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	<title>editor &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>समाज में  बड़े संकट की आहट,सरकार अनजान</title>
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		<pubDate>Tue, 25 Nov 2025 08:08:34 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[डिजिटल युग में पश्चिमी नियंत्रण बढ़ती तकनीकी निर्भरता और ऑनलाइन गेमिंग का प्रचलन ई.रवि आनंद आधुनिक जीवनशैली और बदलते सामाजिक ढाँचे के बीच बच्चों के व्यवहार और मानसिक स्वास्थ्य में चिंताजनक बदलाव देखने को मिल रहे हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, माता-पिता के व्यस्त होते जीवन और तकनीक के बढ़ते उपयोग ने बच्चों का एक बड़ा हिस्सा स्क्रीन पर निर्भर बना दिया है. टीवी, मोबाइल, टैबलेट और कंप्यूटर बच्चों के लिए मनोरंजन का प्रमुख माध्यम बन चुके हैं, जिनमें ऑनलाइन गेमिंग सबसे अधिक आकर्षक और प्रभावी साबित हो रही है. हालाँकि, ऑनलाइन गेमिंग का यह आकर्षण अब कई गंभीर समस्याओं का कारण बन रहा है. विभिन्न शोधों और मौजूदा सामाजिक घटनाओं के आधार पर यह स्पष्ट हो रहा है कि डिजिटल गेमिंग की लत बच्चों में अकेलापन, अवसाद, व्यवहारिक विकार, चिड़चिड़ापन, हाइपरएक्टिविटी और सामाजिक अलगाव जैसी समस्याओं को जन्म दे रही है. पहले जहाँ बच्चों में मोटापा और निष्क्रियता मुख्य चिंता के विषय थे, अब स्थितियाँ कहीं अधिक जटिल और खतरनाक रूप ले चुकी हैं. गेमिंग की लत से बच्चों में बढ़ रहा नशे का खतरा जमीनी स्तर पर किए गए अवलोकनों से पता चलता है कि गेमिंग की लत से उत्पन्न तनाव और मानसिक दबाव बच्चों को नशे की ओर धकेल रहा है. मादक पदार्थों, ड्रग्स और शराब की लत स्कूल स्तर पर ही तेजी से फैलती दिख रही है. चिंताजनक बात यह है कि कक्षा 10 तक पहुँचते-पहुँचते कई बच्चे किसी न किसी नशे के संपर्क में आ चुके होते हैं. अपराध की ओर बढ़ते कदम नशे की इस [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>डिजिटल युग में पश्चिमी नियंत्रण</strong></p>



<p><strong>बढ़ती तकनीकी निर्भरता और ऑनलाइन गेमिंग</strong> <strong>का प्रचलन</strong></p>



<p><strong>ई.रवि आनंद </strong></p>



<p>आधुनिक जीवनशैली और बदलते सामाजिक ढाँचे के बीच बच्चों के व्यवहार और मानसिक स्वास्थ्य में चिंताजनक बदलाव देखने को मिल रहे हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, माता-पिता के व्यस्त होते जीवन और तकनीक के बढ़ते उपयोग ने बच्चों का एक बड़ा हिस्सा स्क्रीन पर निर्भर बना दिया है. टीवी, मोबाइल, टैबलेट और कंप्यूटर बच्चों के लिए मनोरंजन का प्रमुख माध्यम बन चुके हैं, जिनमें ऑनलाइन गेमिंग सबसे अधिक आकर्षक और प्रभावी साबित हो रही है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/11/2c6f8fa7-4a75-4c17-ac25-01c7735833f1-scaled.jpeg" alt="" class="wp-image-93042" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/11/2c6f8fa7-4a75-4c17-ac25-01c7735833f1-scaled.jpeg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/11/2c6f8fa7-4a75-4c17-ac25-01c7735833f1-650x366.jpeg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/11/2c6f8fa7-4a75-4c17-ac25-01c7735833f1-1536x864.jpeg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>हालाँकि, ऑनलाइन गेमिंग का यह आकर्षण अब कई गंभीर समस्याओं का कारण बन रहा है. विभिन्न शोधों और मौजूदा सामाजिक घटनाओं के आधार पर यह स्पष्ट हो रहा है कि डिजिटल गेमिंग की लत बच्चों में <strong>अकेलापन</strong><strong>, </strong><strong>अवसाद</strong><strong>, </strong><strong>व्यवहारिक विकार</strong><strong>, </strong><strong>चिड़चिड़ापन</strong><strong>, </strong><strong>हाइपरएक्टिविटी और सामाजिक अलगाव</strong> जैसी समस्याओं को जन्म दे रही है. पहले जहाँ बच्चों में मोटापा और निष्क्रियता मुख्य चिंता के विषय थे, अब स्थितियाँ कहीं अधिक जटिल और खतरनाक रूप ले चुकी हैं.</p>



<p><strong>गेमिंग की लत से बच्चों में बढ़ रहा नशे का खतरा</strong><strong></strong></p>



<p>जमीनी स्तर पर किए गए अवलोकनों से पता चलता है कि गेमिंग की लत से उत्पन्न तनाव और मानसिक दबाव बच्चों को नशे की ओर धकेल रहा है. मादक पदार्थों, ड्रग्स और शराब की लत स्कूल स्तर पर ही तेजी से फैलती दिख रही है. चिंताजनक बात यह है कि कक्षा 10 तक पहुँचते-पहुँचते कई बच्चे किसी न किसी नशे के संपर्क में आ चुके होते हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/11/c38e9f59-5570-480e-b9e3-7c15930f56ac-scaled.jpeg" alt="" class="wp-image-93043" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/11/c38e9f59-5570-480e-b9e3-7c15930f56ac-scaled.jpeg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/11/c38e9f59-5570-480e-b9e3-7c15930f56ac-650x366.jpeg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/11/c38e9f59-5570-480e-b9e3-7c15930f56ac-1536x864.jpeg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>अपराध की ओर बढ़ते कदम</strong><strong></strong></p>



<p>नशे की इस आदत को पूरा करने के लिए बच्चे चोरी, स्नैचिंग और यहाँ तक कि साइबर-जालसाजी जैसी गतिविधियों में शामिल होते पाए जा रहे हैं. कई मामलों में देखा गया है कि किशोर वित्तीय धोखाधड़ी में लिप्त अपराधी गिरोहों का आसानी से हिस्सा बन जाते हैं. विशेषज्ञ इसे “मोरल ब्रेकडाउन” यानी नैतिक पतन की स्थिति बताते हैं, जहाँ बच्चे सही-गलत के बुनियादी अंतर को भी नजरअंदाज करने लगते हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img decoding="async" width="263" height="191" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/11/images-81.jpeg" alt="" class="wp-image-93044" style="width:436px;height:auto"/></figure>



<p>समाजशास्त्रियों के अनुसार, बच्चों में नशे और अपराध की ओर बढ़ती यह प्रवृत्ति आने वाले समय में गंभीर सामाजिक संकट का रूप ले सकती है. यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या न केवल बच्चों के भविष्य, बल्कि पूरे समाज की संरचना को प्रभावित कर सकती है. और इन सब के मूल में हैं technology तकनीक</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>पुरानी तकनीक</strong><strong>, </strong><strong>नया संकट: मनोरंजन की मशीन बनते बच्चे और समाज पर उभरता खतरा</strong></h3>



<p>तकनीक हमारे जीवन का हिस्सा कब बनी और कैसे आम जन तक पहुँचीयह समझने के लिए इतिहास में झाँकना जरूरी है. आज ट्रेन में सफर करना जितना सहज और सामान्य लगता है, उतना ही असंभव यह विचार 100 वर्ष  पहले के लोगों के लिए था. उस समय ट्रेनें आम जनता नहीं, बल्कि साम्राज्यवादी शक्तियों की संपत्ति थीं. ब्रिटिश शासन के दौरान रेलवे का उपयोग मुख्यतः उपनिवेशों के संसाधनों के दोहन के लिए किया जाता था, न कि आम लोगों की सुविधा के लिए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="790" height="440" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/11/U2JVDSH7QGTO7PIS2EZ7Y2QNGI.avif" alt="" class="wp-image-93045" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/11/U2JVDSH7QGTO7PIS2EZ7Y2QNGI.avif 790w, https://www.patnanow.com/assets/2025/11/U2JVDSH7QGTO7PIS2EZ7Y2QNGI-650x362.avif 650w" sizes="auto, (max-width: 790px) 100vw, 790px" /></figure>



<p>स्टीम इंजन के जनक ने संभवतः यह कभी नहीं सोचा होगा कि उनका आविष्कार एक दिन दुनिया भर के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन जाएगा. लेकिन इतिहास का सिद्धांत स्पष्ट है- <strong>जब किसी तकनीक में विश्व की महाशक्तियाँ निवेश करती हैं</strong><strong>, </strong><strong>उसका सर्वाधिक लाभ पहले वे स्वयं उठाती हैं</strong>, और जब उसकी रणनीतिक उपयोगिता घटने लगती है, तब वह तकनीक धीरे-धीरे आम जन के हाथों पहुँचती है.</p>



<p>आज हम ट्रेन में बैठकर खुश होते हैं, पर उसके पीछे शताब्दियों की राजनीति, नियंत्रण और तकनीकी निवेश की कहानी दबी हुई है.</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>टेक्नोलॉजी नई नहीं होती</strong><strong>, </strong><strong>केवल उसका उपयोग बदलता है</strong></h3>



<p>आज हम जिस युग में जी रहे हैं, उसे सामान्यतः “संचार क्रांति” का युग कहा जाता है. मोबाइल, लैपटॉप, 5G यह सब हमें नई और अत्याधुनिक तकनीक प्रतीत होती है, जबकि वास्तविकता यह है कि टेलीफोन, ई-मेल, GPS, सिमुलेशन, उपग्रह तकनीक, सुपर कंप्यूटर इन सभी का जन्म कई दशक पहले हो चुका था.</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" width="318" height="159" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/11/images-79.jpeg" alt="" class="wp-image-93046" style="width:578px;height:auto"/></figure>



<p>दुनिया कभी अमेरिका जैसे देशों की ओर ताकती थी GPS लोकेशन के लिए, सैटेलाइट तस्वीरों के लिए,<br>संचार तकनीक के लिए. दुनिया भर की सेनाएँ और सरकारें इन तकनीकों पर निर्भर थीं. लेकिन जब इन तकनीकों की <em>रणनीतिक महत्वता</em> &nbsp;कम होने लगी, तब इन्हें सार्वजनिक उपयोग के लिए जारी किया गया. वही GPS, जो कभी युद्धक्षेत्रों में प्रयोग होता था, आज टैक्सी बुलाने और खाना ऑर्डर करने का साधन बन चुका है. वही सैटेलाइट तकनीक अब मोबाइल गेम्स में “रियल वर्ल्ड मैप” दिखा रही है.</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>तकनीक मनोरंजन बनकर आई</strong><strong> </strong><strong>और अब संकट बनकर उभर रही है</strong></h3>



<p></p>



<p>जब अत्याधुनिक तकनीक आम आदमी तक पहुँची, तो उसका सबसे तेज़ विकास मनोरंजन के क्षेत्र में हुआ. मोबाइल फोन, हाई-स्पीड इंटरनेट और गेमिंग प्लेटफ़ॉर्म बच्चों और युवाओं के लिए एक आसान ‘डोपामिन मशीन’ बन गए.</p>



<p>लेकिन यही मनोरंजन अब समाज के लिए गंभीर समस्या का रूप ले रहा है.</p>



<p>विशेषज्ञों की मानें तो<br><strong>• गेमिंग की लत,<br>• बिना रोक-टोक स्क्रीन टाइम,<br>• डिजिटल निर्भरता</strong></p>



