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	<item>
		<title>विश्वविद्यालय शिक्षकों के क्षमता विकास के लिए बिहार लोक भवन ने की पहल</title>
		<link>https://www.patnanow.com/faculty-development-program/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 10:26:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACADEMIC]]></category>
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					<description><![CDATA[प्रशिक्षण और पेशेवर विकास की एक व्यवस्थित व्यवस्था होगी तैयार सभी विश्वविद्यालय और महाविद्यालय होंगे शामिल पटना पटना। 12 अगस्त, 2026।। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप राज्य के विश्वविद्यालयों एवं संबद्ध महाविद्यालयों में शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने और उनके निरंतर पेशेवर विकास के लिए बिहार लोक भवन द्वारा एक व्यापक योजना तैयार की गई है. इस संबंध में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की क्षमता, शिक्षण कौशल और अकादमिक दक्षता को लगातार बेहतर बनाना है. उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण और पेशेवर विकास की एक व्यवस्थित व्यवस्था तैयार की जा रही है.उन्होंने बताया कि योजना को बिहार में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा स्थापित मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केन्द्र (MMTTC) के माध्यम से लागू किया जाएगा. ये दोनों केन्द्र पटना विश्वविद्यालय तथा बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर में स्थापित हैं. अपर मुख्य सचिव ने बताया कि पूरी योजना को चार स्तरों में लागू किया जाएगा और इसकी निगरानी बिहार लोक भवन की संचालन समिति करेगी. दोनों MMTTC सभी विश्वविद्यालयों के साथ समन्वय कर प्रशिक्षण कार्यक्रम को विश्वविद्यालय से लेकर महाविद्यालय स्तर तक संचालित करेंगे.उन्होंने ने बताया कि इसके लिए सभी विश्वविद्यालयों में फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) की व्यवस्था की गई है. प्रत्येक विश्वविद्यालय में कुलपति द्वारा नोडल पदाधिकारी और सहायक नोडल पदाधिकारी नामित किए जा चुके हैं. इसी तरह संबद्ध महाविद्यालयों में प्रशिक्षण कार्यक्रम के संचालन के लिए प्राचार्यों द्वारा समन्वयक और [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>प्रशिक्षण और पेशेवर विकास की एक व्यवस्थित व्यवस्था होगी तैयार </strong></p>



<p><strong>सभी विश्वविद्यालय और महाविद्यालय होंगे शामिल <code>पटना </code></strong></p>



<p>पटना। <code>12 अगस्त, 2026।। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप राज्य के विश्वविद्यालयों एवं संबद्ध महाविद्यालयों में शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने और उनके निरंतर पेशेवर विकास के लिए बिहार लोक भवन द्वारा एक व्यापक योजना तैयार की गई है</code>. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="759" height="387" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-bihar-lokbhawan.jpg" alt="" class="wp-image-97122" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-bihar-lokbhawan.jpg 759w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-bihar-lokbhawan-650x331.jpg 650w" sizes="(max-width: 759px) 100vw, 759px" /></figure>



<p>इस संबंध में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की क्षमता, शिक्षण कौशल और अकादमिक दक्षता को लगातार बेहतर बनाना है. उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण और पेशेवर विकास की एक व्यवस्थित व्यवस्था तैयार की जा रही है.<br>उन्होंने बताया कि योजना को बिहार में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा स्थापित मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केन्द्र (MMTTC) के माध्यम से लागू किया जाएगा. ये दोनों केन्द्र पटना विश्वविद्यालय तथा बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर में स्थापित हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1000" height="680" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/05/pnc-ias-deepak-kumar-singh.jpg" alt="" class="wp-image-90220" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/05/pnc-ias-deepak-kumar-singh.jpg 1000w, https://www.patnanow.com/assets/2025/05/pnc-ias-deepak-kumar-singh-650x442.jpg 650w" sizes="(max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /></figure>



<p>अपर मुख्य सचिव ने बताया कि पूरी योजना को चार स्तरों में लागू किया जाएगा और इसकी निगरानी बिहार लोक भवन की संचालन समिति करेगी. दोनों MMTTC सभी विश्वविद्यालयों के साथ समन्वय कर प्रशिक्षण कार्यक्रम को विश्वविद्यालय से लेकर महाविद्यालय स्तर तक संचालित करेंगे.<br>उन्होंने ने बताया कि इसके लिए सभी विश्वविद्यालयों में फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) की व्यवस्था की गई है. प्रत्येक विश्वविद्यालय में कुलपति द्वारा नोडल पदाधिकारी और सहायक नोडल पदाधिकारी नामित किए जा चुके हैं. इसी तरह संबद्ध महाविद्यालयों में प्रशिक्षण कार्यक्रम के संचालन के लिए प्राचार्यों द्वारा समन्वयक और सहायक समन्वयक नियुक्त किए गए हैं.<br>योजना के तहत प्रत्येक विश्वविद्यालय और महाविद्यालय में हर वर्ष छः दिवसीय एफडीपी आयोजित किया जाएगा. इसमें कुल 36 घंटे की अकादमिक गतिविधियाँ होंगी. प्रशिक्षण के विषय यूजीसी द्वारा स्वीकृत मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के अनुरूप होंगे.<br>कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राज्यपाल के शिक्षा सलाहकार प्रो॰ बी॰के॰ त्रिपाठी द्वारा चार दिवसीय कार्ययोजना तैयार की है. इसके तहत सभी विश्वविद्यालयों के नोडल एवं सहायक नोडल पदाधिकारियों तथा संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों, समन्वयकों एवं सहायक समन्वयकों के साथ 10 से 13 अगस्त, 2026 तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विस्तृत चर्चा की जा रही है.<br>इन बैठकों में एफडीपी के संचालन, प्रशिक्षण की रूपरेखा, अकादमिक गतिविधियों, जिम्मेदारियों और आपसी समन्वय की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की जाएगी.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शनिवार को फिर से हाफ डे स्कूल चलेंगे सरकारी स्कूल</title>
		<link>https://www.patnanow.com/saturday-half-day-resumes/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 06 Aug 2026 15:19:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACADEMIC]]></category>
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					<description><![CDATA[केके पाठक का आदेश बदला, शिक्षकों को मिली राहत शनिवार/गुरुवार को 9.30 से एक बजे तक चलेंगे सरकारी स्कूल पटना।। शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में शनिवार को हाफ डे चलने का आधिकारिक पत्र जारी कर दिया है. इस तरह पूर्व शिक्षा सचिव के के पाठक का एक और आदेश बदल दिया गया है. यानी सामान्य स्कूलों में शनिवार जबकि उर्दू स्कूलों में गुरुवार को हाफ डे सिस्टम लागू हो गया है. मुख्य बातें: आपको बता दें कि शिक्षा विभाग के तत्कालीन अपर मुख्य सचिव के.के. पाठक के आदेश से शनिवार को भी फुल डे 9.30 से 4.00 बजे तक स्कूल चलने लगे थे. RTI के तहत पढ़ाई के घंटे पूरे करने का तर्क दिया गया था. अब वो आदेश बदल दिया गया है. गुरुवार को शिक्षा मंत्री ने ये भी कहा कि शिक्षकों की सभी समस्याओं का समाधान 31 अक्टूबर तक कर दिया जाएगा. pncb]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>केके पाठक का आदेश बदला, शिक्षकों को मिली राहत</strong></p>



<p><strong>शनिवार/गुरुवार को 9.30 से एक बजे तक चलेंगे सरकारी स्कूल </strong></p>



<p>पटना।। शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में शनिवार को हाफ डे चलने का आधिकारिक पत्र जारी कर दिया है. इस तरह पूर्व शिक्षा सचिव के के पाठक का एक और आदेश बदल दिया गया है. यानी सामान्य स्कूलों में शनिवार जबकि उर्दू स्कूलों में गुरुवार को हाफ डे सिस्टम लागू हो गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="674" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001062101-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98380" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001062101-scaled.jpg 674w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001062101-428x650.jpg 428w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001062101-1011x1536.jpg 1011w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001062101-1348x2048.jpg 1348w" sizes="(max-width: 674px) 100vw, 674px" /></figure>



<p>मुख्य बातें:</p>



<ol class="wp-block-list">
<li>राज्य के सभी 77,370 सरकारी स्कूल अब हर शनिवार को हाफ डे चलेंगे. ये व्यवस्था आने वाले शनिवार से लागू होगी.</li>



<li><em>सभी सरकारी स्कूल</em>: सुबह 9.30 बजे से दोपहर 1.00 बजे तक संचालित होंगे.</li>



<li><em>प्राथमिक विद्यालय</em>: सुबह 9.30 से 12.00 बजे तक पढ़ाई + गतिविधि। 12.40 तक मिड-डे मील, फिर एक बजे छुट्टी.</li>



