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		<title>लोकतंत्र की रखवाली में मीडिया की भूमिका सबसे अहम : डॉ. भीम सिंह</title>
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		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 23 Sep 2026 12:15:59 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जमालपुर में पहली बार सजा अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता का मंच, भारत समेत चार देशों के पत्रकारों का जुटान पत्रकारिता की चुनौतियों, विश्वसनीयता और जनसरोकार पर हुआ मंथन, कलम से बदलाव लाने वाली शख्सियतें सम्मानित जमालपुर (मुंगेर)। जमालपुर की धरती रविवार को अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता के मंच में तब्दील हो गई। मारवाड़ी धर्मशाला रोड स्थित सिद्धिविनायक मैरिज हॉल परिसर में ऑल इंडिया जर्नलिस्ट यूनियन भारत की ओर से पहली बार आयोजित अंतरराष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन में देश-विदेश के पत्रकारों का जुटान हुआ। बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल और भूटान से पहुंचे पत्रकार सम्मेलन के प्रमुख आकर्षण रहे। इस दौरान लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका, पत्रकारिता की बदलती चुनौतियों, डिजिटल मीडिया के प्रभाव और समाज के प्रति पत्रकारों की जिम्मेदारी पर गंभीर मंथन हुआ। सम्मेलन का उद्घाटन राज्यसभा सांसद डॉ. भीम सिंह, मुंगेर विधायक कुमार प्रणय, मुख्य पार्षद पार्वती देवी सहित देश-विदेश से पहुंचे वरिष्ठ पत्रकारों एवं अतिथियों ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष त्रिपुरारी कुमार मिश्रा ने की, जबकि संचालन अंशु अवस्थी ने किया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद डॉ. भीम सिंह ने कहा कि लोकतंत्र की रखवाली में मीडिया की भूमिका सबसे अहम है। पत्रकार सत्ता और समाज के बीच सवाल खड़े करने वाला मजबूत माध्यम हैं। उनकी कलम केवल खबर प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की आवाज को सामने लाने और व्यवस्था को जवाबदेह बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में तथ्य, निष्पक्षता और जनसरोकार सर्वोपरि होने चाहिए। डिजिटल दौर में विश्वसनीयता सबसे बड़ी चुनौती सम्मेलन में देश-विदेश से [&#8230;]]]></description>
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<h4 class="wp-block-heading"><strong>जमालपुर में पहली बार सजा अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता का मंच, भारत समेत चार देशों के पत्रकारों का जुटान</strong></h4>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>पत्रकारिता की चुनौतियों, विश्वसनीयता और जनसरोकार पर हुआ मंथन, कलम से बदलाव लाने वाली शख्सियतें सम्मानित</strong></h4>



<p><strong>जमालपुर (मुंगेर)।</strong> जमालपुर की धरती रविवार को अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता के मंच में तब्दील हो गई। मारवाड़ी धर्मशाला रोड स्थित सिद्धिविनायक मैरिज हॉल परिसर में ऑल इंडिया जर्नलिस्ट यूनियन भारत की ओर से पहली बार आयोजित अंतरराष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन में देश-विदेश के पत्रकारों का जुटान हुआ। बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल और भूटान से पहुंचे पत्रकार सम्मेलन के प्रमुख आकर्षण रहे। इस दौरान लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका, पत्रकारिता की बदलती चुनौतियों, डिजिटल मीडिया के प्रभाव और समाज के प्रति पत्रकारों की जिम्मेदारी पर गंभीर मंथन हुआ।</p>



<figure class="wp-block-gallery has-nested-images columns-default is-cropped wp-block-gallery-1 is-layout-flex wp-block-gallery-is-layout-flex">
<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="768" height="1024" data-id="99491" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001785137-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99491" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001785137-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001785137-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001785137-1152x1536.jpg 1152w" sizes="(max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>
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<p>सम्मेलन का उद्घाटन राज्यसभा सांसद <strong>डॉ. भीम सिंह</strong>, मुंगेर विधायक <strong>कुमार प्रणय</strong>, मुख्य पार्षद <strong>पार्वती देवी</strong> सहित देश-विदेश से पहुंचे वरिष्ठ पत्रकारों एवं अतिथियों ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष <strong>त्रिपुरारी कुमार मिश्रा</strong> ने की, जबकि संचालन <strong>अंशु अवस्थी</strong> ने किया।</p>



<p>उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद डॉ. भीम सिंह ने कहा कि <strong>लोकतंत्र की रखवाली में मीडिया की भूमिका सबसे अहम है।</strong> पत्रकार सत्ता और समाज के बीच सवाल खड़े करने वाला मजबूत माध्यम हैं। उनकी कलम केवल खबर प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की आवाज को सामने लाने और व्यवस्था को जवाबदेह बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में तथ्य, निष्पक्षता और जनसरोकार सर्वोपरि होने चाहिए।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>डिजिटल दौर में विश्वसनीयता सबसे बड़ी चुनौती</strong></h3>



<p>सम्मेलन में देश-विदेश से आए पत्रकारों ने वर्तमान पत्रकारिता की चुनौतियों और अपने अनुभव साझा किए। डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव, सूचना के तेज प्रवाह, फेक न्यूज, विश्वसनीयता के संकट और पत्रकारों की सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि खबर की रफ्तार के साथ उसकी विश्वसनीयता बनाए रखना आज पत्रकारिता की सबसे बड़ी कसौटियों में से एक है।</p>





<p>पत्रकारों ने इस बात पर भी जोर दिया कि पत्रकारिता का केंद्र समाज और आम आदमी की आवाज होनी चाहिए। गांव, गरीब, वंचित और समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों की समस्याओं को प्रमुखता से सामने लाना ही जनपक्षधर पत्रकारिता की वास्तविक पहचान है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>नेपाल, बांग्लादेश समेत कई देशों के पत्रकार हुए शामिल</strong></h3>



<p>कार्यक्रम में नेपाल से <strong>शार्क जर्नलिस्ट फोरम के इंटरनेशनल प्रेसिडेंट राजू लामा</strong>, बांग्लादेश के <strong>सेक्रेटरी जनरल मो. अब्दुर रहमान</strong>, <strong>मो. एम.के. सिद्दीकी</strong> सहित विदेशों से आए वरिष्ठ पत्रकारों ने सम्मेलन को संबोधित किया।</p>



<p>भारत की ओर से नई दिल्ली से <strong>सहारा समय डिजिटल के हेड वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश सिंह</strong>, पटना से <strong>राष्ट्रीय समाचार के बिहार हेड एवं श्रीराम कथा वाचक एस.के. राजीव जी महाराज</strong>, आकाशवाणी-दूरदर्शन के समाचार वाचक <strong>मोहम्मद खालिद रशीद</strong>, <strong>डॉ. अमरनाथ प्रसाद</strong>, <strong>अंशु अवस्थी</strong>, <strong>पी.के. आजाद</strong>, <strong>इंजीनियर मदन कुमार गुप्ता</strong>, काशी से <strong>रुपेश कुमार गुप्ता</strong>, उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष <strong>डॉ. विजय यादव</strong>, झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष <strong>मनोज कुमार श्रीवास्तव</strong>, पंजाब से <strong>जरनेल सिंह</strong>, धनबाद से <strong>विवेक साहू</strong>, मुंबई से <strong>रत्नाकर मिश्रा</strong> सहित कई वरिष्ठ पत्रकारों ने वर्तमान दौर में पत्रकारिता की दिशा और जिम्मेदारी पर अपने विचार रखे।</p>



<p>मुंगेर जिले के स्थानीय समाचार पत्रों से जुड़े <strong>राणा गौरी शंकर सिंह, राजेश कुमार, रजनीश सिंह और वरिष्ठ पत्रकार विजय आनंद</strong> ने भी पत्रकारिता के समक्ष मौजूद चुनौतियों और बदलते स्वरूप पर विचार व्यक्त किए।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>कलम और सामाजिक सरोकार के लिए हुआ सम्मान</strong></h3>



<p>सम्मेलन के दौरान अपनी लेखनी और सामाजिक सरोकारों के माध्यम से समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने वाली शख्सियतों को अतिथियों ने सम्मानित किया। सम्मान समारोह ने कार्यक्रम को गरिमापूर्ण बना दिया। विभिन्न राज्यों और देशों से पहुंचे पत्रकारों ने एक-दूसरे के अनुभव साझा करते हुए पत्रकारिता के क्षेत्र में आपसी संवाद और सहयोग को मजबूत करने की बात कही।</p>



<p>कार्यक्रम में ऑल इंडिया जर्नलिस्ट यूनियन भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष <strong>रंजीत सम्राट</strong>, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष <strong>अरुण कुमार शर्मा</strong>, राष्ट्रीय प्रधान महासचिव <strong>सुनील कुमार</strong>, नेशनल वाइस प्रेसिडेंट <strong>अंशु अवस्थी</strong>, <strong>डॉ. अमरनाथ प्रसाद</strong>, <strong>इंजीनियर मदन गुप्ता</strong>, बिहार प्रदेश महासचिव <strong>सुधांशु रंजन शुक्ला</strong>, प्रदेश सचिव <strong>रविंद्र शर्मा</strong>, बिहार प्रदेश अध्यक्ष <strong>के.एम. राज</strong>, महासचिव <strong>मो. इम्तियाज आलम</strong>, जिला अध्यक्ष <strong>त्रिपुरारी कुमार मिश्रा</strong>, जिला उपाध्यक्ष <strong>मनोज कुमार</strong>, जिला सचिव <strong>दीपक विश्वास</strong>, जिला कोषाध्यक्ष <strong>आदित्य कुमार विकास</strong> सहित बड़ी संख्या में पत्रकार एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।</p>