<p>बच्चों में मानसिक और सामाजिक क्षरण का कारण बन रहे हैं. पहले मोटापा और शारीरिक निष्क्रियता बड़ी समस्याएँ थीं, पर अब यह <strong>नशे, </strong><strong>अकेलेपन, </strong><strong>व्यवहारिक विकार, </strong><strong>सामाजिक अलगाव और अपराध</strong> जैसे खतरनाक रूप ले चुका है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" width="266" height="189" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/11/19a02757-566e-4f4f-8ce6-7783e029a29b.jpeg" alt="" class="wp-image-93047" style="width:425px;height:auto"/></figure>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>&nbsp;“</strong><strong>भारतीय तरीका</strong><strong>”: </strong><strong>विकास भी</strong><strong>, </strong><strong>पर नैतिकता के साथ</strong></h2>



<p>अब सवाल उठता है &#8211; इससे उबरने का रास्ता क्या है?</p>



<p>जवाब सामने है, लेकिन उसे पहचानना कठिन है.<br>क्योंकि वह जवाब उस दर्शन में छिपा है जिस पर सदियों से धूल जमी हुई है &#8211; <strong>भारत का उन्नति-दर्शन</strong>, “Indian Way of Development”.</p>



<p>भारत ने शून्य से लेकर खगोल विज्ञान तक अनगिनत खोजें कीं.<br>परंतु इन सबकी विशेषता यह रही कि <strong>भारतीय विकास ने हमेशा नैतिकता को केंद्र में रखा</strong>.<br>किसी भी तकनीक, किसी भी ज्ञान का उपयोग समाज के हित में होगा या नहीं, इसका विचार पहले से किया जाता था. इसलिए भारत की कोई खोज कभी समाज के लिए संकट नहीं बनी.</p>



<p>यह समय है कि हम <strong>सनातन मूल्यों</strong>, भारतीय ज्ञान-परंपरा और उसके नैतिक ढांचे को फिर से खोजें, पढ़ें, समझें और समाज में प्रसारित करें.</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>अंतिम चेतावनी</strong></h2>



<p>समय का चक्र लगातार चल रहा है.यदि मानव स्वयं को अनुशासित नहीं करता, यदि तकनीक की दिशा और उपयोग पर नियंत्रण नहीं रखता, तो समय उसे कुचलते हुए आगे निकल जाएगा.मानवता का भविष्य  आपका, मेरा, और इस ग्रह पर संपूर्ण मानव जाति का  तभी सुरक्षित है जब विकास के केंद्र में केवल प्रगति नहीं, <strong>नैतिकता और संयम</strong> भी हों.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सीएम नीतीश ने की बाढ़ राहत और बचाव कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा</title>
		<link>https://www.patnanow.com/nitish-did-a-high-level-review-of-flood-relief-and-rescue-operations/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 13 Aug 2025 08:45:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
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					<description><![CDATA[10 जिलों के 54 प्रखंडों की 348 पंचायतों में लगभग 25 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित 52,573 प्रभावित परिवारों के बीच 1,800 क्विंटल चावल और अन्य सामग्री वितरित हथुआ, पटना, सारण, वैशाली, छपरा, लखीसराय, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार जिले विशेष रूप से प्रभावित पटना, 13 अगस्त 2025मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज 1, अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए. उन्होंने राज्य की नदियों के जलस्तर की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली. बैठक में विकास आयुक्त और आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने मुख्यमंत्री को बाढ़ की स्थिति, नदियों के जलस्तर और प्रभावित जिलों की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अधिक वर्षा के कारण गंडक नदी के किनारे स्थित हथुआ, पटना, सारण, वैशाली, छपरा, लखीसराय, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार जिले विशेष रूप से प्रभावित हुए हैं. इन 10 जिलों के 54 प्रखंडों की 348 पंचायतों में लगभग 25 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित है.अब तक NDRF की 7 और SDRF की 9 टीमें राहत व बचाव कार्य में लगी हैं. 60 मोटरबोट और 1,233 नावों के जरिए कार्य जारी है.52,573 प्रभावित परिवारों के बीच 1,800 क्विंटल चावल और अन्य सामग्री वितरित की जा चुकी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ग्रस्त इलाकों में समुचित राहत, पुनर्वास और चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं. पशुओं के लिए चारा और पशुचिकित्सा की व्यवस्था की जाए. प्रभावित लोगों के बीच अनुग्रह अनुदान (GR) राशि [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>10 जिलों के 54 प्रखंडों की 348 पंचायतों में लगभग 25 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित</strong></p>



<p><strong>52,573 प्रभावित परिवारों के बीच 1,800 क्विंटल चावल और अन्य सामग्री वितरित</strong></p>



<p><strong>हथुआ, पटना, सारण, वैशाली, छपरा, लखीसराय, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार</strong> <strong>जिले विशेष रूप से प्रभावित </strong></p>



<p><strong>पटना, 13 अगस्त 2025</strong><br>मुख्यमंत्री<strong> नीतीश कुमार</strong> ने आज 1, अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए. उन्होंने राज्य की नदियों के जलस्तर की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="706" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/70153025-8da6-4543-baa2-ba690826c6a5-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91451" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/70153025-8da6-4543-baa2-ba690826c6a5-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/08/70153025-8da6-4543-baa2-ba690826c6a5-650x448.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बैठक में विकास आयुक्त और आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव <strong> प्रत्यय अमृत</strong> ने मुख्यमंत्री को बाढ़ की स्थिति, नदियों के जलस्तर और प्रभावित जिलों की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अधिक वर्षा के कारण गंडक नदी के किनारे स्थित <strong>हथुआ, </strong><strong>पटना, </strong><strong>सारण, </strong><strong>वैशाली, </strong><strong>छपरा, </strong><strong>लखीसराय, </strong><strong>मुंगेर, </strong><strong>खगड़िया, </strong><strong>भागलपुर और कटिहार</strong> जिले विशेष रूप से प्रभावित हुए हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="460" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/cb6f5271-4852-46c8-b2f2-7ae62f8faaf0-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91452" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/cb6f5271-4852-46c8-b2f2-7ae62f8faaf0-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/08/cb6f5271-4852-46c8-b2f2-7ae62f8faaf0-650x292.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इन 10 जिलों के 54 प्रखंडों की 348 पंचायतों में लगभग 25 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित है.<br>अब तक NDRF की 7 और SDRF की 9 टीमें राहत व बचाव कार्य में लगी हैं. 60 मोटरबोट और 1,233 नावों के जरिए कार्य जारी है.<br>52,573 प्रभावित परिवारों के बीच 1,800 क्विंटल चावल और अन्य सामग्री वितरित की जा चुकी है.</p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ग्रस्त इलाकों में समुचित राहत, पुनर्वास और चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं. पशुओं के लिए चारा और पशुचिकित्सा की व्यवस्था की जाए. प्रभावित लोगों के बीच अनुग्रह अनुदान (GR) राशि के त्वरित वितरण के लिए जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="581" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/606cd3ea-6e13-48e0-a2c5-ee2e6cbfaf3b-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91453" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/606cd3ea-6e13-48e0-a2c5-ee2e6cbfaf3b-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/08/606cd3ea-6e13-48e0-a2c5-ee2e6cbfaf3b-650x369.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बैठक में जल संसाधन विभाग, कृषि विभाग, सड़क निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग और ऊर्जा विभाग के सचिवों ने भी अपने-अपने विभागों से जुड़े राहत और बहाली कार्यों की जानकारी दी.<br>मुख्यमंत्री ने कहा कि नदियों के किनारे जलस्तर बढ़ने पर सरकार पूरी तरह सतर्क है और प्रभावित लोगों को हर संभव मदद तुरंत दी जाएगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="460" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/cb6f5271-4852-46c8-b2f2-7ae62f8faaf0-1-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91454" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/cb6f5271-4852-46c8-b2f2-7ae62f8faaf0-1-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/08/cb6f5271-4852-46c8-b2f2-7ae62f8faaf0-1-650x292.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>बाढ़ के कारण हुई फसल क्षति का त्वरित आकलन कर किसानों के बीच मुआवजा राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए.</li>



<li>सड़क और पुलों को हुए नुकसान की मरम्मत शीघ्र कराई जाए ताकि आवागमन में बाधा न हो.</li>



<li>SVI प्रक्रिया के अनुसार सभी राहत कार्य पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से किए जाएं.</li>
</ul>
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		<title>जहाँ विज्ञान वैश्विक भविष्य के लिए कला से मिलता है: शाम्भवी शर्मा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 12 Aug 2025 12:18:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[एंटरटेनमेंट]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
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		<category><![CDATA["Shambhavi Sharma: Where Science Meets Art for a Global Future"]]></category>
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					<description><![CDATA[नृत्य के माध्यम से अस्पताल के वार्ड को शांति और सुकून के आश्रय में बदल दिया नई दिल्ली, 12 अगस्त 2025 &#160; आज के समय में, जब विशेषज्ञता अक्सर बहुमुखी प्रतिभा को पीछे छोड़ देती है, शांभवी शर्मा एक दुर्लभ उदाहरण हैं जहाँ शैक्षणिक उत्कृष्टता, कलात्मक निपुणता और दूरदर्शी नेतृत्व का अद्भुत संगम देखने को मिलता है. संस्कृति स्कूल, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली में कक्षा 12 की विज्ञान की छात्रा शांभवी सिर्फ पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं हैं. वह भौतिकी प्रयोगशालाओं, वैश्विक नीतिगत चर्चाओं और शास्त्रीय नृत्य मंचों के बीच सहजता से आगे-पीछे चलती हैं और एक सच्ची 21वीं सदी की वैश्विक नागरिक के गुणों को साकार करती हैं. हाल ही में, उन्होंने अपने नृत्य-चिकित्सा पहल नृत्यामृत के तहत प्राइमस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, चाणक्यपुरी में एक प्रस्तुति दी, जिसने दिलों को छू लिया. पद्मभूषण सम्मानित गुरु राजा और राधा रेड्डी से सीखे गए भावपूर्ण कुचिपुड़ी नृत्य के माध्यम से उन्होंने अस्पताल के वार्ड को शांति और सुकून के आश्रय में बदल दिया. वह कहती हैं, “जैसे ही नृत्य शुरू हुआ, वातावरण बदल गया. यह सिर्फ हरकत नहीं थी यह भावनाओं की एक मौन बातचीत थी, जिसने उस जगह को बहुत जरूरी शांति दी.” श्रीमती टीना ने कहा, “मैं तनाव और पीड़ा में थी, लेकिन यह नृत्य देखने के बाद मेरी पीड़ा जैसे दूर हो गई हो। अब मैं अधिक शांत और हल्का महसूस कर रही हूँ।”वहीं श्रीमती तान्या ने कहा, “ऐसे सत्र अस्पताल में और होने चाहिए। ये दिल और दिमाग को राहत देते हैं।” शांभवी के लिए विज्ञान और कला दो [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>नृत्य के माध्यम से अस्पताल के वार्ड को शांति और सुकून के आश्रय में बदल दिया</strong></p>