<li>कक्षा अवधि में शिक्षक 1 घंटे तक अगले दिन की पाठ योजना, कॉपी जांच, डायरी अपडेट आदि का काम करेंगे. उसके बाद ही स्कूल से निकलेंगे.</li>
</ol>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-press-conference-of-mithilesh-tiwari-education-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98346" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-press-conference-of-mithilesh-tiwari-education-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-press-conference-of-mithilesh-tiwari-education-650x433.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>आपको बता दें कि शिक्षा विभाग के तत्कालीन अपर मुख्य सचिव के.के. पाठक के आदेश से शनिवार को भी फुल डे 9.30 से 4.00 बजे तक स्कूल चलने लगे थे. RTI के तहत पढ़ाई के घंटे पूरे करने का तर्क दिया गया था. अब वो आदेश बदल दिया गया है. गुरुवार को शिक्षा मंत्री ने ये भी कहा कि शिक्षकों की सभी समस्याओं का समाधान 31 अक्टूबर तक कर दिया जाएगा.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>



<ol class="wp-block-list"></ol>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>211 डिग्री कॉलेजों के लिए संविदा शिक्षकों का रिजल्ट जारी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/result-declared/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 01 Aug 2026 18:18:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACADEMIC]]></category>
		<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
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					<description><![CDATA[आप भी देख सकते हैं अपना रिजल्ट इस लिंक पर क्लिक करके https://bsusc.bihar.gov.in/Home/OngoingAppointments पटना।। बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग ने रिकॉर्ड 30 दिनों में ही 2532 संविदा शिक्षकों का रिजल्ट जारी कर दिया है. एक अगस्त की देर रात रिजल्ट आयोग की वेबसाइट पर जारी किया गया. बता दें कि बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BSUSC) द्वारा राज्य के 211 नए राजकीय डिग्री महाविद्यालयों में संविदा (Contract) के आधार पर 2,532 सहायक प्राध्यापक (Assistant Professor) पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है. इसके लिए आवेदन उच्च शिक्षा विभाग के HED Samarth Portal के माध्यम से आमंत्रित किए गए थे. आयोग ने वेबसाइट पर सभी 6 विषयों का अलग-अलग रिजल्ट जारी किया है जिसमें कट ऑफ भी जारी किया गया है. समाजशास्त्र, राजनीति विज्ञान, अंग्रेजी, हिन्दी, अर्थशास्त्र और इतिहास विषय के लिए आयोग ने आवेदन लिए थे. अभ्यर्थियों का विरोध आपको बता दें कि बिहार सरकार के सात निश्चय-3 के तहत प्रखंडों में 211 राजकीय डिग्री कॉलेज शैक्षणिक सत्र 2026-27 से संचालित हो रहे हैं. इन कॉलेजों को सरकार से 6 विषयों में मान्यता मिली है, जिसके लिए संविदा पर असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति की जा रही है. बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग ने 21 जुलाई से शॉर्ट लिस्टेड अभ्यर्थियों की इंटरव्यू की प्रक्रिया शुरू की. इससे पहले ही अभ्यर्थियों ने कई बिंदुओं पर आपत्ति जताते हुए 20 जून को उच्च शिक्षा विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी व आयोग के सचिव को पत्र भेजकर संशोधन का अनुरोध किया था. इसकी प्रति मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा मंत्री, सभी विवि के कुलपति व [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><a href="https://bsusc.bihar.gov.in/Home/OngoingAppointments"><strong>आप भी देख सकते हैं अपना रिजल्ट इस लिंक पर क्लिक करके </strong></a></p>



<p><a href="https://bsusc.bihar.gov.in/Home/OngoingAppointments">https://bsusc.bihar.gov.in/Home/OngoingAppointments</a></p>



<p>पटना।। बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग ने रिकॉर्ड 30 दिनों में ही 2532 संविदा शिक्षकों का <a href="https://bsusc.bihar.gov.in/Home/OngoingAppointments"><strong>रिजल्ट</strong></a> जारी कर दिया है. एक अगस्त की देर रात रिजल्ट आयोग की वेबसाइट पर जारी किया गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><a href="https://bsusc.bihar.gov.in/Home/OngoingAppointments"><img loading="lazy" decoding="async" width="924" height="376" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-bsusc-university-service-commission.jpg" alt="" class="wp-image-98234" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-bsusc-university-service-commission.jpg 924w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-bsusc-university-service-commission-650x265.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 924px) 100vw, 924px" /></a></figure>



<p>बता दें कि बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BSUSC) द्वारा राज्य के 211 नए राजकीय डिग्री महाविद्यालयों में संविदा (Contract) के आधार पर 2,532 सहायक प्राध्यापक (Assistant Professor) पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है. इसके लिए आवेदन उच्च शिक्षा विभाग के HED Samarth Portal के माध्यम से आमंत्रित किए गए थे. आयोग ने वेबसाइट पर सभी 6 विषयों का अलग-अलग रिजल्ट जारी किया है जिसमें कट ऑफ भी जारी किया गया है. समाजशास्त्र, राजनीति विज्ञान, अंग्रेजी, हिन्दी, अर्थशास्त्र और इतिहास विषय के लिए आयोग ने आवेदन लिए थे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="696" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001054750-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98244" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001054750-scaled.jpg 696w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001054750-442x650.jpg 442w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001054750-1043x1536.jpg 1043w" sizes="auto, (max-width: 696px) 100vw, 696px" /></figure>



<p><strong>अभ्यर्थियों का विरोध </strong></p>



<p>आपको बता दें कि बिहार सरकार के सात निश्चय-3 के तहत प्रखंडों में 211 राजकीय डिग्री कॉलेज शैक्षणिक सत्र 2026-27 से संचालित हो रहे हैं. इन कॉलेजों को सरकार से 6 विषयों में मान्यता मिली है, जिसके लिए संविदा पर असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति की जा रही है.</p>



<p>बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग ने 21 जुलाई से शॉर्ट लिस्टेड अभ्यर्थियों की इंटरव्यू की प्रक्रिया शुरू की. इससे पहले ही अभ्यर्थियों ने कई बिंदुओं पर आपत्ति जताते हुए 20 जून को उच्च शिक्षा विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी व आयोग के सचिव को पत्र भेजकर संशोधन का अनुरोध किया था. इसकी प्रति मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा मंत्री, सभी विवि के कुलपति व कुलसचिव को भी भेजी थी.</p>



<p>रोस्टर में गणितीय गड़बड़ी पर भी उठाए गए. सवाल विज्ञापन में सभी 6 विषयों के लिए समान रूप से 422 पद निर्धारित हैं.ऐसे में सभी सीट बराबर होंगे. लेकिन, ईबीसी श्रेणी की सीटें हिंदी में 64 हैं, तो राजनीति विज्ञान में केवल 42. अभ्यर्थियों का कहना है कि यह 100 पॉइंट मॉडल रोस्टर का उल्लंघन है.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भोजपुरी के 183 पद खाली, फिर भी TRE-4 से बाहर, सांसद ने उठाए सवाल</title>
		<link>https://www.patnanow.com/politics-with-bhojpuri/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 01 Aug 2026 10:51:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACADEMIC]]></category>
		<category><![CDATA[Big News]]></category>
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		<category><![CDATA[पटना नाउ]]></category>
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					<description><![CDATA[TRE-4 में भोजपुरी की अनदेखी पर सांसद सुधाकर सिंह का सरकार पर हमला, CM को लिखा पत्र कहा- 11वीं-12वीं शिक्षक भर्ती में भोजपुरी विषय की रिक्तियां तत्काल जोड़ी जाएं, 183 खाली पदों पर भी भर्ती हो आरा/बक्सर, 1 अगस्त(ओ पी पाण्डेय). बक्सर लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुधाकर सिंह ने BPSC TRE-4 शिक्षक भर्ती में कक्षा 11-12 के लिए भोजपुरी विषय की रिक्तियां शामिल नहीं किए जाने पर बिहार सरकार के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है. उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर भोजपुरी विषय के रिक्त पदों को तत्काल बहाल करने और TRE-4 अधिसूचना में शामिल करने की मांग की है. सांसद ने अपने पत्र में कहा है कि TRE-1, TRE-2 और TRE-3 तक भोजपुरी विषय में नियमित नियुक्तियां होती रही हैं, लेकिन TRE-4 में भोजपुरी को पूरी तरह बाहर कर देना न केवल आश्चर्यजनक है, बल्कि हजारों छात्रों और अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ अन्याय भी है. उन्होंने कहा कि BPSC TRE-3 में भोजपुरी विषय के 183 पद रिक्त रह गए थे, जिन्हें TRE-4 में समाहित करते हुए नई नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए. साथ ही शिक्षा विभाग को संशोधित अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया जाए. सुधाकर सिंह ने पत्र में यह भी कहा कि यदि विद्यालयों में भोजपुरी पढ़ाने के लिए शिक्षक ही नहीं होंगे तो भविष्य में छात्र इस विषय का चयन क्यों करेंगे। यह केवल भर्ती का मामला नहीं, बल्कि भोजपुरी भाषा के सम्मान, संरक्षण और युवाओं के रोजगार से जुड़ा मुद्दा है. सांसद ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इस मामले में व्यक्तिगत [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="300" height="168" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/01/sudhakar-singh.jpg" alt="" class="wp-image-70418" /></figure>



