक में 86 हजार क्यूसेक पानी, 36 गेट खुले<a href="https://x.com/hashtag/flood?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#flood</a><a href="https://x.com/NowPatna?ref_src=twsrc%5Etfw">@NowPatna</a><a href="https://x.com/IPRDBihar?ref_src=twsrc%5Etfw">@IPRDBihar</a> <a href="https://x.com/tomhoney06?ref_src=twsrc%5Etfw">@tomhoney06</a> <a href="https://x.com/BSDMA?ref_src=twsrc%5Etfw">@BSDMA</a> <a href="https://t.co/103zyayPpd">pic.twitter.com/103zyayPpd</a></p>&mdash; Patna Now (@PatnaNow) <a href="https://x.com/PatnaNow/status/2092568626075460021?ref_src=twsrc%5Etfw">August 26, 2026</a></blockquote><script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
</div></figure>



<p><em>सरकार का एक्शन &#8211;</em><br>जल संसाधन विभाग ने त्वरित सतर्कता बरतते हुए वाल्मीकिनगर गंडक बराज के सभी <em>36 गेट खोल दिए हैं</em>. मुख्यालय स्तर से अधीक्षण अभियंता के नेतृत्व में तकनीकी दल को बराज पर भेजा गया है  गंडक बेसिन के सभी जिलों में चेतावनी संवाद जारी कर दिया गया है.</p>



<p>मुख्य सचिव, बिहार ने सभी संबंधित जिला पदाधिकारियों के साथ बैठक कर तटबंध के अंदर बसे लोगों को माइकिंग कराकर सुरक्षित स्थान पर ले जाने का निर्देश दिया है. <em>NDRF और SDRF की टीमों को संभावित प्रभावित क्षेत्रों में नियुक्त किया जा रहा है</em> </p>



<p>मुख्यमंत्री, बिहार ने मुख्य सचिव, प्रधान सचिव आपदा प्रबंधन एवं सचिव जल संसाधन विभाग के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की और <em>&#8216;हाई अलर्ट&#8217;</em> मोड में रहने का निर्देश दिया है. बाढ़ से निपटने की सामग्रियों के भंडार और तटबंधों का सघन निरीक्षण किया जा रहा है.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>&#8216;बिहार का बाढ़ प्रबंधन मॉडल देश के लिए रोल मॉडल&#8217;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bihar-towards-productive-production-management-in-a-multi-disaster-state/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 07 Jul 2025 12:04:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[राज्य के 28 जिले बाढ़ प्रभावित की श्रेणी में आते हैं, जिनमें से 15 जिले अति प्रभावित माने जाते हैं. दीपक कुमार,वरीय शोध पदाधिकारी बिहार राज्य भौगोलिक, आर्थिक एवं सामाजिक रूप से एक बहुआपदा प्रवण क्षेत्र है. यदि केवल बाढ़ की बात करें, तो राज्य की लगभग 74% जनसंख्या और 73% क्षेत्रफल प्रतिवर्ष बाढ़ से प्रभावित होता है, जो कि देश के कुल बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का 17% है.बिहार की प्रमुख नदियाँ गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, कमला, भुतही बलान, महानंदा, मैची, अधवारा समूह की धाराएं और कोसी तिब्बत-नेपाल हिमालय से निकलकर तीव्र गति से बिहार के मैदानी इलाकों में प्रवेश करती हैं. इन नदियों के तटीय क्षेत्रों सहित गंगा नदी के किनारे बसे मध्य बिहार के बड़े हिस्से को हर वर्ष बाढ़ जैसी आपदा का सामना करना पड़ता है. वर्तमान में राज्य के 28 जिले बाढ़ प्रभावित की श्रेणी में आते हैं, जिनमें से 15 जिले अति प्रभावित माने जाते हैं. इतिहास में 1987, 2004, 2008, 2017 और 2021 की बाढ़ों ने विशेष रूप से व्यापक जन-धन की क्षति पहुँचाई है. 2008 की कोसी त्रासदी, जो कुसाहा तटबंध टूटने के कारण आई, को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय आपदा घोषित किया गया था. इस आपदा के पश्चात केंद्र सरकार के साथ-साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा राहत एवं पुनर्वास कार्यक्रम चलाए गए, जिनमें विश्व बैंक जैसी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही. प्रभावी बाढ़ प्रबंधन हेतु सरकार के प्रयास मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार ने बाढ़ जैसी आपदाओं से प्रभावी रूप से निपटने हेतु कई ठोस कदम उठाए हैं, [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>राज्य के 28 जिले बाढ़ प्रभावित की श्रेणी में आते हैं, जिनमें से 15 जिले अति प्रभावित माने जाते हैं.</strong></p>