<p><strong>जमालपुर में आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन शहर को देश-विदेश के पत्रकारों से जोड़ने के साथ पत्रकारिता के सरोकारों पर संवाद का महत्वपूर्ण मंच बना। सम्मेलन में सीमा और भाषा से परे लोकतंत्र, जनसरोकार और समाज के प्रति पत्रकारों की जिम्मेदारी को लेकर साझा संवाद देखने को मिला।</strong></p>



<p></p>
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		<title>पटना में 20 सितंबर से बिहार सरस मेला, 15 राज्यों के व्यंजन और शिल्प की लगेगी प्रदर्शनी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/saras-mela-starting-soon/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 18 Sep 2026 13:24:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
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					<description><![CDATA[ज्ञान भवन में जुटेंगे 15 राज्यों के स्वयं सहायता समूह पटना, 18 सितंबर। ग्रामीण महिलाओं के हुनर और उद्यम को बाजार से जोड़ने के लिए बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) द्वारा बिहार सरस मेला 2026 के प्रथम संस्करण का आयोजन 20 से 29 सितंबर तक ज्ञान भवन, पटना में किया जाएगा. ग्रामीण विकास विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस मेले का यह 18वां संस्करण है. जीविका ने बताया कि सरस मेला की शुरुआत वर्ष 2014 में हुई थी और 2018 से इसके दो संस्करण आयोजित किए जा रहे हैं. ज्ञान भवन में इसका स्वरूप क्रेता-विक्रेता संवाद वाला होता है, जबकि गांधी मैदान में यह एक बड़े जन-उत्सव के रूप में लगता है. इस बार के मेले में बिहार समेत 15 राज्यों की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिला उद्यमी शामिल हो रही हैं. इनमें आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, मणिपुर, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गोवा, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर शामिल हैं. मेले में लगभग 135 स्टॉल लगाए जाएंगे. क्या मिलेगा मेले में?मेले में बिहार के सभी 38 जिलों के उत्पादों के साथ-साथ हस्तशिल्प, हैंडलूम, कालीन, मलबरी-सिल्क और खादी के कपड़े, मधुबनी पेंटिंग, लाह की चूड़ियां, सीप के गहने, बांस और लकड़ी से बने सजावटी सामान, केले के तने से बने उत्पादों की खरीद-बिक्री होगी. फूड जोन में &#8216;दीदी की रसोई&#8217; आकर्षण का केंद्र रहेगी, जहां देशी व्यंजन, अचार, पापड़, सत्तू, बड़ी, दनौरी और ड्राई फ्रूट्स मिलेंगे. साथ ही जीविका दीदियों द्वारा संचालित महानंदा चाय, जीविका शिल्पग्राम, जीविका मधु ग्राम और जानकी महिला सिलाई केंद्र [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>ज्ञान भवन में जुटेंगे 15 राज्यों के स्वयं सहायता समूह </strong></p>



<p><em>पटना, 18 सितंबर।</em> ग्रामीण महिलाओं के हुनर और उद्यम को बाजार से जोड़ने के लिए बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) द्वारा <em>बिहार सरस मेला 2026</em> के प्रथम संस्करण का आयोजन <em>20 से 29 सितंबर तक ज्ञान भवन, पटना</em> में किया जाएगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-Saras-File-Photi-3-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99356" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-Saras-File-Photi-3-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-Saras-File-Photi-3-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-Saras-File-Photi-3-1536x864.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-Saras-File-Photi-3-2048x1153.jpg 2048w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>ग्रामीण विकास विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस मेले का यह <em>18वां संस्करण</em> है. जीविका ने बताया कि सरस मेला की शुरुआत वर्ष 2014 में हुई थी और 2018 से इसके दो संस्करण आयोजित किए जा रहे हैं. ज्ञान भवन में इसका स्वरूप क्रेता-विक्रेता संवाद वाला होता है, जबकि गांधी मैदान में यह एक बड़े जन-उत्सव के रूप में लगता है.</p>



<p>इस बार के मेले में बिहार समेत <em>15 राज्यों</em> की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिला उद्यमी शामिल हो रही हैं. इनमें आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, मणिपुर, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गोवा, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर शामिल हैं. मेले में <em>लगभग 135 स्टॉल</em> लगाए जाएंगे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-I-love-Saras-File-Photo-1-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99357" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-I-love-Saras-File-Photo-1-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-I-love-Saras-File-Photo-1-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-I-love-Saras-File-Photo-1-1536x864.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-I-love-Saras-File-Photo-1-2048x1153.jpg 2048w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>क्या मिलेगा मेले में?</strong><br>मेले में बिहार के सभी 38 जिलों के उत्पादों के साथ-साथ हस्तशिल्प, हैंडलूम, कालीन, मलबरी-सिल्क और खादी के कपड़े, मधुबनी पेंटिंग, लाह की चूड़ियां, सीप के गहने, बांस और लकड़ी से बने सजावटी सामान, केले के तने से बने उत्पादों की खरीद-बिक्री होगी.</p>



<p>फूड जोन में <em>&#8216;दीदी की रसोई&#8217;</em> आकर्षण का केंद्र रहेगी, जहां देशी व्यंजन, अचार, पापड़, सत्तू, बड़ी, दनौरी और ड्राई फ्रूट्स मिलेंगे. साथ ही जीविका दीदियों द्वारा संचालित महानंदा चाय, जीविका शिल्पग्राम, जीविका मधु ग्राम और जानकी महिला सिलाई केंद्र के स्टॉल पर आत्मनिर्भरता की झलक दिखेगी. सतत जीविकोपार्जन योजना और मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के लाभार्थियों के उत्पाद भी यहां उपलब्ध रहेंगे.</p>



<p><strong>इस बार नई पहल &#8211;</strong><br>इस वर्ष ज्ञान भवन में पहली बार <em>क्रेता-विक्रेता संवाद</em> का आयोजन होगा  इसमें सिर्फ उत्पादों की प्रदर्शनी नहीं, बल्कि उत्पाद की गुणवत्ता, पैकेजिंग, आपूर्ति और बाजार की मांग पर संभावित खरीदारों और संस्थागत खरीदारों के बीच सीधी बातचीत होगी, ताकि महिला उद्यमियों को स्थायी बाजार मिल सके.</p>



<p>मेले में कैशलेस खरीददारी और रुपयों की जमा-निकासी के लिए ग्राहक सेवा केंद्र की सुविधा रहेगी। आगंतुकों के लिए सहायता केंद्र भी बनाए गए हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-Saras-File-Photo-2-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99355" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-Saras-File-Photo-2-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-Saras-File-Photo-2-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-Saras-File-Photo-2-1536x864.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-Saras-File-Photo-2-2048x1153.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मेले का समय <em>सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक</em> रहेगा और <em>प्रवेश निःशुल्क</em> है.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>श्रीलंका में सीता से जुड़े स्थलों तक पहुंचेगी भोजपुर की आवाज</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bhojpur-voice-will-reach-shrilanka/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 16 Sep 2026 05:26:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[दिसंबर में होगा सीतोत्सव आरा में सनातनी गंगा फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत, 13 से 23 दिसंबर तक होगी ‘श्रीलंका की खोज एवं श्री रामायण दिव्य यात्रा-2026’ आरा,16 सितंबर. शहर के शुभ नारायण नगर, मझौंवा स्थित संभावना आवासीय उच्च विद्यालय के जुबली हॉल में सनातनी गंगा फाउंडेशन की भोजपुर इकाई की बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैप्टन प्रवीण कुमार ने की. इस दौरान भोजपुर इकाई की अध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह ने राष्ट्रीय अध्यक्ष कैप्टन प्रवीण कुमार को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया. वहीं बिहार राज्य के अध्यक्ष सुजीत कुमार कसेरा को भोजपुर के महासचिव शंभू चौरसिया ने अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया. बैठक के दौरान कैप्टन प्रवीण कुमार ने आगामी ‘श्रीलंका की खोज एवं श्री रामायण दिव्य यात्रा-2026’ के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सनातनी गंगा फाउंडेशन की ओर से आगामी 13 से 23 दिसंबर 2026 तक श्रीलंका की यात्रा आयोजित की जाएगी. इस यात्रा के दौरान 17 से 19 दिसंबर तक श्रीलंका स्थित अशोक वाटिका में सीतोत्सव का आयोजन किया जाएगा. सीता से जुड़े स्थलों का होगा दर्शन कैप्टन प्रवीण कुमार ने बताया कि यात्रा के दौरान माता सीता से जुड़े माने जाने वाले विभिन्न स्थलों का दर्शन किया जाएगा. इनमें सीता कोटुवा, सीता अम्मन मंदिर और अशोक वाटिका प्रमुख हैं. इसके अलावा दियूरुम्पोला का भी भ्रमण किया जाएगा, जिसे परंपरागत रूप से माता सीता की अग्नि परीक्षा से जोड़ा जाता है. सीतोत्सव के दौरान ‘रन फॉर मां सीता’ और ‘डांस फॉर मां सीता’ सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<h1 class="wp-block-heading">दिसंबर में होगा सीतोत्सव</h1>