<p><strong>TRE-4 में भोजपुरी की अनदेखी पर सांसद सुधाकर सिंह का सरकार पर हमला, CM को लिखा पत्र</strong></p>



<p><strong>कहा- 11वीं-12वीं शिक्षक भर्ती में भोजपुरी विषय की रिक्तियां तत्काल जोड़ी जाएं, 183 खाली पदों पर भी भर्ती हो</strong></p>



<p>आरा/बक्सर, 1 अगस्त(<strong>ओ पी पाण्डेय</strong>). बक्सर लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुधाकर सिंह ने BPSC TRE-4 शिक्षक भर्ती में कक्षा 11-12 के लिए भोजपुरी विषय की रिक्तियां शामिल नहीं किए जाने पर बिहार सरकार के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है. उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर भोजपुरी विषय के रिक्त पदों को तत्काल बहाल करने और TRE-4 अधिसूचना में शामिल करने की मांग की है.</p>



<p>सांसद ने अपने पत्र में कहा है कि TRE-1, TRE-2 और TRE-3 तक भोजपुरी विषय में नियमित नियुक्तियां होती रही हैं, लेकिन TRE-4 में भोजपुरी को पूरी तरह बाहर कर देना न केवल आश्चर्यजनक है, बल्कि हजारों छात्रों और अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ अन्याय भी है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="833" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001576970-scaled.png" alt="" class="wp-image-98228" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001576970-scaled.png 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001576970-650x529.png 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



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<p>उन्होंने कहा कि BPSC TRE-3 में भोजपुरी विषय के 183 पद रिक्त रह गए थे, जिन्हें TRE-4 में समाहित करते हुए नई नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए. साथ ही शिक्षा विभाग को संशोधित अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया जाए.</p>



<p>सुधाकर सिंह ने पत्र में यह भी कहा कि यदि विद्यालयों में भोजपुरी पढ़ाने के लिए शिक्षक ही नहीं होंगे तो भविष्य में छात्र इस विषय का चयन क्यों करेंगे। यह केवल भर्ती का मामला नहीं, बल्कि भोजपुरी भाषा के सम्मान, संरक्षण और युवाओं के रोजगार से जुड़ा मुद्दा है.</p>



<p>सांसद ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इस मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर भोजपुरी के साथ-साथ अन्य क्षेत्रीय भाषाओं मैथिली, मगही, पाली और प्राकृत के पद भी शिक्षक भर्ती में शामिल किए जाएं, ताकि क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण और विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके.</p>



<p></p>
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			</item>
		<item>
		<title>विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक के विरोध में वीकेएसयू शिक्षकों का प्रदर्शन,</title>
		<link>https://www.patnanow.com/250-teacher-on-protest/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 25 Jul 2026 08:08:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACADEMIC]]></category>
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					<description><![CDATA[250 शिक्षकों ने किया धरना आरा,25 जुलाई। बिहार सरकार द्वारा प्रस्तावित विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक के विरोध में शनिवार को वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (वाकूटा) के आह्वान पर शाहाबाद क्षेत्र के सभी अंगीभूत महाविद्यालयों के लगभग 250 शिक्षकों ने सामूहिक अवकाश लेकर विश्वविद्यालय मुख्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया. शिक्षकों ने प्रस्तावित विधेयक को उच्च शिक्षा और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता के लिए नुकसानदायक बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की. धरना-सभा को संबोधित करते हुए वाकूटा के महासचिव डॉ. शशि भूषण राय समेत विभिन्न महाविद्यालयों से आए शिक्षकों ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को प्रभावित करेगा और वर्षों से स्थापित स्वस्थ एवं स्थिर शैक्षणिक वातावरण को अस्थिर कर देगा. वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में विश्वविद्यालयों में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप CBCS और FYUP पाठ्यक्रम लागू किए जा रहे हैं. ऐसे समय में विश्वविद्यालयों की प्रशासनिक एवं संरचनात्मक व्यवस्था में व्यापक बदलाव करना नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन में भी बाधा उत्पन्न करेगा. शिक्षकों ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक का प्रतिकूल प्रभाव शिक्षकों, विद्यार्थियों और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ेगा. उन्होंने सरकार से मांग की कि विधेयक को तत्काल वापस लिया जाए या इसे लागू करने से पहले राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के शिक्षकों, शिक्षाविदों और अन्य संबंधित पक्षों से व्यापक विचार-विमर्श किया जाए. धरना-सभा में उपस्थित शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी न्यायोचित मांगों की अनदेखी करती है, तो वाकूटा लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपने आंदोलन को और व्यापक करेगा. विरोध-प्रदर्शन में शाहाबाद क्षेत्र [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>250 शिक्षकों ने किया धरना</strong></p>



<h3 class="wp-block-heading">आरा,25 जुलाई। बिहार सरकार द्वारा प्रस्तावित विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक के विरोध में शनिवार को वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (वाकूटा) के आह्वान पर शाहाबाद क्षेत्र के सभी अंगीभूत महाविद्यालयों के लगभग 250 शिक्षकों ने सामूहिक अवकाश लेकर विश्वविद्यालय मुख्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया. शिक्षकों ने प्रस्तावित विधेयक को उच्च शिक्षा और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता के लिए नुकसानदायक बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की.</h3>



<p>धरना-सभा को संबोधित करते हुए वाकूटा के महासचिव डॉ. शशि भूषण राय समेत विभिन्न महाविद्यालयों से आए शिक्षकों ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को प्रभावित करेगा और वर्षों से स्थापित स्वस्थ एवं स्थिर शैक्षणिक वातावरण को अस्थिर कर देगा. वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में विश्वविद्यालयों में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप CBCS और FYUP पाठ्यक्रम लागू किए जा रहे हैं. ऐसे समय में विश्वविद्यालयों की प्रशासनिक एवं संरचनात्मक व्यवस्था में व्यापक बदलाव करना नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन में भी बाधा उत्पन्न करेगा.</p>



<p>शिक्षकों ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक का प्रतिकूल प्रभाव शिक्षकों, विद्यार्थियों और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ेगा. उन्होंने सरकार से मांग की कि विधेयक को तत्काल वापस लिया जाए या इसे लागू करने से पहले राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के शिक्षकों, शिक्षाविदों और अन्य संबंधित पक्षों से व्यापक विचार-विमर्श किया जाए.</p>



<figure class="wp-block-gallery has-nested-images columns-default is-cropped wp-block-gallery-1 is-layout-flex wp-block-gallery-is-layout-flex">
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" data-id="98046" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001548912-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98046" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001548912-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001548912-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001548912-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>
</figure>



<p>धरना-सभा में उपस्थित शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी न्यायोचित मांगों की अनदेखी करती है, तो वाकूटा लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपने आंदोलन को और व्यापक करेगा.</p>



<p>विरोध-प्रदर्शन में शाहाबाद क्षेत्र के विभिन्न अंगीभूत महाविद्यालयों के बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे. संगठन ने कहा कि विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>VC और प्रो वीसी के पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन की तिथि बढ़ी, पात्रता प्रावधान में भी हुआ संशोधन</title>
		<link>https://www.patnanow.com/lokbhawan-approves-change-in-criteria/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 12 Jul 2026 12:32:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACADEMIC]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[जॉब/करियर]]></category>
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					<description><![CDATA[लोक भवन ने ऑनलाइन आवेदन की तिथि बढ़ाई सेवा अवधि की गणना संबंधी प्रावधान में संशोधन पटना 12 जुलाई, 2026 :- बिहार लोक भवन सचिवालय द्वारा राज्य के विश्वविद्यालयों में कुलपति एवं प्रति–कुलपति के पदों पर नियुक्ति हेतु ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 21 जुलाई, 2026 से बढ़ाकर 28 जुलाई, 2026 (रात्रि 11:59 बजे) तक कर दी गई है. इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी निर्धारित पोर्टल के माध्यम से विस्तारित अवधि के भीतर आवेदन कर सकते हैं. इसके साथ ही, प्रोफेसर के रूप में आवश्यक 10 वर्ष की सेवा अवधि की गणना संबंधी प्रावधान में भी संशोधन किया गया है. पूर्व व्यवस्था के अनुसार इस अवधि की गणना प्रोफेसर पद पर पदोन्नति की अधिसूचना जारी होने की तिथि से की जाती थी. संशोधित व्यवस्था के तहत अब 10 वर्ष की सेवा अवधि की गणना प्रोफेसर पद पर पदोन्नति की प्रभावी तिथि से की जाएगी. इस बारे में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने बताया कि केन्द्रीय विश्वविद्यालयों तथा अन्य राज्यों के विश्वविद्यालयों में यह सेवा अवधि पहले से ही प्रोफेसर पद पर पदोन्नति की तिथि के आधार पर निर्धारित की जाती रही है, भले ही पदोन्नति की अधिसूचना बाद में जारी हुई हो. बिहार में अब तक इससे भिन्न व्यवस्था लागू थी. संशोधन के माध्यम से इस असमानता को समाप्त करते हुए राज्य में भी वही व्यवस्था लागू की गई है, जो केन्द्रीय विश्वविद्यालयों एवं अन्य राज्यों के विश्वविद्यालयों में लागू है. यह संशोधन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) विनियम, 2018 के प्रावधानों के अनुरूप किया गया है. इससे [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>लोक भवन ने ऑनलाइन आवेदन की तिथि बढ़ाई </strong></p>