<p>नई दिल्ली, 12 अगस्त 2025 &nbsp;</p>



<p>आज के समय में, जब विशेषज्ञता अक्सर बहुमुखी प्रतिभा को पीछे छोड़ देती है, शांभवी शर्मा एक दुर्लभ उदाहरण हैं जहाँ शैक्षणिक उत्कृष्टता, कलात्मक निपुणता और दूरदर्शी नेतृत्व का अद्भुत संगम देखने को मिलता है. संस्कृति स्कूल, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली में कक्षा 12 की विज्ञान की छात्रा शांभवी सिर्फ पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं हैं. वह भौतिकी प्रयोगशालाओं, वैश्विक नीतिगत चर्चाओं और शास्त्रीय नृत्य मंचों के बीच सहजता से आगे-पीछे चलती हैं और एक सच्ची 21वीं सदी की वैश्विक नागरिक के गुणों को साकार करती हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="575" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/a29ca8bb-312c-43cb-b0fe-e32538d7fc89-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91444" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/a29ca8bb-312c-43cb-b0fe-e32538d7fc89-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/08/a29ca8bb-312c-43cb-b0fe-e32538d7fc89-650x365.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>हाल ही में, उन्होंने अपने नृत्य-चिकित्सा पहल नृत्यामृत के तहत प्राइमस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, चाणक्यपुरी में एक प्रस्तुति दी, जिसने दिलों को छू लिया. पद्मभूषण सम्मानित गुरु राजा और राधा रेड्डी से सीखे गए भावपूर्ण कुचिपुड़ी नृत्य के माध्यम से उन्होंने अस्पताल के वार्ड को शांति और सुकून के आश्रय में बदल दिया. वह कहती हैं, “जैसे ही नृत्य शुरू हुआ, वातावरण बदल गया. यह सिर्फ हरकत नहीं थी यह भावनाओं की एक मौन बातचीत थी, जिसने उस जगह को बहुत जरूरी शांति दी.”</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="569" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/49cf72aa-d0c5-4263-a607-c348c7c52dd6-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91445" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/49cf72aa-d0c5-4263-a607-c348c7c52dd6-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/08/49cf72aa-d0c5-4263-a607-c348c7c52dd6-650x361.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>श्रीमती टीना ने कहा, “मैं तनाव और पीड़ा में थी, लेकिन यह नृत्य देखने के बाद मेरी पीड़ा जैसे दूर हो गई हो। अब मैं अधिक शांत और हल्का महसूस कर रही हूँ।”</strong><br>वहीं <strong>श्रीमती तान्या ने कहा, “ऐसे सत्र अस्पताल में और होने चाहिए। ये दिल और दिमाग को राहत देते हैं।”</strong></p>



<p>शांभवी के लिए विज्ञान और कला दो अलग-अलग संसार नहीं हैं, बल्कि जीवन की जटिलताओं को समझने के दो समानांतर मार्ग हैं. भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित और अर्थशास्त्र उनके पसंदीदा विषय हैं, जिनके जरिए वह ब्रह्मांड की बारीकियों को समझती हैं चाहे वह उपपरमाण्विक कणों का नृत्य हो या पारिस्थितिक तंत्र का संतुलन. वह मानती हैं कि विज्ञान ने उन्हें “परिकल्पना, परीक्षण और सुधार” की अनुशासनात्मक प्रक्रिया सिखाई, जबकि कला ने यह विश्वास दिलाया कि परिणाम तुरंत न दिखे, तब भी प्रक्रिया पर भरोसा करना चाहिए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="700" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/39749263-76e0-4cb3-b7d4-36bd3816350e-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91446" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/39749263-76e0-4cb3-b7d4-36bd3816350e-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/08/39749263-76e0-4cb3-b7d4-36bd3816350e-650x444.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>उनकी उपलब्धियां उनकी बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाती हैं:</strong></p>



<p><strong>शैक्षणिक उपलब्धि: संस्कृति स्कूल में शैक्षणिक उत्कृष्टता पुरस्कार (2023–24).</strong></p>



<p><strong>कला: जी20 शिखर सम्मेलन 2023, नटराजली (2022) और कमानी ऑडिटोरियम के परंपरा श्रृंखला में प्रस्तुति.</strong></p>



<p><strong>खेल: वरिष्ठ विद्यालय में सर्वश्रेष्ठ टेबल टेनिस खिलाड़ी और सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट कप्तान का सम्मान.</strong></p>



<p><strong>प्रतियोगिताएं: जीके एवं करेंट अफेयर्स ओलंपियाड में स्वर्ण पदक (2022), स्पेल टैलेंट ओलंपियाड में रजत पदक (2022).</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="570" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/c5349cd5-c721-443f-9b96-8e4352d5ce9a-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91447" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/c5349cd5-c721-443f-9b96-8e4352d5ce9a-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/08/c5349cd5-c721-443f-9b96-8e4352d5ce9a-650x362.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>नेतृत्व उनके सफर की पहचान है. मॉडल यूनाइटेड नेशंस (MUN) में डायरेक्टर-जनरल के रूप में उन्होंने वैश्विक संकटों अंतरिक्ष युद्ध से लेकर प्रौद्योगिकी नीति तक पर बहसों का नेतृत्व किया, टकरावों को सुलझाया और विविध दृष्टिकोणों को ठोस समाधान में बदला. सिंगापुर इंटरनेशनल MUN में वह रणनीतिक दिशा तय करती हैं और प्रतिभागियों को उद्देश्यपूर्ण भागीदारी के लिए प्रेरित करती हैं. 2023 में, उन्होंने प्रतिष्ठित स्ट्रॉबेरी फील्ड्स MUN में UNHCR प्रतिनिधि के रूप में अपने विद्यालय का प्रतिनिधित्व किया और मानवीय एवं कूटनीतिक मुद्दों की गहरी समझ दिखाई.</p>



<p>उनके कौशल डेटा विज्ञान, नेतृत्व, सार्वजनिक वक्तृत्व और शास्त्रीय नृत्य उन्हें विश्लेषणात्मक और रचनात्मक दोनों क्षेत्रों में समान आत्मविश्वास से कार्य करने की क्षमता देते हैं. चाहे वह जटिल भौतिकी समस्याओं का समाधान हो, प्रदर्शनी का संयोजन हो, क्रिकेट टीम का नेतृत्व हो, या अस्पताल में नृत्य से रोगियों को सुकून देनाशांभवी का दृष्टिकोण हमेशा एक जैसा रहता है: अनुशासित तैयारी, संवेदनशील जुड़ाव और प्रभावशाली क्रियान्वयन.शांभवी शर्मा सिर्फ एक छात्रा नहीं हैं; वह इस बात का जीता-जागता उदाहरण हैं कि कैसे बुद्धिमत्ता, रचनात्मकता और करुणा मिलकर ऐसे नए पीढ़ी के नेता तैयार कर सकते हैं जो नवाचार करें, प्रेरित करें और दुनियाओं को जोड़ें.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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		<title>13वीं ब्रदर रेमंड स्मृति अंतर-विद्यालय चित्रकला प्रतियोगिता सम्पन्न</title>
		<link>https://www.patnanow.com/13th-brother-raymond-memory-inter-school-painting-championship-2025/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 19 Jul 2025 11:20:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACADEMIC]]></category>
		<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
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		<category><![CDATA[13th Brader Raymond Memory Inter-School Painting Championship]]></category>
		<category><![CDATA[21 school]]></category>
		<category><![CDATA[320 student]]></category>
		<category><![CDATA[bihar]]></category>
		<category><![CDATA[Loyola high school]]></category>
		<category><![CDATA[Loyola High School.kurji]]></category>
		<category><![CDATA[painting]]></category>
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					<description><![CDATA[लोयोला हाई स्कूल में जुटे 21 विद्यालय के 320 छात्र छात्राएं पटना, 19 जुलाई 2025. पटना के प्रतिष्ठित लोयोला हाई स्कूल के प्रांगण में शनिवार को आयोजित 13वीं ब्रदर रेमंड स्मृति अंतर-विद्यालय चित्रकला प्रतियोगिता में रंगों और कल्पनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला. हर वर्ष आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम नन्हे कलाकारों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ उनकी रचनात्मक सोच को नई दिशा देता है. कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और ब्रदर रेमंड को पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुई. इसके बाद विद्यालय के प्राचार्य ब्रदर जॉनसन वी. जॉर्ज ने प्रेरक संबोधन देते हुए छात्रों का उत्साह बढ़ाया. इस वर्ष प्रतियोगिता में पटना के 21 विद्यालयों से कक्षा 3 से 10 तक के लगभग 320 विद्यार्थियों ने भाग लिया. प्रतिभागियों को कलात्मक अन्वेषण और नवाचार के विभिन्न विषयों और तकनीकों के माध्यम से अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला. प्रतियोगिता को चार श्रेणियों में बांटा गया—श्रेणी A (कक्षा 3-4), श्रेणी B (कक्षा 5-6), श्रेणी C (कक्षा 7-8) और श्रेणी D (कक्षा 9-10). निर्णायक मंडल में श्रीमती यामिनी सहाय (सहायक प्रोफेसर, पटना विमेन्स कॉलेज), श्री सन्यासी रेड (मूर्तिकार एवं कलाकार) और श्री तपन कुमार विश्वास (कलाकार, उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान) शामिल थे. सभी निर्णायकों ने प्रतिभागियों की रचनात्मकता की सराहना की और कहा कि विजेताओं का चयन करना उनके लिए बेहद कठिन रहा. कार्यक्रम में लोयोला हाई स्कूल के म्यूजिक क्लब के छात्रों ने सुगम संगीत, शास्त्रीय वादन और बाँसुरी प्रस्तुति से समां बांध दिया. एक रंगारंग नृत्य-नाटिका ने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना [&#8230;]]]></description>
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<p></p>



<p><strong>लोयोला हाई स्कूल में जुटे 21 विद्यालय के 320 छात्र छात्राएं</strong></p>



<p><em>पटना, 19 जुलाई 2025.</em></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="461" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/IMG_20250719_110542-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91180" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/IMG_20250719_110542-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/IMG_20250719_110542-650x293.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/IMG_20250719_110542-1536x692.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/IMG_20250719_110542-2048x923.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/IMG-20250719-WA0022-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91181" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/IMG-20250719-WA0022-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/IMG-20250719-WA0022-650x433.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>पटना के प्रतिष्ठित लोयोला हाई स्कूल के प्रांगण में शनिवार को आयोजित 13वीं ब्रदर रेमंड स्मृति अंतर-विद्यालय चित्रकला प्रतियोगिता में रंगों और कल्पनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला. हर वर्ष आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम नन्हे कलाकारों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ उनकी रचनात्मक सोच को नई दिशा देता है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/IMG-20250719-WA0021-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91182" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/IMG-20250719-WA0021-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/IMG-20250719-WA0021-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/IMG-20250719-WA0021-1536x1023.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और ब्रदर रेमंड को पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुई. इसके बाद विद्यालय के प्राचार्य ब्रदर जॉनसन वी. जॉर्ज ने प्रेरक संबोधन देते हुए छात्रों का उत्साह बढ़ाया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/IMG-20250719-WA0019-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91183" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/IMG-20250719-WA0019-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/IMG-20250719-WA0019-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/IMG-20250719-WA0019-1536x1023.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस वर्ष प्रतियोगिता में पटना के 21 विद्यालयों से कक्षा 3 से 10 तक के लगभग 320 विद्यार्थियों ने भाग लिया. प्रतिभागियों को कलात्मक अन्वेषण और नवाचार के विभिन्न विषयों और तकनीकों के माध्यम से अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला. प्रतियोगिता को चार श्रेणियों में बांटा गया—<br>श्रेणी A (कक्षा 3-4), श्रेणी B (कक्षा 5-6), श्रेणी C (कक्षा 7-8) और श्रेणी D (कक्षा 9-10).</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="921" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/IMG-20250719-WA0029-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91184" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/IMG-20250719-WA0029-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/IMG-20250719-WA0029-650x585.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/IMG-20250719-WA0029-1536x1382.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/IMG-20250719-WA0029-2048x1843.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>निर्णायक मंडल में श्रीमती यामिनी सहाय (सहायक प्रोफेसर, पटना विमेन्स कॉलेज), श्री सन्यासी रेड (मूर्तिकार एवं कलाकार) और श्री तपन कुमार विश्वास (कलाकार, उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान) शामिल थे. सभी निर्णायकों ने प्रतिभागियों की रचनात्मकता की सराहना की और कहा कि विजेताओं का चयन करना उनके लिए बेहद कठिन रहा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/IMG-20250719-WA0023-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91185" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/IMG-20250719-WA0023-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/IMG-20250719-WA0023-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/IMG-20250719-WA0023-1536x1023.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कार्यक्रम में लोयोला हाई स्कूल के म्यूजिक क्लब के छात्रों ने सुगम संगीत, शास्त्रीय वादन और बाँसुरी प्रस्तुति से समां बांध दिया. एक रंगारंग नृत्य-नाटिका ने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया.</p>