<h3 class="wp-block-heading">आरा में सनातनी गंगा फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत, 13 से 23 दिसंबर तक होगी ‘श्रीलंका की खोज एवं श्री रामायण दिव्य यात्रा-2026’</h3>



<p><strong>आरा</strong>,16 सितंबर. शहर के शुभ नारायण नगर, मझौंवा स्थित संभावना आवासीय उच्च विद्यालय के जुबली हॉल में सनातनी गंगा फाउंडेशन की भोजपुर इकाई की बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष <strong>कैप्टन प्रवीण कुमार</strong> ने की. इस दौरान भोजपुर इकाई की अध्यक्ष <strong>डॉ. अर्चना सिंह</strong> ने राष्ट्रीय अध्यक्ष कैप्टन प्रवीण कुमार को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया. वहीं बिहार राज्य के अध्यक्ष <strong>सुजीत कुमार कसेरा</strong> को भोजपुर के महासचिव <strong>शंभू चौरसिया</strong> ने अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया.</p>



<p>बैठक के दौरान कैप्टन प्रवीण कुमार ने आगामी <strong>‘श्रीलंका की खोज एवं श्री रामायण दिव्य यात्रा-2026’</strong> के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सनातनी गंगा फाउंडेशन की ओर से आगामी <strong>13 से 23 दिसंबर 2026</strong> तक श्रीलंका की यात्रा आयोजित की जाएगी. इस यात्रा के दौरान <strong>17 से 19 दिसंबर</strong> तक श्रीलंका स्थित अशोक वाटिका में <strong>सीतोत्सव</strong> का आयोजन किया जाएगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001753842-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99282" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001753842-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001753842-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/1001753842-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<h3 class="wp-block-heading">सीता से जुड़े स्थलों का होगा दर्शन</h3>



<p>कैप्टन प्रवीण कुमार ने बताया कि यात्रा के दौरान माता सीता से जुड़े माने जाने वाले विभिन्न स्थलों का दर्शन किया जाएगा. इनमें <strong>सीता कोटुवा, सीता अम्मन मंदिर और अशोक वाटिका</strong> प्रमुख हैं. इसके अलावा <strong>दियूरुम्पोला</strong> का भी भ्रमण किया जाएगा, जिसे परंपरागत रूप से माता सीता की अग्नि परीक्षा से जोड़ा जाता है.</p>



<p>सीतोत्सव के दौरान <strong>‘रन फॉर मां सीता’ और ‘डांस फॉर मां सीता’</strong> सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. यात्रा में राम्बोड़ा स्थित <strong>श्री भगवान हनुमान मंदिर</strong> का भी दर्शन कराया जाएगा, जिसे स्थानीय परंपराओं के अनुसार हनुमान जी के श्रीलंका में प्रथम चरण रखने के स्थान के रूप में माना जाता है.</p>



<p>इसके अलावा यात्रा के दौरान <strong>राजा रावण से जुड़े माने जाने वाले विभिन्न स्थलों</strong> का भी भ्रमण किया जाएगा. आयोजकों के अनुसार यात्रा का उद्देश्य श्रीरामायण से जुड़े स्थलों, भारतीय संस्कृति और परंपराओं से लोगों को परिचित कराना है.</p>



<p>बैठक में <strong>शंभू चौरसिया, अवधेश पांडेय, मनोज कुमार सिंह, राम कुमार सिंह, डॉ. संदीप कुमार, राम अनूज सिंह, आनंद कुमार, विष्णु शंकर, अखिलानंद ओझा, रिशु सिन्हा, विवेक तिवारी, दीप कुमार, नवीन कुमार, अवनीश कुमार, संजीव सिंह एवं दयाशंकर</strong> समेत अन्य लोग मौजूद रहे.</p>



<p>आरा से <strong>ओ पी पाण्डेय</strong> की रिपोर्ट<strong> </strong></p>
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		<title>पीडिया ने राखियों में बनाई जगह, फौजियों के हाथों की बढ़ाएगी शोभा</title>
		<link>https://www.patnanow.com/pidiya-is-making-place-everywhere/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 26 Aug 2026 08:46:11 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[सरहद के फौजी भाइयों के लिए संभावना के बच्चों ने बनाई 1120 राखियां, ‘पीडिया पेंटिंग’ बनी आकर्षण का केंद्र चार दिवसीय राखी मेकिंग कार्यशाला का समापन, बच्चों ने कला और भावनाओं को दिया अनोखा रूप आरा, 25 अगस्त। सरहद पर तैनात फौजी भाइयों के लिए राखी में सिर्फ धागा नहीं, बल्कि देशप्रेम, सम्मान और भाईचारे की भावना पिरोई गई। शुभ नारायण नगर, मझौंवा स्थित शांति स्मृति संभावना आवासीय उच्च विद्यालय में चार दिवसीय राखी मेकिंग कार्यशाला के दौरान बच्चों ने 1120 राखियों का निर्माण किया, जिन्हें सरहद पर तैनात सैनिक भाइयों को भेजा जाएगा। संभावना विद्यालय एवं सर्जना न्यास के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला के अंतिम दिन जुबली हॉल में प्रदर्शनी सह पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। वर्ग 6 से 12वीं तक के करीब 150 विद्यार्थियों ने इसमें हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अनुप्रिया तथा विशिष्ट अतिथि कर्नल राणा प्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से किया। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। अतिथियों को विद्यालय के निदेशक डॉ. कुमार द्विजेंद्र एवं प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह ने प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। राखियों में दिखी भोजपुरी कला की पहचान, ‘पीडिया पेंटिंग’ ने खींचा ध्यान प्रदर्शनी में इस बार सबसे खास आकर्षण रहा भोजपुरी लोककला ‘पीडिया पेंटिंग’ पर आधारित राखियां। बच्चों ने पारंपरिक भोजपुरी कला को राखी जैसे आधुनिक और लोकप्रिय रचनात्मक माध्यम से जोड़कर इसे एक नया रूप दिया। चित्रकार एवं कला शिक्षक संजीव सिन्हा के मार्गदर्शन में बच्चों ने राखियों पर पीडिया कला के विभिन्न रूपों को उकेरा। इन राखियों को [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>सरहद के फौजी भाइयों के लिए संभावना के बच्चों ने बनाई 1120 राखियां, ‘पीडिया पेंटिंग’ बनी आकर्षण का केंद्र</strong></p>



<p><strong>चार दिवसीय राखी मेकिंग कार्यशाला का समापन, बच्चों ने कला और भावनाओं को दिया अनोखा रूप</strong></p>



<p>आरा, 25 अगस्त। सरहद पर तैनात फौजी भाइयों के लिए राखी में सिर्फ धागा नहीं, बल्कि देशप्रेम, सम्मान और भाईचारे की भावना पिरोई गई। शुभ नारायण नगर, मझौंवा स्थित शांति स्मृति संभावना आवासीय उच्च विद्यालय में चार दिवसीय राखी मेकिंग कार्यशाला के दौरान बच्चों ने 1120 राखियों का निर्माण किया, जिन्हें सरहद पर तैनात सैनिक भाइयों को भेजा जाएगा।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665594-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98855" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665594-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665594-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665594-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



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<p>संभावना विद्यालय एवं सर्जना न्यास के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला के अंतिम दिन जुबली हॉल में प्रदर्शनी सह पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। वर्ग 6 से 12वीं तक के करीब 150 विद्यार्थियों ने इसमें हिस्सा लिया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665570-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98862" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665570-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665570-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665570-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



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<p>कार्यक्रम का उद्घाटन जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अनुप्रिया तथा विशिष्ट अतिथि कर्नल राणा प्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से किया। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। अतिथियों को विद्यालय के निदेशक डॉ. कुमार द्विजेंद्र एवं प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह ने प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया।</p>



<p><strong>राखियों में दिखी भोजपुरी कला की पहचान, ‘पीडिया पेंटिंग’ ने खींचा ध्यान</strong></p>



<p>प्रदर्शनी में इस बार सबसे खास आकर्षण रहा भोजपुरी लोककला ‘पीडिया पेंटिंग’ पर आधारित राखियां। बच्चों ने पारंपरिक भोजपुरी कला को राखी जैसे आधुनिक और लोकप्रिय रचनात्मक माध्यम से जोड़कर इसे एक नया रूप दिया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665567-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98859" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665567-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665567-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665567-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



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<p>चित्रकार एवं कला शिक्षक संजीव सिन्हा के मार्गदर्शन में बच्चों ने राखियों पर पीडिया कला के विभिन्न रूपों को उकेरा। इन राखियों को देखने वाले अतिथियों और अभिभावकों ने बच्चों की इस रचनात्मक पहल की खूब सराहना की। समारोह में अतिथियों को भी पीडिया पेंटिंग पर आधारित राखी का प्रतीक चिह्न भेंट किया गया।</p>