<p><strong>सेवा अवधि की गणना संबंधी प्रावधान में संशोधन </strong></p>



<p><em>पटना 12 जुलाई, 2026 :-</em> बिहार लोक भवन सचिवालय द्वारा राज्य के विश्वविद्यालयों में कुलपति एवं प्रति–कुलपति के पदों पर नियुक्ति हेतु <a href="https://vcrec.samarth.ac.in/index.php/search/site/index">ऑनलाइन आवेदन </a>की अंतिम तिथि <em>21 जुलाई, 2026</em> से बढ़ाकर <em>28 जुलाई, 2026 (रात्रि 11:59 बजे)</em> तक कर दी गई है. इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी निर्धारित पोर्टल के माध्यम से विस्तारित अवधि के भीतर आवेदन कर सकते हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="759" height="387" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-bihar-lokbhawan.jpg" alt="" class="wp-image-97122" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-bihar-lokbhawan.jpg 759w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-bihar-lokbhawan-650x331.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 759px) 100vw, 759px" /></figure>



<p>इसके साथ ही, प्रोफेसर के रूप में आवश्यक 10 वर्ष की सेवा अवधि की गणना संबंधी प्रावधान में भी संशोधन किया गया है. पूर्व व्यवस्था के अनुसार इस अवधि की गणना प्रोफेसर पद पर पदोन्नति की अधिसूचना जारी होने की तिथि से की जाती थी. संशोधित व्यवस्था के तहत अब 10 वर्ष की सेवा अवधि की गणना प्रोफेसर पद पर पदोन्नति की <em>प्रभावी तिथि</em> से की जाएगी.</p>



<figure class="wp-block-gallery has-nested-images columns-default is-cropped wp-block-gallery-2 is-layout-flex wp-block-gallery-is-layout-flex">
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="300" data-id="44012" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/04/PNC-PATLIPUTRA-UNIVERSITY-PPU.jpg" alt="" class="wp-image-44012" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/04/PNC-PATLIPUTRA-UNIVERSITY-PPU.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2020/04/PNC-PATLIPUTRA-UNIVERSITY-PPU-350x162.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="600" height="400" data-id="19010" src="https://www.patnanow.com/assets/2017/06/PNC-VKSU-vir-kuwar-SINGH-UNIVERSITY.jpg" alt="" class="wp-image-19010" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/06/PNC-VKSU-vir-kuwar-SINGH-UNIVERSITY.jpg 600w, https://www.patnanow.com/assets/2017/06/PNC-VKSU-vir-kuwar-SINGH-UNIVERSITY-225x150.jpg 225w, https://www.patnanow.com/assets/2017/06/PNC-VKSU-vir-kuwar-SINGH-UNIVERSITY-350x233.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 600px) 100vw, 600px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" data-id="19009" src="https://www.patnanow.com/assets/2017/06/PNC-PATNA-UNIVERSITY-PU-650x488.jpg" alt="" class="wp-image-19009" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/06/PNC-PATNA-UNIVERSITY-PU.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/06/PNC-PATNA-UNIVERSITY-PU-350x263.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="291" height="173" data-id="20541" src="https://www.patnanow.com/assets/2017/07/pnc-magadh-university.jpg" alt="" class="wp-image-20541"/></figure>
</figure>



<p>इस बारे में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने बताया कि केन्द्रीय विश्वविद्यालयों तथा अन्य राज्यों के विश्वविद्यालयों में यह सेवा अवधि पहले से ही प्रोफेसर पद पर पदोन्नति की तिथि के आधार पर निर्धारित की जाती रही है, भले ही पदोन्नति की अधिसूचना बाद में जारी हुई हो. बिहार में अब तक इससे भिन्न व्यवस्था लागू थी. संशोधन के माध्यम से इस असमानता को समाप्त करते हुए राज्य में भी वही व्यवस्था लागू की गई है, जो केन्द्रीय विश्वविद्यालयों एवं अन्य राज्यों के विश्वविद्यालयों में लागू है. यह संशोधन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) विनियम, 2018 के प्रावधानों के अनुरूप किया गया है. इससे बिहार के अभ्यर्थियों की बड़ी परेशानी और चिन्ता दूर हो गई है.</p>



<p><a href="https://vcrec.samarth.ac.in/index.php/search/site/index">Apply online Link</a></p>



<p><a href="https://vcrec.samarth.ac.in/index.php/search/site/index">https://vcrec.samarth.ac.in/index.php/search/site/index</a></p>



<p><strong>तीन लाइन में समझिए कि क्या बदलाव हुआ </strong></p>



<ol class="wp-block-list">
<li><a href="https://bsusc.bihar.gov.in/"><em>आवेदन की अंतिम तिथि:</em> 21 जुलाई से बढ़कर 28 जुलाई 2026, रात 11:59 बजे तक</a></li>



<li><em>नया नियम:</em> प्रोफेसर के 10 साल अनुभव की गिनती अब &#8220;पदोन्नति की प्रभावी तिथि&#8221; से होगी, न कि &#8220;अधिसूचना की तिथि&#8221; से</li>



<li><em>कारण:</em> इस संशोधन को UGC 2018 विनियम के अनुसार किया गया है ताकि बिहार की व्यवस्था अन्य राज्यों/केन्द्रीय विश्वविद्यालयों जैसी हो जाए. इसका फायदा बिहार के अभ्यर्थियों को मिलेगा.</li>
</ol>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बिहार के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में M.Tech में दाखिले के लिए 10 जुलाई से आवेदन</title>
		<link>https://www.patnanow.com/engineering-college-admission/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 16:01:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACADEMIC]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar education]]></category>
		<category><![CDATA[bihar news]]></category>
		<category><![CDATA[Engineering college]]></category>
		<category><![CDATA[Gate score]]></category>
		<category><![CDATA[Patna news today]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=97607</guid>

					<description><![CDATA[पीजीईएसी-2026 के तहत 18 जुलाई तक होगा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पटना।। बिहार के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में एम.टेक पाठ्यक्रमों में नामांकन के लिए आवेदन प्रक्रिया 10 जुलाई से शुरू होगी. बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (बीसीईसीईबी) ने पोस्ट ग्रेजुएट इंजीनियरिंग एडमिशन काउंसलिंग (पीजीईएसी)-2026 की अधिसूचना जारी करते हुए बताया कि वैध गेट (GATE) स्कोर वाले पात्र अभ्यर्थी 10 से 18 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे. अभ्यर्थियों को बीसीईसीईबी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध पीजीईएसी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा. आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 18 जुलाई है, जबकि ऑनलाइन आवेदन में 19 जुलाई तक संशोधन किया जा सकेगा. रैंक कार्ड और काउंसलिंग कार्यक्रम 24 जुलाई को जारी किए जाएंगे. काउंसलिंग की तिथि बाद में अधिसूचित की जाएगी. पहले दो चरण गेट अभ्यर्थियों के लिए, रिक्त सीटों पर बी.टेक अंकों से प्रवेश पीजीईएसी-2026 के माध्यम से एमआईटी मुजफ्फरपुर, बीसीई भागलपुर, जीईसी वैशाली, जीसीई गया, केसीई कटिहार, जीईसी पश्चिमी चंपारण, सुपौल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, श्री फणीश्वर नाथ रेणु इंजीनियरिंग कॉलेज, अररिया, एनसीई चंडी, डीसीई दरभंगा तथा बिहार रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर, पटना सहित राज्य के विभिन्न सरकारी इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रथम वर्ष एम.टेक पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाएगा. पर्षद के अनुसार, काउंसलिंग के पहले दो चरण केवल वैध गेट स्कोर वाले अभ्यर्थियों के लिए आयोजित होंगे. यदि इसके बाद भी सीटें रिक्त रहती हैं, तो शेष सीटों पर बी.टेक/बी.ई. में प्राप्त अंकों के आधार पर नामांकन किया जाएगा, जिसके लिए अलग से अधिसूचना जारी होगी. एम.टेक नामांकन के लिए आवेदन का अवसर केवल एक बार [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>पीजीईएसी-2026 के तहत 18 जुलाई तक होगा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="822" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/pnc-bihar-engineering-colleges-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97612" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/pnc-bihar-engineering-colleges-scaled.jpg 822w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/pnc-bihar-engineering-colleges-522x650.jpg 522w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/pnc-bihar-engineering-colleges-1233x1536.jpg 1233w" sizes="auto, (max-width: 822px) 100vw, 822px" /></figure>