<p>समापन समारोह में विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को ट्रॉफ़ी और प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="461" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/IMG_20250719_094204-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91186" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/IMG_20250719_094204-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/IMG_20250719_094204-650x293.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/IMG_20250719_094204-1536x692.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/IMG_20250719_094204-2048x923.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity"/>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/IMG-20250719-WA0020-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91187" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/IMG-20250719-WA0020-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/IMG-20250719-WA0020-650x433.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>विजेताओं की सूची</p>



<p>श्रेणी A (कक्षा III एवं IV)</p>



<p>थीम: “My Favorite Animal”, “A Lake View”, “A Flower Bouquet”<br>विजेता:</p>



<p>प्रथम स्थान: सान्वी स्वर (कक्षा 4, सेंट माइकल्स हाई स्कूल)</p>



<p>द्वितीय स्थान: रुद्रांश सिंह (कक्षा 4, सेंट माइकल्स हाई स्कूल)</p>



<p>द्वितीय स्थान (साझा): जयश्री (कक्षा 4, सेंट माइकल्स हाई स्कूल)</p>



<p>तृतीय स्थान: विधि मिश्रा (कक्षा 4, लोयोला हाई स्कूल)<br>प्रॉमिसिंग स्टार: आकाशित कुमार (लोयोला हाई स्कूल), आलिया रे (DAV पब्लिक स्कूल, खगौल), राजवीर ठाकुर (सेंट मैरीज़ एकेडमी), उत्कर्ष (लोयोला हाई स्कूल)</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity"/>



<p>श्रेणी B (कक्षा V एवं VI)</p>



<p>थीम: “A Realistic Art Using Pencil/Pencil Colour”, “A Bird Sitting on a Branch”, “Four Seasons”<br>विजेता:</p>



<p>प्रथम स्थान: अमर्त्य सिंह (कक्षा 6, सेंट माइकल्स हाई स्कूल)</p>



<p>द्वितीय स्थान: मान्या सिंह (कक्षा 6, डॉन बॉस्को एकेडमी)</p>



<p>तृतीय स्थान: आयरा अहमद (कक्षा 6, लोयोला हाई स्कूल)<br>प्रॉमिसिंग स्टार: समय शर्मा (सेंट माइकल्स हाई स्कूल), आद्रिति अर्पण (सेंट मैरीज़ एकेडमी), आराध्या (डॉन बॉस्को एकेडमी), आदित्य सिंह (सेंट जेवियर्स हाई स्कूल)</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity"/>



<p>श्रेणी C (कक्षा VII एवं VIII)</p>



<p>थीम: “Beauty of Ocean Depths Ravaged by Pollution”, “New &amp; Empowered India”, “Artistic Legacy of Bihar (Madhubani/Tikuli/Manjusha Painting)”<br>विजेता:</p>



<p>प्रथम स्थान: चित्रांशी (कक्षा 7, द त्रिभुवन स्कूल)</p>



<p>द्वितीय स्थान: स्रीजा शरण (कक्षा 7, DAV पब्लिक स्कूल, खगौल)</p>



<p>तृतीय स्थान: अमुक्ता प्रियदर्शनी (कक्षा 7, लोयोला हाई स्कूल)<br>प्रॉमिसिंग स्टार: आरुष सुमन (ज्ञान निकेतन), जिया सिंह (DAV पब्लिक स्कूल, खगौल), निराली नीरज वर्षनी (लोयोला हाई स्कूल), अल्बिना मैथ्यू (लोयोला हाई स्कूल)</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity"/>



<p>श्रेणी D (कक्षा IX एवं X)</p>



<p>थीम: “Pay Without Cash: A Way for Black Money to Ash”, “Digital Empowerment: Click, Share and Impact the World”, “De-Addiction: Breaking the Chains &#8211; Prevention, Treatment &amp; Recovery for All”<br>विजेता:</p>



<p>प्रथम स्थान (साझा): रश राज रंजन (कक्षा 10, लोयोला हाई स्कूल), उत्पल कांत (कक्षा 9, लोयोला हाई स्कूल)</p>



<p>द्वितीय स्थान: राजश्री (कक्षा 9, सेंट माइकल्स हाई स्कूल)</p>



<p>तृतीय स्थान (साझा): सान्वी कुमारी (कक्षा 9, लोयोला हाई स्कूल), अदिति (कक्षा 10, द त्रिभुवन स्कूल)<br>प्रॉमिसिंग स्टार: ऋतिका अग्रवाल (लिटेरा वैली स्कूल), नितिका क्री (बांकीपुर गर्ल्स हाई स्कूल), सिद्धि जायसवाल (इंफैंट जीसस स्कूल), शौर्य सिंह (द त्रिभुवन स्कूल)</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बिहार में125 यूनिट मुफ़्त बिजली, 10,000 मेगावॉट सोलर लक्ष्य</title>
		<link>https://www.patnanow.com/125-units-of-free-electricity-in-bihar-10000-mw-solar-power-target/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 17 Jul 2025 07:03:00 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[Politics]]></category>
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		<category><![CDATA[1000 MW solar power target]]></category>
		<category><![CDATA[125 units of free electricity in Bihar]]></category>
		<category><![CDATA[CM Bihar]]></category>
		<category><![CDATA[CM NITISH]]></category>
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					<description><![CDATA[विकास-प्लस-राजनीति दोनों कोणों से चर्चा तेज़ गुरुवार, 17 जुलाई 2025 मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की है कि 1 अगस्त 2025 से बिहार के पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति माह पहले 125 यूनिट तक बिजली मुफ़्त मिलेगी. सरकार का अनुमान है कि इससे लगभग 1.67 करोड़ परिवारों को सीधा लाभ होगा. इसके समानांतर राज्य ने अगले तीन वर्षों में 10,000 मेगावॉट सौर ऊर्जा क्षमता विकसित करने की मंशा जताई है, जिसमें सबसे गरीब परिवारों के लिए पूर्ण समर्थन (जैसे ‘कुटीर ज्योति’ जैसी लक्षित सहायता) और बाक़ी उपभोक्ताओं के लिए अनुदान/साझा-वित्त पोषण मॉडल पर विचार शामिल है. यह निर्णय बिहार विधानसभा चुनावों से ठीक पहले आया है, जिससे नीति पर विकास-प्लस-राजनीति दोनों कोणों से चर्चा तेज़ है. 125 यूनिट तक मुफ़्त बिजली निम्न-आय तथा छोटे उपभोग वाले परिवारों के ऊर्जा व्यय को उल्लेखनीय रूप से घटा सकती है—विशेषकर ग्रामीण व शहरी ग़रीब जिनका बिजली बिल मासिक आय का बड़ा अंश ले लेता है. हिमाचल प्रदेश में 2022 से शुरू 125-यूनिट मुफ़्त बिजली योजना ने प्रारम्भिक वर्षों में उपभोक्ताओं को राहत दी; बाद में वित्तीय दबाव के चलते आंशिक पुनरीक्षण करना पड़ा, जो यह दिखाता है कि लाभ लोकप्रिय होते हैं पर लागत प्रबंधन जरूरी है. बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) आँकड़े दर्शाते हैं कि 2015-16 से 2021-22/2022-23 के बीच बिहार में गरीबी में तेज़ गिरावट आई लेकिन स्तर अभी भी ऊँचा है (लगभग 33% के आसपास के आकलन उद्धृत). गरीब परिवारों के लिए यूटिलिटी व्यय में कटौती प्रत्यक्ष सामाजिक सुरक्षा-जैसा प्रभाव दे सकती है.मुफ़्त बिजली सब्सिडी, यदि उपभोग ऊपरी स्लैब में सीमित [&#8230;]]]></description>
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<p><strong> </strong></p>



<p><strong>विकास-प्लस-राजनीति दोनों कोणों से चर्चा तेज़ </strong></p>



<p><strong>गुरुवार, 17 जुलाई 2025</strong> </p>



<p>मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की है कि 1 अगस्त 2025 से बिहार के पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति माह पहले 125 यूनिट तक बिजली मुफ़्त मिलेगी. सरकार का अनुमान है कि इससे लगभग 1.67 करोड़ परिवारों को सीधा लाभ होगा. इसके समानांतर राज्य ने अगले तीन वर्षों में 10,000 मेगावॉट सौर ऊर्जा क्षमता विकसित करने की मंशा जताई है, जिसमें सबसे गरीब परिवारों के लिए पूर्ण समर्थन (जैसे ‘कुटीर ज्योति’ जैसी लक्षित सहायता) और बाक़ी उपभोक्ताओं के लिए अनुदान/साझा-वित्त पोषण मॉडल पर विचार शामिल है. यह निर्णय बिहार विधानसभा चुनावों से ठीक पहले आया है, जिससे नीति पर विकास-प्लस-राजनीति दोनों कोणों से चर्चा तेज़ है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="770" height="431" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/NITISH_KUMAR.avif" alt="" class="wp-image-91111" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/NITISH_KUMAR.avif 770w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/NITISH_KUMAR-650x364.avif 650w" sizes="auto, (max-width: 770px) 100vw, 770px" /></figure>



<p><strong>125 यूनिट तक मुफ़्त बिजली निम्न-आय तथा छोटे उपभोग वाले परिवारों के ऊर्जा व्यय को उल्लेखनीय रूप से घटा सकती है—विशेषकर ग्रामीण व शहरी ग़रीब जिनका बिजली बिल मासिक आय का बड़ा अंश ले लेता है</strong>. हिमाचल प्रदेश में 2022 से शुरू 125-यूनिट मुफ़्त बिजली योजना ने प्रारम्भिक वर्षों में उपभोक्ताओं को राहत दी; बाद में वित्तीय दबाव के चलते आंशिक पुनरीक्षण करना पड़ा, जो यह दिखाता है कि लाभ लोकप्रिय होते हैं पर लागत प्रबंधन जरूरी है.</p>



<p>बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) आँकड़े दर्शाते हैं कि 2015-16 से 2021-22/2022-23 के बीच बिहार में गरीबी में तेज़ गिरावट आई लेकिन स्तर अभी भी ऊँचा है (लगभग 33% के आसपास के आकलन उद्धृत). गरीब परिवारों के लिए यूटिलिटी व्यय में कटौती प्रत्यक्ष सामाजिक सुरक्षा-जैसा प्रभाव दे सकती है.मुफ़्त बिजली सब्सिडी, यदि उपभोग ऊपरी स्लैब में सीमित न हुई, तो वार्षिक सब्सिडी बोझ तेज़ी से बढ़ा सकती है—अन्य राज्यों के अनुभव चेतावनी देते हैं. पंजाब में 300-यूनिट मुफ़्त बिजली व अन्य सब्सिडियों ने राजस्व दबाव व ऊँचे ऋण-जीएसडीपी अनुपात को बढ़ाया; केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने भी चेतावनी दी थी कि उधार लेकर मुफ़्त बिजली देना राज्यों को ऋण-जाल में धकेल सकता है.</p>



<p>बिहार बजट 2025-26 (PRS विश्लेषण) और बिहार आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 संकेत देते हैं कि राज्य का व्यय आकार बड़ा है, राजस्व पर केंद्र-निर्भरता ऊँची है, तथा 2024-25 संशोधित अनुमानों में राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के ~9% तक उछला (अनुमानित). कुल व्यय 2023-24 में ~₹2.52 लाख करोड़ रहा और 2024-25 में बढ़ने का अनुमान है; अत: अतिरिक्त सब्सिडी के लिए सुव्यवस्थित वित्तीय स्रोत की आवश्यकता होगी ताकि घाटा नियंत्रण में रहे.आर्थिक निष्कर्ष: परिवारों को तात्कालिक राहत मिल सकती है, पर राज्य को चरणबद्ध रोलआउट, उपभोग कैप, लक्ष्य-आधारित सब्सिडी, तथा केंद्र/कार्बन-फंडिंग/आरईसी राजस्व जैसे वित्तीय बैकस्टॉप ढूँढने होंगे ताकि दीर्घकालिक बोझ असंतुलित न हो.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="948" height="533" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/nitish-kumar-123.avif" alt="" class="wp-image-91113" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/nitish-kumar-123.avif 948w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/nitish-kumar-123-650x365.avif 650w" sizes="auto, (max-width: 948px) 100vw, 948px" /></figure>