<p><strong>GI Tag मिलने के बाद पीडिया कला को वैश्विक बाजार से जोड़ने की नई संभावना</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="585" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669305-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98861" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669305-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669305-650x371.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001669305-1536x877.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>पीडिया पेंटिंग को GI Tag मिलने के बाद इस पारंपरिक भोजपुरी लोककला को नए रचनात्मक उत्पादों से जोड़ना इसे देश और दुनिया के बाजार तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। संभावना विद्यालय के बच्चों द्वारा राखियों पर पीडिया पेंटिंग का प्रयोग इस बात का उदाहरण है कि स्थानीय कला को आधुनिक डिजाइन और उपयोगी उत्पादों से जोड़कर वैश्विक बाजार के लिए तैयार किया जा सकता है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665606-1-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98866" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665606-1-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665606-1-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665606-1-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665576-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98865" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665576-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665576-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665576-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



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<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665591-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98863" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665591-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665591-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665591-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>राखी पर उकेरी गई पीडिया पेंटिंग ने जहां प्रदर्शनी को अलग पहचान दी, वहीं इसने भोजपुरी लोककला की संभावनाओं को भी नए तरीके से सामने रखा। परंपरा से बाजार तक की यह यात्रा भोजपुरी कला के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।</p>



<p>‘<strong>फौजी भाइयों को राखी भेजना गर्व की बात’</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665603-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98860" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665603-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665603-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001665603-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मुख्य अतिथि अनुप्रिया ने प्रदर्शनी को अद्वितीय बताते हुए कहा कि बच्चों ने अपनी छिपी प्रतिभा को खूबसूरती से सामने लाया है। उन्होंने कहा कि सरहद पर तैनात सैनिकों को राखी भेजने की पहल भावनात्मक होने के साथ-साथ प्रेरणादायक भी है।</p>



<p>कर्नल राणा प्रताप सिंह ने कहा कि सैनिकों को राखी भेजना गर्व की बात है। उन्होंने बच्चों को लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत और धैर्य के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।</p>



<p><strong>नाबार्ड की डीडीएम सुरभि ने भी बच्चों की कला और मेहनत की सराहना की।</strong></p>



<p>कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए निदेशक डॉ. कुमार द्विजेंद्र ने बताया कि चार दिवसीय कार्यशाला में बच्चों ने कुल 1120 राखियां तैयार कीं। उन्होंने कहा कि विद्यालय में पिछले करीब डेढ़ दशक से यह कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य बच्चों में रचनात्मकता के साथ-साथ कार्य-कौशल और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करना है।</p>



<p>प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का पर्व नहीं, बल्कि देश की रक्षा करने वाले सैनिकों के प्रति सम्मान और भावनाओं को व्यक्त करने का अवसर भी है।</p>



<p>कार्यक्रम का संचालन वरीय शिक्षक अरविंद ओझा ने तथा धन्यवाद ज्ञापन कला शिक्षक संजीव सिन्हा ने किया। मौके पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।</p>