<p>पटना।। बिहार के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में एम.टेक पाठ्यक्रमों में नामांकन के लिए आवेदन प्रक्रिया 10 जुलाई से शुरू होगी. बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (बीसीईसीईबी) ने पोस्ट ग्रेजुएट इंजीनियरिंग एडमिशन काउंसलिंग (पीजीईएसी)-2026 की अधिसूचना जारी करते हुए बताया कि वैध गेट (GATE) स्कोर वाले पात्र अभ्यर्थी 10 से 18 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे. अभ्यर्थियों को बीसीईसीईबी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध पीजीईएसी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा. आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 18 जुलाई है, जबकि ऑनलाइन आवेदन में 19 जुलाई तक संशोधन किया जा सकेगा. रैंक कार्ड और काउंसलिंग कार्यक्रम 24 जुलाई को जारी किए जाएंगे. काउंसलिंग की तिथि बाद में अधिसूचित की जाएगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="844" height="640" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/pnc-vaishali-engineering-college.jpg" alt="" class="wp-image-97614" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/pnc-vaishali-engineering-college.jpg 844w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/pnc-vaishali-engineering-college-650x493.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 844px) 100vw, 844px" /></figure>



<p><strong>पहले दो चरण गेट अभ्यर्थियों के लिए, रिक्त सीटों पर बी.टेक अंकों से प्रवेश</strong></p>



<p>पीजीईएसी-2026 के माध्यम से एमआईटी मुजफ्फरपुर, बीसीई भागलपुर, जीईसी वैशाली, जीसीई गया, केसीई कटिहार, जीईसी पश्चिमी चंपारण, सुपौल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, श्री फणीश्वर नाथ रेणु इंजीनियरिंग कॉलेज, अररिया, एनसीई चंडी, डीसीई दरभंगा तथा बिहार रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर, पटना सहित राज्य के विभिन्न सरकारी इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रथम वर्ष एम.टेक पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाएगा. पर्षद के अनुसार, काउंसलिंग के पहले दो चरण केवल वैध गेट स्कोर वाले अभ्यर्थियों के लिए आयोजित होंगे. यदि इसके बाद भी सीटें रिक्त रहती हैं, तो शेष सीटों पर बी.टेक/बी.ई. में प्राप्त अंकों के आधार पर नामांकन किया जाएगा, जिसके लिए अलग से अधिसूचना जारी होगी. एम.टेक नामांकन के लिए आवेदन का अवसर केवल एक बार मिलेगा और उसी आवेदन के आधार पर सभी काउंसलिंग चरणों में सीटों का आवंटन किया जाएगा.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बड़ी राहत: कम अंक तो मिलेगी भी डिग्री,  पीएचडी के लिए 7.5 CGPA जरूरी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/cbcs-amendment-notification/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 15:55:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACADEMIC]]></category>
		<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[7.5cgpa]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar education]]></category>
		<category><![CDATA[CBCS]]></category>
		<category><![CDATA[Degree course]]></category>
		<category><![CDATA[Internship]]></category>
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		<category><![CDATA[PhD qualifications]]></category>
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					<description><![CDATA[कोर्स में संशोधन को राज्यपाल की मंजूरी कम एकेडमिक स्कोर वाले छात्र भी चौथे साल में प्रवेश कर सकेंगे Hons with Research करने के लिए पहले 6 सेमेस्टर में 7.5 CGPA चाहिए कोर्स सर्टिफिकेट के लिए इंटर्नशिप जरूरी पटना।। बिहार के राज्यपाल ने 4-वर्षीय CBCS UG कोर्स में &#8220;Programme Duration और Exit Options&#8221; में बदलाव को मंजूरी दे दी है. राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह के हस्ताक्षर से इसका नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है. राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने बताया कि इस महत्वपूर्ण बदलाव में तीन बातें प्रमुख तौर पर शामिल हैं. उन्होंने कहा कि Internship अब अनिवार्य हो गया है. Certificate, Diploma और 3-वर्षीय डिग्री के लिए 4 क्रेडिट की Summer Internship जरूरी है. दीपक कुमार सिंह ने कहा कि कोर्स के दौरान आप 2nd, 4th, 6th या 8th सेमेस्टर के बाद कोर्स छोड़ सकते हैं और उसी अनुसार सर्टिफिकेट/डिप्लोमा/डिग्री मिलेगी. अपर मुख्य सचिव ने कहा कि सबसे प्रमुख बात पीएचडी को लेकर हुई है जिसके लिए 7.5 सीजीपीए अनिवार्य कर दिया गया है. Hons with Research करने के लिए पहले 6 सेमेस्टर में 7.5 CGPA चाहिए. पहले छात्रों को यह आशंका थी कि चौथे साल में जाने के लिए 7.5 सीजीपीए अनिवार्य है और इसी वजह से छात्र संगठन इसका विरोध कर रहे थे. लेकिन अब इस संशोधन से यह स्पष्ट हो गया है कि 7.5 सीजीपीए सिर्फ रिसर्च के लिए जरूरी है यानी ऑनर्स विद रिसर्च के लिए ना कि चौथे वर्ष में जाने के लिए. आइये जानते [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>कोर्स में संशोधन को राज्यपाल की मंजूरी </strong></p>



<p><strong>कम एकेडमिक स्कोर वाले छात्र भी चौथे साल में प्रवेश कर सकेंगे</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="759" height="387" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-bihar-lokbhawan.jpg" alt="" class="wp-image-97122" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-bihar-lokbhawan.jpg 759w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-bihar-lokbhawan-650x331.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 759px) 100vw, 759px" /></figure>



<p><strong>Hons with Research करने के लिए पहले 6 सेमेस्टर में 7.5 CGPA चाहिए</strong></p>



<p><strong>कोर्स सर्टिफिकेट के लिए इंटर्नशिप जरूरी </strong></p>



<p>पटना।। बिहार के राज्यपाल ने <em>4</em>-वर्षीय CBCS UG कोर्स में &#8220;Programme Duration और Exit Options&#8221; में बदलाव को मंजूरी दे दी है. राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह के हस्ताक्षर से इसका नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है. राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने बताया कि इस महत्वपूर्ण बदलाव में तीन बातें प्रमुख तौर पर शामिल हैं. उन्होंने कहा कि Internship अब अनिवार्य हो गया है. Certificate, Diploma और 3-वर्षीय डिग्री के लिए 4 क्रेडिट की Summer Internship जरूरी है. दीपक कुमार सिंह ने कहा कि कोर्स के दौरान आप 2nd, 4th, 6th या 8th सेमेस्टर के बाद कोर्स छोड़ सकते हैं और उसी अनुसार सर्टिफिकेट/डिप्लोमा/डिग्री मिलेगी. अपर मुख्य सचिव ने कहा कि सबसे प्रमुख बात पीएचडी को लेकर हुई है जिसके लिए 7.5 सीजीपीए अनिवार्य कर दिया गया है. Hons with Research करने के लिए पहले 6 सेमेस्टर में 7.5 CGPA चाहिए. पहले छात्रों को यह आशंका थी कि चौथे साल में जाने के लिए 7.5 सीजीपीए अनिवार्य है और इसी वजह से छात्र संगठन इसका विरोध कर रहे थे. लेकिन अब इस संशोधन से यह स्पष्ट हो गया है कि 7.5 सीजीपीए सिर्फ रिसर्च के लिए जरूरी है यानी ऑनर्स विद रिसर्च के लिए ना कि चौथे वर्ष में जाने के लिए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="776" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001000743-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97545" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001000743-scaled.jpg 776w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001000743-493x650.jpg 493w" sizes="auto, (max-width: 776px) 100vw, 776px" /></figure>



<p><strong>आइये जानते हैं क्या बदलाव हुआ है</strong>&#8211; </p>



<p>बिहार के राज्यपाल सह कुलाधिपति सैयद अता हसनैन ने 4-वर्षीय CBCS स्नातक अध्यादेश में &#8220;कार्यक्रम की अवधि और निकास विकल्प&#8221; वाले Clause/Table 03 में संशोधन को मंजूरी दी है. ये बदलाव 04.07.2026 से लागू हो गया है. हालांकि तकनीकी कारणों से फिलहाल <em>पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पटना</em> और <em>मौलाना मजहरुल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय, पटना</em> पर ये नियम लागू नहीं होंगे.</p>



<p><em>Program of Study/Course Structure &#8211; पाठ्यक्रम संरचना</em></p>



<ol class="wp-block-list">
<li><em>अवधि</em>: 4 शैक्षणिक वर्ष = 8 सेमेस्टर</li>



<li><em>सेमेस्टर</em>:</li>
</ol>



<ul class="wp-block-list">
<li>विषम सेमेस्टर I, III, V, VII = जुलाई से दिसंबर</li>