<p>घोषणा में सबसे गरीब परिवारों (उदाहरणतः ‘कुटीर ज्योति’ जैसे लक्षित कार्यक्रमों की तर्ज़ पर) के लिए पूर्ण वित्तपोषण/सोलर इंस्टॉलेशन सहायता का संकेत है, जबकि अन्य श्रेणियों को आंशिक सहायता दी जा सकती है—यह स्तरीकृत मॉडल सामाजिक न्याय के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है.बिहार में बिजली कनेक्शन का विस्तार हुआ है, पर विश्वसनीय आपूर्ति व गुणवत्ता चुनौती बनी रही; राज्य की ऊर्जा जरूरतों में बड़े पैमाने पर केंद्रीय उत्पादकों (NTPC आदि) पर निर्भरता रही है—जिससे वितरण लागत व असमान आपूर्ति पैटर्न उत्पन्न होते हैं. पिछली रिपोर्टें बताती हैं कि राज्य ने अपने तापीय संयंत्रों को NTPC को स्थानांतरित किया और वितरण कंपनियों की बिजली खरीद का बड़ा हिस्सा केंद्रीय आवंटनों से आता है. सामाजिक निष्कर्ष: यदि योजना में स्मार्ट-मीटर आधारित सत्यापन, लक्षित सब्सिडी और ग्रामीण सौर मिनी-ग्रिड/रूफ़टॉप विकल्प जुड़ते हैं तो यह ग्रामीण गरीबों की जीवन-गुणवत्ता व उत्पादक उपयोग (पानी पम्प, सूक्ष्म-उद्यम) को बढ़ा सकती है.</p>



<p>राज्य का 10 GW सौर लक्ष्य, यदि तीन वर्षों में आंशिक रूप से भी प्राप्त हुआ, तो आयातित/केंद्रीय थर्मल पर निर्भरता घटेगी, वितरण नुक़सान कम करने हेतु स्थानीय उत्पादन बढ़ेगा और कार्बन फुटप्रिंट घटेगा. घोषणा में यह स्पष्ट कहा गया कि अगले तीन वर्षों में वैकल्पिक स्रोत (मुख्यतः सौर) से 10,000 मेगावॉट क्षमता लाई जाएगी.</p>



<p>रिपोर्टें बताती हैं कि बिहार में बड़े नवीकरणीय प्रोजेक्ट्स को भूमि उपलब्धता बाधित करती है; रूफ़टॉप, फ्लोटिंग या विकेन्द्रित सौर विकल्प अधिक व्यवहार्य हो सकते हैं. राज्य की नवीकरणीय प्रगति लक्ष्यों से पीछे रही है (2023 तक ~415 MW बनाम कहीं अधिक लक्षित क्षमता), जो दर्शाता है कि आकांक्षा व निष्पादन में अंतर है—पर यही अंतर अब नए लक्ष्य को प्रेरित भी करता है. बिहार की मुख्यमन्त्री ग्रामीण सौर स्ट्रीट लाइट योजना समय पर लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी; भुगतान, गुणवत्ता व स्थानीय स्वीकृति की चुनौतियों ने प्रगति धीमी की. यह बड़े पैमाने की किसी भी नवीकरणीय पहल (जैसे 10 GW) के लिए महत्त्वपूर्ण सबक है—ठोस कार्यान्वयन ढाँचा, गुणवत्ता निगरानी लैब, अग्रिम भुगतान तंत्र आदि आवश्यक होंगे.  पर्यावरण/ऊर्जा निष्कर्ष: लक्ष्य महत्वाकांक्षी पर दिशात्मक रूप से सकारात्मक है; सफल होने के लिए रूफ़टॉप/विकेन्द्रित मॉडल, भंडारण (BESS) व ग्रिड-अपग्रेड निवेश की आवश्यकता होगी.</p>



<p>घोषणा विधानसभा चुनावों से पहले आई है; मुफ़्त बिजली जैसी लोक-कल्याणकारी योजनाएँ मतदाताओं को प्रभावित करती रही हैं ,सब्सिडी बिल समय के साथ तेज़ी से बढ़ा, यद्यपि प्रारंभिक चरण में यह बजट पर बहुत अधिक बोझ नहीं था. अन्य रिपोर्टों के अनुसार राज्य की विपक्षी पार्टियों (जैसे आरजेडी) ने भी मुफ़्त बिजली वादे किए थे; नीतीश सरकार की घोषणा को “पोल पावर प्ले” के रूप में देखा जा रहा है. यह कदम राजनीतिक रूप से समर्थन समेकित कर सकता है, बशर्ते क्रियान्वयन विश्वसनीय हो.</p>



<p>नीतिगत पलट (policy flip-flop) का जोखिम रहता है; अन्य राज्यों में वित्तीय दबाव से योजनाओं में कटौती (जैसे हिमाचल में संशोधन) हुआ है—यदि बिहार में भी राजस्व दबाव बढ़ा तो सीमा, लक्ष्य-समूह या दर संरचना बदली जा सकती है, जिससे भरोसा प्रभावित होगा. बिहार ने हालिया क्षेत्रीय ऊर्जा बैठक में स्काडा आधारित निगरानी, बड़े पैमाने बैटरी ऊर्जा भंडारण, तथा अतिरिक्त केंद्रीय आवंटन की माँग उठाई—यह दर्शाता है कि राज्य को वितरण-ग्रिड उन्नयन व भंडारण में निवेश चाहिए ताकि मुफ़्त सप्लाई व सौर एकीकरण व्यावहारिक हो.</p>



<p>अल्पकालिक रूप से, यह कदम लोकप्रिय और समावेशी दोनों दिख सकता है—ऊर्जा गरीबी झेल रहे परिवारों को वास्तविक राहत देगा, यदि क्रियान्वयन समय पर हुआ. मध्यम अवधि में वित्तीय अनुशासन की परीक्षा होगी; सब्सिडी बिल नियंत्रण से बाहर गया तो राज्य की विकास व्यय क्षमता सिमट सकती है (अन्य राज्यों और केंद्र की चेतावनियाँ सीख देती हैं). दीर्घकालिक सफलता काफी हद तक 10 GW सौर (विशेषकर रूफ़टॉप/विकेन्द्रित मॉडल) को ठोस आधार पर खड़ा करने, ग्रिड उन्नयन, और पारदर्शी लक्ष्यीकरण पर निर्भर करेगी. शुभ संकेत यह है कि राज्य ने सौर प्रचार, गरीब-केंद्रित सहायता और ग्रिड-आधुनिकीकरण के मुद्दे एक साथ उठाए हैं. यदि ये घटक समन्वित होकर चलते हैं तो पहल बिहार को ऊर्जा-सुरक्षा, हरित विकास और सामाजिक न्याय के नए चरण में पहुँचा सकती है.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>बच्चों को इंटरएक्टिव गेम के माध्यम से आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण की अभिनव पहल</title>
		<link>https://www.patnanow.com/innovative-initiative-of-disaster-management-training-for-children-through-interactive-games/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 15 Jul 2025 05:05:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[राज्य के 70,000 विद्यालयों में खेल से मिलेगा आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण वज्रपात से बचाव पर केंद्रित गेम का हुआ ट्रायल प्रदर्शन पटना.बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सभागार में एक अभिनव पहल के तहत बच्चों के बीच ऑगमेंटेड रियलिटी पर आधारित इंटरएक्टिव गेम का प्रदर्शन किया गया. यह गेम विशेष रूप से वज्रपात (ठनका) सहित विभिन्न आपदाओं से बचाव हेतु बच्चों की क्षमता वृद्धि के उद्देश्य से प्राधिकरण द्वारा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के सहयोग से विकसित किया गया है. इस कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 50 स्कूली बच्चों ने इस डिजिटली विकसित गेम को कंप्यूटर पर खेला और वर्चुअल वातावरण में ठनका जैसी आपदाओं से बचाव के तरीकों को रोचक और इंटरएक्टिव पद्धति से सीखा. यह एक ट्रायल डेमो था, जिसके माध्यम से छात्रों की प्रतिक्रियाओं के आधार पर गेम को और अधिक उपयोगी और आकर्षक बनाने हेतु सुझाव एकत्र किए गए. उपाध्यक्ष डॉ. उदय कांत मिश्रा ने स्वयं बच्चों के बीच रहकर उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित किया और कहा कि “बचपन से ही बच्चों में आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता पैदा कर हम एक जिम्मेदार और सुरक्षित समाज की नींव रख सकते हैं. यह गेम तकनीक आधारित शिक्षा की दिशा में एक प्रेरक कदम है जो बच्चों को न केवल आपदाओं से बचाव की जानकारी देगा, बल्कि उनमें संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और सामाजिक सहभागिता की भावना भी विकसित करेगा.”इस अवसर पर प्राधिकरण के सदस्य पी.एन. राय,नरेंद्र कुमार सिंह, प्रकाश कुमार तथा अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित रहे. सभी ने बच्चों के अनुभव साझा किए और गेम को और अधिक प्रभावशाली बनाने [&#8230;]]]></description>
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<p></p>



<p></p>



<p><strong>राज्य के 70,000 विद्यालयों में खेल से मिलेगा आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण</strong></p>



<p><strong>वज्रपात से बचाव पर केंद्रित गेम का हुआ ट्रायल प्रदर्शन</strong></p>



<p>पटना.बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सभागार में एक अभिनव पहल के तहत बच्चों के बीच ऑगमेंटेड रियलिटी पर आधारित इंटरएक्टिव गेम का प्रदर्शन किया गया. यह गेम विशेष रूप से वज्रपात (ठनका) सहित विभिन्न आपदाओं से बचाव हेतु बच्चों की क्षमता वृद्धि के उद्देश्य से प्राधिकरण द्वारा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के सहयोग से विकसित किया गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="770" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/709d48f7-d2a0-4669-9f3f-108b4de64772-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91087" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/709d48f7-d2a0-4669-9f3f-108b4de64772-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/709d48f7-d2a0-4669-9f3f-108b4de64772-650x489.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 50 स्कूली बच्चों ने इस डिजिटली विकसित गेम को कंप्यूटर पर खेला और वर्चुअल वातावरण में ठनका जैसी आपदाओं से बचाव के तरीकों को रोचक और इंटरएक्टिव पद्धति से सीखा. यह एक ट्रायल डेमो था, जिसके माध्यम से छात्रों की प्रतिक्रियाओं के आधार पर गेम को और अधिक उपयोगी और आकर्षक बनाने हेतु सुझाव एकत्र किए गए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/30186c24-61a1-4884-8f9e-c59119bb1ff3-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91088" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/30186c24-61a1-4884-8f9e-c59119bb1ff3-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/30186c24-61a1-4884-8f9e-c59119bb1ff3-650x488.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उपाध्यक्ष डॉ. उदय कांत मिश्रा ने स्वयं बच्चों के बीच रहकर उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित किया और कहा कि “बचपन से ही बच्चों में आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता पैदा कर हम एक जिम्मेदार और सुरक्षित समाज की नींव रख सकते हैं. यह गेम तकनीक आधारित शिक्षा की दिशा में एक प्रेरक कदम है जो बच्चों को न केवल आपदाओं से बचाव की जानकारी देगा, बल्कि उनमें संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और सामाजिक सहभागिता की भावना भी विकसित करेगा.”इस अवसर पर प्राधिकरण के सदस्य पी.एन. राय,नरेंद्र कुमार सिंह, प्रकाश कुमार तथा अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित रहे. सभी ने बच्चों के अनुभव साझा किए और गेम को और अधिक प्रभावशाली बनाने हेतु दिशा-निर्देश भी दिए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="699" height="396" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/Untitled.png" alt="" class="wp-image-91090" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/Untitled.png 699w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/Untitled-650x368.png 650w" sizes="auto, (max-width: 699px) 100vw, 699px" /></figure>