<p><strong>दीपक कुमार,वरीय शोध पदाधिकारी </strong></p>



<p>बिहार राज्य भौगोलिक, आर्थिक एवं सामाजिक रूप से एक बहुआपदा प्रवण क्षेत्र है. यदि केवल बाढ़ की बात करें, तो राज्य की लगभग <strong>74% जनसंख्या</strong> और <strong>73% क्षेत्रफल</strong> प्रतिवर्ष बाढ़ से प्रभावित होता है, जो कि देश के कुल बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का <strong>17%</strong> है.बिहार की प्रमुख नदियाँ  <strong>गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, कमला, भुतही बलान, महानंदा, मैची, अधवारा समूह की धाराएं और कोसी</strong>  तिब्बत-नेपाल हिमालय से निकलकर तीव्र गति से बिहार के मैदानी इलाकों में प्रवेश करती हैं. इन नदियों के तटीय क्षेत्रों सहित गंगा नदी के किनारे बसे मध्य बिहार के बड़े हिस्से को हर वर्ष बाढ़ जैसी आपदा का सामना करना पड़ता है. वर्तमान में <strong>राज्य के 28 जिले बाढ़ प्रभावित</strong> की श्रेणी में आते हैं, जिनमें से <strong>15 जिले अति प्रभावित</strong> माने जाते हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="720" height="405" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar-floods-144910297-16x9_0.webp" alt="" class="wp-image-90985" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar-floods-144910297-16x9_0.webp 720w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar-floods-144910297-16x9_0-650x366.webp 650w" sizes="auto, (max-width: 720px) 100vw, 720px" /></figure>



<p>इतिहास में 1987, 2004, 2008, 2017 और 2021 की बाढ़ों ने विशेष रूप से व्यापक जन-धन की क्षति पहुँचाई है. <strong>2008 </strong><strong>की कोसी त्रासदी</strong>, जो कुसाहा तटबंध टूटने के कारण आई, को <strong>भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय आपदा</strong> घोषित किया गया था. इस आपदा के पश्चात केंद्र सरकार के साथ-साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा राहत एवं पुनर्वास कार्यक्रम चलाए गए, जिनमें <strong>विश्व बैंक</strong> जैसी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="517" height="347" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/deepak.png" alt="दीपक कुमार,वरीय शोध पदाधिकारी " class="wp-image-90986"/></figure>



<p><strong>प्रभावी बाढ़ प्रबंधन हेतु सरकार के प्रयास</strong><strong></strong></p>



<p><strong>मुख्यमंत्री  नीतीश कुमार</strong> के नेतृत्व में बिहार सरकार ने बाढ़ जैसी आपदाओं से प्रभावी रूप से निपटने हेतु कई ठोस कदम उठाए हैं, जिनमें प्रमुख हैं:</p>



<ul class="wp-block-list">
<li><strong>राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (</strong><strong>BSDMA)</strong> की स्थापना एवं आपदा प्रबंधन विभाग को सुदृढ़ बनाना</li>



<li><strong>अंतर-विभागीय समेकित कार्यक्रम</strong> का क्रियान्वयन एवं समन्वय</li>