<li>सम सेमेस्टर II, IV, VI, VIII = जनवरी से जून</li>
</ul>



<ol class="wp-block-list">
<li><em>कोर्स</em>: 8 सेमेस्टर में Annexure के अनुसार कोर्स होंगे</li>
</ol>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity"/>



<p><em>Programme Duration and Exit Options &#8211; कार्यक्रम अवधि और निकास विकल्प</em><br><strong>1.</strong> <strong>Undergraduate Certificate</strong> सेमेस्टर II के बाद 1st और 2nd सेमेस्टर के पूरे क्रेडिट + 4 क्रेडिट का <strong>Summer Internship</strong> करना जरूरी। तभी UG सर्टिफिकेट मिलेगा<br><strong>2.</strong> <strong>Undergraduate Diploma</strong> सेमेस्टर IV के बाद 1st से 4th सेमेस्टर के पूरे क्रेडिट + 4 क्रेडिट का <strong>Summer Internship</strong>। तभी UG डिप्लोमा मिलेगा<br><strong>3.</strong> <strong>Bachelor of Science/Arts/Commerce</strong><br>3 वर्षीय डिग्री सेमेस्टर VI के बाद 1st से 6th सेमेस्टर के पूरे क्रेडिट + 4th सेमेस्टर के बाद 4 क्रेडिट का <strong>Internship</strong> अनिवार्य।<br>इसे 3-वर्षीय UG डिग्री कहा जाएगा<br><strong>4. a)</strong> <strong>Bachelor (Hons.)</strong><br>4 वर्षीय डिग्री सेमेस्टर VIII के बाद 1st से 8th सेमेस्टर तक सभी क्रेडिट पूरे करने होंगे।<br><strong>Total Credits: 160</strong><br><strong>4. b)</strong> <strong>Bachelor (Hons. with Research)</strong><br>4 वर्षीय डिग्री + शोध सेमेस्टर VIII के बाद 1. 1st से 6th सेमेस्टर में <strong>7.5 CGPA या उससे अधिक</strong> होना चाहिए.</p>



<ol start="2" class="wp-block-list">
<li>4th year में Research Stream चुन सकते हैं</li>



<li>80 क्रेडिट + 12 क्रेडिट Research Project/Dissertation<br><strong>Total Credits: 160</strong><br><em>महत्वपूर्ण 3 बातें:</em></li>



<li><em>Internship अनिवार्य</em>: Certificate, Diploma और 3-वर्षीय डिग्री के लिए 4 क्रेडिट की Summer Internship जरूरी है</li>



<li><em>Multiple Exit</em>: आप 2nd, 4th, 6th या 8th सेमेस्टर के बाद कोर्स छोड़ सकते हैं और उसी अनुसार सर्टिफिकेट/डिप्लोमा/डिग्री मिलेगी</li>



<li><em>Research के लिए CGPA</em>: Hons with Research करने के लिए पहले 6 सेमेस्टर में 7.5 CGPA चाहिए</li>
</ol>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="974" height="873" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001000717.jpg" alt="" class="wp-image-97547" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001000717.jpg 974w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001000717-650x583.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 974px) 100vw, 974px" /></figure>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>यूनिवर्सिटी और कॉलेज में शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ, नियमावली को कैबिनेट ने दी मंजूरी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/college-teacher-recruitment-process/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 01 Jul 2026 16:38:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACADEMIC]]></category>
		<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[जॉब/करियर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar cabinet]]></category>
		<category><![CDATA[College teacher]]></category>
		<category><![CDATA[Teacher recruitment]]></category>
		<category><![CDATA[University teacher]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार कैबिनेट से नियुक्ति नियमावली पास पटना।। विश्वविद्यालय और अंगीभूत महाविद्यालय में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग कार्य संचालन संशोधन नियमावली 2026 के प्रारूप पर स्वीकृति प्रदान की गई है.  आइये विस्तार से जानते हैं कि विश्वविद्यालयों में अब शिक्षकों की नियुक्ति की शर्तें और प्रक्रिया क्या है. 3.2 नियुक्ति की प्रक्रिया3.2.1 नियुक्ति खुला अखिल भारतीय विज्ञापन के माध्यम से की जाएगी।3.2.2 सहायक प्राध्यापकों (नियमित/संविदात्मक) की नियुक्ति संबंधित विश्वविद्यालय द्वारा, आयोग की अनुशंसा पर, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा निर्धारित और बिहार सरकार द्वारा अंगीकृत/संशोधित न्यूनतम योग्यता के अनुसार की जाएगी।3.2.3 विश्वविद्यालयों का सक्षम प्राधिकारी, विषयवार रिक्तियों के साथ आरक्षण रोस्टर के आधार पर, उच्च शिक्षा विभाग के माध्यम से आयोग को अधियाचना भेजेगा। विभाग विश्वविद्यालयों से प्राप्त अधियाचनाओें को समेकित करेगा और सम्यक जांच के बाद आयोग को अग्रेषित करेगा।3.2.4 तदनुसार आयोग अधियाचित विषयों के लिए प्राथमिकता के आधार पर चयन प्रक्रिया शुरू करेगा. 3.3 अनिवार्य योग्यताएँ:3.3.1 किसी भारतीय विश्वविद्यालय से संबंधित/संबद्ध विषयों में, जैसा कि आयोग द्वारा विज्ञापित किया गया हो, न्यूनतम 55% अंकों या समकक्ष ग्रेड के साथ मास्टर डिग्री, या किसी मान्यता प्राप्त विदेशी विश्वविद्यालय से समकक्ष डिग्री। नोट: मास्टर डिग्री में न्यूनतम योग्यता के लिए 5% अंकों की छूट बिहार के अधिवासी SC/ST/EBC (नॉन-क्रीमी लेयर)/BC (नॉन-क्रीमी लेयर) उम्मीदवारों के लिए स्वीकार्य होगी, जबकि दिव्यांगजन [(a) दृष्टिबाधित; (b) मूक-बधिर; (c) लोकोमोटर विकलांगता; (d) ऑटिज्म, बौद्धिक विकलांगता, मानसिक बीमारी; (e) बहु-विकलांगता] के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्धारित न्यूनतम विकलांगता प्रतिशत के साथ, पूरे देश से भर्ती के लिए पात्रता [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>बिहार कैबिनेट से नियुक्ति नियमावली पास</strong></p>



<p>पटना।। विश्वविद्यालय और अंगीभूत महाविद्यालय में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग कार्य संचालन संशोधन नियमावली 2026 के प्रारूप पर स्वीकृति प्रदान की गई है. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2017/06/PNC-PATNA-UNIVERSITY-PU-650x488.jpg" alt="" class="wp-image-19009" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/06/PNC-PATNA-UNIVERSITY-PU.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/06/PNC-PATNA-UNIVERSITY-PU-350x263.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>आइये विस्तार से जानते हैं कि विश्वविद्यालयों में अब शिक्षकों की नियुक्ति की शर्तें और प्रक्रिया क्या है.</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity"/>



<p><em>3.2 नियुक्ति की प्रक्रिया</em><br><em>3.2.1</em> नियुक्ति खुला अखिल भारतीय विज्ञापन के माध्यम से की जाएगी।<br><em>3.2.2</em> सहायक प्राध्यापकों (नियमित/संविदात्मक) की नियुक्ति संबंधित विश्वविद्यालय द्वारा, आयोग की अनुशंसा पर, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा निर्धारित और बिहार सरकार द्वारा अंगीकृत/संशोधित न्यूनतम योग्यता के अनुसार की जाएगी।<br><em>3.2.3</em> विश्वविद्यालयों का सक्षम प्राधिकारी, विषयवार रिक्तियों के साथ आरक्षण रोस्टर के आधार पर, उच्च शिक्षा विभाग के माध्यम से आयोग को अधियाचना भेजेगा। विभाग विश्वविद्यालयों से प्राप्त अधियाचनाओें को समेकित करेगा और सम्यक जांच के बाद आयोग को अग्रेषित करेगा।<br><em>3.2.4</em> तदनुसार आयोग अधियाचित विषयों के लिए प्राथमिकता के आधार पर चयन प्रक्रिया शुरू करेगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="600" height="400" src="https://www.patnanow.com/assets/2017/06/PNC-VKSU-vir-kuwar-SINGH-UNIVERSITY.jpg" alt="" class="wp-image-19010" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/06/PNC-VKSU-vir-kuwar-SINGH-UNIVERSITY.jpg 600w, https://www.patnanow.com/assets/2017/06/PNC-VKSU-vir-kuwar-SINGH-UNIVERSITY-225x150.jpg 225w, https://www.patnanow.com/assets/2017/06/PNC-VKSU-vir-kuwar-SINGH-UNIVERSITY-350x233.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 600px) 100vw, 600px" /></figure>