<p>यह पहल मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत की जा रही उस दूरदर्शी योजना का हिस्सा है, जिसके माध्यम से राज्य के 70,000 विद्यालयों में इस गेम को लागू कर बच्चों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाएगा. यह गेम मोबाइल और कंप्यूटर दोनों माध्यमों पर उपलब्ध रहेगा, जिससे अधिक से अधिक बच्चे लाभान्वित हो सकें.कडक</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/b606749c-1ab6-44bf-bb17-7dff60b89f95-scaled.jpg" alt="bsdma " class="wp-image-91091" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/b606749c-1ab6-44bf-bb17-7dff60b89f95-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/b606749c-1ab6-44bf-bb17-7dff60b89f95-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/b606749c-1ab6-44bf-bb17-7dff60b89f95-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>प्राधिकरण &nbsp;लगातार नई तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, ऑगमेंटेड रियलिटी, वर्चुअल रियलिटी, मल्टीमीडिया मॉडल्स, फिल्म, ऑडियो जिंगल्स, नुक्कड़ नाटक आदि के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य कर रहा है. CDAC और BSNL के सहयोग से SMS और ऑडियो संदेशों के द्वारा भी लोगों को आपदाओं से बचाव की जानकारी दी जा रही है.</p>



<p>यह आयोजन इस दिशा में एक सार्थक कदम है, जो यह संकेत देता है कि कैसे नवाचार, तकनीक और बच्चों की जिज्ञासा को मिलाकर हम आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला सकते हैं.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>इंतजार ख़त्म 19 जुलाई को होगी इंटर स्कूल पेंटिंग प्रतियोगिता</title>
		<link>https://www.patnanow.com/the-most-prestigious-brother-raymond-painting-competition-for-students/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 11 Jul 2025 10:15:40 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[Painting competition]]></category>
		<category><![CDATA[Painting Competition for students]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना के स्कूली छात्रों के लिए सबसे प्रतिष्ठित ब्रदर रेमंड पेंटिंग प्रतियोगिता लोयोला हाई स्कूल, पटना में है कार्यक्रम का आयोजन &#160;अनुशासन , नैतिकता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण तैयार किया ब्रदर रेमंड ने –&#160; ब्रदर जॉनसन वी.जॉर्ज पटना:11 जुलाई 13वें ब्रदर रेमंड मेमोरियल इंटर स्कूल पेंटिंग प्रतियोगिता के आयोजन 19 जुलाई 2025 को लोयोला हाई स्कूल, पटना में किया जाएगा. पेंटिंग प्रतियोगिता 19 जुलाई को सुबह 8:00 बजे शुरू होगी और परिणाम की घोषणा 11:00 बजे की जाएगी. ब्रदर रेमंड मेमोरियल इंटर स्कूल पेंटिंग प्रतियोगिता एक वार्षिक कार्यक्रम है, जो ब्रदर रेमंड की स्मृति में हर साल आयोजित किया जाता है. यह आयोजन पटना के स्कूली छात्रों के लिए सबसे प्रतिष्ठित पेंटिंग प्रतियोगिता बन गया है. जानकारी देते हुए ब्रदर जॉनसन वी. जॉर्ज ने बताया कि ब्रदर रेमंड एक समर्पित शिक्षाविद्, सामाजिक कार्यकर्ता और छात्रों के प्रेरणास्रोत थे, जिनका जीवन शिक्षा, सेवा और करुणा के मूल्यों से ओतप्रोत था. वे विशेष रूप से ईसाई मिशनरी स्कूलों में कार्यरत रहे, जहाँ उन्होंने अनुशासन, नैतिकता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण निर्मित किया. ब्रदर रेमंड का जीवन विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण, समर्पण और समावेशी शिक्षा को समर्पित रहा. वे न केवल एक शिक्षक थे, बल्कि एक मार्गदर्शक, संरक्षक और प्रेरक शक्ति भी थे. उन्होंने शिक्षा को एक मिशन के रूप में अपनाया और हजारों छात्रों के जीवन को दिशा दी. इंटर स्कूल होने के कारण, यह प्रतियोगिता कई प्रोफेशनल प्रतिभागियों की प्रतिभा को प्रदर्शित करेगी. जिसका इंतजार पूरे साल प्रतिभागियों को रहता है. PNCDESK]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p></p>



<p><strong>पटना के स्कूली छात्रों के लिए सबसे प्रतिष्ठित ब्रदर रेमंड पेंटिंग प्रतियोगिता</strong></p>



<p><strong>लोयोला हाई स्कूल, पटना में है कार्यक्रम का आयोजन</strong></p>



<p><em><strong>&nbsp;अनुशासन , नैतिकता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण तैयार किया ब्रदर रेमंड ने –&nbsp; ब्रदर जॉनसन वी.जॉर्ज</strong></em></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="858" height="479" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/7a6983f9-6f30-49e5-ae84-b7fa040ccd97.jpeg" alt="" class="wp-image-91076" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/7a6983f9-6f30-49e5-ae84-b7fa040ccd97.jpeg 858w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/7a6983f9-6f30-49e5-ae84-b7fa040ccd97-650x363.jpeg 650w" sizes="auto, (max-width: 858px) 100vw, 858px" /></figure>



<p></p>



<p>पटना:11 जुलाई 13वें ब्रदर रेमंड मेमोरियल इंटर स्कूल पेंटिंग प्रतियोगिता के आयोजन 19 जुलाई 2025 को लोयोला हाई स्कूल, पटना में किया जाएगा. पेंटिंग प्रतियोगिता 19 जुलाई को सुबह 8:00 बजे शुरू होगी और परिणाम की घोषणा 11:00 बजे की जाएगी. ब्रदर रेमंड मेमोरियल इंटर स्कूल पेंटिंग प्रतियोगिता एक वार्षिक कार्यक्रम है, जो ब्रदर रेमंड की स्मृति में हर साल आयोजित किया जाता है. यह आयोजन पटना के स्कूली छात्रों के लिए सबसे प्रतिष्ठित पेंटिंग प्रतियोगिता बन गया है.</p>



<p>जानकारी देते हुए <strong>ब्रदर जॉनसन वी. जॉर्ज</strong> ने बताया कि <strong>ब्रदर रेमंड</strong> एक समर्पित शिक्षाविद्, सामाजिक कार्यकर्ता और छात्रों के प्रेरणास्रोत थे, जिनका जीवन शिक्षा, सेवा और करुणा के मूल्यों से ओतप्रोत था. वे विशेष रूप से ईसाई मिशनरी स्कूलों में कार्यरत रहे, जहाँ उन्होंने अनुशासन, नैतिकता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण निर्मित किया. ब्रदर रेमंड का जीवन विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण, समर्पण और समावेशी शिक्षा को समर्पित रहा. वे न केवल एक शिक्षक थे, बल्कि एक मार्गदर्शक, संरक्षक और प्रेरक शक्ति भी थे. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="615" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/0a5f73ed-0edd-4fc8-b752-74084260e69c-scaled.jpeg" alt="" class="wp-image-91079" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/0a5f73ed-0edd-4fc8-b752-74084260e69c-scaled.jpeg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/0a5f73ed-0edd-4fc8-b752-74084260e69c-650x390.jpeg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/0a5f73ed-0edd-4fc8-b752-74084260e69c-1536x922.jpeg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/0a5f73ed-0edd-4fc8-b752-74084260e69c-2048x1230.jpeg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उन्होंने शिक्षा को एक मिशन के रूप में अपनाया और हजारों छात्रों के जीवन को दिशा दी. इंटर स्कूल होने के कारण, यह प्रतियोगिता कई प्रोफेशनल प्रतिभागियों की प्रतिभा को प्रदर्शित करेगी. जिसका इंतजार पूरे साल प्रतिभागियों को रहता है.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>बिहार के लाल आरव ने लिख डाली एक रहस्मयी किताब</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bihars-son-aarav-wrote-a-mysterious-book/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 08 Jul 2025 06:43:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[BANK/RAILWAY/SSC]]></category>
		<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[UPSC/PCS]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
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		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
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		<category><![CDATA[aarav srivastav]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar's son Aarav wrote a mysterious book]]></category>
		<category><![CDATA[niraj kumar verma]]></category>
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					<description><![CDATA[&#8220;द एनवेलप्ड &#8211; मिस्ट्री ऑफ डार्क पावर पुस्तक समीक्षा: द एनवेलप्ड &#8211; मिस्ट्री ऑफ डार्क पावर समीक्षक: नीरज कुमार वर्मा&#160; लेखक: आरव श्रीवास्तव&#160; द एनवेलप्ड: मिस्ट्री ऑफ डार्क पावर, बिहार के सबसे युवा लेखक आरव श्रीवास्तव द्वारा रचित एक रोमांचक फंतासी थ्रिलर है, जिसने अपनी अनूठी कहानी और गहन कथानक के साथ पाठकों का ध्यान आकर्षित किया है. इस पुस्तक का विमोचन बिहार के माननीय राज्यपाल श्री अरिफ मोहम्मद खान द्वारा राजभवन, पटना में किया गया, जो इसकी महत्ता को और बढ़ाता है.&#160; कथानक का सार&#160; पुस्तक दो भाइयों, हेनरी और रॉन, के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनका जीवन एक रहस्यमयी और खतरनाक वस्तु के इर्द-गिर्द उलझ जाता है. कहानी की शुरुआत एक जन्मदिन समारोह से होती है, जो जल्द ही एक भयावह घटना में बदल जाता है. एक रहस्यमयी वस्तु, जिसे बिजली का प्रहार सक्रिय करता है, भाइयों के जीवन को तहस-नहस कर देता है. यह वस्तु, जिसे बाद में &#8220;अस्त्र&#8221; के रूप में जाना जाता है, एक प्राचीन दुष्ट शक्ति से जुड़ी है, जो कहानी को रहस्य और रोमांच से भर देती है.&#160; कथानक में तनाव, रहस्य और पारिवारिक बंधन का मिश्रण है. हेनरी और रॉन की यात्रा में कई उतार-चढ़ाव आते हैं, जिसमें वे न केवल अपने परिवार की त्रासदी से जूझते हैं, बल्कि इस रहस्यमयी वस्तु के पीछे छिपे सच को भी उजागर करने की कोशिश करते हैं. कहानी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा उनकी सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों को दर्शाता है, जैसे कि बेघर होना और एक आश्रम में शरण लेना, जो पाठकों को भावनात्मक रूप से [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>&#8220;द एनवेलप्ड &#8211; मिस्ट्री ऑफ डार्क पावर </strong></p>



<p><strong>पुस्तक समीक्षा: द एनवेलप्ड &#8211; मिस्ट्री ऑफ डार्क पावर </strong><strong></strong></p>



<p><strong>समीक्षक: नीरज कुमार वर्मा&nbsp; </strong><strong></strong></p>



<p><strong>लेखक: आरव श्रीवास्तव&nbsp; </strong><strong></strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="668" height="1005" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/ae5cfba5-1c1d-4e6d-8427-c5f5c8c0f49e.jpeg" alt="" class="wp-image-91009" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/ae5cfba5-1c1d-4e6d-8427-c5f5c8c0f49e.jpeg 668w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/ae5cfba5-1c1d-4e6d-8427-c5f5c8c0f49e-432x650.jpeg 432w" sizes="auto, (max-width: 668px) 100vw, 668px" /></figure>



<p>द एनवेलप्ड: मिस्ट्री ऑफ डार्क पावर, बिहार के सबसे युवा लेखक आरव श्रीवास्तव द्वारा रचित एक रोमांचक फंतासी थ्रिलर है, जिसने अपनी अनूठी कहानी और गहन कथानक के साथ पाठकों का ध्यान आकर्षित किया है. इस पुस्तक का विमोचन बिहार के माननीय राज्यपाल श्री अरिफ मोहम्मद खान द्वारा राजभवन, पटना में किया गया, जो इसकी महत्ता को और बढ़ाता है.&nbsp;</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="351" height="359" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/b76c4619-47b8-4de3-8a34-532273d759e1.jpeg" alt="" class="wp-image-91010"/></figure>