<p>खास बात यह रही कि इस बार संभावना के बच्चों की राखियों में देशभक्ति के साथ भोजपुरी मिट्टी की खुशबू भी दिखाई दी. पीडिया पेंटिंग के रंगों ने पारंपरिक लोककला को एक ऐसे उत्पाद से जोड़ दिया, जो आने वाले समय में स्थानीय कला को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की नई राह खोल सकता है।</p>
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		<title>काव्य गोष्ठी: सावन की उमंग के साथ ‘कवित भाव सरित प्रवाह’ पुस्तक का लोकार्पण</title>
		<link>https://www.patnanow.com/hyd-book-release/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 26 Aug 2026 07:10:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
		<category><![CDATA[BOOK RELEASE]]></category>
		<category><![CDATA[Hyderabad sahitya]]></category>
		<category><![CDATA[Lokarpan]]></category>
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					<description><![CDATA[हैदराबाद में युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच (पंजीकृत न्यास) आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना राज्य शाखा की छब्बीसवीं साहित्यिक गोष्ठी 23 अगस्त 2026 (रविवार) 3.00 बजे से शकुंतला मिश्रा के निवास स्थान पर आयोजित की गई.यह गोष्ठी वरिष्ठ साहित्यकार एवं समीक्षक प्रो ऋषभ शर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई. मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. रेखा शर्मा और विशिष्ट अतिथि डॉ. राजीव सिंह नयन उपस्थित रहे.कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्जवलन से हुआ. प्रदेश अध्यक्षा डॉ रमा द्विवेदी ने सभी अतिथियों का शब्द पुष्पों से स्वागत किया. इस अवसर पर युवा कवयित्री सरिता दीक्षित की सद्यःप्रकाशित काव्यकृति &#8220;कवित भाव सरित प्रवाह&#8221; का लोकार्पण किया गया.इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि काव्य मनुष्य के भावों की सहज और प्रभावशाली अभिव्यक्ति का माध्यम है. ‘कवित भाव सरित प्रवाह’ में कवयित्री ने जीवन के विविध अनुभवों, संवेदनाओं और मानवीय भावनाओं को सरल, सरस एवं भावपूर्ण शब्दों में अभिव्यक्त किया है. संग्रह की कविताएँ पाठकों को आत्मीयता का अनुभव कराने के साथ-साथ सामाजिक एवं मानवीय मूल्यों के प्रति संवेदनशील बनाती हैं.उपस्थित सभी रचनाकारों ने कवयित्री को इस प्रथम काव्य संग्रह के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी. तत्पश्चात कार्यक्रम में उपस्थित रचनाकारों ने विविध विषयों पर स्व सृजित सुंदर -सरस रचनाओं का काव्य पाठ करके वातावरण को मनमोहक बना दिया. प्रो ऋषभ देव, रेखा शर्मा, डॉ राजीव नयन,दर्शन सिंह, कर्नल दीपक दीक्षित, रश्मि तिवारी, शकुंतला मिश्रा , सुरभि दत्त, शिल्पी भटनागर, सरिता दीक्षित, डॉ रमा द्विवेदी,श्रद्धा त्रिपाठी, स्वाति बालुरकर ने अपनी सरस रचनाओं से सावन के उपलक्ष्य में आयोजित इस काव्य गोष्ठी मे चार चाँद लगा दिया.कार्यक्रम [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>हैदराबाद में युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच (पंजीकृत न्यास) आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना राज्य शाखा की छब्बीसवीं साहित्यिक गोष्ठी 23 अगस्त 2026 (रविवार) 3.00 बजे से  शकुंतला मिश्रा के निवास स्थान पर आयोजित की गई.<br>यह गोष्ठी वरिष्ठ साहित्यकार एवं समीक्षक प्रो ऋषभ शर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई. मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. रेखा शर्मा और विशिष्ट अतिथि डॉ. राजीव सिंह नयन उपस्थित रहे.<br>कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्जवलन से हुआ. प्रदेश अध्यक्षा डॉ रमा द्विवेदी ने सभी अतिथियों का शब्द पुष्पों से स्वागत किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="472" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001100313-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98840" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001100313-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001100313-650x300.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001100313-1536x708.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस अवसर पर युवा कवयित्री सरिता दीक्षित की सद्यःप्रकाशित काव्यकृति &#8220;कवित भाव सरित प्रवाह&#8221; का लोकार्पण किया गया.<br>इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि काव्य मनुष्य के भावों की सहज और प्रभावशाली अभिव्यक्ति का माध्यम है. ‘कवित भाव सरित प्रवाह’ में कवयित्री ने जीवन के विविध अनुभवों, संवेदनाओं और मानवीय भावनाओं को सरल, सरस एवं भावपूर्ण शब्दों में अभिव्यक्त किया है. संग्रह की कविताएँ पाठकों को आत्मीयता का अनुभव कराने के साथ-साथ सामाजिक एवं मानवीय मूल्यों के प्रति संवेदनशील बनाती हैं.<br>उपस्थित सभी रचनाकारों ने कवयित्री को इस प्रथम काव्य संग्रह के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="472" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001100314-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98841" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001100314-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001100314-650x300.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001100314-1536x708.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>तत्पश्चात कार्यक्रम में उपस्थित रचनाकारों ने विविध विषयों पर स्व सृजित सुंदर -सरस रचनाओं का काव्य पाठ करके वातावरण को मनमोहक बना दिया. प्रो ऋषभ देव, रेखा शर्मा, डॉ राजीव नयन,दर्शन सिंह, कर्नल दीपक दीक्षित, रश्मि तिवारी, शकुंतला मिश्रा , सुरभि दत्त, शिल्पी भटनागर, सरिता दीक्षित, डॉ रमा द्विवेदी,श्रद्धा त्रिपाठी, स्वाति बालुरकर ने अपनी सरस रचनाओं से सावन के उपलक्ष्य में आयोजित इस काव्य गोष्ठी मे चार चाँद लगा दिया.<br>कार्यक्रम में दीपक कुमार दीक्षित, जयंत कुमार मिश्रा, डिंपल मिश्रा, मिलन मिश्रा , दरई रूपा माया की उपस्थिति बतौर श्रोता के रूप में रही. कार्यक्रम का आरंभ तृप्ति मिश्रा ने सरस्वती वंदना से और समापन डॉ. सुरभि दत्त एवं मंच की प्रदेश अध्यक्षा डॉ. रमा द्विवेदी ने धन्यवाद से किया. कार्यक्रम का संचालन शिल्पी भटनागर ने किया.</p>
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		<item>
		<title>रंगों से सजी लोयोला की धरती</title>
		<link>https://www.patnanow.com/the-land-of-loyala-decorated-by-painting/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 25 Aug 2026 13:55:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[PATNA]]></category>
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					<description><![CDATA[400 नन्हे कलाकारों ने दिखाई अपनी प्रतिभा पटना. 25 अगस्त. पटना के प्रतिष्ठित लोयोला हाई स्कूल परिसर में मंगलवार को 14वीं ब्रदर रेमंड मेमोरियल अंतर-विद्यालय चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. प्रतियोगिता में पटना के करीब 32 विद्यालयों के लगभग 400 विद्यार्थियों ने हिस्सा लेकर अपनी कला और रचनात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया. कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और ब्रदर रेमंड की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया. इसके बाद लोयोला हाई स्कूल के उपप्राचार्य रेवरेण्ड ब्रदर रौशन रेखा ने स्वागत संबोधन में विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया और उन्हें कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. इस अवसर पर लोयोला हाई स्कूल के विद्यार्थियों ने स्वागत गीत. नृत्य. वायलिन वादन तथा विषयगत नृत्य की प्रस्तुतियों से समारोह में सांस्कृतिक रंग भर दिया. चित्रकला प्रतियोगिता कक्षा 3 से 10 तक के विद्यार्थियों के लिए चार श्रेणियों में आयोजित की गई. श्रेणी ए में कक्षा 3 और 4. श्रेणी बी में कक्षा 5 और 6. श्रेणी सी में कक्षा 7 और 8 तथा श्रेणी डी में कक्षा 9 और 10 के विद्यार्थियों ने भाग लिया. प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में पटना वीमेंस कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर यामिनी. मूर्तिकार और कलाकार सन्यासी रेड. इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल डिजाइन के फैकल्टी मेंबर तपन कुमार विश्वास तथा कॉन्टेम्पोरेरी आर्टिस्ट एवं डिजाइन प्वाइंट की संस्थापक सिन्नी शोष्या शामिल थीं. प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों और तकनीकों के माध्यम से अपनी कल्पनाशीलता. कलात्मक अन्वेषण और नवीन सोच को अभिव्यक्त करने का अवसर मिला. बच्चों ने रंगों और रेखाओं के माध्यम से अपनी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>400 नन्हे कलाकारों ने दिखाई अपनी प्रतिभा</strong><br><br><strong>पटना. 25 अगस्त.</strong> पटना के प्रतिष्ठित लोयोला हाई स्कूल परिसर में मंगलवार को 14वीं ब्रदर रेमंड मेमोरियल अंतर-विद्यालय चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. प्रतियोगिता में पटना के करीब 32 विद्यालयों के लगभग 400 विद्यार्थियों ने हिस्सा लेकर अपनी कला और रचनात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया.<br></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001666427-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98808" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001666427-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001666427-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001666427-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p><br>कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और ब्रदर रेमंड की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया. इसके बाद लोयोला हाई स्कूल के उपप्राचार्य रेवरेण्ड ब्रदर रौशन रेखा ने स्वागत संबोधन में विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया और उन्हें कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया.<br><br>इस अवसर पर लोयोला हाई स्कूल के विद्यार्थियों ने स्वागत गीत. नृत्य. वायलिन वादन तथा विषयगत नृत्य की प्रस्तुतियों से समारोह में सांस्कृतिक रंग भर दिया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001666432-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98809" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001666432-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001666432-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001666432-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p>चित्रकला प्रतियोगिता कक्षा 3 से 10 तक के विद्यार्थियों के लिए चार श्रेणियों में आयोजित की गई. श्रेणी ए में कक्षा 3 और 4. श्रेणी बी में कक्षा 5 और 6. श्रेणी सी में कक्षा 7 और 8 तथा श्रेणी डी में कक्षा 9 और 10 के विद्यार्थियों ने भाग लिया.<br><br>प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में पटना वीमेंस कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर यामिनी. मूर्तिकार और कलाकार सन्यासी रेड. इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल डिजाइन के फैकल्टी मेंबर तपन कुमार विश्वास तथा कॉन्टेम्पोरेरी आर्टिस्ट एवं डिजाइन प्वाइंट की संस्थापक सिन्नी शोष्या शामिल थीं.<br><br>प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों और तकनीकों के माध्यम से अपनी कल्पनाशीलता. कलात्मक अन्वेषण और नवीन सोच को अभिव्यक्त करने का अवसर मिला. बच्चों ने रंगों और रेखाओं के माध्यम से अपनी कल्पनाओं को कागज पर जीवंत किया.<br><br>कार्यक्रम का समापन पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ. विभिन्न श्रेणियों के विजेता विद्यार्थियों को ट्रॉफी और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए. पुरस्कार मिलने पर विजेताओं के चेहरे खुशी से खिल उठे. ब्रदर रेमंड की स्मृति में आयोजित यह वार्षिक चित्रकला प्रतियोगिता विद्यार्थियों में कला के प्रति रुचि. रचनात्मकता और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>पीड़िया कलाकारों को मिला RBI का सुरक्षा कवच</title>
		<link>https://www.patnanow.com/pidiya-kalakaro-ko-rbi-ka-surkasha-kawach/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 19 Aug 2026 09:46:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[BANK/RAILWAY/SSC]]></category>
		<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[बैंकिंग से साइबर फ्रॉड तक समझाए बचाव के तरीके आरा, 17 अगस्त 2026. भारतीय रिज़र्व बैंक, पटना की ओर से आरा, भोजपुर में पीड़िया पेंटिंग से जुड़े समूहों के लिए वित्तीय साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. सर्जना ट्रस्ट, आरा जिसे पीडिया के लिए GI मिला है ने भोजपुरी कला यात्रा कार्यक्रम में करीब 50 प्रतिभागियों को आमंत्रित किया था, जिन्हें बैंकिंग से जुड़े टिप्स प्रदान किया गया. कार्यक्रम के दौरान RBI के अधिकारी ने ऑडियो-वीडियो प्रस्तुति और सरल उदाहरणों के जरिए प्रतिभागियों को बैंकिंग सेवाओं, सरकारी योजनाओं और सुरक्षित वित्तीय व्यवहार की जानकारी दी. खासकर महिलाओं को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक किया गया. बीमा से पेंशन तक, सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रतिभागियों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY), अटल पेंशन योजना (APY) और सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में विस्तार से बताया गया. इसके साथ ही प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (MUDRA Loan) के तहत उपलब्ध ऋण सुविधाओं, ब्याज से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं और समय पर ऋण चुकाने के फायदे समझाए गए. RBI अधिकारी ने बताया कि समय पर ऋण की अदायगी से क्रेडिट हिस्ट्री बेहतर होती है. इससे भविष्य में ऋण प्राप्त करने में सुविधा होती है और वित्तीय अनुशासन भी मजबूत होता है. बैंक खाते में नॉमिनी से लेकर KYC तक पर जोर कार्यक्रम में बैंक खातों में नामांकन (Nomination) के महत्व को भी समझाया गया. प्रतिभागियों को KYC समय-समय पर अपडेट रखने, Basic Savings Bank Deposit Account (BSBDA) की सुविधाओं और खाताधारक की मृत्यु [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<h3 class="wp-block-heading">बैंकिंग से साइबर फ्रॉड तक समझाए बचाव के तरीके</h3>



<p><strong>आरा, 17 अगस्त 2026.</strong> भारतीय रिज़र्व बैंक, पटना की ओर से आरा, भोजपुर में <strong>पीड़िया पेंटिंग से जुड़े समूहों के लिए वित्तीय साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम</strong> का आयोजन किया गया. सर्जना ट्रस्ट, आरा जिसे पीडिया के लिए GI मिला है ने भोजपुरी कला यात्रा कार्यक्रम में करीब 50 प्रतिभागियों को आमंत्रित किया था, जिन्हें बैंकिंग से जुड़े टिप्स प्रदान किया गया.</p>



<p>कार्यक्रम के दौरान RBI के अधिकारी ने ऑडियो-वीडियो प्रस्तुति और सरल उदाहरणों के जरिए प्रतिभागियों को बैंकिंग सेवाओं, सरकारी योजनाओं और सुरक्षित वित्तीय व्यवहार की जानकारी दी. खासकर महिलाओं को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक किया गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="728" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642538-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98634" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642538-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642538-650x462.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<h3 class="wp-block-heading">बीमा से पेंशन तक, सरकारी योजनाओं की जानकारी</h3>