<li><strong>राज्य आपदा मोचन बल (</strong><strong>SDRF)</strong> का गठन</li>



<li><strong>आपदा पूर्व सूचना प्रणाली</strong> को सशक्त बनाना</li>



<li>बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में <strong>आश्रय स्थलों</strong> का निर्माण</li>



<li><strong>ऊँचाई वाले सुरक्षित स्थानों</strong> पर पक्के मकानों के लिए योजनाओं का संचालन</li>



<li><strong>सात निश्चय कार्यक्रम</strong> के अंतर्गत बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना</li>



<li><strong>&#8216;</strong><strong>जीविका</strong><strong>&#8216; </strong><strong>परियोजना</strong> के अंतर्गत आजीविका संवर्धन</li>



<li><strong>प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों</strong> को आपदा के समय संचालन योग्य बनाना</li>



<li>तटबंधों का <strong>सुदृढ़ीकरण एवं रखरखाव</strong>, तथा <strong>स्थानीय निगरानी प्रणाली</strong> का सशक्तीकरण</li>
</ul>



<p><strong>जन-जागरूकता और प्रशिक्षण</strong><strong></strong></p>



<p>बाढ़ से निपटने हेतु नागरिकों की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है. इसी उद्देश्य से बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा <strong>जन-जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों</strong> का संचालन किया जा रहा है, जिनमें शामिल हैं:</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>बाढ़ के दौरान <strong>सुरक्षित स्थानों</strong> पर जाने की पूर्व तैयारी</li>



<li>प्रतिवर्ष <strong>बाढ़ पूर्व पखवाड़ा</strong> का आयोजन</li>



<li><strong>मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम</strong> के माध्यम से बच्चों को आपदा के प्रति संवेदनशील बनाना</li>



<li><strong>सुरक्षित तैराकी</strong> कार्यक्रम</li>



<li><strong>आपदा मित्रों</strong>, सामुदायिक स्वास्थ्य कर्मियों, एवं विभिन्न विभागों के कर्मचारियों का प्रशिक्षण</li>



<li><strong>स्थानीय कलाकारों</strong> द्वारा नुक्कड़ नाटक, लोकगीतों के माध्यम से संदेशों का प्रसार</li>



<li><strong>स्थानीय रेडियो</strong>, <strong>मोबाइल संदेश</strong>, <strong>लघु फिल्में</strong>, एवं <strong>होर्डिंग्स</strong> के माध्यम से जागरूकता</li>
</ul>



<p><strong>2024: </strong><strong>बिहार की बाढ़ प्रबंधन में ऐतिहासिक सफलता</strong><strong></strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="851" height="626" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar_-e1728024702748.png" alt="" class="wp-image-90987" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar_-e1728024702748.png 851w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar_-e1728024702748-650x478.png 650w" sizes="auto, (max-width: 851px) 100vw, 851px" /></figure>



<p>वर्ष 2024 में कोसी नदी में <strong>अब तक का सर्वाधिक जल प्रवाह दर्ज</strong> किया गया, जो कोसी बैराज की अधिकतम क्षमता के करीब पहुँच गया था. इसके बावजूद, <strong>किसी भी मानवीय जान का नुकसान नहीं हुआ</strong>, जो कि राज्य की <strong>पूर्व तैयारी</strong><strong>, </strong><strong>सूचना प्रसारण</strong><strong>, </strong><strong>जन-भागीदारी और प्रभावी समन्वय</strong> का परिणाम है.</p>



<p>यह उपलब्धि बिहार के लिए एक <strong>गौरवपूर्ण क्षण</strong> है और यह दर्शाता है कि राज्य अब बाढ़ जैसी आपदा से केवल जूझ नहीं रहा, बल्कि उस पर <strong>विजय प्राप्त कर रहा है</strong>. वर्तमान प्रणाली और प्रबंधन मॉडल को <strong>देश के लिए एक रोल मॉडल</strong> के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है.</p>



<p>pncdesk</p>
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