<p><strong>कथानक का सार&nbsp; </strong><strong></strong></p>



<p>पुस्तक दो भाइयों, हेनरी और रॉन, के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनका जीवन एक रहस्यमयी और खतरनाक वस्तु के इर्द-गिर्द उलझ जाता है. कहानी की शुरुआत एक जन्मदिन समारोह से होती है, जो जल्द ही एक भयावह घटना में बदल जाता है. एक रहस्यमयी वस्तु, जिसे बिजली का प्रहार सक्रिय करता है, भाइयों के जीवन को तहस-नहस कर देता है. यह वस्तु, जिसे बाद में &#8220;अस्त्र&#8221; के रूप में जाना जाता है, एक प्राचीन दुष्ट शक्ति से जुड़ी है, जो कहानी को रहस्य और रोमांच से भर देती है.&nbsp;</p>



<p>कथानक में तनाव, रहस्य और पारिवारिक बंधन का मिश्रण है. हेनरी और रॉन की यात्रा में कई उतार-चढ़ाव आते हैं, जिसमें वे न केवल अपने परिवार की त्रासदी से जूझते हैं, बल्कि इस रहस्यमयी वस्तु के पीछे छिपे सच को भी उजागर करने की कोशिश करते हैं. कहानी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा उनकी सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों को दर्शाता है, जैसे कि बेघर होना और एक आश्रम में शरण लेना, जो पाठकों को भावनात्मक रूप से जोड़ता है.&nbsp;</p>



<p><strong>लेखन शैली और थीम&nbsp; </strong><strong></strong></p>



<p>आरव श्रीवास्तव की लेखन शैली सरल लेकिन प्रभावशाली है. उनकी कम उम्र को देखते हुए, यह पुस्तक उनकी रचनात्मकता और कहानी कहने की क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण है. कथानक में फंतासी, रहस्य और मानवीय भावनाओं का संतुलन बनाए रखा गया है. लेखक ने दो भाइयों के बीच के रिश्ते को बहुत ही संवेदनशीलता के साथ चित्रित किया है, जो उनकी एकजुटता और संघर्ष को दर्शाता है.&nbsp;</p>



<p>पुस्तक में सामाजिक मुद्दों, जैसे कि गरीबी, बेघरपन और मानवीय मूल्यों पर भी प्रकाश डाला गया है. विशेष रूप से, युवी (युवराज सिंह) जैसे पात्रों के माध्यम से लेखक ने परोपकार और सामाजिक सेवा के महत्व को रेखांकित किया है. साथ ही, रहस्यमयी वस्तु और प्राचीन शक्ति की थीम कहानी को एक जादुई और रोमांचक आयाम देती है.&nbsp;</p>



<p><strong>विशेषताएँ और प्रभाव&nbsp; </strong><strong></strong></p>



<p><strong>द एनवेलप्ड </strong>की सबसे बड़ी ताकत इसका रोमांचक कथानक और अप्रत्याशित मोड़ हैं. प्रत्येक अध्याय पाठक को अगले पृष्ठ की ओर खींचता है, जिससे इसे एक बार में पढ़ने की इच्छा होती है. लेखक ने पात्रों के चरित्र-चित्रण में गहराई लाने की कोशिश की है, विशेष रूप से हेनरी और रॉन, जिनके व्यक्तित्व और उनकी आपसी बातचीत कहानी को जीवंत बनाती है.&nbsp;</p>



<p>पुस्तक का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू इसका स्थानीय संदर्भ है. बिहार के परिवेश और सामाजिक संरचना को कहानी में सूक्ष्मता से शामिल किया गया है, जो इसे भारतीय पाठकों के लिए और अधिक प्रासंगिक बनाता है. साथ ही, यह एक वैश्विक कहानी भी है, जो हर आयु वर्ग के पाठकों को आकर्षित कर सकती है.&nbsp;</p>



<p><strong>कमियाँ&nbsp; </strong><strong></strong></p>



<p>हालांकि पुस्तक की कहानी प्रभावशाली है, कुछ स्थानों पर लेखन में अपरिपक्वता झलकती है, जो शायद लेखक की कम उम्र के कारण हो. कुछ संवाद और वर्णन थोड़े सरल और दोहराव वाले लग सकते हैं. इसके अलावा, कुछ कथानक बिंदु, जैसे कि रहस्यमयी वस्तु का उद्देश्य, पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाते, जिससे पाठक के मन में कुछ सवाल रह सकते हैं.&nbsp;</p>



<p><strong>निष्कर्ष&nbsp; </strong><strong></strong></p>



<p><strong>द एनवेलप्ड: मिस्ट्री ऑफ डार्क पावर</strong> एक ऐसी पुस्तक है, जो अपनी रोमांचक कहानी, भावनात्मक गहराई और सामाजिक संदेशों के साथ पाठकों को बांधे रखती है. आरव श्रीवास्तव ने अपनी पहली पुस्तक में ही यह साबित कर दिया है कि वे एक उभरते हुए लेखक हैं, जिनसे भविष्य में और भी बेहतरीन रचनाओं की उम्मीद की जा सकती है. यह पुस्तक फंतासी और थ्रिलर प्रेमियों के लिए एक शानदार पठन है, और विशेष रूप से युवा पाठकों को प्रेरित कर सकती है.&nbsp;</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="243" height="358" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/5807ffd4-ee0e-41ec-901b-facb936f0cef.jpeg" alt="" class="wp-image-91011"/></figure>



<p><strong>समीक्षक: नीरज कुमार वर्मा  </strong></p>



<p>बिहार के इस युवा लेखक की उपलब्धि न केवल स्थानीय समुदाय के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि उम्र रचनात्मकता की राह में बाधा नहीं है. <strong>द एनवेलप्ड</strong> निश्चित रूप से पढ़ने योग्य है और इसे हर उस व्यक्ति को पढ़ना चाहिए जो रोमांच और रहस्य की दुनिया में खोना चाहता है.&nbsp;</p>



<p>प्रकाशक: प्रभात प्रकाशन&nbsp;</p>



<p>प्रकाशन वर्ष: 2025</p>



<p>link : <a href="https://amzn.in/d/j3MpDke">https://amzn.in/d/j3MpDke</a></p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>&#8216;बिहार का बाढ़ प्रबंधन मॉडल देश के लिए रोल मॉडल&#8217;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bihar-towards-productive-production-management-in-a-multi-disaster-state/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 07 Jul 2025 12:04:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[गांव -शहर]]></category>
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		<category><![CDATA[बाढ़ अपडेट]]></category>
		<category><![CDATA[bihar flood]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar: Towards productive production management in a multi-disaster state]]></category>
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					<description><![CDATA[राज्य के 28 जिले बाढ़ प्रभावित की श्रेणी में आते हैं, जिनमें से 15 जिले अति प्रभावित माने जाते हैं. दीपक कुमार,वरीय शोध पदाधिकारी बिहार राज्य भौगोलिक, आर्थिक एवं सामाजिक रूप से एक बहुआपदा प्रवण क्षेत्र है. यदि केवल बाढ़ की बात करें, तो राज्य की लगभग 74% जनसंख्या और 73% क्षेत्रफल प्रतिवर्ष बाढ़ से प्रभावित होता है, जो कि देश के कुल बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का 17% है.बिहार की प्रमुख नदियाँ गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, कमला, भुतही बलान, महानंदा, मैची, अधवारा समूह की धाराएं और कोसी तिब्बत-नेपाल हिमालय से निकलकर तीव्र गति से बिहार के मैदानी इलाकों में प्रवेश करती हैं. इन नदियों के तटीय क्षेत्रों सहित गंगा नदी के किनारे बसे मध्य बिहार के बड़े हिस्से को हर वर्ष बाढ़ जैसी आपदा का सामना करना पड़ता है. वर्तमान में राज्य के 28 जिले बाढ़ प्रभावित की श्रेणी में आते हैं, जिनमें से 15 जिले अति प्रभावित माने जाते हैं. इतिहास में 1987, 2004, 2008, 2017 और 2021 की बाढ़ों ने विशेष रूप से व्यापक जन-धन की क्षति पहुँचाई है. 2008 की कोसी त्रासदी, जो कुसाहा तटबंध टूटने के कारण आई, को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय आपदा घोषित किया गया था. इस आपदा के पश्चात केंद्र सरकार के साथ-साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा राहत एवं पुनर्वास कार्यक्रम चलाए गए, जिनमें विश्व बैंक जैसी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही. प्रभावी बाढ़ प्रबंधन हेतु सरकार के प्रयास मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार ने बाढ़ जैसी आपदाओं से प्रभावी रूप से निपटने हेतु कई ठोस कदम उठाए हैं, [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>राज्य के 28 जिले बाढ़ प्रभावित की श्रेणी में आते हैं, जिनमें से 15 जिले अति प्रभावित माने जाते हैं.</strong></p>



<p><strong>दीपक कुमार,वरीय शोध पदाधिकारी </strong></p>



<p>बिहार राज्य भौगोलिक, आर्थिक एवं सामाजिक रूप से एक बहुआपदा प्रवण क्षेत्र है. यदि केवल बाढ़ की बात करें, तो राज्य की लगभग <strong>74% जनसंख्या</strong> और <strong>73% क्षेत्रफल</strong> प्रतिवर्ष बाढ़ से प्रभावित होता है, जो कि देश के कुल बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का <strong>17%</strong> है.बिहार की प्रमुख नदियाँ  <strong>गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, कमला, भुतही बलान, महानंदा, मैची, अधवारा समूह की धाराएं और कोसी</strong>  तिब्बत-नेपाल हिमालय से निकलकर तीव्र गति से बिहार के मैदानी इलाकों में प्रवेश करती हैं. इन नदियों के तटीय क्षेत्रों सहित गंगा नदी के किनारे बसे मध्य बिहार के बड़े हिस्से को हर वर्ष बाढ़ जैसी आपदा का सामना करना पड़ता है. वर्तमान में <strong>राज्य के 28 जिले बाढ़ प्रभावित</strong> की श्रेणी में आते हैं, जिनमें से <strong>15 जिले अति प्रभावित</strong> माने जाते हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="720" height="405" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar-floods-144910297-16x9_0.webp" alt="" class="wp-image-90985" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar-floods-144910297-16x9_0.webp 720w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar-floods-144910297-16x9_0-650x366.webp 650w" sizes="auto, (max-width: 720px) 100vw, 720px" /></figure>



<p>इतिहास में 1987, 2004, 2008, 2017 और 2021 की बाढ़ों ने विशेष रूप से व्यापक जन-धन की क्षति पहुँचाई है. <strong>2008 </strong><strong>की कोसी त्रासदी</strong>, जो कुसाहा तटबंध टूटने के कारण आई, को <strong>भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय आपदा</strong> घोषित किया गया था. इस आपदा के पश्चात केंद्र सरकार के साथ-साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा राहत एवं पुनर्वास कार्यक्रम चलाए गए, जिनमें <strong>विश्व बैंक</strong> जैसी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="517" height="347" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/deepak.png" alt="दीपक कुमार,वरीय शोध पदाधिकारी " class="wp-image-90986"/></figure>



<p><strong>प्रभावी बाढ़ प्रबंधन हेतु सरकार के प्रयास</strong><strong></strong></p>



<p><strong>मुख्यमंत्री  नीतीश कुमार</strong> के नेतृत्व में बिहार सरकार ने बाढ़ जैसी आपदाओं से प्रभावी रूप से निपटने हेतु कई ठोस कदम उठाए हैं, जिनमें प्रमुख हैं:</p>