<p>प्रतिभागियों को <strong>प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY), अटल पेंशन योजना (APY) और सुकन्या समृद्धि योजना</strong> के बारे में विस्तार से बताया गया. इसके साथ ही <strong>प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (MUDRA Loan)</strong> के तहत उपलब्ध ऋण सुविधाओं, ब्याज से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं और समय पर ऋण चुकाने के फायदे समझाए गए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642598-1-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98638" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642598-1-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642598-1-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642598-1-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p>RBI अधिकारी ने बताया कि समय पर ऋण की अदायगी से क्रेडिट हिस्ट्री बेहतर होती है. इससे भविष्य में ऋण प्राप्त करने में सुविधा होती है और वित्तीय अनुशासन भी मजबूत होता है.</p>



<h3 class="wp-block-heading">बैंक खाते में नॉमिनी से लेकर KYC तक पर जोर</h3>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642597-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98636" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642597-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642597-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642597-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p>कार्यक्रम में <strong>बैंक खातों में नामांकन (Nomination)</strong> के महत्व को भी समझाया गया. प्रतिभागियों को KYC समय-समय पर अपडेट रखने, <strong>Basic Savings Bank Deposit Account (BSBDA)</strong> की सुविधाओं और खाताधारक की मृत्यु की स्थिति में <strong>Death Claim</strong> की प्रक्रिया की जानकारी दी गई.</p>



<h3 class="wp-block-heading">साइबर ठगों से बचने का दिया मंत्र</h3>



<p>बढ़ते साइबर वित्तीय अपराधों के बीच कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा <strong>साइबर सुरक्षा</strong> को लेकर रहा. प्रतिभागियों को <strong>Money Mule, Digital Arrest, Online Banking और UPI Fraud</strong> जैसे साइबर अपराधों के बारे में जागरूक किया गया.</p>



<p>उन्हें स्पष्ट रूप से बताया गया कि <strong>ATM/डेबिट कार्ड PIN, OTP, CVV या अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए.</strong> अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचने और फोन, मैसेज या सोशल मीडिया के माध्यम से मांगी गई बैंकिंग जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी गई.</p>



<p>साइबर ठगों द्वारा अपनाए जाने वाले सामान्य हथकंडों और <strong>Digital Arrest</strong> जैसे अपराधों से बचने के लिए जरूरी सावधानियों की भी जानकारी दी गई.</p>



<h3 class="wp-block-heading">बैंकिंग शिकायतों के समाधान की भी मिली जानकारी</h3>



<p>प्रतिभागियों को <strong>RBI की Reserve Bank Integrated Ombudsman Scheme (RB-IOS)</strong> के प्रमुख प्रावधानों और बैंकिंग शिकायतों के निवारण की प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया. साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए <strong>नेशनल साइबरक्राइम रिपोर्टिंग हेल्पलाइन 1930</strong> और <strong>cybercrime.gov.in</strong> पोर्टल की जानकारी भी दी गई.</p>



<h3 class="wp-block-heading">सवालों के जवाब, जागरूकता के साथ भरोसा</h3>



<p>कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया. इसमें प्रतिभागियों ने बैंकिंग सेवाओं, ऋण, बीमा, सरकारी योजनाओं और डिजिटल लेनदेन से जुड़े सवाल पूछे. RBI अधिकारी ने सभी सवालों के जवाब देते हुए प्रतिभागियों से <strong>सुरक्षित और जिम्मेदार बैंकिंग व्यवहार</strong> अपनाने की अपील की.</p>



<p>प्रतिभागियों ने RBI, पटना कार्यालय की ओर से आयोजित इस पहल की सराहना की. उनका कहना था कि ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण और कला से जुड़े समूहों में वित्तीय साक्षरता बढ़ाने, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भोजपुर की पीड़िया कला को बाजार से जोड़ने की कवायद</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bhojpuri-pidiya-ko-market-me-lane-ki-kavayad/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 19 Aug 2026 08:54:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
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		<category><![CDATA[BHOJPUR]]></category>
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		<category><![CDATA[DDM Surbhi]]></category>
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		<category><![CDATA[सर्जना ट्रस्ट आरा]]></category>
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					<description><![CDATA[NABARD ने कलाकारों को बताए GI टैग के फायदेभोजपुरी कला यात्रा में GI टैग और वित्तीय जागरूकता का संदेशNABARD ने भोजपुर पीड़िया चित्रकारी के कलाकारों को GI टैग के लाभ बताए, RBI ने सुरक्षित बैंकिंग के प्रति किया जागरूक आरा. सर्जना ट्रस्ट द्वारा आयोजित ‘भोजपुरी कला यात्रा’ के तहत संभावना आवासीय उच्च विद्यालय, आरा में भोजपुर पीड़िया चित्रकारी से जुड़े कलाकारों के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में NABARD एवं RBI की ओर से कलाकारों और प्रतिभागियों को GI टैग के महत्व, इसके लाभ, वित्तीय समावेशन तथा सुरक्षित बैंकिंग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कार्यक्रम में NABARD की DDM सुरभि ने भोजपुर पिढ़िया चित्रकारी के कलाकारों को GI टैग के महत्व एवं इसके व्यावहारिक लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि GI टैग भोजपुर पीड़िया चित्रकारी को उसकी विशिष्ट भौगोलिक पहचान और प्रामाणिकता प्रदान करता है। इससे इस पारंपरिक कला को बड़े बाजार, नए खरीदारों और बेहतर विपणन अवसरों से जोड़ने की संभावनाएं बढ़ती हैं। उन्होंने कलाकारों को GI के अधिकृत उपयोगकर्ता (Authorised User) के रूप में पंजीकरण कराने के महत्व की जानकारी देते हुए कहा कि इससे वास्तविक कलाकारों की पहचान स्थापित करने और नकली अथवा अनधिकृत रूप से पीड़िया चित्रकारी के नाम का इस्तेमाल करने वालों से इस पारंपरिक कला को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। डीडीएम, NABARD ने कलाकारों को प्रेरित करते हुए कहा कि GI टैग को केवल प्रमाण-पत्र के रूप में नहीं, बल्कि अपनी कला की पहचान मजबूत करने, बाजार का विस्तार करने और आय के नए [&#8230;]]]></description>
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<p>NABARD ने कलाकारों को बताए GI टैग के फायदे<br><strong>भोजपुरी कला यात्रा में GI टैग और वित्तीय जागरूकता का संदेश</strong><br><strong>NABARD ने भोजपुर पीड़िया चित्रकारी के कलाकारों को GI टैग के लाभ बताए, RBI ने सुरक्षित बैंकिंग के प्रति किया जागरूक</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="755" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642542-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98630" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642542-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642542-650x479.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>आरा</strong>. सर्जना ट्रस्ट द्वारा आयोजित <strong>‘भोजपुरी कला यात्रा’</strong> के तहत संभावना आवासीय उच्च विद्यालय, आरा में भोजपुर <strong>पीड़िया</strong> चित्रकारी से जुड़े कलाकारों के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में <strong>NABARD एवं RBI</strong> की ओर से कलाकारों और प्रतिभागियों को GI टैग के महत्व, इसके लाभ, वित्तीय समावेशन तथा सुरक्षित बैंकिंग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="757" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642545-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98632" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642545-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642545-650x481.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कार्यक्रम में <strong>NABARD की DDM सुरभि</strong> ने भोजपुर पिढ़िया चित्रकारी के कलाकारों को <strong>GI टैग के महत्व एवं इसके व्यावहारिक लाभों</strong> के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि GI टैग भोजपुर <strong>पीड़िया</strong> चित्रकारी को उसकी विशिष्ट भौगोलिक पहचान और प्रामाणिकता प्रदान करता है। इससे इस पारंपरिक कला को बड़े बाजार, नए खरीदारों और बेहतर विपणन अवसरों से जोड़ने की संभावनाएं बढ़ती हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="728" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642538-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98634" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642538-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642538-650x462.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



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<p><br><br>उन्होंने कलाकारों को <strong>GI के अधिकृत उपयोगकर्ता (Authorised User)</strong> के रूप में पंजीकरण कराने के महत्व की जानकारी देते हुए कहा कि इससे वास्तविक कलाकारों की पहचान स्थापित करने और नकली अथवा अनधिकृत रूप से <strong>पीड़िया</strong> चित्रकारी के नाम का इस्तेमाल करने वालों से इस पारंपरिक कला को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।</p>