<p><em>3.3 अनिवार्य योग्यताएँ:</em><br><em>3.3.1</em> किसी भारतीय विश्वविद्यालय से संबंधित/संबद्ध विषयों में, जैसा कि आयोग द्वारा विज्ञापित किया गया हो, न्यूनतम 55% अंकों या समकक्ष ग्रेड के साथ मास्टर डिग्री, या किसी मान्यता प्राप्त विदेशी विश्वविद्यालय से समकक्ष डिग्री।</p>



<p><em>नोट:</em> मास्टर डिग्री में न्यूनतम योग्यता के लिए 5% अंकों की छूट बिहार के अधिवासी SC/ST/EBC (नॉन-क्रीमी लेयर)/BC (नॉन-क्रीमी लेयर) उम्मीदवारों के लिए स्वीकार्य होगी, जबकि दिव्यांगजन [(a) दृष्टिबाधित; (b) मूक-बधिर; (c) लोकोमोटर विकलांगता; (d) ऑटिज्म, बौद्धिक विकलांगता, मानसिक बीमारी; (e) बहु-विकलांगता] के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्धारित न्यूनतम विकलांगता प्रतिशत के साथ, पूरे देश से भर्ती के लिए पात्रता और अच्छे शैक्षणिक रिकॉर्ड का आकलन किया जाएगा। लेकिन दोनों लाभ एक ही उम्मीदवार को स्वीकार्य नहीं होंगे.</p>



<p><em>3.3.2</em> उपरोक्त योग्यताओं को पूरा करने के अलावा, उम्मीदवार को UGC या CSIR द्वारा आयोजित राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET) या UGC द्वारा मान्यता प्राप्त समान परीक्षा या राज्य स्तर की पात्रता परीक्षा (SLET/SET), यदि बिहार सरकार द्वारा इस उद्देश्य के लिए आयोजित की गई हो, उत्तीर्ण होना चाहिए.</p>



<p><em>3.3.3</em> बशर्ते कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (पीएच.डी. डिग्री प्रदान करने के लिए न्यूनतम मानक और प्रक्रिया) विनियम, 2009 या 2016, जैसा कि समय-समय पर संशोधित हो, के अनुसार संबंधित विषय में पीएच.डी. डिग्री रखने वाले उम्मीदवारों को NET/SLET/SET से छूट दी जा सकती है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="300" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/04/PNC-PATLIPUTRA-UNIVERSITY-PPU.jpg" alt="" class="wp-image-44012" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/04/PNC-PATLIPUTRA-UNIVERSITY-PPU.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2020/04/PNC-PATLIPUTRA-UNIVERSITY-PPU-350x162.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><em>3.3.4</em> इसके अतिरिक्त बशर्ते कि UGC विनियम 2009 के कार्यान्वयन से पहले पीएच.डी. कार्यक्रम के लिए पंजीकृत उम्मीदवार, डिग्री प्रदान करने वाली संस्था के तत्कालीन मौजूदा अध्यादेशों/उप-नियमों/विनियमों के प्रावधानों द्वारा शासित होंगे और ऐसे पीएचडी उम्मीदवारों को निम्नलिखित शर्तों की पूर्ति के अधीन, बिहार सरकार या उसकी ओर से इस उद्देश्य के लिए आयोजित NET/राज्य स्तरीय पात्रता परीक्षा (SLET/SET) की आवश्यकता से छूट दी जाएगी:</p>



<ul class="wp-block-list">
<li><em>3.3.4.1</em> उम्मीदवार की पीएच.डी. डिग्री नियमित मोड में प्रदान की गई हो;</li>



<li><em>3.3.4.2</em> पीएच.डी. थीसिस का मूल्यांकन कम से कम दो बाहरी परीक्षकों द्वारा किया गया हो;</li>



<li><em>3.3.4.3</em> उम्मीदवार की खुली पीएच.डी. मौखिक परीक्षा आयोजित की गई हो;</li>



<li><em>3.3.4.4</em> उम्मीदवार ने अपने पीएच.डी. कार्य से दो शोध पत्र प्रकाशित किए हों, जिनमें से कम से कम एक रेफरीड जर्नल में हो;</li>



<li><em>3.3.4.5</em> उम्मीदवार ने UGC/ICSSR/CSIR या किसी समान एजेंसी द्वारा प्रायोजित/वित्तपोषित/समर्थित सम्मेलनों/सेमिनारों में अपने पीएच.डी. कार्य पर आधारित कम से कम दो पेपर प्रस्तुत किए हों.</li>
</ul>



<p>इन शर्तों की पूर्ति संबंधित विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार या डीन (शैक्षणिक मामले/संबंधित संकाय) द्वारा प्रमाणित की जानी है.</p>



<p><em>नोट:</em> NET/SLET/SET उन मास्टर्स कार्यक्रमों के विषयों के लिए भी आवश्यक नहीं होगा जिनके लिए UGC, CSIR या UGC द्वारा मान्यता प्राप्त समान परीक्षा जैसे SLET/SET आयोजित नहीं की जाती है.</p>



<p><em>अथवा</em><br>पीएच.डी. डिग्री किसी विदेशी विश्वविद्यालय/संस्थान से प्राप्त की गई हो जो निम्नलिखित में से किसी एक द्वारा विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग में शीर्ष 500 में स्थान रखता हो: (i) क्वाक्वेरेली साइमंड्स (QS) (ii) टाइम्स हायर एजुकेशन (THE) या (iii) शंघाई जिओ टोंग विश्वविद्यालय (शंघाई) का विश्व विश्वविद्यालयों का शैक्षणिक रैंकिंग (ARWU).</p>



<p><em>3.3.5</em> संगीत, प्रदर्शन कला, दृश्य कला और मूर्तिकला आदि जैसी अन्य पारंपरिक कला रूपों और नाटक/नाट्य के संदर्भ में, एक पारंपरिक या पेशेवर कलाकार की पात्रता का मूल्यांकन UGC विनियम में शिक्षक की नियुक्ति के लिए न्यूनतम योग्यता पर विशिष्ट विषयों के लिए निर्धारित मानदंडों के अनुसार किया जाएगा।</p>



<p><em>3.4 आयु सीमा:</em><br>सहायक प्राध्यापक के रूप में नियुक्ति के लिए न्यूनतम आयु 21 (इक्कीस) वर्ष होगी, और अधिकतम आयु विज्ञापन के वर्ष की 1 अगस्त को 43 (तैंतालीस) वर्ष से अधिक नहीं होगी। आयु में छूट राज्य सरकार के मौजूदा प्रावधानों के अनुसार दी जाएगी, जबकि दिव्यांगजनों के लिए आयु में छूट भारत सरकार के नियमों के अनुसार होगी </p>



<p><em>3.5 प्रसंस्करण शुल्क:</em><br>आयोग आवेदन आमंत्रित करने के लिए उचित समझे जाने वाले आवेदन प्रसंस्करण शुल्क का निर्धारण करेगा.</p>



<p><em>3.6 नियमित नियुक्ति के लिए चयन मानदंड:</em><br>उम्मीदवारों का अंतिम चयन लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के लिए अंकों का आवंटन निम्नानुसार होगा:<br><strong>घटक</strong> <strong>आवंटित अंक</strong><br>लिखित परीक्षा (अवधि-तीन घंटे) 175<br>साक्षात्कार 25 (13+12)<br>अधिकतम 13 अंक शिक्षण कौशल के आधार पर दिए जाएंगे, जिसका परीक्षण साक्षात्कार बोर्ड द्वारा मौके पर किया जाएगा (शिक्षण कौशल प्रदर्शन अनिवार्य रूप से वीडियो-रिकॉर्ड किया जाएगा) जबकि अधिकतम 12 अंक साक्षात्कार बोर्ड के साथ बातचीत के आधार पर दिए जाएंगे।<br><em>3.7</em> परीक्षा वर्णनात्मक होगी और परीक्षा की योजना <em>अनुबंध-I</em> में वर्णित अनुसार होगी। पाठ्यक्रम संबंधित विषय/अनुशासन में NET के समान होगा। उन विषयों में, जैसे जीवन विज्ञान, जहाँ NET विषयों के समूह के लिए प्रदान किया जाता है, लिखित परीक्षा में उपस्थित होने वाला उम्मीदवार संबंधित विषय का चयन करेगा और NET का संबंधित पाठ्यक्रम लागू होगा. जिन विषयों/अनुशासनों में NET आयोजित नहीं किया जाता है, उनमें पाठ्यक्रम आयोग द्वारा विषय विशेषज्ञों के परामर्श से तय किया जाएगा. किसी विशेष विषय के लिए पाठ्यक्रम के निर्धारण के संबंध में किसी भी कठिनाई को दूर करने के लिए, आयोग का निर्णय अंतिम होगा. सभी मामलों में, पाठ्यक्रम आयोग की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा </p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity"/>