<ul class="wp-block-list">
<li><strong>राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (</strong><strong>BSDMA)</strong> की स्थापना एवं आपदा प्रबंधन विभाग को सुदृढ़ बनाना</li>



<li><strong>अंतर-विभागीय समेकित कार्यक्रम</strong> का क्रियान्वयन एवं समन्वय</li>



<li><strong>राज्य आपदा मोचन बल (</strong><strong>SDRF)</strong> का गठन</li>



<li><strong>आपदा पूर्व सूचना प्रणाली</strong> को सशक्त बनाना</li>



<li>बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में <strong>आश्रय स्थलों</strong> का निर्माण</li>



<li><strong>ऊँचाई वाले सुरक्षित स्थानों</strong> पर पक्के मकानों के लिए योजनाओं का संचालन</li>



<li><strong>सात निश्चय कार्यक्रम</strong> के अंतर्गत बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना</li>



<li><strong>&#8216;</strong><strong>जीविका</strong><strong>&#8216; </strong><strong>परियोजना</strong> के अंतर्गत आजीविका संवर्धन</li>



<li><strong>प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों</strong> को आपदा के समय संचालन योग्य बनाना</li>



<li>तटबंधों का <strong>सुदृढ़ीकरण एवं रखरखाव</strong>, तथा <strong>स्थानीय निगरानी प्रणाली</strong> का सशक्तीकरण</li>
</ul>



<p><strong>जन-जागरूकता और प्रशिक्षण</strong><strong></strong></p>



<p>बाढ़ से निपटने हेतु नागरिकों की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है. इसी उद्देश्य से बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा <strong>जन-जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों</strong> का संचालन किया जा रहा है, जिनमें शामिल हैं:</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>बाढ़ के दौरान <strong>सुरक्षित स्थानों</strong> पर जाने की पूर्व तैयारी</li>



<li>प्रतिवर्ष <strong>बाढ़ पूर्व पखवाड़ा</strong> का आयोजन</li>



<li><strong>मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम</strong> के माध्यम से बच्चों को आपदा के प्रति संवेदनशील बनाना</li>



<li><strong>सुरक्षित तैराकी</strong> कार्यक्रम</li>



<li><strong>आपदा मित्रों</strong>, सामुदायिक स्वास्थ्य कर्मियों, एवं विभिन्न विभागों के कर्मचारियों का प्रशिक्षण</li>



<li><strong>स्थानीय कलाकारों</strong> द्वारा नुक्कड़ नाटक, लोकगीतों के माध्यम से संदेशों का प्रसार</li>



<li><strong>स्थानीय रेडियो</strong>, <strong>मोबाइल संदेश</strong>, <strong>लघु फिल्में</strong>, एवं <strong>होर्डिंग्स</strong> के माध्यम से जागरूकता</li>
</ul>



<p><strong>2024: </strong><strong>बिहार की बाढ़ प्रबंधन में ऐतिहासिक सफलता</strong><strong></strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="851" height="626" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar_-e1728024702748.png" alt="" class="wp-image-90987" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar_-e1728024702748.png 851w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar_-e1728024702748-650x478.png 650w" sizes="auto, (max-width: 851px) 100vw, 851px" /></figure>



<p>वर्ष 2024 में कोसी नदी में <strong>अब तक का सर्वाधिक जल प्रवाह दर्ज</strong> किया गया, जो कोसी बैराज की अधिकतम क्षमता के करीब पहुँच गया था. इसके बावजूद, <strong>किसी भी मानवीय जान का नुकसान नहीं हुआ</strong>, जो कि राज्य की <strong>पूर्व तैयारी</strong><strong>, </strong><strong>सूचना प्रसारण</strong><strong>, </strong><strong>जन-भागीदारी और प्रभावी समन्वय</strong> का परिणाम है.</p>



<p>यह उपलब्धि बिहार के लिए एक <strong>गौरवपूर्ण क्षण</strong> है और यह दर्शाता है कि राज्य अब बाढ़ जैसी आपदा से केवल जूझ नहीं रहा, बल्कि उस पर <strong>विजय प्राप्त कर रहा है</strong>. वर्तमान प्रणाली और प्रबंधन मॉडल को <strong>देश के लिए एक रोल मॉडल</strong> के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है.</p>



<p>pncdesk</p>
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		<title>चुनावी रण में पान समाज दिखाएगा शक्ति &#8211; आई पी गुप्ता</title>
		<link>https://www.patnanow.com/pan-samaj-structural-power-in-university-ran-i-p-gupta/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 07 Jul 2025 04:16:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[गांव -शहर]]></category>
		<category><![CDATA[darbhanga]]></category>
		<category><![CDATA[paan samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Pan Samaj Structural Power in University Ran - I P Gupta]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[sanjay mishra]]></category>
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					<description><![CDATA[25 हजार मेंबर लाएं और इंडियन इंकलाब पार्टी से एमएलए का टिकट पाएं चुनावी गठबंधन के खुले हैं रास्ते संजय मिश्र, दरभंगा हर बीतते दिन बिहार विधान सभा चुनाव 2025 का परिदृष्य रोचक होता जा रहा है. सालों से बिहार के निवासियों के मन मस्तिष्क में पैठ बनाए दो सियासी गठबंधन के अलावा नए राजनीतिक दलों की एंट्री हो रही है। इस कड़ी में ताजी हवा के झौंके की तरह चुनावी रण में उतरी आई आई पी यानि इंडियन इंकलाब पार्टी लोगों के चित को झकझोर रही है. खास कर पान समाज की उम्मीदें उद्वेलित हो रही हैं। कुछ ऐसा ही नजारा रविवार 6 जुलाई 2025 को दरभंगा में दिखा. लहेरियासराय के पोलो ग्राउंड ऑडिटोरियम में आई आई पी सुप्रीमो आई पी गुप्ता के उद्बोधन से पान समाज (तांती ततवा समूह) के लोग स्पंदित हुए जा रहे थे. त्रिशंकु जैसी स्थिति में पहुंच गए इन समाज के आरक्षण का मुद्दा के लिए अनवरत संघर्ष को नया आयाम देते हुए इनने महसूस किया है कि लक्ष्य खातिर चुनावी रास्ता अख्तियार करना जरूरी है. आई पी गुप्ता ने इसे स्वर देते हुए कहा कि अब तक दूसरों को शक्ति देते आए. संख्या बल और उसकी संचित ऊर्जा का उपयोग अपने लिए क्यों न हो। पान समाज की पटना रैली की धमक पूरे बिहार में गूंजी और सियासतदां ने सुनी आई पी गुप्ता की दहाड़. दहाड़ की जगह अब ले ली है रणनीति ने बिहार के अन्य हिस्सों की तरह दरभंगा का पान समाज चुनावी मोड में प्रवेश करने को उतावला है. आई [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>25 हजार मेंबर लाएं और इंडियन इंकलाब पार्टी से एमएलए का टिकट पाएं</strong></p>



<p><strong>चुनावी गठबंधन के खुले हैं रास्ते</strong></p>



<p><strong>संजय मिश्र, दरभंगा</strong></p>



<p>हर बीतते दिन बिहार विधान सभा चुनाव 2025 का परिदृष्य रोचक होता जा रहा है. सालों से बिहार के निवासियों के मन मस्तिष्क में पैठ बनाए दो सियासी गठबंधन के अलावा नए राजनीतिक दलों की एंट्री हो रही है। इस कड़ी में ताजी हवा के झौंके की तरह चुनावी रण में उतरी आई आई पी यानि इंडियन इंकलाब पार्टी लोगों के चित को झकझोर रही है. खास कर पान समाज की उम्मीदें उद्वेलित हो रही हैं। कुछ ऐसा ही नजारा रविवार 6 जुलाई 2025 को दरभंगा में दिखा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="461" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/5362aaa7-0e6b-4242-b21e-820582802b3c-scaled.jpeg" alt="" class="wp-image-90979" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/5362aaa7-0e6b-4242-b21e-820582802b3c-scaled.jpeg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/5362aaa7-0e6b-4242-b21e-820582802b3c-650x293.jpeg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/5362aaa7-0e6b-4242-b21e-820582802b3c-1536x691.jpeg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>लहेरियासराय के पोलो ग्राउंड ऑडिटोरियम में आई आई पी सुप्रीमो आई पी गुप्ता के उद्बोधन से पान समाज (तांती ततवा समूह) के लोग स्पंदित हुए जा रहे थे. त्रिशंकु जैसी स्थिति में पहुंच गए इन समाज के आरक्षण का मुद्दा के लिए अनवरत संघर्ष को नया आयाम देते हुए इनने महसूस किया है कि लक्ष्य खातिर चुनावी रास्ता अख्तियार करना जरूरी है. आई पी गुप्ता ने इसे स्वर देते हुए कहा कि अब तक दूसरों को शक्ति देते आए. संख्या बल और उसकी संचित ऊर्जा का उपयोग अपने लिए क्यों न हो। पान समाज की पटना रैली की धमक पूरे बिहार में गूंजी और सियासतदां ने सुनी आई पी गुप्ता की दहाड़.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="461" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/72bf5480-0df4-4dcb-838d-835b1cbf0775-scaled.jpeg" alt="" class="wp-image-90980" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/72bf5480-0df4-4dcb-838d-835b1cbf0775-scaled.jpeg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/72bf5480-0df4-4dcb-838d-835b1cbf0775-650x293.jpeg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/72bf5480-0df4-4dcb-838d-835b1cbf0775-1536x691.jpeg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>दहाड़ की जगह अब ले ली है रणनीति ने बिहार के अन्य हिस्सों की तरह दरभंगा का पान समाज चुनावी मोड में प्रवेश करने को उतावला है. आई आई पी सुप्रीमो आई पी गुप्ता ने कहा कि चुनाव को देखते हुए दरभंगा में समीक्षा बैठक की है. जन संवाद फ्रूटफुल रही. उन्होंने साफ किया कि आई आई पी किसी न किसी गठबंधन का हिस्सा होगी.</p>



<p>पार्टी की नजर दरभंगा जिले के बेनीपुर, बहादुरपुर और हायाघाट विधान सभा क्षेत्र पर रिवेटेड है. नजर टिकना स्वाभाविक है. इन विधान सभा क्षेत्रों में 50 हजार से ऊपर है पान समाज की आबादी. जिले में कम से कम 3 लाख से अधिक है लक्ष्य समूह। गुप्ता ने कहा कि जिले के आठ विधान सभा क्षेत्र में पान समाज की अच्छी खासी आबादी है. करीब 25 हजार से 40 हजार के बीच है यह संख्या. उन्होंने दावा किया कि पान समाज में दरभंगा जिले की एक ढर्रे पर चलती जा रही राजनीति को पलटने की क्षमता है.</p>



<p>अभियान से राजनीतिक पार्टी बनाने तक के सफर का दर्द बयां करते हुए आई पी गुप्ता ने कहा कि अब तक दूसरों को मजबूत बनाने में लगे रहे. आश्वासनों के सिवा क्या मिला? लिहाजा इस बार खुद चुनाव मैदान में उतरेंगे.सदन में जाकर समाज अपनी आवाज बुलंद करेगा. उन्होंने कहा कि लक्ष्य के लिए संकल्प को परवान चढ़ाना है. उन्होंने आह्वान किया कि जितना पान का वोटर उतना मेंबरशिप लाएं. 25000 मेंबरशिप टिकट के लिए न्यूनतम अहर्ता होगी. जहां मजबूत हैं उसके लिए 60 हजार मेंबर लाएं और पार्टी का टिकट पाएं.</p>



<p>खुद चुनाव लड़ने के संबंध में आई पी गुप्ता ने पत्ते नहीं खोले हैं. अखिल भारतीय पान महासंघ के जिला अध्यक्ष किशोरी दास ने कहा कि पान समाज की महत्वकांक्षा से जिले के सियासी बिरादरी में कितनी हलचल मची है इसका आकलन प्रि मैच्योर है लेकिन यहां की मुख्य धारा की पार्टी के लोग सावधान हो गए हैं.</p>
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