<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642597-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98636" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642597-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642597-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642597-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="596" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001635334-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98635" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001635334-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001635334-650x378.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><br><br>डीडीएम, NABARD ने कलाकारों को प्रेरित करते हुए कहा कि <strong>GI टैग को केवल प्रमाण-पत्र के रूप में नहीं, बल्कि अपनी कला की पहचान मजबूत करने, बाजार का विस्तार करने और आय के नए अवसर सृजित करने के माध्यम के रूप में देखना चाहिए।</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642596-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98637" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642596-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642596-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642596-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p>उन्होंने भोजपुर पिढ़िया चित्रकारी के संरक्षण, संवर्धन और इसके व्यापक बाजार से जुड़ाव की संभावनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने कलाकारों से अपनी पारंपरिक कला को नई बाजार जरूरतों के अनुरूप विकसित करते हुए इसके व्यावसायिक विस्तार की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।<br><br><strong>भोजपुर पिढ़िया पेंटिंग भोजपुर जिले का प्रथम GI टैग प्राप्त उत्पाद है।</strong> यह उपलब्धि NABARD एवं सर्जना ट्रस्ट के सतत प्रयासों और सक्रिय सहयोग से संभव हो सकी है। GI पंजीकरण प्रमाणपत्र में भी <strong>NABARD, बिहार को Facilitating Agency</strong> के रूप में मान्यता प्रदान की गई है।<br><br>कार्यक्रम के दूसरे महत्वपूर्ण सत्र में <strong>RBI (भारतीय रिजर्व बैंक)</strong> की ओर से वित्तीय समावेशन एवं सुरक्षित बैंकिंग को लेकर प्रतिभागियों को जागरूक किया गया। बैंकिंग सेवाओं के सुरक्षित उपयोग, बचत, डिजिटल बैंकिंग तथा साइबर धोखाधड़ी से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों से OTP, PIN, पासवर्ड और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की अपील की गई।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642598-1-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98638" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642598-1-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642598-1-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642598-1-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p>इस प्रकार <strong>‘भोजपुरी कला यात्रा’</strong> के माध्यम से एक ही मंच पर भोजपुरी कला-संस्कृति के संरक्षण के साथ कलाकारों को उनके अधिकार, GI टैग की उपयोगिता, बाजार की संभावनाओं और वित्तीय सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।<br><br>कार्यक्रम का उद्देश्य <strong>भोजपुर पीड़िया चित्रकारी की समृद्ध पारंपरिक कला को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करते हुए कलाकारों को GI की पहचान, अधिकृत उपयोगकर्ता पंजीकरण, व्यापक बाजार से जुड़ाव और वित्तीय समावेशन के माध्यम से सशक्त बनाना</strong> रहा। इस अवसर पर सर्जना ट्रस्ट के चेयरमैन संजीव सिन्हा,राजीव रंजन,मीरा, खुशबू,विष्णु शंकर, सुनीता सिंह समेत कई कलाकार व सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।</p>



<p></p>
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		<title>नेशनल हैंडलूम डे पर मुख्यमंत्री ने सौंपे GI प्रमाणपत्र</title>
		<link>https://www.patnanow.com/3-folk-art-praised-with-gi-on-handloom-day-by-samrat/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 08 Aug 2026 05:36:11 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[बिहार की तीन लोककलाओं को GI सम्मान, भोजपुरी पीड़िया पेंटिंग को मिली नई पहचान मौर्यलोक में सजी बिहार की लोककला और हस्तशिल्प की प्रदर्शनी पटना, 8 अगस्त 2026। बिहार की समृद्ध लोककला और पारंपरिक शिल्प विरासत के लिए शुक्रवार का दिन गौरवपूर्ण रहा। नेशनल हैंडलूम डे 2026 के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में बिहार की हाल ही में GI टैग प्राप्त तीन पारंपरिक कलाओं के प्रमाणपत्र संबंधित संस्थाओं को प्रदान किए गए। समारोह में भोजपुरी पीड़िया पेंटिंग, नालंदा की बावनबूटी और गया की पत्थरकट्टी पाषाण कला को GI प्रमाणपत्र मिला। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भोजपुरी पीड़िया पेंटिंग के लिए सर्जना न्यास, बावनबूटी के लिए बासवान बिगहा प्राइमरी वीवर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी तथा पत्थरकट्टी पाषाण कला के लिए आशीर्वाद स्टोन हैंडीक्राफ्ट प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड को प्रमाणपत्र प्रदान किया। भोजपुरी पीड़िया पेंटिंग बनी भोजपुर की सांस्कृतिक पहचान भोजपुरी पीड़िया पेंटिंग भोजपुर क्षेत्र की पारंपरिक लोक चित्रकला है, जिसका संबंध भोजपुरी संस्कृति के पीड़िया पर्व से है। भाई-बहन के स्नेह, मंगलकामना और दीर्घायु की कामना से जुड़े इस लोकपर्व में कुंवारी कन्याएं दीपावली और गोवर्धन पूजा के बाद करीब सवा महीने तक घरों की दीवारों पर गोबर, धान, चावल और प्राकृतिक रंगों से पारंपरिक चित्रांकन करती हैं। इसी लोक परंपरा से विकसित पीड़िया पेंटिंग अब भोजपुर की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान बन चुकी है। GI टैग मिलने से इस कला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है। 52 बूटियों वाली बावनबूटी और 300 साल पुरानी पत्थरकट्टी कला नालंदा की बावनबूटी बिहार की प्राचीन हथकरघा परंपरा का [&#8230;]]]></description>
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<h1 class="wp-block-heading"><strong>बिहार की तीन लोककलाओं को GI सम्मान, भोजपुरी पीड़िया पेंटिंग को मिली नई पहचान</strong></h1>



<h3 class="wp-block-heading"><strong> मौर्यलोक में सजी बिहार की लोककला और हस्तशिल्प की प्रदर्शनी</strong></h3>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001602004-scaled.png" alt="" class="wp-image-98415" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001602004-scaled.png 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001602004-650x433.png 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>पटना, 8 अगस्त 2026।</strong> बिहार की समृद्ध लोककला और पारंपरिक शिल्प विरासत के लिए शुक्रवार का दिन गौरवपूर्ण रहा। नेशनल हैंडलूम डे 2026 के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में बिहार की हाल ही में GI टैग प्राप्त तीन पारंपरिक कलाओं के प्रमाणपत्र संबंधित संस्थाओं को प्रदान किए गए।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001601794-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98407" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001601794-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001601794-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001601794-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p>समारोह में <strong>भोजपुरी पीड़िया पेंटिंग</strong>, <strong>नालंदा की बावनबूटी</strong> और <strong>गया की पत्थरकट्टी पाषाण कला</strong> को GI प्रमाणपत्र मिला। बिहार के मुख्यमंत्री <strong>सम्राट चौधरी</strong> ने भोजपुरी पीड़िया पेंटिंग के लिए <strong>सर्जना न्यास</strong>, बावनबूटी के लिए <strong>बासवान बिगहा प्राइमरी वीवर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी</strong> तथा पत्थरकट्टी पाषाण कला के लिए <strong>आशीर्वाद स्टोन हैंडीक्राफ्ट प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड</strong> को प्रमाणपत्र प्रदान किया।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>भोजपुरी पीड़िया पेंटिंग बनी भोजपुर की सांस्कृतिक पहचान</strong></h3>



<figure class="wp-block-gallery has-nested-images columns-default is-cropped wp-block-gallery-2 is-layout-flex wp-block-gallery-is-layout-flex">
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="960" height="716" data-id="98417" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001601821.jpg" alt="" class="wp-image-98417" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001601821.jpg 960w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001601821-650x485.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 960px) 100vw, 960px" /></figure>
</figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001601877-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98408" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001601877-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001601877-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001601877-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p>भोजपुरी पीड़िया पेंटिंग भोजपुर क्षेत्र की पारंपरिक लोक चित्रकला है, जिसका संबंध भोजपुरी संस्कृति के <strong>पीड़िया पर्व</strong> से है। भाई-बहन के स्नेह, मंगलकामना और दीर्घायु की कामना से जुड़े इस लोकपर्व में कुंवारी कन्याएं दीपावली और गोवर्धन पूजा के बाद करीब सवा महीने तक घरों की दीवारों पर गोबर, धान, चावल और प्राकृतिक रंगों से पारंपरिक चित्रांकन करती हैं।</p>



<p>इसी लोक परंपरा से विकसित पीड़िया पेंटिंग अब भोजपुर की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान बन चुकी है। GI टैग मिलने से इस कला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>52 बूटियों वाली बावनबूटी और 300 साल पुरानी पत्थरकट्टी कला</strong></h3>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="854" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001601944-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98413" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001601944-scaled.jpg 854w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001601944-542x650.jpg 542w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001601944-1280x1536.jpg 1280w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001601944-1707x2048.jpg 1707w" sizes="auto, (max-width: 854px) 100vw, 854px" /></figure>



<p>नालंदा की <strong>बावनबूटी</strong> बिहार की प्राचीन हथकरघा परंपरा का हिस्सा है। इसमें सूती और रेशमी वस्त्रों पर हाथ से 52 प्रकार की पारंपरिक बूटियों का कलात्मक संयोजन बुना जाता है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="882" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001601925-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98412" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001601925-scaled.jpg 882w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001601925-560x650.jpg 560w" sizes="auto, (max-width: 882px) 100vw, 882px" /></figure>



<p>वहीं, गया की <strong>पत्थरकट्टी पाषाण कला</strong> करीब 300 वर्ष पुरानी शिल्प परंपरा है। स्थानीय काले ग्रेनाइट पत्थरों पर उत्कृष्ट नक्काशी और मूर्तिकला के लिए यह कला देश-विदेश में अपनी पहचान रखती है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>मौर्यलोक में सजी बिहार की लोककला</strong></h3>