<p><em>अनुबंध-I</em><br><strong>क्र. सं.</strong> <strong>प्रश्नों का प्रकार</strong> <strong>प्रश्नों की संख्या</strong> <strong>प्रत्येक को आवंटित                </strong>     <strong>अंक</strong>                        <strong>कुल  अंक</strong><br>1 अति लघु उत्तरीय 20 01 20<br>2 लघु उत्तरीय 15 02 30<br>3 तर्क आधारित विश्लेषणात्मक 15 03 45<br>4 दीर्घ उत्तरीय 10 08 80<br><strong>कुल</strong> <strong>175</strong><br><em>व्यापक मार्गदर्शन के लिए व्याख्यात्मक नोट्स:-</em></p>



<ol class="wp-block-list">
<li>अति लघु उत्तरीय प्रकार के प्रश्न विषय की वैचारिक समझ का पता लगाएंगे न कि केवल स्मृति आधारित होंगे. उत्तर एक शब्द/रिक्त स्थान भरें/एक वाक्य में होना चाहिए.</li>



<li>लघु उत्तरीय प्रकार के प्रश्न संबंध/मैपिंग/वैचारिक अंतर्संबंध का पता लगाएंगे और अंतः-विषय अवधारणाओं पर संश्लेषण क्षमता पर ध्यान केंद्रित करेंगे। सामान्य उत्तर/प्रतिक्रिया एक पैराग्राफ/एक छवि/एक ग्राफ होना चाहिए.</li>



<li>तर्क आधारित विश्लेषणात्मक प्रकार के प्रश्न तर्कों/तर्क/एक्सट्रपलेशन/अन्वेषित क्षेत्रों में विषय में प्राप्त ज्ञान के अनुप्रयोग पर आधारित शिक्षार्थी की अनुप्रयोग क्षमताओं का पता लगाएंगे। सामान्य प्रतिक्रिया सह-संबंध/समानार्थी/विलोम का मिलान/अनुप्रयोग क्षेत्र आदि हो सकती है.</li>



<li>दीर्घ उत्तरीय प्रकार के प्रश्न अनुशासनात्मक क्षेत्रों में गहरी समझ पर ध्यान केंद्रित करेंगे और प्रतिक्रिया आम तौर पर 200-250 शब्दों में होनी चाहिए.</li>
</ol>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity"/>



<p><em>अनुबंध-II</em></p>



<p>लिखित परीक्षा में आरक्षण की संबंधित श्रेणियों से संबंधित उम्मीदवारों के लिए लागू न्यूनतम अर्हक अंक निम्नानुसार होंगे:-<br><strong>श्रेणी</strong> <strong>प्रतिशत</strong><br>अनारक्षित 40%<br>पिछड़ा वर्ग 36.5%<br>अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) 34%<br>अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति और महिला 32%<br>न्यूनतम अंक प्राप्त करने वाले संबंधित श्रेणियों के उम्मीदवारों को ही साक्षात्कार के लिए विचार किया जाएगा, बशर्ते कि वे 1:3 के अनुपात में आते हों.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity"/>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>विश्वविद्यालयों को मिशन मोड में डिग्री बांटने का निर्देश, हर पन्द्रह दिन पर होगी समीक्षा</title>
		<link>https://www.patnanow.com/governor-strict-order/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 27 Jun 2026 12:51:50 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[हर विश्वविद्यालय में बनेगा डिग्री मॉनिटरिंग सेल सभी सफल विद्यार्थियों को तुरंत डिग्री बांटने का निर्देश डिग्री का तुरंत प्रिंटिंग और वितरण और लंबित मामलों का होगा निपटारा पटना।। बिहार लोक भवन में विश्वविद्यालय के छात्रों से मिल रही लगातार शिकायतों के मद्देनजर राज्यपाल के आदेश पर सभी विश्वविद्यालयों के लिए सख्त निर्देश जारी किया गया है. राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने शनिवार को आदेश जारी करते हुए सभी कुलपतियों से डिग्री मॉनिटरिंग सेल का गठन करने और अविलंब डिग्री की प्रिंटिंग और वितरण करने के निर्देश जारी किए हैं. इससे पहले 1 जुलाई तक सभी विश्वविद्यालयों से अद्यतन रिपोर्ट मांगी गई है. डिग्री मॉनिटरिंग सेल के नोडल ऑफिसर को हर 15 दिन में रिपोर्ट भेजनी होगी कि कितनी डिग्री प्रिंट हुई और कितनी बांटी गई और कितनी बाकी है. समस्या क्या हैइस बारे में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने कहा कि लोक भवन में बहुत शिकायतें आ रही हैं कि छात्रों के कोर्स पूरा करने के बाद भी डिग्री नहीं मिल रही. इससे छात्रों की हायर एजुकेशन, नौकरी और करियर पर बुरा असर पड़ रहा है. विश्वविद्यालयों को क्या करना है डेटा जमा करने की डेडलाइन Degree Monitoring Cell बनाना हैहर यूनिवर्सिटी को एक नोडल ऑफिसर के तहत सेल बनानी है जो: कुलपतियों की जिम्मेदारीअपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने कहा कि VC खुद इस काम को मॉनिटर करेंगे और तय समय में सारे लंबित केस निपटाएंगे. इसे Most Urgent माना जाए. ये आदेश NOU, BAU और BASU को छोड़कर [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>हर विश्वविद्यालय में बनेगा डिग्री मॉनिटरिंग सेल</strong> </p>



<p><strong>सभी सफल विद्यार्थियों को तुरंत डिग्री बांटने का निर्देश </strong><br><strong>डिग्री का तुरंत प्रिंटिंग और वितरण और लंबित मामलों का होगा निपटारा</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="759" height="387" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-bihar-lokbhawan.jpg" alt="" class="wp-image-97122" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-bihar-lokbhawan.jpg 759w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-bihar-lokbhawan-650x331.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 759px) 100vw, 759px" /></figure>



<p>पटना।। बिहार लोक भवन में विश्वविद्यालय के छात्रों से मिल रही लगातार शिकायतों के मद्देनजर राज्यपाल के आदेश पर सभी विश्वविद्यालयों के लिए सख्त निर्देश जारी किया गया है. राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने शनिवार को आदेश जारी करते हुए सभी कुलपतियों से डिग्री मॉनिटरिंग सेल का गठन करने और अविलंब डिग्री की प्रिंटिंग और वितरण करने के निर्देश जारी किए हैं. इससे पहले 1 जुलाई तक सभी विश्वविद्यालयों से अद्यतन रिपोर्ट मांगी गई है. डिग्री मॉनिटरिंग सेल के नोडल ऑफिसर को हर 15 दिन में रिपोर्ट भेजनी होगी कि कितनी डिग्री प्रिंट हुई और कितनी बांटी गई और कितनी बाकी है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="723" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-lokbhawan-governor-with-ias-dipak-singh-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97346" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-lokbhawan-governor-with-ias-dipak-singh-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-lokbhawan-governor-with-ias-dipak-singh-650x459.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>समस्या क्या है</strong><br>इस बारे में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने कहा कि लोक भवन में बहुत शिकायतें आ रही हैं कि छात्रों के कोर्स पूरा करने के बाद भी डिग्री नहीं मिल रही. इससे छात्रों की हायर एजुकेशन, नौकरी और करियर पर बुरा असर पड़ रहा है.</p>



<p><strong>विश्वविद्यालयों को क्या करना है</strong></p>



<ul class="wp-block-list">
<li><strong><em>सबसे ज्यादा प्राथमिकता</em>: सभी लंबित डिग्रियों की प्रिंटिंग और वितरण</strong></li>



<li><strong><em>मिशन-मोड में काम</em>: बैकलॉग क्लियर करने के लिए स्पेशल ड्राइव चलाएं</strong></li>



<li><strong><em>मैनपावर की कमी</em>: BELTRON के जरिए कर्मी लगाकर काम तेज करें</strong></li>
</ul>



<p><strong>डेटा जमा करने की डेडलाइन</strong></p>



<ul class="wp-block-list">
<li><em>1 जुलाई 2026 तक</em>: 2010 से 2024 तक का UG और PG डिग्री का डेटा Excel में भेजना है</li>



<li><em>Email</em>: <strong>despatchstatusofdegree@gmail.com</strong></li>
</ul>



<p><strong>Degree Monitoring Cell बनाना है</strong><br>हर यूनिवर्सिटी को एक नोडल ऑफिसर के तहत सेल बनानी है जो:</p>



<ol class="wp-block-list">
<li>हर 15 दिन में रिपोर्ट भेजे &#8211; 15 जुलाई, 31 जुलाई, 14 अगस्त, 31 अगस्त, 15 सितंबर, 30 सितंबर 2026 को</li>



<li>रिपोर्ट में बताना है: कितनी डिग्री लंबित हैं, कितनी प्रिंट हुईं, कितनी भेजी गईं, कितनी बाकी हैं.</li>
</ol>



<p><strong>कुलपतियों की जिम्मेदारी</strong><br>अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने कहा कि VC खुद इस काम को मॉनिटर करेंगे और तय समय में सारे लंबित केस निपटाएंगे. इसे <em>Most Urgent</em> माना जाए. ये आदेश NOU, BAU और BASU को छोड़कर बिहार के सभी विश्वविद्यालयों पर लागू होगा.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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