<p>नेशनल हैंडलूम डे के अवसर पर <strong>नाबार्ड</strong> की ओर से पटना के मौर्यलोक परिसर में तीन दिवसीय हैंडलूम एवं हस्तशिल्प प्रदर्शनी का भी शुभारंभ किया गया। नाबार्ड के अध्यक्ष <strong>डॉ. शाजी के. वी.</strong> ने फीता काटकर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="798" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001601840-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98409" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001601840-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001601840-650x507.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>प्रदर्शनी में हाल ही में GI टैग प्राप्त तीनों संस्थाओं को विशेष रूप से आमंत्रित कर उनके उत्पादों के प्रदर्शन और विपणन के लिए स्टॉल उपलब्ध कराए गए हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="808" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001601846-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98410" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001601846-scaled.jpg 808w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001601846-513x650.jpg 513w" sizes="auto, (max-width: 808px) 100vw, 808px" /></figure>



<p>इसके अलावा <strong>TRIFED</strong>, रंग शिल्पी हैंडीक्राफ्ट (दरभंगा), जय माता दी जीविका स्वयं सहायता समूह (समस्तीपुर), KGN सिल्क (बांका), रेपो (भागलपुर), रंतो हैंडीक्राफ्ट प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (मधुबनी), मुन्ना टसर सिल्क (नवादा) और भोजपुरिया क्राफ्ट प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (भोजपुर) समेत कुल 11 संस्थाओं एवं शिल्पकारों के उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="792" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001601839-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98411" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001601839-scaled.jpg 792w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001601839-503x650.jpg 503w" sizes="auto, (max-width: 792px) 100vw, 792px" /></figure>



<p>प्रदर्शनी में <strong>भोजपुरी पीड़िया पेंटिंग, बावनबूटी वस्त्र, पत्थर की कलात्मक मूर्तियां, मधुबनी पेंटिंग, हस्तनिर्मित खिलौने, साड़ियां, चादरें, दुपट्टे, बैग और अन्य हस्तशिल्प उत्पाद</strong> लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शनी में पहुंचकर स्थानीय कलाकारों के उत्पाद देख और खरीद रहे हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>GI टैग से कलाकारों और बुनकरों को नई उम्मीद</strong></h3>



<p>नेशनल हैंडलूम डे पर आयोजित यह आयोजन बिहार की पारंपरिक लोककलाओं, हथकरघा और हस्तशिल्प को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। GI टैग मिलने से इन कलाओं के संरक्षण के साथ-साथ कलाकारों और बुनकरों के लिए नए बाजार, रोजगार और आर्थिक अवसरों के रास्ते खुलने की उम्मीद है।</p>
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		<title>30 दिन में तैयार हुए स्टार परफॉर्मर</title>
		<link>https://www.patnanow.com/star-performer-is-ready-in-30-days/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 01 Jul 2026 04:33:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
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					<description><![CDATA[AIM डांस अकादमी के समर कैंप में बच्चों ने मंच पर बिखेरा ऐसा जादू, तालियों से गूंज उठा सभागार आरा,1 जुलाई। अगर प्रतिभा को सही मार्गदर्शन और मंच मिल जाए तो वह अपनी अलग पहचान बना ही लेती है। इसका जीवंत उदाहरण शनिवार को आरा के नागरी प्रचारिणी सभागार में देखने को मिला, जहां AIM डांस अकादमी के 30 दिवसीय समर कैंप का समापन रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम और पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ। बच्चों की प्रस्तुति ने ऐसा समां बांधा कि कभी पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा तो कभी भावनात्मक प्रस्तुतियों ने दर्शकों की आंखें नम कर दीं। समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि सामाजिक कार्यकर्ता विष्णु सिंह, भोजपुर जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अन्नूप्रिया तथा सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी शिक्षक डॉ. विकास कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। &#8220;बच्चों की प्रतिभा को नई दिशा दे रही है अकादमी&#8221; मुख्य अतिथि विष्णु सिंह ने कहा कि AIM डांस अकादमी वर्षों से बच्चों की छिपी प्रतिभाओं को मंच देने का सराहनीय कार्य कर रही है। ऐसे प्रयास ही भोजपुर की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। वहीं जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अन्नूप्रिया ने कहा कि एक ही परिसर में डांस, मेहंदी, पेंटिंग, गिटार और ब्यूटीशियन जैसी कई विधाओं का प्रशिक्षण देना अकादमी की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कलाकारों के हर संभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया। गणेश वंदना से शुरुआत, बॉलीवुड से लेकर सामाजिक संदेश तक की प्रस्तुति कार्यक्रम का आगाज विघ्नहर्ता गणेश वंदना से हुआ। इसके बाद &#8216;पद्मावती&#8217;, &#8216;द जर्नी ऑफ बॉलीवुड&#8217;, &#8216;भूत राजा&#8217; [&#8230;]]]></description>
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<h1 class="wp-block-heading"><strong>AIM डांस अकादमी के समर कैंप में बच्चों ने मंच पर बिखेरा ऐसा जादू, तालियों से गूंज उठा सभागार</strong></h1>



<p><strong>आरा</strong>,1 जुलाई। अगर प्रतिभा को सही मार्गदर्शन और मंच मिल जाए तो वह अपनी अलग पहचान बना ही लेती है। इसका जीवंत उदाहरण शनिवार को आरा के नागरी प्रचारिणी सभागार में देखने को मिला, जहां <strong>AIM डांस अकादमी</strong> के 30 दिवसीय समर कैंप का समापन रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम और पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ। बच्चों की प्रस्तुति ने ऐसा समां बांधा कि कभी पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा तो कभी भावनात्मक प्रस्तुतियों ने दर्शकों की आंखें नम कर दीं।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="766" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001462171-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97373" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001462171-scaled.jpg 766w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001462171-486x650.jpg 486w" sizes="auto, (max-width: 766px) 100vw, 766px" /></figure>



<p></p>



<p>समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि <strong>सामाजिक कार्यकर्ता विष्णु सिंह</strong>, <strong>भोजपुर जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अन्नूप्रिया</strong> तथा <strong>सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी शिक्षक डॉ. विकास कुमार</strong> ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>&#8220;बच्चों की प्रतिभा को नई दिशा दे रही है अकादमी&#8221;</strong></h2>



<p>मुख्य अतिथि विष्णु सिंह ने कहा कि AIM डांस अकादमी वर्षों से बच्चों की छिपी प्रतिभाओं को मंच देने का सराहनीय कार्य कर रही है। ऐसे प्रयास ही भोजपुर की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001462132-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97371" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001462132-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001462132-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001462132-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p>वहीं जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अन्नूप्रिया ने कहा कि एक ही परिसर में डांस, मेहंदी, पेंटिंग, गिटार और ब्यूटीशियन जैसी कई विधाओं का प्रशिक्षण देना अकादमी की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कलाकारों के हर संभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>गणेश वंदना से शुरुआत, बॉलीवुड से लेकर सामाजिक संदेश तक की प्रस्तुति</strong></h2>



<p>कार्यक्रम का आगाज <strong>विघ्नहर्ता गणेश वंदना</strong> से हुआ। इसके बाद <strong>&#8216;पद्मावती&#8217;</strong>, <strong>&#8216;द जर्नी ऑफ बॉलीवुड&#8217;</strong>, <strong>&#8216;भूत राजा&#8217;</strong> और <strong>&#8216;मस्ती की पाठशाला&#8217;</strong> जैसी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। हर प्रस्तुति में बच्चों का आत्मविश्वास और 30 दिनों की मेहनत साफ दिखाई दी।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>30 दिन में तैयार हुए नए कलाकार</strong></h2>



<p>समर कैंप में बच्चों को डांस, मेहंदी, ब्यूटीशियन, पेंटिंग और गिटार का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षकों में <strong>सोनू आर्य (डांस), तृप्ति जैन (मेहंदी), रीना कुमारी (ब्यूटीशियन), आयुष कुमार (पेंटिंग)</strong> और <strong>शुभम कुमार (गिटार)</strong> शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन <strong>ओ.पी. कश्यप</strong> ने किया, जबकि आयोजन को सफल बनाने में <strong>करण सिन्हा, सुरेश कुमार और विशाल सर</strong> का विशेष योगदान रहा।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>इन प्रतिभाओं को मिला सम्मान</strong></h2>



<p>समापन समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="770" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001462172-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97372" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001462172-scaled.jpg 770w, https://www.patnanow.com/assets/2026/07/1001462172-489x650.jpg 489w" sizes="auto, (max-width: 770px) 100vw, 770px" /></figure>



<p><strong>ब्यूटीशियन:</strong> प्रथम- नेहा, द्वितीय- सोनम, तृतीय- नीतू एवं स्वाति गुप्ता।</p>



<p><strong>मेहंदी:</strong> प्रथम- अन्नपूर्णा, द्वितीय- सिद्धि, तृतीय- नेहा।</p>



<p><strong>गिटार:</strong> प्रथम- विनीत, द्वितीय- सैना, तृतीय- सिद्धि।</p>



<p><strong>पेंटिंग:</strong> प्रथम- सौरभ, द्वितीय- अमन, तृतीय- तनिष्का, चतुर्थ- अंशिका एवं पंचम- आरोही।</p>



<p>कार्यक्रम के अंत में अकादमी की ओर से सभी प्रतिभागियों, अभिभावकों और अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। आयोजकों ने कहा कि आगे भी इस तरह के प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर जिले की नई प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराया जाएगा।</p>



<p><strong>PNCB</strong></p>



<p></p>
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